भगवान क्या है, कहाँ रहते हैं और क्या किसी ने भगवान् को देखा है?...


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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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आपका भगवान कहां हैं कहां रहते हैं क्या आपने क्या किसी ने भगवान को देखा है विकी भगवान एक परम सकता है भगवान शिव की करता है सृष्टि के पालनकर्ता हैं सिटी के शंकर तानी राम कृष्ण भगवान कहां रहती है भगवान हमारी शरीर के रोम रोम में रहती हैं बीके गाना भी है मेरे रोम रोम में बसने वाले राम भगवान हैं रूम रूम में रहती हमारे शरीर में 4 करोड़ रूम रूम त्रुटि हमारे हमारे जैसे फूलों में खुशबू होती है दिखाई नहीं देती उसी तरह भगवान जो है भगवान का एहसास होता है भगवान दिखाई नहीं देता किसी शीतल मंद समीर बहती है पवन बहता है उसका एहसास होता है दिखाई नहीं देता उसी तरह भगवान को मैं समझता हूं करुणा लोगों में से कोई एक व्यक्ति होगा इसमें भगवान को दिखाओ भगवान का ऐसा वक्त होता है आप कुछ शनि के भक्त हैं भगवान का अहसास करेंगे भगवान के रास्ते में आपको लक्षण होता रहा हूं जब आप पूजा में बैठे हुए हो अनायास ही भगवान के ध्यान करते समय आप के नेत्रों में आंसू भर आए नित छलक उठे आंसू गिरने लगे आपके रूम खड़े हो जाएं आपके शरीर के रोग हो जाए आपका कंठ भरा है तो भगवान की कृपा है आपके अंदर आ गए हैं आपको अपना अहसास करा रहे हैं और इसी समस्या को आगे बढ़ाएं मैं ऐसा तो नहीं कहता कि भगवान की आप को दर्शन हो जाएंगे क्योंकि भगवान के दर्शन बहुत पुण्य आत्माओं को होती है लेकिन भगवान के सच्चे भक्तों को होता है रोम रोम मैं भगवान जो है उसका एहसास तब होता है जब आपके शरीर के बाएं खड़े हो जाते हैं कनड भविष्य खराब है भगवान के चिंतन करने में उसे आनंद के आंसू बने भगवान आपको मिल गए

aapka bhagwan kaha hain kaha rehte hain kya aapne kya kisi ne bhagwan ko dekha hai vicky bhagwan ek param sakta hai bhagwan shiv ki karta hai shrishti ke palankarta hain city ke shankar tani ram krishna bhagwan kaha rehti hai bhagwan hamari sharir ke roam roam me rehti hain BK gaana bhi hai mere roam roam me basne waale ram bhagwan hain room room me rehti hamare sharir me 4 crore room room truti hamare hamare jaise fulo me khushboo hoti hai dikhai nahi deti usi tarah bhagwan jo hai bhagwan ka ehsaas hota hai bhagwan dikhai nahi deta kisi shital mand sameer behti hai pawan bahta hai uska ehsaas hota hai dikhai nahi deta usi tarah bhagwan ko main samajhata hoon corona logo me se koi ek vyakti hoga isme bhagwan ko dikhaao bhagwan ka aisa waqt hota hai aap kuch shani ke bhakt hain bhagwan ka ehsaas karenge bhagwan ke raste me aapko lakshan hota raha hoon jab aap puja me baithe hue ho anayas hi bhagwan ke dhyan karte samay aap ke netro me aasu bhar aaye neeta chhalak uthe aasu girne lage aapke room khade ho jayen aapke sharir ke rog ho jaaye aapka kanth bhara hai toh bhagwan ki kripa hai aapke andar aa gaye hain aapko apna ehsaas kara rahe hain aur isi samasya ko aage badhaye main aisa toh nahi kahata ki bhagwan ki aap ko darshan ho jaenge kyonki bhagwan ke darshan bahut punya atmaon ko hoti hai lekin bhagwan ke sacche bhakton ko hota hai roam roam main bhagwan jo hai uska ehsaas tab hota hai jab aapke sharir ke baen khade ho jaate hain kanad bhavishya kharab hai bhagwan ke chintan karne me use anand ke aasu bane bhagwan aapko mil gaye

आपका भगवान कहां हैं कहां रहते हैं क्या आपने क्या किसी ने भगवान को देखा है विकी भगवान एक

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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नहीं भगवान है क्या तेरे से सकती है नियति का विधान है जो इस पूरी प्रकृति को चला रहे हैं इसका चक्र बनाया हुआ है और लोगों को उनके अधिकारों के लिए पुरस्कार और बुरे कार्य के लिए दंड देते हैं

nahi bhagwan hai kya tere se sakti hai niyati ka vidhan hai jo is puri prakriti ko chala rahe hain iska chakra banaya hua hai aur logo ko unke adhikaaro ke liye puraskar aur bure karya ke liye dand dete hain

