क्या ज्योतिष ज्ञान के पीछे कोई वैज्ञानिक आधार है?...


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RAJKUMAR

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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नमस्कार सर मेट्रोलॉजी प्रवीण उपाध्याय इंदौर मध्य प्रदेश से आप ने जानना चाहा कि ज्योतिष ज्ञान के पीछे क्या कोई वैज्ञानिक आधार है तो मैं बताना चाहूंगा कि ज्योतिष एक विज्ञान और ज्योतिष स्वयं एक विज्ञान है और इसका जोहार फलीभूत किसी भी ज्योतिषी द्वारा दिया जाता है वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर ही दिया जाता है ग्रहों की स्थिति ग्रहों के पोजीशन क्या है आपकी जन्म कुंडली में कैसे बैठे हुए हैं क्या उनको सारी प्रकार के जो बल मिलना चाहिए वह बल इत्यादि मिले हैं कि नहीं किस ग्रह को उनके कौन सा ग्रह किस ग्रह के साथ यूपी बनाकर अच्छा या बुरा फल दे रहा है तो यह सब वैज्ञानिक तथ्य के आधार पर ही इसका विश्लेषण दिया जाता है ज्योतिष कोई आसमान से टपकी हुई चीज नहीं है विज्ञान के पहले ऋषि-मुनियों ने इसका जो है ग्रंथ लिखे हैं और वह सारी चीजें उसमें स्पष्ट रूप से लिखी गई है जो हम विज्ञान में देखते हैं तो ज्योतिष और विज्ञान एक ही है विज्ञान ज्योतिष जो है वह वैज्ञानिक स्वयं एक विज्ञान है धन्यवाद

namaskar sir Metrology praveen upadhyay indore madhya pradesh se aap ne janana chaha ki jyotish gyaan ke peeche kya koi vaigyanik aadhar hai toh main batana chahunga ki jyotish ek vigyan aur jyotish swayam ek vigyan hai aur iska johar falibhut kisi bhi jyotishi dwara diya jata hai vaigyanik drishtikon ke aadhar par hi diya jata hai grahon ki sthiti grahon ke position kya hai aapki janam kundali me kaise baithe hue hain kya unko saari prakar ke jo bal milna chahiye vaah bal ityadi mile hain ki nahi kis grah ko unke kaun sa grah kis grah ke saath up banakar accha ya bura fal de raha hai toh yah sab vaigyanik tathya ke aadhar par hi iska vishleshan diya jata hai jyotish koi aasman se tapki hui cheez nahi hai vigyan ke pehle rishi muniyon ne iska jo hai granth likhe hain aur vaah saari cheezen usme spasht roop se likhi gayi hai jo hum vigyan me dekhte hain toh jyotish aur vigyan ek hi hai vigyan jyotish jo hai vaah vaigyanik swayam ek vigyan hai dhanyavad

नमस्कार सर मेट्रोलॉजी प्रवीण उपाध्याय इंदौर मध्य प्रदेश से आप ने जानना चाहा कि ज्योतिष ज्ञ

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नमस्कार क्या ज्योतिष ज्ञान के पीछे कोई वैज्ञानिक आधार बना है जैसे जन्मकुंडली विज्ञान आपने पूरा देखिए देखिए समझ इसको तो जन्मकुंडली विज्ञान हजारों साल पहले बना और उसमें ग्रह नक्षत्रों की जो गाती है मतलब इतना सूट में गरीब की कौन से ग्रह नक्षत्र किस जगह पर पहुंच रहे हैं किस तरह से प्रभावी हो रहे यह जल विज्ञान विज्ञान के रूप में नहीं बना था दुनिया में तब से ही यह जो है गणित ज्योतिष के रूप में हमारे यहां पर बन गई थी आज वही चीज जो है विज्ञान अपनी वैज्ञानिकता से मशीनों से देख रहे हैं कि कब पूर्णिमा होगी कब अमावस्या होगा कब चंद्रमा किस कला में जाएगा वहीं ज्ञान हमारे पास हजारों साल पहले था और वह चुप ज्ञान है गणित विज्ञान के द्वारा एकदम सटीक है आप देखते होंगे कि आज तक यदि उसका परीक्षण किया गया कहीं से भी वह गलत नहीं पाएगा सूर्य ग्रहण चंद्र ग्रहण का सालों पहले निर्णय कर लेना कि कब किस तारीख को होगा और वह भी सिर्फ सामान्य खगोल शास्त्र के यंत्रों और गणित की विधि के द्वारा अपने आप में एक बहुत बड़ा अचीवमेंट है या विज्ञान का भारत भारत के साथ रखा और उसी आधार पर अलग-अलग ऊर्जा का प्रवाह होता है जैसे जो मंगल प्लेनेट की एनर्जी है वो अलग है पैटर्न की अलग है मां की अलग है और उन्हीं और जाओ से बहुत सारे इस तरह की प्रकृति में चाहिए पदार्थ हैं और और जाओ की तरह हो उनमें प्रभाव होता है और उस प्रभाव का बहुत ही जिस तरह से ज्योतिषियों ने इस गणित विज्ञान का बहुत बारीकी से अध्ययन किया होगा बहुत बारीकी से इसका प्रैक्टिकल किया होगा हजारों साल पहले उसी तरह उसके आधार पर इन सब वस्तुओं का भी प्रैक्टिकल किया कुछ डिटेल के आधार पर उस निर्णय को निकाला है और शास्त्रों में अंकित किया है कि किस प्रकार के रत्नों की ओरछा किस ग्रहों से संबंधित होती है उसी तरह से वास्तु शास्त्र का विज्ञान है कि किसी आवास में किसी भवन में भरपूर रूप से शुद्ध मिट्टी पानी धूप हवा आकाश तत्व बराबर मात्रा में है तो वास्तु की दृष्टि से वह सही माना जाता है बेहतर माना जाता है इससे वैज्ञानिक वास्तुशास्त्र में जो मां भारती वास्तुशास्त्र है उसके सूर्य के प्रकाश को जगह दी जाती है इसी घर में सूर्य का प्रकाश नहीं पहुंचे तो बीमारियां ज्यादा बढ़ जाती तो निश्चित ही है कि ज्योतिष में वैज्ञानिकता है अभी हमारी समझने का आधार है की वैज्ञानिकता है क्या क्योंकि समय के साथ-साथ बहुत ऐसे भी विद्वान हैं जिन्होंने ज्योतिष शास्त्र में ब्रह्म बाद पैदा किया है अब हमारा समाज का तरुण धनबाद में फसने का है तो हम ज्योतिष शास्त्र की वैज्ञानिकता तक कभी नहीं पहुंच पाएंगे हम kund-dham वादों से ऊपर उठकर के जो प्राचीन शास्त्र हैं उनकी वैज्ञानिकता को यदि आप समझेंगे तो निश्चित ही है कि आपको यह समझ में आएगा और इससे बनाए ही इसलिए गए हैं कि व्यक्त जी के जीवन में कहीं ना कहीं से समाधान के लिए भी कारक हो समाधान के लिए माध्यम बने और उसी लिए नहीं तो इतना ज्यादा परिश्रम करने की ऋषि यों को ज्योतिषियों को वैज्ञानिकों को क्या आवश्यकता थी कहीं ना कहीं से हमारे जो आने वाली पीढ़ियां हैं इनका उपयोग करके अपने जीवन को कल्याणकारी बना सकें इसीलिए जो है यह सारे प्रयोग किए गए हैं तो निश्चित ही है कि वैज्ञानिक आधार है और सही रूप में सही बात को यदि समझा जाए तो इसका जीवन में लाभ भी है

