हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता हैं?...


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NK.Gupta

Principal

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नमस्कार मित्रों आपका प्रश्न है हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है तो सबसे पहले व्यक्ति के जीवन की शुरुआत से जैसे विद्यालय स्तर से ही उसके नाम से अंत में जाति सूचक शब्द ना लगाया जाए कि प्रवेश पत्र पहचान पत्र अभी मैं उसके नाम के अंत में ऐसा शब्द नहीं जाती की पहचान होती है सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करते समय इसमें भी जाति उपजाति आदि ने लिखे जाएं राष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान केवल किसी राज्य किसी जिले के गांव व शहर के नागरिक के रूप में हो ना कि किसी जाति के व्यक्ति होते हैं अभी बात आती है कि देश में जाति के नाम पर जो आरक्षण व्यवस्था है उसको खत्म कर दिया जाए की जगह आर्थिक आधार पर आरक्षण को प्रमुखता दी जाए और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों की पहचान कर आरक्षण नए सिरे से लागू किया जाए और जातिवाद को खत्म करने का अगला जो तरीका हो सकता है वह अंतरजातीय विवाहों को बढ़ावा दिया जाए अंतर जाति विवाह करने वाले युवक-युवतियों को प्रोत्साहन दिया जाए उनको सरकारी सेवाओं में अवसर डिजाइन को स्कॉलरशिप दी जाए इससे की जाति से बंद के व्यक्ति अपने मन की सोच से उबर सके सॉरी इससे कीर्ति जाति से बांध के अपने मुख्य सचिव सोच से बंधा नहीं रहे और उसे उबर कर जीवन के वास्तविक अर्थों को समझते हुए उन्नति के नए अवसर को प्राप्त करें चलावा ऐसे अंतर्जातीय होकर भागने विवाह से पूर्व की जनजातियां थी उनको हटाते हुए अपने दस्तावेजों के साथ में बेनाम को फिर से बिना जाति के प्रमाण पत्रों में संशोधन किया गया तो यह कुछ ऐसे हिंदू हैं जिन पर विचार कर देश में जातिवाद को खत्म किया जा सकता है

namaskar mitron aapka prashna hai hamare desh me jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai toh sabse pehle vyakti ke jeevan ki shuruat se jaise vidyalaya sthar se hi uske naam se ant me jati suchak shabd na lagaya jaaye ki pravesh patra pehchaan patra abhi main uske naam ke ant me aisa shabd nahi jaati ki pehchaan hoti hai sarkari sewaon ke liye avedan karte samay isme bhi jati upajaati aadi ne likhe jayen rashtriya sthar par uski pehchaan keval kisi rajya kisi jile ke gaon va shehar ke nagarik ke roop me ho na ki kisi jati ke vyakti hote hain abhi baat aati hai ki desh me jati ke naam par jo aarakshan vyavastha hai usko khatam kar diya jaaye ki jagah aarthik aadhar par aarakshan ko pramukhta di jaaye aur aarthik roop se pichade logo ki pehchaan kar aarakshan naye sire se laagu kiya jaaye aur jaatiwad ko khatam karne ka agla jo tarika ho sakta hai vaah antarjaatiye vivahon ko badhawa diya jaaye antar jati vivah karne waale yuvak yuvatiyon ko protsahan diya jaaye unko sarkari sewaon me avsar design ko scholarship di jaaye isse ki jati se band ke vyakti apne man ki soch se ubar sake sorry isse kirti jati se bandh ke apne mukhya sachiv soch se bandha nahi rahe aur use ubar kar jeevan ke vastavik arthon ko samajhte hue unnati ke naye avsar ko prapt kare chalava aise antarjatiye hokar bhagne vivah se purv ki janajatiyan thi unko hatate hue apne dastawejon ke saath me benaam ko phir se bina jati ke pramaan patron me sanshodhan kiya gaya toh yah kuch aise hindu hain jin par vichar kar desh me jaatiwad ko khatam kiya ja sakta hai

नमस्कार मित्रों आपका प्रश्न है हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है तो

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सर्वप्रथम तो दोस्तों राजनीति में जो है जाति धर्म जाति धर्म पर राजनीति करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही हो ऐसा कानून बनाया जाए और जाति धर्म के आधार पर बनने वाली योजनाओं को खत्म किया जाए आर्थिक स्थिति के आधार पर योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए और आर्थिक सर्वेक्षण कराने के बाद भी लोगों को योजना का लाभ देना चाहिए छाती धार पर खड़े संगठन और पार्टी समूह का जो है रजिस्ट्रेशन खत्म होना चाहिए जाति धर्म के नाम पर उगाही बंद होने चाहिए समानता का अधिकार लागू होना चाहिए और हमें मान्यता कतर राजस्थान की परिभाषा सीखनी चाहिए तभी हम देश समाज से जातिवाद पर बात खत्म कर पाएंगे और अपने देश को विश्व स्तर पर लीजा कोई चर्चा

sarvapratham toh doston raajneeti me jo hai jati dharm jati dharm par raajneeti karne walon ke khilaf kadi karyavahi ho aisa kanoon banaya jaaye aur jati dharm ke aadhar par banne wali yojnao ko khatam kiya jaaye aarthik sthiti ke aadhar par yojnao ka kriyanvayan kiya jana chahiye aur aarthik sarvekshan karane ke baad bhi logo ko yojana ka labh dena chahiye chhati dhar par khade sangathan aur party samuh ka jo hai registration khatam hona chahiye jati dharm ke naam par ugahi band hone chahiye samanata ka adhikaar laagu hona chahiye aur hamein manyata katar rajasthan ki paribhasha sikhni chahiye tabhi hum desh samaj se jaatiwad par baat khatam kar payenge aur apne desh ko vishwa sthar par lija koi charcha

सर्वप्रथम तो दोस्तों राजनीति में जो है जाति धर्म जाति धर्म पर राजनीति करने वालों के खिलाफ

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Swami Umesh Yogi

Peace-Guru (Global Peace Education)

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आपका सवाल है हमारे देश में जातिवाद खत्म होने का क्या तरीका हो सकता है सिंपल तरीका है भाई साहब जो राजनीतिक लोग हैं जो जात पात की राजनीति करते हैं उनको वोट देना बंद कर दीजिए क्योंकि हमारे देश में जातिवाद आम समाज में नहीं पर राजा हमारे जवाब देने से पहले नाटक आता है ना अपने मुस्लिम फैल जाता है ना हिंदू जातिवाद का जहर है वह राजनीतिक लोग फैलाते हैं और जो जातिवाद को उठाते हैं उस पर आप विश्वास करना छोड़ दीजिए उनसे बात करना छोड़ दिए उनको बोल देना बंद कर दीजिए जातिवाद जो है वह अपने आप समाप्त हो जाएगा धन्यवाद

aapka sawaal hai hamare desh me jaatiwad khatam hone ka kya tarika ho sakta hai simple tarika hai bhai saheb jo raajnitik log hain jo jaat pat ki raajneeti karte hain unko vote dena band kar dijiye kyonki hamare desh me jaatiwad aam samaj me nahi par raja hamare jawab dene se pehle natak aata hai na apne muslim fail jata hai na hindu jaatiwad ka zehar hai vaah raajnitik log failate hain aur jo jaatiwad ko uthate hain us par aap vishwas karna chhod dijiye unse baat karna chhod diye unko bol dena band kar dijiye jaatiwad jo hai vaah apne aap samapt ho jaega dhanyavad

आपका सवाल है हमारे देश में जातिवाद खत्म होने का क्या तरीका हो सकता है सिंपल तरीका है भाई स

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जय श्री राम मैं हूं संदीप योग शिक्षक आपका पढ़ने हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है तरीका बहुत आसान है लोगों में समझ लाना अगर लोग समझना चाहे इस चीज को जाति इंसानों ने बनाई है भगवान ने नहीं धर्म सब का एक ही होता है सबको पता होता है सही क्या है गलत क्या है सही क्या होता है झूठ क्या होता है हर कोई इंसान जानता है जातिवाद सिर्फ इतनी सी चीज है कि अगर लोग इंसानियत को समझ ले तो जातिवाद अपने आप बोलने लगेंगे कोई इंसान नीची जाति में पैदा होने के बाद भी बहुत कुछ कर जाता लाइफ में और कोई इंसान बहुत ऊंची जाति में पैदा होकर भी कुछ नहीं कर पाता तो जातिवादी कुछ होता है नहीं इंसानों ने बना दिए जाती शहीद धर्मानगर भी धर्म से मेरा मतलब हिंदू मुस्लिम नहीं है धर्म से मेरा मतलब है सही ज्ञान चीजों का थैंक यू सो मच जय श्री राम

jai shri ram main hoon sandeep yog shikshak aapka padhne hamare desh me jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai tarika bahut aasaan hai logo me samajh lana agar log samajhna chahen is cheez ko jati insano ne banai hai bhagwan ne nahi dharm sab ka ek hi hota hai sabko pata hota hai sahi kya hai galat kya hai sahi kya hota hai jhuth kya hota hai har koi insaan jaanta hai jaatiwad sirf itni si cheez hai ki agar log insaniyat ko samajh le toh jaatiwad apne aap bolne lagenge koi insaan nichi jati me paida hone ke baad bhi bahut kuch kar jata life me aur koi insaan bahut unchi jati me paida hokar bhi kuch nahi kar pata toh jativadi kuch hota hai nahi insano ne bana diye jaati shaheed dharmanagar bhi dharm se mera matlab hindu muslim nahi hai dharm se mera matlab hai sahi gyaan chijon ka thank you so match jai shri ram

जय श्री राम मैं हूं संदीप योग शिक्षक आपका पढ़ने हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तर

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ANAND SINGH

Yoga Trainer

2:57
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नमस्कार दोस्तों हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है या कपासन है अब मैं आनंद सिंह का सोनम बिजूका काटने प्रशिक्षण केंद्र छत्तीसगढ़ से और मेरा इसमें भी मत किया है मैं एक जागरूक युवा तुम्हें अपने ही अपने विचार और अपने शब्दों से ही देना चाहूंगा सबसे पहले संविधान में जातिवाद के मुद्दे को एक सामान्य वर्ग में लेते हुए किसी भी वर्ग का व्यक्ति हो उसको संभाले रूपरेखा वीजा है चाहे वह पढ़ाई से रिलेटेड हो क्या या खाने से लेकर टो कपड़ा रोटी मकान हम तीनों चीजों पर निर्धारित रहते हैं तीनों चीजों से सामान ले रखा जाए अगर वाकई में कोई व्यक्ति गरीब है तो उसकी आर्थिक मदद मर्डर करके उसको की जा सकती है बाकी जातिवाद का जो ममता है उस समय सामान्य रहना चाहिए चाहे वह नौकरी की बात हो चाहे खाने की बात हो जिसकी जो योग्यता है उस आधार पर उसको वह प्रदायक की जानी चाहिए प्रदान की जानी चाहिए उस आधार पर हम जातिवाद को खत्म कर सकेंगे दूसरा है शिक्षा शिक्षा कॉम को ज्यादा से ज्यादा लोगों को देनी है कि प्रति एक सहनशीलता सहज रूप से लोगों को प्रेम भाव के साथ रहना हम अपनी संस्कृति को कैसे एक दूसरे से मिलजुल कर रह सकते हैं मिलजुलकर बांट सकते म्यूजिक कर खा सकते हैं कभी भी कोई भी प्रस्तुति आती है तो हम उस समय में कैसे एक दूसरे के साथ रहते हैं तो हमारी संस्कृति और हमारे खून में तो सबसे पहले दूसरा क्वेश्चन है शिक्षा और तीसरा है तीसरा इसमें यह कि हम उसको कैसे बनाएं हम उसको कैसे बनाएं उसको रूपरेखा कैसे तैयार करें रूपरेखा तैयार करने के लिए हमको नीति निर्णय और सारे सुझाव इस चीजों में देना पड़ेगा कि हमारी जो सामाजिक स्तर पर हो गए बड़े-बड़े अलग-अलग समाज के लोग हो गए उस स्तर पर जाकर हमको वह कार्य करना पड़ेगा जिससे कि लोग में एक जागरूकता पहले 1 लोग एकजुटता में रहे और यह जातिवाद खत्म होगा तो हमको नीचे से स्टार्ट करना पड़ेगा नीचे से स्टार्ट करेंगे तो वही हमारा वह जातिवाद खत्म होगा धन्यवाद धन्यवाद

namaskar doston hamare desh me jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai ya kapasan hai ab main anand Singh ka sonam bijuka katne prashikshan kendra chattisgarh se aur mera isme bhi mat kiya hai main ek jagruk yuva tumhe apne hi apne vichar aur apne shabdon se hi dena chahunga sabse pehle samvidhan me jaatiwad ke mudde ko ek samanya varg me lete hue kisi bhi varg ka vyakti ho usko sambhale rooprekha visa hai chahen vaah padhai se related ho kya ya khane se lekar toe kapda roti makan hum tatvo chijon par nirdharit rehte hain tatvo chijon se saamaan le rakha jaaye agar vaakai me koi vyakti garib hai toh uski aarthik madad murder karke usko ki ja sakti hai baki jaatiwad ka jo mamata hai us samay samanya rehna chahiye chahen vaah naukri ki baat ho chahen khane ki baat ho jiski jo yogyata hai us aadhar par usko vaah pradayak ki jani chahiye pradan ki jani chahiye us aadhar par hum jaatiwad ko khatam kar sakenge doosra hai shiksha shiksha com ko zyada se zyada logo ko deni hai ki prati ek sahansheelta sehaz roop se logo ko prem bhav ke saath rehna hum apni sanskriti ko kaise ek dusre se miljul kar reh sakte hain miljulakar baant sakte music kar kha sakte hain kabhi bhi koi bhi prastuti aati hai toh hum us samay me kaise ek dusre ke saath rehte hain toh hamari sanskriti aur hamare khoon me toh sabse pehle doosra question hai shiksha aur teesra hai teesra isme yah ki hum usko kaise banaye hum usko kaise banaye usko rooprekha kaise taiyar kare rooprekha taiyar karne ke liye hamko niti nirnay aur saare sujhaav is chijon me dena padega ki hamari jo samajik sthar par ho gaye bade bade alag alag samaj ke log ho gaye us sthar par jaakar hamko vaah karya karna padega jisse ki log me ek jagrukta pehle 1 log ekjutata me rahe aur yah jaatiwad khatam hoga toh hamko niche se start karna padega niche se start karenge toh wahi hamara vaah jaatiwad khatam hoga dhanyavad dhanyavad

