क्या महाभारत का पात्र अश्वत्थामा ज़िंदा है इसका कोई सबूत बताइए?...


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Amit vishwakarma

Psychologist

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फिलहाल अभी तक इसका कोई सबूत नहीं मिला है शिव नहीं कहा जा सकता कि वह भी जिंदा हूं वह भी सकता है नहीं भी

filhal abhi tak iska koi sabut nahi mila hai shiv nahi kaha ja sakta ki vaah bhi zinda hoon vaah bhi sakta hai nahi bhi

फिलहाल अभी तक इसका कोई सबूत नहीं मिला है शिव नहीं कहा जा सकता कि वह भी जिंदा हूं वह भी सकत

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Swami Umesh Yogi

Peace-Guru (Global Peace Education)

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सुदामा जी के जीवित होने का जो प्रमाण है वह शास्त्र है शास्त्रों के आधार पर यह कहा गया है कि अश्वत्थामा हनुमान जी और परशुराम जी अमर है तो इस वजह से हम मानते हैं हमारे को मानते हैं और हम अपने शास्त्रों में प्रमाण को मानते हैं कि अश्वत्थामा अभी बिजी

sudama ji ke jeevit hone ka jo pramaan hai vaah shastra hai shastron ke aadhar par yah kaha gaya hai ki ashvatthaama hanuman ji aur parshuram ji amar hai toh is wajah se hum maante hain hamare ko maante hain aur hum apne shastron me pramaan ko maante hain ki ashvatthaama abhi busy

सुदामा जी के जीवित होने का जो प्रमाण है वह शास्त्र है शास्त्रों के आधार पर यह कहा गया है क

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अश्वत्थामा जी चिरंजीवी है वैसे तो वीर हनुमान जी भी चिरंजीवी हैं तो क्या इनके प्रमाण के लिए लिखा गया महाभारत अथवा हमारे शास्त्रों वेद सबूत मांगने नहीं है क्या सबूत होते हुए भी आप उसे उन्हें नजरअंदाज क्यों कर रहे हैं सबसे बड़ा सबूत तो लिखा गया महाभारत है जो वेदव्यास जी द्वारा लिखा गया जिसमें श्री कृष्ण लीला अनंत में सुख प्रदान करने वाली है जिस प्रकार श्रीमद्भागवत में लिखे अनुसार वृंदावन आज भी पूजनीय है जो भगवान श्री कृष्ण की रासलीला भूमि है मथुरा हस्तिनापुर और इसी तरह महाभारत का कुरुक्षेत्र जब यह सब का प्रमाण हमारा लिखा गया वेदव्यास जी द्वारा महाभारत है तो अश्वत्थामा के बारे में भी उसी में लिखा गया है क्या यह प्रमाण आपका संदेश दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं है

ashvatthaama ji chiranjivi hai waise toh veer hanuman ji bhi chiranjivi hain toh kya inke pramaan ke liye likha gaya mahabharat athva hamare shastron ved sabut mangne nahi hai kya sabut hote hue bhi aap use unhe najarandaj kyon kar rahe hain sabse bada sabut toh likha gaya mahabharat hai jo vedvyas ji dwara likha gaya jisme shri krishna leela anant me sukh pradan karne wali hai jis prakar shrimadbhagavat me likhe anusaar vrindavan aaj bhi pujaniya hai jo bhagwan shri krishna ki raslila bhoomi hai mathura hastinapur aur isi tarah mahabharat ka kurukshetra jab yah sab ka pramaan hamara likha gaya vedvyas ji dwara mahabharat hai toh ashvatthaama ke bare me bhi usi me likha gaya hai kya yah pramaan aapka sandesh dur karne ke liye paryapt nahi hai

अश्वत्थामा जी चिरंजीवी है वैसे तो वीर हनुमान जी भी चिरंजीवी हैं तो क्या इनके प्रमाण के लि

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BK Vishal

Rajyoga Trainer

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Shipra

Business Owner

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हमारे प्रश्न है क्या भारत महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए महाभारत में पांडव द्रोपदी के पांचों पुत्रों का वध कर दिया था पांच पांडव समझ कर दो जो उनके माथे पर मणि लगी हुई थी उसको भगवान अर्जुन ने निकाला था और भगवान ने उन को श्राप दिया था कि तुमने ब्राह्मण हो कर हत्या की है चुपचाप रोगी बालकों के इसलिए तुम्हें पर शक लगता है कि मैं तुम्हें शाम दे रहा हूं तो आजीवन ही भटकते हो आजीवन क्या तुम्हें चिरंजीवी होने का आशीर्वाद दे रहा हूं कि तुम्हारी आयु दीर्घायु हो और जब तक जगते रहो तो कहते हैं कि महाभारत के पात्रों अश्वत्थामा है इसका पूरी जिसका आज के टाइम में नाम है इटावा उत्तर प्रदेश प्रथमा पर्यंत कालीबाड़ी का मंदिर है उसमें अभी भी है या सबूत है मैं नहीं जा सकती हूं क्योंकि वहां पर अश्वत्थामा अभी भी मंदिर के पट खुलने से पहले उस मंदिर में पूजा हुई वहां के ब्राह्मणों को मिलती है पूजा होती है वही होती है दीपक जला हुआ होता है ताजे फूल चढ़े होते हैं यही कहा जाता है कि जंगलों में मंदिर में पूजा करता है

hamare prashna hai kya bharat mahabharat ka patra ashvatthaama zinda hai iska koi sabut bataiye mahabharat me pandav draupadi ke panchon putron ka vadh kar diya tha paanch pandav samajh kar do jo unke mathe par mani lagi hui thi usko bhagwan arjun ne nikaala tha aur bhagwan ne un ko shraap diya tha ki tumne brahman ho kar hatya ki hai chupchap rogi baalakon ke isliye tumhe par shak lagta hai ki main tumhe shaam de raha hoon toh aajivan hi bhatakte ho aajivan kya tumhe chiranjivi hone ka ashirvaad de raha hoon ki tumhari aayu dirghayu ho aur jab tak jagte raho toh kehte hain ki mahabharat ke patron ashvatthaama hai iska puri jiska aaj ke time me naam hai itawa uttar pradesh prathama paryant kalibadi ka mandir hai usme abhi bhi hai ya sabut hai main nahi ja sakti hoon kyonki wahan par ashvatthaama abhi bhi mandir ke pat khulne se pehle us mandir me puja hui wahan ke brahmanon ko milti hai puja hoti hai wahi hoti hai deepak jala hua hota hai taje fool chade hote hain yahi kaha jata hai ki jungalon me mandir me puja karta hai

