भारत का भविष्य कैसा होगा धार्मिक और भौतिक दृष्टि कौन से?...


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Vikas Singh

Political Analyst

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आप का सवाल है कि भारत का भविष्य कैसा होगा धार्मिक और भौतिक दृष्टि गौर से मैं आपको बताना चाहता हूं धार्मिक दृष्टिकोण से हमारा हिंदुस्तान हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाएगा देखिए अमेरिका में रहने वाले अमेरिकन बोले जाते हैं पाकिस्तान में रहने वाले पाकिस्तानी बोले जाते हैं जापान में रहने वाले जापानी बोले जाते हैं तो हिंदुस्तान में रहने वालों को हिंदू बोला जाना चाहिए और ऐसा होना चाहिए आर एस एस आर्मी और मोदी यह तीन तीनों का अगर पहला वर्ड चयन किया जाए तो राम बनता है और राम के ऊपर सब को भरोसा है पूरे हिंदुस्तान के लोगों को भरोसा है क्योंकि राम हमारे आराध्य हैं हमारे पूजनीय हैं और हमारे भगवान हैं भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बनवाया जाएगा उत्तर उत्तर प्रदेश में अयोध्या में इसमें कोई दो राय नहीं है देखिए अंग्रेजो ने हमारे देश में 200 साल राज किया मुगल शासकों ने भी 800 साल राज किया और हमारे देश में 70 साल में 7:00 65 साल कांग्रेस पार्टी ने राज किया इन लोगों ने हिंदुओं को तोड़ने की कोशिश की हमारी हिंदुत्व की विचारधारा को तोड़ने की कोशिश की लेकिन उसके बाद भी हमारा हिंदुत्व जिंदा है हमें भरोसा होना चाहिए इन 3 लोगों के ऊपर आर्मी के ऊपर आर एस एस के ऊपर और मोदी जी के ऊपर यही तीन मिलाकर राम बनता है और राम हमारे देश को कभी भी टूटने नहीं देंगे आइए हम अपना महत्वपूर्ण वोट भारतीय जनता पार्टी को दें ताकि भौतिक दृष्टिकोण से और धार्मिक दृष्टिकोण से हमारा हिंदुस्तान दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बन सके और हमारा देश आगे बढ़ सके धन्यवाद

aap ka sawaal hai ki bharat ka bhavishya kaisa hoga dharmik aur bhautik drishti gaur se main aapko bataana chahta hoon dharmik drishtikon se hamara Hindustan hindu rashtra ghoshit kiya jaega dekhiye america mein rehne waale american bole jaate hain pakistan mein rehne waale pakistani bole jaate hain japan mein rehne waale japani bole jaate hain toh Hindustan mein rehne walon ko hindu bola jana chahiye aur aisa hona chahiye rss s s army aur modi yah teen teenon ka agar pehla word chayan kiya jaaye toh ram banta hai aur ram ke upar sab ko bharosa hai poore Hindustan ke logon ko bharosa hai kyonki ram hamare aradhya hain hamare pujaniya hain aur hamare bhagwan hain bhagwan shri ram ka bhavya mandir banwaya jaega uttar uttar pradesh mein ayodhya mein isme koi do rai nahi hai dekhiye angrezo ne hamare desh mein 200 saal raj kiya mughal shaasakon ne bhi 800 saal raj kiya aur hamare desh mein 70 saal mein 7 00 65 saal congress party ne raj kiya in logon ne hinduon ko todne ki koshish ki hamari hindutv ki vichardhara ko todne ki koshish ki lekin uske baad bhi hamara hindutv zinda hai hamein bharosa hona chahiye in 3 logon ke upar army ke upar rss s s ke upar aur modi ji ke upar yahi teen milakar ram banta hai aur ram hamare desh ko kabhi bhi tutne nahi denge aaiye hum apna mahatvapurna vote bharatiya janta party ko dein taki bhautik drishtikon se aur dharmik drishtikon se hamara Hindustan duniya ka sabse shaktishali desh ban sake aur hamara desh aage badh sake dhanyavad

आप का सवाल है कि भारत का भविष्य कैसा होगा धार्मिक और भौतिक दृष्टि गौर से मैं आपको बताना चा

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Manish Singh

VOLUNTEER

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₹1 की भावना भारत भविष्य कैसा होगा धार्मिक और बौद्धिक रूप से आर्थिक रुप देहाती में तरक्की कर रहा है सभी फील के लोग यहां पर आ रहे हैं हर चीज में भारत है आगे बढ़ रहा है लेकिन घर में कैसे चीजें भारत किसका ज्यादा है सर्जिकल चीज है धर्म के नाम पर भारत में हो रही है तू

