मुझे किसी का बात सुनना पसंद नहीं आता है, जैसे कि कोई ज़्यादा अपने आपको को ओवरकॉन्फिडेंट समझे और पागलपन से बात करें तो मुझे वह पसंद नहीं आता है, मुझे ऐसा लगता है कि मुझे स्वाभाव का नहीं है, ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?...


user

सुरेन्द्र पाल गुप्ता

रिटायर्ड प्रधानाचार्य

1:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने लिखा है कि मुझे किसी की बात सुनना पसंद नहीं है कोई ज्यादा ओवर कॉन्फिडेंट समझे इसमें मेरा यह कहना है कि लोग जो है अपनी बातों को तरह से रखने की कोशिश करते अपने आपको और क्लेवर यानी अपने आपको बहुत ज्यादा चतुर मानते हैं और दूसरे की बात को खत्म होने देते ऐसे लोगों से बचना भी चाहिए उसे ऐसे लोग होते हैं जो कि बोलते रहते हैं बोलते रहते हैं दूसरों की बात को सुनते ही नहीं जो बोलता है उसको सुनना भी उसे सही बोलने की विशेष सुनने वाला बड़ा महत्व कम होता है तो आपने सही बात की है अधिक बोलना यह वो कोई सच्चाई की बात करेगा यह जरूरी काम भी करेगा यह भी कुछ बोलना तो बोलते ज्यादा मनुष्य को बोलना नहीं चाहिए जो काम की बात है उस बात से ही समझ रखना चाहिए और उतना ही बोलना चाहिए जितना हमें जरूरत है जरूरत से ज्यादा मैं तो किसी को सलाह देनी चाहिए नहीं बोलना चाहिए धन्यवाद

aapne likha hai ki mujhe kisi ki baat sunana pasand nahi hai koi zyada over confident samjhe isme mera yah kehna hai ki log jo hai apni baaton ko tarah se rakhne ki koshish karte apne aapko aur clever yani apne aapko bahut zyada chatur maante hain aur dusre ki baat ko khatam hone dete aise logo se bachna bhi chahiye use aise log hote hain jo ki bolte rehte hain bolte rehte hain dusro ki baat ko sunte hi nahi jo bolta hai usko sunana bhi use sahi bolne ki vishesh sunne vala bada mahatva kam hota hai toh aapne sahi baat ki hai adhik bolna yah vo koi sacchai ki baat karega yah zaroori kaam bhi karega yah bhi kuch bolna toh bolte zyada manushya ko bolna nahi chahiye jo kaam ki baat hai us baat se hi samajh rakhna chahiye aur utana hi bolna chahiye jitna hamein zarurat hai zarurat se zyada main toh kisi ko salah deni chahiye nahi bolna chahiye dhanyavad

आपने लिखा है कि मुझे किसी की बात सुनना पसंद नहीं है कोई ज्यादा ओवर कॉन्फिडेंट समझे इसमें म

Romanized Version
Likes  139  Dislikes    views  1184
WhatsApp_icon
25 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
Likes  214  Dislikes    views  2085
WhatsApp_icon
user

Monika Sharma

Psychologist

2:04
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसे लोगों को समझ नहीं पाता पसंद नहीं कर पाता है मुझे क्या करना चाहिए होता है कि उनकी बातों में उनके तौर-तरीकों में हमें ज्यादा ही मतलब ओवरकॉन्फिडेंस की फीलिंग आ रही होती है बनावटी थाना में फील हो रहा है क्यों नहीं है उससे बात नहीं करनी हमें कन्वेंस नहीं कर पा रही है लेकिन उनकी आदत होती है कि वह बढ़कर कुछ ना कुछ सलाह देंगे आपको बताने की कोशिश करेंगे आपकी निकालने की कोशिश करेंगे ऐसे लोगों के लिए बेस्ट ऐप को चाहिए कि ऐसे लोगों को हमें इग्नोर करना चाहिए उनकी बातों से अपने आपको एक बात नहीं होने देना चाहिए और अपनी अपनी अपनी चीजों को चेंज करने की धीरे-धीरे क्वेश्चन स्टार्ट करें अगर समझना तो जाती है और एक जी पहली बात सबसे पहले जो लिखा था कि मुझे किसी की बात सुनना नहीं जो आपने लिखा है तो सही मुझे ऐसा लगता है कि सही बातें ही बातें गलत बात करना चाहिए हमें यह समझना चाहिए कि कौन हमारे लिए अच्छा सोचता है उनकी बातों को जरूर सुनना चाहिए एक बार उसको हॉट जरूर देना चाहिए क्योंकि बिल्कुल ही नहीं सुनेंगे कि आपके लिए क्या कह रहे हो सकता है कई बार अपनी इंप्रूवमेंट के जो हो रीजंस हो सकते हैं जो ठीक कर सकते आपके लाइफ में आगे आपको पिला सकते चेंज लाने की कोशिश करिए जो भी लोकेशन के बाद थोड़ा करिए

aise logo ko samajh nahi pata pasand nahi kar pata hai mujhe kya karna chahiye hota hai ki unki baaton me unke taur trikon me hamein zyada hi matlab ovarakanfidens ki feeling aa rahi hoti hai banavati thana me feel ho raha hai kyon nahi hai usse baat nahi karni hamein convence nahi kar paa rahi hai lekin unki aadat hoti hai ki vaah badhkar kuch na kuch salah denge aapko batane ki koshish karenge aapki nikalne ki koshish karenge aise logo ke liye best app ko chahiye ki aise logo ko hamein ignore karna chahiye unki baaton se apne aapko ek baat nahi hone dena chahiye aur apni apni apni chijon ko change karne ki dhire dhire question start kare agar samajhna toh jaati hai aur ek ji pehli baat sabse pehle jo likha tha ki mujhe kisi ki baat sunana nahi jo aapne likha hai toh sahi mujhe aisa lagta hai ki sahi batein hi batein galat baat karna chahiye hamein yah samajhna chahiye ki kaun hamare liye accha sochta hai unki baaton ko zaroor sunana chahiye ek baar usko hot zaroor dena chahiye kyonki bilkul hi nahi sunenge ki aapke liye kya keh rahe ho sakta hai kai baar apni improvement ke jo ho rijans ho sakte hain jo theek kar sakte aapke life me aage aapko pila sakte change lane ki koshish kariye jo bhi location ke baad thoda kariye

ऐसे लोगों को समझ नहीं पाता पसंद नहीं कर पाता है मुझे क्या करना चाहिए होता है कि उनकी बातों

