आतंकवाद क्यों है?...


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कुछ समय पहले की बात की जाए तो ऐसा सुनते थे कि वह आतंकवादी लोग इसलिए बनते हैं क्योंकि गरीब होते हैं उन्हें किसी वजह से न्याय नहीं मिल पाता या कोई और कारण होता है जिस वजह से वह लोग आतंकवादी बन जाते हैं अपने परिवार में किसी सदस्य पर हुए किसी जुल्म का बदला लेने के लिए वह लोग आतंकवादी बन जाते हैं ठीक है अगर वहां उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई न्याय नहीं मिला तो मान सकते हैं तो इंसान कभी कभी क्रोध के आवेश में आकर कुछ गलत कदम उठाता है जो आतंकवाद के अंतर्गत आ जाते हैं लेकिन आजकल आतंकवाद का अर्थ बदल चुका है आजकल आतंकवाद लोग सिर्फ अपना एक वर्चस्व हासिल करने के लिए करते हैं आतंकवाद का सीधा असर थे डराओ कब तक डराओ कब्जा कर और उनको किसी से मतलब नहीं ना ही किसी तरह के सताए हुए लोग हैं क्योंकि आज अगर आतंकवादियों की स्थिति देखें तो एक सामान्य मध्यमवर्ग इंसान से काफी अच्छे खाने की कमी है उन्होंने किसी और चीज की कमी ना होने फंडिंग की कमी है पता नहीं कौन-कौन कहां-कहां होने कितना भेजता है पैसा आया क्या है जो भी बहुत कुछ उन लोगों के पास सुविधाएं हैं आज के समय में तो यह कहना तो गलत होगा कि वह लोग किसी परिस्थिति वश आतंकवादी बाय नहीं अब उनका मकसद है कि स्पष्ट हो चुका है आतंकवाद है ही सिर्फ इसलिए आप क्योंकि जैसा मैंने आपको बताया कि लोग सिर्फ कब्जा करने में अपना ध्यान लगाए कब्जा करना चाहते हैं पूरे के पूरे देश हासिल करना चाहते हैं एक प्रभुत्व स्थापित करना चाहते हैं तो आतंकवाद इसीलिए है और यह जब तक कि एक तत्व है एक में हो तो हासिल करने की जो भावना है यह नहीं हटेगी इंसानों तब तक आतंकवाद से छुटकारा संभव नहीं है जो आतंकवादी होते हैं इनके दिमाग को इस तरीके से बदला जाता है इतना हम कह सकते इतना मोटिवेट जिसको हम कहते हैं ना मोटिवेट कर दिया जाता है उनको लक्ष्य को लेकर के कि वह लो अपनी जान देने में भी उन्हें कोई फर्क नहीं तो यह सिखाया जाता है कि देखो अगर तुम ऐसा करोगे तो तुम्हें वहां जगह मिलेगी तुम स्वर्ग में जाओगे तुम जन्नत में जाओगे ही कुछ बातें होती जो उनके दिमाग में पता नहीं किस तरह से भरी जाती है कि वह अपनी जान देते हुए भी बिल्कुल घबराते नहीं हैं हजारों की भीड़ के बीच में खुद को ब्लास्ट कर लेना बड़ी हिम्मत की बात होती है हर कोई नहीं कर सकता लेकिन कि गलत है इस चीज को इस तरह की मानसिकता को प्रेरित नहीं करना चाहिए और अभी मैंने एक प्रश्न का उत्तर दिया है राष्ट्रवाद के ऊपर तो मैं उसके बारे में भी यही कहूंगा फिर से कि वह लोग जो इस तरह की आतंकवादी विचारधारा को बढ़ावा देते हैं वह कहीं से भी राष्ट्रवादी नहीं धन्यवाद

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कुछ समय पहले की बात की जाए तो ऐसा सुनते थे कि वह आतंकवादी लोग इसलिए बनते हैं क्योंकि गरीब

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