नहीं भगवान है क्या तेरे से सकती है नियति का विधान है जो इस पूरी प्रकृति को चला रहे हैं इसक

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

1:05

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भगवान इस समस्या की का घटना का पालन करें और संहार करने वाला रोम रोम में रहता है सत्यमेव जयते में निवास करता है हर प्राणी की आत्मकथा भगवान आनंद क्यों है वह अनुभव में आते हैं जैसी परमात्मा आनंद आनंद का लगता है शरीर के समस्या समाप्त हो जाते हैं

bhagwan is samasya ki ka ghatna ka palan kare aur sanhar karne vala roam roam me rehta hai satyamev jayate me niwas karta hai har prani ki atmakatha bhagwan anand kyon hai vaah anubhav me aate hain jaisi paramatma anand anand ka lagta hai sharir ke samasya samapt ho jaate hain

भगवान इस समस्या की का घटना का पालन करें और संहार करने वाला रोम रोम में रहता है सत्यमेव जय

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आपका सवाल है कि भगवान क्या है कहां रहते हैं और क्या किसी ने भगवान को देखा है तो सबसे पहले हैं उनकी भगवान क्या है तो भगवान निराकार है वह प्रेम के सागर हैं प्रेम के सागर हैं जो शांति के सागर हैं और जिसका सीधा साइट मीनिंग है जियो रिकॉर्ड जनरेट करता है ऑपरेट ओमिन ऑपरेट करता है डी मींस डिस्ट्रिक्ट फिर उसको समाप्त भी करता है या नहीं पैदा करने वाला पालने वाला और किस को खत्म करने वाला जो भी चीजें ज्यादा कीजिए आती है फिर वह उनको पाला जाता है फिर वह खत्म भी होते हैं उनका जब उम्र पूरी हो जाती है तो यह सब काम जो है भगवान ही करते हैं यानी उन्हें आगे यह काम आगे सुनते हुए ब्रह्मा विष्णु महेश को यह काम दी हुए हैं जो निराकार परमात्मा है उन्होंने 333 साकार भगवान को बनाया उन्होंने जिसमें जनरेट और जी सर जनरेट करने वाला वह से ऑपरेट करने वाला ऑपरेटर और केडी सेट डिस्ट्रक्शन करने वाला ठीक है जी नेट करने के लिए ब्रह्मा जी का काम है और ऑपरेट जो पालने वाला काम है तो वह काम है विष्णु जी का और रिस्ट्रिक्शन का काम हुआ शंकर जी को दिया हुआ है और यह कहां रहते हैं जो भगवान हैं यह तीनों लोकों के पार परमधाम में रहते हैं तो ताला लोग जो है वह आ गया हमारा ब्रह्मलोक आ गया दूसरा जो है विष्णु का तीसरा जो है वह शिवलोक आ गया जिसको महेश का लोग कहते हैं शिव शंकर तो उनसे भी पारेख और लोगों का जिसमें निराकार परमात्मा रहते हैं तो यह परमधाम में रहते हैं और क्या किसी ने भगवान को देखा है हां हम अपने योग बल से भगवान को देख सकते हैं योग शक्ति से देख सकते हैं क्योंकि इन आंखों से भगवान को नहीं देखा जा सकता यह आंखें जो है एक सूरज को नहीं भेज सकती इतनी ताकत नहीं है और आप सोच रही थी कि भगवान ने लाखों सूरज बनाए थे करोड़ों शुरू सूरज बनाए हुए अलग-अलग के ही ब्रह्मांड बनाए हुए हैं उनमें से कई लाखों गुना ज्यादा सुर्खियों से भी तेज प्रकाश है उनके अंदर तो उनको इन आंखों से देखना थोड़ा मुश्किल होता है तो योग बल से उनको देखा जा सकता है और किसी ने भगवान को देखा है बहुत सारे ऐसे योगी हैं जिन्होंने भगवान को देखा है वह सबसे बड़ी बात यह है कि अगर हम मामू को विष्णु रूप में हमारा मन सच्चा है अगर हम उनको विष्णु के रूप में याद करते हैं तो अगर हमारे सच्चे दिल से लगना और हमें पता नहीं है कि भगवान अकेले हैं कौन लेकिन फिर दिल से हम उनको पकड़ते हैं जिस रूप में पुकारते तो वह उसी रूप में हमारे सामने आधार आयतन की बार हमें सपनों में दिखाई देता है तो यह बात सच ही होती है वह जिस रूप में हम याद करते हैं उसी रूम में वह खुद ही आकर हाजिर हो जाते हैं तो वह भगवान ही होते हैं