Romanized Version
Likes  603  Dislikes    views  4367
WhatsApp_icon
user

Dr. PRAVINA MISHRA

REHABILITATION PSYCHOLOGIST

1:33
Play

Likes  56  Dislikes    views  419
WhatsApp_icon
user

DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

2:52
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ने जो भी बात कही है उस बात में में 2 * 2 * आप दूसरे व्यक्ति में बताने वही मुझे आंख में दिखने आपने कहा मुझे सुनना पसंद नहीं आता जैसे कि कोई अपने आप को और कॉन्फिडेंट समझते हैं और पागलपन करके चेक करता है यह जो वाक्य में जो शब्दों का चुनाव किया आपने यह आपके ऊपर लाभ होता है आप अपने आपको और कॉन्फिडेंट कंपलीट नॉलेज और डिक्टेटरशिप जैसी चीजें अपने देना अपने बनारस में क्या को किसी का सुनना पसंद नहीं लगता किसी का आपको चमियाला अच्छा नहीं लगता अच्छा क्या नक्शा जब तक किसी की बात सुनेंगे नहीं उसको सब समझेंगे नहीं तो क्या सही है क्या गलत है या आपको कैसे पता लगेगा पूरी बात ध्यान से सुनो और सिस्टम टो रिलाइज करो अकेले को जो कुछ आपके सामने बात रखी गई है वह बात सही है या गलत है तभी आपको पता लगेगा बिना सुने बिना समझे वह भी ओवरकॉन्फिडेंट नहीं है जैसा आप सोच रहे हैं बल्कि आप और कॉन्फिडेंट है और बहुत गर्मी है इसको दूसरे शब्दों में ऐंकारी कर सकते हैं अपनी कमजोरियों को दूर करो सुनने की आदत डालो समझने की आदत डालो कोई डाउट है तो पूछ लो अपनी कोई संदेह है तो दूर कर दो और अहंकार दूर करो लेकिन कार से समस्त ज्ञान बुद्धि और विवेक नष्ट हो जाते हैं और इंसान आगे बढ़ने से वंचित हो जाता है इसलिए इन बातों के विचार करो और अपना मार्ग लूंगा अपने आज अगर सद्गुण आप निकाल लेंगे पैदा करनी है तो निश्चित रूप से बहुत जल्दी सफलता के द्वार पर जाएंगे नहीं जो आदित्य इंसान अपने अंदर डाल लेता वही आदित्य उसकी जिंदगी की राह चुनते हैं और सफलता सफलता वशीकरण

ne jo bhi baat kahi hai us baat me me 2 2 aap dusre vyakti me batane wahi mujhe aankh me dikhne aapne kaha mujhe sunana pasand nahi aata jaise ki koi apne aap ko aur confident samajhte hain aur pagalpan karke check karta hai yah jo vakya me jo shabdon ka chunav kiya aapne yah aapke upar labh hota hai aap apne aapko aur confident complete knowledge aur dictatorship jaisi cheezen apne dena apne banaras me kya ko kisi ka sunana pasand nahi lagta kisi ka aapko chamiyala accha nahi lagta accha kya naksha jab tak kisi ki baat sunenge nahi usko sab samjhenge nahi toh kya sahi hai kya galat hai ya aapko kaise pata lagega puri baat dhyan se suno aur system toe rilaij karo akele ko jo kuch aapke saamne baat rakhi gayi hai vaah baat sahi hai ya galat hai tabhi aapko pata lagega bina sune bina samjhe vaah bhi ovarakanfident nahi hai jaisa aap soch rahe hain balki aap aur confident hai aur bahut garmi hai isko dusre shabdon me ainkari kar sakte hain apni kamzoriyo ko dur karo sunne ki aadat dalo samjhne ki aadat dalo koi doubt hai toh puch lo apni koi sandeh hai toh dur kar do aur ahankar dur karo lekin car se samast gyaan buddhi aur vivek nasht ho jaate hain aur insaan aage badhne se vanchit ho jata hai isliye in baaton ke vichar karo aur apna marg lunga apne aaj agar sadgun aap nikaal lenge paida karni hai toh nishchit roop se bahut jaldi safalta ke dwar par jaenge nahi jo aditya insaan apne andar daal leta wahi aditya uski zindagi ki raah chunte hain aur safalta safalta vashikaran

ने जो भी बात कही है उस बात में में 2 * 2 * आप दूसरे व्यक्ति में बताने वही मुझे आंख में दिख

Romanized Version
Likes  445  Dislikes    views  5604
WhatsApp_icon
user

Rajesh Rana

Educator, Lawyer

2:29
Play

Likes  93  Dislikes    views  2318
WhatsApp_icon
user

Anjana Baliga

Counselor

5:11
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

चलिए आपका जो भी सवाल है उस सवाल को 1 मिनट के लिए अलग छोड़ देते हैं मैं और आप पंजा लगाना लड़ाते हैं अब आप पंजे बाजी में बहुत आप मुझे हरा देते हैं और आप जीत गए आप तो यही बात की खुशी मना ओगे ना कि आप ने मुझे हरा दिया और आप जीत से अब मैं जो इस तरह हो जो मैं पंजे लड़ा रही थी मैं हार गई मैं तो दुर्बल हूं और आप बलवान तो मेरा तो हारना निश्चित है क्योंकि आप उस आपकी शक्ति अधिक है जिसकी शक्ति अधिक है वह दूसरे को हमेशा ही हर आएगा और जब दो जने एक मुकाबले में लड़ रहे हैं तो क्या होगा दोनों या तो जीत सकते हैं दोनों हार सकते हैं एक जीतेगा अक्सर जीवन में यही होता है एक जीता है एक हफ्ता अब हारने वाला व्यक्ति यह सोच ले कि वह तो बलवान था मैं हार गया या वह यह सोचकर लड़की अपने आपको बहुत ज्यादा समझता है इसलिए वह चीज का अब यह मेरे ऊपर मैं क्या समझू इसको इस लड़ाई को मैं इसको तीन दृष्टि से देख सकती हूं मैं मैं तो दुर्बल थी मैं हार गई एक नंबर एक दूसरा में सोचो नहीं यार उसमें बहुत ही ज्यादा हंकार था वह बहुत ही बड़ा पहलवान है अपने आपको ज्यादा ही कुछ समझता इसलिए वह जीत गया मैं यह देखो इस लड़ाई में मेरी तरफ से क्या कमी रह गई थी कि मैं उसको भी हरा सकती थी या मैंने कोई चतुराई लगाई कि मैं उसको हरा सका तो जीवन में कई बार ऐसे क्षण आते हैं जब हम हमारा जो प्रतिद्वंदी होता है वह थोड़ा ही बलवान होता है और हमारी उसके साथ मैचिंग नहीं होती हम उसको पूरी तरह हरा नहीं पाते तो हम क्या करें या तो समर्पण कर ले नंबर 1 सबसे अच्छा तो समर्पण कर लो ठीक है भैया तू अपने क्षेत्र में बलवान है अपने क्षेत्र में बलवान हूं और मैंने अपनी हार मान ली आप हार मान लीजिए इसमें कोई कोई वह नहीं है दुर्बलता नहीं है सबसे पहले आप यह देखिए इस जो युद्ध हुआ उसमें सिर्फ चार थी दोनों के बीच में मैंने और आपने जो लड़ाई लड़ी उसमें सीख जाती मुझे यह पता चल गया कि अगर ऐसा गांव चलेंगे तो मैं भी जीत सकता हूं आप अदाओं पर सीखने की कोशिश करिए कि वह किस पॉइंट पर आगे निकल गया उसका क्या पॉइंट वैलिड था क्या वह जो कह रहा था कि वाकई में उसमें कोई सत्य था कि सबसे पहले सत्यता को ढूंढने की कोशिश करें हम अक्सर लड़ाई में लड़ाई में उलझे रहते हैं हम सत्य को नहीं पूछते तो जब थोड़ी देर गहराई से सांसे लीजिए शांति से बैठे और सच्चाई की तरफ ढूंढने की कोशिश करेगी उसकी और मेरी भैंस में क्या सत्य था जो वह कह रहा था वह सत्य था जो यह मैं कह रहा था वह सत्य था अगर नहीं है तो गूगल में उस सत्यता को ढूंढिए की दोनों की बातों में सत्यता कहां थी जब आप सत्य की खोज कर लेंगे सच्चे पता चल जाएगा नहीं वह वाकई में सत्य बोल रहा था और मैं ही इसकी सच्चे को मान नहीं रहा था तब हम वाक्य में हम विनर होंगे हम जीत जाएंगे हम विजेता होंगे क्योंकि लड़ाई उसकी नहीं लड़ाई हम और अपने मन में चल रही हमारे बीच में अगर हम अपने मन को सही करें और सत्य दिशा में मोड़ चुके हैं यही असली लड़ाई है असली युद्ध तो यहां शुरू होता है जब यह लड़ाई खत्म होकर व्यक्ति तो चला गया पर युद्ध तो हमारे अंदर चला हमारे अंदर प्रतिद्वंदी हमारे अंदर महाभारत जो रोज चल रहा है इन विचारों का जो द्वंद चल रहा है या नहीं यस यही जो चल रहा है इसको यस बनाना है सत्य की तरफ बढ़ी है सत्य ढूंढी है इसमें इस सत्य को अगर आप ने खोज लिया ओवरकॉन्फिडेंट क्यों है वह उसका उसके जैसे मैं कॉन्फिडेंस कैसे करूं मैं कैसे योग्य बनो यह सब आपको ढूंढ रहा है मैं कैसे अपने क्षेत्र में अच्छा बनो कि अगली बार अगर वह हमारे बीच में युद्ध हो प्रतिद्वंदी हो तो मैं लिस्नर नाम एक अच्छा स्पीकर बनो कैसे मैं अपने पॉइंट को रखो कि हां आ सामने वाला भी चकित हो जाए भाई इतने कैसे यह किया तो आप अपना युद्ध खुद लड़ी है आपने किसी क्षेत्र में आप कमजोर है उसी से इतर को क्षेत्र का ज्ञान हासिल कीजिए भगवान के सामने समर्पण कीजिए तब आपको समझ में आएगा कि मेरा युद्ध तो मेरे से यह हो रहा था ना कि दूसरे व्यक्ति से जब आप इस तरह सोचेंगे आप हर क्षेत्र में विजई होंगे तो आपको विनर बनना है यह नहीं कि दुनिया में दूसरों से लड़े दूसरों से लड़ाई तो हर कोई लड़का है अपने आप से लड़ाई करिए अपने मन से जीतने की कोशिश करिए कि मैं कहां पीछे रह गया अपने कॉन्फिडेंस को देखकर मेरा कॉन्फिडेंस लेवल अट 40% है 50% करने के लिए मुझे क्या करना पड़ेगा इस सोच के साथ जीवन में बड़ी है जब आप अपनी खुद की लड़ाई में जीत जाएंगे तो ही आप एक अच्छे योद्धा है दूसरों से लड़ कर दूसरों से जीतकर हमें कोई फायदा नहीं मिलने वाला सत्य खोज में लगाइए जीवन सत्य क्या है जब आप सत्य की खोज करेंगे तो भगवान आपको अलग ही दिशाएं दिखाएगा गॉड ब्लेस यू थैंक यू

