जब आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है तो यह आतंकवादी मुस्लिम टोपी पहनकर सिर्फ गैर मुस्लिमों को ही क्यों मारते हैं मुसलमानों को क्यों नहीं मारते हैं?...


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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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ऐसे और सवाल
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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपने कहा जब आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता तो यह आतंकवादी मुस्लिम टोपी पहनकर सिर्फ गैर मुस्लिमों को ही क्यों मारते हैं मुसलमानों को क्यों नहीं मारते आपने तो यह लिखा है इसे मुझे ऐसा लग रहा है कि बस आप एक पक्ष को ही देखते हैं यदि आप जितने भी मुस्लिम आतंकवादी घटनाएं हुई हैं भारत में मुसलमानों ने आतंकवादी घटना को अंजाम दिया है लेकिन आप यदि अब पब्लिक प्लेस पर जहां सेना में या जहां कहीं भी आतंकवादी हमला होता है उसमें मरने वाला कौन होता है आम इंसान होता है मानव होता है उसमें यह कोई डिजाइन नहीं करता कि हिंदू चुन चुन कर रहा है या मुस्लिम मरते हैं सबको दुख तकलीफ सबको होती है सबके जीवन तबाह होते हैं सोच मत रखें जो सिर्फ हिंदू कोई मारते हैं मुसलमानों को नहीं मारते मुसलमान भी मरते हैं और ऐसे मुसलमान भी हैं भारत में जो इस तरह के आतंकवादियों को इस तरह के मुसलमानों को गाली देते हैं और उनसे घृणा करते हैं क्योंकि वह व्यक्ति जो आतंकवाद से अखबार फैलाने वाले जो जो भी मुसलमान हैं उस तरह के मुसलमानों से जो देश में रहने वाले जो मुसलमान को गाली देते हैं कि ऐसे ऐसे ही लोग मुसलमान मुस्लिम मजहब को बदनाम भी करता है

namaskar aapne kaha jab aatankwad ka koi dharm nahi hota toh yah aatankwadi muslim topi pehankar sirf gair muslimo ko hi kyon marte hain musalmanon ko kyon nahi marte aapne toh yah likha hai ise mujhe aisa lag raha hai ki bus aap ek paksh ko hi dekhte hain yadi aap jitne bhi muslim aatankwadi ghatnaye hui hain bharat me musalmanon ne aatankwadi ghatna ko anjaam diya hai lekin aap yadi ab public place par jaha sena me ya jaha kahin bhi aatankwadi hamla hota hai usme marne vala kaun hota hai aam insaan hota hai manav hota hai usme yah koi design nahi karta ki hindu chun chun kar raha hai ya muslim marte hain sabko dukh takleef sabko hoti hai sabke jeevan tabah hote hain soch mat rakhen jo sirf hindu koi marte hain musalmanon ko nahi marte musalman bhi marte hain aur aise musalman bhi hain bharat me jo is tarah ke aatankwadion ko is tarah ke musalmanon ko gaali dete hain aur unse ghrina karte hain kyonki vaah vyakti jo aatankwad se akhbaar felane waale jo jo bhi musalman hain us tarah ke musalmanon se jo desh me rehne waale jo musalman ko gaali dete hain ki aise aise hi log musalman muslim majhab ko badnaam bhi karta hai

नमस्कार आपने कहा जब आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता तो यह आतंकवादी मुस्लिम टोपी पहनकर सिर्फ

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Dr. Swatantra Jain

Psychotherapist, Family & Career Counsellor and Parenting & Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपस में जब आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता तो यह आतंकवादी मुस्लिम टोपी पहनकर सिर्फ गैर मुस्लिम को ही क्यों मारती मुसलमानों ने आप को समझना चाहिए कि आतंकवादी पाकिस्तान से आते हैं और पाकिस्तान में मुस्लिम डॉग इंडिया के हिंदू मुस्लिम और ज्यादा कार्बन पटेल लोगों को इसलिए अगर हम भी यह सोचना शुरु कर देंगे पाकिस्तान के आतंकवादी मुस्लिमों का काम तो उसका पूरा पाकिस्तान के आतंकवादियों का यूनिटी खराब करें आगे एकता बरकरार थी

aapas me jab aatankwad ka koi dharm nahi hota toh yah aatankwadi muslim topi pehankar sirf gair muslim ko hi kyon marti musalmanon ne aap ko samajhna chahiye ki aatankwadi pakistan se aate hain aur pakistan me muslim dog india ke hindu muslim aur zyada carbon patel logo ko isliye agar hum bhi yah sochna shuru kar denge pakistan ke aatankwadi muslimo ka kaam toh uska pura pakistan ke aatankwadion ka unity kharab kare aage ekta barkaraar thi

आपस में जब आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता तो यह आतंकवादी मुस्लिम टोपी पहनकर सिर्फ गैर मुस्ल

