क्या आप ऐसे उदाहरण दे सकते हैं जहाँ कोई चीज़ पहले अच्छी लगती है पर बाद में बहुत प्रॉब्लम देती है?...


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bhaand's Theatre and Acting Classes

Acting And drama Coach Casting director Drama Director

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि आप ऐसे उदाहरण दे सकते हैं जहां कोई चीज पहले अच्छी लगती हैं पर बाद में बहुत प्रॉब्लम देती ऐसे कई सारे उदाहरण है जिसे जिसे हम कोई गवर्नमेंट चुनते हैं और पहले तू उनके बाद में बहुत अच्छे लगते हैं बहुत सिंपल से लगते हैं और और भी कहीं ऐसे उदाहरण है जैसे आपको कोई काम अच्छा लगता हो जैसे इंटरेस्टिंग काम लगता हो

aapka sawaal hai ki aap aise udaharan de sakte hain jaha koi cheez pehle achi lagti hain par baad me bahut problem deti aise kai saare udaharan hai jise jise hum koi government chunte hain aur pehle tu unke baad me bahut acche lagte hain bahut simple se lagte hain aur aur bhi kahin aise udaharan hai jaise aapko koi kaam accha lagta ho jaise interesting kaam lagta ho

आपका सवाल है कि आप ऐसे उदाहरण दे सकते हैं जहां कोई चीज पहले अच्छी लगती हैं पर बाद में बहुत

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Santosh Singh indrwar

Business Consultant & Life Couch

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपकी गर्लफ्रेंड जो आपको शुरुआत में बहुत अच्छी लगती है और 770 बल्कि 80 परसेंट मायनों में देखा जाता है जो आगे चलकर आपको बड़ा प्रॉब्लम दीजिए अगर आप मुझ को छोड़कर दूसरे के चक्कर में पड़े तो सौ परसेंट भी प्रॉब्लम दे सकती

aapki girlfriend jo aapko shuruat me bahut achi lagti hai aur 770 balki 80 percent maayano me dekha jata hai jo aage chalkar aapko bada problem dijiye agar aap mujhse ko chhodkar dusre ke chakkar me pade toh sau percent bhi problem de sakti

आपकी गर्लफ्रेंड जो आपको शुरुआत में बहुत अच्छी लगती है और 770 बल्कि 80 परसेंट मायनों में दे

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Vikas Singh

Political Analyst

2:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है क्या आप ऐसे उदाहरण दे सकते हैं जहां कोई चीज पहले अच्छी लगती है पर बाद में बहुत प्रॉब्लम देती है व्यक्ति जब किसी नए जगह पर जाता है तो उसे शुरू में बहुत अच्छा लगता है और वह बहुत प्रशंसा करता है और कहता है कि मेरा जिस कॉलेज में एडमिशन हुआ है यहां का हॉस्टल बहुत अच्छा है और बहुत मजा आ रहा है बहुत खुश रहता है लेकिन एक 2semester बीतने के बाद वह कहता है कि अरे बेकार कॉलेज है हॉस्टल की व्यवस्था अच्छी नहीं है जब व्यक्ति अपनी किसी गर्लफ्रेंड से बात करता है शुरू में तू कॉल गर्ल फ्रेंड भी उस व्यक्ति में इंटरेस्ट लेती है और वह व्यक्ति भी गर्लफ्रेंड में खूब इंटरेस्ट लेता है लेकिन साल 2 साल 3 साल बीत जाने के बाद फिर जब मन भर जाता है तो उनमें से कोई एक दूरी बनाने का प्रयास करने लगता है उसे प्रॉब्लम होने लगती है अगर आप पनीर दिल्ली खाओगे तो आपका मन हो जाएगा पहले दिन खाओगे तो अरे पनीर की सब्जी है और बहुत मस्त बनी है दूसरे दिन भी खाओगे तीन-चार दिन लगातार खाओगे तो मन हो जाएगा कौन यार पनीर बहुत बेकार लगता है यानी यह इंसान के स्वभाव का गुण होता है कि शुरू में उसे कोई चीज बहुत अच्छा लगता है बाद में उसे बहुत खराब लगने लगता है जैसे आप किसी कंपनी में नौकरी कर रहे हो अब कंपनी आपको खराब लगने लगेगी कंपनी का पॉलिसी अच्छा नहीं है बेकार है यह है वह है शुरू में साल 20 साल अपने काम किया और सब अच्छा लगा था अब बेकार लगने लगा तो हर व्यक्ति परेशान है इस समस्या से जब ज्यादा दिन वहां रहने लगता है या उस चीज को खाने लगता है या किसी व्यक्ति से ज्यादा बार बात करने लगता है तो उसका मन ऊब जाता है और एक जाता है तो उसके दिमाग में नेगेटिव ही आती है जिससे वह कहता है कि बहुत दिक्कत हो रही है प्रॉब्लम हो रही है धन्यवाद

