एक मनोवैज्ञानिक कैसे काम करता है?...


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Nita Nayyar

Writer ,Motivational Speaker, Social Worker n Counseller.

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J.P. Y👌g i

Psychologist

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Shishir Ghatpande

Blogger, Freelance Writer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कोई भी मनोवैज्ञानिक सामने वाले का एकदम बारीकी से अध्ययन करके जैसे कि उसके हाव-भाव भाव भंगिमा है और उसके बातचीत करने का तरीका उसके किसी भी बात को अभिव्यक्त करने का तरीका किसी भी बात पर प्रतिक्रिया आने के रिएक्शन देने का तरीका इन सब को बहुत ही बारीकी से अध्ययन करते हैं आपसे आप के संदर्भ में कुछ प्रश्न पूछते हैं जिससे उनको आपकी आदतों के बारे में पता चलता है आपके अंदर की अच्छाइयों बुराइयों के बारे में पता चलता है आपकी रुचि ओ के बारे में पता चलता है तो इन सब के आधार पर वह मनोवैज्ञानिक जो है अपना जो है रिसर्च या अध्ययन करते हैं और आपके बारे में वह आपके मन थोड़ा सा अध्ययन मन मस्तिष्क के बारे में थोड़ा सा अध्ययन करके और अपना अनुमान वो आपके सामने रखते हैं प्रदर्शित करते हैं

koi bhi manovaigyanik saamne waale ka ekdam baareekee se adhyayan karke jaise ki uske hav bhav bhav bhangima hai aur uske batchit karne ka tarika uske kisi bhi baat ko abhivyakt karne ka tarika kisi bhi baat par pratikriya aane ke reaction dene ka tarika in sab ko bahut hi baareekee se adhyayan karte hain aapse aap ke sandarbh me kuch prashna poochhte hain jisse unko aapki aadaton ke bare me pata chalta hai aapke andar ki acchhaiyon buraiyon ke bare me pata chalta hai aapki ruchi O ke bare me pata chalta hai toh in sab ke aadhar par vaah manovaigyanik jo hai apna jo hai research ya adhyayan karte hain aur aapke bare me vaah aapke man thoda sa adhyayan man mastishk ke bare me thoda sa adhyayan karke aur apna anumaan vo aapke saamne rakhte hain pradarshit karte hain

कोई भी मनोवैज्ञानिक सामने वाले का एकदम बारीकी से अध्ययन करके जैसे कि उसके हाव-भाव भाव भंगि

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Sabhajeet Verma

Film Writer

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ankit mehta

speaker/social activitie

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Sharad Pandey

Writer Motivator

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

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Pradeep Pareek

Psychology Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक मनोवैज्ञानिक अपने पेशेंट या क्लाइंट जिसे कोई हो सकता है बीमारी ना भी हो वह अपने बिजनेस को ग्रो करना चाहता हूं रिलेशनशिप और अच्छी करना चाहता हूं उसके लिए भी अगर काउंसलिंग ले रहा है तो उसके लिए मनोवैज्ञानिक कुछ इस तरह से काम करता है एक शांत वातावरण में अकेले में जो सामने वाला बंदा रहता है उसकी प्रॉब्लम को शांति से सुनता है सिर्फ सुनता है कोई जजमेंट के बिना चाहे सामने वाले बंदे ने कितना भी बड़ा काम गलत काम किया हो कितनी भी बड़ी गलती अपनी जिंदगी में की होया कितनी भी बड़ी उसकी कमजोरी हो वह उसे जज नहीं करता कि यह अच्छी है बुरी है यह गलत है सही है होनी चाहिए नहीं होनी चाहिए ऐसा कुछ भी जजमेंट दिए बिना वह सुनते हैं और उसमें कोई कमी नहीं निकालते वह सुनकर आपकी समस्या को अच्छे से सुनने के बाद आपको बताते हैं कि आप जो समझ रहे हैं वह ऐसे नहीं ऐसे होता है जैसे कोई व्यक्ति कहता है कि मैं बहुत पतला और इसलिए मुझे बहुत दिक्कत हो रही है लोगों के सामने जाने में मुझे लज्जा महसूस होती है शर्म महसूस होती है तो वह आपकी पूरी बातों को सुनके अब अगर उनको लगता है कि आपको लोगों के सामने जाने में इसलिए डर लगता है क्योंकि आपने अपने आप को पतला मान रखा है असल में पतला होना कोई प्रॉब्लम नहीं है तो इस तरह से बिना जजमेंट के सुनकर वह की प्रॉब्लम को बाहर निकालते हैं और फिर उसका इलाज करते हैं

