अगर आप इतिहास लिखना चाहते हो, तो आपको सिरफिरा बनना ही पड़ेगा क्योंकि इतिहास सिर्फ सिरफिरे ही लिखते हैं, इस पर आपकी क्या राय हैं?...


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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखा है अगर आपको इच्छा पूछना है तो आपको सिर्फ डालना पड़ेगा तो किस जात से फिर वही लिखते हैं आपकी क्या राय है इतिहास से परे नहीं लिखते इतिहास को लिखते हैं जो कि आज के साक्षी होते हैं जिन्होंने जिंदगी की घटनाओं को सहायक देखा है महसूस किया होता उसे गुजरे एचआर की रचना वह करते हैं जो उनको नहीं समझ पाते वे लोग उन्हें सिर्फ राका के और इतिहास को बकवास करते हैं

likha hai agar aapko iccha poochna hai toh aapko sirf dalna padega toh kis jaat se phir wahi likhte hain aapki kya rai hai itihas se pare nahi likhte itihas ko likhte hain jo ki aaj ke sakshi hote hain jinhone zindagi ki ghatnaon ko sahayak dekha hai mehsus kiya hota use gujare hr ki rachna vaah karte hain jo unko nahi samajh paate ve log unhe sirf raka ke aur itihas ko bakwas karte hain

लिखा है अगर आपको इच्छा पूछना है तो आपको सिर्फ डालना पड़ेगा तो किस जात से फिर वही लिखते हैं

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Dr Chaman Rawat

Homeopathy Doctor

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हां अगर मैं सिर्फ तेरा लिखने के लिए अभ्यास बनाने के लिए जरूरी नहीं जवाब किसी चीज का जवाब सिर्फ उसी का ध्यान लगाते हैं चिड़िया की आंख और पूरी तरह से उस पर ध्यान दें उसके छोटे-छोटे बारीकियों को जाने करें लगे रहे एक कहावत बड़े महापुरुष किसने लिखा है लेकिन अगर मुझे किसी पेड़ को काटना हो एक काटने के लिए अगर वक्त मिले तो मैं कम से कम 45 मिनट को धार लगाने में उसके बाद आप अपने अपने जीजा को काटना उचित आप नहीं देखते हो तो आप दिन भर काटे नहीं कटते जिस फिल्म में आप काम कर रहा हूं उसकी बारीकियों को चाहने पूरी तरह से उसकी हर एक पहलुओं को जाने और उस पर लगातार मेहनत करते रहे तब तो होना ही है तो कोई शक नहीं

haan agar main sirf tera likhne ke liye abhyas banane ke liye zaroori nahi jawab kisi cheez ka jawab sirf usi ka dhyan lagate hain chidiya ki aankh aur puri tarah se us par dhyan de uske chote chote barikiyon ko jaane kare lage rahe ek kahaavat bade mahapurush kisne likha hai lekin agar mujhe kisi ped ko kaatna ho ek katne ke liye agar waqt mile toh main kam se kam 45 minute ko dhar lagane me uske baad aap apne apne jija ko kaatna uchit aap nahi dekhte ho toh aap din bhar kaate nahi katate jis film me aap kaam kar raha hoon uski barikiyon ko chahne puri tarah se uski har ek pahaluwon ko jaane aur us par lagatar mehnat karte rahe tab toh hona hi hai toh koi shak nahi

हां अगर मैं सिर्फ तेरा लिखने के लिए अभ्यास बनाने के लिए जरूरी नहीं जवाब किसी चीज का जवाब स

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Arpita

Engineer | Career Advice | Teacher

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जो लोग इतिहास के बारे में लिखते हैं उनको काफी मेहनत करनी पड़ती है उन पर पड़ता है यह जानने के लिए कि वह किसके बारे में लिख रहा था के साथ बहुत सारी ऐसी किताबें हैं जहां पर हमें अधूरा ज्ञान मिलता तो हमें बहुत सारी किताबों का सहारा लेना पड़ेगा एक टॉपिक को कवर करने के लिए साथी साथ अगर आप किताब लिखना चाहते हैं फुल डेडीकेशन के साथ लिखना पड़ेगा कोई डॉक्टर नहीं होना चाहिए और आपको फोकस कभी नहीं छूटना चाहिए

jo log itihas ke bare me likhte hain unko kaafi mehnat karni padti hai un par padta hai yah jaanne ke liye ki vaah kiske bare me likh raha tha ke saath bahut saari aisi kitaben hain jaha par hamein adhura gyaan milta toh hamein bahut saari kitabon ka sahara lena padega ek topic ko cover karne ke liye sathi saath agar aap kitab likhna chahte hain full dedikeshan ke saath likhna padega koi doctor nahi hona chahiye aur aapko focus kabhi nahi chutana chahiye

