आपने मानवता में विश्वास कैसे और क्यों खो दिया?...


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VC. Speaks

Soft Skill Trainer

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आपने मानवता में विश्वास कैसे और क्यों खो दिया यह सवाल आप मुझसे पूछने अगर यह सवाल आप मुझसे पूछ रहे हैं तो मैं बिल्कुल साफ-साफ बता दूं कि मैंने मानवता में विश्वास बिल्कुल नहीं खोया है और मुझे लगता भी नहीं मैं खूंगा क्यों क्योंकि कोई कोई इंसान बुरा मिल सकता है मानवता में विश्वास करने लायक बुरी मानवता यह नहीं है ऐसा कुछ नहीं हुआ आज तक की मानवता से विश्वास हट जाए अच्छे और बुरे लोग जरूर होते हैं हम सबके जिंदगी में होते हैं हमारे आसपास होते हैं लेकिन अच्छे लोग बुरे लोगों से ज्यादा है इस दुनिया में अगर ऐसा ना होता तो शायद यह मानवता यह दुनिया खत्म हो गई होती इस बारे में सोच कर देखिए गा आपको जरूर ऐसे लोग मिलेंगे आपको जरूर ऐसे मौके दिखेंगे आपको जरूर ऐसी चीज में सुनने को देखने को मिलेंगी जिससे आपकी यह दिमाग में आए कि क्या हो गया है मानवता को मेरा मानवता में विश्वास डोल रहा है खो रहा है लेकिन यह भी सोच कर देखेगा कि अगर 246 गलत चीजें सुनने को मिलती हैं तो 10 20 50 अच्छी चीजें भी सुनने को मिलती हैं तो मैं यह कहूंगा कि इस तरह बिल्कुल ना सोचें मानवता है और हमेशा रहेगी इस बारे में इस तरह पॉजिटिव सोच के दिखेगा सुनने के लिए थैंक यू

aapne manavta mein vishwas kaise aur kyon kho diya yah sawaal aap mujhse poochne agar yah sawaal aap mujhse puch rahe hai toh main bilkul saaf saaf bata doon ki maine manavta mein vishwas bilkul nahi khoya hai aur mujhe lagta bhi nahi main chahiye kyon kyonki koi koi insaan bura mil sakta hai manavta mein vishwas karne layak buri manavta yah nahi hai aisa kuch nahi hua aaj tak ki manavta se vishwas hut jaaye acche aur bure log zaroor hote hai hum sabke zindagi mein hote hai hamare aaspass hote hai lekin acche log bure logo se zyada hai is duniya mein agar aisa na hota toh shayad yah manavta yah duniya khatam ho gayi hoti is bare mein soch kar dekhiye jaayega aapko zaroor aise log milenge aapko zaroor aise mauke dikhenge aapko zaroor aisi cheez mein sunne ko dekhne ko milegi jisse aapki yah dimag mein aaye ki kya ho gaya hai manavta ko mera manavta mein vishwas dol raha hai kho raha hai lekin yah bhi soch kar dekhega ki agar 246 galat cheezen sunne ko milti hai toh 10 20 50 achi cheezen bhi sunne ko milti hai toh main yah kahunga ki is tarah bilkul na sochen manavta hai aur hamesha rahegi is bare mein is tarah positive soch ke dikhega sunne ke liye thank you

आपने मानवता में विश्वास कैसे और क्यों खो दिया यह सवाल आप मुझसे पूछने अगर यह सवाल आप मुझसे

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Jyoti Bhardwaj

Psychologist, Counsellor

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मानवता मानव से ही होती है और हम सब क्योंकि मानव हैं इसलिए हम सभी मानवता के उत्तराधिकारी हैं कहीं ना कहीं मानवता का होना या ना होना हमें हमारे ऊपर ही काफी निर्भर होता है क्योंकि समाज भी हमें बनाते हैं और उस उस समाज में मानवता का संस्थापन भी हमें लोग करते हैं तो मेरा मानवता में विश्वास पहले भी था और आज भी

manavta manav se hi hoti hai aur hum sab kyonki manav hain isliye hum sabhi manavta ke uttradhikari hain kahin na kahin manavta ka hona ya na hona humein hamare upar hi kaafi nirbhar hota hai kyonki samaj bhi humein banate hain aur us us samaj mein manavta ka sansthapan bhi humein log karte hain toh mera manavta mein vishwas pehle bhi tha aur aaj bhi

मानवता मानव से ही होती है और हम सब क्योंकि मानव हैं इसलिए हम सभी मानवता के उत्तराधिकारी है

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Shubham Saini

Software Engineer

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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दोष ऐसा बिल्कुल नहीं है कि मानवता एकदम खत्म हो गई है अगर ऐसा होता तो आज जहां पर हैं उसका कार्य रूपरेखा या भविष्य ही कुछ और होता तो अभी भी मानवता जिंदा है लोग एक दूसरे के बारे में समझते हैं सोचते हैं और कुछ करना चाहते हैं एक दूसरे का ख्याल रखना चाहते हैं हां लेकिन एक बात जरूर है और बहुत पक्की है अब अरे यह जादू सीखने लेकिन यह सही है कि मानवता धीरे-धीरे कम होती चली जा रही है ऐसा नहीं है कि लोग तो गई है देखनी है अभी भी लेकिन हां कम होती चली गई है क्यों लोगों के पास पैसा आ गया है लोग पढ़ लिख गए हैं और सब छोड़िए फिर भी एक विचारधारा ऐसी बनती जरियारी एक ही मुझे उससे क्या मतलब सब अपने बारे में सोचते हैं तो अपने बारे में सोचना कोई गलत नहीं है मैं अगर अपने बारे में नहीं सोच लूंगा तो मेरे बारे में कौन सोचेगा मेरे को सोचना चाहिए अपने बारे में अपने परिवार के बारे में वगैरा-वगैरा भेजो लेकिन मैं किस तरीके से सोचता हूं मेरे सोचने और करनी में जो मैं कार्य करता हूं उसे किसी को तकलीफ तो नहीं हो रही तकलीफ यहां पर इंसान तो है यह इंसान की तकरीर कर्बला वाकया में प्रकृति को नुकसान पहुंचा रहा हूं वातावरण को नुकसान पहुंचा रहा हूं किसी और जीव जंतु को नुकसान पहुंचा रहा हूं अगर मैं ऐसा कुछ भी काम कर रहा हूं तो वह सही नहीं बात करते हैं मानवता की और एक मानवता अभी भी जिंदा है लेकिन होता क्या है कि हम अपने स्वार्थ के लिए जो तरीके अपनाते हैं वह तरीके सही नहीं होते और खाली हम अपने बारे में सोच कर आगे बढ़ने की कोशिश में लगे रहते हैं इसीलिए कई बार ऐसा भी होता है कि उस दिन में हम इंसानियत को पीछे छोड़ देते हैं जो कि सही नहीं है देखिए हमारा मीन अप ऑफिस जो है इस लाइफ का वह प्राइमरी यही है कि हम अपने जीवन को संतोष पुरवा के लिए और साथ में बाकी सारे जो भी लोग हैं मानव में प्राणी है जीव जंतु है वातावरण है जो भी कुछ प्रकृति हमको मिला है प्रकृति ने दिया है उन सब के साथ रहे और साथ में आगे बढ़ें हम सब क्या सोचने लगते हैं हम सब यह सोचते हैं कि वह मेरे पास यह पैसा है नॉलेज है वह है तो भाई मैं तो कंपलीटली इंडिपेंडेंट हूं मुझे किसी की जरूरत नहीं है बट एक्चुअली में देखिए हम सब इंडिपेंडेंट नहीं है हम सब एक समाज का एक हिस्सा है हम सब उसी समाज में हैं उसी ताने-बाने में हैं और हम सब इंटरडिपेंडेंट हैं एक दूसरे पर आश्रित सुधीर आपके पास बहुत पैसा है और सामने एक फल वाला है और आप उसे फल लेने जाते हैं लेकिन वह आपको देना नहीं चाहता तो आपके पैसे का क्या होगा अगर मान लीजिए कोई फल बेचने वाला ही नहीं है तो आप और आपके पास पैसे हैं तो आप क्या खरीद सकते हैं फल खरीद ही नहीं सकते भले आपके पास पैसा है क्यों कि सामने वाला कोई तो होना चाहिए जो वह लेकर बैठा है जो आपको चाहिए और यह तो बहुत छोटे से बहुत सारी चीजें जो हम जानते हैं समझते हैं लेकिन कई बार नजरअंदाज कर देते हैं तो हमें तो यह देखना है कि मेरा व्यवहार किसी और इंसान के प्रति मीटर के प्रति है जीव जंतुओं के प्रति वातावरण के प्रति वगैरह वगैरह कैसा है जो हम देंगे हमें वही मिलेगा अगर मैं प्यार दे रहा हूं अगर मैं रेस्पेक्ट दे रहा हूं आदर दे रहा हूं किसी और की को समझता हूं गाली देता हूं तो मुझे भी वही सब मिलेगा यह वही देश है जहां पर किसी को ग्रीड करते थे ना आजकल तो कम हो गया है तो हम बोलते थे नमस्ते आपको बताइए नमस्ते का मतलब क्या होता है नमस्ते का मतलब यह होता है रिमाइंड मी टेक्नोलॉजी इज द प्रेजेंट ऑफ डिवाइन वैली न्यूज़ के लिए के कितना गहरा मतलब है इसका राइट्स बदन है समझता हूं और आदर पूर्वक आपकी प्रेजेंस का प्यार करता हूं इसका मतलब मैं आपको उस उस रूप तुम्हारा मैं देखता हूं तरीके से देखता हूं और जैसे जैसे आप हैं आप एक डिवाइन्फो से आप एक एनर्जी हैं तो सोचे कितनी बड़ी बात है यह हम कहते थे सदियों से हम कहते आए हैं लेकिन आज यह कहना समझ ना दूर हो गया है हम सोचते नहीं है इसके बारे में तो हमें ऐसा बनना चाहिए हमें ऐसा करना चाहिए हमें एक दूसरे के प्रति सही भावना रखनी चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए

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दोष ऐसा बिल्कुल नहीं है कि मानवता एकदम खत्म हो गई है अगर ऐसा होता तो आज जहां पर हैं उसका क

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

2:53
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भारत से भी मानवता पैदा नहीं हुई है अभी भारत में अच्छे और बुरे दोनों प्रकार के लोग कल परसों ही हमारे यहां पर एक विचार एक बहुत गरीब ब्राह्मण ने जिसको की रुपयों से भरा हुआ बैग मिला और उसकी इमानदारी के साथ तो पुलिस मिलाकर जमा करा दिया और वह उसके रियल मालिक को सही में व्यक्ति को प्राप्त हो गया उन्हें प्राप्त करने पर वह व्यक्ति इतना पसंद हुआ कि उस ग्रामीण क्षेत्र के आप चाहे तो ₹100000 में से ले सकते हैं उस ब्राह्मण ने कहा मुझे पैसा नहीं चाहिए मैं आपके चेहरे पर जो संतोष देख रहा हूं जो खुशी देख रहा हूं वह मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है और वह भी पता है आप पैसा किस लिए निकलवा कर लाया था बैंक से व्यक्ति अपनी लड़की की शादी के लिए ₹500000 तक लाया था अब तुम सोचो कि यदि वह खो जाते तो उसकी लड़की की शादी कब जाती उसकी कितनी आंखें बद्दुआ देती उसके घर वाले कितने दुखी होते उस व्यक्ति को ₹500000 से क्या हो जाता उसकी लाइफ नहीं बन जाती लेकिन यह मानवता का उदाहरण है कि सत्य का उदाहरण है अभी मानवता संसार में जिंदा है हां मैं यह मानता हूं कि कुछ लोगों ने व्यक्तिगत स्वार्थों के कारण अधिक एजुकेशन प्राप्त करने के कारण सुंदरता के कारण नी संगति के कारण गंदे लोगों के जूस के कारण गंदे विचारों के कारण मानव तक होती है उठाने भूल बैठे लेकिन आप यह कह दे कि पूरे संसार से बना कर चली गई है ऐसा नहीं ऐसे एक नहीं दस बीस उदाहरण आप का सुरूर जो लोग पैसे से जो गरीब हैं लेकिन दिल के बहुत अमीर है इस सभी की सहायता करते हैं वे सभी की सेवा में विश्वास रखते हैं विनम्रता पूर्ण व्यवहार रखते हैं यदि ऐसा नहीं होता तो यह संसार ही आप सो चुके प्लीज स्वार्थी लोगों से बढ़ जाएगा तो एक दूसरे को मार कर मार काट होगी और बहुत निम्न स्तर बुझाएगा जो अभी नहीं है मानवता अभी जिंदा है हां यह बात अलग है कि कुछ लोगों की आत्मा मर चुकी है वे लोग जिंदा लाश की तरह इस संसार में घूम रहे हैं विपक्षी का भजन है क्योंकि भी स्वार्थी हैं एकदम गिरे हुए हैं और मानवता का

bharat se bhi manavta paida nahi hui hai abhi bharat mein acche aur bure dono prakar ke log kal parso hi hamare yahan par ek vichar ek bahut garib brahman ne jisko ki rupyon se bhara hua bag mila aur uski imaandari ke saath toh police milakar jama kara diya aur wah uske real malik ko sahi mein vyakti ko prapt ho gaya unhein prapt karne par wah vyakti itna pasand hua ki us gramin kshetra ke aap chahe toh Rs mein se le sakte hain us brahman ne kaha mujhe paisa nahi chahiye main aapke chehre par jo santosh dekh raha hoon jo khushi dekh raha hoon wah mere liye sabse bada puraskar hai aur wah bhi pata hai aap paisa kis liye nikalav kar laya tha bank se vyakti apni ladki ki shadi ke liye Rs tak laya tha ab tum socho ki yadi wah kho jaate toh uski ladki ki shadi kab jati uski kitni aankhen baddua deti uske ghar wale kitne dukhi hote us vyakti ko Rs se kya ho jata uski life nahi ban jati lekin yeh manavta ka udaharan hai ki satya ka udaharan hai abhi manavta sansar mein zinda hai haan main yeh manata hoon ki kuch logo ne vyaktigat swarthon ke kaaran adhik education prapt karne ke kaaran sundarta ke kaaran ni sangati ke kaaran gande logo ke juice ke kaaran gande vicharon ke kaaran manav tak hoti hai uthane bhul baithe lekin aap yeh keh de ki poore sansar se bana kar chali gayi hai aisa nahi aise ek nahi das bis udaharan aap ka suroor jo log paise se jo garib hain lekin dil ke bahut amir hai is sabhi ki sahayta karte hain ve sabhi ki seva mein vishwas rakhte hain vinamrata poorn vyavahar rakhte hain yadi aisa nahi hota toh yeh sansar hi aap so chuke please swaarthi logo se badh jayega toh ek dusre ko maar kar maar kaat hogi aur bahut nimn sthar bujhaega jo abhi nahi hai manavta abhi zinda hai haan yeh baat alag hai ki kuch logo ki aatma mar chuki hai ve log zinda laash ki tarah is sansar mein ghum rahe hain vipakshi ka bhajan hai kyonki bhi swaarthi hain ekdam gire hue hain aur manavta ka

भारत से भी मानवता पैदा नहीं हुई है अभी भारत में अच्छे और बुरे दोनों प्रकार के लोग कल परसों

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Sushant

Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कैसे देखे तो पुराने काल से लोगों लोगों ने एक दूसरे को चीट करने की संपत्ति के लिए संसाधनों के लिए संबंधों के लिए कुछ करने की याद पुरानी है ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं कि लोग लोगों को विश्वास नहीं करती विश्वास नहीं करते होते तो हम फैमिली में भी नहीं रहते मैं हर बार आके चेक करता की मेरी बीवी मेरे खाने में जहर मिला दिया कि नहीं करते हम विश्वास करते हैं हम बिल्कुल विश्वास के साथ काम करते हैं लोग थोड़े अभियान हो गए हैं क्योंकि उन्हें बहुत सारे माध्यमों से इंफॉर्मेशन दी कि शूटिंग कैसे होती है तब क्राइम पेट्रोल चैनल देख ले और उसी को देखते हैं तो आपके पड़ोसी के घर में 10 लोग जाते हैं दूसरे के साथ आप स्कूलों में अपने बच्चों को भेजता तो नहीं ज्यादा लाइमलाइट में आ गई है तो ज्यादा लोग घायल हो गए

kaise dekhe toh purane kaal se logo logon ne ek dusre ko cheat karne ki sampatti ke liye sansadhano ke liye sambandhon ke liye kuch karne ki yaad purani hai gyaan prapt kar lete hain ki log logo ko vishwas nahi karti vishwas nahi karte hote toh hum family mein bhi nahi rehte main har baar aake check karta ki meri biwi mere khane mein zehar mila diya ki nahi karte hum vishwas karte hain hum bilkul vishwas ke saath kaam karte hain log thode abhiyan ho gaye hain kyonki unhein bahut saare maadhyamon se information di ki shooting kaise hoti hai tab crime petrol channel dekh le aur usi ko dekhte hain toh aapke padosi ke ghar mein 10 log jaate hain dusre ke saath aap schoolon mein apne baccho ko bhejta toh nahi zyada limelight mein aa gayi hai toh zyada log ghayal ho gaye

कैसे देखे तो पुराने काल से लोगों लोगों ने एक दूसरे को चीट करने की संपत्ति के लिए संसाधनों