ek manovaigyanik apne patient ya client jise koi ho sakta hai bimari na bhi ho vaah apne business ko grow karna chahta hoon Relationship aur achi karna chahta hoon uske liye bhi agar kaunsaling le raha hai toh uske liye manovaigyanik kuch is tarah se kaam karta hai ek shaant vatavaran me akele me jo saamne vala banda rehta hai uski problem ko shanti se sunta hai sirf sunta hai koi judgement ke bina chahen saamne waale bande ne kitna bhi bada kaam galat kaam kiya ho kitni bhi badi galti apni zindagi me ki hoya kitni bhi badi uski kamzori ho vaah use judge nahi karta ki yah achi hai buri hai yah galat hai sahi hai honi chahiye nahi honi chahiye aisa kuch bhi judgement diye bina vaah sunte hain aur usme koi kami nahi nikalate vaah sunkar aapki samasya ko acche se sunne ke baad aapko batatey hain ki aap jo samajh rahe hain vaah aise nahi aise hota hai jaise koi vyakti kahata hai ki main bahut patla aur isliye mujhe bahut dikkat ho rahi hai logo ke saamne jaane me mujhe lajja mehsus hoti hai sharm mehsus hoti hai toh vaah aapki puri baaton ko sunake ab agar unko lagta hai ki aapko logo ke saamne jaane me isliye dar lagta hai kyonki aapne apne aap ko patla maan rakha hai asal me patla hona koi problem nahi hai toh is tarah se bina judgement ke sunkar vaah ki problem ko bahar nikalate hain aur phir uska ilaj karte hain

एक मनोवैज्ञानिक अपने पेशेंट या क्लाइंट जिसे कोई हो सकता है बीमारी ना भी हो वह अपने बिजनेस

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वैसे मैं एक मनोवैज्ञानिक नहीं हूं लेकिन मनोवैज्ञानिक मन पढ़ने का कार्य करता है मन पढ़ने का था हमारा मन किशोर प्रसन्न और किशोर दुखी है और यथासंभव मन को प्रसन्न एवं सुख देने का प्रयास एक मनोवैज्ञानिक करता है जिससे रूबी या कोई भी असुरक्षित व्यक्ति अपने आप को सुकून एवं शांति महसूस करता है

waise main ek manovaigyanik nahi hoon lekin manovaigyanik man padhne ka karya karta hai man padhne ka tha hamara man kishore prasann aur kishore dukhi hai aur yathasambhav man ko prasann evam sukh dene ka prayas ek manovaigyanik karta hai jisse ruby ya koi bhi asurakshit vyakti apne aap ko sukoon evam shanti mehsus karta hai

वैसे मैं एक मनोवैज्ञानिक नहीं हूं लेकिन मनोवैज्ञानिक मन पढ़ने का कार्य करता है मन पढ़ने का

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मनोवैज्ञानिक आपका मस्तिष्क देखकर आपको अपनी बातचीत को लेकर के आपका दिमाग का चित्र देखकर आपको सामने वाला आदमी समस्या का किस प्रकार का आदमी ने क्या है कि बोलने का क्या है दिमाग क्या कर्तव्य का विषय क्यों हो रहा है यह सब बोलने के लिए हाथ हाथ खाओ भाव देखने से मान के चलो जैसी शादी है लड़की की होने वाली है कि साल की उमर हो गई 32 साल में शादी हो रही थी मन में बैठ जाता है कि मेरी शादी नहीं हो रही है इसका मनोवैज्ञानिक विचलित हो जाता है इसलिए समय सीमा के पूर्वजो भी काम करो या अपने आप निकाल कर चुप रहो कि आपको आगे चलकर ज्यादा करें धन्यवाद

manovaigyanik aapka mastishk dekhkar aapko apni batchit ko lekar ke aapka dimag ka chitra dekhkar aapko saamne vala aadmi samasya ka kis prakar ka aadmi ne kya hai ki bolne ka kya hai dimag kya kartavya ka vishay kyon ho raha hai yah sab bolne ke liye hath hath khao bhav dekhne se maan ke chalo jaisi shaadi hai ladki ki hone wali hai ki saal ki umar ho gayi 32 saal me shaadi ho rahi thi man me baith jata hai ki meri shaadi nahi ho rahi hai iska manovaigyanik vichalit ho jata hai isliye samay seema ke purvajo bhi kaam karo ya apne aap nikaal kar chup raho ki aapko aage chalkar zyada kare dhanyavad

मनोवैज्ञानिक आपका मस्तिष्क देखकर आपको अपनी बातचीत को लेकर के आपका दिमाग का चित्र देखकर आपक

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक मनोविज्ञान वैसे तो मन की बातों को जान लिया इनकी किसी इंसान के चेहरे के जो एक्सप्रेशंस होते हैं उनको उनको जान पहचान की उसके माइंड में क्या चल रहा है वह बताना इस तरह से मनोविज्ञान जो काम करता है

ek manovigyan waise toh man ki baaton ko jaan liya inki kisi insaan ke chehre ke jo expressions hote hain unko unko jaan pehchaan ki uske mind me kya chal raha hai vaah batana is tarah se manovigyan jo kaam karta hai

एक मनोविज्ञान वैसे तो मन की बातों को जान लिया इनकी किसी इंसान के चेहरे के जो एक्सप्रेशंस ह