namaskar kya jyotish gyaan ke peeche koi vaigyanik aadhar bana hai jaise janmakundali vigyan aapne pura dekhiye dekhiye samajh isko toh janmakundali vigyan hazaro saal pehle bana aur usme grah nakshatron ki jo gaatee hai matlab itna suit me garib ki kaun se grah nakshtra kis jagah par pohch rahe hain kis tarah se prabhavi ho rahe yah jal vigyan vigyan ke roop me nahi bana tha duniya me tab se hi yah jo hai ganit jyotish ke roop me hamare yahan par ban gayi thi aaj wahi cheez jo hai vigyan apni vaigyanikata se machino se dekh rahe hain ki kab poornima hogi kab amavasya hoga kab chandrama kis kala me jaega wahi gyaan hamare paas hazaro saal pehle tha aur vaah chup gyaan hai ganit vigyan ke dwara ekdam sateek hai aap dekhte honge ki aaj tak yadi uska parikshan kiya gaya kahin se bhi vaah galat nahi payega surya grahan chandra grahan ka salon pehle nirnay kar lena ki kab kis tarikh ko hoga aur vaah bhi sirf samanya khagol shastra ke yantron aur ganit ki vidhi ke dwara apne aap me ek bahut bada achievement hai ya vigyan ka bharat bharat ke saath rakha aur usi aadhar par alag alag urja ka pravah hota hai jaise jo mangal planet ki energy hai vo alag hai pattern ki alag hai maa ki alag hai aur unhi aur jao se bahut saare is tarah ki prakriti me chahiye padarth hain aur aur jao ki tarah ho unmen prabhav hota hai aur us prabhav ka bahut hi jis tarah se jyotishiyon ne is ganit vigyan ka bahut baareekee se adhyayan kiya hoga bahut baareekee se iska practical kiya hoga hazaro saal pehle usi tarah uske aadhar par in sab vastuon ka bhi practical kiya kuch detail ke aadhar par us nirnay ko nikaala hai aur shastron me ankit kiya hai ki kis prakar ke ratnon ki orchha kis grahon se sambandhit hoti hai usi tarah se vastu shastra ka vigyan hai ki kisi aawas me kisi bhawan me bharpur roop se shudh mitti paani dhoop hawa akash tatva barabar matra me hai toh vastu ki drishti se vaah sahi mana jata hai behtar mana jata hai isse vaigyanik vastushastra me jo maa bharati vastushastra hai uske surya ke prakash ko jagah di jaati hai isi ghar me surya ka prakash nahi pahuche toh bimariyan zyada badh jaati toh nishchit hi hai ki jyotish me vaigyanikata hai abhi hamari samjhne ka aadhar hai ki vaigyanikata hai kya kyonki samay ke saath saath bahut aise bhi vidhwaan hain jinhone jyotish shastra me Brahma baad paida kiya hai ab hamara samaj ka tarun dhanbad me fasne ka hai toh hum jyotish shastra ki vaigyanikata tak kabhi nahi pohch payenge hum kund dham vaado se upar uthakar ke jo prachin shastra hain unki vaigyanikata ko yadi aap samjhenge toh nishchit hi hai ki aapko yah samajh me aayega aur isse banaye hi isliye gaye hain ki vyakt ji ke jeevan me kahin na kahin se samadhan ke liye bhi kaarak ho samadhan ke liye madhyam bane aur usi liye nahi toh itna zyada parishram karne ki rishi yo ko jyotishiyon ko vaigyaniko ko kya avashyakta thi kahin na kahin se hamare jo aane wali peedhiyaan hain inka upyog karke apne jeevan ko kalyaankari bana sake isliye jo hai yah saare prayog kiye gaye hain toh nishchit hi hai ki vaigyanik aadhar hai aur sahi roop me sahi baat ko yadi samjha jaaye toh iska jeevan me labh bhi hai

नमस्कार क्या ज्योतिष ज्ञान के पीछे कोई वैज्ञानिक आधार बना है जैसे जन्मकुंडली विज्ञान आपने

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Upendra Shekhar Bhatt

Astrologer & Vastu Expert ( Career , Marriage, Relationship, Money And Property)

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आज ज्योतिष सारा ज्योतिष विज्ञान ही विज्ञान के ऊपर आधारित है व्यक्ति का जब जन्म होता है तो उस वक्त योग्य स्थिति होती है उन स्थितियों के आधार पर कैलकुलेशन के आता है और उस कैलकुलेशन को एनालिसिस करके एक व्यक्ति की हर स्थिति को हर घटना को जिंदगी को देखा जाता है व्यक्ति की शिक्षा व्यवस्था है कार्यक्षेत्र संतान सुख वैवाहिक जीवन स्थिति को देखा और समझा जाता है वह कंप्लीट एडमिशन ले ली है लेकिन कुछ लोगों ने कुछ तथाकथित लोगों ने ज्योतिष को गुमराह करने के लिए दूसरों से जोड़ दिया है कि जिससे उनका काम में अदरा के कैसे भी लोगों से पैसा कमाना है उनको कंजूस करना उसी पैसे निकलवाना है

aaj jyotish saara jyotish vigyan hi vigyan ke upar aadharit hai vyakti ka jab janam hota hai toh us waqt yogya sthiti hoti hai un sthitiyo ke aadhar par calculation ke aata hai aur us calculation ko analysis karke ek vyakti ki har sthiti ko har ghatna ko zindagi ko dekha jata hai vyakti ki shiksha vyavastha hai karyakshetra santan sukh vaivahik jeevan sthiti ko dekha aur samjha jata hai vaah complete admission le li hai lekin kuch logo ne kuch tathakathit logo ne jyotish ko gumrah karne ke liye dusro se jod diya hai ki jisse unka kaam me adara ke kaise bhi logo se paisa kamana hai unko kanjus karna usi paise nikalwana hai

आज ज्योतिष सारा ज्योतिष विज्ञान ही विज्ञान के ऊपर आधारित है व्यक्ति का जब जन्म होता है तो