जो लोग इतिहास के बारे में लिखते हैं उनको काफी मेहनत करनी पड़ती है उन पर पड़ता है यह जानने

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

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लिखने के लिए आपको कुछ न कुछ ऐसा करना पड़ेगा जीवन में जो कुछ नयापन हो उसको क्या कहते हैं और साला आंख मारे गाना

likhne ke liye aapko kuch na kuch aisa karna padega jeevan me jo kuch nayapan ho usko kya kehte hain aur sala aankh maare gaana

लिखने के लिए आपको कुछ न कुछ ऐसा करना पड़ेगा जीवन में जो कुछ नयापन हो उसको क्या कहते हैं और

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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मेरे मित्र मैं आपसे सहमत नहीं हूं क्योंकि भारत में अधिकांश जांच लिखा गया है वह उन विदेशी विजेताओं के चाटुकार इतिहासकारों ने लिखा है जो जीते रहे आक्रमणकारी आए मुसलमान आए अंग्रेज आए उन चाटुकार के लोगों ने उनके पक्ष में ही लिखी क्या सिद्धांत है जीतने वाले की जय जयकार होती है उस दौरान बताया जाता है और हारने वाले के समस्त गुण अवगुण में चेंज कर दिए जाते हैं पोस्ट दिया कि रही है आपको निश्चित आज हमारे पास बहुत कम है क्योंकि अधिकांश विदेशी आक्रमणकारियों के बारे में दिया हुआ है क्या मुसलमानों के बारे में दिया हुआ है लेकिन हमारे देश के जो महापुरुष रहे हैं जिन्होंने का पूरा जीवन लगा दिया उनके बारे में बहुत संक्षिप्त वर्णन है लेकिन शिवाजी महाराणा प्रताप राणा सांगा को लीजिए ऐसे ही कभी तानाजी पिक्चर बनी है उसमें भी वहां के पुणे के वह सामंत हैं जिन्होंने सफलता के लिए इतना कुछ किया है उसका इतिहास बनेगी का वर्णन मिलता है पृथ्वीराज चौहान को के बारे में भी इतना नहीं यह तो आपको मुगल बादशाहों के बारे में मिलेगा उन विदेशी आक्रमणकारियों के खानदान वगैरह सब क्योंकि उनका जो वर्णन किया गया उनके चाटुकार उनके दरबारी लिखो ने किया है जो अधिकांश उनके गुणों का बखान किया है

mere mitra main aapse sahmat nahi hoon kyonki bharat me adhikaansh jaanch likha gaya hai vaah un videshi vijetaon ke chatukar itihasakaron ne likha hai jo jeete rahe aakramanakari aaye musalman aaye angrej aaye un chatukar ke logo ne unke paksh me hi likhi kya siddhant hai jitne waale ki jai jaikar hoti hai us dauran bataya jata hai aur haarne waale ke samast gun avgun me change kar diye jaate hain post diya ki rahi hai aapko nishchit aaj hamare paas bahut kam hai kyonki adhikaansh videshi aakramanakaariyon ke bare me diya hua hai kya musalmanon ke bare me diya hua hai lekin hamare desh ke jo mahapurush rahe hain jinhone ka pura jeevan laga diya unke bare me bahut sanshipta varnan hai lekin shivaji maharana pratap rana sanga ko lijiye aise hi kabhi tanaji picture bani hai usme bhi wahan ke pune ke vaah samant hain jinhone safalta ke liye itna kuch kiya hai uska itihas banegi ka varnan milta hai prithviraj Chauhan ko ke bare me bhi itna nahi yah toh aapko mughal badshahon ke bare me milega un videshi aakramanakaariyon ke khandan vagera sab kyonki unka jo varnan kiya gaya unke chatukar unke darbari likho ne kiya hai jo adhikaansh unke gunon ka bakhan kiya hai