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ShAshWaT SRiVaStAvA

CaReer AnD EdUcaTiOnaL GuIde

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ईश्वर ने तरह-तरह के पृथ्वी पर मानव अवतार लिए मानव रूप में अवतार लिए वह क्यों लिए वह इसीलिए लेना कि मानव जाति को सिखाएं कैसे सृष्टि की रचना भगवान ने किया भगवान को खुशी की चीजें मिलती है भगवान ने क्या कहा आपस में भाईचारे से रहो अपने आपस में जो परेशान उसकी सेवा करो मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है इस दुनिया में ऐसा ईश्वर भी कह गए हैं पूरा इतिहास ने भी भगवानों ने मानव रूप में जन्म लिया उन्होंने क्या किया राक्षसों का वध किया और मानवता का आगे बढ़ाने के लिए खुशहाली लाने के लिए अच्छे कार्य किए हैं उन्होंने उद्देश्य आज के जमाने में इंसान की आज की जवानी इंसान कंपटीशन से भर गया तब मटेरियल जमाना हो गया है सबको कैसा दिखता है सब कुछ चमक दिखती दुनिया की दुनिया को कितना नुकसान पहुंचा है उस से मतलब नहीं है मानवता पिछोड़ी अपनी धरती तक कॉल उतार के जमाने में इतना नुकसान के ग्लोबल वार्मिंग टेंपरेचर कितना बढ़ रहा है यह क्यों हो रहा है सब इंसान अपनी जो भूख है ना उसको ही मिटा पा रहा है इंसान आज की जमाने क्या भूल गया है अपना देखने लगा है यह ज्यादा दिन तक ऐसा एक किसी सभ्यता में या दिन तक टिक नहीं सकता इसलिए यह सब आदमी ऐसा कभी नहीं होगा जिस दिन बुराई अच्छाई पर हावी हो जाएगी उस दिन तो यह सभ्यता की वहीं खत्म हो जाएगी ने भी टूट जाएगी इसलिए अभी भी याद रखी है इस दुनिया में अच्छे लोगों की कमी नहीं है आज भी अच्छे लोग हैं दुनिया में अभी अभी तक चल रही है जिस दिन बुरे लोग भी हो जाएंगे उस दिन न्यूक्लियर बम चलने लगेगी इसलिए बुरे लोगों का अभी भी आदित्य उतना नहीं बड़ा जितना अच्छे लोग हैं का है इसलिए मानव था आज भी जिंदा है बस यह है कि हर आदमी नहीं उसको फॉलो करता है हमें क्या करना है हमें यह जन आंदोलन बनाना है कि हर आदमी के अंदर मानवता होनी चाहिए सेवा का भाव होना चाहिए पहले के जमाने के लोग देश के लिए अपनी जान देंगे आज के लोग धूप में निकल नहीं सकते कि हटाओ क्या करना है तुझे सब चीजें चेंज हो गई आज का जवान आदमी वही इंसान वही है है हम भी जानवर मानव रूप नेचुरल ई और हमारा जीन जो है वह दम है ना जो मारे आदिमानव का था तो हम लोग तो हैं उसी वंश की

ishwar ne tarah tarah ke prithvi par manav avatar liye manav roop mein avatar liye wah kyon liye wah isliye lena ki manav jati ko sikhaye kaise shrishti ki rachna bhagwan ne kiya bhagwan ko khushi ki cheezen milti hai bhagwan ne kya kaha aapas mein bhaichare se raho apne aapas mein jo pareshan uski seva karo manav seva hi sabse bada dharm hai is duniya mein aisa ishwar bhi keh gaye hai pura itihas ne bhi bhagwano ne manav roop mein janam liya unhone kya kiya rakshason ka vadh kiya aur manavta ka aage badhane ke liye khushahali lane ke liye acche karya kiye hai unhone uddeshya aaj ke jamane mein insaan ki aaj ki jawaani insaan competition se bhar gaya tab material jamana ho gaya hai sabko kaisa dikhta hai sab kuch chamak dikhti duniya ki duniya ko kitna nuksan pohcha hai us se matlab nahi hai manavta pichodi apni dharti tak call utar ke jamane mein itna nuksan ke global warming temperature kitna badh raha hai yeh kyon ho raha hai sab insaan apni jo bhukh hai na usko hi mita pa raha hai insaan aaj ki jamane kya bhul gaya hai apna dekhne laga hai yeh zyada din tak aisa ek kisi sabhyata mein ya din tak tick nahi sakta isliye yeh sab aadmi aisa kabhi nahi hoga jis din burayi acchai par havi ho jayegi us din toh yeh sabhyata ki wahi khatam ho jayegi ne bhi toot jayegi isliye abhi bhi yaad rakhi hai is duniya mein acche logo ki kami nahi hai aaj bhi acche log hai duniya mein abhi abhi tak chal rahi hai jis din bure log bhi ho jaenge us din nuclear bomb chalne lagegi isliye bure logo ka abhi bhi aditya utana nahi bada jitna acche log hai ka hai isliye manav tha aaj bhi zinda hai bus yeh hai ki har aadmi nahi usko follow karta hai humein kya karna hai humein yeh jan andolan banana hai ki har aadmi ke andar manavta honi chahiye seva ka bhav hona chahiye pehle ke jamane ke log desh ke liye apni jaan denge aaj ke log dhoop mein nikal nahi sakte ki hatao kya karna hai tujhe sab cheezen change ho gayi aaj ka jawaan aadmi wahi insaan wahi hai hai hum bhi janwar manav roop natural ee aur hamara gene jo hai wah dum hai na jo maare adimanav ka tha toh hum log toh hai usi vansh ki

ईश्वर ने तरह-तरह के पृथ्वी पर मानव अवतार लिए मानव रूप में अवतार लिए वह क्यों लिए वह इसीलिए

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

6:45
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यहां तो कब का क्वेश्चन है आप ने मानवता में विश्वास कैसे और क्यों खो दिया देखिए जहां तक मेरी पर्सनल अगर आपको मुद्दे की बात उठाने जाने और या मानवता की बात तुम्हें मानवता ऐसी चीज है कि जो विश्वास पर ही टिका हुआ शब्द है और आप मानव है तो आप में मानवता का होना नितांत आवश्यक है और आप मानव है तो आप मानवता को कभी को ही नहीं सकते हैं यह मेरा मानना है क्योंकि मानवता का एक बापूजी मानव के लिए मानवता है यह दोनों एक दूसरे के पूरक हैं जैसे व्यक्ति में अगर दया भाव करुणा प्यार अगर खत्म हो गया तो उसको मानो की संज्ञा नहीं दे सकते वैसे ही अगर मनुष्य के अंदर से मानवता खत्म हो जाए मानव के अंदर से अगर मानवता खत्म हो जाए तो व्यक्ति फिर मानव मानव नहीं रह जाता और दानव की संज्ञा उसे दी जा सकती है इसलिए संसार में अभी भी मानवता जिंदा है और जब तक का जिसे आप मानव समझते हैं या मनुष्य समझते हैं या प्राणी समझते हैं जब तक का अच्छे लोग इस संसार में रहेंगे तब तक मानवता कभी न शर्मसार होगा ना उसे खोया जा सकता है क्योंकि मनुष्यता के द्वारा ही मानवता को परिभाषित किया गया है अगर मनुष्य है अगर मानव है तो मानवता ही संसार में जिंदा है अगर मानव ही ना रहा और फिर मानवता का कोई अर्थ ही नहीं तो जब तक यह पृथ्वी पर व्यक्ति चलायमान है जब तक यह पृथ्वी है जब तक पृथ्वी पर मानव है तब तक मानवता जिंदा है और इस चीज को प्रत्येक व्यक्ति को जिंदा रखने की आवश्यकता है क्योंकि मानवता आपने अगर खो दिया तो आप इस संसार में आपको जानवर की संज्ञा और दानों की संज्ञा दी जा सकती है क्योंकि मानव और मानवता मानवता का अर्थ ही है दया करुणा प्रेम सौहार्द सहयोग यह सारे जितने भी शब्द हैं यह मानव के आंतरिक और बाह्य रूपों को प्रकट करते हैं मेरा यहां तक मानना है तो जब तक मानव का अस्तित्व इस पृथ्वी पर है मानवता को खोना मेरे समझ से अच्छी बात नहीं है और यहां तक मेरा मानना है कि मनुष्य कभी भी चाह कर भी मानवता को खोना नहीं चाहता क्योंकि यह एक आंतरिक अभिक्रिया का पर्याय है आपको एक उदाहरण के तौर पर मैं कुछ है बातों के तरफ कुछ है संक्षिप्त कहानियों की तरफ आप को ले जाना चाहूंगा जैसे आप कहीं टहलते हुए पैदल रोड पर जा रहे हैं कोई व्यक्ति या बच्चा चाहे वह ईश्वर स्त्री हो या पुरुष हो खफा खफा क्या गलत हो रही है बच्चा रो रहा है या स्त्री तो रही है चाहे कोई भी हो जिसको आप नहीं जानते हैं निश्चित है कि अब आप कितना होवी इमरजेंसी में है आप अगर टहलते हुए जा रहे हैं रोड से पैदल जा पंछी ताकि आपकी मजबूरी हो जाएगी उस व्यक्ति से पूछना कि भाई क्या कारण है कौन मार दिया क्या कमी है जबकि आपको उस व्यक्ति विशेष से कोई मतलब नाम का चीज नहीं है रो रहा है तो रो रहा है हंसराज हंस का हंसते हुए व्यक्ति को अपने पूछ सकते हैं लेकिन रोते हुए और कष्ट से कष्ट से बिल्कुल गुजरते हुए व्यक्ति इससे आपको निश्चित पूछेंगे यही तो मानवता और करुणा है और क्या है इस संसार में हर नहीं तो आप आए दिन हम और आप इस चीज को देखते हैं कोई बच्चा अगर हमारे सामने गिर जाता है किसी का बच्चा हुआ चोट लग जाता है रोने लगता है तो व्यक्ति के अंदर इससे हृदय पर एक छोटा सा महसूस होता है लड़का गिर गया लड़की ने लिया बच्चा गिर गया तो मन होता है यही तो प्यार है यह चीज अब जहां तक मेरा मानना है सहृदय व्यक्ति है तो यह चीज खत्म नहीं हो सकती मानवता ऐसा मेरा मानना है जब तक यह पृथ्वी पर मनुष्य है मानव है तब तक मानवता से विश्वास खत्म नहीं हो सकता कुछ अपवाद है जिनको हो सकता है कि मानवता से विश्वास खत्म हो गया हो तो उस व्यक्ति को हम पीते हैं मानव और मानवता के अंतर्गत के रूप में नहीं देखेंगे जहां तक मेरा मानना है एक शब्द में यही कहना चाहूंगा जिससे मानव के अंदर मानवता खत्म हो गई या तो जानवर है याद आना है क्योंकि मानव का अर्थ ही है कि मानवता जिसमें अगर मानवता को मनुष्य नहीं है खुद आना और जानवर की संख्या उसे दी जाती है धन्यवाद