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Vedam Astro Life Sciences

सम्पूर्ण ज्योतिष एवम तंत्र अनुसंधान एवं वैदिक धर्म मे शिव तंत्र रहस्य अनुसंधान

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ज्योतिष ज्ञान के पीछे एक नहीं हजारों प्रमाण हैं आज आप टेलिस्कोप से ग्रह नक्षत्रों को देख कर के आप बताते हैं वैज्ञानिक जैन बताते हैं लेकिन हजारों लाखों वर्ष पूर्व हमारे ऋषि मनीषियों ने बांस की कॉपियों से ग्रह नक्षत्रों की गणना करके धर्म ग्रंथों में वर्णित किया है पंचांग हमारा आज भी इसी सिद्धांत पर काम करता है जो 100% फलित आदेश आपको बताता है

jyotish gyaan ke peeche ek nahi hazaro pramaan hain aaj aap telescope se grah nakshatron ko dekh kar ke aap batatey hain vaigyanik jain batatey hain lekin hazaro laakhon varsh purv hamare rishi manishiyon ne bans ki copiyon se grah nakshatron ki ganana karke dharm granthon me varnit kiya hai panchang hamara aaj bhi isi siddhant par kaam karta hai jo 100 falit aadesh aapko batata hai

ज्योतिष ज्ञान के पीछे एक नहीं हजारों प्रमाण हैं आज आप टेलिस्कोप से ग्रह नक्षत्रों को देख क

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Dr. Mahesh Mohan Jha

Asst. Professor,Astrologer,Author

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नमस्कार आपका प्रश्न है क्या ज्योतिष ज्ञान के पीछे कोई वैज्ञानिक आधार है उत्तर तो इसका बहुत विस्तार से देने के बाद ही संभव है किंतु फिर भी मैं डिसकस में वैज्ञानिक आधार रखने का प्रयास करता हूं गणित ज्योतिष को एक स्वर से विज्ञान कबूल कर लिया गया क्योंकि ग्रहों की गति और स्थिति से संबंधित परीक्षित निश्चित जम्मू का कोई अभाव यह नहीं होता नियमों की जानकारी के बाद सौरमंडल में ग्रहों का राशि संचा ग्रहों की युति ग्रहण काल आदि की जानकारी को मिनट और सेकंड तक की अवधि में निकाला जा सकता है गणित ज्योतिष के सभी वैज्ञानिक एक ही निष्कर्ष पर पहुंच जाते हैं सैकड़ों वर्ष बाद लगने वाले सूर्य ग्रहण चंद्र ग्रहण की तिथि समय की विशेष जानकारी दे देते हैं ज्योतिष से यह भी जानकारी देना संभव हो पाता है कि पृथ्वी के किस हिस्से में यानी किस अक्षांश देशांतर पर यह दिखाई पड़ेगा अब जहां तक फलित ज्योतिष की वैज्ञानिकता पर चर्चा करें तो फलित ज्योतिष की दृष्टि में मानव शरीर वह मांग को प्रतिनिधित्व करने वाला एक छोटा सा पिंड है और उसकी समस्त कार्यवाही चारित्रिक विशेषताएं प्रवृत्तियों और जीवन में घटने वाली संपूर्ण घटनाएं उस व्यक्ति विशेष के आविर्भाव से संबंधित होती है इसलिए फलित ज्योतिष जिसे जन्म काल से जोड़कर देखता है ब्रह्मांड की रचना जिन जिन तत्वों से हुई पार्थिव जड़ चेतन का निर्माण भी उन्हीं तत्वों से हुआ है तो पदार्थ विज्ञान के नियमों से ही या मानना पड़ेगा कि ग्रहों का प्रभाव पार्थिव जड़ चेतन यानी मनुष्य पर पड़ता है धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai kya jyotish gyaan ke peeche koi vaigyanik aadhar hai uttar toh iska bahut vistaar se dene ke baad hi sambhav hai kintu phir bhi main discuss me vaigyanik aadhar rakhne ka prayas karta hoon ganit jyotish ko ek swar se vigyan kabool kar liya gaya kyonki grahon ki gati aur sthiti se sambandhit parikshit nishchit jammu ka koi abhaav yah nahi hota niyamon ki jaankari ke baad saurmandal me grahon ka rashi sancha grahon ki yuti grahan kaal aadi ki jaankari ko minute aur second tak ki awadhi me nikaala ja sakta hai ganit jyotish ke sabhi vaigyanik ek hi nishkarsh par pohch jaate hain saikadon varsh baad lagne waale surya grahan chandra grahan ki tithi samay ki vishesh jaankari de dete hain jyotish se yah bhi jaankari dena sambhav ho pata hai ki prithvi ke kis hisse me yani kis akshansh deshantar par yah dikhai padega ab jaha tak falit jyotish ki vaigyanikata par charcha kare toh falit jyotish ki drishti me manav sharir vaah maang ko pratinidhitva karne vala ek chota sa pind hai aur uski samast karyavahi charittrik visheshtayen parvirtiyon aur jeevan me ghatane wali sampurna ghatnaye us vyakti vishesh ke avirbhaav se sambandhit hoti hai isliye falit jyotish jise janam kaal se jodkar dekhta hai brahmaand ki rachna jin jin tatvon se hui parthiv jad chetan ka nirmaan bhi unhi tatvon se hua hai toh padarth vigyan ke niyamon se hi ya manana padega ki grahon ka prabhav parthiv jad chetan yani manushya par padta hai dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है क्या ज्योतिष ज्ञान के पीछे कोई वैज्ञानिक आधार है उत्तर तो इसका बहुत

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पूरा का पूरा डिटेल वैज्ञानिक आधार पर ही है जितना बड़ा आधार वैज्ञानिक आधार ज्योतिष का है उतना बड़ा तो अभी विज्ञान वहां पहुंचा ही नहीं जहां विज्ञान खत्म हो जाता है जो 30 मई से प्रारंभ इस मोस्ट साइंटिफिक स्टडी

pura ka pura detail vaigyanik aadhar par hi hai jitna bada aadhar vaigyanik aadhar jyotish ka hai utana bada toh abhi vigyan wahan pohcha hi nahi jaha vigyan khatam ho jata hai jo 30 may se prarambh is most scientific study

पूरा का पूरा डिटेल वैज्ञानिक आधार पर ही है जितना बड़ा आधार वैज्ञानिक आधार ज्योतिष का है उ

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Bhupendra Kumar Lader

Clinical Psychology & Astrology

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छोटा राजन कब्जियत का मतलब इस बारे में मैं आपको बहुत ज्यादा तो है जो भी समाज में धारा कि देश के बावजूद भी प्यारा कर उसके पार्टियां सामने वाला

chota rajan kabziyat ka matlab is bare me main aapko bahut zyada toh hai jo bhi samaj me dhara ki desh ke bawajud bhi pyara kar uske partyian saamne vala