chaliye aapka jo bhi sawaal hai us sawaal ko 1 minute ke liye alag chhod dete hain main aur aap panja lagana ladaate hain ab aap panje baazi me bahut aap mujhe hara dete hain aur aap jeet gaye aap toh yahi baat ki khushi mana oge na ki aap ne mujhe hara diya aur aap jeet se ab main jo is tarah ho jo main panje lada rahi thi main haar gayi main toh durbal hoon aur aap balwan toh mera toh harana nishchit hai kyonki aap us aapki shakti adhik hai jiski shakti adhik hai vaah dusre ko hamesha hi har aayega aur jab do jane ek muqable me lad rahe hain toh kya hoga dono ya toh jeet sakte hain dono haar sakte hain ek jitega aksar jeevan me yahi hota hai ek jita hai ek hafta ab haarne vala vyakti yah soch le ki vaah toh balwan tha main haar gaya ya vaah yah sochkar ladki apne aapko bahut zyada samajhata hai isliye vaah cheez ka ab yah mere upar main kya samjhu isko is ladai ko main isko teen drishti se dekh sakti hoon main main toh durbal thi main haar gayi ek number ek doosra me socho nahi yaar usme bahut hi zyada hankar tha vaah bahut hi bada pahalwan hai apne aapko zyada hi kuch samajhata isliye vaah jeet gaya main yah dekho is ladai me meri taraf se kya kami reh gayi thi ki main usko bhi hara sakti thi ya maine koi chaturaai lagayi ki main usko hara saka toh jeevan me kai baar aise kshan aate hain jab hum hamara jo pratidwandi hota hai vaah thoda hi balwan hota hai aur hamari uske saath matching nahi hoti hum usko puri tarah hara nahi paate toh hum kya kare ya toh samarpan kar le number 1 sabse accha toh samarpan kar lo theek hai bhaiya tu apne kshetra me balwan hai apne kshetra me balwan hoon aur maine apni haar maan li aap haar maan lijiye isme koi koi vaah nahi hai durbalata nahi hai sabse pehle aap yah dekhiye is jo yudh hua usme sirf char thi dono ke beech me maine aur aapne jo ladai ladi usme seekh jaati mujhe yah pata chal gaya ki agar aisa gaon chalenge toh main bhi jeet sakta hoon aap adaon par sikhne ki koshish kariye ki vaah kis point par aage nikal gaya uska kya point valid tha kya vaah jo keh raha tha ki vaakai me usme koi satya tha ki sabse pehle satyata ko dhundhne ki koshish kare hum aksar ladai me ladai me ulajhe rehte hain hum satya ko nahi poochhte toh jab thodi der gehrai se sanse lijiye shanti se baithe aur sacchai ki taraf dhundhne ki koshish karegi uski aur meri bhains me kya satya tha jo vaah keh raha tha vaah satya tha jo yah main keh raha tha vaah satya tha agar nahi hai toh google me us satyata ko dhundhiye ki dono ki baaton me satyata kaha thi jab aap satya ki khoj kar lenge sacche pata chal jaega nahi vaah vaakai me satya bol raha tha aur main hi iski sacche ko maan nahi raha tha tab hum vakya me hum winner honge hum jeet jaenge hum vijeta honge kyonki ladai uski nahi ladai hum aur apne man me chal rahi hamare beech me agar hum apne man ko sahi kare aur satya disha me mod chuke hain yahi asli ladai hai asli yudh toh yahan shuru hota hai jab yah ladai khatam hokar vyakti toh chala gaya par yudh toh hamare andar chala hamare andar pratidwandi hamare andar mahabharat jo roj chal raha hai in vicharon ka jo dwand chal raha hai ya nahi Yes yahi jo chal raha hai isko Yes banana hai satya ki taraf badhi hai satya dhundhi hai isme is satya ko agar aap ne khoj liya ovarakanfident kyon hai vaah uska uske jaise main confidence kaise karu main kaise yogya bano yah sab aapko dhundh raha hai main kaise apne kshetra me accha bano ki agli baar agar vaah hamare beech me yudh ho pratidwandi ho toh main lisnar naam ek accha speaker bano kaise main apne point ko rakho ki haan aa saamne vala bhi chakit ho jaaye bhai itne kaise yah kiya toh aap apna yudh khud ladi hai aapne kisi kshetra me aap kamjor hai usi se itra ko kshetra ka gyaan hasil kijiye bhagwan ke saamne samarpan kijiye tab aapko samajh me aayega ki mera yudh toh mere se yah ho raha tha na ki dusre vyakti se jab aap is tarah sochenge aap har kshetra me vijayi honge toh aapko winner banna hai yah nahi ki duniya me dusro se lade dusro se ladai toh har koi ladka hai apne aap se ladai kariye apne man se jitne ki koshish kariye ki main kaha peeche reh gaya apne confidence ko dekhkar mera confidence level attack 40 hai 50 karne ke liye mujhe kya karna padega is soch ke saath jeevan me badi hai jab aap apni khud ki ladai me jeet jaenge toh hi aap ek acche yodha hai dusro se lad kar dusro se jeetkar hamein koi fayda nahi milne vala satya khoj me lagaaiye jeevan satya kya hai jab aap satya ki khoj karenge toh bhagwan aapko alag hi dishaen dikhaega god bless you thank you

चलिए आपका जो भी सवाल है उस सवाल को 1 मिनट के लिए अलग छोड़ देते हैं मैं और आप पंजा लगाना लड

