स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है?...


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ashish yogi

Founder & Director - Meditation Magics

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गुरु आपके प्रश्न का उत्तर है गुरु योग विद्या के अंदर जो कुछ भी चलेगा गुरु के अनुसार शरण गुरु की मर्जी और गुरु की सहमति से चलेगा कोई भी साधक बिना गुरु के चार झटके इस दिशा में रत्ती भर भी प्रगति नहीं कर सकता यह हठधर्मिता का चित्र नहीं है उनका चित्र नहीं है दिखावे का चित्र नहीं है यह गुरु के साथ परम गोपनीयता का चित्र है जहां पर गुरु अपने शिष्य को जो बताता है वह पूर्व के बताए हुए मार्ग दर्शन का पालन करता है और अपनी इक्षित अवस्था में प्रवेश कर जाता है निश्चित अवस्था से मेरा संदर्भ साधक की सोच और समझ नहीं है वह अवस्था जो साधक को पूर्णता देती है क्योंकि बहुत सारी इच्छाएं और अभिलाषा है ऐसी भी हो सकती हैं जो हमें संसार चक्र में फंसाते हैं और हमारे को बर्बादी देती हैं लेकिन जब गुरु का अनुशासन छोड़ जाता है तो हमारी सारी इच्छाएं अभिलाषा गुरु की हो जाती हैं और गुरु जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले चले गुरु जो परम कल्याणकारी हो गुरु जो परम आधार पर नमन का पात्र हो वह गुरु हमें हमारे जीवन के निश्चित उद्देश्य तक हमको पहुंचा देता है इसलिए बिना गुरु के इसी योगिक साधना में कुछ भी संभव नहीं है धन्यवाद

guru aapke prashna ka uttar hai guru yog vidya ke andar jo kuch bhi chalega guru ke anusaar sharan guru ki marji aur guru ki sahmati se chalega koi bhi sadhak bina guru ke char jhatake is disha me ratti bhar bhi pragati nahi kar sakta yah hathadharmita ka chitra nahi hai unka chitra nahi hai dikhaave ka chitra nahi hai yah guru ke saath param gopaniyata ka chitra hai jaha par guru apne shishya ko jo batata hai vaah purv ke bataye hue marg darshan ka palan karta hai aur apni ikshit avastha me pravesh kar jata hai nishchit avastha se mera sandarbh sadhak ki soch aur samajh nahi hai vaah avastha jo sadhak ko purnata deti hai kyonki bahut saari ichhaen aur abhilasha hai aisi bhi ho sakti hain jo hamein sansar chakra me fasate hain aur hamare ko barbadi deti hain lekin jab guru ka anushasan chhod jata hai toh hamari saari ichhaen abhilasha guru ki ho jaati hain aur guru jo hamein andhakar se prakash ki aur le chale guru jo param kalyaankari ho guru jo param aadhar par naman ka patra ho vaah guru hamein hamare jeevan ke nishchit uddeshya tak hamko pohcha deta hai isliye bina guru ke isi yogic sadhna me kuch bhi sambhav nahi hai dhanyavad

गुरु आपके प्रश्न का उत्तर है गुरु योग विद्या के अंदर जो कुछ भी चलेगा गुरु के अनुसार शरण गु

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Pankaj Sharma

Yoga Instructor

1:27
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रॉन्ग मेडिटेशन के लिए हम अपने पांचों ज्ञानेंद्रियों पर कंट्रोल करना चाहिए आप ना पूजा जी और कौन पांचू का नंदी ऊपर कंट्रोल होगा तो केवल हम अंतर्मुखी हो जाएंगे जो हम अंतर्मुखी हो जाते हैं तो हम एक और आत्मा पर गहन अध्ययन करते हैं हम ऐसी दिशा में चले जाते हैं यहां पर हमें कहानी का पता चलता है ना बात का पता चलता है हम बिलकुल निर्मल हो जाते हैं बिल्कुल शांत हो जाते हैं और अपनी ध्यान में अपनी सांसों की ध्यान पर या ईश्वर की ध्यान में किसी एक में लग जाते हैं या उनका ध्यान करते हैं और उसी में हम घंटों बैठे रहते हैं आंखों को बंद करके पूरे ध्यान के साथ अमित परमानंद शुभ कामना करते हैं ध्यान के माध्यम से

wrong meditation ke liye hum apne panchon gyanendriyon par control karna chahiye aap na puja ji aur kaun panchu ka nandi upar control hoga toh keval hum antarmukhi ho jaenge jo hum antarmukhi ho jaate hain toh hum ek aur aatma par gahan adhyayan karte hain hum aisi disha me chale jaate hain yahan par hamein kahani ka pata chalta hai na baat ka pata chalta hai hum bilkul nirmal ho jaate hain bilkul shaant ho jaate hain aur apni dhyan me apni shanson ki dhyan par ya ishwar ki dhyan me kisi ek me lag jaate hain ya unka dhyan karte hain aur usi me hum ghanto baithe rehte hain aakhon ko band karke poore dhyan ke saath amit parmanand shubha kamna karte hain dhyan ke madhyam se

रॉन्ग मेडिटेशन के लिए हम अपने पांचों ज्ञानेंद्रियों पर कंट्रोल करना चाहिए आप ना पूजा जी और

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Sadhak Anshit

Yoga Teacher

2:07
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आपका प्रश्न है कि स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है अर्थात गहरे ध्यान का सही मार्ग क्या है गहरे ध्यान का सर्वोत्तम मार्ग अभी तक भारतवर्ष में जो रहा वह आनापान सती और विपश्यना ध्यान विधि कहा जिसे गौतम बुद्ध ने 26 वर्ष पूर्व इस भारतवर्ष के लोगों को सिखाई एवं समझाएं अष्टांग योग का मार्ग अष्टांग के 8 अंगों पर निर्धारित होता है ये 8 अंग थे यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान एवं समाधि अगर हम इन 8 अंकों का क्रम सा अनुशासन और पूर्ण इमानदारी के साथ पालन करें तो हम ध्यान के कठिन मार्ग पर बेहद सरलता से चल सकते हैं लेकिन गहरा ध्यान करने के लिए जो चीजें आवश्यक होते हैं उसमें से सर्वप्रथम चीज तो यह है कि हमारा मन का भटकाव कम हो जाए हम जिस भी विधि का प्रयोग कर रहे हैं चाहे वह आनापान से क्षत्रिय वीडियो जिसमें हम विश्वास विश्वास को देखते हैं या त्राटक विधि हो जिसमें हम अपनी आंखों से किसी एक बिंदु को लगातार एकटक देखते हैं या अन्य कोई विधि हर विधि में आपको अपने शरीर की संपूर्ण ऊर्जा को किसी एक बिंदु पर पूरी तरह केंद्रित करना पड़ेगा इस तरह पूरी तरह केंद्रीकरण करके हम अपने मन को वर्तमान पर लाते हैं जिस वजह से हमारे मन में चल रहे समस्त विचार धीरे-धीरे मत मंद पड़ जाते हैं और हम ध्यान के पहले भाग से प्राप्त अर्थात गहरे ध्यान के तरफ अग्रसर हो जाते हैं धन्यवाद

aapka prashna hai ki strong meditation ka sahi rasta kya hai arthat gehre dhyan ka sahi marg kya hai gehre dhyan ka sarvottam marg abhi tak bharatvarsh me jo raha vaah anapan sati aur vipashyana dhyan vidhi kaha jise gautam buddha ne 26 varsh purv is bharatvarsh ke logo ko sikhai evam samjhaye ashtanga yog ka marg ashtanga ke 8 angon par nirdharit hota hai ye 8 ang the yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan evam samadhi agar hum in 8 ankon ka kram sa anushasan aur purn imaandari ke saath palan kare toh hum dhyan ke kathin marg par behad saralata se chal sakte hain lekin gehra dhyan karne ke liye jo cheezen aavashyak hote hain usme se sarvapratham cheez toh yah hai ki hamara man ka bhatkaav kam ho jaaye hum jis bhi vidhi ka prayog kar rahe hain chahen vaah anapan se kshatriya video jisme hum vishwas vishwas ko dekhte hain ya tratak vidhi ho jisme hum apni aakhon se kisi ek bindu ko lagatar ekatak dekhte hain ya anya koi vidhi har vidhi me aapko apne sharir ki sampurna urja ko kisi ek bindu par puri tarah kendrit karna padega is tarah puri tarah kendrikaran karke hum apne man ko vartaman par laate hain jis wajah se hamare man me chal rahe samast vichar dhire dhire mat mand pad jaate hain aur hum dhyan ke pehle bhag se prapt arthat gehre dhyan ke taraf agrasar ho jaate hain dhanyavad

आपका प्रश्न है कि स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है अर्थात गहरे ध्यान का सही मार्ग क

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स्ट्रांग मेडिसिन का सही रास्ता होता है हमारे जीवन का नित्य नियम इतना अगर हमारे जीवन में लिख के नियमित बना है और हम मेडिटेशन के दरिया से अगर हमारे शरीर की खेल पावर का इस्तेमाल ज्यादा होता है और रोग प्रतिकारक शक्ति हमारे शरीर में अगर बढ़ती है तो यही सबसे स्ट्रांग मेडिसन का बहुत बड़ा रास्ता है

strong medicine ka sahi rasta hota hai hamare jeevan ka nitya niyam itna agar hamare jeevan me likh ke niyamit bana hai aur hum meditation ke dariya se agar hamare sharir ki khel power ka istemal zyada hota hai aur rog pratikarak shakti hamare sharir me agar badhti hai toh yahi sabse strong medicine ka bahut bada rasta hai

स्ट्रांग मेडिसिन का सही रास्ता होता है हमारे जीवन का नित्य नियम इतना अगर हमारे जीवन में लि

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

2:54
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आपका क्वेश्चन है जहां तक है मेरा मानना है कि स्ट्रांग मेडिटेशन का सही तरीका क्या है देखी स्ट्रांग मेडिकेशन जो आप का शब्द है मैं स्टेशन तुम्हें स्टेशन होता ही है उसके लिए आप अभी वर्तमान में ज्यादा से ज्यादा प्रणाम करें चाहे कि प्राणायाम करने से व्यक्ति के मानसिक स्थिति तनाव और शारीरिक स्थिति बिल्कुल उपयुक्त हो जाती है व्यक्ति अपने आपको इनविटेशन करने के लिए अपने आपको उपयुक्त समझने लगता है और यहां तक मेरा मानना है कि इसमें थोड़ा सा धर्म से वास्ता अध्यात्म से वास्ता रखना नितांत आवश्यक है और तनाव मुक्त जीवन व्यतीत करना आवश्यक है और पेट को साफ रखना यष्टि की समस्या ना हो करण की शरीर जब तक स्वस्थ नहीं होगा पूर्णता शारीरिक मानसिक तौर पर जब तक आप बिल्कुल स्वस्थ नहीं होंगे तब तक स्ट्रांग मेडिटेशन जो आप बोल रहे हैं नहीं कर पाएंगे उसके लिए आप ब्रह्म मुहूर्त में जागने का प्रयास कीजिए नित्य क्रियाओं से निवृत्त होने का प्रयास कीजिए और तदुपरांत स्नान आदि करने के बाद वज्रासन की स्थिति में आप बैठकर कम से कम 1 घंटे तक अनुलोम विलोम प्राणायाम करें भस्त्रिका कपालभाति करें ओम चैटिंग करें इससे क्या होगा कि आप अपने को काफी मन वचन कर्म स्टेशन करने के लिए अपने आपको तैयार पाएंगे तब जाकर आप स्ट्रांग में स्टेशन के बारे में आपको सोचना अनिवार्य होगा पहले उसकी प्राथमिकताओं पर आपको ज्यादा बलदेव और प्रक्रियाओं को पहले करें मैं किशन कोई बहुत बड़ी बात नहीं है उन लोगों के लिए वही बात है जिनको बहुत जिला तनाव है जिसका मन और चित्त स्थिर ना रहता है या शारीरिक तौर पर कहीं न कहीं से किसी तरीके से बीमार है तो इन सारी बुराइयों से आपको पहले दूर होना पड़ेगा इन सारी बीमारियों से दूर होना पड़ेगा तदुपरांत आप स्ट्रांग में टेशन कर पाएंगे धन्यवाद