नमस्कार दोस्तों हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है या कपासन है अब म

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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आपका स्नेह हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का तरीका सबसे बड़ा स्कोर इतनी बात करते हैं और जातिगत बात करते हैं उनकी उपेक्षा और उनका बहिष्कार और गुणवत्ता के आधार पर समाज के अलग-अलग घरों के अलग-अलग लोगों की स्वीकार्यता और सम्मान जगत में दिखेगा जातिवाद खत्म होगा थैंक यू

aapka sneh hamare desh me jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai hamare desh me jaatiwad khatam karne ka tarika sabse bada score itni baat karte hain aur jaatigat baat karte hain unki upeksha aur unka bahishkar aur gunavatta ke aadhar par samaj ke alag alag gharon ke alag alag logo ki swikaryata aur sammaan jagat me dikhega jaatiwad khatam hoga thank you

आपका स्नेह हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है हमारे देश में जातिवाद

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Dr. Mitramahesh

Ayurvedic Doctors

3:59
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में ब्रिटिश शासन से पहले मुस्लिम ने अत्याचारी शासन में जातिवाद खड़ा हुआ उससे पहले चार वर्ण थे परंतु चार वर्ण महाभारत की इसके बाद जिनमें के तौर पर बदल गई और जन्म के तौर पर बदलने से जो चार वर्ण ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य और शूद्र सवरने और उसके बाद मुस्लिम युग के अंदर जो दलित जातियां हुई जो मैसेज कर जाती हुई उन लोगों को अति दलित और पिछड़ा वगैरा का टाइटल दिए दिया गया जो लोग चार वर्ण वाले शब्द नहीं परंतु उससे अलग अमर नगीने गए तो यह प्रकार की मानसिकता मुसलमानों के समय में भयानक रूप ले लिया ब्रिटिश गवर्नमेंट में ब्रिटिश रोने लोगों के अंदर लोगों को बांटो और राज्य करो कि जो नीति अपनाई उसके अंदर ब्राह्मण वैश्य शूद्र और क्षत्रिय एसएससी जॉब उन्होंने सिस्टम चलाई वह सिस्टम के अनुसार 47 में देश की जो आजादी मिली आजादी के बाद इन लोगों ने जो स्पेशल रिजर्वेशन वर्कर किया वह रिजर्वेशन में कुछ प्रजा को ऊंचा उठाने के लिए आर्थिक लाभ की बात आई लेकिन आर्थिक लागब तो सोनी हजारों हजारों साल में यह देश में ऐसा ही चलता रहेगा ऐसी कॉस्टिक तो हो गई है और यह वास्तविकता के सामने प्रतिकार करने वाला एक आर्य समाज संगठन ने आर्य समाज संगठन और वेदों की जो विचारधारा है उसको स्वामी दयानंद ने बहुत स्पष्ट बताया कि आप लोग भूल कर्म और स्वभाव से अपना वर्गीकरण करिए लेकिन हम तो यह मानते हैं और यह बात को बहुत स्पष्ट करना चाहते हैं की चार वर्ण को आप जन्म से भी कोई जरूरत नहीं है करने की और गुण कर्म स्वभाव से भी करने की कोई जरूरत नहीं है आप जो भी मनुष्य और प्रजा है वह अच्छी तरह से यह अच्छी तरह से अपना कार्य करें अपना घर गृहस्ती परिवार चलाए अच्छी तरह से वह एजुकेटेड हो गए और एजुकेशन में वह चाहे वह कोई सफाई करने वाला हो या तो कोई है वह अवकाश से आकाश लिख डाली हो कोई भी व्यक्ति हो वह अपनी मर्यादा और सिस्टम के अनुसार चले कानून के अनुसार चले सामाजिक नियम के अनुसार चले यही सबसे बड़ी बात है और जातिवाद एक भयानक जहर है किसी भी तरह से चलना नहीं चाहिए आप किसी को दलित बोलेंगे और ऐसे से शब्द प्रयोग करेंगे तो प्रयुक्त शब्द प्रयोग कानून का अपराध बनता है तो कानून का अपराध बढ़ने से आप लोग वह अपराध की प्रवृत्ति को क्या हजारों साल तक चल आप जो शब्द के द्वारा किसी का अपमान होता है उसके समूह का अपमान होता है तो समूह को इतना अच्छा बनाई है आप लोग आर्थिक सामाजिक बेचारी के एजुकेशन के स्वरूप से कि किसी को यह कोई कर नहीं बोलने की जरूरत नहीं पड़े वह 100 साल पहले यूरोप अमरीका के अंदर की परिस्थिति थी और आ जाओ वहां पर अमीर गरीब कोई किसी का भी नहीं है किसी भी लड़की को कोई अच्छा झाड़ू लगाने वाला पसंद आ जाए और उसके साथ है वह पैर करके शादी कर लेगी और कोई झाड़ू वाली की बेटी क्यों कोई करोड़पति का बेटा पसंद आ जाए तो उसको एक दूसरे को अपना लेते हैं तो यह जातिवाद एक पर भयानक जहर है और भारत के अंदर जो रिजर्वेशन की जो सिस्टम में हुई है और बिल्कुल खत्म कर देनी चाहिए और सभी व्यक्ति सभी व्यक्तियों को रोटी कपड़ा मकान एजुकेशन का फार्मूला मिलना चाहिए के मूलभूत सकते हैं धन्यवाद

bharat me british shasan se pehle muslim ne atyachari shasan me jaatiwad khada hua usse pehle char varn the parantu char varn mahabharat ki iske baad jinmein ke taur par badal gayi aur janam ke taur par badalne se jo char varn brahman kshatriya vaiishay aur shudra savrane aur uske baad muslim yug ke andar jo dalit jatiya hui jo massage kar jaati hui un logo ko ati dalit aur pichda vagera ka title diye diya gaya jo log char varn waale shabd nahi parantu usse alag amar nagine gaye toh yah prakar ki mansikta musalmanon ke samay me bhayanak roop le liya british government me british rone logo ke andar logo ko banto aur rajya karo ki jo niti apnai uske andar brahman vaiishay shudra aur kshatriya ssc job unhone system chalai vaah system ke anusaar 47 me desh ki jo azadi mili azadi ke baad in logo ne jo special reservation worker kiya vaah reservation me kuch praja ko uncha uthane ke liye aarthik labh ki baat I lekin aarthik lagab toh sony hazaro hazaro saal me yah desh me aisa hi chalta rahega aisi caustic toh ho gayi hai aur yah vastavikta ke saamne pratikar karne vala ek arya samaj sangathan ne arya samaj sangathan aur vedo ki jo vichardhara hai usko swami dayanand ne bahut spasht bataya ki aap log bhool karm aur swabhav se apna vargikaran kariye lekin hum toh yah maante hain aur yah baat ko bahut spasht karna chahte hain ki char varn ko aap janam se bhi koi zarurat nahi hai karne ki aur gun karm swabhav se bhi karne ki koi zarurat nahi hai aap jo bhi manushya aur praja hai vaah achi tarah se yah achi tarah se apna karya kare apna ghar grihasti parivar chalaye achi tarah se vaah educated ho gaye aur education me vaah chahen vaah koi safaai karne vala ho ya toh koi hai vaah avkash se akash likh dali ho koi bhi vyakti ho vaah apni maryada aur system ke anusaar chale kanoon ke anusaar chale samajik niyam ke anusaar chale yahi sabse badi baat hai aur jaatiwad ek bhayanak zehar hai kisi bhi tarah se chalna nahi chahiye aap kisi ko dalit bolenge aur aise se shabd prayog karenge toh prayukt shabd prayog kanoon ka apradh banta hai toh kanoon ka apradh badhne se aap log vaah apradh ki pravritti ko kya hazaro saal tak chal aap jo shabd ke dwara kisi ka apman hota hai uske samuh ka apman hota hai toh samuh ko itna accha banai hai aap log aarthik samajik bechari ke education ke swaroop se ki kisi ko yah koi kar nahi bolne ki zarurat nahi pade vaah 100 saal pehle europe america ke andar ki paristhiti thi aur aa jao wahan par amir garib koi kisi ka bhi nahi hai kisi bhi ladki ko koi accha jhadu lagane vala pasand aa jaaye aur uske saath hai vaah pair karke shaadi kar legi aur koi jhadu wali ki beti kyon koi crorepati ka beta pasand aa jaaye toh usko ek dusre ko apna lete hain toh yah jaatiwad ek par bhayanak zehar hai aur bharat ke andar jo reservation ki jo system me hui hai aur bilkul khatam kar deni chahiye aur sabhi vyakti sabhi vyaktiyon ko roti kapda makan education ka formula milna chahiye ke mulbhut sakte hain dhanyavad

भारत में ब्रिटिश शासन से पहले मुस्लिम ने अत्याचारी शासन में जातिवाद खड़ा हुआ उससे पहले चार

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

0:32
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हॉरर खत्म करने का चित्र विकास के लिए आपको एक योग्य मित्र को खड़ा करना है जो कि देश के विकास कर सके राज्य शिक्षा के आधार कार्ड किसका बना था

Horror khatam karne ka chitra vikas ke liye aapko ek yogya mitra ko khada karna hai jo ki desh ke vikas kar sake rajya shiksha ke aadhar card kiska bana tha

हॉरर खत्म करने का चित्र विकास के लिए आपको एक योग्य मित्र को खड़ा करना है जो कि देश के विका

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Manoj Kumar

Spiritual Knowdge / working as a Social Worker

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हमारे देश से जातिवाद को खत्म करने का एक ही तरीका है कि लोगों को अध्यात्म की राह पर चलाना क्योंकि जो भी सरकारें आई उन्होंने अपने स्तर पर जातिवाद को खत्म करने का कभी काम ही नहीं किया बल्कि हर चीज में जातीय आधार पर आरक्षण देकर जातिवाद को और बढ़ावा दिया है अगर यह अमीरी गरीबी यानी कि सिर्फ गरीब को ही आरक्षण मिले तो कुछ हद तक हम कह सकते हैं कि जातिवाद खत्म हो सकता है लेकिन अगर संपूर्ण तरीके से जातिवाद को खत्म करना चाहते हैं तो पूर्ण संत के आध्यात्मिक ज्ञान को यानी कि उनके सत्संग ओं को जन-जन तक पहुंचाना होगा टीवी के माध्यम से उनके सत्संग चलाने होंगे तब ही यह जाती है नफरत खत्म हो सकती है मेरे ख्याल से इस समय जो मैं सत्संग सुनता हूं जिसे लोग नफरत करते हैं जिससे लेकिन जब उनके सत्संग सुनते हैं तो पता चलता है कि ऐसा लगता है कि इस समय पर धरती पर वही पूर्ण संत है उनका नाम है संत रामपाल जी महाराज उस दिन आप भी सुने संत रामपाल जी महाराज के सत्संग 7:30 पीएम से 8:30 पीएम तक साधना टीवी पर तो आपको पता चलेगा कि एक ही संत ऐसा है जो धरती पर जातिवाद को हमेशा के लिए समाप्त कर देगा

hamare desh se jaatiwad ko khatam karne ka ek hi tarika hai ki logo ko adhyaatm ki raah par chalana kyonki jo bhi sarkaren I unhone apne sthar par jaatiwad ko khatam karne ka kabhi kaam hi nahi kiya balki har cheez me jatiye aadhar par aarakshan dekar jaatiwad ko aur badhawa diya hai agar yah amiri garibi yani ki sirf garib ko hi aarakshan mile toh kuch had tak hum keh sakte hain ki jaatiwad khatam ho sakta hai lekin agar sampurna tarike se jaatiwad ko khatam karna chahte hain toh purn sant ke aadhyatmik gyaan ko yani ki unke satsang on ko jan jan tak pahunchana hoga TV ke madhyam se unke satsang chalane honge tab hi yah jaati hai nafrat khatam ho sakti hai mere khayal se is samay jo main satsang sunta hoon jise log nafrat karte hain jisse lekin jab unke satsang sunte hain toh pata chalta hai ki aisa lagta hai ki is samay par dharti par wahi purn sant hai unka naam hai sant rampal ji maharaj us din aap bhi sune sant rampal ji maharaj ke satsang 7 30 pm se 8 30 pm tak sadhna TV par toh aapko pata chalega ki ek hi sant aisa hai jo dharti par jaatiwad ko hamesha ke liye samapt kar dega

