धर्म झूठ में है या सत्य में है या हमारे अंदर भी झूठ है?...


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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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Shubham Saini

Software Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धर्म झूठ है या सच में है हमारे इधर भी झूठ है एक उद्धार हमें हमेशा सच्चाई बताता है और सत्य के मार्ग पर चलने बताता है धर्म हमारे जीवन को परिवर्तन प्रकार अपने तरीके से बदलता है झूठा नहीं है सच है

dharm jhuth hai ya sach me hai hamare idhar bhi jhuth hai ek uddhar hamein hamesha sacchai batata hai aur satya ke marg par chalne batata hai dharm hamare jeevan ko parivartan prakar apne tarike se badalta hai jhutha nahi hai sach hai

धर्म झूठ है या सच में है हमारे इधर भी झूठ है एक उद्धार हमें हमेशा सच्चाई बताता है और सत्य

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Narendra Bhardwaj

Spirituality Reformer

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Hemant Priyadarshi

Writer | Philospher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपकी तीनों ही बात है श्री सिरे से गलत है धर्म झूठ में है या धर्म सत्य में है दोनों ही बात गलत है धर्म झूठ में तो है ही नहीं और धर्म सत्य में है यह भी गलत है सत्य ही धर्म है और धर्म सत्य है किसी में कोई नहीं है सत्य ही धर्म है और धर्म सत्य ही है ऐसा है अंतर है समझने और बोलने शब्द दोनों के भाव ही बदल जाएंगे अंतर है इसमें धूप में तो धर्म के होने का कोई मतलब ही नहीं है ना हुआ ना हो सकता है जो सत्य है सिर्फ वही धर्म है इस जगत में हमेशा से हारा और धर्म हमेशा सत्य की ही होती बात करता है धर्म हमेशा सत्य ही होता है इसलिए ऐसा कहा जाता है ऐसा है सच-सच धर्म ही सत्य है और सत्य धर्म ही होता है फिर आपने तो पूछा है क्या हमारे अंदर झूठ हमारे अंदर भी झूठ है हमारे अंदर ही झूठी हो हमारे अंदर डेट में हमारे खून में मिल गया है मारी हड्डियों में मिल गया है या मारे रोम रोम में मिला हुआ है झूठ ऐसा भी नहीं हमारा जो मन है यह मन अत्यंत चंचल होता है और यह मन हमेशा दो तरह की बातें सोचता है करता है किसी भी चीज किसी भी विषय पर जब भी आप निर्णय लेंगे सोचेंगे आप का मन हमेशा तो तरह दिमाग तेरा पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों में है उसके पास आप अच्छा काम करने चलें तो नकारात्मक बात भी आपके दिमाग में आएगी ही आएगी कि ऐसा हो जाएगा नहीं ऐसा करने से ऐसा भी तो हो सकता है और खराब काम करने चलें तो पॉजिटिव भी आएगा इससे अच्छा तो रहता की याद कर लेते नहीं से दूसरे का नुकसान हो जाएगा ऐसा नहीं करना चाहिए दोनों ही साथ साथ चलता है और इसलिए मन के किए गए अधिकतम कहानी गलत हो जाते हैं या फिर उसके फल हमें गलत मिलते हैं क्योंकि यह जो दो मुहा सांप की तरह मन चलता है इससे हमारे अंदर झूठ पैदा होते हैं और यह झूठ ही हमें धर्म से भट्ट पाता है क्योंकि धर्म तो सिर्फ सत्य है

