मैं अपनी पत्नी से बहुत परेशान हूँ ऐसे हालत में कैसे खुद को सँभालु?...


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Pramod Kumar Singh

Motivator And Business

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ऐसे और सवाल
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Yogi Prashant Nath

Business Consultant / M D

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार सर भजन सराहनीय है आपके द्वारा पूछा गया यह प्रश्न जो परिवारिक संबंधों से संबंधित है उसके उपरांत में अपना परिचय कराना चाहूंगा आपसे मेरा नाम है योगी प्रशांत नाथ चलिए बढ़ते हैं आपके प्रश्न की तरफ आप ने प्रश्न किया है कि आप अपनी पत्नी से बहुत परेशान हैं ऐसे हालत में कैसे खुद को संभाले देखी कोई भी परेशानी है उस समस्या से भागना नहीं चाहिए हमें अपनी परेशानियों को एक दूसरे के सामने जरूर रखें इन परेशानियों को अगर आप एक दूसरे के सामने रखेंगे तो आपको असलियत मालूम होगी कि आखिर वह क्या कारण है जिस कारण से आप लोगों के बीच में तालमेल नहीं बैठता और एक दूसरे का सम्मान करना बहुत जरूरी है रिस्पेक्ट करना बहुत जरूरी है और रिश्तो में खटास और रिश्तो में अनबन तो होती रहती है ऐसा कोई रिश्ता नहीं है जिसमें अनबन ना हो हर स्टोर में अनबन होना स्वाभाविक है इसमें कोई दो राय नहीं है लेकिन उस रिश्ते को हम किस प्रकार से संभालते हैं बरकरार रखते हैं यह महत्व रखता है और जो भी समस्याएं होती हैं उन समस्याओं से कभी भागना नहीं चाहिए उन परेशानियों के बारे में जानना चाहिए और कोशिश करना चाहिए कि उन परेशानियों को कैसे सॉल्व किया जा सके इसके लिए सबसे पहले जानने की परेशानियों का कारण क्या है किन बातों से हमारे बीच तालमेल नहीं बैठता जब हमारे बीच में तालमेल नहीं बैठता तो ही यह परेशानियां हाथ आती हैं अगर कोई पार्टनर में आपके जस्ट जीवन साथी है आपके जो लाइफ पाटनर है उनके साथ अगर आपके तालमेल अच्छे हो तो कोई किसी प्रकार की कोई परेशानियां नहीं आती कोई परेशानियां का सामना नहीं करना पड़ता लेकिन वही जब हमारे तालमेल खराब हो जाते हैं तो कहीं ना कहीं हमारी जो है रिश्तो में खटास आ जाती हैं और इन चीजों को समझना स्वभाविक है समझना बहुत जरूरी है क्योंकि यह रिश्ते आसानी से तोड़े नहीं जाते शादी यह जो विवाह होता है जीवन में बहुत महत्व रखता है हमारे ही लिए नहीं हमारे समाज के लिए भी हमारे रिलेटिव रिश्तेदारों के लिए भी दो परिवारों को आपस में जोड़ता है इन चीजों के महत्व को आप समझिए और ऐसे जल्दबाजी में कोई फैसला ना लें और ठंडे दिमाग से एक दूसरे के बारे में अपने सामने अपनी बातों को रखें क्योंकि लाइफ जो है आपको बितानी है अपनी पूरी जिंदगी का सवाल है आपके तो आप दोनों अपनी एक दूसरे की जो प्रॉब्लम से जो बातें हैं रखें उसके बाद दोनों साथ में बैठकर नहीं डाले कि क्या सही है क्या सही नहीं है आई हो सो दैट की पोस्ट आपके लिए काफी हेल्पफुल ओ थैंक यू वेरी मच फॉर लिसनिंग पोस्ट