मेरे मित्र मैं आपसे सहमत नहीं हूं क्योंकि भारत में अधिकांश जांच लिखा गया है वह उन विदेशी व

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Koshiki

A Learner Everyday

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गुड इवनिंग आपने क्वेश्चन किया है अगर आप इतिहास लिखना चाहते हम तो आपको सिलफ्रा बनना ही पड़ेगा क्योंकि इतिहास से सिरफिरे लोग ही लिखते हैं इस पर आपकी क्या राय है तो मेरा यह दूंगी कि जरूरी है कि इतिहास लिखने के लिए आपको सिर्फ रोना पड़े जितना भी प्यार लिखा गया है सिर्फ सिर्फ अरे लोगों ने ही नहीं मिलता है बल्कि बुद्धिमान लोगों ने कुछ प्रतिभाशाली लोगों ने इतिहास को बखूबी समझ करके अच्छी तरीके से रचना की है इतिहास में जिन लोगों का निर्णय लिया जाता है तीनों को इलाज किया जाता है वह लोग बखूबी उस परिस्थिति को समझते हैं और उसके अनुसार सही कारणों को करके वह कुछ अच्छा करके सही करके ही आगे बढ़ते हैं जिससे उनका नाम होता है और बात भी प्रतिभाशाली लोगों की तो जो मनुष्य इस धरती पर आया है वह कुछ ना कुछ प्रतिभा लेकर अवश्य आया है ऐसा मेरा मानना है तो अपनी प्रतिभा को जानना अत्यंत आवश्यक है आगे बढ़ने के लिए कुछ करने के लिए तो अपनी प्रतिभा को जानिए अपने अंदर की एबिलिटी कैपेसिटी को जानिए समझिए और किस क्षेत्र में आपकी रुचि है उस क्षेत्र में अपनी एकाग्रता को लगाइए और रोजाना शंकर आप इतिहास बना सकते हैं अपना जिससे कि आगे चलकर के लोग आप को पहचाने आपको जाने और आपको अच्छे कार्यों को अपना थैंक्स

good evening aapne question kiya hai agar aap itihas likhna chahte hum toh aapko silafra banna hi padega kyonki itihas se sirfire log hi likhte hain is par aapki kya rai hai toh mera yah dungi ki zaroori hai ki itihas likhne ke liye aapko sirf rona pade jitna bhi pyar likha gaya hai sirf sirf are logo ne hi nahi milta hai balki buddhiman logo ne kuch pratibhashali logo ne itihas ko bakhubi samajh karke achi tarike se rachna ki hai itihas me jin logo ka nirnay liya jata hai tatvo ko ilaj kiya jata hai vaah log bakhubi us paristhiti ko samajhte hain aur uske anusaar sahi karanon ko karke vaah kuch accha karke sahi karke hi aage badhte hain jisse unka naam hota hai aur baat bhi pratibhashali logo ki toh jo manushya is dharti par aaya hai vaah kuch na kuch pratibha lekar avashya aaya hai aisa mera manana hai toh apni pratibha ko janana atyant aavashyak hai aage badhne ke liye kuch karne ke liye toh apni pratibha ko janiye apne andar ki ability capacity ko janiye samjhiye aur kis kshetra me aapki ruchi hai us kshetra me apni ekagrata ko lagaaiye aur rojana shankar aap itihas bana sakte hain apna jisse ki aage chalkar ke log aap ko pehchane aapko jaane aur aapko acche karyo ko apna thanks

गुड इवनिंग आपने क्वेश्चन किया है अगर आप इतिहास लिखना चाहते हम तो आपको सिलफ्रा बनना ही पड़े

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इतिहास का मतलब होता है और जो भूतकाल में जीना चाहते हैं या भविष्य काल में जीना चाहते हैं वह चीज नहीं जी पाते जो वर्तमान में जीते हैं वही अच्छी तरह से जी पाते हैं तो आप न तो इतिहास लिखने की ख्वाहिश रखो ना हीरा बनने की ख्वाहिश रखो क्योंकि इतिहास तो हम जब गुजर जाते हैं बाद में लोग पढ़ते हैं तो हम क्यों सिरफिरा बनकर गुजर जाए क्यों भूतकाल बन जाए वर्तमान भी भी आप कुछ ऐसा कर सकते हो जो इतिहास बना सकते हो ऐसा नहीं है कि सिर्फ एरिया बनने से ही इतिहास होता है अच्छे से अच्छा बनने से भी इतिहास लिखा जा सकता है और जो वर्तमान में पढ़ा जा सकता है