aapka sawaal hai kya aap aise udaharan de sakte hain jaha koi cheez pehle achi lagti hai par baad me bahut problem deti hai vyakti jab kisi naye jagah par jata hai toh use shuru me bahut accha lagta hai aur vaah bahut prashansa karta hai aur kahata hai ki mera jis college me admission hua hai yahan ka hostel bahut accha hai aur bahut maza aa raha hai bahut khush rehta hai lekin ek 2semester beetane ke baad vaah kahata hai ki are bekar college hai hostel ki vyavastha achi nahi hai jab vyakti apni kisi girlfriend se baat karta hai shuru me tu call girl friend bhi us vyakti me interest leti hai aur vaah vyakti bhi girlfriend me khoob interest leta hai lekin saal 2 saal 3 saal beet jaane ke baad phir jab man bhar jata hai toh unmen se koi ek doori banane ka prayas karne lagta hai use problem hone lagti hai agar aap paneer delhi khaoge toh aapka man ho jaega pehle din khaoge toh are paneer ki sabzi hai aur bahut mast bani hai dusre din bhi khaoge teen char din lagatar khaoge toh man ho jaega kaun yaar paneer bahut bekar lagta hai yani yah insaan ke swabhav ka gun hota hai ki shuru me use koi cheez bahut accha lagta hai baad me use bahut kharab lagne lagta hai jaise aap kisi company me naukri kar rahe ho ab company aapko kharab lagne lagegi company ka policy accha nahi hai bekar hai yah hai vaah hai shuru me saal 20 saal apne kaam kiya aur sab accha laga tha ab bekar lagne laga toh har vyakti pareshan hai is samasya se jab zyada din wahan rehne lagta hai ya us cheez ko khane lagta hai ya kisi vyakti se zyada baar baat karne lagta hai toh uska man ub jata hai aur ek jata hai toh uske dimag me Negative hi aati hai jisse vaah kahata hai ki bahut dikkat ho rahi hai problem ho rahi hai dhanyavad

आपका सवाल है क्या आप ऐसे उदाहरण दे सकते हैं जहां कोई चीज पहले अच्छी लगती है पर बाद में बहु

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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राम जी की आपका प्यार में बच्चों को इतना बेकार लेते हैं उनकी हर फरमाइश पूरी करते हर जिद पूरी करते हैं बचपन में बहुत अच्छे अच्छे संस्कार उसको नहीं दिए अगर वो संस्कारवान नहीं बनाया कुछ पढ़ लिखकर कुछ नहीं बना अपने पैरों पर नहीं खड़ा हुआ इतनी प्रॉब्लम होती है कि उसकी प्रॉब्लम की कल्पना करना मुश्किल है क्योंकि मैं तो देख चुकी हूं लोगों को कुछ लोगों को इसलिए बच्चों को संस्कार दें जो आगे चलकर उनके काम है और वह अपने पैरों पर खड़े होने पर बूझना बुढ़ापा काटना बहुत मुश्किल होता उनका गर्भपात अच्छा नहीं है उनकी अगर खराब आते पड़ गई यह बहुत ऐसे ही काफी चीजें हैं अपन सोचने किसी से कुछ नहीं कहा बोलने के पहले ऐसे सोच से संकोच करते कि नहीं तो ठीक है ठीक है ठीक है और आज जब वह घर में घुसने लगता है चलो ठीक है और उसकी आंख से अच्छी नहीं है लेकिन आप उससे इतनी प्रॉब्लम हो जाती है कि पहले से रोके उसको उस समय रहते जो आप समझ सकते हैं उनको रोक है इसके बाद में वह प्रॉब्लम खड़ी ना हो आपका देशों