namaskar sir bhajan sarahniya hai aapke dwara poocha gaya yah prashna jo pariwarik sambandhon se sambandhit hai uske uprant me apna parichay krana chahunga aapse mera naam hai yogi prashant nath chaliye badhte hain aapke prashna ki taraf aap ne prashna kiya hai ki aap apni patni se bahut pareshan hain aise halat me kaise khud ko sambhale dekhi koi bhi pareshani hai us samasya se bhaagna nahi chahiye hamein apni pareshaniyo ko ek dusre ke saamne zaroor rakhen in pareshaniyo ko agar aap ek dusre ke saamne rakhenge toh aapko asliyat maloom hogi ki aakhir vaah kya karan hai jis karan se aap logo ke beech me talmel nahi baithta aur ek dusre ka sammaan karna bahut zaroori hai respect karna bahut zaroori hai aur rishto me khatas aur rishto me anban toh hoti rehti hai aisa koi rishta nahi hai jisme anban na ho har store me anban hona swabhavik hai isme koi do rai nahi hai lekin us rishte ko hum kis prakar se sambhalate hain barkaraar rakhte hain yah mahatva rakhta hai aur jo bhi samasyaen hoti hain un samasyaon se kabhi bhaagna nahi chahiye un pareshaniyo ke bare me janana chahiye aur koshish karna chahiye ki un pareshaniyo ko kaise solve kiya ja sake iske liye sabse pehle jaanne ki pareshaniyo ka karan kya hai kin baaton se hamare beech talmel nahi baithta jab hamare beech me talmel nahi baithta toh hi yah pareshaniya hath aati hain agar koi partner me aapke just jeevan sathi hai aapke jo life partner hai unke saath agar aapke talmel acche ho toh koi kisi prakar ki koi pareshaniya nahi aati koi pareshaniya ka samana nahi karna padta lekin wahi jab hamare talmel kharab ho jaate hain toh kahin na kahin hamari jo hai rishto me khatas aa jaati hain aur in chijon ko samajhna swabhavik hai samajhna bahut zaroori hai kyonki yah rishte aasani se tode nahi jaate shaadi yah jo vivah hota hai jeevan me bahut mahatva rakhta hai hamare hi liye nahi hamare samaj ke liye bhi hamare relative rishtedaron ke liye bhi do parivaron ko aapas me Jodta hai in chijon ke mahatva ko aap samjhiye aur aise jaldabaji me koi faisla na le aur thande dimag se ek dusre ke bare me apne saamne apni baaton ko rakhen kyonki life jo hai aapko bitani hai apni puri zindagi ka sawaal hai aapke toh aap dono apni ek dusre ki jo problem se jo batein hain rakhen uske baad dono saath me baithkar nahi dale ki kya sahi hai kya sahi nahi hai I ho so that ki post aapke liye kaafi helpful O thank you very match for listening post

नमस्कार सर भजन सराहनीय है आपके द्वारा पूछा गया यह प्रश्न जो परिवारिक संबंधों से संबंधित है

