विज्ञान ने आज बहुत तरक्की कर ली है फिर भी मरे हुए आदमी को ज़िंदा क्यों नहीं कर सकते?...


user

Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

0:34
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीवन और मृत्यु ऐसी चीजें हैं जिसके पर मेडिसिन विज्ञान का कोई बस नहीं चलता वह सब भौमिक रूप से आदमी पैदा होते हैं बच्चे के रूप में और समय आने पर मृत्यु हो जाती है कोई आदमी ऐसा नहीं है कि हमेशा जिंदा रहे हर आदमी को जिंदा कटा हुआ है मरता है

jeevan aur mrityu aisi cheezen hain jiske par medicine vigyan ka koi bus nahi chalta vaah sab bhowmick roop se aadmi paida hote hain bacche ke roop me aur samay aane par mrityu ho jaati hai koi aadmi aisa nahi hai ki hamesha zinda rahe har aadmi ko zinda kata hua hai marta hai

जीवन और मृत्यु ऐसी चीजें हैं जिसके पर मेडिसिन विज्ञान का कोई बस नहीं चलता वह सब भौमिक रूप

Romanized Version
Likes  696  Dislikes    views  12657
WhatsApp_icon
23 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Mausam Babbar and, Dr. Rishu Singh

Managing Directors - Risham IAS Academy

2:02
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए विज्ञान में चाहे कितनी भी तरक्की कर ली हो या अगर हम कहीं पर भी पहुंच पहली बात तो देखिए मैं आपको बता दूं कि जो भी तरह की हमने करी है वह सस्टेनेबल नहीं है वह नजर इसको ठीक नहीं कर पाई है हालांकि मिश्रित को बढ़ाया जरूर है उसमें अनार की और भी ज्यादा बढ़ा दी है इकोनामिक इनिक्वालिटी यह सोशल इंजस्टिस जैसी प्रॉब्लम है वह और भी बढ़ गई है नहीं कहूंगा टेक्नोलॉजी से कोई फायदा नहीं हुआ है और मैं यह भी साथ में कहूंगा देखिए कि अगर साइंस हर प्रॉब्लम का सलूशन है तो ऐसा भी कुछ नहीं है क्योंकि और वैसे भी देखे हम इस चीज को अलग-अलग ना देखे तो ज्यादा बेहतर है कि धर्म और संचालक है क्योंकि अगर आप देखिए धर्म के रास्ते पर चलना चाहते हैं तो साईं से अगर बीच में आती है तो ऐसा नहीं है कि आप को धर्म के रास्ते पर चलने से रोकती है अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं यही कहूंगा कि आप ना तो धर्म को समझते हैं ना शायद पसंद लगते हैं धर्म का रास्ता चलने के लिए देखिए समाज का सुधार करना और अगर साइंस के किसी खोज से या किसी तरीके से अगर हम लोगों का भला कर सकते हैं तो मुझे नहीं लगता कि आप धर्म के रास्ते पर चल नहीं रहे अगर ऐसा तो है नहीं देखे कि आप धर्म के रास्ते पर चलना चाहते हैं तो आपको जो है कपड़े तैयार नहीं होंगे या ऐसा कुछ करना होगा तो ढूंढे देखिए जितना आप उसमें पढ़ते चले जाएंगे लोग आपको पैसे मिल जाएंगे आप और वैसे बनते चले जाएंगे पर मुझे लगता है कि अगर आप किसी भी साइंटिफिक इंवेंशन को देख लीजिए धर्म के रास्ते पर चलने के लिए आप जो है समाज का भला करें और जिस दिन ऐसा होगा देखिए तो हमारे यहां पर जो ऑडिटिक्स है या जितना भी कम्युनलिज्म है वह सब बंद हो जाएगा उसका कोई कुछ भी ग्राउंड नहीं रह जाएगा जिसके आधार पर यह बातें हुआ करें रही बात आप कह रहे हैं कि मरे हुए आदमी को जिंदा नहीं कर सकते देखिए स्पिरिचुअल बात है यह सुपरनैचुरल पावर्स का गेम है शायद इसी चीज से आप देख सकते हैं कि आदमी जितने मर्जी तरक्की कर ले वह खुदा के बराबर नहीं पहुंच सकता

