आपके अनुसार भारत के विभाजन के लिए कौन जिम्मेदार था?...


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Rajveer

Career Counselor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत विभाजन के लिए बताना चाहूंगा सांप्रदायिक हिंसा सबसे ज्यादा जिम्मेदार थे जिन्होंने हिंदू मुस्लिमों को अलग-अलग विभाजित किया था उनके मन में यह भय हो गया कि हिंदू बहुत सनकी हैं जो अल्पसंख्यक मुस्लिमों के लिए खतरा उत्पन्न हो जाएंगे

bharat vibhajan ke liye bataana chahunga sampradayik hinsa sabse zyada zimmedar the jinhone hindu muslimo ko alag alag vibhajit kiya tha unke man mein yah bhay ho gaya ki hindu bahut sanaki hain jo alpsankhyak muslimo ke liye khatra utpann ho jaenge

भारत विभाजन के लिए बताना चाहूंगा सांप्रदायिक हिंसा सबसे ज्यादा जिम्मेदार थे जिन्होंने हिंद

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सर्वप्रथम तो देश के बंटवारे की पूरी जिम्मेदारी अंग्रेजों की जाती है क्योंकि एकमात्र भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर देश में जितने भी दल बने हैं सब के संस्थापक कहीं न कहीं अंग्रेजी रहे हैं चाहे वह कांग्रेस हो जाए कम्युनिस्ट पार्टी हो जाए सोशलिस्ट हो कहीं न कहीं अंग्रेजों का ही योगदान रहा है और देश को हिंदू मुस्लिम के आधार पर विभाजित करने के लिए अंतिम दोनों वास राय ने चाहे वह कर्जन हो या फिर मिंटू हो इन दोनों ने सुनियोजित तरीके से काम करना शुरू कर दिया था और देश को आजाद करने से पहले एक बहुत ठोस और कभी ना दूर हो पाने वाली ऐसी खाई पैदा कर दी हिंदू मुस्लिम के बीच में किस का दंश आज भी भारत और पाकिस्तान खेल रहे हैं बावजूद इसके कि भारत के शादी में हिंदू और मुसलमान मिलकर एक साथ अंग्रेजों के खिलाफ लड़े थे लेकिन दोषपूर्ण तरीके से विकृत तरीकों को अपनाकर देश की बागडोर एक ऐसे व्यक्ति के हाथ में सौंपी गई चाहे वह भारत हो चाहे वह पाकिस्तान हो जो दोनों देशों के लिए स्वीकार्य नहीं थे चाहे उनकी जीवनशैली हो जन्म की मानसिकता हो चाय विचारधारा हो भारत में जवाहरलाल नेहरू को स्वीकार करने के लिए उनकी कांग्रे स्वयं तैयार नहीं थी सरदार वल्लभ भाई पटेल को पीछे हटा कर अंग्रेजों की ताकत के बल पर नेहरू जी ने ब्लैकमेल को अपना हथियार बनाकर देश की सत्ता हासिल की फल स्वरुप आज भी उस का दंश झेल रहा है और कहीं न कहीं सारी समस्याओं के मूल में सत्ता का वही हस्तांतरण रहा है अन्यथा देश की स्थिति

sarvapratham toh desh ke batware ki puri jimmedari angrejo ki jaati hai kyonki ekmatra bharatiya janta party ko chhodkar desh mein jitne bhi dal bane hain sab ke sansthapak kahin na kahin angrezi rahe hain chahen vaah congress ho jaaye communist party ho jaaye socialist ho kahin na kahin angrejo ka hi yogdan raha hai aur desh ko hindu muslim ke aadhaar par vibhajit karne ke liye antim dono was rai ne chahen vaah karjan ho ya phir mintu ho in dono ne suniyojit tarike se kaam karna shuru kar diya tha aur desh ko azad karne se pehle ek bahut thos aur kabhi na dur ho paane wali aisi khai paida kar di hindu muslim ke beech mein kis ka dansh aaj bhi bharat aur pakistan khel rahe hain bawajud iske ki bharat ke shadi mein hindu aur musalman milkar ek saath angrejo ke khilaf lade the lekin doshpurn tarike se vikrit trikon ko apnakar desh ki baghdor ek aise vyakti ke hath mein saumpi gayi chahen vaah bharat ho chahen vaah pakistan ho jo dono deshon ke liye svikarya nahi the chahen unki jeevan shaili ho janam ki mansikta ho chai vichardhara ho bharat mein jawaharlal nehru ko sweekar karne ke liye unki kangre swayam taiyar nahi thi sardar vallabh bhai patel ko peeche hata kar angrejo ki takat ke bal par nehru ji ne blackmail ko apna hathiyar banakar desh ki satta hasil ki fal swarup aaj bhi us ka dansh jhel raha hai aur kahin na kahin saree samasyaon ke mul mein satta ka wahi hastantaran raha hai anyatha desh ki sthiti

