मानवता क्या है?...


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Vivek Shukla

Life coach

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मानवता क्या है आपका सवाल यही तो मंत्र सबसे पहले बता देना चाहिए यदि आप दूसरे को दुख देखकर दुखी होते हैं दूसरों की परेशानी में आप उसकी मदद करते हैं आप दूसरों की सहायता हमेशा दिल लगाकर करते हैं आप बिना स्वार्थ से उससे बात करते हैं बिना किसी वजह के आप उसकी हर दुख दर्द में हर सहायता में आप उसकी हर तरह से मदद करते हैं यह श्रेष्ठ माना होता है और ही श्रेष्ठ धर्म है क्योंकि आदमी की मदद और उसकी दिल से दुआ निकलने वाली है मानवता को सबसे श्रेष्ट बनाती है उसके बाद फ्रेंड

manavta kya hai aapka sawaal yahi toh mantra sabse pehle bata dena chahiye yadi aap dusre ko dukh dekhkar dukhi hote hain dusro ki pareshani mein aap uski madad karte hain aap dusro ki sahayta hamesha dil lagakar karte hain aap bina swarth se usse baat karte hain bina kisi wajah ke aap uski har dukh dard mein har sahayta mein aap uski har tarah se madad karte hain yah shreshtha mana hota hai aur hi shreshtha dharm hai kyonki aadmi ki madad aur uski dil se dua nikalne wali hai manavta ko sabse shresth banati hai uske baad friend

मानवता क्या है आपका सवाल यही तो मंत्र सबसे पहले बता देना चाहिए यदि आप दूसरे को दुख देखकर द

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Vikas Singh

Political Analyst

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मानवता का मतलब होता है इंसानियत इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता है इंसान को इंसान की कीमत करना ही मानवता कहलाता है देखिए आज हिंदुस्तान में 100 करोड़ हिंदू धर्म में बैठे हुए हैं हम हिंदुत्व की बात नहीं करते हैं कोई राजपूत है कोई पंडित है कोई बढ़िया है और ऐसे हम बैठे हुए हैं इज़राइल इज़राइल की जो प्रधानमंत्री जी हैं नेतन्याहू जी उन्होंने बोला कि अगर हिंदुस्तान को शक्तिशाली बनना है तो बिंदुओं को एकत्रित होना पड़ेगा उनको जाति में पटना नहीं होगा एक टाइम था कि यहूदी बटे हुए थे बैठे हुए थे तो उनको सब मारता था काटता था लेकिन जब यहूदी एकत्रित हो गए तो इसराइल नाम का एक देश पढ़ा जिससे बहुत सारे मुस्लिम कंट्री डरते हैं इजराइल से पंगा लेने में लोग डरते हैं और जनसंख्या बहुत कम है लेकिन वह क्या है उनके में एकता है तो हम सभी हिंदुओं को जगजीत होना पड़ेगा और सभी धर्मों के लोगों का आदर करना पड़ेगा तभी हमारे देश का विकास होगा देखें इंसानियत सबसे बड़ा धर्म होता है इंसान को इंसान की कीमत करनी चाहिए हम हमको कुछ गरीबों के लिए कार्य करना चाहिए ठंडा में लगती है घर में हम लोग रजाई ओढ़ के सोते हैं उसके बाद भी ठंड लगती है हमें जरा सोचिए जिस के पास ना तो विस्तार है ना पेड़ है रोड पर जो सोता होगा उसे कितनी ठंडी लगती होगी तो हम लोगों को कुछ ना कुछ अपने समाज के लिए करना चाहिए ताकि हमारा देश आगे बढ़ सके धन्यवाद

manavta ka matlab hota hai insaniyat insaniyat ka koi dharm nahi hota hai insaan ko insaan ki kimat karna hi manavta kehlata hai dekhiye aaj Hindustan mein 100 crore hindu dharm mein baithe hue hain hum hindutv ki baat nahi karte hain koi rajput hai koi pandit hai koi badhiya hai aur aise hum baithe hue hain israel israel ki jo pradhanmantri ji hain netanyahu ji unhone bola ki agar Hindustan ko shaktishali banna hai toh binduon ko ekatrit hona padega unko jati mein patna nahi hoga ek time tha ki yahudi bate hue the baithe hue the toh unko sab maarta tha katata tha lekin jab yahudi ekatrit ho gaye toh israel naam ka ek desh padha jisse bahut saare muslim country darte hain israel se panga lene mein log darte hain aur jansankhya bahut kam hai lekin vaah kya hai unke mein ekta hai toh hum sabhi hinduon ko jagjeet hona padega aur sabhi dharmon ke logo ka aadar karna padega tabhi hamare desh ka vikas hoga dekhen insaniyat sabse bada dharm hota hai insaan ko insaan ki kimat karni chahiye hum hamko kuch garibon ke liye karya karna chahiye thanda mein lagti hai ghar mein hum log rajaai odh ke sote hain uske baad bhi thand lagti hai hamein zara sochiye jis ke paas na toh vistaar hai na ped hai road par jo sota hoga use kitni thandi lagti hogi toh hum logo ko kuch na kuch apne samaj ke liye karna chahiye taki hamara desh aage badh sake dhanyavad

मानवता का मतलब होता है इंसानियत इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता है इंसान को इंसान की कीमत क