dekhiye vigyan me chahen kitni bhi tarakki kar li ho ya agar hum kahin par bhi pohch pehli baat toh dekhiye main aapko bata doon ki jo bhi tarah ki humne kari hai vaah sustainable nahi hai vaah nazar isko theek nahi kar payi hai halaki mishrit ko badhaya zaroor hai usme anaar ki aur bhi zyada badha di hai economic inikwaliti yah social injustice jaisi problem hai vaah aur bhi badh gayi hai nahi kahunga technology se koi fayda nahi hua hai aur main yah bhi saath me kahunga dekhiye ki agar science har problem ka salution hai toh aisa bhi kuch nahi hai kyonki aur waise bhi dekhe hum is cheez ko alag alag na dekhe toh zyada behtar hai ki dharm aur sanchalak hai kyonki agar aap dekhiye dharm ke raste par chalna chahte hain toh sai se agar beech me aati hai toh aisa nahi hai ki aap ko dharm ke raste par chalne se rokti hai agar aap aisa sochte hain toh main yahi kahunga ki aap na toh dharm ko samajhte hain na shayad pasand lagte hain dharm ka rasta chalne ke liye dekhiye samaj ka sudhaar karna aur agar science ke kisi khoj se ya kisi tarike se agar hum logo ka bhala kar sakte hain toh mujhe nahi lagta ki aap dharm ke raste par chal nahi rahe agar aisa toh hai nahi dekhe ki aap dharm ke raste par chalna chahte hain toh aapko jo hai kapde taiyar nahi honge ya aisa kuch karna hoga toh dhundhe dekhiye jitna aap usme padhte chale jaenge log aapko paise mil jaenge aap aur waise bante chale jaenge par mujhe lagta hai ki agar aap kisi bhi scientific invenshan ko dekh lijiye dharm ke raste par chalne ke liye aap jo hai samaj ka bhala kare aur jis din aisa hoga dekhiye toh hamare yahan par jo aditiks hai ya jitna bhi kamyunalijm hai vaah sab band ho jaega uska koi kuch bhi ground nahi reh jaega jiske aadhar par yah batein hua kare rahi baat aap keh rahe hain ki mare hue aadmi ko zinda nahi kar sakte dekhiye Spiritual baat hai yah suparanaichural powers ka game hai shayad isi cheez se aap dekh sakte hain ki aadmi jitne marji tarakki kar le vaah khuda ke barabar nahi pohch sakta

देखिए विज्ञान में चाहे कितनी भी तरक्की कर ली हो या अगर हम कहीं पर भी पहुंच पहली बात तो देख

Romanized Version
Likes  508  Dislikes    views  3348
WhatsApp_icon
user

Beer Singh Rajput

Career Counsellor & Lecturer.

1:02
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

संधि विज्ञान में बहुत तरक्की की है लो मजा अभिज्ञान नरसी का निर्माण हुआ है वह भी प्रकृति का वरदान प्राकृतिक रूप से बनता है इसीलिए विज्ञान अभी लगातार शरीर मानव शरीर के बारे में जानने की कोशिश कर रहा है लेकिन अभी तक तो पूरा जान ही नहीं पाए कविता जब जान ही नहीं पाए पूरा तुम्हारे आदमी को जिंदा करने का तो सवाल ही नहीं उठता

sandhi vigyan me bahut tarakki ki hai lo maza abhigyan narasi ka nirmaan hua hai vaah bhi prakriti ka vardaan prakirtik roop se banta hai isliye vigyan abhi lagatar sharir manav sharir ke bare me jaanne ki koshish kar raha hai lekin abhi tak toh pura jaan hi nahi paye kavita jab jaan hi nahi paye pura tumhare aadmi ko zinda karne ka toh sawaal hi nahi uthata

संधि विज्ञान में बहुत तरक्की की है लो मजा अभिज्ञान नरसी का निर्माण हुआ है वह भी प्रकृति

Romanized Version
Likes  207  Dislikes    views  2408
WhatsApp_icon
user

S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

1:08
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभी तक नहीं कर पाया अभी जो भी पाठ खराब हो बदल कर के आती कुशल लगाते हो सकता है और यह सकता है उम्र बढ़ सकती है जो है 4 साल उम्र थोड़ी लंबी हो सकती है जैसे कि का इलाज इलाज नहीं कर पा रहे इसका ही नहीं निकल पाया अभी तक तो विज्ञान मरे हुए आदमी पहले तो यह जूते माओवादी फैली हुई

abhi tak nahi kar paya abhi jo bhi path kharab ho badal kar ke aati kushal lagate ho sakta hai aur yah sakta hai umar badh sakti hai jo hai 4 saal umar thodi lambi ho sakti hai jaise ki ka ilaj ilaj nahi kar paa rahe iska hi nahi nikal paya abhi tak toh vigyan mare hue aadmi pehle toh yah joote maovaadi faili hui

अभी तक नहीं कर पाया अभी जो भी पाठ खराब हो बदल कर के आती कुशल लगाते हो सकता है और यह सकता ह

Romanized Version
Likes  478  Dislikes    views  4123
WhatsApp_icon
user

सुरेश चंद आचार्य

Social Worker ( Self employed )

