लोग इंसानियत की जगह जात-पात को इतनी अहमियत क्यों देते है?...


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vivek sharma

BANK PO| Astrologer | Mutual Fund Advisor। Career Counselor

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आपका प्रश्न है लोग इंसानियत की जगह जात पात को इतनी अहमियत क्यों देते हैं इस समय में जब हम 21वीं सदी की सदी में ऐसे समय में लोग जात पात को तो नहीं मुझे लगता है बुद्धिमता को इंटेलिजेंस ई को बहुत ज्यादा महत्व देते हैं संस्कारों को बहुत महत्व देते हैं कुछ समय पहले की बात अलग है लेकिन आज समाज में जो इंटेलिजेंट है उससे आ रहे जा कोई ना कोई क्रिएटिविटी है उसको बहुत ज्यादा अहमियत दी जाती है मेरे को तो कई दिन से ऐसा नहीं मैंने देखा कि कहीं जात पात की बात भी हो रही हो तो लोग बाग़ इंसानियत को और उसके अंदर के जो टैलेंट को बहुत महत्व देते हैं और हम सभी को चाहिए कि किसी भी तरह की जात पात के पी हमें सिर्फ इंसानियत मानवता आत्मीयता को देखना चाहिए

aapka prashna hai log insaniyat ki jagah jaat pat ko itni ahamiyat kyon dete hain is samay me jab hum vi sadi ki sadi me aise samay me log jaat pat ko toh nahi mujhe lagta hai buddhimata ko intelligence E ko bahut zyada mahatva dete hain sanskaron ko bahut mahatva dete hain kuch samay pehle ki baat alag hai lekin aaj samaj me jo Intelligent hai usse aa rahe ja koi na koi creativity hai usko bahut zyada ahamiyat di jaati hai mere ko toh kai din se aisa nahi maine dekha ki kahin jaat pat ki baat bhi ho rahi ho toh log bagh insaniyat ko aur uske andar ke jo talent ko bahut mahatva dete hain aur hum sabhi ko chahiye ki kisi bhi tarah ki jaat pat ke p hamein sirf insaniyat manavta atmiyata ko dekhna chahiye

आपका प्रश्न है लोग इंसानियत की जगह जात पात को इतनी अहमियत क्यों देते हैं इस समय में जब हम

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Vikas Singh

Political Analyst

3:34
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भैया जात पात को कोई अहमियत नहीं देता है सब लोग इंसानियत को अहमियत देते हैं अंग्रेजो ने हमारे देश में गलत विचार फैलाया कांग्रेस पार्टी ने गलत विचार फैलाया कुछ मुस्लिम कट्टरपंथियों ने गलत विचार फैलाया जिससे हमारे देश के लोग आपस में ही लड़ना शुरू किया एक भ्रम फैलाया गया कि ऊंची जाति वाले छोटी जाति के ऊपर अत्याचार करते हैं यह प्रकार का भ्रम था ऐसा कहीं नहीं होता था हमारे देश में भगवान राम निषाद राज के साथ गुरुकुल में पड़े थे भगवान राम ने शबरी के जूठे खाए थे तो क्या उस टाइम जातिवाद था जातिवाद हमारे देश में बाद में भी नहीं था अगर जातिवाद रहा होता हमारे देश में तो हमारे देश में हमारा देश सोने की चिड़िया नहीं बनता दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश नहीं बनता विश्व गुरु नहीं कल आता है तो उस टाइम भी जातिवाद नहीं था जाति व्यवस्था बनाई गई है शादी विवाह करने के लिए बनाई गई है कोई राजपूत है कोई पंडित है कोई हरिजन है यह हिंदू धर्म में जाति व्यवस्था है जातिवाद नहीं है मुस्लिमों में भी जाति होती है कोई sc-st होता है कोई ओबीसी होता है कोई जनरल होता है लेकिन धर्म के नाम पर वह अपने आप को मुस्लिम बोलते हैं इकट्ठा होते हैं हमारी हिंदू धर्म में भी जाती है ऐसी एसटी ओबीसी या जनरल है लेकिन धर्म के नाम पर हम सभी लोगों को एक होना चाहिए तो कहने का मतलब है इंसानियत के मतलब को भलीभांति इंसान जानता है लेकिन कुछ लोग इतना लालची होते हैं कि उनका इंसानियत हमेशा हमेशा के लिए मर जाता है और जब उनके द्वार तो कोई भूखा आता है तो उसे गाली देकर भगा देते हैं लेकिन वही धोखा जब किसी गरीब के द्वार पर जाता है तो गरीब व्यक्ति खाना लेकर आता है खिलाता है 10:00 ₹5 देता भी है कथा बाबा यह ₹10 रख लीजिए और बीच में आप कुछ खा पी लीजिए गा इसे कहते है इंसानियत आपके पास बहुत पैसा है और जब पैसा सही समय पर खर्च करने का टाइम आया तो आपके जेब से ₹1 नहीं निकल रहा है क्या नहीं आपके अंदर इंसानियत कोई जानवर है भूखा है अगर आपको महसूस हुआ क्यों भूखा है तो आप को रोटी देना चाहिए उसे इसे कहते है इंसानियत वह भूखा है हम एक रोटी दे देंगे तो हम गरीब हो जाएंगे जब ऐसी भावना रहेगी आपके अंदर तो आप जानवर से भी ज्यादा बत्तर हो आप हैरान हो इसलिए इंसानियत सबसे बड़ा धर्म होता है कोई किसी भी धर्म का हो इंसानियत कितनी होनी चाहिए कि आप दूसरों की मदद करें जाती पाती यह सब कुछ नहीं है जो गरीब है जो भूखा है जो प्यासा है उसे पानी पिलाना चाहिए खिलाना चाहिए और जानवरों के ऊपर दया करना चाहिए पेड़ पौधों की रक्षा करनी चाहिए इसी को कहते हैं इंसानियत धन्यवाद