yahan toh kab ka question hai aap ne manavta mein vishwas kaise aur kyon kho diya dekhiye jaha tak meri personal agar aapko mudde ki baat uthane jaane aur ya manavta ki baat tumhe manavta aisi cheez hai ki jo vishwas par hi tika hua shabd hai aur aap manav hai toh aap mein manavta ka hona nitant aavashyak hai aur aap manav hai toh aap manavta ko kabhi ko hi nahi sakte hain yah mera manana hai kyonki manavta ka ek bapuji manav ke liye manavta hai yah dono ek dusre ke purak hain jaise vyakti mein agar daya bhav karuna pyar agar khatam ho gaya toh usko maano ki sangya nahi de sakte waise hi agar manushya ke andar se manavta khatam ho jaaye manav ke andar se agar manavta khatam ho jaaye toh vyakti phir manav manav nahi reh jata aur danav ki sangya use di ja sakti hai isliye sansar mein abhi bhi manavta zinda hai aur jab tak ka jise aap manav samajhte hain ya manushya samajhte hain ya prani samajhte hain jab tak ka acche log is sansar mein rahenge tab tak manavta kabhi na sharmasar hoga na use khoya ja sakta hai kyonki manushyata ke dwara hi manavta ko paribhashit kiya gaya hai agar manushya hai agar manav hai toh manavta hi sansar mein zinda hai agar manav hi na raha aur phir manavta ka koi arth hi nahi toh jab tak yah prithvi par vyakti chalayman hai jab tak yah prithvi hai jab tak prithvi par manav hai tab tak manavta zinda hai aur is cheez ko pratyek vyakti ko zinda rakhne ki avashyakta hai kyonki manavta aapne agar kho diya toh aap is sansar mein aapko janwar ki sangya aur danon ki sangya di ja sakti hai kyonki manav aur manavta manavta ka arth hi hai daya karuna prem sauhaard sahyog yah saare jitne bhi shabd hain yah manav ke aantarik aur bahya roopon ko prakat karte hain mera yahan tak manana hai toh jab tak manav ka astitva is prithvi par hai manavta ko khona mere samajh se achi baat nahi hai aur yahan tak mera manana hai ki manushya kabhi bhi chah kar bhi manavta ko khona nahi chahta kyonki yah ek aantarik abhikriya ka paryay hai aapko ek udaharan ke taur par main kuch hai baaton ke taraf kuch hai sanshipta kahaniya ki taraf aap ko le jana chahunga jaise aap kahin tahlate hue paidal road par ja rahe hain koi vyakti ya baccha chahen vaah ishwar stree ho ya purush ho khafa khafa kya galat ho rahi hai baccha ro raha hai ya stree toh rahi hai chahen koi bhi ho jisko aap nahi jante hain nishchit hai ki ab aap kitna hovi emergency mein hai aap agar tahlate hue ja rahe hain road se paidal ja panchhi taki aapki majburi ho jayegi us vyakti se poochna ki bhai kya karan hai kaun maar diya kya kami hai jabki aapko us vyakti vishesh se koi matlab naam ka cheez nahi hai ro raha hai toh ro raha hai hansraaj hans ka hansate hue vyakti ko apne puch sakte hain lekin rote hue aur kasht se kasht se bilkul gujarate hue vyakti isse aapko nishchit puchenge yahi toh manavta aur karuna hai aur kya hai is sansar mein har nahi toh aap aaye din hum aur aap is cheez ko dekhte hain koi baccha agar hamare saamne gir jata hai kisi ka baccha hua chot lag jata hai rone lagta hai toh vyakti ke andar isse hriday par ek chota sa mehsus hota hai ladka gir gaya ladki ne liya baccha gir gaya toh man hota hai yahi toh pyar hai yah cheez ab jaha tak mera manana hai sahriday vyakti hai toh yah cheez khatam nahi ho sakti manavta aisa mera manana hai jab tak yah prithvi par manushya hai manav hai tab tak manavta se vishwas khatam nahi ho sakta kuch apavad hai jinako ho sakta hai ki manavta se vishwas khatam ho gaya ho toh us vyakti ko hum peete hain manav aur manavta ke antargat ke roop mein nahi dekhenge jaha tak mera manana hai ek shabd mein yahi kehna chahunga jisse manav ke andar manavta khatam ho gayi ya toh janwar hai yaad aana hai kyonki manav ka arth hi hai ki manavta jisme agar manavta ko manushya nahi hai khud aana aur janwar ki sankhya use di jaati hai dhanyavad

यहां तो कब का क्वेश्चन है आप ने मानवता में विश्वास कैसे और क्यों खो दिया देखिए जहां तक मेर

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल बड़ा अजीबोगरीब है क्या आप पूछना क्या चाहते स्पष्ट नहीं है मानवता में विश्वास लोगों का रहता है पर विश्वास करने का तो कोई कारण है ही नहीं मानवता के प्रति कई लोग मानवता की मिसाल है देश में जो कि कई आवश्यक मन लोगों की सेवा करते हैं और अपने मानव होने का प्रमाण देते हैं अत मानवता में विश्वास करने की कोई बात नहीं है कई कई ऐसे लोग अवश्य है क्योंकि जैसे जानते हुए थे वह भी किसी की मदद नहीं करते हैं तब उस व्यक्ति को जरूर लगता है कि देखने वाले आदमी को जो पीड़ित है कि सामने वाला देखते हुए उसकी मदद नहीं कर रहा है उसका मानवता से विश्वास उठ जाता है लेकिन भारत देश में आज भी मानवता जीवित है और लोग एक दूसरे की मदद

aapka sawaal bada ajeebogarib hai kya aap poochna kya chahte spasht nahi hai manavta mein vishwas logo ka rehta hai par vishwas karne ka toh koi karan hai hi nahi manavta ke prati kai log manavta ki misal hai desh mein jo ki kai aavashyak man logo ki seva karte hain aur apne manav hone ka pramaan dete hain at manavta mein vishwas karne ki koi baat nahi hai kai kai aise log avashya hai kyonki jaise jante hue the vaah bhi kisi ki madad nahi karte hain tab us vyakti ko zaroor lagta hai ki dekhne waale aadmi ko jo peedit hai ki saamne vala dekhte hue uski madad nahi kar raha hai uska manavta se vishwas uth jata hai lekin bharat desh mein aaj bhi manavta jeevit hai aur log ek dusre ki madad

आपका सवाल बड़ा अजीबोगरीब है क्या आप पूछना क्या चाहते स्पष्ट नहीं है मानवता में विश्वास लोग

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Vivek Shukla

Life coach

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प्रिय मित्र आपका यही कहना है कि सवाल कि मैंने मानवता मैं कैसे विश्वास खो दिया पूरी तरह से नहीं खोया हूं लेकिन फिर भी मैंने दोस्त की काफी हद तक मदद की विषय मैंने उसको काफी हद तक अपने घर में आने जाना दिखता था उसको काफी हद तक ने दोस्त मानता था एक ही घर में एक ही थाली में खाने वाले हम उसको बहुत इज्जत करते देते थे कुछ गलत होगा जो मेरे घर के सदस्य थे ऐसे में उसे बहुत ही ज्यादा बुरा लगे या फिर ऐसे दोस्त के साथ विश्वास उठ गया कि ऐसे लोग भी इस दुनिया में जिनका भरोसा करने के बाद वह ऐसा हरकत करेंगे कर मेरे घरवाले सही थे इसलिए मुझे ऐसा मालूम हो गया और मुझे काफी शर्म आई अपनी दोस्ती पर काम पर उनके बॉयफ्रेंड

priya mitra aapka yahi kehna hai ki sawal ki maine manavta main kaise vishwas kho diya puri tarah se nahi khoya hoon lekin phir bhi maine dost ki kaafi had tak madad ki vishay maine usko kaafi had tak apne ghar mein aane jana dikhta tha usko kaafi had tak ne dost manata tha ek hi ghar mein ek hi thali mein khane wale hum usko bahut izzat karte dete the kuch galat hoga jo mere ghar ke sadasya the aise mein use bahut hi zyada bura lage ya phir aise dost ke saath vishwas uth gaya ki aise log bhi is duniya mein jinka bharosa karne ke baad wah aisa harkat karenge kar mere gharwale sahi the isliye mujhe aisa maloom ho gaya aur mujhe kaafi sharm I apni dosti par kaam par unke boyfriend

प्रिय मित्र आपका यही कहना है कि सवाल कि मैंने मानवता मैं कैसे विश्वास खो दिया पूरी तरह से