1:21
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार साथियों आधुनिक विज्ञान की जिसको तरक्की को आप देख रहे हैं वह मनुष्य की मात्र खोज है क्योंकि वह सारी चीजें इस प्रकृति में पहले से ही विद्यमान है मनुष्य अपने कर्म के द्वारा उन्हें खोजता है और उनका उपयोग करता है उपयोग करता है और उसी प्रकृति की देन है जीव जीव के अंदर जो शक्ति है जिसे आत्मा कहते हैं वह प्रकृति की देन है ईश्वर की देन है और उसे विज्ञान कभी नहीं पकड़ सकती क्योंकि यही ईश्वर होने का प्रमाण है यदि विज्ञान मृत को जीवित कर पाएगी तो समझ लो फिर ईश्वर है ही नहीं मनुष्य ही ईश्वर हो जाएगा इसलिए ऐसा कदापि नहीं होगा और वह इसलिए नहीं होगा कि ईश्वर ईश्वर है मनुष्य केवल उसकी बनाई हुई करती है

namaskar sathiyo aadhunik vigyan ki jisko tarakki ko aap dekh rahe hain vaah manushya ki matra khoj hai kyonki vaah saari cheezen is prakriti me pehle se hi vidyaman hai manushya apne karm ke dwara unhe khojata hai aur unka upyog karta hai upyog karta hai aur usi prakriti ki then hai jeev jeev ke andar jo shakti hai jise aatma kehte hain vaah prakriti ki then hai ishwar ki then hai aur use vigyan kabhi nahi pakad sakti kyonki yahi ishwar hone ka pramaan hai yadi vigyan mrit ko jeevit kar payegi toh samajh lo phir ishwar hai hi nahi manushya hi ishwar ho jaega isliye aisa kadapi nahi hoga aur vaah isliye nahi hoga ki ishwar ishwar hai manushya keval uski banai hui karti hai

नमस्कार साथियों आधुनिक विज्ञान की जिसको तरक्की को आप देख रहे हैं वह मनुष्य की मात्र खोज है

Romanized Version
Likes  142  Dislikes    views  1669
WhatsApp_icon
user

Rohit kumar

Yoga Instructor, Athelete & Career Guide

1:44
Play

Likes  15  Dislikes    views  295
WhatsApp_icon
user

Bk Arun Kaushik

Youth Counselor Motivational Speaker

3:40
Play

Likes  40  Dislikes    views  1093
WhatsApp_icon
user

इरफान अली

स्वतन्त्र पत्रकार एवं अध्यापक

0:43
Play

Likes  6  Dislikes    views  123
WhatsApp_icon
user

Deepak Tiwari

Freelance Writer And Poet, Working As Journalist

0:41
Play

Likes  20  Dislikes    views  275
WhatsApp_icon
user

N.S.Ramola

Pharmacist, Motivational Speaker

1:40
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका क्वेश्चन जो है वह वर्तमान में चल रहे जो वैज्ञानिक एक्टिविटीज है उनको कश्यप का क्वेश्चन है विज्ञान में आज बहुत तरक्की कर ली है फिर भी मरे हुए आदमी को जिंदा क्यों नहीं कर सकते देखें विज्ञान तरक्की कर ली है लिखा आप लोगों ने तो खुद ही आप समझ लीजिए कि विज्ञान में बहुत तरक्की की है लेकिन विज्ञान में भी पूरी करें कि नहीं की है तो यही कारण है कि बहुत तरक्की करने के बावजूद भी वह अधूरा है और 1 दिन ऐसा आएगा और की जो है विज्ञान यह काम भी करेगा विज्ञान अभी जो हमारा दिमाग है अभी उसी को ही नहीं समझ पाया है पूरा कि हमारी जूनियर ओम सेवर किस तरह से काम करते हैं यही कारण है कि आप विज्ञान की चिकित्सा के माध्यम से अभियान के माध्यम से किसी मरे हुए इंसान को आप जिंदा नहीं जा सकते रिसर्च रिसर्च कंटिन्यू चलती रहती है यह रिसर्च वर्क है जो कि विज्ञान में अभी संभव नहीं हो पाया है पर विज्ञान हर वह चीज कर सकता है जो आप सोच रहे हैं अब यह सोचा है ढकने पर यह काम भी आज नहीं तो कल विज्ञान करके दिखाएगा

namaskar aapka question jo hai vaah vartaman me chal rahe jo vaigyanik activities hai unko kashyap ka question hai vigyan me aaj bahut tarakki kar li hai phir bhi mare hue aadmi ko zinda kyon nahi kar sakte dekhen vigyan tarakki kar li hai likha aap logo ne toh khud hi aap samajh lijiye ki vigyan me bahut tarakki ki hai lekin vigyan me bhi puri kare ki nahi ki hai toh yahi karan hai ki bahut tarakki karne ke bawajud bhi vaah adhura hai aur 1 din aisa aayega aur ki jo hai vigyan yah kaam bhi karega vigyan abhi jo hamara dimag hai abhi usi ko hi nahi samajh paya hai pura ki hamari junior om sevar kis tarah se kaam karte hain yahi karan hai ki aap vigyan ki chikitsa ke madhyam se abhiyan ke madhyam se kisi mare hue insaan ko aap zinda nahi ja sakte research research continue chalti rehti hai yah research work hai jo ki vigyan me abhi sambhav nahi ho paya hai par vigyan har vaah cheez kar sakta hai jo aap soch rahe hain ab yah socha hai dhakane par yah kaam bhi aaj nahi toh kal vigyan karke dikhaega

नमस्कार आपका क्वेश्चन जो है वह वर्तमान में चल रहे जो वैज्ञानिक एक्टिविटीज है उनको कश्यप क

