इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए?...


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Pratibha

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

व्यक्ति को हमेशा सोच का दायरा उतना ही विस्तारित करना चाहिए जितना कि वह समझ सके और जिसका संबंध वास्तविकता से बना रहे सोच मैं अति नहीं करनी चाहिए क्योंकि अति सोचना यह सोच का दायरा नहीं हूं तो उसका हमारे जीवन शैली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है हमारे आचार विचार व्यवहार सभी प्रभावित होते हैं और एक दुविधा की स्थिति बनी रहती है व्यक्ति परिणाम तक नहीं पहुंच पाता है कहा भी गया है अति सर्वत्र वर्जित अति तो किसी भी चीज की नहीं होनी चाहिए सोचकर भी नहीं

vyakti ko hamesha soch ka dayara utana hi vistarit karna chahiye jitna ki vaah samajh sake aur jiska sambandh vastavikta se bana rahe soch main ati nahi karni chahiye kyonki ati sochna yah soch ka dayara nahi hoon toh uska hamare jeevan shaili par nakaratmak prabhav padta hai hamare aachar vichar vyavhar sabhi prabhavit hote hain aur ek duvidha ki sthiti bani rehti hai vyakti parinam tak nahi pohch pata hai kaha bhi gaya hai ati sarvatra varjit ati toh kisi bhi cheez ki nahi honi chahiye sochkar bhi nahi

व्यक्ति को हमेशा सोच का दायरा उतना ही विस्तारित करना चाहिए जितना कि वह समझ सके और जिसका सं

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Vijay

Religious Guru

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सोचने की शक्ति कहीं से नहीं मिलती है वह हमारा अनुभव होता है हमारा ज्ञान होता है और जो हमसे बड़े हैं जो हमसे बुजुर्ग हैं उनसे जो हम जान प्राप्त करते हैं उतना ही सोच सकते हैं क्योंकि सोचने का कोई सीमा नहीं होता है और जितना ही आप सोचेंगे सोचेंगे वह तो ठीक है पर हम संसार में सभी कर्म कर रहे हैं पर सबके कर्म फलीभूत नहीं होते हैं और किसी के से कर्म फलीभूत हो जाते हैं आप पूछ रहे हैं आप क्या सोच रहे हैं जरूर तो यह है कि आप किस बारे में सोच रहे हैं है कि नहीं कहते हैं ना कि पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ पंडित भया न कोई अक्षर प्रेम का सो पंडित होय तो इसलिए आप जो सोच रहे हैं सोच क्या सोच रहे हैं इसका विचार करना चाहिए आप कितना भी सोच सकते हैं आपकी इच्छा इन द मिलता है उतना सो सकते हैं जय सियाराम

sochne ki shakti kahin se nahi milti hai vaah hamara anubhav hota hai hamara gyaan hota hai aur jo humse bade hain jo humse bujurg hain unse jo hum jaan prapt karte hain utana hi soch sakte hain kyonki sochne ka koi seema nahi hota hai aur jitna hi aap sochenge sochenge vaah toh theek hai par hum sansar me sabhi karm kar rahe hain par sabke karm falibhut nahi hote hain aur kisi ke se karm falibhut ho jaate hain aap puch rahe hain aap kya soch rahe hain zaroor toh yah hai ki aap kis bare me soch rahe hain hai ki nahi kehte hain na ki pothi padh padh jag muaa pandit bhaya na koi akshar prem ka so pandit hoy toh isliye aap jo soch rahe hain soch kya soch rahe hain iska vichar karna chahiye aap kitna bhi soch sakte hain aapki iccha in the milta hai utana so sakte hain jai siyaram

सोचने की शक्ति कहीं से नहीं मिलती है वह हमारा अनुभव होता है हमारा ज्ञान होता है और जो हमसे

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डीजे आपका प्रश्न है इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए इतनी सोचने की तस्वीर किस दिशा में सोते सोच है कि आप सोचना नहीं चाह रहे हैं वह चल रहा है और बहुत सारी चीजें जो आपके लिए सोचना जरूरी आप सोच नहीं रहे सोच जो होती है यह दो तरह की होती है एक मन आत्मक दूसरी भावात्मक महिंद्र इन सब के ऊपर ही आपका ध्यान समाधि जवाब टेंपरेचर पर हिट के लिए दोनों के हित के भाव से जब कोई विचार करते हो यह बात मत सोचो मन आत्मक सोच नकारात्मक भी होती है तो बात भी होती है भावनात्मक तो जो है यह जो है चिंतन आत्मा होती है फिर तो समझ लीजिए कि जो मन आत्मक सोच होती है नकारात्मक बातें आत्मक भी होगी या तीन तलाक होगी चिंता करेगा यह गलत चीजें सोचेगा गलत दिशा में सोचेगा अथवा भू के बारे में सोचेगा कि तुझे चिंतन आत्मक चिंता ता चिंता करना चिंतन आत्म चिंतन करना जब चिंतन करेगा तो सही तौर पर हित के बारे में सोचेगा यह सोचना कोई बहुत बड़ा बड़ी बात नहीं है सोचने में व्यक्ति का जो प्रभाव होता है गति की दिशा होती है व्यक्ति का चरित्र होता है बिल्कुल अलग होता तभी बात चिंतन कर सकता जिसके पास नहीं है उसके फास्ट इंटरनेट के पास चरित्र उसी के पास चित्र सोचकर बहुत अलग ही आधार है यदि आप चिंतन आत्मक सोचते हो आपका चरित्र अच्छा है बेहतर है अब सुपर हित में काम कर रहे हो तो आपकी सोच संतुलित रहेगी किंतु आप अगर इन सभी से बिल्कुल उल्टे हो तो आपकी सोच कम सोचिए ज्यादा सोचिए सारी की सारी चीजें हानिकारक है और गलत