ram ji ki aapka pyar me baccho ko itna bekar lete hain unki har faramaish puri karte har jid puri karte hain bachpan me bahut acche acche sanskar usko nahi diye agar vo sanskarvan nahi banaya kuch padh likhkar kuch nahi bana apne pairon par nahi khada hua itni problem hoti hai ki uski problem ki kalpana karna mushkil hai kyonki main toh dekh chuki hoon logo ko kuch logo ko isliye baccho ko sanskar de jo aage chalkar unke kaam hai aur vaah apne pairon par khade hone par bujhna budhapa kaatna bahut mushkil hota unka garbhpaat accha nahi hai unki agar kharab aate pad gayi yah bahut aise hi kaafi cheezen hain apan sochne kisi se kuch nahi kaha bolne ke pehle aise soch se sankoch karte ki nahi toh theek hai theek hai theek hai aur aaj jab vaah ghar me ghusne lagta hai chalo theek hai aur uski aankh se achi nahi hai lekin aap usse itni problem ho jaati hai ki pehle se roke usko us samay rehte jo aap samajh sakte hain unko rok hai iske baad me vaah problem khadi na ho aapka deshon

राम जी की आपका प्यार में बच्चों को इतना बेकार लेते हैं उनकी हर फरमाइश पूरी करते हर जिद पूर

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:33
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क्या पैसे उधार दे सकते ना कोई चीज पहले अच्छी लगती है बाद में परीक्षा नहीं सकती है आधी जिंदगी क्या देते हैं जिंदगी की सोच जिंदगी के फैसले मनमानी निर्णय लापरवाही इंसान की क्रियाएं 2 घंटे से मैं बहुत अच्छी लगती हैं लेकिन बाद में बहुत तकलीफ दी होती यह चीजें नहीं है यह जिंदगी का कटु सत्य है एक नहीं अनेक उदाहरण जब किसी समय अवसर आते हैं और इंसान किसी गलतफहमी के कारण गलत सोच के कारण गलत आदतों के कारण जब इंसान कोई गलत ले ले लेता है तो क्या होता है उस समय वह सोचता है कि वह जो कर रहा है सही करता है जो साल 3 साल 5 साल बाद उसे लगता है जो उसने बहुत गलती थी क्योंकि के गलत फैसले प्रॉब्लम खड़ी करते हैं क्योंकि सही समय पर लिया था उतना ही सही

kya paise udhaar de sakte na koi cheez pehle achi lagti hai baad me pariksha nahi sakti hai aadhi zindagi kya dete hain zindagi ki soch zindagi ke faisle manmani nirnay laparwahi insaan ki kriyaen 2 ghante se main bahut achi lagti hain lekin baad me bahut takleef di hoti yah cheezen nahi hai yah zindagi ka katu satya hai ek nahi anek udaharan jab kisi samay avsar aate hain aur insaan kisi galatfahamee ke karan galat soch ke karan galat aadaton ke karan jab insaan koi galat le le leta hai toh kya hota hai us samay vaah sochta hai ki vaah jo kar raha hai sahi karta hai jo saal 3 saal 5 saal baad use lagta hai jo usne bahut galti thi kyonki ke galat faisle problem khadi karte hain kyonki sahi samay par liya tha utana hi sahi

क्या पैसे उधार दे सकते ना कोई चीज पहले अच्छी लगती है बाद में परीक्षा नहीं सकती है आधी जिंद

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Bhavin J. Shah

Life Coach

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एडिक्शन यानी कि व्यसन हो दारू का हो तंबाकू का हो या सिगरेट का हो एवं सोशल मीडिया का हो व्हाट्सएप का हो फेसबुक का हो ट्विटर का कोई भी चीज का जब जैसन लग जाता है जिसको कहते हैं हम अति अति यानी एक्सेसिव हो जाता है तब कोई भी चीज आप देखना शुरू अपने बहुत अच्छा लगता है लेकिन आगे जाकर वह बहुत दिक्कत देता है पहला रसगुल्ला जब खाएंगे तो बहुत अच्छा लगेगा लेकिन वही रसगुल्ला जब पांचवा खाएंगे उसी समय पर तो वह मेरे लिए एक्सरसाइ हो जाएगा तो जीवन में कोई भी चीज हो वह कोई व्यस्त कोई चीज व्यसन चीज का हो कोई काम को लेकर हो कोई रिलेशनशिप को लेकर हो कोई भी चीज में जब भी अच्छी स्तिथि तक पहुंच जाते हैं तब उसमें अपना दम घुटता चाहता है तो हर एक जगह पर डिस्टेंस मेंटेन करना चाहिए हर एक चीज को ट्राई करना है नहीं करना है वह अपने निजी मामला है लेकिन उसको लेकर अति में कभी नहीं जाना है यह सब उदाहरण थे आई होप मैंने योगी आंसर दिया होंगे थैंक यू