aapka question hai jaha tak hai mera manana hai ki strong meditation ka sahi tarika kya hai dekhi strong medication jo aap ka shabd hai main station tumhe station hota hi hai uske liye aap abhi vartaman me zyada se zyada pranam kare chahen ki pranayaam karne se vyakti ke mansik sthiti tanaav aur sharirik sthiti bilkul upyukt ho jaati hai vyakti apne aapko invitation karne ke liye apne aapko upyukt samjhne lagta hai aur yahan tak mera manana hai ki isme thoda sa dharm se vasta adhyaatm se vasta rakhna nitant aavashyak hai aur tanaav mukt jeevan vyatit karna aavashyak hai aur pet ko saaf rakhna yashti ki samasya na ho karan ki sharir jab tak swasth nahi hoga purnata sharirik mansik taur par jab tak aap bilkul swasth nahi honge tab tak strong meditation jo aap bol rahe hain nahi kar payenge uske liye aap Brahma muhurt me jagne ka prayas kijiye nitya kriyaon se sevanervit hone ka prayas kijiye aur taduprant snan aadi karne ke baad vajrasan ki sthiti me aap baithkar kam se kam 1 ghante tak anulom vilom pranayaam kare bhastrika kapalbhati kare om chatting kare isse kya hoga ki aap apne ko kaafi man vachan karm station karne ke liye apne aapko taiyar payenge tab jaakar aap strong me station ke bare me aapko sochna anivarya hoga pehle uski prathamiktaon par aapko zyada baldev aur prakriyaon ko pehle kare main kishan koi bahut badi baat nahi hai un logo ke liye wahi baat hai jinako bahut jila tanaav hai jiska man aur chitt sthir na rehta hai ya sharirik taur par kahin na kahin se kisi tarike se bimar hai toh in saari buraiyon se aapko pehle dur hona padega in saari bimariyon se dur hona padega taduprant aap strong me teshan kar payenge dhanyavad

आपका क्वेश्चन है जहां तक है मेरा मानना है कि स्ट्रांग मेडिटेशन का सही तरीका क्या है देखी स

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Ankit Laur

Yoga Instructor

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सांसों की गति पर ध्यान क्योंकि साथ ही अपने सजन प्रणाली ओंकार है ओंकार पर ध्यान लगा लिया सदा ही आपको पता भी नहीं आपको कितना टाइम हो गया

shanson ki gati par dhyan kyonki saath hi apne sajan pranali onkaar hai onkaar par dhyan laga liya sada hi aapko pata bhi nahi aapko kitna time ho gaya

सांसों की गति पर ध्यान क्योंकि साथ ही अपने सजन प्रणाली ओंकार है ओंकार पर ध्यान लगा लिया

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स्ट्रांग मेडिटेशन शरीर को अपने वश में करते हुए आप जब मेडिटेशन करते हैं यानी कि जिस प्रकार आप समस्त शरीर को अपने शरीर की अष्ट चक्र नाथद्वारा को अपने पूर्व वश में करते हुए ब्रह्मचर्य का व्रत पालन करते हुए मेडिटेशन मेडिटेशन का अपने आपको सब चिंताओं से मुक्त करके एक सही दिशा की ओर अर्पित करना कि मेडिटेशन मेडिटेशन जवाब करते हैं मेडिकेशन करने के बहुत से तरीके हैं आप कुर्सी पर बैठकर मेडिटेशन कर सकते हैं और भूमि पर कंबल का आसन बिछाकर भी मेडिटेशन कर सकते हैं पूरी तरीके से आसमान की ओर आपके शरीर से सटी हुई आंखें बंद और मनुष्य आप ऐसा सोचिए कि आप पूरी तरीके से 1 तरीके से पूरी तरीके से हर विषय से मुक्त हों में जिस प्रकार घोड़े बेचने वाले व्यापारी जब घोड़ा भेज कर चले जाते हैं तो उनको फूल अच्छी नींद आती है और उस सुख पूर्वक सो सकते हैं इसी प्रकार आप मेडिटेशन में लेट जाइए और आप अपने मन में ऐसा सोचे कि आप के पंजे धीरे-धीरे आपकी उंगलियां होती जा रही है और फिर आपके पैरों का बीच का हिस्सा हंजे का बीच का हिस्सा इंडियन शिथिल होती जा रही हैं और धीरे-धीरे एहसास करें या फिर होते जा रहे हैं फिर अपने इंद्रियों पर ध्यान केंद्रित करें और उनको इंडिया के बाद अपने घुटने कोली को अपने नजर डालें और नी को शुरू करें फिर आप जगहों को शीतल करे फिर आप जगहों से ऊपर केस से तो पेट को गोदा को और सारे शरीर को शिथिल करें फिर आप गर्दन से ऊपर कैसे खुशी दोनों हाथों को शीतल करे और बिल्कुल सीधे होकर इस प्रकार अपने आप को शीतल करे जैसे आपका शरीर पूरी तरह निश्चिंत हो गया है और आपके बंद कर अपने आप को एकता के रास्ते पर ले जाएं या नहीं प्रभु का स्मरण करें इस प्रकार जवाब मेडिटेशन करेंगे तो आपके सारे अवध द्वार खुल जाएंगे और आप पूरी तरीके से तन्मयता के साथ अपना कार्य करने लगे

strong meditation sharir ko apne vash me karte hue aap jab meditation karte hain yani ki jis prakar aap samast sharir ko apne sharir ki asht chakra nathadwara ko apne purv vash me karte hue brahmacharya ka vrat palan karte hue meditation meditation ka apne aapko sab chintaon se mukt karke ek sahi disha ki aur arpit karna ki meditation meditation jawab karte hain medication karne ke bahut se tarike hain aap kursi par baithkar meditation kar sakte hain aur bhoomi par kambal ka aasan bichakar bhi meditation kar sakte hain puri tarike se aasman ki aur aapke sharir se shetty hui aankhen band aur manushya aap aisa sochiye ki aap puri tarike se 1 tarike se puri tarike se har vishay se mukt ho me jis prakar ghode bechne waale vyapaari jab ghoda bhej kar chale jaate hain toh unko fool achi neend aati hai aur us sukh purvak so sakte hain isi prakar aap meditation me late jaiye aur aap apne man me aisa soche ki aap ke panje dhire dhire aapki ungaliyan hoti ja rahi hai aur phir aapke pairon ka beech ka hissa hanje ka beech ka hissa indian shithil hoti ja rahi hain aur dhire dhire ehsaas kare ya phir hote ja rahe hain phir apne indriyon par dhyan kendrit kare aur unko india ke baad apne ghutne koli ko apne nazar Daalein aur ni ko shuru kare phir aap jagaho ko shital kare phir aap jagaho se upar case se toh pet ko goda ko aur saare sharir ko shithil kare phir aap gardan se upar kaise khushi dono hathon ko shital kare aur bilkul sidhe hokar is prakar apne aap ko shital kare jaise aapka sharir puri tarah nishchint ho gaya hai aur aapke band kar apne aap ko ekta ke raste par le jayen ya nahi prabhu ka smaran kare is prakar jawab meditation karenge toh aapke saare awadh dwar khul jaenge aur aap puri tarike se tanmayata ke saath apna karya karne lage

स्ट्रांग मेडिटेशन शरीर को अपने वश में करते हुए आप जब मेडिटेशन करते हैं यानी कि जिस प्रकार

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Sam Yoga

Health and Fitness Expert

1:56

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्ट्रांग मेडिटेशन के लिए पहले सामान्य मेडिटेशन का अभ्यास करना चाहिए धीरे-धीरे सादर को और जब परिपक्वता नहीं लगती है उसका अभ्यास और गुड़ हो जाता है मजबूत हो जाता है तब स्टोर मेडिटेशन की ओर बढ़ना चाहिए

strong meditation ke liye pehle samanya meditation ka abhyas karna chahiye dhire dhire sadar ko aur jab paripakvata nahi lagti hai uska abhyas aur good ho jata hai majboot ho jata hai tab store meditation ki aur badhana chahiye

स्ट्रांग मेडिटेशन के लिए पहले सामान्य मेडिटेशन का अभ्यास करना चाहिए धीरे-धीरे सादर को और ज

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Umesh Bandoliya

Yoga Expert

2:20
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ध्यान के बारे में आप कुछ रहे हो तो ध्यान जो हमारा एकाग्र होता है वह हम जब अभ्यास करते हैं उसके अनुसार धीरे-धीरे हम उस स्थिति में पहुंच जाते हैं कि हमारा जो ध्यान गहरा होता है उनको करते समय हमें यह ध्यान रखना होता है कि हम अपने जो हम लोग इस क्रिया को कर रहे हैं तो उस टाइम पर हम एनालिसिस करें अपना कि हम किस कितनी गहराई से मैं उस में जाना चाहते हैं तो उसके लिए हमें रेगुलर अभ्यास की आवश्यकता पड़ती है और इसको पहले हमें अपने मन की चंचलता को दूर करना होता है मन की चंचलता तभी दूर होगी जब हम आसन और प्राणायाम का अभ्यास करेंगे सर विश्वास तो होगा और जब प्रणब के माध्यम से जो हम पांच पर स्वास्थ्य की क्रियाएं करने के पश्चात जो हम ध्यान में बैठे तो हमारा मन मस्त बिल्कुल और उस टाइम पर हमारा ध्यान बहुत गहरा होता है इसमें बीवियां कई सारी है चाय आपने आदि युग में लगा सकते हैं चाय आप त्राटक के माध्यम से लगा सकते हैं जिसमें भी आपको अच्छा लगता है और जब आप को ध्यान को लगाते हैं तो धीरे-धीरे आप उसकी खातिर अभ्यासक्रम कथा धीरे-धीरे उसकी काफी गहराई में पहुंच जाते हैं और उसमें डूब जाते हैं तो स्टडी करने के लिए यही है कि आप इनका अभ्यास करें आसन परिणाम उसके अभ्यास के साथ साथ में मेडिटेशन का भी अभ्यास करें तो धीरे-धीरे आप गहरा और भी गहरा ध्यान आप तो कर लेंगे और ध्यान में जिस्म को भी आप मानते हैं जिसकी ग्रुप के पथ पर आंचल पर हैं या जिनको भी आप मानते हैं उनको आप उसमें याद करेंगे या उनकी जो भी आपके मन में स्मृतियां हैं या देवी देवताओं के ऊपर या किसी भी आप मानते हैं आध्यात्मिक प्रवचनों में उनकी बातों पर अगर आप लगाना चाह रहे हैं या किसी और अनाजों के माध्यम से लगा रहे हैं तो आप बहुत गहराई तक उसमें जा सकते इस पद्धति से आप गए हैं उसे पद्धति से आप वापस आ जाइए

dhyan ke bare me aap kuch rahe ho toh dhyan jo hamara ekagra hota hai vaah hum jab abhyas karte hain uske anusaar dhire dhire hum us sthiti me pohch jaate hain ki hamara jo dhyan gehra hota hai unko karte samay hamein yah dhyan rakhna hota hai ki hum apne jo hum log is kriya ko kar rahe hain toh us time par hum analysis kare apna ki hum kis kitni gehrai se main us me jana chahte hain toh uske liye hamein regular abhyas ki avashyakta padti hai aur isko pehle hamein apne man ki chanchalata ko dur karna hota hai man ki chanchalata tabhi dur hogi jab hum aasan aur pranayaam ka abhyas karenge sir vishwas toh hoga aur jab pranab ke madhyam se jo hum paanch par swasthya ki kriyaen karne ke pashchat jo hum dhyan me baithe toh hamara man mast bilkul aur us time par hamara dhyan bahut gehra hota hai isme biwiyaan kai saari hai chai aapne aadi yug me laga sakte hain chai aap tratak ke madhyam se laga sakte hain jisme bhi aapko accha lagta hai aur jab aap ko dhyan ko lagate hain toh dhire dhire aap uski khatir abhyasakram katha dhire dhire uski kaafi gehrai me pohch jaate hain aur usme doob jaate hain toh study karne ke liye yahi hai ki aap inka abhyas kare aasan parinam uske abhyas ke saath saath me meditation ka bhi abhyas kare toh dhire dhire aap gehra aur bhi gehra dhyan aap toh kar lenge aur dhyan me jism ko bhi aap maante hain jiski group ke path par aanchal par hain ya jinako bhi aap maante hain unko aap usme yaad karenge ya unki jo bhi aapke man me smritiyan hain ya devi devatao ke upar ya kisi bhi aap maante hain aadhyatmik pravachanon me unki baaton par agar aap lagana chah rahe hain ya kisi aur anaajon ke madhyam se laga rahe hain toh aap bahut gehrai tak usme ja sakte is paddhatee se aap gaye hain use paddhatee se aap wapas aa jaiye