सर्वप्रथम तो देश के बंटवारे की पूरी जिम्मेदारी अंग्रेजों की जाती है क्योंकि एकमात्र भारतीय

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हेलो फ्रेंड्स आप के क्वेश्चन कि आप के अनुसार भारत के विभाजन के लिए कौन जिम्मेदार था तो भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार इसमें कुछ मुख्य लोग हैं मैं सबसे पहले अपने आदरणीय और जिसको बापू के नाम से पुकारते हैं महात्मा गांधी जी भी है जवाहरलाल नेहरू भी है और मोहम्मद अली जिन्ना गई है मोहम्मद अली जिन्ना ने जब मुस्लिम लीग की स्थापना की थी तो यह एक पहल संस्था थी जो कांग्रेस के साथ चलती थी इसके को इस की मीटिंग एक साथ हुआ करती थी इनके विचार भी सेम थे लेकिन आगे चलकर जवाहरलाल नेहरू को महात्मा गांधी कहीं ना कहीं कुछ ज्यादा वरीयता देने लगे थे जिसके कारण से अंबेडकर अली जिन्ना और कई सारे लीडर गांधीजी से धीरे-धीरे नफरत करने लगे थे जबकि वही जिंदा 1940 के बाद वह कांग्रेसी अलग होते हैं उनके विचारों से अलग होते हैं उसके पहले ऐसी कोई बात नहीं थी मैं भी एक सामान्य भाषा में कहा जाए या धर्म प्रथम प्रधानमंत्री देश आजादी के बाद हम जिन्ना को ही बना देते तो क्या प्रॉब्लम होती है तो कहीं ना कहीं भारत के विभाजन में और भारत की स्थिति डामाडोल करने में कांग्रेस का बहुत बड़ा हाथ था और गांधी जी का अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी सुनना भी गलत था गांधी जी कहीं भी होंगे कहीं भी जन्म लिए होंगे उन्हें इस चीज को लेकर आज भी कष्ट होगा गांधी की ओर यूज किए गए थे ओके बेस्ट ऑफ लक

hello friends aap ke question ki aap ke anusaar bharat ke vibhajan ke liye kaun zimmedar tha toh bharat ke vibhajan ke liye zimmedar isme kuch mukhya log hain main sabse pehle apne adaraniya aur jisko bapu ke naam se pukarte hain mahatma gandhi ji bhi hai jawaharlal nehru bhi hai aur muhammad ali jinnah gayi hai muhammad ali jinnah ne jab muslim league ki sthapna ki thi toh yah ek pahal sanstha thi jo congress ke saath chalti thi iske ko is ki meeting ek saath hua karti thi inke vichar bhi same the lekin aage chalkar jawaharlal nehru ko mahatma gandhi kahin na kahin kuch zyada variyata dene lage the jiske karan se ambedkar ali jinnah aur kai saare leader gandhiji se dhire dhire nafrat karne lage the jabki wahi zinda 1940 ke baad vaah congressi alag hote hain unke vicharon se alag hote hain uske pehle aisi koi baat nahi thi main bhi ek samanya bhasha mein kaha jaaye ya dharm pratham pradhanmantri desh azadi ke baad hum jinnah ko hi bana dete toh kya problem hoti hai toh kahin na kahin bharat ke vibhajan mein aur bharat ki sthiti damadol karne mein congress ka bahut bada hath tha aur gandhi ji ka apna raajnitik uttradhikari sunana bhi galat tha gandhi ji kahin bhi honge kahin bhi janam liye honge unhe is cheez ko lekar aaj bhi kasht hoga gandhi ki aur use kiye gaye the ok best of luck

