ज़्यादातर लोग यह बात क्यों नहीं जानते की अटल बिहारी वाजपेयी अपने जीवन के लिए राजीव गांधी के आभारी हैं?...


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TS Bhanot

Teacher

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Dilsh Sheikh

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह बात 1991 की है जब राजीव गांधी जी की हत्या हो गई थी तो एक पत्रकार ने अटल बिहारी वाजपेई से पूछा कि राजीव गांधी के बारे में आप क्या सोचते हैं तो अटल बिहारी जी ने उत्तर दिया कि राजीव गांधी की वजह से ही मैं आज जिंदा हूं और मैं उनका हमेशा से हमेशा आभारी रहूंगा उन्होंने बतलाया कि 1990 से पहले अटल बिहारी वाजपेई जी को किडनी के बीमारी हो गई थी और उस वक्त किडनी का ऑपरेशन सफल ऑपरेशन भारत में नहीं था इस चीज के लिए उन्हें अमेरिका जाना था और आर्थिक स्थिति के कारण परिस्थितियों के कारण वह अमेरिका नहीं जा सकते थे तो यह बात किसी प्रकार से राजीव गांधी जी को पता चल गया तो राजीव गांधी जी ने अटल बिहारी वाजपेई को कहा कि आप संयुक्त राष्ट्र संघ का जो सम्मेलन होने वाला है अमेरिका में उस उसमें भारत के प्रतिनिधि के तौर पर जाएंगे और वह अमेरिका गए वहां पर अपनी किडनी का इलाज करवाया उसके बाद भारत वापस लौटे और उन्होंने एक धन्यवाद पत्र भी राजीव गांधी जी को लिखा था यह सब बात वाजपेई ने एक पत्रकार को बताया था और उनकी किडनी में प्रॉब्लम था और किस तरह से उन्होंने उसका समाधान किया

yah baat 1991 ki hai jab rajeev gandhi ji ki hatya ho gayi thi toh ek patrakar ne atal bihari vajpayee se poocha ki rajeev gandhi ke bare mein aap kya sochte hain toh atal bihari ji ne uttar diya ki rajeev gandhi ki wajah se hi main aaj zinda hoon aur main unka hamesha se hamesha abhari rahunga unhone batlaya ki 1990 se pehle atal bihari vajpayee ji ko KIDNEY ke bimari ho gayi thi aur us waqt KIDNEY ka operation safal operation bharat mein nahi tha is cheez ke liye unhe america jana tha aur aarthik sthiti ke karan paristhitiyon ke karan vaah america nahi ja sakte the toh yah baat kisi prakar se rajeev gandhi ji ko pata chal gaya toh rajeev gandhi ji ne atal bihari vajpayee ko kaha ki aap sanyukt rashtra sangh ka jo sammelan hone vala hai america mein us usme bharat ke pratinidhi ke taur par jaenge aur vaah america gaye wahan par apni KIDNEY ka ilaj karvaya uske baad bharat wapas laute aur unhone ek dhanyavad patra bhi rajeev gandhi ji ko likha tha yah sab baat vajpayee ne ek patrakar ko bataya tha aur unki KIDNEY mein problem tha aur kis tarah se unhone uska samadhan kiya

यह बात 1991 की है जब राजीव गांधी जी की हत्या हो गई थी तो एक पत्रकार ने अटल बिहारी वाजपेई स

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Snehasish Gupta

Journalist / Traveller

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ज्यादातर लोग जो है वह यह बात नहीं जानते हैं कि अटल बिहारी वाजपेई जी के जो जीवन में राहुल गांधी आधारित है कि नहीं यह क्वेश्चन मुझे पता नहीं सच है या गलत लेकिन फिर भी मेरी जब से मैंने जो देखा है आज तक मुझे यह पता है कि अटल बिहारी बाजपाई कभी भी अपने जीवन में राहुल गांधी को अपने आभारी नहीं समझे हम भले कि वह आदमी बहुत अच्छे थे अटल बिहारी वाजपेई चुकी है अभी चिंता में निधन हो चुका है वह हमारे बहुत पावरफुल प्राइम मिनिस्टर थे लेकिन वे राहुल गांधी का तरीका भी नहीं थे दोष क्यों ना हो

jyadatar log jo hai vaah yah baat nahi jante hain ki atal bihari vajpayee ji ke jo jeevan mein rahul gandhi aadharit hai ki nahi yah question mujhe pata nahi sach hai ya galat lekin phir bhi meri jab se maine jo dekha hai aaj tak mujhe yah pata hai ki atal bihari bajpayi kabhi bhi apne jeevan mein rahul gandhi ko apne abhari nahi samjhe hum bhale ki vaah aadmi bahut acche the atal bihari vajpayee chuki hai abhi chinta mein nidhan ho chuka hai vaah hamare bahut powerful prime minister the lekin ve rahul gandhi ka tarika bhi nahi the dosh kyon na ho

ज्यादातर लोग जो है वह यह बात नहीं जानते हैं कि अटल बिहारी वाजपेई जी के जो जीवन में राहुल ग