ध्यान के बारे में आप कुछ रहे हो तो ध्यान जो हमारा एकाग्र होता है वह हम जब अभ्यास करते हैं

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Swami Umesh Yogi

Peace-Guru (Global Peace Education)

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Hemant Yadav

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे अनुसार मेडिटेशन का सबसे सही रास्ता है ओम ओम का जाप करना और दूसरा है सूर को जब वो उधर होता है तब एक ही नजर से देखते रहना सही रास्ता यही है

mere anusaar meditation ka sabse sahi rasta hai om om ka jaap karna aur doosra hai sur ko jab vo udhar hota hai tab ek hi nazar se dekhte rehna sahi rasta yahi hai

मेरे अनुसार मेडिटेशन का सबसे सही रास्ता है ओम ओम का जाप करना और दूसरा है सूर को जब वो उधर

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

निजी रूप से आपका दिन शुभ हो पाएगा

niji roop se aapka din shubha ho payega

निजी रूप से आपका दिन शुभ हो पाएगा

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स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है दीदी स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता सबसे पहले तो है पेशेंट झांसी अगर आप में धैर्य नहीं है तब आपको मेडिटेशन की तरफ सिंह शिर्डी या कोई अच्छे बेनिफिट्स आपको मिले ऐसा बहुत ही ऐसा मैं बोलूं तो मुश्किल नहीं नामुमकिन है तो कुछ चीजें मैं आपको बता रहा हूं मैं आपके सवाल से समझ रहा हूं कि आपने ऑलरेडी मेडिटेशन थोड़ा बहुत किया हुआ है तभी आप बात करें स्ट्रांग मेडिटेशन क्योंकि लोग जेनेली पूछेंगे मेडिटेशन कैसे करें लेकिन आप कुछ इस स्ट्रांग मेडिटेशन कैसे मतलब आपने थोड़ा बहुत मेडिटेशन गया तो मैं आपको बेसिक कुछ बता देता हूं मैंने पिछली बार भी बताई थी लेकिन आपको और इस बार थोड़ा सा और इंडिया विरोध करके बता देता हूं क्या आपको अपने मेडिटेशन को और ध्यान को और बैटर और उसके एक्सप्लेन से आपको और अच्छे हैं उसके लिए तो सबसे पहले जो इंपॉर्टेंट चीज है वह है पूछा आपको कैसे बैठना है आरती पालथी मारकर बैठना है चाकू मारकर बैठने क्योंकि आप सोचेंगे कि आप पांव फैलाकर बैठें आप सोचेंगे कि आप शेयर पर बैठे तो एक्चुअली वैसे मेडिटेशन करने का कोई कोई सही फायदा नहीं है तो आप मेडिटेशन को अगर सच में मास्टर करना चाहते तो सबसे पहले आपको मास्टर करना पड़ेगा अपना पोषण आपको आरती पालथी मारकर बैठने से क्या होता है जो डिस्टेंस नहीं है नहीं है जिसको अपान वायु भी बोलते हैं वह आपके कंट्रोल में आ जाती है सबसे पहली बात तो दूसरी बात आपकी जो बाइक होनी चाहिए वह स्ट्रेट होनी चाहिए पेट का मतलब यह कि बोर्डिंग जो बैठे वो टेंशन नहीं होनी चाहिए बहुत बुरी तरीके से नहीं खींची भी होनी चाहिए आर्किस्मान फॉर्म होनी चाहिए लेकिन टेंशन फ्री होनी चाहिए एक उसमें डीलक्स डीलक्स मैंट लगना चाहिए आपको जब आपको पूछना आपको अनिल जी फिर नहीं होना चाहिए आपको कंफर्ट फील होना चाहिए तो आपकी पूछे जो पहला है आरती पाती मारकर बैठे दूसरा है आपका जो पीठ है बाइक है वह आपकी जो शोल्डर है वह ना तो उठे मैं हूं ना तो आगे झुके पर होना ना तो टाइनी जुके हुए हो ना तो बाय नहीं झुके वो तो कि जब आपके सोल्डर या तो आगे झुके में होते हैं या दाएं की तरफ से बैंक की तरफ या पीछे की तरफ तो अलग-अलग तरह के हॉट ज्यादा प्रभावित करते हैं आपके दिमाग को जोगिया मेडिटेशन के टाइम नहीं चाहते प्राप्ति 200 टैबलेट्स है वह स्ट्रीट सिंपल लाइन में रहने लायक चौथ आज आपकी गर्दन है वह ना तो ऊपर की तरफ उठानी चाहिए ना तो आपका चीन है जो नीचे रहना चाहिए एक हमारे जो गर्दन होत नेशनल से रहता है व्हाट्सएप में रिलैक्स्ड में रहना आपकी जो नजर है जिसको बोलेंगे हम सीधी होनी चाहिए स्थिर होने चाहिए और आंखें जो है आपकी बंद होने चाहिए कुछ-कुछ मेडिटेशंस में जब आप एक लेवल आगे रहते हैं जब कुछ स्तर आपका ऊंचा हो जाता है तब आप खुलकर भी करते लेकिन ज्यादातर आंखें बंद ही होनी चाहिए इससे आपका दिमाग या चेतना आपकी भटकेगी में तो नजर स्थिर होने चाहिए पांचवा छठा पॉइंट जो आपका पूरा अभी तक मैंने बॉडी पोस्टर बताया बताया है वह बहुत ही काम होना चाहिए उसमें कोई टेंशन पूरी बॉडी मैंने हर पार्ट पर नहीं पता लेकिन अब जो यह कंप्लीट पूर्व से लेंगे आप भी बहुत ही आपकी कंफर्ट जोन में होना चाहिए ऐसा नहीं लगना चाहिए कि आपको टॉर्चर किया जा रहा हूं छठी चीज जो आप ध्यान देंगे वह देंगे कि आपकी जो आपके जो अतीत है जो आपकी दांत है वह जोर से गुस्से को दबाए नहीं जस्ट एकदम प्यार से एक दूसरे के ऊपर बस टच करेंगे ऐसे होगा क्या आपने कुछ एक दांत के ऊपर दूसरे दांत को जो है बस धीरे से टिका यावा उस पर ना प्रेशर हो गाना दम लगेगा बहुत लाइट ली से वेट रखा हुआ होगा जो आपके होंठ होंगे वह कभी भी नहीं होनी चाहिए वह बस चलाई थी एक दूसरे को टच कर रहे होंगे हल्के से ऊपर नहीं रहेंगे लेकिन तू आई थी एक दूसरे को टच कर लोगे आप का सातवां आठवां पॉइंट जो है आपकी जीभ है जो आपका टंग है वह आपके जो चालू होते हैं जो तालु आए जहां पर हमारे आगे के दांत ऊपर के दादरा तो उसके ऊपर की तो चालू है वहां पर धीरे से टच हो हल्के फ्लाइट से मास्टर चुनाव आफ मेडिटेशन करने हैं अगर आप लंबे समय तक स्ट्रांग मेडिटेशन करना चाहते हैं तब सलाइवा जनरेट होगा अगर आपका ढंग है वहां पर नहीं होगा तो बार-बार आप अपनी जो आपकी सलाइवा बनेगी तू बनेगी उसको अंगूठे के अंदर गर्लफ्रेंड जैसे आप गलत करेंगे आपका फिर से जो बॉडी कॉन्शसनेस है वहां जा रहे हैं जो हमारे शरीर की चेतना है उसे उपरोक्त जीतेंगे अंदर गोटे अंदर आपको क्या होगा फिर से शरीर की चेतना वापस आ जाएगी इसीलिए आपको अपना जो जीव है जो वह है उसको जो ऊपर का चालू है उसमें लगा के रखना है कि अगर सलाइवा फॉर्म भी होता तो वह धीरे-धीरे खुद-ब-खुद अंदर जाकर रहेगा आप उसको गलत नहीं करना वह नेट पर ही होगा तुझे कुछ और चीज होगी तो मैं फिर से इसको सबको समझ कर दूं टोटल एक तो आप का पोस्टर आरती पालती मार कर बैठना दूसरा आप का भाग जो है वह कंप्लीट रेट होना चाहिए तीसरा जो आपका स्कूल है वह P1 होना चाहिए ना आगे की तरफ नाबालिक ऐड करो उसके साथी जो आपके दोनों हाथ वहां तो आपने पिक्चर्स में दिखेंगे दोनों घुटने में स्पष्ट करके ज्ञान मुद्रा में बहुत सही तरीका नहीं हो वह से फोटो खींचने के लिए ठीक है आपको जो अपने दोनों हाथ है या तो आप दाएं हाथ को बाएं के ऊपर रखी या बाएं हाथ को दाएं के ऊपर एक जैसा आपने बुध के पीछे उसमें ऐसा चीज में देखा होगा और अपने आप आपको उसको अपने गोद पर रखना अपने लाभ में रखना फिर आपको अपनी स्पाइन को देखना है ना ज्यादा टेंशन आ चुकी थी वह बस एक स्ट्रीट पोस्टर में फॉर्म हो लेकिन रिलैक्सो आपकी जो गर्दन है वह नॉर्मल होनी चाहिए एकदम एक्नेसोल उसका जो पूछा रे माझी नाव पर की तरफ नीचे की तरफ उसके बाद जो आपकी दृष्टि है वह होनी चाहिए और सीधी होनी चाहिए उसके बाद जो आपके बस एक दूसरे को हल्का सा टच कर रहे हैं और आपकी जो जी बाय है वह तालुके होनी चाहिए तो यह सारी चीज मैंने बता दी और एक लास्ट जो मेरे स्वामी जी बोलते हैं जो मेरे गुरु है मैं उनसे जो सीखा है वह मैं आप लोगों तक पहुंचा रहा हूं तो उनका कहना है कि स्माइल जब आप मेडिटेशन के टाइम सीरियस होकर नहीं बैठे ऐसे नहीं लगना चाहिए कि कुछ टॉर्च ए रसूल है तो जब आप जेंट्स इस्माइल होनी चाहिए नहीं कि आप बहुत हंसने लग जाओ एक सिंपल सी मुस्कान मंद मंद मुस्कान ने जैसे आपने बुध के पिक्चर्स में देखा बस देखा होगा एक हल्की सी मुस्कान रहती है तो वह हल्की सी मुस्कान है उसके साथ जैसे माइंड काम होता शरीर भी काम हो जाता है तो वह हमारे शरीर के लिए बहुत अच्छा है हमारे ध्यान के लिए बहुत अच्छा है और बहुत लाभदायक है तो यह चीजों का ध्यान रखिए आप तो आपका जो मेडिटेशन है इसी पर आधारित है करिए अच्छे होंगी तो आपका ध्यान MP3 सॉन्ग होते जाएगा और आपका अनुभव और भी अच्छा होती जाएगा और जब आप इतनी मेहनत लगा रहे कुछ उसका फल मिलना है जब भी आप कोई चीज करते तो उसका फल मिलना चाहिए वह टाइमपास एक्टिविटी नहीं रह जाने इन चीजों पर ध्यान दीजिए और फिर आप मुझे अपना अगर आपको लाभ मिलता है तब आप अपना अनुभव मुझसे जरूर बताइए क्या आपने जो इन चीजों को क्या उससे आपको लाभ हुआ धन्यवाद