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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आपने मानवता में विश्वास कैसे औरतें को दिया अगर आप पर्सनल फर्स्ट और सेकंड पर्सन में बात करते हैं तो वह मैं अपनी बात कहूं समान मानवता में विश्वास में कभी खोया निम्न करूंगा हां आजकल जो नई पीढ़ी है लकी नया परिवेश है और नया प्रवेश विश्वास ही वातावरण में आगे बढ़ रहा है जो कि निश्चित रूप से पारिवारिक व्यवस्था व सामाजिक व्यवस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं क्योंकि विश्वास ही तो है जो परिवार को समाज को राष्ट्र को बांध कर सकता है हम सब मनुष्य हैं और हम एक दूसरे की मन होगा तो जैसे मदद करें सद्भाव रखे रेल का भाव रखें सहयोग का भाव रखें उदारता दया करुणा का भाव रखें और एक दूसरे की वर्तमान लेकिन विभाग के मूल्यों में छड़ के कारण आज मनोज भाई भाई के रिश्ते में विश्वास नहीं है पति पत्नी के रिश्ते में विश्वास नहीं है यह स्थिति जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारे जीवन के मूल्य मानक मूल है उन मूल्यों को अपनाकर हम जीवन में मानवता के प्रति हम विश्वास बरकरार रखें अपने आचरण व्यवहार से हम मानवता के जो गुण हैं उनको हम पर लक्षित करें जिससे दूसरे समाज के लोग पड़ोस के लोग

aapne manavta mein vishwas kaise auraten ko diya agar aap personal first aur second person mein baat karte hain toh vaah main apni baat kahun saman manavta mein vishwas mein kabhi khoya nimn karunga haan aajkal jo nayi peedhi hai lucky naya parivesh hai aur naya pravesh vishwas hi vatavaran mein aage badh raha hai jo ki nishchit roop se parivarik vyavastha va samajik vyavastha ke liye accha sanket nahi kyonki vishwas hi toh hai jo parivar ko samaj ko rashtra ko bandh kar sakta hai hum sab manushya hain aur hum ek dusre ki man hoga toh jaise madad kare sadbhav rakhe rail ka bhav rakhen sahyog ka bhav rakhen udarata daya karuna ka bhav rakhen aur ek dusre ki vartaman lekin vibhag ke mulyon mein chad ke karan aaj manoj bhai bhai ke rishte mein vishwas nahi hai pati patni ke rishte mein vishwas nahi hai yah sthiti zimmedar nagarik hone ke naate hamare jeevan ke mulya maanak mul hai un mulyon ko apnakar hum jeevan mein manavta ke prati hum vishwas barkaraar rakhen apne aacharan vyavhar se hum manavta ke jo gun hain unko hum par lakshit kare jisse dusre samaj ke log pados ke log

आपने मानवता में विश्वास कैसे औरतें को दिया अगर आप पर्सनल फर्स्ट और सेकंड पर्सन में बात कर

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

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आज के जमाने में लोगों को मना पर विश्वास करना चाहिए इंसान होने के नाते मानवता हमारा धर्म है कि मानवता की सेवा करना चाहिए मानक की सेवा करना चाहिए प्रयोग करना चाहिए लोगों के प्रति सिंपैथी रखना चाहिए मानवता में विश्वास करके ही हम समाज को आगे बढ़ा सकते हैं वह 4:00 उठा सकते इतनी भावनाओं को जानी भावना को व्यक्त कर सकते हैं एक समाज में अच्छे भविष्य का निर्माण कर सकते हैं तो हमेशा मानवता में विश्वास करना चाहिए सभी धर्मों में मानव धर्म सबसे श्रेष्ठ धर्म है मानव सेवा ही सच्ची सेवा है प्रकार करना है सच्चा सुख है सच्चा नंद है तथा मानवता में विश्वास करते हुए आगे बढ़ना चाहिए इंसानों की मदद करना चाहिए ऐसे लोगों की जरूरत करना चाहिए पीड़ित लोगों की सेवा करना चाहिए जवाब चाहिए प्रीत हैं मदद करनी चाहिए

aaj ke jamane mein logo ko mana par vishwas karna chahiye insaan hone ke naate manavta hamara dharm hai ki manavta ki seva karna chahiye maanak ki seva karna chahiye prayog karna chahiye logo ke prati simpaithi rakhna chahiye manavta mein vishwas karke hi hum samaj ko aage badha sakte hain vaah 4 00 utha sakte itni bhavnao ko jani bhavna ko vyakt kar sakte hain ek samaj mein acche bhavishya ka nirmaan kar sakte hain toh hamesha manavta mein vishwas karna chahiye sabhi dharmon mein manav dharm sabse shreshtha dharm hai manav seva hi sachi seva hai prakar karna hai saccha sukh hai saccha nand hai tatha manavta mein vishwas karte hue aage badhana chahiye insano ki madad karna chahiye aise logo ki zarurat karna chahiye peedit logo ki seva karna chahiye jawab chahiye prateet hain madad karni chahiye

आज के जमाने में लोगों को मना पर विश्वास करना चाहिए इंसान होने के नाते मानवता हमारा धर्म है

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Rajan Chaudhary

Teacher Motivational Speaker

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आप हमेशा अपने से नीचे वालों को देखिए कि वह कैसे अपनी जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं अगर हमेशा अपने से नीचे वालों को देखोगे तो आपको जिंदगी जीने की प्रेरणा मिलेगी दफन करने की संघर्ष करने की प्रेरणा मिलेगी और दूसरों की मदद करने की प्रेरणा मिलेगी तो मेरा मानना यही है अगर आप मानवता में विश्वास रखना चाहती है तो अपने से ऊपर वालों को कम और नीचे वालों को देखकर हमेशा चलते रहिए जिंदगी हमेशा स्टेबल ले रहेगी कोई ऐसी दिक्कत नहीं आएगी 10 दिन में

aap hamesha apne se niche walon ko dekhie ki wah kaise apni zindagi vyatit kar rahe hain agar hamesha apne se niche walon ko dekhoge toh aapko zindagi jeene ki prerna milegi dafan karne ki sangharsh karne ki prerna milegi aur dusro ki madad karne ki prerna milegi toh mera manana yahi hai agar aap manavta mein vishwas rakhna chahti hai toh apne se upar walon ko kam aur niche walon ko dekhkar hamesha chalte rahiye zindagi hamesha stable le rahegi koi aisi dikkat nahi aayegi 10 din mein

आप हमेशा अपने से नीचे वालों को देखिए कि वह कैसे अपनी जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं अगर हमेशा अप

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

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मानवता कोई विश्वास का केंद्र नहीं है मानवता अपना धर्म है और मानवता जिस इंसान में होती है वह इंसान कभी अपने आचरण से नहीं दिखता मानवता ना कभी मरी है और ना कभी इंसान अपने कर्मों से गिर सकता है और मानवता से नहीं

manavta koi vishwas ka kendra nahi hai manavta apna dharm hai aur manavta jis insaan mein hoti hai wah insaan kabhi apne aacharan se nahi dikhta manavta na kabhi mari hai aur na kabhi insaan apne karmon se gir sakta hai aur manavta se nahi

मानवता कोई विश्वास का केंद्र नहीं है मानवता अपना धर्म है और मानवता जिस इंसान में होती है व

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Sandeep Yadav

Aspiring Journalism

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देखिए मेरे साथ दोनों ही बातें हैं वह घटना पर निर्भर करता है कि जब मुझे लगता है कि मेरे साथ कोई नेगेटिव चीज हो रही है तो मेरा विश्वास डगमगाने लगता है आज मेरे साथ कोई पॉजिटिव चीज होती है तब मेरा विश्वास मानव और बढ़ने भी लगता है जैसे आज के समय में अपराध बहुत तेजी से बढ़ रहा है और लोग लोगों के साथ बहुत तेजी से तेजी से विश्वासघात कर रहे हैं तो मुझे लगता है कि ज्यादातर तो मेरा मानव के ऊपर से विश्वास डगमगा ताहि जा रहा है अभी हाल ही में मेरे एक दोस्त के साथ एक घटना हुई उसी के एक दोस्त ने उसके साथ विश्वासघात किया तो मुझे लगा कि आज के समान है किसी भी मानव के ऊपर विश्वास करने लायक नहीं है सिवाय अपने चाहे वह कितना भी क्लोज हो खासतौर पर दोस्तों से एक परिवार को छोड़कर दूसरा कोई नहीं है हा इसमें एक बात यह भी है कि जरूरी नहीं है कि लोग हम पर भी विश्वास करें अब मन में ऐसा लगने लगा आभास होने लगा है कि ठीक है लोग मुझ पर विश्वास ना करें वह भी चलेगा लेकिन हम भी किसी पर विश्वास नहीं कर सकते आज की दुनिया ऐसी दुनिया हो गई है दूसरी तरफ जब किसी के लिए कोई बहुत अच्छा काम कर देता है तो लगता है कि नहीं आज भी मानव की वजह से ही दुनिया चल रही है कि नहीं लोगों के जैसे दुनिया चल रही है कुछ अच्छे लोग हैं तभी दुनिया चल रही है नहीं तो यह दुनिया नहीं चलती है दुनिया का सर्वनाश हो जाता नमस्कार

dekhie mere saath dono hi batein hain wah ghatna par nirbhar karta hai ki jab mujhe lagta hai ki mere saath koi Negative cheez ho rahi hai toh mera vishwas dagamagaane lagta hai aaj mere saath koi positive cheez hoti hai tab mera vishwas manav aur badhne bhi lagta hai jaise aaj ke samay mein apradh bahut teji se badh raha hai aur log logo ke saath bahut teji se teji se vishvasaghat kar rahe hain toh mujhe lagta hai ki jyadatar toh mera manav ke upar se vishwas dagmaga Tahi ja raha hai abhi haal hi mein mere ek dost ke saath ek ghatna hui usi ke ek dost ne uske saath vishvasaghat kiya toh mujhe laga ki aaj ke saman hai kisi bhi manav ke upar vishwas karne layak nahi hai shivaay apne chahe wah kitna bhi close ho khaasataur par doston se ek parivar ko chhodkar doosra koi nahi hai ha ismein ek baat yeh bhi hai ki zaroori nahi hai ki log hum par bhi vishwas karein ab man mein aisa lagne laga aabhas hone laga hai ki theek hai log mujh par vishwas na karein wah bhi chalega lekin hum bhi kisi par vishwas nahi kar sakte aaj ki duniya aisi duniya ho gayi hai dusri taraf jab kisi ke liye koi bahut accha kaam kar deta hai toh lagta hai ki nahi aaj bhi manav ki wajah se hi duniya chal rahi hai ki nahi logo ke jaise duniya chal rahi hai kuch acche log hain tabhi duniya chal rahi hai nahi toh yeh duniya nahi chalti hai duniya ka sarvanash ho jata namaskar