हमारे प्रश्न है क्या भारत महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए महाभारत

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Ajay Kumar

Engineer

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महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका सबूत बताइए तो जैसा कि महाभारत महाकाव्य के अनुसार अंत में यह हुआ था कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने अश्वत्थामा को श्राप दिया था कि तुम अनंत काल तक ब्रह्मांड के खत्म होने तक ऐसे ही धरती पर रहोगे और कोड से ग्रसित रहोगे हमेशा तो भगवान की कही हुई बात को झुठला या नहीं जा सकता है वह सत्य है हालांकि इसका ऐसा कोई सबूत किसी को नहीं मालूम है पर बहुत जगह पर भारत के बाजारों में देखा गया है और लोगों की मान्यताओं कैंसर कि यहां पर अश्वत्थामा रात में आते हैं पूजा-पाठ करते हैं वगैरह वगैरह करके बांटा जा सके उनके लिए होता है और लोगों के लिए नहीं होता है वैसे काफी सारी चीजें हैं जिनका बिल्कुल सबूत नहीं दिया जा सकता है पर मान्यताओं के अनुसार उनको मरना पड़ता है जवाब अच्छा लगा होगा

mahabharat ka patra ashvatthaama zinda hai iska sabut bataiye toh jaisa ki mahabharat mahakavya ke anusaar ant me yah hua tha ki jab bhagwan shrikrishna ne ashvatthaama ko shraap diya tha ki tum anant kaal tak brahmaand ke khatam hone tak aise hi dharti par rahoge aur code se grasit rahoge hamesha toh bhagwan ki kahi hui baat ko jhuthla ya nahi ja sakta hai vaah satya hai halaki iska aisa koi sabut kisi ko nahi maloom hai par bahut jagah par bharat ke bazaro me dekha gaya hai aur logo ki manyataon cancer ki yahan par ashvatthaama raat me aate hain puja path karte hain vagera vagera karke baata ja sake unke liye hota hai aur logo ke liye nahi hota hai waise kaafi saari cheezen hain jinka bilkul sabut nahi diya ja sakta hai par manyataon ke anusaar unko marna padta hai jawab accha laga hoga

महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका सबूत बताइए तो जैसा कि महाभारत महाकाव्य के अनुसार

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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राम राम जी की आपका प्रश्न है क्या महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए देखिए महाभारत में और उसे पौराणिक रातों में हिंदू धर्म शास्त्रों में इस बात का उल्लेख किया गया है अब इस बात का इतने समय बाद कोई सबूत नहीं है कि वह अश्वत्थामा जिंदा है या मर गया तो आस्था विश्वास की चीज है धर्म ग्रंथों में जो लिखा है वही हम लोग मानते हैं और राकेश के सबूत मांगेंगे तो इसका कोई सबूत हनुमान जी को भी आ जाता भगवान राम ने उन्हें वरदान दिया कि वह जीवित रहने का फ्रूट मांगेंगे तो जीवित रहने के सबूत नहीं मिलेगा हनुमान जी ने लेकिन अश्वत्थामा ने आज तक किसी को दर्शन नहीं किए

ram ram ji ki aapka prashna hai kya mahabharat ka patra ashvatthaama zinda hai iska koi sabut bataiye dekhiye mahabharat me aur use pouranik raatoon me hindu dharm shastron me is baat ka ullekh kiya gaya hai ab is baat ka itne samay baad koi sabut nahi hai ki vaah ashvatthaama zinda hai ya mar gaya toh astha vishwas ki cheez hai dharm granthon me jo likha hai wahi hum log maante hain aur rakesh ke sabut mangege toh iska koi sabut hanuman ji ko bhi aa jata bhagwan ram ne unhe vardaan diya ki vaah jeevit rehne ka fruit mangege toh jeevit rehne ke sabut nahi milega hanuman ji ne lekin ashvatthaama ne aaj tak kisi ko darshan nahi kiye

राम राम जी की आपका प्रश्न है क्या महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए

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Girdhari Lal Mishra

Accountant(M.com,LLB)

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क्या महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है सबूत बताइए देखिए महाभारत मैं द्रोणाचार्य का पुत्र अश्वत्थामा और अश्वत्थामा दुर्योधन को बहुत मानता था क्योंकि जस्ट दोनों ने दो नाचा का सिर काटा था तो दृष्ट धूमन उसकी बहन जॉब तो उसको पाना चाहिए विशेष द्रव हो गया था दुर्योधन से उसने वादा किया था कि मैं पांचो पांडव का सिर आपको लाकर दूंगा और शिविर में गया भी अंधेरे में गलत ही शोषण द्रौपदी के पांचों पुत्रों को का सिर काट दिया उनके सिर ले गया दुर्योधन ने उन्हें तो खुश हुआ जब सिरोको तब आकर देखा तो बच्चों की शेरो बड़ों की सिम में अंतर होता है तब उसे आभास हुआ बहुत पछताया वह भी अश्वत्थामा भी उद्योग भी बहुत दुखी हुई बाद में की गई आज पांचो पांडव से के पुत्र का युद्ध के बाद वैसे इतना नुकसान मर गए थे तो भीम का पुत्र घटोत्कच का पुत्र बर्बरीक है सब लोग का बलिदान हो गया था अश्वत्थामा को बहुत दुखी नहीं कीजिए मेरे पांचों बेटों को मारा है उसको पकड़ कर ले आओ उसको भी तो धन मिलेगा तभी मैं शांति मिलेगी कभी पकड़ लाए और ब्राह्मण था और विकिरण होने का वरदान था तो फिर योजना बनाएगी इसके सिर में एक मणि मणि निकालो इसे निस्तेज हो जाएगा ऑफिस को छोड़ दो उस ने ब्रह्मास्त्र चलाया था जो उतरा के घर पर जाकर उसको गर्भ नष्ट कर देगा पांडवों के वंशज नहीं चलेगा भगवान सुदर्शन चक्र से उससे उसकी रक्षा की और अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के गर्भ से परीक्षित कथा जो अनुवाद राजा बने और उनके बाद में पुत्र जनमेजय तो मना करके फिर अश्वथामा मिस्टर योगेश मैरिज की सर की निकाली गई थी जो कुछ कुछ छोड़ दिया था और माना जाता को जीवित है और एक किंवदंती है कि मैहर देवी के मंदिर खोला जाता है पूजा की मिलती है तो शर्मा ही आ जाता है जो है वह अजर अमर हैं मुझे कुछ पात्र हैं कृपाचार्य वगैरह सब जीवित होंगे