aapki tatvo hi baat hai shri sire se galat hai dharm jhuth me hai ya dharm satya me hai dono hi baat galat hai dharm jhuth me toh hai hi nahi aur dharm satya me hai yah bhi galat hai satya hi dharm hai aur dharm satya hai kisi me koi nahi hai satya hi dharm hai aur dharm satya hi hai aisa hai antar hai samjhne aur bolne shabd dono ke bhav hi badal jaenge antar hai isme dhoop me toh dharm ke hone ka koi matlab hi nahi hai na hua na ho sakta hai jo satya hai sirf wahi dharm hai is jagat me hamesha se hara aur dharm hamesha satya ki hi hoti baat karta hai dharm hamesha satya hi hota hai isliye aisa kaha jata hai aisa hai sach sach dharm hi satya hai aur satya dharm hi hota hai phir aapne toh poocha hai kya hamare andar jhuth hamare andar bhi jhuth hai hamare andar hi jhuthi ho hamare andar date me hamare khoon me mil gaya hai mari haddiyon me mil gaya hai ya maare roam roam me mila hua hai jhuth aisa bhi nahi hamara jo man hai yah man atyant chanchal hota hai aur yah man hamesha do tarah ki batein sochta hai karta hai kisi bhi cheez kisi bhi vishay par jab bhi aap nirnay lenge sochenge aap ka man hamesha toh tarah dimag tera positive aur Negative dono me hai uske paas aap accha kaam karne chalen toh nakaratmak baat bhi aapke dimag me aayegi hi aayegi ki aisa ho jaega nahi aisa karne se aisa bhi toh ho sakta hai aur kharab kaam karne chalen toh positive bhi aayega isse accha toh rehta ki yaad kar lete nahi se dusre ka nuksan ho jaega aisa nahi karna chahiye dono hi saath saath chalta hai aur isliye man ke kiye gaye adhiktam kahani galat ho jaate hain ya phir uske fal hamein galat milte hain kyonki yah jo do muha saap ki tarah man chalta hai isse hamare andar jhuth paida hote hain aur yah jhuth hi hamein dharm se bhatt pata hai kyonki dharm toh sirf satya hai

आपकी तीनों ही बात है श्री सिरे से गलत है धर्म झूठ में है या धर्म सत्य में है दोनों ही बात

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Saurabh Bhardwaj

Writer & Film Director

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

श्रीमान जी धर्म एकदम असत्य है परमपिता परमेश्वर ने सृष्टि की रचना करते हुए कोई धर्म जात पात विशेष समुदाय की संरचना नहीं की थी यह केवल मनुष्य ने अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए बनाया है तो मेरा मानना है धर्म एकदम सत्य है और हमारे अंदर भी धर्म नाम का एक असत्य ही बैठा है हमें इसे दूर बाहर निकालने की आवश्यकता है परमपिता परमेश्वर ने मानव एक समान बनाए हैं पंचतत्व से प्रत्येक मानव का शरीर बना है और लास्ट में आखिर में आकर और पंचतत्व में विलीन हो जाना है अतः मेरा मानना है धर्म एकदम असत्य है धन्यवाद

shriman ji dharm ekdam asatya hai parampita parmeshwar ne shrishti ki rachna karte hue koi dharm jaat pat vishesh samuday ki sanrachna nahi ki thi yah keval manushya ne apni mahatwakanksha ko pura karne ke liye banaya hai toh mera manana hai dharm ekdam satya hai aur hamare andar bhi dharm naam ka ek asatya hi baitha hai hamein ise dur bahar nikalne ki avashyakta hai parampita parmeshwar ne manav ek saman banaye hain panchatatwa se pratyek manav ka sharir bana hai aur last me aakhir me aakar aur panchatatwa me vileen ho jana hai atah mera manana hai dharm ekdam asatya hai dhanyavad

श्रीमान जी धर्म एकदम असत्य है परमपिता परमेश्वर ने सृष्टि की रचना करते हुए कोई धर्म जात पा

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Pratibha

Author

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धर्म कमल सेठिया झूठ में उसकी व्याख्या नहीं कर सकते हैं क्योंकि धर्म एक आचरण है ऐसा आचरण जो मर्यादित है जिसमें सकारात्मकता है और हमेशा जनकल्याण के लिए अग्रसर होता हुआ व्यवहार ही आ सकता में धर्म है

dharm kamal sethiya jhuth me uski vyakhya nahi kar sakte hain kyonki dharm ek aacharan hai aisa aacharan jo maryadit hai jisme sakaraatmakata hai aur hamesha jankalyan ke liye agrasar hota hua vyavhar hi aa sakta me dharm hai

धर्म कमल सेठिया झूठ में उसकी व्याख्या नहीं कर सकते हैं क्योंकि धर्म एक आचरण है ऐसा आचरण

