वहमैं जिसको अपना मानता हूँ वो अपना दुश्मन क्यों बन जाता है?...


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Ajay Kumar

Astrologer

3:13
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वह मैं जिसको अपना मानता हूं वह अपना दुश्मन क्यों बन जाता है देखिए जी यह अक्सर संसार में जीवन में ऐसी बातें हो जाती है जिसको आप बहुत ज्यादा प्यार करते हो उस पर बहुत ज्यादा विश्वास करते हो वह इंसान धोखा दे जाए तो मन को बहुत ठेस पहुंचती है लेकिन आप अगर अच्छी हो आप दूसरों के लिए सोचते हो फिर कोई आपको धोखा दे जाता है तो आप यह मत समझिए कि आपका कोई नुकसान हो गया है उस समय तो हो जाता है मन को ठेस लग जाती है थोड़ा नुकसान भी हो जाता है ज्यादा भी हो जाता है लेकिन युद्ध का देने वाला है जिस पर आपने विश्वास किया है वह जीवन भर अपने नजरों में गिर जाता है क्यों उसको एक ना एक दिन जरूर एहसास होता है कि जिस व्यक्ति ने मेरे अच्छे के लिए मेरा काम किया है मैंने उसको धोखा दिया है मैंने उसका बात का मजाक उड़ाया है तो वह जिंदगी भर अपनी नजरों में गिर जाएगा और जिंदगी में कभी कामयाब नहीं होगा क्योंकि आपने उसको दिल से प्यार किया है और वह आपका दुश्मन बन जाता है इसमें आपका कोई दोस्त नहीं है आप उससे अपना आगे से सावधान रहिए और वह खुद ब खुद एक दिन एहसास होने के बाद आपके पास आएगा अगर उसमें सही मानवता है अगर उसमें मानवता नहीं है उसकी सोच सही नहीं है तो वह आपसे क्या हर एक व्यक्ति से ऐसा ही करेगा धोखा ही देगा और वह जीवन में कभी कामयाब नहीं होते अच्छे लोग ऐसे लोग तब पश्चात पश्चात आप उनको होता है जब किसी मुसीबत में गिर जाते हैं और उनका साथ देने वाला इस संसार में कोई नहीं रहता तभी उनको अकल आती है अन्यथा वह ऐसे ही जीवन भर रहते हैं नहीं सुधर सकते जब गुजरते हैं तब उनके साथ कोई नहीं होता वह अकेले रह जाते हैं और अकेले आदमी का क्या हाल होता है यह आप बखूबी जानते हो इसलिए आप अपना मनसा पर कि अपने मन से कार्य कीजिए अगर वह दुश्मनी करता है तो आप ईश्वर पर छोड़ दीजिए वह जरूर उसको उस बात का रिजल्ट देंगे धन्यवाद

vaah main jisko apna maanta hoon vaah apna dushman kyon ban jata hai dekhiye ji yah aksar sansar me jeevan me aisi batein ho jaati hai jisko aap bahut zyada pyar karte ho us par bahut zyada vishwas karte ho vaah insaan dhokha de jaaye toh man ko bahut thes pohchti hai lekin aap agar achi ho aap dusro ke liye sochte ho phir koi aapko dhokha de jata hai toh aap yah mat samjhiye ki aapka koi nuksan ho gaya hai us samay toh ho jata hai man ko thes lag jaati hai thoda nuksan bhi ho jata hai zyada bhi ho jata hai lekin yudh ka dene vala hai jis par aapne vishwas kiya hai vaah jeevan bhar apne nazro me gir jata hai kyon usko ek na ek din zaroor ehsaas hota hai ki jis vyakti ne mere acche ke liye mera kaam kiya hai maine usko dhokha diya hai maine uska baat ka mazak udaya hai toh vaah zindagi bhar apni nazro me gir jaega aur zindagi me kabhi kamyab nahi hoga kyonki aapne usko dil se pyar kiya hai aur vaah aapka dushman ban jata hai isme aapka koi dost nahi hai aap usse apna aage se savdhaan rahiye aur vaah khud bsp khud ek din ehsaas hone ke baad aapke paas aayega agar usme sahi manavta hai agar usme manavta nahi hai uski soch sahi nahi hai toh vaah aapse kya har ek vyakti se aisa hi karega dhokha hi dega aur vaah jeevan me kabhi kamyab nahi hote acche log aise log tab pashchat pashchat aap unko hota hai jab kisi musibat me gir jaate hain aur unka saath dene vala is sansar me koi nahi rehta tabhi unko akal aati hai anyatha vaah aise hi jeevan bhar rehte hain nahi sudhar sakte jab gujarate hain tab unke saath koi nahi hota vaah akele reh jaate hain aur akele aadmi ka kya haal hota hai yah aap bakhubi jante ho isliye aap apna manasa par ki apne man se karya kijiye agar vaah dushmani karta hai toh aap ishwar par chhod dijiye vaah zaroor usko us baat ka result denge dhanyavad

वह मैं जिसको अपना मानता हूं वह अपना दुश्मन क्यों बन जाता है देखिए जी यह अक्सर संसार में जी

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अनमोल मणी

योग शिक्षक

1:15
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप किसी को भी अपना माने और वह कभी दुश्मन बन बन जाए ऐसा हो नहीं सकता है यह जन्म जन्मांतर का खेल है आप यहां पर एक ही बार अभी-अभी जन्म लिए इस दुनिया में कई बार चली है क्यों क्योंकि आप कभी मरते नहीं है आप का देहांत होता है मतलब आपकी देह का अंत होता है आप का अंत कभी नहीं होता है शरीर बदलते हैं इसलिए किसी भी व्यक्ति का जीवन आंट हो गया नहीं कहा जाता है हर एक व्यक्ति का देहांत हो गया कहा जाता है तो आप अगर किसी को अपना मानते हैं और वह आपका दुश्मन बन रहा है तो यह हिसाब किताब है कभी-कभी आपने भी कि आपने भी ऐसा किया होगा इस जन्मदिन किया तो किसी और जन्म किया होगा इसलिए पैदा होते ही कोई बच्चा अंडा होता है कोई लंगड़ा पैदा होता है तो उस बच्चे ने ऐसा कौन सा कर्म कर दिया नहीं वह बच्चा अभी प्राप्त नहीं किया है वो जो आत्मा है वह करके आई है तो आप एक आत्मा है शरीर नहीं है आपने शरीर का माध्यम दिया है जीवन जीने के लिए इस गहराई को समझो तो हर एक बात बहुत अच्छे से समझ में आ जाएगी ज्यादा जानकारी के लिए आप अनमोल मणि के नाम से यूट्यूब पर चैनल है उसकी वीडियो देखें जहां समझ में ना आए हमें फोन करें

aap kisi ko bhi apna maane aur vaah kabhi dushman ban ban jaaye aisa ho nahi sakta hai yah janam janmantar ka khel hai aap yahan par ek hi baar abhi abhi janam liye is duniya me kai baar chali hai kyon kyonki aap kabhi marte nahi hai aap ka dehant hota hai matlab aapki deh ka ant hota hai aap ka ant kabhi nahi hota hai sharir badalte hain isliye kisi bhi vyakti ka jeevan aunt ho gaya nahi kaha jata hai har ek vyakti ka dehant ho gaya kaha jata hai toh aap agar kisi ko apna maante hain aur vaah aapka dushman ban raha hai toh yah hisab kitab hai kabhi kabhi aapne bhi ki aapne bhi aisa kiya hoga is janamdin kiya toh kisi aur janam kiya hoga isliye paida hote hi koi baccha anda hota hai koi langda paida hota hai toh us bacche ne aisa kaun sa karm kar diya nahi vaah baccha abhi prapt nahi kiya hai vo jo aatma hai vaah karke I hai toh aap ek aatma hai sharir nahi hai aapne sharir ka madhyam diya hai jeevan jeene ke liye is gehrai ko samjho toh har ek baat bahut acche se samajh me aa jayegi zyada jaankari ke liye aap anmol mani ke naam se youtube par channel hai uski video dekhen jaha samajh me na aaye hamein phone kare

आप किसी को भी अपना माने और वह कभी दुश्मन बन बन जाए ऐसा हो नहीं सकता है यह जन्म जन्मांतर का

