क्या आपको लगता है कि भारत में आरक्षण अभी भी ज़रूरी है?...


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मुझे पूछा जा रहा है भाभी जी आपको लगता है कि भारत में आरक्षण अभी भी पर मैं कहना चाहूंगा देखिए पहली बात तो सवाल आपने पूछा तो आपको मालूम होना चाहिए आरक्षण की शुरुआत से देखिए पूजनीय महात्मा गांधी जो हमारा देश के महात्मा और के मारे गए आरोपों का भी आरक्षण के जो सुबह कि उनके द्वारा हुई है कि आरक्षण जो है इसके पीछे जाकर आपको देखना पड़ेगा क्यों हुआ चालू कैसे हुआ कहां पर है आरक्षण की वजह से इंग्लिश में डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर जी को स्वतंत्रता शिवजी की स्वतंत्रता में क्या निकलता है कि स्वतंत्र गूगल लोडिंग करेंगे एक कैंडिडेट कैन दे दो उसमें से आने वाला क्या उड़ान गीत सॉन्ग दोस्तों से अनशन चालू करके उन्हें पेंशन के माध्यम से बाबा अंबेडकर साहब मैं तो मेरा खुद का मुझे रखने का आपने बताया है कि वह क्या लगता है आपको जरूरी है क्या उसको मैं बोलूंगा अब तक 4 शब्दों में बोलूंगा कि देखो यह कष्ट यूसी देने के बाद दो वापस ली गई उसके बदले में आरक्षण जो है आरक्षण की शुरुआत की है पर मेरा ऐसा मानना है कि आरक्षण से देश का नुकसान हुआ बाबा साहेब का कहना था कि उन लोगों को स्वतंत्र मतदार संघ दिया गया स्वतंत्रता की गई वह अपना विकास स्वयं अपने समाज का अपने लोगों का अपने बिरादरी का गरीब समाज का हो गरीब आदमी अब उनका बराबर साहब सिद्धेश्वर से हो गया कि हम जाके वासियों की ताकि उनकी चिंताएं और वहां जाकर हमने तो कल परसों में उन लोगों की क्या उन्नत चाहिए कहां है बोलो ईश्वर से सच्चे बादशाह अंबेडकर के शब्दों में चाहिए इस पर ध्यान दें यदि उनको अपने बराबर में तरक्की कर सकते थे हमने उनसे मिलने के बाद हम उनके मतदार संघ में क्या कर रहा है देश का नुकसान हुआ यूनो का विकास तो हुआ नहीं हम लोगों ने उनके साथियों से भी जाकर गवर्नमेंट से उनके नाम से जो भी रकम निकलना है जो स्कीम निकाला जोधा निकालना है हमने योजना का फायदा किसान में आपका जो सवाल था उसका जवाब मिल गया था मुझे लगता है

mujhe poocha ja raha hai bhabhi ji aapko lagta hai ki bharat me aarakshan abhi bhi par main kehna chahunga dekhiye pehli baat toh sawaal aapne poocha toh aapko maloom hona chahiye aarakshan ki shuruat se dekhiye pujaniya mahatma gandhi jo hamara desh ke mahatma aur ke maare gaye aaropon ka bhi aarakshan ke jo subah ki unke dwara hui hai ki aarakshan jo hai iske peeche jaakar aapko dekhna padega kyon hua chaalu kaise hua kaha par hai aarakshan ki wajah se english me doctor babasaheb ambedkar ji ko swatantrata shivaji ki swatantrata me kya nikalta hai ki swatantra google loading karenge ek candidate can de do usme se aane vala kya udaan geet song doston se anshan chaalu karke unhe pension ke madhyam se baba ambedkar saheb main toh mera khud ka mujhe rakhne ka aapne bataya hai ki vaah kya lagta hai aapko zaroori hai kya usko main boloonga ab tak 4 shabdon me boloonga ki dekho yah kasht UC dene ke baad do wapas li gayi uske badle me aarakshan jo hai aarakshan ki shuruat ki hai par mera aisa manana hai ki aarakshan se desh ka nuksan hua baba saheb ka kehna tha ki un logo ko swatantra matdar sangh diya gaya swatantrata ki gayi vaah apna vikas swayam apne samaj ka apne logo ka apne biradari ka garib samaj ka ho garib aadmi ab unka barabar saheb siddheshwar se ho gaya ki hum jake vasiyo ki taki unki chintaen aur wahan jaakar humne toh kal parso me un logo ki kya unnat chahiye kaha hai bolo ishwar se sacche badshah ambedkar ke shabdon me chahiye is par dhyan de yadi unko apne barabar me tarakki kar sakte the humne unse milne ke baad hum unke matdar sangh me kya kar raha hai desh ka nuksan hua uno ka vikas toh hua nahi hum logo ne unke sathiyo se bhi jaakar government se unke naam se jo bhi rakam nikalna hai jo scheme nikaala jodha nikalna hai humne yojana ka fayda kisan me aapka jo sawaal tha uska jawab mil gaya tha mujhe lagta hai

मुझे पूछा जा रहा है भाभी जी आपको लगता है कि भारत में आरक्षण अभी भी पर मैं कहना चाहूंगा दे

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BRAHAM SINGH

Social Activist

1:05
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क्योंकि लोग बहुत हैं पीछे जिनको जरूरत है देश हमारा आजाद हुआ मिशन कि अगर जब जिस दिन देश हमारा आजाद हुआ अगर उसी दिन से वह कोटा पूरा कर दिया गया होता जिसने देश आजाद हुआ उसी दिन को उसी दिन का कोटा कर दिया गया होता जो आरक्षण दिया गया है संविधान में चाय के लिए चाय पी के लिए ओबीसी के दिया है तो वह 10 साल में वह लोग बहुत बराबरी पर आ गए हो 10 साल के बाद उसकी आवश्यकता नहीं पड़ती लेकिन दुख की बात यह है कि आज 75 साल के बाद में कोटा पूरा नहीं हुआ है चल सेंटर में हो और चाहे वह स्टेट में हर जगह पर ऑडियो कोटा खाली पड़ा हुआ है चाहे वह ऐसी का है 24 टीका जो भी सिखाए तो मुझे लगता है कि जब तक पूरा फुल सीन ना हो जाए और एक याद रख कर इस को फुल तब उसको हटाना है उससे पहले मुझे लगता है कि

kyonki log bahut hain peeche jinako zarurat hai desh hamara azad hua mission ki agar jab jis din desh hamara azad hua agar usi din se vaah quota pura kar diya gaya hota jisne desh azad hua usi din ko usi din ka quota kar diya gaya hota jo aarakshan diya gaya hai samvidhan mein chai ke liye chai p ke liye obc ke diya hai toh vaah 10 saal mein vaah log bahut barabari par aa gaye ho 10 saal ke baad uski avashyakta nahi padti lekin dukh ki baat yah hai ki aaj 75 saal ke baad mein quota pura nahi hua hai chal center mein ho aur chahen vaah state mein har jagah par audio quota khaali pada hua hai chahen vaah aisi ka hai 24 tika jo bhi sikhaye toh mujhe lagta hai ki jab tak pura full seen na ho jaaye aur ek yaad rakh kar is ko full tab usko hatana hai usse pehle mujhe lagta hai ki

क्योंकि लोग बहुत हैं पीछे जिनको जरूरत है देश हमारा आजाद हुआ मिशन कि अगर जब जिस दिन देश हमा

