क्या यह सच है कि आप एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और आप वास्तव में इसे बदल नहीं सकते?...


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Nita Nayyar

Writer ,Motivational Speaker, Social Worker n Counseller.

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Hence Shah

Communication Skills & Public Speaking Skills

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या यह सच है कि आप एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और आप वास्तव में इसे बदल नहीं सकते इसका जवाब नहीं देना चाहूंगा कि हम हमारे व्यक्तित्व को बदल सकते हैं पहले तो यह जान लीजिए कि व्यक्तित्व का अर्थ क्या होता है हमारे अनुभव के ऊपर से हम आपको बताना चाहेंगे कि व्यक्तित्व मतलब कि आप लोगों के साथ किस प्रकार से बात करते हैं आप लोगों से मिलते हैं तो आपका कम्युनिकेशन करने का तरीका कैसा है जब आपको ग्रुप के सामने बोलने की जरूरत पड़ती है मतलब कि पब्लिक स्पीकिंग करने की जरूरत पड़ती है तो आप लोगों के सामने कैसे बोलते हैं इसे व्यक्तित्व कहा जाता है के लिए व्यक्तित्व हो सकती है लेकिन हमारे हिसाब से व्यक्तित्व के अंदर जो सबसे ज्यादा रोलप्ले करती है वह चीज होती है हमारी कम्युनिकेशन स्किल तो हम हमारे व्यक्तित्व के अंदर परिवर्तन ला सकता है अब मैं आपको बताना चाहूंगा कि व्यक्तित्व के अंदर परिवर्तन लाने के लिए क्या करना चाहिए हम आपको दूर टिप्स देंगे कि जो 2 टिप्स की मदद से आप अपने व्यक्तित्व के अंदर परिवर्तन ला सकते हैं उनमें से सबसे पहले टिप है ट्रेनिंग लीजिए अगर आप अपने व्यक्तित्व के अंदर परिवर्तन लाना चाहते हैं तो ट्रेनिंग लीजिए ट्रेनिंग आप किसी व्यक्ति से ले सकते हैं फेस टू फेस या फिर ऑनलाइन ट्रेनिंग या फिर अगर आप ट्रेनिंग भी देना चाहेंगे और उन फ्री रिसोर्सेज की मदद से आप अपने आपके अंदर इंप्रूवमेंट लाते हैं नई-नई चीजें सीखते हैं और इंप्रूवमेंट लाते हैं तो यह भी एक माध्यम होता है खुद को ट्रेनिंग देने का खुद को सिखाने का तो अपनी पर्सनालिटी में अपने व्यक्तित्व को बदलने के लिए ट्रेनिंग की जरूरत पड़े नया सीखना पड़ेगा और फूल सीखी हुई जो नई चीजें हैं उन्हें अपनी लाइफ में फॉलो करनी पड़ेगी बुक्स से सीखना चाहे तो बुक से सीख सकते हैं अगर आपको वीडियो देखकर सीखना चाहे तो वीडियो देखकर सीख सकते हैं अगर आप आर्टिकल पढ़ना चाहें तो आर्टिकल्स पढ़कर भी सीख सकते हैं तो सीखने के बहुत सारे रास्ते होते हैं तो पहला जो हम कह सकते हैं कि रास्ता जो हमारी पर्सनल को डिवेलप करने का जो होता है होता है कि ट्रेनिंग ले नॉलेज गईल करें और उन चीजों को अपनी लाइफ में फॉलो करें तो व्यक्तित्व को बदला जा सकता है बदलने के लिए पहले ट्रेनिंग खुद को देने की जरूरत पड़ेगी यह पहली और दूसरी टिप है वह हमारी फेवरेट टीम है वह है कि जो आपने सीखा है उसे फॉलो करने का दृढ़ निश्चय आपको करना पड़ेगा तो वह दृढ़ निश्चय कीजिए अब होता यह है आप में से बहुत सारे लोगों के केस इसमें यह होता होगा कि आप कुछ सोच लेते हैं करने की और उस चीज को आप करना शुरू करते हैं उस दिन तक आप उसे करते हैं लेकिन long-term उस चीज को नहीं कर पाते हैं उन चीजों को नहीं कर पाते हैं तो यह long-term तक करना बहुत आवश्यक होता है अब ऐसा हो सकता है क्या करें लेकिन आपको कुछ दिनों के बाद ही अपनी हार मान ले और उस चीज को कंटिन्यू ना करें हमारे अनुभव के ऊपर से आपको बताना चाहूंगा कि किसी भी चीज के अंदर अच्छे होने के लिए किसी भी चीज के अंदर अच्छे होने के लिए आपको लॉग के लिए मेहनत करनी पड़ेगी अगर आप ऐसा एक्सपेक्ट करते कि शॉर्ट में आपको रिजल्ट मिल जाएगा तो ऐसा बिल्कुल नहीं होगा लॉन्ग टर्म के अंदर आप को रिजल्ट मिलेगा आपको कंसिस्टेंसी मेंटेन करनी पड़ेगी आपको वह दृढ़ निश्चय करना पड़ेगा कि मैं हर रोज हर कुछ दिनों के बाद ही किस करूंगा या करूंगी तो यह जो दूसरी टेप है उसे फॉलो करना है और लोगों को जो दिक्कत आती है कि लोग इसे फॉलो नहीं कर पाते तो बोलो लॉन्ग टर्म के लिए करना है long-term के लिए करेंगे तो रिजल्ट जरूर मिलेगा क्योंकि लोग ऐसा मानते कि रिजल्ट नहीं मिल रहा है इसलिए यह चीज नहीं कर रहे या फिर नहीं होता इसलिए नहीं करनी मैं तो लॉन्ग टर्म पर के लिए करना पड़ेगा और उसके लिए जबरदस्ती में शुरुआत में है वह आपको उस चीज के लिए समय देना पड़ेगा फ्रेंड तो हमने आपको यह टोल टैक्स बताएं कि जिनकी मदद से आप अपने व्यक्तित्व को बदल सकते हैं आप अपनी पर्सनैलिटी को चेंज कर सकता है और आप एक अच्छी पर्सनालिटी बन सकता है इस ऑडियो को इस आंसर को कंप्लीट करने से पहले आपको बताना चाहूंगा कि हमने कौन-कौन सी दो टिप्स आपको दी पहली टिप कि आपको खुद को ट्रेनिंग देनी है या फिर किसी को कहना है कि वह व्यक्ति आपको ट्रेनिंग ट्रेनिंग लेनी है और दूसरी टेप है कि दृढ़ निश्चय के साथ लॉन्ग टर्म इन चीजों को फॉलो करते रहना है अगर आप अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स और पब्लिक स्पीकिंग स्किल्स को इंप्रूव करना चाहते हैं आप अपने पति को अपने व्यक्तित्व को डेवलप करना चाहते हैं तो आप हमारे ट्रेनिंग प्रोग्राम को अटेंड कर सकते हैं हम आपको ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम से ट्रेनिंग दे सकते हैं आप हमारा संपर्क कर सकते हैं हमारा नंबर है 95868 35484 इस नंबर के ऊपर हमारा संपर्क कीजिए हम आपको हमारे ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में सारी जानकारी प्रोवाइड करेंगे अगर आपको आंसर अच्छा लगा हो तो इसे लाइक भी कीजिएगा और इसे लोगों के साथ शेयर भी कीजिएगा अपने व्हाट्सएप ग्रुप के अंदर आप हमें फॉलो भी कर सकते हैं ताकि आपको इसी प्रकार के आंसर से मिलते रहे और आप अपने डेवलपमेंट के अंदर अच्छे से सारी चीजों को फॉलो कर सके और नई चीजों को सीख सकें हम आपको यह जवाब अच्छा लगा होगा फिर मिलेंगे एक नए जवाब के साथ तक के लिए थैंक यू

kya yah sach hai ki aap ek nishchit vyaktitva ke saath paida hote hain aur aap vaastav me ise badal nahi sakte iska jawab nahi dena chahunga ki hum hamare vyaktitva ko badal sakte hain pehle toh yah jaan lijiye ki vyaktitva ka arth kya hota hai hamare anubhav ke upar se hum aapko batana chahenge ki vyaktitva matlab ki aap logo ke saath kis prakar se baat karte hain aap logo se milte hain toh aapka communication karne ka tarika kaisa hai jab aapko group ke saamne bolne ki zarurat padti hai matlab ki public speaking karne ki zarurat padti hai toh aap logo ke saamne kaise bolte hain ise vyaktitva kaha jata hai ke liye vyaktitva ho sakti hai lekin hamare hisab se vyaktitva ke andar jo sabse zyada roleplay karti hai vaah cheez hoti hai hamari communication skill toh hum hamare vyaktitva ke andar parivartan la sakta hai ab main aapko batana chahunga ki vyaktitva ke andar parivartan lane ke liye kya karna chahiye hum aapko dur tips denge ki jo 2 tips ki madad se aap apne vyaktitva ke andar 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phir milenge ek naye jawab ke saath tak ke liye thank you

