दुनिया में क्या समाज बताना ज़रूरी है यदि ऐसा है तो भगवान हमसे समाज क्यों नहीं पूछते हैं?...


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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

समाज का भगवान से कोई संबंध नहीं है दुनिया में जब आदिम साम्यवादी युग था तो लोग कभी ले में रहते थे और जैसा की आप जानते हैं कि डार्विन का विकासवाद सिद्धांत प्राणियों के लिए लागू होता है ठीक वैसे ही स्पेंसर ने इस विकासवादी सिद्धांत के द्वारा जो सिद्धांत दिया है उस सिद्धांत के हिसाब से यही कवि ने धीरे-धीरे विकसित होते होते समाज का रूप ले लेते हैं एक दवाई डॉ खाने

samaj ka bhagwan se koi sambandh nahi hai duniya me jab aadim samyawadi yug tha toh log kabhi le me rehte the aur jaisa ki aap jante hain ki darwin ka vikasvad siddhant praniyo ke liye laagu hota hai theek waise hi spensar ne is vikasvadi siddhant ke dwara jo siddhant diya hai us siddhant ke hisab se yahi kavi ne dhire dhire viksit hote hote samaj ka roop le lete hain ek dawai Dr. khane

समाज का भगवान से कोई संबंध नहीं है दुनिया में जब आदिम साम्यवादी युग था तो लोग कभी ले में र

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए भगवान की नजर में सब के समान है सुनने की आत्मा है मगर समाज भगवान की समानता नहीं करता और समाज में अध्यक्ष लोग देते हैं लोग अलग-अलग बिना पहचान के लोग एक दूसरे को नहीं पहचानते वहीं पर बर्फी बनाना

dekhiye bhagwan ki nazar mein sab ke saman hai sunne ki aatma hai magar samaj bhagwan ki samanata nahi karta aur samaj mein adhyaksh log dete hai log alag alag bina pehchaan ke log ek dusre ko nahi pehchante wahi par barfi banana

देखिए भगवान की नजर में सब के समान है सुनने की आत्मा है मगर समाज भगवान की समानता नहीं करता

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Ravi katariya

D.C.A. Computer Opretar

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए हम समझ गए कि तुम ही हो समाज बताना क्यों जरूरी है भंवरे नियम बनाए तो धरती पर आए हैं कि हम उसको सुनो अरुण करते आ रहे हैं और कर रहे हैं तो मेरे मन में एक ही समय बताना जरूरी नहीं है लेकिन फिर भी चला रहा तो अपने हिसाब से पूर्व चलना पड़ता है ऐसे लोग चल रहे हैं तो उस हिसाब से तो चंद्र दुनिया में समझ बताना जरूरी नहीं है पर मेरी तरफ से तो हम इंसानों की है धरती पर सिर्फ समाज अलग-अलग बताइए पैसा

dekhiye hum samajh gaye ki tum hi ho samaj bataana kyon zaroori hai bhanware niyam banaye toh dharti par aaye hain ki hum usko suno arun karte aa rahe hain aur kar rahe hain toh mere man mein ek hi samay bataana zaroori nahi hai lekin phir bhi chala raha toh apne hisab se purv chalna padta hai aise log chal rahe hain toh us hisab se toh chandra duniya mein samajh bataana zaroori nahi hai par meri taraf se toh hum insano ki hai dharti par sirf samaj alag alag bataye paisa

देखिए हम समझ गए कि तुम ही हो समाज बताना क्यों जरूरी है भंवरे नियम बनाए तो धरती पर आए हैं क

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Gunjan

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दुनिया में समाज बताने की कोई जरूरत नहीं है बट क्योंकि आजकल जो है जैसे कि आगे चीजें बढ़ती जा रही है या फिर जो देश और उसका विकास होता जा रहा है तू वह सब चीज है ऐसी रखी जाती है कि ग्रुप में बांट रखा है या फिर सोसाइटी में बांट रखा है भगवान ने तो सिर्फ इंसान को ही भेजा था तो इंसान नहीं तो है समाज बना रखा है तो उसकी कोई जरूरत तो है नहीं बट क्योंकि यह बना आ रहा है और उसके अलावा तो उसका सब फॉलो आजकल कर ही रहे हैं

duniya mein samaj batane ki koi zarurat nahi hai but kyonki aajkal jo hai jaise ki aage cheezen badhti ja rahi hai ya phir jo desh aur uska vikas hota ja raha hai tu vaah sab cheez hai aisi rakhi jaati hai ki group mein baant rakha hai ya phir society mein baant rakha hai bhagwan ne toh sirf insaan ko hi bheja tha toh insaan nahi toh hai samaj bana rakha hai toh uski koi zarurat toh hai nahi but kyonki yah bana aa raha hai aur uske alava toh uska sab follow aajkal kar hi rahe hain

दुनिया में समाज बताने की कोई जरूरत नहीं है बट क्योंकि आजकल जो है जैसे कि आगे चीजें बढ़ती ज

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