हेलो फ्रेंड्स आप के क्वेश्चन कि आप के अनुसार भारत के विभाजन के लिए कौन जिम्मेदार था तो भार

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Kinnari Raval

Singer-Artist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इतना नहीं यही है कि पार्टी टाइम जवाहरलाल नेहरू कंपटीशन नीर का और यह सब कंप्लीट हो सकता था ईयर हो सकता था वह जानबूझकर उन लोगों ने यह क्लियर नहीं होने दिया है मैं उन लोगों की उस समय का जो माहौल उस समय यह करने के मतलब क्या होगा उनका वह मैं समझ नहीं पाया करने का तरीका हिंदू मुस्लिम का किया है और अगर एक हो जाएगा तो देश आगे बढ़ जाएगा जो अंग्रेजों की पहली नीति रही थी और लालू और राज करो तुम लोगों ने अपनाया है मेरे में कभी कोई अपने लड़के हुए नहीं देखा होगा मरते हुए नहीं देखा होगा यदि यह राम का मुद्दा उठाएंगे यह पुराना मुद्दा उठाएंगे यह मीटिंग के लिए अपना कोई भी मुद्दा उठाएंगे

itna nahi yahi hai ki party time jawaharlal nehru competition neer ka aur yah sab complete ho sakta tha year ho sakta tha vaah janbujhkar un logo ne yah clear nahi hone diya hai un logo ki us samay ka jo maahaul us samay yah karne ke matlab kya hoga unka vaah main samajh nahi paya karne ka tarika hindu muslim ka kiya hai aur agar ek ho jaega toh desh aage badh jaega jo angrejo ki pehli niti rahi thi aur lalu aur raj karo tum logo ne apnaya hai mere mein kabhi koi apne ladke hue nahi dekha hoga marte hue nahi dekha hoga yadi yah ram ka mudda uthayenge yah purana mudda uthayenge yah meeting ke liye apna koi bhi mudda uthayenge

इतना नहीं यही है कि पार्टी टाइम जवाहरलाल नेहरू कंपटीशन नीर का और यह सब कंप्लीट हो सकता था

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Vikas Singh

Political Analyst

1:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारे अनुसार भारत के विभाजन के लिए सबसे बड़ा जिम्मेदार कोई था तो वह कांग्रेस पार्टी थी कांग्रेस पार्टी ने ऐसा विभाजन किया हमारे देश में ऐसा नफरत की भावना पैदा की हमारे देश में सांप्रदायिक ता का ऐसा जहर फैल आया जिसका आज भी हम लोग भुगतान भुगत रहे हैं और पूरे देशवासी भुगतान भुगत रहे हैं 70 सालों में कांग्रेस पार्टी ने हमारे देश को लूटा है महात्मा गांधी जी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है जब पाकिस्तान और भारत आजाद हुआ तो पास पाकिस्तान को मुस्लिम कंट्री बनाना चाहिए वहां पर मुसलमानों को बताना चाहिए था और हिंदुस्तान में हिंदू कंट्री बनाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ महात्मा गांधी जी ने बोला कि जो जो मुसलमान भाई रुकना चाहते हैं वह रुक सकते हैं मुसलमानों को यहां पर रुकना नहीं चाहिए था अगर मुसलमान आज भारत में नहीं रुकते तो हमारा देश आज बहुत पावरफुल होता है दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश होता और आज भी हमारे देश को सोने की चिड़िया कहते तो कॉन्ग्रेस पार्ट इसके जिम्मेदार है और कांग्रेस पार्टी से हम सभी देशवासियों को बदला लेना होगा क्योंकि 70 सालों में कांग्रेस पार्टी ने किसानों का अधिकार उन्हें नहीं दिया गरीबों को उनका अधिकार नहीं मिला और हमारे देश में भ्रष्टाचार का बढ़ावा दिया कांग्रेस पार्टी ने तो आइए 2019 का चुनाव नजदीक है हमें भ्रमित होने की जरूरत नहीं है अपना महत्वपूर्ण वोट भारतीय जनता पार्टी को दें ताकि मोदी जी हमारे देश के प्रधानमंत्री बन सके और हमारे देश से भ्रष्टाचार का खात्मा कर सके हमारे देश को आगे बढ़ा सकें और हमारे देश से पूरी तरह से कांग्रेस का खात्मा कर सके धन्यवाद