kya mahabharat ka patra ashvatthaama zinda hai sabut bataiye dekhiye mahabharat main dronacharya ka putra ashvatthaama aur ashvatthaama duryodhan ko bahut maanta tha kyonki just dono ne do nacha ka sir kaata tha toh drist dhuman uski behen job toh usko paana chahiye vishesh drav ho gaya tha duryodhan se usne vada kiya tha ki main paancho pandav ka sir aapko lakar dunga aur shivir me gaya bhi andhere me galat hi shoshan draupadi ke panchon putron ko ka sir kaat diya unke sir le gaya duryodhan ne unhe toh khush hua jab siroko tab aakar dekha toh baccho ki shero badon ki sim me antar hota hai tab use aabhas hua bahut pachtaya vaah bhi ashvatthaama bhi udyog bhi bahut dukhi hui baad me ki gayi aaj paancho pandav se ke putra ka yudh ke baad waise itna nuksan mar gaye the toh bhim ka putra ghatotkach ka putra barbarik hai sab log ka balidaan ho gaya tha ashvatthaama ko bahut dukhi nahi kijiye mere panchon beto ko mara hai usko pakad kar le aao usko bhi toh dhan milega tabhi main shanti milegi kabhi pakad laye aur brahman tha aur vikiran hone ka vardaan tha toh phir yojana banayegi iske sir me ek mani mani nikalo ise nistej ho jaega office ko chhod do us ne Brahmastr chalaya tha jo utara ke ghar par jaakar usko garbh nasht kar dega pandavon ke vanshaj nahi chalega bhagwan sudarshan chakra se usse uski raksha ki aur abhimanyu ki patni uttara ke garbh se parikshit katha jo anuvad raja bane aur unke baad me putra janamejay toh mana karke phir ashwathama mister Yogesh marriage ki sir ki nikali gayi thi jo kuch kuch chhod diya tha aur mana jata ko jeevit hai aur ek kinvadanti hai ki meher devi ke mandir khola jata hai puja ki milti hai toh sharma hi aa jata hai jo hai vaah ajar amar hain mujhe kuch patra hain kripacharya vagera sab jeevit honge

क्या महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है सबूत बताइए देखिए महाभारत मैं द्रोणाचार्य का पु

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Nirbhay kumar

Programmer

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महाभारत की रिपोर्ट के अनुसार तो अश्वत्थामा जिंदा है और कई लोगों ने उसे देखने का दावा भी किया है जो मध्य प्रदेश के किसी गांव में है

mahabharat ki report ke anusaar toh ashvatthaama zinda hai aur kai logo ne use dekhne ka daawa bhi kiya hai jo madhya pradesh ke kisi gaon me hai

महाभारत की रिपोर्ट के अनुसार तो अश्वत्थामा जिंदा है और कई लोगों ने उसे देखने का दावा भी कि

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प्रश्न है क्या अश्वत्थामा जिंदा है उसके उत्तर में कहा जा सकता है कि हमारे शास्त्रों के अनुसार अश्वत्थामा जिंदा है अंकुश साथ मिला था भगवान श्री कृष्ण से जिंदा रहोगे लेकिन तुमने जो पाप किया है उस पाप का फल तुम को भुगतना पड़ेगा और उसको भुगतने के लिए तुम्हें सृष्टि के अंत तक जीवित रहना पड़ेगा यह शाम को घूमने के लिए अभी तक जिंदा है

prashna hai kya ashvatthaama zinda hai uske uttar me kaha ja sakta hai ki hamare shastron ke anusaar ashvatthaama zinda hai ankush saath mila tha bhagwan shri krishna se zinda rahoge lekin tumne jo paap kiya hai us paap ka fal tum ko bhugatna padega aur usko bhugatane ke liye tumhe shrishti ke ant tak jeevit rehna padega yah shaam ko ghoomne ke liye abhi tak zinda hai

प्रश्न है क्या अश्वत्थामा जिंदा है उसके उत्तर में कहा जा सकता है कि हमारे शास्त्रों के अनु

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सब की दुआ है कि मां बाप अपाचे सुदामा जिंदा है इसका कोई सबूत नहीं है कि वह इस बारे में किसी को देखा नहीं है लेकिन कोई कोई कहता है जैसे इस गढ़ के किले में सुदामा भगवान शंकर की पूजा करने के लिए आते हैं उसकी आत्मा पर किसी ने देखा नहीं है सिर्फ ऐसा सुना है

sab ki dua hai ki maa baap apache sudama zinda hai iska koi sabut nahi hai ki vaah is bare me kisi ko dekha nahi hai lekin koi koi kahata hai jaise is garh ke kile me sudama bhagwan shankar ki puja karne ke liye aate hain uski aatma par kisi ne dekha nahi hai sirf aisa suna hai

सब की दुआ है कि मां बाप अपाचे सुदामा जिंदा है इसका कोई सबूत नहीं है कि वह इस बारे में किसी

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Dr.Manoj kumar Pandey

M.D (A.M) ,Astrologer ,9044642070

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या अश्वत्थामा जिंदा है जी हां अभी जिंदा है एमपी में चंबल क्षेत्र आता चंबल घाटी कहां पर है डकैत लोग रहते थे वहां एक मंदिर है यहां पर शाम के 4:00 बजे पूजन करके चले आती उसे बहुत से लोग देखने आते रात में डर जाती बाहर गांव है पट्टी वाली धोती पहने का प्रसारण शास्त्रों में भी कहा गया है पुराणों के गम भी कहा गया है कि अश्वत्थामा बर्लिन व्यास हनुमान कृपा परशुराम असर्टटाइटल फिर जीवित एहसास घटा के साथ लोग अभी जिंदा है फिर जीवित रहेंगे पास अस्थामा बलीर व्यास राजा बलि पाताल के राजा थे अमेरिका के राजा थे उनको बामन भगवान ने लिया था तुमको चलो दूधिया तू अभी जिंदा है व्यास ने जनक पुराण बरसना की नैमिषारण्य सीतापुर के पास हुआ अभी जिंदा है हनुमान हनुमान जी को भी राम ने आशीर्वाद दिया था जब तक हमारा नाम हो तब तक तुम कल जब मैं रहना अभी जिंदा है अर्जुन के द्रोणाचार्य के जो 9295 कृपा परशुराम असत्य के चीता और सातवां है परशुराम परशुराम भी हुई रहेंगे तपस्या कर रहे मंदराचल पर्वत में शास्त्रों के मारे प्रमाण हैं ईश्वर है आप कह सकते हैं राम का अवतार हुआ क्या प्रमाण हैं कृष्ण का अवतार हुआ क्या प्रमाण प्रमाण की आवश्यकता ना पड़े साहब की बात मान ली और शास्त्रीय ऐसे लिखा जाता है जो कि मान्य मान्य मान्य हो इसकी सही बातें मानते हो तुम्हारे साथ तो वेदो में लिखा है धर्म गंज थाना हनुमान विभीषण शर्मा