क्या यह सच है कि आप एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और आप वास्तव में इसे बदल नह

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न यह है कि क्या यह सच है कि आप एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और आप वास्तव में इसे बदल नहीं सकते लेकिन निश्चित व्यक्ति के साथ धर्म जो है उसमें हम पैदा होता है वह नहीं चेंज हो सकता ठीक है क्योंकि रूल्स रेगुलेशन सब कुछ हम बचपन से हमें सिखाया जाता है और उस हिसाब से हम चलते भी है लेकिन हमें अच्छाइयां भी सिखाई जाती है इस हिसाब से हम चलते हैं ताकि अच्छाइयों का हम साथ दें और बुराइयों का नाश करें तो कभी चेंज नहीं हो सकता बाकी जो बुराइयां है उसे चेंज करके अच्छाइयों में बैठे तो वही बेहतर होता है ठीक है आपका दिन शुभ हो धन्यवाद

aapka prashna yah hai ki kya yah sach hai ki aap ek nishchit vyaktitva ke saath paida hote hain aur aap vaastav mein ise badal nahi sakte lekin nishchit vyakti ke saath dharm jo hai usme hum paida hota hai vaah nahi change ho sakta theek hai kyonki rules regulation sab kuch hum bachpan se hamein sikhaya jata hai aur us hisab se hum chalte bhi hai lekin hamein achaiya bhi sikhai jaati hai is hisab se hum chalte hain taki acchhaiyon ka hum saath de aur buraiyon ka naash kare toh kabhi change nahi ho sakta baki jo buraiyan hai use change karke acchhaiyon mein baithe toh wahi behtar hota hai theek hai aapka din shubha ho dhanyavad

आपका प्रश्न यह है कि क्या यह सच है कि आप एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और आप

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Narinder Bhatia

Life Coach, Mentor, Blogger & Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह बिल्कुल गलत बात ना किया में स्थित व्यक्ति के साथ पैदा होते हैं पैदा होते हैं तो हमारा कोई व्यक्ति होता ही नहीं हम बहुत छोटे होते हैं और वह समय होता है जब हम अपनी पर्सनालिटी को बना सकते हैं शुरुआत बचपन से ही हो जाती है परंतु जैसे-जैसे बड़े होते हैं में अलग-अलग तरह के एक्सपीरियंस मिलते हैं माहौल मिलता है अलग-अलग तरह के लोगों से हम मिलते हैं तो जितने भी एक्सपीरियंस एस होते हैं कहीं ना कहीं हमारी पर्सनालिटी बनाते हैं इसलिए मेरे साथ से व्यक्ति एक दिल है जो जीवन में कभी भी बेहतर किया जा सकता है हमारे जो धारणाएं होते हैं उसके ऊपर यह व्यक्ति खड़ा होता है अगर आप अपनी भावनाओं को बदलने लगोगे तो आपको लगता है कि यही चीज गलत चीजों में अब तक मान रहा था समझ रहा था यह समझ ले कि जैसे अपन धारणाओं को बदलने लगेंगे आपके व्यक्तित्व विकार अपने आप हो जाएगा कहीं ना कहीं एक राशनलिटी के साथ लेकर चले चीजों को कैसे देखे जैसे वह वाकई हैं ना कि अपने सिर्फ अपने नजरिए से हम सब का नजरिया जाते हैं कोशिश करें कि आपका अलग अलग नजरिया से उस चीज को देखना शुरू करें और जहां अपने चीजों को अलग अलग नजरिए से देखा शुरू किया वहीं आपका व्यक्तित्व अपने आप विकसित होता रहेगा क्योंकि आप चीजों को अलग अलग तरीके से देख पाओगे सिचुएशन को बेटर हैंडल कर आओगे तो कोशिश करें कि ऐसी धारणा ही ढूंढे जो आपको रोक रही हैं तीनों को एक नए रूप में देखने के लिए उन धारणाओं को जैसे ही आप बदलेंगे आप देखिएगा आप लगेगा क्या आपका व्यक्तित्व विकसित हो रहा है और आप चीजों को बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं हैंडल करता है धन्यवाद

yah bilkul galat baat na kiya mein sthit vyakti ke saath paida hote hai paida hote hai toh hamara koi vyakti hota hi nahi hum bahut chote hote hai aur vaah samay hota hai jab hum apni personality ko bana sakte hai shuruat bachpan se hi ho jaati hai parantu jaise jaise bade hote hai mein alag alag tarah ke experience milte hai maahaul milta hai alag alag tarah ke logo se hum milte hai toh jitne bhi experience s hote hai kahin na kahin hamari personality banate hai isliye mere saath se vyakti ek dil hai jo jeevan mein kabhi bhi behtar kiya ja sakta hai hamare jo dharnae hote hai uske upar yah vyakti khada hota hai agar aap apni bhavnao ko badalne lagoge toh aapko lagta hai ki yahi cheez galat chijon mein ab tak maan raha tha samajh raha tha yah samajh le ki jaise apan dharnaon ko badalne lagenge aapke vyaktitva vikar apne aap ho jaega kahin na kahin ek rashanaliti ke saath lekar chale chijon ko kaise dekhe jaise vaah vaakai hai na ki apne sirf apne nazariye se hum sab ka najariya jaate hai koshish kare ki aapka alag alag najariya se us cheez ko dekhna shuru kare aur jaha apne chijon ko alag alag nazariye se dekha shuru kiya wahi aapka vyaktitva apne aap viksit hota rahega kyonki aap chijon ko alag alag tarike se dekh paoge situation ko better handle kar aaoge toh koshish kare ki aisi dharana hi dhundhe jo aapko rok rahi hai tatvo ko ek naye roop mein dekhne ke liye un dharnaon ko jaise hi aap badalenge aap dekhiega aap lagega kya aapka vyaktitva viksit ho raha hai aur aap chijon ko behtar tarike se samajh paa rahe hai handle karta hai dhanyavad

यह बिल्कुल गलत बात ना किया में स्थित व्यक्ति के साथ पैदा होते हैं पैदा होते हैं तो हमारा क

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह झूठ है कि आप निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और आशिया बदल नहीं सकते बिल्कुल आप बदल सकते हैं क्योंकि मनुष्य जन्म आपको इसीलिए मिला होता है कि आप अपनी पुरानी आदतों से पुराने विकारों से मुक्त होकर के नए बन सकें अगर बदल नहीं सकते की संभावना होती तो यह जन्म ही नहीं मिलता आपको धन्यवाद नमस्कार

yah jhuth hai ki aap nishchit vyaktitva ke saath paida hote hain aur ashiya badal nahi sakte bilkul aap badal sakte hain kyonki manushya janam aapko isliye mila hota hai ki aap apni purani aadaton se purane vikaron se mukt hokar ke naye ban sake agar badal nahi sakte ki sambhavna hoti toh yah janam hi nahi milta aapko dhanyavad namaskar

यह झूठ है कि आप निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और आशिया बदल नहीं सकते बिल्कुल आप

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

1:20

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हर इंसान जब पैदा होता है तो वह एक पर्सनालिटी एक व्यक्तित्व लेकर आता है यह सही है परंतु वही व्यक्तित्व उसका हर समय आखिर तक रहे यह सही नहीं है इंसान का व्यक्तित्व उसकी परिस्थितियों के हिसाब से बनता है उसके आसपास के लोगों का बहुत अभाव होता उसके ऊपर लालन-पालन किस अवस्था में हुआ है उसका एक्सपीरियंस क्या है लाइफ का उसके आसपास कैसे लोग हैं एक कहावत मैन इज नोन बाय हिस कंपनी यह कहावत बनी थी इसलिए है क्योंकि हम जिन लोगों के साथ रहते हैं उनका हम पर प्रभाव पड़ता है उसके साथ जो हमारे जीवन में घटनाएं घटती हैं उसका भी हमारे व्यक्तित्व पर बहुत प्रभाव पड़ता है कुछ घटनाएं कुछ चैलेंज हमें स्ट्रांग कर जाते हैं और कुछ हमें तोड़ जाते हैं कुछ हमें नई सीख दे जाते हैं और कुछ हमें कुछ पीछे धकेल लेते हैं हमारा आपने विश्वास तोड़ देते हैं तो हमारा व्यक्तित्व तो है जन्म से मगर हमें आसपास इन्वायरमेंट क्या मिला वाया हमारा एक नेचर है हमें नर्चर के सहा से मिला है उससे हमारी पर्सनालिटी पर बहुत फर्क पड़ता है तो हम यह नहीं कह सकते कि जो व्यक्तित्व हम लेकर पैदा हुए हैं वही व्यक्तित्व हमेशा हमारे साथ रहेगा क्योंकि वह परिस्थितियों के हिसाब से बदलता रहता है हमारी बेहतरी के लिए