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Manish Menghani

Health & parenting Advisor

4:44
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहली बात तो आपने जिस बात को बोला है कि कोई आपका दुश्मन है दुश्मन शब्द ही आप की परिभाषा में गलत है कभी कोई हमारा दुश्मन नहीं है हम अलग है लेकिन गलत नहीं है इस बात को ध्यान में रखते हैं तो हम ना तो कभी अब कोई हमारा दुश्मन होगा हां हम अपने लिए सबसे इंपोर्टेंट है इस बात को आप को समझना होगा क्योंकि हमारे पास हम अगर किसी को सबसे ज्यादा प्यार कर सकते हैं तो वह में खो जाए हम अपने से ज्यादा किसी को प्यार नहीं कर सकते हैं और फिर बात को बहुत ही सिंपल शब्दों में अगर आप समझना चाहते हैं कि आप मानते हैं आप क्यों मानते हैं किसी को अपना क्योंकि उसमें आपको ही विश्वास देखते हैं कुछ अच्छा देखते हैं कुछ ऐसी फीलिंग देखते हैं इससे अच्छा है कि खराब उसको अपना मानते हैं इसका बेसिक उपचार में आपको बताना चाहूंगा कि आप उसको सुनने सुनने की आदत डालें ना कि उसको उससे कुछ एक्सपेक्ट करो उम्मीद कर जितना उसको सुनेंगे आपको यह कल यह चीज समझ में आ जाएगी कि वह आपका कितना अपना है अगर वह आपका अपना है तो वह आपका दुश्मन नहीं होगा और अगर आपका अपना नहीं है तो हमेशा मैं मैं ऐसा मैं ऐसा मैसेज मैं आपके बारे में ज्यादा बात करेगा लेकिन अगर वह आपका दुश्मन को दोस्त बनाना ही एक बहुत बड़ी कला है और यह जो है एक बहुत बड़ा सूत्र है कि जितना अपने मुंह को बंद रखा उतना ही हर इंसान आपका दोस्त बन जाता है क्योंकि हर एक इंसान में अपनी फीलिंग्स को शेयर करने की इच्छा होती है बहुत कम लोग होते हैं जो किसी के साथ अपनी फीलिंग शेयर कर सकता है जितना आप अपने मम्मी पापा यहां भाई बहन के साथ में फीडिंग को शेयर नहीं कर सकता है उतना आप किसी बाहरी व्यक्ति पर ज्यादा विश्वास कर सकते हैं किसी दोस्त पर ज्यादा विश्वास कर सकते हैं यही कारण है क्या उसको मानते हैं अब कुमानी अब यह सोचकर और उसको बनाएगी मत दीजिए आप सर उसको सुननी है उसके जीवन चरित्र के बारे में उसका जीवन क्या है उसको क्या नहीं है वह क्या बातें करता है वह क्या आप से चीजें शेयर करता है उसके बारे में समझाओ वह दुश्मन नहीं है उसके नीचे थोड़ी करना है क्या आप अलग है वह अलग है अगर इस बात को इतनी सी बात को समझ जाए तो आप देखेंगे इतनी अद्भुत चीजें आपके जीवन में होने लगेंगे कि आप जिंदगी कब रियल एंजॉयमेंट लेना शुरू कर दें तो यह एक सूत्र है कि कोई दुश्मन नहीं है पहली बार क्योंकि गीता में भी कहा गया है कि कोई भी हमारा दुश्मन नहीं है इस सब आत्माओं का खेल है सब अपनी आत्मा अपनी अपनी चढ़ने पर है तो हो सकता है किसी का नेचर आप से अलग हो और होता है इस दुनिया में 4 तारीख की नेचर के लोग होते हैं वैसी के लिए किसी में उनका प्यार कम नहीं होता है किसी में उनका मिस कॉमिनेशन होता है तो उसको उसी के अनुसार वेट करते आप भी उन्हीं में से किसी एक कैरेक्टर स्टिक में आते हैं और उसी के अनुसार एक करते हैं तो एक नेचुरल चीज है इसमें न सिर्फ आपकी डिब्बे सिग्नेचर है जो आप जब पैदा होते हैं उसको लेकर के आते हैं बल्कि उसके साथ में आपके आसपास के माहौल से जो एक आपकी पर्सनालिटी बनती है वह भी आपके ऊपर इंपैक्ट डालती है वह आपके विचारों पर एम्पैक्ट डालती है जिसकी वजह से कोई दुश्मन या दोस्त कहलाता है हमारे जीवन में लगे ना तो हमारा दुनिया में कोई दोस्त है ना हमारा कोई दुश्मन अगर जो हम अपने ही सबसे अच्छे या तो दोस्त हो सकते हैं यहां अपने ही सबसे अच्छे दुश्मन हो सकता है अगर आप अपने लिए अच्छे दोस्त हैं आप देखिएगा आपके आप बहुत सारे आसपास में दोस्त होना शुरू हो जाएंगे और दुश्मन तो बहुत ही कम हो जाएंगे तेरे तेरे धन्यवाद

sabse pehli baat toh aapne jis baat ko bola hai ki koi aapka dushman hai dushman shabd hi aap ki paribhasha me galat hai kabhi koi hamara dushman nahi hai hum alag hai lekin galat nahi hai is baat ko dhyan me rakhte hain toh hum na toh kabhi ab koi hamara dushman hoga haan hum apne liye sabse important hai is baat ko aap ko samajhna hoga kyonki hamare paas hum agar kisi ko sabse zyada pyar kar sakte hain toh vaah me kho jaaye hum apne se zyada kisi ko pyar nahi kar sakte hain aur phir baat ko bahut hi simple shabdon me agar aap samajhna chahte hain ki aap maante hain aap kyon maante hain kisi ko apna kyonki usme aapko hi vishwas dekhte hain kuch accha dekhte hain kuch aisi feeling dekhte hain isse accha hai ki kharab usko apna maante hain iska basic upchaar me aapko batana chahunga ki aap usko sunne sunne ki aadat Daalein na ki usko usse kuch expect karo ummid kar jitna usko sunenge aapko yah kal yah cheez samajh me aa jayegi ki vaah aapka kitna apna hai agar vaah aapka apna hai toh vaah aapka dushman nahi hoga aur agar aapka apna nahi hai toh hamesha main main aisa main aisa massage main aapke bare me zyada baat karega lekin agar vaah aapka dushman ko dost banana hi ek bahut badi kala hai aur yah jo hai ek bahut bada sutra hai ki jitna apne mooh ko band rakha utana hi har insaan aapka dost ban jata hai kyonki har ek insaan me apni feelings ko share karne ki iccha hoti hai bahut kam log hote hain jo kisi ke saath apni feeling share kar sakta hai jitna aap apne mummy papa yahan bhai behen ke saath me Feeding ko share nahi kar sakta hai utana aap kisi bahri vyakti par zyada vishwas kar sakte hain kisi dost par zyada vishwas kar sakte hain yahi karan hai kya usko maante hain ab kumani ab yah sochkar aur usko banayegi mat dijiye aap sir usko sunnani hai uske jeevan charitra ke bare me uska jeevan kya hai usko kya nahi hai vaah kya batein karta hai vaah kya aap se cheezen share karta hai uske bare me samjhao vaah dushman nahi hai uske niche thodi karna hai kya aap alag hai vaah alag hai agar is baat ko itni si baat ko samajh jaaye toh aap dekhenge itni adbhut cheezen aapke jeevan me hone lagenge ki aap zindagi kab real enjoyment lena shuru kar de toh yah ek sutra hai ki koi dushman nahi hai pehli baar kyonki geeta me bhi kaha gaya hai ki koi bhi hamara dushman nahi hai is sab atmaon ka khel hai sab apni aatma apni apni chadhne par hai toh ho sakta hai kisi ka nature aap se alag ho aur hota hai is duniya me 4 tarikh ki nature ke log hote hain vaisi ke liye kisi me unka pyar kam nahi hota hai kisi me unka miss kamineshan hota hai toh usko usi ke anusaar wait karte aap bhi unhi me se kisi ek character stick me aate hain aur usi ke anusaar ek karte hain toh ek natural cheez hai isme na sirf aapki dibbe signature hai jo aap jab paida hote hain usko lekar ke aate hain balki uske saath me aapke aaspass ke maahaul se jo ek aapki personality banti hai vaah bhi aapke upar impact daalti hai vaah aapke vicharon par empaikt daalti hai jiski wajah se koi dushman ya dost kehlata hai hamare jeevan me lage na toh hamara duniya me koi dost hai na hamara koi dushman agar jo hum apne hi sabse acche ya toh dost ho sakte hain yahan apne hi sabse acche dushman ho sakta hai agar aap apne liye acche dost hain aap dekhiega aapke aap bahut saare aaspass me dost hona shuru ho jaenge aur dushman toh bahut hi kam ho jaenge tere tere dhanyavad

सबसे पहली बात तो आपने जिस बात को बोला है कि कोई आपका दुश्मन है दुश्मन शब्द ही आप की परिभाष

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Amit Singh

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देखी हर इंसान की जो सोचने का नजरिया होता है वह अलग-अलग होते हैं हमें भी हो सकता है आपके से अपना मानते हो उसके साथ ना कुछ मजाक कर देते हो ऐसा एक ऐसी बात कह देते हो अपनी-अपनी जोशी छुप जाती हो या छीना लगती हो क्योंकि कुछ लोग कुछ ज्यादा सेंसिटिव होते हैं उनको कुछ बात नहीं जल्दी दिल पर लग जाती दिल पर लगा लेते हमको तुमको कोई आपको देखना चाहिए कि सामने वाला इंसान की तरह सर्जरी है और आप उसे कोई ऐसी वैसी बात ना करें जो उसको चुप क्यों उसके दिल पर लगती हो क्योंकि आप अपनी तरफ से अपना समझकर यह सभी होते हैं कभी-कभी चाहिए जितना आप सामने वाले इंसान को अपना समझते हो उतना वह आपको अपना ना समझता हूं तुमको ऐसा भी हो सकता है तो फिर आप को ध्यान रखना चाहिए आपसे ऐसी बात ना चाहिए सामने वाले से यह पहने यह समझ में उसकी भी उतनी उम्र से भी गलती आपकी है

dekhi har insaan ki jo sochne ka najariya hota hai vaah alag alag hote hain hamein bhi ho sakta hai aapke se apna maante ho uske saath na kuch mazak kar dete ho aisa ek aisi baat keh dete ho apni apni joshi chup jaati ho ya chinaa lagti ho kyonki kuch log kuch zyada sensitive hote hain unko kuch baat nahi jaldi dil par lag jaati dil par laga lete hamko tumko koi aapko dekhna chahiye ki saamne vala insaan ki tarah surgery hai aur aap use koi aisi vaisi baat na kare jo usko chup kyon uske dil par lagti ho kyonki aap apni taraf se apna samajhkar yah sabhi hote hain kabhi kabhi chahiye jitna aap saamne waale insaan ko apna samajhte ho utana vaah aapko apna na samajhata hoon tumko aisa bhi ho sakta hai toh phir aap ko dhyan rakhna chahiye aapse aisi baat na chahiye saamne waale se yah pehne yah samajh me uski bhi utani umar se bhi galti aapki hai

देखी हर इंसान की जो सोचने का नजरिया होता है वह अलग-अलग होते हैं हमें भी हो सकता है आपके से