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Varinder Pramod

Journalist

0:22
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आरक्षण का मुद्दा बन गया है जो से छुटकारा नहीं हो सकती है

aarakshan ka mudda ban gaya hai jo se chhutkara nahi ho sakti hai

आरक्षण का मुद्दा बन गया है जो से छुटकारा नहीं हो सकती है

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Vedachary Pathak Singrauli

सनातन सुरक्षा परिषद् संस्थापक

2:00
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हेलो दोस्त नमस्कार देखिए आपका बहुत ही अच्छा सवाल है आपने पूछा है क्या आपको लगता है कि भारत में आरक्षण अभी भी जरूरी है हां बिल्कुल जरूरी नहीं है संविधान के अनुसार और सरकार के अनुसार अंबेडकर के संविधान के अनुसार देश के संविधान के अनुसार जिस प्रकार से धारा आर्टिकल 370 एक टेंपरेरी आर्टिकल था उसी प्रकार से आरक्षण पिंपरी 10 साल के लिए अवस्था थी जो कि आज 70 साल तक चली जाइए इसके दुष्परिणाम क्या-क्या आरक्षण देने का बजे यह था नीचे को न थी ऊपर नीचे धकेलना अब समय आया है इसके जरिए को योग्य व्यक्ति को टैलेंट देसी खत्म प्रतिभाग खत्म योग्यता की कोई कदर नहीं आवश्यकता तो आज यह है कि शिक्षा में आरक्षण दो किसी भी गरीब बच्चे को अच्छी शिक्षा दिला दो दिला दीजिए और इसके बाद नौकरियों में फाइट करके भगवान को पास करें और नौकरी को पाए उदाहरण के लिए आपको बता दूं अगर कम अंकों वाला अगर अनपढ़ कोई टीचर बनेगा तो शिक्षा का स्तर नीचे जाएगा गड्ढा अनपढ़ आएगा तो आपका इलास्टिक्स नहीं होगा अगर कोई ऑफिस रिजर्वेशन वाला आएगा तो आप आपका सारा सिस्टम खराब हो जाएगा अन्य देशों में जिस प्रकार संयोगिता की कदर होती है आवश्यकता यह है पूरा देश एकजुट होकर के और आरक्षण को पूर्ण रूप से समाप्त करने का संकल्प ले और इसका विरोध करें हालांकि विश्व जनवरी 2020 में पूर्व में दिया हुआ आरक्षण गुणों से समाप्त हो रहा है अब आगे से नहीं बनाया जाना चाहिए इस पर हम सबको पहल करना चाहिए

hello dost namaskar dekhiye aapka bahut hi accha sawaal hai aapne poocha hai kya aapko lagta hai ki bharat mein aarakshan abhi bhi zaroori hai haan bilkul zaroori nahi hai samvidhan ke anusaar aur sarkar ke anusaar ambedkar ke samvidhan ke anusaar desh ke samvidhan ke anusaar jis prakar se dhara article 370 ek tempareri article tha usi prakar se aarakshan pimpri 10 saal ke liye avastha thi jo ki aaj 70 saal tak chali jaiye iske dushparinaam kya kya aarakshan dene ka baje yah tha niche ko na thi upar niche dhakelana ab samay aaya hai iske jariye ko yogya vyakti ko talent desi khatam pratibhag khatam yogyata ki koi kadar nahi avashyakta toh aaj yah hai ki shiksha mein aarakshan do kisi bhi garib bacche ko achi shiksha dila do dila dijiye aur iske baad naukriyon mein fight karke bhagwan ko paas kare aur naukri ko paye udaharan ke liye aapko bata doon agar kam ankon vala agar anpad koi teacher banega toh shiksha ka sthar niche jaega gaddha anpad aayega toh aapka ilastiks nahi hoga agar koi office reservation vala aayega toh aap aapka saara system kharab ho jaega anya deshon mein jis prakar sanyogita ki kadar hoti hai avashyakta yah hai pura desh ekjut hokar ke aur aarakshan ko purn roop se samapt karne ka sankalp le aur iska virodh kare halaki vishwa january 2020 mein purv mein diya hua aarakshan gunon se samapt ho raha hai ab aage se nahi banaya jana chahiye is par hum sabko pahal karna chahiye

हेलो दोस्त नमस्कार देखिए आपका बहुत ही अच्छा सवाल है आपने पूछा है क्या आपको लगता है कि भारत

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Rajesh Bhambi

Bureau Chief At India News

0:26
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मुझे चाहिए सॉन्ग चाहिए लोगों को बेवकूफ बनाने के तरीके

mujhe chahiye song chahiye logo ko bewakoof banane ke tarike

मुझे चाहिए सॉन्ग चाहिए लोगों को बेवकूफ बनाने के तरीके

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Vikas Singh

Political Analyst

1:06
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देखे भारत में आरक्षण की जरूरत नहीं है और हमारा देश आज पीछे है विकासशील देश के नाम से जाना जाता है क्योंकि हमारे देश में आरक्षण आरक्षण ने हमारे देश में ऐसा जहर फैलाया है कि हमारे देश की स्थिति खराब हो चुकी है प्रधानमंत्री मोदी जी जब से आए हैं तब से स्थिति अच्छी हो रही है नेशनल लेवल पर और वर्ल्ड लेवल पर देखिए आरक्षण जिस दिन खत्म होगा उसी दिन हमारा देश आगे बढ़ेगा क्योंकि आरक्षण के माध्यम से 35 35 नंबर पाने वाला व्यक्ति आईएस बनता है 90 नंबर पाने वाला कुछ नहीं बन पाता है तो इसलिए आरक्षण को खत्म करना चाहिए आरक्षण के माध्यम से एक कलेक्टर जो होता है वह अपने बेटे का फीस नहीं भरता है और जो साउंड जाति के छोड़ जाती कभी चपरासी होता है उसे फीस भरना पड़ता है तो आरक्षण नहीं होना चाहिए आरक्षण किसी जाति के आधार पर नहीं होना चाहिए आरक्षण गरीबी क्या आरके होना चाहिए आरक्षण होना चाहिए लेकिन गरीबी के आधार पर होना चाहिए धन्यवाद

dekhe bharat mein aarakshan ki zarurat nahi hai aur hamara desh aaj peeche hai vikasshil desh ke naam se jana jata hai kyonki hamare desh mein aarakshan aarakshan ne hamare desh mein aisa zehar faelaya hai ki hamare desh ki sthiti kharab ho chuki hai pradhanmantri modi ji jab se aaye hain tab se sthiti achi ho rahi hai national level par aur world level par dekhiye aarakshan jis din khatam hoga usi din hamara desh aage badhega kyonki aarakshan ke madhyam se 35 35 number paane vala vyakti ias baata hai 90 number paane vala kuch nahi ban pata hai toh isliye aarakshan ko khatam karna chahiye aarakshan ke madhyam se ek collector jo hota hai vaah apne bete ka fees nahi bharta hai aur jo sound jati ke chod jaati kabhi chaprasi hota hai use fees bharna padta hai toh aarakshan nahi hona chahiye aarakshan kisi jati ke aadhaar par nahi hona chahiye aarakshan garibi kya RK hona chahiye aarakshan hona chahiye lekin garibi ke aadhaar par hona chahiye dhanyavad

देखे भारत में आरक्षण की जरूरत नहीं है और हमारा देश आज पीछे है विकासशील देश के नाम से जाना