har insaan jab paida hota hai toh wah ek personality ek vyaktitva lekar aata hai yeh sahi hai parantu wahi vyaktitva uska har samay aakhir tak rahe yeh sahi nahi hai insaan ka vyaktitva uski paristhitiyon ke hisab se banta hai uske aaspass ke logo ka bahut abhaav hota uske upar lalan palan kis avastha mein hua hai uska experience kya hai life ka uske aaspass kaise log hain ek kahaavat man is known by his company yeh kahaavat bani thi isliye hai kyonki hum jin logo ke saath rehte hain unka hum par prabhav padta hai uske saath jo hamare jeevan mein ghatnaye ghatati hain uska bhi hamare vyaktitva par bahut prabhav padta hai kuch ghatnaye kuch challenge humein strong kar jaate hain aur kuch humein tod jaate hain kuch humein nayi seekh de jaate hain aur kuch humein kuch peeche dhakel lete hain hamara aapne vishwas tod dete hain toh hamara vyaktitva toh hai janam se magar humein aaspass environment kya mila Vaya hamara ek nature hai humein nurture ke saha se mila hai usse hamari personality par bahut fark padta hai toh hum yeh nahi keh sakte ki jo vyaktitva hum lekar paida hue hain wahi vyaktitva hamesha hamare saath rahega kyonki wah paristhitiyon ke hisab se badalta rehta hai hamari behtari ke liye

हर इंसान जब पैदा होता है तो वह एक पर्सनालिटी एक व्यक्तित्व लेकर आता है यह सही है परंतु वही

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Ragini Kshatriya

Lifecoach@Lifezhonour

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां यह बात बिलकुल और 100% सच है कि आप एक व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं निश्चित व्यक्तित्व शब्द में नहीं करूंगी व्यक्तित्व सचिव करना चाहूंगी बिकॉज कोई भी एक मनुष्य अपने पैरेंट्स उनके बारे में अपने फोरफादर्स इन सारी जींस का एक मिक्सचर ओके हर एक मनुष्य बिना है उनकी हर एक क्वालिटी बी एड फिजिकल बीएड इमोशनल अभी 1 मिनट के अंदर आती ही आती है तो एक व्यक्तित्व आप लेकर इस धरती पर आएंगे पर उस व्यक्तित्व को आप चेंज नहीं कर सकते यह बिल्कुल गलत बात है ह्यूमन एक ऐसी रचना है जिसके पास यह पूरा पावर है कि वह अपने सोचने के तरीके अपने दे टुडे एक्टिविटीज के तरीके अपने आई नो अपने किसी भी चीज की तरफ अप्रोच को लेकर हर एक चीज वह बदल सकता है हर एक चीज की यदि आप गांव को देखेंगे आप कोई भी एनिमल को देखेंगे पेड़ पौधों को देखेंगे तो जिस तरीके से बनाए गए हैं जिस तरीके से सृष्टि ने उनकी रचना कीजिए उससे अलग कुछ नहीं कर सकते पर मनुष्य हमारे पास ही पावर है कि हम किसी भी दिन किसी भी समय अगर हम दृढ़ निश्चय कर ले और अपने दिमाग में एक संकल्प ले ले तो हम अपने व्यक्तित्व को हमेशा अच्छाई की तरफ और और बेटा बना सकते हैं

ji haan yeh baat bilkul aur 100% sach hai ki aap ek vyaktitva ke saath paida hote hain nishchit vyaktitva shabd mein nahi karungi vyaktitva sachiv karna chahungi because koi bhi ek manushya apne parents unke bare mein apne forfadars in saree jeans ka ek mixture ok har ek manushya bina hai unki har ek quality b aid physical BEd emotional abhi 1 minute ke andar aati hi aati hai toh ek vyaktitva aap lekar is dharti par aayenge par us vyaktitva ko aap change nahi kar sakte yeh bilkul galat baat hai human ek aisi rachna hai jiske paas yeh pura power hai ki wah apne sochne ke tarike apne de today activities ke tarike apne I no apne kisi bhi cheez ki taraf approach ko lekar har ek cheez wah badal sakta hai har ek cheez ki yadi aap gaon ko dekhenge aap koi bhi animal ko dekhenge pedh paudho ko dekhenge toh jis tarike se banaye gaye hain jis tarike se shrishti ne unki rachna kijiye usse alag kuch nahi kar sakte par manushya hamare paas hi power hai ki hum kisi bhi din kisi bhi samay agar hum dridh nishchay kar le aur apne dimag mein ek sankalp le le toh hum apne vyaktitva ko hamesha acchai ki taraf aur aur beta bana sakte hain

जी हां यह बात बिलकुल और 100% सच है कि आप एक व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं निश्चित व्यक्त

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Tabinda Arif

Psychologist, Trainer and Clinical Hypnotherapist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल नहीं है एक इंसान इग्निशन व्यक्ति के साथ पैदा नहीं होता और आप उसको बिल्कुल बदल सकते हैं हर इंसान का अपना अपना व्यक्तित्व होता जरूर है लेकिन विधवा एमेंट्स हमारे आसपास के लोग हैं हमारी सोसाइटी है हमारा कल्चर है उससे हम चीजों को बदल सकते हैं सवाल यह आता है कि बदलना क्या चाहते हैं किस तरीके से बदलना चाहते हैं जब आप को यह बात पता चल जाएगी तो बदलना तो कोई मुश्किल बात नहीं है बस आपको देखना है कहां कैसे और कब

ji bilkul nahi hai ek insaan ignition vyakti ke saath paida nahi hota aur aap usko bilkul badal sakte hain har insaan ka apna apna vyaktitva hota zaroor hai lekin vidva ements hamare aaspass ke log hain hamari society hai hamara culture hai usse hum chijon ko badal sakte hain sawaal yah aata hai ki badalna kya chahte hain kis tarike se badalna chahte hain jab aap ko yah baat pata chal jayegi toh badalna toh koi mushkil baat nahi hai bus aapko dekhna hai kahaan kaise aur kab

जी बिल्कुल नहीं है एक इंसान इग्निशन व्यक्ति के साथ पैदा नहीं होता और आप उसको बिल्कुल बदल स

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Garima Dwivedi

Clinical Psychologist

1:22
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सारी चीजें हैं जो हम यह बात तो सही है पर मैं क्या करूं करूं या अपनी कमी ना करूं तो मेरी पसंद की चीज होती है कुछ लोग बहुत ही पता नहीं मिलते मिलते हम कमेंट कहते हैं वही रहती है पर टपोरी कंपनी बनाती है जो अंदर जो एक्शन होता है सर निकलने की

saree cheezen hain jo hum yeh baat toh sahi hai par main kya karu karu ya apni kami na karu toh meri pasand ki cheez hoti hai kuch log bahut hi pata nahi milte milte hum comment kehte hain wahi rehti hai par tapori company banati hai jo andar jo action hota hai sar nikalne ki

सारी चीजें हैं जो हम यह बात तो सही है पर मैं क्या करूं करूं या अपनी कमी ना करूं तो मेरी पस

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Akashdeep Ghoshal

Clinical Psychologist

1:42
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इसमें 2 दिन होती है इसमें होता है 131 होता है स्टेट स्ट्रीट होता है जो इंसान एक बच्चा पैदा होता है उसकी कुछ ना कुछ तो बैंक लोडिंग होती है लेटर बट नॉट जस्ट में स्थित एक इंसान का एक प्लेट है प्लेट है मेरे बड़े होते हैं मेरी मम्मी ने कहा है मेरे पापा कॉलेज गया पानी पीता है कहना है और चाबी क्या है 2 तारीख की बैठक में हो रही आज का रेट में मेरे अपने हैं रिपोर्ट और 1 जून की बताइए

isme 2 din hoti hai isme hota hai 131 hota hai state street hota hai jo insaan ek baccha paida hota hai uski kuch na kuch toh bank loading hoti hai letter but not just mein sthit ek insaan ka ek plate hai plate hai mere bade hote hain meri mummy ne kaha hai mere papa college gaya paani pita hai kehna hai aur chabi kya hai 2 tarikh ki baithak mein ho rahi aaj ka rate mein mere apne hain report aur 1 june ki bataiye

इसमें 2 दिन होती है इसमें होता है 131 होता है स्टेट स्ट्रीट होता है जो इंसान एक बच्चा पैदा

