आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों करते हैं?...


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Manoj Kumar

पासटर

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यह झूठी बात है क्योंकि जो लोग कर्म पर विश्वास करते हैं कर्म करने के लिए परमेश्वर ने ही कहा है कि कर्म करो हर ग्रंथ में लिखा है कि मेहनत करके रोटी खाओ अगर हम कर्म करते हैं तो परमेश्वर की आज्ञा को ही मानते हैं हम कर्म करके यह नहीं कह सकते कि हम परमेश्वर को नहीं मानते जो कर्म कर रहा है वह परमेश्वर को मान रहा है क्योंकि परमेश्वर ने ही कहा है कि कर्म करो परमेश्वर ने इसीलिए इंसान को पैदा किया था कि वह परमेश्वर की भक्ति और आराधना करें उसके साथ संगति करे लेकिन प्रेमी आदमी ने ऐसा नहीं किया उसने पाप की है जिससे परमेश्वर ने अपने आप से इंसान को अलग कर दिया कि अब तो खेती कर अपना पसीना बहा और रोटी खा तो पूरी जिंदगी इसी तरह मेहनत करके खाएगा नहीं मानत करेगा तो वह काम रहेगा जब हम परमेश्वर की संगति नहीं करते परमेश्वरी हमारे साथ नहीं है तो हमें अपने बल के ऊपर ही जीना पड़ता है लेकिन अगर हम परमेश्वर के साथ चलते हैं तब भी हमें कर्म करना पड़ता है मेहनत करनी पड़ती है क्योंकि ग्रंथों में ऐसा लिखा है कि शुरू में ऐसा नहीं था इंसान के पाप करने के कारण इंसान के ऊपर जो मेहनत ला दी गई है कि मेहनत करके खाओ पहले इंसान मेहनत करके नहीं खाता था परमेश्वर उसको बिना मेहनत के ही खाने को देता था लेकिन अभी परमेश्वर कहता है कि कर्म करो अगर कोई कर्मभूमि कर्मों पर विश्वास करता है तो वह कहीं ना कहीं परमेश्वर की आज्ञा को ही मानता है लेकिन कर्म करना अलग बात है पाप करना लग बातें हम तो करो लेकिन पाप मत करो जिस चीज को आत्महत्या की गलत है उसको मत करो

yah jhuthi baat hai kyonki jo log karm par vishwas karte hain karm karne ke liye parmeshwar ne hi kaha hai ki karm karo har granth me likha hai ki mehnat karke roti khao agar hum karm karte hain toh parmeshwar ki aagya ko hi maante hain hum karm karke yah nahi keh sakte ki hum parmeshwar ko nahi maante jo karm kar raha hai vaah parmeshwar ko maan raha hai kyonki parmeshwar ne hi kaha hai ki karm karo parmeshwar ne isliye insaan ko paida kiya tha ki vaah parmeshwar ki bhakti aur aradhana kare uske saath sangati kare lekin premi aadmi ne aisa nahi kiya usne paap ki hai jisse parmeshwar ne apne aap se insaan ko alag kar diya ki ab toh kheti kar apna paseena baha aur roti kha toh puri zindagi isi tarah mehnat karke khaega nahi manat karega toh vaah kaam rahega jab hum parmeshwar ki sangati nahi karte parmeshwari hamare saath nahi hai toh hamein apne bal ke upar hi jeena padta hai lekin agar hum parmeshwar ke saath chalte hain tab bhi hamein karm karna padta hai mehnat karni padti hai kyonki granthon me aisa likha hai ki shuru me aisa nahi tha insaan ke paap karne ke karan insaan ke upar jo mehnat la di gayi hai ki mehnat karke khao pehle insaan mehnat karke nahi khaata tha parmeshwar usko bina mehnat ke hi khane ko deta tha lekin abhi parmeshwar kahata hai ki karm karo agar koi karmabhumi karmon par vishwas karta hai toh vaah kahin na kahin parmeshwar ki aagya ko hi maanta hai lekin karm karna alag baat hai paap karna lag batein hum toh karo lekin paap mat karo jis cheez ko atmahatya ki galat hai usko mat karo

यह झूठी बात है क्योंकि जो लोग कर्म पर विश्वास करते हैं कर्म करने के लिए परमेश्वर ने ही कहा

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Manju Singh

Thalassemia Haemophilia Ke Counselor

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इस पर बोलते हैं कि हम लोग अपना कार्य पूरी विश्वास निष्ठा और कठिन परिश्रम के साथ कार्य करें बाकी उसका परिणाम जो भी होगा वह मारे कार्य पर निर्भर करता है इसलिए ईश्वर हमेशा बोलता है कि अपना कार्य कीजिए सच्चे मन से लगन से और दृढ़ निष्ठा से बाकी रिजल्ट जो भी होगा वह सब हम हम जैसे कार्य करेंगे वैसे ही फल मिलेगा तो अपना कार्य करते रहिए ईश्वर पर भरोसा अपने आप हो जाएगा

is par bolte hain ki hum log apna karya puri vishwas nishtha aur kathin parishram ke saath karya kare baki uska parinam jo bhi hoga vaah maare karya par nirbhar karta hai isliye ishwar hamesha bolta hai ki apna karya kijiye sacche man se lagan se aur dridh nishtha se baki result jo bhi hoga vaah sab hum hum jaise karya karenge waise hi fal milega toh apna karya karte rahiye ishwar par bharosa apne aap ho jaega

इस पर बोलते हैं कि हम लोग अपना कार्य पूरी विश्वास निष्ठा और कठिन परिश्रम के साथ कार्य करें

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Shubham Saini

Software Engineer

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आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों करते हैं देखो भगवान भी कहता है कि अपना कर्म करो मैं आपके साथ हूं और रहेगा भगवान पर विश्वास करना विश्वास है तो सब भगवान के ही आना हमेशा वह जाने अनजाने में मदद करते रहते हैं

aajkal ke insaan bhagwan par vishwas kyon nahi karte apne karm par kyon karte hain dekho bhagwan bhi kahata hai ki apna karm karo main aapke saath hoon aur rahega bhagwan par vishwas karna vishwas hai toh sab bhagwan ke hi aana hamesha vaah jaane anjaane me madad karte rehte hain

आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों करते हैं देखो भगवान भी क

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Brijpal Singh Chouhan

Social Worker, journalist

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जय माता की जय गुरुवर की आपका प्रश्न है आज करके इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों करते हैं देखिए आज के जो इंसान हैं वह भौतिकता की चकाचौंध में पूर्णतया ग्रसित है पाश्चात्य सभ्यता उनके अंदर बहुत जोरों से हावी हो चुकी है और उसका सबसे बड़ा कारण जयपुर में हमारा देश गुलाम रहा था अंग्रेजों का हो चाहे मुगलों का हो उन्होंने हमारे साहित्य को बुरी तरह नष्ट कर दिया उन्होंने जो हमारा ज्ञान था उसको पूरी तरह से तो नहीं कह सकते पर अधिकांश ज्ञान को उन्होंने नष्ट करने के लिए पूरी कोशिश कर दी उन्होंने अंग्रेजी इसका बढ़ावा दिया मॉडर्न स्कूल बनाए और बच्चों को कान्वेंट स्कूलों में पढ़ाने की प्रक्रिया चल गई फोन विद्यालयों में भी जो ज्ञान दिया जाने लगा वह भी पास चिप्स पाश्चात्य पाश्चात्य शब्दाचे पूर्ण जारी दिया गया और जो आज दिया जा रहा है जो हमारा सनातन ज्ञान था जो गुरुकुल के माध्यम से शिष्यों को प्राप्त होता था उसका पूरी तरह लोक हो गया जो संस्कारों की यात्राएं होती थी इन परिस्थितियों में अपने आप दूर होने लगी बच्चे जो ज्ञान लेने लगे तो इस आयत को या कह दे अंग्रेजी अत को ही महत्व देकर क्योंकि वहां के लोग पढ़ाने वाले शिक्षक थे उन्होंने यही ज्ञान दिया उन्होंने हमारी क्षमता को बढ़ाने का कार्य ही नहीं किया यही सब कारण थे जिसकी वजह से आज का जो मानव है उसे वह धरातल ही नहीं मिल पाया और उसके अलावा फिर यूटीवी है और यह फिल्में हैं इनमें गलत चीजें दिखाई गई अय्याशी परोसी गई अगर यही संस्कार उतर बढ़ाने वाली फिल्में होती और चैनल दूरदर्शन के होते सुनिश्चित है उसका प्रभाव हर बच्चे पर पड़ता पर ऐसा नहीं हुआ इसके पीछे जो गलत सोच कर व्यक्ति थे वह शासन में बैठे शासन में बैठे गलत नीतियां बनाई गई यही सारे कारण हैं जिसकी वजह से हम अपने धर्म अध्यात्म को भूलते गए हम अपने दही विज्ञान को भूलते चले गए और हमने केवल कर्म को ही मत देना चालू कर दिया यह निश्चित है जैसे हम कर्म करेंगे भगवान उसका फल देता है पर हम अगर गलत कर्म करेंगे तो फल भी हमें गलत ही मिले गलत कहीं मिले गाना और यही कारण है कि हम भटकते चले गए और आज फिर जरूरत है कि हम पाश्चात्य सभ्यता को छोड़कर अपने बच्चों को अपने जो पूर्वजों का ज्ञान है विद्या आए हैं वह पढ़ाई जाए तो यह सब कुछ सुधार हो सकता है