हमारे देश से जातिवाद को खत्म करने का एक ही तरीका है कि लोगों को अध्यात्म की राह पर चलाना क

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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राम मंदिर कि आपका फैसला हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका है उसे जातिवाद जातिवाद का बताओ कि हम लोग जो हैं यह वह छोटा उसका बैठ नहीं सकते जा नहीं सकते हैं खाने की तो बात दूसरी है ऐसा नहीं है सर जाते हैं सभी लोगों के हाथ का खाना खाते सभी लोग आपस में बैठते हैं और सभी लोग ठीक हैं हमारे क्लब में तो बता नहीं सभी लोगों की कोई बात नहीं है आप सभी लोग सफाई से रहते हैं सभी लोग इस माह चाहते हैं तो पता ही नहीं चलता कौन जाति का क्या है इसलिए मेरी राय से जातिवाद तो काफी हद तक कम हो गई है वह लंबे की और बच्चे इतने बड़े हो जाते हैं कि अपना भी कर लेते फॉर्मेट करते हैं नहीं बच्चे देखते लड़के लड़कियों की शादी अपनी जाति नहीं करना चाहते लेकिन अगर वह लव मैरिज करते तो अदर कास्ट में काफी शादियां हो रही है और यह अच्छी बात है इससे दहेज प्रथा भी कम होगी और जो है जातिवाद खत्म सबसे बढ़िया यही है कि लव मैरिज करें लड़का लड़की आजाद ने अपने आप शादी करें अपने आप जाकर बात करते हो दोस्त

ram mandir ki aapka faisla hamare desh me jaatiwad khatam karne ka kya tarika hai use jaatiwad jaatiwad ka batao ki hum log jo hain yah vaah chota uska baith nahi sakte ja nahi sakte hain khane ki toh baat dusri hai aisa nahi hai sir jaate hain sabhi logo ke hath ka khana khate sabhi log aapas me baithate hain aur sabhi log theek hain hamare club me toh bata nahi sabhi logo ki koi baat nahi hai aap sabhi log safaai se rehte hain sabhi log is mah chahte hain toh pata hi nahi chalta kaun jati ka kya hai isliye meri rai se jaatiwad toh kaafi had tak kam ho gayi hai vaah lambe ki aur bacche itne bade ho jaate hain ki apna bhi kar lete format karte hain nahi bacche dekhte ladke ladkiyon ki shaadi apni jati nahi karna chahte lekin agar vaah love marriage karte toh other caste me kaafi shadiyan ho rahi hai aur yah achi baat hai isse dahej pratha bhi kam hogi aur jo hai jaatiwad khatam sabse badhiya yahi hai ki love marriage kare ladka ladki azad ne apne aap shaadi kare apne aap jaakar baat karte ho dost

राम मंदिर कि आपका फैसला हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका है उसे जातिवाद जातिव

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आपका सवाल है हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है तो उसकी फॉल मैं आपको बोला चाहूंगी कि यह बहुत अच्छा पोस्ट है कि आप रिकॉर्डिंग सुनी हम खत्म कर सकते हैं अगर हम चाहे तो सबके नाम के आगे जो करने लगा होता है अगर वह हटा दे तो लोग एक दूसरे को आईडेंटिफाई नहीं कर पाएंगे यह किसका डिग्री का है यह किस कास्ट से बिलॉन्ग करता है ठीक है तो यह सबसे बेहतरीन तरीका है कि आप उसके नाम से उसके जो करने में उसको हटा दें हां अब आप बोलेंगे कि अगर सर ने मिटा देंगे तो काफी लोगों के नाम लिख जाते तो हम उसकी जगह पर कर सकते हैं उनके पापा का नाम और उनके पापा के नाम भी सेव हो तो उनके साथ में उनका मोबाइल नंबर ट्रेस ऐप तीनों चीजें एक जैसी नहीं हो सकती तो यह पहली तिथि डीजे हो सकती है कि अगर कमेंट के बाद से पूरे इंडिया में जितने भी लोग हैं वह सिर्फ एक ही धर्म के होंगे उसको हम हिंदुस्तानी बोलेंगे और ना ही यहां पर कोई हिंदू है ना कोई मुसलमान है ना कोई से कहना इस आई है तो यह भी एक बेहतरीन द जनरल घमंड की बात बहुत जल्दी मान लेते हैं अगर वहां से ऐसा कोई ऐसा हो गया है तरीका यह है अगर आप अपने स्तर पर रहकर इसको करना चाहते हैं तो क्योंकि यह सवाल अगर आपके मन में आया तो आप भी चाहते हैं कहीं ना कहीं यह चीज दूर हो क्योंकि एक चीज कहीं हमसे दूर हो तो हम यह कर सकते हैं कि उससे पहले हम अपने आपको चेंज करें कि हमारे जैसे ही 11 यह दुनिया यह देश बना है ठीक है अगर हम अपनी सोच बदल लेंगे तो ऑटोमेटिक ली दुनिया की सोच भी बदलने लगे कि जैसे कि मालिनी की बात हम हम किससे फाइट करते कभी के नाम अलग-अलग दे रखे वह एक ही है कोई एक ऐसी प्राकृतिक शक्ति है जो दुनिया को चला रही है एक ही है उसने हमें है जीवन दिया है और सबसे बड़ी बात और सबसे इंपॉर्टेंट बात है यार भगवान ने भी हमको बनाते समय अलग नहीं बनाया हमें आंखें दी है सामने वाले को भी दिए मुझे नादिया मूल्यांकन दिया जिसमें सभी के पास में आने वाले के पास अलग नहीं तो फिर मैं आपको क्यों किसी और यहां यानी कि हम दोनों के बीच में दीवार लगा दी गई कि नहीं भाई यह उसका साथ छोड़ दी जाती हो बड़ी बात अपने अंदर लगने वाला है इस चीज को अपने आप करेंगे आपको देखकर आपके परिवार वाले हैं वह आपके परिवार वालों को और आपको देखकर आपके दो क्योंकि अच्छी चीज होती है ना कोई प्रमोट करता है हर कोई चाहता है कि इस को आगे बढ़ाया जाए और काफी हद तक खत्म हो चुकी है मैंने शहरों में देखा है आते हैं जाते हैं पढ़ते हैं वह कौन सी बात है मैं कौन हूं मुझे शाहरुख की यह लगी कि आजकल लोगों को फर्क नहीं पड़ता जो पुराने जमाने में इवेंट आदि के टाइम ही अगर मैं बात करूं तो बहुत ज्यादा चलता खुद अभी अपने छोटे लोगों को घर के अंदर ही उनको खाना बना कर भी नहीं देखा है अगर कोई काम करने हमारे घर में मजदूरी मैं इन सब चीजों को नहीं मानता मैं वह करूंगा क्योंकि सारे लोग मेरे लिए एक बराबर उन्होंने अब तक आई है और अब जिसको मैं आगे बढ़ा तू अब यह बात मेरे अंदर है कि मेरे लिए भी कहा कैटेगरी अब यह मायने नहीं रखती हिंदू हो चाहे मुसलमान मेरी तरह है मेरी तरह दिखता है और जितने भी लोग हैं वह सारी मेरे भाई मैंने अपने अपने बच्चों को बच्चों को अपने अपने बच्चों में बात की आपके आसपास के लोगों की सोच बदले उनसे जुड़े धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा और अगर यह हो गया ना तो सबसे बड़ी बात है हमारी दुनिया में 26 की बोतल प्रॉब्लम है या जो प्रगति धीरे-धीरे हो रही है तेजी से लगेगी क्योंकि आपने देखा तो दंगे फसाद होते हैं वह जातिवाद को लेकर हम विश्वास करते हैं जातिवाद हम अपने मन से खत्म कर देंगे ना ऑटोमेटिक की प्रॉब्लम खत्म हो जाएगी को सही में ठीक करने की जरूरत है उस पर ध्यान देने लगे और ऑलरेडी करने लगेगा आ चुका है अगर हम बड़े स्तर पर नहीं कर सकते तो हम इस चीज को अपने स्तर पर लाकर तो कर ही सकते कि हम अपने दिमाग से निकाल दे दुनिया बदल जाए

aapka sawaal hai hamare desh me jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai toh uski fall main aapko bola chahungi ki yah bahut accha post hai ki aap recording suni hum khatam kar sakte hain agar hum chahen toh sabke naam ke aage jo karne laga hota hai agar vaah hata de toh log ek dusre ko aidentifai nahi kar payenge yah kiska degree ka hai yah kis caste se Belong karta hai theek hai toh yah sabse behtareen tarika hai ki aap uske naam se uske jo karne me usko hata de haan ab aap bolenge ki agar sir ne mita denge toh kaafi logo ke naam likh jaate toh hum uski jagah par kar sakte hain unke papa ka naam aur unke papa ke naam bhi save ho toh unke saath me unka mobile number trays app tatvo cheezen ek jaisi nahi ho sakti toh yah pehli tithi DJ ho sakti hai ki agar comment ke baad se poore india me jitne bhi log hain vaah sirf ek hi dharm ke honge usko hum hindustani bolenge aur na hi yahan par koi hindu hai na koi musalman hai na koi se kehna is I hai toh yah bhi ek behtareen the general ghamand ki baat bahut jaldi maan lete hain agar wahan se aisa koi aisa ho gaya hai tarika yah hai agar aap apne sthar par rahkar isko karna chahte hain toh kyonki yah sawaal agar aapke man me aaya toh aap bhi chahte hain kahin na kahin yah cheez dur ho kyonki ek cheez kahin humse dur ho toh hum yah kar sakte hain ki usse pehle hum apne aapko change kare ki hamare jaise hi 11 yah duniya yah desh bana hai theek hai agar hum apni soch badal lenge toh Automatic li duniya ki soch bhi badalne lage ki jaise ki malini ki baat hum hum kisse fight karte kabhi ke naam alag alag de rakhe vaah ek hi hai koi ek aisi prakirtik shakti hai jo duniya ko chala rahi hai ek hi hai usne hamein hai jeevan diya hai aur sabse badi baat aur sabse important baat hai yaar bhagwan ne bhi hamko banate samay alag nahi banaya hamein aankhen di hai saamne waale ko bhi diye mujhe nadia mulyankan diya jisme sabhi ke paas me aane waale ke paas alag nahi toh phir main aapko kyon kisi aur yahan yani ki hum dono ke beech me deewaar laga di gayi ki nahi bhai yah uska saath chhod di jaati ho badi baat apne andar lagne vala hai is cheez ko apne aap karenge aapko dekhkar aapke parivar waale hain vaah aapke parivar walon ko aur aapko dekhkar aapke do kyonki achi cheez hoti hai na koi promote karta hai har koi chahta hai ki is ko aage badhaya jaaye aur kaafi had tak khatam ho chuki hai maine shaharon me dekha hai aate hain jaate hain padhte hain vaah kaun si baat hai main kaun hoon mujhe shahrukh ki yah lagi ki aajkal logo ko fark nahi padta jo purane jamane me event aadi ke time hi agar main baat karu toh bahut zyada chalta khud abhi apne chote logo ko ghar ke andar hi unko khana bana kar bhi nahi dekha hai agar koi kaam karne hamare ghar me mazdoori main in sab chijon ko nahi maanta main vaah karunga kyonki saare log mere liye ek barabar unhone ab tak I hai aur ab jisko main aage badha tu ab yah baat mere andar hai ki mere liye bhi kaha category ab yah maayne nahi rakhti hindu ho chahen musalman meri tarah hai meri tarah dikhta hai aur jitne bhi log hain vaah saari mere bhai maine apne apne baccho ko baccho ko apne apne baccho me baat ki aapke aaspass ke logo ki soch badle unse jude dhire dhire khatam ho jaega aur agar yah ho gaya na toh sabse badi baat hai hamari duniya me 26 ki bottle problem hai ya jo pragati dhire dhire ho rahi hai teji se lagegi kyonki aapne dekha toh dange fasad hote hain vaah jaatiwad ko lekar hum vishwas karte hain jaatiwad hum apne man se khatam kar denge na Automatic ki problem khatam ho jayegi ko sahi me theek karne ki zarurat hai us par dhyan dene lage aur already karne lagega aa chuka hai agar hum bade sthar par nahi kar sakte toh hum is cheez ko apne sthar par lakar toh kar hi sakte ki hum apne dimag se nikaal de duniya badal jaaye