bhaiya jaat pat ko koi ahamiyat nahi deta hai sab log insaniyat ko ahamiyat dete hain angrejo ne hamare desh me galat vichar faelaya congress party ne galat vichar faelaya kuch muslim kattarapanthiyon ne galat vichar faelaya jisse hamare desh ke log aapas me hi ladana shuru kiya ek bharam faelaya gaya ki unchi jati waale choti jati ke upar atyachar karte hain yah prakar ka bharam tha aisa kahin nahi hota tha hamare desh me bhagwan ram nishad raj ke saath gurukul me pade the bhagwan ram ne shabri ke juthe khaye the toh kya us time jaatiwad tha jaatiwad hamare desh me baad me bhi nahi tha agar jaatiwad raha hota hamare desh me toh hamare desh me hamara desh sone ki chidiya nahi banta duniya ka sabse shaktishali desh nahi banta vishwa guru nahi kal aata hai toh us time bhi jaatiwad nahi tha jati vyavastha banai gayi hai shaadi vivah karne ke liye banai gayi hai koi rajput hai koi pandit hai koi harijan hai yah hindu dharm me jati vyavastha hai jaatiwad nahi hai muslimo me bhi jati hoti hai koi sc st hota hai koi OBC hota hai koi general hota hai lekin dharm ke naam par vaah apne aap ko muslim bolte hain ikattha hote hain hamari hindu dharm me bhi jaati hai aisi ST OBC ya general hai lekin dharm ke naam par hum sabhi logo ko ek hona chahiye toh kehne ka matlab hai insaniyat ke matlab ko bhalibhanti insaan jaanta hai lekin kuch log itna lalchi hote hain ki unka insaniyat hamesha hamesha ke liye mar jata hai aur jab unke dwar toh koi bhukha aata hai toh use gaali dekar bhaga dete hain lekin wahi dhokha jab kisi garib ke dwar par jata hai toh garib vyakti khana lekar aata hai khilata hai 10 00 Rs deta bhi hai katha baba yah Rs rakh lijiye aur beech me aap kuch kha p lijiye jaayega ise kehte hai insaniyat aapke paas bahut paisa hai aur jab paisa sahi samay par kharch karne ka time aaya toh aapke jeb se Rs nahi nikal raha hai kya nahi aapke andar insaniyat koi janwar hai bhukha hai agar aapko mehsus hua kyon bhukha hai toh aap ko roti dena chahiye use ise kehte hai insaniyat vaah bhukha hai hum ek roti de denge toh hum garib ho jaenge jab aisi bhavna rahegi aapke andar toh aap janwar se bhi zyada battar ho aap hairan ho isliye insaniyat sabse bada dharm hota hai koi kisi bhi dharm ka ho insaniyat kitni honi chahiye ki aap dusro ki madad kare jaati pati yah sab kuch nahi hai jo garib hai jo bhukha hai jo pyaasa hai use paani pilaana chahiye khilana chahiye aur jaanvaro ke upar daya karna chahiye ped paudho ki raksha karni chahiye isi ko kehte hain insaniyat dhanyavad