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आरक्षण तो मैं मानता हूं कि यह होना चाहिए कि नहीं उसका डाटा उठा कर देखो उसमें गरीब आदमी है गरीब तबके के लोग इंसान है जो परिवार है और गरीब है और पूरी परिवार को कहां से कहां पहुंचा दिया तो मैं समझता हूं अपने टैलेंट को अपनी अगली की को जो इस देश के लिए काम में ना सके तो समाज को मजबूत करने में लगे तो मैं समझता हूं कि आर्थिक आधार पर आरक्षण की जरूरत है सामाजिक आधार पर जाति के आधार पर आरक्षण की धमक नहीं है लेकिन एक बहुत महत्वपूर्ण चीज है अगर हम आर्थिक आधार पर आरक्षण देते हैं क्या हमारी नियत भी हमारी मानसिकता जी क्या ईमानदारी से काम करेंगे हम उस पर ईमानदार नहीं आएंगे तो हमको तो सबसे पहले अपनी मानसिकता को बदलना पड़ेगा हम को मानना पड़ेगा कि हम देश के नागरिक हैं और हमारा पहला करतब देश को मजबूत करने का है समाज को मजबूत करने का है जो नेता हमारे जो देश को चला रहे हैं उनके बच्चे की सोच की विचारधारा से हटके काम करना पड़ेगा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण होता है तो कहीं ऐसा ना हो कि आर्थिक आधार पर जो है आरक्षण तो हो जाए और हम जो आर्थिक आधार पर मजबूत बैठी हो उस उसी को जो है ना हम आरक्षण देने लगे डॉक्यूमेंटेशन के आधार पर तो अगर कोई मजबूत है आर्थिक रूप से मजबूत है और कोई डॉक्यूमेंट ले आया कि हमारी इंटरव्यू तो हमने तो उस पेपर के आधार पर जो है वह हमने फैसला कर लिया ऐसे कैसे आएगा तो मुझे लगता है ना अपनी सोच को साफ करना पड़ेगा और क्या कर दो

aarakshan toh main manata hoon ki yah hona chahiye ki nahi uska data utha kar dekho usme garib aadmi hai garib tabke ke log insaan hai jo parivar hai aur garib hai aur puri parivar ko kahaan se kahaan pohcha diya toh main samajhata hoon apne talent ko apni agli ki ko jo is desh ke liye kaam mein na sake toh samaj ko majboot karne mein lage toh main samajhata hoon ki aarthik aadhaar par aarakshan ki zarurat hai samajik aadhaar par jati ke aadhaar par aarakshan ki dhamak nahi hai lekin ek bahut mahatvapurna cheez hai agar hum aarthik aadhaar par aarakshan dete kya hamari niyat bhi hamari mansikta ji kya imaandaari se kaam karenge hum us par imaandaar nahi aayenge toh hamko toh sabse pehle apni mansikta ko badalna padega hum ko manana padega ki hum desh ke nagarik hain aur hamara pehla kartab desh ko majboot karne ka hai samaj ko majboot karne ka hai jo neta hamare jo desh ko chala rahe hain unke bacche ki soch ki vichardhara se hatake kaam karna padega ki aarthik aadhaar par aarakshan hota hai toh kahin aisa na ho ki aarthik aadhaar par jo hai aarakshan toh ho jaaye aur hum jo aarthik aadhaar par majboot baithi ho us usi ko jo hai na hum aarakshan dene lage documentation ke aadhaar par toh agar koi majboot hai aarthik roop se majboot hai aur koi document le aaya ki hamari interview toh humne toh us paper ke aadhaar par jo hai vaah humne faisla kar liya aise kaise aayega toh mujhe lagta hai na apni soch ko saaf karna padega aur kya kar do

आरक्षण तो मैं मानता हूं कि यह होना चाहिए कि नहीं उसका डाटा उठा कर देखो उसमें गरीब आदमी है

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Rajesh Vishwakarma

Journalist & Bureau Chief

1:04
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अजीत जी आपका जो आरक्षण का मुद्दा तो है लेकिन उन लोगों पर लागू होना चाहिए जिन्हें यह हमारा देश जो है पड़ेगा कि करिए यह हो गई है कि सरकार जो है आरक्षण का विरोध होता है कहीं आरक्षण की मांग होती है उसको लेकर किन लोगों को देना चाहिए कि क्यों नहीं देना चाहिए इस पर अधिक कोई तो है नहीं करता है तो मुझ मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं सरकारी मुद्दा रखना चाहिए चौथे या नहीं इस पर काफी राय होनी चाहिए

ajit ji aapka jo aarakshan ka mudda toh hai lekin un logo par laagu hona chahiye jinhen yeh hamara desh jo hai padega ki kariye yeh ho gayi hai ki sarkar jo hai aarakshan ka virodh hota hai kahin aarakshan ki maang hoti hai usko lekar kin logo ko dena chahiye ki kyon nahi dena chahiye is par adhik koi toh hai nahi karta hai toh mujh mujhe lagta hai ki kahin na kahin sarkari mudda rakhna chahiye chauthe ya nahi is par kaafi rai honi chahiye

अजीत जी आपका जो आरक्षण का मुद्दा तो है लेकिन उन लोगों पर लागू होना चाहिए जिन्हें यह हमारा

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मेरे हिसाब से रिजर्वेशन का कोई जरूरत नहीं है ठीक है जिसमें काबिलियत है वह अपने आसपास क्रिएट कर लेता यह तो वोट बैंक की राजनीति से रिलेटेड रिजर्वेशन होना नहीं चाहिए पर्सनल मेरा यह सोच

mere hisab se reservation ka koi zarurat nahi hai theek hai jisme kabiliyat hai wah apne aaspass create kar leta yeh toh vote bank ki rajneeti se related reservation hona nahi chahiye personal mera yeh soch

मेरे हिसाब से रिजर्वेशन का कोई जरूरत नहीं है ठीक है जिसमें काबिलियत है वह अपने आसपास क्रिए

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Kishan Kumar

Motivational speaker

0:46
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माय डियर फ्रेंड आपको क्वेश्चन है क्या आपको लगता है कि भारत में आरक्षण अभी भी जरूरी है हां दोस्तों बिल्कुल जरूरी है क्योंकि अभी भी लोग उसी निगाह थे उसी तजुर्बे से मान रहे हैं लोगों को छुआछूत जात पात को लेकर मजहब धर्म को लेकर तो अभी भी उनको दिए जाने चाहिए खत्म होता है तो शारीरिक की जरूरत ना पड़े तो अच्छी रहेगी और अभी भी बहुत ही सिला के पिछड़े हैं जो वहां अभी भी है छुआछूत जात पात की भेंट को लेकर टोपी भी मिलना चाहिए थैंक यू

my dear friend aapko question hai kya aapko lagta hai ki bharat mein aarakshan abhi bhi zaroori hai haan doston bilkul zaroori hai kyonki abhi bhi log usi nigah the usi tajurbe se maan rahe hai logo ko chuachut jaat pat ko lekar majhab dharm ko lekar toh abhi bhi unko diye jaane chahiye khatam hota hai toh sharirik ki zarurat na pade toh achi rahegi aur abhi bhi bahut hi sila ke pichade hai jo wahan abhi bhi hai chuachut jaat pat ki bhent ko lekar topi bhi milna chahiye thank you

माय डियर फ्रेंड आपको क्वेश्चन है क्या आपको लगता है कि भारत में आरक्षण अभी भी जरूरी है हां