jai mata ki jai guruvar ki aapka prashna hai aaj karke insaan bhagwan par vishwas kyon nahi karte apne karm par kyon karte hain dekhiye aaj ke jo insaan hain vaah bhautikata ki chakachaundh me purnataya grasit hai pashchayat sabhyata unke andar bahut joron se haavi ho chuki hai aur uska sabse bada karan jaipur me hamara desh gulam raha tha angrejo ka ho chahen mugalon ka ho unhone hamare sahitya ko buri tarah nasht kar diya unhone jo hamara gyaan tha usko puri tarah se toh nahi keh sakte par adhikaansh gyaan ko unhone nasht karne ke liye puri koshish kar di unhone angrezi iska badhawa diya modern school banaye aur baccho ko convent schoolon me padhane ki prakriya chal gayi phone vidhayalayo me bhi jo gyaan diya jaane laga vaah bhi paas chips pashchayat pashchayat shabdache purn jaari diya gaya aur jo aaj diya ja raha hai jo hamara sanatan gyaan tha jo gurukul ke madhyam se shishyon ko prapt hota tha uska puri tarah lok ho gaya jo sanskaron ki yatraen hoti thi in paristhitiyon me apne aap dur hone lagi bacche jo gyaan lene lage toh is ayat ko ya keh de angrezi at ko hi mahatva dekar kyonki wahan ke log padhane waale shikshak the unhone yahi gyaan diya unhone hamari kshamta ko badhane ka karya hi nahi kiya yahi sab karan the jiski wajah se aaj ka jo manav hai use vaah dharatal hi nahi mil paya aur uske alava phir UTV hai aur yah filme hain inmein galat cheezen dikhai gayi ayyashi parosi gayi agar yahi sanskar utar badhane wali filme hoti aur channel doordarshan ke hote sunishchit hai uska prabhav har bacche par padta par aisa nahi hua iske peeche jo galat soch kar vyakti the vaah shasan me baithe shasan me baithe galat nitiyan banai gayi yahi saare karan hain jiski wajah se hum apne dharm adhyaatm ko bhulte gaye hum apne dahi vigyan ko bhulte chale gaye aur humne keval karm ko hi mat dena chaalu kar diya yah nishchit hai jaise hum karm karenge bhagwan uska fal deta hai par hum agar galat karm karenge toh fal bhi hamein galat hi mile galat kahin mile gaana aur yahi karan hai ki hum bhatakte chale gaye aur aaj phir zarurat hai ki hum pashchayat sabhyata ko chhodkar apne baccho ko apne jo purvajon ka gyaan hai vidya aaye hain vaah padhai jaaye toh yah sab kuch sudhaar ho sakta hai

जय माता की जय गुरुवर की आपका प्रश्न है आज करके इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने

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थकने भैया कि आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कान पर क्यों करते हैं आप दूसरे हिसाब से देख रहे हैं उसको तो मैं कहना चाहूंगा कि आजकल इंसान भगवान पर ही विश्वास कर रहे हैं क्योंकि हमें शास्त्रों में सिखाया गया है कर्म प्रधान विश्व कर राखा और जो जस करहिं सो तस फल शाखा शास्त्र हमें यही ज्ञान देता है जो जैसा करेगा कर्म के आधार पर उसका उसका फल मिलेगा इस तरह समझ ही आपकी आपको एक थाली लगी रखी है तो उसमें उठाकर आपको ही खाना पड़ेगा ईश्वर नहीं खिलाने आएंगे और यदि आपका यीशु के प्रति विश्वास है तो वह खिलाने भी आएंगे अभी तो किसी भी रूप में आ सकते हैं मां भी मां बाप भी सोच का रूप है जब आपको नहीं चलते तो बुआ को खिलाते हैं तो आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि इस पर विश्वास रखना चाहिए और वह वाह के काम भी आएंगे जय श्री राम जय शिव शंकर

thakane bhaiya ki aajkal ke insaan bhagwan par vishwas kyon nahi karte apne kaan par kyon karte hain aap dusre hisab se dekh rahe hain usko toh main kehna chahunga ki aajkal insaan bhagwan par hi vishwas kar rahe hain kyonki hamein shastron me sikhaya gaya hai karm pradhan vishwa kar rakha aur jo jass karahin so tas fal shakha shastra hamein yahi gyaan deta hai jo jaisa karega karm ke aadhar par uska uska fal milega is tarah samajh hi aapki aapko ek thali lagi rakhi hai toh usme uthaakar aapko hi khana padega ishwar nahi khilane aayenge aur yadi aapka yeshu ke prati vishwas hai toh vaah khilane bhi aayenge abhi toh kisi bhi roop me aa sakte hain maa bhi maa baap bhi soch ka roop hai jab aapko nahi chalte toh buaa ko khilaate hain toh aap aise bhi samajh sakte hain ki is par vishwas rakhna chahiye aur vaah wah ke kaam bhi aayenge jai shri ram jai shiv shankar

थकने भैया कि आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कान पर क्यों करते हैं आप

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Kiran bala

Insurance Adviser

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गुड मॉर्निंग एवरीवन आजकल के लोग भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर विश्वास क्यों करते हैं इसका आंसर यह है कि आजकल के लोग लोग कर्म करते हैं कर्म पर विश्वास करते हो और भगवान ने भी यही कहा है कि कर्म करो फल की इच्छा मत करो मुझसे का पहला करते होता है कि वह कर्म करेगा और भगवान कहते हैं कि कर्म करो आपका कुछ पाने के लिए कुछ कर्म तो कर नहीं पड़ेंगे और गीता में भी एक-एक कहा गया है कि कर्म करो फल की इच्छा मत करो अगर आप कर्म करते हैं फल की इच्छा नहीं करते हो तो वैसे भी भगवान आपके साथ हैं

good morning everyone aajkal ke log bhagwan par vishwas kyon nahi karte apne karm par vishwas kyon karte hain iska answer yah hai ki aajkal ke log log karm karte hain karm par vishwas karte ho aur bhagwan ne bhi yahi kaha hai ki karm karo fal ki iccha mat karo mujhse ka pehla karte hota hai ki vaah karm karega aur bhagwan kehte hain ki karm karo aapka kuch paane ke liye kuch karm toh kar nahi padenge aur geeta me bhi ek ek kaha gaya hai ki karm karo fal ki iccha mat karo agar aap karm karte hain fal ki iccha nahi karte ho toh waise bhi bhagwan aapke saath hain

गुड मॉर्निंग एवरीवन आजकल के लोग भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर विश्वास क्यो

