क्या ज्यादा पढ़ाई करने से इंसान का दिमाग पागल हो जाता है?...


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Mdtausifzn

Gurkhan

2:19

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा बिल्कुल नहीं है सोचिए मैं आपको एक बात बताता हूं आप दिनभर लोगों से बात करते क्या आप पागल हो जाते हैं ऐसा नहीं है ना मैं दिन भर लोगों से बात करते रहता हूं तो क्या मैं पागल नहीं ना तो ज्यादा पढ़ने से आपको ज्यादा कुछ सीखने को मिलता है नहीं अब पागलपंती ठीक है जितना आप करिएगा उससे उतना ही सीखने को मिलेगा ठीक है अगर मुझे कोई चीज नहीं पता मैं उसके बारे में जान रहा हूं ठीक है यही तो है पर है और क्या है तो पढ़ने से कोई भी इंसान पागल नहीं होता पागल इस वजह से होता है कि वह किसी चीज को ज्यादा सोचने लगता है यह पागल वह होते हैं जो जो चीज को काम का नहीं है पर उसको बार-बार वही चीज़ को देखा मैंने कितना लोगों को प्यार में पागल होते उसके काम का नहीं होता लेकिन उसके पीछे रहते हो लता जो उसका पास में रहता है उसको कोई यह नहीं करता है रिस्पांस नहीं देता है यह तभी पैसे करते करते करते करते हाथ में उसको ऐसा अहसास होने लगता है कि वह सबसे बेकार है सबसे घटिया है जैसे करके माइंड में छोटा था तो इस वजह से वह कहने का मतलब पागल हो जाता है लेकिन बुक के साथ ऐसा नहीं है बुक में अब जब ज्यादा पढ़ते तो क्या होता है आप ज्यादा जब पढ़ते तो ज्यादा कुछ सीखने को मिलता है ठीक है ज्यादा सीखने को मिलता रात से बुक शिकायत भी नहीं करता है कि आप मुझे पर वह नहीं पर ठीक है और आप उससे सीखते रहते नया नया सीखते रहते नया-नया सेंटेंसेस के रहते आफ डेवलपमेंट होता क्योंकि दिमाग का काम ही है कुछ नया सीखना आप एक ही चीज को बार-बार रिपीट कीजिएगा क्या देखें अगर एक थैली है एक थैली में अगर आप बार बार बार बार बार बार बार बार बार बार सिर्फ डालेंगे तो क्या होगा पूरा सीन सब जाएगा लेकिन मैं उसके साथ साथ हीरा मोती पत्थर सब डालेंगे ना तो देखेंगे सिर्फ जाएगा मूर्ति पत्थर वैसे वैसे ही पढ़ाई होता तू अगर आप इकोसिस्टम तो तू कुछ पढ़ा है आपको कहने का मतलब यह हो जाएगा खराब हो जाएगा लेकिन सब पढ़ाई खराब नहीं होगा कुछ भी होगा जो आपके पास रहेगा और आपको बहुत कीमत देगा ठीक है तो इसलिए मेरे दोस्त और यह सिर्फ ऐसे सवाल अपने दिमाग में ना लाए ठीक है अगर आपको मेरा सवाल अच्छा लगा हो तो पूछिए

aisa bilkul nahi hai sochiye main aapko ek baat batata hoon aap dinbhar logo se baat karte kya aap Pagal ho jaate hain aisa nahi hai na main din bhar logo se baat karte rehta hoon toh kya main Pagal nahi na toh zyada padhne se aapko zyada kuch sikhne ko milta hai nahi ab pagalpanti theek hai jitna aap kariega usse utana hi sikhne ko milega theek hai agar mujhe koi cheez nahi pata main uske bare me jaan raha hoon theek hai yahi toh hai par hai aur kya hai toh padhne se koi bhi insaan Pagal nahi hota Pagal is wajah se hota hai ki vaah kisi cheez ko zyada sochne lagta hai yah Pagal vaah hote hain jo jo cheez ko kaam ka nahi hai par usko baar baar wahi cheez ko dekha maine kitna logo ko pyar me Pagal hote uske kaam ka nahi hota lekin uske peeche rehte ho lata jo uska paas me rehta hai usko koi yah nahi karta hai response nahi deta hai yah tabhi paise karte karte karte karte hath me usko aisa ehsaas hone lagta hai ki vaah sabse bekar hai sabse ghatiya hai jaise karke mind me chota tha toh is wajah se vaah kehne ka matlab Pagal ho jata hai lekin book ke saath aisa nahi hai book me ab jab zyada padhte toh kya hota hai aap zyada jab padhte toh zyada kuch sikhne ko milta hai theek hai zyada sikhne ko milta raat se book shikayat bhi nahi karta hai ki aap mujhe par vaah nahi par theek hai aur aap usse sikhate rehte naya naya sikhate rehte naya naya sentenses ke rehte of development hota kyonki dimag ka kaam hi hai kuch naya sikhna aap ek hi cheez ko baar baar repeat kijiega kya dekhen agar ek theli hai ek theli me agar aap baar baar baar baar baar baar baar baar baar baar sirf daalenge toh kya hoga pura seen sab jaega lekin main uske saath saath heera moti patthar sab daalenge na toh dekhenge sirf jaega murti patthar waise waise hi padhai hota tu agar aap ecosystem toh tu kuch padha hai aapko kehne ka matlab yah ho jaega kharab ho jaega lekin sab padhai kharab nahi hoga kuch bhi hoga jo aapke paas rahega aur aapko bahut kimat dega theek hai toh isliye mere dost aur yah sirf aise sawaal apne dimag me na laye theek hai agar aapko mera sawaal accha laga ho toh puchiye

ऐसा बिल्कुल नहीं है सोचिए मैं आपको एक बात बताता हूं आप दिनभर लोगों से बात करते क्या आप पाग

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