kya ashvatthaama zinda hai ji haan abhi zinda hai MP me chambal kshetra aata chambal ghati kaha par hai dacoit log rehte the wahan ek mandir hai yahan par shaam ke 4 00 baje pujan karke chale aati use bahut se log dekhne aate raat me dar jaati bahar gaon hai patti wali dhoti pehne ka prasaran shastron me bhi kaha gaya hai purano ke gum bhi kaha gaya hai ki ashvatthaama berlin vyas hanuman kripa parshuram asartataital phir jeevit ehsaas ghata ke saath log abhi zinda hai phir jeevit rahenge paas asthama balir vyas raja bali paatal ke raja the america ke raja the unko baman bhagwan ne liya tha tumko chalo dudhiya tu abhi zinda hai vyas ne janak puran barasna ki naimisharanya sitapur ke paas hua abhi zinda hai hanuman hanuman ji ko bhi ram ne ashirvaad diya tha jab tak hamara naam ho tab tak tum kal jab main rehna abhi zinda hai arjun ke dronacharya ke jo 9295 kripa parshuram asatya ke chita aur satvaan hai parshuram parshuram bhi hui rahenge tapasya kar rahe mandarachal parvat me shastron ke maare pramaan hain ishwar hai aap keh sakte hain ram ka avatar hua kya pramaan hain krishna ka avatar hua kya pramaan pramaan ki avashyakta na pade saheb ki baat maan li aur shashtriya aise likha jata hai jo ki manya manya manya ho iski sahi batein maante ho tumhare saath toh vedo me likha hai dharm ganj thana hanuman vibhishan sharma

क्या अश्वत्थामा जिंदा है जी हां अभी जिंदा है एमपी में चंबल क्षेत्र आता चंबल घाटी कहां पर ह

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Dr. Sudha Chauhan

Author / Social Worker/Writer

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आपका प्रश्न है क्या महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए देखिए जहां तक सबूत की बात है वह तो दिया नहीं जा सकता क्योंकि कोई भी उसको लाकर सामने खड़ा नहीं कर सकता लेकिन किवदंती यों के आधार पर दंत कथाओं और कुछ व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर ऐसा कहा जाता है कि अश्वत्थामा जिंदा है सात चिरंजीवी इस संसार में विभीषण हनुमान जी आल्हा इंदल अश्वत्थामा तो यह सब बताते हैं कि सृष्टि के अंदर तक कलयुग के अंत तक जीवित हैं अश्वत्थामा का प्रमाण वहां मिलता है कि जब पृथ्वीराज का जन्म होता है और उसको उस जब गर्भ में होता है तब उसकी मां को एक कुएं में फेंक दिया जाता है किसी जंगल में ले जाकर तो जो पुराने लेख हैं उनमें इस बात का प्रमाण मिलता है कि अश्वत्थामा ने उसको बताया था उसकी मां को मत ले और उसके बाद जंगल में अपनी झोपड़ी में रखा 5 साल का अश्वत्थामा पृथ्वीराज चौहान वहीं पर हुआ था पांच 7 वर्ष तक उन्होंने अश्वत्थामा ने रखा था उसके बाद शब्द विधि जो विद्या है शब्दभेदी बाण चलाने की विधा अश्वत्थामा नहीं पृथ्वीराज चौहान को दी थी और उसके बाद जब राजा सोमेश्वर अजमेर के शासक उस समय 10 वीं शताब्दी में थे वह जंगल में शिकार खेलने के लिए जाते हैं तब उनकी नजर पृथ्वीराज चौहान पर पड़ती है तब फिर वह जो है उस बच्चे से प्रभावित होते हैं और सोचते हैं कि यह ऋषि बालक तो नहीं हो सकता है तो वह उससे पूछते हैं कि हमको अपने ऋषि से मिलवा दो तब खरबूजा उनके पास जाते हैं अश्वत्थामा कहते हैं कि मैं तुम्हारा ही इंतजार कर रहा था तुम अपने बीवी बच्चों को ले जाओ और आज के बाद कभी मुड़कर भी इस जंगल में नहीं आना तो राजा सोमेश्वर ने भी इस बात का जिक्र किया है कि अश्वत्थामा से उनकी मुलाकात हुई थी और उन्होंने ही शब्दभेदी बाण चलाना पृथ्वीराज चौहान को सिखाया था तो उसके अलावा कजली बन में जो कहते हैं कि कजली बन में यह सारे लोग रहते हैं तो आधार ही मान सत्यम प्रमाणित तो कोई नहीं कर सकता है इस बात को लेकिन विश्वास सबसे बड़ा कमांड धन्यवाद

aapka prashna hai kya mahabharat ka patra ashvatthaama zinda hai iska koi sabut bataiye dekhiye jaha tak sabut ki baat hai vaah toh diya nahi ja sakta kyonki koi bhi usko lakar saamne khada nahi kar sakta lekin kivadanti yo ke aadhar par dant kathao aur kuch vyaktigat anubhav ke aadhar par aisa kaha jata hai ki ashvatthaama zinda hai saat chiranjivi is sansar me vibhishan hanuman ji aalha endla ashvatthaama toh yah sab batatey hain ki shrishti ke andar tak kalyug ke ant tak jeevit hain ashvatthaama ka pramaan wahan milta hai ki jab prithviraj ka janam hota hai aur usko us jab garbh me hota hai tab uski maa ko ek kuen me fenk diya jata hai kisi jungle me le jaakar toh jo purane lekh hain unmen is baat ka pramaan milta hai ki ashvatthaama ne usko bataya tha uski maa ko mat le aur uske baad jungle me apni jhopdi me rakha 5 saal ka ashvatthaama prithviraj Chauhan wahi par hua tha paanch 7 varsh tak unhone ashvatthaama ne rakha tha uske baad shabd vidhi jo vidya hai shabdabhedi baan chalane ki vidhaa ashvatthaama nahi prithviraj Chauhan ko di thi aur uske baad jab raja someswara ajmer ke shasak us samay 10 vi shatabdi me the vaah jungle me shikaar khelne ke liye jaate hain tab unki nazar prithviraj Chauhan par padti hai tab phir vaah jo hai us bacche se prabhavit hote hain aur sochte hain ki yah rishi balak toh nahi ho sakta hai toh vaah usse poochhte hain ki hamko apne rishi se milva do tab kharbooja unke paas jaate hain ashvatthaama kehte hain ki main tumhara hi intejar kar raha tha tum apne biwi baccho ko le jao aur aaj ke baad kabhi mudkar bhi is jungle me nahi aana toh raja someswara ne bhi is baat ka jikarr kiya hai ki ashvatthaama se unki mulakat hui thi aur unhone hi shabdabhedi baan chalana prithviraj Chauhan ko sikhaya tha toh uske alava kajli ban me jo kehte hain ki kajli ban me yah saare log rehte hain toh aadhar hi maan satyam pramanit toh koi nahi kar sakta hai is baat ko lekin vishwas sabse bada command dhanyavad