hamare anusaar bharat ke vibhajan ke liye sabse bada zimmedar koi tha toh vaah congress party thi congress party ne aisa vibhajan kiya hamare desh mein aisa nafrat ki bhavna paida ki hamare desh mein sampradayik ta ka aisa zehar fail aaya jiska aaj bhi hum log bhugtan bhugat rahe hain aur poore deshvasi bhugtan bhugat rahe hain 70 salon mein congress party ne hamare desh ko loota hai mahatma gandhi ji ka bhi mahatvapurna yogdan raha hai jab pakistan aur bharat azad hua toh paas pakistan ko muslim country banana chahiye wahan par musalmanon ko bataana chahiye tha aur Hindustan mein hindu country banana chahiye tha lekin aisa nahi hua mahatma gandhi ji ne bola ki jo jo muslim bhai rukna chahte hain vaah ruk sakte hain musalmanon ko yahan par rukna nahi chahiye tha agar muslim aaj bharat mein nahi rukte toh hamara desh aaj bahut powerful hota hai duniya ka sabse shaktishali desh hota aur aaj bhi hamare desh ko sone ki chidiya kehte toh congress part iske zimmedar hai aur congress party se hum sabhi deshvasiyon ko badla lena hoga kyonki 70 salon mein congress party ne kisano ka adhikaar unhe nahi diya garibon ko unka adhikaar nahi mila aur hamare desh mein bhrashtachar ka badhawa diya congress party ne toh aaiye 2019 ka chunav nazdeek hai hamein bharmit hone ki zarurat nahi hai apna mahatvapurna vote bharatiya janta party ko de taki modi ji hamare desh ke pradhanmantri ban sake aur hamare desh se bhrashtachar ka khatma kar sake hamare desh ko aage badha sake aur hamare desh se puri tarah se congress ka khatma kar sake dhanyavad

हमारे अनुसार भारत के विभाजन के लिए सबसे बड़ा जिम्मेदार कोई था तो वह कांग्रेस पार्टी थी कां

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धर्मदेव सिंह भाटी

कुश्ती प्रशिक्षक

0:09
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भारत के विभाजन के लिए मुख्य रूप से महात्मा गांधी मोहम्मद अली जिन्नाह पंडित जवाहरलाल नेहरू जिम्मेदार है

bharat ke vibhajan ke liye mukhya roop se mahatma gandhi muhammad ali jinnah pandit jawaharlal nehru zimmedar hai

भारत के विभाजन के लिए मुख्य रूप से महात्मा गांधी मोहम्मद अली जिन्नाह पंडित जवाहरलाल नेहरू

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इस कदर भारत और पाकिस्तान के बंटवारे का गदर मचा था वह एक सोची-समझी साजिश थी अंग्रेजों की लेकिन इतने हमारे देश के हिंदू और मुसलमान किस तरह पर उन्होंने वर्गीकरण कर दिया था जो अलग-अलग देशों की मांग कर रहे थे इस विभाजन के लिए ज्यादा जिम्मेदार महात्मा गांधी और जिन्ना को मानता हूं अगर हमने तालमेल होता तो आज हमें बहुत शक्तिशाली देश के रूप में महाशक्ति बन कर खड़े होते और हिंदू और मुसलमान दोनों का भेदभाव खत्म हो जाता और मिलकर संघर्ष करते हमारे देश की उन्नति और दिन दुगनी रात चौगुनी होती

is kadar bharat aur pakistan ke batware ka gadar macha tha vaah ek sochi samjhi saajish thi angrejo ki lekin itne hamare desh ke hindu aur musalman kis tarah par unhone vargikaran kar diya tha jo alag alag deshon ki maang kar rahe the is vibhajan ke liye zyada zimmedar mahatma gandhi aur jinnah ko manata hoon agar humne talmel hota toh aaj hamein bahut shaktishali desh ke roop mein mahashakti ban kar khade hote aur hindu aur musalman dono ka bhedbhav khatam ho jata aur milkar sangharsh karte hamare desh ki unnati aur din dugni raat chauguni hoti