Romanized Version
Likes  409  Dislikes    views  4826
WhatsApp_icon
user

Dr. Swatantra Jain

Psychotherapist, Family & Career Counsellor and Parenting & Life Coach

2:04
Play

Likes  682  Dislikes    views  5965
WhatsApp_icon
user

Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

1:12
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे किसी का बात सुनना पसंद नहीं आता कि ऐसी कोई ज्यादा आपको पसंद नहीं समझा और पागलपन में बात करती हो पसंद है यह आपके अंदर जो आपको कहीं न कहीं अपने आप को सबसे ऊपर क्योंकि जब हम किसी की बातों में कमियों को नहीं बताया गया है कि लोग अच्छे दोस्तों पर होते हैं या सोसाइटी में पीड़ा होती है हुसैन की भावना के अनुरूप हो जिस तरह का व्यवहार करते हैं कि हम भी सबसे अच्छे हैं और इसी कारण से हो किसी की बात सुनना नहीं चाहते

mujhe kisi ka baat sunana pasand nahi aata ki aisi koi zyada aapko pasand nahi samjha aur pagalpan me baat karti ho pasand hai yah aapke andar jo aapko kahin na kahin apne aap ko sabse upar kyonki jab hum kisi ki baaton me kamiyon ko nahi bataya gaya hai ki log acche doston par hote hain ya society me peeda hoti hai hussain ki bhavna ke anurup ho jis tarah ka vyavhar karte hain ki hum bhi sabse acche hain aur isi karan se ho kisi ki baat sunana nahi chahte

मुझे किसी का बात सुनना पसंद नहीं आता कि ऐसी कोई ज्यादा आपको पसंद नहीं समझा और पागलपन में ब

Romanized Version
Likes  454  Dislikes    views  3373
WhatsApp_icon
user
3:07
Play

Likes  14  Dislikes    views  134
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका क्वेश्चन कि मुझे इसी बात पर ना पसंद नहीं होता जैसे कि कोई भी ज्यादा अपने आप को और कांफिडेंस समझे और पागलपन की बात करें तो मुझे पसंद नहीं आया तो देखो आपको आपके सभी अपने हिसाब से देखें को जो जैसा जिसका नेचर होता है जिसके भाव होते हैं अगर भाव सुनना चाहता अभी उसको समझ में आता नहीं तो नहीं समझता है और दूसरी बात याद है कि आपको सब मैनेज करके चलना पड़ेगा यह थोड़ी ना कि आपकी ही मान के सारे लोग दुनिया में हैं आपके इंतजार नहीं होता है सारे लोग चेंज होते हैं तो आपको मेहनत करके चलना होगा पसंद पसंद किया लकी बात है पसंद तो हम किसी खास को करते हैं ना और लेकिन हमें लोगों के साथ रहना होता है मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है तो सामान में अगर रहना जिन को नहीं पसंद करता है अगर बहुत ही देखो एग्जाम पर समझोगे बहुत सीधा है बहुत अच्छा बहुत जन है आपको बहुत पसंद करते हैं लेकिन अभी कहीं प्रॉब्लम हूं बहुत सीधा बहुत सज्जन हो आप जैसे हम आपको किसी से झगड़ा हो गया तो आपको ऐसे लोगों का भी साथ रखना जो आपके एक इशारे पर आपके साथ नहीं तो उस टाइम वही आपको बताएगा दो ना थोड़ा सा बरेली का भाव पक्ष को अगर इस दुनिया में रहना ऐसे लोगों को भी साथ नहीं रखना है जो अपराधी प्रवृति के हैं या नहीं अगर आपराधिक प्रवृति वाले लोग हैं आपने रहे हैं क्या आपको मुझसे बहुत ज्यादा दूरी बना रहे हैं तब आपको प्रॉब्लम क्रिएट हो की दूरी क्या तूने अगर कर रहे हैं फिर प्रॉब्लम से तो आपको ही करना है और लोग समाज के भले ही आपकी सोच के ना हो भले ही आप के भाव के ना हो लेकिन आप उनके साथ ही रहना है इन सबको साथ लेकर अपनी बुद्धि से जीवन एंड परफेक्ट जीवन को जिताना है ऐसा नहीं किया तो आप अकेले रह जाएंगे हम लोग मिलते हैं तो अगर आप अपनी अपनी सोच के लिए मैं क्लॉक को ढूंढ तो आप हमेशा दुखी रहेंगे अपनी बुराइयों को छोड़ दी मैंने बताएं आपको समझ में अच्छे से आ गया होगा तो आप अपने

aapka question ki mujhe isi baat par na pasand nahi hota jaise ki koi bhi zyada apne aap ko aur confidence samjhe aur pagalpan ki baat kare toh mujhe pasand nahi aaya toh dekho aapko aapke sabhi apne hisab se dekhen ko jo jaisa jiska nature hota hai jiske bhav hote hain agar bhav sunana chahta abhi usko samajh me aata nahi toh nahi samajhata hai aur dusri baat yaad hai ki aapko sab manage karke chalna padega yah thodi na ki aapki hi maan ke saare log duniya me hain aapke intejar nahi hota hai saare log change hote hain toh aapko mehnat karke chalna hoga pasand pasand kiya lucky baat hai pasand toh hum kisi khas ko karte hain na aur lekin hamein logo ke saath rehna hota hai manushya ek samajik prani hai toh saamaan me agar rehna jin ko nahi pasand karta hai agar bahut hi dekho exam par samjhoge bahut seedha hai bahut accha bahut jan hai aapko bahut pasand karte hain lekin abhi kahin problem hoon bahut seedha bahut sajjan ho aap jaise hum aapko kisi se jhagda ho gaya toh aapko aise logo ka bhi saath rakhna jo aapke ek ishare par aapke saath nahi toh us time wahi aapko batayega do na thoda sa bareilly ka bhav paksh ko agar is duniya me rehna aise logo ko bhi saath nahi rakhna hai jo apradhi pravirti ke hain ya nahi agar apradhik pravirti waale log hain aapne rahe hain kya aapko mujhse bahut zyada doori bana rahe hain tab aapko problem create ho ki doori kya tune agar kar rahe hain phir problem se toh aapko hi karna hai aur log samaj ke bhale hi aapki soch ke na ho bhale hi aap ke bhav ke na ho lekin aap unke saath hi rehna hai in sabko saath lekar apni buddhi se jeevan and perfect jeevan ko jitana hai aisa nahi kiya toh aap akele reh jaenge hum log milte hain toh agar aap apni apni soch ke liye main clock ko dhundh toh aap hamesha dukhi rahenge apni buraiyon ko chhod di maine bataye aapko samajh me acche se aa gaya hoga toh aap apne

आपका क्वेश्चन कि मुझे इसी बात पर ना पसंद नहीं होता जैसे कि कोई भी ज्यादा अपने आप को और कां