DJ aapka prashna hai insaan ko sochne ki shakti kitni rakhni chahiye itni sochne ki tasveer kis disha me sote soch hai ki aap sochna nahi chah rahe hain vaah chal raha hai aur bahut saari cheezen jo aapke liye sochna zaroori aap soch nahi rahe soch jo hoti hai yah do tarah ki hoti hai ek man aatmkatha dusri bhavatmak mahindra in sab ke upar hi aapka dhyan samadhi jawab temperature par hit ke liye dono ke hit ke bhav se jab koi vichar karte ho yah baat mat socho man aatmkatha soch nakaratmak bhi hoti hai toh baat bhi hoti hai bhavnatmak toh jo hai yah jo hai chintan aatma hoti hai phir toh samajh lijiye ki jo man aatmkatha soch hoti hai nakaratmak batein aatmkatha bhi hogi ya teen talak hogi chinta karega yah galat cheezen sochega galat disha me sochega athva bhu ke bare me sochega ki tujhe chintan aatmkatha chinta ta chinta karna chintan aatm chintan karna jab chintan karega toh sahi taur par hit ke bare me sochega yah sochna koi bahut bada badi baat nahi hai sochne me vyakti ka jo prabhav hota hai gati ki disha hoti hai vyakti ka charitra hota hai bilkul alag hota tabhi baat chintan kar sakta jiske paas nahi hai uske fast internet ke paas charitra usi ke paas chitra sochkar bahut alag hi aadhar hai yadi aap chintan aatmkatha sochte ho aapka charitra accha hai behtar hai ab super hit me kaam kar rahe ho toh aapki soch santulit rahegi kintu aap agar in sabhi se bilkul ulte ho toh aapki soch kam sochiye zyada sochiye saari ki saari cheezen haanikarak hai aur galat

डीजे आपका प्रश्न है इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए इतनी सोचने की तस्वीर किस दिशा

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BK Vishal

Rajyoga Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह सोचने की शक्ति बड़ी काम की है लेकिन जरूरत से ज्यादा सोचने से थकावट होने लगती है एक हद तक आपको किसी चीज पर विचार करना चाहिए और थोड़े थोड़े टाइम के बाद अपने विचारों को शांत कर लेना चाहिए एक ही बात को बहुत ज्यादा नहीं सोचना चाहिए कम होने लगती है बहुत ज्यादा नहीं सोच कर के आप कुछ अच्छे परिणाम निकाल सकते अंदर दोबारा से एक नई स्कूटी आ जाएगी और फिर आप उस पर विचार कीजिए सोचना स्वरूप मत बनो प्रैक्टिकल भी करते रहिए सोचते ही रहे आपने सोचा और थोड़ा सा किया सोचा और किया तब आपके उस में अंतर आ जाएगा अगर सोचते ही रहे बस सोचते सोचते रहे हो चलो भाई सोचते सोचते तो आपकी गाड़ी निकल जाएगी आप खड़े रह जाएंगे इसलिए जो सोच रहे हैं उसको करते मिलेगी जो सोचते हैं वैसा ही कीजो सोचना और करना समान होना चाहिए सोचते कुछ और है करते कुछ और है तो वह भी हालात पैदा कर देती

yah sochne ki shakti badi kaam ki hai lekin zarurat se zyada sochne se thakawat hone lagti hai ek had tak aapko kisi cheez par vichar karna chahiye aur thode thode time ke baad apne vicharon ko shaant kar lena chahiye ek hi baat ko bahut zyada nahi sochna chahiye kam hone lagti hai bahut zyada nahi soch kar ke aap kuch acche parinam nikaal sakte andar dobara se ek nayi scooty aa jayegi aur phir aap us par vichar kijiye sochna swaroop mat bano practical bhi karte rahiye sochte hi rahe aapne socha aur thoda sa kiya socha aur kiya tab aapke us me antar aa jaega agar sochte hi rahe bus sochte sochte rahe ho chalo bhai sochte sochte toh aapki gaadi nikal jayegi aap khade reh jaenge isliye jo soch rahe hain usko karte milegi jo sochte hain waisa hi kijo sochna aur karna saman hona chahiye sochte kuch aur hai karte kuch aur hai toh vaah bhi haalaat paida kar deti

यह सोचने की शक्ति बड़ी काम की है लेकिन जरूरत से ज्यादा सोचने से थकावट होने लगती है एक हद त

