फूल कभी दोबारा नहीं खिलते,जन्म कभी दोबारा नहीं मिलता, मिलते हैं लोग हज़ारों मगर हज़ारों गलतियां माफ् करने वाले माँ-पिता नहीं मिलते। यदि ये सत्य है तो लोग माँ-पिता से नफरत क्यों करते हैं?...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

3:19

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

फूल कभी दोबारा नहीं खिलते जन्म कभी दोबारा नहीं मिलते मिलते लो गजारो मगर हजारों गलतियां माफ़ करने वाले मां नहीं यदि यह सत्य है लोग नफरत क्यों करते हैं यह बच्चों की जो ना समझे इसलिए वह नफरत करते हैं और कभी-कभी गुस्से में अपने मां पिता को यहां तक बोल देते हैं कि आपने हमें पैदा ही क्यों किया हम तो आपकी भाई प्रोडक्ट यह सिर्फ उनको यह सब में कहां से आती है यह समझना चाहिए जब तक उनके मन में यह रहेगा कि हम एक बाइक प्रोडक्ट हम इस संसार में जो हमारे माता-पिता हैं वह गलती से जाए हमारे जन्मदिन सीखे हो जाए कि जो समझ उनकी जितनी चाहिए और वह तभी मिलती है जब वह खुद माता-पिता बनते हैं इश्क गलतियों को माफ करते हुए माता पिता अपने बच्चे को बहुत ही प्यार करते हैं उन्होंने बहुत ही क्या-क्या होता है बलिदान किया हुआ होता है मां का बलिदान बहुत अच्छा है बहुत कष्ट सहे होती पिता उसका बच्चे का कैरियर बनाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा देते हैं इसलिए जब नफरत करती हो माता-पिता को बहुत दुख होता है लेकिन समय रहते जब बड़ी हो जाती है तब उनको अपनी भूल का एहसास धीमी धीमी होने लगता है कि महज मैं नहीं हूं लेकिन क्योंकि जो उनकी आ जाए वही आने वाली कल उनकी होने वाली है यह मैं बोली इसलिए उनको बच्चों को यह जरूर नफरत का भाव अपने मन से निकालना पड़ेगा निकालना चाहिए जब कोई बाकी बच्चे को जिंदगी में पहला कदम रखने के लिए मदद करता है तो बुढ़ापे में मां-बाप को चल नहीं रहता जो बच्चे नहीं करते हैं वह आगे चलकर बहुत दुखी बहुत धन्यवाद

fool kabhi dobara nahi khilate janam kabhi dobara nahi milte milte lo gajaro magar hazaro galtiya maaf karne waale maa nahi yadi yah satya hai log nafrat kyon karte hain yah baccho ki jo na samjhe isliye vaah nafrat karte hain aur kabhi kabhi gusse mein apne maa pita ko yahan tak bol dete hain ki aapne hamein paida hi kyon kiya hum toh aapki bhai product yah sirf unko yah sab mein kahaan se aati hai yah samajhna chahiye jab tak unke man mein yah rahega ki hum ek bike product hum is sansar mein jo hamare mata pita hain vaah galti se jaaye hamare janamdin sikhe ho jaaye ki jo samajh unki jitni chahiye aur vaah tabhi milti hai jab vaah khud mata pita bante hain ishq galatiyon ko maaf karte hue mata pita apne bacche ko bahut hi pyar karte hain unhone bahut hi kya kya hota hai balidaan kiya hua hota hai maa ka balidaan bahut accha hai bahut kasht sahay hoti pita uska bacche ka carrier banane ke liye apna sab kuch dav par laga dete hain isliye jab nafrat karti ho mata pita ko bahut dukh hota hai lekin samay rehte jab badi ho jaati hai tab unko apni bhool ka ehsaas dheemi dheemi hone lagta hai ki mahaj main nahi hoon lekin kyonki jo unki aa jaaye wahi aane wali kal unki hone wali hai yah main boli isliye unko baccho ko yah zaroor nafrat ka bhav apne man se nikalna padega nikalna chahiye jab koi baki bacche ko zindagi mein pehla kadam rakhne ke liye madad karta hai toh budhape mein maa baap ko chal nahi rehta jo bacche nahi karte hain vaah aage chalkar bahut dukhi bahut dhanyavad