Romanized Version
Likes  83  Dislikes    views  1526
WhatsApp_icon
user

अनिल शास्त्री

शिक्षक,संपादक, सामाजिक कार्यकर्ता

4:29
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझसे किसी का बात सुनना पसंद नहीं आता है जैसे कोई ज्यादा अपने को कॉल व कॉन्फिडेंट समझिए और पागलपन से बात करें तो वह मुझे पसंद नहीं है कि आपकी समस्या है तो यह तो कोई भी व्यक्ति यदि सामने वाला पागलपन से बात करेगा तो किसी को भी पसंद नहीं आएगा लेकिन सामने वाला किसकी बात कर रहा है नहीं कर रहा है यह एक अलग मनोविज्ञान का यह जीवन विज्ञान का प्रश्न है आप अपने व्यवहार को अपने धैर्य को कभी ना छोड़े आप दूसरे के साथ अच्छा व्यवहार करने की कोशिश करें सामने वाला यह भी उचित व्यवहार नहीं करता है तो दोबारा उससे बात करना कम करने उतनी ही बात करें जितनी अनावश्यक बात करने की आवश्यकता ही नहीं है कोई व्यक्ति अपने आपको यदि ओवरकॉन्फिडेंट समझ रहा है तो वह है अपने आप में संजय इससे आपको क्या फर्क होने वाला है तो आप उसके प्रति वर्ष चिंता क्यों कर रही बात स्वभाव और संस्कार की तो प्रत्येक व्यक्ति के स्वभाव संस्कार सोच विचार अलग-अलग होते हैं हमारी जो है महापुरुषों ने भी कहा है जिसे गोस्वामी तुलसीदास ने कहा है कि तुलसी या संसार में भात भात के लोग सबसे हिलमिल चाहिए नदी नाव संजोग इस दुनिया में इस संसार में तरह तरह के लोग हैं लेकिन हमें नदी और नाव दोनों अलग-अलग स्वभाव के होते हैं नदी का स्वभाव व्यक्ति को दोगुना होता है और ना उतरने की कम आती है लेकिन फिर भी मिलकर के रहते हैं तो सामने वाले व्यक्ति जो ओवरकॉन्फिडेंट है जो पागलपन से बात करता है उसका आचरण सही नहीं है उसका व्यवहार सही नहीं है तो भी संसार में सामाजिक जीवन को जीने के लिए आपको उसके साथ रहना ही होगा हां आप उससे अपनी संबंध कितने रखते हैं आप उसे अपना कितना व्यवहार रखते हैं यह आपके ऊपर है तो यदि वह आपके प्रति उचित व्यवहार नहीं दर्शाता है वह आपके साथ बदतमीजी करता तो आप उसे व्यवहार कम कर दें लेकिन इसमें हताश निराश जो दुखी होने की कहीं कोई आवश्यकता ही नहीं है तो ऐसे ही में आप कोशिश करें कि मेरा संबंध दूसरे लोगों के साथ अच्छे बने लेकिन जिन लोगों के साथ आप की पटरी नहीं बैठ पा रही है जिन लोगों के साथ आपके विचार यदि नहीं मिल रहे हैं तो उनसे विचार उतना ही रखें उतना ही व्यवहार रखें जितना चल सकता है हां लेकिन संबंधों को तोड़ देना यह संबंधों को मैं एकदम दरार आ जाना तो सामाजिक जीवन में कहीं भी अच्छा नहीं है उनसे संबंध भी गाड़ी में नहीं तो जितना संभव हो जितना जैसी चल सकता है उसको भली प्रकार विवेक से चलाएं संबंधों को टूटने से बचाने की कोशिश करें लेकिन मैं यह नहीं कहूंगा कि सामने वाला एरिया से सही ढंग से बात नहीं करता है आपकी भावनाओं का आदर नहीं करता है तो आप भी उसके ऊपर यदि अपना मंगल सावरकर ने उसे कोई लाभ होने वाला नहीं है इसलिए अपने विभाग को उतना ही रखें और उसी तरह से सहमत रखें जहां जितना तालमेल बैठ सकता है यह भी नहीं बैठता है तो ऐसे लोगों से दूरी बना ली जाए या उनसे बोलना जैसे कि दूर की राम-राम भली बस ठीक है उनकी हां में हां मिलाने की आवश्यकता हो तो मिला नहीं मिलाना चाहते हैं तो ना मिला लेकिन संबंधों को और उनके कारण से कहीं भी उद्योग इन्होंने की परेशान होने की न्यूज़ टेंपल होने की आवश्यकता नहीं है किन होने की आवश्यकता नहीं है दूसरों की वजह से यदि आप का चिंतन खराब होता है तो यह गलत है अपने विचारों को सकारात्मक रखें ताकि आपका मनपसंद है नकारात्मक विचारों को हावी न होने दें दूसरों को भी वार को देखकर कि आप बिल्कुल भी कांटेक्ट ना हो आप बिल्कुल दुखी ना हो कि आपका गलत नहीं है व्यवहार सामने वाले का गलत है तो उसके लिए आपके मन में कुंठा होती है तो इसका मतलब आप भी कहीं ना कहीं गलत है मेरी बात को शायद आप समझ गए होंगे आप ने सकारात्मक भाव को अपने अच्छे भाव को बिल्कुल न त्यागे आप अपने ऊपर उसका प्रश्न ना लें आप उसके लिए अपने को कुंठा में कतई ना डालें अपने स्वभाव को खराब ना बनाएं नहीं तो आपकी जो निकटतम संबंधी हैं उन पर भी उसका दुष्प्रभाव पड़ेगा इसलिए अपने को बड़ा सहित रखें धैर्य वन रखें समय के अनुसार व्यवहार करें और अच्छा सामाजिक जीवन जी इन समस्त शुभकामनाओं के साथ कल्याण मस्तु

mujhse kisi ka baat sunana pasand nahi aata hai jaise koi zyada apne ko call va confident samjhiye aur pagalpan se baat kare toh vaah mujhe pasand nahi hai ki aapki samasya hai toh yah toh koi bhi vyakti yadi saamne vala pagalpan se baat karega toh kisi ko bhi pasand nahi aayega lekin saamne vala kiski baat kar raha hai nahi kar raha hai yah ek alag manovigyan ka yah jeevan vigyan ka prashna hai aap apne vyavhar ko apne dhairya ko kabhi na chode aap dusre ke saath accha vyavhar karne ki koshish kare saamne vala yah bhi uchit vyavhar nahi karta hai toh dobara usse baat karna kam karne utani hi baat kare jitni anavashyak baat karne ki avashyakta hi nahi hai koi vyakti apne aapko yadi ovarakanfident samajh raha hai toh vaah hai apne aap me sanjay isse aapko kya fark hone vala hai toh aap uske prati varsh chinta kyon kar rahi baat swabhav aur sanskar ki toh pratyek vyakti ke swabhav sanskar soch vichar alag alag hote hain hamari jo hai mahapurushon ne bhi kaha hai jise goswami tulsidas ne kaha hai ki tulsi ya sansar me bhat bhat ke log sabse hilmil chahiye nadi nav sanjog is duniya me is sansar me tarah tarah ke log hain lekin hamein nadi aur nav dono alag alag swabhav ke hote hain nadi ka swabhav vyakti ko doguna hota hai aur na utarane ki kam aati hai lekin phir bhi milkar ke rehte hain toh saamne waale vyakti jo ovarakanfident hai jo pagalpan se baat karta hai uska aacharan sahi nahi hai uska vyavhar sahi nahi hai toh bhi sansar me samajik jeevan ko jeene ke liye aapko uske saath rehna hi hoga haan aap usse apni sambandh kitne rakhte hain aap use apna kitna vyavhar rakhte hain yah aapke upar hai toh yadi vaah aapke prati uchit vyavhar nahi darshata hai vaah aapke saath badatamiji karta toh aap use vyavhar kam kar de lekin isme hathaash nirash jo dukhi hone ki kahin koi avashyakta hi nahi hai toh aise hi me aap koshish kare ki mera sambandh dusre logo ke saath acche bane lekin jin logo ke saath aap ki patri nahi baith paa rahi hai jin logo ke saath aapke vichar yadi nahi mil rahe hain toh unse vichar utana hi rakhen utana hi vyavhar rakhen jitna chal sakta hai haan lekin sambandhon ko tod dena yah sambandhon ko main ekdam daraar aa jana toh samajik jeevan me kahin bhi accha nahi hai unse sambandh bhi gaadi me nahi toh jitna sambhav ho jitna jaisi chal sakta hai usko bhali prakar vivek se chalaye sambandhon ko tutne se bachane ki koshish kare lekin main yah nahi kahunga ki saamne vala area se sahi dhang se baat nahi karta hai aapki bhavnao ka aadar nahi karta hai toh aap bhi uske upar yadi apna mangal savarkar ne use koi labh hone vala nahi hai isliye apne vibhag ko utana hi rakhen aur usi tarah se sahmat rakhen jaha jitna talmel baith sakta hai yah bhi nahi baithta hai toh aise logo se doori bana li jaaye ya unse bolna jaise ki dur ki ram ram bhali bus theek hai unki haan me haan milaane ki avashyakta ho toh mila nahi milana chahte hain toh na mila lekin sambandhon ko aur unke karan se kahin bhi udyog inhone ki pareshan hone ki news temple hone ki avashyakta nahi hai kin hone ki avashyakta nahi hai dusro ki wajah se yadi aap ka chintan kharab hota hai toh yah galat hai apne vicharon ko sakaratmak rakhen taki aapka manpasand hai nakaratmak vicharon ko haavi na hone de dusro ko bhi war ko dekhkar ki aap bilkul bhi Contact na ho aap bilkul dukhi na ho ki aapka galat nahi hai vyavhar saamne waale ka galat hai toh uske liye aapke man me kuntha hoti hai toh iska matlab aap bhi kahin na kahin galat hai meri baat ko shayad aap samajh gaye honge aap ne sakaratmak bhav ko apne acche bhav ko bilkul na tyage aap apne upar uska prashna na le aap uske liye apne ko kuntha me katai na Daalein apne swabhav ko kharab na banaye nahi toh aapki jo nikatam sambandhi hain un par bhi uska dushprabhav padega isliye apne ko bada sahit rakhen dhairya van rakhen samay ke anusaar vyavhar kare aur accha samajik jeevan ji in samast shubhkamnaon ke saath kalyan mastu