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Dr.Manoj kumar Pandey

M.D (A.M) ,Astrologer ,9044642070

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Bk Arun Kaushik

Youth Counselor Motivational Speaker

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Deepak Tiwari

Freelance Writer And Poet, Working As Journalist

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Satender Kumar Tiwari

Service Engineer In HAL

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए यह बात सही नहीं है कि आतंकवाद और इस्लाम एक दूसरे के पर्यायवाची हैं लेकिन वर्तमान स्थितियों में देखते हुए यह समझ में आ रहा है कि जितने आतंकवादी हैं वह सब इस्लाम से जरूर जुड़े हुए सारे इस्लाम को फॉलो करने वाले आतंकवादी नहीं है यह तो निश्चित है लेकिन जितने आतंकवादी वह शाम और इसी संदर्भ में तस्लीमा नसरीन जी का वह कोर्ट कहूंगा जिसमें उन्होंने कहा कि इस्लाम कुरान किताब है जिसको अगर हम ज्यादा पड़ेंगे ज्यादा ज्यादा पड़ेंगे तो हम आतंकवादी बजाएंगे दर्शन समस्या गंभीर तो सोचने वाली है आखिर ऐसा क्या है और इसमें आश्चर्य बाकी है आश्चर्यजनक बात यह कि इस्लाम वहां पर भी वह चैन से नहीं है तो है क्या इस समस्या है क्या बिल्कुल यह समस्या है इस्लाम की जो मानने वाले इस में इस्लाम में भी जानकारी के लिए बता दूं कि 72 से लेकर मतलब 72 जातियां 72 प्रकार के लोग हैं जिसकी जानकारी हम लोगों को नहीं है जो 11 किलो उनको यह जानकारी नहीं रहती है जैसे इनके वहा भी हैं सुननी है सिया कुर्दिश है ऐसे बहुत जुलाहे हैं और यह भी है कि जो कहते हैं वह बात सही नहीं है अगर इनके वही जो आगे वाले धर्म का मतलब जो श्रेष्ठ अपने आप को साबित करते हैं घोषित करते हैं जो तबलीगी जमात भी उसी का एक हिस्सा है यह भाभी प्रवृति के हैं बोरा हैं तो वह भी जो हैं वह अगर इस होगा और सुन्नी आगे होगा तो नमाज नहीं पड़ेगा भाभी भाभी के पता कि मैं श्रेष्ठ और वह भाभी अपने आपको 14 सदी के अंतर्गत अपने आप को दिखा रहा है तो बात मुझे की ऐसी मानसिकता हो जाए देश इतनी उन्नति हो जाए सब कुछ विष्णुपुरा उन्नत की सील कब है इतने तकनीकी रूप से लोग सक्षम उद्याने टेक्निकली बहुत स्ट्रांग हो तैयार हैं टेक्नोलॉजी नहीं नहीं आ रही है और आप अभी उसमें भी पैदल से चलेंगे चलेंगे तो आपकी मानसिकता समझी जा सकती है क्या चीज क्या है लेकिन सबसे बड़ी बात आप खुद ही महसूस करेगा कि इनके धर्म में या इस्लाम में जो कोई गलत कर रहा है उसका विरोध करने वाला कोई नहीं है जो कोई गलत कर रहा है उसका विरोध कोई नहीं करता उसके समर्थन भले ना करें लेकिन विरोध नहीं नहीं करते बाकी जितने भी धर्म है उसमें अगर कोई गलत कर रहा है तो उसके विरोध में वही जो सब लोग शिकायत करना शुरू कर दे तो ईमेल जड़ है मूल जड़े ही है इसका दशमी जी इसके इसलिए आप कहते हैं और हम भी इस एनालाइज कर सकते हैं याद कैसे निकाल सकते हैं निश्चित रूप से आतंकवाद जितने भी पनप रहे इस्लाम की वजह से धन्यवाद

dekhiye yah baat sahi nahi hai ki aatankwad aur islam ek dusre ke paryayvachi hain lekin vartaman sthitiyo me dekhte hue yah samajh me aa raha hai ki jitne aatankwadi hain vaah sab islam se zaroor jude hue saare islam ko follow karne waale aatankwadi nahi hai yah toh nishchit hai lekin jitne aatankwadi vaah shaam aur isi sandarbh me taslima nasrin ji ka vaah court kahunga jisme unhone kaha ki islam quraan kitab hai jisko agar hum zyada padenge zyada zyada padenge toh hum aatankwadi bajaenge darshan samasya gambhir toh sochne wali hai aakhir aisa kya hai aur isme aashcharya baki hai aashcharyajanak baat yah ki islam wahan par bhi vaah chain se nahi hai toh hai kya is samasya hai kya bilkul yah samasya hai islam ki jo manne waale is me islam me bhi jaankari ke liye bata doon ki 72 se lekar matlab 72 jatiya 72 prakar ke log hain jiski jaankari hum logo ko nahi hai jo 11 kilo unko yah jaankari nahi rehti hai jaise inke vaha bhi hain sunnani hai sia kurdish hai aise bahut julahe hain aur yah bhi hai ki jo kehte hain vaah baat sahi nahi hai agar inke wahi jo aage waale dharm ka matlab jo shreshtha apne aap ko saabit karte hain ghoshit karte hain jo tabaligi jamaat bhi usi ka ek hissa hai yah bhabhi pravirti ke hain bora hain toh vaah bhi jo hain vaah agar is hoga aur sunni aage hoga toh namaz nahi padega bhabhi bhabhi ke pata ki main shreshtha aur vaah bhabhi apne aapko 14 sadi ke antargat apne aap ko dikha raha hai toh baat mujhe ki aisi mansikta ho jaaye desh itni unnati ho jaaye sab kuch vishnupura unnat ki seal kab hai itne takniki roop se log saksham udyane technically bahut strong ho taiyar hain technology nahi nahi aa rahi hai aur aap abhi usme bhi paidal se chalenge chalenge toh aapki mansikta samjhi ja sakti hai kya cheez kya hai lekin sabse badi baat aap khud hi mehsus karega ki inke dharm me ya islam me jo koi galat kar raha hai uska virodh karne vala koi nahi hai jo koi galat kar raha hai uska virodh koi nahi karta uske samarthan bhale na kare lekin virodh nahi nahi karte baki jitne bhi dharm hai usme agar koi galat kar raha hai toh uske virodh me wahi jo sab log shikayat karna shuru kar de toh email jad hai mul jade hi hai iska dashami ji iske isliye aap kehte hain aur hum bhi is analyse kar sakte hain yaad kaise nikaal sakte hain nishchit roop se aatankwad jitne bhi panap rahe islam ki wajah se dhanyavad

देखिए यह बात सही नहीं है कि आतंकवाद और इस्लाम एक दूसरे के पर्यायवाची हैं लेकिन वर्तमान स्थ