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Anand Kumar

COMMUNICATOR

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल इंसान जितनी भी समस्याओं से जूझ रहा है जितनी भी समस्याएं उसने पैदा की है ऐसे सच में यह सारी समस्या इंसान की खुद की पैदा की हुई तो जितनी भी समस्याओं से आज वह जूस रहा है इसलिए क्योंकि वह सोचता ही नहीं उसने सोचना बंद कर दिया है सोचने के लिए समय निकालना बंद कर दिया है इंसान के सोचने की शक्ति को सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता कि नहीं साहब आपको इतना ही सोचना चाहिए इससे ज्यादा नहीं सोचना चाहिए इसलिए सोचिए हम लोगों के साथ दिक्कत यह है कि काम पहले कर डालते हैं और परिणाम के बाद सोचते हैं कि वह ऐसा कैसे हो गया जबकि होना यह चाहिए था कि आपको पहले सोचना चाहिए फिर आपको एक्शन में आना चाहिए लेकिन अफसोस आजकल सारी दुनिया धरातल पर इसी तरीके से काम कर रही है बिना सोचे समझे पहले गोली चलाई है निशाना बाद में लीजिए और फिर सोचे कि वह यह क्या हो गया निशाना कैसे इस संसार में जितने भी महान हस्ती है वह सोचने के लिए समय निकालती थी जिस दिन आप गहराई से सोचना शुरु कर देते हैं चिंतन करना शुरू कर देते हैं आपके जीवन में जबरदस्त बनाता है आपकी जिंदगी में जबरदस्त परिवर्तन आता है आपकी पारिवारिक जिंदगी में जबरदस्त परिवर्तन आपकी नौकरी में जबरदस्त परिवर्तन आता है इसलिए सोचिए इस तरीके से शारीरिक परिश्रम से शरीर बलवान बनता है उसी तरीके से गहराई के साथ सोचने से लॉजिकल थिंकिंग से आपका मस्तिष्क बलवान बनता है आपकी सोच बलवान बनती है आपकी सोच बनती है तो जीवन में ज्यादातर निशा ने गलती की संभावना कम से कम हो जाती है प्रस्तावित अपने किए गए काम पर पछतावे की संभावना कम हो जाती है क्योंकि आपने सोच समझकर विचार करके एक्शन लिया है तो अपनी सोचने की शक्ति को असीमित रूप से बढ़ाइए उसके लिए कोई सीमा निर्धारित मत कीजिए सोचिए सोचिए सोचिए सोचने के लिए समय निकालिए

aajkal insaan jitni bhi samasyaon se joojh raha hai jitni bhi samasyaen usne paida ki hai aise sach me yah saari samasya insaan ki khud ki paida ki hui toh jitni bhi samasyaon se aaj vaah juice raha hai isliye kyonki vaah sochta hi nahi usne sochna band kar diya hai sochne ke liye samay nikalna band kar diya hai insaan ke sochne ki shakti ko seemaon me nahi bandha ja sakta ki nahi saheb aapko itna hi sochna chahiye isse zyada nahi sochna chahiye isliye sochiye hum logo ke saath dikkat yah hai ki kaam pehle kar daalte hain aur parinam ke baad sochte hain ki vaah aisa kaise ho gaya jabki hona yah chahiye tha ki aapko pehle sochna chahiye phir aapko action me aana chahiye lekin afasos aajkal saari duniya dharatal par isi tarike se kaam kar rahi hai bina soche samjhe pehle goli chalai hai nishana baad me lijiye aur phir soche ki vaah yah kya ho gaya nishana kaise is sansar me jitne bhi mahaan hasti hai vaah sochne ke liye samay nikalati thi jis din aap gehrai se sochna shuru kar dete hain chintan karna shuru kar dete hain aapke jeevan me jabardast banata hai aapki zindagi me jabardast parivartan aata hai aapki parivarik zindagi me jabardast parivartan aapki naukri me jabardast parivartan aata hai isliye sochiye is tarike se sharirik parishram se sharir balwan banta hai usi tarike se gehrai ke saath sochne se logical thinking se aapka mastishk balwan banta hai aapki soch balwan banti hai aapki soch banti hai toh jeevan me jyadatar nisha ne galti ki sambhavna kam se kam ho jaati hai prastavit apne kiye gaye kaam par pachtaave ki sambhavna kam ho jaati hai kyonki aapne soch samajhkar vichar karke action liya hai toh apni sochne ki shakti ko asimeet roop se badhaiye uske liye koi seema nirdharit mat kijiye sochiye sochiye sochiye sochne ke liye samay nikaliye

आजकल इंसान जितनी भी समस्याओं से जूझ रहा है जितनी भी समस्याएं उसने पैदा की है ऐसे सच में यह

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Pt.Sudhakar shukla

🦚Birth kundli Specialist🌹 भारत भाग्य विधाता🚩Bank Name : Allahabad Bank Branch: collectorate office Account Holder Name : Jyotishi Kendra Account Number : 50528127302 IFSC Code : ALLA0212529