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  96
WhatsApp_icon
user
0:29
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली इसका मतलब यह नहीं कि प्रकृति के विधान को बदल देगा प्रकृति का विधान है कि प्रत्येक चीज नश्वर है सभी का एक न एक दिन अंत निश्चित है उसी का साइकिल चलता रहता है एक व्यक्ति मरता है 10 जन्म भी लेते हैं क्या अगली नहीं कर सकता

vigyan ne bahut tarakki kar li iska matlab yah nahi ki prakriti ke vidhan ko badal dega prakriti ka vidhan hai ki pratyek cheez nashwar hai sabhi ka ek na ek din ant nishchit hai usi ka cycle chalta rehta hai ek vyakti marta hai 10 janam bhi lete hain kya agli nahi kar sakta

विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली इसका मतलब यह नहीं कि प्रकृति के विधान को बदल देगा प्रकृति का

Romanized Version
Likes  196  Dislikes    views  2451
WhatsApp_icon
user

Mukesh Dandriyal

Manufacturer & Trader

2:02
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विज्ञान और बेहतर कि कल लिए फिर भी मरे हुए आदमी को जिंदा क्यों नहीं कर सकते यह सृष्टि का सिद्धांत है यदि हम मरे हुए आदमी को जिंदा कर ले तो सृष्टि एक जगह में रुक जाएगी चल नहीं पाएगी आज हम मरे हुए आदमी को जिंदा करेंगे कल हम मरे हुए पेड़ों को जिंदा करेंगे फिर मरे हुए जानवरों को जिंदा करेंगे जो जीव को एक बार चंदा कर सकते हैं तो किसी भी जीव को कर सकते हैं जिंदा तो इसके लिए यह है कि विज्ञान तरक्की पर विज्ञान जो कार्य करता है वह इंसान के लिए मानव के लिए जीव के लिए और प्रकृति के लिए करता है जिसके अंतर्गत हम रहते हैं जी तंत्र समाज और प्रकृति समाज वनस्पति समाज दोनों केले और पर्यावरण जो इससे जनरेट होता है इन सब के लिए विज्ञान काम करता है लेकिन सृष्टि का सिद्धांत यही है न्यू फर्टिलाइजेशन जब तक होता रहेगा तब तक घर यदि इंसान मरे हुए इंसान को जिंदा करना शुरू कर दिया तो प्रकृति शुरू हो जाएगी न्यू फर्टिलाइजेशन भी होगा पुराना भी रहेगा तो जहां पर दो आदमी खड़े हो सकते हैं वहां पर 10 आदमी खड़े होंगे तो वह खड़े नहीं रह सकते विस्फोट होगा जितना स्पेस होता है आ कर दिया अपने हाथ में एक पाव कोई चीज रख सकते पूरा हाथ में आ रही है आपके तो एक पाव की जगह आप उसमें 2 किलो 4 किलो नहीं रख सकते तो हर चीज का जगह समय सीमा निर्धारित है यही सृष्टि है यही विज्ञान है जिस विज्ञान के सिद्धांतों से कार्य किया जाता है जहां जरूरत होती है आवश्यकता होती है उस पर ही कार्य विज्ञान द्वारा सक्सेस होते हैं जो चीज पॉसिबिलिटी नहीं होती जिस चीज में उस में विज्ञान प्रश्न कर सकता है थैंक यू

vigyan aur behtar ki kal liye phir bhi mare hue aadmi ko zinda kyon nahi kar sakte yah shrishti ka siddhant hai yadi hum mare hue aadmi ko zinda kar le toh shrishti ek jagah me ruk jayegi chal nahi payegi aaj hum mare hue aadmi ko zinda karenge kal hum mare hue pedon ko zinda karenge phir mare hue jaanvaro ko zinda karenge jo jeev ko ek baar chanda kar sakte hain toh kisi bhi jeev ko kar sakte hain zinda toh iske liye yah hai ki vigyan tarakki par vigyan jo karya karta hai vaah insaan ke liye manav ke liye jeev ke liye aur prakriti ke liye karta hai jiske antargat hum rehte hain ji tantra samaj aur prakriti samaj vanaspati samaj dono kele aur paryavaran jo isse generate hota hai in sab ke liye vigyan kaam karta hai lekin shrishti ka siddhant yahi hai new fertilization jab tak hota rahega tab tak ghar yadi insaan mare hue insaan ko zinda karna shuru kar diya toh prakriti shuru ho jayegi new fertilization bhi hoga purana bhi rahega toh jaha par do aadmi khade ho sakte hain wahan par 10 aadmi khade honge toh vaah khade nahi reh sakte visphot hoga jitna space hota hai aa kar diya apne hath me ek paav koi cheez rakh sakte pura hath me aa rahi hai aapke toh ek paav ki jagah aap usme 2 kilo 4 kilo nahi rakh sakte toh har cheez ka jagah samay seema nirdharit hai yahi shrishti hai yahi vigyan hai jis vigyan ke siddhanto se karya kiya jata hai jaha zarurat hoti hai avashyakta hoti hai us par hi karya vigyan dwara success hote hain jo cheez possibility nahi hoti jis cheez me us me vigyan prashna kar sakta hai thank you

विज्ञान और बेहतर कि कल लिए फिर भी मरे हुए आदमी को जिंदा क्यों नहीं कर सकते यह सृष्टि का सि

Romanized Version
Likes  29  Dislikes    views  879
WhatsApp_icon
user

Nishant Kr. Sharma

Social Worker And Advocate

1:53
Play

Likes  66  Dislikes    views  1069
WhatsApp_icon
user

Nita Nayyar

Writer ,Motivational Speaker, Social Worker n Counseller.