भैया जात पात को कोई अहमियत नहीं देता है सब लोग इंसानियत को अहमियत देते हैं अंग्रेजो ने हमा

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Bhim Singh Kasnia

Acupunctrist,Motivational Speaker

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नमस्कार आपका सवाल है कि लोग इंसानियत की जगह जात पात को इतना अहमियत क्यों देते हैं देखिए अधिकतर लोगों को यह पता ही नहीं होता इंसानियत ही सबसे बड़ा मजहब है इंसानियत ही सबसे बड़ी जाती है और इससे सब कुछ बाकी बाद में आते हैं क्योंकि आप देखिए अच्छे और बुरे लोग हर जाति में आपको मिल जाएंगे इसका मतलब यह हुआ कि जो अच्छे लोग हैं अगर उन सभी को एक किया जाए तो उनके अंदर इंसानियत पाई जाती है यह गुण को मन होता है इसलिए इंसानियत ही अंत में जाकर जीती है और बाकी की सारी चीजें जात पात की जो अहमियत देने वाले लोग हैं उनको उसकी सच्चाई का एक न एक दिन जरूर पता लगता है बहुत दुख और फिर होता है और वह हमेशा फिर इंसानियत की राह पर चलने लग जाते हैं नमस्कार धन्यवाद

namaskar aapka sawaal hai ki log insaniyat ki jagah jaat pat ko itna ahamiyat kyon dete hain dekhiye adhiktar logo ko yah pata hi nahi hota insaniyat hi sabse bada majhab hai insaniyat hi sabse badi jaati hai aur isse sab kuch baki baad me aate hain kyonki aap dekhiye acche aur bure log har jati me aapko mil jaenge iska matlab yah hua ki jo acche log hain agar un sabhi ko ek kiya jaaye toh unke andar insaniyat payi jaati hai yah gun ko man hota hai isliye insaniyat hi ant me jaakar jeeti hai aur baki ki saari cheezen jaat pat ki jo ahamiyat dene waale log hain unko uski sacchai ka ek na ek din zaroor pata lagta hai bahut dukh aur phir hota hai aur vaah hamesha phir insaniyat ki raah par chalne lag jaate hain namaskar dhanyavad

नमस्कार आपका सवाल है कि लोग इंसानियत की जगह जात पात को इतना अहमियत क्यों देते हैं देखिए अध

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Krishna Kumar Gupta

Astrologer And Tantrokt Vastu Consultant

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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लोग इंसानियत ठीक है ना जाने क्यों देखें जिन लोगों के पास डाउनलोड होती है संपत्ति होती है होटल में होते होते हैं कारखाने होते हैं जमीन जायदाद दुखी हो वही लोग इंसानियत से जू हटाने के नशे में चूर होते हैं ऐसे लोगों के पास सब कुछ होता है लेकिन इंसानियत नहीं होती है इसलिए यह लोग ऊंची नीची जात पात के बीच में मतभेद पैदा करते हैं इसलिए क्लोमिन को पार्टी देते

log insaniyat theek hai na jaane kyon dekhen jin logo ke paas download hoti hai sampatti hoti hai hotel me hote hote hain karkhane hote hain jameen jaydaad dukhi ho wahi log insaniyat se zoo hatane ke nashe me chur hote hain aise logo ke paas sab kuch hota hai lekin insaniyat nahi hoti hai isliye yah log unchi nichi jaat pat ke beech me matbhed paida karte hain isliye klomin ko party dete

लोग इंसानियत ठीक है ना जाने क्यों देखें जिन लोगों के पास डाउनलोड होती है संपत्ति होती है