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मानवता को दया से बुखार से या किसी की मदद की परिभाषा में बांधना उचित नहीं है मानवता की परिभाषा बहुत विस्तृत है परंतु संक्षेप में अगर हम मानवता की चर्चा करें तो आप इस प्रकार से समझ सकते हैं क्योंकि मानो इस पृथ्वी पर सर्वश्रेष्ठ प्राणी है सर्वश्रेष्ठ जीव है क्योंकि सर्वस्व इसलिए है इसके अंदर सुजन करने की विधि अंश करने की असीम क्षमता है इसीलिए मानव का जीवन के प्रति रिश्तो के प्रति पेड़ पौधों के प्रति संपूर्ण प्रकृति के प्रति एक अनुशासित व्यवहार हो उसकी व्यवस्था को ही मानवता कहते हैं मानवता के कारण से ही इंसान अपने विध्वंस करने के गुण को सीमित रखता है अनुशासित रखता है उसका दुरुपयोग नहीं कर पाता और सबसे अच्छी बात यह है कि जिस पर जैसे-जैसे मानव मानव का विकास हुआ है उसी क्रम में मानवता भी विकसित हुई इस पृथ्वी पर और मानवता एक धर्म के रूप में भी हम जानते हैं मानवता एक धर्म है और इस धर्म का विकास देश काल परिस्थिति राजनैतिक सीमा इन सब के बंधनों के परे है चाहे वह बहुत विकसित मानव क्यों न हो और चाहे अविकसित जंगल में रहने वाला कोई आदिवासी क्यों ना हो दोनों में मानवता की संविदा एक जैसी होती है और मानव मूल्यों को सुरक्षित और संरक्षित करने की व्यवस्था को कि मानवता कहते हैं मानवता के कारण ही यह सृष्टि जो चल रही है और अनवरत मानव जो है श्रेष्ठ रानी बना रह सकता है इसी धर्म का पालन करके इंसानियत धर्म का ही पालन करते

manavta ko daya se bukhar se ya kisi ki madad ki paribhasha mein bandhana uchit nahi hai manavta ki paribhasha bahut vistrit hai parantu sankshep mein agar hum manavta ki charcha kare toh aap is prakar se samajh sakte hain kyonki maano is prithvi par sarvashreshtha prani hai sarvashreshtha jeev hai kyonki sarvasya isliye hai iske andar sujan karne ki vidhi ansh karne ki asim kshamta hai isliye manav ka jeevan ke prati rishto ke prati ped paudho ke prati sampurna prakriti ke prati ek anushasit vyavhar ho uski vyavastha ko hi manavta kehte hain manavta ke karan se hi insaan apne vidhawanse karne ke gun ko simit rakhta hai anushasit rakhta hai uska durupyog nahi kar pata aur sabse achi baat yah hai ki jis par jaise jaise manav manav ka vikas hua hai usi kram mein manavta bhi viksit hui is prithvi par aur manavta ek dharm ke roop mein bhi hum jante hain manavta ek dharm hai aur is dharm ka vikas desh kaal paristithi rajnaitik seema in sab ke bandhanon ke pare hai chahen vaah bahut viksit manav kyon na ho aur chahen avikasit jungle mein rehne vala koi adiwasi kyon na ho dono mein manavta ki samvida ek jaisi hoti hai aur manav mulyon ko surakshit aur sanrakshit karne ki vyavastha ko ki manavta kehte hain manavta ke karan hi yah shrishti jo chal rahi hai aur anvarat manav jo hai shreshtha rani bana reh sakta hai isi dharm ka palan karke insaniyat dharm ka hi palan karte

मानवता को दया से बुखार से या किसी की मदद की परिभाषा में बांधना उचित नहीं है मानवता की परिभ

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singh

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

का क्या है मानवता की परिभाषा आपको बताते हैं विश्व में प्रेम शांति संतुलन के साथ मनुष्य जन्म सार्थक करने के लिए उसको मानवीय गुणों का होना अति आवश्यक प्रेम प्रभु का अमूल्य उपहार है यदि मैं कहूं तुझसे प्रेम में सभी माननीय ही दिव्य गुणों का भी समावेश हो जाता है यह अनुचित नहीं होगा

ka kya hai manavta ki paribhasha aapko batatey hain vishwa me prem shanti santulan ke saath manushya janam sarthak karne ke liye usko manviya gunon ka hona ati aavashyak prem prabhu ka amuly upahar hai yadi main kahun tujhse prem me sabhi mananiya hi divya gunon ka bhi samavesh ho jata hai yah anuchit nahi hoga

का क्या है मानवता की परिभाषा आपको बताते हैं विश्व में प्रेम शांति संतुलन के साथ मनुष्य जन्

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Gunjan

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पीके मानवता जो है वह करके का बोल जाते हैं कि आप उसको फीलिंग बोल सकते हैं या फिर ऐसी चीज होती है कि जिसके द्वारा जो है आदमी किसी और की मदद करता है या फिर किसी और के लिए जो है काम है वह हमेशा उसके लिए किसी और के लिए सॉफ्ट कौन है रहता है और वह बहुत ज्यादा मतलब ही ना हो पर सबको साथ लेकर चलने में जो है वह विश्वास करते हैं उसी को ही आप मानवता बोल सकते हैं

pk manavta jo hai vaah karke ka bol jaate hain ki aap usko feeling bol sakte hain ya phir aisi cheez hoti hai ki jiske dwara jo hai aadmi kisi aur ki madad karta hai ya phir kisi aur ke liye jo hai kaam hai vaah hamesha uske liye kisi aur ke liye soft kaun hai rehta hai aur vaah bahut zyada matlab hi na ho par sabko saath lekar chalne mein jo hai vaah vishwas karte hain usi ko hi aap manavta bol sakte hain

पीके मानवता जो है वह करके का बोल जाते हैं कि आप उसको फीलिंग बोल सकते हैं या फिर ऐसी चीज हो

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