देश में कोई कानून बनाना हो और देश की जनता की बहुमत मिले तो किसके पास जाए कि कानून बन जाए?...


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हेलो फ्रेंड्स वैसे तो जब देश में कोई कानून बनाया जाता है तो उसको बनाने के लिए विधायिका है जैसे कि लोकसभा राज्यसभा और नीचे स्टेट टेबल पर एमएलए वगैरा होते हैं जब आपको कोई कानून बना होता है कोई कानून नया पास कराना होता है तो पहले उसे लोकसभा में पेश किया जाता है तो वह लोकसभा से पारित हो जाता है या कंफर्म हो जाता है उसके बाद उसे राज्यसभा में दिख जाता है और राज्यसभा से भी जब वह कंफर्म हो जाता है तो फिर प्रेसिडेंट की एसेंट के लिए जाता है जब प्रेसिडेंट उस पर अपनी मुहर लगा देते हैं लेकिन यहां पर मैं आपको बता दूं कि प्रेसिडेंट बहुत बड़ा रोल प्रेसिडेंट का नहीं होता क्योंकि प्रेसिडेंट को जनरल ही मोहर लगानी होती है अगर तूने जगह से पास हो गया है तो तो उसके बाद प्रेसिडेंट जब उस पर मोहर लगा देते हैं उसके बाद वह एक एक्ट के रूप में आता है पहले एक नोटिफिकेशन होता है उसका उसके ऊपर एक्ट बनता है या एक्ट में कोई संशोधन होता है तो उसके बारे में जानकारी उसमें तीजा आपके पहले से पूर्ण एक्ट लेकिन कहीं-कहीं ऐसा देखा गया है कि सुप्रीम कोर्ट जो हमारे देश का सबसे बड़ा उत्तम कोर्ट है वहां पर भी कुछ लोग जाते हैं और वहां रेट के माध्यम से फाइलिंग की जाती है उसमें कई बार देखा गया है कि कुछ एक्स को नरेंद्र वाइट भी किया गया कुछ सेक्शन स्कोनेल अनुवाद किया गया है और कई बार ऐसी रूलिंग सा जाती हैं जो बिल्कुल एक कानून की शक्ल ले लेती है उसको कानून मानने लगते हैं लोग तो इस तरीके से भी कानून बनाया जा सकता है तो बेसिकली अगर ऐसा कोई बहुमत देश की जनता को मिलता है तो इस तरीके से कानून बनाया जा सकता क्योंकि देश खुद अपने आप में कोई कानून नहीं बना सकता क्योंकि हमारे यहां पाली में एंट्री फॉर्म ऑफ गवर्नमेंट है तो आप पहले पार्लिमेंट के पास ही जाएंगे अपनी बात वहां रखेंगे उनको बताएंगे उस विधेयक को जो आपकी बात है उसको एक पेश करके लोकसभा में लेकर आएंगे फिर वह लोकसभा से पास होकर राजस्व जाएगा राज्यसभा में पास हो के प्रेसिडेंट के बाद जाएगा पेंट के बाद से किसी तरीके से अगर आपको कुछ लगता है कि कोई चीज गलत हो रही है या ऐसी है तो आप सुप्रीम कोर्ट में भी एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन आर्टिकल 32 है हमारा फंडामेंटल लाइट देखो स्टेशन का अब उसमें एक वीक में जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट में और सुप्रीम कोर्ट से भी कह सकते हैं कि इसमें लव बनाया जाए या यह ऐसा चीज है जो पब्लिक इंटरेस्ट के लिए है उसके लिए लॉक की गाइडलाइन सुप्रीम कोर्ट पर लागू कर सकता है तो मेरे ख्याल से आप मेरे जवाब से संतुष्ट होंगे और अगर हो तो प्लीज मुझे बताइएगा यदि आपकी और कोई जा करिया हूं या कुछ और लॉस रिलेटेड या लीगल एडवाइजर लेटर लेना चाहते हो तो प्लीज मुझे बताइएगा थैंक यू

hello friends waise toh jab desh me koi kanoon banaya jata hai toh usko banane ke liye vidhayika hai jaise ki lok sabha rajya sabha aur niche state table par mla vagera hote hain jab aapko koi kanoon bana hota hai koi kanoon naya paas krana hota hai toh pehle use lok sabha me pesh kiya jata hai toh vaah lok sabha se paarit ho jata hai ya confirm ho jata hai uske baad use rajya sabha me dikh jata hai aur rajya sabha se bhi jab vaah confirm ho jata hai toh phir president ki assent ke liye jata hai jab president us par apni muhar laga dete hain lekin yahan par main aapko bata doon ki president bahut bada roll president ka nahi hota kyonki president ko general hi mohar lagani hoti hai agar tune jagah se paas ho gaya hai toh toh uske baad president jab us par mohar laga dete hain uske baad vaah ek act ke roop me aata hai pehle ek notification hota hai uska uske upar act banta hai ya act me koi sanshodhan hota hai toh uske bare me jaankari usme tija aapke pehle se purn act lekin kahin kahin aisa dekha gaya hai ki supreme court jo hamare desh ka sabse bada uttam court hai wahan par bhi kuch log jaate hain aur wahan rate ke madhyam se Filing ki jaati hai usme kai baar dekha gaya hai ki kuch x ko narendra white bhi kiya gaya kuch section skonel anuvad kiya gaya hai aur kai baar aisi ruling sa jaati hain jo bilkul ek kanoon ki shakl le leti hai usko kanoon manne lagte hain log toh is tarike se bhi kanoon banaya ja sakta hai toh basically agar aisa koi bahumat desh ki janta ko milta hai toh is tarike se kanoon banaya ja sakta kyonki desh khud apne aap me koi kanoon nahi bana sakta kyonki hamare yahan paali me entry form of government hai toh aap pehle Parliament ke paas hi jaenge apni baat wahan rakhenge unko batayenge us vidhayak ko jo aapki baat hai usko ek pesh karke lok sabha me lekar aayenge phir vaah lok sabha se paas hokar rajaswa jaega rajya sabha me paas ho ke president ke baad jaega paint ke baad se kisi tarike se agar aapko kuch lagta hai ki koi cheez galat ho rahi hai ya aisi hai toh aap supreme court me bhi ek public interest litigation article 32 hai hamara fundamental light dekho station ka ab usme ek weak me ja sakte hain supreme court me aur supreme court se bhi keh sakte hain ki isme love banaya jaaye ya yah aisa cheez hai jo public interest ke liye hai uske liye lock ki guideline supreme court par laagu kar sakta hai toh mere khayal se aap mere jawab se santusht honge aur agar ho toh please mujhe bataiega yadi aapki aur koi ja Caria hoon ya kuch aur loss related ya legal advisor letter lena chahte ho toh please mujhe bataiega thank you

हेलो फ्रेंड्स वैसे तो जब देश में कोई कानून बनाया जाता है तो उसको बनाने के लिए विधायिका है

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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

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नमस्कार प्लस में देश में कोई कानून बनाना और देश की जनता की बहुमत मिले तो किसके पास जाएं कि कानून बन जाए अप्रत्यक्ष रूप से जनता ही कानून बनाती है अप्रत्यक्ष रूप से प्रत्यक्ष रूप से नहीं अप्रत्यक्ष से यानी मैं आपको बताती हूं कि कानून बनाने के लिए लोकसभा में बहुमत से कोई बिल पारित होना चाहिए वहां से पारित होने के बाद वह रात सभा में जाता है राज्यसभा में बिल पारित हो जाता है तो राष्ट्रपति के पास जाता और राष्ट्रपति ने अधिकार कानून बन जाता रही बात आपने कहा कि जनता और बहुमत जनता कोई काम करना चाहती है कानून बनाना चाहती है तो उस प्रतिनिधि कुछ कानून के पक्ष में उस पार्टी को छूने उस पार्टी को सत्ता में लाएं जो उसके पक्ष में और वह पार्टी आएगी तो उसके बिल लोकसभा में पारित होंगे फिर वही रात उसके द्वारा कानून बनेगा यानी कि जनता किसी भी कानून को बनाने में जनता की अहम भूमिका होती है किस तरह से अप्रत्यक्ष रूप से सामने सुसंता वह भी आती है लेकिन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि के द्वारा वोट किया जाता है और वह कानून बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं

namaskar plus me desh me koi kanoon banana aur desh ki janta ki bahumat mile toh kiske paas jayen ki kanoon ban jaaye apratyaksh roop se janta hi kanoon banati hai apratyaksh roop se pratyaksh roop se nahi apratyaksh se yani main aapko batati hoon ki kanoon banane ke liye lok sabha me bahumat se koi bill paarit hona chahiye wahan se paarit hone ke baad vaah raat sabha me jata hai rajya sabha me bill paarit ho jata hai toh rashtrapati ke paas jata aur rashtrapati ne adhikaar kanoon ban jata rahi baat aapne kaha ki janta aur bahumat janta koi kaam karna chahti hai kanoon banana chahti hai toh us pratinidhi kuch kanoon ke paksh me us party ko chune us party ko satta me laye jo uske paksh me aur vaah party aayegi toh uske bill lok sabha me paarit honge phir wahi raat uske dwara kanoon banega yani ki janta kisi bhi kanoon ko banane me janta ki aham bhumika hoti hai kis tarah se apratyaksh roop se saamne susanta vaah bhi aati hai lekin janta dwara chune gaye pratinidhi ke dwara vote kiya jata hai aur vaah kanoon banane me aham bhumika nibhate hain

नमस्कार प्लस में देश में कोई कानून बनाना और देश की जनता की बहुमत मिले तो किसके पास जाएं कि

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:53
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देश में कानून बनाना हो तो देश की जनता को भूमिपुत्र किसके पास है देश की जनता लोकसभा चुनाव में अपने प्रतिनिधि चुनती और दसवीं पार्टी के लोकसभा सदस्य अधिक संख्या 93 की सरकार बनती है अब पार्टी कानून बनाती है क्योंकि वह बहुमत के द्वारा चुनी गई सरकार और कानून नाथ की हेलो कानून लोकसभा में बनकर राज्यसभा में भी पास होता है फिर वह कानून देश में लागू होता है निक इन जनता के सामने जनता सरकार के सामने कानून बनाने के लिए प्रत्यक्ष रूप से नहीं डाल सकती है एक लड़के अदालत का सहारा लेना पड़ता है हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट का चित्र को देखकर इस पर निर्णय करता है यह विषय पर कानून बनना चाहिए देश की जनता की सुरक्षा और लोकहित के लिए हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट कानून बनाने के लिए राष्ट्र कार्य केंद्र सरकार को निर्देश दे सकता है

desh me kanoon banana ho toh desh ki janta ko bhumiputra kiske paas hai desh ki janta lok sabha chunav me apne pratinidhi chunati aur dasavi party ke lok sabha sadasya adhik sankhya 93 ki sarkar banti hai ab party kanoon banati hai kyonki vaah bahumat ke dwara chuni gayi sarkar aur kanoon nath ki hello kanoon lok sabha me bankar rajya sabha me bhi paas hota hai phir vaah kanoon desh me laagu hota hai nick in janta ke saamne janta sarkar ke saamne kanoon banane ke liye pratyaksh roop se nahi daal sakti hai ek ladke adalat ka sahara lena padta hai high court ya supreme court aur supreme court ya high court ka chitra ko dekhkar is par nirnay karta hai yah vishay par kanoon banna chahiye desh ki janta ki suraksha aur lokhit ke liye highcourt ya supreme court kanoon banane ke liye rashtra karya kendra sarkar ko nirdesh de sakta hai

देश में कानून बनाना हो तो देश की जनता को भूमिपुत्र किसके पास है देश की जनता लोकसभा चुनाव

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Manish Bhargava

Trainer/ Mentor in Delhi education deptt.