3:05
Play

Likes  114  Dislikes    views  1624
WhatsApp_icon
user

Santosh Ram yadav

Student Career Counselor

4:03
Play

Likes  4  Dislikes    views  136
WhatsApp_icon
user
Play

Likes  5  Dislikes    views  107
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एबॉर्शन बहुत अच्छा है विज्ञान ने वाकई आज बहुत रखी कर लिया उसके बाद भी कोई भी ऐसी दवा नहीं बना पाया कोई ऐसा एप्स नहीं बना पाए चुनरी यात्रा कर सकें और यहीं से हमें कुछ अलग सोचने पर मजबूर करते हैं कुछ सोच तो अलग कि इसके आगे भी हो सकती है यह दुनिया है और जो लोग कहते हैं कि मैं नास्तिक हूं मैं ईश्वर को नहीं मानता ठीक है ईश्वर होता है या नहीं अब इन सब चीजों से पता चलेगा कि यह दिन मरे हुए आदमी जिंदा कर सकता विज्ञान तो जब विज्ञान के ऊपर भी कुछ है तुम मुझे तो लगता है कि विज्ञान पेपर अध्यात्म है कहीं ना कहीं कोई ऐसी शक्ति है तो यदि सकती है तुम पर यह भी साबित नहीं होता बाप फिर उसके बाद ही साबित करना पड़ेगा कि यदि को शक्ति है तो वह जिंदा कर सकती है क्या वह भी नहीं करेगी जब तक आप उस पर विश्वास नहीं करेंगे जब तक आप लोगों को हर चीज का प्रैक्टिकल दिखाना पड़ता है तो हर बात के लिए शब्द प्रैक्टिकल करने नहीं आ सकते तो यह बहुत बड़ा प्रश्न है उसके आगे या मरे हुए लोगों को जिंदा करना किसी के बस का नहीं है विज्ञान दिवस में अधिक सुविधाओं पर हमलों के लिए बहुत सारे सुख प्रदान कर सकता है भौतिक सुविधा उपलब्ध करा सकता है लेकिन मरीजों को जिंदा नहीं कर सकता मेरे पापा जी ने एक बार बताया था कि एक वैज्ञानिक ऐसा था जिसने अमृत बना लिया था मेरे पापा जी बताते हैं कि अमृत बनाया था तो जब उसने अमृत बनाया तो उसे घमंड आ गया कि मैंने अमृत बनाया है तो मैं ही पीकर हो जाऊंगा तो दूसरों पर होगी उसके बाद शायद उस दिन जीवित रहा और उसके बाद बता देंगे था एक वैज्ञानिक ने ऐसा कर लिया उसके बारे में और कहीं इंटरनेट तो मुझे कोई चर्चा नहीं मिलती तो यह संसार का करम है विज्ञान है जो है वह केवल आर्थिक सबसे बड़ा के लिए है विज्ञान अस्त होने के बाद शुरू होता से छोटी जाती है विज्ञान लगता है काम में नहीं आता मरे हुए लोगों के लिए विज्ञान किसी काम करें धन्यवाद

Abortion bahut accha hai vigyan ne vaakai aaj bahut rakhi kar liya uske baad bhi koi bhi aisi dawa nahi bana paya koi aisa apps nahi bana paye chunari yatra kar sake aur yahin se hamein kuch alag sochne par majboor karte hain kuch soch toh alag ki iske aage bhi ho sakti hai yah duniya hai aur jo log kehte hain ki main nastik hoon main ishwar ko nahi maanta theek hai ishwar hota hai ya nahi ab in sab chijon se pata chalega ki yah din mare hue aadmi zinda kar sakta vigyan toh jab vigyan ke upar bhi kuch hai tum mujhe toh lagta hai ki vigyan paper adhyaatm hai kahin na kahin koi aisi shakti hai toh yadi sakti hai tum par yah bhi saabit nahi hota baap phir uske baad hi saabit karna padega ki yadi ko shakti hai toh vaah zinda kar sakti hai kya vaah bhi nahi karegi jab tak aap us par vishwas nahi karenge jab tak aap logo ko har cheez ka practical dikhana padta hai toh har baat ke liye shabd practical karne nahi aa sakte toh yah bahut bada prashna hai uske aage ya mare hue logo ko zinda karna kisi ke bus ka nahi hai vigyan divas me adhik suvidhaon par hamlo ke liye bahut saare sukh pradan kar sakta hai bhautik suvidha uplabdh kara sakta hai lekin marizon ko zinda nahi kar sakta mere papa ji ne ek baar bataya tha ki ek vaigyanik aisa tha jisne amrit bana liya tha mere papa ji batatey hain ki amrit banaya tha toh jab usne amrit banaya toh use ghamand aa gaya ki maine amrit banaya hai toh main hi peekar ho jaunga toh dusro par hogi uske baad shayad us din jeevit raha aur uske baad bata denge tha ek vaigyanik ne aisa kar liya uske bare me aur kahin internet toh mujhe koi charcha nahi milti toh yah sansar ka karam hai vigyan hai jo hai vaah keval aarthik sabse bada ke liye hai vigyan ast hone ke baad shuru hota se choti jaati hai vigyan lagta hai kaam me nahi aata mare hue logo ke liye vigyan kisi kaam kare dhanyavad

