मौजूदा स्थिति में पर्यावरण संभालने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठक होना ज़रूरी है क्या?...


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Rajesh Kumar Pandey

Career Counsellor

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मौजूदा स्थिति में देखिए अबे कुछ नहीं करना चाहिए सिर्फ इस महामारी का रुकना चाहिए उसके बाद सुरक्षित करने के लिए एक बहुत बड़ा और वनों की कटाई पर सबसे बड़ी रोक होनी चाहिए जंगलों की कटाई पर रोक जंगल बुक नहीं काटे जाएंगे तुम रख सकता है लेकिन लकड़ी की एक लाख डिमांड ने घर-घर में घर भी बहुत तेज बनते जा रहे हैं और लकड़ी और गेट डिमांड बहुत ज्यादा है लड़का तो पूरा पैसा ही पैसा है अगर किसी के यहां से काटी जाती है लकड़ी ब्लैकमेल सोचा है और यह दूर होगी तभी जब 21 संगठन ऐसे बनेगी पूरे विश्व में जो पूरे जंगलों पर कैमरे पर निगरानी करें कैमरे द्वारा सेटेलाइट कैमरा लाइट फिर देखिए प्रकृति तो भी कुछ नहीं है अगर ऐसा कोई बारिश है जो हवा से चलता हो सोचिए यह हवा से चलने वाला भारत कितने दिन में पूरी दुनिया में फैल जाएगा घर में बैठे-बैठे

maujuda sthiti me dekhiye abe kuch nahi karna chahiye sirf is mahamari ka rukna chahiye uske baad surakshit karne ke liye ek bahut bada aur vano ki katai par sabse badi rok honi chahiye jungalon ki katai par rok jungle book nahi kaate jaenge tum rakh sakta hai lekin lakdi ki ek lakh demand ne ghar ghar me ghar bhi bahut tez bante ja rahe hain aur lakdi aur gate demand bahut zyada hai ladka toh pura paisa hi paisa hai agar kisi ke yahan se kaati jaati hai lakdi blackmail socha hai aur yah dur hogi tabhi jab 21 sangathan aise banegi poore vishwa me jo poore jungalon par camera par nigrani kare camera dwara satellite camera light phir dekhiye prakriti toh bhi kuch nahi hai agar aisa koi barish hai jo hawa se chalta ho sochiye yah hawa se chalne vala bharat kitne din me puri duniya me fail jaega ghar me baithe baithe

मौजूदा स्थिति में देखिए अबे कुछ नहीं करना चाहिए सिर्फ इस महामारी का रुकना चाहिए उसके बाद

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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मजा ले मजा मौजूदा स्थिति में पर्यावरण सामान्य के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठक होना जरूरी है क्या जोहाना चल रहे हैं पूरे विश्व में किस आधार पर पर्यावरण तथा कोरोनावायरस से संबंधित जो घटित घटनाएं हो रही हैं आज के जो दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं अब हम इसके लिए इसके प्रति क्या योजनाएं हैं इस विषय पर निश्चित रूप से राशि तथा समस्त देशों की बैठक होना चाहिए

maza le maza maujuda sthiti me paryavaran samanya ke liye antararashtriya sthar par baithak hona zaroori hai kya johana chal rahe hain poore vishwa me kis aadhar par paryavaran tatha coronavirus se sambandhit jo ghatit ghatnaye ho rahi hain aaj ke jo dushparinaam saamne aa rahe hain ab hum iske liye iske prati kya yojanaye hain is vishay par nishchit roop se rashi tatha samast deshon ki baithak hona chahiye

मजा ले मजा मौजूदा स्थिति में पर्यावरण सामान्य के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठक होना जरूरी

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Mausam Babbar and, Dr. Rishu Singh