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नमस्कार मैं मनीष भार्गव आपका प्रश्न है देश में भी कानून बनाना हो तो देश की जनता की बहुमत मिले किसके पास जाएं कि कानून बन जाए देश में कोई भी कानून देश की संसद ही बनाती है और संसद द्वारा पारित होने का मतलब है कि उसको देश की जनता का बहुमत है कि संसद देश की जनता का ही प्रतिनिधित्व करती है तो आप पार्लियामेंट में अपने प्रधानमंत्री सांसद इन से मिले उनके पास बात रखें आपका अकाउंट बन पाएगा

namaskar main manish bhargav aapka prashna hai desh me bhi kanoon banana ho toh desh ki janta ki bahumat mile kiske paas jayen ki kanoon ban jaaye desh me koi bhi kanoon desh ki sansad hi banati hai aur sansad dwara paarit hone ka matlab hai ki usko desh ki janta ka bahumat hai ki sansad desh ki janta ka hi pratinidhitva karti hai toh aap parliament me apne pradhanmantri saansad in se mile unke paas baat rakhen aapka account ban payega

नमस्कार मैं मनीष भार्गव आपका प्रश्न है देश में भी कानून बनाना हो तो देश की जनता की बहुमत म

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Jagdish Saxena

Nagrik Adhikar Chetna Parishad (NGO)

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देश में कोई भी नया नियम लागू करने के लिए एक अलग से संस्था का गठन करना चाहिए जिसकी बाद में जांच करने पर उस बिल को लागू करना चाहिए क्योंकि जनता इतनी बुद्धिमान नहीं है कि जो कानून के बारे में सारी जानकारी दें

desh me koi bhi naya niyam laagu karne ke liye ek alag se sanstha ka gathan karna chahiye jiski baad me jaanch karne par us bill ko laagu karna chahiye kyonki janta itni buddhiman nahi hai ki jo kanoon ke bare me saari jaankari de

देश में कोई भी नया नियम लागू करने के लिए एक अलग से संस्था का गठन करना चाहिए जिसकी बाद में

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देश के लिए कोई भी कानून बनाने का अधिकार भारत देश मैं संविधान के अनुसार किसी भी कानून को बनाने का अधिकार केवल और केवल संसदीय प्रणाली को है संसदीय प्रणाली अंतर्गत कोई भी कानून दो तिहाई बहुमत से पारित होने पर लागू होता है हां लेकिन कभी-कभी उस कानून में खामियां हो तो उसको सर्वोच्च न्यायालय देखती है कानून बनाने का अधिकार के जनता के पास नहीं प्रत्यक्ष रूप से जनता को नहीं है लेकिन परोक्ष रूप से कोई भी कानून जनता ही बनाती है क्योंकि संसद भवन में सांसद को चुनकर जनता भेज दे

desh ke liye koi bhi kanoon banane ka adhikaar bharat desh main samvidhan ke anusaar kisi bhi kanoon ko banane ka adhikaar keval aur keval sansadiya pranali ko hai sansadiya pranali antargat koi bhi kanoon do tihai bahumat se paarit hone par laagu hota hai haan lekin kabhi kabhi us kanoon me khamiyan ho toh usko sarvoch nyayalaya dekhti hai kanoon banane ka adhikaar ke janta ke paas nahi pratyaksh roop se janta ko nahi hai lekin paroksh roop se koi bhi kanoon janta hi banati hai kyonki sansad bhawan me saansad ko chunkar janta bhej de

देश के लिए कोई भी कानून बनाने का अधिकार भारत देश मैं संविधान के अनुसार किसी भी कानून को

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अमित कुमार दीक्षित "आदिदेव"

विधिवक्ता, कैरियर कॉउंसेलर एवं समाजसेवी

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यदि आपको लगता है कि कोई ऐसा कानून बनाया जा सकता है जो कि जनता के हित में होगा तो आप अपने जिले के सांसद से जाकर के मिली है और चिट्ठी लिख करके मिलिए और उन से निवेदन करिए कि महोदय मेरे विचार से ऐसा कानून बना दिया जाए जो कि आपके मन में हो तो वह ज्यादा लाभदायक होगा जनता के लिए तो सांसद उस बात को संसद भवन में रखेगा सदन के पटल पर रखेगा और यदि वह विचार नहीं होगा तू सारे देश के जितने भी सांसद उसको बहुमत से उसको एक मत से धन में थे उसका समर्थन करेंगे और भारत सरकार उस पर कानून बनाने के लिए विवश हो जाएगा

yadi aapko lagta hai ki koi aisa kanoon banaya ja sakta hai jo ki janta ke hit me hoga toh aap apne jile ke saansad se jaakar ke mili hai aur chitthi likh karke miliye aur un se nivedan kariye ki mahoday mere vichar se aisa kanoon bana diya jaaye jo ki aapke man me ho toh vaah zyada labhdayak hoga janta ke liye toh saansad us baat ko sansad bhawan me rakhega sadan ke patal par rakhega aur yadi vaah vichar nahi hoga tu saare desh ke jitne bhi saansad usko bahumat se usko ek mat se dhan me the uska samarthan karenge aur bharat sarkar us par kanoon banane ke liye vivash ho jaega

यदि आपको लगता है कि कोई ऐसा कानून बनाया जा सकता है जो कि जनता के हित में होगा तो आप अपने ज

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Pradeep Solanki

Corporate Yoga Consultant

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कानून जो है वह देश की पगलेवर्ल्ड बनाती है भारत की जनता के पास यह अधिकार नहीं है कि अगर चाय चाय पूरी जनता चाहेगी कानून बन जाए तो भी कानून ऐसे नहीं बढ़ सकता जैसे कि भारत की जनता है चाहती कि भजन शंकर कानून बने ऑलरेडी का वर्णन हो रहा है इतनी जनसंख्या बढ़ती जा रही है अगर वह नहीं बढ़ाई गई तो वैसे ही लोग भूखे शुरू हो जाएंगे तो जनसंख्या के बच्चे की परमिशन लेकिन उतारते हुए भी आप कोई कानून नहीं बना सकते कोर्ट में जा सकते हो तो कोर्ट भी सिर्फ सरकार को सलाह दे सकते सुप्रीम कोर्ट के पास भी है पावर नहीं है कि वह कानून बना दे तो कानून कौन बनाएगा कानून बनाएगा पार्लियामेंट पार्लियामेंट राज्यसभा लोकसभा वह मिलकर कानून बनाएंगे तो उसके लिए जो है वह नेता करेंगे और नेताओं को अपनी करनी है राजनीति की रोटी सेकने उनको इस बात की कोई परवाह नहीं है भाई धरती खत्म होने वाली है रिसोर्सेज खत्म होने वाले हैं या प्रॉब्लम होने वाली है उनको इस बात से कोई मतलब नहीं उनको वोट मिलने चाहिए पैसे कमा ले बाड़मेर की जनता अपना काम बनता है हिसाब कितना भी चाहे कानून बना सकते हैं लेकिन कानून जो है वह नेताओं ने मिलकर बनाना और वही कानून बनाएंगे जो उनकी राजनीति की रोटी से देश की भलाई से उनका कोई लेना देना नहीं है

kanoon jo hai vaah desh ki pagalevarld banati hai bharat ki janta ke paas yah adhikaar nahi hai ki agar chai chai puri janta chahegi kanoon ban jaaye toh bhi kanoon aise nahi badh sakta jaise ki bharat ki janta hai chahti ki bhajan shankar kanoon bane already ka varnan ho raha hai itni jansankhya badhti ja rahi hai agar vaah nahi badhai gayi toh waise hi log bhukhe shuru ho jaenge toh jansankhya ke bacche ki permission lekin utarate hue bhi aap koi kanoon nahi bana sakte court me ja sakte ho toh court bhi sirf sarkar ko salah de sakte supreme court ke paas bhi hai power nahi hai ki vaah kanoon bana de toh kanoon kaun banayega kanoon banayega parliament parliament rajya sabha lok sabha vaah milkar kanoon banayenge toh uske liye jo hai vaah neta karenge aur netaon ko apni karni hai raajneeti ki roti sekne unko is baat ki koi parvaah nahi hai bhai dharti khatam hone wali hai resources khatam hone waale hain ya problem hone wali hai unko is baat se koi matlab nahi unko vote milne chahiye paise kama le badmer ki janta apna kaam banta hai hisab kitna bhi chahen kanoon bana sakte hain lekin kanoon jo hai vaah netaon ne milkar banana aur wahi kanoon banayenge jo unki raajneeti ki roti se desh ki bhalai se unka koi lena dena nahi hai

कानून जो है वह देश की पगलेवर्ल्ड बनाती है भारत की जनता के पास यह अधिकार नहीं है कि अगर चाय