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:09
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आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों करते हैं विकी अच्छी बात है कि आजकल पेंशन भगवान पर विश्वास नहीं करते और अपने कामों पर ही वह मुस्ताक रहते अपने कर्म पर ही विश्वास क्योंकि कर्म ही पूजा है वर्क इस वरशिप और पूजा हम भगवान जी करते हैं इसलिए हमारा कर्म है वह भगवान तक पहुंच जाता है उसका रिजल्ट देर सबेर जरूर मिलता है इसलिए आज के लोग जो है बहुत ही प्रैक्टिकल हो गए हैं बहुत समझदार हो गए हैं और वह अपने कर्म को ही पूजा अपने कर्म कोई इबादत समझकर वह कर्म करते रहते हैं और उनका उन्हें अच्छा फर्स्ट सर ऊपर वाला जरूर देता है बहुत-बहुत धन्यवाद

aajkal ke insaan bhagwan par vishwas kyon nahi karte apne karm par kyon karte hain vicky achi baat hai ki aajkal pension bhagwan par vishwas nahi karte aur apne kaamo par hi vaah mustak rehte apne karm par hi vishwas kyonki karm hi puja hai work is worship aur puja hum bhagwan ji karte hain isliye hamara karm hai vaah bhagwan tak pohch jata hai uska result der saber zaroor milta hai isliye aaj ke log jo hai bahut hi practical ho gaye hain bahut samajhdar ho gaye hain aur vaah apne karm ko hi puja apne karm koi ibadat samajhkar vaah karm karte rehte hain aur unka unhe accha first sir upar vala zaroor deta hai bahut bahut dhanyavad

आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों करते हैं विकी अच्छी बात

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

0:35
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका पिक इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर अपने कर्म पर विश्वास करना भगवान के ऊपर विश्वास करना है जिसे अपनी किसी भी चीज पर विश्वास है अपनी शक्ति पर विश्वास है भगवान का विश्वासी माना जाएगा

aapka pic insaan bhagwan par vishwas kyon nahi karte apne karm par apne karm par vishwas karna bhagwan ke upar vishwas karna hai jise apni kisi bhi cheez par vishwas hai apni shakti par vishwas hai bhagwan ka vishwasi mana jaega

आपका पिक इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर अपने कर्म पर विश्वास करना भग

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Manmohan Bhutada

Founder & Director - Yog Prayog

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जो इंसान भगवान पर विश्वास नहीं करता इसके कुछ कारण है पिछले कई वर्षों में हमारे धर्माचार्य उनका जो कर्तव्य था धर्म का प्रसार धर्म की अच्छी बात लोगों तक पहुंचाना यह उन्होंने कम किया आपने अपने गढ़ मजबूत करने में ही उन्होंने ज्यादा ध्यान दिया जिसकी वजह से धर्म की शिक्षा हमारी संस्कृति प्राचीन और उत्कृष्ट होते हुए भी धर्म की शिक्षा हम तक नहीं पहुंच पाए इसी वजह से लोगों का धर्म से विश्वास कम हुआ और कुछ धर्म के ज्ञाता कुछ गलत नीतियां भी अपना ही हमसे यह सिस्टम बदनाम भी होगा इसकी वजह से भी कई लोगों का धर्म से विश्वास उठ गया और फिर अपने ही कर्म पर विश्वास करना या भरोसा रखना है कोई गलत चीज तो है वह भी एक आत्मविश्वास का प्रकार है

jo insaan bhagwan par vishwas nahi karta iske kuch karan hai pichle kai varshon me hamare dharmacharya unka jo kartavya tha dharm ka prasaar dharm ki achi baat logo tak pahunchana yah unhone kam kiya aapne apne garh majboot karne me hi unhone zyada dhyan diya jiski wajah se dharm ki shiksha hamari sanskriti prachin aur utkrasht hote hue bhi dharm ki shiksha hum tak nahi pohch paye isi wajah se logo ka dharm se vishwas kam hua aur kuch dharm ke gyaata kuch galat nitiyan bhi apna hi humse yah system badnaam bhi hoga iski wajah se bhi kai logo ka dharm se vishwas uth gaya aur phir apne hi karm par vishwas karna ya bharosa rakhna hai koi galat cheez toh hai vaah bhi ek aatmvishvaas ka prakar hai

जो इंसान भगवान पर विश्वास नहीं करता इसके कुछ कारण है पिछले कई वर्षों में हमारे धर्माचार्य

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Ashok Kumar Sen

Yoga Trainer | Astrologer

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उसका नाम अशोक कुमार जैन जबलपुर शहर के आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते और अपने कर्म पर क्यों जाते हैं कृष्ण थोड़ा अलग नहीं है ना मुझे ऐसा लगता है गलत है आज का इंसान केवल भगवान के साथ सकता है और भगवान कहता है कि अपने कर्म करो और जो कर्म करोगे उस हिसाब से उसको फल मिलेगा राज के लिए जो इंसान है भगवान विश्वास करता है भगवान के द्वारा चंदन जी आपका प्रश्न के बारे में जान भगवान पर विश्वास नहीं करता अपने कर्म पर विश्वास करते थे ठीक है तो भगवान भी करता है क्या आप जैसे कर्म करोगे वैसा फल आपको मिलेगा और मैं यह करता हूं यदि इंसान भगवान पर विश्वास नहीं करता किसी भी धर्म की कोई भी चीज सवार होते हैं पहले की अपेक्षा वर्तमान में सबसे ज्यादा भंडारे में लक्ष्मी देवी नर्मदा खिलाने की खीर गंगा किनारे देखिए मंदिरों में जा कर देखिए खेतों में जाकर देखें सबसे ज्यादा मंदिरों के चढ़ावे श्याम अंदाज लगा सकते हैं कि कौन किस विश्वास करता है अब तो पति बालाजी का देव ऑनलाइन आता है साल भर की कमाई और पुरानी कमाई गई थी साईं बाबा की पुरानी कमाई और वर्तमान की कमाई देख लीजिए आप उज्जैन की एंबुलेंस देख लीजिए भगवान पर आस्था आज की डेट में सबसे ज्यादा बढ़ गई है यह जरूर कह सकते हैं कि इंसान शॉर्टकट जल्दी भागना चाहता है कर्म करने से पहले वह अमीर बनना जगदंबा नियर मित्तल और टाटा बंद भगवान के पास जाते हैं और शॉर्टकट में तक ढूंढते हैं या फिर जो अपने बुरे कर्म किए जाते हैं उसको दान दान के द्वारा मिटाने की कोशिश करता है

uska naam ashok kumar jain jabalpur shehar ke aajkal ke insaan bhagwan par vishwas kyon nahi karte aur apne karm par kyon jaate hain krishna thoda alag nahi hai na mujhe aisa lagta hai galat hai aaj ka insaan keval bhagwan ke saath sakta hai aur bhagwan kahata hai ki apne karm karo aur jo karm karoge us hisab se usko fal milega raj ke liye jo insaan hai bhagwan vishwas karta hai bhagwan ke dwara chandan ji aapka prashna ke bare me jaan bhagwan par vishwas nahi karta apne karm par vishwas karte the theek hai toh bhagwan bhi karta hai kya aap jaise karm karoge waisa fal aapko milega aur main yah karta hoon yadi insaan bhagwan par vishwas nahi karta kisi bhi dharm ki koi bhi cheez savar hote hain pehle ki apeksha vartaman me sabse zyada bhandare me laxmi devi narmada khilane ki kheer ganga kinare dekhiye mandiro me ja kar dekhiye kheton me jaakar dekhen sabse zyada mandiro ke chadhave shyam andaaz laga sakte hain ki kaun kis vishwas karta hai ab toh pati balaji ka dev online aata hai saal bhar ki kamai aur purani kamai gayi thi sai baba ki purani kamai aur vartaman ki kamai dekh lijiye aap ujjain ki ambulance dekh lijiye bhagwan par astha aaj ki date me sabse zyada badh gayi hai yah zaroor keh sakte hain ki insaan shortcut jaldi bhaagna chahta hai karm karne se pehle vaah amir banna jagdamba near mittal aur tata band bhagwan ke paas jaate hain aur shortcut me tak dhoondhate hain ya phir jo apne bure karm kiye jaate hain usko daan daan ke dwara mitane ki koshish karta hai