आपका सवाल है हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है तो उसकी फॉल मैं आपको

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आपने पूछा है कि हमारे देश को जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है देखिए जातिवाद की जड़े गहरी है यह कोई एक इवेंट नहीं है कि 1 दिन में 2 दिन में या 1 साल में खत्म किया जा सके यह इसको खत्म करने की एक प्रक्रिया है यह एक प्रोसेस है और इसके लिए सबसे जरूरी चीज क्या है कि हमारी प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षा पूरी तरीके से गुणात्मक और साथ ही साथ वैज्ञानिक होनी चाहिए वैज्ञानिक शिक्षा से द्वारा ही व्यक्ति समझ सकता है कि कोई आदमी जन्म के आधार पर कैसे उचिया हिंदी में हो सकता है जातिवाद को कानून बनाकर तो खत्म चली जा सकता इसके लिए सोशल अवेयरनेस सामाजिक जागरूकता की बहुत आवश्यकता है कि मनुष्य मनुष्य में कोई भेद हो ही नहीं सकता हमारा ब्लड ग्रुप एक है हमारी सारी संरचना बनावट लगभग 1 है तो यह सब चीजें समझाई जा सकती है इस प्रकार से यह काफी लंबी चलने वाली प्रक्रिया है आजकल अंतर जाति विवाह ओं की संख्या जिसको माता-पिता भी मान्यता दे रहे हैं वह भारी मात्रा में हो रहे हैं यदि जातिवाद को खत्म करने के लिए एक बहुत बड़ा परिवर्तन दिख रहा है मुझे अब चाहता हूं कि सरकार अंतरजातीय विवाह करने वालों को कुछ प्रोत्साहन राशि कोई नौकरी उसमें कुछ ऐसी चीज दे ताकि लोग समाज में इस को मान्यता प्रदान करें क्योंकि जहां देखिए सरकार का कानून और समाज का अपना अलिखित कानून दोनों जब एक दूसरे से टकराते हैं तो हमेशा समाज के अलिखित कानून की विजय होती है ना कि सरकार के कानून की इसलिए सोशल अवेयरनेस बहुत जरूरी है

aapne poocha hai ki hamare desh ko jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai dekhiye jaatiwad ki jade gehri hai yah koi ek event nahi hai ki 1 din me 2 din me ya 1 saal me khatam kiya ja sake yah isko khatam karne ki ek prakriya hai yah ek process hai aur iske liye sabse zaroori cheez kya hai ki hamari prathmik shiksha se lekar ucch shiksha tak shiksha puri tarike se gunatmak aur saath hi saath vaigyanik honi chahiye vaigyanik shiksha se dwara hi vyakti samajh sakta hai ki koi aadmi janam ke aadhar par kaise uchiya hindi me ho sakta hai jaatiwad ko kanoon banakar toh khatam chali ja sakta iske liye social awareness samajik jagrukta ki bahut avashyakta hai ki manushya manushya me koi bhed ho hi nahi sakta hamara blood group ek hai hamari saari sanrachna banawat lagbhag 1 hai toh yah sab cheezen samjhai ja sakti hai is prakar se yah kaafi lambi chalne wali prakriya hai aajkal antar jati vivah on ki sankhya jisko mata pita bhi manyata de rahe hain vaah bhari matra me ho rahe hain yadi jaatiwad ko khatam karne ke liye ek bahut bada parivartan dikh raha hai mujhe ab chahta hoon ki sarkar antarjaatiye vivah karne walon ko kuch protsahan rashi koi naukri usme kuch aisi cheez de taki log samaj me is ko manyata pradan kare kyonki jaha dekhiye sarkar ka kanoon aur samaj ka apna alikhit kanoon dono jab ek dusre se takaraate hain toh hamesha samaj ke alikhit kanoon ki vijay hoti hai na ki sarkar ke kanoon ki isliye social awareness bahut zaroori hai

आपने पूछा है कि हमारे देश को जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है देखिए जातिवाद की

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Vikas Singh

Political Analyst

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आपका सवाल है हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है देखिए मैं आपको बता देना चाहता हूं जाति व्यवस्था पहले भी थी आज भी है और हमेशा रहेगी मैं जाति व्यवस्था की बात कर रहा हूं जातिवाद की बात नहीं कर रहा हूं जातिवाद का मतलब होता है जब कोई किसी के साथ भेदभाव करता है या भेदभाव उत्पन्न करता है उसे जातिवाद करते हैं भगवान राम किस समय का अगर आप इतिहास उठाएंगे तो भगवान राम गुरुकुल में निषाद राज के साथ पड़े थे भगवान राम ने शबरी के जूठे खाए थे तो क्या उस टाइम जातिवाद था जातिवाद नहीं था जाति व्यवस्था थी जाति व्यवस्था शादी विवाह करने के लिए बनाया गया है राजपूत राजपूत में शादी करें पंडित पंडित की शादी करें हरिजन हरिजन में शादी करें एक धार्मिक व्यवस्था बनाई गई है जब धर्म की बात हो तो सभी लोगों को एकत्रित होना चाहिए सभी लोगों को इकट्ठा होना चाहिए मुसलमानों में भी एससी एसटी ओबीसी जनरल तीनों कैटेगरी होता है उनके में भी जाति व्यवस्था है लेकिन जब धर्म का बात आता है तो सभी लोग इकट्ठा हो जाते हैं और अपने आप को मुसलमान बोलते हैं तो हम हिंदुओं को भी ऐसा ही बोलना पड़ेगा हम सभी लोगों को राजपूतों को पंडितों को हरिजन को यादों को सबको आपस में अच्छा संबंध बनाकर रखना चाहिए और जब धर्म की बात आए तो हम लोगों को हिंदू के नाम पर इकट्ठा होना चाहिए अपने में एकता स्थापित करना चाहिए आपस में टूटना नहीं चाहिए जैसे मेरा नाम विकास सिंह राजपूत है मैं अब अपना नाम लिखूंगा विकास सिंह राजपूत और ब्रैकेट में हिंदू जैसे किसी का नाम विवेक पांडे है तो लिखेगा विवेक पांडे ब्रैकेट में हिंदू किसी का नाम अश्वनी यादव है अब वह अपना नाम लिखेगा सोनी यादव ब्रैकेट में हिंदू तो सभी हिंदू धर्म के जाति के लोग जब अपना नाम इस तरीके से लिखेंगे तो हिंदुत्व को मजबूती मिलेगी और जो जातिवाद हमारे धर्म धर्म में है वह खत्म हो जाएगा और फिर हिंदुओं में एकता स्थापित हो जाएगी कश्मीर में साढे तीन लाख पंडितों को कश्मीर छोड़कर भागना पड़ता है 1990 में और वहां के मुसलमान काफी अत्याचार करते हैं कश्मीरी पंडितों के ऊपर और डायलॉग भी बोला जाता है कश्मीरी पंडितों के साथ अत्याचार हुआ कश्मीरी पंडितों के साथ अत्याचार हुआ है टाइप से मानसिक विचार को खत्म करने का प्रयास किया गया था जब नेता और समाज के सभी लोग कश्मीरी हिंदू पंडितों के साथ अत्याचार हुआ है इस भाषा का प्रयोग किए होते तो हिंदुओं ने कश्मीरी लोगों से न जाने कब का बदला ले लिया होता है लेकिन कश्मीरी पंडित कहकर पंडितों के ऊपर ही इसका पूरा जीना छोड़ दिया कि पंडित जी लोग आप लोगों के साथ अत्याचार हुआ है और आप लोग अत्याचार का बदला लेना है तो लो नहीं लेना है तो मत लो लेकिन कश्मीरी हिंदू पंडितों के साथ अगर यह शब्द बड़े बड़े नेता बोले होते तो हमारे देश का हिंदुत्व उसी समय जाग गया होता तो इसलिए धर्म के नाम पर सभी लोग इकट्ठा हुई है जाति व्यवस्था पहले भी थी अभी है जाति व्यवस्था शादी विवाह करने के लिए है और जातिवाद ना तो हमारे देश में कभी था ना है और ना आगे रहेगा इसके लिए हम लोगों को कार्य करना होगा लोग कहते हैं कि उच्च जाति के लोगों ने छोटी जाति के साथ अत्याचार किया कभी अत्याचार नहीं हुआ भैया यह भी एक टाइप से भ्रम फैलाए अंग्रेजों के माध्यम से मुगलों के माध्यम से कम्युनिस्टों के माध्यम से बड़े जाति के लोग छोटे जाति के लोगों को बहुत सम्मान देते हैं हम लोग राजपूत हैं घर जाते हैं अगर कोई बुजुर्ग है काम करने वाला हमारे घर तो हम तुरंत उसका पैर छूते हैं कोई आता है तो हम लोग तुरंत उसे उन्हें कुर्सी देते हैं आदर्श बैठ आते हैं आदर सम्मान सुन को उन्हें पानी पिलाते पहले भी ऐसा होता था इक्का-दुक्का लोग देखिए अच्छे बुरे होते हैं और इक्का-दुक्का लोगों से यह नहीं कहा जा सकता कि सभी लोग गड़बड़ है तो इसलिए सब भ्रम बिल्कुल नहीं फैलाना चाहिए और इन सब धर्मों के ऊपर एकदम अच्छे से सोचिए तो इसलिए आइए हम सभी लोग अपने नाम के हिंदू लगाकर अपने धर्म में एकता स्थापित करें और जातिवाद को खत्म करें धन्यवाद

aapka sawaal hai hamare desh me jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai dekhiye main aapko bata dena chahta hoon jati vyavastha pehle bhi thi aaj bhi hai aur hamesha rahegi main jati vyavastha ki baat kar raha hoon jaatiwad ki baat nahi kar raha hoon jaatiwad ka matlab hota hai jab koi kisi ke saath bhedbhav karta hai ya bhedbhav utpann karta hai use jaatiwad karte hain bhagwan ram kis samay ka agar aap itihas uthayenge toh bhagwan ram gurukul me nishad raj ke saath pade the bhagwan ram ne shabri ke juthe khaye the toh kya us time jaatiwad tha jaatiwad nahi tha jati vyavastha thi jati vyavastha shaadi vivah karne ke liye banaya gaya hai rajput rajput me shaadi kare pandit pandit ki shaadi kare harijan harijan me shaadi kare ek dharmik vyavastha banai gayi hai jab dharm ki baat ho toh sabhi logo ko ekatrit hona chahiye sabhi logo ko ikattha hona chahiye musalmanon me bhi SC ST OBC general tatvo category hota hai unke me bhi jati vyavastha hai lekin jab dharm ka baat aata hai toh sabhi log ikattha ho jaate hain aur apne aap ko musalman bolte hain toh hum hinduon ko bhi aisa hi bolna padega hum sabhi logo ko rajputo ko pandito ko harijan ko yaadon ko sabko aapas me accha sambandh banakar rakhna chahiye aur jab dharm ki baat aaye toh hum logo ko hindu ke naam par ikattha hona chahiye apne me ekta sthapit karna chahiye aapas me tutana nahi chahiye jaise mera naam vikas Singh rajput hai main ab apna naam likhunga vikas Singh rajput aur bracket me hindu jaise kisi ka naam vivek pandey hai toh likhega vivek pandey bracket me hindu kisi ka naam ashwani yadav hai ab vaah apna naam likhega sony yadav bracket me hindu toh sabhi hindu dharm ke jati ke log jab apna naam is tarike se likhenge toh hindutv ko majbuti milegi aur jo jaatiwad hamare dharm dharm me hai vaah khatam ho jaega aur phir hinduon me ekta sthapit ho jayegi kashmir me sadhe teen lakh pandito ko kashmir chhodkar bhaagna padta hai 1990 me aur wahan ke musalman kaafi atyachar karte hain kashmiri pandito ke upar aur dialogue bhi bola jata hai kashmiri pandito ke saath atyachar hua kashmiri pandito ke saath atyachar hua hai type se mansik vichar ko khatam karne ka prayas kiya gaya tha jab neta aur samaj ke sabhi log kashmiri hindu pandito ke saath atyachar hua hai is bhasha ka prayog kiye hote toh hinduon ne kashmiri logo se na jaane kab ka badla le liya hota hai lekin kashmiri pandit kehkar pandito ke upar hi iska pura jeena chhod diya ki pandit ji log aap logo ke saath atyachar hua hai aur aap log atyachar ka badla lena hai toh lo nahi lena hai toh mat lo lekin kashmiri hindu pandito ke saath agar yah shabd bade bade neta bole hote toh hamare desh ka hindutv usi samay jag gaya hota toh isliye dharm ke naam par sabhi log ikattha hui hai jati vyavastha pehle bhi thi abhi hai jati vyavastha shaadi vivah karne ke liye hai aur jaatiwad na toh hamare desh me kabhi tha na hai aur na aage rahega iske liye hum logo ko karya karna hoga log kehte hain ki ucch jati ke logo ne choti jati ke saath atyachar kiya kabhi atyachar nahi hua bhaiya yah bhi ek type se bharam failayen angrejo ke madhyam se mugalon ke madhyam se communisthon ke madhyam se bade jati ke log chote jati ke logo ko bahut sammaan dete hain hum log rajput hain ghar jaate hain agar koi bujurg hai kaam karne vala hamare ghar toh hum turant uska pair chhute hain koi aata hai toh hum log turant use unhe kursi dete hain adarsh baith aate hain aadar sammaan sun ko unhe paani peelate pehle bhi aisa hota tha ikka dukka log dekhiye acche bure hote hain aur ikka dukka logo se yah nahi kaha ja sakta ki sabhi log gadbad hai toh isliye sab bharam bilkul nahi faillana chahiye aur in sab dharmon ke upar ekdam acche se sochiye toh isliye aaiye hum sabhi log apne naam ke hindu lagakar apne dharm me ekta sthapit kare aur jaatiwad ko khatam kare dhanyavad