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Dr. Parmindra Dadhich

Lawyer | Jurist

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देखिए अगर कोई कानून बनाना हो देश की जनता को बहुमत मिले तो इससे कोई कानून नहीं बन सकता है यह मैं आपको बताना चाहूंगा हां लेकिन जनता का एक रोल होता है जनता का सिर्फ एक ही रोल होता है सिर्फ कि वह अपने रिप्रेजेंटेटिव्स जो होते हैं वह चुनकर पार्लियामेंट और स्टेट लेजिसलेटिव में भेजें और उस सीट लेजिस्लेटर का या फिर चौकी नेशनल है जिसने चैनल लेटेस्ट से पाटने में उसका काम होता है जो कानून बनाए तो क्या कानून बनाने में जनता का कोई रोल नहीं होता आंसर है होता है पब्लिक सेंटीमेंट अभी करने का जगाने का यह जनता का रेप होता है जैसे फॉर एग्जांपल आपने देखा निर्भया कांड हुआ था 2012 में तो 2012 के बाद में एक बहुत बड़ा एक रिवॉल्यूशन हमारी देश की जनता ने दिखाया जिसकी वजह से रेप लॉ के अंदर काफी सारे अमेंडमेंट ज्योति को इंटरव्यूज किए गए पार्लिमेंट

dekhiye agar koi kanoon banana ho desh ki janta ko bahumat mile toh isse koi kanoon nahi ban sakta hai yah main aapko batana chahunga haan lekin janta ka ek roll hota hai janta ka sirf ek hi roll hota hai sirf ki vaah apne riprejentetivs jo hote hain vaah chunkar parliament aur state lejisletiv me bheje aur us seat legislator ka ya phir chowki national hai jisne channel latest se patne me uska kaam hota hai jo kanoon banaye toh kya kanoon banane me janta ka koi roll nahi hota answer hai hota hai public sentiment abhi karne ka jagaane ka yah janta ka rape hota hai jaise for example aapne dekha Nirbhaya kaand hua tha 2012 me toh 2012 ke baad me ek bahut bada ek revolution hamari desh ki janta ne dikhaya jiski wajah se rape law ke andar kaafi saare Amendment jyoti ko interviewers kiye gaye Parliament

देखिए अगर कोई कानून बनाना हो देश की जनता को बहुमत मिले तो इससे कोई कानून नहीं बन सकता है य

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देखिए देश में अगर कोई कानून बनाना हो तो देश की जनता बहुमत मिले किसके पास जा ऐ सुबह कोई आपको कानून तो आप ही बना रहे हैं आप जो संसद भेज रहे हैं चुनकर अपने इलाके से वहीं संसद जाकर प्रधानमंत्री बनते हैं वहीं संसद ही जाकर संसद में क्या बोलते संविधान में संशोधन करते हैं कानून बनाते हैं तो निश्चित तौर पर वोट है सुन रहे तो देख कर सही है गलत है कानून तो आप ही नहीं बनाया है कानून आप ही बनाते हैं संसद में जो सांसद सांसद आप चुनकर भेजते हैं संसद में जाकर वही कानून बनाते हैं आपके पास एक मुट्ठी बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए आप सही व्यक्ति का चुनाव करें सही व्यक्ति को सांसद तक पहुंचाएं ताकि आपकी आवाज संसद तक पहुंचाएं और इसीलिए इसीलिए कहा जाता है हमारा भारत देश लोकतांत्रिक देश है भारत का मतदाता जो है वह सर्वोपरि है इसलिए हमारे 1 वोट एक सही व्यक्ति का चुनाव और एक गलत व्यक्ति को चुनाव कर सकता है देश में कानून बनाने का अधिकार जनता को नहीं है मगर जनता को यह पावर है या राइट है कि वह अपने वोट का अपने मताधिकार का उपयोग करके सही संसद विधायक संसद भवन विधानसभा भवन तक भेजे ताकि सही कानून बन सके

dekhiye desh me agar koi kanoon banana ho toh desh ki janta bahumat mile kiske paas ja ae subah koi aapko kanoon toh aap hi bana rahe hain aap jo sansad bhej rahe hain chunkar apne ilaake se wahi sansad jaakar pradhanmantri bante hain wahi sansad hi jaakar sansad me kya bolte samvidhan me sanshodhan karte hain kanoon banate hain toh nishchit taur par vote hai sun rahe toh dekh kar sahi hai galat hai kanoon toh aap hi nahi banaya hai kanoon aap hi banate hain sansad me jo saansad saansad aap chunkar bhejate hain sansad me jaakar wahi kanoon banate hain aapke paas ek mutthi bahut mahatvapurna hai isliye aap sahi vyakti ka chunav kare sahi vyakti ko saansad tak paunchaye taki aapki awaaz sansad tak paunchaye aur isliye isliye kaha jata hai hamara bharat desh loktantrik desh hai bharat ka matdata jo hai vaah sarvopari hai isliye hamare 1 vote ek sahi vyakti ka chunav aur ek galat vyakti ko chunav kar sakta hai desh me kanoon banane ka adhikaar janta ko nahi hai magar janta ko yah power hai ya right hai ki vaah apne vote ka apne matadhikar ka upyog karke sahi sansad vidhayak sansad bhawan vidhan sabha bhawan tak bheje taki sahi kanoon ban sake

देखिए देश में अगर कोई कानून बनाना हो तो देश की जनता बहुमत मिले किसके पास जा ऐ सुबह कोई आपक

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देश में कोई कानून बनाना है और देश की जनता की का बहुमत मिले तो किसके पास जाएगी कानून बन जाए ताकि इस सवाल का बहुत सीधा सा जवाब कि कानून बनाने का जो अधिकार है वह सिर्फ और सिर्फ संविधान भारतीय संसद के पास है पार्लमेंट के पास है पार्लिमेंट ही कानून बनाती है और पुलिस जो है वो एग्जिट एग्जिट मिशन का काम करती है पहले मैंने जो कानून मारी कमला जी से लेकर कहते हैं लेजिस्लेटर का काम होता है कानून बनाना कोई भी कानून बनाने से पहले भी देख लाया जाता है उस विधेयक को लोकसभा में प्रस्तुत किया जाता है वहां बहुमत मिलता है फिर राज्यसभा में आता है राज्यसभा से पास होता है और उसके बाद राष्ट्रपति की मुहर लगती है उसके बाद वे कानून बन जाता है तो यह पूरी प्रोसेस होती है कानून बनने की तो अगर कोई जनता कोई कानून बनाना चाहिए तो वह अपने द्वारा चुने हुए सांसद से जो है रिक्वेस्ट कर सकती है कि इस क्वेश्चन को उठाया जाए या इस क्वेश्चन से रिलेटेड कोई लोग बनाए जाए बाकी आप जो है मुझे लिख सकते हैं मुझसे आप बात कर सकते हैं फेस ऊपर ट्विटर पर गूगल पर एडवोकेट डीके धन्यवाद

desh me koi kanoon banana hai aur desh ki janta ki ka bahumat mile toh kiske paas jayegi kanoon ban jaaye taki is sawaal ka bahut seedha sa jawab ki kanoon banane ka jo adhikaar hai vaah sirf aur sirf samvidhan bharatiya sansad ke paas hai parliament ke paas hai Parliament hi kanoon banati hai aur police jo hai vo exit exit mission ka kaam karti hai pehle maine jo kanoon mari kamla ji se lekar kehte hain legislator ka kaam hota hai kanoon banana koi bhi kanoon banane se pehle bhi dekh laya jata hai us vidhayak ko lok sabha me prastut kiya jata hai wahan bahumat milta hai phir rajya sabha me aata hai rajya sabha se paas hota hai aur uske baad rashtrapati ki muhar lagti hai uske baad ve kanoon ban jata hai toh yah puri process hoti hai kanoon banne ki toh agar koi janta koi kanoon banana chahiye toh vaah apne dwara chune hue saansad se jo hai request kar sakti hai ki is question ko uthaya jaaye ya is question se related koi log banaye jaaye baki aap jo hai mujhe likh sakte hain mujhse aap baat kar sakte hain face upar twitter par google par advocate DK dhanyavad

देश में कोई कानून बनाना है और देश की जनता की का बहुमत मिले तो किसके पास जाएगी कानून बन जाए

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अगर देश के लिए कोई भी कानून बनाना है तो आप जानते हैं कि कानून बनाने का कार्य संसद को है पार्लियामेंट दिल्ली में है और पार्लियामेंट लोकसभा राजस्व राष्ट्रपति से बनता है और तीनों मिलकर ही जो है तीनों मिलने के बाद ही का कोई भी कारण हमारे देश के लिए बनता है कि कोई भी कानून बनाने के लिए हम को संसद में लोकसभा या राज्यसभा के निवासी सरस्वती द्वारा ही बहुमत के आधार पर कानून बनाया जाता है वहां से अगर हमें बहुमत मिल जाए तो ही हमारे दो अपने देश के लिए कोई कानून बनवा सकते हैं और वह कानून हमारे देश के हर भारद्वाज क्षेत्रों में तो कानून पास होगी

agar desh ke liye koi bhi kanoon banana hai toh aap jante hain ki kanoon banane ka karya sansad ko hai parliament delhi me hai aur parliament lok sabha rajaswa rashtrapati se banta hai aur tatvo milkar hi jo hai tatvo milne ke baad hi ka koi bhi karan hamare desh ke liye banta hai ki koi bhi kanoon banane ke liye hum ko sansad me lok sabha ya rajya sabha ke niwasi saraswati dwara hi bahumat ke aadhar par kanoon banaya jata hai wahan se agar hamein bahumat mil jaaye toh hi hamare do apne desh ke liye koi kanoon banwa sakte hain aur vaah kanoon hamare desh ke har bhardwaj kshetro me toh kanoon paas hogi

अगर देश के लिए कोई भी कानून बनाना है तो आप जानते हैं कि कानून बनाने का कार्य संसद को है पा

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देश में कानून बनाना हो तो देश की जनता की बहुमत मिले तो किसी के पास जाए तो कानून बन जाए एक देश में कानून बनाने का प्रावधान है जिसके द्वारा देश को 6 महीने के संसद संबंधित किसी भी सदन में बढ़िया होनी सही कर दिया जाएगा लोकसभा से पास होगा राज्यसभा से भी पास होगा तब राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा टाइम के लिए

desh me kanoon banana ho toh desh ki janta ki bahumat mile toh kisi ke paas jaaye toh kanoon ban jaaye ek desh me kanoon banane ka pravadhan hai jiske dwara desh ko 6 mahine ke sansad sambandhit kisi bhi sadan me badhiya honi sahi kar diya jaega lok sabha se paas hoga rajya sabha se bhi paas hoga tab rashtrapati ke paas bheja jaega time ke liye

देश में कानून बनाना हो तो देश की जनता की बहुमत मिले तो किसी के पास जाए तो कानून बन जाए एक