aapka sawaal hai ki bhagwan kya hai kaha rehte hain aur kya kisi ne bhagwan ko dekha hai toh sabse pehle hain unki bhagwan kya hai toh bhagwan nirakaar hai vaah prem ke sagar hain prem ke sagar hain jo shanti ke sagar hain aur jiska seedha site meaning hai jio record generate karta hai operate omin operate karta hai d means district phir usko samapt bhi karta hai ya nahi paida karne vala palne vala aur kis ko khatam karne vala jo bhi cheezen zyada kijiye aati hai phir vaah unko pala jata hai phir vaah khatam bhi hote hain unka jab umar puri ho jaati hai toh yah sab kaam jo hai bhagwan hi karte hain yani unhe aage yah kaam aage sunte hue brahma vishnu mahesh ko yah kaam di hue hain jo nirakaar paramatma hai unhone 333 saakar bhagwan ko banaya unhone jisme generate aur ji sir generate karne vala vaah se operate karne vala operator aur kaidi set destruction karne vala theek hai ji net karne ke liye brahma ji ka kaam hai aur operate jo palne vala kaam hai toh vaah kaam hai vishnu ji ka aur ristrikshan ka kaam hua shankar ji ko diya hua hai aur yah kaha rehte hain jo bhagwan hain yah tatvo lokon ke par paramadham me rehte hain toh tala log jo hai vaah aa gaya hamara brahmalok aa gaya doosra jo hai vishnu ka teesra jo hai vaah shivlok aa gaya jisko mahesh ka log kehte hain shiv shankar toh unse bhi parakh aur logo ka jisme nirakaar paramatma rehte hain toh yah paramadham me rehte hain aur kya kisi ne bhagwan ko dekha hai haan hum apne yog bal se bhagwan ko dekh sakte hain yog shakti se dekh sakte hain kyonki in aakhon se bhagwan ko nahi dekha ja sakta yah aankhen jo hai ek suraj ko nahi bhej sakti itni takat nahi hai aur aap soch rahi thi ki bhagwan ne laakhon suraj banaye the karodo shuru suraj banaye hue alag alag ke hi brahmaand banaye hue hain unmen se kai laakhon guna zyada surkhiyon se bhi tez prakash hai unke andar toh unko in aakhon se dekhna thoda mushkil hota hai toh yog bal se unko dekha ja sakta hai aur kisi ne bhagwan ko dekha hai bahut saare aise yogi hain jinhone bhagwan ko dekha hai vaah sabse badi baat yah hai ki agar hum mamu ko vishnu roop me hamara man saccha hai agar hum unko vishnu ke roop me yaad karte hain toh agar hamare sacche dil se lagna aur hamein pata nahi hai ki bhagwan akele hain kaun lekin phir dil se hum unko pakadten hain jis roop me pukarte toh vaah usi roop me hamare saamne aadhar aytan ki baar hamein sapno me dikhai deta hai toh yah baat sach hi hoti hai vaah jis roop me hum yaad karte hain usi room me vaah khud hi aakar haazir ho jaate hain toh vaah bhagwan hi hote hain

आपका सवाल है कि भगवान क्या है कहां रहते हैं और क्या किसी ने भगवान को देखा है तो सबसे पहले

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RAJNISH SINGH

Teacher/Singer/Business.. What'sAp .7491907565

1:10
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हेलो सर आपका क्वेश्चन है भगवान क्या है कहां रहते हैं और क्या किसी ने भगवान को देखा देखी भगवान क्या है भगवान पूरा ब्रह्मांड में आज जो हम देख रहे हैं भगवान जी का कृपा है ठीक है भगवान मेरे दिल में है भगवान जी को चाहिए वहीं पर रहते हैं ठीक है आपके दिल के अंदर है और भगवान आपको बिरहा क्वेश्चन कि भगवान को किसने देखा देखी भगवान को देखने की शक्ति हम लोग में नहीं है हम लोग को इतना काम नहीं करते हैं ठीक है हम लोग के अंदर छल कपट है उतना सेवा नहीं करते हैं ठीक है उतना हम लोग का मन शुद्ध नहीं रहता है हम लोग दूसरे के प्रति इतना नहीं सोचते हैं ठीक है हम लोग समाज के प्रति इतना नहीं सोचते यह सब लोग ठीक है इसलिए भगवान को हम लोग नहीं देखते हैं ठीक है भगवान को देखना है तो होगा नहीं आप क्या कीजिए भगवान जी का पूजा पाठ कीजिए ठीक है भगवान जी का मंत्र पढ़े ठीक है भगवान जी आपके साथ रहेंगे दिल में रहेंगे सपना में आएंगे