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Vipin Giri

Journalist

1:19
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देश में आरक्षण पिछड़ों को संविधान ने दिया है और इस वक्त के हालात की बात करें तो देश के अंदर आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलना चाहिए मेरी यह राय है कि आर्थिक आधार पर अगर आरक्षण मिलेगा तो उसमें वह किसी भी जाति का व्यक्ति हूं जो गरीब है वास्तव में गरीब है उसको लाभ मिलना चाहिए बहुत से लोग ऐसे हैं जो नीचे जो हमारी कास्ट से पिछड़ा वर्ग है जो अल्पसंख्यक हैं या sc-st है उनको जो आरक्षण का लाभ मिलता है उनको अगर आप और आपके आसपास कहीं देखा होगा इस तरह के कोई लोग रहते हैं तो अपने आप में कुछ संपन्न हैं उन्हें सरकार से आरक्षण की जरूरत नहीं है तो मेरा यही मानना है कि जो लोग गरीबी रेखा से ऊपर हैं उनके लिए आरक्षण को बंद करना चाहिए और आर्थिक आधार पर ही आरक्षण लागू हो इसका लाभ उन सभी लोगों को मिलेगा वह किसी भी धर्म किसी भी जाति के हो जो गरीबी रेखा में जीने को मजबूर हैं

desh mein aarakshan pichadon ko samvidhan ne diya hai aur is waqt ke haalaat ki baat kare toh desh ke andar aarthik aadhaar par aarakshan milna chahiye meri yah rai hai ki aarthik aadhaar par agar aarakshan milega toh usme vaah kisi bhi jati ka vyakti hoon jo garib hai vaastav mein garib hai usko labh milna chahiye bahut se log aise hain jo niche jo hamari caste se pichda varg hai jo alpsankhyak hain ya sc st hai unko jo aarakshan ka labh milta hai unko agar aap aur aapke aaspass kahin dekha hoga is tarah ke koi log rehte hain toh apne aap mein kuch sampann hain unhe sarkar se aarakshan ki zarurat nahi hai toh mera yahi manana hai ki jo log garibi rekha se upar hain unke liye aarakshan ko band karna chahiye aur aarthik aadhaar par hi aarakshan laagu ho iska labh un sabhi logo ko milega vaah kisi bhi dharm kisi bhi jati ke ho jo garibi rekha mein jeene ko majboor hain

देश में आरक्षण पिछड़ों को संविधान ने दिया है और इस वक्त के हालात की बात करें तो देश के अंद

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Dr. Shivam Sharma (yoga therapist)

Yogatharapisrt Dr.shivam Sharma ,plz Subscribehttps://www.youtube.com/channel/UCB95ewujlU5zM_wwKcALVCA

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जी मुझे नहीं लगता कि भारत में आरक्षण अभी भी जरूरी है क्योंकि भारत में बदल गया आप जो भारत है उसे विकसित भारत भी कह सकते हैं क्योंकि विकास की तरफ बढ़ रहा है और भारत आगे बढ़ भी सकता है क्योंकि इसकी नागरिक 31 अगस्त सकते हैं जिनको अपने पर विश्वास है कि वह कुछ भी कर सकते हैं और भारत आज का युवा हर एक नागरिक पर लिखा है वह चाहे तो अपने दम पर कुछ भी हासिल कर सकता है बस उसका इरादा और टारगेट बस खाली सेट होना चाहिए ऑल आरक्षण की बात रही आरक्षण उन्हीं को दिया जाता है जिनके हाथ पैर नहीं है जो अपने लिए भोजन प्राप्त नहीं कर सकते तो आरक्षण की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए कि किसी भी बैसाखी की जरूरत उसी को पड़ती है जो उसके लायक हो आप सशक्त आपके हाथ पैर हैं तो आप काम कर सकते हैं आपका मस्तिष्क सही है तो आप आगे बढ़ सकते हैं आरक्षण की जरूरत आपको पड़ेगी

ji mujhe nahi lagta ki bharat mein aarakshan abhi bhi zaroori hai kyonki bharat mein badal gaya aap jo bharat hai use viksit bharat bhi keh sakte hain kyonki vikas ki taraf badh raha hai aur bharat aage badh bhi sakta hai kyonki iski nagarik 31 august sakte hain jinako apne par vishwas hai ki vaah kuch bhi kar sakte hain aur bharat aaj ka yuva har ek nagarik par likha hai vaah chahen toh apne dum par kuch bhi hasil kar sakta hai bus uska irada aur target bus khaali set hona chahiye all aarakshan ki baat rahi aarakshan unhi ko diya jata hai jinke hath pair nahi hai jo apne liye bhojan prapt nahi kar sakte toh aarakshan ki zarurat nahi padni chahiye ki kisi bhi baisakhi ki zarurat usi ko padti hai jo uske layak ho aap sashakt aapke hath pair hain toh aap kaam kar sakte hain aapka mastishk sahi hai toh aap aage badh sakte hain aarakshan ki zarurat aapko padegi

जी मुझे नहीं लगता कि भारत में आरक्षण अभी भी जरूरी है क्योंकि भारत में बदल गया आप जो भारत ह

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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

3:43
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प्रश्न है क्या आपको लगता है कि भारत में आरक्षण अभी भी जरूरी है बेशक जरूरी है भारत में आरक्षण अभी भी जरूरी है क्योंकि जैसे कि आप सब जानते हैं कि भारत गांवों का देश है गांव में 70 परसेंट संख्या निवास करती हैं और आप जानते हैं कि जो भी डेवलपमेंट होता है जो विकास होता है शहरों में होता है शहरों से नजदीक जो बसे गांव होते हैं उनमें डेवलपमेंट होता है और एक डेवलपमेंट की छाया मात्र पहुंचती है गांव में ऐसा मैं नहीं कहूंगी गांव में डेवलपमेंट नहीं हो रहा है विकास नहीं हो रहा है गांव में भी विकास हो रहा है लेकिन हंड्रेड में से 25% अजब वहां से बच्चे निकल कर जाते हैं उन्हें उन बच्चों को अनेक कठिनाइयों परेशानियों का सामना करना पड़ता है रही बात इस मुद्दे पर आते हैं कि आरक्षण क्यों जरूरी है आरक्षण इसलिए जरूरी है कि आप आरक्षण दे या ना दे जो जनरल क्लास के बच्चे हैं मेहनत करते हैं निकलते हैं आरक्षण के बावजूद भी जनरल क्लास वालों के रिजल्ट अच्छा आता है की जनसंख्या ज्यादा है क्यों क्योंकि वह पढ़ते हैं वह आरक्षण मिले या ना मिले वह करेंगे लेकिन जब बात होती है क्या आरक्षण बंद करने की तो नींद कुछ लोग जो अपने नीचे तबके से मेहनत अर्निंग कोठी में जो अच्छी पोजीशन पर है तो वह तो उन्हें अर्चन की कोई जरूरत ही नहीं पड़ती है वह अपना छोड़ देते हैं लेकिन तबके से आते हैं उन्हें अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है जो गांव से आए हैं अपने सामाजिक सामाजिक नेता जो है उनका सामान समाज से लड़के आते हैं अपने आर्थिक कठिनाइयों से लड़के आते हैं राजनीतिक शक्ति से उभर कर आते हैं ऐसे लोगों को मेहनत वह करते हैं आरक्षण होता है तिनके का सहारा साबित होता है ऐसा नहीं कि दिव्यांग जो होते हैं वह सिर्फ आरक्षण के बलबूते पास कर जाते हैं जिसे कहते हैं सब चीज तैयार है बस उसमें थोड़ी सी टीम के की सहारा चाहिए तो आरक्षण वही काम करता है अगर वह भी आरक्षण बंद कर दिया जाए तो यह पिछले वाले हैं जो पिछड़े वर्ग के हैं वह पिछड़े ना जाएंगे और आगे वाले आगे बढ़ते रह जाएंगे इस खाई को कम करने के लिए आरक्षण आज भी जरूरी है आज सरकार ने 100 वर्ष यानी जनरल वालों के लिए 10 परसेंट आरक्षण किया है वह बहुत सही है ऐसा होना चाहिए क्योंकि मैं यह नहीं कहती कि वह पिछड़ा वर्ग में सिर्फ दलित है ओबीसी एससी एसटी या पिया जाता है ऐसा नहीं उज्जैन अलवर के लोग जो गांव देहात दूरदराज के इलाकों में बसे उन्हें भी यही कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है उनकी आर्थिक स्थिति की देनी है उन्हें सामाजिक सामाजिक दबाव उन पर भी राजनीतिक शक्ति से वह भी जिनकी राजनीतिक सकती वह भी बहुत ही अच्छी पहल है