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चाहते मुझे लग रहा है इस प्रशंसा पूछना चाह रहे हैं कि कानून कैसे बनता है अगर एक पूर्ण बहुमत की सरकार है तो सबसे पहले हमें देखना होगा समझ ना हो कोई कानून क्या होता है किसी भी देश राज्य समाज को चलाने के लिए व्यवस्था अनुशासन बनाए रखने के लिए कुछ नियम की जरूरत होती है एक्चुअली क्या है उस नियम और कानून ने बहुत ही छोटा सा फर्क होता है जहां नियम काम करने के तरीके को बताते हुए कानून उस तरीके और अनुशासन के टूटने पर उठाए जाने वाले कदम को बताता है कानून का उल्लेख संविधान में किया जाता है कानून में समय-समय पर संशोधन की जाती और कभी-कभी नए कानून भी बनाए जाते हैं भारत में कानून बनाने का मूल अधिकार विधायिका को है संसद में सिर्फ कानून पास होता है अब हम देखेंगे कि भारत में कितने तरह के कानून बन सकते हैं देखी देखा जाए तो कानूनों को तीन सूची के अंदर रखा गया है पिक्चर राज्य सूची जहां तुसा केंद्रीय सूची व तीसरा समवर्ती सूची एक केंद्र स्तर पर जो कानून बनाती है वह पुर देश में लागू होता है ठीक है दूसरा होता है प्रदेश स्तर पर कानून बनता है जो किसी अमुक प्रदेश को ध्यान में रखकर बनाया जाता कि सह राज्य और प्रदेश के द्वारा मिलकर बनाया जाता है अब है कि सदन में कानून कैसे बनता है सरकार को जब ऐसा लगता है कि किसी मुद्दे पर कानून बनाने की जरूरत है तो सरकार कैबिनेट में इस मुद्दे पर चर्चा करती है चर्चा होने के बाद कानून के मसौदे की ड्राफ्टिंग की जाती है ड्राफ्टिंग के बाद कानून का ड्राफ्ट जिसे भी देख कहा जाता है संसद के पटल पर रखा जाता है संसद ने पक्ष विपक्ष के सदस्य इस विधेयक पर चर्चा करते हैं जिसको जो आपत्ति होती है या कोई संशोधन करना है अपने विचार उस पर रखे जाते हैं वाद-विवाद क्या जाता है पक्ष विपक्ष के सदस्य के बीच इस मुद्दे पर बहस के बाद कानून को पास करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है कभी-कभी विधेयक पर आम सहमति नहीं बन पाती है इस हालत में सदन में मतदान की नौबत आती है अगर सदन में विधेयक के पक्ष में अधिक वोट पड़ते हैं तो विधायक पास हो जाएगा और अगर विधिक किसी गतिरोध के कारण या कम समर्थ उनके कारण पास नहीं हो पाता तो फिर कानून नहीं बन पाता है अधिकतर कानून लोकसभा राज्यसभा दोनों सदन से पास होने के बाद ही बनते हैं चंदन से पास होने के बाद यह विधेयक को राष्ट्रपति के पास उनके हस्ताक्षर के लिए भेजा जाता है एक खास बात है राष्ट्रपति के पास अधिकार होता है कि अधिकतम दो बार भी तक को पुनर्विचार के लिए विधायक का को भेज सकता है राष्ट्रपति को लगता है कि इस कानून में कुछ संशोधन की जरूरत है या इसे और अच्छा किया जा सकता है तो ऐसा विधायकों को वापस भेज सकता पर इसे दो बार किया जा सकता है जब राष्ट्रीय पार्क से भी देखता डॉक्टर हो जाते हैं तो यह कानून बन जाता है इसके अलावा कभी-कभी सरकार अध्यादेश के द्वारा भी कानून बनाती है यह सब तब होता है जब सरकार किसी बेहद खास विषय पर कानून बनाने के लिए बिल लाना चाहती लेकिन संसद के दोनों सदन यह किसी भी एक सदन का सत्र न चल रहा हो इस हालत में सरकार अध्यादेश लेकर आती है जिसके तहत सीधा कानून बन जाता है फिर जब सदन की कार्रवाई की शुरुआत होती है तो उसे सर से पास करवाया जाता है अध्यादेश की अवधि 180 दिन की होती है इसके बाद ही निरस्त हो जाता है संविधान का अनुच्छेद 123 सरकार को अध्यादेश लाने का अधिकार देता है

chahte mujhe lag raha hai is prashansa poochna chah rahe hain ki kanoon kaise banta hai agar ek purn bahumat ki sarkar hai toh sabse pehle hamein dekhna hoga samajh na ho koi kanoon kya hota hai kisi bhi desh rajya samaj ko chalane ke liye vyavastha anushasan banaye rakhne ke liye kuch niyam ki zarurat hoti hai actually kya hai us niyam aur kanoon ne bahut hi chota sa fark hota hai jaha niyam kaam karne ke tarike ko batatey hue kanoon us tarike aur anushasan ke tutne par uthye jaane waale kadam ko batata hai kanoon ka ullekh samvidhan me kiya jata hai kanoon me samay samay par sanshodhan ki jaati aur kabhi kabhi naye kanoon bhi banaye jaate hain bharat me kanoon banane ka mul adhikaar vidhayika ko hai sansad me sirf kanoon paas hota hai ab hum dekhenge ki bharat me kitne tarah ke kanoon ban sakte hain dekhi dekha jaaye toh kanuno ko teen suchi ke andar rakha gaya hai picture rajya suchi jaha tusa kendriya suchi va teesra samvarti suchi ek kendra sthar par jo kanoon banati hai vaah pur desh me laagu hota hai theek hai doosra hota hai pradesh sthar par kanoon banta hai jo kisi amuk pradesh ko dhyan me rakhakar banaya jata ki sah rajya aur pradesh ke dwara milkar banaya jata hai ab hai ki sadan me kanoon kaise banta hai sarkar ko jab aisa lagta hai ki kisi mudde par kanoon banane ki zarurat hai toh sarkar cabinet me is mudde par charcha karti hai charcha hone ke baad kanoon ke masaude ki drafting ki jaati hai drafting ke baad kanoon ka draft jise bhi dekh kaha jata hai sansad ke patal par rakha jata hai sansad ne paksh vipaksh ke sadasya is vidhayak par charcha karte hain jisko jo apatti hoti hai ya koi sanshodhan karna hai apne vichar us par rakhe jaate hain vad vivaad kya jata hai paksh vipaksh ke sadasya ke beech is mudde par bahas ke baad kanoon ko paas karne ki prakriya shuru ki jaati hai kabhi kabhi vidhayak par aam sahmati nahi ban pati hai is halat me sadan me matdan ki naubat aati hai agar sadan me vidhayak ke paksh me adhik vote padate hain toh vidhayak paas ho jaega aur agar vidhik kisi gatirodh ke karan ya kam samarth unke karan paas nahi ho pata toh phir kanoon nahi ban pata hai adhiktar kanoon lok sabha rajya sabha dono sadan se paas hone ke baad hi bante hain chandan se paas hone ke baad yah vidhayak ko rashtrapati ke paas unke hastakshar ke liye bheja jata hai ek khas baat hai rashtrapati ke paas adhikaar hota hai ki adhiktam do baar bhi tak ko punarvichar ke liye vidhayak ka ko bhej sakta hai rashtrapati ko lagta hai ki is kanoon me kuch sanshodhan ki zarurat hai ya ise aur accha kiya ja sakta hai toh aisa vidhayakon ko wapas bhej sakta par ise do baar kiya ja sakta hai jab rashtriya park se bhi dekhta doctor ho jaate hain toh yah kanoon ban jata hai iske alava kabhi kabhi sarkar adhyadesh ke dwara bhi kanoon banati hai yah sab tab hota hai jab sarkar kisi behad khas vishay par kanoon banane ke liye bill lana chahti lekin sansad ke dono sadan yah kisi bhi ek sadan ka satra na chal raha ho is halat me sarkar adhyadesh lekar aati hai jiske tahat seedha kanoon ban jata hai phir jab sadan ki karyawahi ki shuruat hoti hai toh use sir se paas karvaya jata hai adhyadesh ki awadhi 180 din ki hoti hai iske baad hi nirast ho jata hai samvidhan ka anuched 123 sarkar ko adhyadesh lane ka adhikaar deta hai

चाहते मुझे लग रहा है इस प्रशंसा पूछना चाह रहे हैं कि कानून कैसे बनता है अगर एक पूर्ण बहुमत

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भारत में कानून बनाने का अधिकार विधायक का के पास है विधायिका के अंदर भारत की संसद और राज्यों की विधानसभा जाती है उन्हें का ही दायित्व है कानून को बना लेगा यदि जनता का पूर्ण रूप से बहुमत मिलता है किसी भी कार्य कानून को बनाने की के लिए और वह राज्य संघ सूची के अंदर विषय है तो राज्य के सभी लोग विधायकों से अपने से मांग पत्र दे सकते हैं या मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन दे सकते हैं कि इस विषय में कानून बनाया जाए या फिर अगर वह विषयक केंद्र के अधीन आते हैं जिन विषयों पर केंद्र कानून बनाएगा तो अपने संबंधित सांसद या जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जा सकता है तथा दल की पार्टियों के नाम जिस पथ भारत की संसद और संबंधित राज्य की विधानसभा है उस पर कानून बना सके

bharat me kanoon banane ka adhikaar vidhayak ka ke paas hai vidhayika ke andar bharat ki sansad aur rajyo ki vidhan sabha jaati hai unhe ka hi dayitva hai kanoon ko bana lega yadi janta ka purn roop se bahumat milta hai kisi bhi karya kanoon ko banane ki ke liye aur vaah rajya sangh suchi ke andar vishay hai toh rajya ke sabhi log vidhayakon se apne se maang patra de sakte hain ya mukhyamantri ke naam jila collector ke madhyam se gyapan de sakte hain ki is vishay me kanoon banaya jaaye ya phir agar vaah vishayak kendra ke adheen aate hain jin vishyon par kendra kanoon banayega toh apne sambandhit saansad ya jila collector ke madhyam se gyapan saupaan ja sakta hai tatha dal ki partiyon ke naam jis path bharat ki sansad aur sambandhit rajya ki vidhan sabha hai us par kanoon bana sake

भारत में कानून बनाने का अधिकार विधायक का के पास है विधायिका के अंदर भारत की संसद और राज्य