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मनोविज्ञान का मतलब मन है मन जो आप नहीं भी करना चाहे फिर भी आप कर सकते हैं यह काम कैसे करता है यह काम करता नहीं यह हमेशा काम में लगा हुआ ही रहता है काम आपकी बुद्धि करते हैं और जब भी आपको हमेशा दोषी देता है निर्णय आपको करना है या अपनी डीपी चेंज करने से आपकी सारी अभिलाषा पूरी हो सकती हैं इसमें कोई शक नहीं लेकिन बुद्धि को बुद्धि शरीर पर आधारित है और मन जो है सो आपके शरीर के प्रक्रिया का सारा नियम चटनी है इसलिए आप मुद्दे पर फोकस ना कर मन प्रसन्न करें बुद्धि आपके शरीर के शरीर को महत्व देता है और मन हमेशा आत्मा को आपके अंदर दो चीज हो सकते हैं आप या तो अच्छे व्यक्ति हो सकते हैं लेकिन परेशानी का जड़ को खत्म करना चाहिए इसलिए बुद्धि सीजन लेना करते हैं उसकी सत्यता को परखने आवश्यक है

manovigyan ka matlab man hai man jo aap nahi bhi karna chahen phir bhi aap kar sakte hain yah kaam kaise karta hai yah kaam karta nahi yah hamesha kaam me laga hua hi rehta hai kaam aapki buddhi karte hain aur jab bhi aapko hamesha doshi deta hai nirnay aapko karna hai ya apni dipi change karne se aapki saari abhilasha puri ho sakti hain isme koi shak nahi lekin buddhi ko buddhi sharir par aadharit hai aur man jo hai so aapke sharir ke prakriya ka saara niyam chatni hai isliye aap mudde par focus na kar man prasann kare buddhi aapke sharir ke sharir ko mahatva deta hai aur man hamesha aatma ko aapke andar do cheez ho sakte hain aap ya toh acche vyakti ho sakte hain lekin pareshani ka jad ko khatam karna chahiye isliye buddhi season lena karte hain uski satyata ko parkhane aavashyak hai

मनोविज्ञान का मतलब मन है मन जो आप नहीं भी करना चाहे फिर भी आप कर सकते हैं यह काम कैसे करत

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sha

Agriculture

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक मनोवैज्ञानिक ऐसे काम करता है कि जैसे कोई देख अवसाद से ग्रसित उसे यह अहसास दिलाया जाए कि अवसाद नाम की कोई चीज होती नहीं उसको उसको उसे निकालने के लिए कुछ प्राणायाम और हो सकता है संभवत कुछ दवाइयां जो उस उसको साफ से निकलने के लिए सहायता करती हूं मनोवैज्ञानिक द्वारा भी जा सकते हैं

ek manovaigyanik aise kaam karta hai ki jaise koi dekh avsad se grasit use yah ehsaas dilaya jaaye ki avsad naam ki koi cheez hoti nahi usko usko use nikalne ke liye kuch pranayaam aur ho sakta hai sambhavat kuch davaiyan jo us usko saaf se nikalne ke liye sahayta karti hoon manovaigyanik dwara bhi ja sakte hain

एक मनोवैज्ञानिक ऐसे काम करता है कि जैसे कोई देख अवसाद से ग्रसित उसे यह अहसास दिलाया जाए कि

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मनोवैज्ञानिक अपने तरीके से काम करता है सबसे पहले वह सामने वाले का विश्वास जीता है उसके बारे में पूरी जानकारी पता लगाता है धीरे-धीरे बात करते करते करते करते उसका पूरा विश्वास जीतने के बाद फिर उसका अपना इलाज शुरू करता है इलाज तो शुरू क्या करता है फ्रेंडशिप बना पाता जिससे की जितनी भी पुरानी से पुरानी बातें उसके मन में दबी हुई है जो नहीं कर पाया करना चाहता हूं सारी जानकारी देता है इस तरीके से काम करता है

manovaigyanik apne tarike se kaam karta hai sabse pehle vaah saamne waale ka vishwas jita hai uske bare me puri jaankari pata lagaata hai dhire dhire baat karte karte karte karte uska pura vishwas jitne ke baad phir uska apna ilaj shuru karta hai ilaj toh shuru kya karta hai friendship bana pata jisse ki jitni bhi purani se purani batein uske man me dabi hui hai jo nahi kar paya karna chahta hoon saari jaankari deta hai is tarike se kaam karta hai

मनोवैज्ञानिक अपने तरीके से काम करता है सबसे पहले वह सामने वाले का विश्वास जीता है उसके बार

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक मनोवैज्ञानिक बहुत कोशिश करने के बाद काम करता है क्योंकि बहुत तरह के साइंस लगाती है और बहुत तरह के साइकिल

ek manovaigyanik bahut koshish karne ke baad kaam karta hai kyonki bahut tarah ke science lagati hai aur bahut tarah ke cycle

एक मनोवैज्ञानिक बहुत कोशिश करने के बाद काम करता है क्योंकि बहुत तरह के साइंस लगाती है और ब

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