कौन  कौन सा देश संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य नहीं है?...


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Ranjeet Singh Uppal

Retired GM ONGC

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इस समय दुनिया में कोई 195 देश है उसमें से 193 देश संयुक्त राष्ट्र संघ के मेंबर हैं आखरी सदस्य जो संयुक्त राष्ट्र संघ का मेंबर बना वह दक्षिणी सूडान था जो 193 मेंबर बना संस्कृत संघ का मेंबर बनने के लिए देश का स्वतंत्र होना आवश्यक है उसके पश्चात संत राष्ट्र की महासभा उस प्रस्ताव का अनुमोदन करती है कि वह सदस्य बनाया जाए और उसके पश्चात सुरक्षा परिषद भी उसमें सहमति देती है सुरक्षा परिषद के 5 सदस्य होते हैं जिनके पास वीटो पावर होती हर एक के पास अगर एक सदस्य ने भी अध्यक्ष लिया तो सदस्य देश सुरक्षा परिषद संगठन का सदस्य नहीं बन पाएगा अभी तक केवल दो ही देश ऐसे हैं जो संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य नहीं है उसमें एक तो है वेटिकन सिटी में जहां तुम रहते हैं हालांकि वह एक सिटी है है और छोटा बहुत छोटा सा एरिया है लेकिन उसको एक स्वतंत्र देश का दर्जा प्राप्त है उन्होंने कभी अप्लाई भी नहीं किया उनको जरूरत भी नहीं है दूसरा है ताइवान ताइवान की स्थिति थोड़ी अलग है ताइवान संस्थापक सदस्यों में था संस्कृत संघ के पर 1949 में चीन में क्रांति होने के बाद में जो मुख्य चीन है उसमें कम्युनिस्टों का फैशन हो गया और वह जो चीन के जा सकते हैं वह ताई मनदीप में सिमट कर रह गए परंतु उसके पश्चात भी ताई 1 को ही असली की समझा जाता रहा 1949 से लेकर 1971 तक वह केवल संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य था वह सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य भी था उसके पास में वीटो पावर भी थी और जब उसको वीटो पावर खत्म करके जिनको देने की बात चल रही थी उस समय अनौपचारिक रूप से अमेरिका ने एक बार भारत को भी नेहरू जी के समय में पूछा था कि क्या भारत उसका स्थाई सदस्य बनना चाहेगा कि तब भी वह आसान नहीं होता क्योंकि सोवियत संघ और चीन के संबंध बहुत घनिष्ठ है और सोवियत संघ ऐसे कृत्य किसी प्रस्ताव को वीटो कर देता जो चीन से सूरत क्या परिषद की सदस्यता लेकर भारत को देता परंतु नेहरु जी ने उस समय चीन का ही समर्थन किया था तो 1971 के पश्चात ताइवान की सदस्यता खत्म हो गई और उसको उसके बदले चीन को संयुक्त राष्ट्र संघ का घर से भी मना किया और सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य भी माना गया सबसे ताइवान कोशिश करता रहता है संयुक्त राष्ट्र संघ का दर्द सदस्य बनने के लिए परंतु चीन का कहना रहता है कि वह चीन का ही हिस्सा है और चीन भी तो कर देता है इसलिए वह सैराट संघ का सदस्य नहीं बन पाता है वैसे जब संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना हुई थी उस समय चार देश ऐसे थे जो स्वतंत्र नहीं थे और संयुक्त राष्ट्र संघ के संस्थापक सदस्य थे वे थे बेलारूस भारत फिलिपींस क्रेन परंतु उसके पश्चात किसी राष्ट्र को संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य नहीं बनाया गया है अगर और स्वतंत्र ना हो धन्यवाद

is samay duniya me koi 195 desh hai usme se 193 desh sanyukt rashtra sangh ke member hain aakhri sadasya jo sanyukt rashtra sangh ka member bana vaah dakshini Sudan tha jo 193 member bana sanskrit sangh ka member banne ke liye desh ka swatantra hona aavashyak hai uske pashchat sant rashtra ki mahasabha us prastaav ka anumodan karti hai ki vaah sadasya banaya jaaye aur uske pashchat suraksha parishad bhi usme sahmati deti hai suraksha parishad ke 5 sadasya hote hain jinke paas veto power hoti har ek ke paas agar ek sadasya ne bhi adhyaksh liya toh sadasya desh suraksha parishad sangathan ka sadasya nahi ban payega abhi tak keval do hi desh aise hain jo sanyukt rashtra sangh ke sadasya nahi hai usme ek toh hai Vatican city me jaha tum rehte hain halaki vaah ek city hai hai aur chota bahut chota sa area hai lekin usko ek swatantra desh ka darja prapt hai unhone kabhi apply bhi nahi kiya unko zarurat bhi nahi hai doosra hai Taiwan Taiwan ki sthiti thodi alag hai Taiwan sansthapak sadasyon me tha sanskrit sangh ke par 1949 me china me kranti hone ke baad me jo mukhya china hai usme communisthon ka fashion ho gaya aur vaah jo china ke ja sakte hain vaah taii mandip me simat kar reh gaye parantu uske pashchat bhi taii 1 ko hi asli ki samjha jata raha 1949 se lekar 1971 tak vaah keval sanyukt rashtra sangh ka sadasya tha vaah suraksha parishad ka sthai sadasya bhi tha uske paas me veto power bhi thi aur jab usko veto power khatam karke jinako dene ki baat chal rahi thi us samay unaupcharik roop se america ne ek baar bharat ko bhi nehru ji ke samay me poocha tha ki kya bharat uska sthai sadasya banna chahega ki tab bhi vaah aasaan nahi hota kyonki soviet sangh aur china ke sambandh bahut ghanishth hai aur soviet sangh aise kritya kisi prastaav ko veto kar deta jo china se surat kya parishad ki sadasyata lekar bharat ko deta parantu nehru ji ne us samay china ka hi samarthan kiya tha toh 1971 ke pashchat Taiwan ki sadasyata khatam ho gayi aur usko uske badle china ko sanyukt rashtra sangh ka ghar se bhi mana kiya aur suraksha parishad ka sthai sadasya bhi mana gaya sabse Taiwan koshish karta rehta hai sanyukt rashtra sangh ka dard sadasya banne ke liye parantu china ka kehna rehta hai ki vaah china ka hi hissa hai aur china bhi toh kar deta hai isliye vaah sairat sangh ka sadasya nahi ban pata hai waise jab sanyukt rashtra sangh ki sthapna hui thi us samay char desh aise the jo swatantra nahi the aur sanyukt rashtra sangh ke sansthapak sadasya the ve the belarus bharat filipins Crane parantu uske pashchat kisi rashtra ko sanyukt rashtra sangh ka sadasya nahi banaya gaya hai agar aur swatantra na ho dhanyavad

इस समय दुनिया में कोई 195 देश है उसमें से 193 देश संयुक्त राष्ट्र संघ के मेंबर हैं आखरी सद

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