क्या हिंदू धर्म में रावण को जलाना सही है अगर सही है तो क्यों?...


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BK Kalyani

Teacher On Rajyoga Spiritual Knowledge

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क्या हिंदू धर्म में रावण को जलाना सही है अगर सही है तो क्यों भाई क्वेश्चन तो बहुत अच्छी है मैं तो कहूंगी रावण को जलाया रावण किस रावण को जलाना भैया तो हम पुतले को जलाते हैं यहां साक्षात जो रावण बैठा है उसको तो कभी हमने जलाया नहीं साक्षात् रावण तो हमारे अंदर बैठा है पांच विकारों का रावण काम क्रोध लोभ अहंकार पहले उसे तो बस हम करें अगर वह जल जाए तो फिर रावण आई कि नहीं यहां तो पुतले को इतने पैसे खर्च करके हर साल प्रति 40 साल जलाए अगले साल फिर वह बना जाता फिर दूसरे साल जलाए तीसरे चालू हुआ जाता है क्यों भाई जब जला हुआ इंसान खत्म हो जाता है तो वह दोबारा नहीं आता है उस घर में फिर वह जन्म नहीं लेता है और उस घर में फिर दोबारा चलाना नहीं पड़ता है तो यह रावण तो हमारे भारत में हड़ताल आ जाता है तो उस रावण में तो नोट जलती है पुतले रावण तोड़ते हैं रावण को जलाने के औरतें हमारे अंदर बैठा पावन काम क्रोध लोभ मोह अहंकार इस को जलाना अति आवश्यक है वह अज्ञान है नादान है भक्ति मार्ग के नियमों से उस पुतले को बनाकर जलाते हैं उस पुतले को जलाने से रावण कभी जलता नहीं है और उसको जलाने से कभी पाप कम होता नहीं है पाप हमारे अंदर बैठा उस बात को जलाना है

kya hindu dharm me ravan ko jalaana sahi hai agar sahi hai toh kyon bhai question toh bahut achi hai main toh kahungi ravan ko jalaya ravan kis ravan ko jalaana bhaiya toh hum putale ko jalate hain yahan sakshat jo ravan baitha hai usko toh kabhi humne jalaya nahi sakshat ravan toh hamare andar baitha hai paanch vikaron ka ravan kaam krodh lobh ahankar pehle use toh bus hum kare agar vaah jal jaaye toh phir ravan I ki nahi yahan toh putale ko itne paise kharch karke har saal prati 40 saal jalae agle saal phir vaah bana jata phir dusre saal jalae teesre chaalu hua jata hai kyon bhai jab jala hua insaan khatam ho jata hai toh vaah dobara nahi aata hai us ghar me phir vaah janam nahi leta hai aur us ghar me phir dobara chalana nahi padta hai toh yah ravan toh hamare bharat me hartal aa jata hai toh us ravan me toh note jalti hai putale ravan todte hain ravan ko jalane ke auraten hamare andar baitha paavan kaam krodh lobh moh ahankar is ko jalaana ati aavashyak hai vaah agyan hai nadan hai bhakti marg ke niyamon se us putale ko banakar jalate hain us putale ko jalane se ravan kabhi jalta nahi hai aur usko jalane se kabhi paap kam hota nahi hai paap hamare andar baitha us baat ko jalaana hai

क्या हिंदू धर्म में रावण को जलाना सही है अगर सही है तो क्यों भाई क्वेश्चन तो बहुत अच्छी है

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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रावण को क्यों जलाया जाता है अपितु रावण की पुतली के रूप में अन्याय अधर्म असद अली जो बात कर नहीं उनको जलाया जाता है बुराई पर अच्छाई की जीत दिखाई जाती है सत्य की असत्य पर न्याय की अन्याय पर और धर्म की अधर्म पर विजय प्रतीक रूप में रावण के पुतले को जलाया जाता है

ravan ko kyon jalaya jata hai apitu ravan ki putali ke roop me anyay adharma asad ali jo baat kar nahi unko jalaya jata hai burayi par acchai ki jeet dikhai jaati hai satya ki asatya par nyay ki anyay par aur dharm ki adharma par vijay prateek roop me ravan ke putale ko jalaya jata hai

रावण को क्यों जलाया जाता है अपितु रावण की पुतली के रूप में अन्याय अधर्म असद अली जो बात कर