आपका सवाल है हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है देखिए मैं आपको बता द

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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मैं तो भारत में धर्म बाद जातिवाद के एकदम मस्त में प्रतिभाग इस बात का है कि सरकार है ध्यान नहीं देती हैं प्रत्येक आने वाली सरकार केवल वोटों की राजनीति करती है अब तक के कारण के कारण उनको चलाए हुए हैं बाकी 23 इसमें सुधार हो जाए भारत में संवैधानिक सुधारों की आवश्यकता है क्योंकि हमारे देश में संसद में ही देश की सर्वोच्च शक्ति होती है हमारे सांसद बंधुओं सभी इस बात पर विचार करें और वह दो-तीन सुधार कर दें तो यह देश भारत सबसे महान भारत बन सकता है विकसित श्रेणी का देश बन जाएगा नंबर एक तो देश भक्ति के साथ में विभिन्न धर्म और जाति के बंधनों को तोड़कर में लागू करें सिर्फ ओन्ली इंसानियत धर्म को माना जाएगा किसी भी धर्म के सभी धर्मों पर प्रतिबंध है क्योंकि इन धार्मिक सुता हम हम भारतीयों को हम उसका महसूस कर रहे हैं भारती जातिवाद खत्म देख रहे हो यह भिन्नता दाती धर्म की भिन्नता यह हमारे देश की यूनिटी के लिए बहुत बड़ी घातक है इसलिए एकमात्र यह घोषित कर दिया जाए कि स्तर पर भारतीय लिखेंगे आप ना कोई जाति चाहिए मातरम चाहिए तभी जाकर के सुधार हो सकेगा और भारत एकता के संगठन में बन सकेगा आज एक बहुत बड़ी धर्म के मंदिरों को तोड़े और सिर्फ अपने देश के बारे में सोचें प्लीज देश की उन्नति के बारे में सोचें देश के विकास के बारे में सोचें और हम सब मिलकर के असफलता के दौर की तरह जो मरी राष्ट्रीय समस्या है उन को समाप्त करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर के प्रयास करें आज इस बात की

main toh bharat me dharm baad jaatiwad ke ekdam mast me pratibhag is baat ka hai ki sarkar hai dhyan nahi deti hain pratyek aane wali sarkar keval voton ki raajneeti karti hai ab tak ke karan ke karan unko chalaye hue hain baki 23 isme sudhaar ho jaaye bharat me samvaidhanik sudharo ki avashyakta hai kyonki hamare desh me sansad me hi desh ki sarvoch shakti hoti hai hamare saansad bandhuon sabhi is baat par vichar kare aur vaah do teen sudhaar kar de toh yah desh bharat sabse mahaan bharat ban sakta hai viksit shreni ka desh ban jaega number ek toh desh bhakti ke saath me vibhinn dharm aur jati ke bandhanon ko todkar me laagu kare sirf only insaniyat dharm ko mana jaega kisi bhi dharm ke sabhi dharmon par pratibandh hai kyonki in dharmik suta hum hum bharatiyon ko hum uska mehsus kar rahe hain bharati jaatiwad khatam dekh rahe ho yah bhinnata daati dharm ki bhinnata yah hamare desh ki unity ke liye bahut badi ghatak hai isliye ekmatra yah ghoshit kar diya jaaye ki sthar par bharatiya likhenge aap na koi jati chahiye mataram chahiye tabhi jaakar ke sudhaar ho sakega aur bharat ekta ke sangathan me ban sakega aaj ek bahut badi dharm ke mandiro ko tode aur sirf apne desh ke bare me sochen please desh ki unnati ke bare me sochen desh ke vikas ke bare me sochen aur hum sab milkar ke asafaltaa ke daur ki tarah jo mari rashtriya samasya hai un ko samapt karne ke liye kandhe se kandha milakar ke prayas kare aaj is baat ki

मैं तो भारत में धर्म बाद जातिवाद के एकदम मस्त में प्रतिभाग इस बात का है कि सरकार है ध्यान

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Kankan Sarmah

Psychologist

1:09
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हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है दोस्तों सबसे इंपोर्टेंट है अबकी बार कंपनी अगर आपको एजुकेशन या पढ़ाई लिखाई अगर सही ढंग से नहीं मिला होगा तो वैसे आपका विलेज सिस्टम भी उसी हिसाब से लूट लेगा सही क्या है गलत क्या है घोड़ा कौन है कला कौन है तू कब होता है छांव का होता है गरम कहां है ठंडा कहां है पता है वह दिखाएं पोटेंट है आप जिस हिसाब से आफ एजुकेशन लेते हो आपका मिला है वह सही होना जरूरी होता है

hamare desh me jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai doston sabse important hai abki baar company agar aapko education ya padhai likhai agar sahi dhang se nahi mila hoga toh waise aapka village system bhi usi hisab se loot lega sahi kya hai galat kya hai ghoda kaun hai kala kaun hai tu kab hota hai chanv ka hota hai garam kaha hai thanda kaha hai pata hai vaah dikhaen potent hai aap jis hisab se of education lete ho aapka mila hai vaah sahi hona zaroori hota hai

हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है दोस्तों सबसे इंपोर्टेंट है अबकी ब

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Dr. Ashwani Kumar Singh

Chairman & Director at VEMS

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नमस्कार देश में जातिवाद खत्म करने के लिए क्या तरीका हो सकता है विजय स्तंभ है वह बनाकर और कभी बहुत अच्छी चीजें आप ग्रंथ में खराब हो जाती अपने देश में भी यही हुआ है अभी आप महाभारत की कथा चल रही है टीवी पे अब देखेंगे कि राजा संतन की शादी मत्स्य राजा की कन्या से हुआ हिम्मत एस राजा अगर जांच में स्कोर बताएं कम्युनिटी में बताएं तो उसको बोलते हैं मल्लाह अंबाला से मल्ला जो शब्द है यह कम्युनिटी मतलब उस काम को करने वाले लोगों को ऐसे शब्द ड्राइवर अगर गाड़ी जो चलाते हैं क्या बोलिए काम करने वाले लोगों का हो जाता है अब उसमें क्या वंशानुक्रम में वह चीज में उस काम में उस बिजनेस में उस क्लास की 30 बाई जेनरेशन टो जेनरेशन चले आ जाए * जाए तू नहीं कर सकता था या नहीं किया वो समझने की कोशिश करें तो बहुत सारी चीजें अभी कौन दृष्टांत आपको बताते हैं कुंती जिनका महाभारत में नाम सुनते हैं उनके अपने जो पिता थे वह यादव राजा रायसेन थे सुनते जाइए ध्यान से सुनिए गा तिथियों को अब एनालाइज कर पढ़िए यादव राजा रायसेन की पुत्री का नाम आपका अर्पिता को राजा रायसेन में अपने फेरे भाई राजा कुंती भुज को दिल्ली उनका पहले से प्रॉमिस था क्योंकि राजा कुंती पुत्र संतान ही वो कोई संतान नहीं थी उन्होंने वादा किया था कि जब उनको पहली संतान होगी तो उनको दे अभी ए राजा रायसेन की बेटी जब राजा कुंती भूत के आए तो वह पिता से कुंती हो गए राजा कुंतीभोजा उसका नाम कुंती रख दीजिए आप महाभारत में सुनते हैं पात्र के बारे में सुनते हैं उनके समुदाय की सुनते हैं वह कहां से कहां विस्तार और इंटरेस्टिंग बात बताते पहले के राजा के किले हुआ करते थे उसमें सब कुछ था खाने-पीने रहने अनाज संग्रह है यह बाकी चीजें थी लेकिन शौचालय नहीं हुआ करते चले बाहर जाते थे उन्हीं दिनों जब खिले को चारों तरफ से विरोधी राजाओं ने घेर लिया एवं से लड़ाई होने लगी तो विरोधी पक्ष के जो सैनिक के सैनिक के वीर थे वह किसी वजह से लड़ाई में अगर पकड़े गए तो उनको कैद करके केले में रखा गया और जब शौचालय नहीं थी तो जो उसकी व्यवस्था हुई उसको साफ करने में इन्हीं लोगों को लगाया गया और कुछ काल के बाद यह हो गए सफाई कर्मचारी जिसको अभी के बहुत सारे जगह पर को बेहतर कमिटी से या जाटों का फिर इस वक्त आपको बता रहे जितने भी बड़े-बड़े सीधी जियाजी है जो सफाई का काम कंपनियां ग्लेनेलग अब यह कंपनियां कोई इस कमिटी का काम है उसके लोग नहीं ले रहे हैं बहुत पढ़े लिखे लोग हैं जिनको आप उन्नत कहते थे जिनको आदमी करते थे जिनको अगड़ा काटे तो सारे लोग काम कर रहे हैं और आपको जानकर ताज्जुब होगा जो लोग यह काम कर रहे हैं उनके कमेटी में इनको वही बोला जाता है भले उनके सामने ना बोले लेकिन बोलते हैं कि तो भला काम करता है मैं व्यक्तिगत तौर पर जानता हूं कि बाटा के बहुत सारे एजेंसी बहुत से जिनको आप काम नहीं करते उनके पास और आज से नहीं है पिछले 40 साल के पास कहने का मतलब यह है कि आपको जिस चीज का आपके यहां जांच नहीं की आप क्या मोबाइल की क्लासिफिकेशन था उस समय जरूरत थी समाज की जरूरत के हिसाब से चलती तो वह केवल सैन्य विद्या में पारंगत सेना को पंडिताई नहीं सिखाई जाती उसको केवल सेंड टेक्नोलॉजी और 24 वर्ष करिएगा तो आप पहुंच जाएगा कि उस काल में क्यों ऐसा था और दूसरा निवेदन है कि अगर इसको खत्म करना बंद करेंगे अपने आप नेता अपने को स्थापित कर लेता है यह उसी का आपके लोगों का काम करने वाले करना चाहते हैं उसके लिए योग नहीं आप उसको काम लीजिएगा त्रिकोणमिति का आरती दीजिए बदल चुकी हैं कुछ लोग जो बिना कुछ किए हुए सकता और समाज पर अपना आधिपत्य चाहते हैं वही लोग इसको जिंदा करके रखे आपकी होशियारी है किन की होशियारी को खत्म करें और देश को आगे लेकर जाइए जय भारत जय भारत

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नमस्कार देश में जातिवाद खत्म करने के लिए क्या तरीका हो सकता है विजय स्तंभ है वह बनाकर औ