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

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जो लोग हीन भावना से ग्रसित होते हैं जिनके विचार नेगेटिव होते हैं वैसे लोग जात-पात को अहमियत देते हैं लेकिन जो अच्छे चरित्र के होते हैं जो अच्छे व्यक्ति के होते हैं जो मेहनत करते हैं वैसे इंसान जात पात को अहमियत नहीं देते हैं हमारे देश की प्रगति मेहनत से होती है जात पात 30 नहीं होती इसलिए लोगों को मेहनत करना चाहिए परेशान करना चाहिए जिससे मैं देश का विकास हमारे समाज का विकास हो

jo log heen bhavna se grasit hote hain jinke vichar Negative hote hain waise log jaat pat ko ahamiyat dete hain lekin jo acche charitra ke hote hain jo acche vyakti ke hote hain jo mehnat karte hain waise insaan jaat pat ko ahamiyat nahi dete hain hamare desh ki pragati mehnat se hoti hai jaat pat 30 nahi hoti isliye logo ko mehnat karna chahiye pareshan karna chahiye jisse main desh ka vikas hamare samaj ka vikas ho

जो लोग हीन भावना से ग्रसित होते हैं जिनके विचार नेगेटिव होते हैं वैसे लोग जात-पात को अहमिय

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मिस्टर आपका प्रश्न लोग इंसानियत की जगह जात पात को इतनी हमें क्यों देते हैं देखिए यदि कोई मनुष्य ही मानवता को छोड़कर इंसानियत को छोड़कर जाता तो बहुत अधिक महत्व दे रहा है तो वह एक मूर्खतापूर्ण विचार है इस समय के जो समय चल रहा है वर्तमान में हुए स्थिति है उसको देखते हुए आपको सिर्फ मानवता और अपने अच्छे कर्मों के साथ दूसरों की सहायता में मदद करनी चाहिए ना कि जात पात और धर्म को लेकर बैठना चाहिए आप दूसरों की मदद करें देखें आपको कितनी संतुष्टि प्राप्त हुई मन में कितनी शांति मिलेगी वहीं मानवता है और वह इंसान का धर्म है धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

mister aapka prashna log insaniyat ki jagah jaat pat ko itni hamein kyon dete hain dekhiye yadi koi manushya hi manavta ko chhodkar insaniyat ko chhodkar jata toh bahut adhik mahatva de raha hai toh vaah ek murkhtapurn vichar hai is samay ke jo samay chal raha hai vartaman me hue sthiti hai usko dekhte hue aapko sirf manavta aur apne acche karmon ke saath dusro ki sahayta me madad karni chahiye na ki jaat pat aur dharm ko lekar baithana chahiye aap dusro ki madad kare dekhen aapko kitni santushti prapt hui man me kitni shanti milegi wahi manavta hai aur vaah insaan ka dharm hai dhanyavad aapka din shubha ho

मिस्टर आपका प्रश्न लोग इंसानियत की जगह जात पात को इतनी हमें क्यों देते हैं देखिए यदि कोई म

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Dr. Swatantra Jain

Psychotherapist, Family & Career Counsellor and Parenting & Life Coach

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आपका पेट डॉग इंसान की जगह जात पात को इतने लोग कहते हैं क्योंकि जात पात में ही लोगों ने बांटा यह हमारे सवालों में था गांव में वर्ण व्यवस्था का डीजा बाद में बांध दिया गया और लोगों को लगता है कि हमारी जाति की बहन तो हर सवाल में हर संबंध में वह जाति पात ढूंढते हैं पूर्व में जाए तो स्कूल में टीचर के साथ अच्छे किस जात के हैं शादी करे तो यह किस जात की है यह तो आपने बड़ा अच्छा प्रश्न पूछा है आप अपने से शुरुआत कर दीजिए आप मत है मेरे दिल की जात पात को इंसानियत मानवता कोई में दीजिए लोग भी आपको फॉलो करना शुरू करेंगे

aapka pet dog insaan ki jagah jaat pat ko itne log kehte hain kyonki jaat pat me hi logo ne baata yah hamare sawalon me tha gaon me varn vyavastha ka dija baad me bandh diya gaya aur logo ko lagta hai ki hamari jati ki behen toh har sawaal me har sambandh me vaah jati pat dhoondhate hain purv me jaaye toh school me teacher ke saath acche kis jaat ke hain shaadi kare toh yah kis jaat ki hai yah toh aapne bada accha prashna poocha hai aap apne se shuruat kar dijiye aap mat hai mere dil ki jaat pat ko insaniyat manavta koi me dijiye log bhi aapko follow karna shuru karenge