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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Sunil Kumar Pandey

Editor & Writer

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मेरी राय में हिंदू धर्म को रावण को जलाना सही है क्योंकि रावण एक पार्क का प्रतीक था आपके पति को जलाना किसी भी दृष्टि से अनुचित नहीं है अतः उसके कृत्य इस तरह से थे कि आज भी उसे प्रत्येक वर्ष भारत में विजयदशमी के दिन जलाया जाता है जिससे कि लोगों में जागरूकता फैले कि यदि हम बुरा कार्य करेंगे तो हमारे साथ भी हमारी बात करने के बाद हमारे साथ भी इसी तरह के बर्ताव किए जाएंगे ऐसे रावण को जलाने से हिंदुओं को सीख लेनी चाहिए अतः उन्हें अच्छे से अच्छे कार्यों को करना चाहिए धन्यवाद

meri rai me hindu dharm ko ravan ko jalaana sahi hai kyonki ravan ek park ka prateek tha aapke pati ko jalaana kisi bhi drishti se anuchit nahi hai atah uske kritya is tarah se the ki aaj bhi use pratyek varsh bharat me vijayadashmi ke din jalaya jata hai jisse ki logo me jagrukta failen ki yadi hum bura karya karenge toh hamare saath bhi hamari baat karne ke baad hamare saath bhi isi tarah ke bartaav kiye jaenge aise ravan ko jalane se hinduon ko seekh leni chahiye atah unhe acche se acche karyo ko karna chahiye dhanyavad

मेरी राय में हिंदू धर्म को रावण को जलाना सही है क्योंकि रावण एक पार्क का प्रतीक था आपके पत

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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Sachin Sinha

Journalist

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नहीं जलाना तो नहीं चाहिए मगर जलाए सिर्फ इसलिए जाता है रावण को की बुराई पर अच्छाई की जीत हुई उसका नाम उसको प्रतिरूप में जलाया जाता है मगर प्रकांड एक पंडित है इसे बोलना नहीं चाहिए मौत सही सही मायने में रामायण एक अ सत्यमूर्ति था जिसको का कहना चाहिए कि राम भगवान ने मारा और उसी की प्रतिरूप में रावण जलाया जाता है और कई लोगों के लिए यह सही भी हो सकता है और कई लोग के लिए अगर दूसरे तरीके से देखें तो गलत भी है क्योंकि वह ब्राह्मण ब्राह्मण को लेकर उमरिया संतान के रूप प्रकांड विद्वान खुद ही थे ना उन्होंने शंकर भगवान को प्रसन्न करने के लिए मंत्र लिखा उसको लोग आज भी पढ़ते हैं कई मायने में विद्वान थे तो आशिक ए के दो पहलू होते हैं अगर आपको सही तरीके से देखें कि यह सिर्फ और क्या बोलते हैं कि ना यह सत्य का मूर्ति था राम राम भगवान जी सत्य के मूर्ति थे बस इन को जलाना सही है आप वहां से रावण का जमुना मत देखिए कि रावण जल गया सूची के हमको अपने मन का रावण को मारना है उसको मारना है और वहां से यह संकल्प लीजिए ना कि यह सोचे कि रावण जल गया कहानी खत्म हो गई अधिकतर आज यही चल रहा है तो ऐसा नहीं होना चाहिए रावण मर गया या नया सती की प्रतिरूप जो है वह जलकर खत्म हुई और दिन में हमारे दिल में जो असत्य की भावना है उसमें सत्य की रोशनी को चला जाता है दूसरे अर्थ में मामला इसलिए गलत है क्योंकि 95 जवान होने के साथ-साथ कई मामले की तस्वीर तस्वीर विदेश में जान रहे हैं कि भगवान भाई जाना और मुझे मन नहीं है और सब मम्मी के बाद भी इसमें उनमें एक अजब सा आराम से पानी का एक अजब से आराम करना चाहिए कि आखरी सांस तक मरते दम तक उनके साहस को दर्शाता है तो एक सिक्का जब निर्माण होता है तो उसमें स्टॉप पर रहते हैं तब जाकर के आप के 1 सिक्के का निर्माण होता है हमेशा मैं यह चीन बोलता हूं तो दोनों ही चीजें आपने अपनी जगह सही रहती हैं बस अपना देखने करना रिया को देखने का नजरिया कैसा है बस का आप उस चीज को किसी और रूप में आप देख रहे हैं वह महत्व रखता है