Managing Directors - Risham IAS Academy

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दाद की ट्यूब दी इन्वायरमेंट हमारे पास ऑलरेडी 2015 में पेरिस क्लाइमेट एग्रीमेंट हुआ है और हम तुम्हें उस को ऐड करने वाले हैं अगले अगले 15 सालों के लिए 2:35 तक अभी तक क्यूटो प्रोटोकॉल चल रहा था तो हम ऑलरेडी देखिए इंटरनेशनल लेवल पर जो हमारे कंट्री हैं वह बात कर चुके हैं इस बारे में अंदर कमिंग अप विद थे एप्रुपरिएट आंसर टो फाइंड आउट कि हमें इन्वायरमेंट को कैसे बचाना है तो उसकी टांग और उसकी जितनी भी गाइडलाइन हैं वह फाइनल हो रही है देखिए तथा विल बी इंप्लीमेंट क्लाइमेटेक और क्योटो प्रोटोकॉल को रिप्लेस कर के और हम तो 35 तक जो है वह एक सस्टेनेबल वर्ल्ड औरत की तरफ देख रहे होंगे

dad ki tube di environment hamare paas already 2015 me paris climate Agreement hua hai aur hum tumhe us ko aid karne waale hain agle agle 15 salon ke liye 2 35 tak abhi tak kyuto protocol chal raha tha toh hum already dekhiye international level par jo hamare country hain vaah baat kar chuke hain is bare me andar coming up with the eprupariet answer toe find out ki hamein environment ko kaise bachaana hai toh uski taang aur uski jitni bhi guideline hain vaah final ho rahi hai dekhiye tatha will be implement klaimetek aur kyoto protocol ko replace kar ke aur hum toh 35 tak jo hai vaah ek sustainable world aurat ki taraf dekh rahe honge

दाद की ट्यूब दी इन्वायरमेंट हमारे पास ऑलरेडी 2015 में पेरिस क्लाइमेट एग्रीमेंट हुआ है और ह

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B San

Entrepreneur | Management | Consultant | Advisor

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डिप्रेस्ड है मौजूदा स्थिति में पर्यावरण संभालने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठक होना जरूरी है क्या देखिए पर्यावरण की समस्या विश्वव्यापी और जिस तरह से जलवायु परिवर्तन हो रहे हैं तो जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक प्रयास किए गए हैं जिसके अंतर्गत एक पैनल का गठन किया गया है यह जलवायु परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय पैनल है इसे आईपीसीसी के नाम से जाना जाता है जलवायु परिवर्तन से संबंधित वैज्ञानिक आकलन करने हेतु यह संयुक्त राष्ट्र का एक निकाय उसके का नंबर चाहिए जिसमें विश्व के 195 195 इसे संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम जो यूपी के नाम से जाना जाता है और विश्व मौसम विज्ञान संगठन डब्ल्यूएचओ द्वारा 1988 में 198 90h में स्थापित किया गया था इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन इसके प्रभाव और भविष्य के संभावित जोखिम के साथ-साथ अनुकूल तथा जलवायु परिवर्तन को कम करने हेतु नीति निर्माताओं को रणनीति बनाने के लिए नियमित वैज्ञानिक आकलन प्रदान करना है तो इसका यह समीक्षा करते रहता है इस स्तर पर और आईपीसीसी हुए पैनल है इसका जो आकलन है सभी स्तरों पर सरकार सरकारों के वैज्ञानिक सूचनाएं प्रदान करता है और इसका इस्तेमाल चलवाई के प्रति उदार नीति विकसित करने के लिए किया जाता है और जो इसका आकलन है जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय वाद जो बात चीजें होती है उसमें इंपॉर्टेंस ऑफ इंपॉर्टेंस लगता है और एक संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन है यह समझौता है यूएन ऐप ट्रिपल सी यूएनएफसीसीसी एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है जिसका उद्देश्य जलवायु में ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को नियंत्रित करना है और जो समझौता हुआ था इन 1990 टू 1982 में पृथ्वी सम्मेलन हुआ था उसके दौरान हुआ था जून 1992 और इसमें विभिन्न देशों द्वारा इस समझौते पर अक्सर अपनी स्वीकृति दी है और उसके बाद 21 मार्च 1994 को इसे लागू किया गया और वर्ष 1995 1995 से लगातार यूएनएफसीसीसी की वार्षिक बैठकों का आयोजन किया जाता है इसके तहत वर्ष 1997 में जो बहुत ही फेमस एक समझौता है जिसे हम सभी जानते हैं क्यूटो प्रोटोकॉल के नाम से जो टू समझौता हुआ था 1997 में और इसमें विकसित देशों को विकसित देश हैं जिन्हें NX1 में शामिल देश कहते हैं द्वारा ग्रीन हाउस गैसों को नियंत्रित करने के लिए लक्ष्य तय किया गया और क्योटो प्रोटोकॉल के तहत 40 औद्योगिक देशों को अलग सूची NX1 में रखा गया है और यूएनएफसीसीसी यूएनएफ ट्रिपल सी जी सकेंगे वार्षिक बैठक होती है कॉन्फ्रेंस होती है इस कॉन्फ्रेंस को कांफ्रेंस ऑफ द पार्टी पीओपी के नाम से जाना जाता है पेरिस समझौता भी हुआ था जैसे कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए क्या समझौता 2015 में हुआ था जो 30 नवंबर से 11 दिसंबर तक चला था और इसमें भी 195 देशों के प्रतिनिधियों ने पेरिस में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जो पशुपुलेटी है उस पर बात की थी और जो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन जो हो रही हो उसके उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य से इस समझौते में ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए एक इतिहास समझौते के रूप में मान्यता प्राप्त समझौता धन्यवाद