आपका प्रश्न है क्या महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए देखिए जहां तक

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bhaand's Theatre and Acting Classes

Acting And drama Coach Casting director Drama Director

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अगर सवाल है महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए देखिए अश्वत्थामा पात्र जिंदा है यह किवदंती है इसका सच्चाई से कोई लेना देना या कुछ ऐसा अभी तक कोई मिला नहीं है लोगों की सुनी सुनाई गप्पे जो कि हमें सुनने में आता है जिसे मध्य प्रदेश के मध्य प्रदेश के पार्क के अंदर एक जगह है ओमकारेश्वर और ओमकारेश्वर जोकिंग नर्मदा के किनारे बसा हुआ है और महेश्वर महेश्वर ओमकारेश्वर दोनों के बीच में एक नदी है नर्मदा नदी उसके आसपास कहीं अश्वत्थामा को देखा गया ऐसी भ्रांतियां है जो कि क्योंकि मैंने नहीं देखा या मेरे पास ऐसे कोई साक्ष्य नहीं है तो मैं इसे सत्य नहीं मानता हूं और अगर आपको कहीं और से भी इस तरह का कोई जवाब मिले तो मुझे टेक कीजिएगा थैंक यू

agar sawaal hai mahabharat ka patra ashvatthaama zinda hai iska koi sabut bataiye dekhiye ashvatthaama patra zinda hai yah kivadanti hai iska sacchai se koi lena dena ya kuch aisa abhi tak koi mila nahi hai logo ki suni sunayi gappe jo ki hamein sunne me aata hai jise madhya pradesh ke madhya pradesh ke park ke andar ek jagah hai omkareshwar aur omkareshwar joking narmada ke kinare basa hua hai aur maheswar maheswar omkareshwar dono ke beech me ek nadi hai narmada nadi uske aaspass kahin ashvatthaama ko dekha gaya aisi bhrantiyan hai jo ki kyonki maine nahi dekha ya mere paas aise koi sakshya nahi hai toh main ise satya nahi maanta hoon aur agar aapko kahin aur se bhi is tarah ka koi jawab mile toh mujhe take kijiega thank you

अगर सवाल है महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए देखिए अश्वत्थामा पात्

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जय राम जी की क्या महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए सबूत यह है कि अश्वत्थामा मलेरिया सब हनुमान जगदीश नायक चिरंजीवी हैं और अश्वत्थामा भी अभी जिंदा है और इन्हीं भारत में रहता है मध्यप्रदेश में इसके लिए आप यूट्यूब सर्च करें यूट्यूब वालों को भी पता है आप भी पता कीजिए

jai ram ji ki kya mahabharat ka patra ashvatthaama zinda hai iska koi sabut bataiye sabut yah hai ki ashvatthaama malaria sab hanuman jagdish nayak chiranjivi hain aur ashvatthaama bhi abhi zinda hai aur inhin bharat me rehta hai madhya pradesh me iske liye aap youtube search kare youtube walon ko bhi pata hai aap bhi pata kijiye

जय राम जी की क्या महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए सबूत यह है कि अ

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Gayatri Shukla

Social Worker Director Of Smt Educational Society

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ऐसा नहीं है कि अश्वत्थामा जिंदा है लेकिन महाभारत में बोला गया है कि सुदामा जिंदा है जिंदा ही है

aisa nahi hai ki ashvatthaama zinda hai lekin mahabharat me bola gaya hai ki sudama zinda hai zinda hi hai

ऐसा नहीं है कि अश्वत्थामा जिंदा है लेकिन महाभारत में बोला गया है कि सुदामा जिंदा है जिंदा

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Jitendra Singh

Social Worker

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अगर हम अपने वेद को खूब अच्छी तरीके से जान लें फिर उन पर जो वेद से बनी पुराण को जान लें तो अश्वत्थामा जिंदा है यह हम अपने वेद को मानते हुए मानते देखा किसी ने नहीं है जैसे रही बात आपकी इस प्रश्न की किस का सबूत क्या है सबूत उसका हमारे वेद शास्त्र हैं जिनमें हमारे सामने जो बातें हैं वह तत्वों से जुड़ी हुई है तत्वों को जो जानता है वह उसको मानता है पहले हमको जानना पड़ेगा फिर मानना पड़ेगा तो मानना बाला अर्थ भाव है और जाने ना हमारा आध्यात्मिक भाव है आध्यात्मिक भाव को गर्म सही जागृत कर लेंगे तो हम यह जान लेंगे अश्वत्थामा जिंदा है या नहीं है इसमें जानने और मानने की शक्ति दोनों हमारी बिल्कुल सही दिशा में होनी चाहिए तो फिर यह क्वेश्चन उठेगा नहीं क्वेश्चन का जवाब तुम्हारे अंदर से स्वयं आएगा इसका प्रैक्टिकल करना पड़ता है या किसी के आने से या सुनने से प्रमाणित नहीं होता इसको स्वयं अनुभव करना होता है हर जीव के अंदर हर प्राणी के अंदर जानने की शक्ति जन्मजात होती है माननीय की शक्ति होश आने के बाद आती है इस चीज पर जब आप खूब अच्छी तरह मदद करेंगे तो आप खुश पत्थर आपके अंदर से मिल जाएगा मैं तो मानता हूं अश्वत्थामा को जो हमारे साथ चोरों ने दर्शाया उसके हिसाब से वह जिंदा है धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