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स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है दीदी स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता सबसे पहले तो

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Anshu Sarkar

Founder & Director, Sarkar Yog Academy

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहले तो आप पहले सवाल है मेरे को तो कुछ हमें डाल आपका सवाल है स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है अगर स्ट्रांग मेडिसिन करना चाहता है और साथ में सही रास्ता भी खोज रहे हैं यह सब अगर कोई स्ट्रांग चीज को प्राप्त करना चाहता है उसका तो रास्ता आसान नहीं होता तेरा मेरा होता ऊंचा नीचा होता है ठीक है कट्ठा होता है उस सब को पार करके तो मजबूत को प्राप्त किया जा सकता है तो थोड़ा सा अपना मन को शांत करके सोचिए कि आप हमको चाहिए क्या मुझे लगता है कि आपका मन में थोड़ा अनिश्चिता है लैक आफ कॉन्फिडेंस है आपको विश्वास में थोड़ा हल्का सबसे कल माइंडेड है थोड़ा नेगेटिव थॉट्स है कुछ चिंता है तनाव है आने वाला भविष्य सुनहरा बनाना चाहते हैं लेकिन हमें सरकार आपका जिंदगी में इससे निजात पाना चाहते हैं मैं सही हूं इस दिशा में अग्रसर होने जहां पर आपको सफलता कदम चूमेगी उसका मैं आपको सही दिशा देने का प्रयत्न कर रहा हूं आप अपना जीवन में ना केवल मेडिटेशन को साथ ही योग्य बन प्रणब उसके बाद होता है जैसे हमारी योग्यता है यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि शरीर में अगर आपका शरीर निरोग नहीं है तो मन चिंता मुक्त कैसे हो सकता है अगर मन चिंता मुक्त नहीं होगा तो फिर आप ध्यान कैसे लगा सकते हैं इसलिए पहले योग योगासन के द्वारा कई बीमारियों से निजात पा सकते हैं कि अपने स्वास्थ्य का गतिविधि पूरी तरह से आपका नियंत्रण में आएगा एवं स्वास्थ संबंधित बीमारी से निजात पाएंगे बीमारी से लड़ने की शक्ति का विकास होता होगा इधर स्टैंड बढ़ेगा ई-मेल सिस्टम स्ट्रांग होगा फिर उसके बाद आता है अपना चंचल मन को बस में लाने को ही ध्यान कहता है कि आप अपने जीवन में अपनाने योग्य आपका जो चाहा है जो आप चाहते हैं आपको मिलेगा निरोग शरीर चिंता मुक्त मन आप विश्वास भरा दिल पांचों में ताकत जीवन में कुछ कर गुजरने का चाहा निरोग शरीर दीर्घायु चिंता मुक्त सुंदर निरोग एवं शिल्प जीवन के लिए योग्यताएं धन्यवाद

sabse pehle toh aap pehle sawaal hai mere ko toh kuch hamein daal aapka sawaal hai strong meditation ka sahi rasta kya hai agar strong medicine karna chahta hai aur saath me sahi rasta bhi khoj rahe hain yah sab agar koi strong cheez ko prapt karna chahta hai uska toh rasta aasaan nahi hota tera mera hota uncha nicha hota hai theek hai kattha hota hai us sab ko par karke toh majboot ko prapt kiya ja sakta hai toh thoda sa apna man ko shaant karke sochiye ki aap hamko chahiye kya mujhe lagta hai ki aapka man me thoda anishchita hai lac of confidence hai aapko vishwas me thoda halka sabse kal minded hai thoda Negative thoughts hai kuch chinta hai tanaav hai aane vala bhavishya sunehra banana chahte hain lekin hamein sarkar aapka zindagi me isse nijat paana chahte hain main sahi hoon is disha me agrasar hone jaha par aapko safalta kadam choomegi uska main aapko sahi disha dene ka prayatn kar raha hoon aap apna jeevan me na keval meditation ko saath hi yogya ban pranab uske baad hota hai jaise hamari yogyata hai yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi sharir me agar aapka sharir nirog nahi hai toh man chinta mukt kaise ho sakta hai agar man chinta mukt nahi hoga toh phir aap dhyan kaise laga sakte hain isliye pehle yog yogasan ke dwara kai bimariyon se nijat paa sakte hain ki apne swasthya ka gatividhi puri tarah se aapka niyantran me aayega evam swaasth sambandhit bimari se nijat payenge bimari se ladane ki shakti ka vikas hota hoga idhar stand badhega E male system strong hoga phir uske baad aata hai apna chanchal man ko bus me lane ko hi dhyan kahata hai ki aap apne jeevan me apnane yogya aapka jo chaha hai jo aap chahte hain aapko milega nirog sharir chinta mukt man aap vishwas bhara dil panchon me takat jeevan me kuch kar guzarne ka chaha nirog sharir dirghayu chinta mukt sundar nirog evam shilp jeevan ke liye yogyataen dhanyavad

सबसे पहले तो आप पहले सवाल है मेरे को तो कुछ हमें डाल आपका सवाल है स्ट्रांग मेडिटेशन का सही

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Anju Rathi

Yoga Instructor

3:54
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लुगाई क्वेश्चन हेयर स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है आप एकदम से स्ट्रांग मेडिटेशन पर चले जाएंगे भैया एडवांस में चले जाएं ऐसा पॉसिबल तो नहीं है ना तो आपको हमेशा कोई भी चीज स्टार्ट करने में बिगिनिंग चैट करनी पड़ेगी ना शुरुआत से एक बच्चा भी चलने से पहले स्क्रॉल करता है बैठना सीखता है उसके बाद जो धीरे-धीरे स्टेप फॉरवार्ड का था उसके बाद चलता है ऐसे ही हर एक प्रोसेस में आपको स्टेप बाय स्टेप चीजों की जरूरत होती है तो स्ट्रांग मेडिटेशन करने के लिए पहले आपको लाइट मेडिटेशन उससे पहले का प्रोसेस भी करना होगा तो मेडिटेशन से पहले का प्रोसेस होता है योगा आसना आपको योगा आसन करके अपनी बॉडी को स्ट्रांग बनाना है ताकि आपको कोई बॉटम इन ऐसा पेन ना हो योगा का मेडिटेशन करने करते हुए क्योंकि मूसली और कुछ लोगों के साथ ऐसा हुआ है डायरेक्टली मेडिटेशन सेट की है तो बैक्स अगर स्ट्रांग नहीं है काफी टाइम तक अब एक ही पोजीशन में बैठे हैं तो उनको बैक पेन स्टार्ट हो जाता है तो इसलिए आपको योगा आसन आलडैक्टोन करने के लिए फुल बॉडी इंटरनल स्ट्रांग करने के लिए अपने मसल्स सॉन्ग करने के लिए आपको हंसना करना है उसके बाद आपको मेडिटेशन थाट करनी है मेडिटेशन स्टार्ट करने के लिए आप क्या कर सकते हैं पहले तो अपना पिक टाइमिंग कर लीजिए यह टाइमिंग आपको मेडिटेशन पर बैठना है ओके टाइमिंग एक ही जगह पर कि हां आपको यहां पर बैठना मेडिटेशन करने के लिए व्हाट्सएप चैट कर सकते हैं कि आप नार्मल बैठे कि हां चलो जितनी देर आप देख सकते हैं बैठ जाइए ठीक है उसमें आपको फिर ध्यान करना है या तो अपनी रास्ते अपने प्रति अपनी सास की आपकी कैसे सांस चल रही है नॉर्मल फ्लोर एंड लोंग बैक लीजिए विदाउट साउंड और सेकंड आप कर सकते हैं अपने हाथ पर फोकस अपने दिल पर फोकस कर सकते हैं कि वह कैसे धड़क रहा है ओके तो यह चीज योग मेडिटेशन क्या होता है कुछ करना एक चीज पर ओके अगर आपको यह चीज कंट्रोल है आप आप किसी भी भगवान को मानते हैं ओके के गॉड को कोई भी खुदा को किसी को भी तो आपको उन पर ध्यान रखना है अपनी आंखों के बीच में दोनों आंखें अपनी आंखों के बीच में लेकर आनी है ओके तो यह धीरे-धीरे प्रोसेस बढ़ता है स्टार्टिंग में से खूब बैठना सीखना है कि आप एक लिस्ट अपने मन को समझा कर बैठो अदर वाइज आपको हजार जाना तैयार तेरा यह काम पड़ा है तेरे को यहां पर खुजली हो रही तेरे को यहां पर यह हो रहा है पेन हो रहा है यहां पर रहते हो रहा है ऐसा हो रहा है तो बहुत सारी चीजें होती हैं जो मेडिटेशन अपने क्योंकि आपका माइंड अपने कंट्रोल में नहीं होता है मेडिटेशन अगर आप सक्सेस होते हो मेडिकेशन करने में इतनी साफ का माइंड धीरे-धीरे आपके कंट्रोल में आ रहा है तो अपना माइंड कंट्रोल करने के लिए पहले स्टार्टिंग में 2 मिनट बैठिए 3 मिनट 4 मिनट 5 मिनट भी आप टाइम को बढ़ा सकते हो जरूरी नहीं आप डायरेक्ट मेडिटेशन पर चले जाओ धीरे-धीरे ऐसा भी जब तक पूरे कमरे में अंधेरा कर लिया है आप मोमबत्ती जला ली उस उस जुल्लो होती है मोहब्बत थी कि उसको आप देखो देखते रहो देखते रहो तो वह फोकस होता है अगर किसी और से जान जाता है कि आपको यह काम करना है फ्री हो क्या आज यह हुआ क्योंकि आपका मन बार-बार आपके दिल में ख्याल आता है कि ताकि उसको हटा सके ओके आपका माइंड भी नहीं चाहता कि आप उस पर कंट्रोल करो तो इसलिए बार-बार ख्याल आता कि नहीं हटा उसको फिर उसके बाद दोबारा आपको वही फोकस करना जो चीज पर आपको किस कर रहे थे ओके तो एक चीज पर बार-बार फोकस करके करके जैसे या प्रैक्टिस करते जाएंगे करते जाएंगे करते जाएंगे यू विल सी कि आपका कितना डिफरेंस है आपको कितना शांति मिल रही है कैसे आप मेडिटेशन पर बैठे हैं लॉन्ग टर्म के लिए तो ऐसे-ऐसे धीरे-धीरे आपका प्रोसेस बढ़ता जाता है और सिरप सॉन्ग मेडिटेशन पर आ जाओ थैंक यू भाई