prashna hai kya aapko lagta hai ki bharat mein aarakshan abhi bhi zaroori hai beshak zaroori hai bharat mein aarakshan abhi bhi zaroori hai kyonki jaise ki aap sab jante hai ki bharat gaon ka desh hai gaon mein 70 percent sankhya niwas karti hai aur aap jante hai ki jo bhi development hota hai jo vikas hota hai shaharon mein hota hai shaharon se nazdeek jo base gaon hote hai unmen development hota hai aur ek development ki chhaya matra pohchti hai gaon mein aisa main nahi kahungi gaon mein development nahi ho raha hai vikas nahi ho raha hai gaon mein bhi vikas ho raha hai lekin hundred mein se 25 ajab wahan se bacche nikal kar jaate hai unhe un baccho ko anek kathinaiyon pareshaniyo ka samana karna padta hai rahi baat is mudde par aate hai ki aarakshan kyon zaroori hai aarakshan isliye zaroori hai ki aap aarakshan de ya na de jo general class ke bacche hai mehnat karte hai nikalte hai aarakshan ke bawajud bhi general class walon ke result accha aata hai ki jansankhya zyada hai kyon kyonki vaah padhte hai vaah aarakshan mile ya na mile vaah karenge lekin jab baat hoti hai kya aarakshan band karne ki toh neend kuch log jo apne niche tabke se mehnat earning kothi mein jo achi position par hai toh vaah toh unhe archan ki koi zarurat hi nahi padti hai vaah apna chod dete hai lekin tabke se aate hai unhe anek prakar ki kathinaiyon ka samana karna padta hai jo gaon se aaye hai apne samajik samajik neta jo hai unka saamaan samaj se ladke aate hai apne aarthik kathinaiyon se ladke aate hai raajnitik shakti se ubhar kar aate hai aise logo ko mehnat vaah karte hai aarakshan hota hai tinke ka sahara saabit hota hai aisa nahi ki divyang jo hote hai vaah sirf aarakshan ke balbute paas kar jaate hai jise kehte hai sab cheez taiyar hai bus usme thodi si team ke ki sahara chahiye toh aarakshan wahi kaam karta hai agar vaah bhi aarakshan band kar diya jaaye toh yah pichle waale hai jo pichde varg ke hai vaah pichde na jaenge aur aage waale aage badhte reh jaenge is khai ko kam karne ke liye aarakshan aaj bhi zaroori hai aaj sarkar ne 100 varsh yani general walon ke liye 10 percent aarakshan kiya hai vaah bahut sahi hai aisa hona chahiye kyonki main yah nahi kehti ki vaah pichda varg mein sirf dalit hai obc SC ST ya piya jata hai aisa nahi ujjain alwar ke log jo gaon dehaant durdaraj ke ilako mein base unhe bhi yahi kathinaiyon ka samana karna padta hai unki aarthik sthiti ki deni hai unhe samajik samajik dabaav un par bhi raajnitik shakti se vaah bhi jinki raajnitik sakti vaah bhi bahut hi achi pahal hai

प्रश्न है क्या आपको लगता है कि भारत में आरक्षण अभी भी जरूरी है बेशक जरूरी है भारत में आरक्

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Rihan Shah

I want to become An IAS Officer (Love Realationship Full Experience)

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देखो मेरा मानना है कि मुझे लगता है कि भारत में आरक्षण अब भी जरूरी है सबसे ज्यादा से ज्यादा आरक्षण हुआ तो देश सफल और आगे बढ़ पाएगा तो हमारे यहां हर साल जीने एजुकेशन बच्चे स्टूडेंट हैं उनके लिए कुछ ना कुछ जॉब निकलती नहीं चाहिए जिससे अपने कार्यों पर अपने पदों पर पहुंच जाएं और छोटी-मोटी बेरोजगारी है बेरोजगारी आ रही है तो खत्म होती है

dekho mera manana hai ki mujhe lagta hai ki bharat mein aarakshan ab bhi zaroori hai sabse zyada se zyada aarakshan hua toh desh safal aur aage badh payega toh hamare yahan har saal jeene education bacche student hain unke liye kuch na kuch job nikalti nahi chahiye jisse apne karyo par apne padon par pohch jayen aur choti moti berojgari hai berojgari aa rahi hai toh khatam hoti hai

देखो मेरा मानना है कि मुझे लगता है कि भारत में आरक्षण अब भी जरूरी है सबसे ज्यादा से ज्यादा

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देखें भारत में आरक्षण जरूरी है लेकिन जातीय वर्ग एआधार पर ना होकर आर्थिक स्थिति के आधार पर यदि हो तो आरक्षण से देश के लोगों को फायदा मिलेगा

dekhen bharat mein aarakshan zaroori hai lekin jatiye varg eaadhar par na hokar aarthik sthiti ke aadhar par yadi ho toh aarakshan se desh ke logo ko fayda milega

देखें भारत में आरक्षण जरूरी है लेकिन जातीय वर्ग एआधार पर ना होकर आर्थिक स्थिति के आधार पर

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Manoj Aligadi

Freelance Photo Journalist

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बिल्कुल भारत में आरक्षण बिल्कुल जरूरी है शैक्षणिक और सामाजिक आधार पर हम लोगों को दलित को रिजर्वेशन दिया गया था और समाज में आज भी आत्मा तब जातिवाद पूरे तरीके से फैली हुई है जब तक देश में भंगी चमार जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग बंद नहीं होगा तब तक रिजर्वेशन होना बहुत जरूरी है और नरेंद्र चलना चाहिए आज जातिवाद खत्म करने की वह लोग बात कर रहे हैं और वहीं पर जातिसूचक शब्दों से लोगों को अपमानित करते हैं तो वहां

bilkul bharat mein aarakshan bilkul zaroori hai shaikshnik aur samajik aadhaar par hum logo ko dalit ko reservation diya gaya tha aur samaj mein aaj bhi aatma tab jaatiwad poore tarike se faili hui hai jab tak desh mein bhangi chamaar jaise apamanajanak shabdon ka prayog band nahi hoga tab tak reservation hona bahut zaroori hai aur narendra chalna chahiye aaj jaatiwad khatam karne ki vaah log baat kar rahe hai aur wahi par jatisuchak shabdon se logo ko apmanit karte hai toh wahan

बिल्कुल भारत में आरक्षण बिल्कुल जरूरी है शैक्षणिक और सामाजिक आधार पर हम लोगों को दलित को र

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डॉक्टर अंबेडकर नेजर आरक्षण की बात थी क्योंकि उस टाइम टेबल में कुछ कईबो ने किया था कि जब तक जो दबे कुचले लोगों को बराबर भी आती इतनी देर से आज हम सब लोगों को जो उनकी डिमांड करते आप काम करो अभी रक्षण की जरूरत नहीं है अभी हमारे को दो चीजें इमीडीएटली हमारी शिक्षा एजुकेशन सेक्टर इन मेडिकल हमारे कुछ दूर थी गेट फ्री ऑफ कॉस्ट मिल जाए हमारे बच्चों की कहानी तो गरीबों का भी रिजर्वेशन कितनी पड़ेगी सरकार जो देने के 55 टन सिर्फ सो सरकार सूची भी हमारी अधूरी छूट मिल गई मैं सुरक्षित रखने के लिए जब मारी थी उतनी देर तक आरक्षण का जो हमारा डबल बच्चा रहेगा लेकिन मैं आपको यह भी बता दो दो चीजें एजुकेशन मेडिकल दो चीजों का सरकार दम डूबा कर दें कि रोजगार की शबनम खुद ढूंढ लेंगे हमारी खूब फ्री एजुकेशन हो जितना भी पढ़ना टिप्पणी उसको पी एजुकेशनल आरक्षण की जीवनी

doctor ambedkar nejar aarakshan ki baat thi kyonki us time table mein kuch kaibo ne kiya tha ki jab tak jo dabe kuchle logo ko barabar bhi aati itni der se aaj hum sab logo ko jo unki demand karte aap kaam karo abhi rakshan ki zarurat nahi hai abhi hamare ko do cheezen imidietali hamari shiksha education sector in medical hamare kuch dur thi gate free of cost mil jaaye hamare baccho ki kahani toh garibon ka bhi reservation kitni padegi sarkar jo dene ke 55 ton sirf so sarkar suchi bhi hamari adhuri chhut mil gayi main surakshit rakhne ke liye jab mari thi utani der tak aarakshan ka jo hamara double baccha rahega lekin main aapko yah bhi bata do do cheezen education medical do chijon ka sarkar dum dooba kar de ki rojgar ki shabnam khud dhundh lenge hamari khoob free education ho jitna bhi padhna tippani usko p educational aarakshan ki jeevni