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Sapna

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है वह मैं जिसको अपना मानता हूं वह अपना दुश्मन क्यों बन जाता है तो मैं आपको जानकारी देना चाहूंगी आपका मार्गदर्शन भी करना चाहूंगी कि माली जी किसी को हम अपना मानते हैं अपना मानने से काम नहीं चलता यदि हमने किसी को अपना माना है तो जिसको हमने अपना माना है उसके प्रति हमारे कर्तव्य भी तो बनते हैं क्या आप उन कर्तव्यों का पालन करते हैं वह कर तब क्या होते हैं किसी को हमने अपना माना है तो हमारा फर्ज बनता है कर्तव्य बनता है कि हम जिसको अपना मान रहे हैं उसका हमेशा हित सोचे उसका मान सम्मान करें उसकी इज्जत करें और उसे कोई भी परेशानी होती है तो उसमें उसकी सहायता करें उससे हमेशा अच्छा बोले और उस उस का आदर करें मान सम्मान करें उसे प्रेम करें और अगर इन सब को करते हुए यदि हमारे प्राणों पर भी संकट आ जाए तो हमें उसकी परवाह नहीं करना है लेकिन हमने जिसको अपना माना है उसका हमें हर परिस्थिति में साथ देना है और उसकी हर परिस्थिति में हमको सहायता करना है यदि आप ऐसा करते हैं तो कोई भी आपका दुश्मन हो ही नहीं सकता यदि आप ऐसा नहीं कर रहे हैं तो ही कोई इंसान आप आप को पराया समझ नहीं लगा होगा और आपको दुश्मन मानने लगा होगा इसलिए पहले आप जिसको अपना मान रहे हैं उसके लिए ऐसा क्या क्या काम कर रहे हैं जिससे इंसान आपको भी अपना समझे आप इस विचार को अपने अंदर पहले हल कीजिए कि मुझसे क्या गलती हो रही है यह सामने वाला मुझे अपना नहीं समझ रहा मैं तो उसे अपना समझता हूं आखिर मुझसे ऐसी क्या भूल हुई है जब आप इन विचारों को अपने मन के अंदर लाओगे तो उसका जवाब आपको तत्काल मिलेगा कि हां सामने वाला जो इंसान है वह मुझे दुश्मन इसलिए समझ रहा है कि मैंने उसको अपना तो माना है लेकिन मैंने उसके लिए ऐसा क्या किया है जिससे वह भी मुझे अपना माने इस बात पर विशेष ध्यान देते हुए आप जो भी समस्या है उसका हल अपने अंदर पहले ढूंढने का प्रयास करें उसके बाद इस समस्या का हल करें आपको इसका जवाब जरूर मिलेगा मेरी शुभकामनाएं आपके साथ रहेंगे सपना शर्मा जय हिंद जय भारत

aapka prashna hai vaah main jisko apna maanta hoon vaah apna dushman kyon ban jata hai toh main aapko jaankari dena chahungi aapka margdarshan bhi karna chahungi ki maali ji kisi ko hum apna maante hain apna manne se kaam nahi chalta yadi humne kisi ko apna mana hai toh jisko humne apna mana hai uske prati hamare kartavya bhi toh bante hain kya aap un kartavyon ka palan karte hain vaah kar tab kya hote hain kisi ko humne apna mana hai toh hamara farz banta hai kartavya banta hai ki hum jisko apna maan rahe hain uska hamesha hit soche uska maan sammaan kare uski izzat kare aur use koi bhi pareshani hoti hai toh usme uski sahayta kare usse hamesha accha bole aur us us ka aadar kare maan sammaan kare use prem kare aur agar in sab ko karte hue yadi hamare pranon par bhi sankat aa jaaye toh hamein uski parvaah nahi karna hai lekin humne jisko apna mana hai uska hamein har paristhiti me saath dena hai aur uski har paristhiti me hamko sahayta karna hai yadi aap aisa karte hain toh koi bhi aapka dushman ho hi nahi sakta yadi aap aisa nahi kar rahe hain toh hi koi insaan aap aap ko paraaya samajh nahi laga hoga aur aapko dushman manne laga hoga isliye pehle aap jisko apna maan rahe hain uske liye aisa kya kya kaam kar rahe hain jisse insaan aapko bhi apna samjhe aap is vichar ko apne andar pehle hal kijiye ki mujhse kya galti ho rahi hai yah saamne vala mujhe apna nahi samajh raha main toh use apna samajhata hoon aakhir mujhse aisi kya bhool hui hai jab aap in vicharon ko apne man ke andar laouge toh uska jawab aapko tatkal milega ki haan saamne vala jo insaan hai vaah mujhe dushman isliye samajh raha hai ki maine usko apna toh mana hai lekin maine uske liye aisa kya kiya hai jisse vaah bhi mujhe apna maane is baat par vishesh dhyan dete hue aap jo bhi samasya hai uska hal apne andar pehle dhundhne ka prayas kare uske baad is samasya ka hal kare aapko iska jawab zaroor milega meri subhkamnaayain aapke saath rahenge sapna sharma jai hind jai bharat

आपका प्रश्न है वह मैं जिसको अपना मानता हूं वह अपना दुश्मन क्यों बन जाता है तो मैं आपको जान

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चिट्टियां का प्रश्न है कि वह जो दुश्मन बन जाता है जिसको मैं अपना मानता हूं ऐसे भी से भी देखिए मैं कहना चाहता हूं कि हद से ज्यादा प्यार भी कहीं ना कहीं ज्यादा प्रॉब्लम में भी डाल देता है और कहीं ना कहीं हमारी कुछ कमियां ऐसी हो जाती हैं या फिर जो भी हमारा अपना है उसके कुछ बातों को हम नहीं मानते हैं जिसके लिए वह अपना दुश्मन हमें मान सकता है ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति को समझाना हमारा कर्तव्य हमारा फर्ज है और यकीन मानिए कि उस व्यक्ति को जब आप समझा एंगे उसके गुस्से को आप बर्दाश्त करेंगे तो एक दिन आप फिर एक दूसरे के हो जाएंगे

chittiyan ka prashna hai ki vaah jo dushman ban jata hai jisko main apna maanta hoon aise bhi se bhi dekhiye main kehna chahta hoon ki had se zyada pyar bhi kahin na kahin zyada problem me bhi daal deta hai aur kahin na kahin hamari kuch kamiyan aisi ho jaati hain ya phir jo bhi hamara apna hai uske kuch baaton ko hum nahi maante hain jiske liye vaah apna dushman hamein maan sakta hai aisi sthiti me us vyakti ko samajhana hamara kartavya hamara farz hai aur yakin maniye ki us vyakti ko jab aap samjha enge uske gusse ko aap bardaasht karenge toh ek din aap phir ek dusre ke ho jaenge

चिट्टियां का प्रश्न है कि वह जो दुश्मन बन जाता है जिसको मैं अपना मानता हूं ऐसे भी से भी दे

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

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ऐसी बात नहीं है कि हम जब किसी को मानते हैं तो वह दुश्मन बन जाता है ऐसा एक्सेप्शन होता वह आदमी होता है लेकिन प्राइजेड जिसको आप मानेंगे सम्मान देंगे जब देंगे उसमें भी आप को संभालने की जिंदगी और हर चीज का फायदा होता है इसलिए इंसान को हमेशा अच्छे पर हो तो ध्यान देना चाहिए गलत चीजों को सोचना चाहिए सही चीजों को अपनाना चाहिए यह जीवन का सिद्धांत है

aisi baat nahi hai ki hum jab kisi ko maante hain toh vaah dushman ban jata hai aisa exception hota vaah aadmi hota hai lekin praijed jisko aap manenge sammaan denge jab denge usme bhi aap ko sambhalne ki zindagi aur har cheez ka fayda hota hai isliye insaan ko hamesha acche par ho toh dhyan dena chahiye galat chijon ko sochna chahiye sahi chijon ko apnana chahiye yah jeevan ka siddhant hai

ऐसी बात नहीं है कि हम जब किसी को मानते हैं तो वह दुश्मन बन जाता है ऐसा एक्सेप्शन होता वह आ

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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आपने कहा मैंने जिसको अपना मानता हूं वह अपने देश में क्यों बन जाता है आज मनुस्मृति बन गई है जिसको आप अपना समझते हैं वही सोच करा आपको अपना नहीं मानता कि आपको से कोई लाभ है कोई मतलब है आप जो कुछ बातचीत करना चाहते हैं जबकि आमिर खान तन मन धन से किसी को सेवा प्रदान करते हैं अपना समझते हैं प्यार जीत की खुशी में अपनी खुशी जाहिर करते हैं उसके दुख में अपने उपाध्यक्ष आपका यह अपनी कविता अपनापन ही आपका दुश्मन बन जाता है और सामने वाले को मन में बहन पैदा कर देता है आपको पहले चिट्ठी किसकी धोखेबाज और गद्दार व्यक्ति अपना काम निकालने के बाद आपको दूर नहीं सुनना थे कि टाइम निकाल कर फेंक देता है और आपको यह बदनाम कर देता है कि इन्हें मैंने से लालच है मेरे से स्वार्थ है इन्हें यह फायदा है इसलिए पर यह अपनी मर्जी से मेरे लिए करते हैं इसको कहते हैं उल्टा चोर कोतवाल को डांटे तुम अपना तो दुश्मन ही आपको भी दुश्मन समझने लगता है ऐसे अच्छे लोग भाग साथियों को नसीब होते हैं लेकिन ऐसे कमबखत लोग अच्छे लोगों को अपना दुश्मन मान बैठते हैं और अपनी जिंदगी का स्वर्णिम अवसर पर देखें

aapne kaha maine jisko apna maanta hoon vaah apne desh me kyon ban jata hai aaj manusmriti ban gayi hai jisko aap apna samajhte hain wahi soch kara aapko apna nahi maanta ki aapko se koi labh hai koi matlab hai aap jo kuch batchit karna chahte hain jabki aamir khan tan man dhan se kisi ko seva pradan karte hain apna samajhte hain pyar jeet ki khushi me apni khushi jaahir karte hain uske dukh me apne upadhyaksh aapka yah apni kavita apnapan hi aapka dushman ban jata hai aur saamne waale ko man me behen paida kar deta hai aapko pehle chitthi kiski dhokhebaj aur gaddar vyakti apna kaam nikalne ke baad aapko dur nahi sunana the ki time nikaal kar fenk deta hai aur aapko yah badnaam kar deta hai ki inhen maine se lalach hai mere se swarth hai inhen yah fayda hai isliye par yah apni marji se mere liye karte hain isko kehte hain ulta chor kotwal ko Dante tum apna toh dushman hi aapko bhi dushman samjhne lagta hai aise acche log bhag sathiyo ko nasib hote hain lekin aise kamabakhat log acche logo ko apna dushman maan baithate hain aur apni zindagi ka swarnim avsar par dekhen