आपका पेट डॉग इंसान की जगह जात पात को इतने लोग कहते हैं क्योंकि जात पात में ही लोगों ने बां

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सुरेश चंद आचार्य

Social Worker ( Self employed )

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नमस्कार साथियों आजादी के बाद श्रीमती इंदिरा गांधी ने जात-पात के विरुद्ध बहुत ही सटीक कानून बनाकर इसे खत्म करने की कोशिश की थी लेकिन पिछले 20 25 सालों में यह वापस प्रभाव में आने लगी है इसका प्रमुख कारण है राजनीतिक पार्टियां जो जाति पति के नाम पर लोगों को बांट कर अपनी ओर आकर्षित करती है उनका उद्देश्य होता है केवल और केवल वोट प्राप्त करना लोगों को बांट और बोर्ड प्राप्त करो इसलिए इसमें थोड़ी बहुत भूमिका आम जनता की भी होती है कि वह ऐसे लोगों की बातों में आ जाते हैं लोग आम जनता को वोटों के मामले में जात पात के चक्कर में नहीं आना चाहिए जो अच्छा व्यक्ति हो उसे वोट देना चाहिए यही मेरी सलाह है

namaskar sathiyo azadi ke baad shrimati indira gandhi ne jaat pat ke viruddh bahut hi sateek kanoon banakar ise khatam karne ki koshish ki thi lekin pichle 20 25 salon me yah wapas prabhav me aane lagi hai iska pramukh karan hai raajnitik partyian jo jati pati ke naam par logo ko baant kar apni aur aakarshit karti hai unka uddeshya hota hai keval aur keval vote prapt karna logo ko baant aur board prapt karo isliye isme thodi bahut bhumika aam janta ki bhi hoti hai ki vaah aise logo ki baaton me aa jaate hain log aam janta ko voton ke mamle me jaat pat ke chakkar me nahi aana chahiye jo accha vyakti ho use vote dena chahiye yahi meri salah hai

नमस्कार साथियों आजादी के बाद श्रीमती इंदिरा गांधी ने जात-पात के विरुद्ध बहुत ही सटीक कानून

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Shubham Saini

Software Engineer

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ऐसे लोग सबसे ज्यादा बड़े मूर्ख होते हैं उन्हें इंसानियत की महत्व को समझना चाहिए इंसान तो एक है ना जात धर्म इस धरती पर आने के बाद अलग-अलग होता है अलग-अलग बनते हैं और इंसानियत की कदर करें खुद अच्छा बने लोगों को भी अच्छा बनने दें जात और धर्म में फस कर के अपने समय को और अपने मानवता को खत्म ना करें

aise log sabse zyada bade murkh hote hain unhe insaniyat ki mahatva ko samajhna chahiye insaan toh ek hai na jaat dharm is dharti par aane ke baad alag alag hota hai alag alag bante hain aur insaniyat ki kadar kare khud accha bane logo ko bhi accha banne de jaat aur dharm me fas kar ke apne samay ko aur apne manavta ko khatam na kare

ऐसे लोग सबसे ज्यादा बड़े मूर्ख होते हैं उन्हें इंसानियत की महत्व को समझना चाहिए इंसान तो ए