डॉक्टर अंबेडकर नेजर आरक्षण की बात थी क्योंकि उस टाइम टेबल में कुछ कईबो ने किया था कि जब तक

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Rani Silotia

Indian Politician

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आरक्षण क्योंकि अभी कोई इस तरह से जो आरक्षण लागू किया था कि जब तक कोई सामान समानता नहीं होगी तब तक आरक्षण लागू होने के लिए आरक्षण गरीबी

aarakshan kyonki abhi koi is tarah se jo aarakshan laagu kiya tha ki jab tak koi saamaan samanata nahi hogi tab tak aarakshan laagu hone ke liye aarakshan gareebi

आरक्षण क्योंकि अभी कोई इस तरह से जो आरक्षण लागू किया था कि जब तक कोई सामान समानता नहीं होग

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सबसे पहले तो मैं यह क्लियर कर दूं आपको कि आरक्षण क्यों दिया गया था देश आजादी के टाइम पर आरक्षण देने का बेसिक पीजी मुद्दा था इस समय जो देश के लिए जो वर्क के इंसान थे उस में जो हुआ गरीब थे जो बेसिकली ज्यादा व्यापारी आंखें भी पढ़ लिख नहीं सकती थी उसमें बहुत अनपढ़ थे या कह सकते हो कि उस समय शिक्षित नहीं थे उनके लिए आरक्षण दिया गया था आरक्षण देने का जो कहीं हद तक उस समय पर जो देखा गया था वह बेसिक लिए था कि और जो नीचे जाते हैं जब ऐसे के लिए हमारे अल्पसंख्यक लोग भाई लोग हैं या अपराधी के रूप में या ऐसी ऐसी ऐसी एक्ट्रेस जो भी जो भी आते हैं उनको देखकर जग में दिया गया था लेकिन अब भारत देश के देश के लिए कुछ ऐसे हो गए हैं सत्ता से 70 साल बाद की बहुत ही - लोग पैसे बचे हैं जो आरक्षण के लायक है और रही बात आरक्षण देने की स्किन को दिया जाना चाहिए आरक्षण देना वहीं सरकार को मैं यह नहीं कहता कि आरक्षण बिल्कुल बंद कर देना चाहिए नहीं आरक्षण बंद नहीं करना चाहिए जो कभी हमारी व्यवस्था समाज की जो शिक्षित समाज की अवस्था है वह भी इतनी हायर नहीं हुई हम आरक्षण बंद कर दे तो आरक्षण दिया जाना चाहिए उन लोगों को जो बेसिकली गरीब हैं एक सर्वे होना चाहिए प्रॉपर तरीके से की गरीब को हैं कौन एचडी में गरीब किस कोमा - किस को माना जाए कि इसके पास जमीन कितनी ज्यादा दो वह एक पिक दो पहले इतना टाइप करे निकाला गया था सर्कुलर दोस्त ने परेड की कितनी जमीन होनी चाहिए उसके आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए थोड़ा चेंज कर देना चाहिए 70 साल हो गए हैं देश आजाद हो गया है और चीज डेवलपर हो गई है बहुत लोगों का जो मेथी पढ़ी-लिखी भी नहीं है लेकिन गुडगांव जैसे बड़े शहर में दिल्ली जैसे बड़े शहर में बेंगलुरु से बड़ी शार्क मछली पिक्चर जीवन यापन कर रहे हैं तुमको भी एक्शन नहीं दे सकते तो पढ़ी-लिखी नहीं है तो इसका यह मतलब आरक्षण जाति के आधार पर सुनील काजू का सबसे बड़ा जो मूल्यांकन जो सबसे बड़ा फिल्म रखवाला खजांची वह दिखाइए गरीब जा रहा था उसमें जात पात धर्म या ब्राजील कुछ भी नहीं दिखा जान सके फिलहाल जो स्थिति है वह जात-पात वाली स्थिति नहीं रही अब जो स्थिति है वह गरीब दबे कुचले इंसानों की है और जाति के आधार पर आरक्षण दिया जाता है तो कहीं हद तक कहीं अब तक जो दूसरी आती अदर जोक आफ थे जो अगर दूसरी बिरादरी rs.1 हुई है आज पूरे या बाबा ऑडी कार ऐसे लोग हैं जो पैसे बुरा मान जाते हैं और खत्म कर देना चाहिए अब ऐसा नहीं है कि हमारा संध्या सीनियर सन देना चाहिए लेकिन फिर भी गरीबी व्यवस्था को ध्यान रखते हुए धन्यवाद

sabse pehle toh main yah clear kar doon aapko ki aarakshan kyon diya gaya tha desh azadi ke time par aarakshan dene ka basic PG mudda tha is samay jo desh ke liye jo work ke insaan the us me jo hua garib the jo basically zyada vyapaari aankhen bhi padh likh nahi sakti thi usme bahut anpad the ya keh sakte ho ki us samay shikshit nahi the unke liye aarakshan diya gaya tha aarakshan dene ka jo kahin had tak us samay par jo dekha gaya tha vaah basic liye tha ki aur jo niche jaate hain jab aise ke liye hamare alpsankhyak log bhai log hain ya apradhi ke roop me ya aisi aisi aisi actress jo bhi jo bhi aate hain unko dekhkar jag me diya gaya tha lekin ab bharat desh ke desh ke liye kuch aise ho gaye hain satta se 70 saal baad ki bahut hi log paise bache hain jo aarakshan ke layak hai aur rahi baat aarakshan dene ki skin ko diya jana chahiye aarakshan dena wahi sarkar ko main yah nahi kahata ki aarakshan bilkul band kar dena chahiye nahi aarakshan band nahi karna chahiye jo kabhi hamari vyavastha samaj ki jo shikshit samaj ki avastha hai vaah bhi itni hire nahi hui hum aarakshan band kar de toh aarakshan diya jana chahiye un logo ko jo basically garib hain ek survey hona chahiye proper tarike se ki garib ko hain kaun hd me garib kis coma kis ko mana jaaye ki iske paas jameen kitni zyada do vaah ek pic do pehle itna type kare nikaala gaya tha circular dost ne parade ki kitni jameen honi chahiye uske aadhar par aarakshan diya jana chahiye thoda change kar dena chahiye 70 saal ho gaye hain desh azad ho gaya hai aur cheez Developer ho gayi hai bahut logo ka jo methi padhi likhi bhi nahi hai lekin gudgaon jaise bade shehar me delhi jaise bade shehar me bengaluru se badi shark machli picture jeevan yaapan kar rahe hain tumko bhi action nahi de sakte toh padhi likhi nahi hai toh iska yah matlab aarakshan jati ke aadhar par sunil kaaju ka sabse bada jo mulyankan jo sabse bada film rakhwala khajanchi vaah dikhaiye garib ja raha tha usme jaat pat dharm ya brazil kuch bhi nahi dikha jaan sake filhal jo sthiti hai vaah jaat pat wali sthiti nahi rahi ab jo sthiti hai vaah garib dabe kuchle insano ki hai aur jati ke aadhar par aarakshan diya jata hai toh kahin had tak kahin ab tak jo dusri aati other joke of the jo agar dusri biradari rs 1 hui hai aaj poore ya baba audi car aise log hain jo paise bura maan jaate hain aur khatam kar dena chahiye ab aisa nahi hai ki hamara sandhya senior san dena chahiye lekin phir bhi garibi vyavastha ko dhyan rakhte hue dhanyavad