hello sir aapka question hai bhagwan kya hai kaha rehte hain aur kya kisi ne bhagwan ko dekha dekhi bhagwan kya hai bhagwan pura brahmaand me aaj jo hum dekh rahe hain bhagwan ji ka kripa hai theek hai bhagwan mere dil me hai bhagwan ji ko chahiye wahi par rehte hain theek hai aapke dil ke andar hai aur bhagwan aapko birha question ki bhagwan ko kisne dekha dekhi bhagwan ko dekhne ki shakti hum log me nahi hai hum log ko itna kaam nahi karte hain theek hai hum log ke andar chhal kapat hai utana seva nahi karte hain theek hai utana hum log ka man shudh nahi rehta hai hum log dusre ke prati itna nahi sochte hain theek hai hum log samaj ke prati itna nahi sochte yah sab log theek hai isliye bhagwan ko hum log nahi dekhte hain theek hai bhagwan ko dekhna hai toh hoga nahi aap kya kijiye bhagwan ji ka puja path kijiye theek hai bhagwan ji ka mantra padhe theek hai bhagwan ji aapke saath rahenge dil me rahenge sapna me aayenge

हेलो सर आपका क्वेश्चन है भगवान क्या है कहां रहते हैं और क्या किसी ने भगवान को देखा देखी भग

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Rakesh Kumar Chandra

BE ( Electrical )/ MBA ( Marketing) Electrical Engineer

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भगवान क्या है कहां रहते हैं और क्या किसी ने भगवान को देखा है जब हम इस प्रश्न पर चर्चा करते हैं यश पर थोड़ा सा ध्यान देते हैं तो हम यह पाते हैं कि भगवान क्या है वास्तव में भगवान एक विश्वास बना है एक विश्वासी है जिसे हम भगवान समझते हैं हम ने जब से जन्म लिया है हमारे माता ने पिता ने हमें यही सिखाया है कि भगवान है पर कहां है देखा किसी ने नहीं है तो सिर्फ विश्वास है और हमारी विश्वास की कोठी हम पिए हुए हैं और उसी को हम भगवान समझ रहे हैं आपने पीके मूवी देखा होगा विश्वासी है एक पत्थर को रख दिया उसमें थोड़ा सा चला चला दिया हजारों की भीड़ जुट गई तो विश्वास ही है जो भगवान ने इंसान की सोचता है कि हम भगवान हैं हमें देख रहा है दम कोई भी सत्कर्म करते हैं हम पूर्ण कर रहे हैं हम पकौड़ी बांट रहे हैं हम लोगों को खिला रहे हैं पुण्य करते समय हम जिए ध्यान रखते हैं कि भगवान लेकिन यहां एक और प्रश्न पैदा हो जाता है कि जब इंसान पाप करता है तो भगवान को क्यों टूट जाता है उस समय उसका विश्वास कहां चला जाता है क्या उसे नहीं पता होता कि भगवान उसको भी नहीं था क्या है तो यहां पर यह एक बड़ा ही विवादास्पद मुद्दा है बड़ा ही विवाद ग्रस्त विषय है कि भगवान है या नहीं रहे तो कहां है तू सिर्फ हमारा मानना यही है कि भगवान सिर्फ एक विश्वास है और हम उस विश्वास को कहां से लेकर आए हैं वह हमें हमारे मां-बाप में हमारे पूर्वजों ने दिया है उनके द्वारा जो बताया गया कहां गया हम ने वैसा ही किया और हम आगे भी करते चले जा रहे हैं भगवान को तो मानते हैं वह और जो यह कहते हैं कि भगवान है ही नहीं भगवान जैसी कोई चीज ही नहीं है मनुष्य ही सर्वोपरि है मनुष्य की सर्वदाता है विज्ञान ही है भगवान नहीं है ऐसे व्यक्तियों को नास्तिक कहा जाता है तो वास्तव में भगवान कहां है इस बात को भी देखा जाए कहा जाता है भगवान स्वर्ग में रहता है और बाकी लोग भारत में रहते हैं पर गौर नदी भगवान की अवधारणा से जुड़े हुए थे महाभारत काल में जब द्रोपदी का चुनाव हुआ था तो द्रोपति जी का शंकर भगवान श्रीकृष्ण हाजिर हुए थे यह कहा जाता है कि समय-समय पर यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत तो जब-जब धर्म की हानि होती है तब तक भगवान जो है पृथ्वी पर अवतार लेते हैं और अवतार लेकर के आते हैं कहा जाता है कि हर युग में भगवान ने अवतार लिया है और भगवान कलयुग में जो कि वर्तमान कलयुग मशीनी युग है इस युग में भी जब बहुत ज्यादा पाप ग्रसित समय होगा लोग घोर अपराध करेंगे तब है कनकी नाम का भगवान अवतार लेंगे और वह आएंगे और जब कल की आएंगे तभी आप उस भगवान को देख पाएंगे तो प्लान में यही कहूंगा कि अभी जहां तक हमने देखा है वह यही है कि भगवान है यह हमारा विश्वास है भगवान हमको देख रहा है हमारा पुणे देगा ही हमारा भगवान पर एक विश्वास है और उसी विश्वास की डोर को हम भगवान समझ रहे हैं वास्तव में हम पत्थर में भगवान ढूंढते हैं घरों में हमारे मां-बाप बैठे हुए हमने खाना नहीं देते हैं जबकि वास्तविक भगवान तो वही जननी आपको पैदा किया है लेकिन आपने भगवान नहीं मानते हैं जब घर में शादियां हो जाती है बहुए आ जाते हैं तो लड़ाई झगड़ा छोटी-छोटी बातों को लेकर पड़े लगता है और उनकी भी पागलों को खाना तक नहीं मिलता एक बहुत बड़ी बहुत ही गलत है तो हम यही कहेंगे कि हम अपने माता-पिता को सम्मान करें उनको खाना-पीना उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखें वही भगवान है उनको ही आप देखिए और मान लीजिए कहीं भगवान से अतिरिक्त कोई भगवान नहीं है अगर आप उनकी सेवा करके पुलीपा सकती हो तो पानी भी नहीं तो फिर आप भगवान पत्रों में ढूंढते रहिए और भगवान आपको मिलेंगे नहीं और फिर आपको एक भगवान का रूप कल्कि भगवान आएंगे इस कलयुग के कल्कि भगवान आएंगे तब तक आप इंतजार करो तब आपको देखने को मिलेंगे धन्यवाद