देखिए मेरे साथ दोनों ही बातें हैं वह घटना पर निर्भर करता है कि जब मुझे लगता है कि मेरे साथ

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Divya

Digital media journalist

1:51
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कुछ दिन पहले मैं दिल्ली में थी वहां में एक पार्टी में गई और सर्दियों के दिन है तो टेंपरेचर बहुत ही कम था काफी ज्यादा ठंड थी और वहां पर मैंने देखा कि बहुत बड़े बड़े लोग आए हुए हैं और उधर मेरी नजर एक लेडी पर गए जो कि वहां पर अपनी फैमिली के साथ आई हुई थी उनके साथ एक छोटा बच्चा भी था जिसका ख्याल रखने के लिए उन्होंने एक अमीर को बाहर रखा हुआ था मुझे देख कर बहुत हैरानी हुई कि जब खाना खाने का टाइम आया तो बोलेगी और उनके बच्चे जो उनका जो छोटा बच्चा था वह सब एक बहुत ही सुंदर और अच्छी सी टेबलेट चेयर पर बैठ कर खाना खा रहे थे पार्टी में लेकिन उनके साथ उनकी मेथी उन्होंने उनको बोला कि वह नीचे जमीन पर बैठ जाए इतनी ठंड में जबकि वह मेड अच्छे से उन्होंने इतने बुलंद कपड़े भी नहीं पहने हुए थे पर उन्होंने उनको ऐसा ट्वीट करें और उनको बोला कि वह नीचे बैठ जाए पार्टी में सब लोग आसपास खाना खा रहे थे इसमें अरे थे लेकिन उन्होंने उस मीट को बोला कि मतलब कुछ भी नहीं खा रही थी वह कुछ भी उठा नहीं रही थी खाने के लिए और यह सब कुछ तब करी थी जब उन्होंने उनके बच्चे को उल्टी खाना खिला दिया था तो मुझे लगता है कि जब इंसान एक दूसरे के बीच में पैसे की बेसिस पर या पावर प्रेस्टीज के बेसिस पर ऐसे ऑफ डिफरेंट सेल ट्रीटमेंट करना शुरू कर देते हैं और एक दूसरे को कैसे ठीक करते हैं तो वह बहुत ही गलत चीज होती है और भगवान ने हम सबको इस पुल बनाया है तो एक दूसरे के साथ इस तरीके से डिसटीटी करना है या इस तंहा का एक डिफरेंट एटीट्यूड मेंटेन करके रखना यह बहुत ही गलत बात है और मुझे लगता है जो मैंने यह चीज देखी तो मुझे रिलाइज हुआ कि मतलब जो शिव मैंने जिसको हम बोलते हैं या मानस था उस पर से मेरा विश्वास उठ गया

kuch din pehle main delhi mein thi wahan mein ek party mein gayi aur sardiyo ke din hai toh temperature bahut hi kam tha kaafi zyada thand thi aur wahan par maine dekha ki bahut bade bade log aaye hue hai aur udhar meri nazar ek lady par gaye jo ki wahan par apni family ke saath I hui thi unke saath ek chota baccha bhi tha jiska khayal rakhne ke liye unhone ek amir ko bahar rakha hua tha mujhe dekh kar bahut hairani hui ki jab khana khane ka time aaya toh bolegi aur unke bacche jo unka jo chota baccha tha vaah sab ek bahut hi sundar aur achi si tablet chair par baith kar khana kha rahe the party mein lekin unke saath unki methi unhone unko bola ki vaah niche jameen par baith jaaye itni thand mein jabki vaah made acche se unhone itne buland kapde bhi nahi pehne hue the par unhone unko aisa tweet kare aur unko bola ki vaah niche baith jaaye party mein sab log aaspass khana kha rahe the isme are the lekin unhone us meat ko bola ki matlab kuch bhi nahi kha rahi thi vaah kuch bhi utha nahi rahi thi khane ke liye aur yah sab kuch tab kari thi jab unhone unke bacche ko ulti khana khila diya tha toh mujhe lagta hai ki jab insaan ek dusre ke beech mein paise ki basis par ya power prestige ke basis par aise of different cell treatment karna shuru kar dete hai aur ek dusre ko kaise theek karte hai toh vaah bahut hi galat cheez hoti hai aur bhagwan ne hum sabko is pool banaya hai toh ek dusre ke saath is tarike se distiti karna hai ya is tanha ka ek different attitude maintain karke rakhna yah bahut hi galat baat hai aur mujhe lagta hai jo maine yah cheez dekhi toh mujhe rilaij hua ki matlab jo shiv maine jisko hum bolte hai ya manas tha us par se mera vishwas uth gaya

कुछ दिन पहले मैं दिल्ली में थी वहां में एक पार्टी में गई और सर्दियों के दिन है तो टेंपरेचर

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रजनीश तिवारी

सामाजिक स्वास्थ्य एवं निःशक्तजन कार्यकर्ता

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जातक लोग झूठ बोलते हैं हमारे सामने हमारी ऐसे हमारे आने बाद हमारे पीठ पीछे बुराई करते हैं इसलिए लोगों से विश्वास

jatak log jhuth bolte hain hamare saamne hamari aise hamare aane baad hamare peeth peeche burayi karte hain isliye logo se vishwas

जातक लोग झूठ बोलते हैं हमारे सामने हमारी ऐसे हमारे आने बाद हमारे पीठ पीछे बुराई करते हैं इ

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Girish Billore Mukul

Government Officer

0:34
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मेरे लिए बहुत पसंद हो कि मानवता के प्रति विश्वास को खो दिया जाए मानवता भिंड गण मौजूद रहती है यानी हमारे डीएनए में उपलब्ध है

mere liye bahut pasand ho ki manavta ke prati vishwas ko kho diya jaye manavta bhind gan maujud rehti hai yani hamare dna mein uplabdh hai

मेरे लिए बहुत पसंद हो कि मानवता के प्रति विश्वास को खो दिया जाए मानवता भिंड गण मौजूद रह

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जी मानवता में मैंने विश्वास खोया नहीं है मानवता में विश्वास और भी है विश्वास के लोग और भी है पर कुछ लोग ऐसे हैं जो मानवता के बारे में छाला पड़ना नहीं चाहते तक सोचना नहीं चाहते सब लोग अपने अपने अपने अपने गोल की तरफ से इसीलिए विश्वास पर नहीं कर पाते हैं लेकिन सही है मानवता में विश्वास रखना चाहिए और विश्वास के लिए से पहले हमको विश्वास करना चाहिए विश्वास जीतने के लिए के दुरुपयोग ना करें तो विश्वास को कोई ऐसी चीज हो जाती है जिसकी वजह से एक बार हमको भरोसा हो गया तो हम लोग मरते दम तक उसका कर सकते लेकिन मैं बीच में कुछ चीज हो गई वह टूट गया तो फिर मुश्किल है

ji manavta mein maine vishwas khoya nahi hai manavta mein vishwas aur bhi hai vishwas ke log aur bhi hai par kuch log aise hain jo manavta ke bare mein chaala padhna nahi chahte tak sochna nahi chahte sab log apne apne apne apne gol ki taraf se isliye vishwas par nahi kar paate hain lekin sahi hai manavta mein vishwas rakhna chahiye aur vishwas ke liye se pehle hamko vishwas karna chahiye vishwas jitne ke liye ke durupyog na karein toh vishwas ko koi aisi cheez ho jati hai jiski wajah se ek baar hamko bharosa ho gaya toh hum log marte dum tak uska kar sakte lekin main beech mein kuch cheez ho gayi wah toot gaya toh phir mushkil hai

जी मानवता में मैंने विश्वास खोया नहीं है मानवता में विश्वास और भी है विश्वास के लोग और भी

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Lokesh kesharwani

Psychologist & Philosopher (Life Coach), Counsellor Of Everything.