nahi jalaana toh nahi chahiye magar jalae sirf isliye jata hai ravan ko ki burayi par acchai ki jeet hui uska naam usko pratirup me jalaya jata hai magar prakaand ek pandit hai ise bolna nahi chahiye maut sahi sahi maayne me ramayana ek a satyamurti tha jisko ka kehna chahiye ki ram bhagwan ne mara aur usi ki pratirup me ravan jalaya jata hai aur kai logo ke liye yah sahi bhi ho sakta hai aur kai log ke liye agar dusre tarike se dekhen toh galat bhi hai kyonki vaah brahman brahman ko lekar Umaria santan ke roop prakaand vidhwaan khud hi the na unhone shankar bhagwan ko prasann karne ke liye mantra likha usko log aaj bhi padhte hain kai maayne me vidhwaan the toh aashik a ke do pahaloo hote hain agar aapko sahi tarike se dekhen ki yah sirf aur kya bolte hain ki na yah satya ka murti tha ram ram bhagwan ji satya ke murti the bus in ko jalaana sahi hai aap wahan se ravan ka jamuna mat dekhiye ki ravan jal gaya suchi ke hamko apne man ka ravan ko marna hai usko marna hai aur wahan se yah sankalp lijiye na ki yah soche ki ravan jal gaya kahani khatam ho gayi adhiktar aaj yahi chal raha hai toh aisa nahi hona chahiye ravan mar gaya ya naya sati ki pratirup jo hai vaah jalkar khatam hui aur din me hamare dil me jo asatya ki bhavna hai usme satya ki roshni ko chala jata hai dusre arth me maamla isliye galat hai kyonki 95 jawaan hone ke saath saath kai mamle ki tasveer tasveer videsh me jaan rahe hain ki bhagwan bhai jana aur mujhe man nahi hai aur sab mummy ke baad bhi isme unmen ek ajab sa aaram se paani ka ek ajab se aaram karna chahiye ki aakhri saans tak marte dum tak unke saahas ko darshata hai toh ek sikka jab nirmaan hota hai toh usme stop par rehte hain tab jaakar ke aap ke 1 sikke ka nirmaan hota hai hamesha main yah china bolta hoon toh dono hi cheezen aapne apni jagah sahi rehti hain bus apna dekhne karna riya ko dekhne ka najariya kaisa hai bus ka aap us cheez ko kisi aur roop me aap dekh rahe hain vaah mahatva rakhta hai

नहीं जलाना तो नहीं चाहिए मगर जलाए सिर्फ इसलिए जाता है रावण को की बुराई पर अच्छाई की जीत हु

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Karan Janwa

Automobile Engineer

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महर्षि बाल्मीकि सेवक योग्यता भी थे और यह सब रामायण एक्टर कुंडलिनी शक्ति का एक स्वरूप है उस कुंडलिनी शक्ति में जो मूलाधार चक्र है उसको जागृत होने से रोकने के लिए जो अहंकार है वह राम रावण का प्रतीक है तो जब अपने घर को समाप्त करते हैं तो हमारी कुंडलिनी कि हमारी जो शक्ति होती है वह राजस्थान की तरफ बढ़ती है जो शास्त्र सकती है वह माता सीता का प्रतीक है और जो हमारा मन है हमारी आस्था है और राम है तो हमारे आत्मा परमात्मा से मिलना चाहती है या नहीं सकती है सच्चा तक पहुंचना चाहती है और शिव भगवान श्रीराम ने कुंडलिनी उर्जा और भगत शास्त्र रागनी तक पहुंचना चाहते हैं तो माता सीता के बाद शास्त्र का प्रतीक है और उस शक्ति को सत्ता तक पहुंचने के लिए बाधाओं का सामना करना पड़ता है और इस बातों में सबसे बड़ी पता है रावण पिक्चर रावण ने शिव को माना जाता है कि मनुष्य के 10 शत्रु काम क्रोध लोभ मोह मद सर ऐसे करके कुछ सच शत्रु होता है तो उनका दमन करके हमसे कुंडलिनी शक्ति को सरकार तक पहुंचाते हैं तो उसको रावण का दहन बना जाता है तो उसे पूरा उनको चला जाता है कि उसका मित्र दीप्ति हम अपने मन के आए खोज रहे हैं तो उसे प्रतीकों का स्वरूप है या प्रतिज्ञा में दिखाता है कि असत्य पर सत्य की विजय हमेशा से होती है तो यह नशेरा है वह असत्य पर सत्य की और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है धन्यवाद

