पॉलिटिकल साइंस किसे कहते हैं?...


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अकबर क्वेश्चन है कि पॉलिटिकल साइंस किसे कहते हैं तो पॉलिटिकल साइंस जिसे राजनीतिक शास्त्र कहते हैं आप पॉलिटिक्स यानी कि राजनीतिक और पॉलिटिकल साइंस यानी कि साइंस विज्ञान राजनीतिक विज्ञान को पॉलिटिकल साइंस करते हैं

akbar question hai ki political science kise kehte hain toh political science jise raajnitik shastra kehte hain aap politics yani ki raajnitik aur political science yani ki science vigyan raajnitik vigyan ko political science karte hain

अकबर क्वेश्चन है कि पॉलिटिकल साइंस किसे कहते हैं तो पॉलिटिकल साइंस जिसे राजनीतिक शास्त्र क

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Chandan Singh

want to become IPS Officer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो फ्रेंड्स गुड मॉर्निंग आपका सवाल है पॉलिटिकल साइंस किसे कहते हैं दोस्त पॉलिटिकल साइंस को हम हिंदी में कहेंगे राजनीति विज्ञान दोस्त राजनीति शास्त्र वह विज्ञान है जिसमें मानव के एक राजनीति और सामाजिक प्राणी होने के नाते उससे संबंधित राज्य और सरकार दोनों संस्थाओं का अध्ययन किया जाता है राजनीतिक विज्ञान जो है दोस्त वह अध्ययन का एक विस्तृत पिचैया क्षेत्र है और राजनीतिक विज्ञान जो है दोस्त उसको हम लोग कहते हैं या हम लोग क्या यह मतलब पहले के विद्वान लोग का भी कहना है कि राजनीति विज्ञान राज्य का अध्ययन है अर्थात राजनीतिक विज्ञान का केंद्रीय तत्व राज्य ही रहा है अब दोस्त राजनीतिक विज्ञान जिसमें कुछ तत्व शामिल है इसमें क्या क्या शामिल है क्या क्या पढ़ना है आपको पहला तो है राजनीतिक चिंतन फिर है राजनीतिक सिद्धांत फिर है दोस्त राजनीतिक दर्शन राजनीतिक विचारधारा तुलनात्मक राजनीति लोक प्रशासन अंतरराष्ट्रीय कानून और संगठन यह सब महत्वपूर्ण आपका खंड है राजनीतिक विज्ञान का दोस्त राजनीति शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किए थे अरस्तु और अरस्तु के बारे में आपको पता ही है कि वह यूनान के थे और वह सिकंदर के गुरु थे राजनीति विज्ञान का पिता माया जनक जो है वह अरस्तु को ही कहा जाता है क्योंकि राजनीति विज्ञान को दर्शनशास्त्र से अलग करने वाले जो राजनीति विज्ञानी हैं वह हैं अरस्तु आधुनिक राजनीति विज्ञान के जनक हैं दोस्त वह हैं मैकियावेली और राजनीतिक विज्ञान को अध्ययन के आधार पर दो भागों में बांटा गया है पहला भाग है परंपरागत राजनीति विज्ञान इस राजनीति विज्ञान में दोस्त राजाओं की राजनीति के बारे में बताया जाता है या पढ़ा जाता है क्योंकि उस समय राजा का बेटा राजा के बाद राजा का बेटा बैठ जाता था गद्दी पर शासन से समझ गए तो परंपरागत चलता था राजा का बेटा बेटा फिर उस राज्य के बेटा बेटा मतलब राजा का बेटा बैठा फिर तोता बैठा फिर पोता का जो बेटा हुआ पर तोता बैठा इस तरह तो परंपरागत राजनीति विज्ञान के अंतर्गत पढ़ना है अध्ययन करना है और दूसरा जो भाग है राजनीति विज्ञान का दोस्त वह है आधुनिक राजनीति विज्ञान आधुनिक राजनीति विज्ञान मतलब लोकतांत्रिक शासन समझ गए दोस्त जिसमें अब प्रजातंत्र समाप्त हो गया अब क्या है लोकतंत्र है लोगों के द्वारा लोगों के लिए लोगों का ही सरकार बैठता है गद्दी पर लोगों के द्वारा चुना गया

hello friends good morning aapka sawaal hai political science kise kehte hain dost political science ko hum hindi me kahenge raajneeti vigyan dost raajneeti shastra vaah vigyan hai jisme manav ke ek raajneeti aur samajik prani hone ke naate usse sambandhit rajya aur sarkar dono sasthaon ka adhyayan kiya jata hai raajnitik vigyan jo hai dost vaah adhyayan ka ek vistrit pichaiya kshetra hai aur raajnitik vigyan jo hai dost usko hum log kehte hain ya hum log kya yah matlab pehle ke vidhwaan log ka bhi kehna hai ki raajneeti vigyan rajya ka adhyayan hai arthat raajnitik vigyan ka kendriya tatva rajya hi raha hai ab dost raajnitik vigyan jisme kuch tatva shaamil hai isme kya kya shaamil hai kya kya padhna hai aapko pehla toh hai raajnitik chintan phir hai raajnitik siddhant phir hai dost raajnitik darshan raajnitik vichardhara tulnaatmak raajneeti lok prashasan antararashtriya kanoon aur sangathan yah sab mahatvapurna aapka khand hai raajnitik vigyan ka dost raajneeti shabd ka sarvapratham prayog kiye the arastu aur arastu ke bare me aapko pata hi hai ki vaah yunaan ke the aur vaah sikandar ke guru the raajneeti vigyan ka pita maya janak jo hai vaah arastu ko hi kaha jata hai kyonki raajneeti vigyan ko darshanashastra se alag karne waale jo raajneeti vigyani hain vaah hain arastu aadhunik raajneeti vigyan ke janak hain dost vaah hain maikiyaveli aur raajnitik vigyan ko adhyayan ke aadhar par do bhaagon me baata gaya hai pehla bhag hai paramparagat raajneeti vigyan is raajneeti vigyan me dost rajaon ki raajneeti ke bare me bataya jata hai ya padha jata hai kyonki us samay raja ka beta raja ke baad raja ka beta baith jata tha gaddi par shasan se samajh gaye toh paramparagat chalta tha raja ka beta beta phir us rajya ke beta beta matlab raja ka beta baitha phir tota baitha phir pota ka jo beta hua par tota baitha is tarah toh paramparagat raajneeti vigyan ke antargat padhna hai adhyayan karna hai aur doosra jo bhag hai raajneeti vigyan ka dost vaah hai aadhunik raajneeti vigyan aadhunik raajneeti vigyan matlab loktantrik shasan samajh gaye dost jisme ab prajatantra samapt ho gaya ab kya hai loktantra hai logo ke dwara logo ke liye logo ka hi sarkar baithta hai gaddi par logo ke dwara chuna gaya

हेलो फ्रेंड्स गुड मॉर्निंग आपका सवाल है पॉलिटिकल साइंस किसे कहते हैं दोस्त पॉलिटिकल साइंस

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