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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जान को चोदने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए एचडी कोई इंसान सूचना नहीं चाहता लेकिन परिस्थितियों से जूझने को मजबूर कर दे चाय अच्छी प्रस्तुति मायापुरी पर स्टेडियम पक्षियों के आगे इंसान छुप जाते हैं कितने ज्ञानी हो जानी है बचा लियो विवेक चलो कट्टर लिस्ट लेकिन जहां इंसान का बस नहीं चलता है इंसान पर बस हो जाता और परिस्थितियों के सामने असहाय हो जाता है इतनी की परिस्थितियों की टट्टी कितनी रखनी चाहिए सोचने की शक्ति हर इंसान बच्चों के अनुसार सोचा अधिक से अधिक होता है अब उसने इंसान की सोचने की शक्ति है आप प्राकृतिक रूप से बहुत अधिक बहुत तेज गति से हो जाती है जब राम लक्ष्मण दोनों को नागपाश में रावण ने बांध दिया मेघनाथ ने बांध दिया था उस समय सबकी शक्ति कुछ देर के लिए चैन पड़ गई थी लेकिन हनुमान जी प्रेम जाकर ब्रह्मा जी के पास पहुंच गए और जहां का उनके आदेश पर लेकर आए जिसने गरुड़ ना रात को जिन्होंने आकर भगवान राम और लक्ष्मण जी के सांपों से उनको मुक्ति किया इसी तरह जब मेघनाद ने उन्हें लक्ष्मण जी को अजीत कर दिया व्हाट्सएप से तक्षक बेचैन हो गए व्याकुल हो गए ऐसी स्थिति में विवेचन चीनी सुसेन पेट को श्रीलंका से लाने को कहा हनुमान जी ट्रेन दिखाएं उनको फिर से उठाना है और इसी तरह से पाठ से जड़ी-बूटी उठाने संजीवनी बूटी देना सीधी की बातें की सोचने की शक्ति होती है अनंत होती है वह इंसान के रखने का निशान नहीं रखी जाती पता उत्पन्न होती है सोता ही उसका दुपट्टा

jaan ko chodane ki shakti kitni rakhni chahiye hd koi insaan soochna nahi chahta lekin paristhitiyon se jujhne ko majboor kar de chai achi prastuti mayapuri par stadium pakshiyo ke aage insaan chup jaate hain kitne gyani ho jani hai bacha leo vivek chalo kattar list lekin jaha insaan ka bus nahi chalta hai insaan par bus ho jata aur paristhitiyon ke saamne asahay ho jata hai itni ki paristhitiyon ki tatti kitni rakhni chahiye sochne ki shakti har insaan baccho ke anusaar socha adhik se adhik hota hai ab usne insaan ki sochne ki shakti hai aap prakirtik roop se bahut adhik bahut tez gati se ho jaati hai jab ram lakshman dono ko nagpash me ravan ne bandh diya meghnath ne bandh diya tha us samay sabki shakti kuch der ke liye chain pad gayi thi lekin hanuman ji prem jaakar brahma ji ke paas pohch gaye aur jaha ka unke aadesh par lekar aaye jisne garuda na raat ko jinhone aakar bhagwan ram aur lakshman ji ke saanpon se unko mukti kiya isi tarah jab meghnad ne unhe lakshman ji ko ajit kar diya whatsapp se takshak bechain ho gaye vyakul ho gaye aisi sthiti me vivechan chini susen pet ko sri lanka se lane ko kaha hanuman ji train dikhaen unko phir se uthana hai aur isi tarah se path se jadi buti uthane sanjeevani buti dena seedhi ki batein ki sochne ki shakti hoti hai anant hoti hai vaah insaan ke rakhne ka nishaan nahi rakhi jaati pata utpann hoti hai sota hi uska dupatta

जान को चोदने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए एचडी कोई इंसान सूचना नहीं चाहता लेकिन परिस्थितियों

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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Anjana Baliga

Counselor

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इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी है वैसे तो 24 घंटे में इंसान 8 घंटे सोता है उसके बाद वह सोचता ही रहता है परंतु सोचना वहां तक लाभदायक है कि आप कार्य ही ना करें ऐसे व्यक्ति को मंदबुद्धि या पागल कहा जाता जो सारा दिन सोचता ही रहता है तो व्यक्ति अगर सोचे उसके साथ उसके परिणाम स्वरूप कुछ कार्य भी करें तो वह व्यक्ति ही सभ्य व्यक्ति माना जाता है मतलब अगर आपने यह सोचा कि मुझे खाना बनाना तो सोचते ही नहीं रहना तो आपको बनाना भी है अगर व्यक्ति यह सोचा कि नहीं मुझे आज अभी कंप्यूटर पर काम करना तो वह कंप्यूटर पर काम करता है मुझे काम के लिए कहीं जाना है तो वह जा रहा है तो अगर वह मतलब कुछ काम नहीं कर रहा तभी तो वह सोच मतलब अगर वह टीवी नहीं देख रहा या खाना नहीं बना रहा काम पर नहीं जा रहा पढ़ाई नहीं कर रहा दिमाग कर्म नहीं करता तो खाली होता है तो खाली मैं भी सोचता है तो सोच विचार कर सकती आपके ऊपर आप जितना कम कम करेंगे उतना अधिक सोचेंगे और जो व्यक्ति ज्यादा सोचता है वह उसकी कार्यशैली भी ऐसी होगी मान लो उसको कविता लिखनी हो कोई कलाकृति बनानी हो तो उस विषय में सोचता है वह अपने उसके कार्य पर डिपेंड होता है तो अगर सोच अधिक हो जाए तो फिर वह घातक हो सकती है यह मानसिक तनाव का कारण बन सकती है तो ज्यादा सोचना यह आपके ऊपर है कि आप खुद ही देखा लगाइए कि आप कर्म कम कर रहे हैं और सोच अधिक रहे हैं तो आपकी मानसिक स्थिति सही नहीं है आप डिप्रेशन में जा रहे हैं सारा दिन सोचने के दायरे में बैठे देते आप कर्म नहीं कर रही आप के ऊपर है कि आपकी सोच की लाइन कहां पर है