maharshi balmiki sevak yogyata bhi the aur yah sab ramayana actor kundalini shakti ka ek swaroop hai us kundalini shakti mein jo muladhar chakra hai usko jagrit hone se rokne ke liye jo ahankar hai vaah ram ravan ka prateek hai toh jab apne ghar ko samapt karte hain toh hamari kundalini ki hamari jo shakti hoti hai vaah rajasthan ki taraf badhti hai jo shastra sakti hai vaah mata sita ka prateek hai aur jo hamara man hai hamari astha hai aur ram hai toh hamare aatma paramatma se milna chahti hai ya nahi sakti hai saccha tak pahunchana chahti hai aur shiv bhagwan shriram ne kundalini urja aur bhagat shastra ragni tak pahunchana chahte hain toh mata sita ke baad shastra ka prateek hai aur us shakti ko satta tak pahuchne ke liye badhaon ka samana karna padta hai aur is baaton mein sabse badi pata hai ravan picture ravan ne shiv ko mana jata hai ki manushya ke 10 shatru kaam krodh lobh moh mad sir aise karke kuch sach shatru hota hai toh unka daman karke humse kundalini shakti ko sarkar tak pahunchate hain toh usko ravan ka dahan bana jata hai toh use pura unko chala jata hai ki uska mitra dipti hum apne man ke aaye khoj rahe hain toh use pratikon ka swaroop hai ya pratigya mein dikhaata hai ki asatya par satya ki vijay hamesha se hoti hai toh yah nashera hai vaah asatya par satya ki aur adharma par dharm ki vijay ka prateek hai dhanyavad

महर्षि बाल्मीकि सेवक योग्यता भी थे और यह सब रामायण एक्टर कुंडलिनी शक्ति का एक स्वरूप है उस

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दशहरा का पर्व मनाने के लिए और प्रतीक स्वरूप रावण को जलाने के लिए यह परंपरा को देश में चलाया गया और रावण को जलाया जाएगा ताकि लोगों को यह पता है कि हमेशा अधर्म का नाश होता है और सत्य का प्रतीक स्वरूप यह बता को चालू किया गया था और सभी लोगों के द्वारा इस प्रकार को समय से चली आ रही है और आज भी लोग त्योहार मनाने के रूप में शपथ ग्रहण

dussehra ka parv manne ke liye aur prateek swaroop ravan ko jalane ke liye yah parampara ko desh mein chalaya gaya aur ravan ko jalaya jaega taki logo ko yah pata hai ki hamesha adharma ka naash hota hai aur satya ka prateek swaroop yah bata ko chaalu kiya gaya tha aur sabhi logo ke dwara is prakar ko samay se chali aa rahi hai aur aaj bhi log tyohar manne ke roop mein shapath grahan

दशहरा का पर्व मनाने के लिए और प्रतीक स्वरूप रावण को जलाने के लिए यह परंपरा को देश में चलाय

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रावण को जलाने की परंपरा बहुत प्राचीन समय से चली आ रही है ऐसी मान्यता रही है कि इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था रावण को जलाने का अर्थ यह नहीं है कि हम रावण को जला रहे हैं यह एक प्रतीकात्मक है कि यह बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए इस दिन को इस रूप में प्रतीक के रूप में मनाया जाता है इसे आप यदि सही दृष्टि से देखेंगे कि भाई की अच्छाई बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में तो यह आपको सही लगेगा यदि आप देखेंगे कि किसी रावण को या कोई व्यक्ति के पुतले को लगातार सालों चला जाता रहा है और इसके पीछे आप संदेश के ना जाएंगे तो आपको एक अलग लगेगा

ravan ko jalane ki parampara bahut prachin samay se chali aa rahi hai aisi manyata rahi hai ki is din bhagwan ram ne ravan ka vadh kiya tha ravan ko jalane ka arth yah nahi hai ki hum ravan ko jala rahe hain yah ek pratikatmak hai ki yah burayi par acchai ki jeet ke liye is din ko is roop mein prateek ke roop mein manaya jata hai ise aap yadi sahi drishti se dekhenge ki bhai ki acchai burayi par acchai ki jeet ke roop mein toh yah aapko sahi lagega yadi aap dekhenge ki kisi ravan ko ya koi vyakti ke putale ko lagatar salon chala jata raha hai aur iske peeche aap sandesh ke na jaenge toh aapko ek alag lagega