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Renshi Rajkumar Menaria

International Martial Arts Expert, Awarded By President of INDIA, Specialist Of Women Self Defense & Motivational Speaker With Spiritual Root.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने पूछा है मैं अपनी पत्नी से बहुत परेशान हूं ऐसे हालात में कैसे मैं खुद को सुधारो संभाल लूंगा देखो दोस्त यह शिकायत अनमोल सभी लोगों की है हर इंसान अपनी पत्नी से परेशान हैं हर पत्नी अपने पति से परेशान हैं या अपनी सास से परेशान हैं क्या वास्तव में ऐसा लगता है कि सासु बहू के विरोध के लिए ही पैदा हुई है या बहू सास को सबक सिखाने के लिए या 7 से सांप नेवला बनने के लिए पैदा हुए हैं ऐसा नहीं है जब आप कहते कि मैं पत्नी से बहुत परेशान हूं खुद को कैसे समझा लो ऐसा लगता है कि पत्नी बुरी है वह व्यवहार करती हैं वह पत्नी के लायक नहीं है यह सारी चीजें सारी लांछन उसकी तरफ जाते हैं जबकि सचमुच मैं असल के सिचुएशन क्या होती है कि हम अपनी पत्नी को उसके भावों को उसके शब्दों को उसके चाहत को समझ ही नहीं पाते और जब हम उसके पसंद को उसके प्रेम को उसकी चाहत को एक स्त्री के योनि उस चीज को नहीं समझ पाते और हम उसके अनुरूप व्यवहार नहीं करते तू पत्नी जब जब हम उसके अनुरूप परवाह नहीं करते तब वह विचलित हो जाते हैं वह भी संजीदा नहीं होती वह तलाक नहीं होती वह इतनी समझता नहीं होती आदमी के जितनी कि अपनी प्रतिक्रियाओं को सही तरीके से हो कर सकें कुछ ऐसे होती है उसके अंदर प्रति प्रति ग्राहकों को जाहिर कर देती है कभी-कभी ऐसा लगता है कि वह बदतमीज से बोल दिया क्या उसने कुछ कह दिया यह सब कुछ छोड़कर आप उसके मूल कारण समझने की कोशिश करें यदि आप अपनी पत्नी के भाव को समझ जाएंगे उसकी इच्छाओं को समझ जाएंगे उसके चाहत को समझ जाएंगे और आप अपने चीजों को व्यवहार को समय को अपने सारी चीजों को अगर आप उसके अनुरूप बना पाए वही चीज आप कर रहे हैं आप अटेंशन भी देते हैं अब पैसा भी देते हैं आप समय भी देते सब कुछ देते हैं पर हमें हम उसे उस ग्रुप में नहीं डाल पा रहे हैं जैसा उसे अच्छा लगता है जैसा वह चाहती हैं हम कर सब रहे हैं लेकिन संतुष्टि पैदा हो रही है मनमुटाव पैदा हो रहा है या गधे की वैमनस्य पैदा हो रहा है ऐसा नहीं होना चाहिए और यह जो कमी है यह दोनों के अंदर है दोनों को इसमें अपलिफ्टमेंट करना पड़ेगा समझदारी दिखानी होगी पर मैं समझता हूं ज्यादा समझदारी पति को दिखानी होगी जिससे ज्यादा महसूस हो रहा है उसे ही ज्यादा समझदारी दिखानी पता चल रहा है कि ऐसा हो रहा है उसी को ज्यादा समझदारी दिखानी होगी मैं समझता हूं यदि पति ज्यादा संजीदा हो जाए सैनसिटी हो जाए और अपनी पत्नी के लिए उसके सोच के अनुरूप छोटे-छोटे परिवर्तन कर दें तो पत्नी को आसानी से प्रश्न किया जा सकता है और एक प्रसन्न पत्नी आपके जीवन को जितना खूबसूरत बना देती है आपके घर को आपके एनवायरमेंट को इतना कोई नहीं बना सकता और एक नाराज पत्नी 11 प्रसन्न मुद्रा में अगर पत्नी है तो पूरे घर का माहौल बना सकती हैं क्योंकि वह बहुत संजीदा है बहुत गहरे दिल से जुड़ी है जो कुछ करेगी वह दिल से करेगी और नफरत भी करेगी गहराई से प्रेम भी करेगी तो गहराई से अच्छा भी करेगी तो कह रहा है बुरा भी करेगी तो ऐसे ऐसे समय में हमें अपनी देना चाहिए अगर हम कर पाए तो हम ऐसे हालातों से खुद को भी संभाल सकते हैं और दूसरों को भी संभाल सकता है आशा है मेरा उत्तर आपको मार्गदर्शन करें धन्यवाद