एबॉर्शन बहुत अच्छा है विज्ञान ने वाकई आज बहुत रखी कर लिया उसके बाद भी कोई भी ऐसी दवा नहीं

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  92
WhatsApp_icon
user

HSM Chemistry ,kota

IIT NEET TEACHER @ 9672453796

0:35
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां विज्ञान में बहुत तरक्की कर ली है फिर भी बहुत सारी प्रक्रियाएं इरिवर्सिबल या अंक रमणीय है जैसे कि एक बार अगर बत्ती जल जाए तो उसकी रात को वापस अगरबत्ती में नहीं बदला जा सकता उसी प्रकार यदि शरीर को आत्मा छोड़कर निकल जाए तो वापस खरीद महात्मा को लाना विज्ञान के लिए अभी हां कोई अदर प्रक्रिया हो तो उससे एक बार आत्मा ना फिर भी संभव है पर विज्ञान के बस की बात नहीं है धन्यवाद

haan vigyan me bahut tarakki kar li hai phir bhi bahut saari prakriyaen irivarsibal ya ank ramniya hai jaise ki ek baar agar batti jal jaaye toh uski raat ko wapas agarbatti me nahi badla ja sakta usi prakar yadi sharir ko aatma chhodkar nikal jaaye toh wapas kharid mahatma ko lana vigyan ke liye abhi haan koi other prakriya ho toh usse ek baar aatma na phir bhi sambhav hai par vigyan ke bus ki baat nahi hai dhanyavad

हां विज्ञान में बहुत तरक्की कर ली है फिर भी बहुत सारी प्रक्रियाएं इरिवर्सिबल या अंक रमणीय

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  78
WhatsApp_icon
user

R. n.singh

Teacher

2:54
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो कि अगर आप भगवान को मानते हैं ट्वीट फनी से इसका आंसर की विज्ञान कितनी भी तरक्की कर लेते ज्ञान-विज्ञान है भगवान तो नहीं अयूब डिटेल में समस्या विज्ञान की है वह सिर्फ और सिर्फ इस सांसारिक चीजों पर इसके ऊपर यानी इससे आगे पीछे समझने के लिए हमें मेटा से देख समझकर यानी रिलीजियस जिसमें धर्म की बातें पुनर्जन्म की बातें अगले जन्म की बातें की जाती तो हम इस सिस्टम को समझ रहे इस सिस्टम को समझ रहे हैं टेक्नोलॉजी डिवेलप कर रहे हैं और इस सिस्टम को समझते समझते समझते समझते vr1 मतलब हम पैदा हो रहे और हम उसी में अंतर खत्म हो जाए तो जब हम खुद ही से ऊपर नहीं जा सकते या तो जो मार्ग बताए हैं धर्म में जो जिस तरीके के बनाए गए हैं यह विधियां और यह सब बहुत सारी विधि हैं कि यह कीजिए वह कीजिए समाधि लगाई है वह लगाई तो बियोंड जा सकते हैं जाने को जिंदा करना जिंदा करना इस भौतिक तत्व पर भी डिपेंड करता है कि भौतिक तत्व चलेगा कितना अब जिंदा कर भी देंगे तो वह करण जो जिसकी अवधि खत्म हो गई है वह कितना एक्सटेंड हो जाएगा आप जरा सोचिए यह तो इसका मूल कारण रहा कि आप जिंदा करके भी उसका कुछ नहीं करेंगे हर एक की आयु निर्धारित रहती है ठीक है अब सोचने वाली बात है यह यादव साइंस जैसे कहता है साइंस के कुछ फंडामेंटल लो हैं कि हर एक चीज का दुश्मन इमिटेशन बना रखा है कोई न कोई चीज पैदा होती है फिर खत्म होती है उसका एक टाइम पीरियड होता उसके वी वांट नहीं जा सकता खुद साइंस ने अपनी लिमिटेशंस बना रखी है उस तरफ झांकने की प्रयास ही नहीं किया है तो विज्ञान कितनी भी तरक्की कर ली कितनी भी तरक्की कर ले वह मरे हुए आदमी को जिंदा नहीं कर सकता मुझे आपके सामने धन्यवाद