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BK Vishal

Rajyoga Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखी मैं पहले भी कई धर्म का अर्थ है धारणा और धारणा झूठ के आधार पर भी हो सकती हैं और धारणाएं सकते के आधार पर भी चलती है जो धरना झूठ के आधार पर चलती है तो वह झूठ धर्म होता है उसका परिणाम दुख होता है और जो सत्य के आधार पर धर्म स्थल हो जाता है तो वह सुख का कारण बनती है सत्य के आधार पर जो धारणा निर्मित की जाती है यह सत्य धारणा लेने की जाति कल्याण कारी हनीफ झूठ और सत्य दोनों में होती है धर्म दोनों में होता है हमारे अंदर झूठ भी हैं और सत्य भी है निर्धारित हमारा संस्कार करते हमारी बुद्धि करती हैं कि हमको करना क्या है झूठ कैसन करना है सच का सही करना है सच के धर्म पर चलना है कि झूठ के धर्म पर चल रहा है यह निर्णय हमारी बुद्धि करती है और बुद्धि की लगाम जो आत्मा के पास आत्मा की तीन शक्तियां है मन बुद्धि और संस्कार तो इनके अनुसार ही आत्मा झूठ पर झूठ के धर्म पर इतनी चलती है और सत्य के धर्म पर विचार थी दोनों ही चीजें होती हैं

dekhi main pehle bhi kai dharm ka arth hai dharana aur dharana jhuth ke aadhar par bhi ho sakti hain aur dharnae sakte ke aadhar par bhi chalti hai jo dharna jhuth ke aadhar par chalti hai toh vaah jhuth dharm hota hai uska parinam dukh hota hai aur jo satya ke aadhar par dharm sthal ho jata hai toh vaah sukh ka karan banti hai satya ke aadhar par jo dharana nirmit ki jaati hai yah satya dharana lene ki jati kalyan kaari hanif jhuth aur satya dono me hoti hai dharm dono me hota hai hamare andar jhuth bhi hain aur satya bhi hai nirdharit hamara sanskar karte hamari buddhi karti hain ki hamko karna kya hai jhuth kaisan karna hai sach ka sahi karna hai sach ke dharm par chalna hai ki jhuth ke dharm par chal raha hai yah nirnay hamari buddhi karti hai aur buddhi ki lagaam jo aatma ke paas aatma ki teen shaktiyan hai man buddhi aur sanskar toh inke anusaar hi aatma jhuth par jhuth ke dharm par itni chalti hai aur satya ke dharm par vichar thi dono hi cheezen hoti hain

देखी मैं पहले भी कई धर्म का अर्थ है धारणा और धारणा झूठ के आधार पर भी हो सकती हैं और धारणाए

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धर्म कभी झूठ में है कभी सत्य नहीं अगर आपके सामने से एक गाय को ही रहे और उसके पीछे पीछे कसाई आए और आपसे पता पूछा यहां से गए गई है तब आप झूठ बोलेंगे या सच

dharm kabhi jhuth me hai kabhi satya nahi agar aapke saamne se ek gaay ko hi rahe aur uske peeche peeche kasai aaye aur aapse pata poocha yahan se gaye gayi hai tab aap jhuth bolenge ya sach

धर्म कभी झूठ में है कभी सत्य नहीं अगर आपके सामने से एक गाय को ही रहे और उसके पीछे पीछे कसा

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Rajkumar

Astrologer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धर्म झूठ झूठ में है या सत्य में है या हमारे अंदर भी झूठ देखिए धर्म धूप में है या सत्य में है धर्म जो है वह सत्य में और सच में ही रहेगा झूठ में धर्म कभी आ नहीं सकता और रह नहीं सकता या हमारे अंदर भी झूठ है देखिए हमारे अंदर एनी हमारे अंदर इंसान के अंदर तो सब कुछ है झूठ है सच है चल है कपट है लोग है लालच है इंसान तो सब गलतियों का पुतला है इंसान के तू सब कुछ भरा पड़ा है तो धर्म झूठ में नहीं है धर्म सच में है और शक्तिमान है क्योंकि एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकती जा सकते होगा वही धर्म होगा और जैन धर्म होगा वही सत्य होगा जहां झूठ होगा वहां कभी सत्य रह नहीं सकता और ना धर्म रह सकता है

dharm jhuth jhuth me hai ya satya me hai ya hamare andar bhi jhuth dekhiye dharm dhoop me hai ya satya me hai dharm jo hai vaah satya me aur sach me hi rahega jhuth me dharm kabhi aa nahi sakta aur reh nahi sakta ya hamare andar bhi jhuth hai dekhiye hamare andar any hamare andar insaan ke andar toh sab kuch hai jhuth hai sach hai chal hai kapat hai log hai lalach hai insaan toh sab galatiyon ka putalaa hai insaan ke tu sab kuch bhara pada hai toh dharm jhuth me nahi hai dharm sach me hai aur shaktiman hai kyonki ek myana me do talwar nahi reh sakti ja sakte hoga wahi dharm hoga aur jain dharm hoga wahi satya hoga jaha jhuth hoga wahan kabhi satya reh nahi sakta aur na dharm reh sakta hai