Rs ki bhavna bharat bhavishya kaisa hoga dharmik aur baudhik roop se aarthik roop dehati mein tarakki kar raha hai sabhi feel ke log yahan par aa rahe hain har cheez mein bharat hai aage badh raha hai lekin ghar mein kaise cheezen bharat kiska zyada hai surgical cheez hai dharam ke naam par bharat mein ho rahi hai tu

₹1 की भावना भारत भविष्य कैसा होगा धार्मिक और बौद्धिक रूप से आर्थिक रुप देहाती में तरक्की क

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Ravi Sharma

Advocate

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धार्मिक रूप से भारत का भविष्य जो है सुगन है मुझे लगता है कि हिंदू धर्म अपनी पहचान कभी नहीं कोई आएगा तथा इस्लाम ईसाई धर्म तथा अन्य जो भी धर्म चाहे वह सिख धर्म ओझा भजन व बौद्ध धर्म अपनी जड़ें और मजबूत करेंगे भारत में भारत एक प्रकार से एक खुला आंगन है जिसमें सभी धर्म तथा जाति के लोग सुरक्षित महसूस करते हैं तथा अपने धर्म का आना केवल पालन करते हैं बल्कि उसका प्रचार-प्रसार भी करते हैं तथा भारत की संस्कृति किस प्रकार की है तथा सहिष्णुता इस प्रकार के भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है कि भारत में सभी प्रकार के धर्म जातियां व संप्रदाय मिलजुल के रहती है पता आने वाले भविष्य में भी इस प्रकार की स्थिति कायम रहेगी भौतिक तौर पर मुझे नहीं लगता कि भारत में किसी भी प्रकार का भौतिक परिवर्तन होने की कोई भी संभावना है सभी राज्य अभिन्न रूप से भारत के साथ जुड़े हुए हैं उत्तर पूर्व के राज्य तथा दक्षिण भारत के राज्य जहां पर कभी न कभी नित्य प्रतिदिन इस प्रकार की भावनाएं व्रत कथा एवं आरती हैं कि उन्हें एक विभिन्न एक सेपरेट राष्ट्रीय चाहिए वह इस प्रकार की बातें भी जो है जो अतिवादी दल हैं उनकी तरह से उठाई जाती है जबकि सच यह है कि भारत के सभी नागरिक भारत के साथ ही जुड़ा रहना चाहते हैं चाहे वह किसी भी राज्य के हो तो मुझे लगता कि भौतिक दृष्टि से किसी प्रकार का परिवर्तन होगा भारत से कोई भी राजी ना तो कटेगा ना ही इसमें सम्मिलित होगा तथा निकट भविष्य में आने की आने वाले 30 से 40 वर्ष तक यही स्थिति विद्यमान रहेगी उसके बाद क्या होता है वह उस समय की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा धन्यवाद

dharmik roop se bharat ka bhavishya jo hai sugan hai mujhe lagta hai ki hindu dharam apni pehchaan kabhi nahi koi aayega tatha islam isai dharam tatha anya jo bhi dharam chahen vaah sikh dharam ojha bhajan v Baudh dharam apni jaden aur mazboot karenge bharat mein bharat ek prakar se ek khula aangan hai jisme sabhi dharam tatha jati ke log surakshit mahsus karte hain tatha apne dharam ka aana keval palan karte hain balki uska prachar prasaar bhi karte hain tatha bharat ki sanskriti kis prakar ki hai tatha sahishnuta is prakar ke bharatiya sanskriti ka abhinn ang hai ki bharat mein sabhi prakar ke dharam jatiyaan v sampraday miljul ke rehti hai pata aane waale bhavishya mein bhi is prakar ki sthiti kayam rahegi bhautik taur par mujhe nahi lagta ki bharat mein kisi bhi prakar ka bhautik parivartan hone ki koi bhi sambhavna hai sabhi rajya abhinn roop se bharat ke saath jude hue hain uttar purv ke rajya tatha dakshin bharat ke rajya jahan par kabhi na kabhi nitya pratidin is prakar ki bhavnaayen vrat katha evam aarti hain ki unhe ek vibhinn ek separate rashtriya chahiye vaah is prakar ki batein bhi jo hai jo ativaadi dal hain unki tarah se uthai jaati hai jabki sach yah hai ki bharat ke sabhi nagarik bharat ke saath hi juda rehna chahte hain chahen vaah kisi bhi rajya ke ho toh mujhe lagta ki bhautik drishti se kisi prakar ka parivartan hoga bharat se koi bhi raji na toh katega na hi isme smmilit hoga tatha nikat bhavishya mein aane ki aane waale 30 se 40 varsh tak yahi sthiti vidyaman rahegi uske baad kya hota hai vaah us samay ki paristhitiyon par nirbhar karega dhanyavad