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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जातिवाद को खत्म करने के लिए सबसे अच्छा तरीका यही है कि सबको कह दिया जाए कि जाकिर लिख दिया आपका नाम रमेश का पिक्चर उसके अलावा एक बहुत अच्छा जी का फैशन चल गया है आज तो शादीशुदा लड़कियां अपना नाम लिखते हैं अपने भावों की क्या स्थिति है कि ससुराल वालों की राशि बढ़ावा देने वाली बात है क्या सोच क्यों यह कर रही है कुछ समझ नहीं आ रहा दिल से दिल को सूरज बढ़ता जा रहा है मैंने अपना नाम क्या अपने बाप की खातिर अपने पति का क्या होता है इससे मुझे फॉलो करो आप

jaatiwad ko khatam karne ke liye sabse accha tarika yahi hai ki sabko keh diya jaaye ki zakir likh diya aapka naam ramesh ka picture uske alava ek bahut accha ji ka fashion chal gaya hai aaj toh shaadishuda ladkiya apna naam likhte hain apne bhavon ki kya sthiti hai ki sasural walon ki rashi badhawa dene wali baat hai kya soch kyon yah kar rahi hai kuch samajh nahi aa raha dil se dil ko suraj badhta ja raha hai maine apna naam kya apne baap ki khatir apne pati ka kya hota hai isse mujhe follow karo aap

जातिवाद को खत्म करने के लिए सबसे अच्छा तरीका यही है कि सबको कह दिया जाए कि जाकिर लिख दिया

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राकेश

Journalist

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देश में जातिवाद को खत्म करने के लिए पहले समाज में जागरूकता लानी होगी लोगों को समझाना होता है यह व्यवस्था किसी के विकास के लिए नहीं बल्कि हमें आपस में बैठकर लगवाने के लिए बहुत बड़ा नुकसान हम अपनी संगठन संगठन शक्ति को देख के रूप में देख सकते हैं लोग या राजनीतिक इसका फायदा उठाकर हमारा शोषण करता हर चीज में अमित रखते हैं तो जातिवाद को खत्म करने का सबसे बड़ा का तरीका केवल जाता है उसके बाद जब लोगों को जागरूक हो जाएंगे तो सरकार पर पैसे डालता हुआ अपने आप इसको खत्म करवा सकते हैं

desh me jaatiwad ko khatam karne ke liye pehle samaj me jagrukta lani hogi logo ko samajhana hota hai yah vyavastha kisi ke vikas ke liye nahi balki hamein aapas me baithkar lagwane ke liye bahut bada nuksan hum apni sangathan sangathan shakti ko dekh ke roop me dekh sakte hain log ya raajnitik iska fayda uthaakar hamara shoshan karta har cheez me amit rakhte hain toh jaatiwad ko khatam karne ka sabse bada ka tarika keval jata hai uske baad jab logo ko jagruk ho jaenge toh sarkar par paise dalta hua apne aap isko khatam karva sakte hain

देश में जातिवाद को खत्म करने के लिए पहले समाज में जागरूकता लानी होगी लोगों को समझाना होता

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हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है कि आपका सवाल जो है मेरे हिसाब से बहुत लोगों को मैसेज भी लग सकती लेकिन जो मेरा मेरा पर्स पैक्टिव है इसके ऊपर मीना जी नजरिया वह यह है कि जातिवाद क्यों खत्म करना है क्योंकि जो हमारा देश है यही तो उसकी ताकत है कि डायवर्सिटी डायवर्सिटी डायग्राम से लोग हैं धनवंतरी के लोग हैं हर 1 किलोमीटर आप जब जाते हैं कुछ किलोमीटर दूर तो वहां की भाषा चेंज होती है लैंग्वेज चेंज होते हैं वहां का पहनावा चेंज होता है खान पीन चेंज होता है सब कुछ होता है आप कोई भी देश में जाएंगे एक ही भाषा बोल रहे हैं एक ही चीज खा रहे हैं कुछ कुछ नहीं है मगर भारत क्यों भारत है क्योंकि इतनी प्रकार की उस में भिन्नता है फिर भी एक यूनिटी है कुछ प्रॉब्लम होता है वह हर जगह रहते हैं जातिवाद को लेकर लेकिन अगर आप इसको अच्छे नजरिए से देखें कि जातिवाद एक्ट आज आप अपने ही देश में रहकर अलग-अलग भोजन का स्वाद ले सकते हैं अलग-अलग पहनावे पहन सकते हैं अलग-अलग लोग जीवन कैसे जीते हैं उनका नजरिया क्या उसको इज्जत भी क्या है आप यह बात क्यों करें कि जातिवाद क्यों खत्म कर देनी चाहिए क्योंकि आप इसको और कोई नजर से देखते हैं कि यह समाज में गलत है या जातिवाद सही नहीं है जातिवाद कोई दिक्कत नहीं है कोई प्रॉब्लम नहीं है अगर सब इंसान एक दूसरे की इज्जत करें प्रेम करें करुणा रखें प्रेमभाव रखें तो मुझे नहीं लगता जातिवाद कोई प्रॉब्लम नहीं है मैं बोलूंगा यह हमारे देश के लिए हमारे लोगों के लिए एडवांटेज हमें एक दूसरे से कितने खुश सीखने को मिलता है आज आप गांव में जाएंगे अलग-अलग वहां के अलग-अलग तरीके हैं स्वास्थ्य ठीक रखने का अलग चीजें हैं वहां की पूजन विधि अलग है कुछ हमारे देश में जाने को और जाति भेद क्यों खत्म करना है उसको नहीं खत्म करना क्योंकि फिर मजा खत्म हो जाएगा फिर सारे लोग सूट बूट में घूमेंगे उसका आनंद नहीं रहेगा सब ब्रेड टोस्ट बटर जूस खाएंगे उसमें आनंद नहीं आएगा जब आप और कहीं जाएंगे तो छोले बटोरे खाएंगे और थोड़ी दूर जाएंगे तो आप दिल्ली डोसा खाएंगे कहीं जाएंगे तो आप और कुछ खाएंगे कहीं जाएंगे तो सरसों के साथ खाएंगे कहीं जाएंगे पराठे खाएंगे कितनी सारी चीजें हमारे देश में यह सब आनंद खत्म हो जाएगा तो फिर यह जो जातिवाद है यह सिर्फ हमारे दिमाग में है गलत तरीके से तो बोलते हैं कोई भी चीज को हम अपने आप को मजबूत करने के लिए या कमजोर करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं तो जातिवाद एक बहुत अच्छी चीज है भाई लोगों के नजरिए से जीवन देखने का आज जो लोग गांव में रहते हैं उनका जीवन जीने का तरीका लगे जो लोग साउथ के गांव में रहते उनका जीवन जीने का तरीका अलग है जो लोग यहां से शहर में रहते हैं उनका हर एक गांव में अलग-अलग सब कुछ तरीका अलग लगाना है अलग-अलग कपड़े कितने खुश हैं कितना खुश है सीखने को जानने कुछ लोड करने को कोई जाने की दरकार ही नहीं है मुझे तो लगता भारत ही बहुत है अगर यह देख लिया ऐसे तो आपने देखा ही नहीं आज तो मेरे हिसाब से जातिवाद प्लीज खत्म नहीं करना चाहिए एक बार आप भी सोचिए अगर आपको ऐसा लगता है वह आपकी राय है मैं उसमें देखना कि नहीं करूंगा लेकिन जरा सोचिए अगर सही तरीके से हम इसको माने अगर हम सब लोग अगर इसको समझे तो बहुत ही सुंदर चीज है यह कोई हटाने वाली चीज नहीं है आजकल जानता हूं जाति के नाम बहुत कुछ होता लेकिन इंग्लिश सही से हम अपनी नजर ही को लेकर जो पढ़े-लिखे युवा रहे हैं जो गांव वाले लोग हैं सब कुछ एक साथ चले तो वह क्या चीज ओके लेकिन हम समझते नहीं तो कुछ-कुछ को खत्म नहीं करना कोई भी चीज जो नष्ट होने वह नष्ट हो जाएगी आपको खत्म नहीं करनी पड़ी यह तो बढ़ाने वाली चीज है इसको बढ़ाना है ना ही - और अच्छे तरीके से बनाना है ना कि बुरे करें धन्यवाद

hamare desh me jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai ki aapka sawaal jo hai mere hisab se bahut logo ko massage bhi lag sakti lekin jo mera mera purse paiktiv hai iske upar meena ji najariya vaah yah hai ki jaatiwad kyon khatam karna hai kyonki jo hamara desh hai yahi toh uski takat hai ki dayavarsiti dayavarsiti diagram se log hain dhanavantari ke log hain har 1 kilometre aap jab jaate hain kuch kilometre dur toh wahan ki bhasha change hoti hai language change hote hain wahan ka pahanava change hota hai khan pin change hota hai sab kuch hota hai aap koi bhi desh me jaenge ek hi bhasha bol rahe hain ek hi cheez kha rahe hain kuch kuch nahi hai magar bharat kyon bharat hai kyonki itni prakar ki us me bhinnata hai phir bhi ek unity hai kuch problem hota hai vaah har jagah rehte hain jaatiwad ko lekar lekin agar aap isko acche nazariye se dekhen ki jaatiwad act aaj aap apne hi desh me rahkar alag alag bhojan ka swaad le sakte hain alag alag pahnawe pahan sakte hain alag alag log jeevan kaise jeete hain unka najariya kya usko izzat bhi kya hai aap yah baat kyon kare ki jaatiwad kyon khatam kar deni chahiye kyonki aap isko aur koi nazar se dekhte hain ki yah samaj me galat hai ya jaatiwad sahi nahi hai jaatiwad koi dikkat nahi hai koi problem nahi hai agar sab insaan ek dusre ki izzat kare prem kare corona rakhen premabhav rakhen toh mujhe nahi lagta jaatiwad koi problem nahi hai main boloonga yah hamare desh ke liye hamare logo ke liye advantage hamein ek dusre se kitne khush sikhne ko milta hai aaj aap gaon me jaenge alag alag wahan ke alag alag tarike hain swasthya theek rakhne ka alag cheezen hain wahan ki pujan vidhi alag hai kuch hamare desh me jaane ko aur jati bhed kyon khatam karna hai usko nahi khatam karna kyonki phir maza khatam ho jaega phir saare log suit boot me ghumenga uska anand nahi rahega sab bread toast butter juice khayenge usme anand nahi aayega jab aap aur kahin jaenge toh chole batore khayenge aur thodi dur jaenge toh aap delhi dosha khayenge kahin jaenge toh aap aur kuch khayenge kahin jaenge toh sarso ke saath khayenge kahin jaenge parathe khayenge kitni saari cheezen hamare desh me yah sab anand khatam ho jaega toh phir yah jo jaatiwad hai yah sirf hamare dimag me hai galat tarike se toh bolte hain koi bhi cheez ko hum apne aap ko majboot karne ke liye ya kamjor karne ke liye istemal kar sakte hain toh jaatiwad ek bahut achi cheez hai bhai logo ke nazariye se jeevan dekhne ka aaj jo log gaon me rehte hain unka jeevan jeene ka tarika lage jo log south ke gaon me rehte unka jeevan jeene ka tarika alag hai jo log yahan se shehar me rehte hain unka har ek gaon me alag alag sab kuch tarika alag lagana hai alag alag kapde kitne khush hain kitna khush hai sikhne ko jaanne kuch load karne ko koi jaane ki darkaar hi nahi hai mujhe toh lagta bharat hi bahut hai agar yah dekh liya aise toh aapne dekha hi nahi aaj toh mere hisab se jaatiwad please khatam nahi karna chahiye ek baar aap bhi sochiye agar aapko aisa lagta hai vaah aapki rai hai main usme dekhna ki nahi karunga lekin zara sochiye agar sahi tarike se hum isko maane agar hum sab log agar isko samjhe toh bahut hi sundar cheez hai yah koi hatane wali cheez nahi hai aajkal jaanta hoon jati ke naam bahut kuch hota lekin english sahi se hum apni nazar hi ko lekar jo padhe likhe yuva rahe hain jo gaon waale log hain sab kuch ek saath chale toh vaah kya cheez ok lekin hum samajhte nahi toh kuch kuch ko khatam nahi karna koi bhi cheez jo nasht hone vaah nasht ho jayegi aapko khatam nahi karni padi yah toh badhane wali cheez hai isko badhana hai na hi aur acche tarike se banana hai na ki bure kare dhanyavad

हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है कि आपका सवाल जो है मेरे हिसाब से

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Manish Bhargava

Trainer/ Mentor in Delhi education deptt.