सबसे पहले तो मैं यह क्लियर कर दूं आपको कि आरक्षण क्यों दिया गया था देश आजादी के टाइम पर आर

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देखिए आरक्षण पर इस देश में बहुत पहले से पहचानी आ रही है तब भी जब यह व्यवस्था हमारे बीच में शुरू की गई थी इस अवस्था को शुरू करने के पीछे अगर हम देखे तो डॉक्टर बी आर अंबेडकर जो कि देश के पहले कानून मंत्री थे और संविधान समिति के अध्यक्ष थे उनकी मांग पर व्यवस्था देश में शुरू की गई थी इस व्यवस्था का मकसद वैसे यह था कि जो पिछड़ा हुआ समाज है जो जातिवाद की जो भावना है उससे समाज पिछड़ा हुआ है उन्हें कैसे लाया जाए तो इसलिए हर प्रकार से सरकारी नौकरी में आरक्षण की जो बात है वह रखी गई थी आरक्षण दिया गया था लेकिन कुछ समय से इस हटाने की मांग की जा रही है और यह भी कहा जा रहा कि आप जाति के आधार पर नहीं लेकिन फाइनेंशियल एड के आधार पर आरक्षण हो और आपने पूछा कि क्या आरक्षण आरक्षण किस देश में जरूरी है नहीं है यह सवाल तो थोड़ा बात का है मैं भी पूछने में किस देश में जातिवाद जरूरी है कि नहीं है क्योंकि हमारा जो आरक्षण न्याय है या सभी के लिए जो आरक्षण देश में लाया गया है खासकर पिछड़ी जातियों के लिए तू किस वजह से वह किसकी देन है वह जातिवाद की रेट है जातिवाद की खराब सोचना ही देश में आरक्षण का आईडिया रखा है जिस दिन जातिवाद स्टेट से हट जाएगा जिन जाति प्रथा इस देश से आ जाएगी कुप्रथा देशाचा कि उस दिन तारीख को मतलब नहीं रहेगा इसलिए सबसे पहले भी यह बात उतनी जी की जाति प्रदेश के लिए जरूरी है कि नहीं है हम एक ऐसे युग में जहां समाज विकसित हो रहा है हम शिक्षित हो रहे हैं हमारे अंदर जागरूकता आ रही है और हम जानते हैं कि जातिवाद की जो सोचो उन व्यक्तियों की सूची जो अंधविश्वासी थे उन लोगों की सोच थी जिन्हें उस समय समाज में मेहनत मजदूरी गुलामी लगती थी और वह खुद को ही ज्ञानी मानते थे तो जातिवाद के प्रश्न तो वहां से शुरू हुई थी तो सबसे पहली बात तो यह उम्मीद है कि आरक्षण जरूरी नहीं है इससे पहले तीन कि जातिवाद जरूरी है कि नहीं है जिस दिन जातिवाद इस देश आ जाएगी आरक्षण भी स्वयं इस देश से हट जाएगा जब तक जातिवाद की प्रथा इस देश से नहीं होती है तब तक तो आरक्षण का हटना अमेरिकन संरक्षण अगर आरक्षण मांग लिया क्या किस देश से हार जाता है तब भी जो जातिवाद की सोच रखने वाले लोग हैं वह मेरे ख्याल से नीचे जो अल्पसंख्यक का है उसे दबा कर रखेंगे

dekhie aarakshan par is desh mein bahut pehle se pahachaani aa rahi hai tab bhi jab yeh vyavastha hamare beech mein shuru ki gayi thi is avastha ko shuru karne ke peeche agar hum dekhe toh doctor b r ambedkar jo ki desh ke pehle kanoon mantri the aur samvidhan samiti ke adhyaksh the unki maang par vyavastha desh mein shuru ki gayi thi is vyavastha ka maksad waise yeh tha ki jo pichda hua samaj hai jo jaatiwad ki jo bhavna hai usse samaj pichda hua hai unhein kaise laya jaye toh isliye har prakar se sarkari naukri mein aarakshan ki jo baat hai wah rakhi gayi thi aarakshan diya gaya tha lekin kuch samay se is hatane ki maang ki ja rahi hai aur yeh bhi kaha ja raha ki aap jati ke aadhaar par nahi lekin financial aid ke aadhaar par aarakshan ho aur aapne puchha ki kya aarakshan aarakshan kis desh mein zaroori hai nahi hai yeh sawal toh thoda baat ka hai bhi poochne mein kis desh mein jaatiwad zaroori hai ki nahi hai kyonki hamara jo aarakshan nyay hai ya sabhi ke liye jo aarakshan desh mein laya gaya hai khaskar pichhadi jaatiyo ke liye tu kis wajah se wah kiski the hai wah jaatiwad ki rate hai jaatiwad ki kharab sochna hi desh mein aarakshan ka idea rakha hai jis din jaatiwad state se hut jayega jin jati pratha is desh se aa jayegi kupratha deshacha ki us din tarikh ko matlab nahi rahega isliye sabse pehle bhi yeh baat utani ji ki jati pradesh ke liye zaroori hai ki nahi hai hum ek aise yug mein jaha samaj viksit ho raha hai hum shikshit ho rahe hain hamare andar jagrukta aa rahi hai aur hum jante hain ki jaatiwad ki jo socho un vyaktiyon ki suchi jo andhavishvasi the un logo ki soch thi jinhen us samay samaj mein mehnat mazdoori gulami lagti thi aur wah khud ko hi gyani maante the toh jaatiwad ke prashna toh wahan se shuru hui thi toh sabse pehli baat toh yeh ummid hai ki aarakshan zaroori nahi hai isse pehle teen ki jaatiwad zaroori hai ki nahi hai jis din jaatiwad is desh aa jayegi aarakshan bhi swayam is desh se hut jayega jab tak jaatiwad ki pratha is desh se nahi hoti hai tab tak toh aarakshan ka hatna american sanrakshan agar aarakshan maang liya kya kis desh se haar jata hai tab bhi jo jaatiwad ki soch rakhne wale log hain wah mere khayal se niche jo alpsankhyak ka hai use daba kar rakhenge

देखिए आरक्षण पर इस देश में बहुत पहले से पहचानी आ रही है तब भी जब यह व्यवस्था हमारे बीच में

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Ritesh Panchbhai

Self Employed

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ब्रिटेन से आरक्षण तो होना ही नहीं चाहिए बिल्कुल भी नहीं किसी के लिए भी नहीं होना चाहिए

britain se aarakshan toh hona hi nahi chahiye bilkul bhi nahi kisi ke liye bhi nahi hona chahiye

ब्रिटेन से आरक्षण तो होना ही नहीं चाहिए बिल्कुल भी नहीं किसी के लिए भी नहीं होना चाहिए