छोटा राजन कब्जियत का मतलब इस बारे में मैं आपको बहुत ज्यादा तो है जो भी समाज में धारा कि दे

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Aachary Vijay Verma

Astrologer,family Counsellor,relationship Mentor

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ब्लूटूथ शाहपुर शिवपुरा विज्ञान है ज्योतिष एक विज्ञान है और आज की तारीख में चाहिए ऐसी यूनिवर्सिटी है और कई ऐसी जगह हैं जहां पर ज्योतिष शास्त्र की पढ़ाई की जाती

bluetooth shahpur shivpura vigyan hai jyotish ek vigyan hai aur aaj ki tarikh mein chahiye aisi university hai aur kai aisi jagah hain jaha par jyotish shastra ki padhai ki jati

ब्लूटूथ शाहपुर शिवपुरा विज्ञान है ज्योतिष एक विज्ञान है और आज की तारीख में चाहिए ऐसी यूनिव

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वैदिक पद्धति विज्ञान क्या है उसे कहते हैं जो किसी भी वस्तु के बारे में किसी भी चीज की जानकारी टेक्निकली तेरा उसका कोई मापदंड हो उसका कोई कैलकुलेशन के पीछे लॉजिक है जैसे अंतरिक्ष में सूर्य है और सूर्य के चारों तरफ घूमता परिक्रमा करते दिख रहे हैं यह हमारा के कुछ भी बोलता है ज्योति स्टैंडर्ड भी चीजें बताई गई हैं और किस को याद करूं क्या नहीं हजारों हजारों साल पुराना भी क्या है तब से ही ज्योतिष चंद्र दिया गया कोई सूरज और सूरज के चारों तरफ ग्रह चक्कर लगाते उसने चंद्रमा है और हमारा विज्ञान मानता है कि यहां चंद्रमा है हमारा विज्ञान मानता है कि चंद्रमा जैसे खर्ची के करीब होता है तो ज्वार भाटा आता है पानी मीठा पानी में उथल-पुथल होता है इस राकेश जी परिवर्तन होते हैं आज मौसम अमरावती से इस बात को पहले से बोलता है चंद्रमा को मन के साथ और पानी के साथ छोड़ता है तू भी तो यही कह रहा है आजकल तो सूट भी मानते हैं कि पार्टी कूलर डिस्टेंस मैच अश्वनी को हैप्पी सब कितनी दूरी है कि टिकरी में रहेगा तो किससे का परिणाम देता है इस लड़के को मंगल की जमीन कैसी है कि लाल है यह लाल तो पहले से हमारा की मंगलसूत्र लाल कलर को रिप्रेजेंट करता है और अपना सा में आशा से गुणा करके मंगल मंगल किसी को यह कभी कुछ 1 साल पहले जान पाए लेकिन ज्योतिष इस बात को हजारों हजारों साल से कोई दिल के पास जाते हैं और मंगल दोष के निवारण के लिए क्या करूं तो यह विज्ञान इतिहास में क्या नंबर आने वाला लेकिन शॉटगन है यह क्यों बोलते हैं नक्षत्र गोभी सब्जी डीजल किया है ना उसके विचार कुल मिलाकर के यह पूरा का पूरा वैज्ञानिक और

vaidik paddhatee vigyan kya hai use kehte hain jo kisi bhi vastu ke bare mein kisi bhi cheez ki jaankari technically tera uska koi maapdand ho uska koi calculation ke peeche logic hai jaise antariksh mein surya hai aur surya ke charo taraf ghoomta parikrama karte dikh rahe hain yah hamara ke kuch bhi bolta hai jyoti standard bhi cheezen batai gayi hain aur kis ko yaad karu kya nahi hazaro hazaron saal purana bhi kya hai tab se hi jyotish chandra diya gaya koi suraj aur suraj ke charo taraf grah chakkar lagate usne chandrama hai aur hamara vigyan manata hai ki yahan chandrama hai hamara vigyan manata hai ki chandrama jaise kharchi ke kareeb hota hai toh jwar bhata aata hai paani meetha paani mein uthal puthal hota hai is rakesh ji parivartan hote hain aaj mausam amravati se is baat ko pehle se bolta hai chandrama ko man ke saath aur paani ke saath chodta hai tu bhi toh yahi keh raha hai aajkal toh suit bhi maante hain ki party cooler distance match ashwani ko happy sab kitni doori hai ki tikri mein rahega toh kisse ka parinam deta hai is ladke ko mangal ki jameen kaisi hai ki laal hai yah laal toh pehle se hamara ki mangalsutra laal color ko represent karta hai aur apna sa mein asha se guna karke mangal mangal kisi ko yah kabhi kuch 1 saal pehle jaan paye lekin jyotish is baat ko hazaro hazaron saal se koi dil ke paas jaate hain aur mangal dosh ke nivaran ke liye kya karu toh yah vigyan itihas mein kya number aane vala lekin shotgun hai yah kyon bolte hain nakshtra gobhi sabzi diesel kiya hai na uske vichar kul milakar ke yah pura ka pura vaigyanik aur

वैदिक पद्धति विज्ञान क्या है उसे कहते हैं जो किसी भी वस्तु के बारे में किसी भी चीज की जानक

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एस्ट्रोलॉजी तो पूरा साइन कर एस्ट्रोलॉजी एक ही सिक्के के दो पहलू है अभी 4 दिन बाद सूर्य ग्रहण होगा 4 दिन बाद टुडे ग्रहण होगा एस्ट्रोलॉजी नई चीज पहले ही बता रखी है अगर आप पंचांग देखते हो तो माफ क्या शुभ और सोशल का पंचांग आओगे तो उसको यह सब चीजें पहले से आ रखी है इसमें कोई दो राय नहीं है कि पहले यह चीजें बनाकर रखी उसकी टाइम हम साइन तो मानते ही होता नहीं पड़ेगा इसका सीधा सा है यह तो आज के जमाने का तो भगवान ही है इसके चमत्कार देख रहे हैं आज कोई किडनी सप्लाई आज की किडनी डैमेज हो गई किसने कहा मिलेगा तो उसको खड़ा करता है डॉक्टर चलाता है ना कल डॉक्टर पर की तुलना करते हैं यह तो ईश्वर ही जन्म देता है जो मर नहीं सकती जो तितली चीज होती जो चल रहा है मन चीजें होती उनका भविष्य बताती है का कोई भविष्य नहीं निकलता

astrology toh pura sign kar astrology ek hi sikke ke do pahaloo hai abhi 4 din baad surya grahan hoga 4 din baad today grahan hoga astrology nayi cheez pehle hi bata rakhi hai agar aap panchang dekhte ho toh maaf kya shubha aur social ka panchang aaoge toh usko yah sab cheezen pehle se aa rakhi hai isme koi do rai nahi hai ki pehle yah cheezen banakar rakhi uski time hum sign toh maante hi hota nahi padega iska seedha sa hai yah toh aaj ke jamane ka toh bhagwan hi hai iske chamatkar dekh rahe hain aaj koi KIDNEY supply aaj ki KIDNEY damage ho gayi kisne kaha milega toh usko khada karta hai doctor chalata hai na kal doctor par ki tulna karte hain yah toh ishwar hi janam deta hai jo mar nahi sakti jo titli cheez hoti jo chal raha hai man cheezen hoti unka bhavishya batati hai ka koi bhavishya nahi nikalta