उसका नाम अशोक कुमार जैन जबलपुर शहर के आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते और अप

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Krishna Kumar Gupta

Astrologer And Tantrokt Vastu Consultant

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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इसलिए नहीं करता है विशेष रूप से ईश्वर की प्राप्ति है कि मनुष्य भी अच्छे नहीं है

isliye nahi karta hai vishesh roop se ishwar ki prapti hai ki manushya bhi acche nahi hai

इसलिए नहीं करता है विशेष रूप से ईश्वर की प्राप्ति है कि मनुष्य भी अच्छे नहीं है

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जय राम जी के आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते हैं अपने कर्म पर क्यों करते हैं हां यह बात सही है कि कर्म करने से ही प्रभु की प्राप्ति होती है तो जब जब कर्म करेंगे तो फल तभी मिलेगा भगवान कर्म नहीं करते हैं इसलिए यह बात सत्य है कि कर्म प्रधान फिर जस्ट जैसा कर्म होगा परमात्मा की प्राप्ति का कर्म होगा तो परमात्मा मिलेंगे और वैभव प्राप्ति का कर्म होगा तो वैभव मिलेगा

jai ram ji ke aajkal ke insaan bhagwan par vishwas kyon nahi karte hain apne karm par kyon karte hain haan yah baat sahi hai ki karm karne se hi prabhu ki prapti hoti hai toh jab jab karm karenge toh fal tabhi milega bhagwan karm nahi karte hain isliye yah baat satya hai ki karm pradhan phir just jaisa karm hoga paramatma ki prapti ka karm hoga toh paramatma milenge aur vaibhav prapti ka karm hoga toh vaibhav milega

जय राम जी के आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते हैं अपने कर्म पर क्यों करते है

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Bk Ashok Pandit

आध्यात्मिक गुरु

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प्रिया आत्मन अब तक सवाल है आजकल टेंशन भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों करते हैं भगवान पर विश्वास ना करने के कारण हैं और कर्म कॉन्शियस होने से ही कर्म में उतार-चढ़ाव होता है करूं प्रतीत नहीं होता है करने प्रशिक्षण ना आने कारण ही सफलता नहीं मिलती है क्योंकि कर्म से अनेकों की जुराब होती है और कर में परफेक्शन ना होने के कारण अनेक आत्माओं की दुआएं नहीं ले पाता है और इसलिए जिस भावना से वह कर्म करता है वह भावना और सफलता की ओर ले जाता है क्योंकि अनेक आत्माओं को सुख नहीं दे पाता है और खुद एक ही सिद्धांत है कि जो चीज हम देते हैं वह रिटर्न वही मिलता है जगदीश को देंगे तो सुख मिलेगा दुख देंगे तो दुख मिलेगा यह कुदरती ला है इसे कोई बदल नहीं सकता है गीता में कर्म योग की बातें बताई गई है कर्म योग का अर्थ यह होता है कि योग अर्थात परमात्मा की याद जो का अर्थ होता है जोर संबंध कनेक्शन मने सबसे बड़ा जो जोर है वह है आत्मा का परमात्मा के साथ अर्थात भगवान से प्रीत हो भगवान की याद में जाकर के जब कर्म करेंगे तो कर्म में कुशलता आएगी और वह कर्म सुखदाई होगा जोर तो अनेकों के साथ होता है स्त्री और पुरुष के बीच जो संबंध होता है उसको भी जो कहा जाता है कर्म योग कर्म के साथ योग होता है बच्चों के साथ यह होता है लेकिन सबसे जो बड़ा जो योग हैं वह है भगवान के साथ योगा अर्थात भगवान की याद भगवान के स्मृति सदा बना रहे तो कर्म भगवान की याद में जाकर के करेंगे तो भगवान के ब्लेसिंग हमें मिलेगी भगवान की सत्या मिलेगी जिसके द्वारा कर्म कुशल होंगे और हमें सफलता मिलेगी हम प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेंगे धन्यवाद

priya atman ab tak sawaal hai aajkal tension bhagwan par vishwas kyon nahi karte apne karm par kyon karte hain bhagwan par vishwas na karne ke karan hain aur karm kanshiyas hone se hi karm me utar chadhav hota hai karu pratit nahi hota hai karne prashikshan na aane karan hi safalta nahi milti hai kyonki karm se anekon ki jurab hoti hai aur kar me parafekshan na hone ke karan anek atmaon ki duaen nahi le pata hai aur isliye jis bhavna se vaah karm karta hai vaah bhavna aur safalta ki aur le jata hai kyonki anek atmaon ko sukh nahi de pata hai aur khud ek hi siddhant hai ki jo cheez hum dete hain vaah return wahi milta hai jagdish ko denge toh sukh milega dukh denge toh dukh milega yah kudarati la hai ise koi badal nahi sakta hai geeta me karm yog ki batein batai gayi hai karm yog ka arth yah hota hai ki yog arthat paramatma ki yaad jo ka arth hota hai jor sambandh connection mane sabse bada jo jor hai vaah hai aatma ka paramatma ke saath arthat bhagwan se prateet ho bhagwan ki yaad me jaakar ke jab karm karenge toh karm me kushalata aayegi aur vaah karm sukhdayi hoga jor toh anekon ke saath hota hai stree aur purush ke beech jo sambandh hota hai usko bhi jo kaha jata hai karm yog karm ke saath yog hota hai baccho ke saath yah hota hai lekin sabse jo bada jo yog hain vaah hai bhagwan ke saath yoga arthat bhagwan ki yaad bhagwan ke smriti sada bana rahe toh karm bhagwan ki yaad me jaakar ke karenge toh bhagwan ke blessing hamein milegi bhagwan ki satya milegi jiske dwara karm kushal honge aur hamein safalta milegi hum pragati ke path par aage badhenge dhanyavad

प्रिया आत्मन अब तक सवाल है आजकल टेंशन भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों

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Jitendra Singh

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों करते दिखे भगवान की विधि पोगा हम विश्वास करते कर्म करते हैं भगवान भी तो यही कहते हैं कि कर्म कर लेकिन हुई थी जो है वह मेरी ही चाहिए आपको क्वेश्चन या करना चाहिए था एवं विधि अपने विधि से कर्म क्यों करते हैं भगवान की विधि से क्यों नहीं करते हैं आपने उल्टा क्वेश्चन कर दिया हम कर्म नहीं करेंगे तो हम कर्म हीन हो जाएंगे कर्म करना सबसे पहला धर्म है अब कदम नहीं सोमनाथ का मंदिर क्यों लुटा भगवान के विश्वास में लूटा महंत बैठे-बैठे कहते रहे जबकि वह सेना से बहुत ज्यादा तेरे भगवान खुद रक्षा करेंगे यह विवेक है विवेक यह कहता है कि कर्म हम करने के लिए आए हैं कर्म हम करें बस बुद्धि भगवान हमको आप अपनी बेटी के अनुसार करा लेना कोई गलत कदम ना हो जाए अगर हम ऐसा सोच कर के सकते हैं तो हमारे कर्म जो है वह भी अच्छे हैं और भगवान पर विश्वास भी रहेगा इसी चीज के साथ धन्यवाद

insaan bhagwan par vishwas kyon nahi karte apne karm par kyon karte dikhe bhagwan ki vidhi poga hum vishwas karte karm karte hain bhagwan bhi toh yahi kehte hain ki karm kar lekin hui thi jo hai vaah meri hi chahiye aapko question ya karna chahiye tha evam vidhi apne vidhi se karm kyon karte hain bhagwan ki vidhi se kyon nahi karte hain aapne ulta question kar diya hum karm nahi karenge toh hum karm heen ho jaenge karm karna sabse pehla dharm hai ab kadam nahi somnath ka mandir kyon loota bhagwan ke vishwas me loota mahant baithe baithe kehte rahe jabki vaah sena se bahut zyada tere bhagwan khud raksha karenge yah vivek hai vivek yah kahata hai ki karm hum karne ke liye aaye hain karm hum kare bus buddhi bhagwan hamko aap apni beti ke anusaar kara lena koi galat kadam na ho jaaye agar hum aisa soch kar ke sakte hain toh hamare karm jo hai vaah bhi acche hain aur bhagwan par vishwas bhi rahega isi cheez ke saath dhanyavad

इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों करते दिखे भगवान की विधि पोगा हम

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

1:19
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Sapna

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते हैं अपने कर्म करते हैं तो मैं आपको बताना चाहूंगी इंसान किसी पर भी विश्वास करें वह भगवान पर भी विश्वास करता है यदि इंसान कर्म पर विश्वास करता है अपने तो कर्म में भी भगवान होते हैं बस हमें यह जानना होता है कि भगवान ने हमें शक्ति दे कि हम और हमें अधिकार भी दिया है हमें जान भी दिया है अधिकार भी दिया है शक्ति ही दी है अब यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि जो भगवान के द्वारा हमें दिया गया वह पहाड़ है उसको हम गलत काम में लगाते हैं कि अच्छे काम में लगाते हैं यदि हम भगवान की दी हुई शक्ति का उपचार में प्रयोग करेंगे तो हमारा जीवन शुभ होगा और यदि भगवान की दी हुई शक्तियों को हम गलत कर्म में या गलत कार्य में लगाते हैं तो उसका अशुभ परिणाम होगा और यह सब समझने के लिए भगवान ने हमें शादी है कर्म करने की जान पाने की और कोई भी हम कर काम करते हैं तो भगवान ने हमें शक्ति दे कि हम पहले विचार कर सकें कि हमारे द्वारा जो किया जा रहा है वह सही है या गलत है फिर उसके आधार पर हमें कर्म करने का अधिकार दिया है कि हम अच्छा करेंगे तो अच्छा कर पाएंगे गलत करेंगे तो गलत फल पाएंगे यह हमें भगवान ने अधिकार दे रखा है उसके हमें काम करने की शक्ति दी है हम अच्छा करेंगे तो भी क्योंकि सकती हमारे साथ है तो बुरा करेंगे तो भी ईश्वर की शक्ति हमारे साथ है और जो हमें फल मिलेगा उसके भी साथी इस पर है तो इसमें भगवान का दोस्त कहां पर है भगवान दोषी नहीं है हम जो कर रहे हैं वैसा में परिणाम मिल रहा है मैंने कई लोगों को कहते सुना है कि भगवान ने ऐसा कर दिया भगवान ने ऐसा कर दिया भगवान ने मुझे सजा दी है भगवान सजा नहीं देते भगवान ने क्या बयान दिया है आपको शक्ति भी है और आपको अधिकार दिया है आपको यह तीन शक्तियां भगवान ने दे रखे हैं और फिर भी आप गलत करते हैं भगवान को दोष देते हैं आपने जो गलत किया है आप उसी का परिणाम भुगत ते हैं क्या यह जन्म हो या पूर्व जन्म हो या अगले आने वाला जन्म है चाहे वह हो लेकिन हम जो कर रहे हैं हम उसका परिणाम जरूर बुक देंगे यह विधि का विधान होता है जो जैसा करता है वैसा भरता है इसीलिए यदि आदमी भगवान पर विश्वास नहीं करता है धर्म पर विश्वास करता है तो कर्म में भी भगवान होते हैं और यह विश्वास करता है विश्वास में भी भगवान होते हैं पर में भी भगवान होते हैं वह किसी भी रुप में भगवान को मानने लेकिन भगवान हर रूप में मौजूद होते हैं यदि वह कर्म में विश्वास कर रहा है तो वह विश्वास में भी भगवान है पर मैं भी भगवान है भगवान उसकी हमेशा साथ हैं चाहे वह इस बात को माने या ना माने चाहे वह भगवान को बोलकर पुकारे तब भी भगवान उसके साथ है कोई कर्म करे तब भी भगवान उसके साथ हैं और यदि वह किसी का विश्वास करता है तभी भगवान उसके साथ हैं वह इस बात को समझे या न समझे लेकिन भगवान हमेशा हर जीत के साथ रहते हैं बस इंसान को उनकी पर करनी है उनको महसूस करना है उनको अनुभव करना है इंसानों को ही कर रहा है क्योंकि भगवान ने हमें तार करते हुए देखा है कि हमने अच्छा किया है कि बुरा किया है तो भगवान हमें उसी के अनुसार फल दे रहे होते हैं और उसकी जो शक्ति होती है हमारे जो हमें कर्म किए हैं अच्छे कर्म की रहे तो अच्छे कर्म की शक्ति होती है हमारे अंदर बुरे कर्म किए हैं तो बुरे कर्म की शक्ति होती है वह शक्ति हिंदी हमसे अच्छा यह गलत करवाती है इसीलिए मैं आपसे यही कहना चाहूंगी कि हमेशा ज्ञान के साथ जीवन को बताएं हमेशा इस बात का ध्यान अपने साथ रखें कि हमारे साथ जो कुछ घटित हो रहा है वह हमारे पूर्व जन्म के कर्म है और हम जो कुछ कर रहे हैं वह हम अपने जीवन में मुफ्त पाने के लिए कर रहे हैं और यदि हम से पहले कुछ गलत कर्म हो चुके हैं उसका परिणाम तो हमें भुगतना ही है तो इसलिए जो हमसे गलत हुआ है उसे अच्छी तरह से आप सब बनाई और जो आपका बेटा जन्म हो तो आपके जो कर्म है उनका फल पूरा हो सके वह जो आपसे थोड़ी बहुत शर्म रह जाएंगे तो वह अगले जन्म पूरे होने के बाद आपका अगले जन्म मौत निश्चित हो जाएगा और आप अपने परम पिता परमेश्वर से परम संत से सदैव सदैव के लिए मिल जाएगी हर जीव इंसान का जो भी जीव प्राणी है और जितने भी जीव इंसान जितने भी जानवर पक्षी जितने भी है सब के कर्मों का यही उद्देश्य है कि हमें मौत मिल जाए इसलिए आप इस बात को याद रखें कि हमें अपने जीवन में ज्ञान को अपने साथ रखना है वह हमेशा शुभ कर्मों को करते रहना है सपना शर्मा जय हिंद जय भारत आपका दिन शुभ हो