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Adv.Shyam Verma

Legal Advisor & Advocate

1:08
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देश में कानून बनाने का प्रोसीजर एक ही है सदन जो भी कानून सदन चाहे वह राज्यसभा होते लोकसभा हो चाहे वह संसद हो यह विधायक जी उसमें हो कहीं भी सरकार जो पार्टी जिस की सरकार होती है वह किसी भी कानून को पेश करते हैं दो तिहाई से बहुमत से उसे पास कर आते हैं और उसके बाद उसे अनुमोदन के लिए आगे भेज दिया जाता है उसके पश्चात राष्ट्रपति उस पर अनुमोदन कर कर उसके पास कर देता है यदि सरकार के पास बुक में तो नहीं होता है तो वह कानून नहीं बन पाता कानून बनाने के लिए कहीं आपको बाहर जाने की जरूरत नहीं है ना आपको कुछ अलग से करना है जो भी जनता की मांग होती है वह अपने नेता के द्वारा सदन में पेश कराएं जो भी आपके सांसद हो विधायक वह सदन में पेश करके उस पर कानून का प्रस्ताव ला सकते हैं

desh me kanoon banane ka procedure ek hi hai sadan jo bhi kanoon sadan chahen vaah rajya sabha hote lok sabha ho chahen vaah sansad ho yah vidhayak ji usme ho kahin bhi sarkar jo party jis ki sarkar hoti hai vaah kisi bhi kanoon ko pesh karte hain do tihai se bahumat se use paas kar aate hain aur uske baad use anumodan ke liye aage bhej diya jata hai uske pashchat rashtrapati us par anumodan kar kar uske paas kar deta hai yadi sarkar ke paas book me toh nahi hota hai toh vaah kanoon nahi ban pata kanoon banane ke liye kahin aapko bahar jaane ki zarurat nahi hai na aapko kuch alag se karna hai jo bhi janta ki maang hoti hai vaah apne neta ke dwara sadan me pesh karaye jo bhi aapke saansad ho vidhayak vaah sadan me pesh karke us par kanoon ka prastaav la sakte hain

देश में कानून बनाने का प्रोसीजर एक ही है सदन जो भी कानून सदन चाहे वह राज्यसभा होते लोकसभ

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आपका जो सवाल है उसमें आपने पूछा कि देश में कोई कानून बनाना हो और देश की जनता की बहुमत मिले तो किसके पास जाएंगे कानून बन जाए तो मैं यह बता दूं कि जो हमारा कॉन्स्टिट्यूशन भेजो प्रोविजन है उसमें जो लोग 9 की पावर है वह दोस्तों को है एक तो सेंट्रल गवर्नमेंट काेरिसेंट्रिक स्टेट कॉल सेंटर में जॉब केएनपी होते हैं मेंबर पार्लिमेंट वह विधायक पास करते हैं फिर और राज्यसभा में जाते हैं फिर जब राज्यसभा से भी पास हो जाता है तब उस पर राष्ट्रपति के साइन होते हैं तब कानून बनता है कुर्सी बीच दूसरा जो का पावर है वह लाइन स्टेट के पास है इस टेस्ट में हैट्रिक रजिस्ट्रेशन के बाद में आप के मेंबर ऑफ रिजल्ट बजरंगबली के लोग बनाते हैं उसमें आप के विधायक वगैरह हो गए अतिश्मकेवी होता है विधानसभा में बहुमत के द्वारा जो आप कितने सदस्य रहते हैं वह प्रस्ताव रखते हैं कानूनी तक ₹2 का रखते हैं उसके बाद तो पास कराया जाता है फिर गवर्नर गवर्नर के साइन होते हैं फिर ओ ला बन जाता है एक तीसरा है जब यह सदन राज्यसभा और लोकसभा हो या क का की कोई योग दिवस में प्रथम सत्र में ना चल रहे हो तो तक राष्ट्रपति आर्टिकल 123 123 में अध्यादेश द्वारा कानून बना सकता है जो 1 साल के लिए वैलिड रहता है तो यही है कानून और जो आपका क्वेश्चन है कि एक अगर आम आदमी या जनता की सहमति हो तो कौन किसके पास जाएं तो ऐसा कुछ नहीं है क्योंकि जनता के द्वारा जो के एमएलए एमपी चुने जाते हैं तो वहीं जनता का बहुमत माना जाता है जो भी वह कानून बनाना चाहिए जो जनता का सपोर्ट और जो भोपाल में जब उसको पार्लियामेंट इलेक्शन में जब उसकी स्टेटस को उठाते हैं विधानसभा में तो सख्त कानून का निर्माण होता है बाकी एक आदमी को यहां गुलाम लोगों की सहमति है वह तो जाते हैं कि कानून बने तो आप लोगों को पावर नहीं है पावर है लेकिन चीज करोगी या आप मजिस्ट्रेट विधान विधान सभा को लोकसभा एमपी और एमएलए का निर्माण कर सकते नहीं

aapka jo sawaal hai usme aapne poocha ki desh me koi kanoon banana ho aur desh ki janta ki bahumat mile toh kiske paas jaenge kanoon ban jaaye toh main yah bata doon ki jo hamara Constitution bhejo provision hai usme jo log 9 ki power hai vaah doston ko hai ek toh central government korisentrik state call center me job KNP hote hain member Parliament vaah vidhayak paas karte hain phir aur rajya sabha me jaate hain phir jab rajya sabha se bhi paas ho jata hai tab us par rashtrapati ke sign hote hain tab kanoon banta hai kursi beech doosra jo ka power hai vaah line state ke paas hai is test me hattrick registration ke baad me aap ke member of result bajrangbali ke log banate hain usme aap ke vidhayak vagera ho gaye atishmakevi hota hai vidhan sabha me bahumat ke dwara jo aap kitne sadasya rehte hain vaah prastaav rakhte hain kanooni tak Rs ka rakhte hain uske baad toh paas karaya jata hai phir governor governor ke sign hote hain phir O la ban jata hai ek teesra hai jab yah sadan rajya sabha aur lok sabha ho ya k ka ki koi yog divas me pratham satra me na chal rahe ho toh tak rashtrapati article 123 123 me adhyadesh dwara kanoon bana sakta hai jo 1 saal ke liye valid rehta hai toh yahi hai kanoon aur jo aapka question hai ki ek agar aam aadmi ya janta ki sahmati ho toh kaun kiske paas jayen toh aisa kuch nahi hai kyonki janta ke dwara jo ke mla MP chune jaate hain toh wahi janta ka bahumat mana jata hai jo bhi vaah kanoon banana chahiye jo janta ka support aur jo bhopal me jab usko parliament election me jab uski status ko uthate hain vidhan sabha me toh sakht kanoon ka nirmaan hota hai baki ek aadmi ko yahan gulam logo ki sahmati hai vaah toh jaate hain ki kanoon bane toh aap logo ko power nahi hai power hai lekin cheez karogi ya aap magistrate vidhan vidhan sabha ko lok sabha MP aur mla ka nirmaan kar sakte nahi

आपका जो सवाल है उसमें आपने पूछा कि देश में कोई कानून बनाना हो और देश की जनता की बहुमत मिले

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अगर देश की जनता कोई कानून बनाना चाहती हर जनता के पास बहुमत है तो पहला तरीका तो कानून बनाने का वही है कि देश के सारे कानून संसद बनाती है आपके क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों से जो आपके साथ हैं तैयार है उनको कहीं है और वह बहुमत से सदन में जब कोई भी विधेयक पास कर देंगे तो उस पर कानून बन जाएगा पर यदि ऐसा नहीं कर सकते और प्रॉपर जनप्रतिनिधि नहीं है जो वहां कानून के पक्ष में मतदान कर सकें तो कोर्ट में जाकर दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में आप पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन लगा सकते हैं किसी भी कानून को बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट संसद को कानून के बारे में डायरेक्शन दे सकता है बनाने के लिए आप कोर्ट के थ्रू भी आर्टिकल 32 कौन स्टेशन में सुप्रीम कोर्ट में पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन में चाहिए और कानून बनाने के लिए माफी याचिका करिए

agar desh ki janta koi kanoon banana chahti har janta ke paas bahumat hai toh pehla tarika toh kanoon banane ka wahi hai ki desh ke saare kanoon sansad banati hai aapke kshetra ke sabhi janapratinidhiyon se jo aapke saath hain taiyar hai unko kahin hai aur vaah bahumat se sadan me jab koi bhi vidhayak paas kar denge toh us par kanoon ban jaega par yadi aisa nahi kar sakte aur proper janapratinidhi nahi hai jo wahan kanoon ke paksh me matdan kar sake toh court me jaakar delhi supreme court me aap public interest litigation laga sakte hain kisi bhi kanoon ko banane ke liye supreme court sansad ko kanoon ke bare me direction de sakta hai banane ke liye aap court ke through bhi article 32 kaun station me supreme court me public interest litigation me chahiye aur kanoon banane ke liye maafi yachika kariye

अगर देश की जनता कोई कानून बनाना चाहती हर जनता के पास बहुमत है तो पहला तरीका तो कानून बनान

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Nirmala Singh

Lic Agent

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देश में कोई कानून बनाना और देश की जनता का बहुमत मिले तो किसके पास जाए आपका प्रश्न देश में कानून बनाने के लिए देश की जनता का समय के बाद लोकसभा और राज्यसभा के दोनों सदनों में पास होना उसका जरूरी है उसके बाद राष्ट्रपति के पास जाता है राष्ट्रपति का हस्ताक्षर ही अंतिम निर्णय होता है तभी वह कानून बनता है धन्यवाद

desh me koi kanoon banana aur desh ki janta ka bahumat mile toh kiske paas jaaye aapka prashna desh me kanoon banane ke liye desh ki janta ka samay ke baad lok sabha aur rajya sabha ke dono sadano me paas hona uska zaroori hai uske baad rashtrapati ke paas jata hai rashtrapati ka hastakshar hi antim nirnay hota hai tabhi vaah kanoon banta hai dhanyavad

देश में कोई कानून बनाना और देश की जनता का बहुमत मिले तो किसके पास जाए आपका प्रश्न देश में

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Devesh Pandey

Politician

1:58
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देश में कोई भी कानून बनाना हो तो उस पर आपने बोला कि जनता का बहुमत होना चाहिए तो वह कानून बनाया जाए तो किसी चीज की वजह से जो है जनता अपने द्वारा चुने गए प्रतिनिधि को चाहे वह लोकसभा या विधानसभाओं दोनों जगहों पर भेजती है राज्य में कानून बनना हो या देश में कानून बनना जिस भी कैंडिडेट को वह यहां से चुनकर भेजती है तो उन सबकी सहमति से ही कानून बनता है तो जो प्रतिनिधित्व करता है जनता का तो उसको जनता का समर्थन प्राप्त है तो उसने अगर कोई कानून देश के हित में जनता के हित में बन रहा है और उस पर जनता का वह प्रतिनिधि सपोर्ट करता है उस कानून का तहे दिल से स्वागत करता है तो मेरा यह मानना है कि जब जनता जनता के प्रतिनिधि ने उस कानून का सपोर्ट किया है उस नियम का सपोर्ट किया है तो उसने कहीं न कहीं अपनी जनता की भलाई को देखते हुए और अपने देश के हित में देश की भलाई को देखते हुए इस चीज को देखते हुए वह कानून के बारे में सोचा समझा फिर उसके बाद उसका सपोर्ट किया है तो मेरा मानना है कि जनता के प्रतिनिधि ने उसका सपोर्ट कर दिया है तो जनता को अपने प्रतिनिधि कि जिस को जनता ने चुना है वह चीज बिल्कुल सही है मानना चाहिए

desh me koi bhi kanoon banana ho toh us par aapne bola ki janta ka bahumat hona chahiye toh vaah kanoon banaya jaaye toh kisi cheez ki wajah se jo hai janta apne dwara chune gaye pratinidhi ko chahen vaah lok sabha ya vidhansabhaon dono jagaho par bhejti hai rajya me kanoon banna ho ya desh me kanoon banna jis bhi candidate ko vaah yahan se chunkar bhejti hai toh un sabki sahmati se hi kanoon banta hai toh jo pratinidhitva karta hai janta ka toh usko janta ka samarthan prapt hai toh usne agar koi kanoon desh ke hit me janta ke hit me ban raha hai aur us par janta ka vaah pratinidhi support karta hai us kanoon ka tahe dil se swaagat karta hai toh mera yah manana hai ki jab janta janta ke pratinidhi ne us kanoon ka support kiya hai us niyam ka support kiya hai toh usne kahin na kahin apni janta ki bhalai ko dekhte hue aur apne desh ke hit me desh ki bhalai ko dekhte hue is cheez ko dekhte hue vaah kanoon ke bare me socha samjha phir uske baad uska support kiya hai toh mera manana hai ki janta ke pratinidhi ne uska support kar diya hai toh janta ko apne pratinidhi ki jis ko janta ne chuna hai vaah cheez bilkul sahi hai manana chahiye