आपने कहा मैंने जिसको अपना मानता हूं वह अपने देश में क्यों बन जाता है आज मनुस्मृति बन गई है

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Sachidanand Joshi

Naturopath Yoga Trainer

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जो मैं और अहम होता है वह सदा ही अपना दुश्मन होता है क्योंकि जो मैं होती है हम जो होता है ना हमको अगर नजरों से नीचे उतार दोगे सर को झुका कर चलोगे सब के अंदर है मुद्दा है पर सबके हम को कम करना किस कैसे जब हम अपने एम को कम करते हैं तो दूसरे का है हम अपने आप ही कम हो जाता है तो अपने हमको छोड़कर भाग 121 में सक्षम इंसान बनी है अच्छे कर्म करें और सदा स्वस्थ रहें जो मैं और अहम होता है वह सत्यानाश कर देता है आपके जीवन का तो अहम को बिल्कुल खत्म कर दो सदा स्वस्थ रहो निरोगी रहो बार-बार हाथ धोते रहो और घर के अंदर जाओ मैं सच्चिदानंद जोशी योगाचार्य एवं नक्शा

jo main aur aham hota hai vaah sada hi apna dushman hota hai kyonki jo main hoti hai hum jo hota hai na hamko agar nazro se niche utar doge sir ko jhuka kar chaloge sab ke andar hai mudda hai par sabke hum ko kam karna kis kaise jab hum apne M ko kam karte hain toh dusre ka hai hum apne aap hi kam ho jata hai toh apne hamko chhodkar bhag 121 me saksham insaan bani hai acche karm kare aur sada swasth rahein jo main aur aham hota hai vaah satyanash kar deta hai aapke jeevan ka toh aham ko bilkul khatam kar do sada swasth raho nirogee raho baar baar hath dhote raho aur ghar ke andar jao main sacchidanand joshi yogacharya evam naksha

जो मैं और अहम होता है वह सदा ही अपना दुश्मन होता है क्योंकि जो मैं होती है हम जो होता है न

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नमस्कार दोस्तों आपका सवाल है कि वह है मैं जिसको अपना मानता हूं और वह अपना दुश्मन क्यों बन जाता है दोस्तों यह समाज है समाज सामाजिक संबंधों का जाल है और यह जाल सामाजिक संबंधों का जो जाल है वह हमारे मानव जीवन की आयोजकों से ही बुना गया है सवारी और व्यक्तियों में कमी आने लगती है तो हमारे संबंध टूटने लगते हैं और ऐसा होता है कि जब हम आरोप-प्रत्यारोप करने लगते हैं तो हमारे बीच प्रेम होता है वह बहुत कम होता चला जाता है इससे दूरियां बढ़ जाती हैं और एक दूसरे पर गंभीर आरोप प्रत्यारोप होने पर हम लोग अपनी दोस्ती अपने प्यार को दुश्मनी में बदल देते अक्सर आपने देखा होगा कि परिवारिक जो दुश्मनी या होती हैं वह बहुत ही खतरनाक होते हैं क्योंकि उनमें जो है आदमी सुरक्षित नहीं होता बाहरवाली दुश्मन से तो हम लड़ सकते हैं लेकिन घर के अंदर जो दुश्मन बैठा होता है उससे हम नहीं लड़ सकते हैं वही दुश्मन जिसे हम पहले प्यार करते हैं फिर उसके बाद नफरत हो जाती है दुश्मन हो जाते हैं सबसे खतरनाक अपना ही दुश्मन होता है जो आपने खाकी जिससे हम अपना मानते हैं वही सबसे बड़ा दुश्मन क्यों बन जाता है सच बात है क्योंकि हम उसकी कमजोरियों गए हमारी कमजोरियों को अच्छी तरीके से भलीभांति जानते होते हैं इसीलिए जो है हमेशा जो अपना होता है जिसे हम अपना चाहते हैं जिससे हम अपना भरोसा करते हैं वह व्यक्ति जो गद्दारी करता है दुश्मन बन जाता है तो वह दुनिया का सबसे खतरनाक सबसे बड़ा दुश्मन होता है जो हमारी रग-रग से वाकिफ होता है मैं कहना चाहूंगा दोस्तों कि हमको हमेशा ऐसी बात सोच समझकर विचार रखना चाहिए जिससे हमारे अपनों को बुरा ना लगे और वह पलट कर जवाब में आते हैं और जवाब भी कर दो तो ऐसा साथी पर्सन जवाब हल्की आवाज में दीजिए जिससे आदमी सुने और बुरा ना लगे कहते हैं कि अच्छी बातें करते समाज में भी कहो तो भी बुरी लगती है अब बुरी बात अगर हल्की आवाज में कह दो तो भी आदमी को तो मैं कहूंगा कि अक्सर हमारे जीवन के लिए संबंध होते हैं उनमें दूरियां आ जाती हैं जिन पर हम बहुत ज्यादा भरोसा करते हैं अपना जीवन निछावर कर देते हैं और ऐसे लोग हमारी पीठ पीछे छुरा डालते हैं तो ऐसे लोग हमेशा बहुत बड़े दुश्मन हो जाते हैं हमारे चिकन चले हम बहुत मानते हैं वही सबसे ज्यादा खतरनाक दुश्मन बन जाता है

namaskar doston aapka sawaal hai ki vaah hai main jisko apna maanta hoon aur vaah apna dushman kyon ban jata hai doston yah samaj hai samaj samajik sambandhon ka jaal hai aur yah jaal samajik sambandhon ka jo jaal hai vaah hamare manav jeevan ki ayojakon se hi buna gaya hai sawari aur vyaktiyon me kami aane lagti hai toh hamare sambandh tutne lagte hain aur aisa hota hai ki jab hum aarop pratyarop karne lagte hain toh hamare beech prem hota hai vaah bahut kam hota chala jata hai isse duriyan badh jaati hain aur ek dusre par gambhir aarop pratyarop hone par hum log apni dosti apne pyar ko dushmani me badal dete aksar aapne dekha hoga ki pariwarik jo dushmani ya hoti hain vaah bahut hi khataranaak hote hain kyonki unmen jo hai aadmi surakshit nahi hota baharvali dushman se toh hum lad sakte hain lekin ghar ke andar jo dushman baitha hota hai usse hum nahi lad sakte hain wahi dushman jise hum pehle pyar karte hain phir uske baad nafrat ho jaati hai dushman ho jaate hain sabse khataranaak apna hi dushman hota hai jo aapne khaki jisse hum apna maante hain wahi sabse bada dushman kyon ban jata hai sach baat hai kyonki hum uski kamzoriyo gaye hamari kamzoriyo ko achi tarike se bhalibhanti jante hote hain isliye jo hai hamesha jo apna hota hai jise hum apna chahte hain jisse hum apna bharosa karte hain vaah vyakti jo gaddari karta hai dushman ban jata hai toh vaah duniya ka sabse khataranaak sabse bada dushman hota hai jo hamari rug rug se wakif hota hai main kehna chahunga doston ki hamko hamesha aisi baat soch samajhkar vichar rakhna chahiye jisse hamare apnon ko bura na lage aur vaah palat kar jawab me aate hain aur jawab bhi kar do toh aisa sathi person jawab halki awaaz me dijiye jisse aadmi sune aur bura na lage kehte hain ki achi batein karte samaj me bhi kaho toh bhi buri lagti hai ab buri baat agar halki awaaz me keh do toh bhi aadmi ko toh main kahunga ki aksar hamare jeevan ke liye sambandh hote hain unmen duriyan aa jaati hain jin par hum bahut zyada bharosa karte hain apna jeevan nichavar kar dete hain aur aise log hamari peeth peeche chhura daalte hain toh aise log hamesha bahut bade dushman ho jaate hain hamare chicken chale hum bahut maante hain wahi sabse zyada khataranaak dushman ban jata hai

नमस्कार दोस्तों आपका सवाल है कि वह है मैं जिसको अपना मानता हूं और वह अपना दुश्मन क्यों बन