aapne poocha hai main apni patni se bahut pareshan hoon aise haalaat me kaise main khud ko sudharo sambhaal lunga dekho dost yah shikayat anmol sabhi logo ki hai har insaan apni patni se pareshan hain har patni apne pati se pareshan hain ya apni saas se pareshan hain kya vaastav me aisa lagta hai ki sasu bahu ke virodh ke liye hi paida hui hai ya bahu saas ko sabak sikhane ke liye ya 7 se saap nevala banne ke liye paida hue hain aisa nahi hai jab aap kehte ki main patni se bahut pareshan hoon khud ko kaise samjha lo aisa lagta hai ki patni buri hai vaah vyavhar karti hain vaah patni ke layak nahi hai yah saari cheezen saari lanchan uski taraf jaate hain jabki sachmuch main asal ke situation kya hoti hai ki hum apni patni ko uske bhavon ko uske shabdon ko uske chahat ko samajh hi nahi paate aur jab hum uske pasand ko uske prem ko uski chahat ko ek stree ke yoni us cheez ko nahi samajh paate aur hum uske anurup vyavhar nahi karte tu patni jab jab hum uske anurup parvaah nahi karte tab vaah vichalit ho jaate hain vaah bhi sanjida nahi hoti vaah talak nahi hoti vaah itni samajhata nahi hoti aadmi ke jitni ki apni pratikriyaon ko sahi tarike se ho kar sake kuch aise hoti hai uske andar prati prati grahakon ko jaahir kar deti hai kabhi kabhi aisa lagta hai ki vaah badtameez se bol diya kya usne kuch keh diya yah sab kuch chhodkar aap uske mul karan samjhne ki koshish kare yadi aap apni patni ke bhav ko samajh jaenge uski ikchao ko samajh jaenge uske chahat ko samajh jaenge aur aap apne chijon ko vyavhar ko samay ko apne saari chijon ko agar aap uske anurup bana paye wahi cheez aap kar rahe hain aap attention bhi dete hain ab paisa bhi dete hain aap samay bhi dete sab kuch dete hain par hamein hum use us group me nahi daal paa rahe hain jaisa use accha lagta hai jaisa vaah chahti hain hum kar sab rahe hain lekin santushti paida ho rahi hai manmutaav paida ho raha hai ya gadhe ki vaimanasya paida ho raha hai aisa nahi hona chahiye aur yah jo kami hai yah dono ke andar hai dono ko isme apaliftament karna padega samajhdari dikhaani hogi par main samajhata hoon zyada samajhdari pati ko dikhaani hogi jisse zyada mehsus ho raha hai use hi zyada samajhdari dikhaani pata chal raha hai ki aisa ho raha hai usi ko zyada samajhdari dikhaani hogi main samajhata hoon yadi pati zyada sanjida ho jaaye sainsiti ho jaaye aur apni patni ke liye uske soch ke anurup chote chote parivartan kar de toh patni ko aasani se prashna kiya ja sakta hai aur ek prasann patni aapke jeevan ko jitna khoobsurat bana deti hai aapke ghar ko aapke environment ko itna koi nahi bana sakta aur ek naaraj patni 11 prasann mudra me agar patni hai toh poore ghar ka maahaul bana sakti hain kyonki vaah bahut sanjida hai bahut gehre dil se judi hai jo kuch karegi vaah dil se karegi aur nafrat bhi karegi gehrai se prem bhi karegi toh gehrai se accha bhi karegi toh keh raha hai bura bhi karegi toh aise aise samay me hamein apni dena chahiye agar hum kar paye toh hum aise halaton se khud ko bhi sambhaal sakte hain aur dusro ko bhi sambhaal sakta hai asha hai mera uttar aapko margdarshan kare dhanyavad

आपने पूछा है मैं अपनी पत्नी से बहुत परेशान हूं ऐसे हालात में कैसे मैं खुद को सुधारो संभाल

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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मस्कारा का प्रश्न है मैं अपनी पत्नी से बहुत परेशान हूं ऐसे हालात में खुद को कैसे संभाल लूंगा आपको बताना चाहेंगे देखिए आपके और आपके पत्नी के बीच में जो भी अनबन चल रही है उसको लेकर के उनसे बातचीत करिए जाने का प्रयास करें कि क्या प्रॉब्लम आपके एंड से हैं और उनको बताएं कि क्या दिक्कत है उनके एंड से दोनों ही इस बारे में डिस्कशन कर रहे हैं और फिर 1 मीटर रास्ता निकालने तभी आप अपने दांपत्य जीवन का आनंद ले पाएंगे मेचुका मैं आपके साथ हैं धन्यवाद

mascara ka prashna hai main apni patni se bahut pareshan hoon aise haalaat me khud ko kaise sambhaal lunga aapko batana chahenge dekhiye aapke aur aapke patni ke beech me jo bhi anban chal rahi hai usko lekar ke unse batchit kariye jaane ka prayas kare ki kya problem aapke and se hain aur unko bataye ki kya dikkat hai unke and se dono hi is bare me discussion kar rahe hain aur phir 1 meter rasta nikalne tabhi aap apne danpatya jeevan ka anand le payenge mechuka main aapke saath hain dhanyavad