इस कदर भारत और पाकिस्तान के बंटवारे का गदर मचा था वह एक सोची-समझी साजिश थी अंग्रेजों की ले

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Rani Silotia

Indian Politician

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गाने

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Suraj Kumar Gupta

Educator, Speaker, Spiritual

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आप लोगों ने कई लोगों के जवाब सुने होंगे इस विषय पर और काफी लोगों ने अच्छा भी बोला है लेकिन एक बात हमेशा याद रखे कि इतने बड़े देश में जिस में इतनी सांस्कृतिक समानता और भिन्नता है दोनों एक ही समय पर थी उसको विभाजित करना किसी एक व्यक्ति विशेष के हाथ में नहीं था यह विभाजित हुआ लोगों की सोच की वजह से ही मानता हूं कि नेता हैं लोग सोच को परिवर्तित करते हैं लेकिन जो जातिवाद की भावनाएं ठीक है जो संप्रदाय भावनाएं हम लोगों के अंदर थी लेकिन जैसे आप तो देखो बीबीसी की एक रिपोर्ट आई थी बीबीसी का एक बहुत ही अच्छा पार्टीशन के ऊपर एपिसोड है उसमें लिखा हुआ है कि किस तरह से हिंदू लोग थे वह मुस्लिम्स के घर का खाना नहीं खाते थे और किस तरह से मुस्लिम को अपने किचन में नहीं आने देते थे लाहौर का एक इंसीडेंट एक केस स्टडी उन्होंने लिया है और मुस्लिम सभी हिंदुओं के साथ कुछ ज्यादा घुलना मिलना पसंद नहीं करते थे क्योंकि जैसा माहौल क्रिएट हुआ था मुस्लिम लिखकर बनने से और जब से 1937 के जो इलेक्शन हुए थे उस समय कांग्रेस ने उतना सपोर्ट नहीं किया था मुस्लिम लीग को और मिलजुलकर सरकार नहीं बनाई थी धीरे-धीरे यह लगता था कि अगर पॉलीटिकल रिप्रेजेंटेशन आता है ठीक है तो जैसे नहीं गवर्मेंट बनती है कोई देश बनता है तो पॉलीटिकल रिप्रेजेंटेशन में मुसलमानों को हिंदुओं पर भरोसा नहीं रह गया तो हिंदुओं को मुसलमानों पर भरोसा नहीं रह गया था तो हमारे अंदर का जो परस्पर विश्वास था वह सबसे बड़ा कारण था विभाजन का ठीक है इसे आज के समय में आप देखते हो काफी लोग अपने भाइयों से भी विभाजित हो जाते काफी लोग अपने माता पिता से विभाजित हो जाते हैं तो वह क्या होता है वह बेचारी के मतभेद भी वैचारिक मतभेद एक बड़े स्तर पर आप देखिए तो वह देश के स्तर पर जब था तो हमारा देश विभाजित हुआ था आशा करता हूं आपको यह जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

aap logo ne kai logo ke jawab sune honge is vishay par aur kaafi logo ne accha bhi bola hai lekin ek baat hamesha yaad rakhe ki itne bade desh mein jis mein itni sanskritik samanata aur bhinnata hai dono ek hi samay par thi usko vibhajit karna kisi ek vyakti vishesh ke hath mein nahi tha yah vibhajit hua logo ki soch ki wajah se hi manata hoon ki neta hain log soch ko parivartit karte hain lekin jo jaatiwad ki bhaavnaye theek hai jo sampraday bhaavnaye hum logo ke andar thi lekin jaise aap toh dekho bbc ki ek report I thi bbc ka ek bahut hi accha partition ke upar episode hai usme likha hua hai ki kis tarah se hindu log the vaah Muslims ke ghar ka khana nahi khate the aur kis tarah se muslim ko apne kitchen mein nahi aane dete the lahore ka ek insident ek case study unhone liya hai aur muslim sabhi hinduon ke saath kuch zyada ghulna milna pasand nahi karte the kyonki jaisa maahaul create hua tha muslim likhkar banne se aur jab se 1937 ke jo election hue the us samay congress ne utana support nahi kiya tha muslim league ko aur miljulakar sarkar nahi banai thi dhire dhire yah lagta tha ki agar political riprejenteshan aata hai theek hai toh jaise nahi government banti hai koi desh baata hai toh political riprejenteshan mein musalmanon ko hinduon par bharosa nahi reh gaya toh hinduon ko musalmanon par bharosa nahi reh gaya tha toh hamare andar ka jo paraspar vishwas tha vaah sabse bada karan tha vibhajan ka theek hai ise aaj ke samay mein aap dekhte ho kaafi log apne bhaiyo se bhi vibhajit ho jaate kaafi log apne mata pita se vibhajit ho jaate hain toh vaah kya hota hai vaah bechari ke matbhed bhi vaicharik matbhed ek bade sthar par aap dekhiye toh vaah desh ke sthar par jab tha toh hamara desh vibhajit hua tha asha karta hoon aapko yah jawab pasand aaya hoga dhanyavad