depressed hai maujuda sthiti me paryavaran sambhalne ke liye antararashtriya sthar par baithak hona zaroori hai kya dekhiye paryavaran ki samasya vishvavyapi aur jis tarah se jalvayu parivartan ho rahe hain toh jalvayu parivartan se nipatane ke liye vaishvik prayas kiye gaye hain jiske antargat ek panel ka gathan kiya gaya hai yah jalvayu parivartan par antararashtriya panel hai ise IPCC ke naam se jana jata hai jalvayu parivartan se sambandhit vaigyanik aakalan karne hetu yah sanyukt rashtra ka ek nikaay uske ka number chahiye jisme vishwa ke 195 195 ise sanyukt rashtra paryavaran karyakram jo up ke naam se jana jata hai aur vishwa mausam vigyan sangathan WHO dwara 1988 me 198 90h me sthapit kiya gaya tha iska uddeshya jalvayu parivartan iske prabhav aur bhavishya ke sambhavit jokhim ke saath saath anukul tatha jalvayu parivartan ko kam karne hetu niti nirmaataon ko rananiti banane ke liye niyamit vaigyanik aakalan pradan karna hai toh iska yah samiksha karte rehta hai is sthar par aur IPCC hue panel hai iska jo aakalan hai sabhi staron par sarkar sarkaro ke vaigyanik suchnaen pradan karta hai aur iska istemal chalwai ke prati udaar niti viksit karne ke liye kiya jata hai aur jo iska aakalan hai jalvayu parivartan se nipatane ke liye antararashtriya vad jo baat cheezen hoti hai usme importance of importance lagta hai aur ek sanyukt rashtra jalvayu parivartan framework sammelan hai yah samjhauta hai un app triple si UNFCCC ek antararashtriya samjhauta hai jiska uddeshya jalvayu me green house gases ke utsarjan ko niyantrit karna hai aur jo samjhauta hua tha in 1990 to 1982 me prithvi sammelan hua tha uske dauran hua tha june 1992 aur isme vibhinn deshon dwara is samjhaute par aksar apni swikriti di hai aur uske baad 21 march 1994 ko ise laagu kiya gaya aur varsh 1995 1995 se lagatar UNFCCC ki vaarshik baithakon ka aayojan kiya jata hai iske tahat varsh 1997 me jo bahut hi famous ek samjhauta hai jise hum sabhi jante hain kyuto protocol ke naam se jo to samjhauta hua tha 1997 me aur isme viksit deshon ko viksit desh hain jinhen NX1 me shaamil desh kehte hain dwara green house gases ko niyantrit karne ke liye lakshya tay kiya gaya aur kyoto protocol ke tahat 40 audyogik deshon ko alag suchi NX1 me rakha gaya hai aur UNFCCC UNF triple si ji sakenge vaarshik baithak hoti hai conference hoti hai is conference ko conference of the party POP ke naam se jana jata hai paris samjhauta bhi hua tha jaise ki jalvayu parivartan se nipatane ke liye kya samjhauta 2015 me hua tha jo 30 november se 11 december tak chala tha aur isme bhi 195 deshon ke pratinidhiyo ne paris me jalvayu parivartan se nipatane ke liye jo pashupuleti hai us par baat ki thi aur jo greenhouse gas utsarjan jo ho rahi ho uske utsarjan ko kam karne ke lakshya se is samjhaute me global warming ko rokne ke liye ek itihas samjhaute ke roop me manyata prapt samjhauta dhanyavad