धार्मिक रूप से भारत का भविष्य जो है सुगन है मुझे लगता है कि हिंदू धर्म अपनी पहचान कभी नहीं

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत पहले समय से इंडिया डायवर्स रहा है दिवस कंट्री रहा है इसमें इतनी डाइवर्सिटी रही है कि यहां पर सभी लोग अलग-अलग कल्चर के अलग अलग विचारधारा ऑडियो जिसके संस्कृति के अलग अलग थिंकिंग के अलग-अलग कपड़े पहनने वाले अलग-अलग लैंग्वेज इज बोलने वाले और हर तरह की का अलग तो यहां पर एक अलग टाइप कर रहा है लेकिन सभी की अलग अलग टाइप के कल्चर रिलीजन के लोग एक दूसरे को एक एक्सेप्टेंस की भावना रही है एक दूसरे को एक्सेप्ट करते रहे हैं उनकी हर एक आदमी दूसरे को स्वीकृति कि उसे देखते देखता रहा है यहां पर यहां पर आज तक लोग रहे हैं तो नास्तिक लोग भी रहे हैं यहां पर टावर का वर्क जो है 89 जी को भी एक्सेप्ट किया जाता है इसीलिए यहां पर चैन चैन सीख जाएं बौद्ध धर्म या इस्लाम धर्म कोई भी हो सभी धर्मों का यहां पर नर्चर हुआ है कैसा भी धर्म यहां पर पले बढ़े हैं प्रसार हुआ है उनका और दुनिया में इसलिए बहुत अच्छा मैसेज गया है कि हम हमारा लोकतांत्रिक भारत डेमोक्रेटिक इंडिया तू जो कि एक बहुत बड़ा मैसेज है तो यह हमारा भविष्य भारत का बहुत अच्छा है इस मामले में इस में चाहे सबका जो भी सबका अलग-अलग धर्मों की जो अच्छी अच्छी बातें वह हमारी दुनिया में फैली है चाहे हिंदू का सनातन धर्म का चाय योग दिवस सुजुकी इंडिया इंटरनेशनल डे बना है अलग-अलग धर्मों की बातें हो क्या जैन की जैन बौद्ध की इस्लाम की सभी बातें पर लेबल पर पहुंची है और यह हमारी ड्यूटी है कंट्री की भौतिक दृष्टि गौर से क्या भौतिक संपदा पूछ रहे हैं तो जोक आफ गली लेवल पर पूछ रहे तो ऐसा कुछ मेजर चेंज नहीं होने वाला लोग इंडिया के साथ ही रहना चाहते हैं इंटीग्रेटर इंडिया चाहते हैं

bahut pehle samay se india dayavars raha hai divas country raha hai isme itni diversity rahi hai ki yahan par sabhi log alag alag culture ke alag alag vichardhara audio jiske sanskriti ke alag alag thinking ke alag alag kapde pahanne waale alag alag language is bolne waale aur har tarah ki ka alag toh yahan par ek alag type kar raha hai lekin sabhi ki alag alag type ke culture religion ke log ek dusre ko ek acceptance ki bhavna rahi hai ek dusre ko except karte rahe hain unki har ek aadmi dusre ko swikriti ki use dekhte dekhta raha hai yahan par yahan par aaj tak log rahe hain toh naastik log bhi rahe hain yahan par tower ka work jo hai 89 ji ko bhi except kiya jata hai isliye yahan par chain chain seekh jayen Baudh dharam ya islam dharam koi bhi ho sabhi dharmon ka yahan par nurture hua hai kaisa bhi dharam yahan par PALAY badhe hain prasaar hua hai unka aur duniya mein isliye bahut accha massage gaya hai ki hum hamara loktantrik bharat democratic india tu jo ki ek bahut bada massage hai toh yah hamara bhavishya bharat ka bahut accha hai is mamle mein is mein chahen sabka jo bhi sabka alag alag dharmon ki jo achi achi batein vaah hamari duniya mein faili hai chahen hindu ka sanatan dharam ka chai yog divas suzuki india international day bana hai alag alag dharmon ki batein ho kya jain ki jain Baudh ki islam ki sabhi batein par lebal par pahunchi hai aur yah hamari duty hai country ki bhautik drishti gaur se kya bhautik sampada poochh rahe hain toh joke of gali level par poochh rahe toh aisa kuch major change nahi hone vala log india ke saath hi rehna chahte hain integrator india chahte hain

बहुत पहले समय से इंडिया डायवर्स रहा है दिवस कंट्री रहा है इसमें इतनी डाइवर्सिटी रही है कि

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