2:40
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आपका प्रश्न है हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है हमारे देश में जातिवाद और जातीय था कि दोनों ही चीजें बहुत हद तक हर जगह दिखाई देती है इसको खत्म करने का सबसे पहला तरीका है कि पूरे देश से कानूनन जाति नाम का शब्द बिल्कुल हटा दिया जाए कोई किसी जाति का ना हो लेकिन ऐसा नहीं किया जा सकता क्योंकि कई लोगों को जाति के आधार पर ही चुनाव लड़ना की सुविधा मिलती है कई पद मिलते हैं कई प्रकार के फायदे होते हैं तो बोलो विरोध करेंगे कुछ ना कुछ कोई भी चेक से लगी सरकार लेगी तो लोकतंत्र में विरोध उसका होगा ही क्योंकि हमारे देश में जाति वोट बैंक के रूप में कन्वर्ट हो चुकी है और अब कोई भी पार्टी है कोई भी सरकारी नहीं चाहिए खत्म हो क्योंकि हर कोई सत्ता का सुख भोग राज जाति के आधार पर कई पार्टियां बनी ही जाति के आधार पर है तब्बू कभी नहीं चाहिए कि जातिवाद खत्म हो इसका तो ना पूरा फायदा मिल रहा है कई लोगों को कानूनन संविधान एक आधार जाति के आधार पर मिले हुए हैं 3 को खत्म करने की बात करते हैं तो लोग कहते हैं कि 1000 साल पहले ऐसा हुआ था किसी का बदला लेने के लिए तो बना नहीं है इस साल पहले ही करना चाह रहे हैं कानूनन जाति नाम की चीज पूरी तरह से हट जाए कोई किसी जाति का नहीं है सब बराबर हैं हर कोई एक इंसान है कोई भी किसी भी जाति का नहीं है दूसरी चीज दूसरी कास्ट में शादी होने लगा तेरी माली जाति नहीं भी हटा पा रही है सरकार क्योंकि कानून और संविधान के आधार पर भी कई लोगों को संरक्षण दिया हुआ तो जाती नहीं हटा पारी सरकार दूसरी जात कस्टमर मैरिज होने लगे लेकिन अब भी समस्या वही है ऐसी स्थिति होने के बाद भी कई बार देखा गया है कि जाति के आधार पर ही लोगों पर कानूनन एक्टर लगते हैं सजा मिलती हैं तो ऐसी स्थिति में इस देश से हटा पाना अब तो ऐसा नहीं लगता कि यह हट पाएगा क्योंकि अब इसने एक पूरी तरह से वोट बैंक का रूप ले लिया है और कोई भी वोट बैंक को करने वाला ही नहीं चाहते क्योंकि इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है जो गरीब तबका है उसको कोई फायदा मिल ही नहीं रहा वह सिर्फ अपने नेताओं का आईडियोलॉजिकली इस लघु बना हुआ और वह लड़का है नितेश के मजे ले रहे हैं वह तो सब लोग यदि चाहें कानूनन इसको बिल्कुल हटाया जा सकता है पर चुकी है इतनी गहरी तरीके से कानूनन जड़ों में जम चुका है कि जो भी इसका फायदा लेना उसे कभी हटाने नहीं देगा

aapka prashna hai hamare desh me jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai hamare desh me jaatiwad aur jatiye tha ki dono hi cheezen bahut had tak har jagah dikhai deti hai isko khatam karne ka sabse pehla tarika hai ki poore desh se kanunan jati naam ka shabd bilkul hata diya jaaye koi kisi jati ka na ho lekin aisa nahi kiya ja sakta kyonki kai logo ko jati ke aadhar par hi chunav ladana ki suvidha milti hai kai pad milte hain kai prakar ke fayde hote hain toh bolo virodh karenge kuch na kuch koi bhi check se lagi sarkar legi toh loktantra me virodh uska hoga hi kyonki hamare desh me jati vote bank ke roop me convert ho chuki hai aur ab koi bhi party hai koi bhi sarkari nahi chahiye khatam ho kyonki har koi satta ka sukh bhog raj jati ke aadhar par kai partyian bani hi jati ke aadhar par hai tabu kabhi nahi chahiye ki jaatiwad khatam ho iska toh na pura fayda mil raha hai kai logo ko kanunan samvidhan ek aadhar jati ke aadhar par mile hue hain 3 ko khatam karne ki baat karte hain toh log kehte hain ki 1000 saal pehle aisa hua tha kisi ka badla lene ke liye toh bana nahi hai is saal pehle hi karna chah rahe hain kanunan jati naam ki cheez puri tarah se hut jaaye koi kisi jati ka nahi hai sab barabar hain har koi ek insaan hai koi bhi kisi bhi jati ka nahi hai dusri cheez dusri caste me shaadi hone laga teri maali jati nahi bhi hata paa rahi hai sarkar kyonki kanoon aur samvidhan ke aadhar par bhi kai logo ko sanrakshan diya hua toh jaati nahi hata paari sarkar dusri jaat customer marriage hone lage lekin ab bhi samasya wahi hai aisi sthiti hone ke baad bhi kai baar dekha gaya hai ki jati ke aadhar par hi logo par kanunan actor lagte hain saza milti hain toh aisi sthiti me is desh se hata paana ab toh aisa nahi lagta ki yah hut payega kyonki ab isne ek puri tarah se vote bank ka roop le liya hai aur koi bhi vote bank ko karne vala hi nahi chahte kyonki isse sabse zyada prabhavit hai jo garib tabaka hai usko koi fayda mil hi nahi raha vaah sirf apne netaon ka aidiyolajikli is laghu bana hua aur vaah ladka hai nitesh ke maje le rahe hain vaah toh sab log yadi chahain kanunan isko bilkul hataya ja sakta hai par chuki hai itni gehri tarike se kanunan jadon me jam chuka hai ki jo bhi iska fayda lena use kabhi hatane nahi dega

आपका प्रश्न है हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है हमारे देश में जाति

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:39
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हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है किसी भी काम के लिए चाहे वह नौकरी हो तो गिरा दो हाथी का गठन कब किया जाता है इन दोनों ही को हटाकर इंसान की जिंदगी में राष्ट्रीयता का नमूना चाहिए उन लोगों के लिए जो कानूनी रूप से सरकारी दस्तावेज बनाने के लिए जरूरी है अजब इन दस्तावेजों के आधार पर प्रश्न उठेगा सॉन्ग किसी जाति और किस ढंग से दूसरी बात इंसान को आत्मा से जुगाड़ करना पड़ेगा हम सब मानव जाती है और सब एक दूसरे में त्रिपुरा के जब जब एक दूसरे के पूरक होंगे तो समाज में सारी पिक्चर था सारी दुनिया खत्म हो जाएगी और लोग केवल एक तरफ रहेंगे और वह है इंसानियत और वह है मनोज झांकी डाटा का अंत मानवता को जन्म देगा इंसानियत को जन्म देगा और इंसान की मूर्ति सबसे बड़ी शक्ति है जिओ से एक सेक्स मानव के रूप में उसे जीवन का एक आधार मिले

hamare desh me jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai kisi bhi kaam ke liye chahen vaah naukri ho toh gira do haathi ka gathan kab kiya jata hai in dono hi ko hatakar insaan ki zindagi me rastriyata ka namuna chahiye un logo ke liye jo kanooni roop se sarkari dastavej banane ke liye zaroori hai ajab in dastawejon ke aadhar par prashna uthega song kisi jati aur kis dhang se dusri baat insaan ko aatma se jugaad karna padega hum sab manav jaati hai aur sab ek dusre me tripura ke jab jab ek dusre ke purak honge toh samaj me saari picture tha saari duniya khatam ho jayegi aur log keval ek taraf rahenge aur vaah hai insaniyat aur vaah hai manoj jhanki data ka ant manavta ko janam dega insaniyat ko janam dega aur insaan ki murti sabse badi shakti hai jio se ek sex manav ke roop me use jeevan ka ek aadhar mile

हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है किसी भी काम के लिए चाहे वह नौकरी

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Abhay Pratap

Advocate | Social Welfare Activist

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जाति खत्म करने की विचारधारा अलग है परंतु इसका एक सच यह भी है कि आदमी को जाकिर से अलग होकर उसे एक जाति में संघ के रूप में एकता के रूप में रहना चाहिए जिससे उसकी एकता उसकी शर्म बिट्टी उसका सम्मान और बढ़ेगा और इस जाति के नियमों को पालन करने से व्यक्ति में आदर्श पता होता है उसकी पीढ़ियों में सद्बुद्धि दें और बड़े कौन होते हैं अतः जाट को खत्म करने की जगह पूरी और मजबूत और शक्तिशाली बनाना चाहिए

jati khatam karne ki vichardhara alag hai parantu iska ek sach yah bhi hai ki aadmi ko zakir se alag hokar use ek jati me sangh ke roop me ekta ke roop me rehna chahiye jisse uski ekta uski sharm bitti uska sammaan aur badhega aur is jati ke niyamon ko palan karne se vyakti me adarsh pata hota hai uski peedhiyon me sadbuddhi de aur bade kaun hote hain atah jaat ko khatam karne ki jagah puri aur majboot aur shaktishali banana chahiye

जाति खत्म करने की विचारधारा अलग है परंतु इसका एक सच यह भी है कि आदमी को जाकिर से अलग होकर

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Liyakat Ali Gazi

Motivational Speaker, Life Coach & Soft Skills Trainer 📲 9956269300

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हमारे देश में जातिवाद को खत्म करने का एक ही तरीका है जिसको बोलते हैं भाईचारा कायम करना और लोगों की मन और दिमाग में जो है मानवता और भाईचारे को भरना की मिसाल कायम करना तभी जो है जातिवाद खत्म हो सकता है और लोगों को जितने ज्यादा शिक्षित होते जाएंगे उतना ही ज्यादा जातिवाद भी खत्म होता जाएगा लेकिन यह राजनीति एक ऐसी चीज है जो इंसान के अंदर से जातिवाद खत्म नहीं होने देती

hamare desh me jaatiwad ko khatam karne ka ek hi tarika hai jisko bolte hain bhaichara kayam karna aur logo ki man aur dimag me jo hai manavta aur bhaichare ko bharna ki misal kayam karna tabhi jo hai jaatiwad khatam ho sakta hai aur logo ko jitne zyada shikshit hote jaenge utana hi zyada jaatiwad bhi khatam hota jaega lekin yah raajneeti ek aisi cheez hai jo insaan ke andar se jaatiwad khatam nahi hone deti

हमारे देश में जातिवाद को खत्म करने का एक ही तरीका है जिसको बोलते हैं भाईचारा कायम करना और

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Shubham Saini

Software Engineer

0:19
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समाज में अगर में सुधार करनी है ना तो क्या कर सकते हैं नई पीढ़ी कर सकती है नवयुवक लोग ही कर सकता है सोच बदलो और जात बौद्ध धर्म व जितना भी कुछ है सब खत्म करो और एकता के डोर में बंधे

samaj me agar me sudhaar karni hai na toh kya kar sakte hain nayi peedhi kar sakti hai navayuvak log hi kar sakta hai soch badlo aur jaat Baudh dharm va jitna bhi kuch hai sab khatam karo aur ekta ke door me bandhe

समाज में अगर में सुधार करनी है ना तो क्या कर सकते हैं नई पीढ़ी कर सकती है नवयुवक लोग ही कर

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:33
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हमारे देश में जातिवाद को खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है जातिवाद खत्म करना हमारे देश से काफी मुश्किल है क्योंकि जब तक चुनाव होते रहेंगे जब तक हमारे देश में राजकारण रहेगा जो कि हमेशा रहने वाला है और वह नेता लोग जातियों में और संप्रदायों में बांटने वाले इसके लिए अगर हमें सोचना है तो हमें खुद को सोचना चाहिए हम अपने आप को अगर जातिवाद से मुक्त करते हैं हम पर एक इंसान को अपना मित्र माने उसके धर्म को ना देखें तो जातिवाद अपने आप खत्म हो जाएगा चुनाव 5 साल में एक बार आते हैं और चुनाव आते हो चले जाते हैं वोट लेकर और वह तो अपने ही फायदे में लग जाते हैं लेकिन हमें तो जिंदगी जिसके साथ गुजारनी है चाहे वह हमारा जो भी पड़ोसी हो भाई बन मित्र हो या रिश्तेदारों तो हमें विभिन्न लोगों के साथ रहकर जिंदगी में जीना पड़ता है जिंदगी को आगे बढ़ाना पड़ता है उसमें अगर हम जातिवाद को अगर मास्टर देंगे तो समस्या आनी जरूरी है इसलिए जाति भारत को अपने मन से निकालेंगे खुद सब लोग ऐसी शुरुआत करेंगे तो जातिवाद निकल सकता है और सब लोग खुशहाल रह सकते गाना

hamare desh me jaatiwad ko khatam karne ka kya tarika ho sakta hai jaatiwad khatam karna hamare desh se kaafi mushkil hai kyonki jab tak chunav hote rahenge jab tak hamare desh me rajkaran rahega jo ki hamesha rehne vala hai aur vaah neta log jaatiyo me aur sampradayon me baantne waale iske liye agar hamein sochna hai toh hamein khud ko sochna chahiye hum apne aap ko agar jaatiwad se mukt karte hain hum par ek insaan ko apna mitra maane uske dharm ko na dekhen toh jaatiwad apne aap khatam ho jaega chunav 5 saal me ek baar aate hain aur chunav aate ho chale jaate hain vote lekar aur vaah toh apne hi fayde me lag jaate hain lekin hamein toh zindagi jiske saath gujarani hai chahen vaah hamara jo bhi padosi ho bhai ban mitra ho ya rishtedaron toh hamein vibhinn logo ke saath rahkar zindagi me jeena padta hai zindagi ko aage badhana padta hai usme agar hum jaatiwad ko agar master denge toh samasya aani zaroori hai isliye jati bharat ko apne man se nikalenge khud sab log aisi shuruat karenge toh jaatiwad nikal sakta hai aur sab log khushahal reh sakte gaana