bhagwan kya hai kaha rehte hain aur kya kisi ne bhagwan ko dekha hai jab hum is prashna par charcha karte hain yash par thoda sa dhyan dete hain toh hum yah paate hain ki bhagwan kya hai vaastav me bhagwan ek vishwas bana hai ek vishwasi hai jise hum bhagwan samajhte hain hum ne jab se janam liya hai hamare mata ne pita ne hamein yahi sikhaya hai ki bhagwan hai par kaha hai dekha kisi ne nahi hai toh sirf vishwas hai aur hamari vishwas ki kothi hum piye hue hain aur usi ko hum bhagwan samajh rahe hain aapne pk movie dekha hoga vishwasi hai ek patthar ko rakh diya usme thoda sa chala chala diya hazaro ki bheed jut gayi toh vishwas hi hai jo bhagwan ne insaan ki sochta hai ki hum bhagwan hain hamein dekh raha hai dum koi bhi satkarm karte hain hum purn kar rahe hain hum pakaudi baant rahe hain hum logo ko khila rahe hain punya karte samay hum jiye dhyan rakhte hain ki bhagwan lekin yahan ek aur prashna paida ho jata hai ki jab insaan paap karta hai toh bhagwan ko kyon toot jata hai us samay uska vishwas kaha chala jata hai kya use nahi pata hota ki bhagwan usko bhi nahi tha kya hai toh yahan par yah ek bada hi vivadaspad mudda hai bada hi vivaad grast vishay hai ki bhagwan hai ya nahi rahe toh kaha hai tu sirf hamara manana yahi hai ki bhagwan sirf ek vishwas hai aur hum us vishwas ko kaha se lekar aaye hain vaah hamein hamare maa baap me hamare purvajon ne diya hai unke dwara jo bataya gaya kaha gaya hum ne waisa hi kiya aur hum aage bhi karte chale ja rahe hain bhagwan ko toh maante hain vaah aur jo yah kehte hain ki bhagwan hai hi nahi bhagwan jaisi koi cheez hi nahi hai manushya hi sarvopari hai manushya ki sarvadata hai vigyan hi hai bhagwan nahi hai aise vyaktiyon ko nastik kaha jata hai toh vaastav me bhagwan kaha hai is baat ko bhi dekha jaaye kaha jata hai bhagwan swarg me rehta hai aur baki log bharat me rehte hain par gaur nadi bhagwan ki avdharna se jude hue the mahabharat kaal me jab draupadi ka chunav hua tha toh dropati ji ka shankar bhagwan shrikrishna haazir hue the yah kaha jata hai ki samay samay par yada yada hi dharmasya glanirbhavati bharat toh jab jab dharm ki hani hoti hai tab tak bhagwan jo hai prithvi par avatar lete hain aur avatar lekar ke aate hain kaha jata hai ki har yug me bhagwan ne avatar liya hai aur bhagwan kalyug me jo ki vartaman kalyug mashini yug hai is yug me bhi jab bahut zyada paap grasit samay hoga log ghor apradh karenge tab hai kanaki naam ka bhagwan avatar lenge aur vaah aayenge aur jab kal ki aayenge tabhi aap us bhagwan ko dekh payenge toh plan me yahi kahunga ki abhi jaha tak humne dekha hai vaah yahi hai ki bhagwan hai yah hamara vishwas hai bhagwan hamko dekh raha hai hamara pune dega hi hamara bhagwan par ek vishwas hai aur usi vishwas ki door ko hum bhagwan samajh rahe hain vaastav me hum patthar me bhagwan dhoondhate hain gharon me hamare maa baap baithe hue humne khana nahi dete hain jabki vastavik bhagwan toh wahi janani aapko paida kiya hai lekin aapne bhagwan nahi maante hain jab ghar me shadiyan ho jaati hai bahuye aa jaate hain toh ladai jhagda choti choti baaton ko lekar pade lagta hai aur unki bhi paagalon ko khana tak nahi milta ek bahut badi bahut hi galat hai toh hum yahi kahenge ki hum apne mata pita ko sammaan kare unko khana peena unki avashayaktaon ka dhyan rakhen wahi bhagwan hai unko hi aap dekhiye aur maan lijiye kahin bhagwan se atirikt koi bhagwan nahi hai agar aap unki seva karke pulipa sakti ho toh paani bhi nahi toh phir aap bhagwan patron me dhoondhate rahiye aur bhagwan aapko milenge nahi aur phir aapko ek bhagwan ka roop click bhagwan aayenge is kalyug ke click bhagwan aayenge tab tak aap intejar karo tab aapko dekhne ko milenge dhanyavad