देश में कोई भी कानून बनाना हो तो उस पर आपने बोला कि जनता का बहुमत होना चाहिए तो वह कानून ब

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Vinod uttrakhand Tiwari

Author,You Tuber(Thoght Of सक्सेस)

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Vikas Singh

Political Analyst

2:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अगर किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला है तो पार्टी कोई कानून बना सकती है पहले बुलाया जाता है बिल को राज्यसभा और लोकसभा में पास कराना होता है वोटिंग होती है उसके बाद वह बिल राष्ट्रपति जी के पास जाता है और राष्ट्रपति जी की जब फाइनल मुहर लग जाती है तब कानून बनता है आपने देखा होगा कुछ दिन पहले सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल आया था जो कि लोकसभा और राज्यसभा में पास हो गया उसके बाद राष्ट्रपति जी की फाइनल मुहर भी लग गई और वो कानून बन गया उसके बाद कांग्रेस सपा बसपा आम आदमी पार्टी यह जितनी भी पार्टियां है उसका गलत तरीके से विरोध करवाई की बिल वापस ले लिया जाए लेकिन यह बिल वापस नहीं होगा क्योंकि यह बहुत ही अच्छा बिल है अफगानिस्तान पाकिस्तान बांग्लादेश में जो हिंदू बौद्ध जैन सिख ईसाई पारसी लोग रहते हैं जिन्हें धार्मिक प्रताड़ना दी गई है वहां पर और वह अपना जान बचाकर हमारे देश आए हैं तो उन्हें इस बिल के माध्यम से नागरिकता दी जाएगी और वह भारत के नागरिक बन के इस देश को तरक्की दिलाएंगे अपना काम करेंगे अपने घर परिवार को अच्छे से सुरक्षित रखेंगे उनको खिलाएंगे पिलाएंगे अच्छे से उनका पालन पोषण करेंगे उन बच्चों को पढ़ाएंगे शिक्षित करेंगे और इस देश की तरक्की में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे तो इस तरीके से कोई भी जो बिल होता है वह एक्ट बनता है तो सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट बन गया है यानी कानून बन गया है अभी कोरोनावायरस जूझ रहा है तो इसके बाद पूरे देश पर वह लागू हो चुका है और नागरिकता भी मिल जाएगी लोगों को और जनसंख्या नियंत्रण कानून है तो हमें लग रहा है कि 2021 में भारतीय जनता पार्टी जनसंख्या नियंत्रण कानून भी लाएगी और उस कानून का नाम होगा हम दो हमारे दो तो सबके दो क्योंकि जनसंख्या को नियंत्रित करना बहुत जरूरी है और यह अगला कानून आने वाला है हमारे देश में धन्यवाद

dekhiye agar kisi party ko purn bahumat mila hai toh party koi kanoon bana sakti hai pehle bulaya jata hai bill ko rajya sabha aur lok sabha me paas krana hota hai voting hoti hai uske baad vaah bill rashtrapati ji ke paas jata hai aur rashtrapati ji ki jab final muhar lag jaati hai tab kanoon banta hai aapne dekha hoga kuch din pehle Citizenship Amendment bill aaya tha jo ki lok sabha aur rajya sabha me paas ho gaya uske baad rashtrapati ji ki final muhar bhi lag gayi aur vo kanoon ban gaya uske baad congress sapa BSP aam aadmi party yah jitni bhi partyian hai uska galat tarike se virodh karwai ki bill wapas le liya jaaye lekin yah bill wapas nahi hoga kyonki yah bahut hi accha bill hai afghanistan pakistan bangladesh me jo hindu Baudh jain sikh isai parasi log rehte hain jinhen dharmik prataadana di gayi hai wahan par aur vaah apna jaan bachakar hamare desh aaye hain toh unhe is bill ke madhyam se nagarikta di jayegi aur vaah bharat ke nagarik ban ke is desh ko tarakki dilaenge apna kaam karenge apne ghar parivar ko acche se surakshit rakhenge unko khilaenge pilaenge acche se unka palan poshan karenge un baccho ko padhaenge shikshit karenge aur is desh ki tarakki me apna mahatvapurna yogdan denge toh is tarike se koi bhi jo bill hota hai vaah act banta hai toh Citizenship Amendment act ban gaya hai yani kanoon ban gaya hai abhi coronavirus joojh raha hai toh iske baad poore desh par vaah laagu ho chuka hai aur nagarikta bhi mil jayegi logo ko aur jansankhya niyantran kanoon hai toh hamein lag raha hai ki 2021 me bharatiya janta party jansankhya niyantran kanoon bhi layegi aur us kanoon ka naam hoga hum do hamare do toh sabke do kyonki jansankhya ko niyantrit karna bahut zaroori hai aur yah agla kanoon aane vala hai hamare desh me dhanyavad

देखिए अगर किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला है तो पार्टी कोई कानून बना सकती है पहले बुलाया ज

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न है कि देश में कोई कानून बनाना हो और देश की जनता की बहुमत मिले तो किसके पास जाएं कानून बने मित्र क्वेश्चन बड़ा उसका जो है नहीं है मैं आपको बता देता हूं कि अधिवेशन कानून बनाना है और देश की जनता का बहुमत मिले तो बनाने के लिए कानून बनाने का अधिकार है विधायिका का है और वह कानून बनाती है विदाई का हमारे यहां जो चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं जनता के द्वारा जो लोकसभा में बैठते हैं और केंद्रीय लेवल पर लोकसभा में और राज्य लेवल पर वो लोग जो है विधानमंडल में या विधानसभा में बैठते हैं जनता के चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं तो कानून बनाने का अधिकार उनके पास है इस विषय में कानून बनाना है यह अधिकार भी उन्हीं के पास है जो संबंधित गवर्नमेंट होती वह विधायिका में पक्षी की भूमिका में होती है और वह कानून बनाने का अधिकार रखती है ठीक है उसके पास उसके लिए बहुमत होती है वोटिंग होती है उसके घर पर आने वाला बनता है संसद में पेश किया जाता है लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद कानून के रूप में निर्मित हो जाता है ठीक है यदि कोई जानता ही है कि उनकी आंखें से कोई कानून बने या उनकी सोच से कानून बनाया उनके बहुमत सरकार ने भी संभव नहीं यह काम केवल विधायक का बनाएगी जो भले ही जनता के हित में कोई जनता का आंदोलन करने लगे या लड़ाई करने लगे झगड़ा करने लगे या काय काम तो बहुमत में है चक्का जाम करने लगे बलवत धंधे करने लगे और कहे किसी विषय में नहीं है तो जहां तक मेरी बात समझ में आपको आ गई होगी विधायक आगे काम कानून बनाना सरकार का काम कानून लागू करना न्यायपालिका काम संविधान की रक्षा करना और उस नाथ नाथ जो विधायिका के द्वारा के बनाए गए कानून है उसकी जांच परख करना उसका इंस्ट्रक्शन करना और साथ राज्य सरकार उस कानून को लागू करती है तू कानून को वह सही तरीके से लागू कर रही है अथवा नहीं कर रही है यह काम सही है या नहीं है उस पर अपना मत न्यायपालिका देती है यह इन तीनों शक्तियों का यह राइट है और सामान्य जनता कानून नहीं बना सकते सारी बात आपको क्लियर कर दी है संभवत मेरी बात आपको समझ में आई होगी आप जो है मैं सुरक्षित रहे घर पर रहे हैं और अपने आप को जो है घर पर लॉक करें ताकि जो है बाहर कोई दिक्कत महसूस ना हो कर के मेंबर को साफ-सफाई का ख्याल रखें क्योंकि इसमें बीमारी चल रही है कोविड-19 तो सभी देशवासियों को मैं कहना चाहता हूं कि आप जो है सतर्कता पूर्वक रहे हैं घर पर रहें सुरक्षित रहें और प्रयास करें की बीमारी जड़ से खत्म हो जाए आप अपने घर में रहेंगे तभी बीमारी भाग जाएगी अन्यथा बहुत तब विकराल रूप इस बीमारी ने ले लिया है जय हिंद जय भारत भारत माता की जय