आप लोगों ने कई लोगों के जवाब सुने होंगे इस विषय पर और काफी लोगों ने अच्छा भी बोला है लेकिन

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ganesh pazi

Motivator

2:01
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1947 में भारत आजाद हुआ 1950 में आकर संविधान बना दर्शन पूर्ण स्वतंत्रता भारत भारती प्रकाशन 1950 के बागी नेता तब तक इस देश में गवर्नर ब्रिटेन का डिटेल कहां से इतना बड़े देश जा रहा था उसने की योजना बनाई और जिन्ना जैसे लोगों को पैदा किया जिन्होंने विभाजन की मांग की बहुत सारे विकल्प खुले की चेस्टर की गयी उस समय नेहरू और पटेल जो भारत को एक ही चीज करने में लगे हुए हैं ऐसे में यह प्रश्न जब आया और साथ में कश्मीर को भी प्रश्न आए तो मजबूरी है सी की गवर्नर का दबाव इनके ऊपर से अगर चाहते तुम ही से 50 के बाद हम आजादी देंगे ऐसा कर दे मैं वहां पर भी एक चक्कर कितना देरी करते उसने ही देश नुकसान में रहता बस यही भी विभाजन की प्रक्रिया अंग्रेजों की इशारे पर और दबाव में शुरू हुई तब मजबूर हो गए नेहरू पटेल दोनों निर्णय लेना पड़ा रे बापू गांधी की तो वह कहीं से भी किसी भी कोने से कभी भी कदापि नहीं चाहते थे हिंदू मुस्लिम अलग अलग देश बनाने दुर्भाग्य है कि चनिया स्किन की प्रॉब्लम लगाते हैं वही लोग इनकी पर यकीन करते हैं जो 1947 से 50 घंटे तक भारतवासी भारत की पर निर्णय लेना शुरू किए 1950 26 जनवरी के बाद

1947 mein bharat azad hua 1950 mein aakar samvidhan bana darshan purn swatantrata bharat bharati prakashan 1950 ke baagi neta tab tak is desh mein governor britain ka detail kahaan se itna bade desh ja raha tha usne ki yojana banai aur jinnah jaise logo ko paida kiya jinhone vibhajan ki maang ki bahut saare vikalp khule ki chester ki gayi us samay nehru aur patel jo bharat ko ek hi cheez karne mein lage hue hain aise mein yah prashna jab aaya aur saath mein kashmir ko bhi prashna aaye toh majburi hai si ki governor ka dabaav inke upar se agar chahte tum hi se 50 ke baad hum azadi denge aisa kar de main wahan par bhi ek chakkar kitna deri karte usne hi desh nuksan mein rehta bus yahi bhi vibhajan ki prakriya angrejo ki ishare par aur dabaav mein shuru hui tab majboor ho gaye nehru patel dono nirnay lena pada ray bapu gandhi ki toh vaah kahin se bhi kisi bhi kone se kabhi bhi kadapi nahi chahte the hindu muslim alag alag desh banane durbhagya hai ki chaniya skin ki problem lagate hain wahi log inki par yakin karte hain jo 1947 se 50 ghante tak bharatvasi bharat ki par nirnay lena shuru kiye 1950 26 january ke baad