मुझसे किसी का बात सुनना पसंद नहीं आता है जैसे कोई ज्यादा अपने को कॉल व कॉन्फिडेंट समझिए और

Romanized Version
Likes  12  Dislikes    views  160
WhatsApp_icon
user

Adbhut

Sex Guru, Spiritual leader, Philosopher, Motivational speaker

2:00
Play

Likes  5  Dislikes    views  218
WhatsApp_icon
user

Mohit

Legal Expert/ Career Guide/ Motivational Speaker/Enterpreneur Coach

3:06
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप कहते हैं कि आपको किसी की बात सुनना पसंद नहीं आता जैसे कि कुछ ज्यादा ही अपने आप को परफॉर्मेंट सोच रहा है और पागलपन से बात कर रहा है मैं आपसे बिल्कुल सहमत हूं क्योंकि मैं भी ऐसे ही रहा है ना तुम्हें यह नहीं कहूंगा कि आप गलत है बिल्कुल सही है क्योंकि आप जानते हैं कि सामने वाला जो भी बात बोल रहा है बात गलत बोल रहा है यह बात आप जानते हैं मजे की बात यह है कि वह सामने वाला नहीं जानता कि मैंने तेरे को समझ हर व्यक्ति सही होता है अपने पाठ पर हर व्यक्ति सही होगा कोई भी नहीं कहेगा कि मैं गलत काम कर रहा हूं अगर उदाहरण दूं तो जो बलात्कारी होते हैं रेपिस्ट होते हैं मर्डर सोते खून कर देते हैं दुनिया में जुर्म करते हैं आप उनसे पूछिए अगर इंडियन वैसे तुमने गलत किया अरे छोड़ो यार सब सही होता है नहीं होता सब लोग अपने आप को सही ठहराते हैं इसका मतलब यह तो नहीं कि वह सही है इसका बड़ा बेस्ट एक तरीका जो मुझे अच्छा लगा अपनी व्यथा की एक लिसनिंग की हाइब्रिड बनाएं मैंने अपनी लाइफ में बहुत बनाई कि मैंने लोगों को सुनना शुरू करो बहुत बुरा लगता था जैसे लगती थी कि लोगों को सुनो एक बार का एक उदाहरण बताओ अपने जीवन का तुम्हें एक बार किसी व्यक्ति के पास एक बिजनेस प्रपोजल को लेकर गया वह व्यक्ति में मेरी किसी बात से सहमत नहीं हो जाता कभी भी उन्होंने कभी उसकी बात से सहमत होता था मारी रोज खेत पर टिकी थी लेकिन मैंने उस दिन सोचा कि नहीं यार आज मैं इनको सुन लूंगा आप यकीन बनेंगे मैंने लगभग लगभग एक घंटा उनकी बातें सुनी जिसमें उन्होंने बचपन से लेकर बड़ों तक की अपनी पूरी कहानी मुझे बताइए उसके बाद मैंने सिर्फ 5 मिनट लिए 5 मिनट भी ज्यादा ही बोल रहा हूं बहुत तीन-चार मिनट लिए मैंने उनको ने बताया कि इतना खुश हुआ उसने एकदम विजय सुबोध एक्सेप्ट कर लिया होता है हर व्यक्ति चाहता है कि सामने वाला मेरी बात सुनो क्योंकि आजकल सब से यह कोई किसी की बात सुनना नहीं चाहता तो जो लोग आप पर बना रहे हैं या आपको उसको और कॉन्फिडेंस से बात कर रहे हैं आपके सामने असल में गलती आपकी नहीं गलती उन्हीं लोगों की गलती क्या है कि उन विचारों को कोई सुन नहीं रहा अगर आप उन व्यक्तियों को सुनेंगे तो वह आपके प्रति एक अच्छा भाव रखेंगे क्योंकि उनके मन में विचार कड़वा बोले कैसे बोले सुनने वाले को हर कोई पसंद करता है आपकी बात आप अपनी बात जो स्कूल बोलेंगे अगर वह ध्यान से सुने गा आपकी बात तो आप ख़ुद महसूस करेंगे आप अच्छा फील कर रहे ऐसे ही सामने वाले व्यक्ति भी होता है आप उसकी बात अच्छे सुनेंगे तो वह आपको बेहतर समझेगा उसके बाद जब आप अपनी बात उससे कहेंगे तो वह आपकी बात को बहुत ध्यान देगा और आपकी इज्जत उसकी नजरों में बहुत बढ़ जाएगी आप ट्राई करके देखिए इसको लाइफ में मेरा बिल्कुल ट्राई किया वह फार्मूला है और बहुत सारे टॉप लीडर जो है वह भी ऐसे ही करते हैं इस पर कई बुक्स वगैरह भी मैं पड़ी है तो उनको भी आप रेफर कर सकते हैं ठीक है थैंक यू