lugai question hair strong meditation ka sahi rasta kya hai aap ekdam se strong meditation par chale jaenge bhaiya advance me chale jayen aisa possible toh nahi hai na toh aapko hamesha koi bhi cheez start karne me beginning chat karni padegi na shuruat se ek baccha bhi chalne se pehle scroll karta hai baithana sikhata hai uske baad jo dhire dhire step farvard ka tha uske baad chalta hai aise hi har ek process me aapko step bye step chijon ki zarurat hoti hai toh strong meditation karne ke liye pehle aapko light meditation usse pehle ka process bhi karna hoga toh meditation se pehle ka process hota hai yoga asana aapko yoga aasan karke apni body ko strong banana hai taki aapko koi bottom in aisa pen na ho yoga ka meditation karne karte hue kyonki muesli aur kuch logo ke saath aisa hua hai directly meditation set ki hai toh backs agar strong nahi hai kaafi time tak ab ek hi position me baithe hain toh unko back pen start ho jata hai toh isliye aapko yoga aasan aladaikton karne ke liye full body internal strong karne ke liye apne muscles song karne ke liye aapko hansana karna hai uske baad aapko meditation thought karni hai meditation start karne ke liye aap kya kar sakte hain pehle toh apna pic timing kar lijiye yah timing aapko meditation par baithana hai ok timing ek hi jagah par ki haan aapko yahan par baithana meditation karne ke liye whatsapp chat kar sakte hain ki aap normal baithe ki haan chalo jitni der aap dekh sakte hain baith jaiye theek hai usme aapko phir dhyan karna hai ya toh apni raste apne prati apni saas ki aapki kaise saans chal rahi hai normal floor and long back lijiye without sound aur second aap kar sakte hain apne hath par focus apne dil par focus kar sakte hain ki vaah kaise dhadak raha hai ok toh yah cheez yog meditation kya hota hai kuch karna ek cheez par ok agar aapko yah cheez control hai aap aap kisi bhi bhagwan ko maante hain ok ke god ko koi bhi khuda ko kisi ko bhi toh aapko un par dhyan rakhna hai apni aakhon ke beech me dono aankhen apni aakhon ke beech me lekar aani hai ok toh yah dhire dhire process badhta hai starting me se khoob baithana sikhna hai ki aap ek list apne man ko samjha kar baitho other wise aapko hazaar jana taiyar tera yah kaam pada hai tere ko yahan par khujli ho rahi tere ko yahan par yah ho raha hai pen ho raha hai yahan par rehte ho raha hai aisa ho raha hai toh bahut saari cheezen hoti hain jo meditation apne kyonki aapka mind apne control me nahi hota hai meditation agar aap success hote ho medication karne me itni saaf ka mind dhire dhire aapke control me aa raha hai toh apna mind control karne ke liye pehle starting me 2 minute baithiye 3 minute 4 minute 5 minute bhi aap time ko badha sakte ho zaroori nahi aap direct meditation par chale jao dhire dhire aisa bhi jab tak poore kamre me andhera kar liya hai aap mombatti jala li us us jullo hoti hai mohabbat thi ki usko aap dekho dekhte raho dekhte raho toh vaah focus hota hai agar kisi aur se jaan jata hai ki aapko yah kaam karna hai free ho kya aaj yah hua kyonki aapka man baar baar aapke dil me khayal aata hai ki taki usko hata sake ok aapka mind bhi nahi chahta ki aap us par control karo toh isliye baar baar khayal aata ki nahi hata usko phir uske baad dobara aapko wahi focus karna jo cheez par aapko kis kar rahe the ok toh ek cheez par baar baar focus karke karke jaise ya practice karte jaenge karte jaenge karte jaenge you will si ki aapka kitna difference hai aapko kitna shanti mil rahi hai kaise aap meditation par baithe hain long term ke liye toh aise aise dhire dhire aapka process badhta jata hai aur syrup song meditation par aa jao thank you bhai

लुगाई क्वेश्चन हेयर स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है आप एकदम से स्ट्रांग मेडिटेशन प

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मास्टरबेशन का सही रास्ता आपने पूछा है तो किस तरह से स्ट्रांग मेडिटेशन मतलब मेडिटेशन आपका कितना है स्ट्रांग हुआ है इसके बारे में अपनी जाने के लिए चाहे स्टेशन करने के लिए हमारे दिमाग में किया जाता है कि अगर मेडिटेशन से इतना सारा फायदा होता है अगर हम अपना स्ट्रेस लेवल को कम कर सकते हैं टेंशन को घटा सकते हैं मन की पीड़ा को घटा सकते हैं और तनाव जो होता है उसको कब कर सकते हैं एक खुशहाल जीवन जीने की चाह में हम शांतिपूर्वक जीने जीने के लिए हम मेडिटेशन के बारे में सोचते हैं यह के आप कह सकते हैं यह एक फायदा के लिए हमारे शरीर में यमन में अलकायदा के लिए स्टेशन के बारे में सोचते हैं तो उसका इलाज क्या है इलाज के झुंड के चक्कर में हमको उसका इलाज एंड मिलता है मेडिटेशन करें तो यह सारा चीज का इलाज हो सकता है लेकिन यह अगर हम निकले बैठ जाएंगे और उसका कुछ कृपया ऐसा नहीं करेंगे तो बड़ी कसम में सक्सेस होने के चांसेस बहुत ही कम रहता है तो बड़ी शासन में अगर सच्चे सोना चाहते हैं और स्ट्रांग ली सबसे सोना चाहते तो उसके लिए आप जो जो की परंपरा का रुझान करना पड़ेगा जैसे कि महर्षि पतंजलि ने पतंजलि योग सूत्र में बताएंगे अष्टांगा योगा योगा का 8 जून के बारे में बताएं ही आठ अंग में होता है जान नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि समाधि की ओर बढ़ेंगे नहीं जोड़ा का मूल उद्देश्य से समाधि की और आप को ले जाता है लेकिन हम सब सारी जीवन में समाज की और अगर कि ना जाए मेडिटेशन से जो हमको फायदा मिलता है वहां तक पहुंचने के लिए हम मगर नियम से शुरू करेंगे जब मतलब अहिंसा सत्य अस्तेय ब्रह्मचर्य अपरिग्रह यहां से शुरू करते हैं फिर उसके बाद नियमित सोचा संतोष उपाध्याय सर पानी नहाना यह जो नियम नियम आसन योग आसन आसन जो होता है जो कि जो हम व्यावहारिक जवा कहते हैं सत प्रणम उसके बाद आसन प्रणब नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार के बाद आता है प्रत्यय प्रत्यय मतलब यह मेडिटेशन करते हैं जो करते हैं तो ध्यान करने के लिए शुरुआती हमसे बात करते हैं प्रत्याशी प्रतिहार मतलब हमारा हमारा जो इंद्रियां है इंद्रिय अपना विषय वस्तु में हमेशा लगे हुए रहते हैं तो उसको यह इंतजाम को हमें वहां से हटाना पड़ता है क्योंकि जब तक हम अपने इंद्रियों को वहां से उतरा नहीं करते तब तक हम मेडिटेशन करने के काबिल नहीं बनते तो पहला हमारा कर्तव्य बनता है हम अपने शरीर को मन को पहले तैयार करते हैं जब नियम से उसके बाद आसन प्राणायाम यह दोनों हमें काफी हद तक हेल्प करता है हम लोगों को उस दिशा में जाने के लिए सर प्रणाम उसके बाद जब नियम व शर्तें प्रतिहार करते हैं मतलब हमारा है इन दिनों को बहुत प्यार करते हैं बाहर कुछ तो से उनको ईडर करते हैं अंधेरे नहीं मतलब अंदर की ओर लाते हैं उनको नियंत्रण करते हैं आप रथ यार उसके बाद धारणा मतलब हम कोई से भी आप जो ईश्वर को मानते हो उसमें आपका मन कटका रक्षक नहीं या अपने अंदर ही शरीर के अंदर कोई हार्ट सेंटर हो जाए तो सेंटर अपना अवधारणा वापिस कर सकते मैं कोशिश कर सकते हैं उसके बाद अगर नीचे अपना धारणा कोशिश करके पूरा लंबे समय तक इंडिया गेट के अंदर तो अगर यह शुरुआती से शुरू करके पढ़ते हैं पढ़ते हैं तो आपका मेडिटेशन जो होगा सो होगा और काफी हद तक लंबे समय तक आप मेडिटेशन करते हैं और उसका अच्छा खासा असर देखने के लिए मिलता है आप मुझसे खत्म करने के बाद आपको ही पता चल जाता है कि आपको मेडिटेशन कितना स्ट्रांग तो ऐसा करने से आपको काफी फायदा मिलेगा

masturbation ka sahi rasta aapne poocha hai toh kis tarah se strong meditation matlab meditation aapka kitna hai strong hua hai iske bare me apni jaane ke liye chahen station karne ke liye hamare dimag me kiya jata hai ki agar meditation se itna saara fayda hota hai agar hum apna stress level ko kam kar sakte hain tension ko ghata sakte hain man ki peeda ko ghata sakte hain aur tanaav jo hota hai usko kab kar sakte hain ek khushahal jeevan jeene ki chah me hum shantipurvak jeene jeene ke liye hum meditation ke bare me sochte hain yah ke aap keh sakte hain yah ek fayda ke liye hamare sharir me yemen me alqaida ke liye station ke bare me sochte hain toh uska ilaj kya hai ilaj ke jhund ke chakkar me hamko uska ilaj and milta hai meditation kare toh yah saara cheez ka ilaj ho sakta hai lekin yah agar hum nikle baith jaenge aur uska kuch kripya aisa nahi karenge toh badi kasam me success hone ke chances bahut hi kam rehta hai toh badi shasan me agar sacche sona chahte hain aur strong li sabse sona chahte toh uske liye aap jo jo ki parampara ka rujhan karna padega jaise ki maharshi patanjali ne patanjali yog sutra me batayenge ashtanga yoga yoga ka 8 june ke bare me bataye hi aath ang me hota hai jaan niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi samadhi ki aur badhenge nahi joda ka mul uddeshya se samadhi ki aur aap ko le jata hai lekin hum sab saari jeevan me samaj ki aur agar ki na jaaye meditation se jo hamko fayda milta hai wahan tak pahuchne ke liye hum magar niyam se shuru karenge jab matlab ahinsa satya astey brahmacharya aparigrah yahan se shuru karte hain phir uske baad niyamit socha santosh upadhyay sir paani nahaana yah jo niyam niyam aasan yog aasan aasan jo hota hai jo ki jo hum vyavaharik java kehte hain sat pranam uske baad aasan pranab niyam aasan pranayaam pratyahar ke baad aata hai pratyay pratyay matlab yah meditation karte hain jo karte hain toh dhyan karne ke liye shuruati humse baat karte hain pratyashi pratihar matlab hamara hamara jo indriya hai indriya apna vishay vastu me hamesha lage hue rehte hain toh usko yah intajam ko hamein wahan se hatana padta hai kyonki jab tak hum apne indriyon ko wahan se utara nahi karte tab tak hum meditation karne ke kaabil nahi bante toh pehla hamara kartavya banta hai hum apne sharir ko man ko pehle taiyar karte hain jab niyam se uske baad aasan pranayaam yah dono hamein kaafi had tak help karta hai hum logo ko us disha me jaane ke liye sir pranam uske baad jab niyam va sharten pratihar karte hain matlab hamara hai in dino ko bahut pyar karte hain bahar kuch toh se unko idar karte hain andhere nahi matlab andar ki aur laate hain unko niyantran karte hain aap rath yaar uske baad dharana matlab hum koi se bhi aap jo ishwar ko maante ho usme aapka man katka rakshak nahi ya apne andar hi sharir ke andar koi heart center ho jaaye toh center apna avdharna vaapas kar sakte main koshish kar sakte hain uske baad agar niche apna dharana koshish karke pura lambe samay tak india gate ke andar toh agar yah shuruati se shuru karke padhte hain padhte hain toh aapka meditation jo hoga so hoga aur kaafi had tak lambe samay tak aap meditation karte hain aur uska accha khasa asar dekhne ke liye milta hai aap mujhse khatam karne ke baad aapko hi pata chal jata hai ki aapko meditation kitna strong toh aisa karne se aapko kaafi fayda milega

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Gyanchand Soni

Yoga Instructor.

