समाज में समानता क्यों होनी चाहिए?...


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Mausam Babbar and, Dr. Rishu Singh

Managing Directors - Risham IAS Academy

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लेकिन अगर हम चाहते हैं कि सोशल सिस्टम्स हमारे बहुत ही इफेक्टिव और बहुत ही well-behaved में चलते रहे तो इक्वलिटी औरैया लिटियरियन समाज देखिए होना ही चाहिए और क्वालिटी होनी चाहिए देखिए पर मुझे लगता है कि क्वालिटी से ज्यादा सुप्रीम में देखिए कुटी कुटी के ऊपर ध्यान देना पड़ेगा कि जैसा हम ट्रीट करते हैं देखिए डिफरेंस इलेक्शंस को जैसे हमने उसके डी विकास के लिए या केडी ऑल टाइम्स के लिए ओबीसी के लिए जो अलग-अलग प्रोविजन रखें तो देखी हमें उस इक्विटी बनाने की बहुत जरूरत है क्योंकि अगर वैसा होगा और हर कोई देखिए अगर यह फील करेगा Mp3 में फील करेगा तो नो डाउट को देखिए well-behaved और एक बैलेस्टिक माहौल में देखें डिवेलप हो पाएगा और सभी अपॉर्चुनिटी मिलेंगी और हमारा समाज है वह बेहतरीन होगा और उसमें भी किसी भी प्रकार का इंजस्टिस नहीं होगा किसी भी प्रकार का डिस्क्रिमिनेशन नहीं होगा या इनिक्वालिटी नहीं हो तो अगर हमें अपने समाज को बेहतरीन बनाना है देखिए तो हमें इक्वलिटी इक्विटी वाली और जस्टिस लिबर्टी फ्रीडम ऐसे कंसेप्ट के बारे में ना सिर्फ बात करनी होगी पर हमें इंप्लीमेंट भी करने होंगे

lekin agar hum chahte hain ki social sistams hamare bahut hi effective aur bahut hi well behaved me chalte rahe toh Equality auraiya litiyariyan samaj dekhiye hona hi chahiye aur quality honi chahiye dekhiye par mujhe lagta hai ki quality se zyada supreme me dekhiye kuti kuti ke upar dhyan dena padega ki jaisa hum treat karte hain dekhiye difference elections ko jaise humne uske d vikas ke liye ya kaidi all times ke liye OBC ke liye jo alag alag provision rakhen toh dekhi hamein us equity banane ki bahut zarurat hai kyonki agar waisa hoga aur har koi dekhiye agar yah feel karega Mp3 me feel karega toh no doubt ko dekhiye well behaved aur ek ballistic maahaul me dekhen develop ho payega aur sabhi opportunity milegi aur hamara samaj hai vaah behtareen hoga aur usme bhi kisi bhi prakar ka injustice nahi hoga kisi bhi prakar ka discrimination nahi hoga ya inikwaliti nahi ho toh agar hamein apne samaj ko behtareen banana hai dekhiye toh hamein Equality equity wali aur justice liberty freedom aise concept ke bare me na sirf baat karni hogi par hamein implement bhi karne honge

लेकिन अगर हम चाहते हैं कि सोशल सिस्टम्स हमारे बहुत ही इफेक्टिव और बहुत ही well-behaved में

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