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आतंकवाद का कोई भी धर्म नहीं होता लेकिन कुछ संप्रदाय कल लोग जो आतंकवाद का मुखौटा पहनकर लोगों पर अत्याचार करते हैं मारते पीटते हुए संप्रदायिकता धर्म के आधार पर बैठे हुए हैं वे आतंकवाद अनी वे उनके मन को बताया गया है उनको काबर बताया गया है दूसरे धर्म को आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद होता समझाते जाऊं कुछ नहीं होता

aatankwad ka koi bhi dharm nahi hota lekin kuch sampraday kal log jo aatankwad ka mukhauta pehankar logo par atyachar karte hain marte pitate hue sampradayikta dharm ke aadhar par baithe hue hain ve aatankwad ani ve unke man ko bataya gaya hai unko kabar bataya gaya hai dusre dharm ko aatankwad sirf aatankwad hota smajhate jaaun kuch nahi hota

आतंकवाद का कोई भी धर्म नहीं होता लेकिन कुछ संप्रदाय कल लोग जो आतंकवाद का मुखौटा पहनकर लोगो

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Professor Sourabh Soni

Professor History( Arcelogist)

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इस्लामिक आंतकवाद पैदा करता है मैं तो यह कहना चाहूंगा चूकना चाहूंगा क्योंकि जिन्होंने अपने इमाम हुसैन ईको मार दिया था कर्बला में अपने भगवान को मार सकते हैं तो क्या वह निर्दोष लोगों को नहीं मार मारेंगे का कोई तीन कोई धर्म नहीं है

islamic aatankwad paida karta hai main toh yah kehna chahunga chukna chahunga kyonki jinhone apne imam hussain iko maar diya tha karbala me apne bhagwan ko maar sakte hain toh kya vaah nirdosh logo ko nahi maar marenge ka koi teen koi dharm nahi hai

इस्लामिक आंतकवाद पैदा करता है मैं तो यह कहना चाहूंगा चूकना चाहूंगा क्योंकि जिन्होंने अपने

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आपको किसने बता दिया कि सिर्फ गैर मुस्लिमों को हिसाब लगाना लीजिए जब इस धरती पर मुस्लिम नाम का शब्द ही नहीं था तब क्या आपस में लड़ाई या नहीं चल रही थी यह बिना वजह की बातें करना छोड़ दीजिए समझ लीजिए जीवन है क्या जवाब जीवन को समझ लेते हैं तो आप में परिपक्वता आ जाती है फिर समाज की यह बातें जिनसे मनुष्य बेचैन हो जाता है व्याकुल हो जाता है यह आपको प्रभावित नहीं कर पाएंगे और आप चिंता मुक्त होकर जीवन जिएंगे

aapko kisne bata diya ki sirf gair muslimo ko hisab lagana lijiye jab is dharti par muslim naam ka shabd hi nahi tha tab kya aapas me ladai ya nahi chal rahi thi yah bina wajah ki batein karna chhod dijiye samajh lijiye jeevan hai kya jawab jeevan ko samajh lete hain toh aap me paripakvata aa jaati hai phir samaj ki yah batein jinse manushya bechain ho jata hai vyakul ho jata hai yah aapko prabhavit nahi kar payenge aur aap chinta mukt hokar jeevan jeeenge

आपको किसने बता दिया कि सिर्फ गैर मुस्लिमों को हिसाब लगाना लीजिए जब इस धरती पर मुस्लिम नाम

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आपका सवाल आज जब आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है तो या आतंकवादी मुस्लिम टोपी पहन कर फिर पर गैर मुस्लिम को ही क्यों मारते मुसलमानों को क्यों नहीं मारते हैं तो आपका कहना गलत है कि यह सिर्फ गैर मुस्लिम को ही क्यों मारता है मुसलमानों को क्यों नहीं मारते अरे वह आतंकवाद है वह तनख्वाह दी है उसे नाम क्यों दिया गया आतंकवादी आतंकवाद क्यों कहा गया उसका कोई धर्म नहीं है वह आतंकवाद है वह आतंकवादी है तो वह यह नहीं देखेगा कौन मछली में कौन हिंदू किसी को कोई मार करता किसी को भी टक्कर सकता है किसी को भी उड़ा सकता है वह यह नहीं देखेगा कि गैर मुस्लिम को हमारे यहां मुस्लिम को मारे वह किसी को भी मार सकते हैं उनके दिल में रह नहीं होती उसके दिल में तरस नहीं होता कि वह तरस खाकर छोड़ देंगे या वह रहम खा कर छोड़ देंगे वह किसी को नहीं पकड़ते हैं वह लोग पात नहीं देखते किस जाति के मारूं या किस जाति के नहीं मालूम वह आतंकवाद है वह जाती पाती नहीं देते किसी को भी मार देते हैं चाहे वह गैर मुस्लिम हो या मुस्लिम हो बोलो किसी को नहीं समझते किसी तरह नहीं खाते मार देते हैं बस धन्यवाद

aapka sawaal aaj jab aatankwad ka koi dharm nahi hota hai toh ya aatankwadi muslim topi pahan kar phir par gair muslim ko hi kyon marte musalmanon ko kyon nahi marte hain toh aapka kehna galat hai ki yah sirf gair muslim ko hi kyon maarta hai musalmanon ko kyon nahi marte are vaah aatankwad hai vaah tankhvaah di hai use naam kyon diya gaya aatankwadi aatankwad kyon kaha gaya uska koi dharm nahi hai vaah aatankwad hai vaah aatankwadi hai toh vaah yah nahi dekhega kaun machli me kaun hindu kisi ko koi maar karta kisi ko bhi takkar sakta hai kisi ko bhi uda sakta hai vaah yah nahi dekhega ki gair muslim ko hamare yahan muslim ko maare vaah kisi ko bhi maar sakte hain unke dil me reh nahi hoti uske dil me taras nahi hota ki vaah taras khakar chhod denge ya vaah raham kha kar chhod denge vaah kisi ko nahi pakadten hain vaah log pat nahi dekhte kis jati ke maroon ya kis jati ke nahi maloom vaah aatankwad hai vaah jaati pati nahi dete kisi ko bhi maar dete hain chahen vaah gair muslim ho ya muslim ho bolo kisi ko nahi samajhte kisi tarah nahi khate maar dete hain bus dhanyavad