aapka prashna hai aajkal ke insaan bhagwan par vishwas kyon nahi karte hain apne karm karte hain toh main aapko batana chahungi insaan kisi par bhi vishwas kare vaah bhagwan par bhi vishwas karta hai yadi insaan karm par vishwas karta hai apne toh karm me bhi bhagwan hote hain bus hamein yah janana hota hai ki bhagwan ne hamein shakti de ki hum aur hamein adhikaar bhi diya hai hamein jaan bhi diya hai adhikaar bhi diya hai shakti hi di hai ab yah hamare upar nirbhar karta hai ki jo bhagwan ke dwara hamein diya gaya vaah pahad hai usko hum galat kaam me lagate hain ki acche kaam me lagate hain yadi hum bhagwan ki di hui shakti ka upchaar me prayog karenge toh hamara jeevan shubha hoga aur yadi bhagwan ki di hui shaktiyon ko hum galat karm me ya galat karya me lagate hain toh uska ashubh parinam hoga aur yah sab samjhne ke liye bhagwan ne hamein shaadi hai karm karne ki jaan paane ki aur koi bhi hum kar kaam karte hain toh bhagwan ne hamein shakti de ki hum pehle vichar kar sake ki hamare dwara jo kiya ja raha hai vaah sahi hai ya galat hai phir uske aadhar par hamein karm karne ka adhikaar diya hai ki hum accha karenge toh accha kar payenge galat karenge toh galat fal payenge yah hamein bhagwan ne adhikaar de rakha hai uske hamein kaam karne ki shakti di hai hum accha karenge toh bhi kyonki sakti hamare saath hai toh bura karenge toh bhi ishwar ki shakti hamare saath hai aur jo hamein fal milega uske bhi sathi is par hai toh isme bhagwan ka dost kaha par hai bhagwan doshi nahi hai hum jo kar rahe hain waisa me parinam mil raha hai maine kai logo ko kehte suna hai ki bhagwan ne aisa kar diya bhagwan ne aisa kar diya bhagwan ne mujhe saza di hai bhagwan saza nahi dete bhagwan ne kya bayan diya hai aapko shakti bhi hai aur aapko adhikaar diya hai aapko yah teen shaktiyan bhagwan ne de rakhe hain aur phir bhi aap galat karte hain bhagwan ko dosh dete hain aapne jo galat kiya hai aap usi ka parinam bhugat te hain kya yah janam ho ya purv janam ho ya agle aane vala janam hai chahen vaah ho lekin hum jo kar rahe hain hum uska parinam zaroor book denge yah vidhi ka vidhan hota hai jo jaisa karta hai waisa bharta hai isliye yadi aadmi bhagwan par vishwas nahi karta hai dharm par vishwas karta hai toh karm me bhi bhagwan hote hain aur yah vishwas karta hai vishwas me bhi bhagwan hote hain par me bhi bhagwan hote hain vaah kisi bhi roop me bhagwan ko manne lekin bhagwan har roop me maujud hote hain yadi vaah karm me vishwas kar raha hai toh vaah vishwas me bhi bhagwan hai par main bhi bhagwan hai bhagwan uski hamesha saath hain chahen vaah is baat ko maane ya na maane chahen vaah bhagwan ko bolkar pukare tab bhi bhagwan uske saath hai koi karm kare tab bhi bhagwan uske saath hain aur yadi vaah kisi ka vishwas karta hai tabhi bhagwan uske saath hain vaah is baat ko samjhe ya na samjhe lekin bhagwan hamesha har jeet ke saath rehte hain bus insaan ko unki par karni hai unko mehsus karna hai unko anubhav karna hai insano ko hi kar raha hai kyonki bhagwan ne hamein taar karte hue dekha hai ki humne accha kiya hai ki bura kiya hai toh bhagwan hamein usi ke anusaar fal de rahe hote hain aur uski jo shakti hoti hai hamare jo hamein karm kiye hain acche karm ki rahe toh acche karm ki shakti hoti hai hamare andar bure karm kiye hain toh bure karm ki shakti hoti hai vaah shakti hindi humse accha yah galat karwati hai isliye main aapse yahi kehna chahungi ki hamesha gyaan ke saath jeevan ko bataye hamesha is baat ka dhyan apne saath rakhen ki hamare saath jo kuch ghatit ho raha hai vaah hamare purv janam ke karm hai aur hum jo kuch kar rahe hain vaah hum apne jeevan me muft paane ke liye kar rahe hain aur yadi hum se pehle kuch galat karm ho chuke hain uska parinam toh hamein bhugatna hi hai toh isliye jo humse galat hua hai use achi tarah se aap sab banai aur jo aapka beta janam ho toh aapke jo karm hai unka fal pura ho sake vaah jo aapse thodi bahut sharm reh jaenge toh vaah agle janam poore hone ke baad aapka agle janam maut nishchit ho jaega aur aap apne param pita parmeshwar se param sant se sadaiv sadaiv ke liye mil jayegi har jeev insaan ka jo bhi jeev prani hai aur jitne bhi jeev insaan jitne bhi janwar pakshi jitne bhi hai sab ke karmon ka yahi uddeshya hai ki hamein maut mil jaaye isliye aap is baat ko yaad rakhen ki hamein apne jeevan me gyaan ko apne saath rakhna hai vaah hamesha shubha karmon ko karte rehna hai sapna sharma jai hind jai bharat aapka din shubha ho

आपका प्रश्न है आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते हैं अपने कर्म करते हैं तो मै

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Narendra Bhardwaj

Spirituality Reformer

3:25
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महोदय आपने कहा आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों करते हैं ऐसी बात नहीं है हर आदमी का अपना नजरिया होता है आपका अपना नजरिया है भगवान पर विश्वास करने वालों की कमी नहीं है इस पृथ्वी पर जितने लोग भगवान पर विश्वास करते हैं एक कर्म पर विश्वास करते हैं कर्म भी भगवान का एक स्वरूप है लेकिन कर्म कैसे होना चाहिए यह हमें शास्त्रों में दिए हुए कर्मों को देखना चाहिए कर्म क्या है समझने की जरूरत है तू कर्म ही धर्म है लेकिन कर्म हमारे कैसे होना चाहिए वह जरूर हमको देखना चाहिए हम जो काम करते हैं नौकरी करते हैं व्यवसाय करते हैं इशारे सांसारिक कर्म है और इस आंतरिक कर्म जो है वह त्रुटिपूर्ण है क्योंकि मैं झूठ भी बोलना पड़ता है कपट दोहरा व्यवहार भी करना पड़ता है चालाकी भी दिखाना पड़ती है जो कि अशुभ माना गया है तो हमें कर्म क्या है यह समझने की जरूरत है कि भी कर्म तो बहुत ही पवित्र चीज है तो कर्म को क्या कर्म क्या है पहले यह समझने की जरूरत है हम संसार में अपनी इच्छाओं को बढ़ाते चले जाते हैं जबकि कर्म कहता है की इच्छाओं को त्यागने के लिए शुक्रिया की जाती है उसे कर्म कहा गया है श्रीमद् भगवतगीता में इच्छाओं को त्यागने के निमित्त प्रतिक्रिया की जाती है उसे कर्म कहा गया और हम कर्म किसको मानते हैं नौकरी कर रहे हैं यह करना बच्चों का पालन पोषण कर रहे हैं यह कर्म संसार में जो भी काम है उनको हम कर्मा मान लेते हैं पुष्कर में क्या है जाने कि जब इंसान भगवान में भरोसा शुरू से करता रहा है करता रहेगा भगवान में आस्था रखना ही जीवन का ध्येय है भगवान में विश्वास होना ही जीवन का उद्देश है क्योंकि भगवान ही भगवान है हम कहीं है नहीं हमने तो मान लिया कि हम हैं इंसान क्या है चलता फिरता एक मिट्टी का पुतला है अंदर जो बैठा वह तो परमात्मा ही है ना इंसान के अंदर तो इंसान है कि इस शरीर है नाशवान है आत्मा परमात्मा का अंश है आत्मा सदैव अमर है ना कभी वह मरती है न जन्म लेती है अजन्मा है तो फिर हम किस भ्रम में हैं भले ही भगवान पर विश्वास करें ना करें भगवान तो तब भी है ना अज्ञानता बस हम यह बातें करते हैं कि भगवान में विश्वास नहीं करते भाई भगवान सूर्य में आप विश्वास ना करो लेकिन सूरत सूरत आप दे रहा है प्रकृति को जीवन देता है ना बलिया विश्वास करें ना करें इसी प्रकार परमात्मा भगवान है ना हम विश्वास करें या ना करें तो हमें कर्म पर विश्वास करना चाहिए लेकिन कर्म क्या है यह जानने की जरूरत है कर्म अगर हमारे समुचित कर्म है शास्त्रों विधि से जो जीवन जीने के लिए कर्म निश्चित किए गए अगर वह कर्म हम करते हैं तुमसे पापा हमारा जीवन धन्य है लेकिन कर्म में अगर हम भटक गए कि कर्म क्या है अगर यही हमें पता नहीं है तो हम जिस काम को करते हैं उसको ही कर्म कहने लगे तो थोड़ा सा कर्म की परिभाषा गलत होता है कर्म को जानना जरूरी है बाकी भगवान में लोग विश्वास करते हैं कर्म ही भगवान है कर्म ही पूजा है कर्म ही धर्म है कर्म क्या होना चाहिए तो यह समझने की जरूरत है कर्म ही पूजा है कर्म ही भगवान है धन्यवाद