addiction yani ki vyasan ho daaru ka ho tambaku ka ho ya cigarette ka ho evam social media ka ho whatsapp ka ho facebook ka ho twitter ka koi bhi cheez ka jab jaisan lag jata hai jisko kehte hain hum ati ati yani eksesiv ho jata hai tab koi bhi cheez aap dekhna shuru apne bahut accha lagta hai lekin aage jaakar vaah bahut dikkat deta hai pehla rasgulla jab khayenge toh bahut accha lagega lekin wahi rasgulla jab panchava khayenge usi samay par toh vaah mere liye eksarasai ho jaega toh jeevan mein koi bhi cheez ho vaah koi vyast koi cheez vyasan cheez ka ho koi kaam ko lekar ho koi Relationship ko lekar ho koi bhi cheez mein jab bhi achi stithi tak pohch jaate hain tab usme apna dum ghutta chahta hai toh har ek jagah par distance maintain karna chahiye har ek cheez ko try karna hai nahi karna hai vaah apne niji maamla hai lekin usko lekar ati mein kabhi nahi jana hai yah sab udaharan the I hope maine yogi answer diya honge thank you

एडिक्शन यानी कि व्यसन हो दारू का हो तंबाकू का हो या सिगरेट का हो एवं सोशल मीडिया का हो व्ह

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

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जिस चीज में लोगों की रुचि कम होते जाती है वह चीज अच्छी नहीं होती है शुरू शुरू में नया चीज हर चीज अच्छी लगती है बाद में बाद में दे देना जैसे यदि कोई व्यक्ति सच्चे मन से पढ़ाई करे तो उसका लक्ष्य प्राप्त हो सकता है जब वह सफल होने लगता है तो अपने आप को दोष देने के बाद दूसरे को दोष देने लगता है जबकि और सफलता का खुद कारण होता है लेकिन यदि इंसान मेहनत करे परेशान करे तो जीवन में सफलता हासिल कर सकता है

jis cheez mein logo ki ruchi kam hote jaati hai vaah cheez achi nahi hoti hai shuru shuru mein naya cheez har cheez achi lagti hai baad mein baad mein de dena jaise yadi koi vyakti sacche man se padhai kare toh uska lakshya prapt ho sakta hai jab vaah safal hone lagta hai toh apne aap ko dosh dene ke baad dusre ko dosh dene lagta hai jabki aur safalta ka khud karan hota hai lekin yadi insaan mehnat kare pareshan kare toh jeevan mein safalta hasil kar sakta hai

जिस चीज में लोगों की रुचि कम होते जाती है वह चीज अच्छी नहीं होती है शुरू शुरू में नया चीज

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Nakul✨

Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

व्हेयर आईएस मैन एक्जाम पेटर्न के बाद शादी फ्रेंड 3050 सोशल मीडिया के हमें लगता है कि स्टडी ऑफ साड़ी बहुत अच्छी होगी और वी कैन डू इट लेकिन उसके बाद जब हमें पता चलता है कि वह चीज चिली तहसील दिखा हमें कुछ और करना चाहिए था खुद के सोच कर खुद से रिसर्च करके तो ऐसी बहुत सारी चीजें फॉर एग्जांपल अभी मेरे दिमाग में नहीं चलता रहता है अभी नहीं आ रहा है चाल चाल चाल चाल इन दिस इज नॉट कैरेक्टर आई मी नॉट कम इन एनी बडी कैरेक्टर उसकी बात और यहां पर तो हमें पसंद है लेकिन बाद में पता चलता है कि बाद में उसे प्रॉब्लम होती है हमें नहीं समझ आता कि हमने कैसे पसंद कर दिया ऐसे इंसान हो तो एग्जांपल से और हम एक नहीं हो सकते

where ias man exam pattern ke baad shadi friend 3050 social media ke humein lagta hai ki study of saree bahut acchi hogi aur v can do it lekin uske baad jab humein pata chalta hai ki wah cheez Chili tehsil dikha humein kuch aur karna chahiye tha khud ke soch kar khud se research karke toh aisi bahut saree cheezen for example abhi mere dimag mein nahi chalta rehta hai abhi nahi aa raha hai chaal chaal chaal chaal in this is not character I me not kam in any buddy character uski baat aur yahan par toh humein pasand hai lekin baad mein pata chalta hai ki baad mein use problem hoti hai humein nahi samajh aata ki humne kaise pasand kar diya aise insaan ho toh example se aur hum ek nahi ho sakte