itihas ka matlab hota hai aur jo bhootkaal me jeena chahte hain ya bhavishya kaal me jeena chahte hain vaah cheez nahi ji paate jo vartaman me jeete hain wahi achi tarah se ji paate hain toh aap na toh itihas likhne ki khwaahish rakho na heera banne ki khwaahish rakho kyonki itihas toh hum jab gujar jaate hain baad me log padhte hain toh hum kyon sirfira bankar gujar jaaye kyon bhootkaal ban jaaye vartaman bhi bhi aap kuch aisa kar sakte ho jo itihas bana sakte ho aisa nahi hai ki sirf area banne se hi itihas hota hai acche se accha banne se bhi itihas likha ja sakta hai aur jo vartaman me padha ja sakta hai

इतिहास का मतलब होता है और जो भूतकाल में जीना चाहते हैं या भविष्य काल में जीना चाहते हैं वह

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Vikas Choudhary

Writer,Thinker,Analysist,Farmer,Interior Decorator,

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जरा यह नहीं माना कि इतिहास सिर्फ सिरफिरे देखते हैं अगर सिरफिरे इतिहास देखते तो हर सिरफिरा हर एक पागल आज इतिहास की किताबों मे पढ़ाया जाता मेरे हिसाब से इतिहास वही लिखते हैं जो इतिहास लिखने के लिए पैदा होते हैं इतिहास लिखने के बाद लोग उनको सिरफिरा बता देते हैं क्योंकि उनके लिए गए निर्णय आम लोगों की समझ से बाहर होते हैं लोग सोच भी नहीं सकते वह निर्णय वह लेते हैं इसलिए लोग उन्हें सिर्फ रखे थे

zara yah nahi mana ki itihas sirf sirfire dekhte hain agar sirfire itihas dekhte toh har sirfira har ek Pagal aaj itihas ki kitabon mein padhaya jata mere hisab se itihas wahi likhte hain jo itihas likhne ke liye paida hote hain itihas likhne ke baad log unko sirfira bata dete hain kyonki unke liye gaye nirnay aam logo ki samajh se bahar hote hain log soch bhi nahi sakte vaah nirnay vaah lete hain isliye log unhe sirf rakhe the

जरा यह नहीं माना कि इतिहास सिर्फ सिरफिरे देखते हैं अगर सिरफिरे इतिहास देखते तो हर सिरफिरा

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नमस्कार आपने जो शब्द लिखा है कि अगर आप इतिहास लिखना चाहते हो तो पूरा बनना ही पड़ेगा इतिहास सिर्फ सिर्फ यही लिखते हैं इस पर आपकी हर इंसान आउट ऑफ चीन सोचता है चीजों को लेकर लेकिन हम अपने जीवन चर्या में कुछ मामूली बदलाव के द्वारा बिना समाज से हटकर बिना कुछ किए बिना इस तरह की हरकत की एक भी हम अपने जीवन में बदलाव कर सकते हैं और अपनी मनचाही सफलता हासिल भी कर सकते हैं बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिन्होंने इस तरह का किसी काम को ना करते हुए भी सफलताएं हासिल की हैं और लोगों को बाद में उन चीजों के बारे में जानकारियां सफल होने के लिए सबसे जरूरी चीज है अपने दिमाग पर अंकुश होना जब तक आपका दिमाग आपको चला रहा होता है तब तक आप परिस्थितियों और दिमाग के अनुसार ही कार्य करेंगे जब आप अपने दिमाग को अपने अनुसार चलाना शुरु करते हैं तो आप अपने जीवन में वह सभी चीजें प्राप्त कर सकते हैं जो आप प्राप्त करना चाहते हैं निर्भर करता है कि आप अपने अंदर सुधार लाने के लिए तत्पर हैं या नहीं हम अपने अंदर सुधार नहीं लाते अपनी दैनिक दिनचर्या में सुधार नहीं लाते और उम्मीद करते हैं या कोशिश करते हैं कि दूसरे सुधर जाएं सबसे पहले आत्म ज्ञान होना जरूरी है कि हमारी स्थिति क्या है हम कैसे हैं और धीरे-धीरे उसके प्रति काम करना होगा सुधार करना होगा और जब व्यक्ति को आत्मज्ञान होता है आकर सुधार होता है तो वह अपनी मनचाही सफलता को प्राप्त कर सकता है उसके लिए कोई जरूरी नहीं किसी सफलता को हासिल करने के लिए तो सिर्फ क्या बना धन्यवाद