aap kehte hain ki aapko kisi ki baat sunana pasand nahi aata jaise ki kuch zyada hi apne aap ko parafarment soch raha hai aur pagalpan se baat kar raha hai main aapse bilkul sahmat hoon kyonki main bhi aise hi raha hai na tumhe yah nahi kahunga ki aap galat hai bilkul sahi hai kyonki aap jante hain ki saamne vala jo bhi baat bol raha hai baat galat bol raha hai yah baat aap jante hain maje ki baat yah hai ki vaah saamne vala nahi jaanta ki maine tere ko samajh har vyakti sahi hota hai apne path par har vyakti sahi hoga koi bhi nahi kahega ki main galat kaam kar raha hoon agar udaharan doon toh jo balaatkari hote hain rapist hote hain murder sote khoon kar dete hain duniya me jurm karte hain aap unse puchiye agar indian waise tumne galat kiya are chodo yaar sab sahi hota hai nahi hota sab log apne aap ko sahi thahrate hain iska matlab yah toh nahi ki vaah sahi hai iska bada best ek tarika jo mujhe accha laga apni vyatha ki ek listening ki hybrid banaye maine apni life me bahut banai ki maine logo ko sunana shuru karo bahut bura lagta tha jaise lagti thi ki logo ko suno ek baar ka ek udaharan batao apne jeevan ka tumhe ek baar kisi vyakti ke paas ek business proposal ko lekar gaya vaah vyakti me meri kisi baat se sahmat nahi ho jata kabhi bhi unhone kabhi uski baat se sahmat hota tha mari roj khet par tiki thi lekin maine us din socha ki nahi yaar aaj main inko sun lunga aap yakin banenge maine lagbhag lagbhag ek ghanta unki batein suni jisme unhone bachpan se lekar badon tak ki apni puri kahani mujhe bataiye uske baad maine sirf 5 minute liye 5 minute bhi zyada hi bol raha hoon bahut teen char minute liye maine unko ne bataya ki itna khush hua usne ekdam vijay subodh except kar liya hota hai har vyakti chahta hai ki saamne vala meri baat suno kyonki aajkal sab se yah koi kisi ki baat sunana nahi chahta toh jo log aap par bana rahe hain ya aapko usko aur confidence se baat kar rahe hain aapke saamne asal me galti aapki nahi galti unhi logo ki galti kya hai ki un vicharon ko koi sun nahi raha agar aap un vyaktiyon ko sunenge toh vaah aapke prati ek accha bhav rakhenge kyonki unke man me vichar kadwa bole kaise bole sunne waale ko har koi pasand karta hai aapki baat aap apni baat jo school bolenge agar vaah dhyan se sune jaayega aapki baat toh aap khud mehsus karenge aap accha feel kar rahe aise hi saamne waale vyakti bhi hota hai aap uski baat acche sunenge toh vaah aapko behtar samjhega uske baad jab aap apni baat usse kahenge toh vaah aapki baat ko bahut dhyan dega aur aapki izzat uski nazro me bahut badh jayegi aap try karke dekhiye isko life me mera bilkul try kiya vaah formula hai aur bahut saare top leader jo hai vaah bhi aise hi karte hain is par kai books vagera bhi main padi hai toh unko bhi aap Refer kar sakte hain theek hai thank you

आप कहते हैं कि आपको किसी की बात सुनना पसंद नहीं आता जैसे कि कुछ ज्यादा ही अपने आप को परफॉर

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  111
WhatsApp_icon
user

Dr Arun Chandan

Doctor, Development Professional, Herbal Medicines Expert, Medical astrologer

1:17
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हर एक व्यक्ति को अपनी एक आदत होती है और ओवरकॉन्फिडेंट होना अच्छी बात की है यदि आपको किसी विषय वस्तु का ज्ञान अच्छा है आपका आत्मविश्वास निश्चित तौर पर अच्छा ही होगा लेकिन हमें खास पर्याप्त यह साला यह है कि जैसे आपको दूसरे लोगों की बात सुनना पसंद नहीं है और आप इसका समाधान चाहते हैं कि आपके सामने कोई ओवरकॉन्फिडेंट होकर बात करें या किसी और भी तरह की किसी की विशेषताएं लिखिए अच्छी या बुरी कोई भी किसी की विशेषता हो उसे उसी तरह से स्वीकार कर लेने की आदत डालनी चाहिए कहा भी गया है ना के मनुष्य कोई भी आदमी है उसकी आदतें आसानी से बदलती नहीं है और कुछ तो चीजें कुछ ऐसे पर्सनालिटी की विशेषताएं होती है व्यक्तित्व की विशेषताएं होती हैं जिनको बदल पाना मुश्किल होता है तो कहा भी क्या हमारे आध्यात्मिक गुरु भी कहते हैं कि मनुष्य को जैसा वह है वैसा ही उसे स्वीकार कर लेना चाहिए ऐसा करने से आपको किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी

har ek vyakti ko apni ek aadat hoti hai aur ovarakanfident hona achi baat ki hai yadi aapko kisi vishay vastu ka gyaan accha hai aapka aatmvishvaas nishchit taur par accha hi hoga lekin hamein khas paryapt yah sala yah hai ki jaise aapko dusre logo ki baat sunana pasand nahi hai aur aap iska samadhan chahte hain ki aapke saamne koi ovarakanfident hokar baat kare ya kisi aur bhi tarah ki kisi ki visheshtayen likhiye achi ya buri koi bhi kisi ki visheshata ho use usi tarah se sweekar kar lene ki aadat daalni chahiye kaha bhi gaya hai na ke manushya koi bhi aadmi hai uski aadatein aasani se badalti nahi hai aur kuch toh cheezen kuch aise personality ki visheshtayen hoti hai vyaktitva ki visheshtayen hoti hain jinako badal paana mushkil hota hai toh kaha bhi kya hamare aadhyatmik guru bhi kehte hain ki manushya ko jaisa vaah hai waisa hi use sweekar kar lena chahiye aisa karne se aapko kisi bhi tarah ki pareshani nahi hogi

हर एक व्यक्ति को अपनी एक आदत होती है और ओवरकॉन्फिडेंट होना अच्छी बात की है यदि आपको किसी व

Romanized Version
Likes  15  Dislikes    views  238
WhatsApp_icon
user

Anand Kumar

EVANGELIST

2:19
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

डेल कार्नेगी ने एक बहुत ही बढ़िया किताब लिखी है हाउ टो विन फ्रेंड्स एंड इनफ्लुएंस इसमें लोक व्यवहार की कला के बारे में बताया गया है इस किताब में बड़े ही बेहतरीन तरीके से खूबसूरती से बताया गया है कि आपको लोगों के साथ किस तरह व्यवहार करना चाहिए अगर आप इस किताब को पढ़ ले तो यह जो समस्या है इसका समाधान आपके ही बढ़िया तरीके से मिलेगा फिर भी मैं आपको बता देता हूं यह अपने आप में दोष है कि जब सामने वाला व्यक्ति भले ही अपनी बातों को बढ़ा चढ़ाकर बता रहा हो कंट्री बात कर रहा हूं उसको काटने की कोशिश करते हैं और सिद्ध करने की कोशिश करते हैं कि जो तुम कह रहे हो वैसा नहीं लेकिन नुकसान आप ही का है अगर आप इस बहस में जीत गए तो उसका कोई फायदा नहीं है और अगर आप वह अपनी हार गए तो आप ही को आत्म ग्लानि होगी इसका सबसे बढ़िया तरीका यह है कि जहां पर भी इस तरह की बहस हो रही हो चर्चा चल रही हो चुपचाप आप सुनिए और अगर आप नहीं सुन सकती तो वहां से चले जाएंगे आप इस तरह के बेकार की बहसों में मतलब से अपनी अपना समय अपनी ऊर्जा नष्ट मत क्योंकि बहुत से मैंने युवाओं में देखा है कि जब भी कोई स्तर की बातें होती हैं तो बीच में घुस जाते हैं और साबित करने की कोशिश करते हैं कि आप ऐसे नहीं है या अपने आप को दूसरों से बेहतर साबित कर दी कोशिश करते हैं या लो को उपदेश देना शुरू कर देते हैं किसी को भी लेना अच्छा नहीं लगता देना सबको अच्छा लगता है लेकिन किसी को भी अच्छा नहीं लगता इस तरह की बातें करके आप सामने वाले को अपना दुश्मन बना लेते हैं तो आपको इस बात पर ध्यान देना है कि या तो उस स्थान को बदल दीजिए वहां से हट जाइए या चुपचाप शांति उसकी बातों को सुनते रहिए आपके मन में इच्छा होगी कि हां मैं इसकी बातों का जवाब दो इसकी बातों को काटो लेकिन उसका कोई फायदा तो जब भी आप किसी बहस में हिस्सा ले तो बहन जो है वह हमेशा मीनिंग फुल होनी चाहिए कंस्ट्रक्टिव होना चाहिए