फूल कभी दोबारा नहीं खिलते जन्म कभी दोबारा नहीं मिलते मिलते लो गजारो मगर हजारों गलतियां माफ

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

फूल कभी दोबारा नहीं खिलते जन्म कभी दोबारा नहीं मिलते मिलते है लोग हजारों मगर हजारों गलतियां माफ़ करने वाले माता-पिता नहीं वाह क्या बात है यदि यह सत्य है तो माता-पिता से जब हम बड़े बड़े हो जाते तो माता-पिता बड़े हो जाते और माता-पिता को नफरत करते हो गए लेकिन कुछ लोग जो उनकी जिम्मेदारी उठाते हैं उनको पता नहीं है उनका क्या हुआ उनके ही पैरों में आते आते हो तब उन्होंने अपने माता-पिता के साथ सही नहीं किया बहुत गलत किया है कि उनके बच्चे उनके साथ बातचीत कर रहे होते सिंपल चीजें अगर माता-पिता को रखा होता नफरत ना की होती आपके बच्चे ना करते प्यार से रखते लेकिन बच्चे उपर ही देखते हैं बड़ों का रूम अनुकरण करते हैं मुझे तो अच्छा लगता है बस वह किस्मत की बात है अच्छे कर्म के होते हैं तो बुढ़ापे में दिक्कत नहीं होती

fool kabhi dobara nahi khilate janam kabhi dobara nahi milte milte hai log hazaro magar hazaro galtiya maaf karne waale mata pita nahi wah kya baat hai yadi yah satya hai toh mata pita se jab hum bade bade ho jaate toh mata pita bade ho jaate aur mata pita ko nafrat karte ho gaye lekin kuch log jo unki jimmedari uthate hain unko pata nahi hai unka kya hua unke hi pairon mein aate aate ho tab unhone apne mata pita ke saath sahi nahi kiya bahut galat kiya hai ki unke bacche unke saath batchit kar rahe hote simple cheezen agar mata pita ko rakha hota nafrat na ki hoti aapke bacche na karte pyar se rakhte lekin bacche upar hi dekhte hain badon ka room anukaran karte hain mujhe toh accha lagta hai bus vaah kismat ki baat hai acche karm ke hote hain toh budhape mein dikkat nahi hoti

फूल कभी दोबारा नहीं खिलते जन्म कभी दोबारा नहीं मिलते मिलते है लोग हजारों मगर हजारों गलतिया

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

1:55
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विक्की हमारी जो माता-पिता होते हैं वह हमारे लिए बहुत सारे सैक्रिफाइस करते हैं हमारे लिए बहुत मेहनत करते हैं हम बहुत सारी फैसिलिटी बहुत सारा प्यार देती है लेकिन फिर भी अगर आप कहेंगे कि कुछ लोग जो हैं वह अपने माता-पिता से नफरत करते हैं तो पहली बात तो यह कि यह बहुत दुखद बात है लेकिन हर माता-पिता अपने बच्चों को जो है इमोशनल सपोर्ट नहीं कर पाते प्यार नहीं कर पाते बहुत बार बार माता-पिता जो है अपने बच्चों को छोड़ भी देते हैं कई बार उन्हें खुद नहीं पता चलता लेकिन सरकमस्टेंसस के रहते वह अपने बच्चों पर बहुत क्रोध करते हैं उन्हें बहुत मारते हैं तो कई बार ऐसी भावनाएं जो है वह उत्पन्न हो जाती हैं जैसे जब आप कह रहे हैं क्यों नहीं नफरत जो है महसूस होती अपने माता-पिता के आगे के बारे इसके अलावा यह भी है कि बहुत बात जो हम हमारे अंदर उनके प्रति शिकायतें होती हैं वह भी जब हम एक्सप्रेस नहीं कर पाते उन्हें बता नहीं पाते तो ऐसा होता है कि नफरत की भावनाएं जागरूक हो जाती है इसके लिए बहुत जरूरी है कि सामान्य से भी थाना आपस में बात करना क्योंकि बहुत बार ऐसा भी होता है कि मां बाप कहते हैं कि हम आपसे बड़े हैं आप हमें कुछ गलत नहीं बोल सकते हम कुछ गलत सुनेंगे नहीं तो रिश्ते बहुत जरूरी है इस रिश्ते में माता-पिता के साथ रिश्ते में लेकिन अगर उनसे माता-पिता से कोई गलती हो ही जाती है तो उनको सुनना उसे समझना और से एक्सेप्ट करना जो है बहुत जरूरी होता है ताकि जो रिश्ता है वह अच्छा बना रहे

