सुबह-सुबह अपने आप से बात करने से क्या होता है?...


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Sagar

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2:46

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सुबह-सुबह आपने कहा सुबह से अपने आप से बात करने से क्या होता है सुबह सुबह अपने आप से बात करना से तात्पर्य मेडिटेशन ध्यान से ही होगा स्वयं से बात करना यानी स्वयं को समझना इससे आप अपने आप को समझेंगे कि मैं वर्तमान में किस दिशा में अग्रसर हूं वर्तमान में मेरे विचार क्या है और यदि आप रोज अपने विचारों को जब आपको स्वयं का विचारों का रोज ज्ञान होगा होता रहेगा तो आप अपनी शक्ति को पहचानेंगे और आप एक लक्ष्य बनाकर एक सार्थक लक्ष्य बनाकर जीवन को व्यतीत करेंगे वरना यदि आपको यदि एक एक आपको मैं एक उदाहरण दूं यदि एक ड्राइवर बस में बैठा हुआ यह देखना बंद कर दें कि बस किधर जा रही है किस दिशा में जा रही है कहा बढ़ रही है तो उसका सर्वनाश होना निश्चित है उसी तरह यदि वह एक दिशा निर्धारित करके कि मुझे यह बस जो है कहां ले जाना है यह सब उसको दिशा निर्धारित होना चाहिए सब का ज्ञान होना चाहिए तो सुबह-सुबह हम स्वयं को सुबह का वक्त सुबह इसलिए चुना गया है क्या आदमी सुबह-सुबह जो है वह एनर्जी ठीक रहता है और सुबह सुबह जो है शाम को आ शाम तक गया दिन में फिर आदमी दे तेरे थक जाता है तो सुबह में क्योंकि वह आदमी ध्यान भी अच्छा लगता है तो वह अपने आपको जान सकता है और इस तरह हो अपने जीवन को एक दिशा प्रदान करेगा और जो जीवन को है वह सार्थक बनाएं

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सुबह-सुबह आपने कहा सुबह से अपने आप से बात करने से क्या होता है सुबह सुबह अपने आप से बात कर

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