धर्म झूठ झूठ में है या सत्य में है या हमारे अंदर भी झूठ देखिए धर्म धूप में है या सत्य में

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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धनु झूठ में है या सच में हमारे अंदर भी टूटा जो कोई जो है ना है जो धर्म हमेशा सत्य में कभी झूठ में धर्म नहीं हो सकता अगर झूठ में है तो अधर्म में और यह प्रश्न है कि हमारे अंदर भी झूठ है इसमें कोई संदेह नहीं है क्योंकि जो ढंग का पालन करता हूं कभी झूठ नहीं बोलेगा और जो अर्जुन के मार्ग पर चलते हैं या धन का मार्ग अपना लेता कदाचित टीशर्ट कंसाना नहीं देख सकता इतने हमारे अंदर भी झूठ पाया जाता है

dhanu jhuth me hai ya sach me hamare andar bhi tuta jo koi jo hai na hai jo dharm hamesha satya me kabhi jhuth me dharm nahi ho sakta agar jhuth me hai toh adharma me aur yah prashna hai ki hamare andar bhi jhuth hai isme koi sandeh nahi hai kyonki jo dhang ka palan karta hoon kabhi jhuth nahi bolega aur jo arjun ke marg par chalte hain ya dhan ka marg apna leta kadachit Tshirt kansana nahi dekh sakta itne hamare andar bhi jhuth paya jata hai

धनु झूठ में है या सच में हमारे अंदर भी टूटा जो कोई जो है ना है जो धर्म हमेशा सत्य में कभ

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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Rahul Jangra

Health and Fitness Expert, Yoga Teacher

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Rajesh Kumar Pandey

Career Counsellor

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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राम जी की आपका कसम झूठ में है यह सत्य में है या हमारे अंदर भी छूट तो धर्म कभी भी कोई भी धर्म लीजिए कभी भी खराब आते नहीं सिखाता कभी भी खराब बात नहीं बताता हमेशा कहता है उसमें दूसरे को दिल ना दुखाओ सत्य बोलो अगर बहुत जरूरत है किसी का हित हो रहा है इसमें तू झूठ एक बार दो बार बोलने से कुछ नहीं होता लेकिन हमेशा सच्ची राह पर चलो दूसरों की सेवा करो दूसरों को मान सम्मान दो और जो एक ईश्वर है उसे मालूम उसका विश्वास रखो नहीं अंदर की बात अंदर भी झूठे अंदर जो है व्यक्ति व्यक्ति पर निर्भर करता है जो व्यक्ति कैसा है उसके संस्कार कैसे कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं कि ऊपर से इतना मीठा दिखावा करते हैं कि सामने वाला बिल्कुल यह फ्लैट हो जाता है कि भाई कितना अच्छा व्यक्ति का लेकिन जब उसके बाद धीरे-धीरे उसे बरसते हैं तब मालूम पड़ता है कि इनके अंदर झूठ है और बाहर कुछ और चेहरा कुछ और है दिल कुछ और है सोचते कुछ और है करते कुछ और इसलिए धर्म कभी किसी का भी ध्यान खराब बात नहीं बताता हमेशा अच्छे संस्कार ही सिखाता है यह अपने ऊपर निर्भर है आप कितना लेते हैं और कितना उसका पालन करते स्वस्थ रहें मस्त रहें धन्यवाद