jo ki agar aap bhagwan ko maante hain tweet Funny se iska answer ki vigyan kitni bhi tarakki kar lete gyaan vigyan hai bhagwan toh nahi aayub detail me samasya vigyan ki hai vaah sirf aur sirf is sansarik chijon par iske upar yani isse aage peeche samjhne ke liye hamein meta se dekh samajhkar yani rilijiyas jisme dharm ki batein punarjanm ki batein agle janam ki batein ki jaati toh hum is system ko samajh rahe is system ko samajh rahe hain technology develop kar rahe hain aur is system ko samajhte samajhte samajhte samajhte vr1 matlab hum paida ho rahe aur hum usi me antar khatam ho jaaye toh jab hum khud hi se upar nahi ja sakte ya toh jo marg bataye hain dharm me jo jis tarike ke banaye gaye hain yah vidhiyan aur yah sab bahut saari vidhi hain ki yah kijiye vaah kijiye samadhi lagayi hai vaah lagayi toh biyond ja sakte hain jaane ko zinda karna zinda karna is bhautik tatva par bhi depend karta hai ki bhautik tatva chalega kitna ab zinda kar bhi denge toh vaah karan jo jiski awadhi khatam ho gayi hai vaah kitna eksatend ho jaega aap zara sochiye yah toh iska mul karan raha ki aap zinda karke bhi uska kuch nahi karenge har ek ki aayu nirdharit rehti hai theek hai ab sochne wali baat hai yah yadav science jaise kahata hai science ke kuch fundamental lo hain ki har ek cheez ka dushman imitation bana rakha hai koi na koi cheez paida hoti hai phir khatam hoti hai uska ek time period hota uske v want nahi ja sakta khud science ne apni Limitations bana rakhi hai us taraf jhankane ki prayas hi nahi kiya hai toh vigyan kitni bhi tarakki kar li kitni bhi tarakki kar le vaah mare hue aadmi ko zinda nahi kar sakta mujhe aapke saamne dhanyavad

जो कि अगर आप भगवान को मानते हैं ट्वीट फनी से इसका आंसर की विज्ञान कितनी भी तरक्की कर लेते

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  116
WhatsApp_icon
user

Ankit Pathak

Teacher ,Student And Also Know More About Technology

0:39
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विज्ञान ने आज बहुत तरक्की कर ली है फिर भी मरे हुए आदमी को जिंदा नहीं कर सकते हैं एक जो है ना यूनिवर्सीटू थे जिसको कोई टाला नहीं जा सकता है आप कितने भी टेक्नोलॉजी बढ़ाने कोई भी आदमी को मरे हुए आदमी को जिंदा नहीं कर सकते हैं जिंदा है तो उसका उम्र बढ़ा सकते हैं इस बढ़ा सकते हैं स्टार्ट मरे हुए इंसान को जिंदा नहीं कर सकते हैं जैसे एक बार गम से गोली निकल बुलेट निकल जाती है तो वह वापस नहीं आती वैसे एक बार शरीर से प्राण निकल जाता है तो वापस नहीं आता है

vigyan ne aaj bahut tarakki kar li hai phir bhi mare hue aadmi ko zinda nahi kar sakte hain ek jo hai na yunivarsitu the jisko koi talla nahi ja sakta hai aap kitne bhi technology badhane koi bhi aadmi ko mare hue aadmi ko zinda nahi kar sakte hain zinda hai toh uska umar badha sakte hain is badha sakte hain start mare hue insaan ko zinda nahi kar sakte hain jaise ek baar gum se goli nikal bullet nikal jaati hai toh vaah wapas nahi aati waise ek baar sharir se praan nikal jata hai toh wapas nahi aata hai

विज्ञान ने आज बहुत तरक्की कर ली है फिर भी मरे हुए आदमी को जिंदा नहीं कर सकते हैं एक जो है

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  137
WhatsApp_icon
user

Moazzam

Teacher

0:33
Play

Likes  2  Dislikes    views  98
WhatsApp_icon
user

Nasir

Teacher

0:43
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विज्ञान में बहुत तरक्की कर ली मगर फिर भी जिंदा आदमी को जीवन क्यों नहीं दे सकता जिंदा क्यों नहीं कर सकता क्योंकि मनुष्य कब पैदा होना और उसकी मर्जी हो ना अरे भौमिक रुप से विज्ञान के बस में यह व परिस्थिति हैं जो विज्ञान की समझ से बहुत अलग हो कि मनुष्य पैदा होता है बच्चे के रूप में और जब उसकी उम्र हो जाती है उसका टाइम हो जाता है मर जाता है विज्ञान में भली कितनी तरक्की कर ली हो परंतु विज्ञान किसी मर्द को जीवित नहीं कर सकता

vigyan me bahut tarakki kar li magar phir bhi zinda aadmi ko jeevan kyon nahi de sakta zinda kyon nahi kar sakta kyonki manushya kab paida hona aur uski marji ho na are bhowmick roop se vigyan ke bus me yah va paristhiti hain jo vigyan ki samajh se bahut alag ho ki manushya paida hota hai bacche ke roop me aur jab uski umar ho jaati hai uska time ho jata hai mar jata hai vigyan me bhali kitni tarakki kar li ho parantu vigyan kisi mard ko jeevit nahi kar sakta

