जब आप बहुत अधिक पैसे ख़र्च करते हैं तो आपको कैसा लगता है?...


user

S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

1:05
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या होता है अगर अपने पास इतना पैसा हो लेकिन बहुत से लोग ऐसा हो तो कैसा होते हुए भी खर्च नहीं करते जब फिजूलखर्ची जब हो जाएगी तो बताइए सामान क्यों आपकी जरूरत नहीं इसको नहीं लाना चाहिए था मॉल में जाते हैं और देखते कि फ्री मिलना है सामान ज्यादा देर करके उस लालच में भी कभी-कभी सामा इतना ज्यादा आ जाता है उसके बाद पछतावा होता कि जरूरत है उतना ही सामान्य और मेरे घर छोटी दुकानों पर जाने में खर्चा कम होता है मेरे मेरी राय तो यह ज्यादा बड़े मॉल में या वहां पर घूमने से पैसा ज्यादा खर्च वहां पर एक के बदले 1 का मान के चक्कर में ज्यादा सामान खरीदें आपका दिन शुभ हो स्वस्थ रहो मस्त रहो

kya hota hai agar apne paas itna paisa ho lekin bahut se log aisa ho toh kaisa hote hue bhi kharch nahi karte jab fijulakharchi jab ho jayegi toh bataiye saamaan kyon aapki zarurat nahi isko nahi lana chahiye tha mall me jaate hain aur dekhte ki free milna hai saamaan zyada der karke us lalach me bhi kabhi kabhi sama itna zyada aa jata hai uske baad pachtava hota ki zarurat hai utana hi samanya aur mere ghar choti dukaano par jaane me kharcha kam hota hai mere meri rai toh yah zyada bade mall me ya wahan par ghoomne se paisa zyada kharch wahan par ek ke badle 1 ka maan ke chakkar me zyada saamaan khariden aapka din shubha ho swasth raho mast raho

क्या होता है अगर अपने पास इतना पैसा हो लेकिन बहुत से लोग ऐसा हो तो कैसा होते हुए भी खर्च न

Romanized Version
Likes  408  Dislikes    views  3523
WhatsApp_icon
6 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
play
user

Kavita

Writer

1:53

Likes  11  Dislikes    views  332
WhatsApp_icon
user

TS Bhanot

Teacher

1:30
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब मैं बहुत अधिक पैसे खर्च कर देती हूं तो मुझे जो फील होता है वह डिपेंड करता है कि मैंने जो पैसे खर्च किए हैं उसकी आउटपुट क्या निकली है उसमें से जो मैंने खरीदा है वह कितना बेनिफिशियल रहा है मेरे लिए अगर तो मैंने किसी अच्छी चीज के पैसे सेंड कर दी है थोड़े ज्यादा भी कर दी है तो मुझे कोई दिक्कत नहीं होती बल्कि मुझे खुशी मिलती है या फिर कोई डिस्काउंटेड कुछ चल रहा है तो वह वाली चीज मैंने शॉप कर लिया अभी के लिए जो आगे चलकर मेरे काम आने वाली है तो ऐसी सिचुएशन में मुझे बहुत हैवी फील होता है कि ओके नॉट ए प्रॉब्लम अगर मैंने पैसे स्पेंड कर भी दिए हैं तो बट कई बार ऐसा होता है कि जल्दबाजी में जब टाइम की कमी होती है तो कुछ ऐसी चीजें लेनी पड़ जाती है जो वह जिनका कोई बेनिफिट नहीं होता लोंग टर्म के लिए या फिर पसंद नहीं होती बस इसलिए लेनी पड़ती है क्योंकि चाहिए थी यादव स्पोर्ट्स और आगे वह कुछ बेनिफिट नहीं देती है तू इस तरह की सिचुएशन में मुझे ज्यादा पैसे देकर वीकली चीज लेना बिल्कुल पसंद नहीं है वह मुझे बहुत हर्ट करता है अपने लंबे समय तक सूची का चयन किया मैंने सही किया या नहीं किया और मैं पूछती हूं पर कई लोगों से कि यह मैं नहीं हटेगा लिया है क्या आई है मैंने ठीक किया है तो इस तरह की स्पेशल से पेश करती हूं जब मैं ज्यादा पैसे खर्च कर लेती हूं तो