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

0:52
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मैं जिसको अपना मानता हूं अपना दुश्मन क्यों बन जाता है क्योंकि निकिता के सच्चे रिश्ते की भावनाओं के शुद्ध बंधन की समझ दोनों में से किसी ने किसी पक्ष में हैं इस कारण से जिसे आप अपना मानते हैं तो आपका दुश्मन बन जाता है एक हाथ उसके बौद्धिक स्तर पर उतरकर अपनी भावनाएं समझा नहीं पाते हैं या कि सामने वाले के अंदर इतना क्षमता ही नहीं है कि आपकी भावनाओं को सही तरीके से समझ सके जब भावनाओं को समझने का दृष्टिकोण और भावना रहती है इसलिए उनकी अपेक्षाओं और परिणाम में भिन्नता आ जाती है

main jisko apna maanta hoon apna dushman kyon ban jata hai kyonki nikita ke sacche rishte ki bhavnao ke shudh bandhan ki samajh dono me se kisi ne kisi paksh me hain is karan se jise aap apna maante hain toh aapka dushman ban jata hai ek hath uske baudhik sthar par utarakar apni bhaavnaye samjha nahi paate hain ya ki saamne waale ke andar itna kshamta hi nahi hai ki aapki bhavnao ko sahi tarike se samajh sake jab bhavnao ko samjhne ka drishtikon aur bhavna rehti hai isliye unki apekshaon aur parinam me bhinnata aa jaati hai

मैं जिसको अपना मानता हूं अपना दुश्मन क्यों बन जाता है क्योंकि निकिता के सच्चे रिश्ते की भ

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Norang sharma

Social Worker

2:30

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Shubham Saini

Software Engineer

0:16
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जिसको आप अपना मानते हो आप आपका दुश्मन क्यों बन जाता है अगर ऐसा होता है तो जो बनता है बनने दो आप खुद को अच्छा रखो और दुश्मन के लिए साथ अच्छा करो अगर आप सबके साथ अच्छा करते हो तो आपके साथ भी न्याय होगा और आपके साथ भी अच्छा ही होगा

jisko aap apna maante ho aap aapka dushman kyon ban jata hai agar aisa hota hai toh jo banta hai banne do aap khud ko accha rakho aur dushman ke liye saath accha karo agar aap sabke saath accha karte ho toh aapke saath bhi nyay hoga aur aapke saath bhi accha hi hoga

जिसको आप अपना मानते हो आप आपका दुश्मन क्यों बन जाता है अगर ऐसा होता है तो जो बनता है बनने

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

1:07
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देखो यार सैनी सैनी साहब से चला रहा है जिसको भी आप अपना समझेंगे सबसे बड़ा हितेषी सर्जन के सबसे बड़ा हमदर्द समझेंगे कि आप को धोखा देगा वही आपको लुटे जाएगा कोई आपकी पीठ पीछे बुराई करेगा किसी को भी दोस्तों रिश्तेदारों को अपना मत समझो अपने घर के राज मत बताओ अपने घर की बातें मत बताओ पैसे की कमी है घर में झगड़ा है दुख दर्द कुछ और बताओ और क्या कर सकते हो जब से ज्यादा टाइम करोगे और नुकसान होगा मैंने भी पूरी जिंदगी अपने इशारों पर आ जाओ उनके बच्चे बड़े हो गए तो आ जाओ पहचानते तक नहीं है यह दुनिया दूर है इसमें कोई नई बात नहीं है ठीक है बहन भाई हो उनको भी यही हाल है मामा के अलावा कोई सच्चा प्यार नहीं करता

dekho yaar saini saini saheb se chala raha hai jisko bhi aap apna samjhenge sabse bada hiteshi Surgeon ke sabse bada hamdard samjhenge ki aap ko dhokha dega wahi aapko lute jaega koi aapki peeth peeche burayi karega kisi ko bhi doston rishtedaron ko apna mat samjho apne ghar ke raj mat batao apne ghar ki batein mat batao paise ki kami hai ghar me jhagda hai dukh dard kuch aur batao aur kya kar sakte ho jab se zyada time karoge aur nuksan hoga maine bhi puri zindagi apne ishaaron par aa jao unke bacche bade ho gaye toh aa jao pehchante tak nahi hai yah duniya dur hai isme koi nayi baat nahi hai theek hai behen bhai ho unko bhi yahi haal hai mama ke alava koi saccha pyar nahi karta

देखो यार सैनी सैनी साहब से चला रहा है जिसको भी आप अपना समझेंगे सबसे बड़ा हितेषी सर्जन के स

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Anjana Baliga

Counselor

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अपना दुश्मन क्यों हो जाता है अच्छा प्रश्न किया दुश्मनी और मित्रता जब तो हमारे जीवन में सुख होता तब तो हम बड़े खुश होते हैं परंतु जब हमारे जीवन में दुख आते तो और दुखी हो जाते हैं और क्यों हो जाते हैं देखिए आप अपना मानते हैं और उसमें कोई पलट कर जवाब दिया एक मोमेंट्री था जो आपको अच्छा नहीं लगा मैं आपको कुछ गाली दी कुछ कहा जिसको आप सबसे ज्यादा प्यार करता हूं आपको दो चार बातें सुना नंबर 1 उसी साल खत्म हो गई आप क्या कर रहे हैं थोड़ी देर बाद आप बैठ जाते हैं अपने कमरे में शांति से और वह विचार आपके दिमाग में फिर से आ जाता है ठीक है हम आप स्वयं के दुश्मन हो गए यह याद रखना यह हमारे साथ हमारा मन ऐसे खेल खेलता है कि आप जान ही नहीं पाते कि आप अपने स्वयं के दुश्मन होगा वह घटना वही खत्म हो गई थी और वहीं खत्म हो जानी चाहिए थी परंतु हमारा मन इसको चुपचाप नहीं बैठता वह इस घटना को दोबारा हमारे मन में लेकर आता है और इस पर हम और विचार करके 24 अर्थ और जोड़ लेते हैं तो हम यह सोचते हैं कि जिसको मैं अपना मानता था वह क्यों ऐसा बोला और मैंने यह बोला उसको क्यों अच्छा नहीं लगा तो हम कम से कम 1 या 2 घंटे इसी विचार में लगा देते हैं कि मेरे साथ रोज ऐसा होता है रोजे बल्कि कुछ ना कुछ बोलता है तो हम अपने दिन का अधिकार समय इसी सोच विचार में लगा देते हैं कि मैं जो कुछ बोलता हूं यह ऐसे करता है तो हम उस विचार को भूलते नहीं और उसे विचार को लेकर बैठ जाते हैं हमें यह लगता है कुछ टाइम बाद जब हम विचार बार-बार लेकर आ रहे आज एक दिन बिटिया मान लीजिए दूसरा दिन की तरह से आपके साथ 15 दिन एक महीना हो तो फिर आपको यह लगेगा कि यह व्यक्ति जो मुझ इसको मैं अपना मानता था वह दुश्मन है मेरा ऐसा होता नहीं है यह हमारे मन का ही धर्म है जिसको हमने बार-बार अपने मन में लाकर रिकॉर्ड करके उसको प्लीज किया आप इसको ऐसे देखे ना यहां पे 3 घंटे की पिक्चर देखने को 3 घंटे की पिक्चर जब आप उसी 3 घंटे की पिक्चर को दोबारा रिमाइंड करके देखिए तब आपका विचार बदल जाएगा उस मूवी में फिर आप किसी दिन फिर उस विचार को देखे 3 घंटे बाद अगले दिन फिर आपका मूवी का वह जो इनिशियल फीलिंग थी वह फिर बदल जाए फिर चौथे दिन उसी मूवी को देखिए फिर आपकी फीलिंग बदल जाएगी खुद ही जाने हर बार मेरे सबसे पहले करना शुरू कर कहां हो रहा मेरे मन में हो रहा है इसका मतलब आप का मन भी बांध के जाले बन रहा है और आपको यह बताने की कोशिश कर रहा है कि मेरे मन के अंदर ही से इतने सारे विचारों का जाल बनता चला जा और आप इन्हें घेरे में फंसते जा रहे हो इसी को ही संसार में मायाजाल कहां गया एक विचार लेकर आ जाना बनते जा रहे और यह जाला बड़ा होता जाता है फिर बाद में यही जाला अहंकार का रूप ले लेता एक गुस्से में प्रवृत्त हो जा अच्छा तुमने मुझसे यह कहा तुम रोज ही कहती हूं धीरे धीरे धीरे जो यह जाले बढ़ते चले आते और एक दिन यह जाना जो है फूट जाता है और आप जो है बिल्कुल झनझनाहट भर जाते हो तुम रोज-रोज मेरे को यह कहते रहते हो किसी दिन आपका वह भांडू जाता और आप गुस्सा करके उस व्यक्ति को बिल्कुल ही नकार देते हैं तब आपको वाकई में लगता है कि यह दुनिया तो मेरी दुश्मन है तो सबसे पहले तो यह देखेगी जब प्रक्रिया कहां हो रिया आपके मन में ही हो रही है कि सबसे बड़ा व्यक्ति का दुश्मन कोई दूसरी दुनिया नहीं वह खुद होता है और कभी वह यह सोचकर ही नहीं बैठता कि मेरे साथ कभी ऐसा क्यों हो रहा है ठीक है थैंक यू गॉड ब्लेस यू