ram ji ki aapka kasam jhuth me hai yah satya me hai ya hamare andar bhi chhut toh dharm kabhi bhi koi bhi dharm lijiye kabhi bhi kharab aate nahi sikhata kabhi bhi kharab baat nahi batata hamesha kahata hai usme dusre ko dil na dukhao satya bolo agar bahut zarurat hai kisi ka hit ho raha hai isme tu jhuth ek baar do baar bolne se kuch nahi hota lekin hamesha sachi raah par chalo dusro ki seva karo dusro ko maan sammaan do aur jo ek ishwar hai use maloom uska vishwas rakho nahi andar ki baat andar bhi jhuthe andar jo hai vyakti vyakti par nirbhar karta hai jo vyakti kaisa hai uske sanskar kaise kuch vyakti aise hote hain ki upar se itna meetha dikhawa karte hain ki saamne vala bilkul yah flat ho jata hai ki bhai kitna accha vyakti ka lekin jab uske baad dhire dhire use baraste hain tab maloom padta hai ki inke andar jhuth hai aur bahar kuch aur chehra kuch aur hai dil kuch aur hai sochte kuch aur hai karte kuch aur isliye dharm kabhi kisi ka bhi dhyan kharab baat nahi batata hamesha acche sanskar hi sikhata hai yah apne upar nirbhar hai aap kitna lete hain aur kitna uska palan karte swasth rahein mast rahein dhanyavad

राम जी की आपका कसम झूठ में है यह सत्य में है या हमारे अंदर भी छूट तो धर्म कभी भी कोई भी धर

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जय राम जी की धर्म झूठ में या सत्य में हैं हमारे अंदर भी झूठा है तो जब आपके अंदर भैया सही बात कही आपने सच बात है जब आपके अंदर जिसके अंदर झूठ कपट पाखंड लोभ मोह मद मत्सर या राग द्वेष धर्म नहीं होता वह तो गंगा नहाए तो गंगादास जमुना नहीं तो जमुनादास इसलिए सत्य और सदाचारी का धर्म होता है और जिसके अंदर झूठ है उसका कोई धर्म नहीं होता है वह अभी यहां पर कुछ वहां पर कुछ और खूब बेज्जती भी होती है उसके आधारहीन भी होता है और उसको कोई पवित्र नहीं कर सकता सत्य का आचरण कीजिए जो सत्य का आचरण करते हैं वह कभी झूठ नहीं बोलते और झूठ भी उड़ने वाला कवि सत्य का आचरण नहीं करता है यह बात है प्रभु पालवा कि मैं आप देखें समझ लीजिए सत्य तो सत्य है उसके बराबर कोई ऐप नहीं है उसके बराबर कोई पवित्र नहीं है उसके बराबर कोई ज्ञानवान व्यक्ति नहीं होना चाहिए

jai ram ji ki dharm jhuth me ya satya me hain hamare andar bhi jhutha hai toh jab aapke andar bhaiya sahi baat kahi aapne sach baat hai jab aapke andar jiske andar jhuth kapat pakhand lobh moh mad matsar ya raag dvesh dharm nahi hota vaah toh ganga nahae toh gangadas jamuna nahi toh jamunadas isliye satya aur sadachari ka dharm hota hai aur jiske andar jhuth hai uska koi dharm nahi hota hai vaah abhi yahan par kuch wahan par kuch aur khoob beijjati bhi hoti hai uske adharhin bhi hota hai aur usko koi pavitra nahi kar sakta satya ka aacharan kijiye jo satya ka aacharan karte hain vaah kabhi jhuth nahi bolte aur jhuth bhi udane vala kavi satya ka aacharan nahi karta hai yah baat hai prabhu palva ki main aap dekhen samajh lijiye satya toh satya hai uske barabar koi app nahi hai uske barabar koi pavitra nahi hai uske barabar koi gyaanvaan vyakti nahi hona chahiye

जय राम जी की धर्म झूठ में या सत्य में हैं हमारे अंदर भी झूठा है तो जब आपके अंदर भैया सही ब

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Harish Chand

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार मित्रों आपका सवाल है कि धर्म झूठ में है यह सत्य में है या हमारे अंदर भी छूट है मित्र बहुत अच्छा सवाल है आपका आपको बता दूं इधर कभी झूठ में नहीं मिलता धर्म पराकाष्ठा है वह सत्य में है सतगुरु में है इसलिए धर्म आप करना चाहते हो तो सत्य बोलो अपना कर्म इमानदारी से करो किसी को धोखा मत दो किसी की निंदा मत करो यह धर्म को पाने की शान है अगर आप ऐसा करते हो तो वास्तव में आपके अंदर धर्म की एक अनूठी छपी अगर कोई आपके सामने किसी की निंदा करता है तो वहां अपनी वार्तालाप को विराम देकर के उस स्थान से हट जाना चाहिए क्योंकि धर्म इस संसार में सबसे बड़ी चीज धर्म करो आगे बढ़ो बोलो जय सिया राम