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Nighat Bi

Founder Of Kamred Montessori School Samiti

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लोग इंसानियत को तो देखकर कैसे बिल्कुल ही बुलाते हैं और जात पात को ज्यादा महत्व देने लगे हैं इसका मेन कारण यह है कि हमारे देश के हालात हमारे देश का जैसे माहौल बना दिया जाता है तैयार कर दिया जाता है लोग उसके भाव में आ जाते हैं और उसी उसी बाहों में बहने लगते हैं जाति धर्म के आधार पर बहुत ज्यादा दिखावा करते हैं और जाते एक दूसरे से इच्छा करने लगी तो यह इनकी जगह गलत धारणाएं हैं गलत सोच है मनुष्य जात पात से आगे नहीं बढ़ता है रास्ता जाता से जीवन में सफलता नहीं पड़ता बल्कि इंसानियत जो की जाति इंसान है जो किसी भी धर्म से सबसे बड़ा बड़ा धर्म है अचानक के द्वारा ही मनुष्य सब के दिलों में राज का सकता है सबसे सम्मान पा सकता आदर्श आ सकता है और खुद एक आदर्श जीवन की जी सकता है इसलिए हमें इंसानियत को छोड़कर हमें इंसानियत को ज्यादा महत्व देना चाहिए

log insaniyat ko toh dekhkar kaise bilkul hi bulate hain aur jaat pat ko zyada mahatva dene lage hain iska main karan yah hai ki hamare desh ke haalaat hamare desh ka jaise maahaul bana diya jata hai taiyar kar diya jata hai log uske bhav me aa jaate hain aur usi usi baahon me behne lagte hain jati dharm ke aadhar par bahut zyada dikhawa karte hain aur jaate ek dusre se iccha karne lagi toh yah inki jagah galat dharnae hain galat soch hai manushya jaat pat se aage nahi badhta hai rasta jata se jeevan me safalta nahi padta balki insaniyat jo ki jati insaan hai jo kisi bhi dharm se sabse bada bada dharm hai achanak ke dwara hi manushya sab ke dilon me raj ka sakta hai sabse sammaan paa sakta adarsh aa sakta hai aur khud ek adarsh jeevan ki ji sakta hai isliye hamein insaniyat ko chhodkar hamein insaniyat ko zyada mahatva dena chahiye

लोग इंसानियत को तो देखकर कैसे बिल्कुल ही बुलाते हैं और जात पात को ज्यादा महत्व देने लगे है

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12345mintu yadav

Bsc 1year college Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अश्लील साइट लोग को बहुत मानते हैं लेकिन इसको नहीं परंतु ऐसे लोग भी जिंदा है जो इंसान मुर्गी बच्चे हुए हैं ना वह वह इन चीजों में थोड़ा कम ट्रस्ट करें वह हिंदू मुसलमान इंसान इंसान इंसान छोटा बड़ा मानता हूं

ashleel site log ko bahut maante hain lekin isko nahi parantu aise log bhi zinda hai jo insaan murgi bacche hue hain na vaah vaah in chijon me thoda kam trust kare vaah hindu musalman insaan insaan insaan chota bada maanta hoon

अश्लील साइट लोग को बहुत मानते हैं लेकिन इसको नहीं परंतु ऐसे लोग भी जिंदा है जो इंसान मुर्ग