व्हेयर आईएस मैन एक्जाम पेटर्न के बाद शादी फ्रेंड 3050 सोशल मीडिया के हमें लगता है कि स्टडी

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Rakesh Kumar Chandra

BE ( Electrical )/ MBA ( Marketing) Electrical Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है क्या पैसे उधार दे सकते हैं जहां कोई चीज पहले अच्छी लगती है बाद में बहुत प्रॉब्लम थी हम समझ रहे हैं आपका इशारा कि आप कहां लेकर जा रहे हैं देखिए ऐसी बहुत सारी चीजें बहुत अच्छी लगे बाद में प्रॉब्लम दें और ऐसा भी नहीं होता है यह सिर्फ और सिर्फ हमारे मन का एक विचार होता है एक मंकी जो अचेतन भावना होती है वह जाग जाती है और यह कहती है कि नहीं यह ऐसा है जब हम किसी चीज पर पहले भरोसा करते हैं और फिर वह भरोसा किसी तरीके से चाहे तो सामने वाले की शक्तियों की वजह से या फिर आपके मन में अविश्वास की वजह से यह आपके अंदर इसी कमजोरी के कारण सामने वाले से इस बात की उम्मीद कर लेना कि वह गलत है तो इस तरीके की जो समस्याएं लाइफ में आती है तो वह प्रॉब्लम देना शुरु कर देती है और नो प्रॉब्लम पड़ जाती है जैसे कि जो सबसे अच्छा सा की गुहार हैं जैसे कि बहुत ज्यादा आतिफ असलम बारिश का लव मैरिज में जब लव में इंसान पड़ता है तो शुरू में उसे सारी चीजें पॉजिटिव पॉजिटिव पॉजिटिव लगती है और वह वाला चला जाता है लेकिन जब एक सीमा तक होता है उसके बाद शादी होती है तो उसे लव मैरिज शादी कहा जाता है लेकिन जब बहुत दिन तक हम देखते हैं तो उसके बाद पता चलता है यह हमें जो चीज सच में हमें चाहिए अभी तो धीरे-धीरे बुराइयों में कन्वर्ट होने लग जाती है फिर उसकी हर बात हर चीज होती है प्रॉब्लम देना शुरू हो जाती है जो कि आप पूछना चाह रहे हैं आप यही जा रहे हैं तो यह बातें हैं लेकिन मैं यही कहूंगा कि इस तरीके की बातें ना करें जब आपने इस तरीके से लव मैरिज कर के साथ में आए हैं तो उसे आगे बढ़े और जो अविश्वास का माहौल पैदा हो गया है उसे ना होने पर एक दूसरे पर भरोसा करें विश्वास करते कुछ गलतफहमी है तो उसमें आपस में शेयर करके उसको कम करने की सोचें और लाइट को सफल तरीके से आगे बढ़ाने का काम करें

aapka prashna hai kya paise udhaar de sakte hain jaha koi cheez pehle achi lagti hai baad me bahut problem thi hum samajh rahe hain aapka ishara ki aap kaha lekar ja rahe hain dekhiye aisi bahut saari cheezen bahut achi lage baad me problem de aur aisa bhi nahi hota hai yah sirf aur sirf hamare man ka ek vichar hota hai ek monkey jo achetan bhavna hoti hai vaah jag jaati hai aur yah kehti hai ki nahi yah aisa hai jab hum kisi cheez par pehle bharosa karte hain aur phir vaah bharosa kisi tarike se chahen toh saamne waale ki shaktiyon ki wajah se ya phir aapke man me avishvaas ki wajah se yah aapke andar isi kamzori ke karan saamne waale se is baat ki ummid kar lena ki vaah galat hai toh is tarike ki jo samasyaen life me aati hai toh vaah problem dena shuru kar deti hai aur no problem pad jaati hai jaise ki jo sabse accha sa ki guhar hain jaise ki bahut zyada atif aslam barish ka love marriage me jab love me insaan padta hai toh shuru me use saari cheezen positive positive positive lagti hai aur vaah vala chala jata hai lekin jab ek seema tak hota hai uske baad shaadi hoti hai toh use love marriage shaadi kaha jata hai lekin jab bahut din tak hum dekhte hain toh uske baad pata chalta hai yah hamein jo cheez sach me hamein chahiye abhi toh dhire dhire buraiyon me convert hone lag jaati hai phir uski har baat har cheez hoti hai problem dena shuru ho jaati hai jo ki aap poochna chah rahe hain aap yahi ja rahe hain toh yah batein hain lekin main yahi kahunga ki is tarike ki batein na kare jab aapne is tarike se love marriage kar ke saath me aaye hain toh use aage badhe aur jo avishvaas ka maahaul paida ho gaya hai use na hone par ek dusre par bharosa kare vishwas karte kuch galatfahamee hai toh usme aapas me share karke usko kam karne ki sochen aur light ko safal tarike se aage badhane ka kaam kare