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Sanchi Sharma

Journalist, Photographer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब चीजें ज्यादातर लोग वही बातें जानते हैं जो सच होती हैं और जो ज्यादा एक तरह से लोगों में चर्चित होती अगर लोगों को यह बात नहीं पता कि अटल बिहारी वाजपेई जी राजीव गांधी के आभारी हैं अपने जीवन के लिए तो हो सकता है कि यह बात सच ना हो या अगर यह बात सच है अभी तो उसका कोई ठोस सबूत ना हो क्योंकि हमेशा जब भी हम कोई चीज मानते हैं वह भी उन लोगों के बारे में जो अब इस दुनिया में नहीं रहे तो हम सबूतों पर निर्भर करते हैं वह भी सुबूत ऐसे से जो हमें सिर्फ एक तरफ से नहीं मिल रहे हैं बहुत तरफ से मिल रहे हैं जैसे कि हमने कहीं अगर आप नेगेटिव इंटरनेट पर पड़ी है कि अटल बिहारी वाजपेई राजीव गांधी क्या भारी है क्या अगर कोई किसी को यह चीज पोस्ट ग्रुप कर रही है तो वह किसी किताब में किसी कोई आपस में चर्चित बातचीत में यह वीडियो यह बात सुनेगा अगर उसको ही बात उधर मिलेगी तो भी यह बात सोच मान जाएगी और उसको सच में एक्सेप्ट किया जाएगा नहीं तो इसको एक बार बना कर छोड़ दिया जाएगा

jab cheezen jyadatar log wahi batein jante hain jo sach hoti hain aur jo zyada ek tarah se logo mein charchit hoti agar logo ko yah baat nahi pata ki atal bihari vajpayee ji rajeev gandhi ke abhari hain apne jeevan ke liye toh ho sakta hai ki yah baat sach na ho ya agar yah baat sach hai abhi toh uska koi thos sabut na ho kyonki hamesha jab bhi hum koi cheez maante hain vaah bhi un logo ke bare mein jo ab is duniya mein nahi rahe toh hum sabuton par nirbhar karte hain vaah bhi suboot aise se jo hamein sirf ek taraf se nahi mil rahe hain bahut taraf se mil rahe hain jaise ki humne kahin agar aap Negative internet par padi hai ki atal bihari vajpayee rajeev gandhi kya bhari hai kya agar koi kisi ko yah cheez post group kar rahi hai toh vaah kisi kitab mein kisi koi aapas mein charchit batchit mein yah video yah baat sunegaa agar usko hi baat udhar milegi toh bhi yah baat soch maan jayegi aur usko sach mein except kiya jaega nahi toh isko ek baar bana kar chod diya jaega

जब चीजें ज्यादातर लोग वही बातें जानते हैं जो सच होती हैं और जो ज्यादा एक तरह से लोगों में

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Aisha

Writer, Thinker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तो सबसे पहले तो मैं ही कहानी बताना चाहूंगी की शादी गांधी यूनियन डेलिगेशन के लिए बाहर गए थे और उस वक्त उन्हें पता चला कि अटल बिहारी वाजपेई जी की तबीयत खराब है तो उन्होंने अटल बिहारी बाजपेई जी से कहा कि वह भी उनके साथ यू एंड एलिगेशन के लिए चलें और तब तक फॉरेन से वापस इंडिया नहीं है जब तक वह ठीक नहीं हो जाते अब लोगों को इस बारे में क्यों पता नहीं है तो यह बात यह है कि राजीव गांधी कांग्रेस के थे और अटल बिहारी वाजपेई जी बीजेपी के थे तो लोग हमेशा उनको नेगेटिव ही मानते हैं और जिससे कि दोनों ऑपरेशन ऑपरेशन में है तो दोनों में से लड़ते होंगे पर ऐसा नहीं था राजीव गांधी नहीं कि जो आरटीआई आउट ओं रिस्पांसिबिलिटी ऑफ़ रिस्पेक्ट किया उन्होंने और दुआ तिवारी जी को मानते थे उसके लिए क्या इरेस्पेक्टिव कि वह दूसरी दूसरी पार्टी को बिलॉन्ग करते थे और उन्होंने कभी भी यह बात नहीं कही क्योंकि उन्होंने यह सब आउट ऑफ़ रिस्पेक्ट ज्यादा पॉपुलर रेडी पाने के लिए कुछ ओशो बेस बनने के लिए नहीं किया था अटल बिहारी वाजपेई जी ने आउट ऑफ़ रिस्पेक्ट या आउट ऑफ़ थैंक्यू उन्हें उनकी इस बात का जिक्र अपनी किताब में किया था

toh sabse pehle toh main hi kahani bataana chahungi ki shadi gandhi union deligeshan ke liye bahar gaye the aur us waqt unhe pata chala ki atal bihari vajpayee ji ki tabiyat kharab hai toh unhone atal bihari baajpayee ji se kaha ki vaah bhi unke saath you and eligeshan ke liye chalen aur tab tak foreign se wapas india nahi hai jab tak vaah theek nahi ho jaate ab logo ko is bare mein kyon pata nahi hai toh yah baat yah hai ki rajeev gandhi congress ke the aur atal bihari vajpayee ji bjp ke the toh log hamesha unko Negative hi maante hai aur jisse ki dono operation operation mein hai toh dono mein se ladte honge par aisa nahi tha rajeev gandhi nahi ki jo rti out on responsibility of respect kiya unhone aur dua tiwari ji ko maante the uske liye kya irrespective ki vaah dusri dusri party ko Belong karte the aur unhone kabhi bhi yah baat nahi kahi kyonki unhone yah sab out of respect zyada popular ready paane ke liye kuch osho base banne ke liye nahi kiya tha atal bihari vajpayee ji ne out of respect ya out of thainkyu unhe unki is baat ka jikarr apni kitab mein kiya tha

तो सबसे पहले तो मैं ही कहानी बताना चाहूंगी की शादी गांधी यूनियन डेलिगेशन के लिए बाहर गए थे

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