डिप्रेस्ड है मौजूदा स्थिति में पर्यावरण संभालने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठक होना जरू

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Dayakant Saxena

Retd Principle

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अब जब यह सवाल कर देना उसी का इंतजार कर आप सुरतिया मीडिया देखें अब ऐसा वक्त आ गया है शायद और पर्यावरण को लेकर सोचना थोड़ा कम कर देना चाहिए क्योंकि कोरोना के वजह से आप लोग बाहर ही तो नहीं निकल जाए अब पर्यावरण को खड़ा कौन करेगा इसलिए अगर आप कोई भी शहर में जाए किसी भी शहर का पर्यावरण उसके प्रदूषण के मात्रा को देखे तो तब देखेंगे शायद पिछले 100 सालों में यह पहली बार है जब इतना कंपटीशन कोई भी शहर में हुआ है अब शायद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई जरूरी बैठक करना इतना जरूरी नहीं है उससे ज्यादा ही ज़रूरी है कि हम लोग यह सीख जाए कि अगर हम लोग चाहे तो पर्यावरण खुश और अच्छा रह सकता है बैठक करने से शायद कुछ नहीं होगा क्योंकि वहां पर बैठक होगा और बोलो कुछ बोलेंगे जो प्रेस और मीडिया के थ्रू हर देश में जाएगा कुछ गाइडलाइन आएंगे वह फॉलो नहीं होगा इससे ज्यादा जरूरी है कि हम लोग जो ग्रास रूट लेवल में हैं हर देश के नागरिक हज सामान्य नागरिक अगर अपने तरीके से अपने हिसाब से इसको थोड़ा संभाल के रखे तो पर्यावरण ऐसा ही खुश रहेगा जो अब करुणा के वजह से कोरोनावायरस ओले रही है पर पर्यावरण अच्छा हो रहा है जो जो गलतियां हम लोग तब करते थे अब नहीं कर रहे इसलिए यह जो चीज है अब हम लोग कर रहे एक बार लॉग डाउन खत्म हो जाने के बाद उसको दोबारा नहीं करें उसकी कोशिश करनी चाहिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मीटिंग करने से अच्छा है कि राष्ट्रीय स्तर पर ही अगर हम लोग इस सरकार यह जो उन्नति या हो रहे इसको सही से आगे ले जाने के लिए कुछ करें अभी से लोगों को समझाएं अभी से लोगों को कुछ सिखाएं अभी से कुछ गाइडलाइन कर दें कि लव टाउन के बाद क्या क्या होना चाहिए पर्यावरण को लेकर क्या-क्या नहीं होना चाहिए और जो जान वाहन है उनके ऊपर कुछ रोक तोक लगाया जाए ऐसे करके थोड़ा बहुत कुछ किया जाए तो उसी में पर्यावरण और अच्छा हो जाएगा और योगदान तो इतना दिन चला उसमें हम लोग देख सकते हैं लोग डाउन का अच्छा प्रभाव है अगर लोग डाउन महीने में एक बार एक दिन आर्टिस्ट हम लोग कर सके हर स्टेट में हार्ड डिस्ट्रिक्ट में तो शायद पर्यावरण भी थोड़ा अच्छा हो जाएगा