आपका प्रश्न है क्या पैसे उधार दे सकते हैं जहां कोई चीज पहले अच्छी लगती है बाद में बहुत प्र

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क्या आप ऐसे उदाहरण दे सकते हैं जहां कोई चीज पहले अच्छी लगती है पर बाद में बहुत प्रॉब्लम देती है तो वह यह चीजें प्यार प्यार में पहला बार पहले हम देखते हैं या पहले करते तो हमें बहुत अच्छी लगती है बहुत खुशियां मिलती है यहां तक कि हमें सातवें आसमान पर पहुंच जाते हैं खुशियां तुम्हारे हम साथ में आसमान पर पहुंचा क्या फिर वही जवाब टूटते हैं या मैं थोड़ा यात्रा तो वही चीज फिर हमें दिक्कत देती है हमें प्रॉब्लम बेतिया में तकलीफ देती अंदर दे देती है तो यही एक चीज है जो हमें पहले खुशियां देती है और बाद में प्रॉब्लम देती है धन्यवाद

kya aap aise udaharan de sakte hain jaha koi cheez pehle achi lagti hai par baad me bahut problem deti hai toh vaah yah cheezen pyar pyar me pehla baar pehle hum dekhte hain ya pehle karte toh hamein bahut achi lagti hai bahut khushiya milti hai yahan tak ki hamein satve aasman par pohch jaate hain khushiya tumhare hum saath me aasman par pohcha kya phir wahi jawab tutate hain ya main thoda yatra toh wahi cheez phir hamein dikkat deti hai hamein problem betiya me takleef deti andar de deti hai toh yahi ek cheez hai jo hamein pehle khushiya deti hai aur baad me problem deti hai dhanyavad

क्या आप ऐसे उदाहरण दे सकते हैं जहां कोई चीज पहले अच्छी लगती है पर बाद में बहुत प्रॉब्लम दे

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Rahul kumar

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हिमाचल मौसम

himachal mausam

हिमाचल मौसम

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कोई सी भी ऐसी आदत जो हमारे करियर को पीछे की तरफ खींचती है हो सकता है वह शुरू में हमें अच्छी लगती हो जैसे कि दोस्तों के साथ समय बिताना इधर-उधर घूमना बहुत ज्यादा मोबाइल चलाना या फिर सोशल नेटवर्किंग पर बहुत एक्टिव रहना शुरु शुरु में तो बहुत अच्छी लगती है लेकिन जैसे ही हमें पता चलता है कि इससे हमारा टाइम वेस्ट हो रहा है और हमारे करियर पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है तो यह चीजें हमें धीरे-धीरे बुरी लगने लगती है और हम समझ जाते हैं कि इन चीजों को एक सही लिमिट में ही अगर हम यूज करें तो यह अच्छा है इसलिए मुझे लगता है कि ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जो शुरू शुरू में तो हमें अच्छी लगती है लेकिन बाद में उनका नुकसान समझने के बाद वह चीजें हमें अच्छी नहीं लगने लगती

koi si bhi aisi aadat jo hamare career ko peeche ki taraf khichti hai ho sakta hai vaah shuru mein hamein achi lagti ho jaise ki doston ke saath samay bitana idhar udhar ghumana bahut zyada mobile chalana ya phir social networking par bahut active rehna shuru shuru mein toh bahut achi lagti hai lekin jaise hi hamein pata chalta hai ki isse hamara time west ho raha hai aur hamare career par iska nakaratmak prabhav pad raha hai toh yah cheezen hamein dhire dhire buri lagne lagti hai aur hum samajh jaate hain ki in chijon ko ek sahi limit mein hi agar hum use kare toh yah accha hai isliye mujhe lagta hai ki aisi bahut saree cheezen hain jo shuru shuru mein toh hamein achi lagti hai lekin baad mein unka nuksan samjhne ke baad vaah cheezen hamein achi nahi lagne lagti

कोई सी भी ऐसी आदत जो हमारे करियर को पीछे की तरफ खींचती है हो सकता है वह शुरू में हमें अच्छ

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