आपका सवाल आज जब आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है तो या आतंकवादी मुस्लिम टोपी पहन कर फिर पर

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Mdtausifzn

Gurkhan

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पहली बात तो आतंकवादी का कोई धर्म नहीं होता ठीक है अध्यक्ष जी आपको सच बात बताओ ना तो यह ना एक तरह का नागिन होते ठीक है क्योंकि ताकि कोई भी कंट्री ना अपना आना इल्जाम ना किसी ना किसी पर लगाता है ठीक है और नाहर कंट्री चाहता है ना कि डरा कर रखी थी कि तो देखिए किस कदर आएगी ठीक है तू किसी किसी एक समुदाय को ना वह लोग निशाना बनाकर कहने का मतलब यह करते देखे जात पात को लेकर भी देखें इंडिया को देख लीजिए इंडिया में क्या नया मतलब जो निशा तबका के लोग हिंदू होते हैं उनको भी बहुत सताया जाता है बहुत जुल्म किया जाता ठीक है और ठीक है तू ऐसे लोगों के ऊपर जुल्म किया जाता तो फिर उन लोगों को कोई देखता नहीं है ठीक है और यही लोग ना दिखे जब किसी के ऊपर जुल्म किया जाता है तो उसे वह ना सख्त मिजाज हो जाते हैं ठीक है किसी का बाप किसी के पापा को अगर आपके उसके सामने मां देते हैं ठीक है या उसके पापा को अगर आप बेज्जती करते हैं ठीक है तो वह बदला तो लेने के लिए तैयार हो जाएगा लेकिन आतंकवादी का कोई मजहब नहीं होता ठीक है और देखिए मुसलमान हो मुसलमान थे कि मुसलमान आतंकवादी नहीं होता ठीक है क्योंकि देखे मुसलमान को अगर आप पर ही है ना तो किताबों में तुम मुसलमान अगर एक गुनाहगार का अगर कत्ल करता है तो वह सारे संसार का कत्ल कर दिया ठीक है अब समझे अगर एक आदमी उसका छलिया में छलिया से ठीक है तू बहुत सख्त मजा पर थे कि वहां उसमें एक परमिशन नहीं है किसी को भी मार देने का ठीक है और आतंकवादी आपने कहा मुसलमान को नहीं मारता है ऐसा कोई बात नहीं है आतंकवादी का कोई मजहब नहीं होता वो और इंसानों से को प्यार नहीं करते वह किसी को भी कभी मार सकते ठीक है ऐसा नहीं है कि मुसलमान ने माता दी के सभी माथे मुसलमान मुसलमान भीम अतिथि के निशाने पर सभी रहते आतंकवादी जो होते ना इंसान को इंसान नहीं समझते जानवर समझते लेकिन दिखे उन लोगों को बिना जान से वह लोग अपनी जान से कभी यह नहीं करते प्यार नहीं करते ठीक है अगर आप उन्हें धर्म की बात कहेंगे तो उन्हें धर्म के बारे में कोई बात ही नहीं समझ में आया देखो अगर आप कहते हैं कि उसका वह धर्म से बिलॉन्ग करता है तो यह गलत है क्योंकि धर्म से अगर ब्लॉक का तत्व ऐसा नहीं होता उसके अंदर दर्द होता कॉक होता ठीक है ओके जो इंसान धर्म को ब्लॉक करता है ठीक है तो वह अल्लाह अल्लाह से या बस से या भगवान से अरदास है ठीक है ठीक है तो ऐसा नहीं है ठीक है कि कहने का मतलब उसका धर्म होता था धर्म मोटा तो वह किसी भी इंसान को मारते वक्त यह जरूर सोचता कि उसे मत जाना है तो फिर कहीं ना कहीं मर कर जाना है तो फिर उसे बहुत के पास अपना फेस भी दिखाना ठीक है तो ऐसे लोग गुवाहाटी पर भी भरोसा नहीं करते ठीक है ऐसे लोग कहने का मतलब चीजों पर भरोसा ही नहीं करते थे क्या वह पेड़ है हम होते बेरहम की तरह ही लोगों को मारते ठीक है अर्जुन और जो बेरहम होते हैं उसका कोई मजहब नहीं होता ठीक है शुक्रिया