मस्कारा का प्रश्न है मैं अपनी पत्नी से बहुत परेशान हूं ऐसे हालात में खुद को कैसे संभाल लूं

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Krishna Kumar Gupta

Astrologer And Tantrokt Vastu Consultant

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी सब चीजों के सवाल के हमारे मन पर निर्भर करता है आपका मन इसका मतलब कहीं पर ड्राइवर जगतपुरा निश्चित रूप से कभी जीवन में आप सुखी नहीं रह पाएंगे अगर आप अपने आप कैसे मिलती है और कोशिश करेंगे इसमें कंट्रोल करना सीख इसके लिए और फिर भी होती है उसका निश्चित रूप से इस्तेमाल करें और शुक्रवार को चावल और मिश्री को बहते पानी में डालें या करिया प्रयोग करते हैं तो निश्चित रूप से आप इससे काफी हद तक काबू पा लेंगे वरना आपके पर कलंक लगने को कभी भूल नहीं सकता की पत्नी भी आपसे दूर हो जाएंगे तब आपने कितनी बड़ी गलती थी

vicky sab chijon ke sawaal ke hamare man par nirbhar karta hai aapka man iska matlab kahin par driver jagatapura nishchit roop se kabhi jeevan me aap sukhi nahi reh payenge agar aap apne aap kaise milti hai aur koshish karenge isme control karna seekh iske liye aur phir bhi hoti hai uska nishchit roop se istemal kare aur sukravaar ko chawal aur mishri ko bahte paani me Daalein ya Caria prayog karte hain toh nishchit roop se aap isse kaafi had tak kabu paa lenge varna aapke par kalank lagne ko kabhi bhool nahi sakta ki patni bhi aapse dur ho jaenge tab aapne kitni badi galti thi

विकी सब चीजों के सवाल के हमारे मन पर निर्भर करता है आपका मन इसका मतलब कहीं पर ड्राइवर जगतप

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Anil Bajpai

Writer | Publisher | Investor | Hotelier | Devloper

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Shahin Fidai

Relationship & Career Counseling, Pranic Healer, Neuro Linguistic Program Trainer & Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा अक्सर होता है कि अपनी खुद की चीजों से ज्यादा दूसरों की चीजें उसमें ज्यादा पसंद आती है और आपके साथ यह होता है दूसरों की बीवियों को देखकर माफ कीजिएगा ऊपरी चीजों से देखकर हमेशा मन अच्छा ही रहता है लेकिन यह बहुत जरूरी है कि आपके पास जो है उसका मजा ले और आप उसमें अच्छाइयां ढूंढने की कोशिश करें क्योंकि जैसे ही आपके पास जो चीजें हैं और उसी की चीजों की आप अगर अच्छाइयां ढूंढना शुरु कर दोगे तो फिर आपके पास जो चीजें हैं वह आपको और ज्यादा पसंद आएगी और इसके साथ-साथ आपको आपकी चीज सबसे बेस्ट लगेगी इसका मतलब यह है कि आपने आपकी पत्नी को अच्छे से समझा नहीं है या तो फिर उसे एक्सेप्ट नहीं किया है और इसीलिए यह प्रॉब्लम हो रहा है तो यह बहुत जरूरी है कि आपके पास पत्नी है पहले तो ईश्वर को आप धन्यवाद करें कि आपके पास एक पत्नी है और जो आप को दो वक्त का अच्छे से गरम गरम खाना बना कर खिलाती है तो फिर आप और थैंक यू बोलिए इसके साथ-साथ वह घर को साफ रखती है घर को क्लीन रखती है ताकि आपकी सेहत अच्छी हो आपको कोई बीमारी नहीं लागू पड़े तो यह भी एक जरूरी काम किया है तो इसके लिए भी आप ईश्वर को धन्यवाद करें तो आपके पास जो आपकी पत्नी है उसकी आप तारीफ करें उसे आप एक्सेप्ट करें और उसे आप समझने की कोशिश करें उसके अच्छे पहलुओं को आप अपनी सिएट करें और बहुत सारा कम्युनिकेशन करें और फिर देखिए आपको आपकी पत्नी सबसे सुंदर लगेगी और आपका कम्युनिकेशन कोऑर्डिनेशन और आपके अंदर प्यार विश्व अंडरस्टैंडिंग कंपैटिबिलिटी और मेच्योरिटी भी बढ़ेगी आपका जीवन शुभ हो