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Pankaj Mall

Life Coach, Trainer, Cyclist

0:50

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Sushant

Life Coach

2:16
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विज्ञान का जो रिजल्ट है उसमें एक विशेष व्यक्ति डॉक्टर ने काटा क्या आप मुझे बता दो और आप मुझे कहो आप उसे क्या बनाना चाहते हो ना यह शक्ल आर्टिस्ट का उद्घाटन उसका हिसाब से बंटा कोई बात नहीं है वही काम करता है कि पुलिस वाले बच्चे का एक्सपोजर के लोगों के साथ हुआ उसका देखे की बहुत सारी देश है जहां पर आजकल ज्यादा नास्तिक बाद अमृत है बहुत धार्मिक नहीं हो जीवन को बदल दिया के लोगों की सोच को समझ को बदल दिया उनके घर वालों को भी कुछ कम्युनिटी में दो अलग-अलग प्रभाव रोबोट पर पड़ता है आपकी माहौल से पैदा होती तो आप बदलना पड़ेगा

vigyan ka jo result hai usme ek vishesh vyakti doctor ne kaata kya aap mujhe bata do aur aap mujhe kaho aap use kya banana chahte ho na yeh shakl artist ka udghatan uska hisab se bata koi baat nahi hai wahi kaam karta hai ki police wale bacche ka exposure ke logo ke saath hua uska dekhe ki bahut saree desh hai jaha par aajkal zyada nastik baad amrit hai bahut dharmik nahi ho jeevan ko badal diya ke logo ki soch ko samajh ko badal diya unke ghar walon ko bhi kuch community mein do alag alag prabhav robot par padta hai aapki maahaul se paida hoti toh aap badalna padega

विज्ञान का जो रिजल्ट है उसमें एक विशेष व्यक्ति डॉक्टर ने काटा क्या आप मुझे बता दो और आप मु

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महेश दुबे

कवि साहित्यकार

0:40
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ऐसी कोई बात नहीं है व्यक्ति अपने आप को बदल सकता है और भूतपूर्व काल में भी देखें तो ऐसे बहुत सारे उदाहरण हमें मिलते हैं कि रत्नाकर डाकू महर्षि वाल्मीक बन गए गौतम बुध के संपर्क में आने के बाद बहुत बड़े-बड़े दुर्दांत हत्यारे भी साधु हो गए तुलसीदास जी बहुत कामुक व्यक्ति थे वह कितने बड़े संत बन गए इस तरह व्यक्तियों के बदलने की बहुत सारे किस्से हम जानते हैं व्यक्ति चाहे तो क्या नहीं कर सकता सतत अभ्यास से और मन की प्रेरणा से हर कोई बदल सकता है

aisi koi baat nahi hai vyakti apne aap ko badal sakta hai aur bhutpurv kaal mein bhi dekhen toh aise bahut saare udaharan hamein milte hain ki ratnakar daku maharshi valmik ban gaye gautam buddha ke sampark mein aane ke baad bahut bade bade durdant hatyare bhi sadhu ho gaye tulsidas ji bahut kaamuk vyakti the vaah kitne bade sant ban gaye is tarah vyaktiyon ke badalne ki bahut saare kisse hum jante hain vyakti chahen toh kya nahi kar sakta satat abhyas se aur man ki prerna se har koi badal sakta hai

ऐसी कोई बात नहीं है व्यक्ति अपने आप को बदल सकता है और भूतपूर्व काल में भी देखें तो ऐसे बहु

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Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

0:33
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हां जी हां मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं कि हर इंसान एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ ही पैदा होता है थोड़ी बहुत चेंज होते हैं जीवन में जो हम ज्ञान के सहारे सीखते हैं चीजों को और उसे अपने व्यक्तित्व के बढ़ावे में इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन जो बेसिक नेचर होता है वह कभी नहीं चेंज होता वह हमेशा आपका वैसा ही रहेगा दिखावे के लिए थोड़ा बहुत ऊपर से चेंज कर सकते हैं लेकिन जो असली स्वभाव होता है हमारा वह कभी नहीं बदलता

haan ji haan main aapki baat se puri tarah sahmat hoon ki har insaan ek nishchit vyaktitva ke saath hi paida hota hai thodi bahut change hote hain jeevan mein jo hum gyaan ke sahare sikhate hain chijon ko aur use apne vyaktitva ke badhave mein istemal kar sakte hain lekin jo basic nature hota hai vaah kabhi nahi change hota vaah hamesha aapka waisa hi rahega dikhaave ke liye thoda bahut upar se change kar sakte hain lekin jo asli swabhav hota hai hamara vaah kabhi nahi badalta

हां जी हां मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं कि हर इंसान एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ ही प

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

2:00
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बच्चों में आपसे सहमत भी हूं व्यक्त को बदला जा सकता है अब आपको मैं छुट्टी उदाहरण दे रहा हूं एक इंग्लैंड का बच्चा जो अंग्रेज दंपत्ति से पैदा हुआ है उसको अपने भारत के वर्तमान में पाले तो वह बच्चा मदर टंग हिंदी के रूप में किसी के का धीरे-धीरे हिंदी सीखता हुआ चला जाएगा और बुड़बक बोलने लगे हमारी तरफ लेकिन इसी तरह हमारे जो हिंदी का वातावरण है यहां के दंपतियों का एक बच्चे को अपने इंग्लैंड लिया कर रखें तो वहां पर इंग्लैंड की जो अंग्रेजी है उसको सीखेगा तो धीरे-धीरे अंग्रेजी का बहुत अच्छा नष्ट हो जाएगा अंग्रेजी को छुआ बोलेगा तो बच्चों को सब्जी को बता सकता है इन्वायरमेंट के द्वारा आज के हम जो देख रहे हैं शिक्षा पद्धति उसके अंतर्गत शहरों के बच्चे गांव के बच्चों से अधिक आगे कारण क्या है कि शहरों में जो माता पिता होते हैं उनका क्वालिफाइड फैमिली होती है मां भी पढ़ी लिखी है पिता भी पढ़ा लिखा है चाचा भी पढ़ा लिखा है चाचू पढ़ी लिखी है दादा भी पढ़े-लिखे दादी भी पढ़ी लिखी है सभी सदस्यों में करते हैं इसलिए उन बच्चों को क्वालिफाइड इन बाहों में मिलता है अच्छी भाषा का प्रयोग मिलता है इसलिए वह उनसे भी पढ़ो सहायता ले लेते हैं मुंह से पढ़ाते भी हैं जबकि ग्रामीण वातावरण को देखिए हम तो ग्रामीण बच्चा है इसलिए पिक्चर हो जाता है क्योंकि उसे बताओ नहीं उसके पास घर में जो बोलते हैं वह जिस तरह की ग्रामीण भाषा होती है उसी का प्रयोग करते हैं बच्चा सिर्फ स्कूल में पढ़ कर आता है और लाकर की किताबों को पर रख लेता है तो उसको बातों पर नहीं मिल पाता है इसलिए वह बच्चे शेयरों के बच्चों की तुलना में पिछड़ जाते हैं तो व्यक्तित्व को बदला जा सकता है लेकिन उसको

bacchon mein aapse sahmat bhi hoon vyakt ko badla ja sakta hai ab aapko main chhutti udaharan de raha hoon ek england ka baccha jo angrej dampatti se paida hua hai usko apne bharat ke vartaman mein pale toh vaah baccha mother tongue hindi ke roop mein kisi ke ka dhire dhire hindi sikhata hua chala jaega aur budabak bolne lage hamari taraf lekin isi tarah hamare jo hindi ka vatavaran hai yahan ke dampatiyon ka ek bacche ko apne england liya kar rakhen toh wahan par england ki jo angrezi hai usko sikhega toh dhire dhire angrezi ka bahut accha nasht ho jaega angrezi ko chhua bolega toh baccho ko sabzi ko bata sakta hai environment ke dwara aaj ke hum jo dekh rahe hain shiksha paddhatee uske antargat shaharon ke bacche gaon ke baccho se adhik aage karan kya hai ki shaharon mein jo mata pita hote hain unka qualified family hoti hai maa bhi padhi likhi hai pita bhi padha likha hai chacha bhi padha likha hai chachu padhi likhi hai dada bhi padhe likhe dadi bhi padhi likhi hai sabhi sadasyon mein karte hain isliye un baccho ko qualified in baahon mein milta hai achi bhasha ka prayog milta hai isliye vaah unse bhi padho sahayta le lete hain mooh se padhate bhi hain jabki gramin vatavaran ko dekhiye hum toh gramin baccha hai isliye picture ho jata hai kyonki use batao nahi uske paas ghar mein jo bolte hain vaah jis tarah ki gramin bhasha hoti hai usi ka prayog karte hain baccha sirf school mein padh kar aata hai aur lakar ki kitabon ko par rakh leta hai toh usko baaton par nahi mil pata hai isliye vaah bacche sheyaron ke baccho ki tulna mein pichad jaate hain toh vyaktitva ko badla ja sakta hai lekin usko

बच्चों में आपसे सहमत भी हूं व्यक्त को बदला जा सकता है अब आपको मैं छुट्टी उदाहरण दे रहा हूं