pehli baat toh aatankwadi ka koi dharm nahi hota theek hai adhyaksh ji aapko sach baat batao na toh yah na ek tarah ka nagin hote theek hai kyonki taki koi bhi country na apna aana illajam na kisi na kisi par lagaata hai theek hai aur naahar country chahta hai na ki dara kar rakhi thi ki toh dekhiye kis kadar aayegi theek hai tu kisi kisi ek samuday ko na vaah log nishana banakar kehne ka matlab yah karte dekhe jaat pat ko lekar bhi dekhen india ko dekh lijiye india me kya naya matlab jo nisha tabaka ke log hindu hote hain unko bhi bahut sataaya jata hai bahut zulm kiya jata theek hai aur theek hai tu aise logo ke upar zulm kiya jata toh phir un logo ko koi dekhta nahi hai theek hai aur yahi log na dikhe jab kisi ke upar zulm kiya jata hai toh use vaah na sakht mizaaz ho jaate hain theek hai kisi ka baap kisi ke papa ko agar aapke uske saamne maa dete hain theek hai ya uske papa ko agar aap beijjati karte hain theek hai toh vaah badla toh lene ke liye taiyar ho jaega lekin aatankwadi ka koi majhab nahi hota theek hai aur dekhiye musalman ho musalman the ki musalman aatankwadi nahi hota theek hai kyonki dekhe musalman ko agar aap par hi hai na toh kitabon me tum musalman agar ek gunahgar ka agar katl karta hai toh vaah saare sansar ka katl kar diya theek hai ab samjhe agar ek aadmi uska chalia me chalia se theek hai tu bahut sakht maza par the ki wahan usme ek permission nahi hai kisi ko bhi maar dene ka theek hai aur aatankwadi aapne kaha musalman ko nahi maarta hai aisa koi baat nahi hai aatankwadi ka koi majhab nahi hota vo aur insano se ko pyar nahi karte vaah kisi ko bhi kabhi maar sakte theek hai aisa nahi hai ki musalman ne mata di ke sabhi mathe musalman musalman bhim atithi ke nishane par sabhi rehte aatankwadi jo hote na insaan ko insaan nahi samajhte janwar samajhte lekin dikhe un logo ko bina jaan se vaah log apni jaan se kabhi yah nahi karte pyar nahi karte theek hai agar aap unhe dharm ki baat kahenge toh unhe dharm ke bare me koi baat hi nahi samajh me aaya dekho agar aap kehte hain ki uska vaah dharm se Belong karta hai toh yah galat hai kyonki dharm se agar block ka tatva aisa nahi hota uske andar dard hota cock hota theek hai ok jo insaan dharm ko block karta hai theek hai toh vaah allah allah se ya bus se ya bhagwan se ardas hai theek hai theek hai toh aisa nahi hai theek hai ki kehne ka matlab uska dharm hota tha dharm mota toh vaah kisi bhi insaan ko marte waqt yah zaroor sochta ki use mat jana hai toh phir kahin na kahin mar kar jana hai toh phir use bahut ke paas apna face bhi dikhana theek hai toh aise log guwahati par bhi bharosa nahi karte theek hai aise log kehne ka matlab chijon par bharosa hi nahi karte the kya vaah ped hai hum hote berahem ki tarah hi logo ko marte theek hai arjun aur jo berahem hote hain uska koi majhab nahi hota theek hai shukriya

पहली बात तो आतंकवादी का कोई धर्म नहीं होता ठीक है अध्यक्ष जी आपको सच बात बताओ ना तो यह ना

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UP13🇮🇳GOURAV SHINGHANIYA

#Sexologist#DOCTOR.#®A 2.z Sex Piroblum Ke Liye Follow Me Sex Piroblum Kesi Bhi Ho.