namaskar mitron aapka sawaal hai ki dharm jhuth me hai yah satya me hai ya hamare andar bhi chhut hai mitra bahut accha sawaal hai aapka aapko bata doon idhar kabhi jhuth me nahi milta dharm parakashtha hai vaah satya me hai satguru me hai isliye dharm aap karna chahte ho toh satya bolo apna karm imaandari se karo kisi ko dhokha mat do kisi ki ninda mat karo yah dharm ko paane ki shan hai agar aap aisa karte ho toh vaastav me aapke andar dharm ki ek anuthi chhapi agar koi aapke saamne kisi ki ninda karta hai toh wahan apni vartalaap ko viraam dekar ke us sthan se hut jana chahiye kyonki dharm is sansar me sabse badi cheez dharm karo aage badho bolo jai sia ram

नमस्कार मित्रों आपका सवाल है कि धर्म झूठ में है यह सत्य में है या हमारे अंदर भी छूट है मित

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

1:41
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राम राम जी की आपका प्रश्न हमारे अंदर धर्मेंद्र अंत में नहीं कोई भी धर्म हो हर धर्म सिखाता है सत्य बोलो प्रिय बोलो कि शिकायत मत करो किसी के साथ इंसान ना करो मनुष्य को एक मानो मनुष्य से प्रेम करो सबके काम आओ सर को आदर जो सबको प्रेम करो विकी जो धर्म हमारा इस तरह से कैसे हो जीवन जी मार्गदर्शन करता है झूठ कैसे हो सकता है या उसमें झूठ कैसे हो सकता है अब आपके डिस्ट्रिक्ट में आता हूं मैं पार्ट नंबर 2 पर या हमारे अंदर भी झूठ है देखिए मैं यह नहीं कहूंगा कि हमारे अंदर भी झूठ ठीक है मनुष्य दो तरह की होती एक फौजी टिप्स उसके वह दूसरे की सहायता करने को तुम पा देती हैं हरि की काम आते हैं हरि का सम्मान करते हैं हरीश मीठा बोलते हैं लोकेंद्र दूध नहीं होता लेकिन नेगेटिव सोच के जो बने हैं उनके अंदर झूठ कपट की शादी

ram ram ji ki aapka prashna hamare andar dharmendra ant me nahi koi bhi dharm ho har dharm sikhata hai satya bolo priya bolo ki shikayat mat karo kisi ke saath insaan na karo manushya ko ek maano manushya se prem karo sabke kaam aao sir ko aadar jo sabko prem karo vicky jo dharm hamara is tarah se kaise ho jeevan ji margdarshan karta hai jhuth kaise ho sakta hai ya usme jhuth kaise ho sakta hai ab aapke district me aata hoon main part number 2 par ya hamare andar bhi jhuth hai dekhiye main yah nahi kahunga ki hamare andar bhi jhuth theek hai manushya do tarah ki hoti ek fauji tips uske vaah dusre ki sahayta karne ko tum paa deti hain hari ki kaam aate hain hari ka sammaan karte hain harish meetha bolte hain lokendra doodh nahi hota lekin Negative soch ke jo bane hain unke andar jhuth kapat ki shaadi

राम राम जी की आपका प्रश्न हमारे अंदर धर्मेंद्र अंत में नहीं कोई भी धर्म हो हर धर्म सिखाता

