मुस्लिम ही आतंकवादी क्यों होते हैं?...


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Dr. J.Singh

Financial Expert || Ayurvedic Doctor

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Vikas Meena

student In IIT

3:01

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमने पूछा है कि मुस्लिम ही आतंकवादी क्यों होते हैं देखिए ऐसा कुछ भी नहीं होता है कि मुसलमान लोग भी आतंकवादी होते हैं आतंकवादी कोई भी हो सकता आतंकवादी भी लोग होते हैं जिनको वास्तविकता का कोई भी ज्ञान नहीं होता है आतंकवादी ऐसे लोगों को बनाया जाता है कि जो आतंकवादी का ट्रेलर होता है उनको बचपन से ही को अगवा कर लिए जाते हैं छोटे-छोटे बच्चों को और फिर उनको उसी तरह से ट्रेन किया जाता है जो आतंकवादी बनते हैं उनको वास्तु की नॉलेज होती नहीं है क्योंकि उनको उसी तरह से पढ़ उनकी ट्रेनिंग की जाती है कि जैसे बताते हैं कि पाकिस्तान में अधिकतर मुस्लिम लोग अधिकतर दृष्टया ने आतंकवादी बनते हैं ताकि वहां पर छोटे-छोटे बच्चों का हुआ कर ले जाता है और उनको तरह से ट्रेन किया जाता है कि जैसे उनको बताया जाता है कि कुरान में ऐसा लिखा हुआ है कि तुम यदि किसी अपने शत्रु देश में जाकर दवाई खिलाओगे तो आप को जन्नत मिलेगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं होता और ऐसा नहीं किसी कुरान या किसी भी हिंदू धर्म की भी बात करें तो ना ही ऐसा किसी गीता रामायण किसी में भी कुछ नहीं लिखा होता है लेकिन उनके ट्रेन और होते हैं वह को वास्तविक रूप बुक होती है वह पढ़ने देते ही हैं और उनको डुप्लीकेट की फोटो कॉपी की टाइपिंग को पढ़ाया जाता है और उनको इसी तरह से समझाया जाता है धर्म के बारे में भी ऐसे आतंक आतंकी फैलाने पर आप को जन्नत मिलेगी और छोटे-छोटे बच्चों को शुरू से ट्रेन किया जाता है जब तक क्यों बड़े नहीं हो जाते फिर जब वह युवा अवस्था में पहुंच जाते हैं तो उनको जब तक उनका माइंड इसी तरह से हो जाता है कि उनको वास्तविकता से कोई मतलब ही नहीं होता हमको वही उनके दिमाग में वही रहता है जो उनको ट्रेन किया गया था बाद में जो मैंने जो ट्रेन होता है वही का आतंकी रूप में इस्तेमाल करता है और इन को किसी भी ड्रेस में कान की इजाजत दे देता है तो फिर क्यों चुंबन जूते रेट बनते हैं उनको सिर्फ यही दिखता है कि उनका गुरु है वह क्या कह रहा है वह उनकी आज्ञा का पालन करते हैं उनको फॉलो करते हैं क्योंकि उन्हें वास्तु ताकी नॉलेज पता ही नहीं होती है परंतु यह जरूरी नहीं है कि वह लोग मुस्लिम हो कि हिंदू भी आतंकी हो सकते हैं लेकिन तुम लोग क्या करते हैं कि जो मुस्लिम लोग होते हैं वही ऐसा करते हैं क्योंकि इन्हीं को ऐसे में हम हिंदू हमारे इंडिया में है तो यहां पर ऐसा कोई आतंकी ट्रेनिंग नहीं की जाती है और ऐसा करने पर यहां पर सजा होती है और कानूनी कार्रवाई की जाती है लेकिन कई देश होते हैं जहां पर ऐसा काम किया जाता है जिससे कि पाकिस्तान मुस्लिम कंट्री में तो मुस्लिम लोग ही नहीं बनते हैं लेकिन ऐसा नहीं कि नहीं बनते आतंकवाद कोई भी बन सकता है

humne poocha hai ki muslim hi aatankwadi kyon hote hain dekhiye aisa kuch bhi nahi hota hai ki musalman log bhi aatankwadi hote hain aatankwadi koi bhi ho sakta aatankwadi bhi log hote hain jinako vastavikta ka koi bhi gyaan nahi hota hai aatankwadi aise logo ko banaya jata hai ki jo aatankwadi ka trelar hota hai unko bachpan se hi ko agava kar liye jaate hain chote chote baccho ko aur phir unko usi tarah se train kiya jata hai jo aatankwadi bante hain unko vastu ki knowledge hoti nahi hai kyonki unko usi tarah se padh unki training ki jaati hai ki jaise batatey hain ki pakistan me adhiktar muslim log adhiktar drishtaya ne aatankwadi bante hain taki wahan par chote chote baccho ka hua kar le jata hai aur unko tarah se train kiya jata hai ki jaise unko bataya jata hai ki quraan me aisa likha hua hai ki tum yadi kisi apne shatru desh me jaakar dawai khilaoge toh aap ko jannat milegi lekin aisa kuch bhi nahi hota aur aisa nahi kisi quraan ya kisi bhi hindu dharm ki bhi baat kare toh na hi aisa kisi geeta ramayana kisi me bhi kuch nahi likha hota hai lekin unke train aur hote hain vaah ko vastavik roop book hoti hai vaah padhne dete hi hain aur unko duplicate ki photo copy ki typing ko padhaya jata hai aur unko isi tarah se samjhaya jata hai dharm ke bare me bhi aise aatank aatanki felane par aap ko jannat milegi aur chote chote baccho ko shuru se train kiya jata hai jab tak kyon bade nahi ho jaate phir jab vaah yuva avastha me pohch jaate hain toh unko jab tak unka mind isi tarah se ho jata hai ki unko vastavikta se koi matlab hi nahi hota hamko wahi unke dimag me wahi rehta hai jo unko train kiya gaya tha baad me jo maine jo train hota hai wahi ka aatanki roop me istemal karta hai aur in ko kisi bhi dress me kaan ki ijajat de deta hai toh phir kyon chunban joote rate bante hain unko sirf yahi dikhta hai ki unka guru hai vaah kya keh raha hai vaah unki aagya ka palan karte hain unko follow karte hain kyonki unhe vastu taaki knowledge pata hi nahi hoti hai parantu yah zaroori nahi hai ki vaah log muslim ho ki hindu bhi aatanki ho sakte hain lekin tum log kya karte hain ki jo muslim log hote hain wahi aisa karte hain kyonki inhin ko aise me hum hindu hamare india me hai toh yahan par aisa koi aatanki training nahi ki jaati hai aur aisa karne par yahan par saza hoti hai aur kanooni karyawahi ki jaati hai lekin kai desh hote hain jaha par aisa kaam kiya jata hai jisse ki pakistan muslim country me toh muslim log hi nahi bante hain lekin aisa nahi ki nahi bante aatankwad koi bhi ban sakta hai

हमने पूछा है कि मुस्लिम ही आतंकवादी क्यों होते हैं देखिए ऐसा कुछ भी नहीं होता है कि मुसलमा

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