insaan ko sochne ki shakti kitni rakhni hai waise toh 24 ghante me insaan 8 ghante sota hai uske baad vaah sochta hi rehta hai parantu sochna wahan tak labhdayak hai ki aap karya hi na kare aise vyakti ko mandbuddhi ya Pagal kaha jata jo saara din sochta hi rehta hai toh vyakti agar soche uske saath uske parinam swaroop kuch karya bhi kare toh vaah vyakti hi sabhya vyakti mana jata hai matlab agar aapne yah socha ki mujhe khana banana toh sochte hi nahi rehna toh aapko banana bhi hai agar vyakti yah socha ki nahi mujhe aaj abhi computer par kaam karna toh vaah computer par kaam karta hai mujhe kaam ke liye kahin jana hai toh vaah ja raha hai toh agar vaah matlab kuch kaam nahi kar raha tabhi toh vaah soch matlab agar vaah TV nahi dekh raha ya khana nahi bana raha kaam par nahi ja raha padhai nahi kar raha dimag karm nahi karta toh khaali hota hai toh khaali main bhi sochta hai toh soch vichar kar sakti aapke upar aap jitna kam kam karenge utana adhik sochenge aur jo vyakti zyada sochta hai vaah uski karyashaili bhi aisi hogi maan lo usko kavita likhani ho koi kalakriti banani ho toh us vishay me sochta hai vaah apne uske karya par depend hota hai toh agar soch adhik ho jaaye toh phir vaah ghatak ho sakti hai yah mansik tanaav ka karan ban sakti hai toh zyada sochna yah aapke upar hai ki aap khud hi dekha lagaaiye ki aap karm kam kar rahe hain aur soch adhik rahe hain toh aapki mansik sthiti sahi nahi hai aap depression me ja rahe hain saara din sochne ke daayre me baithe dete aap karm nahi kar rahi aap ke upar hai ki aapki soch ki line kaha par hai

इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी है वैसे तो 24 घंटे में इंसान 8 घंटे सोता है उसके बाद वह

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Trainer Yogi Yogendra

Motivational Speaker || Career Coach || Business Coach || Marketing & Management Expert's

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International Yogi

spiritual Guru (Life Coach)

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Anshu Sarkar

Founder & Director, Sarkar Yog Academy

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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सुरेश चंद आचार्य

Social Worker ( Self employed )

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मुस्कान दोस्तों इंसान को मन में धैर्य और चित्र में शांति सदैव बनाए रखनी चाहिए यह हमारी सोचने की शक्ति है धैर्य और शांति तब तक बनाए रखनी चाहिए जब तक कि हमें समस्या का निवारण नहीं मिल जाता

muskaan doston insaan ko man me dhairya aur chitra me shanti sadaiv banaye rakhni chahiye yah hamari sochne ki shakti hai dhairya aur shanti tab tak banaye rakhni chahiye jab tak ki hamein samasya ka nivaran nahi mil jata

मुस्कान दोस्तों इंसान को मन में धैर्य और चित्र में शांति सदैव बनाए रखनी चाहिए यह हमारी सोच

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P k yadav

Govt Job

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आपने जो पूछा है इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए सोचने की शक्ति का कोई नाम नहीं होता इंसान जितना सोचता है उतना ही आगे अपना प्रोग्रेस करता है क्योंकि हर एक चीज चीज को हर एक जगह को हर एक कार्य को सोचने से ही बस ठीक करने से पहले 1 बार सोचना चाहिए जब तक सोचता नहीं उसकी सोच नहीं बदलेगी सोच अच्छी नहीं होगी तब तक उसकी जो सकती है सोचने की वह नहीं हम किसी भी चीज का जब तक विस्तार नहीं बढ़ाते तब तक सीमित रह जाता है इसलिए हमें हर एक चीज का विस्तार बढ़ाना चाहिए सोचने की अपनी पावर को थोड़ा बढ़ाना चाहिए जिससे कि अधिक से अधिक हो सके और वह सोचने की शक्ति जब बढ़ती है तो हमारे कार्य करने की क्षमता है वह भी बनती है

aapne jo poocha hai insaan ko sochne ki shakti kitni rakhni chahiye sochne ki shakti ka koi naam nahi hota insaan jitna sochta hai utana hi aage apna progress karta hai kyonki har ek cheez cheez ko har ek jagah ko har ek karya ko sochne se hi bus theek karne se pehle 1 baar sochna chahiye jab tak sochta nahi uski soch nahi badalegi soch achi nahi hogi tab tak uski jo sakti hai sochne ki vaah nahi hum kisi bhi cheez ka jab tak vistaar nahi badhate tab tak simit reh jata hai isliye hamein har ek cheez ka vistaar badhana chahiye sochne ki apni power ko thoda badhana chahiye jisse ki adhik se adhik ho sake aur vaah sochne ki shakti jab badhti hai toh hamare karya karne ki kshamta hai vaah bhi banti hai