रावण को जलाने की परंपरा बहुत प्राचीन समय से चली आ रही है ऐसी मान्यता रही है कि इस दिन भगवा

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Mk Agrawal

Business Owner, Motivational Speaker, Creative Idea Creater,Passive Income Coach,Sub Conscious Mind Trainer, Ancient Scriptures Guide,Veda Mantra Trainer..Yet Many More

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अपने कुछ है हिंदू धर्म में रावण को जला ना सही है अगर सही है तो क्यों रावण को जलाने से पहले जरूरी होता है आपने दी जरूर देखा होगा सबसे पहले रावण का पुतला धन होता सबसे पहले कौन एक को बुलाकर उनको रावण का जो है उनको पूजा किया जाता है पूजा करने के बाद जो है उनको फिर वापस विसर्जित कर दिया जाता उसके बाद रावण का दहन होता है क्योंकि रावण का जो 10 सीट से वह चार वेद छह शास्त्र के ज्ञाता का रावण माना गया है रावण शिव जी के परम भक्त थे बहुत क्या नहीं थे और एक गलती के लिए उनको तकलीफ हुआ क्योंकि वह अभी साबित थे वह द्वारपाल थे भगवान विष्णु के तो उनको तीन जन्म लेना पड़ा और उसमें से ही कराया रावण बनके उन्होंने जमीन लिया हमको पता था कि भगवान राम के भजन और उनके मुक्ति के लिए उन्होंने माफी नहीं मांगा उनको पता था कि आप मेरा बात करेंगे तभी मैं इस जन्म समय जन्म ऐसे ही बोला जाता है और यह दूसरा और जन्म होता है तो रावण को जलाने से पहले विधिवत पूजा होता है और पूजा होने के बाद उनको जो है विसर्जित कर दिया जाता है जैसे मंत्र से हवन होते हुए भी रावण को कॉल कर दिया गया था जो जितना कितने बजे देवताओं को बंदी बनाया था और अगर इसका यह हालत हो सकता किसी की औरत का बलात्कार करने की कोशिश करें तो चलता है कि भाई एक गलत कदम होने से जिंदगी खत्म हो जाती है और आजकल तो यह भी पर्यायवाची हो गया कि रावण हंसता है बोलता कि मैंने तो एक औरत के प्रति मैंने गलत नजर से देखा और आज तक तुम लोग मेरा पुतला जला रहे हो इंसान इंसान तुम तो रोज हर एक लड़की के ऊपर हर एक औरत खबर गलत नजर देते हो तो तुम्हारा क्या होगा यह बात को हम को समझना पड़ेगा अगर रावण जो है तीनों लोकों के स्वामी बन कर भी वह अगर यह स्थिति प्राप्त करता है तो हम लोग का तो कोई मतलब औचित्य ही नहीं है तो यह जगह में हमको रहना चाहिए रावण का अलग से देख लूंगा जीवन वृतांत देखेंगे तो उनकी बहन शूर्पणखा का स्वाभिमान के लिए उन्होंने लड़ाई शुरू किया जब लखनऊ आना जीने ना काट दिया सपना का बहन के राजा थे और अच्छे भाई थे और क्योंकि उनका साथ ही थे और उन्होंने मुक्ति राम जी के साथ मिलना था इसीलिए उन्होंने उनको राम जी जो है बात भी हो जाए मानने के लिए अन्यथा मुझे इतना ज्ञान इतना बड़ा गलती तो नहीं कर सकते थे तो यह ठीक है हम सभी भारतीयों के लिए रावण दहन क्यों होता है