1947 में भारत आजाद हुआ 1950 में आकर संविधान बना दर्शन पूर्ण स्वतंत्रता भारत भारती प्रकाशन

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Raman yadhuvansi

UPSC aspirant

1:28

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up sharma c

study and aspirant of CSE

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भाई मेरे अनुसार तो भारत का विभाजन नहीं भारत को आपस में बांट के लड़ने के लिए छोड़ दिया गया था कि भारत आपस में उलझा रहे और कभी बाहर ना निकले क्योंकि भारत में इतनी क्षमता है ना कि पूरे विश्व में प्रभुत्व कर सकता है अतुल विश्व को एक नया मार्ग दिला सकता है आपस में सद्भाव पूर्ण रहने के लिए कुछ स्वार्थी देशों ने इसमें अपने पर बहुत जमाने के लिए अपना ताकत के बल पर जो नई तरीका अपनाया है उसे हटा देगा भारत लोगो डर था इसीलिए अमेरिका और ब्रिटेन एक चाल चला उन्होंने सोचा कि हम तो पूंजीवादी रास्ते हैं अगर सोवियत संघ का पर्व पूरे दक्षिण एशिया और पूर्व से फैल जाएगा तो मेरा तो प्रभु तू ही खत्म हो जाएगा मेरा इज्जत कौन करेगा तो इस वजह से उन्होंने एक चाल चली क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन पर अमेरिका बहुत ज्यादा कर लेता तो अमेरिका जो बोलता था ब्रिटेन को करने के लिए तैयार था अमेरिका ने बोला कि भारत के पश्चिमोत्तर क्षेत्र को बांट दो या फिर जहां को भी भारत का अंग से हटा दो तो क्या होगा कि उसमें मेरा प्रभु रहेगा और इस तरह फैल चुका था और पूरे क्षेत्र में ना जाने का समय हम लोग आपस में लड़े नहीं हां जरूरी है लाठी और प्रेम दोनों का सहारा लेकर एक नई पॉलिसी लाएं ताकि कोई आपस में झगड़े नहीं और भविष्य के लिए तैयार होकर प्रेम पूर्वक एक नया विश्व की रचना के लिए शुरुआत भारत से करें

bhai mere anusaar toh bharat ka vibhajan nahi bharat ko aapas mein baant ke ladane ke liye chod diya gaya tha ki bharat aapas mein uljha rahe aur kabhi bahar na nikle kyonki bharat mein itni kshamta hai na ki poore vishwa mein parbhutwa kar sakta hai atul vishwa ko ek naya marg dila sakta hai aapas mein sadbhav purn rehne ke liye kuch swaarthi deshon ne isme apne par bahut jamane ke liye apna takat ke bal par jo nayi tarika apnaya hai use hata dega bharat logo dar tha isliye america aur britain ek chaal chala unhone socha ki hum toh punjiwadi raste hain agar soviet sangh ka parv poore dakshin asia aur purv se fail jaega toh mera toh prabhu tu hi khatam ho jaega mera izzat kaun karega toh is wajah se unhone ek chaal chali kyonki dwitiya vishwa yudh ke baad britain par america bahut zyada kar leta toh america jo bolta tha britain ko karne ke liye taiyar tha america ne bola ki bharat ke pashchimottar kshetra ko baant do ya phir jaha ko bhi bharat ka ang se hata do toh kya hoga ki usme mera prabhu rahega aur is tarah fail chuka tha aur poore kshetra mein na jaane ka samay hum log aapas mein lade nahi haan zaroori hai lathi aur prem dono ka sahara lekar ek nayi policy laye taki koi aapas mein jhagde nahi aur bhavishya ke liye taiyar hokar prem purvak ek naya vishwa ki rachna ke liye shuruat bharat se karen

भाई मेरे अनुसार तो भारत का विभाजन नहीं भारत को आपस में बांट के लड़ने के लिए छोड़ दिया गया

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सांप्रदायिक आधार पर भारत के विभाजन के लिए कौन सी योजना जिम्मेदार थी ; संप्रदाय के आधार पर भारत के विभाजन के लिए कौन सी योजना जिम्मेदार थी ;

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