झूठ मत बोल कर सत्य को हराना चाहिए या सत्य बोलकर झूठ को समर्पित करना चाहिए?...


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Shubham Saini

Software Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

झूठ बोलकर झूठ मत बोल कर आना चाहिए सच बोलकर झूठ को समर्पित करना चाहिए कड़वा होता है तकलीफ देती है पर सच तो यही है ना कि सच हकीकत में बहुत ताकतवर होता है जो आपको हर एक बुरी शक्तियों से भी बचाता है याद रखना

jhuth bolkar jhuth mat bol kar aana chahiye sach bolkar jhuth ko samarpit karna chahiye kadwa hota hai takleef deti hai par sach toh yahi hai na ki sach haqiqat me bahut takatwar hota hai jo aapko har ek buri shaktiyon se bhi bachata hai yaad rakhna

झूठ बोलकर झूठ मत बोल कर आना चाहिए सच बोलकर झूठ को समर्पित करना चाहिए कड़वा होता है तकलीफ द

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न झूठ मत बोल कर सकते हो वरना चाहिए या सच बोलकर झूठ को समर्पित करना चाहिए आप कुछ भी करें आपके दोनों बातों को सत्य बोलना चाहिए सत्य का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए सत्य में बहुत दम होती है देखी लेकिन सत्य बोले आप भी बोले लेकिन अब यह सत्य कभी ना लिखे संस्कृत में भी कहा गया हमारे प्राचीन मनीषियों ने प्राचीन विद्वानों ने कहा है सत्यम ब्रूयात प्रियं ब्रूयात न ब्रूयात सत्यम सत्य बोले मीठा बोले मीठा सत्य कड़वा सत्य कभी न भूलें क्योंकि कड़वा सत्य बोलने से कोई उसकी कदर नहीं करता है आपके संबंध सबसे खराब हो जाएगी जिससे भी आप कर कड़वा सत्य बोलेंगे तो कड़वा सच सुनने के लिए किसी के पास हिम्मत नहीं होती है कड़वा सत्य विषैले बाण के समान लगता है इसलिए आप ही बोले सबसे मुल्ले प्रिय सत्य बोलें लेकिन अप्रिय कड़वा सत्य कभी नही मैं आपको राय दूंगा

aapka prashna jhuth mat bol kar sakte ho varna chahiye ya sach bolkar jhuth ko samarpit karna chahiye aap kuch bhi kare aapke dono baaton ko satya bolna chahiye satya ka saath kabhi nahi chhodna chahiye satya me bahut dum hoti hai dekhi lekin satya bole aap bhi bole lekin ab yah satya kabhi na likhe sanskrit me bhi kaha gaya hamare prachin manishiyon ne prachin vidvaano ne kaha hai satyam bruyat priyan bruyat na bruyat satyam satya bole meetha bole meetha satya kadwa satya kabhi na bhoolein kyonki kadwa satya bolne se koi uski kadar nahi karta hai aapke sambandh sabse kharab ho jayegi jisse bhi aap kar kadwa satya bolenge toh kadwa sach sunne ke liye kisi ke paas himmat nahi hoti hai kadwa satya vishaile baan ke saman lagta hai isliye aap hi bole sabse mulle priya satya bolen lekin apriya kadwa satya kabhi nahi main aapko rai dunga

आपका प्रश्न झूठ मत बोल कर सकते हो वरना चाहिए या सच बोलकर झूठ को समर्पित करना चाहिए आप कुछ

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Amit vishwakarma

Psychologist

0:48

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह परिस्थिति पर डिपेंड करता है कि कौन सा सच कब हमें और किस अवस्था में बोलना चाहिए कभी-कभी हमारे सच बोलने की वजह से कोई शख्स जो वास्तव में जो दुनिया के सामने उजागर होना चाहिए वह हमारे झूठ बोलने की वजह से ही उजागर हो रहा है तो हमें कर देना चाहिए उस समय भी झूठ बोलना उचित होगा कभी-कभी ऐसा भी होता है कि जहां से अच्छा पानी की जरूरत होती है तो ऑलरेडी सच जीत रहा है वास्तव में कुछ ऐसा अकल्पित हो रहा है जो कि हमारी झूठ बोलने से हमें अपने नियम ताक में रखकर समाज के हित में ऐसा झूठ बोलना पड़ेगा या अपनों के लिए भी ऐसा झूठ बोलना पड़ेगा बहुत ही आवश्यक हो जाता है

yah paristhiti par depend karta hai ki kaun sa sach kab hamein aur kis avastha me bolna chahiye kabhi kabhi hamare sach bolne ki wajah se koi sakhs jo vaastav me jo duniya ke saamne ujagar hona chahiye vaah hamare jhuth bolne ki wajah se hi ujagar ho raha hai toh hamein kar dena chahiye us samay bhi jhuth bolna uchit hoga kabhi kabhi aisa bhi hota hai ki jaha se accha paani ki zarurat hoti hai toh already sach jeet raha hai vaastav me kuch aisa akalpit ho raha hai jo ki hamari jhuth bolne se hamein apne niyam tak me rakhakar samaj ke hit me aisa jhuth bolna padega ya apnon ke liye bhi aisa jhuth bolna padega bahut hi aavashyak ho jata hai

यह परिस्थिति पर डिपेंड करता है कि कौन सा सच कब हमें और किस अवस्था में बोलना चाहिए कभी-कभी

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