agar hum apne ved ko khoob achi tarike se jaan le phir un par jo ved se bani puran ko jaan le toh ashvatthaama zinda hai yah hum apne ved ko maante hue maante dekha kisi ne nahi hai jaise rahi baat aapki is prashna ki kis ka sabut kya hai sabut uska hamare ved shastra hain jinmein hamare saamne jo batein hain vaah tatvon se judi hui hai tatvon ko jo jaanta hai vaah usko maanta hai pehle hamko janana padega phir manana padega toh manana bala arth bhav hai aur jaane na hamara aadhyatmik bhav hai aadhyatmik bhav ko garam sahi jagrit kar lenge toh hum yah jaan lenge ashvatthaama zinda hai ya nahi hai isme jaanne aur manne ki shakti dono hamari bilkul sahi disha me honi chahiye toh phir yah question uthega nahi question ka jawab tumhare andar se swayam aayega iska practical karna padta hai ya kisi ke aane se ya sunne se pramanit nahi hota isko swayam anubhav karna hota hai har jeev ke andar har prani ke andar jaanne ki shakti janmajat hoti hai mananiya ki shakti hosh aane ke baad aati hai is cheez par jab aap khoob achi tarah madad karenge toh aap khush patthar aapke andar se mil jaega main toh maanta hoon ashvatthaama ko jo hamare saath choron ne darshaya uske hisab se vaah zinda hai dhanyavad aapka din shubha ho

अगर हम अपने वेद को खूब अच्छी तरीके से जान लें फिर उन पर जो वेद से बनी पुराण को जान लें तो

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Hari R Ahir

Business Owner

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हिंदू आध्यात्मिक ग्रंथ महाभारत के आधार पर महाभारत का प्रमुख पात्र जो आचार्य द्रोणाचार्य के पुत्र थे जिसका नाम अश्वथामा था वह जीवित है लेकिन इसे भी कोई अभी तक देखा नहीं है यह केवल ग्रंथ के आधार पर ही कहा जाता है धन्यवाद

hindu aadhyatmik granth mahabharat ke aadhar par mahabharat ka pramukh patra jo aacharya dronacharya ke putra the jiska naam ashwathama tha vaah jeevit hai lekin ise bhi koi abhi tak dekha nahi hai yah keval granth ke aadhar par hi kaha jata hai dhanyavad

हिंदू आध्यात्मिक ग्रंथ महाभारत के आधार पर महाभारत का प्रमुख पात्र जो आचार्य द्रोणाचार्य के

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ऐसा कहा जरूर जाता है यह सब थाना जिंदा है लेकिन इसका सबूत कोई भी नहीं दे सकता है समय-समय पर कथा आती है कि फलां व्यक्ति अश्वत्थामा से मिला फलाने प्राणिका तो बताया कि मैं सुदामा से मिला इसका एकमात्र सबूत नहीं दिया जा सकता है कि सचिन जीवो में अश्वत्थामा बलिया वाले श्लोक में अश्वत्थामा का नाम भी आता है इसलिए ऐसा कहा जाता है कि आप सब थामा पीएनजीबी है और वह जिंदा है

aisa kaha zaroor jata hai yah sab thana zinda hai lekin iska sabut koi bhi nahi de sakta hai samay samay par katha aati hai ki falan vyakti ashvatthaama se mila falane pranika toh bataya ki main sudama se mila iska ekmatra sabut nahi diya ja sakta hai ki sachin jeevo me ashvatthaama baliya waale shlok me ashvatthaama ka naam bhi aata hai isliye aisa kaha jata hai ki aap sab thama PNGB hai aur vaah zinda hai

ऐसा कहा जरूर जाता है यह सब थाना जिंदा है लेकिन इसका सबूत कोई भी नहीं दे सकता है समय-समय पर

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अश्वत्थामा जिंदा है इसका सबूत है प्रमाण पत्र बन सकते हैं जब भी कोई मनुष्य तकलीफ में होता है या ऐसी स्थिति में होता है सुख-दुख तेज है दूर होता है वह मनुष्य की हेडिंग काल तक जिंदा रहता है इस प्रकार से जो है वैसे कहा जाता है मनुष्य को अगर इस प्रकार से देश की स्थिति का सामना करना पड़े तो वैसे भी लंबे समय तक और दीर्घकाल तक जिंदा रहता है कि जब तक कि उसे मुक्ति ना मिल जाए भगवान श्री कृष्ण जब जमाने का प्रयोग किया था जिनके ऊपर मणि मणि लिपिक जिसके कारण उसके रिश्ते बहुत से खून बहने लगा था और वह एक दोस्त के सहारे ही जी से निवेदन एक आदेश है पर दाने साफ किया था भगवान कृष्ण दो प्रकार के दिखाइए सागर सिटी के साथ सर्व किया वह लंबे समय तक की ही करना पड़ती है और जब तक उसे इस तरफ से मुक्ति नहीं मिल जाती तब तक जीवित अवस्था में रहता है इसी प्रकार के पोषक तत्वों को काटते हुए आज भी जिंदा है और जाता है कि गुफा में जो है विराजमान है और वहां पर तपस्या कर रहे हैं ऐसा कई लोगों ने जो है वहां पर जयपुर उसको बाप को देखने का प्रयास किया तो कई लोगों को सरकार का दिव्या भारती और कई लोग जब हम पर जो है आश्चर्यचकित होकर वहां के दिव्य भास्कर वाले बापू कोपा को बंद कर दिया ऐसा जगह का द्वार किस प्रकार की जो है अतः प्रतिभा वर्मा जी जब अत्याचार कर रहे हैं थैंक यू धन्यवाद

ashvatthaama zinda hai iska sabut hai pramaan patra ban sakte hain jab bhi koi manushya takleef me hota hai ya aisi sthiti me hota hai sukh dukh tez hai dur hota hai vaah manushya ki heading kaal tak zinda rehta hai is prakar se jo hai waise kaha jata hai manushya ko agar is prakar se desh ki sthiti ka samana karna pade toh waise bhi lambe samay tak aur dirghakal tak zinda rehta hai ki jab tak ki use mukti na mil jaaye bhagwan shri krishna jab jamane ka prayog kiya tha jinke upar mani mani lipik jiske karan uske rishte bahut se khoon behne laga tha aur vaah ek dost ke sahare hi ji se nivedan ek aadesh hai par daane saaf kiya tha bhagwan krishna do prakar ke dikhaiye sagar city ke saath surv kiya vaah lambe samay tak ki hi karna padti hai aur jab tak use is taraf se mukti nahi mil jaati tab tak jeevit avastha me rehta hai isi prakar ke poshak tatvon ko katatey hue aaj bhi zinda hai aur jata hai ki gufa me jo hai viraajamaan hai aur wahan par tapasya kar rahe hain aisa kai logo ne jo hai wahan par jaipur usko baap ko dekhne ka prayas kiya toh kai logo ko sarkar ka divya bharati aur kai log jab hum par jo hai ashcharyachakit hokar wahan ke divya bhaskar waale bapu copa ko band kar diya aisa jagah ka dwar kis prakar ki jo hai atah pratibha verma ji jab atyachar kar rahe hain thank you dhanyavad