mahoday aapne kaha aajkal ke insaan bhagwan par vishwas kyon nahi karte apne karm par kyon karte hain aisi baat nahi hai har aadmi ka apna najariya hota hai aapka apna najariya hai bhagwan par vishwas karne walon ki kami nahi hai is prithvi par jitne log bhagwan par vishwas karte hain ek karm par vishwas karte hain karm bhi bhagwan ka ek swaroop hai lekin karm kaise hona chahiye yah hamein shastron me diye hue karmon ko dekhna chahiye karm kya hai samjhne ki zarurat hai tu karm hi dharm hai lekin karm hamare kaise hona chahiye vaah zaroor hamko dekhna chahiye hum jo kaam karte hain naukri karte hain vyavasaya karte hain ishare sansarik karm hai aur is aantarik karm jo hai vaah trutipurn hai kyonki main jhuth bhi bolna padta hai kapat dohra vyavhar bhi karna padta hai chalaki bhi dikhana padti hai jo ki ashubh mana gaya hai toh hamein karm kya hai yah samjhne ki zarurat hai ki bhi karm toh bahut hi pavitra cheez hai toh karm ko kya karm kya hai pehle yah samjhne ki zarurat hai hum sansar me apni ikchao ko badhate chale jaate hain jabki karm kahata hai ki ikchao ko tyaagane ke liye shukriya ki jaati hai use karm kaha gaya hai shrimad bhagavatagita me ikchao ko tyaagane ke nimitt pratikriya ki jaati hai use karm kaha gaya aur hum karm kisko maante hain naukri kar rahe hain yah karna baccho ka palan poshan kar rahe hain yah karm sansar me jo bhi kaam hai unko hum karma maan lete hain pushkar me kya hai jaane ki jab insaan bhagwan me bharosa shuru se karta raha hai karta rahega bhagwan me astha rakhna hi jeevan ka dhyey hai bhagwan me vishwas hona hi jeevan ka uddesh hai kyonki bhagwan hi bhagwan hai hum kahin hai nahi humne toh maan liya ki hum hain insaan kya hai chalta phirta ek mitti ka putalaa hai andar jo baitha vaah toh paramatma hi hai na insaan ke andar toh insaan hai ki is sharir hai nashvan hai aatma paramatma ka ansh hai aatma sadaiv amar hai na kabhi vaah marti hai na janam leti hai ajanma hai toh phir hum kis bharam me hain bhale hi bhagwan par vishwas kare na kare bhagwan toh tab bhi hai na agyanata bus hum yah batein karte hain ki bhagwan me vishwas nahi karte bhai bhagwan surya me aap vishwas na karo lekin surat surat aap de raha hai prakriti ko jeevan deta hai na baliya vishwas kare na kare isi prakar paramatma bhagwan hai na hum vishwas kare ya na kare toh hamein karm par vishwas karna chahiye lekin karm kya hai yah jaanne ki zarurat hai karm agar hamare samuchit karm hai shastron vidhi se jo jeevan jeene ke liye karm nishchit kiye gaye agar vaah karm hum karte hain tumse papa hamara jeevan dhanya hai lekin karm me agar hum bhatak gaye ki karm kya hai agar yahi hamein pata nahi hai toh hum jis kaam ko karte hain usko hi karm kehne lage toh thoda sa karm ki paribhasha galat hota hai karm ko janana zaroori hai baki bhagwan me log vishwas karte hain karm hi bhagwan hai karm hi puja hai karm hi dharm hai karm kya hona chahiye toh yah samjhne ki zarurat hai karm hi puja hai karm hi bhagwan hai dhanyavad

महोदय आपने कहा आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों करते हैं

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अमित कुमार दीक्षित "आदिदेव"

विधिवक्ता, कैरियर कॉउंसेलर एवं समाजसेवी

0:26
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आपको डॉक्टर का महत्व तभी पता चलेगा जब आपको कोई बीमारी हो या इलाज की आवश्यकता हो उसी प्रकार भगवान की भी आवश्यकता है आपको तभी महसूस होगी जब आप किसी संकट में होंगे हमारे देश में अभी उन्हीं लोगों में भगवान को लेकर के चर्चा है जो लोग नासमझ है नादान है जो लोग समझदार हैं वह भगवान को अर्पण करते हैं और उन्हीं का दिया हुआ सब कुछ मानते हैं धन्यवाद

aapko doctor ka mahatva tabhi pata chalega jab aapko koi bimari ho ya ilaj ki avashyakta ho usi prakar bhagwan ki bhi avashyakta hai aapko tabhi mehsus hogi jab aap kisi sankat me honge hamare desh me abhi unhi logo me bhagwan ko lekar ke charcha hai jo log nasamajh hai nadan hai jo log samajhdar hain vaah bhagwan ko arpan karte hain aur unhi ka diya hua sab kuch maante hain dhanyavad

आपको डॉक्टर का महत्व तभी पता चलेगा जब आपको कोई बीमारी हो या इलाज की आवश्यकता हो उसी प्रकार

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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

1:04
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आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों करते हैं तो दिखे अच्छी बात है कि अगर आप अपने कर्मों को ही प्रॉपर्टी दें तो वह सबसे अच्छी चीज है कि अपने कर्मों के बदौलत है इंसान के अंदर इतनी क्षमता होती है कि वह पहाड़ का सीना भी चाहिए सकता है दशरथ मांझी जैसे उदाहरण हमारे सामने है पर यहां पर यह मान के चलिए कि अगर व्यक्ति के अंदर दम है वह कुछ भी करना चाहे तो बड़ी से बड़ी वह मुकाम हासिल कर सकता है यहां पर इंसान के अंदर विश्वास होना चाहिए और भगवान उन्हीं लोगों का साथ देता है जो करवा सकते हैं जो सिर्फ सोचते रहते हैं या दोस्त रोग से छल कपट करते रहते हैं उनका साथ भगवान भी कभी नहीं देता हो तो जब भगवान को साथ देने को तैयार हैं तो आपको भगवान की वजह अपने कर्मों पर ध्यान दें उसको सत्कर्म बनाएं उसमें कभी ऐसा ना हो आपके कि आपके कर्मों से किसी दूसरे को मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा उनको कोई परेशानी आ रहे हो इस तरह का एटीट्यूड रखना कभी मैं शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद

aajkal ke insaan bhagwan par vishwas kyon nahi karte apne karm par kyon karte hain toh dikhe achi baat hai ki agar aap apne karmon ko hi property de toh vaah sabse achi cheez hai ki apne karmon ke badaulat hai insaan ke andar itni kshamta hoti hai ki vaah pahad ka seena bhi chahiye sakta hai dashrath maanjhi jaise udaharan hamare saamne hai par yahan par yah maan ke chaliye ki agar vyakti ke andar dum hai vaah kuch bhi karna chahen toh badi se badi vaah mukam hasil kar sakta hai yahan par insaan ke andar vishwas hona chahiye aur bhagwan unhi logo ka saath deta hai jo karva sakte hain jo sirf sochte rehte hain ya dost rog se chhal kapat karte rehte hain unka saath bhagwan bhi kabhi nahi deta ho toh jab bhagwan ko saath dene ko taiyar hain toh aapko bhagwan ki wajah apne karmon par dhyan de usko satkarm banaye usme kabhi aisa na ho aapke ki aapke karmon se kisi dusre ko musibaton ka samana karna padega unko koi pareshani aa rahe ho is tarah ka attitude rakhna kabhi main subhkamnaayain aapke saath hain dhanyavad

आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने कर्म पर क्यों करते हैं तो दिखे अच्छी ब