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मैंने तो मानो तो मैं विश्वास नहीं खोया मैं जाट धर्म को नहीं मानता मैं समझता हूं कि सभी इंसान एक जैसे होते हैं भगवान ने सभी को बनाया है भगवान ने जाकिया नहीं बनाई हां भाई आपको चाहती हो और आपने में जाति के हो जाए तो इंसान ने बनाई है जो मेरे ख्याल से बिल्कुल भी सही नहीं है इंसान की जाति उनके कर्मों से निर्धारित होती है इंसान जैसा कर्म करेगा उसकी वैसी जाएगी और या फिर जो इंसान जैसा करेगा वैसा भरेगा तो इसमें मानवता ही सब कुछ है मारो तारक मेहता पुत्र माने जाओगे जाओगे

maine toh maano toh main vishwas nahi khoya main jaat dharm ko nahi manata main samajhata hoon ki sabhi insaan ek jaise hote hain bhagwan ne sabhi ko banaya hai bhagwan ne jakiyaa nahi banai haan bhai aapko chahti ho aur aapne mein jati ke ho jaye toh insaan ne banai hai jo mere khayal se bilkul bhi sahi nahi hai insaan ki jati unke karmon se nirdharit hoti hai insaan jaisa karm karega uski waisi jayegi aur ya phir jo insaan jaisa karega waisa bharega toh ismein manavta hi sab kuch hai maaro taarak mehta putra maane jaoge jaoge

मैंने तो मानो तो मैं विश्वास नहीं खोया मैं जाट धर्म को नहीं मानता मैं समझता हूं कि सभी इंस

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दिनेश कुमार

Social Activist/ Electronic And Domestic Appliances Maintenance And Repair

0:30
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मैंने मानवता में विश्वास खोया नहीं है बल्कि मेरा मानवता में विश्वास और ज्यादा प्रगाढ़ हो गया है जब से मेरी पत्नी ने मुझे एक तरह से छोड़ दिया है या अपने से अलग कर दिया है तब से मैंने मानवता देखिए और मानवता को जीने की कोशिश करता हूं और मानवता ही लोगों में जगाने की कोशिश करता हूं क्योंकि हम मानवता कि हमारे देश हमारे समाज में बहुत कमी है जय हिंद जय भारत

maine manavta mein vishwas khoya nahi hai balki mera manavta mein vishwas aur zyada pragadh ho gaya hai jab se meri patni ne mujhe ek tarah se chod diya hai ya apne se alag kar diya hai tab se maine manavta dekhiye aur manavta ko jeene ki koshish karta hoon aur manavta hi logo mein jagaane ki koshish karta hoon kyonki hum manavta ki hamare desh hamare samaj mein bahut kami hai jai hind jai bharat

मैंने मानवता में विश्वास खोया नहीं है बल्कि मेरा मानवता में विश्वास और ज्यादा प्रगाढ़ हो ग

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sanjay bhargav

जय परशुराम

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लेकिन मैंने मानव और मानवता पर विश्वास बिल्कुल नहीं खोया है क्योंकि विश्वास से ही आप सृष्टि चल रही है अगर विश्वास नहीं होता तो व्यक्ति कोई काम में नहीं करता मान लीजिए आप कोई काम करोगे तो आपको विश्वास होगा कि मुझे उस की तनख्वाह जरूर मिलेगी आप मजबूरी करते हो और कोई भी उसमें कार्यालय में जॉब करते हो आपको विश्वास ही तो है कि मेरा महीना पूरा हो जाएगा या दिन के हिसाब से जो भी तुम्हें खुशी मिल जाएगी अभी से बाप के ऊपर आपके पर विश्वास करते हो आप आपकी कौन-कौन विश्वास पात्र हैं और मानवता पर भी विश्वास किसी ने नहीं खोया है एक तो लोग छोड़ देते हैं तो क्या होता है बहुत लोग बुराई मानवता अभी भी है क्योंकि मानवता नहीं होती तो लोग दूसरों की मदद नहीं करते क्या दूसरों की मदद करना मानवता नहीं है

lekin maine manav aur manavta par vishwas bilkul nahi khoya hai kyonki vishwas se hi aap shrishti chal rahi hai agar vishwas nahi hota toh vyakti koi kaam mein nahi karta maan lijiye aap koi kaam karoge toh aapko vishwas hoga ki mujhe us ki tankhvaah zaroor milegi aap majburi karte ho aur koi bhi usme karyalaya mein job karte ho aapko vishwas hi toh hai ki mera mahina pura ho jayega ya din ke hisab se jo bhi tumhe khushi mil jayegi abhi se baap ke upar aapke par vishwas karte ho aap aapki kaun kaun vishwas patra hain aur manavta par bhi vishwas kisi ne nahi khoya hai ek toh log chod dete hain toh kya hota hai bahut log burayi manavta abhi bhi hai kyonki manavta nahi hoti toh log dusro ki madad nahi karte kya dusro ki madad karna manavta nahi hai

लेकिन मैंने मानव और मानवता पर विश्वास बिल्कुल नहीं खोया है क्योंकि विश्वास से ही आप सृष्टि

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मानवता में विश्वास को देना इस प्रकार है जैसे आत्महत्या कर लेना क्योंकि जो मानवता को देता है तो मानवता में वह कहीं अलग से नहीं रहता माता के अंतर्गत आता है उसका श्रम का नाश हो जाता है जो मानवता को देता है और एसएमएस भी कर नहीं सकता मैंने मानवता विश्वास नहीं रखता हूं

manavta mein vishwas ko dena is prakar hai jaise atmahatya kar lena kyonki jo manavta ko deta hai toh manavta mein wah kahin alag se nahi rehta mata ke antargat aata hai uska shram ka naash ho jata hai jo manavta ko deta hai aur SMS bhi kar nahi sakta maine manavta vishwas nahi rakhta hoon

मानवता में विश्वास को देना इस प्रकार है जैसे आत्महत्या कर लेना क्योंकि जो मानवता को देता

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मस्कारा का सवाल है अपने मन होता में विश्वास कैसे और क्यों खो दिया जब आदमी किसी को पूरी तरह विश्वास रहता है विश्वास करता है और वो आदमी धोखा देता है तो हमें उसी आदमी से नहीं पूरे मानव जाति पर से ही विश्वास उठ जाता है लेकिन यह सोचना एक करना गलत है क्योंकि आपके साथ कोई गलत कर रहा है तो इसका मतलब यह नहीं कि आप प्रिय मनोज से आप विश्वास करना छोड़ दे या किसी और के साथ आप गलत करना शुरू कर दे गलत है आप किसी से स्टेट ही क्यों करते हैं कि आप उम्मीद थी आप किसी को उम्मीद नहीं करें कि आप सोच रहे हैं कि आपको वह करेगा ही नहीं ऐसा नहीं सोचना चाहिए अब अपने आप पर विश्वास रखे हैं कि आप एक खुश से कर सकते हैं आप किसी पर डिबेट नहीं रही है नहीं तो डिविडेंड से होता है कि हम उसी आदमी को डिपेंड्रा जाते हैं और हम खुद अपने आप से कुछ नहीं कर पाते हैं और जब हम को किसी आदमी विश्वास करते हो समय आने पर साथ नहीं देता है तो हमारा विश्वास टूट जाता है तो हमें ऐसा लगता है कि पूरा मानो खराब है अपने मनाता सही विश्वास उठ जाता है तो हम गलत कदम उठा लेते हैं तो ऐसे नहीं करना चाहिए

mascara ka sawaal hai apne man hota mein vishwas kaise aur kyon kho diya jab aadmi kisi ko puri tarah vishwas rehta hai vishwas karta hai aur vo aadmi dhokha deta hai toh hamein usi aadmi se nahi poore manav jati par se hi vishwas uth jata hai lekin yah sochna ek karna galat hai kyonki aapke saath koi galat kar raha hai toh iska matlab yah nahi ki aap priya manoj se aap vishwas karna chod de ya kisi aur ke saath aap galat karna shuru kar de galat hai aap kisi se state hi kyon karte hain ki aap ummid thi aap kisi ko ummid nahi kare ki aap soch rahe hain ki aapko vaah karega hi nahi aisa nahi sochna chahiye ab apne aap par vishwas rakhe hain ki aap ek khush se kar sakte hain aap kisi par debate nahi rahi hai nahi toh dividend se hota hai ki hum usi aadmi ko dipendra jaate hain aur hum khud apne aap se kuch nahi kar paate hain aur jab hum ko kisi aadmi vishwas karte ho samay aane par saath nahi deta hai toh hamara vishwas toot jata hai toh hamein aisa lagta hai ki pura maano kharab hai apne manata sahi vishwas uth jata hai toh hum galat kadam utha lete hain toh aise nahi karna chahiye

मस्कारा का सवाल है अपने मन होता में विश्वास कैसे और क्यों खो दिया जब आदमी किसी को पूरी तरह