vicky hamari jo mata pita hote hain vaah hamare liye bahut saare sacrifice karte hain hamare liye bahut mehnat karte hain hum bahut saree facility bahut saara pyar deti hai lekin phir bhi agar aap kahenge ki kuch log jo hain vaah apne mata pita se nafrat karte hain toh pehli baat toh yah ki yah bahut dukhad baat hai lekin har mata pita apne baccho ko jo hai emotional support nahi kar paate pyar nahi kar paate bahut baar baar mata pita jo hai apne baccho ko chod bhi dete hain kai baar unhe khud nahi pata chalta lekin sarakamastensas ke rehte vaah apne baccho par bahut krodh karte hain unhe bahut marte hain toh kai baar aisi bhaavnaye jo hai vaah utpann ho jaati hain jaise jab aap keh rahe hain kyon nahi nafrat jo hai mehsus hoti apne mata pita ke aage ke bare iske alava yah bhi hai ki bahut baat jo hum hamare andar unke prati shikayaten hoti hain vaah bhi jab hum express nahi kar paate unhe bata nahi paate toh aisa hota hai ki nafrat ki bhaavnaye jagruk ho jaati hai iske liye bahut zaroori hai ki samanya se bhi thana aapas mein baat karna kyonki bahut baar aisa bhi hota hai ki maa baap kehte hain ki hum aapse bade hain aap hamein kuch galat nahi bol sakte hum kuch galat sunenge nahi toh rishte bahut zaroori hai is rishte mein mata pita ke saath rishte mein lekin agar unse mata pita se koi galti ho hi jaati hai toh unko sunana use samajhna aur se except karna jo hai bahut zaroori hota hai taki jo rishta hai vaah accha bana rahe

विक्की हमारी जो माता-पिता होते हैं वह हमारे लिए बहुत सारे सैक्रिफाइस करते हैं हमारे लिए बह

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Priyanka Raghav Teacher

Teacher - Hindi / Social Science

2:24
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो दोस्तों मैं के माता-पिता से हर कोई नफरत नहीं करता ही अपने अपने दिमाग की सोच है कि कोई क्या सोचता है और कोई क्या सोचता है हर बच्चा एक जैसा नहीं होता अपने माता-पिता से नफरत करें कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जो सरवन कुमार की तरह है श्रवण कुमार की कथा तो सुनी होगी जिन्होंने अपने अंधे माता पिता की जिन राज सेवा की थी और अपने पत्नी के कुछ कहने पर ही उन्होंने अपने माता-पिता को ले जाकर घर चले गए थे अगर को छोड़ दिया था ऐसे भी हैं जो अपने माता पिता से बहुत प्यार करते हैं और अपने माता-पिता के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो अपने माता-पिता की अहमियत को नहीं समझते हैं लेकिन वह सहमत को तक समझते हैं जो उनके ही बच्चे उनके साथ ऐसा करते हैं और ज्यादातर जो अपने मां-बाप से नफरत करते हैं उसका एक कारण यह भी है कुछ तो लोग समझते नहीं माइंड का अपने अपने दिमाग का खेल है और कुछ इस वजह से भी होता है कि बच्चे जैसा दिखते हैं वैसा बढ़ते हैं मनोगत 1 बच्चे हैं छोटे और उनके मां-बाप उनके दादी दादा के साथ बहुत ज्यादा बुरा व्यवहार कर रहे हैं वह बच्चों की जो माइंड पर ना बहुत ज्यादा बुरा असर पड़ता है वह देखते रहते हैं कि उनकी दाई दादा के साथ हमारे माता-पिता कैसा व्यवहार कर रहे हैं और उनके माइंड में इस तरह से गिरकर जाता है कि वह भी बड़े होकर उसी तरह से भी अपने माता-पिता के साथ करने लगते हैं लेकिन वह यह नहीं समझ पाते कि यह गलत है या सही है बस यह है कि जो मां बाप ने किया वह सही है और बस वह भी यही करने लगते हैं वह नहीं समझ पाते कि यह गलत है तो यह जो भी कुछ होता है कुछ तो मां-बाप की वजह से होता है कि हम जैसा व्यवहार करते हैं हमारे बच्चे बच्चे वैसा ही से अगर हम अपने बड़े बूढ़ों की लोगों की सेवा करें उनका ध्यान रखें और उनसे प्यार से वीर करें अपने बच्चों के सामने तुम्हारे बच्चे भी हमारे साथ वैसा ही वेट करेंगे अगर हम अपने बच्चों के सामने अपने माता-पिता पर छोटी-छोटी बातों पर चलाएंगे चलाएंगे बढ़ाने लगेंगे लिखने का काम नहीं करेंगे काम करेंगे तो 10 बार सुना देंगे तो हमारे बच्चे भी वही देखते हैं और वही सीखते हैं तो हमारे बच्चों का व्यवहार भी वैसा ही होता है इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे आपकी सेवा करें आपका ध्यान रखें और आप से नफरत ना करें तो पहले आप अपने मां-बाप की अपने बड़ों की बड़ों की इज्जत कीजिए उनका सम्मान कीजिए तो आपके बच्चे भी आपका सम्मान करेंगे धन्यवाद