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जब भी कोई आतंकवादी हमला होता है हमारी कल्पनाओं में हमारे दिलों दिमाग में 1 साल दारू पी वाला मुस्लिम आगे खड़ा हो जाता है व कि मुस्लिमों ने दुनियाभर में बहुत साथ माध्यम लिखिए और इसीलिए हमारी कल्पनाओं में जूते चुराती है और बिल्कुल सही है लेकिन मैं समझता हूं ऐसे लोगों को मुस्लिम कहना गलत है वह इस्लाम के दुश्मन है मानवता के दुश्मन है और उसकी तो मानसिकता है इस्लाम की मूल भावना के खिलाफ है वकील ईश्वर अल्लाह पुराने प्रमाती फ्री नंबर 58 नंबर 32 चैप्टर नंबर 5 श्लोक नंबर 82 मेला फरमाते जिस इंसान ने किचन इंसान की हत्या कर दी तो समझ लो कि उसने पूरी इंसानियत के त्याग अगर किसी ने पूरी दुनिया को खत्म कर दिया और इंसानियत को पूरी मानवता को खत्म कर दिया उसने पूरी इंसानियत को पूरी मानवता को बचा लिया इतना बड़ा उसने पुण्य का काम किया कि कुरान में समा गया है तुम संस्कृत में किस नाम से है वह आतंकवाद के खिलाफ है इसी तरह से इस्लाम जो है उस नाम से बनता है इस्लाम जो है इस्लाम से बनता है इसीलिए जल्दी कुछ मुस्लिम में किसी अन्य मिलता है अस्सलाम वालेकुम आप पर सलामती हो धनिया प्रशांति हो आप रमन हो आप इसलिए रहे शांति करें अथवा शांति का मज़हब अमन का मतलब लेकिन कुछ लोग जो इस को बदनाम कर रहे हैं मैं समझता हूं उनको मुस्लिम कहना गलत है और उनकी टप्पू माफ करने के लायक नहीं है दुआ करम देखते हैं जिनमें नोएडा टोपीवाला मुस्लिमों नजर आ जाता है मगर जब भी कोई हिंदू संगठन संगठन संगठन करता है तो हमारी हिम्मत नहीं होती है मुस्काती बोल दे हमारी होती है मीडिया कीमत होती है लेख आश्रम से दिखा कदम से जोड़ दिया है कुछ गलत करेंगे बाकी हम उसको ऐसे ही संगठन में एक लिपटी संगठन भारत में 2005 तक 157 आतंकवादी हमले में एक चाकू दान दे रहा हूं इंसान आतंकवादी हमले की उन्होंने 19 मई 1993 को उन्होंने भारत के पीएम पर किया था राजीव गांधी पर उसमें दे रहा हूं क्योंकि टाइम नहीं है बात करने का तो कहती है सारी एमपी मारे जाते हैं तो जब एक हमले में 100 लोग मारे जाते हैं तो समझ में कितने लोग मारे गए होंगे 2005 तक होने 7 गुण 50 हमले की फुल फॉर्म में अपना दा लगा सकते हो इन लोगों की होगी मोदी संगठन भारत का सबसे खतरनाक का दबदबा है और ऐसा कोई नेता बनाते हैं भारत में 8 वर्ष 2000 से केंद्र भारत भारत की सेना ने इन पर कार्यवाही की और इनसे 1838 होकर लॉन्च बरामद किए और चित्रों के नीचे देख लो बात करें और पूरे पुलिस स्टेशन को दबा कर सकते हैं पूरे गांव को बर्बाद कर सकते हैं एक रोके इनसे भारत के सेना ने ₹875 बरामद किए थे हम अगर अगर बात करें तो एक आता जिगरवाला 2 और 1 खालिस्तानी संगठन वाला ग्रुप में एक बार अमृतसर के स्वर्ण मंदिर पर हमला कर लिया था तो आप जनकपुरी और इन लोगों ने हमला किया तो आंसू लोगों की तो लोगों की मौत हो गई लगभग 1 दिन बाद जाने जाने कि उन्होंने हमला किया उसके बाद 21 अक्टूबर 1984 को कुछ महीनों बाद उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री क्रम लाइक किया और और और भारत की यमुना ने उड़ा दिया था लोग कहते हैं कि वह उसके सिक्योरिटी गार्ड थे लेकिन जो सिक्योरिटी गार्ड थे वह इसी ग्रुप से जुड़े हुए हैं यानी बंदर वाला ग्रुप से जुड़े संगठन है बता कृष्ण संगठन मिजोरम नागालैंड मिजोरम मिजोरम क्रिश्चियन मिल जाए और नगालैंड में जो है वह क्रिश्चियन नागा हैं उनका होता है 2 अक्टूबर 1983 को उसने यह हिंदू लोगों की हत्या करते हैं कत्ल करते हैं माता दी क्यों नहीं कहते हैं हमारी और मरे मीडिया की इतनी हिम्मत क्यों नहीं होती है हमें क्या हो गया है इस्लाम इस्लाम से हमने आतंकवाद जोड़ दिया और बाकी कोई कुछ भी करें हम उसको का नाम से खास खास संगठन के नाम से जानते हैं अगर हम बात करें सबसे ज्यादा लोगों को लोगों की हत्या करने वाले आदमी की हम बात करें इस संसार के अंदर तो था हिटलर हिटलर ने दुनिया भर में लगभग 800000 लोगों की हत्या की और इसके कारण जो है प्रथम विश्वयुद्ध होता है सॉरी लेकिन विश्वकप डर लगता था लेकिन अब बड़ा पाप किया था मैं लोगों के साथ लोग मारे गए मन नहीं था नाइट नाइट लोगों की हत्या की थी उसने एक महिला मुकेश के मुकाबले में अगर बात करें मुसलमान आतंकवादियों की तो 700000 या 2 करोड लोग ढाई करोड़ लोगों की हत्या करने वाले कोई नहीं मिलेंगे आप मात्राएं का टोंक रोड कहां 500000 अलाइव 60 करोड़ लोग लोग मरे गेदी वह भी गलत थे और इमानदार लोग जो मरे दम से ना मारे यदि गलत है चित्र से दूसरा नंबर आता है मुसलमानों में मोहम्मद वहां तो इन्होंने साकेत ने 200000 लोगों की हत्या दिन की बात करते हैं तो लादेन ने जो 911 का हमला किया था उसमें लगभग 3 से 5000 लोग मारे गए थे उसके अंदर यह सब मिलाकर के नए रूल नाइटली की बराबरी कर सकते हैं नजर से बचाने के लिए बराबरी कर सकते हैं नाम आशीष उनकी बराबरी कर सकते हैं तो इनसे बातों से पता चलता है कि आतंकवादी हरदम के होते हैं हर हर धर्म में जुड़े कुछ लोग होते हैं जो पूरे समाज को बदनाम करते हैं और हमें इन लोगों को किसी धर्म से जोड़ना नहीं चाहिए मैं इस्लाम से जुड़ा था हिंदू से धन्यवाद थैंक यू सो मच