एस्ट्रोलॉजी तो पूरा साइन कर एस्ट्रोलॉजी एक ही सिक्के के दो पहलू है अभी 4 दिन बाद सूर्य ग्र

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भविष्यवाणी करते हैं ताकि हमारे ऋषि-मुनियों ने अपने द्वारा क्या होगा बकरी कटी हुई थी जो आज की स्थितियां हैं उनका स्वरूप है आती है प्रकृति है व्यक्तित्व के बारे में कुछ नहीं जानता बैठता है ज्योतिष का सबसे पुराना है इसको साइड से जोड़ना अच्छा नहीं

bhavishyavani karte hain taki hamare rishi muniyon ne apne dwara kya hoga bakri katee hui thi jo aaj ki sthitiyan hain unka swaroop hai aati hai prakriti hai vyaktitva ke bare mein kuch nahi jaanta baithta hai jyotish ka sabse purana hai isko side se jodna accha nahi

भविष्यवाणी करते हैं ताकि हमारे ऋषि-मुनियों ने अपने द्वारा क्या होगा बकरी कटी हुई थी जो आज

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Divyansh Jyotish Kendra

famous Astrologer

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राजू हैं आप प्लेन देख रहे हो को एरोप्लेन मिलती है सब कुछ मिलता है और उस जमाने में ही यह सब चीजें देखेंगे तो पुष्पक विमान आप रामायण में सुनते हो पुष्पक विमान में बना था तो यही टेक्नोलॉजी रही होगी शायद इसी टेक्नोलॉजी पर बना होगा तो साइंस साइंस भी उसी से डिपेंड करती है उसी आधार पर जैसे साइंस में यह देखा गया है कि चीजों का प्रूफ होना चाहिए वैसा शुरू होता है और जितने भी ऋषि-मुनियों ने आज की तारीख में यह बन रहा है यह वेपंस बन रहे हैं मतलब हथियार बन रहे हैं इससे वह ब्लास्ट कर दिया कर दिया उस जमाने में भी आप रामायण महाभारत दिखाइए तो उसमें भी मंत्रों के द्वारा करते थे अपने सनातन धर्म पहले हुआ करता था आज उसी को साइंस जो है उसको लेकर चलती है तो आप यह कह सकते हैं कि साइंस से पूरा साइंटिफिकली देश है पूरा साइंस के देश है शिवाजी ह्यूमन बीइंग हो एनिमल सोचे प्लांट शॉप पर इनका प्रभाव पड़ता है अच्छा बुरा प्रभाव पड़ता है जिसका प्रमाण अगर कोई अच्छा सा घर है तो प्रमाणित कर सकता है उसको बता सकता है उनको एक दिन करके दिखा सकता है

raju hain aap plane dekh rahe ho ko aeroplane milti hai sab kuch milta hai aur us jamane mein hi yah sab cheezen dekhenge toh Pushpak Vimaan aap ramayana mein sunte ho Pushpak Vimaan mein bana tha toh yahi technology rahi hogi shayad isi technology par bana hoga toh science science bhi usi se depend karti hai usi aadhaar par jaise science mein yah dekha gaya hai ki chijon ka proof hona chahiye waisa shuru hota hai aur jitne bhi rishi muniyon ne aaj ki tarikh mein yah ban raha hai yah weapons ban rahe hain matlab hathiyar ban rahe hain isse vaah blast kar diya kar diya us jamane mein bhi aap ramayana mahabharat dikhaaiye toh usme bhi mantron ke dwara karte the apne sanatan dharm pehle hua karta tha aaj usi ko science jo hai usko lekar chalti hai toh aap yah keh sakte hain ki science se pura scientifically desh hai pura science ke desh hai shivaji human being ho animal soche plant shop par inka prabhav padta hai accha bura prabhav padta hai jiska pramaan agar koi accha sa ghar hai toh pramanit kar sakta hai usko bata sakta hai unko ek din karke dikha sakta hai

राजू हैं आप प्लेन देख रहे हो को एरोप्लेन मिलती है सब कुछ मिलता है और उस जमाने में ही यह सब

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Dr S K Goel

Astrologer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरी समझ से तो यह संदेश को बिल्कुल साइंस पर जोर से चलता व्हाट्सएप रूप करती है वैसे एस्ट्रोलॉजी और आपको प्रूफ करना ही पड़ेगा आपको ही फॉरवर्ड जरुर लगाना पड़ेगा जैसे आपने क्वेश्चन पूछा ऐसा क्यों और तुम तो आप को देना ही पड़ेगा यदि आप जवाब देते हो और उसका रिजल्ट मिलता तो उसे वैसे अगर कोई दो एलिमेंट्स को मिलाते हैं और उसे तीसरा एलिमेंट बनता है तो वैसे

meri samajh se toh yeh sandesh ko bilkul science par jor se chalta whatsapp roop karti hai waise astrology aur aapko proof karna hi padega aapko hi forward zaroor lagana padega jaise aapne question puchha aisa kyon aur tum toh aap ko dena hi padega yadi aap jawab dete ho aur uska result milta toh use waise agar koi do elements ko milaate hain aur use teesra element banta hai toh waise

मेरी समझ से तो यह संदेश को बिल्कुल साइंस पर जोर से चलता व्हाट्सएप रूप करती है वैसे एस्ट्र