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देखिए भगवान है इस प्रकृति में बिल्कुल सत्य है लेकिन कर्म आपको करना पड़ेगा खाना खाने के लिए आपको धन करना पड़ेगा चल चलने के लिए आप हाथ पैर ही लाने पड़ेंगे पेट भरने के लिए आपको कौर तोड़कर इमो पर ले जाना पड़ेगा यह कर्म आपको करना पड़ेगा सब करने के लिए अच्छा कीजिए और भगवान पर विश्वास रखिए आपका जीवन हमेशा न्यू प्योर जाएगा भगवान पर कोई शक ना करना नहीं चाहिए कभी अपना कर्म कर्म कर्म तो भगवान राम ने भी किया था सब तो कृष्ण ने भी किया था हमारे माता-पिता ने भी करते हैं पंचमहाभूत जन्म हुआ

dekhiye bhagwan hai is prakriti me bilkul satya hai lekin karm aapko karna padega khana khane ke liye aapko dhan karna padega chal chalne ke liye aap hath pair hi lane padenge pet bharne ke liye aapko kaur todkar imo par le jana padega yah karm aapko karna padega sab karne ke liye accha kijiye aur bhagwan par vishwas rakhiye aapka jeevan hamesha new pure jaega bhagwan par koi shak na karna nahi chahiye kabhi apna karm karm karm toh bhagwan ram ne bhi kiya tha sab toh krishna ne bhi kiya tha hamare mata pita ne bhi karte hain panchamahabhut janam hua

देखिए भगवान है इस प्रकृति में बिल्कुल सत्य है लेकिन कर्म आपको करना पड़ेगा खाना खाने के लिए

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Shipra Ranjan

Life Coach

0:55
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नागदा वाले के आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते हैं अपने कर्म पर ही क्यों करते हैं ऐसा नहीं है कि लोग भगवान में विश्वास नहीं करते हैं यदि ईश्वर में विश्वास नहीं करते हो तो तो हम को पूजा नहीं करते उन पर जाकर के मंदिरों में बैठते नहीं आता है लोगों के स्वर में लेकिन जरूरी है कि आप अपने कर्मों पर भी ध्यान दें क्योंकि केवल भगवान से बात करेंगे अगर आप तो ईश्वर नहीं आएंगे आपकी हेल्प करने के लिए आपके द्वारा जो काम करने होने हैं नहीं तो हुए हैं वह आप ही को काम करने हैं अपना बिजनेस आपको पूरी देखना होगा बिजावा को खुद ही देखनी हो कि पाशा को खुद ही कमा के लाने हैं वह आपके लिए भगवान है करके लाएंगे मेहनत करना आपका काम है उसका फल देना ईश्वर का काम है ईश्वर में भी आस्था है और साथ ही साथ लोगों को कर्म करना भी बेहद आकर्षक है क्योंकि बिना कर्म किए बिना प्रयास किए बिना मेहनत किए कुछ नहीं मिलता आपका दिन शुभ है कि नहीं

nagda waale ke aajkal ke insaan bhagwan par vishwas kyon nahi karte hain apne karm par hi kyon karte hain aisa nahi hai ki log bhagwan me vishwas nahi karte hain yadi ishwar me vishwas nahi karte ho toh toh hum ko puja nahi karte un par jaakar ke mandiro me baithate nahi aata hai logo ke swar me lekin zaroori hai ki aap apne karmon par bhi dhyan de kyonki keval bhagwan se baat karenge agar aap toh ishwar nahi aayenge aapki help karne ke liye aapke dwara jo kaam karne hone hain nahi toh hue hain vaah aap hi ko kaam karne hain apna business aapko puri dekhna hoga bijava ko khud hi dekhni ho ki pasha ko khud hi kama ke lane hain vaah aapke liye bhagwan hai karke layenge mehnat karna aapka kaam hai uska fal dena ishwar ka kaam hai ishwar me bhi astha hai aur saath hi saath logo ko karm karna bhi behad aakarshak hai kyonki bina karm kiye bina prayas kiye bina mehnat kiye kuch nahi milta aapka din shubha hai ki nahi

नागदा वाले के आजकल के इंसान भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते हैं अपने कर्म पर ही क्यों करत

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Deepak Tiwari

Freelance Writer And Poet, Working As Journalist

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भगवान ने भी कहा है कि कर्म पर भरोसा करो भगवान पर भरोसा

bhagwan ne bhi kaha hai ki karm par bharosa karo bhagwan par bharosa

भगवान ने भी कहा है कि कर्म पर भरोसा करो भगवान पर भरोसा

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नमस्कार जी आप का प्रश्न है आजकल कीर्तन भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने घर पर करते सही तरीके से हो जाना भी ईश्वरी स्वरूप इसको पुरुषार्थ कहते हैं और युवावस्था में हो तो ज्यादा समय अपने तेरा कर्म ही पूजा है सुना है आपने तो कर मैं भी मैं भी यदि व्यक्ति तल्लीन हो सकता है निरत हो सकता है तो से बड़ी कोई पूजा प्रार्थना नहीं पर ऐसा नहीं है व्यक्ति चार स्तर को जीता है बाल्यावस्था किशोरावस्था युवावस्था वृद्धावस्था मुख्य रूप से युवावस्था में कर्म को पूजा मानकर एक समय आता है वृद्धावस्था थी जब ज्यादा कर में नहीं रह जाते उस समय ईश्वर को पंचमहाभूत में व्याप्त हर एक कण के रूप में महसूस करने के लिए याद जिस रूप में भी परमात्मा को देखना चाहते हैं समझना चाहते आपको समय पर्याप्त मिलेगा तो निश्चित ही है कि कई तरह से ईश्वर के स्वरूप को मानते हैं भागते हैं सिर्फ एक प्रणाली नहीं है यदि आप सही हो भीतर से बाहर से आपका मन साफ है परोपकारी हो अच्छे व्यक्ति हो तो निश्चित है कि आपके भीतर ही भगवान का भजन देना भजन किए राम रत्ना बहुत लोग होते हैं किंतु उनका कार्य परमार्थ कार में है कल्याण कार्य में भगवान स्वयं के पास उपस्थित रहता है ऐसे लोगों के पास उसको भगवान के पास जाने की जरूरत नहीं है और वह अपने कर्म में तल्लीन रहता है तो कृपया बहुत सारे स्वरुप है भगवान पर विश्वास करने के लिए सिर्फ आरती पूजा धूपबत्ती स्वरूप नहीं है

namaskar ji aap ka prashna hai aajkal kirtan bhagwan par vishwas kyon nahi karte apne ghar par karte sahi tarike se ho jana bhi ISHWARI swaroop isko purusharth kehte hain aur yuvavastha me ho toh zyada samay apne tera karm hi puja hai suna hai aapne toh kar main bhi main bhi yadi vyakti tallinn ho sakta hai nirat ho sakta hai toh se badi koi puja prarthna nahi par aisa nahi hai vyakti char sthar ko jita hai baalyaavastha kishoraavastha yuvavastha vriddhavastha mukhya roop se yuvavastha me karm ko puja maankar ek samay aata hai vriddhavastha thi jab zyada kar me nahi reh jaate us samay ishwar ko panchamahabhut me vyapt har ek kan ke roop me mehsus karne ke liye yaad jis roop me bhi paramatma ko dekhna chahte hain samajhna chahte aapko samay paryapt milega toh nishchit hi hai ki kai tarah se ishwar ke swaroop ko maante hain bhagte hain sirf ek pranali nahi hai yadi aap sahi ho bheetar se bahar se aapka man saaf hai paropakaaree ho acche vyakti ho toh nishchit hai ki aapke bheetar hi bhagwan ka bhajan dena bhajan kiye ram ratna bahut log hote hain kintu unka karya parmaarth car me hai kalyan karya me bhagwan swayam ke paas upasthit rehta hai aise logo ke paas usko bhagwan ke paas jaane ki zarurat nahi hai aur vaah apne karm me tallinn rehta hai toh kripya bahut saare swarup hai bhagwan par vishwas karne ke liye sirf aarti puja dhupabatti swaroop nahi hai

नमस्कार जी आप का प्रश्न है आजकल कीर्तन भगवान पर विश्वास क्यों नहीं करते अपने घर पर करते सह

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