apna dushman kyon ho jata hai accha prashna kiya dushmani aur mitrata jab toh hamare jeevan me sukh hota tab toh hum bade khush hote hain parantu jab hamare jeevan me dukh aate toh aur dukhi ho jaate hain aur kyon ho jaate hain dekhiye aap apna maante hain aur usme koi palat kar jawab diya ek momentri tha jo aapko accha nahi laga main aapko kuch gaali di kuch kaha jisko aap sabse zyada pyar karta hoon aapko do char batein suna number 1 usi saal khatam ho gayi aap kya kar rahe hain thodi der baad aap baith jaate hain apne kamre me shanti se aur vaah vichar aapke dimag me phir se aa jata hai theek hai hum aap swayam ke dushman ho gaye yah yaad rakhna yah hamare saath hamara man aise khel khelta hai ki aap jaan hi nahi paate ki aap apne swayam ke dushman hoga vaah ghatna wahi khatam ho gayi thi aur wahi khatam ho jani chahiye thi parantu hamara man isko chupchap nahi baithta vaah is ghatna ko dobara hamare man me lekar aata hai aur is par hum aur vichar karke 24 arth aur jod lete hain toh hum yah sochte hain ki jisko main apna maanta tha vaah kyon aisa bola aur maine yah bola usko kyon accha nahi laga toh hum kam se kam 1 ya 2 ghante isi vichar me laga dete hain ki mere saath roj aisa hota hai roje balki kuch na kuch bolta hai toh hum apne din ka adhikaar samay isi soch vichar me laga dete hain ki main jo kuch bolta hoon yah aise karta hai toh hum us vichar ko bhulte nahi aur use vichar ko lekar baith jaate hain hamein yah lagta hai kuch time baad jab hum vichar baar baar lekar aa rahe aaj ek din bitiya maan lijiye doosra din ki tarah se aapke saath 15 din ek mahina ho toh phir aapko yah lagega ki yah vyakti jo mujhse isko main apna maanta tha vaah dushman hai mera aisa hota nahi hai yah hamare man ka hi dharm hai jisko humne baar baar apne man me lakar record karke usko please kiya aap isko aise dekhe na yahan pe 3 ghante ki picture dekhne ko 3 ghante ki picture jab aap usi 3 ghante ki picture ko dobara remind karke dekhiye tab aapka vichar badal jaega us movie me phir aap kisi din phir us vichar ko dekhe 3 ghante baad agle din phir aapka movie ka vaah jo initial feeling thi vaah phir badal jaaye phir chauthe din usi movie ko dekhiye phir aapki feeling badal jayegi khud hi jaane har baar mere sabse pehle karna shuru kar kaha ho raha mere man me ho raha hai iska matlab aap ka man bhi bandh ke jale ban raha hai aur aapko yah batane ki koshish kar raha hai ki mere man ke andar hi se itne saare vicharon ka jaal banta chala ja aur aap inhen ghere me fansate ja rahe ho isi ko hi sansar me mayajal kaha gaya ek vichar lekar aa jana bante ja rahe aur yah jala bada hota jata hai phir baad me yahi jala ahankar ka roop le leta ek gusse me parvirt ho ja accha tumne mujhse yah kaha tum roj hi kehti hoon dhire dhire dhire jo yah jale badhte chale aate aur ek din yah jana jo hai foot jata hai aur aap jo hai bilkul jhanjhanahat bhar jaate ho tum roj roj mere ko yah kehte rehte ho kisi din aapka vaah bhandu jata aur aap gussa karke us vyakti ko bilkul hi nakar dete hain tab aapko vaakai me lagta hai ki yah duniya toh meri dushman hai toh sabse pehle toh yah dekhenge jab prakriya kaha ho riya aapke man me hi ho rahi hai ki sabse bada vyakti ka dushman koi dusri duniya nahi vaah khud hota hai aur kabhi vaah yah sochkar hi nahi baithta ki mere saath kabhi aisa kyon ho raha hai theek hai thank you god bless you

अपना दुश्मन क्यों हो जाता है अच्छा प्रश्न किया दुश्मनी और मित्रता जब तो हमारे जीवन में सुख

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

1:05
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इट इस संसार में नाखून किसी का स्थाई मित्र है ना कोई किसी का स्थाई दुश्मन है इस संसार में सब मानव लालच के वशीभूत हैं स्वार्थ के वशीभूत स्वार्थ जिसके जिससे मिल जाते हैं उसका मित्र बन जाता है स्वार्थ जिससे जिसके टकरा जाते हैं उसका दुश्मन बन जाता है इस संसार में तुम्हारा अपना व्यवहार ही तुम्हारे मित्र बनाता है और तुम्हारा व्यवहार ही तुम्हारे दुश्मन बनाता है इसलिए हमेशा मधुर भाषी रहो शिष्ट वशिष्ट विचारों वाले रहो साधीन रहो दूसरों का प्रस्तुत करने की कभी मत सोचो दूसरों की गाड़ी बनकर रहो दूसरों के लाभ करो दूसरों की सेवा करो सहायता करो तो सारा संसार आपके पंचपदी रहेगा सारा संसार आपको पसंद तक रहेगा क्योंकि संसार के लोगों को जितना भला करेंगे उतने ही लोग आपके प्रशंसक बनें और चीता संसार के लोगों का बुरा करेंगे उतने ही सर्च आपसे दूर हो जाएंगे यह सारा संसार स्वार्थ से भरा हुआ है

it is sansar me nakhun kisi ka sthai mitra hai na koi kisi ka sthai dushman hai is sansar me sab manav lalach ke vashibhut hain swarth ke vashibhut swarth jiske jisse mil jaate hain uska mitra ban jata hai swarth jisse jiske takara jaate hain uska dushman ban jata hai is sansar me tumhara apna vyavhar hi tumhare mitra banata hai aur tumhara vyavhar hi tumhare dushman banata hai isliye hamesha madhur bhashi raho shisht vashisht vicharon waale raho swadhin raho dusro ka prastut karne ki kabhi mat socho dusro ki gaadi bankar raho dusro ke labh karo dusro ki seva karo sahayta karo toh saara sansar aapke panchapadi rahega saara sansar aapko pasand tak rahega kyonki sansar ke logo ko jitna bhala karenge utne hi log aapke prasanshak banen aur chita sansar ke logo ka bura karenge utne hi search aapse dur ho jaenge yah saara sansar swarth se bhara hua hai

इट इस संसार में नाखून किसी का स्थाई मित्र है ना कोई किसी का स्थाई दुश्मन है इस संसार में स

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नेकी कर दरिया में डाल आप लोगों के लिए अच्छा करते रहे और कभी भी कोई भी कार्य किसी से यह अपेक्षा ना करें कि एबी मेरे लिए करेगा यह भी रिटर्न करेगा अब अपना कर्तव्य पक्ष करते रहे और आत्मानंद रहे संतुष्ट रहे सब ठीक है जो हो रहा है अच्छा हो रहा है जो होगा बहुत अच्छा होगा बस अब आप सकारात्मक लगे रहिए अच्छे अच्छे कार्य करते रहें

neki kar dariya me daal aap logo ke liye accha karte rahe aur kabhi bhi koi bhi karya kisi se yah apeksha na kare ki ab mere liye karega yah bhi return karega ab apna kartavya paksh karte rahe aur atmanand rahe santusht rahe sab theek hai jo ho raha hai accha ho raha hai jo hoga bahut accha hoga bus ab aap sakaratmak lage rahiye acche acche karya karte rahein

नेकी कर दरिया में डाल आप लोगों के लिए अच्छा करते रहे और कभी भी कोई भी कार्य किसी से यह अपे

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Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

1:56
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आपने जो प्रश्न किया उसके उत्तर में मैं यही कहना चाहता हूं कि आपका अपने व्यवहार पर अपने कार्य पर नियंत्रण हो सकता है लेकिन दूसरा व्यक्ति कैसा कार्य करता है उसकी मानसिकता क्या है उसका व्यवहार किया है उस पर आपका कोई नियंत्रण नहीं हो सकता है इसलिए जीवन में बहुत जरूरी होता है कि आप अपने व्यवहार को नियंत्रित करें अपनी तरफ से किसी के साथ अच्छा से अच्छा व्यवहार करें और दूसरे व्यक्ति को उसके उसके बहार पर उसके उसके किस्मत पर छोड़ दें यह ध्यान रखना होगा हम जीवन में जैसा कर्म करते हैं जैसा व्यवहार करते हैं उसका अच्छा बुरा परिणाम हमें ही मिलता है इसलिए अगर कोई व्यक्ति आपके अच्छा करने के बावजूद जिसको आप अपना मानते हैं उसके बावजूद वह आपके साथ दुश्मनी करता है तो उसका बुरा परिणाम उसके जीवन में जरूर मिलेगा और इसको आप अपने जीवन में जरूर देखेंगे यह विश्वास रखिए अपनी अच्छाई को बनाए रखिए अपने अच्छा व्यवहार करते रहिए दूसरा व्यक्ति जैसा व्यवहार करेगा जैसी मानसिकता रखेगा उसका नकारात्मक परिणाम उसको जरूर मिलेगा इसलिए उचित समय का यार करिए जो दूसरा मानता है उसको मारने दीजिए जैसा करता है करने दीजिये आप लेकिन अपनी तरफ से इस केवल अच्छा करिए क्योंकि इससे आपकी जीवन की गुणवत्ता जरूर पड़ेगी और आप जीवन में कभी भी नीचे नहीं जाएंगे हमेशा ही ऊपर उठते चले जाएंगे इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप अपने व्यवहार को बनाए रखें दूसरे व्यक्ति को बिल्कुल करनी थी उसका कोई ध्यान ना दें ज्यादातर मैंने समाज में देखा कि लोग कहीं ना कहीं दूसरे के नकारात्मक चीजों को अपने व्यक्तित्व में ले आते हैं अगर कोई व्यक्ति उनके साथ गलत व्यवहार करता है तो बदले वह भी कहना कि उसके साथ गलत व्यवहार करने लगते हैं यही कारण है कि उनके जीवन में भी बहुत सारी दिक्कतें परेशानी आना शुरू हो जाती है इसलिए बहुत ही जरूरी है कभी भी दूसरों की नकारात्मक व्यवहार को नकारात्मक सोच को कभी भी अपने जीवन में अपने व्यवहार में 9th तू कितना भी आप अपने जीवन में अपने जीवन को अच्छा बना सकते हैं सफल हो सकते हैं कामयाब हो सकता है मेरी शुभकामनाएं आपके लिए धन्यवाद