ab jab yah sawaal kar dena usi ka intejar kar aap surtiya media dekhen ab aisa waqt aa gaya hai shayad aur paryavaran ko lekar sochna thoda kam kar dena chahiye kyonki corona ke wajah se aap log bahar hi toh nahi nikal jaaye ab paryavaran ko khada kaun karega isliye agar aap koi bhi shehar me jaaye kisi bhi shehar ka paryavaran uske pradushan ke matra ko dekhe toh tab dekhenge shayad pichle 100 salon me yah pehli baar hai jab itna competition koi bhi shehar me hua hai ab shayad antararashtriya sthar par koi zaroori baithak karna itna zaroori nahi hai usse zyada hi zaroori hai ki hum log yah seekh jaaye ki agar hum log chahen toh paryavaran khush aur accha reh sakta hai baithak karne se shayad kuch nahi hoga kyonki wahan par baithak hoga aur bolo kuch bolenge jo press aur media ke through har desh me jaega kuch guideline aayenge vaah follow nahi hoga isse zyada zaroori hai ki hum log jo grass root level me hain har desh ke nagarik haj samanya nagarik agar apne tarike se apne hisab se isko thoda sambhaal ke rakhe toh paryavaran aisa hi khush rahega jo ab corona ke wajah se coronavirus ole rahi hai par paryavaran accha ho raha hai jo jo galtiya hum log tab karte the ab nahi kar rahe isliye yah jo cheez hai ab hum log kar rahe ek baar log down khatam ho jaane ke baad usko dobara nahi kare uski koshish karni chahiye antararashtriya sthar par meeting karne se accha hai ki rashtriya sthar par hi agar hum log is sarkar yah jo unnati ya ho rahe isko sahi se aage le jaane ke liye kuch kare abhi se logo ko samjhaye abhi se logo ko kuch sikhaye abhi se kuch guideline kar de ki love town ke baad kya kya hona chahiye paryavaran ko lekar kya kya nahi hona chahiye aur jo jaan vaahan hai unke upar kuch rok tok lagaya jaaye aise karke thoda bahut kuch kiya jaaye toh usi me paryavaran aur accha ho jaega aur yogdan toh itna din chala usme hum log dekh sakte hain log down ka accha prabhav hai agar log down mahine me ek baar ek din artist hum log kar sake har state me hard district me toh shayad paryavaran bhi thoda accha ho jaega

अब जब यह सवाल कर देना उसी का इंतजार कर आप सुरतिया मीडिया देखें अब ऐसा वक्त आ गया है शायद औ

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जी हां मुझे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जरूरी नहीं कि मौजूदा स्थिति में पर्यावरण को संभालने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठक होना अति आवश्यक है क्योंकि यह स्माइली नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए अत्यावश्यक ना बताना चाहूंगा मौजूदा स्थिति में पर्यावरण संत स्तर पर बैठा कुणाल जरूरी नहीं है और जरूरी है धन्यवाद

ji haan mujhe antararashtriya sthar par zaroori nahi ki maujuda sthiti me paryavaran ko sambhalne ke liye antararashtriya sthar par baithak hona ati aavashyak hai kyonki yah smiley nahi balki poore vishwa ke liye atyavashak na batana chahunga maujuda sthiti me paryavaran sant sthar par baitha kunal zaroori nahi hai aur zaroori hai dhanyavad

जी हां मुझे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जरूरी नहीं कि मौजूदा स्थिति में पर्यावरण को संभालने के ल

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Shivam Khanna

motivational Speaker, Bussinesman, Yog Teacher And Ayurvedic Doctor, Love Guru.

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नमस्कार मेरा नाम शिवम खन्ना नाइट मोटिवेशनल स्पीकर बिजनेसमैन योग टीचर मौजूदा स्थिति में पर्यावरण सामान्य के लिए संत राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठक होना जरूरी है क्या यह बहुत जरूरी है तुरंत अंतरराष्ट्रीय चावल के लिए बैठक होनी चाहिए क्योंकि पूर्णा की वजह से पर्यावरण बहुत अच्छा हो गया है फिर से साफ हो गया है क्योंकि सब कारखाने कंपनियां फैक्टर सब कुछ बंद था योगदान की वजह से इस वर्ष एनवायरनमेंट स्क्रीन होगा एकदम तो तुरंत ही कुछ ऐसे लेना चाहिए

namaskar mera naam shivam khanna night Motivational speaker bussinessmen yog teacher maujuda sthiti me paryavaran samanya ke liye sant rashtra antararashtriya sthar par baithak hona zaroori hai kya yah bahut zaroori hai turant antararashtriya chawal ke liye baithak honi chahiye kyonki poorna ki wajah se paryavaran bahut accha ho gaya hai phir se saaf ho gaya hai kyonki sab karkhane companiya factor sab kuch band tha yogdan ki wajah se is varsh environment screen hoga ekdam toh turant hi kuch aise lena chahiye