हमारे देश में जातिवाद को खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है जातिवाद खत्म करना हमारे देश से

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दोस्तों आपने जो देश में जातिवाद खत्म करने का जो तरीका पूछा है या इस टॉपिक पर जो बात करने की आपने विचार आपके दिमाग में है तो मैं आपको यह बता देता हूं कि जब तक यह राजनीति या राजनीतिक जो नेता है यह चलता रहेगा तब तक जातिवाद खत्म नहीं हो सकता क्योंकि इनके पास तो मैंने जो मुद्दा होता चुनाव लड़ने का चुनाव में जो मैं इनके पास होता है वह जातिवादी होता है जातिवाद के हिसाब से ही है आगे चलते इनके पास कोई देश में विकास का या देश को आगे बढ़ाने का कोई तरीका या कोई मुद्दा नहीं है इसलिए जातिवाद को अपने देश में खत्म करना बहुत ही मुश्किल है और किसी भी एंगल से लगता नहीं है किसको किया जा सकता है क्या क्योंकि सारे राजनीतिक नेता है नेता जो हैं और जो यह जितनी भी राजनीति जो होती है स्पा पॉलिटिक्स बोलते हो वह सारी जातिवाद पर ही होती है

doston aapne jo desh me jaatiwad khatam karne ka jo tarika poocha hai ya is topic par jo baat karne ki aapne vichar aapke dimag me hai toh main aapko yah bata deta hoon ki jab tak yah raajneeti ya raajnitik jo neta hai yah chalta rahega tab tak jaatiwad khatam nahi ho sakta kyonki inke paas toh maine jo mudda hota chunav ladane ka chunav me jo main inke paas hota hai vaah jativadi hota hai jaatiwad ke hisab se hi hai aage chalte inke paas koi desh me vikas ka ya desh ko aage badhane ka koi tarika ya koi mudda nahi hai isliye jaatiwad ko apne desh me khatam karna bahut hi mushkil hai aur kisi bhi Angle se lagta nahi hai kisko kiya ja sakta hai kya kyonki saare raajnitik neta hai neta jo hain aur jo yah jitni bhi raajneeti jo hoti hai spa politics bolte ho vaah saari jaatiwad par hi hoti hai

दोस्तों आपने जो देश में जातिवाद खत्म करने का जो तरीका पूछा है या इस टॉपिक पर जो बात करने क

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SUBHASH RAO

Spoken English Trainer

2:59
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हेलो फ्रेंड तो आपका प्रश्न बहुत अच्छा है हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है तो मैं आपको बताना चाहूंगा कि अगर देश में जातिवाद खत्म करना है तो सबसे पहले देश की गिनती करा कर देश में जनगणना करा कर उन सब को एक नया रिश्ता बनाना चाहिए कि इस देश में जो जो जितनी जातियां हैं उन सब का सिर्फ नाम लिखना चाहिए ना कि उनके आगे जाति धर्म लिखना चाहिए कि आप किस जात से हैं और किस धर्म से है यह सरकारी दस्तावेज ऐसा होना चाहिए और उनका जो प्रमाण पत्र हैं वह सभी नए बांधने चाहिए उसमें सिर्फ नाम होना चाहिए ना कि धर्म होना चाहिए और नाराज होना चाहिए सरकारी रिकॉर्ड में तब मुझे लगता है कि यह जांच वास्ता खत्म हो जाएगी क्योंकि आज बहुत लोग ऐसे हैं जो जातिवाद को सिर्फ इतना समझते हैं कि छुआछूत उन्हें ऐसा लगता है कि अब ज्यादा भेदभाव नहीं हो रहा है शहरों में नहीं हो रहा गांव में नहीं हो रहा है क्योंकि लोग पहले उनके यहां जा नहीं सकते थे उनके द्वार पर बैठ नहीं सकते थे परछाई से डरते थे ऐसा नहीं है कि खत्म हो गया बस बस वह जज्बात बनाए रखने का तरीका बदल गया है तो कहीं राजनीतिक जातिवाद है तो कहीं सरकारी नौकरियों में लेकर जांच भागता दिखाई दे रहे हैं मतलब हर जगह जाता है अभी आप 33 परसेंट 33029 एमपी जो है जातिवाद से भरे हुए क्योंकि हमने देखा उसमें की बहुत ऐसे एमपी हैं जिन जिन के ऊपर आपराधिक मामला दर्ज है लेकिन वह जीतकर इसलिए पहुंच जाते हैं सांसद बन जाते हैं सांसद बन जाते हैं एमपी बन जाते हैं क्योंकि विशेष जाति से आते हैं तो इसलिए मुझे लगता है कि हाथ में खत्म करना बहुत जरूरी है आपने देखा ना जांच बात करने वाला सिर्फ यह नहीं कि उठने बैठने से ऐसा नहीं है जातिवाद का तरीका बदल गया जांच वार्ता हर जगह दिखाई दे रहे हैं और जातिवाद के चक्कर में काफी लोग जो हमारे जा रहे हैं उनके साथ जुल्म हो रहा है तो मुझे लगता है कि यह जांच वास्ता खत्म करके सरकारी रजिस्टर में उनका सिर्फ नाम लिखा जाना चाहिए ना ज्यादा लिखना चाहिए ना धर्म लिखना चाहिए हां यह अलग बात है कि जो जिस-जिस जात से जिस धर्म से वह अपने धर्म का पालन करता रहे अपने धर्म का क्रियान्वयन करता रहे और वह मंदिर में पूजा पाठ करने ज्यादा मंदिर जाए अगर वह मस्जिद में जाते हैं मस्जिद जाए अगर वह जेल में जाते हैं तो जन्म जाया करो बहुत-बहुत दुआएं अपना कर सकते हैं लेकिन सरकारी दस्तावेज में ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए कि आप किस जात के हैं किस धर्म के हैं धन्यवाद

hello friend toh aapka prashna bahut accha hai hamare desh me jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai toh main aapko batana chahunga ki agar desh me jaatiwad khatam karna hai toh sabse pehle desh ki ginti kara kar desh me janganana kara kar un sab ko ek naya rishta banana chahiye ki is desh me jo jo jitni jatiya hain un sab ka sirf naam likhna chahiye na ki unke aage jati dharm likhna chahiye ki aap kis jaat se hain aur kis dharm se hai yah sarkari dastavej aisa hona chahiye aur unka jo pramaan patra hain vaah sabhi naye bandhne chahiye usme sirf naam hona chahiye na ki dharm hona chahiye aur naaraj hona chahiye sarkari record me tab mujhe lagta hai ki yah jaanch vasta khatam ho jayegi kyonki aaj bahut log aise hain jo jaatiwad ko sirf itna samajhte hain ki chuachut unhe aisa lagta hai ki ab zyada bhedbhav nahi ho raha hai shaharon me nahi ho raha gaon me nahi ho raha hai kyonki log pehle unke yahan ja nahi sakte the unke dwar par baith nahi sakte the parchai se darte the aisa nahi hai ki khatam ho gaya bus bus vaah jazbaat banaye rakhne ka tarika badal gaya hai toh kahin raajnitik jaatiwad hai toh kahin sarkari naukriyon me lekar jaanch bhagta dikhai de rahe hain matlab har jagah jata hai abhi aap 33 percent 33029 MP jo hai jaatiwad se bhare hue kyonki humne dekha usme ki bahut aise MP hain jin jin ke upar apradhik maamla darj hai lekin vaah jeetkar isliye pohch jaate hain saansad ban jaate hain saansad ban jaate hain MP ban jaate hain kyonki vishesh jati se aate hain toh isliye mujhe lagta hai ki hath me khatam karna bahut zaroori hai aapne dekha na jaanch baat karne vala sirf yah nahi ki uthane baithne se aisa nahi hai jaatiwad ka tarika badal gaya jaanch varta har jagah dikhai de rahe hain aur jaatiwad ke chakkar me kaafi log jo hamare ja rahe hain unke saath zulm ho raha hai toh mujhe lagta hai ki yah jaanch vasta khatam karke sarkari register me unka sirf naam likha jana chahiye na zyada likhna chahiye na dharm likhna chahiye haan yah alag baat hai ki jo jis jis jaat se jis dharm se vaah apne dharm ka palan karta rahe apne dharm ka kriyanvayan karta rahe aur vaah mandir me puja path karne zyada mandir jaaye agar vaah masjid me jaate hain masjid jaaye agar vaah jail me jaate hain toh janam jaya karo bahut bahut duaen apna kar sakte hain lekin sarkari dastavej me aisa bilkul nahi hona chahiye ki aap kis jaat ke hain kis dharm ke hain dhanyavad

हेलो फ्रेंड तो आपका प्रश्न बहुत अच्छा है हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो

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Sachidanand Joshi

Naturopath Yoga Trainer

1:57
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार हमारे जीवन में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है जो जाती है वह कभी नहीं जाती हमारे जीवन जातिवाद को खत्म करने का कोई तरीका ही नहीं है और अगर कोई तरीका होगा तो उसे नेता लोग कामयाब होने ही नहीं देंगे क्योंकि जाति जो है वह कभी नहीं की यह बात सत्य साबित हो चुकी है बहुत बार जातियों को खत्म करने की कोशिश की गई है जाति खत्म नहीं होती क्योंकि बहुत रोड लोगों की रोटियां उसमें से कई होती है बहुत से लोग उससे अपना एक जीवन यापन कर रहे हैं तो वह जाति को क्यों ना जाने कहां जाने देंगे जाती हिंदुओं में भी जाती है मुसलमानों में भी जाती है सिखों में भी जाती है सब सब धर्मों में जाति सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि जाति के नाम पर ही लोगों को बेवकूफ बनाकर है ना अत्यंत जिन्होंने काम कराए जाते हैं और किए जाते हैं तो यह मिथ्या बात है कि हमारे देश से जाति खत्म हो जाएगी जाति खत्म होगी ही नहीं अगर कुछ लोग करना भी चाहते होंगे तो जो ना करने वाले हैं वह लोग ज्यादा है तो जाति को समाप्त होने ही नहीं देंगे तुम्हें बड़ा दुखी हो आपके पास में खुद देखकर आपने बहुत अच्छा प्रश्न किया है कि हमारे देश में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है तरीका कुछ नहीं हो सकता मैं तो 50 साल से देख रहा हूं कि बोलते समय करता कोई नहीं और जो करना चाहता है उसे दबा दिया जाता है नमस्कार मैं सच्चिदानंद जोशी योगाचार्य एवं नेचरोपैथ

namaskar hamare jeevan me jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai jo jaati hai vaah kabhi nahi jaati hamare jeevan jaatiwad ko khatam karne ka koi tarika hi nahi hai aur agar koi tarika hoga toh use neta log kamyab hone hi nahi denge kyonki jati jo hai vaah kabhi nahi ki yah baat satya saabit ho chuki hai bahut baar jaatiyo ko khatam karne ki koshish ki gayi hai jati khatam nahi hoti kyonki bahut road logo ki rotiyan usme se kai hoti hai bahut se log usse apna ek jeevan yaapan kar rahe hain toh vaah jati ko kyon na jaane kaha jaane denge jaati hinduon me bhi jaati hai musalmanon me bhi jaati hai Sikhon me bhi jaati hai sab sab dharmon me jati sabse mahatvapurna hai kyonki jati ke naam par hi logo ko bewakoof banakar hai na atyant jinhone kaam karae jaate hain aur kiye jaate hain toh yah mithya baat hai ki hamare desh se jati khatam ho jayegi jati khatam hogi hi nahi agar kuch log karna bhi chahte honge toh jo na karne waale hain vaah log zyada hai toh jati ko samapt hone hi nahi denge tumhe bada dukhi ho aapke paas me khud dekhkar aapne bahut accha prashna kiya hai ki hamare desh me jaatiwad khatam karne ka kya tarika ho sakta hai tarika kuch nahi ho sakta main toh 50 saal se dekh raha hoon ki bolte samay karta koi nahi aur jo karna chahta hai use daba diya jata hai namaskar main sacchidanand joshi yogacharya evam nechropaith

नमस्कार हमारे जीवन में जातिवाद खत्म करने का क्या तरीका हो सकता है जो जाती है वह कभी नहीं ज

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