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एक परसेंट साइंटिफिक रीजन होता है इसके उदाहरण स्वरूप मैं आपसे कहना चाहता हूं कि हमारे वैज्ञानिक किस देश एक छोटी सी बात में भी कहना चाहता हूं कि हमारे वैज्ञानिकों ने अभी कुछ साल पहले जब मंगल ग्रह के पास में कोई आ गया और वहां से उन्होंने फोटो खींचे और कुछ मिट्टी के नमूने वगैरह लिए तो उनको पता चला कि हां यह मिट्टी लाल रंग की होती है अब हमारा ज्योतिष शास्त्र जो बहुत सालों पहले से यह मानता है कि मंगल ग्रह जो है लाल रंग का होता है और जब हम उससे संबंधित रत्न पहन आते हैं तो मूंगा रत्न पहना था इसी प्रकार से चंद्रमा के ऊपर जब अभी जो हमारा चंद्रयान गया था उससे पता चला कि वहां पर पानी है और हमारे ज्योतिष शास्त्र में बहुत पहले से ऐसा माना जाता है कि हम उसको चंद्रमा को जो चंद्र को जो ज्योतिष में देखते हैं कुछ जल तत्व के रूप में देखते हैं तो हमारे जो ज्योतिष शास्त्र है वह इससे कहीं आगे है आज का जो साइंस है वह अब उन नतीजों पर पहुंच रहा है जिस की भविष्यवाणी हम बहुत पहले कर चुके हैं अब दिन आ गए हुए माटक यह तो वह साइंटिस्ट तो अब वहां पर पहुंच कर के और अपने उपकरणों के माध्यम से यह बता रहे हैं कि वहां पर पानी है अथवा लाल मिट्टी है या ऐसा है या कैसा है लेकिन हमारे ज्योतिष शास्त्र की गणना है इतनी परफेक्ट थी कि हमें तो बहुत पहले से मालूम है हमारे यहां कई वर्षों मतलब कि सैकड़ों साल पहले से हमें मालूम है कि इनके चंद्रमा के बीच की पृथ्वी के बीच की दूरी कितनी है और जन्म पृथ्वी से सूर्य के बीच की दूरी कितनी है जैसे हनुमान चालीसा में भी इज्जत जगह जीत रहे कि पृथ्वी से सूर्य की दूरी कितनी है तो यह कहीं ना कहीं कमाल है जिसकी वजह से हमें बहुत पहले से मालूम है साइंस तो आज पता लगा रहा है कितने किलोमीटर है और इतना ऐसा है और यह बताएं लेकिन जो हमारे ज्योतिषी करना है उनके अनुसार पहले से मालूम है इसलिए यह कहना कि मतलब ज्योतिष साइंस के ऊपर आधारित है इसके उल्टा मैं कहना चाहता हूं कि आजकल तो जो साइंटिस्ट हैं वह भी ज्योतिष गणना के आधार पर अपने कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं

ek percent scientific reason hota hai iske udaharan swaroop main aapse kehna chahta hoon ki hamare vaigyanik kis desh ek choti si baat mein bhi kehna chahta hoon ki hamare vaigyaniko ne abhi kuch saal pehle jab mangal grah ke paas mein koi aa gaya aur wahan se unhone photo khinche aur kuch mitti ke namune vagera liye toh unko pata chala ki haan yah mitti laal rang ki hoti hai ab hamara jyotish shastra jo bahut salon pehle se yah manata hai ki mangal grah jo hai laal rang ka hota hai aur jab hum usse sambandhit ratna pahan aate hai toh munga ratna pehna tha isi prakar se chandrama ke upar jab abhi jo hamara chandrayan gaya tha usse pata chala ki wahan par paani hai aur hamare jyotish shastra mein bahut pehle se aisa mana jata hai ki hum usko chandrama ko jo chandra ko jo jyotish mein dekhte hai kuch jal tatva ke roop mein dekhte hai toh hamare jo jyotish shastra hai vaah isse kahin aage hai aaj ka jo science hai vaah ab un nateezon par pohch raha hai jis ki bhavishyavani hum bahut pehle kar chuke hai ab din aa gaye hue matak yah toh vaah scientist toh ab wahan par pohch kar ke aur apne upkarnon ke madhyam se yah bata rahe hai ki wahan par paani hai athva laal mitti hai ya aisa hai ya kaisa hai lekin hamare jyotish shastra ki ganana hai itni perfect thi ki hamein toh bahut pehle se maloom hai hamare yahan kai varshon matlab ki saikadon saal pehle se hamein maloom hai ki inke chandrama ke beech ki prithvi ke beech ki doori kitni hai aur janam prithvi se surya ke beech ki doori kitni hai jaise hanuman chalisa mein bhi izzat jagah jeet rahe ki prithvi se surya ki doori kitni hai toh yah kahin na kahin kamaal hai jiski wajah se hamein bahut pehle se maloom hai science toh aaj pata laga raha hai kitne kilometre hai aur itna aisa hai aur yah bataye lekin jo hamare jyotishi karna hai unke anusaar pehle se maloom hai isliye yah kehna ki matlab jyotish science ke upar aadharit hai iske ulta main kehna chahta hoon ki aajkal toh jo scientist hai vaah bhi jyotish ganana ke aadhaar par apne karyakram taiyar kar rahe hain

एक परसेंट साइंटिफिक रीजन होता है इसके उदाहरण स्वरूप मैं आपसे कहना चाहता हूं कि हमारे वैज्ञ

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Manju Maharaj

Astrologer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है और बहुत सारे साइंटिस्ट ने भी रिसर्च की है कि ज्योतिष साइंटिफिक है उसका आधार की विज्ञान है तो अलग नहीं है वह परंतु क्या है कि वर्तमान में कुछ लोगों ने इसको किस तरीके से पेश किया है कि बहुत सारी भ्रांतियां हो गई है लेकिन जो सही ज्योतिष है वह वैज्ञानिक आधार पर और तर्क के साथ में अपना प्रिडिक्शन प्रस्तुत करता है जो लगभग बोर्ड में 90% होता है कि इसको कई लोगों ने माना है

supreme court ne bhi mana hai aur bahut saare scientist ne bhi research ki hai ki jyotish scientific hai uska aadhaar ki vigyan hai toh alag nahi hai vaah parantu kya hai ki vartaman mein kuch logo ne isko kis tarike se pesh kiya hai ki bahut saree bhrantiyan ho gayi hai lekin jo sahi jyotish hai vaah vaigyanik aadhaar par aur tark ke saath mein apna prediction prastut karta hai jo lagbhag board mein 90 hota hai ki isko kai logo ne mana hai

सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है और बहुत सारे साइंटिस्ट ने भी रिसर्च की है कि ज्योतिष साइंटिफिक

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Aacharya Manish

Astrologer

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गणित में है कि हमारी बॉडी में 30 घंटे तक पोटी पोटी पोटी व उनके साथी कनेक्ट अगर किसी व्यक्ति को अपने जन्म का एग्जैक्ट हमें नहीं पता है या उसको अपना टाइम नहीं पता है तो भी हम उसके बाद में उसके डीएनए को डेकोरेट करके बता कौन सी कौन सी राशि में गोचर के रिजल्ट आ जाते हैं बहुत ज्यादा पर जाने की जरूरत नहीं होती इसी तरीके से वह अलग अलग मेडिकल प्रॉब्लम यहां पर मिनियन टाइम टेबल तरीके से बता सकते हैं कि इतना अच्छा है कि उसे उसकी मेडिकल

ganit mein hai ki hamari body mein 30 ghante tak potty potty potty va unke sathi connect agar kisi vyakti ko apne janam ka exact humein nahi pata hai ya usko apna time nahi pata hai toh bhi hum uske baad mein uske dna ko decorate karke bata kaun si kaun si rashi mein gochar ke result aa jaate hain bahut zyada par jaane ki zarurat nahi hoti isi tarike se wah alag alag medical problem yahan par minion time table tarike se bata sakte hain ki itna accha hai ki use uski medical