jab bhi koi aatankwadi hamla hota hai hamari kalpanaaon me hamare dilon dimag me 1 saal daaru p vala muslim aage khada ho jata hai va ki muslimo ne duniyabhar me bahut saath madhyam likhiye aur isliye hamari kalpanaaon me joote churati hai aur bilkul sahi hai lekin main samajhata hoon aise logo ko muslim kehna galat hai vaah islam ke dushman hai manavta ke dushman hai aur uski toh mansikta hai islam ki mul bhavna ke khilaf hai vakil ishwar allah purane pramati free number 58 number 32 chapter number 5 shlok number 82 mela farmate jis insaan ne kitchen insaan ki hatya kar di toh samajh lo ki usne puri insaniyat ke tyag agar kisi ne puri duniya ko khatam kar diya aur insaniyat ko puri manavta ko khatam kar diya usne puri insaniyat ko puri manavta ko bacha liya itna bada usne punya ka kaam kiya ki quraan me sama gaya hai tum sanskrit me kis naam se hai vaah aatankwad ke khilaf hai isi tarah se islam jo hai us naam se banta hai islam jo hai islam se banta hai isliye jaldi kuch muslim me kisi anya milta hai assalam walekum aap par salamati ho dhania prashanti ho aap raman ho aap isliye rahe shanti kare athva shanti ka mazhab aman ka matlab lekin kuch log jo is ko badnaam kar rahe hain main samajhata hoon unko muslim kehna galat hai aur unki tappu maaf karne ke layak nahi hai dua karam dekhte hain jinmein noida topiwala muslimo nazar aa jata hai magar jab bhi koi hindu sangathan sangathan sangathan karta hai toh hamari himmat nahi hoti hai muskati bol de hamari hoti hai media kimat hoti hai lekh ashram se dikha kadam se jod diya hai kuch galat karenge baki hum usko aise hi sangathan me ek lipti sangathan bharat me 2005 tak 157 aatankwadi hamle me ek chaku daan de raha hoon insaan aatankwadi hamle ki unhone 19 may 1993 ko unhone bharat ke pm par kiya tha rajeev gandhi par usme de raha hoon kyonki time nahi hai baat karne ka toh kehti hai saari MP maare jaate hain toh jab ek hamle me 100 log maare jaate hain toh samajh me kitne log maare gaye honge 2005 tak hone 7 gun 50 hamle ki full form me apna the laga sakte ho in logo ki hogi modi sangathan bharat ka sabse khataranaak ka dabdaba hai aur aisa koi neta banate hain bharat me 8 varsh 2000 se kendra bharat bharat ki sena ne in par karyavahi ki aur inse 1838 hokar launch baramad kiye aur chitron ke niche dekh lo baat kare aur poore police station ko daba kar sakte hain poore gaon ko barbad kar sakte hain ek roke inse bharat ke sena ne Rs baramad kiye the hum agar agar baat kare toh ek aata jigarvala 2 aur 1 khalistani sangathan vala group me ek baar amritsar ke swarn mandir par hamla kar liya tha toh aap janakpuri aur in logo ne hamla kiya toh aasu logo ki toh logo ki maut ho gayi lagbhag 1 din baad jaane jaane ki unhone hamla kiya uske baad 21 october 1984 ko kuch mahinon baad unhone bharat ke pradhanmantri kram like kiya aur aur aur bharat ki yamuna ne uda diya tha log kehte hain ki vaah uske Security guard the lekin jo Security guard the vaah isi group se jude hue hain yani bandar vala group se jude sangathan hai bata krishna sangathan mizoram nagaland mizoram mizoram Christian mil jaaye aur nagaland me jo hai vaah Christian naga hain unka hota hai 2 october 1983 ko usne yah hindu logo ki hatya karte hain katl karte hain mata di kyon nahi kehte hain hamari aur mare media ki itni himmat kyon nahi hoti hai hamein kya ho gaya hai islam islam se humne aatankwad jod diya aur baki koi kuch bhi kare hum usko ka naam se khas khas sangathan ke naam se jante hain agar hum baat kare sabse zyada logo ko logo ki hatya karne waale aadmi ki hum baat kare is sansar ke andar toh tha hitler hitler ne duniya bhar me lagbhag 800000 logo ki hatya ki aur iske karan jo hai pratham vishwayudh hota hai sorry lekin vishwacup dar lagta tha lekin ab bada paap kiya tha main logo ke saath log maare gaye man nahi tha night night logo ki hatya ki thi usne ek mahila mukesh ke muqable me agar baat kare musalman aatankwadion ki toh 700000 ya 2 crore log dhai crore logo ki hatya karne waale koi nahi milenge aap matraen ka tonk road kaha 500000 alive 60 crore log log mare gedi vaah bhi galat the aur imaandaar log jo mare dum se na maare yadi galat hai chitra se doosra number aata hai musalmanon me muhammad wahan toh inhone saket ne 200000 logo ki hatya din ki baat karte hain toh laden ne jo 911 ka hamla kiya tha usme lagbhag 3 se 5000 log maare gaye the uske andar yah sab milakar ke naye rule nightly ki barabari kar sakte hain nazar se bachane ke liye barabari kar sakte hain naam aashish unki barabari kar sakte hain toh inse baaton se pata chalta hai ki aatankwadi hardum ke hote hain har har dharm me jude kuch log hote hain jo poore samaj ko badnaam karte hain aur hamein in logo ko kisi dharm se jodna nahi chahiye main islam se juda tha hindu se dhanyavad thank you so match

जब भी कोई आतंकवादी हमला होता है हमारी कल्पनाओं में हमारे दिलों दिमाग में 1 साल दारू पी वाल