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VIPspk

Lecturer (CHB), Competitive

6:23
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लोग इंसानियत की जगह जात पात इतनी अहमियत क्यों देते हैं देखिए जहां तक को जात पात का प्रश्न है वह तो कई सालों से बनाई गई जिसको कि हम अभी तक नहीं बदल पाए हैं और इंसान की सोच पर डिपेंड करता है कि मैं देख जहां हम रहते हैं बचपन से यह मत से वहां का वातावरण कैसा है उसके घर के वातावरण कैसा है इस पर उसकी सोच बनती रहती है अगर और किसी रूढ़ीवादी है जातिवादी यहां और में पैदा हुआ है अगर में पैदा हुआ है तो उसको बचपन से ही सिखाया जाता या फिर उनकी यह नीची जाति से बिलॉन्ग करता है यह अच्छा नहीं है यह तो बहुत अच्छा समझ लेते कौन से नीचे रखना चाहिए राइफल बातें अच्छी नहीं बन पाते कुवा में शनि की रिपेयर करते रहते चाहे वो कितनी भी शिक्षा ग्रहण करने कितनी साफ-सुथरे क्यों ना रहे तो उसके उसके आसपास के वातावरण आसपास के सोच रखने वाले लोग खाली कर कर उसकी सोच कैसे हो और आप इतने सालों से इतना अवतार में थे आपको बचपन से ही है या फिर आपको ही बिलॉन्ग करते और आप बड़े होकर अगर आपको सही नहीं लगे तो आप उसे नहीं कर पाते आप से ही पी लो मेरा समस्या बोलेगा मेरे घर वाले क्या बोलेंगे मुझे करेंगे तुम्हें और आपस में जातिवाद तो देखी जाती हमें सब सबको मालूम है कि जाति फेरे नहीं थी जो बनाए गए थे मनु मनु ने जाति का विवरण किया की बनाई ब्राह्मण वैश्य शूद्र तू उसे दिखाओ चलता चलता रहा है जबकि ग्रामीणों को वकीलों को लगा कि हमारा कोई अस्तित्व नहीं तो फिर उन्होंने हिंदू धर्म हिंदू धर्म क्या है यह क्यों नहीं चाहिए हिंदू धर्म में ही होती है ना कि हमारी बनाई हुई है वाकई हम देखे जब शिवाजी महाराज संभाजी महाराज का क्या का लेकिन जब शिवाजी महाराज जी का निधन हुआ के बाद संभाजी महाराज आए महाराष्ट्र में रुणिचा सभी जाति के लोगों को साथ लेकर लेकिन कैसे हो गई जब तुम ब्राह्मणों ने मिठाई बांटकर जमाया था उसके बाद आगे और जो पेशवाई ब्राह्मणों की राजपूती ईश्वर दोनों ने उस काल में जो मर जाती थी उनको गांव के बाहर रखा गले में लटका दिया कमर में झाड़ू दिन में निकलना बंद कर दिया तो इस तरह से यह जाति चल के आ रही है गम में हम जाति आते दिखे तो वहां पर भी क्रिश्चन रोशनी जो हम ब्लू कलर दिया जाता है कि पिंड दिया जाता है तू लेकिन जब हमें उम्मीद है कि उसे लगता है कि जो हमारे पूर्वजों ने किया बचपन में हमारे पूर्वजों ने या फिर हमारे माता-पिता ने या फिर हमारे समाज में या फिर हमारे आजू-बाजू के लोगों ने कहां होनी चाहिए हमें मान कर चलते हैं और हम बचपन से बड़े होते तो हमें सिखाया गया है चल जाती है वहीं से जाति की अपनी आंखें खोल कर अच्छी तरह से देखे तो कोई भी इंसान है चांदनी कोई भी ऊंचा नहीं सभी एक ही लेवल पर है सिर्फ अपना धर्म के नाम पर आप नहीं बढ़ाते हैं और हमें लगता है कि मुझे नीचे क्योंकि अगर हम सच में भारत को कितना सताया सर्वश्रेष्ठ बनाना चाहते तो सबसे पहले हमें जाति को खत्म करना होगा कि नहीं जाती तब तक भारत किसी भी रूप से सर्वश्रेष्ठ या नहीं बन सकता