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Dr.Manoj kumar Pandey

M.D (A.M) ,Astrologer ,9044642070

2:02
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धर्म झूठ में आया सत्य में आया अंदर है भारत धर्म के धर्म के बारे में लिखा गया शास्त्रों में धर्मो रक्षति रक्षिता धर्म की रक्षा इस्लाम में कहा गया है कि जब हमारा इस्लाम में कोई खतरा है तो अब याद करो और गैर इस्लामिक लोगों को मार दो अपने स्थान के आगे बढ़ाओ नाम ही नहीं बचेगा तो मुसलमान धर्म रक्षा धर्म में लिखा है कि अहिंसा परमो धर्मा चिंता ना करना ही परम धर्म पर धर्मं रखता अगर धर्म की रक्षा कर सकता की छूट से सनातन धर्म में धर्म की रक्षा के लिए वैसे आप ऐसा नहीं कर सकते तो इसका धर्म सर्वोपरि है अगर आप क्या करोगे अधर्म का सत्यम ब्रूयात प्रियं ब्रूयात सत्यम सत्य बोलो सत्य बोलता है धरने बलात्कार करने के लिए ज्ञान है शास्त्रोक्त सनातन है तो अच्छे कर्म करने के लिए सुखी संपन्न जीवन और मृत्यु की प्राप्ति हो धर्मो रक्षति रक्षिता रक्षिता और इंसान करना इंसान सिर्फ एक चीज में कर सकते हो जब धर्म रक्षा हो तब आप भी ऐसा कर सकता है ऐसे अहिंसा परमो धर्मा धर्म रक्षा धर्म हिंसा तथैव का धर्म की रक्षा के लिए क्या कर सकते हो पर अन्य चीजें में नहीं कर सकते इसलिए धर्म का पालन करना

dharm jhuth me aaya satya me aaya andar hai bharat dharm ke dharm ke bare me likha gaya shastron me dharmon rakshati rakshita dharm ki raksha islam me kaha gaya hai ki jab hamara islam me koi khatra hai toh ab yaad karo aur gair islamic logo ko maar do apne sthan ke aage badhao naam hi nahi bachega toh musalman dharm raksha dharm me likha hai ki ahinsa paramo dharma chinta na karna hi param dharm par dharman rakhta agar dharm ki raksha kar sakta ki chhut se sanatan dharm me dharm ki raksha ke liye waise aap aisa nahi kar sakte toh iska dharm sarvopari hai agar aap kya karoge adharma ka satyam bruyat priyan bruyat satyam satya bolo satya bolta hai dharne balatkar karne ke liye gyaan hai shastrokt sanatan hai toh acche karm karne ke liye sukhi sampann jeevan aur mrityu ki prapti ho dharmon rakshati rakshita rakshita aur insaan karna insaan sirf ek cheez me kar sakte ho jab dharm raksha ho tab aap bhi aisa kar sakta hai aise ahinsa paramo dharma dharm raksha dharm hinsa tathaiv ka dharm ki raksha ke liye kya kar sakte ho par anya cheezen me nahi kar sakte isliye dharm ka palan karna

धर्म झूठ में आया सत्य में आया अंदर है भारत धर्म के धर्म के बारे में लिखा गया शास्त्रों में

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Pramod Kumar

Lecturer

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अब क्या है भावनाओं सहित अलग-अलग तरह की व्यवस्था हमारा सेक्सी फिल्म दिखा दे सुधाकर मेरी तरफ से धर्मपुर अशीष चंचलानी ओके यार कम से कम आत्मविश्वास पिक्चर ना पोरिया बांग्ला

ab kya hai bhavnao sahit alag alag tarah ki vyavastha hamara sexy film dikha de sudhakar meri taraf se dharmpur ashish chanchalani ok yaar kam se kam aatmvishvaas picture na poriya bangla

अब क्या है भावनाओं सहित अलग-अलग तरह की व्यवस्था हमारा सेक्सी फिल्म दिखा दे सुधाकर मेरी तरफ

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Pawan Thakur

God Dress Manufacturer

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जय श्री राम धर्म झूठ या सत्य में यह हमारे अंदर भी झूठ है तो प्रभु धर्म हमेशा सत्य में होता है परंतु कई ऐसी परिस्थितियां भी होती हैं जहां झूठ बोलना भी एक धर्म होता है आप महाभारत देखेंगे द्रोणाचार्य का वध करना बहुत आवश्यक था उसके लिए भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर से भी एक छोटा सा झूठ बोल वाया क्या अश्वत्थामा मारा गया जो झूठ किसी का हेड करें वह धर्म है और सत्य में तो सदा धर्म होता है हमारे अंदर झूठ और सच दोनों होते हैं परंतु हम सत्य की बजाय झूठ ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि झूठ हमेशा सुनने में बहुत अच्छा लगता है और सत्य हमेशा सुनने में कड़वा लगता है परंतु आपकी जो अंदर की आत्मा है अंतरात्मा है वह हमेशा आपको सच और झूठ सही या गलत तो धर्म या धर्म इसकी पहचान कराती रहेगी अपनी औकात में की सही आवाज को पहचाने