गणित में है कि हमारी बॉडी में 30 घंटे तक पोटी पोटी पोटी व उनके साथी कनेक्ट अगर किसी व्यक्त

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99% पूरा साइंटिफिक रीजन से काम चलता है और उसका प्रेक्टिकल होता है प्रैक्टिकल कर कर के काम कर सकते हैं अब उसमें अगर हमें ग्राम ले अगर मुझे ज्ञान नहीं है गुरु जी हैं वह तो गीता बनाने की स्टाइल कैसी है इसका बीमारी क्या है और किन हादसे में किस जगह पर बीमारी होगी अभी आप बताएं कि 6 महीने पहले ग्रहण गया था चंद्रमा ग्रहण चंद्र ग्रहण किया था जो 12:00 बजे दोनों सूट करने के लिए बैठ गए डाइट करने के लिए अच्छा नहीं है आपके लिए वह आज भी स्वस्थ रही है मानसिक रोगी बन कर बैठे हुए हैं और उसका बहुत दिक्कत चल रही है कि नहीं पात्र है जितने भी खराब करा कर सकते थे फिर सब देखे तूने तो मुझको ब्लॉक करवा दिया है और जिन फूलों से कलियों से सितारों सकता है उन सब को जीवित रखा है

99 pura scientific reason se kaam chalta hai aur uska practical hota hai practical kar kar ke kaam kar sakte hain ab usme agar hamein gram le agar mujhe gyaan nahi hai guru ji hain vaah toh geeta banane ki style kaisi hai iska bimari kya hai aur kin haadse mein kis jagah par bimari hogi abhi aap bataye ki 6 mahine pehle grahan gaya tha chandrama grahan chandra grahan kiya tha jo 12 00 baje dono suit karne ke liye baith gaye diet karne ke liye accha nahi hai aapke liye vaah aaj bhi swasthya rahi hai mansik rogi ban kar baithe hue hain aur uska bahut dikkat chal rahi hai ki nahi patra hai jitne bhi kharab kara kar sakte the phir sab dekhe tune toh mujhko block karva diya hai aur jin fulo se kaliyon se sitaron sakta hai un sab ko jeevit rakha hai

99% पूरा साइंटिफिक रीजन से काम चलता है और उसका प्रेक्टिकल होता है प्रैक्टिकल कर कर के काम

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Guruji

Astrologer

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होते हैं 21वी बेबी को जमीन में आने के लिए मत कोख में आने के लिए 9 मंथ होते हैं वह 9 महीने में नौ के होते हैं जैसे 12 राशियां होती हैं और 12 मंथ होते हैं ठीक है 1 महीने में कौन से दिन होते हैं टोटल काउंट किया जाती है

hote hain v baby ko jameen mein aane ke liye mat kokh mein aane ke liye 9 month hote hain vaah 9 mahine mein nau ke hote hain jaise 12 rashiyan hoti hain aur 12 month hote hain theek hai 1 mahine mein kaun se din hote hain total count kiya jaati hai

होते हैं 21वी बेबी को जमीन में आने के लिए मत कोख में आने के लिए 9 मंथ होते हैं वह 9 महीने

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अब आपको आज होगा भी जयपुर हॉस्पिटल खुला है मां कुंडली देखने के बाद शुरू करते हैं अब इसकी जानकारी हो गई इस तरीके से समाधान करके खाली मनोवैज्ञानिक तरीके

ab aapko aaj hoga bhi jaipur hospital khula hai maa kundali dekhne ke baad shuru karte hain ab iski jankari ho gayi is tarike se samadhan karke khaali manovaigyanik tarike

अब आपको आज होगा भी जयपुर हॉस्पिटल खुला है मां कुंडली देखने के बाद शुरू करते हैं अब इसकी जा

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Vishal Sagar Singh

ASTROLOGER & PAYRAVASTU EXPERT

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भारतीय ज्योतिष एस्ट्रोलॉजी इसका साइंटिफिक होने का सवाल है लगभग उसी तरह से साइंस ने पहले कहा कि परमाणु और कहा कि पाकिस्तान का परमाणु और खोजों के दौरान उन्होंने पाया कि दुकान पर तू इसकी प्रमाणिकता बढ़ती चली जाएगी लेकिन पाने के कारण लोगों के दिमाग में कल्पना है बल्कि छात्रों की प्रकृति इन सबको देखते हुए अगली तारीख चिकित्सा शुरू कर रहा है रिसीव कर रहा है इसका मतलब है यह कहना कि कितना साइंटिफिक है गलत है ठीक है करता है कि आप कैसे लोगों से मिलते हैं कैसे चलाते हैं लोगों के संपर्क में हैं

bharatiya jyotish astrology iska scientific hone ka sawal hai lagbhag usi tarah se science ne pehle kaha ki parmanu aur kaha ki pakistan ka parmanu aur khojon ke dauran unhone paya ki dukaan par tu iski pramanikata badhti chali jayegi lekin pane ke kaaran logo ke dimag mein kalpana hai balki chhatro ki prakriti in sabko dekhte hue agli tarikh chikitsa shuru kar raha hai receive kar raha hai iska matlab hai yeh kehna ki kitna scientific hai galat hai theek hai karta hai ki aap kaise logo se milte hain kaise chalte hain logo ke sampark mein hain

भारतीय ज्योतिष एस्ट्रोलॉजी इसका साइंटिफिक होने का सवाल है लगभग उसी तरह से साइंस ने पहले कह

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Vimal Kishor

Astrologer

0:25
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हां बिल्कुल है ज्योतिष जाने का गाड़ी

haan bilkul hai jyotish jaane ka gaadi

हां बिल्कुल है ज्योतिष जाने का गाड़ी

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U. C Jain

Jyotish And Vaastu Consultant

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बिकिनी को नहीं मानते हैं और जो है वह प्रश्न करते हैं उसकी और कोई कोई

bikini ko nahi maante hain aur jo hai vaah prashna karte hain uski aur koi koi

बिकिनी को नहीं मानते हैं और जो है वह प्रश्न करते हैं उसकी और कोई कोई

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Suraj Mishra

Astrologer

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अलग है और गैस्ट्रोलॉजी मारने वाला है आज आप इतना है ना कि डिलीट करने के ऊपर क्लिक करें तो अच्छा है ना करें तो पत्थर में भगवान नजर आता ना दिलीप करें भगवान सामने भी हो तो भी हम लोग नहीं कर सकते यही बातें

alag hai aur gaistrolaji maarne vala hai aaj aap itna hai na ki delete karne ke upar click kare toh accha hai na kare toh patthar mein bhagwan nazar aata na dilip kare bhagwan saamne bhi ho toh bhi hum log nahi kar sakte yahi batein

अलग है और गैस्ट्रोलॉजी मारने वाला है आज आप इतना है ना कि डिलीट करने के ऊपर क्लिक करें तो अ

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Dr. Ravindra Kumar

Asrtologers & Numerologists.