namaskar aapne jo shabd likha hai ki agar aap itihas likhna chahte ho toh pura banna hi padega itihas sirf sirf yahi likhte hain is par aapki har insaan out of china sochta hai chijon ko lekar lekin hum apne jeevan charya me kuch mamuli badlav ke dwara bina samaj se hatakar bina kuch kiye bina is tarah ki harkat ki ek bhi hum apne jeevan me badlav kar sakte hain aur apni manchahi safalta hasil bhi kar sakte hain bahut saare aise log hain jinhone is tarah ka kisi kaam ko na karte hue bhi safalataen hasil ki hain aur logo ko baad me un chijon ke bare me jankariyan safal hone ke liye sabse zaroori cheez hai apne dimag par ankush hona jab tak aapka dimag aapko chala raha hota hai tab tak aap paristhitiyon aur dimag ke anusaar hi karya karenge jab aap apne dimag ko apne anusaar chalana shuru karte hain toh aap apne jeevan me vaah sabhi cheezen prapt kar sakte hain jo aap prapt karna chahte hain nirbhar karta hai ki aap apne andar sudhaar lane ke liye tatpar hain ya nahi hum apne andar sudhaar nahi laate apni dainik dincharya me sudhaar nahi laate aur ummid karte hain ya koshish karte hain ki dusre sudhar jayen sabse pehle aatm gyaan hona zaroori hai ki hamari sthiti kya hai hum kaise hain aur dhire dhire uske prati kaam karna hoga sudhaar karna hoga aur jab vyakti ko atmagyan hota hai aakar sudhaar hota hai toh vaah apni manchahi safalta ko prapt kar sakta hai uske liye koi zaroori nahi kisi safalta ko hasil karne ke liye toh sirf kya bana dhanyavad

नमस्कार आपने जो शब्द लिखा है कि अगर आप इतिहास लिखना चाहते हो तो पूरा बनना ही पड़ेगा इतिहास

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Pri

Student

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इतिहास इतिहास लिखने के लिए सबसे रहा तो होना ही पड़ता है क्योंकि अगर ध्यान मनेगा कैसे जब तक तुम दुनिया से कुछ अलग नहीं करोगे अलग करोगे तो लोग सर सारा कहेंगे तो हम सिरफिरा इतिहास का मानना है कि हाथ से लिखना है तो कृपया तो होना ही पड़ेगा जो दुनिया क्ले से खड़ा हो पर आपने के लिए एक आजाद चिड़िया और

itihas itihas likhne ke liye sabse raha toh hona hi padta hai kyonki agar dhyan manega kaise jab tak tum duniya se kuch alag nahi karoge alag karoge toh log sir saara kahenge toh hum sirfira itihas ka manana hai ki hath se likhna hai toh kripya toh hona hi padega jo duniya clay se khada ho par aapne ke liye ek azad chidiya aur

इतिहास इतिहास लिखने के लिए सबसे रहा तो होना ही पड़ता है क्योंकि अगर ध्यान मनेगा कैसे जब तक

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C M JHA

Engineer

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नमस्कार दोस्तों आपका सवाल है कि आप इतिहास लिखना चाहते हो तो सर वतन का अभियान इन सिद्ध कीजिए कि आपका सवाल इतिहास लिखने से संबंधित है या इतिहास बनाने से संबंधित है इतिहास लिखने की बात है तो उसके लिए तार्किक मनुष्य की आवश्यकता है सिर्फ एक ही नहीं और अगर इतिहास बनाने की आवश्यकता है अगर आपका लक्ष्य इतिहास बनाना है तो उसके लिए जिज्ञासु और जुनूनी व्यक्ति का होना आवश्यक सिरफिरे होने से काम नहीं चलता अगर आपके अंदर जुनून है कुछ प्राप्त करने का तभी आप प्राप्त कर सकते हैं किसी भी हालत में अपने लक्ष्य को नहीं छोड़े तभी आप इतिहास बना सकते हैं