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स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता है अपने स्वास्थ्य पर ध्यान न जाना दिन प्रतिदिन हम अपने स्वास्थ्य का ध्यान लगाएंगे तो हमारे विचार धीरे-धीरे तुमने लगेंगे और हमारा मन निर्विचार हो जाएगा और तभी हमारा ध्यान इस समय डिक्शन की तरफ जाए धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

strong meditation ka sahi rasta hai apne swasthya par dhyan na jana din pratidin hum apne swasthya ka dhyan lagayenge toh hamare vichar dhire dhire tumne lagenge aur hamara man nirvichar ho jaega aur tabhi hamara dhyan is samay dikshan ki taraf jaaye dhanyavad aapka din shubha ho

स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता है अपने स्वास्थ्य पर ध्यान न जाना दिन प्रतिदिन हम अपने स्व

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Narendar Gupta

प्राकृतिक योगाथैरिपिस्ट एवं योगा शिक्षक,फीजीयोथैरीपिस्ट

2:18

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RAJKUMAR

Sharp Astrology

8:27

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Lokesh

Advance Fitness Trainer, Yoga, Naturopathy Practitioner, Certified Diet Consultant. Follow Me On Instagram- yadavloku619

1:27
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार मेरा नाम लोकेश है और आपका सवाल एस फॉर मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है देखिए जो आपका मेडिटेशन होता है जिसको हम ध्यान भी कहते हैं उससे पहले स्टेज होती है उसके प्रेस्टेज होती है हमारी धारणा धारणा याने की कंसंट्रेशन जितना अच्छा आपका कंसंट्रेशन होगा किसी भी चीज पर उतना अच्छा आपका ध्यान बनेगा उसमें समझ रहे हो आप की सबसे पहले आपका कंसंट्रेशन बनता है उसके बाद आप मेडिटेशन पर जाते हो आने के पहले आपके घर धारणा बनेगी अवधारणा आपकी कुछ समय तक टिकी रहेगी तो उसको हम ध्यान की अवस्था कह देते हैं ठीक है अब जैसा आप किसी चीज को देख रहे हो आप लगातार देखते जा रहा है पास-पास का भूल गए तो आपके ही लगा लेगी शुरू की थोड़ी देर तो आपकी कंसंट्रेशन की रही लेकिन अगर आप उस चीज को देखते हैं बिल्कुल कोई गए हो आपको पता ही नहीं चल रहा पास क्या चल रहा है तो आपका मेडिटेशन हो गया एक तरीके से कई बार आपने देखा हुआ क्या पढ़ते पढ़ते इतना खो जाते हो क्या बहुत ध्यान से पढ़ रहे हो कि उस चीज को सबको सुख ध्यान की अवस्था में होते हो आप किसी ने आपको पास तो पता भी नहीं चलता तो कंसंट्रेशन से जब हम मेडिटेशन पर चले जाते हैं तो हमारा ध्यान हो जाता है तो अपने मेडिटेशन को अच्छा करने के लिए आपका कंसंट्रेशन इंप्रूव करना बहुत जरूरी है और कंसंट्रेशन को इंप्रूव करने के लिए टकाटक कर सकते हो और अपना एक्सटीरियर किसी भी चीज को बस देखते रहो और उस पर अपना कंसंट्रेशन बनाओ उससे आपका कंसंट्रेशन इंप्रूव होगा और जैसे-जैसे आपको कंसंट्रेशन इंप्रूव होता जाएगा आपका मेडिटेशन भी इंप्रूव होता जाएगा

namaskar mera naam lokesh hai aur aapka sawaal S for meditation ka sahi rasta kya hai dekhiye jo aapka meditation hota hai jisko hum dhyan bhi kehte hain usse pehle stage hoti hai uske prestej hoti hai hamari dharana dharana yane ki kansantreshan jitna accha aapka kansantreshan hoga kisi bhi cheez par utana accha aapka dhyan banega usme samajh rahe ho aap ki sabse pehle aapka kansantreshan banta hai uske baad aap meditation par jaate ho aane ke pehle aapke ghar dharana banegi avdharna aapki kuch samay tak tiki rahegi toh usko hum dhyan ki avastha keh dete hain theek hai ab jaisa aap kisi cheez ko dekh rahe ho aap lagatar dekhte ja raha hai paas paas ka bhool gaye toh aapke hi laga legi shuru ki thodi der toh aapki kansantreshan ki rahi lekin agar aap us cheez ko dekhte hain bilkul koi gaye ho aapko pata hi nahi chal raha paas kya chal raha hai toh aapka meditation ho gaya ek tarike se kai baar aapne dekha hua kya padhte padhte itna kho jaate ho kya bahut dhyan se padh rahe ho ki us cheez ko sabko sukh dhyan ki avastha me hote ho aap kisi ne aapko paas toh pata bhi nahi chalta toh kansantreshan se jab hum meditation par chale jaate hain toh hamara dhyan ho jata hai toh apne meditation ko accha karne ke liye aapka kansantreshan improve karna bahut zaroori hai aur kansantreshan ko improve karne ke liye takatak kar sakte ho aur apna eksatiriyar kisi bhi cheez ko bus dekhte raho aur us par apna kansantreshan banao usse aapka kansantreshan improve hoga aur jaise jaise aapko kansantreshan improve hota jaega aapka meditation bhi improve hota jaega

नमस्कार मेरा नाम लोकेश है और आपका सवाल एस फॉर मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है देखिए जो आपका

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professor Govind Tripathi

Professor(P.hd in mathematics)/Social worker

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को मजबूत मेडिटेशन के लिए यह कहा जाए कि कंप्लीट मेडिटेशन सबसे पहले सुखासन सिद्धासन पद्मासन जी शासन में आप अपने आप को सहज महसूस कर रहे हैं उस आसन में आप बैठ जा कल के बंद हो बीट बिल्कुल सही हूं और अपना पूरा ध्यान अपनी आती हुई और जाति विश्वासों पर केंद्रित करें जसवंत चुकंदर भर रहे हो तो ऐसा संकल्प करिए इस संपूर्ण ब्रह्मांड में विद्यमान सारी शक्तियां हमारे अंदर प्रवेश कर रही है हमारा पूरा शरीर आज मैं तेज में हो रहा है शरीर का रोम रोम पुलकित हो रहा है आनंद विश्वासों को बाहर छोड़ रहे हो तो ऐसा संकल्प करिए गंदा आदमी चार दुर्भावना रोग 2 नकारात्मकता हमसे दूर जा रही है हमारा अंतःकरण पवित्र और शुद्ध हो रहा है उन्हीं संकल्पों के बाहर बाहर द्वारा दिन को दोहराने से हमारे शरीर की नसें नारियां के बीच होती और हमारा पूरा शरीर एक बूंद में कन्वर्ट होने लगता है उस पर हम सत्ता की कृपा हम पर बरसने लगती है हम एकदम मेडिटेशन में बहुत ज्यादा हैं अरे आनंद की अनुभूति होने लगती है जिसका वर्णन कर रहा मुमकिन ही नहीं नामुमकिन को मुमकिन उसके लिए इसकी बारीकियों को समझने लगता है नामुमकिन उसके लिए पत्र मिल गया हूं धन्यवाद

ko majboot meditation ke liye yah kaha jaaye ki complete meditation sabse pehle sukhasan siddhasan padmasana ji shasan me aap apne aap ko sehaz mehsus kar rahe hain us aasan me aap baith ja kal ke band ho beat bilkul sahi hoon aur apna pura dhyan apni aati hui aur jati vishwason par kendrit kare jaswant chukandar bhar rahe ho toh aisa sankalp kariye is sampurna brahmaand me vidyaman saari shaktiyan hamare andar pravesh kar rahi hai hamara pura sharir aaj main tez me ho raha hai sharir ka roam roam pulkit ho raha hai anand vishwason ko bahar chhod rahe ho toh aisa sankalp kariye ganda aadmi char durbhavana rog 2 nakaratmakta humse dur ja rahi hai hamara antahkaran pavitra aur shudh ho raha hai unhi sankalpon ke bahar bahar dwara din ko dohrane se hamare sharir ki nase nariyan ke beech hoti aur hamara pura sharir ek boond me convert hone lagta hai us par hum satta ki kripa hum par barsane lagti hai hum ekdam meditation me bahut zyada hain are anand ki anubhuti hone lagti hai jiska varnan kar raha mumkin hi nahi namumkin ko mumkin uske liye iski barikiyon ko samjhne lagta hai namumkin uske liye patra mil gaya hoon dhanyavad

को मजबूत मेडिटेशन के लिए यह कहा जाए कि कंप्लीट मेडिटेशन सबसे पहले सुखासन सिद्धासन पद्मासन

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स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है जैसे आपने प्रश्न पूछा है तो सॉन्ग अभी से बन जाइए और जिस स्थिति में इस टाइम पर है उस इस टाइम पर अपने स्वास्थ्य को देखना शुरू कर दीजिए स्वास्थ्य को देखते जाइए देखते जाइए और धीरे-धीरे श्वास को गहरा करते जाइए जैसे-जैसे स्वास गहरी होती जाए होते जाएं होते जाएं तो धीरे-धीरे श्वास भाग छोरी यह फिर धीरे-धीरे श्वास लीजिए इसका अभ्यास शुरू कर दें और सुबह शाम 55 10 10 मिनट इसका अभ्यास 7 दिन करें 10 दिन करें और फिर अगला प्रश्न पूछने के इसका नेक्स्ट स्टेप क्या है या और क्या कर सकते हैं क्योंकि इस समझने के साथ-साथ टिकल अभ्यास है यह क्रियात्मक अभ्यास है इसको करने से ही समझ में आएगा समझने से समझ में नहीं आएगा तो सांसे जो है हमारी बेसिक यूनिट है ध्यान को समझने के लिए और ध्यान है अभी इसी समय इसी घड़ी हेयर एंड शो स्टार्ट ना हो अभी शुरू करें स्वास्थ्य को देखना शुरू करें उसकी गहराई बढ़ाते जाएं देखते जाए स्वास कितना गहरा आराम से कर सकते हैं से गहरा करते जाएं बाहर छोड़ते जाएं फिर लेते हैं 5 से 10 मिनट इसका अभ्यास करें 7 से 10 दिन फिर धीरे-धीरे समझ में आने लगा

strong meditation ka sahi rasta kya hai jaise aapne prashna poocha hai toh song abhi se ban jaiye aur jis sthiti me is time par hai us is time par apne swasthya ko dekhna shuru kar dijiye swasthya ko dekhte jaiye dekhte jaiye aur dhire dhire swas ko gehra karte jaiye jaise jaise swas gehri hoti jaaye hote jayen hote jayen toh dhire dhire swas bhag chhori yah phir dhire dhire swas lijiye iska abhyas shuru kar de aur subah shaam 55 10 10 minute iska abhyas 7 din kare 10 din kare aur phir agla prashna poochne ke iska next step kya hai ya aur kya kar sakte hain kyonki is samjhne ke saath saath tickle abhyas hai yah kriyatmak abhyas hai isko karne se hi samajh me aayega samjhne se samajh me nahi aayega toh sanse jo hai hamari basic unit hai dhyan ko samjhne ke liye aur dhyan hai abhi isi samay isi ghadi hair and show start na ho abhi shuru kare swasthya ko dekhna shuru kare uski gehrai badhate jayen dekhte jaaye swas kitna gehra aaram se kar sakte hain se gehra karte jayen bahar chodte jayen phir lete hain 5 se 10 minute iska abhyas kare 7 se 10 din phir dhire dhire samajh me aane laga

स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है जैसे आपने प्रश्न पूछा है तो सॉन्ग अभी से बन जाइए औ