अश्वत्थामा जिंदा है इसका सबूत है प्रमाण पत्र बन सकते हैं जब भी कोई मनुष्य तकलीफ में होता ह

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क्या महाभारत का पात्र सुदामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताएं अश्वत्थामा को भी सप्त चिरंजीवी में माना जाता है अश्वत्थामा बलिया हनुमान परशुराम सकते तेरे बिना साथ चिरंजीवी है इनको इच्छा मृत्यु का लगभग वरदान है जब अंत समय में ब्रह्मास्त्र के द्वारा अश्वत्थामा ने दो पति के गरबे का नाश करने की सूची गर्भस्थ शिशु को अनिल जी कर्म निंदनीय कर्म करने की सूची तब श्री कृष्ण ने ही उन्हें शाप दिया कि तुम 5000 वर्षों तक इस प्रकार से भटकते रहोगे दिक्षित आत्मा की दर भटकते रहोगे तो कहते हैं कि वह भी गंगा के किनारे यह हिमालय के पहाड़ों में हिमालय घटाएं घाटियों में अश्वत्थामा मिलते हैं विकसित रूप में उस पाप के कारण उसे शाप के कारण

kya mahabharat ka patra sudama zinda hai iska koi sabut bataye ashvatthaama ko bhi sapt chiranjivi me mana jata hai ashvatthaama baliya hanuman parshuram sakte tere bina saath chiranjivi hai inko iccha mrityu ka lagbhag vardaan hai jab ant samay me Brahmastr ke dwara ashvatthaama ne do pati ke garabe ka naash karne ki suchi garbhasth shishu ko anil ji karm nindaniya karm karne ki suchi tab shri krishna ne hi unhe shap diya ki tum 5000 varshon tak is prakar se bhatakte rahoge dixit aatma ki dar bhatakte rahoge toh kehte hain ki vaah bhi ganga ke kinare yah himalaya ke pahadon me himalaya ghataye ghatiyo me ashvatthaama milte hain viksit roop me us paap ke karan use shap ke karan

क्या महाभारत का पात्र सुदामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताएं अश्वत्थामा को भी सप्त चिरंजीवी म

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महाभारत के गुरु द्रोण पुत्र अश्वत्थामा जीवित हैं इसका प्रमाण इसके प्रमाण की बात है तो अब जैसा महाभारत में दिखाया गया जैसे ग्रंथों में वर्णित है उसी को प्रमाण कहा जाएगा और श्रद्धा मां का दर्शन अश्वत्थामा का किस प्रकार का साक्षात्कार किसी प्रकार का कोई प्रमाण तो इसका नहीं जुटाया जा सकता जो ऐसी इस प्रकार की कोई कृत्य मिले उसी के बारे में ऐसा कहा सुना बताया जा सकता है जैसे ही इसमें वर्णित विषय यह है कि खंडवा बुरहानपुर राजमार्ग के बीच में का असीरगढ़ नाम का किला पड़ता है वहां पर एक बहुत पुराना महाभारत कालीन शिव मंदिर है उस शिव मंदिर में ऐसा माना जाता है कि अश्वत्थामा जी सुबह मतलब मुहूर्त में शिवजी की पूजा करते हैं ब्रह्म मुहूर्त में सबसे पहले पूजा अश्वत्थामा जी करते हैं उनके आसपास में कई लोगों ने किवदंती है कई लोगों वो क्या है कि कोई व्यक्ति जो अपना चेहरा नहीं दिखाता लेकिन तेल और हल्दी मांगता है ऐसा कहा जाता है इसे जानती है कि अश्वत्थामा मौसी के आसपास में भ्रमण करते हैं लेकिन प्रमाणित कर नहीं दिया जा सकता

mahabharat ke guru drone putra ashvatthaama jeevit hain iska pramaan iske pramaan ki baat hai toh ab jaisa mahabharat me dikhaya gaya jaise granthon me varnit hai usi ko pramaan kaha jaega aur shraddha maa ka darshan ashvatthaama ka kis prakar ka sakshatkar kisi prakar ka koi pramaan toh iska nahi jutaya ja sakta jo aisi is prakar ki koi kritya mile usi ke bare me aisa kaha suna bataya ja sakta hai jaise hi isme varnit vishay yah hai ki khandwa burhanpur rajmarg ke beech me ka asirgadh naam ka kila padta hai wahan par ek bahut purana mahabharat kaleen shiv mandir hai us shiv mandir me aisa mana jata hai ki ashvatthaama ji subah matlab muhurt me shivaji ki puja karte hain Brahma muhurt me sabse pehle puja ashvatthaama ji karte hain unke aaspass me kai logo ne kivadanti hai kai logo vo kya hai ki koi vyakti jo apna chehra nahi dikhaata lekin tel aur haldi mangta hai aisa kaha jata hai ise jaanti hai ki ashvatthaama mausi ke aaspass me bhraman karte hain lekin pramanit kar nahi diya ja sakta

महाभारत के गुरु द्रोण पुत्र अश्वत्थामा जीवित हैं इसका प्रमाण इसके प्रमाण की बात है तो अब ज