aisa aksar hota hai ki apni khud ki chijon se zyada dusro ki cheezen usme zyada pasand aati hai aur aapke saath yah hota hai dusro ki beeviyon ko dekhkar maaf kijiega upari chijon se dekhkar hamesha man accha hi rehta hai lekin yah bahut zaroori hai ki aapke paas jo hai uska maza le aur aap usme achaiya dhundhne ki koshish kare kyonki jaise hi aapke paas jo cheezen hain aur usi ki chijon ki aap agar achaiya dhundhana shuru kar doge toh phir aapke paas jo cheezen hain vaah aapko aur zyada pasand aayegi aur iske saath saath aapko aapki cheez sabse best lagegi iska matlab yah hai ki aapne aapki patni ko acche se samjha nahi hai ya toh phir use except nahi kiya hai aur isliye yah problem ho raha hai toh yah bahut zaroori hai ki aapke paas patni hai pehle toh ishwar ko aap dhanyavad kare ki aapke paas ek patni hai aur jo aap ko do waqt ka acche se garam garam khana bana kar khilati hai toh phir aap aur thank you bolie iske saath saath vaah ghar ko saaf rakhti hai ghar ko clean rakhti hai taki aapki sehat achi ho aapko koi bimari nahi laagu pade toh yah bhi ek zaroori kaam kiya hai toh iske liye bhi aap ishwar ko dhanyavad kare toh aapke paas jo aapki patni hai uski aap tareef kare use aap except kare aur use aap samjhne ki koshish kare uske acche pahaluwon ko aap apni siet kare aur bahut saara communication kare aur phir dekhiye aapko aapki patni sabse sundar lagegi aur aapka communication koardineshan aur aapke andar pyar vishwa understanding kampaitibiliti aur maturity bhi badhegi aapka jeevan shubha ho

ऐसा अक्सर होता है कि अपनी खुद की चीजों से ज्यादा दूसरों की चीजें उसमें ज्यादा पसंद आती है

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Kumar lalit

Life Coach , Love Guru , Hotel Cunsultant, Motivational Speekar

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हाय फ्रेंड गुड मॉर्निंग आपके द्वारा काफी बढ़िया क्वेश्चन किया गया पर मैं आपको जंगली बता दूं कि यह हर एक घर की समस्या है यह आपकी ही साथ नहीं होती पर अगर आप ज्यादा परेशान हो रहे हो तो ऐसे में आप सबसे पहले उस कमियों को जानने का प्रयास कीजिए कि उनके साथ आप की झड़प किस बातों को लेकर होती है अब उन बातों को पकड़कर उन को समझाने की समझाने का प्रयास करें तभी आपका लाइफ अच्छा हो सकता है अगर किसी अन्य प्रकार की समस्या से जूझ रहे हो जैसे पैसे की समस्या के लिए करके या किसी अन्य प्रकार की समस्या से तो आप मुझे कमेंट करें जैसा कि मैं आपको जवाब दूंगा थैंक यू

hi friend good morning aapke dwara kaafi badhiya question kiya gaya par main aapko jungli bata doon ki yah har ek ghar ki samasya hai yah aapki hi saath nahi hoti par agar aap zyada pareshan ho rahe ho toh aise me aap sabse pehle us kamiyon ko jaanne ka prayas kijiye ki unke saath aap ki jhadap kis baaton ko lekar hoti hai ab un baaton ko pakadakar un ko samjhane ki samjhane ka prayas kare tabhi aapka life accha ho sakta hai agar kisi anya prakar ki samasya se joojh rahe ho jaise paise ki samasya ke liye karke ya kisi anya prakar ki samasya se toh aap mujhe comment kare jaisa ki main aapko jawab dunga thank you

हाय फ्रेंड गुड मॉर्निंग आपके द्वारा काफी बढ़िया क्वेश्चन किया गया पर मैं आपको जंगली बता दू

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kishore chhabra

Marriage Beuro (SHIVA JODI MAKER)

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