भगवान क्या है कहां रहते हैं और क्या किसी ने भगवान को देखा है जब हम इस प्रश्न पर चर्चा करते

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भगवान अच्छे मन की भावना होते हैं भगवान व्यक्ति के व्यक्तित्व में धड़कते हैं भगवान मनो में रहते हैं भगवान और भगवान का निवास हमारे मन में होता है भगवान को देखा नहीं जा सकता लेकिन भगवान के गुणों को सद्गुणों को महसूस किया जा सकता है जिस प्रकार एक व्यक्ति किसी के लिए कुछ अच्छा कर जाता है तो वह उसके लिए भगवान के समान हो जाता है तो भगवान के गुणों को हम देख सकते हैं उनके अच्छाइयों को महसूस कर सकते हैं क्योंकि भगवान व्यक्ति के मनों में होते हैं भगवान हर एक जहां-जहां होते हैं कण-कण में होते हैं और भगवान क्या हैं तो भाग

bhagwan acche man ki bhavna hote hain bhagwan vyakti ke vyaktitva me dhadkate hain bhagwan mano me rehte hain bhagwan aur bhagwan ka niwas hamare man me hota hai bhagwan ko dekha nahi ja sakta lekin bhagwan ke gunon ko sadgunon ko mehsus kiya ja sakta hai jis prakar ek vyakti kisi ke liye kuch accha kar jata hai toh vaah uske liye bhagwan ke saman ho jata hai toh bhagwan ke gunon ko hum dekh sakte hain unke acchhaiyon ko mehsus kar sakte hain kyonki bhagwan vyakti ke manon me hote hain bhagwan har ek jaha jaha hote hain kan kan me hote hain aur bhagwan kya hain toh bhag

भगवान अच्छे मन की भावना होते हैं भगवान व्यक्ति के व्यक्तित्व में धड़कते हैं भगवान मनो में

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काल आता है वेदों में भगवान की लीला है लीला रची हैं जो कि भगवान राम से किसने रूप में भगवान ने पृथ्वी पर जन्म लिया है इस दुनिया में हमने भगवानों किसी ने नहीं देखा भगवान को भगवान कहते हैं कि आसमान में है भगवान आसमान में भगवान हर जगह सुधार लेते तो भगवान हमें और सपोर्ट करता है एक बात हमेशा ध्यान रखना अगर हम सही तरीके से सदैव सही इंसान बनकर किसी के साथ छल कपट ना करें तो भगवान हमारी हर इच्छा पूरी कर मेरा यही मानना है और ऐसा अक्सर होता है

kaal aata hai vedo me bhagwan ki leela hai leela rachi hain jo ki bhagwan ram se kisne roop me bhagwan ne prithvi par janam liya hai is duniya me humne bhagwano kisi ne nahi dekha bhagwan ko bhagwan kehte hain ki aasman me hai bhagwan aasman me bhagwan har jagah sudhaar lete toh bhagwan hamein aur support karta hai ek baat hamesha dhyan rakhna agar hum sahi tarike se sadaiv sahi insaan bankar kisi ke saath chhal kapat na kare toh bhagwan hamari har iccha puri kar mera yahi manana hai aur aisa aksar hota hai

काल आता है वेदों में भगवान की लीला है लीला रची हैं जो कि भगवान राम से किसने रूप में भगवान