आपने जो पूछा है इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए सोचने की शक्ति का कोई नाम नहीं हो

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आप उससे इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए देखें सोचने की शक्ति ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और फिर सोचते रहना सोचकर किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं अपने विवेक का अधिकतम उपयोग कर सकते हैं तो यह आपके लिए वरदान के समान होती है तो हम भी कहे कितनी रखना चाहिए भाई हमारे मस्तिष्क की क्षमता है अनलिमिटेड उसके हम अनेक अनेक अनेक उपयोग कर सकते हैं ऐसी सोचने की शक्ति भी तो बहुत हमको विचार विमर्श करना चाहिए विचार करना चाहिए सोचते रहना चाहिए अगर हम किसी समस्या के बारे में सोच रहे हैं कि सिर्फ सूचना ही पर्याप्त नहीं होता है सोचने के बाद उस दिशा में कार्य करना चाहिए हमको दैवीय होना चाहिए लगाना चाहिए परिश्रम जाना चाहिए कि सभी शक्तियां हमारे साथ अगर एक साथ मिलती है तो हम जीवन में एक अच्छी सफलता प्राप्त कर सकते हैं

aap usse insaan ko sochne ki shakti kitni rakhni chahiye dekhen sochne ki shakti hi hamari sabse badi shakti hai aur phir sochte rehna sochkar kisi nishkarsh par pohch sakte hain apne vivek ka adhiktam upyog kar sakte hain toh yah aapke liye vardaan ke saman hoti hai toh hum bhi kahe kitni rakhna chahiye bhai hamare mastishk ki kshamta hai unlimited uske hum anek anek anek upyog kar sakte hain aisi sochne ki shakti bhi toh bahut hamko vichar vimarsh karna chahiye vichar karna chahiye sochte rehna chahiye agar hum kisi samasya ke bare me soch rahe hain ki sirf soochna hi paryapt nahi hota hai sochne ke baad us disha me karya karna chahiye hamko daiviye hona chahiye lagana chahiye parishram jana chahiye ki sabhi shaktiyan hamare saath agar ek saath milti hai toh hum jeevan me ek achi safalta prapt kar sakte hain

आप उससे इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए देखें सोचने की शक्ति ही हमारी सबसे बड़ी श

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इंसान को सोचने की शक्ति कितनी लगाई दे भाई आपके अंदर जितना ज्ञान है उसके आधार पर आप सोच सकते हैं ज्ञान से परेड पर आपको सलाह लेनी पड़ती है तो ज्यादा सोचने की शक्ति को डेवलप कर सकते हैं सीमित था तो नहीं है इसकी मेरी सगाई है कि आप कितना सोच सकते हैं इतनी जानकारी आप कर सकते हैं और एक दायरा होता है व्यक्तिगत विचार है जिस जीवन यापन जिस तरीके से कर रहा है उसका उसे ज्ञान विषयों की की अधिकता है आज के समय में आप हर विषय को के प्रमुख भी नहीं हो सकते हर विषय के बारे में आप जान नहीं सकते आप और किसी के बारे में सोच भी नहीं सकते तो लेकिन प्रयास करते रहना चाहिए अधिक से अधिक विषयों का ज्ञान हो अधिक से अधिक आपको जानकारी हो तो फिर आप जो है अधिक से अधिक आप ज्ञानवान पुरुष कैलाश आप लोगों की ज्यादा से ज्यादा समस्याओं को हल कर सके धन्यवाद

insaan ko sochne ki shakti kitni lagayi de bhai aapke andar jitna gyaan hai uske aadhar par aap soch sakte hain gyaan se parade par aapko salah leni padti hai toh zyada sochne ki shakti ko develop kar sakte hain simit tha toh nahi hai iski meri sagaai hai ki aap kitna soch sakte hain itni jaankari aap kar sakte hain aur ek dayara hota hai vyaktigat vichar hai jis jeevan yaapan jis tarike se kar raha hai uska use gyaan vishyon ki ki adhikata hai aaj ke samay me aap har vishay ko ke pramukh bhi nahi ho sakte har vishay ke bare me aap jaan nahi sakte aap aur kisi ke bare me soch bhi nahi sakte toh lekin prayas karte rehna chahiye adhik se adhik vishyon ka gyaan ho adhik se adhik aapko jaankari ho toh phir aap jo hai adhik se adhik aap gyaanvaan purush kailash aap logo ki zyada se zyada samasyaon ko hal kar sake dhanyavad

इंसान को सोचने की शक्ति कितनी लगाई दे भाई आपके अंदर जितना ज्ञान है उसके आधार पर आप सोच सकत

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Shivam Khanna

motivational Speaker, Bussinesman, Yog Teacher And Ayurvedic Doctor, Love Guru.