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Jitesh Chowdhury

Yoga Instructor

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नमस्कार मैं जितेश चौधरी आपका सवाल है फ्रॉम मेडिटेशन का सही रास्ता किया है पहले आपको जानना पड़ेगा मेडिटेशन क्या है मेरी टेंशन क्या है यह जानने के बाद ही आप को स्ट्रांग मेडिटेशन के बारे में पता चले तो अगर हमें मान लीजिए दिल्ली जाना है मैं कोलकाता में रहता हूं दिल्ली जाना है दिल्ली जाने के लिए कहीं मार्क होता है यह कह आकाश पद प्लेन पर जा सकता हूं एक राजधानी से जा सकता हूं एक लोकल ट्रेन से जा सकता हूं 11 क्वेश्चन से जा सकता हूं एक बाइक आरती और एक बाईपास पर जा सकता हूं अभी अगर हमें जरूरत पड़े पैसा नहीं है तो पैदल मार्ग भी हम जा सकते हैं लेकिन इतने सारे मार्ग है आपका दिल्ली जाने का लेकिन जो स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता है उपलब्ध इरिटेशन का भी बहुत सारे मार आपको अगर सही मायने में मिली टेशन करना है तो आपको मन को आपका बस में लाना जरूरी है तो मन को अगर बस में लाएंगे मन को बस में लाने के क्या करना पड़ता है तू मन में बस में मन को वश में लाने के लिए घरेलु सुनीता ऑटोजम पदविका और महर्षि पतंजलि ने आपका जो पतंजलि योग सूत्र है पतंजलि योग दर्शन है उसमें बनोना किया है तो मन को काबू करने के लिए हमें ऑस्टन को जो ऑटो धाप है एक जोगा जिसको जब नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि कहा जाता है तुम इरिटेशन करने के लिए हमें मेरी टशन का अर्थ अध्ययन ध्यान करने के लिए पतंजलि का जो सातवां भाग तक जाना पड़ेगा उसको एक एक था आपने किया है जब है जब मैं क्या है पांचों नियम है अहिंसा सत्य अस्तेय ब्रह्मचर्य अपरिग्रह सारे हमें नियम पालन करना पड़ेगा फिर नियम है तो पूछा था तब हमें नियम को पालन करना पड़ता है न्यू का जो पांचों है सोच संतुष्ट हो सब भाई सब पुरानी थाना ने 5 नियम हमें पालन करना पड़ता है हमें पालनकर्ता पड़ता है आसन आसन करके हमें थोड़ा दही देव को स्विच भेजो और अपना स्थिति स्थापक रूप से लेकर आना पड़ता है फिर आपको प्रणाम करके अपना मन को ठीक करना पड़ता है फिर आपको क्या करना पड़ता है पत्ता हरदेवा लाभ होता है उत्तर डिवेलप होने के बाद आपका जो दसों इंद्रियों है पांचों कल बंदरिया पांचों ज्ञानेंद्रियों यह सारी चीज से आपको भी जरूर हो जाता है कोई भी चीज का आपको उस टाइम लोग नहीं रहता फिर आपको आता है वहां पर धरना बनता है देशबंधु चित्र सुधारणा यह धरना बंधन के बाद आपका ध्यान होता है पुत्र पुत्र को दान होता है ना तो ध्यान किसी भी एक चीज के ऊपर लगातार निर्दिष्ट रुपए अभी चुनाव गतिधारा में एक चिंता करना भी वस्तु और योग्यता है मतलब जो ध्यान कर रहा है वह दोनों एक हो जाता है तब ध्यान होता है तभी डीप मेडिटेशन होता है उपाय है वह है हमें तो उसमें चौक है उसमें क्या करना पड़ता है पहले आपको आसन मुद्रा प्राणायाम फिर आपको आता है नादानुसंधान इसमें आपको दिनों शुद्धि का अच्छा उपाय है फोटो क्रिया करके देव को पहले शुद्ध करना पड़ता है कि राशन करके देखो उस पर स्थिति स्थापक बनाना पड़ता है फिर आपको जो पुत्र पुत्र है क्या खाना चाहिए क्या खाना नहीं चाहिए उसमें आपको पूरा शरीर को ठीक करना है कि अपने प्राणायाम करके अपना मुद्रा करके पूरा अपना ग्लैंड को ठीक करके पूरा शरीर को एकदम एक उपयोगी बनाना है फिर आपको आता है नादानुसंधान नाद अनुसंधान और जो आपका ध्यान दोनों एक ही चीज है नादानुसंधान में नाथ का अनुसंधान करना होता है और ध्यान में क्या होता है शरीर में कोई भी एक चीज को या बाहर या अंदर कोई भी एक चीज के ऊपर कतर कंट्री अशोकानगर का सीधा सीधा उपाय है और भी बहुत सारी किया है किया है शुक्रिया है आपका किया जो का किया है तथा ने जो किया है एक-एक करके शंभवी किया है यह सारे क्रिया करके आप स्ट्रांग मेडिटेशन कर सकता है लेकिन यह निर्देशन करने के लिए कोई एक गुरु के पास आपको यह सारी चीज का कोला सीखना पड़ेगा क्लासिक कि आप कर पाएंगे नहीं तो अगर आपको इसके डिप्ली जानकारी चाहिए तो हमें व्हाट्सएप करिए 98741 51825 मेरे नंबर पर थैंक यू

namaskar main Jitesh choudhary aapka sawaal hai from meditation ka sahi rasta kiya hai pehle aapko janana padega meditation kya hai meri tension kya hai yah jaanne ke baad hi aap ko strong meditation ke bare me pata chale toh agar hamein maan lijiye delhi jana hai main kolkata me rehta hoon delhi jana hai delhi jaane ke liye kahin mark hota hai yah keh akash pad plane par ja sakta hoon ek rajdhani se ja sakta hoon ek local train se ja sakta hoon 11 question se ja sakta hoon ek bike aarti aur ek bypaas par ja sakta hoon abhi agar hamein zarurat pade paisa nahi hai toh paidal marg bhi hum ja sakte hain lekin itne saare marg hai aapka delhi jaane ka lekin jo strong meditation ka sahi rasta hai uplabdh irritation ka bhi bahut saare maar aapko agar sahi maayne me mili teshan karna hai toh aapko man ko aapka bus me lana zaroori hai toh man ko agar bus me layenge man ko bus me lane ke kya karna padta hai tu man me bus me man ko vash me lane ke liye gharelu sunita atojam padvika aur maharshi patanjali ne aapka jo patanjali yog sutra hai patanjali yog darshan hai usme banona kiya hai toh man ko kabu karne ke liye hamein astan ko jo auto dhap hai ek joga jisko jab niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi kaha jata hai tum irritation karne ke liye hamein meri tashan ka arth adhyayan dhyan karne ke liye patanjali ka jo satvaan bhag tak jana padega usko ek ek tha aapne kiya hai jab hai jab main kya hai panchon niyam hai ahinsa satya astey brahmacharya aparigrah saare hamein niyam palan karna padega phir niyam hai toh poocha tha tab hamein niyam ko palan karna padta hai new ka jo panchon hai soch santusht ho sab bhai sab purani thana ne 5 niyam hamein palan karna padta hai hamein palankarta padta hai aasan aasan karke hamein thoda dahi dev ko switch bhejo aur apna sthiti sthapak roop se lekar aana padta hai phir aapko pranam karke apna man ko theek karna padta hai phir aapko kya karna padta hai patta hardeva labh hota hai uttar develop hone ke baad aapka jo deso indriyon hai panchon kal bandariya panchon gyanendriyon yah saari cheez se aapko bhi zaroor ho jata hai koi bhi cheez ka aapko us time log nahi rehta phir aapko aata hai wahan par dharna banta hai deshbandhu chitra sudharana yah dharna bandhan ke baad aapka dhyan hota hai putra putra ko daan hota hai na toh dhyan kisi bhi ek cheez ke upar lagatar nirdisht rupaye abhi chunav gatidhara me ek chinta karna bhi vastu aur yogyata hai matlab jo dhyan kar raha hai vaah dono ek ho jata hai tab dhyan hota hai tabhi deep meditation hota hai upay hai vaah hai hamein toh usme chauk hai usme kya karna padta hai pehle aapko aasan mudra pranayaam phir aapko aata hai nadanusandhan isme aapko dino shudhi ka accha upay hai photo kriya karke dev ko pehle shudh karna padta hai ki raashan karke dekho us par sthiti sthapak banana padta hai phir aapko jo putra putra hai kya khana chahiye kya khana nahi chahiye usme aapko pura sharir ko theek karna hai ki apne pranayaam karke apna mudra karke pura apna gland ko theek karke pura sharir ko ekdam ek upyogi banana hai phir aapko aata hai nadanusandhan naad anusandhan aur jo aapka dhyan dono ek hi cheez hai nadanusandhan me nath ka anusandhan karna hota hai aur dhyan me kya hota hai sharir me koi bhi ek cheez ko ya bahar ya andar koi bhi ek cheez ke upar katar country ashokanagar ka seedha seedha upay hai aur bhi bahut saari kiya hai kiya hai shukriya hai aapka kiya jo ka kiya hai tatha ne jo kiya hai ek ek karke shambhavi kiya hai yah saare kriya karke aap strong meditation kar sakta hai lekin yah nirdeshan karne ke liye koi ek guru ke paas aapko yah saari cheez ka cola sikhna padega classic ki aap kar payenge nahi toh agar aapko iske dipli jaankari chahiye toh hamein whatsapp kariye 98741 51825 mere number par thank you

नमस्कार मैं जितेश चौधरी आपका सवाल है फ्रॉम मेडिटेशन का सही रास्ता किया है पहले आपको जानना

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अनमोल मणी

योग शिक्षक

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स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता यह है कि हम सारे दिन व्यर्थ और नकारात्मक बातों से बचे रहें यदि हम व्यस्त और नकारात्मक बातों बातों से अपने आपको नहीं बचाएंगे मारधाड़ वाली फिल्म देखेंगे गंदे चित्र देखेंगे तो हम इस फ्रॉम मेडिटेशन कभी भी नहीं कर सकते तो स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता यही है कि हमें व्यस्त और नेगेटिव से बच कर रहना होगा झूठी बातों से बच कर रहना होगा खानपान बढ़िया रखना होगा अशुद्ध खानपान मांस मटन तामसी प्रवृत्ति वाला भोजन करने से भी हम स्ट्रांग मेडिटेशन नहीं कर सकते हैं तो खाने पीने पर ध्यान रखना और अपने जो हम देख रहे हैं और जो हम सुन रहे हैं उस पर विशेष टेंशन देना कि सही बात ही सुने हम अच्छी बात ही सुने व्यक्ति की उत्तेजक बातें ना सुने किसी भी प्रकार के उन्माद की बातें ना सुने धर्म भेद जातिभेद लड़ाई झगड़े वाली बातें इधर उधर की झूठी खबरें दुनिया के समाचार बिल्कुल जो काम के हैं बस वही सुने बाकी व्यर्थ के ढेर समाचार आते हैं उसको बिल्कुल तब आप स्तंभ मेडिटेशन कर सकते हैं बाकी आप और विस्तृत जानने के लिए आप जो है हमारा अनमोल मनी चैनल है यूट्यूब पर आप उसे सब्सक्राइब करें और उसके चार सौ वीडियो देखें

strong meditation ka sahi rasta kya hai strong meditation ka sahi rasta yah hai ki hum saare din vyarth aur nakaratmak baaton se bache rahein yadi hum vyast aur nakaratmak baaton baaton se apne aapko nahi bachaenge mardhad wali film dekhenge gande chitra dekhenge toh hum is from meditation kabhi bhi nahi kar sakte toh strong meditation ka sahi rasta yahi hai ki hamein vyast aur Negative se bach kar rehna hoga jhuthi baaton se bach kar rehna hoga khanpan badhiya rakhna hoga ashuddh khanpan maas mutton taamsi pravritti vala bhojan karne se bhi hum strong meditation nahi kar sakte hain toh khane peene par dhyan rakhna aur apne jo hum dekh rahe hain aur jo hum sun rahe hain us par vishesh tension dena ki sahi baat hi sune hum achi baat hi sune vyakti ki uttejak batein na sune kisi bhi prakar ke unmaad ki batein na sune dharm bhed jatibhed ladai jhagde wali batein idhar udhar ki jhuthi khabren duniya ke samachar bilkul jo kaam ke hain bus wahi sune baki vyarth ke dher samachar aate hain usko bilkul tab aap stambh meditation kar sakte hain baki aap aur vistrit jaanne ke liye aap jo hai hamara anmol money channel hai youtube par aap use subscribe kare aur uske char sau video dekhen