aapne jo prashna kiya uske uttar me main yahi kehna chahta hoon ki aapka apne vyavhar par apne karya par niyantran ho sakta hai lekin doosra vyakti kaisa karya karta hai uski mansikta kya hai uska vyavhar kiya hai us par aapka koi niyantran nahi ho sakta hai isliye jeevan me bahut zaroori hota hai ki aap apne vyavhar ko niyantrit kare apni taraf se kisi ke saath accha se accha vyavhar kare aur dusre vyakti ko uske uske bahar par uske uske kismat par chhod de yah dhyan rakhna hoga hum jeevan me jaisa karm karte hain jaisa vyavhar karte hain uska accha bura parinam hamein hi milta hai isliye agar koi vyakti aapke accha karne ke bawajud jisko aap apna maante hain uske bawajud vaah aapke saath dushmani karta hai toh uska bura parinam uske jeevan me zaroor milega aur isko aap apne jeevan me zaroor dekhenge yah vishwas rakhiye apni acchai ko banaye rakhiye apne accha vyavhar karte rahiye doosra vyakti jaisa vyavhar karega jaisi mansikta rakhega uska nakaratmak parinam usko zaroor milega isliye uchit samay ka yaar kariye jo doosra maanta hai usko maarne dijiye jaisa karta hai karne dijiye aap lekin apni taraf se is keval accha kariye kyonki isse aapki jeevan ki gunavatta zaroor padegi aur aap jeevan me kabhi bhi niche nahi jaenge hamesha hi upar uthte chale jaenge isliye yah bahut zaroori hai ki aap apne vyavhar ko banaye rakhen dusre vyakti ko bilkul karni thi uska koi dhyan na de jyadatar maine samaj me dekha ki log kahin na kahin dusre ke nakaratmak chijon ko apne vyaktitva me le aate hain agar koi vyakti unke saath galat vyavhar karta hai toh badle vaah bhi kehna ki uske saath galat vyavhar karne lagte hain yahi karan hai ki unke jeevan me bhi bahut saari dikkaten pareshani aana shuru ho jaati hai isliye bahut hi zaroori hai kabhi bhi dusro ki nakaratmak vyavhar ko nakaratmak soch ko kabhi bhi apne jeevan me apne vyavhar me 9th tu kitna bhi aap apne jeevan me apne jeevan ko accha bana sakte hain safal ho sakte hain kamyab ho sakta hai meri subhkamnaayain aapke liye dhanyavad

आपने जो प्रश्न किया उसके उत्तर में मैं यही कहना चाहता हूं कि आपका अपने व्यवहार पर अपने कार

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Dr. Vibha Singh

Clinical Psychologist

2:59
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आपका प्रश्न है कि मैं अपना मानता हूं वह दुश्मन क्यों बन जाता है यह सोचने का बेसिक तरीका है कि बात बताई उसको अच्छी नहीं लगी जवाब दिया जो विचार हैं आपके उससे तो तरीका है या उसका चुप रहती है उसे सच नहीं करती आप अलग प्रकार से किसी चीज में व्यक्ति हो या व्यक्ति को प्रस्तुत कर रहे हैं सरकार से आग्रह कर रहा है रिसीव कर रहा है आप जैसे मोशन जिस भावना से बात को बता रहे हैं क्या कर रहे हैं नया जीवन की जो हमारी पालनपुर की प्रक्रिया है जो हमारा सामाजिक पारिवारिक और जो आप बोलेंगे एक ही प्रकार इतनी सी बात है कि बनने की प्रक्रिया में बस दूसरे को भी थोड़ा सा भेज देना चाहिए उसके सुझाव भी लेनी चाहिए थी आपको बताना चाहिए कितना कितना शेयर कर सकते हैं कुछ इसी तरह की अवधारणा पैदा होनी चाहिए आप उस इंसान को अपनी ट्रू कॉपी ना माने अपनी कॉपी ने जिस दिन वस्तु को उचित सिम नहीं हो सकती तो दुश्मन नहीं हो जाता है आपको यह व्यक्ति है और उसके सोचने का नजरिया बात करने का तरीका

aapka prashna hai ki main apna maanta hoon vaah dushman kyon ban jata hai yah sochne ka basic tarika hai ki baat batai usko achi nahi lagi jawab diya jo vichar hain aapke usse toh tarika hai ya uska chup rehti hai use sach nahi karti aap alag prakar se kisi cheez me vyakti ho ya vyakti ko prastut kar rahe hain sarkar se agrah kar raha hai receive kar raha hai aap jaise motion jis bhavna se baat ko bata rahe hain kya kar rahe hain naya jeevan ki jo hamari palanpur ki prakriya hai jo hamara samajik parivarik aur jo aap bolenge ek hi prakar itni si baat hai ki banne ki prakriya me bus dusre ko bhi thoda sa bhej dena chahiye uske sujhaav bhi leni chahiye thi aapko batana chahiye kitna kitna share kar sakte hain kuch isi tarah ki avdharna paida honi chahiye aap us insaan ko apni TRUE copy na maane apni copy ne jis din vastu ko uchit sim nahi ho sakti toh dushman nahi ho jata hai aapko yah vyakti hai aur uske sochne ka najariya baat karne ka tarika

आपका प्रश्न है कि मैं अपना मानता हूं वह दुश्मन क्यों बन जाता है यह सोचने का बेसिक तरीका है

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Anshu Sarkar

Founder & Director, Sarkar Yog Academy

3:18
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सबसे पहले तो मैं आपको धन्यवाद देना चाहूंगा कि आपका सवाल का जवाब देने के लिए आपने मुझे अवसर दिया आपका सवाल है वह मैं जिसको अपना मानता हूं वह अपना दुश्मन क्यों बन जाता है देखिए हो सकता है कि आपका जो मानने का तरीका है दूसरों को कुछ दूसरों से हटके है हो सकता आप उनको बहुत ज्यादा मरने लगते हैं और आपका दूसरों को मारने का जो तरीका है मेरी हो सकता हूं गलत नहीं तो आप जिनको भी अपना अपना मानते हो आपके दुश्मन कैसे बन जाएगा सबसे पहले देख इसका कारण कहीं आप तो नहीं क्योंकि सभी तो एक जैसे मानसिक चावल नहीं होंगे क्या दिन को मान रहे हैं वह दुश्मन बंजारा अरे कोई तो ऐसा होगा जिनको आप मान रहे हो आपको भी मानने लगे लेकिन अगर ऐसा सब के साथ आपका साथ हो रहा तो जरूर आप में कोई कमी होगी आप कभी दूसरों से दोस्ती करने के लिए तरीका है दूसरों को मारने का जो तरीका है तथा वह गलत है किसी को किसी के पास अधिक भी मत जाइए और बहुत ज्यादा दूर भी ना जाए किस चीज को मेंटेन करके किसी को रिस्पेक्ट कीजिए मानिए दोस्ती कीजिएगा देखी और और long-run में बहुत मजबूत होगा एक कहावत है 4 दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात ऐसे नहीं होना चाहिए आप बहुत ज्यादा दोस्ती कर लेते हैं अपना सब कुछ खो कर उनके पास एकदम क्लोज हो जाते जाने लगता है एकदम ऐसा करने लगते होंगे कि दम वही आपका सब कुछ है फिर धीरे-धीरे दोस्ती जो है अपनापन हो दूरी बढ़ते बढ़ते दुश्मनी बदल जाता है इसीलिए जैसे एक इंसान अगर एक इंसान जैसे मरुभूमि में यानी कि डेजर्ट में बिना पानी पी के पानी के अभाव से मर जाता है एक इंसान मरुभूमि में यानी की डेट में बिना पानी के पानी का भाग से मर जाता है वही आदमी तालाब में या नदी में डूबकर अधिक पानी पीके भी मरता है लेकिन वहां बिना पानी के मर जा रहा है या अधिक पानी तो एक कहावत है किसी को इतना ही गुदगुदा है कि वह हमसे इतना मजबूत बताइए कि हंसते हंसते रो ले ठीक है आप दोस्ती कीजिए दूरी को मेंटेन करके दूर का ढोल सुहाना लगता है सामने आने से एकदम इतना जोर से बंद करके आप अपने आप में आपा खो ना खो के सम्मान के साथ दूसरों को रेसिपी डे के प्यार से साली नेता से अगर किसी से दोस्ती करके विश्वास के साथ तो देखेगा यह दोस्ती आपका long-run में बहुत अच्छा हो जाएगा आपको एक अच्छा दोस्त मिले तभी आपको विश्वास करें कोई आपका दुश्मन ना हो तभी आपका दोस्त रहे आशा करके धन्यवाद

sabse pehle toh main aapko dhanyavad dena chahunga ki aapka sawaal ka jawab dene ke liye aapne mujhe avsar diya aapka sawaal hai vaah main jisko apna maanta hoon vaah apna dushman kyon ban jata hai dekhiye ho sakta hai ki aapka jo manne ka tarika hai dusro ko kuch dusro se hatake hai ho sakta aap unko bahut zyada marne lagte hain aur aapka dusro ko maarne ka jo tarika hai meri ho sakta hoon galat nahi toh aap jinako bhi apna apna maante ho aapke dushman kaise ban jaega sabse pehle dekh iska karan kahin aap toh nahi kyonki sabhi toh ek jaise mansik chawal nahi honge kya din ko maan rahe hain vaah dushman banjara are koi toh aisa hoga jinako aap maan rahe ho aapko bhi manne lage lekin agar aisa sab ke saath aapka saath ho raha toh zaroor aap me koi kami hogi aap kabhi dusro se dosti karne ke liye tarika hai dusro ko maarne ka jo tarika hai tatha vaah galat hai kisi ko kisi ke paas adhik bhi mat jaiye aur bahut zyada dur bhi na jaaye kis cheez ko maintain karke kisi ko respect kijiye maniye dosti kijiega dekhi aur aur long run me bahut majboot hoga ek kahaavat hai 4 din ki chandni phir andheri raat aise nahi hona chahiye aap bahut zyada dosti kar lete hain apna sab kuch kho kar unke paas ekdam close ho jaate jaane lagta hai ekdam aisa karne lagte honge ki dum wahi aapka sab kuch hai phir dhire dhire dosti jo hai apnapan ho doori badhte badhte dushmani badal jata hai isliye jaise ek insaan agar ek insaan jaise marubhoomi me yani ki desert me bina paani p ke paani ke abhaav se mar jata hai ek insaan marubhoomi me yani ki date me bina paani ke paani ka bhag se mar jata hai wahi aadmi taalab me ya nadi me dubakar adhik paani pk bhi marta hai lekin wahan bina paani ke mar ja raha hai ya adhik paani toh ek kahaavat hai kisi ko itna hi gudguda hai ki vaah humse itna majboot bataiye ki hansate hansate ro le theek hai aap dosti kijiye doori ko maintain karke dur ka dhol suhana lagta hai saamne aane se ekdam itna jor se band karke aap apne aap me aapa kho na kho ke sammaan ke saath dusro ko recipe day ke pyar se saali neta se agar kisi se dosti karke vishwas ke saath toh dekhega yah dosti aapka long run me bahut accha ho jaega aapko ek accha dost mile tabhi aapko vishwas kare koi aapka dushman na ho tabhi aapka dost rahe asha karke dhanyavad