namaskar doston aapka sawaal hai ki aap itihas likhna chahte ho toh sir vatan ka abhiyan in siddh kijiye ki aapka sawaal itihas likhne se sambandhit hai ya itihas banane se sambandhit hai itihas likhne ki baat hai toh uske liye tarkik manushya ki avashyakta hai sirf ek hi nahi aur agar itihas banane ki avashyakta hai agar aapka lakshya itihas banana hai toh uske liye jigyasu aur junooni vyakti ka hona aavashyak sirfire hone se kaam nahi chalta agar aapke andar junun hai kuch prapt karne ka tabhi aap prapt kar sakte hain kisi bhi halat me apne lakshya ko nahi chode tabhi aap itihas bana sakte hain

नमस्कार दोस्तों आपका सवाल है कि आप इतिहास लिखना चाहते हो तो सर वतन का अभियान इन सिद्ध कीजि

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अगर आप इतिहास देखना चाहता तो आप मुझे सिर्फ बनने की नहीं पड़ेगी क्योंकि दिखी इतिहास सुरेश सिर्फ यही नहीं लेते थे तो आप आप जो इतिहास के बारे में अच्छी नॉलेज दे सकते हैं यह कोई मानी बात नहीं कीजिए पागल ही बनना पड़ता है कोई बात नहीं है

agar aap itihas dekhna chahta toh aap mujhe sirf banne ki nahi padegi kyonki dikhi itihas suresh sirf yahi nahi lete the toh aap aap jo itihas ke bare me achi knowledge de sakte hain yah koi maani baat nahi kijiye Pagal hi banna padta hai koi baat nahi hai

अगर आप इतिहास देखना चाहता तो आप मुझे सिर्फ बनने की नहीं पड़ेगी क्योंकि दिखी इतिहास सुरेश स

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md Amir

warkar

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Meera Patel

Online Home Business Ideas,and NetworkMarketing Work From Home Everyone

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Gunjan

Junior Volunteer

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नहीं ऐसा नहीं है क्या कर इतिहास लिखना है तो सिर्फ लाइव बनना पड़ेगा कि इतिहास में जो है वह बहुत सारी आंख सही बातें लिखी और सही बात लिखने के लिए आपको सिरफिरा बढ़ने की कोई जरूरत नहीं है

nahi aisa nahi hai kya kar itihas likhna hai toh sirf live banna padega ki itihas mein jo hai vaah bahut saree aankh sahi batein likhi aur sahi baat likhne ke liye aapko sirfira badhne ki koi zarurat nahi hai

नहीं ऐसा नहीं है क्या कर इतिहास लिखना है तो सिर्फ लाइव बनना पड़ेगा कि इतिहास में जो है वह

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Mdtausifzn

Gurkhan

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नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं है कि इतिहास लिख सकती के महात्मा गांधी महात्मा गांधी सरफिरे में अपने काम को काम समझते थे अपने काम को अच्छे से करते थे आहार काम को कहने का मतलब तो आज नहीं कल करेंगे ऐसा नहीं था ठीक है और एग्जांपल इंडिया के कुछ हंसी उसके बारे में बताता हूं ठीक है तो महात्मा गांधी हो गया रविंद्र नाथ टैगोर को देख लीजिए वह कहने का मतलब वह भी अपने पोयम के इसके बारे में जाने जाते हैं तो उसको यह नहीं बोल सकते कि वह सातारा कहने का मतलब यह है राजा राममोहन को ले लीजिए राजा राममोहन के इतिहास के बारे में लिखा गया मतलब जला दिया जाता था तो उसके उसके खिलाफ वह यह कि ऐसा नहीं है कि मुझे करना है तो करना है प्रॉब्लम आता है या कोई भी तकलीफ आती है तो उसका मुकाबला करना है उसके लिए इतना नहीं है उसके उससे जो किसी भी बात को समझता नहीं है वह डायरेक्ट कर देता अशर्फीलाल कामयाब जल्दी नहीं होता उसको खुदकुशी करने का नाम नहीं आपका जान है ठीक है और आपका साथ दे अगर आप साथ में ही देगा तो जिंदा नहीं रहेगा तो वैसे ही आप सोचें क्या वह काम अगर आप नहीं कीजिएगा तो आप जिंदा नहीं रही ठीक है शुक्रिया