prashna hai ki desh me koi kanoon banana ho aur desh ki janta ki bahumat mile toh kiske paas jayen kanoon bane mitra question bada uska jo hai nahi hai main aapko bata deta hoon ki adhiveshan kanoon banana hai aur desh ki janta ka bahumat mile toh banane ke liye kanoon banane ka adhikaar hai vidhayika ka hai aur vaah kanoon banati hai vidai ka hamare yahan jo chune hue pratinidhi hote hain janta ke dwara jo lok sabha me baithate hain aur kendriya level par lok sabha me aur rajya level par vo log jo hai vidhanmandal me ya vidhan sabha me baithate hain janta ke chune hue pratinidhi hote hain toh kanoon banane ka adhikaar unke paas hai is vishay me kanoon banana hai yah adhikaar bhi unhi ke paas hai jo sambandhit government hoti vaah vidhayika me pakshi ki bhumika me hoti hai aur vaah kanoon banane ka adhikaar rakhti hai theek hai uske paas uske liye bahumat hoti hai voting hoti hai uske ghar par aane vala banta hai sansad me pesh kiya jata hai lok sabha aur rajya sabha me paas hone ke baad rashtrapati ke hastakshar ke baad kanoon ke roop me nirmit ho jata hai theek hai yadi koi jaanta hi hai ki unki aankhen se koi kanoon bane ya unki soch se kanoon banaya unke bahumat sarkar ne bhi sambhav nahi yah kaam keval vidhayak ka banayegi jo bhale hi janta ke hit me koi janta ka andolan karne lage ya ladai karne lage jhagda karne lage ya kya kaam toh bahumat me hai chakka jam karne lage balvat dhande karne lage aur kahe kisi vishay me nahi hai toh jaha tak meri baat samajh me aapko aa gayi hogi vidhayak aage kaam kanoon banana sarkar ka kaam kanoon laagu karna nyaypalika kaam samvidhan ki raksha karna aur us nath nath jo vidhayika ke dwara ke banaye gaye kanoon hai uski jaanch parakh karna uska instruction karna aur saath rajya sarkar us kanoon ko laagu karti hai tu kanoon ko vaah sahi tarike se laagu kar rahi hai athva nahi kar rahi hai yah kaam sahi hai ya nahi hai us par apna mat nyaypalika deti hai yah in tatvo shaktiyon ka yah right hai aur samanya janta kanoon nahi bana sakte saari baat aapko clear kar di hai sambhavat meri baat aapko samajh me I hogi aap jo hai main surakshit rahe ghar par rahe hain aur apne aap ko jo hai ghar par lock kare taki jo hai bahar koi dikkat mehsus na ho kar ke member ko saaf safaai ka khayal rakhen kyonki isme bimari chal rahi hai kovid 19 toh sabhi deshvasiyon ko main kehna chahta hoon ki aap jo hai satarkata purvak rahe hain ghar par rahein surakshit rahein aur prayas kare ki bimari jad se khatam ho jaaye aap apne ghar me rahenge tabhi bimari bhag jayegi anyatha bahut tab vikrale roop is bimari ne le liya hai jai hind jai bharat bharat mata ki jai

प्रश्न है कि देश में कोई कानून बनाना हो और देश की जनता की बहुमत मिले तो किसके पास जाएं कान

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हिंदुस्तान में कानून बनाने का काम विधायिका और संसद करती है आप अपने प्रतिनिधि चुनते हैं जो प्रदेश स्तर पर विधायक कहलाते हैं और देश में राष्ट्रीय स्तर पर सांसद के लाते हैं जो भी कानून बनना होगा तो राष्ट्रीय स्तर बनना है तो उसका बिल लोकसभा और राज्यसभा में पास होगा और अगर वह प्रदेश में बनना है तो उसका विधानसभा के दोनों सदनों में पास होगा डायरेक्ट जनता कानून नहीं बना सकती जनता अपने प्रतिनिधि चुनती है सांसद या विधायक और फिर वह कानून को मूर्त रूप देने का कार्य करते हैं

Hindustan me kanoon banane ka kaam vidhayika aur sansad karti hai aap apne pratinidhi chunte hain jo pradesh sthar par vidhayak kehlate hain aur desh me rashtriya sthar par saansad ke laate hain jo bhi kanoon banna hoga toh rashtriya sthar banna hai toh uska bill lok sabha aur rajya sabha me paas hoga aur agar vaah pradesh me banna hai toh uska vidhan sabha ke dono sadano me paas hoga direct janta kanoon nahi bana sakti janta apne pratinidhi chunati hai saansad ya vidhayak aur phir vaah kanoon ko murt roop dene ka karya karte hain

हिंदुस्तान में कानून बनाने का काम विधायिका और संसद करती है आप अपने प्रतिनिधि चुनते हैं जो

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Rohit Yadav

Marketeer

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विदेश में कोई भी कानून बनाना और जनता के पास होगा तो उन्हें अपने सांसद के दबाव बनाना चाहिए क्योंकि यही सांसद सांसद प्रस्ताव ला सकते हैं और यही सांसद कानून बनवा सकते हैं तो आपका काम आता है इन पर दबाव बनाना सांसदों से बात कीजिए और सांसदों पर दबाव बनाएगी सरकार आपकी बात सुनेगी और सरकार को ही खाना बनाना पड़ेगा

videsh me koi bhi kanoon banana aur janta ke paas hoga toh unhe apne saansad ke dabaav banana chahiye kyonki yahi saansad saansad prastaav la sakte hain aur yahi saansad kanoon banwa sakte hain toh aapka kaam aata hai in par dabaav banana sansadon se baat kijiye aur sansadon par dabaav banayegi sarkar aapki baat sunegi aur sarkar ko hi khana banana padega

विदेश में कोई भी कानून बनाना और जनता के पास होगा तो उन्हें अपने सांसद के दबाव बनाना चाहिए

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Race academy maneesh

Competitive Exam Expert (Youtube- Race Academy Maneesh)https://www.youtube.com/channel/UCEwGqvTOdzZnbc70zgFiJYQ

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देखिए देश में कोई कानून बनाना हो तो देश की जनता की हुकूमत मिले तो उसके पास जाएं तो कुछ चुनाव इसीलिए होते हैं कि बहुमत मिलता है जनता का बहुमत मिलता है तो जच रूप से 11 उसी जनता द्वारा चुना जाता है एक प्रतिनिधित्व करता है तो वह जो पत्नी तो करेगा वही क्या करेगा वह संसद में जाएगा चुनाव लड़के जीतेगा तू गु खाना बना सकता है तो यह होता है कि पूरी जनता थोड़ी ना इतना बड़ा भारत देश अगर यह सारी जनता एक संसद बैटरी कितना पर जगह नहीं बचेगी तो किस लिए बनाया गया है कि 1000000 500001 कंटेंट बनाया गया है कि जो सबका प्रतिनिधि बने प्रतिनिधित्व करें तो जलने की बू जनता ही करें उसकी मौत को एक को मिले करके हो जाता है संसद में वह होता है उससे काम बनता है

dekhiye desh me koi kanoon banana ho toh desh ki janta ki hukumat mile toh uske paas jayen toh kuch chunav isliye hote hain ki bahumat milta hai janta ka bahumat milta hai toh jach roop se 11 usi janta dwara chuna jata hai ek pratinidhitva karta hai toh vaah jo patni toh karega wahi kya karega vaah sansad me jaega chunav ladke jitega tu goo khana bana sakta hai toh yah hota hai ki puri janta thodi na itna bada bharat desh agar yah saari janta ek sansad battery kitna par jagah nahi bachegi toh kis liye banaya gaya hai ki 1000000 500001 content banaya gaya hai ki jo sabka pratinidhi bane pratinidhitva kare toh jalne ki bu janta hi kare uski maut ko ek ko mile karke ho jata hai sansad me vaah hota hai usse kaam banta hai

देखिए देश में कोई कानून बनाना हो तो देश की जनता की हुकूमत मिले तो उसके पास जाएं तो कुछ चुन

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Dn Kumar

Teacher

1:00
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कोई भी कानून बनाने का अधिकार सांसद को है और सांसद तीन चीजों से मिलकर बना होता है लोकसभा राज्यसभा और राष्ट्रपति अगर कोई भी कानून पारित होता है या लोकसभा से पारित होता है तो राज्यसभा सोच को बहुमत मिलना चाहिए या रात सभा से पारित होता है तो लोकसभा से बहुमत मिलना चाहिए उसके बाद राष्ट्रपति के समक्ष पेश किया जाता है फिर उसके बाद राष्ट्रपति अपना सिग्नेचर करते हैं फिर वह कानून पारित हो जाता है ठीक है अब इसमें ही बहुत सारी कई तरह के कानून है जैसे कि सांसद अगर किसी राज्य के लिए कानून बनाएगी तो वहां पर की अलग हो जाती है पर इसमें क्लियर नहीं है कि कौन से कानून के बारे में बात कर रहा है इसलिए जेंटली मैंने बता दिया ठीक है तो ऐसे ही बनता है लाइक कर फॉलो करें

koi bhi kanoon banane ka adhikaar saansad ko hai aur saansad teen chijon se milkar bana hota hai lok sabha rajya sabha aur rashtrapati agar koi bhi kanoon paarit hota hai ya lok sabha se paarit hota hai toh rajya sabha soch ko bahumat milna chahiye ya raat sabha se paarit hota hai toh lok sabha se bahumat milna chahiye uske baad rashtrapati ke samaksh pesh kiya jata hai phir uske baad rashtrapati apna signature karte hain phir vaah kanoon paarit ho jata hai theek hai ab isme hi bahut saari kai tarah ke kanoon hai jaise ki saansad agar kisi rajya ke liye kanoon banayegi toh wahan par ki alag ho jaati hai par isme clear nahi hai ki kaun se kanoon ke bare me baat kar raha hai isliye jentali maine bata diya theek hai toh aise hi banta hai like kar follow kare

कोई भी कानून बनाने का अधिकार सांसद को है और सांसद तीन चीजों से मिलकर बना होता है लोकसभा र

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Bhagchand gothwal

Bank Officer

0:58

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देश में कोई कानून बनाना हो और देश की जनता का बहुमत मिले तो किसके पास जाएं कि कानून बन जाए यदि देश में कोई कानून बनाना हो तो उसके लिए सांसदों के पास जाना पड़ेगा क्योंकि देश के लिए कानून बनाने का कार्य संसद करती है उसमें राज्यसभा और लोकसभा के सांसद शामिल होते हैं इसलिए अगर कोई कानून बनवाना हो जनता को तो जनता को अपने-अपने क्षेत्रों के सांसदों से संपर्क करना चाहिए और उनको वह कानून बनाने के लिए उनसे आग्रह करना चाहिए जिससे वह कानून बन सकता है क्योंकि वह लोग संसद में मिलकर उस कानून को बनाने के लिए कार्य करें

desh me koi kanoon banana ho aur desh ki janta ka bahumat mile toh kiske paas jayen ki kanoon ban jaaye yadi desh me koi kanoon banana ho toh uske liye sansadon ke paas jana padega kyonki desh ke liye kanoon banane ka karya sansad karti hai usme rajya sabha aur lok sabha ke saansad shaamil hote hain isliye agar koi kanoon banwana ho janta ko toh janta ko apne apne kshetro ke sansadon se sampark karna chahiye aur unko vaah kanoon banane ke liye unse agrah karna chahiye jisse vaah kanoon ban sakta hai kyonki vaah log sansad me milkar us kanoon ko banane ke liye karya kare

देश में कोई कानून बनाना हो और देश की जनता का बहुमत मिले तो किसके पास जाएं कि कानून बन जाए