0:46
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नमस्कार मेरा नाम शिवम खलनायक मोटिवेशनल स्पीकर बिजनेस में योग टीचर और एक आयुर्वेदिक डॉक्टरों की आपने पूछा है इंसान को सोचने की शक्ति रख कितनी रखनी चाहिए तो देखिए इंसान के सोचने की को शक्ति नहीं है यह तो नहीं आ सकती है इंसान कितना भी अच्छा हो सकता जितना सोच सकता है और कुछ भी टेक्नोलॉजी के बारे में सोच सकता है अन्य मिटी सोच सकता है जिसको बोलते हैं कल्पना शक्ति तो हम कुछ भी सोच सकते हैं कोई हमारे दिमाग नहीं लगा सकता यार तुम खुद भी लगा सकते हैं कुछ भी सोच सकते हैं आपके सवाल पूछने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया फिर मुलाकात होगी आपसे कोई सवाल के साथ मिले तो आप सभी का

namaskar mera naam shivam khalnayak Motivational speaker business me yog teacher aur ek ayurvedic doctoron ki aapne poocha hai insaan ko sochne ki shakti rakh kitni rakhni chahiye toh dekhiye insaan ke sochne ki ko shakti nahi hai yah toh nahi aa sakti hai insaan kitna bhi accha ho sakta jitna soch sakta hai aur kuch bhi technology ke bare me soch sakta hai anya miti soch sakta hai jisko bolte hain kalpana shakti toh hum kuch bhi soch sakte hain koi hamare dimag nahi laga sakta yaar tum khud bhi laga sakte hain kuch bhi soch sakte hain aapke sawaal poochne ke liye bahut bahut shukriya phir mulakat hogi aapse koi sawaal ke saath mile toh aap sabhi ka

नमस्कार मेरा नाम शिवम खलनायक मोटिवेशनल स्पीकर बिजनेस में योग टीचर और एक आयुर्वेदिक डॉक्टरो

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सभी को कलर यूजर्स को मेरा प्रणाम आपका प्रश्न है कि इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए तो इसके बारे में मैं यह बताना चाहूंगा कि सोचने समझने की शक्ति पहले तो जन्म से मिलती है हर आदमी की सोचने समझने की शक्ति जन्म से अलग अलग होती है लेकिन हां आदमी जन्म के बाद इसको थोड़ा बहुत अपने स्तर से प्रयास करते करते किंतु अवश्य कर लेता है लेकिन हर आदमी का कोई इसके बारे में कोई पैमाना नहीं है सोचने समझने की शक्ति 1 लीटर रखनी है या 2 लीटर रखी है इसका कोई नाम नहीं है जितनी अधिक से अधिक कर ले जाए वही उसकी सोचने समझने की शक्ति मापदंड होता है और वही उसका पैमाना है धन्यवाद

sabhi ko color users ko mera pranam aapka prashna hai ki insaan ko sochne ki shakti kitni rakhni chahiye toh iske bare me main yah batana chahunga ki sochne samjhne ki shakti pehle toh janam se milti hai har aadmi ki sochne samjhne ki shakti janam se alag alag hoti hai lekin haan aadmi janam ke baad isko thoda bahut apne sthar se prayas karte karte kintu avashya kar leta hai lekin har aadmi ka koi iske bare me koi paimaana nahi hai sochne samjhne ki shakti 1 litre rakhni hai ya 2 litre rakhi hai iska koi naam nahi hai jitni adhik se adhik kar le jaaye wahi uski sochne samjhne ki shakti maapdand hota hai aur wahi uska paimaana hai dhanyavad

सभी को कलर यूजर्स को मेरा प्रणाम आपका प्रश्न है कि इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी चाहि

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हाय फ्रेंड गुड मॉर्निंग आपके द्वारा काफी बढ़िया क्वेश्चन किया गया है पर मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि इंसान को सोचने की शक्ति उतना ही होना चाहिए जिससे किसी गरीब व्यक्ति को समझने की क्षमता होती है जो मतलब के नीचे 20 लाइन में मौजूद जो लोग हैं जैसे गरीब व्यक्ति हो गया या आप एसएसटीके समाज से हो क्या या पिछड़े वर्ग की समाज क्या बात करते हैं अगर आपने अगर उस तरह की समझने की क्षमता आ जाए तो आप बेशक अपनी सोचने की शक्ति को काफी हद तक अष्टांग कर सकते हैं और आपने कभी भी एगो जैसी भावनाएं डिवेलप नहीं होगी जिससे आप खुद को बेहतर महसूस कर सकते हैं

hi friend good morning aapke dwara kaafi badhiya question kiya gaya hai par main aapko yah batana chahta hoon ki insaan ko sochne ki shakti utana hi hona chahiye jisse kisi garib vyakti ko samjhne ki kshamta hoti hai jo matlab ke niche 20 line me maujud jo log hain jaise garib vyakti ho gaya ya aap SSTK samaj se ho kya ya pichade varg ki samaj kya baat karte hain agar aapne agar us tarah ki samjhne ki kshamta aa jaaye toh aap beshak apni sochne ki shakti ko kaafi had tak ashtanga kar sakte hain aur aapne kabhi bhi ego jaisi bhaavnaye develop nahi hogi jisse aap khud ko behtar mehsus kar sakte hain

हाय फ्रेंड गुड मॉर्निंग आपके द्वारा काफी बढ़िया क्वेश्चन किया गया है पर मैं आपको यह बताना