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P.K.Panchal

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार मैं पीके फन इस विषय पर केवल एक ही बात तो काफी चिंतनीय है और चिंतन करने वाली बात है कि सारे मुसलमान आतंकवादी नहीं है पर जितने भी आतंकवादी हैं अधिकतम वह एक धर्म विशेष से संबंध रखते हैं और धर्म को हम मुस्लिम धर्म के मुस्लिम धर्म की व्यवस्था के अनुसार उनका पालन करते हैं पालन करते हुए बटन बात करते हैं देहात करते मुसलमान आतंकवादी नहीं है पंडित धर्म से बिलॉन्ग करते हैं इस बात को चिंतन किया जाए तो सारे सवालों का जवाब मिल जाएगा इस्लाम के बारे में जाना जाएगा कुछ ऐसी स्थिति है कुछ कट्टरपंथी ताकतें हैं जो मुसलमानों को युवाओं को भड़का रहे हैं दुख की बात यह है कि गलत और सही की समझ विश्लेषण की चमक आप मनुष्य हैं जिस प्रकार जानवर को गधे को या बैल कोल्हू में जोड़ दिया जाता है तो वह कोल्हू में एक दिशा में चलता रहता है चलता रहता है चलता रहता है और उसके मालिक के लिए तेल निकलता रहता है निकालता रहता है अपना पारिश्रमिक भी मानेगा मांगेगा उसके बदले में उसे क्या प्राप्त हो रहा है इसके विषय में चिंतन भी करेगा और क्या उससे भी कोई श्रेष्ठ मार्ग उपलब्ध है उसके विषय में विचार करेगा आगे बढ़ेगा उपोलू में बेल में जितने जूते जूते को एकदम टांगों का नए मार्ग ढूंढेगा आगे बढ़ेगा यह मानवीय प्रवृत्ति है परंतु एक धर्म विशेष में कुछ लोग मानवता को भूल चुके हैं वह केवल और केवल कुछ मौलवियों के अथवा कुछ आतंकवादी संगठनों के हाथ के कठपुतली जैसे हो गए दिन को बरगला दिया जाता है ब्रेनवाश कर दिया जाता है उनको इस बात के बारे में बता दिया जाता है कि बस कुछ जन्नत है हुए हैं वहां जाओगे मरने के बाद फोन कहां गया किसी को नहीं मालूम पड़ा कि खत्म हो चुकी है धर्म के प्रति इतनी ज्यादा उदारता हो चुकी है कि मानवता की कोई चिंता नहीं इतनी अगर हम कह देते हैं कि मुसलमान समाज और बात यह नहीं है क्या आतंकवादी से मुसलमानों को नुकसान पहुंचाते हैं आप देखिए सीरिया ईरान इराक कौन से मुसलमान को हिंदू है माफ करेगा कौन से हिंदू है सलमान सलमान कुमार ऐसा नहीं है कि मुसलमान सिर्फ अपने लोगों को छोड़ता है मुझे हिंदुओं को मारता है ऐसा नहीं है आतंकवादी आतंकवादी होता है पहले वह हिंदुओं को मारेगा जिस दिन इस धरती पर कोई और धर्म नहीं बचेगा की आपस में एक दूसरे को मारने लगेंगे क्योंकि उनकी तो पति बन चुकी है अब करेंगे धर्म से यदि जोड़ा जाए तुम विषय है चिंतन का धर्मावलंबियों को मुसलमान को नवीन युवाओं को इस विषय पर सचेत होना होगा कि केवल धार्मिक कट्टरता ही सब कुछ नहीं है मानवता का भी सोचें अगर हमारे धर्म में कुछ कमियां हैं उनको दूर करें या उनका त्याग करें परंतु बिना का छठ के स्वीकार कर लिया गया अट्ठारह सौ साल पहले जो कहा गया था उसको आज भी ऐसे तेज माना जा रहा है 18 साल पहले भौगोलिक स्थितियां की धार्मिक स्थितियां कुछ अलग थी वर्तमान में स्थिति बदल चुकी है आप वर्तमान स्थितियों के अनुसार इस्लाम में परिवर्तन करिए और नहीं करेंगे तो जो अट्ठारह सौ साल पहले से होता आया है वह आज भी आप करेंगे और दुनिया की नजरों में गिर जाएंगे और एक दिन अपना स्वयं समूल नाश कर देंगे

namaskar main pk phan is vishay par keval ek hi baat toh kaafi chintaniya hai aur chintan karne wali baat hai ki saare musalman aatankwadi nahi hai par jitne bhi aatankwadi hain adhiktam vaah ek dharm vishesh se sambandh rakhte hain aur dharm ko hum muslim dharm ke muslim dharm ki vyavastha ke anusaar unka palan karte hain palan karte hue button baat karte hain dehaant karte musalman aatankwadi nahi hai pandit dharm se Belong karte hain is baat ko chintan kiya jaaye toh saare sawalon ka jawab mil jaega islam ke bare me jana jaega kuch aisi sthiti hai kuch kattarapanthi takaten hain jo musalmanon ko yuvaon ko bhadaka rahe hain dukh ki baat yah hai ki galat aur sahi ki samajh vishleshan ki chamak aap manushya hain jis prakar janwar ko gadhe ko ya bail kolhu me jod diya jata hai toh vaah kolhu me ek disha me chalta rehta hai chalta rehta hai chalta rehta hai aur uske malik ke liye tel nikalta rehta hai nikalata rehta hai apna parishramik bhi manega mangega uske badle me use kya prapt ho raha hai iske vishay me chintan bhi karega aur kya usse bhi koi shreshtha marg uplabdh hai uske vishay me vichar karega aage badhega upolu me bell me jitne joote joote ko ekdam tangon ka naye marg dhundhega aage badhega yah manviya pravritti hai parantu ek dharm vishesh me kuch log manavta ko bhool chuke hain vaah keval aur keval kuch maulviyon ke athva kuch aatankwadi sangathano ke hath ke kathaputali jaise ho gaye din ko bargala diya jata hai brainwash kar diya jata hai unko is baat ke bare me bata diya jata hai ki bus kuch jannat hai hue hain wahan jaoge marne ke baad phone kaha gaya kisi ko nahi maloom pada ki khatam ho chuki hai dharm ke prati itni zyada udarata ho chuki hai ki manavta ki koi chinta nahi itni agar hum keh dete hain ki musalman samaj aur baat yah nahi hai kya aatankwadi se musalmanon ko nuksan pahunchate hain aap dekhiye syria iran iraq kaun se musalman ko hindu hai maaf karega kaun se hindu hai salman salman kumar aisa nahi hai ki musalman sirf apne logo ko chodta hai mujhe hinduon ko maarta hai aisa nahi hai aatankwadi aatankwadi hota hai pehle vaah hinduon ko marenge jis din is dharti par koi aur dharm nahi bachega ki aapas me ek dusre ko maarne lagenge kyonki unki toh pati ban chuki hai ab karenge dharm se yadi joda jaaye tum vishay hai chintan ka dharmavalambiyon ko musalman ko naveen yuvaon ko is vishay par sachet hona hoga ki keval dharmik kattartaa hi sab kuch nahi hai manavta ka bhi sochen agar hamare dharm me kuch kamiyan hain unko dur kare ya unka tyag kare parantu bina ka chhath ke sweekar kar liya gaya attharah sau saal pehle jo kaha gaya tha usko aaj bhi aise tez mana ja raha hai 18 saal pehle bhaugolik sthitiyan ki dharmik sthitiyan kuch alag thi vartaman me sthiti badal chuki hai aap vartaman sthitiyo ke anusaar islam me parivartan kariye aur nahi karenge toh jo attharah sau saal pehle se hota aaya hai vaah aaj bhi aap karenge aur duniya ki nazro me gir jaenge aur ek din apna swayam samul naash kar denge

नमस्कार मैं पीके फन इस विषय पर केवल एक ही बात तो काफी चिंतनीय है और चिंतन करने वाली बात

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