nahi aisa bilkul nahi hai ki itihas likh sakti ke mahatma gandhi mahatma gandhi sarfire me apne kaam ko kaam samajhte the apne kaam ko acche se karte the aahaar kaam ko kehne ka matlab toh aaj nahi kal karenge aisa nahi tha theek hai aur example india ke kuch hansi uske bare me batata hoon theek hai toh mahatma gandhi ho gaya ravindra nath tagore ko dekh lijiye vaah kehne ka matlab vaah bhi apne poem ke iske bare me jaane jaate hain toh usko yah nahi bol sakte ki vaah satara kehne ka matlab yah hai raja rammohan ko le lijiye raja rammohan ke itihas ke bare me likha gaya matlab jala diya jata tha toh uske uske khilaf vaah yah ki aisa nahi hai ki mujhe karna hai toh karna hai problem aata hai ya koi bhi takleef aati hai toh uska muqabla karna hai uske liye itna nahi hai uske usse jo kisi bhi baat ko samajhata nahi hai vaah direct kar deta asharfilal kamyab jaldi nahi hota usko khudkhushi karne ka naam nahi aapka jaan hai theek hai aur aapka saath de agar aap saath me hi dega toh zinda nahi rahega toh waise hi aap sochen kya vaah kaam agar aap nahi kijiega toh aap zinda nahi rahi theek hai shukriya

नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं है कि इतिहास लिख सकती के महात्मा गांधी महात्मा गांधी सरफिरे में अपने

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सिरसला किसे कहते हैं मुझे समझाइए अपने आप अपना राय दें मैं 26 साल का हूं और हमारे ऊपर घर का पूरा जी म्हारी है मदर फादर की नहीं है तो इस देश में हम कैसे करें कैसे अपने आप को उठाने करें लोगों के बीच कैसे आगे बढ़े

sirasala kise kehte hain mujhe samjhaiye apne aap apna rai de main 26 saal ka hoon aur hamare upar ghar ka pura ji mhari hai mother father ki nahi hai toh is desh me hum kaise kare kaise apne aap ko uthane kare logo ke beech kaise aage badhe

सिरसला किसे कहते हैं मुझे समझाइए अपने आप अपना राय दें मैं 26 साल का हूं और हमारे ऊपर घर का

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अनिल दुआ

बेरोजगार

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अगर आप इतिहास लिखना चाहते हैं तो आपको सिर्फ या नहीं बनना पड़ेगा आपको पोस्ट जीवन जीना शुरु करना पड़ेगा की जय श्री परी तो बहुत है दुनिया में लाखों है करो है जरूरी नहीं है कि सबको मंजिल मिल जाए मंजिल उनको ही मिलती है जो अपने पूरे जीवन में होश में रहते हैं अपनी हर सांस में होश में रहते हैं हर अपने काम को पोस्ट से करते हैं तो जो भी काम आपने खाना है अगर आपको पूरे होश के साथ पूरी लगन के साथ कर जाए तो इतिहास रच के जा सकते हैं सिरफिरे की तो नहीं पता लेकिन हां उसमें जीवन जीने वालों ने इतिहास रचा है और रास्ते रहेंगे मैं धन्यवाद देना चाहूंगा आपको भी क्या आपने ऐसा प्रश्न रखा था

agar aap itihas likhna chahte hain toh aapko sirf ya nahi banna padega aapko post jeevan jeena shuru karna padega ki jai shri pari toh bahut hai duniya me laakhon hai karo hai zaroori nahi hai ki sabko manjil mil jaaye manjil unko hi milti hai jo apne poore jeevan me hosh me rehte hain apni har saans me hosh me rehte hain har apne kaam ko post se karte hain toh jo bhi kaam aapne khana hai agar aapko poore hosh ke saath puri lagan ke saath kar jaaye toh itihas rach ke ja sakte hain sirfire ki toh nahi pata lekin haan usme jeevan jeene walon ne itihas racha hai aur raste rahenge main dhanyavad dena chahunga aapko bhi kya aapne aisa prashna rakha tha

अगर आप इतिहास लिखना चाहते हैं तो आपको सिर्फ या नहीं बनना पड़ेगा आपको पोस्ट जीवन जीना शुरु

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