नमस्कार मेरा नाम शिवम खन्ना नाइट मोटिवेशनल स्पीकर बिजनेसमैन योग टीचर मौजूदा स्थिति में पर्

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Amiy

UPSC Coach

2:21
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां मानते हैं कि मौजूदा स्थिति में करो ना का एक बहुत बड़ा प्रकोप चल रहा है जिससे भारत सहित विश्व के सारे देश इससे प्रभावित है और व्यापक रूप से प्रभावित इस स्थल पर सारे विश्व को एक साथ होकर आए राजनीतिकरण को भूलकर के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए और हम अवश्य जीतेंगे साथ ही भविष्य की जो समस्याएं हैं पर्यावरण प्रदूषण यह भी छिपी हुई नहीं है वर्तमान समय से कुछ समय पूर्व अगर बात करें तो पर्यावरण प्रदूषण एक बहुत ही चर्चित विषय रहा है भारत की बात करें तो विश्व का दूसरा स्थान है और संपूर्ण पृथ्वी के लिए यह आवश्यक है कि सारे देश एक साथ मिलकर पर्यावरण संभालने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास करें बैठक करें ताकि प्रदूषण को जल्द से जल्द काबू किया जा सके हमारी भावी पीढ़ी सुरक्षित शहर के संसाधन कपड़िया उपलब्धता होनी चाहिए जिससे हमारे आने वाली पीढ़ियों को विश्वास चाहे ना हो इसमें इसके लिए मौजूदा समय में सारे प्रशासन कर्मचारी हमारे करुणा भारत की लड़ाई में व्यस्त हैं फिर भी एक मौसम विभाग एमपी पर्यावरणीय विभाग के जो भी गठित सदस्य प्रत्येक देश के साथ एक समझौता करें एक बैठक करें और आने वाले समय के लिए क्रोना के बाद के समय के लिए स्वच्छ विश्व स्वच्छ भारत के लिए अग्रसर हो हमारी कामना है

ji haan maante hain ki maujuda sthiti me karo na ka ek bahut bada prakop chal raha hai jisse bharat sahit vishwa ke saare desh isse prabhavit hai aur vyapak roop se prabhavit is sthal par saare vishwa ko ek saath hokar aaye rajneetikaran ko bhulkar ke khilaf ladai ladani chahiye aur hum avashya jitenge saath hi bhavishya ki jo samasyaen hain paryavaran pradushan yah bhi chipi hui nahi hai vartaman samay se kuch samay purv agar baat kare toh paryavaran pradushan ek bahut hi charchit vishay raha hai bharat ki baat kare toh vishwa ka doosra sthan hai aur sampurna prithvi ke liye yah aavashyak hai ki saare desh ek saath milkar paryavaran sambhalne ke liye antararashtriya sthar par prayas kare baithak kare taki pradushan ko jald se jald kabu kiya ja sake hamari bhave peedhi surakshit shehar ke sansadhan kapadia upalabdhata honi chahiye jisse hamare aane wali peedhiyon ko vishwas chahen na ho isme iske liye maujuda samay me saare prashasan karmchari hamare corona bharat ki ladai me vyast hain phir bhi ek mausam vibhag MP paryavaraniye vibhag ke jo bhi gathit sadasya pratyek desh ke saath ek samjhauta kare ek baithak kare aur aane waale samay ke liye corona ke baad ke samay ke liye swachh vishwa swachh bharat ke liye agrasar ho hamari kamna hai

जी हां मानते हैं कि मौजूदा स्थिति में करो ना का एक बहुत बड़ा प्रकोप चल रहा है जिससे भारत स

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