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसी साइंटिफिक एस्पेक्ट वैज्ञानिक प्रदेश में कहें या यह वास्तविकता हुई है रियलिटी है कि जो चाइल्ड या कोई बच्चा या हम पैदा होते हैं जन्म लेते हैं उस समय जो पैरंट्स होते हैं माता-पिता के जो जींस हैं वह बच्चे में ट्रांसफर हो जाते हैं जो मां बाप की याद योर ग्रैंडफादर की जो अनुवांशिकी है तुझी से बच्चे के अंदर ट्रांसफर हो जाते हैं और उन जींस में जो भी सूचनाएं होती है वह भी ट्रांसफर हो जाती है बच्चे एनी की जो मां बाप की ट्रेस होते हैं जो लक्षण होते हैं विशेषताएं होती जिन के माध्यम से बच्चे में प्रवेश कर जाती हैं कुछ कुछ हद तक वह भी वेरी कर सकता है कि वह मां की विशेषताएं ज्यादा ही बचे कंदरिया पिता की विशेषताएं आई तू जिस की विशेषता यह दोनों की मिक्स होकर आए तुम अगर पिता गुस्सा करता है तो हो सकता है कि बच्चे के अंदर भी आगे चलकर गुस्से जैसे लक्षण देखने मुझे यामा अगर मां का लक्षण है हो सकता है उसके अंदर प्यार के लिए छोड़ा जा तू अब उसके देवगन से जैसी बच्चे पैदा हुआ वैसे ही वह अब दुनिया में आ चुका है दुनिया में वही प्रवेश से उसके चारों ओर से एक सराउंडिंग से घिर चुका है उसके आसपास जो भी चीजें को देखता है सुनता है यह समझता है या सुनता है उन सब चीजों से पूछे जो जो भी सीखेगा उसी हिसाब से उसकी पर्सनालिटी उसका उसका व्यक्तित्व बनता जाएगा व्यक्तित्व ऐसा नहीं बदलेगा नहीं हमें अभी बदलता ही जाएगा अब वह व्यक्ति जैसा चाहे वैसा बना सकता है ऐसा देखा गया है कि जैसे किसी के पेरेंट्स रूढ़ीवादी होते हैं पुरानी विचारों की होते हैं लेकिन उनका बच्चा जो होता है वह मॉडर्न विचारों का होता है तार्किक विचार का होता है विज्ञान नजरिए का हो तो वैज्ञानिक नजरिए का होता है तो अभी पेरेंट्स की जींस में जो सूचनाएं हैं उनको भी बदला जा सकता है लेकिन आराम से अभ्यास से होता है यानी कि उसकी अब रिंग कैसी है उसका वह कैसे उसका पालन-पोषण हुआ है उस

aisi scientific espekt vaigyanik pradesh mein kahein ya yah vastavikta hui hai reality hai ki jo child ya koi baccha ya hum paida hote hai janam lete hai us samay jo Parents hote hai mata pita ke jo jeans hai vaah bacche mein transfer ho jaate hai jo maa baap ki yaad your grand father ki jo anuvanshiki hai tujhi se bacche ke andar transfer ho jaate hai aur un jeans mein jo bhi suchnaen hoti hai vaah bhi transfer ho jaati hai bacche any ki jo maa baap ki trays hote hai jo lakshan hote hai visheshtayen hoti jin ke madhyam se bacche mein pravesh kar jaati hai kuch kuch had tak vaah bhi very kar sakta hai ki vaah maa ki visheshtayen zyada hi bache kandariya pita ki visheshtayen I tu jis ki visheshata yah dono ki mix hokar aaye tum agar pita gussa karta hai toh ho sakta hai ki bacche ke andar bhi aage chalkar gusse jaise lakshan dekhne mujhe yama agar maa ka lakshan hai ho sakta hai uske andar pyar ke liye choda ja tu ab uske devgan se jaisi bacche paida hua waise hi vaah ab duniya mein aa chuka hai duniya mein wahi pravesh se uske charo aur se ek surrounding se ghir chuka hai uske aaspass jo bhi cheezen ko dekhta hai sunta hai yah samajhata hai ya sunta hai un sab chijon se pooche jo jo bhi sikhega usi hisab se uski personality uska uska vyaktitva banta jaega vyaktitva aisa nahi badlega nahi hamein abhi badalta hi jaega ab vaah vyakti jaisa chahen waisa bana sakta hai aisa dekha gaya hai ki jaise kisi ke parents rudhivadi hote hai purani vicharon ki hote hai lekin unka baccha jo hota hai vaah modern vicharon ka hota hai tarkik vichar ka hota hai vigyan nazariye ka ho toh vaigyanik nazariye ka hota hai toh abhi parents ki jeans mein jo suchnaen hai unko bhi badla ja sakta hai lekin aaram se abhyas se hota hai yani ki uski ab ring kaisi hai uska vaah kaise uska palan poshan hua hai us

ऐसी साइंटिफिक एस्पेक्ट वैज्ञानिक प्रदेश में कहें या यह वास्तविकता हुई है रियलिटी है कि जो

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Punkesh Chawla

Performance Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं इंसान सिर्फ एक आवाज के साथ पैदा होता है और वह रोने की आवाज व्यक्तित्व इंसान का पालन पोषण बनाता है आपने बहुत बार देखा होगा एक ऐसा इंसान जो चाहे बहुत ही गरीब परिवार में पला बढ़ा हूं लेकिन अगर उसका उसकी संगी साथी अच्छे हो उसके परिवार वालों की सोच अच्छी हो तो गरीबी गरीबी अमीरी वहां मैटर नहीं करती आप किस इंसान के साथ सबसे ज्यादा समय बिताते हैं यह बहुत मैटर करता है क्योंकि आप उनकी सोच को अपनी सोच के अंदर बसा लेते हैं इसलिए व्यक्तित्व बनाया जा सकता है यह बदला जा सकता है थोड़ा मुश्किल होता है कठिन होता है पर नामुमकिन नहीं होता क्योंकि कोई भी स्कूल है वह सीखी जा सकती है स्कूल की परसेंटेज में जरूर पाक रहेगा किसकी रचना की होगी तो आपके पास अगर नहीं है तो आप 5% 10:00 10% 15:00 20% उसको सीख पाएंगे लेकिन आप इसको बदल सकते हैं

nahi insaan sirf ek awaaz ke saath paida hota hai aur wah rone ki awaaz vyaktitva insaan ka palan poshan banata hai aapne bahut baar dekha hoga ek aisa insaan jo chahe bahut hi garib parivar mein pala badha hoon lekin agar uska uski sangi sathi acche ho uske parivar walon ki soch acchi ho toh garibi garibi amiri wahan matter nahi karti aap kis insaan ke saath sabse zyada samay Bitate hain yeh bahut matter karta hai kyonki aap unki soch ko apni soch ke andar basa lete hain isliye vyaktitva banaya ja sakta hai yeh badla ja sakta hai thoda mushkil hota hai kathin hota hai par namumkin nahi hota kyonki koi bhi school hai wah sikhi ja sakti hai school ki percentage mein zaroor pak rahega kiski rachna ki hogi toh aapke paas agar nahi hai toh aap 5% 10:00 10% 15:00 20% usko seekh payenge lekin aap isko badal sakte hain

नहीं इंसान सिर्फ एक आवाज के साथ पैदा होता है और वह रोने की आवाज व्यक्तित्व इंसान का पालन प

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

1:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कोई भी व्यक्ति जन्म से मां नहीं होता है बल्कि अपने कर्म से महान होता है जो भी महापुरुष में अपने महान त्याग से माल कम से मान हुए हैं मां इतिहास का बाहर महाकाल के पीछे किसी ना किसी कर्तव्य निष्ठा समर्पण की भावना सच्चाई के मार्ग पर चलने वाले गुण होते हैं तभी बेईमान होते हैं और वे सफल होते हैं इसलिए कोई व्यक्ति निश्चित 327 पैदा नहीं होते बल्कि व्यक्तित्व समाज के संस्कार से मिलता है परिवार के संस्कार से मिलता है और अच्छी शिक्षा का सलून पर पड़ता है अच्छी शिक्षा से बच्चे में संस्कार आते हैं परिवारिक माहौल अच्छा होता है तो उस पर्चे में अच्छा सोचता रहता है पता हम यह कर सकते हैं किसी भी व्यक्ति में अच्छे गुण होने के लिए उसके घर का माहौल उसकी अच्छी शिक्षा और शिक्षा शिक्षा का माहौल जरूरी है अच्छे शिक्षा से अच्छी शिक्षा से व्यक्ति अच्छे पद पर पहुंचते हैं

koi bhi vyakti janam se maa nahi hota hai balki apne karm se mahaan hota hai jo bhi mahapurush mein apne mahaan tyag se maal kam se maan hue hain maa itihas ka bahar mahakal ke peeche kisi na kisi kartavya nishtha samarpan ki bhavna sacchai ke marg par chalne waale gun hote hain tabhi beiimaan hote hain aur ve safal hote hain isliye koi vyakti nishchit 327 paida nahi hote balki vyaktitva samaj ke sanskar se milta hai parivar ke sanskar se milta hai aur achi shiksha ka saloon par padta hai achi shiksha se bacche mein sanskar aate hain pariwarik maahaul accha hota hai toh us parche mein accha sochta rehta hai pata hum yah kar sakte hain kisi bhi vyakti mein acche gun hone ke liye uske ghar ka maahaul uski achi shiksha aur shiksha shiksha ka maahaul zaroori hai acche shiksha se achi shiksha se vyakti acche pad par pahunchate hain