hello doston main ke mata pita se har koi nafrat nahi karta hi apne apne dimag ki soch hai ki koi kya sochta hai aur koi kya sochta hai har baccha ek jaisa nahi hota apne mata pita se nafrat kare kuch bacche aise bhi hain jo sarvan kumar ki tarah hai shravan kumar ki katha toh suni hogi jinhone apne andhe mata pita ki jin raj seva ki thi aur apne patni ke kuch kehne par hi unhone apne mata pita ko le jaakar ghar chale gaye the agar ko chod diya tha aise bhi hain jo apne mata pita se bahut pyar karte hain aur apne mata pita ke liye kuch bhi karne ke liye taiyar hain lekin kuch log aise hain jo apne mata pita ki ahamiyat ko nahi samajhte hain lekin vaah sahmat ko tak samajhte hain jo unke hi bacche unke saath aisa karte hain aur jyadatar jo apne maa baap se nafrat karte hain uska ek karan yah bhi hai kuch toh log samajhte nahi mind ka apne apne dimag ka khel hai aur kuch is wajah se bhi hota hai ki bacche jaisa dikhte hain waisa badhte hain manogat 1 bacche hain chote aur unke maa baap unke dadi dada ke saath bahut zyada bura vyavhar kar rahe hain vaah baccho ki jo mind par na bahut zyada bura asar padta hai vaah dekhte rehte hain ki unki dai dada ke saath hamare mata pita kaisa vyavhar kar rahe hain aur unke mind mein is tarah se girkar jata hai ki vaah bhi bade hokar usi tarah se bhi apne mata pita ke saath karne lagte hain lekin vaah yah nahi samajh paate ki yah galat hai ya sahi hai bus yah hai ki jo maa baap ne kiya vaah sahi hai aur bus vaah bhi yahi karne lagte hain vaah nahi samajh paate ki yah galat hai toh yah jo bhi kuch hota hai kuch toh maa baap ki wajah se hota hai ki hum jaisa vyavhar karte hain hamare bacche bacche waisa hi se agar hum apne bade boodhon ki logo ki seva kare unka dhyan rakhen aur unse pyar se veer kare apne baccho ke saamne tumhare bacche bhi hamare saath waisa hi wait karenge agar hum apne baccho ke saamne apne mata pita par choti choti baaton par chalayenge chalayenge badhane lagenge likhne ka kaam nahi karenge kaam karenge toh 10 baar suna denge toh hamare bacche bhi wahi dekhte hain aur wahi sikhate hain toh hamare baccho ka vyavhar bhi waisa hi hota hai isliye agar aap chahte hain ki aapke bacche aapki seva kare aapka dhyan rakhen aur aap se nafrat na kare toh pehle aap apne maa baap ki apne badon ki badon ki izzat kijiye unka sammaan kijiye toh aapke bacche bhi aapka sammaan karenge dhanyavad

हेलो दोस्तों मैं के माता-पिता से हर कोई नफरत नहीं करता ही अपने अपने दिमाग की सोच है कि कोई

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