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वैज्ञानिक आधार है जैसे कि न्यूरोलॉजी के लिए मास्टर पाइथागोरस ज्योति गरीब के विद्वान थे ग्रीस के जो मैथमेटिशियन कि उनकी शरण सारी स्कूलों में पढ़ाई वह लोग नहीं पता कि वह बहुत बढ़िया न्यूरोलॉजिस्ट स्पेशलिस्ट विधि विज्ञान की मानता है और भाई विष्णु अभिनेत्री के रूप में आ जाती है और दूसरी तरफ से उनका 123 स्त्री इनके सबके वाइब्रेशन फुल वाइब्रेशन से अपॉइंटमेंट घटनाएं जानी जा सकती है इसी प्रकार घटनाएं ग्रहों के द्वारा की जा सकती है

vaigyanik aadhaar hai jaise ki Neurology ke liye master pythagoras jyoti garib ke vidhwaan the grease ke jo maithmetishiyan ki unki sharan saree schoolon mein padhai vaah log nahi pata ki vaah bahut badhiya neurologist specialist vidhi vigyan ki manata hai aur bhai vishnu abhinetri ke roop mein aa jaati hai aur dusri taraf se unka 123 stree inke sabke vibration full vibration se appointment ghatnaye jani ja sakti hai isi prakar ghatnaye grahon ke dwara ki ja sakti hai

वैज्ञानिक आधार है जैसे कि न्यूरोलॉजी के लिए मास्टर पाइथागोरस ज्योति गरीब के विद्वान थे ग्र

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Vivek Dixit

Astrologer

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कितना आस्तीन उतना चलेगा

kitna astin utana chalega

कितना आस्तीन उतना चलेगा

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Daivagya Krishna Shastri

Astrologer, Ved, Bhagvat Mahapuran

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जैसे हमारा साइंस कहा कि हमें भारतीय संस्कृति के साथ साथ में बकरे इत्यादि का भगवान सूर्य की आपने जो है तो चले तैयारी वगैरा देना चाहिए शीतलता है यह का एक अलग अलग रहना चाहिए वृक्षारोपण होता है गाय का अलग-अलग औषधि होती है इनका हवन करना चाहिए जिससे वातावरण में शुद्धता और पर्यावरण भी आगे बढ़ाया जा सकता है जिसे हर राशियों का अलग अलग होता है मेष राशि के लिए का स्वामी मंगल इसके लिए खैर का निर्माण किया गया कि खेलना मासिक वृक्षारोपण किया जाए और यह एक विज्ञान है सभी ग्रहों का सभी नक्षत्रों का आप हमारी साइड में जाकर के गूगल पर दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री दैनिक जागरण प्रेस का एस्ट्रोलॉजी का बनारस का भी देख रहे हैं जान सकते हैं कि किस तरह को विज्ञान के साथ जोड़ा जाता है

jaise hamara science kaha ki hamein bharatiya sanskriti ke saath saath mein bakre ityadi ka bhagwan surya ki aapne jo hai toh chale taiyari vagera dena chahiye shitalata hai yah ka ek alag alag rehna chahiye vriksharopan hota hai gaay ka alag alag aushadhi hoti hai inka hawan karna chahiye jisse vatavaran mein shuddhta aur paryavaran bhi aage badhaya ja sakta hai jise har raashiyon ka alag alag hota hai mesh rashi ke liye ka swami mangal iske liye khair ka nirmaan kiya gaya ki khelna maasik vriksharopan kiya jaaye aur yah ek vigyan hai sabhi grahon ka sabhi nakshatron ka aap hamari side mein jaakar ke google par daivagya krishna shastri dainik jagran press ka astrology ka banaras ka bhi dekh rahe hain jaan sakte hain ki kis tarah ko vigyan ke saath joda jata hai

जैसे हमारा साइंस कहा कि हमें भारतीय संस्कृति के साथ साथ में बकरे इत्यादि का भगवान सूर्य की

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Chinta Haran Tripathi

Astrologer/Vastu Shastra

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इसके लिए वैज्ञानिक आधार नहीं है इसके लिए शिक्षकों का वही जो हमारे जून दैनिक संपन्न ऋषि लोगों को प्रवर्तक है उनके अनुसार हम उसको मानता साइंस का कोई आधार नहीं होता नहीं था

iske liye vaigyanik aadhaar nahi hai iske liye shikshakon ka wahi jo hamare june dainik sampann rishi logo ko pravartak hai unke anusaar hum usko manata science ka koi aadhaar nahi hota nahi tha

इसके लिए वैज्ञानिक आधार नहीं है इसके लिए शिक्षकों का वही जो हमारे जून दैनिक संपन्न ऋषि लोग

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अब का योगिक अर्थ होता है ग्रह और नक्षत्रों से सभी विद्यार्थी जो होते हैं स्टार जो होते हैं उन से निकलने वाली किरणें इनका प्रभाव जातक पर पड़ता प्रभाव के कारण एक ज्योतिष अपना प्रिडिक्शन देता है जैसे कि चंद्रमा चंद्रमा मन पर बहुत प्रभाव पड़ता है और वैज्ञानिक पूर्णिमा के दिन में ज्वार भाटा आता है तो उसी समय लोगों के मन को बहुत ज्यादा प्रभावित करता है यह सभी चीजें वैज्ञानिक आधार को बताती है कि ज्योतिष का आधार ही विज्ञान गणित से संबंधित है क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा होती है 27 नक्षत्र कितने डिग्री का कौन सा ग्रह है सबका असर पड़ता है गणिती आधार पर विज्ञान

ab ka yogic arth hota hai grah aur nakshatron se sabhi vidyarthi jo hote hain star jo hote hain un se nikalne wali kirne inka prabhav jatak par padta prabhav ke karan ek jyotish apna prediction deta hai jaise ki chandrama chandrama man par bahut prabhav padta hai aur vaigyanik poornima ke din mein jwar bhata aata hai toh usi samay logo ke man ko bahut zyada prabhavit karta hai yah sabhi cheezen vaigyanik aadhaar ko batati hai ki jyotish ka aadhaar hi vigyan ganit se sambandhit hai kyonki isme bahut zyada hoti hai 27 nakshtra kitne degree ka kaun sa grah hai sabka asar padta hai ganiti aadhaar par vigyan

अब का योगिक अर्थ होता है ग्रह और नक्षत्रों से सभी विद्यार्थी जो होते हैं स्टार जो होते हैं

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