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आचार्य अभिषेक शर्मा

शिक्षक, कवि, शायर

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नमस्कार आपने पूछा है क्या महाभारत का पत्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए तो एक श्लोक है जिसमें सात चिरंजीवी यों के नाम बताए गए हैं उसमें सबसे पहला नाम है अश्वत्थामा अश्वत्थामा बली व्यास हनुमान विभीषण कृपा परशुराम असत्य ता चिरंजीवी ना तो अश्वत्थामा बली राजा अश्वत्थामा बली जिन्होंने भगवान दास जी जिन्होंने महाभारत दिया इत्यादि कथाएं लिखी है तो वह व्यास जी अश्वत्थामा बली व्यास हनुमान कृष्णा भगवान हनुमान जी और भविष्य जो रावण के भाई थे उसके अलावा कृपाचार्य जी और परशुराम यह 7 लोग हैं जिनको चिरंजीवी माना गया है यह शास्त्रों का प्रमाण है देखा इनमें से किसी को भी नहीं गया है ना इनके कोई सबूत है कि इनके आधार पर हम कहें कि यह जीवित है हमने देखा है पर यह शास्त्रों की उठती है शास्त्रों के अनुसार हम यह कह सकते हैं कि यह चिरंजीवी है धन्यवाद

namaskar aapne poocha hai kya mahabharat ka patra ashvatthaama zinda hai iska koi sabut bataiye toh ek shlok hai jisme saat chiranjivi yo ke naam bataye gaye hain usme sabse pehla naam hai ashvatthaama ashvatthaama bali vyas hanuman vibhishan kripa parshuram asatya ta chiranjivi na toh ashvatthaama bali raja ashvatthaama bali jinhone bhagwan das ji jinhone mahabharat diya ityadi kathaen likhi hai toh vaah vyas ji ashvatthaama bali vyas hanuman krishna bhagwan hanuman ji aur bhavishya jo ravan ke bhai the uske alava kripacharya ji aur parshuram yah 7 log hain jinako chiranjivi mana gaya hai yah shastron ka pramaan hai dekha inmein se kisi ko bhi nahi gaya hai na inke koi sabut hai ki inke aadhar par hum kahein ki yah jeevit hai humne dekha hai par yah shastron ki uthati hai shastron ke anusaar hum yah keh sakte hain ki yah chiranjivi hai dhanyavad

नमस्कार आपने पूछा है क्या महाभारत का पत्र अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए तो एक श्

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क्या महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है अगर आप महाभारत में विश्वास करते हैं तो अश्वथामा के जिंदा होने पर भी आपको विश्वास करना होगा महाभारत के युद्ध में कौरव और पांडव की लड़ाई पांडवों ने कौरवों को पराजित कर दिया अश्वत्थामा और उनके पिता द्रोणाचार्य कौरवों की तरफ से लड़े थे इस मित्रों आचार्य की मृत्यु हो जाती है अश्वत्थामा के मित्र दुर्योधन की मृत्यु हो जाती है अश्वथामा अपने मित्र और पिता की मृत्यु से दुखी होकर युद्ध की समाप्ति के बाद पांडु पुत्र अर्जुन पुत्र अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के गर्भ पर ब्रह्मास्त्र का प्रयोग करते हैं जिससे गर्भ में उनके पुत्र को क्षति होती हैं कृष्ण इस बात से नाराज होते हैं और अश्वत्थामा को अनंत सृष्टि सृष्टि खत्म ना हो तब तक जीने का शौक दे दिया और दर बदर भटकने का श्राप दिया इसलिए कहा जा सकता है अश्वत्थामा जिंदा है

kya mahabharat ka patra ashvatthaama zinda hai agar aap mahabharat me vishwas karte hain toh ashwathama ke zinda hone par bhi aapko vishwas karna hoga mahabharat ke yudh me kaurav aur pandav ki ladai pandavon ne kauravon ko parajit kar diya ashvatthaama aur unke pita dronacharya kauravon ki taraf se lade the is mitron aacharya ki mrityu ho jaati hai ashvatthaama ke mitra duryodhan ki mrityu ho jaati hai ashwathama apne mitra aur pita ki mrityu se dukhi hokar yudh ki samapti ke baad pandu putra arjun putra abhimanyu ki patni uttara ke garbh par Brahmastr ka prayog karte hain jisse garbh me unke putra ko kshati hoti hain krishna is baat se naaraj hote hain aur ashvatthaama ko anant shrishti shrishti khatam na ho tab tak jeene ka shauk de diya aur dar badar bhatakne ka shraap diya isliye kaha ja sakta hai ashvatthaama zinda hai

क्या महाभारत का पात्र अश्वत्थामा जिंदा है अगर आप महाभारत में विश्वास करते हैं तो अश्वथामा

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नमस्कार आपका प्रश्न है क्या महाभारत का पाठ अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए अगर हम आध्यात्मिक क्षेत्र में देखें तो अश्वत्थामा जिंदा है लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो किसी चीज का सबूत हो या गवाह हो तो उसे हम मानेंगे लेकिन ऐसा कोई प्रमाण नहीं दूर दृष्टि से अलग अलग है आध्यात्मिक क्षेत्र में अश्वत्थामा जिंदा है उसने भगवान वैज्ञानिक दृष्टि में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कोई सबूत नहीं है धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai kya mahabharat ka path ashvatthaama zinda hai iska koi sabut bataiye agar hum aadhyatmik kshetra me dekhen toh ashvatthaama zinda hai lekin vaigyanik drishti se dekhen toh kisi cheez ka sabut ho ya gavah ho toh use hum manenge lekin aisa koi pramaan nahi dur drishti se alag alag hai aadhyatmik kshetra me ashvatthaama zinda hai usne bhagwan vaigyanik drishti me aisa koi pramaan nahi hai koi sabut nahi hai dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है क्या महाभारत का पाठ अश्वत्थामा जिंदा है इसका कोई सबूत बताइए अगर हम

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Pawan Thakur

God Dress Manufacturer

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हां अश्वत्थामा जिंदा हो सकते हैं इस बात का वैसे तो कोई सबूत नहीं हो सकता लेकिन अगर हम कृष्ण को भगवान मानते हैं तो भगवान की दी हुई शराब के कारण अश्वत्थामा अभी तक वह नर्क घूम रहे हैं और वह निश्चित ही जिंदा होंगे लेकिन हम लोगों की आंखे इतनी प्रबल नहीं है हमारे अंदर इतना ज्ञान नहीं है कि जब वह सामने भी आएंगे तो हम उन्हें पहचान सकें

haan ashvatthaama zinda ho sakte hain is baat ka waise toh koi sabut nahi ho sakta lekin agar hum krishna ko bhagwan maante hain toh bhagwan ki di hui sharab ke karan ashvatthaama abhi tak vaah nark ghum rahe hain aur vaah nishchit hi zinda honge lekin hum logo ki aankhen itni prabal nahi hai hamare andar itna gyaan nahi hai ki jab vaah saamne bhi aayenge toh hum unhe pehchaan sake

हां अश्वत्थामा जिंदा हो सकते हैं इस बात का वैसे तो कोई सबूत नहीं हो सकता लेकिन अगर हम कृष

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