jai shri ram dharm jhuth ya satya me yah hamare andar bhi jhuth hai toh prabhu dharm hamesha satya me hota hai parantu kai aisi paristhiyaann bhi hoti hain jaha jhuth bolna bhi ek dharm hota hai aap mahabharat dekhenge dronacharya ka vadh karna bahut aavashyak tha uske liye bhagwan krishna ne yudhishthir se bhi ek chota sa jhuth bol vaya kya ashvatthaama mara gaya jo jhuth kisi ka head kare vaah dharm hai aur satya me toh sada dharm hota hai hamare andar jhuth aur sach dono hote hain parantu hum satya ki bajay jhuth zyada pasand karte hain kyonki jhuth hamesha sunne me bahut accha lagta hai aur satya hamesha sunne me kadwa lagta hai parantu aapki jo andar ki aatma hai antaraatma hai vaah hamesha aapko sach aur jhuth sahi ya galat toh dharm ya dharm iski pehchaan karati rahegi apni aukat me ki sahi awaaz ko pehchane

जय श्री राम धर्म झूठ या सत्य में यह हमारे अंदर भी झूठ है तो प्रभु धर्म हमेशा सत्य में होत

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Dr. Hemanth Kumar Nepal

Assistant Professor Government Sanskrit College Samdong

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अच्छा नमस्कार आपका कोई सीने दौर में झूठ में है या सत्य में है यह हमारे अंदर भी झूठ है धर्म को झूठ मत कहना चाहिए धर्म कभी भी झूठा नहीं होता है जो जन्म इंसान का जन्मजात प्रवृत्ति है जो सभ्यता से शुरू होकर अभी तक निरंतर गति से चल रहा है उसको झूठ कैसे कर सकते हैं झूठ नहीं है धर्म कभी भी झूठ नहीं होता है और धर्म का गलत अर्थ लगाने वाले धर्म स्वरूप संपत संप्रदाय पर जोड़ने वाले संप्रदाय को ही धर्म मानने वाले विचार पर यह हो सकता है धर्म का झूठा योग के कारण धर्म के नाम पर झूठी झूठी पद्धतियां अपनाने के कारण धर्म का आज बदनाम हो रहा है धर्म के नाम पर धर्म करने वाले लोगों के कारण के कारण आज धर्मा बदनामी हो रहा है धर्म कभी भी झूठा नहीं हो सकता जो स्वस्थ मार्ग को तेज चले वही धर्म होता है जो सत्य ही धर्म होता है ऐसा होता है नहीं होता है धर्म के ऊपर जो भ्रम है धर्मों को गलत समझ के धर्मों के अर्थ को गलत लगा के जो इंसान के अंदर है धर्म झूठा नहीं है धन्यवाद

accha namaskar aapka koi seene daur me jhuth me hai ya satya me hai yah hamare andar bhi jhuth hai dharm ko jhuth mat kehna chahiye dharm kabhi bhi jhutha nahi hota hai jo janam insaan ka janmajat pravritti hai jo sabhyata se shuru hokar abhi tak nirantar gati se chal raha hai usko jhuth kaise kar sakte hain jhuth nahi hai dharm kabhi bhi jhuth nahi hota hai aur dharm ka galat arth lagane waale dharm swaroop sampat sampraday par jodne waale sampraday ko hi dharm manne waale vichar par yah ho sakta hai dharm ka jhutha yog ke karan dharm ke naam par jhuthi jhuthi paddhatiyan apnane ke karan dharm ka aaj badnaam ho raha hai dharm ke naam par dharm karne waale logo ke karan ke karan aaj dharma badnami ho raha hai dharm kabhi bhi jhutha nahi ho sakta jo swasth marg ko tez chale wahi dharm hota hai jo satya hi dharm hota hai aisa hota hai nahi hota hai dharm ke upar jo bharam hai dharmon ko galat samajh ke dharmon ke arth ko galat laga ke jo insaan ke andar hai dharm jhutha nahi hai dhanyavad

अच्छा नमस्कार आपका कोई सीने दौर में झूठ में है या सत्य में है यह हमारे अंदर भी झूठ है धर्म

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Pramodan swami (PK.VERMAN)

Prem Hi Dharm Hai Premi Karm Hi Prem Hi Safar

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Ramandeep Singh

Waheguru industry

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Ckp

Interior Deginer & Builder

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