स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता यह है कि हम सारे द

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ट्राम मेडिटेशन के लिए ध्यान और आठ प्रकार के योग प्राणायाम हैं उसका अभ्यास होना जरूरी है ब्राह्मणी प्राणायाम कपालभाति प्राणायाम बाय प्राणायाम अनुलोम विलोम प्राणायाम उज्जाई प्राणायाम उद्गीथ प्राणायाम इन सभी प्रणाम ओं का अगर अभ्यास अच्छा है तो स्ट्रांग मेडिटेशन आप कर सकते हैं क्योंकि प्राणायाम ध्यान और चित्र को कंट्रोल करता है मन को विचलित नहीं होने देता है

tram meditation ke liye dhyan aur aath prakar ke yog pranayaam hain uska abhyas hona zaroori hai brahmani pranayaam kapalbhati pranayaam bye pranayaam anulom vilom pranayaam ujjai pranayaam udgith pranayaam in sabhi pranam on ka agar abhyas accha hai toh strong meditation aap kar sakte hain kyonki pranayaam dhyan aur chitra ko control karta hai man ko vichalit nahi hone deta hai

ट्राम मेडिटेशन के लिए ध्यान और आठ प्रकार के योग प्राणायाम हैं उसका अभ्यास होना जरूरी है

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Priyanka Bhatele

Yoga Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

डोमिनेशन का सही रास्ता क्या है सबसे पहले दौर में प्रारंभ में एक का अभ्यास तेरे करना है आजा बात करते हैं किसी विषय वस्तु पर एकत्रित है चंदन लिख लिया ध्यान के लाते हैं जनप्रतिनिधि होने लग जाए अवस्था को विज्ञान कहा जा सकता है जैसे कि यदि खून कहां जाएं तो देखता नहीं है लेकिन मैंने उसका पति चित्र आ जाता है इसको कहते हैं कल्पना किसी कल बच्चों को देखना ध्यान अभ्यास नहीं है ध्यान की स्थिति है बिना किसी अवरोध के अंगठी मानचित्र कैसे थे इसलिए कहा जाता है कि ध्यान का अभ्यास नहीं होता बल्कि स्थिति को प्राप्त किया जा सकता है ध्यान की स्थिति का अनुभव होता है जिस प्रकार तीर कोई बर्तन से दूसरे बर्तन में डालने पर बिना रुकावट की मोटी धारा निकलती है और दूसरे बर्तन में गिरती है तब पानी की तरह से लगती नहीं है एक समान स्तर से भरनी शुरू होती है जहां पर धार चल रही होती केवल वही आपको हलचल मालूम पड़ती है ठीक उसी प्रकार ध्यान के जहां पर चलकर वहां प्रत्यय उदाहरण की स्थिति है लेकिन जब मन की नहीं बहन की वस्तुओं से अंतिम की वर्षा में प्रवेश करते समय विच्छेद ना हो तो अंतिम तिथि जानकी है और इसका नियमित अभ्यास करें तो आप भी तो हो सकते हैं

domineshan ka sahi rasta kya hai sabse pehle daur me prarambh me ek ka abhyas tere karna hai aajad baat karte hain kisi vishay vastu par ekatrit hai chandan likh liya dhyan ke laate hain janapratinidhi hone lag jaaye avastha ko vigyan kaha ja sakta hai jaise ki yadi khoon kaha jayen toh dekhta nahi hai lekin maine uska pati chitra aa jata hai isko kehte hain kalpana kisi kal baccho ko dekhna dhyan abhyas nahi hai dhyan ki sthiti hai bina kisi avarodh ke angathi manchitra kaise the isliye kaha jata hai ki dhyan ka abhyas nahi hota balki sthiti ko prapt kiya ja sakta hai dhyan ki sthiti ka anubhav hota hai jis prakar teer koi bartan se dusre bartan me dalne par bina rukavat ki moti dhara nikalti hai aur dusre bartan me girti hai tab paani ki tarah se lagti nahi hai ek saman sthar se bharani shuru hoti hai jaha par dhar chal rahi hoti keval wahi aapko hulchul maloom padti hai theek usi prakar dhyan ke jaha par chalkar wahan pratyay udaharan ki sthiti hai lekin jab man ki nahi behen ki vastuon se antim ki varsha me pravesh karte samay vichched na ho toh antim tithi janki hai aur iska niyamit abhyas kare toh aap bhi toh ho sakte hain

डोमिनेशन का सही रास्ता क्या है सबसे पहले दौर में प्रारंभ में एक का अभ्यास तेरे करना है आज

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Nandini Jain

Yoga Trainer ,Naturopath ,Motivational Teacher You Tuber

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आपका सवाल है कि स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है देखिए आजकल के टाइम में बहुत सारे मेडिटेशन टेक्निक्स चल गई है तो इंसान को यह डिसाइड करना ही बहुत मुश्किल हो जाता है कि सही रास्ता क्या है मेडिटेशन का लेकिन जो सही मायने में मेडिटेशन करना चाहते हैं और उस गहराई से समझना चाहते हैं तो मैं उसके लिए सजेस्ट करुंगी कि आप विपस्सना का सर्च कीजिए और सिर्फ एसएन गोयनका जी की वीडियोस देखिए विष्णु को समझने के लिए विपस्सना मैडिटेशन 10 दिन का शिविर होता है 10 डेज टीवी रोता है पूरी इंडिया में ऑल ओवर वर्ल्ड में तो यह कैंडिस का शिविर होता है जिसमें कि 10 घंटे आपको डेली मेडिटेशन करना होता है लेकिन मैं यह क्यों कहूंगी कि आप पहले एसएम गोयनका जी की वीडियोस यूट्यूब पर देखिए और उनको बहुत अच्छे से समझिए और धीरे-धीरे थोड़ा-थोड़ा घर में पहले प्रैक्टिस कीजिए जिससे कि आपका मन हो जाए क्योंकि एकदम से 1 दिन में 10 घंटा मेडिटेशन सब सब कुछ सूट नहीं करता तो इसलिए आप जाने और उस पर थोड़ी सी प्रैक्टिस गेम शुरू करें कुछ वीडियोस डिटेक्शन की 10 मिनट की और एक घंटा की वीडियो शंकर जी की यूट्यूब पर उपलब्ध है तो आप उनको फॉलो कीजिए और समझिए मेडिटेशन कैंप दिल्ली में ऑल वर्ल्ड सब जगह होते हैं और उनके पहले से बुकिंग होती है और आजकल के आज के टाइम में नहीं कहूंगी कि सबसे ज्यादा अगर कोई सही पद्धति है मेडिटेशन की तो वह विपस्सना मैडिटेशन जिसको हम करें कि आपका आपके सवाल का जवाब जरूर मिल गया होगा

aapka sawaal hai ki strong meditation ka sahi rasta kya hai dekhiye aajkal ke time me bahut saare meditation techniques chal gayi hai toh insaan ko yah decide karna hi bahut mushkil ho jata hai ki sahi rasta kya hai meditation ka lekin jo sahi maayne me meditation karna chahte hain aur us gehrai se samajhna chahte hain toh main uske liye suggest karungi ki aap vipassana ka search kijiye aur sirf SN goyanaka ji ki videos dekhiye vishnu ko samjhne ke liye vipassana meditation 10 din ka shivir hota hai 10 days TV rota hai puri india me all over world me toh yah kaindis ka shivir hota hai jisme ki 10 ghante aapko daily meditation karna hota hai lekin main yah kyon kahungi ki aap pehle SM goyanaka ji ki videos youtube par dekhiye aur unko bahut acche se samjhiye aur dhire dhire thoda thoda ghar me pehle practice kijiye jisse ki aapka man ho jaaye kyonki ekdam se 1 din me 10 ghanta meditation sab sab kuch suit nahi karta toh isliye aap jaane aur us par thodi si practice game shuru kare kuch videos detection ki 10 minute ki aur ek ghanta ki video shankar ji ki youtube par uplabdh hai toh aap unko follow kijiye aur samjhiye meditation camp delhi me all world sab jagah hote hain aur unke pehle se booking hoti hai aur aajkal ke aaj ke time me nahi kahungi ki sabse zyada agar koi sahi paddhatee hai meditation ki toh vaah vipassana meditation jisko hum kare ki aapka aapke sawaal ka jawab zaroor mil gaya hoga

आपका सवाल है कि स्ट्रांग मेडिटेशन का सही रास्ता क्या है देखिए आजकल के टाइम में बहुत सारे म

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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पताका प्रश्न इंस्ट्रूमेंटेशन का सही रास्ता क्या है तो अगर आप मैडिशन इंस्ट्रूमेंटेशन करना चाहते हैं तो उसके लिए अध्यात्म की थोड़ी-बहुत आपको समझ होनी चाहिए आप मेडिटेशन पहले करना सीखिए और अगर नहीं आता है तो कई सारे ही बना को यूट्यूब चैनल मिल जाएंगे उसके जरिए भी आपसे सकता है ध्यान मुद्रा कैसे लगाए जाते हैं कैसा से ध्यान किया जाता है वह सारे आ पहुंची जहां से पता चलेंगे धीरे-धीरे प्रेक्टिस होते जाएगी और जिस हिसाब से आप अच्छा मेडिसिन का स्टार्ट करेंगे उतना ही ज्यादा आपका इफेक्टिवेनेस उसकी समझ में आएगी तो कॉस्मिक रेज है जो आपको ऊर्जा का संचार करती हैं वह आपके पास आएंगे और उससे आपको एक नई ऊर्जा का आपके जीवन में संचार होगा टाइम देना पड़ेगा तभी आप यह सारी चीजें अचीव कर पाएंगे आप सोचें कि कल से मैं करना शुरु कर दूं परसों से मुझे को ज्ञान प्राप्त हो जाए तो ऐसा नहीं होता है टाइम देना होता है तभी आपको जीवन में सफलता मिलती है हमें शुभकामनाएं धन्यवाद

pataka prashna instrumentation ka sahi rasta kya hai toh agar aap maidishan instrumentation karna chahte hain toh uske liye adhyaatm ki thodi bahut aapko samajh honi chahiye aap meditation pehle karna sikhiye aur agar nahi aata hai toh kai saare hi bana ko youtube channel mil jaenge uske jariye bhi aapse sakta hai dhyan mudra kaise lagaye jaate hain kaisa se dhyan kiya jata hai vaah saare aa pahuchi jaha se pata chalenge dhire dhire practice hote jayegi aur jis hisab se aap accha medicine ka start karenge utana hi zyada aapka ifektivenes uski samajh me aayegi toh Cosmic Rage hai jo aapko urja ka sanchar karti hain vaah aapke paas aayenge aur usse aapko ek nayi urja ka aapke jeevan me sanchar hoga time dena padega tabhi aap yah saari cheezen achieve kar payenge aap sochen ki kal se main karna shuru kar doon parso se mujhe ko gyaan prapt ho jaaye toh aisa nahi hota hai time dena hota hai tabhi aapko jeevan me safalta milti hai hamein subhkamnaayain dhanyavad

पताका प्रश्न इंस्ट्रूमेंटेशन का सही रास्ता क्या है तो अगर आप मैडिशन इंस्ट्रूमेंटेशन करना च

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