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Parv

Teacher

1:36
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आपका सवाल है भगवान क्या है बता दूं भगवान तो कण-कण में विद्यमान है सभी वस्तुओं में सभी जीव जंतुओं में पेड़ पौधों में वनस्पति यों में निर्जीव वस्तुओं में सजीव वस्तुओं में सभी इस सृष्टि के प्रत्येक कण में भगवान विद्यमान है और कहा भी जाता है कि भगवान तो कण-कण में विद्यमान है तो आप कहां रहते हैं तो यह पूरी सृष्टि में हर एक वस्तु में हर इंसान में हर जीव-जंतु पेड़-पौधे सभी मन का वास होता है और क्या किसी ने भगवान को देखा है भगवान हमारे सामने जो प्रत्येक वस्तु या भगवान का ही अंश है तो उसको सिर्फ आप महसूस कर सकते हैं यदि आप सच्चे मन से ईमानदारी से हर एक जो भी आप कार्य करते हैं उसका सदुपयोग करें कोई भी ऊंचाई व वस्तु हो चाहे प्राणी हो चाहे कुछ भी हो आप पर अपनी सूझबूझ से उसका अच्छे से अच्छा प्रयोग करें और किसी भी को भी दुख तकलीफ ना पहुंचाएं चाहे वह कोई वस्तु ही क्यों न हो यदि वह वस्तु किसी और के काम आ सकती है तो उसको इस्तेमाल करने के लिए दे उसको नष्ट ना करें धन्यवाद

aapka sawaal hai bhagwan kya hai bata doon bhagwan toh kan kan me vidyaman hai sabhi vastuon me sabhi jeev jantuon me ped paudho me vanaspati yo me nirjeev vastuon me sajeev vastuon me sabhi is shrishti ke pratyek kan me bhagwan vidyaman hai aur kaha bhi jata hai ki bhagwan toh kan kan me vidyaman hai toh aap kaha rehte hain toh yah puri shrishti me har ek vastu me har insaan me har jeev jantu ped paudhe sabhi man ka was hota hai aur kya kisi ne bhagwan ko dekha hai bhagwan hamare saamne jo pratyek vastu ya bhagwan ka hi ansh hai toh usko sirf aap mehsus kar sakte hain yadi aap sacche man se imaandaari se har ek jo bhi aap karya karte hain uska sadupyog kare koi bhi unchai va vastu ho chahen prani ho chahen kuch bhi ho aap par apni sujhbujh se uska acche se accha prayog kare aur kisi bhi ko bhi dukh takleef na paunchaye chahen vaah koi vastu hi kyon na ho yadi vaah vastu kisi aur ke kaam aa sakti hai toh usko istemal karne ke liye de usko nasht na kare dhanyavad

आपका सवाल है भगवान क्या है बता दूं भगवान तो कण-कण में विद्यमान है सभी वस्तुओं में सभी जीव

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Mukesh Sharma

Business Owner

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पहली बार सभी लोग पूछते हैं भगवान कहां है यही बात आप हमको आज समझ में नहीं आई हमारे साथ होते हुए भी हम इस बात को आज तक नहीं समझ पाए भगवान हमारे बीच में प्राकृतिक पृथ्वी पर सभी देखें तो भगवान मंदिर मस्जिद गिरजाघर आदि जो बनाए जाते हैं वह एक भगवान के स्थान का केंद्र है वह हमारे इंसानों के द्वारा बनाए गए पर आप हम सृष्टि को सब में किसने बनाया स्वयं भगवान ने इसी प्रकार का एक प्रश्न अकबर और बीरबल के बीच में बीरबल से उठा रहा था भगवान कहां है कैसा है और क्या कर बीरबल ने अकबर को उसी अंदाज में जवाब दिया था एक कोने में दूध बुलवाया गया घंटों में हाथ घुमा के मक्खन ढूंढने लगा बीरबल जब अकबर बोले कि बीरबल यह क्या कर रहे हो तो फिर बल बोला मैं इसमें जहांपना मक्खन ढूंढ रहा हूं फिर अकबर ने कहा कि मक्खन ऐसे कैसे आएगा कच्चे दूध में दूध को जमाया जाएगा जमाने के बाद नेशनल मत आ जाएगा फिर कहीं जाकर आपको मक्खन मिलेगा यही जीवन का सत्य है कि भगवान को बताना है देखना है और जानना है तो उसके लिए यह संसार रूपी संसार में आपको जब करना पड़ेगा आराधना करना पड़े तब करना पड़ेगा जब जाकर आप कहीं पकवान को देख पाएंगे नहीं तो प्रकृति जो देख रहे हैं वह किसी भगवान से कम नहीं है सूरज चांद पृथ्वी आकाश वायु जल और स्वयं यह कोई और नहीं स्वयं भगवान से ही ऑपरेट होते हैं बाकी काम तो मनीष अपने हाथों से करता है मंदिर बनाता है आस्था रखता है पूजा करता है पर प्रकाश को भी देखना पड़ेगा प्रकृति स्वयं किसी के द्वारा नहीं चलाई मानती अपने आप चलाए मांगे प्रकृति के अलावा और कोई बड़ा भगवान में नहीं