jab main bahut adhik paise kharch kar deti hoon toh mujhe jo feel hota hai vaah depend karta hai ki maine jo paise kharch kiye hain uski output kya nikli hai usme se jo maine kharida hai vaah kitna benifishiyal raha hai mere liye agar toh maine kisi achi cheez ke paise send kar di hai thode zyada bhi kar di hai toh mujhe koi dikkat nahi hoti balki mujhe khushi milti hai ya phir koi discounted kuch chal raha hai toh vaah wali cheez maine shop kar liya abhi ke liye jo aage chalkar mere kaam aane wali hai toh aisi situation mein mujhe bahut heavy feel hota hai ki ok not a problem agar maine paise spend kar bhi diye hain toh but kai baar aisa hota hai ki jaldabaji mein jab time ki kami hoti hai toh kuch aisi cheezen leni pad jaati hai jo vaah jinka koi benefit nahi hota long term ke liye ya phir pasand nahi hoti bus isliye leni padti hai kyonki chahiye thi yadav sports aur aage vaah kuch benefit nahi deti hai tu is tarah ki situation mein mujhe zyada paise dekar weekly cheez lena bilkul pasand nahi hai vaah mujhe bahut heart karta hai apne lambe samay tak suchi ka chayan kiya maine sahi kiya ya nahi kiya aur main puchti hoon par kai logo se ki yah main nahi hatega liya hai kya I hai maine theek kiya hai toh is tarah ki special se pesh karti hoon jab main zyada paise kharch kar leti hoon toh

जब मैं बहुत अधिक पैसे खर्च कर देती हूं तो मुझे जो फील होता है वह डिपेंड करता है कि मैंने ज

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  168
WhatsApp_icon
play
user

Dilsh Sheikh

Journalist

0:45

Likes  9  Dislikes    views  188
WhatsApp_icon
user

Snehasish Gupta

Journalist / Traveller

0:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीजा मैं पैसा खर्चा करता हूं तो मुझे उसे पता नहीं रहता कि मैं पैसा कहां खर्च कर रहा हूं लेकिन मैं अब मुझे यह पता रहता कि मैं अधिक पैसा खर्चा कर लूंगा लेकिन उससे मुझे कोई मिला था कि मैं पैसा खर्चा कर रहा हो तो यह खराब है कि अच्छा है लेकिन जब मैं वापस आता है और मैं देखता हूं कि मेरा यह धीरे-धीरे खाली होना तो मुझे बहुत ही बुरा लगता है क्योंकि मैं उसे ब्रिगेड करता हूं कि मैंने इतना पैसा खर्चा क्यों किया है तो यही है जब मैं खर्चा करता हूं तुम मुझे पता नहीं चला लेकिन आने के बाद मुझे बहुत बुरा लगता है कि मैं इतना पैसा क्यों खर्च कर लिया

jija main paisa kharcha karta hoon toh mujhe use pata nahi rehta ki main paisa kahaan kharch kar raha hoon lekin main ab mujhe yah pata rehta ki main adhik paisa kharcha kar lunga lekin usse mujhe koi mila tha ki main paisa kharcha kar raha ho toh yah kharab hai ki accha hai lekin jab main wapas aata hai aur main dekhta hoon ki mera yah dhire dhire khaali hona toh mujhe bahut hi bura lagta hai kyonki main use brigade karta hoon ki maine itna paisa kharcha kyon kiya hai toh yahi hai jab main kharcha karta hoon tum mujhe pata nahi chala lekin aane ke baad mujhe bahut bura lagta hai ki main itna paisa kyon kharch kar liya

जीजा मैं पैसा खर्चा करता हूं तो मुझे उसे पता नहीं रहता कि मैं पैसा कहां खर्च कर रहा हूं ले

Romanized Version
Likes  15  Dislikes    views  182
WhatsApp_icon
user

Riya

Artist, Traveller

0:10
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब मैं अधिक पैसे खर्च करती है तो मेरे दिमाग में एक ही ख्याल आता है कि पैसे तो खर्च कर लिया पैसे को वापस कहां से लाऊं तब मुझे मेहनत करने करने का विचार आता है

jab main adhik paise kharch karti hai toh mere dimag mein ek hi khayal aata hai ki paise toh kharch kar liya paise ko wapas kahaan se laun tab mujhe mehnat karne karne ka vichar aata hai

जब मैं अधिक पैसे खर्च करती है तो मेरे दिमाग में एक ही ख्याल आता है कि पैसे तो खर्च कर लिया

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  98
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!