apne kuch hai hindu dharm me ravan ko jala na sahi hai agar sahi hai toh kyon ravan ko jalane se pehle zaroori hota hai aapne di zaroor dekha hoga sabse pehle ravan ka putalaa dhan hota sabse pehle kaun ek ko bulakar unko ravan ka jo hai unko puja kiya jata hai puja karne ke baad jo hai unko phir wapas visarjit kar diya jata uske baad ravan ka dahan hota hai kyonki ravan ka jo 10 seat se vaah char ved cheh shastra ke gyaata ka ravan mana gaya hai ravan shiv ji ke param bhakt the bahut kya nahi the aur ek galti ke liye unko takleef hua kyonki vaah abhi saabit the vaah dwarapal the bhagwan vishnu ke toh unko teen janam lena pada aur usme se hi karaya ravan banke unhone jameen liya hamko pata tha ki bhagwan ram ke bhajan aur unke mukti ke liye unhone maafi nahi manga unko pata tha ki aap mera baat karenge tabhi main is janam samay janam aise hi bola jata hai aur yah doosra aur janam hota hai toh ravan ko jalane se pehle vidhivat puja hota hai aur puja hone ke baad unko jo hai visarjit kar diya jata hai jaise mantra se hawan hote hue bhi ravan ko call kar diya gaya tha jo jitna kitne baje devatao ko bandi banaya tha aur agar iska yah halat ho sakta kisi ki aurat ka balatkar karne ki koshish kare toh chalta hai ki bhai ek galat kadam hone se zindagi khatam ho jaati hai aur aajkal toh yah bhi paryayvachi ho gaya ki ravan hansata hai bolta ki maine toh ek aurat ke prati maine galat nazar se dekha aur aaj tak tum log mera putalaa jala rahe ho insaan insaan tum toh roj har ek ladki ke upar har ek aurat khabar galat nazar dete ho toh tumhara kya hoga yah baat ko hum ko samajhna padega agar ravan jo hai tatvo lokon ke swami ban kar bhi vaah agar yah sthiti prapt karta hai toh hum log ka toh koi matlab auchitya hi nahi hai toh yah jagah me hamko rehna chahiye ravan ka alag se dekh lunga jeevan vritant dekhenge toh unki behen shurpanakha ka swabhiman ke liye unhone ladai shuru kiya jab lucknow aana jeene na kaat diya sapna ka behen ke raja the aur acche bhai the aur kyonki unka saath hi the aur unhone mukti ram ji ke saath milna tha isliye unhone unko ram ji jo hai baat bhi ho jaaye manne ke liye anyatha mujhe itna gyaan itna bada galti toh nahi kar sakte the toh yah theek hai hum sabhi bharatiyon ke liye ravan dahan kyon hota hai

अपने कुछ है हिंदू धर्म में रावण को जला ना सही है अगर सही है तो क्यों रावण को जलाने से पहले

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जय किशन मौर्य

टेलर मास्टर

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बुराई पर सच्चाई के जीत के स्वरूप में रावण दहन किया जाता है

burayi par sacchai ke jeet ke swaroop mein ravan dahan kiya jata hai

बुराई पर सच्चाई के जीत के स्वरूप में रावण दहन किया जाता है

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Gunjan

Junior Volunteer

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बी के अंदर राजू रावण को जलाया जाता है हिंदू धर्म में तू कैसे जलाया जाता है वह बताया जाता है कि किस तरीके से जो है राम जी ने रावण को अंतिम खत्म कर दिया था या फिर उसका जो है विनाश कर दिया था तू उससे इसका यह प्रतीत है कि जो बुराई पर अच्छाई की जीत होती है तो उसका पति की है रावण को जलाना तो यह आखिरी हद तक सही भी है क्योंकि अगर हम चलाते हैं तो हमको ध्यान रहता है कि इस पर्व पर या फिर उस दिन जो है हमारे जो हिंदू महिलाओं देश में कोई बहुत बड़ा काम

be ke andar raju ravan ko jalaya jata hai hindu dharm mein tu kaise jalaya jata hai vaah bataya jata hai ki kis tarike se jo hai ram ji ne ravan ko antim khatam kar diya tha ya phir uska jo hai vinash kar diya tha tu usse iska yah pratit hai ki jo burayi par acchai ki jeet hoti hai toh uska pati ki hai ravan ko jalaana toh yah aakhiri had tak sahi bhi hai kyonki agar hum chalte hain toh hamko dhyan rehta hai ki is parv par ya phir us din jo hai hamare jo hindu mahilaon desh mein koi bahut bada kaam

बी के अंदर राजू रावण को जलाया जाता है हिंदू धर्म में तू कैसे जलाया जाता है वह बताया जाता ह

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