pehli baar sabhi log poochhte hain bhagwan kaha hai yahi baat aap hamko aaj samajh me nahi I hamare saath hote hue bhi hum is baat ko aaj tak nahi samajh paye bhagwan hamare beech me prakirtik prithvi par sabhi dekhen toh bhagwan mandir masjid girjaghar aadi jo banaye jaate hain vaah ek bhagwan ke sthan ka kendra hai vaah hamare insano ke dwara banaye gaye par aap hum shrishti ko sab me kisne banaya swayam bhagwan ne isi prakar ka ek prashna akbar aur birbal ke beech me birbal se utha raha tha bhagwan kaha hai kaisa hai aur kya kar birbal ne akbar ko usi andaaz me jawab diya tha ek kone me doodh bulvaya gaya ghanto me hath ghuma ke makhan dhundhne laga birbal jab akbar bole ki birbal yah kya kar rahe ho toh phir bal bola main isme jahampana makhan dhundh raha hoon phir akbar ne kaha ki makhan aise kaise aayega kacche doodh me doodh ko Jamaya jaega jamane ke baad national mat aa jaega phir kahin jaakar aapko makhan milega yahi jeevan ka satya hai ki bhagwan ko batana hai dekhna hai aur janana hai toh uske liye yah sansar rupee sansar me aapko jab karna padega aradhana karna pade tab karna padega jab jaakar aap kahin pakvaan ko dekh payenge nahi toh prakriti jo dekh rahe hain vaah kisi bhagwan se kam nahi hai suraj chand prithvi akash vayu jal aur swayam yah koi aur nahi swayam bhagwan se hi operate hote hain baki kaam toh manish apne hathon se karta hai mandir banata hai astha rakhta hai puja karta hai par prakash ko bhi dekhna padega prakriti swayam kisi ke dwara nahi chalai maanati apne aap chalaye mange prakriti ke alava aur koi bada bhagwan me nahi

पहली बार सभी लोग पूछते हैं भगवान कहां है यही बात आप हमको आज समझ में नहीं आई हमारे साथ होते

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देखिए मैं आपको बता रहा हूं भगवान क्या है और कहां रहते हैं क्या किसी ने भगवान को देखा है तो दोस्तों भगवान एक कोई पैसा नहीं है जो हम समझते हैं भगवान तो एक ही है पर उसके ना हम लोगों ने जातिवाद के स्थान स्थान पर किसी ने अल्लाह भगवान अपने अपने हिसाब से पुकारते हैं तो भगवान कहीं पर नहीं रहते हैं भगवान आपके हृदय में हर कण-कण में हर जगह रहते अब करते भगवान को किसी ने देखा है देखी देखने की बात पर यह के भगवान को हालांकि पुराने लोगों ने पुराने ऋषि मुनियों की तपस्या वगैरह की है मैंने सुना है किताबों में कहीं के कहीं बगैरा पढ़ा भी है की तपस्या करें उन्होंने भगवान के दर्शन प्राप्त की और भगवान ने उनको वरदान विद्या है तो हो सकता है कि भगवान को कई लोगों ने देखा भी हो लेकिन अब तो शायद कोई नहीं देख पाता है भगवान यह मालिनी जी आप आत्मा है आत्मा अपने आत्मा है भगवान ने से परमात्मा है तो आत्मा और परमात्मा का ही मिलन होता है भगवान के बारे में आपको कुछ जानकारी हो हमारे द्वारा तो आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

dekhiye main aapko bata raha hoon bhagwan kya hai aur kaha rehte hain kya kisi ne bhagwan ko dekha hai toh doston bhagwan ek koi paisa nahi hai jo hum samajhte hain bhagwan toh ek hi hai par uske na hum logo ne jaatiwad ke sthan sthan par kisi ne allah bhagwan apne apne hisab se pukarte hain toh bhagwan kahin par nahi rehte hain bhagwan aapke hriday me har kan kan me har jagah rehte ab karte bhagwan ko kisi ne dekha hai dekhi dekhne ki baat par yah ke bhagwan ko halaki purane logo ne purane rishi muniyon ki tapasya vagera ki hai maine suna hai kitabon me kahin ke kahin bagaira padha bhi hai ki tapasya kare unhone bhagwan ke darshan prapt ki aur bhagwan ne unko vardaan vidya hai toh ho sakta hai ki bhagwan ko kai logo ne dekha bhi ho lekin ab toh shayad koi nahi dekh pata hai bhagwan yah malini ji aap aatma hai aatma apne aatma hai bhagwan ne se paramatma hai toh aatma aur paramatma ka hi milan hota hai bhagwan ke bare me aapko kuch jaankari ho hamare dwara toh aapka bahut bahut dhanyavad

देखिए मैं आपको बता रहा हूं भगवान क्या है और कहां रहते हैं क्या किसी ने भगवान को देखा है तो

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