कोई भी व्यक्ति जन्म से मां नहीं होता है बल्कि अपने कर्म से महान होता है जो भी महापुरुष में

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Narendra Bhardwaj

Spirituality Reformer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह सच है कि हर आदमी एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होता है लेकिन यह सच नहीं है इसे बदला नहीं जा सकता बदला जा सकता है बदलने के लिए आप जिस माहौल में है जहां है वहां से बाहर निकलना पड़ेगा जिंदगी में बदलाव स्वाभाविक है लेकिन डिपेंड करता है कि आप कहां रहते हैं किन के साथ रहते हैं कैसे विचारों में रहते हैं विचार बदलने पर जिंदगी बदल जाती है आप जिस व्यक्तित्व के साथ आए हैं जिस घर में जिस माहौल में जिस गांव में वहां की आबोहवा वहां का माहौल जिस तरह का है उस तरह के विचार हमारे जीवन पर ज्यादा प्रभावी होते हैं और यदि हम उन्हें बदलना चाहते हैं तो हमें उस जगह को छोड़ना पड़ेगा उस माहौल को छोड़ना पड़ेगा उस विचारों से बाहर निकलना पड़ेगा बदल सकते हैं क्योंकि अगर ऐसी बात होती तो रामायण में लिखा है कि स्तर सुधरे सत्संगति पाई पारस प्रस्तुत हो जाए बदला जा सकता है अलीबाग

yah sach hai ki har aadmi ek nishchit vyaktitva ke saath paida hota hai lekin yah sach nahi hai ise badla nahi ja sakta badla ja sakta hai badalne ke liye aap jis maahaul me hai jaha hai wahan se bahar nikalna padega zindagi me badlav swabhavik hai lekin depend karta hai ki aap kaha rehte hain kin ke saath rehte hain kaise vicharon me rehte hain vichar badalne par zindagi badal jaati hai aap jis vyaktitva ke saath aaye hain jis ghar me jis maahaul me jis gaon me wahan ki aabohawa wahan ka maahaul jis tarah ka hai us tarah ke vichar hamare jeevan par zyada prabhavi hote hain aur yadi hum unhe badalna chahte hain toh hamein us jagah ko chhodna padega us maahaul ko chhodna padega us vicharon se bahar nikalna padega badal sakte hain kyonki agar aisi baat hoti toh ramayana me likha hai ki sthar sudhre satsangati payi paras prastut ho jaaye badla ja sakta hai alibag

यह सच है कि हर आदमी एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होता है लेकिन यह सच नहीं है इसे बदला

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Tanay Mishra

Head Control Clerk In Forest Department U.P.

0:42

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Vimla Bidawatka

Spiritual Thinker

2:23
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे लगता है कि इस बात में थोड़ी सच्चाई कम है मतलब मैं मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस है कि हम एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं लेकिन हम इसे बदल सकते हैं क्योंकि कई बार कि हम बहुत चाय नेचर के रहते हैं लेकिन जब धीरे-धीरे बड़े होते हैं और हमको वातावरण ऐसा मिलता है या समाज में दोस्त हैं या आसपास के पड़ोसी है या हमारा रहन-सहन इस तरह का है तो धीरे-धीरे हम वह हमारी वह जो शायद नेचर है वह धीरे-धीरे अलग हो जाता है तो मेरा एक्सपीरियंस है कि मैं बचपन में मतलब काफी थोड़ा सा डरपोक जैसे बोल सकते हैं किसी से बात करने में जी चढ़ती थी ऐसे लेकिन धीरे-धीरे मुझे ऐसा वातावरण मिला कि मतलब अब मैं मुझे जैसे डर बोलकर ऐसे कुछ नहीं लगता है जिसको हम बोल सकते हैं कि नहीं अभी मेरे सभा में बहुत चेंज है मतलब अगर कोई बोल सकता है कि बचपन वाली वो बात नहीं है तू यह हमारे ऊपर है कि हम उसको चेंज कर सकते कभी कभी कोई बहुत प्राउड रहते बचपन में लेकिन जब उनको पता चलता है कि यह नेचर हमारा अच्छा नहीं है और इससे लोग हर्ट तुम चेंज कर सकता है अपने आपको क्योंकि मनुष्य ही ऐसा है प्राणी जिसको विवेक मिला है और अच्छी गाइडेंस है अगर कोई अच्छे टीचर है कभी-कभी अच्छी काउंसलर भी है उनसे सलाह मशवरा करने से हम आप अपने आप को चेंज कर सकते हैं थोड़ी मेहनत जरूर लगती है लेकिन बशर्ते हम को चेंज करने की इच्छा शक्ति हो अगर हम अपने आपको इच्छा शक्ति है कि मेरे में कोई ऐसी गंदी आदत है कई लोगों में क्रोध करने की बहुत गंदी आदत रहती है तो वह अपने आप को अच्छे-अच्छे लेक्चर सुन के आदर्श लोगों का देखकर की बेल कैसे किलो कई लोगों ने अपने इस विकार पर विजय पाई है तो चेंज कर सकते हैं इस चीज से सहमत नहीं हूं कि हम एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और हम आप को बदल नहीं सकते मेरे ख्याल से अगर कोशिश करने से वह अपने आप को बदल सकते हैं थोड़ी कठिनाई होती है लेकिन नामुमकिन नहीं है मुमकिन है यह अजब मुमकिन है तो फिर सफलता भी मिल जाती

mujhe lagta hai ki is baat mein thodi sacchai kam hai matlab main mera personal experience hai ki hum ek nishchit vyaktitva ke saath paida hote hain lekin hum ise badal sakte hain kyonki kai baar ki hum bahut chai nature ke rehte hain lekin jab dhire dhire bade hote hain aur hamko vatavaran aisa milta hai ya samaj mein dost hain ya aaspass ke padosi hai ya hamara rahan sahan is tarah ka hai toh dhire dhire hum vaah hamari vaah jo shayad nature hai vaah dhire dhire alag ho jata hai toh mera experience hai ki main bachpan mein matlab kaafi thoda sa darpok jaise bol sakte hain kisi se baat karne mein ji chadhati thi aise lekin dhire dhire mujhe aisa vatavaran mila ki matlab ab main mujhe jaise dar bolkar aise kuch nahi lagta hai jisko hum bol sakte hain ki nahi abhi mere sabha mein bahut change hai matlab agar koi bol sakta hai ki bachpan wali vo baat nahi hai tu yah hamare upar hai ki hum usko change kar sakte kabhi kabhi koi bahut proud rehte bachpan mein lekin jab unko pata chalta hai ki yah nature hamara accha nahi hai aur isse log heart tum change kar sakta hai apne aapko kyonki manushya hi aisa hai prani jisko vivek mila hai aur achi guidance hai agar koi acche teacher hai kabhi kabhi achi counselor bhi hai unse salah mashwara karne se hum aap apne aap ko change kar sakte hain thodi mehnat zaroor lagti hai lekin basharte hum ko change karne ki iccha shakti ho agar hum apne aapko iccha shakti hai ki mere mein koi aisi gandi aadat hai kai logo mein krodh karne ki bahut gandi aadat rehti hai toh vaah apne aap ko acche acche lecture sun ke adarsh logo ka dekhkar ki bell kaise kilo kai logo ne apne is vikar par vijay payi hai toh change kar sakte hain is cheez se sahmat nahi hoon ki hum ek nishchit vyaktitva ke saath paida hote hain aur hum aap ko badal nahi sakte mere khayal se agar koshish karne se vaah apne aap ko badal sakte hain thodi kathinai hoti hai lekin namumkin nahi hai mumkin hai yah ajab mumkin hai toh phir safalta bhi mil jaati

मुझे लगता है कि इस बात में थोड़ी सच्चाई कम है मतलब मैं मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस है कि हम एक

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Himanshu Verma(Coach Verma)

CEO,Founder (Software Company and Digital Marketing Academy)