log insaniyat ki jagah jaat pat itni ahamiyat kyon dete hain dekhiye jaha tak ko jaat pat ka prashna hai vaah toh kai salon se banai gayi jisko ki hum abhi tak nahi badal paye hain aur insaan ki soch par depend karta hai ki main dekh jaha hum rehte hain bachpan se yah mat se wahan ka vatavaran kaisa hai uske ghar ke vatavaran kaisa hai is par uski soch banti rehti hai agar aur kisi rudhivadi hai jativadi yahan aur me paida hua hai agar me paida hua hai toh usko bachpan se hi sikhaya jata ya phir unki yah nichi jati se Belong karta hai yah accha nahi hai yah toh bahut accha samajh lete kaun se niche rakhna chahiye rifle batein achi nahi ban paate kuwa me shani ki repair karte rehte chahen vo kitni bhi shiksha grahan karne kitni saaf suthre kyon na rahe toh uske uske aaspass ke vatavaran aaspass ke soch rakhne waale log khaali kar kar uski soch kaise ho aur aap itne salon se itna avatar me the aapko bachpan se hi hai ya phir aapko hi Belong karte aur aap bade hokar agar aapko sahi nahi lage toh aap use nahi kar paate aap se hi p lo mera samasya bolega mere ghar waale kya bolenge mujhe karenge tumhe aur aapas me jaatiwad toh dekhi jaati hamein sab sabko maloom hai ki jati fere nahi thi jo banaye gaye the manu manu ne jati ka vivran kiya ki banai brahman vaiishay shudra tu use dikhaao chalta chalta raha hai jabki grameeno ko vakilon ko laga ki hamara koi astitva nahi toh phir unhone hindu dharm hindu dharm kya hai yah kyon nahi chahiye hindu dharm me hi hoti hai na ki hamari banai hui hai vaakai hum dekhe jab shivaji maharaj sambhaji maharaj ka kya ka lekin jab shivaji maharaj ji ka nidhan hua ke baad sambhaji maharaj aaye maharashtra me runicha sabhi jati ke logo ko saath lekar lekin kaise ho gayi jab tum brahmanon ne mithai bantakar Jamaya tha uske baad aage aur jo peshvai brahmanon ki rajputi ishwar dono ne us kaal me jo mar jaati thi unko gaon ke bahar rakha gale me Latka diya kamar me jhadu din me nikalna band kar diya toh is tarah se yah jati chal ke aa rahi hai gum me hum jati aate dikhe toh wahan par bhi christian roshni jo hum blue color diya jata hai ki pind diya jata hai tu lekin jab hamein ummid hai ki use lagta hai ki jo hamare purvajon ne kiya bachpan me hamare purvajon ne ya phir hamare mata pita ne ya phir hamare samaj me ya phir hamare aju baju ke logo ne kaha honi chahiye hamein maan kar chalte hain aur hum bachpan se bade hote toh hamein sikhaya gaya hai chal jaati hai wahi se jati ki apni aankhen khol kar achi tarah se dekhe toh koi bhi insaan hai chandni koi bhi uncha nahi sabhi ek hi level par hai sirf apna dharm ke naam par aap nahi badhate hain aur hamein lagta hai ki mujhe niche kyonki agar hum sach me bharat ko kitna sataaya sarvashreshtha banana chahte toh sabse pehle hamein jati ko khatam karna hoga ki nahi jaati tab tak bharat kisi bhi roop se sarvashreshtha ya nahi ban sakta

लोग इंसानियत की जगह जात पात इतनी अहमियत क्यों देते हैं देखिए जहां तक को जात पात का प्रश्न

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Manish Singh

VOLUNTEER

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखे होते हैं कुछ लोग ज्यादातर ही सब चीज है जहां इलिटरेसी ज्यादा है जहां पर ज्ञान पढ़ाई ज्यादा नहीं है वहां पर इंसानियत की जगह जो जात पात है उसको ज्यादा इंपोर्टेंस देते हैं कि जो हम बड़ी जाति के लोग हैं छोटी जाति के लोग के साथ नहीं रह सकते हैं उनका बुझा बैठ रहे हैं उनसे हम ऊपर बैठेंगे उनका कोई भी छुआ हुआ चीज खाना या पानी जो हमने पी सकते हैं तो इस अब जो चीजें हैं जहां पर भी अज्ञानता बहुत ही बहुत ही ऐसी चीजें होती है अगर आप शहर में देखेंगे तो ऐसी चीज है आपको दिखाई देंगी बिल्कुल पांच से छह पर्सेंट लेकिन ज्यादातर लोग जो है वह शहर में सच्ची सी चीज है जो है वह नहीं मानते हैं

likhe hote hain kuch log jyadatar hi sab cheez hai jaha illiteracy zyada hai jaha par gyaan padhai zyada nahi hai wahan par insaniyat ki jagah jo jaat pat hai usko zyada importance dete hain ki jo hum badi jati ke log hain choti jati ke log ke saath nahi reh sakte hain unka bujha baith rahe hain unse hum upar baitheange unka koi bhi chhua hua cheez khana ya paani jo humne p sakte hain toh is ab jo cheezen hain jaha par bhi agyanata bahut hi bahut hi aisi cheezen hoti hai agar aap shehar mein dekhenge toh aisi cheez hai aapko dikhai dengi bilkul paanch se cheh percent lekin jyadatar log jo hai vaah shehar mein sachi si cheez hai jo hai vaah nahi maante hain

लिखे होते हैं कुछ लोग ज्यादातर ही सब चीज है जहां इलिटरेसी ज्यादा है जहां पर ज्ञान पढ़ाई ज्

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