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Ritika

Teacher,life Coach,motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों आज का प्रश्न है इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए रही बात सोचने की तो आपको एक लिमिट में एक दायरे में सोचना चाहिए क्योंकि जब आप किसी चीज के बारे में हद से ज्यादा सोचने लगते हैं डेट में वह चीज आपके ऊपर हाथ ही होने लगती है और जब कोई भी चीज कोई भी बात आपके ऊपर हावी होने लगे डेट मींस ऑफ़ डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं आप डिफरेंट होते जा रहे हैं तो आपको ऐसी कंडीशन नहीं लानी है क्योंकि अगर आप भी फ्रेश हो गए तो आप बिल्कुल भी अच्छा फील नहीं करेंगे आप दिनभर तनाव और टेंशन में रहेंगे जो आपके माइंड के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं रहेगा तो मेरी मानिए ज्यादा मत सोचा करो किसी भी बारे में एक पढ़कर लिमिट तक सोचिए धन उस चीज को छोड़ देते धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

namaskar doston aaj ka prashna hai insaan ko sochne ki shakti kitni rakhni chahiye rahi baat sochne ki toh aapko ek limit me ek daayre me sochna chahiye kyonki jab aap kisi cheez ke bare me had se zyada sochne lagte hain date me vaah cheez aapke upar hath hi hone lagti hai aur jab koi bhi cheez koi bhi baat aapke upar haavi hone lage date means of depression ka shikaar ho rahe hain aap different hote ja rahe hain toh aapko aisi condition nahi lani hai kyonki agar aap bhi fresh ho gaye toh aap bilkul bhi accha feel nahi karenge aap dinbhar tanaav aur tension me rahenge jo aapke mind ke liye bilkul bhi accha nahi rahega toh meri maniye zyada mat socha karo kisi bhi bare me ek padhakar limit tak sochiye dhan us cheez ko chhod dete dhanyavad aapka din shubha ho

नमस्कार दोस्तों आज का प्रश्न है इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए रही बात सोचने की

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इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए इंसान को सोचने की शक्ति विस्तृत रखना चाहिए हम किसी भी काम को करते हैं उस समय हमें सोचना चाहिए कि यह कार्य हमारे लिए कितना सफलता दायक होगा और कितना नुकसानदायक होगा अगर हम ऐसा सोचकर किसी कार्य को करते हैं तो वह कार्य में सफलता अवश्य मिलती है क्योंकि हम उसके फायदे और नुकसान दोनों की बात को सोच लेते हैं हमारा सोच का दायरा जो है वह विस्तृत रहना चाहिए विशाल रहना चाहिए

insaan ko sochne ki shakti kitni rakhni chahiye insaan ko sochne ki shakti vistrit rakhna chahiye hum kisi bhi kaam ko karte hain us samay hamein sochna chahiye ki yah karya hamare liye kitna safalta dayak hoga aur kitna nukasanadayak hoga agar hum aisa sochkar kisi karya ko karte hain toh vaah karya me safalta avashya milti hai kyonki hum uske fayde aur nuksan dono ki baat ko soch lete hain hamara soch ka dayara jo hai vaah vistrit rehna chahiye vishal rehna chahiye

इंसान को सोचने की शक्ति कितनी रखनी चाहिए इंसान को सोचने की शक्ति विस्तृत रखना चाहिए हम किस

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है इंसान को सोचने की कितनी शक्ति रखनी चाहिए तो इसका उत्तर ना आपको बाद में दूंगा लेकिन उससे पहले एक बात यह बता दूं कि इंसान को सिर्फ सोचने की ही नहीं समझने की भी शक्ति रखनी चाहिए और इंसान के सोचने की शक्ति का अंदाजा आप इसी बात से लगा दे लगा सकते हैं कि इंसान ने कंप्यूटर को बनाएं कंप्यूटर में इंसान को नहीं बनाया इंसान ने कंप्यूटर को बनाया उसने भी दिमाग लगा होगा कंप्यूटर को बनाने के लिए दिमाग लगा होगा जरूर आना तो इंसान की सोचने की और समझने की शक्ति को आंका नहीं जा सकता उसका आकलन नहीं किया जा सकता और पसंद आए तो लाइक और शेयर जरूर करें धन्यवाद

aapka prashna hai insaan ko sochne ki kitni shakti rakhni chahiye toh iska uttar na aapko baad me dunga lekin usse pehle ek baat yah bata doon ki insaan ko sirf sochne ki hi nahi samjhne ki bhi shakti rakhni chahiye aur insaan ke sochne ki shakti ka andaja aap isi baat se laga de laga sakte hain ki insaan ne computer ko banaye computer me insaan ko nahi banaya insaan ne computer ko banaya usne bhi dimag laga hoga computer ko banane ke liye dimag laga hoga zaroor aana toh insaan ki sochne ki aur samjhne ki shakti ko aanka nahi ja sakta uska aakalan nahi kiya ja sakta aur pasand aaye toh like aur share zaroor kare dhanyavad

आपका प्रश्न है इंसान को सोचने की कितनी शक्ति रखनी चाहिए तो इसका उत्तर ना आपको बाद में दूंग

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