dell carnegie ne ek bahut hi badhiya kitab likhi hai how toe win friends and inafluens isme lok vyavhar ki kala ke bare me bataya gaya hai is kitab me bade hi behtareen tarike se khoobsoorti se bataya gaya hai ki aapko logo ke saath kis tarah vyavhar karna chahiye agar aap is kitab ko padh le toh yah jo samasya hai iska samadhan aapke hi badhiya tarike se milega phir bhi main aapko bata deta hoon yah apne aap me dosh hai ki jab saamne vala vyakti bhale hi apni baaton ko badha chadhakar bata raha ho country baat kar raha hoon usko katne ki koshish karte hain aur siddh karne ki koshish karte hain ki jo tum keh rahe ho waisa nahi lekin nuksan aap hi ka hai agar aap is bahas me jeet gaye toh uska koi fayda nahi hai aur agar aap vaah apni haar gaye toh aap hi ko aatm glani hogi iska sabse badhiya tarika yah hai ki jaha par bhi is tarah ki bahas ho rahi ho charcha chal rahi ho chupchap aap suniye aur agar aap nahi sun sakti toh wahan se chale jaenge aap is tarah ke bekar ki bahson me matlab se apni apna samay apni urja nasht mat kyonki bahut se maine yuvaon me dekha hai ki jab bhi koi sthar ki batein hoti hain toh beech me ghus jaate hain aur saabit karne ki koshish karte hain ki aap aise nahi hai ya apne aap ko dusro se behtar saabit kar di koshish karte hain ya lo ko updesh dena shuru kar dete hain kisi ko bhi lena accha nahi lagta dena sabko accha lagta hai lekin kisi ko bhi accha nahi lagta is tarah ki batein karke aap saamne waale ko apna dushman bana lete hain toh aapko is baat par dhyan dena hai ki ya toh us sthan ko badal dijiye wahan se hut jaiye ya chupchap shanti uski baaton ko sunte rahiye aapke man me iccha hogi ki haan main iski baaton ka jawab do iski baaton ko kato lekin uska koi fayda toh jab bhi aap kisi bahas me hissa le toh behen jo hai vaah hamesha meaning full honi chahiye kanstraktiv hona chahiye

डेल कार्नेगी ने एक बहुत ही बढ़िया किताब लिखी है हाउ टो विन फ्रेंड्स एंड इनफ्लुएंस इसमें लो

Romanized Version
Likes  30  Dislikes    views  531
WhatsApp_icon
user

Nita Nayyar

Writer ,Motivational Speaker, Social Worker n Counseller.

2:47
Play

Likes  148  Dislikes    views  2962
WhatsApp_icon
user
Play

Likes    Dislikes    views  
WhatsApp_icon
user

Amit vishwakarma

Psychologist

1:43
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुनिए ऐसा लगता है कि इस आपके पास में कि मुझे किसी के बाद सुनना पसंद नहीं आता जैसी कोई ज्यादा अपने आप को घर को इंसान से प्रॉब्लम उसकी नहीं है प्रॉब्लम है इसमें आपकी है आप अपने आपको शायद और उसे ज्यादा अलग और ज्यादा ही अब कॉमेडियन शायद आप भी समझते हो प्रॉब्लम आप ही की है इसमें भी कोई और अपनी बात रख रहा है किशोर देर से टकराए जब तक यह ना समझे आप हो सकता है आपके अंदर वह भी अब लेटी विकसित में हुई हो कि आप भी समझ में आया कि कौन व्यक्ति के शोध देर से बात कर रहा है जब तक यह आपके ऊपर स्पष्ट ना हो जाए तो पिकअप नहीं कर सकते कि आप वह सामने वाले व्यक्तियों पर कमेंट से पहली बार मुझे किसी की बात सुनना पसंद नहीं आता तो यह सिद्ध शाबर समझता कि आपके अंदर एटीट्यूट औरतों ने की मदद घमंड ज्यादा है आपके अंदर अभी आपके अंदर घमंड ज्यादा यह हालांकि मुझे ऐसा लगता है जैसे कि किसी लेडीस का एक ऐसी लड़की का प्रश्न है तो जांच के बाद फोन के अंदर पर नैचुरल इतना होता ही है गुवाहाटी से ज्यादा है तो यह शायद देवली के लिए घातक हो सकता है क्योंकि वह देश का हर व्यक्ति कब हुई सी नजर से देखेंगे कि यह तो बहुत ज्यादा स्मार्ट बनने की कोशिश कर रहा है यह पागलपन की बातें कर रहा है उनकी प्रॉब्लम है अभी आपके माइंड की है तो इसके हम किसी और को दोष नहीं दे सकते भले आप खुद सोचिए इस बारे में ज्यादा की अगर प्रॉब्लम मुझ में ही है या किसी और में है सभी मुझे जब एक से ही नजर से दोस्ती से एक ही दृष्टि से दृष्टिकोण में समझ आ रहा है कि मैं जब देखूं तो सभी मुझे एक से ही नजर आते हैं तो शायद कहने कहीं गलती में

suniye aisa lagta hai ki is aapke paas me ki mujhe kisi ke baad sunana pasand nahi aata jaisi koi zyada apne aap ko ghar ko insaan se problem uski nahi hai problem hai isme aapki hai aap apne aapko shayad aur use zyada alag aur zyada hi ab comedian shayad aap bhi samajhte ho problem aap hi ki hai isme bhi koi aur apni baat rakh raha hai kishore der se takraye jab tak yah na samjhe aap ho sakta hai aapke andar vaah bhi ab leti viksit me hui ho ki aap bhi samajh me aaya ki kaun vyakti ke shodh der se baat kar raha hai jab tak yah aapke upar spasht na ho jaaye toh pickup nahi kar sakte ki aap vaah saamne waale vyaktiyon par comment se pehli baar mujhe kisi ki baat sunana pasand nahi aata toh yah siddh shabar samajhata ki aapke andar etityut auraton ne ki madad ghamand zyada hai aapke andar abhi aapke andar ghamand zyada yah halaki mujhe aisa lagta hai jaise ki kisi ladies ka ek aisi ladki ka prashna hai toh jaanch ke baad phone ke andar par naichural itna hota hi hai guwahati se zyada hai toh yah shayad deoli ke liye ghatak ho sakta hai kyonki vaah desh ka har vyakti kab hui si nazar se dekhenge ki yah toh bahut zyada smart banne ki koshish kar raha hai yah pagalpan ki batein kar raha hai unki problem hai abhi aapke mind ki hai toh iske hum kisi aur ko dosh nahi de sakte bhale aap khud sochiye is bare me zyada ki agar problem mujhse me hi hai ya kisi aur me hai sabhi mujhe jab ek se hi nazar se dosti se ek hi drishti se drishtikon me samajh aa raha hai ki main jab dekhu toh sabhi mujhe ek se hi nazar aate hain toh shayad kehne kahin galti me

सुनिए ऐसा लगता है कि इस आपके पास में कि मुझे किसी के बाद सुनना पसंद नहीं आता जैसी कोई ज्या

Romanized Version
Likes  23  Dislikes    views  289
WhatsApp_icon
play
user

Shyambabu

Student

1:42

Likes  103  Dislikes    views  1396
WhatsApp_icon
user

अनिल कुमार मिश्रा

पुजारी,, जन सेवा ,देशी जड़ी द्वारा

1:38
Play

Likes  41  Dislikes    views  546
WhatsApp_icon
user

अशोक कुमार मिश्र

शिक्षाविद्

1:38
Play

Likes  50  Dislikes    views  1007
WhatsApp_icon
user
Play

Likes  31  Dislikes    views  233
WhatsApp_icon
user

Nirmal Methani

Maths(9th To 12th) And Gate (Cse) Teacher

3:57
Play

Likes  5  Dislikes    views  124
WhatsApp_icon
user
0:33
Play

Likes  2  Dislikes    views  68
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!