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Dr. Dipak

sex specialist, Physiotherapist

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देखिए 14 लोगों में ऐसा होता है कि अगर मैं किसी का अच्छा करता हूं तो मेरे साथ बुरा क्यों होता है जो उसकी महाभारत का की बात कर लीजिए अंगराज कर्ण सूर्यपुत्र कांड के महारथियों की महादेवी की योद्धा थे उनके मरने का कोई कारण नहीं था मतलब क्यों उनको मारा नहीं जा सकता खान एकदम दानी थे पर्याप्त जाने वाले थे लेकिन फिर भी उनको मरना पड़ा मादा विश्वास खो दिया है ऐसे अच्छे अच्छे लोगों को भी उनकी थोड़ी-थोड़ी बोलोगे गाना चलाना पड़ता है तुम्हें ऐसे ही इंसान होता है जब उन्होंने ऐसा पूछा कि मैं मैंने कभी किसी का बुरा नहीं किया तो फिर मैं क्यों मर रहा हूं तो भगवान कृष्ण ने पूछा किसी ने किया क्या आपने भी अपने जीवन काल में ऐसी से बोलेगी है जो कुछ बोल आपकी भूलवश हुई है उसको मैं कुछ किया नहीं बल्कि उन्होंने अंसारी को इस तरह से हम मान रहे थे स्वीकारो सबसे बड़ी भूल देवगन की वह बोलते हैं कि अच्छे लोगों के साथ ही बुरा क्यों होता है तब यह क्या क्या भगवान कृष्ण ने जवाब देते हैं कि स्वर्ण सोना जो होता है उसे सोने को ही तपाया जाता है आंखें पट्टी में और किसी को नहीं सभा तथा ज्यादा थी जब वह तब तब तब वह और भी चमकता है ऐसे ही इंसान होता है जब होता है तो अपने आप ही और भी हो चमकता है इंसान से भी यही पकड़ के बैठ जाता है मुझे मानवता है तो फिर मैं किसी का अच्छा करो तो सामने सेक्स करता हूं क्या तुम मेरे साथ ऐसा करें कि मैं तेरे से जरुरी नहीं है कर्म का फल का कर्म करो फल कैसे ना रखो आप जैसा करोगे वैसा भरोगे और समय आने पर मेरी बात अच्छी लगे होंगे

dekhiye 14 logo mein aisa hota hai ki agar main kisi ka accha karta hoon toh mere saath bura kyon hota hai jo uski mahabharat ka ki baat kar lijiye angaraj karn suryaputra kaand ke maharthiyon ki mahadevi ki yodha the unke marne ka koi karan nahi tha matlab kyon unko mara nahi ja sakta khan ekdam Dani the paryapt jaane waale the lekin phir bhi unko marna pada mada vishwas kho diya hai aise acche acche logo ko bhi unki thodi thodi bologe gaana chalana padta hai tumhe aise hi insaan hota hai jab unhone aisa poocha ki main maine kabhi kisi ka bura nahi kiya toh phir main kyon mar raha hoon toh bhagwan krishna ne poocha kisi ne kiya kya aapne bhi apne jeevan kaal mein aisi se bolegi hai jo kuch bol aapki bhulavash hui hai usko main kuch kiya nahi balki unhone ansari ko is tarah se hum maan rahe the swikaro sabse baadi bhool devgan ki vaah bolte hai ki acche logo ke saath hi bura kyon hota hai tab yah kya kya bhagwan krishna ne jawab dete hai ki swarn sona jo hota hai use sone ko hi tapaya jata hai aankhen patti mein aur kisi ko nahi sabha tatha zyada thi jab vaah tab tab tab vaah aur bhi chamakta hai aise hi insaan hota hai jab hota hai toh apne aap hi aur bhi ho chamakta hai insaan se bhi yahi pakad ke baith jata hai mujhe manavta hai toh phir main kisi ka accha karo toh saamne sex karta hoon kya tum mere saath aisa kare ki main tere se zaroori nahi hai karm ka fal ka karm karo fal kaise na rakho aap jaisa karoge waisa bharoge aur samay aane par meri baat achi lage honge

देखिए 14 लोगों में ऐसा होता है कि अगर मैं किसी का अच्छा करता हूं तो मेरे साथ बुरा क्यों हो

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Deepti

12 pass out

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यह आज यह सवाल है आपने मानवता में विश्वास कैसे और क्यों खो दिया हंस की दुनिया में हम देखते हैं क्या हम छोटे-छोटे बच्चों के साथ किस तरीके से बीएफ किया जाता है और लड़कियां तो बिल्कुल भी सेव नहीं है इसलिए मुझे विश्वास नहीं होता कि मैं जिस इंसान से रास्ता भी पूछ रही हूं तो क्या वह इंसान मुझे रास्ता सही बता रहा है या गलत बता रहा है क्योंकि हमारी जो रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे उतार-चढ़ाव हो रहे हैं और लड़कियों के साथ जिस तरीके का बीएफ किया जा रहा है जो बिल्कुल भी अनकंडीशनल है और जब कभी सोच नहीं सकते इसकी वजह से हम ने मारा था सिर्फ राशि को दिया और मुझे लगता है कि हमें अपनी लाइफ में किसी भी ऐसे इंसान पर विश्वास नहीं करना चाहिए जो कि हमें कभी भी और कहीं भी धोखा दे दे और कोई भी नुकसान पहुंचाए तो हमेशा हमें अलर्ट रहना चाहिए और सोच समझ कर चलना चाहिए अभी लाइफ में

yeh aaj yeh sawal hai aapne manavta mein vishwas kaise aur kyon kho diya hans ki duniya mein hum dekhte kya hum chote chhote baccho ke saath kis tarike se bf kiya jata hai aur ladkiyan toh bilkul bhi save nahi hai isliye mujhe vishwas nahi hota ki main jis insaan se rasta bhi puch rahi hoon toh kya wah insaan mujhe rasta sahi bata raha hai ya galat bata raha hai kyonki hamari jo rozmarra ki zindagi mein aise utar chadhav ho rahe hain aur ladkiyon ke saath jis tarike ka bf kiya ja raha hai jo bilkul bhi unconditional hai aur jab kabhi soch nahi sakte iski wajah se hum ne mara tha sirf rashi ko diya aur mujhe lagta hai ki humein apni life mein kisi bhi aise insaan par vishwas nahi karna chahiye jo ki humein kabhi bhi aur kahin bhi dhokha de de aur koi bhi nuksan pahunchaye toh hamesha humein alert rehna chahiye aur soch samajh kar chalna chahiye abhi life mein

यह आज यह सवाल है आपने मानवता में विश्वास कैसे और क्यों खो दिया हंस की दुनिया में हम देखते

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मैंने मानवता में विश्वास इसीलिए खो दिया क्योंकि वह मानव में दिखाई ही नहीं देता मानव में सिर्फ हवस और अंतर दिखाई देता है

maine manavta mein vishwas isliye kho diya kyonki vaah manav mein dikhai hi nahi deta manav mein sirf hawas aur antar dikhai deta hai

मैंने मानवता में विश्वास इसीलिए खो दिया क्योंकि वह मानव में दिखाई ही नहीं देता मानव में सि

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देखो आज मानवता पर विश्वास करना और खोना यह सबसे बेहतर बातें के सामने वाले का विश्वास या मन उनका मन जितना मतलब जितना उनका मन याद दिला पुणे जीत लिया मान लो कि वह उनका अपने पर पूरा 100 तक का से हंड्रेड तक का भरोसा है और दूसरा विश्वास तोड़ना किसी आप अपनी एक झूठ के वजह से या किसी एक प्रॉब्लम की वजह से सामने वाले भरोसा तोड़ देना मतलब उसे झूठ बोलना उस पर झूठ बोलकर 11 उसे ऐसा दिलाना नहीं यह सच है नहीं हमें किया यह उसे झूठ बोलकर एहसास दिलाना यह उसका विश्वास तोड़ देता है

dekho aaj manavta par vishwas karna aur khona yeh sabse behtar batein ke saamne wale ka vishwas ya man unka man jitna matlab jitna unka man yaad dila pune jeet liya maan lo ki wah unka apne par pura 100 tak ka se hundred tak ka bharosa hai aur doosra vishwas todna kisi aap apni ek jhuth ke wajah se ya kisi ek problem ki wajah se saamne wale bharosa tod dena matlab use jhuth bolna us par jhuth bolkar 11 use aisa dilana nahi yeh sach hai nahi humein kiya yeh use jhuth bolkar ehsaas dilana yeh uska vishwas tod deta hai

देखो आज मानवता पर विश्वास करना और खोना यह सबसे बेहतर बातें के सामने वाले का विश्वास या मन

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किसने कहा हमने मानवता से अपना विश्वास खो दिया ऐसा कुछ नहीं होता है कुछ असामाजिक तत्व के लोग होते हैं जो दूसरे लोगों के और पाश्चात्य संस्कृति के देखा देख अपने प्यारे हिंदुस्तान को बर्बाद करते हैं और हमारी संस्कृति के विरुद्ध जाते हैं जैसा कि आज के योगेंद्र एक्सीडेंट सड़क पर होता है और लोग वीडियो बनाने में व्यस्त रहते हैं ना कि उसे उठाकर हॉस्पिटल ले जाने में हालांकि सभी लोग ऐसा नहीं होते हैं कुछ लोग अच्छे भी होते हैं

kisne kaha humne manavta se apna vishwas kho diya aisa kuch nahi hota hai kuch asamajik tatva ke log hote hain jo dusre logo ke aur pashchayat sanskriti ke dekha dekh apne pyare Hindustan ko barbad karte hain aur hamari sanskriti ke viruddh jaate hain jaisa ki aaj ke yogendra accident sadak par hota hai aur log video banane mein vyast rehte hain na ki use uthaakar hospital le jaane mein halaki sabhi log aisa nahi hote hain kuch log acche bhi hote hain

किसने कहा हमने मानवता से अपना विश्वास खो दिया ऐसा कुछ नहीं होता है कुछ असामाजिक तत्व के ल

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