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भारत में आरक्षण जरूरी नहीं है अगर आरक्षण दिया जा रहा है तो आर्थिक स्थिति के अनुसार सभी को आरक्षण दिया जाए जातिवाद पूरी तरह से भारत में खत्म कर दिया जाए

bharat mein aarakshan zaroori nahi hai agar aarakshan diya ja raha hai toh aarthik sthiti ke anusaar sabhi ko aarakshan diya jaaye jaatiwad puri tarah se bharat mein khatam kar diya jaaye

भारत में आरक्षण जरूरी नहीं है अगर आरक्षण दिया जा रहा है तो आर्थिक स्थिति के अनुसार सभी को

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Amit Chamaria

Journalist/Professor

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अभी तो मुझे लग रहा है मैं वादा करता हूं अभी जो भारत की स्थिति है आने वाले 50 साल तक रिजर्वेशन की जरूरत पड़ेगी भारत में 50 साल तक जब तक नीचे के लोगों पर नहीं आएंगे जब तक डिस्क्रिमिनेशन होगा तब तक रिजर्वेशन की जरूरत है आप जाति व्यवस्था हो जाएगा एक लॉजिक देखिए सिंपल सा है इस देश में की जाती है जब तक यह जाति को लेकर भेदभाव रहेगा तब तक रिजर्वेशन की जरूरत इस देश में है

abhi toh mujhe lag raha hai vada karta hoon abhi jo bharat ki sthiti hai aane wale 50 saal tak reservation ki zarurat padegi bharat mein 50 saal tak jab tak niche ke logo par nahi aayenge jab tak discrimination hoga tab tak reservation ki zarurat hai aap jati vyavastha ho jayega ek logic dekhie simple sa hai is desh mein ki jati hai jab tak yeh jati ko lekar bhedbhav rahega tab tak reservation ki zarurat is desh mein hai

अभी तो मुझे लग रहा है मैं वादा करता हूं अभी जो भारत की स्थिति है आने वाले 50 साल तक रिजर्व

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Manoj Singh

Journalist

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जी नहीं मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगता है भारत में आरक्षण शुरू से लोगों को पीछे ही धकेला है और आगे भी रखैल रहा है इसलिए भारत में आरक्षण खत्म होना चाहिए सबको समानता का अधिकार मिलना चाहिए सबको बराबर रखना चाहिए

ji nahi mujhe bilkul accha nahi lagta hai bharat mein aarakshan shuru se logo ko peeche hi dhakela hai aur aage bhi rakhail raha hai isliye bharat mein aarakshan khatam hona chahiye sabko samanata ka adhikaar milna chahiye sabko barabar rakhna chahiye

जी नहीं मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगता है भारत में आरक्षण शुरू से लोगों को पीछे ही धकेला है

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जी हां अभी भारत में जो आरक्षण है वह बहुत जरूरी है लेकिन सरकार को चाहिए कि जो आरक्षण का लाभ ले चुके हैं उनको दोबारा से इसका लाभ ना प्राप्त हो और जो इस आरक्षण के लाभ से दूर है उनको इस आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए वैसे तो सरकार को भी चाहिए कि वह आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करें तो उससे जितने भी लोग हैं जो आर्थिक तौर पर पिछले हुए कोई भी अति सुंदर ऐसी हो उनको इस आरक्षण का लाभ मिले तो अच्छी बात है

ji haan abhi bharat mein jo aarakshan hai vaah bahut zaroori hai lekin sarkar ko chahiye ki jo aarakshan ka labh le chuke hain unko dobara se iska labh na prapt ho aur jo is aarakshan ke labh se dur hai unko is aarakshan ka labh milna chahiye waise toh sarkar ko bhi chahiye ki vaah aarakshan ko aarthik aadhar par laagu kare toh usse jitne bhi log hain jo aarthik taur par pichle hue koi bhi ati sundar aisi ho unko is aarakshan ka labh mile toh achi baat hai

जी हां अभी भारत में जो आरक्षण है वह बहुत जरूरी है लेकिन सरकार को चाहिए कि जो आरक्षण का लाभ

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Pankaj Soni

Nursing Assitant Ordly In Gtb Hospital

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हां हमें लगता है भारत में अक्षर अभी भी जरूरी है

haan hamein lagta hai bharat mein akshar abhi bhi zaroori hai

हां हमें लगता है भारत में अक्षर अभी भी जरूरी है

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Purushottam Choudhary

ब्राह्मण Next IAS institute गार्ड

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Himanshu Sharma

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में अब आरक्षण की कोई आवश्यकता व जरूरत नहीं है केवल सरकार चाहे तो आर्थिक स्तर पर आरक्षण दे सकती है लेकिन देश में राजनीति चलाने के लिए कुछ संगठनों द्वारा आरक्षण पर जोर दिया जाता है उसकी पक्षपात नीति अपनाई जाती है

bharat me ab aarakshan ki koi avashyakta va zarurat nahi hai keval sarkar chahen toh aarthik sthar par aarakshan de sakti hai lekin desh me raajneeti chalane ke liye kuch sangathano dwara aarakshan par jor diya jata hai uski pakshapat niti apnai jaati hai

भारत में अब आरक्षण की कोई आवश्यकता व जरूरत नहीं है केवल सरकार चाहे तो आर्थिक स्तर पर आरक्ष

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जहां तक कि आरक्षण की बात है जो कि एससी और एसटी के लिए सामान्य रूप से लागू होता है तो वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आरक्षण इस आधार पर किया जाना चाहिए कि उस व्यक्ति की आर्थिक स्थिति कैसी है अगर उसकी आर्थिक स्थिति इतनी सक्षम नहीं है तो आरक्षण उसे मिलना चाहिए जो कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने पहल करी थी लेकिन एससी एसटी वालों की कह सकते हैं कि मतलब एक जबरदस्ती की लालसा के कारण से उन्हें उनका हक जबरदस्ती में दिया जा रहा है वह उनका हक नहीं है क्योंकि ऐसा होता था कि जो पहले जनरल वाले लोग या ओबीसी वाले लोग हैं वह पहले सक्षम हुआ करते थे और एससी-एसटी बहुत ज्यादा उनकी हालत ऐसे ही सोशल इकनोमिक देखते थे तो उनके ऐसी नहीं होती थी लेकिन आज वो सप्तम हो चुके हैं और अपने पैरों पर खड़े हो चुके हैं तो मुझे नहीं लगता भी एससी एसटी को आरक्षण देना चाहिए ऐसी एप्स टी का अर्थ चल समाप्त करके आरक्षण आर्थिक स्थिति के हिसाब से मिलना चाहिए

dekhiye jaha tak ki aarakshan ki baat hai jo ki SC aur ST ke liye samanya roop se laagu hota hai toh vartaman paristhitiyon ko dekhte hue aarakshan is aadhaar par kiya jana chahiye ki us vyakti ki aarthik sthiti kaisi hai agar uski aarthik sthiti itni saksham nahi hai toh aarakshan use milna chahiye jo ki mananiya pradhanmantri narendra modi ji ne pahal kari thi lekin SC ST walon ki keh sakte hain ki matlab ek jabardasti ki lalasa ke karan se unhe unka haq jabardasti mein diya ja raha hai vaah unka haq nahi hai kyonki aisa hota tha ki jo pehle general waale log ya obc waale log hain vaah pehle saksham hua karte the aur SC ST bahut zyada unki halat aise hi social economic dekhte the toh unke aisi nahi hoti thi lekin aaj vo saptam ho chuke hain aur apne pairon par khade ho chuke hain toh mujhe nahi lagta bhi SC ST ko aarakshan dena chahiye aisi apps T ka arth chal samapt karke aarakshan aarthik sthiti ke hisab se milna chahiye

देखिए जहां तक कि आरक्षण की बात है जो कि एससी और एसटी के लिए सामान्य रूप से लागू होता है तो

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