3:05
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हाय फ्रेंड्स हिमांशु वर्मा कोच वर्मा शुक्रिया कहता हूं आप सभी का धन्यवाद देना चाहता हूं आप मेरे हम सब को लाइक कर रहे हैं उसको फॉलो कर रहे हैं और मेरे आंसर से कमेंट करके मुझको एनर्जी प्रोवाइड कर रहे हैं कि मैं सही आंसर आपको पहुंचा सकूं आपके सवालों का सही आंसर दे चुके दोस्तों आज हमने क्वेश्चन लिया है क्या यह सच है कि आप एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और आप वास्तव में से बदल नहीं सकते हैं देखिए इसमें जो आप सवाल है कि आप एक निश्चित पर्सनैलिटी के साथ पैदा होते हैं निश्चित पर्सनैलिटी के साथ पैदा होते हैं यह कहां तक सही किया आप का जब जन्म होता है आप जिस दिन आप जहां भी आप जन्म ले रहे हैं जहां भी आप पैदा हो रहे हैं तो आप किस परिवार में जन्म ले रहे हैं और उस परिवार का क्या लाइफ़स्टाइल है जीने का उस परिवार में जो शख्स हैं जो आपके साथ जुड़ने वाले हैं तक उनका लाइफ स्टाइल कैसा है किस तरीके से अपने जीवन को व्यतीत कर रहे हैं किस एसोसिएशन में हो रहे उनकी पर्सनैलिटी किस तरीके से काम कर रही है वह किस तरीके से अपनी पर्सनैलिटी को इंप्रूव कर रहे हैं या किस पर अपनी पर्सनैलिटी को किस दिशा में लेकर काम कर रहे हैं इसी को ध्यान में रखते हुए इन्हीं सब चीजों के साथ आपका व्यक्तित्व जो है वह निखरता है या आपको बनता है ठीक है अब वह जो व्यक्ति ताप का बना है उस व्यक्तित्व को आप सही तरीके से मायने में तब समझ पाएंगे जब आप उस व्यक्तित्व के साथ अपने को कंपैरिजन करेंगे किसी और व्यक्तित्व के साथ तब आपको उस चीज का समझ में आएगा कि मेरा जो व्यक्ति तो है जो मेरी पर्सनैलिटी है जो मेरी पर्सनैलिटी परवरिश में मुझको मिली गज्जू परवरिश मेरे साथ करी गई उसकी जो मेरे को पर्सनैलिटी डिवेलप हुई और जो पर्सनैलिटी मेरे को चाहिए या जो मेरी सोच है या जिस पर्सनैलिटी के लिए मैं बना हूं वह दोनों में जवाब कंपैरिजन करने के लिए तात्पर्य कंपैरिजन करने के लिए आप कैपेबल हो जाएंगे तब उस चीज को आप एनालिसिस कर पाएंगे कि क्या मैं राजू पर्सनैलिटी है वह मेरी वास्तव में पर्सनैलिटी है या नहीं या मैं जिस पर्सनैलिटी कि मेरे को परवरिश दी गई है जिस पर्सनैलिटी की परवरिश करके प्राप्त किया हूं वह पर्सनैलिटी मेरे लायक है भी या मैं उसको अपनी पर्सनैलिटी को करना पड़ेगा चेंज करना पड़ेगा इन्हीं सब चीजों को ध्यान में रखते आप अपनी पर्सनैलिटी को 100% बदल भी सकते हैं अगर आपकी जो पर्सनैलिटी आपको मिली है पैदाइश के वक्त उसमें आप संतुष्ट नहीं है तो धन्यवाद दोस्तों शुक्रिया

hi friends himanshu verma coach verma shukriya kahata hoon aap sabhi ka dhanyavad dena chahta hoon aap mere hum sab ko like kar rahe hain usko follow kar rahe hain aur mere answer se comment karke mujhko energy provide kar rahe hain ki main sahi answer aapko pohcha saku aapke sawalon ka sahi answer de chuke doston aaj humne question liya hai kya yeh sach hai ki aap ek nishchit vyaktitva ke saath paida hote hain aur aap vaastav mein se badal nahi sakte hain dekhie ismein jo aap sawal hai ki aap ek nishchit personality ke saath paida hote hain nishchit personality ke saath paida hote hain yeh kahaan tak sahi kiya aap ka jab janam hota hai aap jis din aap jaha bhi aap janam le rahe hain jaha bhi aap paida ho rahe hain toh aap kis parivar mein janam le rahe hain aur us parivar ka kya lifestyle hai jeene ka us parivar mein jo sakhs hain jo aapke saath judne wale hain tak unka life style kaisa hai kis tarike se apne jeevan ko vyatit kar rahe hain kis association mein ho rahe unki personality kis tarike se kaam kar rahi hai wah kis tarike se apni personality ko improve kar rahe hain ya kis par apni personality ko kis disha mein lekar kaam kar rahe hain isi ko dhyan mein rakhte hue inhin sab chijon ke saath aapka vyaktitva jo hai wah nikharata hai ya aapko baata hai theek hai ab wah jo vyakti taap ka bana hai us vyaktitva ko aap sahi tarike se maayne mein tab samajh payenge jab aap us vyaktitva ke saath apne ko comparison karenge kisi aur vyaktitva ke saath tab aapko us cheez ka samajh mein aaega ki mera jo vyakti toh hai jo meri personality hai jo meri personality parvarish mein mujhko mili gajju parvarish mere saath kari gayi uski jo mere ko personality develop hui aur jo personality mere ko chahiye ya jo meri soch hai ya jis personality ke liye main bana hoon wah dono mein jawab comparison karne ke liye tatparya comparison karne ke liye aap kaipebal ho jaenge tab us cheez ko aap analysis kar payenge ki kya main raju personality hai wah meri vaastav mein personality hai ya nahi ya main jis personality ki mere ko parvarish di gayi hai jis personality ki parvarish karke prapt kiya hoon wah personality mere layak hai bhi ya main usko apni personality ko karna padega change karna padega inhin sab chijon ko dhyan mein rakhte aap apni personality ko 100% badal bhi sakte hain agar aapki jo personality aapko mili hai paidaaish ke waqt usme aap santusht nahi hai toh dhanyavad doston shukriya

हाय फ्रेंड्स हिमांशु वर्मा कोच वर्मा शुक्रिया कहता हूं आप सभी का धन्यवाद देना चाहता हूं

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Chaina Karmakar

Spiritual Healer & Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और वास्तव में से बदल नहीं सकते नहीं बिल्कुल गलत है क्या होता है हम जब धीरे धीरे बड़े होने लगते हैं हमारे सोसाइटी स्कूल कॉलेज फ्रेंड्स रिलेटिव्स सभी का बहुत ज्यादा इंश्योरेंस होता है बहुत ज्यादा और सभी कुछ ना कुछ आप में देखना चाहते हैं सभी लोग आपको एक फोटो कॉलेज फ्रेम में फिट करना चाहते हैं तो क्या हो जाता है आप क्या चीज है जो है अच्छा न लगती हुए भी आप इनवाइट कर लेते हैं या ने अपने आप में डाल देते हैं लोगों के अनुसार जैसे तू भी गुण अच्छे बने रहने की कोशिश क्योंकि लोगों को यह बहुत पसंद है लड़का या लड़की बहुत लोगों का सपोर्ट करते हैं आपके मन में होता नहीं है लेकिन फिर भी आप करते हैं और अपना नहीं बोल पाते हैं क्योंकि आप को नीतू भी गुट के तले दबे हुए हैं अच्छे बनने की कोशिश तो यह सारी चीज जो है आपकी पर्सनालिटी को चेंज कर देती है पर जो पर्सनालिटी है वह है अपने आप को पहचानना अपने आप को स्वीकार करना जैसे आप है ना की किसी से प्रभावित होना और हर पल आपके व्यक्तित्व जो है बदलते जाती है क्योंकि बचपन में आपने जो एक्वायर किया है टीचर से यह कई लोगों से उन को खुश करने की कोशिश में धीरे-धीरे होने लगते हैं उसकी वैल्यू आपको समझ में आता है और धीरे-धीरे जोगा उतारने लगते हैं पर उतारने चाहिए और कॉन्फिडेंट पर्सनैलिटी के लिए जाना बहुत जरूरी है अपने आप को पहचानिए आगे बढ़िए

ek nishchit vyaktitva ke saath paida hote hain aur vaastav mein se badal nahi sakte nahi bilkul galat hai kya hota hai hum jab dhire dhire bade hone lagte hain hamare society school college friends relatives sabhi ka bahut zyada insurance hota hai bahut zyada aur sabhi kuch na kuch aap mein dekhna chahte hain sabhi log aapko ek photo college frame mein fit karna chahte hain toh kya ho jata hai aap kya cheez hai jo hai accha na lagti hue bhi aap invite kar lete hain ya ne apne aap mein daal dete hain logo ke anusaar jaise tu bhi gun acche bane rehne ki koshish kyonki logo ko yah bahut pasand hai ladka ya ladki bahut logo ka support karte hain aapke man mein hota nahi hai lekin phir bhi aap karte hain aur apna nahi bol paate hain kyonki aap ko neetu bhi gut ke tale dabe hue hain acche banne ki koshish toh yah saree cheez jo hai aapki personality ko change kar deti hai par jo personality hai vaah hai apne aap ko pahachanana apne aap ko sweekar karna jaise aap hai na ki kisi se prabhavit hona aur har pal aapke vyaktitva jo hai badalte jaati hai kyonki bachpan mein aapne jo acquire kiya hai teacher se yah kai logo se un ko khush karne ki koshish mein dhire dhire hone lagte hain uski value aapko samajh mein aata hai aur dhire dhire joga utarane lagte hain par utarane chahiye aur confident personality ke liye jana bahut zaroori hai apne aap ko pehchaniye aage badhiye

एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और वास्तव में से बदल नहीं सकते नहीं बिल्कुल गलत

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Raj Kiran Sharma Bhartiya

LifeCoach MotivationalSpeaker

1:60

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Suraj Samrat

StudentDreamerBelieverAchiever

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लिखे ब्लू के साथ ऐसा होता है जैसे उनका जन्म किसी स्कूल में हो गया तो वह अपने कुल को मर्यादा कुल की मर्यादा को रखने के लिए ओ मतलब अपनी मौज मस्ती कम करना पड़ रहा है और बहुत सारी परेशानियां होती है जिंदगी जीने की प्रणाली को अलग कर देते हैं

likhe blue ke saath aisa hota hai jaise unka janam kisi school mein ho gaya toh wah apne kul ko maryada kul ki maryada ko rakhne ke liye o matlab apni mauj masti kam karna pad raha hai aur bahut saree pareshaniya hoti hai zindagi jeene ki pranali ko alag kar dete hain

लिखे ब्लू के साथ ऐसा होता है जैसे उनका जन्म किसी स्कूल में हो गया तो वह अपने कुल को मर्याद

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देखिए यह बात बिल्कुल भी सच नहीं है कि आप एक निश्चित व्यतीत के साथ पैदा होते हैं व्यक्ति से जाने की भव्य जब हम इंसान होते हैं तो आपने भी देखा होगा एक बच्चा इंदौर बहुत ही बहुत ही अच्छा एक्टिव होता है आउटसाइडर वर्ल्ड के पीछे तो जैसे जैसे लोगों से मिलते जाते हैं जैसे-जैसे इन्वायरमेंट का अक्षरों से पड़ता जाता है वैसे वैसे उसका बिहेवियर चेंज होता जाता है हम कहते हैं ना बहुत से लोगों की अरे यह तो बचपन में ऐसा था लेकिन आज ऐसा नहीं है तो यह जरूरी नहीं है कि किसी बंदे का जो बिहेवियर है उसके बचपन से ही शिक्षा आफ्टर दी टीनएजर्स उनके माइंड चेंज होते रहते हैं बहुत से ऐसे स्टेज आती है लाइफ में जहां पर एक बंदे की मेंटालिटी पर बहुत गहरा फर्क पड़ता है और वह अपनी बीवी और मैं बहुत बड़ा चेंज लाता है बहुत सी ऐसी कंडीशन होती हैं जहां उसे अपने अपने अनुसार वातावरण को डालना पड़ता है या फिर खुद वातावरण के अनुसार डालना पड़ता है तो आई थिंक सो देवताओं की किसी भी बच्चे का या किसी भी व्यक्ति का व्यक्तित्व उसके इन बोनफिक्स हो जाता है यह चेंज होता रहता है और लाइफ में कई बार चेंज होता है उस व्यक्ति के ऊपर निर्भर है कि वह कितना सोसाइटी से कन्वर्ट होता है उसे कितना कनेक्ट रहता है

dekhiye yah baat bilkul bhi sach nahi hai ki aap ek nishchit vyatit ke saath paida hote hain vyakti se jaane ki bhavya jab hum insaan hote hain toh aapne bhi dekha hoga ek baccha indore bahut hi bahut hi accha active hota hai autasaidar world ke peeche toh jaise jaise logo se milte jaate hain jaise jaise environment ka aksharon se padta jata hai waise waise uska behaviour change hota jata hai hum kehte hain na bahut se logo ki are yah toh bachpan mein aisa tha lekin aaj aisa nahi hai toh yah zaroori nahi hai ki kisi bande ka jo behaviour hai uske bachpan se hi shiksha after di tinaejars unke mind change hote rehte hain bahut se aise stage aati hai life mein jaha par ek bande ki mentalaity par bahut gehra fark padta hai aur vaah apni biwi aur main bahut bada change lata hai bahut si aisi condition hoti hain jaha use apne apne anusaar vatavaran ko dalna padta hai ya phir khud vatavaran ke anusaar dalna padta hai toh I think so devatao ki kisi bhi bacche ka ya kisi bhi vyakti ka vyaktitva uske in bonfiks ho jata hai yah change hota rehta hai aur life mein kai baar change hota hai us vyakti ke upar nirbhar hai ki vaah kitna society se convert hota hai use kitna connect rehta hai

देखिए यह बात बिल्कुल भी सच नहीं है कि आप एक निश्चित व्यतीत के साथ पैदा होते हैं व्यक्ति से

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Dr Priya Jha

Clinical Psychologist and Dentist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इसमें उत्तर यही रहेगा कि हम सब लोग जो भी पर्सनालिटी के साथ से जो भी हमारा जो भी हम बुंदिया कोई खराब हमारे में बात है उसके साथ हम सब आते हैं दुनिया में और हम सब जो हैं अपने सराउंडिंग के प्रोडक्ट होते हैं मेरा मानना है मतलब आपके घर में जो भी वातावरण है आप मेरे घर में जो वातावरण है हमारे पास जरूर है लेकिन जैसे-जैसे आप बड़े हो रहे हो एक घंटे का टाइम होता है 13 साल के बच्चे की जान लेने में प्रॉब्लम हो रहा है यानी की बात करते हैं या फिर बात करते हैं रोटी बनाने में रुकावट पैदा करता है तो आपको यह पता चल जाएगा कि मेरे में ऐसी क्या बात है जो मुझसे दूर भाग रहे हैं लाइफ में आगे बढ़ो भी मेरी मजबूरियों परेशान कि मैं खराब की गई वही तो होता नहीं आऊंगी हटा लूंगा तभी मेरा अच्छा होगा तो मेरे हिसाब से हमेशा इंपॉसिबल है और अपनी में आप दुनिया से अच्छी-अच्छी चीजें डाल सकते हो जो कि आप लेकर आए हो ऐसा देश को भ्रष्ट कर देगी आपको प्लस तब सब कुछ नरम और अच्छा होना चाहिए कभी भी दूसरों को चोट नहीं पहुंचाना चाहिए कि आप आपका समझ आता होना चाहिए मेरे को पलटन बिल्कुल बोलो

ismein uttar yahi rahega ki hum sab log jo bhi personality ke saath se jo bhi hamara jo bhi hum bundiya koi kharab hamare mein baat hai uske saath hum sab aate hain duniya mein aur hum sab jo hain apne surrounding ke product hote hain mera manana hai matlab aapke ghar mein jo bhi vatavaran hai aap mere ghar mein jo vatavaran hai hamare paas zaroor hai lekin jaise jaise aap bade ho rahe ho ek ghante ka time hota hai 13 saal ke bacche ki jaan lene mein problem ho raha hai yani ki baat karte hain ya phir baat karte hain roti banane mein rukavat paida karta hai toh aapko yeh pata chal jayega ki mere mein aisi kya baat hai jo mujhse dur bhag rahe hain life mein aage badho bhi meri majburiya pareshan ki main kharab ki gayi wahi toh hota nahi aaungi hata lunga tabhi mera accha hoga toh mere hisab se hamesha Impossible hai aur apni mein aap duniya se acchi acchi cheezen daal sakte ho jo ki aap lekar aaye ho aisa desh ko bhrasht kar degi aapko plus tab sab kuch naram aur accha hona chahiye kabhi bhi dusro ko chot nahi pahunchana chahiye ki aap aapka samajh aata hona chahiye mere ko paltan bilkul bolo

इसमें उत्तर यही रहेगा कि हम सब लोग जो भी पर्सनालिटी के साथ से जो भी हमारा जो भी हम बुंदिया

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपनी मेहनत से इंसान कुछ भी कर सकता है अस्तित्व अस्तित्व को बदलने की क्षमता इंसान के अंदर है बस उसे सही राह दिखाने वाला होना चाहिए

apni mehnat se insaan kuch bhi kar sakta hai astitva astitva ko badalne ki kshamta insaan ke andar hai bus use sahi raah dikhane vala hona chahiye

अपनी मेहनत से इंसान कुछ भी कर सकता है अस्तित्व अस्तित्व को बदलने की क्षमता इंसान के अंदर ह

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