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प्रश्न है कि देश में कोई काम बनाना हो और देश की जनता को कि बहुमत मिले किसके पास जाएं कि कानून बन जाए दिखी तो सब चीज है कि लोकतांत्रिक देशों में कानून बनाने की प्रक्रिया को फॉलो किया जाता है तो जब भी देश की जनता इलेक्शन के माध्यम से चुनाव के माध्यम से किस पार्टी को बहुमत देकर जब उसे वे विधायक में पहुंच आती है तब वही जो बहुमत प्राप्त दल है वह सरकार बनाता है और सरकार बनाने के बाद सरकार बनाने के बाद जो कार्यपालिका होती है कार्यपालिका को अपने कार्यों को करने के लिए कुछ आंख कानूनों क्या पता होती है जिसके द्वारा वह उन नीतियों को बनाता है जिन्हें वह देश में लागू करवाना चाहते हैं जिन्हें देश में पूरा करना चाहते हैं शिव के दौरान उन्होंने जनता से उन वादों को क्या तुम वादों को पूर्ण कराना कि कोई भी राजनीतिक दल जनता से किए गए वादों को कानून के द्वारा पारित कराकर ही करा पाएगा क्योंकि यहां पर होता क्या है कि यहां पर यह एक बात और मैं कहना चाह रहा हूं कि सरकार जो है सरकार के तीन अंग होते हैं कार्यपालिका विधायिका और न्यायपालिका सरकार की कार्यपालिका का काम होता है नीतियों का क्रियान्वयन करना उनको लव करना विधायिका का काम होता है का निर्माण करना और न्यायपालिका का कार्य होता है न्याय प्रदान करना तू कानून निर्माण की प्रक्रिया क्या है कानून निर्माण की प्रक्रिया कैसे स्टार्ट होती कि कब कौन सा खेल कब कानून बनना चाहिए कार्यपालिका है या हमसे भी कह सकते हैं कि जिस में मंत्रिपरिषद हो गए मंत्रियों के तारीख पालिका के भागे कार्यपालिका के अन्य यदि इन्हें अपने कार्यों को पूर्ण करना है जो जिन्होंने जनता से वादे पूरे किए हैं या ऊपर लग रहा है कि वर्तमान में कोई का कोई कानून ऐसा है जो वर्तमान की अपेक्षा कार्य सही ढंग से नहीं कर पा रहा है तो वह अपने उस दिल को उस मसौदे को अपने अन्य साजो साथी हैं उनके संपूर्ण संसार करेगा उनसे विचार-विमर्श करेगा या वह वह मंत्रिपरिषद के समकक्ष पाएगा या कैबिनेट युवक का जो प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में जो मंत्रिमंडल होता है तो उसमें रखवा तू जब कोई प्रस्ताव मंत्रिमंडल के मंत्री परिषद पास हो जाता है तब इसको जो है विधायिका में पेश किया जाता है कि विधायिका में पेश करने का क्या है विधायिका इस पर सरकार को उन नीतियों को लागू करने के लिए टाइम मारने का कार्य कर दिया अर्थात जो कार्यपालिका है उसकी मंशा पर मुहर लगा दी है कि ठीक है जी आप चुप रहो हमारे पास लेकर आए हो हमने उसको पास कर दिया है अब आप जाइए हमसे बात करके तब इसको कार्यपालिका के द्वारा राष्ट्रपति को भेजा जाता है अर्थात कैसे पार्लियामेंट के द्वारा जब्त करके जाता है अंतिम रूप से राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है और राष्ट्रपति के पास में कई विकल्प होते हैं यह तो आप उनके पर यह अनुशंसा को रोक लेता है यदि यह अपनी स्वीकृति प्रदान कर देता है तो यही बिल कानून बन जाता है तू जितने भी आधुनिक लोकतंत्र लोकतंत्र में स्तंभ में सभी में इस प्रक्रिया को फॉलो किया जाता

prashna hai ki desh me koi kaam banana ho aur desh ki janta ko ki bahumat mile kiske paas jayen ki kanoon ban jaaye dikhi toh sab cheez hai ki loktantrik deshon me kanoon banane ki prakriya ko follow kiya jata hai toh jab bhi desh ki janta election ke madhyam se chunav ke madhyam se kis party ko bahumat dekar jab use ve vidhayak me pohch aati hai tab wahi jo bahumat prapt dal hai vaah sarkar banata hai aur sarkar banane ke baad sarkar banane ke baad jo karyapalika hoti hai karyapalika ko apne karyo ko karne ke liye kuch aankh kanuno kya pata hoti hai jiske dwara vaah un nitiyon ko banata hai jinhen vaah desh me laagu karwana chahte hain jinhen desh me pura karna chahte hain shiv ke dauran unhone janta se un vaado ko kya tum vaado ko purn krana ki koi bhi raajnitik dal janta se kiye gaye vaado ko kanoon ke dwara paarit karakar hi kara payega kyonki yahan par hota kya hai ki yahan par yah ek baat aur main kehna chah raha hoon ki sarkar jo hai sarkar ke teen ang hote hain karyapalika vidhayika aur nyaypalika sarkar ki karyapalika ka kaam hota hai nitiyon ka kriyanvayan karna unko love karna vidhayika ka kaam hota hai ka nirmaan karna aur nyaypalika ka karya hota hai nyay pradan karna tu kanoon nirmaan ki prakriya kya hai kanoon nirmaan ki prakriya kaise start hoti ki kab kaun sa khel kab kanoon banna chahiye karyapalika hai ya humse bhi keh sakte hain ki jis me mantriparishad ho gaye mantriyo ke tarikh palika ke bhaage karyapalika ke anya yadi inhen apne karyo ko purn karna hai jo jinhone janta se waade poore kiye hain ya upar lag raha hai ki vartaman me koi ka koi kanoon aisa hai jo vartaman ki apeksha karya sahi dhang se nahi kar paa raha hai toh vaah apne us dil ko us masaude ko apne anya sajo sathi hain unke sampurna sansar karega unse vichar vimarsh karega ya vaah vaah mantriparishad ke samkaksh payega ya cabinet yuvak ka jo pradhanmantri ki adhyakshata me jo mantrimandal hota hai toh usme rakhava tu jab koi prastaav mantrimandal ke mantri parishad paas ho jata hai tab isko jo hai vidhayika me pesh kiya jata hai ki vidhayika me pesh karne ka kya hai vidhayika is par sarkar ko un nitiyon ko laagu karne ke liye time maarne ka karya kar diya arthat jo karyapalika hai uski mansha par muhar laga di hai ki theek hai ji aap chup raho hamare paas lekar aaye ho humne usko paas kar diya hai ab aap jaiye humse baat karke tab isko karyapalika ke dwara rashtrapati ko bheja jata hai arthat kaise parliament ke dwara jabt karke jata hai antim roop se rashtrapati ke paas bheja jata hai aur rashtrapati ke paas me kai vikalp hote hain yah toh aap unke par yah anushansha ko rok leta hai yadi yah apni swikriti pradan kar deta hai toh yahi bill kanoon ban jata hai tu jitne bhi aadhunik loktantra loktantra me stambh me sabhi me is prakriya ko follow kiya jata

प्रश्न है कि देश में कोई काम बनाना हो और देश की जनता को कि बहुमत मिले किसके पास जाएं कि का

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सपना शर्मा

सामाजिक कार्यकर्ता

2:59
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आपका प्रश्न है देश में कोई कानून बनाना हो और देश की जनता की बहुमत मिले तो इसके बाद जाएं के कानून बन जाए तो मैं आपको बताना चाहूंगी कि आप देश के प्रधानमंत्री जी को जनता का जो बहुमत है जो जनता के विचार हैं जो जनता की भावना है जो इनके आधार पर जो देश में कानून लागू होना चाहिए तो उसके लिए आप देश के प्रधानमंत्री को एक लिखित आवेदन उनके पते पर भेज सकते हैं सुझाव के रूप में यदि वह नहीं सुनते हैं तो आप राष्ट्रपति को लिख सकते हैं तो राष्ट्रपति यह फैसला करेंगे वह करवाएंगे कि आपके द्वारा जो जनता के बहुमत के द्वारा जो दिया गया है कानून का और जिससे देश का उद्देश्य वासियों का हित और विकास हो सकता है तो ऐसे कानून को देश में लागू होना चाहिए उसके लिए राष्ट्रपति अपनी अनुमति देंगे और सर्वोच्च न्यायालय से अनुमति करवाएंगे तब जाकर जो कानून आप चाहते हैं जिससे आपके साथ साथ समाज का देश का और देश के जन-जन का विकास होता है और जो कानून है उससे देश में और समाज में और जो देश का जन-जन है उसके जीवन को खुशहाल बनाया जा सकता है स्वस्थ बनाया जा सकता है स्वच्छ बनाया जा सकता है तो ऐसे कानून में हमारे देश के राष्ट्रपति और सर्वोच्च न्यायालय हमारी सहायता करती है और प्रधानमंत्री उस कानून को पूरे देश में जो मंत्री हैं राज्य मंत्री हैं उनके द्वारा लागू करवाते हैं सपना शर्मा जय हिंद जय भारत आपका दिन शुभ रहे

aapka prashna hai desh me koi kanoon banana ho aur desh ki janta ki bahumat mile toh iske baad jayen ke kanoon ban jaaye toh main aapko batana chahungi ki aap desh ke pradhanmantri ji ko janta ka jo bahumat hai jo janta ke vichar hain jo janta ki bhavna hai jo inke aadhar par jo desh me kanoon laagu hona chahiye toh uske liye aap desh ke pradhanmantri ko ek likhit avedan unke pate par bhej sakte hain sujhaav ke roop me yadi vaah nahi sunte hain toh aap rashtrapati ko likh sakte hain toh rashtrapati yah faisla karenge vaah karavaenge ki aapke dwara jo janta ke bahumat ke dwara jo diya gaya hai kanoon ka aur jisse desh ka uddeshya vasiyo ka hit aur vikas ho sakta hai toh aise kanoon ko desh me laagu hona chahiye uske liye rashtrapati apni anumati denge aur sarvoch nyayalaya se anumati karavaenge tab jaakar jo kanoon aap chahte hain jisse aapke saath saath samaj ka desh ka aur desh ke jan jan ka vikas hota hai aur jo kanoon hai usse desh me aur samaj me aur jo desh ka jan jan hai uske jeevan ko khushahal banaya ja sakta hai swasth banaya ja sakta hai swachh banaya ja sakta hai toh aise kanoon me hamare desh ke rashtrapati aur sarvoch nyayalaya hamari sahayta karti hai aur pradhanmantri us kanoon ko poore desh me jo mantri hain rajya mantri hain unke dwara laagu karwaate hain sapna sharma jai hind jai bharat aapka din shubha rahe

आपका प्रश्न है देश में कोई कानून बनाना हो और देश की जनता की बहुमत मिले तो इसके बाद जाएं के

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