विज्ञान में बहुत तरक्की कर ली मगर फिर भी जिंदा आदमी को जीवन क्यों नहीं दे सकता जिंदा क्यों

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  59
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार तो इसके पहले हमें यह जानना होगा कि मरना मृत्यु होती क्या है आजम कोई भी चीज खरीदने जाता है या कोई भी चीज हम देखते हैं हमारे आसपास चाहे वह खाने की चीज हो चाहे वह एक कपड़ा हो चाहे वह एक गाड़ी हो पाई डेट होती है कि किसी ना किसी चीज से मिलकर बनी है पाई डेट होती है यह माना कि बाकी चीजें की तुलना में ज्यादा टिकाऊ है ज्यादा समय तक चल जाते हैं लेकिन इसकी डेट होती है कि जब कोई चीज एक्सपायर हो जाता है और हम इस चैट को आगे नहीं बढ़ा सकते तो उसी चीज को जब वह चीज एक्सपायर कर जाती है जब हमारा शरीर एक्सपायर हो जाता है तू सीखो हम कहते हैं मृत्यु व्यास एवं जो चीज एक्सपायर हो गए हम उसे वापस क्यों नहीं बना सकते हैं क्योंकि जो चीज एक्सपायर हो चुकी है उसके अंदर बहुत सारे रासायनिक परिवर्तन हो चुके हैं बहुत सारे ऐसे रासायनिक परिवर्तन को हम फिर से पीछे नहीं ला सकते जैसे कि एक बार हम सब्जी बना ले तो उसको क्या वापस आप उसके पहले जैसे कच्चे रूप में ट्रांसफर कर सकते हैं नहीं कर सकते ना उसी तरह से अगर क्योंकि वह सब्जी बन गए हैं उसी आजमगढ़ मर जाएंगे तो आपके अंदर बहुत से रासायनिक परिवर्तन हो चुके हैं आपके दिमाग सुन्न पड़ चुका है उसमें जो केमिकल से रिलीज होना बंद कर चुके हैं आपके फंक्शन खत्म हो चुके हैं अकेले बने जो उसके अलग-अलग होते हैं वह बंद करते हैं अंत समय सुपारी डाटा जाती है तभी कंप्लीट हो चुके होते हैं और यही कारण है कि हम मरे हुए इंसान को सुनना नहीं कर सकते वह जो मर चुका है फिलहाल संभव नहीं यदि विज्ञान और तरक्की कर ले तो हो सकता है आने वाले समय में आगे आने वाली पीढ़ी इस चीज का भी हल निकालने लेकिन फिलहाल तो यह संभव नहीं है धन्यवाद

namaskar toh iske pehle hamein yah janana hoga ki marna mrityu hoti kya hai azam koi bhi cheez kharidne jata hai ya koi bhi cheez hum dekhte hain hamare aaspass chahen vaah khane ki cheez ho chahen vaah ek kapda ho chahen vaah ek gaadi ho payi date hoti hai ki kisi na kisi cheez se milkar bani hai payi date hoti hai yah mana ki baki cheezen ki tulna me zyada tikauu hai zyada samay tak chal jaate hain lekin iski date hoti hai ki jab koi cheez expire ho jata hai aur hum is chat ko aage nahi badha sakte toh usi cheez ko jab vaah cheez expire kar jaati hai jab hamara sharir expire ho jata hai tu sikho hum kehte hain mrityu vyas evam jo cheez expire ho gaye hum use wapas kyon nahi bana sakte hain kyonki jo cheez expire ho chuki hai uske andar bahut saare Rasayanik parivartan ho chuke hain bahut saare aise Rasayanik parivartan ko hum phir se peeche nahi la sakte jaise ki ek baar hum sabzi bana le toh usko kya wapas aap uske pehle jaise kacche roop me transfer kar sakte hain nahi kar sakte na usi tarah se agar kyonki vaah sabzi ban gaye hain usi azamgarh mar jaenge toh aapke andar bahut se Rasayanik parivartan ho chuke hain aapke dimag sunna pad chuka hai usme jo chemical se release hona band kar chuke hain aapke function khatam ho chuke hain akele bane jo uske alag alag hote hain vaah band karte hain ant samay supari data jaati hai tabhi complete ho chuke hote hain aur yahi karan hai ki hum mare hue insaan ko sunana nahi kar sakte vaah jo mar chuka hai filhal sambhav nahi yadi vigyan aur tarakki kar le toh ho sakta hai aane waale samay me aage aane wali peedhi is cheez ka bhi hal nikalne lekin filhal toh yah sambhav nahi hai dhanyavad

नमस्कार तो इसके पहले हमें यह जानना होगा कि मरना मृत्यु होती क्या है आजम कोई भी चीज खरीदने

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  118
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!