सबसे पहले तो मैं आपको धन्यवाद देना चाहूंगा कि आपका सवाल का जवाब देने के लिए आपने मुझे अवसर

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

1:00
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मैं जिसको अपना मानता हूं अपना दुश्मन क्यों बना है जिसे आप अपना लालची और स्वार्थी लोग कभी भी किसी का दोस्त नहीं हो सकते हैं परंतु आपके दुश्मन बन जाते हैं तो कभी भी किसी से अपना बनाने से पहले उसको जांच पड़ताल कर लो कर लो अच्छी तरह से उसके बहार को समझ लो उसको जानो और इसके बाद ही कुछ करो तो ज्यादा अच्छा जांच पदक के साथ घर के किसी पर अगर आपको विश्वास करना है अब दोस्त बनाना है कि नहीं उत्तर उसके आचरण को स्वीकृति ओके समझ लो और आप ऐसी ही किसी का विश्वास करें तो ज्यादा बेहतर होगा कि जो दुश्मन बन रहे हैं इनसे दूरियां बना लो और ऐसे स्वार्थी तत्वों से मैसेज तलवार दूरी बना लो और इसी में ही आपकी भलाई है

main jisko apna maanta hoon apna dushman kyon bana hai jise aap apna lalchi aur swaarthi log kabhi bhi kisi ka dost nahi ho sakte hain parantu aapke dushman ban jaate hain toh kabhi bhi kisi se apna banane se pehle usko jaanch padatal kar lo kar lo achi tarah se uske bahar ko samajh lo usko jano aur iske baad hi kuch karo toh zyada accha jaanch padak ke saath ghar ke kisi par agar aapko vishwas karna hai ab dost banana hai ki nahi uttar uske aacharan ko swikriti ok samajh lo aur aap aisi hi kisi ka vishwas kare toh zyada behtar hoga ki jo dushman ban rahe hain inse duriyan bana lo aur aise swaarthi tatvon se massage talwar doori bana lo aur isi me hi aapki bhalai hai

मैं जिसको अपना मानता हूं अपना दुश्मन क्यों बना है जिसे आप अपना लालची और स्वार्थी लोग कभी भ

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NAQVI

Business Owner

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मैं जिसको अपना मानता हूं वह दुश्मन क्यों बजाते हैं यह टिप्पणी का पानी व पर्सनालिटी आपका जो सोच हॉस्पिटल जाएगा आपको व्हाट यू गिव द टिकट जिसको अपना मानते हैं उसके साथ आप जो भी शेयर करते हैं हो सकता तू भीख ना सपना पूरा शेयर करते होंगे वह विकनेस कोई मिस यूज कर रहा है आप बोल रहे हर कोई हर कोई तो ऐसा नहीं हो सकता तो आपको बैठ कर सोचना पड़ेगा क्या आपका जो सोच आपकी जो सोचना भी वह कैसी है क्योंकि आप हर एक में गलती ढूंढते रहेंगे फार्मिंग मशीन बोलते हो सब बोलेंगे बोलेंगे यह क्यों हो रहा है वह क्यों रहा है ऐसा क्यों रहा है वैसा क्यों है यह क्यों कर रहा है वह क्यों माफ करें छुपाने क्या कर लो यार बस करो यार इतना वेट करेंगे फिर क्यों करेंगे अब जो दे रहे हैं वही आपको मिलेगा आपका व्यवहार ही बहुत इंपॉर्टेंट है मेरे हिसाब से आपको बैठ कर सोचना पड़ेगा मेरा व्यवहार किस तरह से हैं मैं क्या कर रहा हूं आपको लड़के कभी भी अपने आपको मैं कभी भी अपने आपको सही समय कभी भी शामिल आदमी गलत होता है कि नॉर्मल ही मरने से है देखना पड़ेगा

main jisko apna maanta hoon vaah dushman kyon bajaate hain yah tippani ka paani va personality aapka jo soch hospital jaega aapko what you give the ticket jisko apna maante hain uske saath aap jo bhi share karte hain ho sakta tu bhik na sapna pura share karte honge vaah weakness koi miss use kar raha hai aap bol rahe har koi har koi toh aisa nahi ho sakta toh aapko baith kar sochna padega kya aapka jo soch aapki jo sochna bhi vaah kaisi hai kyonki aap har ek me galti dhoondhate rahenge farming machine bolte ho sab bolenge bolenge yah kyon ho raha hai vaah kyon raha hai aisa kyon raha hai waisa kyon hai yah kyon kar raha hai vaah kyon maaf kare chhupaane kya kar lo yaar bus karo yaar itna wait karenge phir kyon karenge ab jo de rahe hain wahi aapko milega aapka vyavhar hi bahut important hai mere hisab se aapko baith kar sochna padega mera vyavhar kis tarah se hain main kya kar raha hoon aapko ladke kabhi bhi apne aapko main kabhi bhi apne aapko sahi samay kabhi bhi shaamil aadmi galat hota hai ki normal hi marne se hai dekhna padega

मैं जिसको अपना मानता हूं वह दुश्मन क्यों बजाते हैं यह टिप्पणी का पानी व पर्सनालिटी आपका ज

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Abhay Pratap

Advocate | Social Welfare Activist

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वह मैं जिसको अपना मानता हूं वह दुश्मन क्यों बन जाता है यह वह हम नहीं हमारा विश्वास होता है हमारी सिस्टर ऐसे लोगों से निराश ना हो यह दुनिया और अच्छे लोगों से भरी हुई हैं और ऐसा अक्सर होता है कि विश्वास टूटता है जिसे आप अपना समझते हैं वही दुश्मन बनता है पर आपकी कमजोरियों को वह महसूस करता है जिसे आप नहीं अपने आप में देख अपनी कमजोरियों को और ताकतवर न बनने दें उन्हें खत्म करें और मजबूत बने वही लोग आपको फिर लाइक और पसंद करेंगे

vaah main jisko apna maanta hoon vaah dushman kyon ban jata hai yah vaah hum nahi hamara vishwas hota hai hamari sister aise logo se nirash na ho yah duniya aur acche logo se bhari hui hain aur aisa aksar hota hai ki vishwas tootata hai jise aap apna samajhte hain wahi dushman banta hai par aapki kamzoriyo ko vaah mehsus karta hai jise aap nahi apne aap me dekh apni kamzoriyo ko aur takatwar na banne de unhe khatam kare aur majboot bane wahi log aapko phir like aur pasand karenge

वह मैं जिसको अपना मानता हूं वह दुश्मन क्यों बन जाता है यह वह हम नहीं हमारा विश्वास होता है

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यह बात आपको उसको बुला करके शांति मन से पूछना चाहिए कि मैं आप को अपना मानता हूं आप उसे किस बात पर नाराज है मुझे अपना दुश्मन क्यों है मेरे अंदर क्या कमी है मैंने आपकी पीठ पीछे ऐसी कौन सी जड़ का थी जिसकी वजह से नाराज यह बातें आपको बैठकर क्लियर करना होगा उससे जिसको आप मानते हैं एक समय आएगा जब वह देख लेगा कि यार यह आदमी अच्छा है इसमें कभी भी मेरी बुराई नहीं की कभी मुझको नुकसान नहीं पहुंचाया तो आपको कभी भी अपना दुश्मन नहीं मानेगा अगर किसी के बहकावे में आकर तो उसने ऐसा किया है तो उसकी जो भावनाएं हैं भावनाओं पर आप उनको स्पर्श करके उनको बताइए कि देखिए मैं आपका ही हूं और कभी मैं आपकी बुराई नहीं करता और आपके कष्ट से मुझको कष्ट होता है हम दोनों मैं आपको बहुत मानता हूं मैं आपका बहुत सम्मान करता हूं और मेरी आप कभी भी परीक्षा लिए मैं आपके प्रति कोई गलत धारणा नहीं रखता हूं बिल्कुल सुधर जाएगा सब हो जाएगा थोड़ा धीरे-धीरे आप उस को विश्वास में लेने का कष्ट कीजिए

yah baat aapko usko bula karke shanti man se poochna chahiye ki main aap ko apna maanta hoon aap use kis baat par naaraj hai mujhe apna dushman kyon hai mere andar kya kami hai maine aapki peeth peeche aisi kaun si jad ka thi jiski wajah se naaraj yah batein aapko baithkar clear karna hoga usse jisko aap maante hain ek samay aayega jab vaah dekh lega ki yaar yah aadmi accha hai isme kabhi bhi meri burayi nahi ki kabhi mujhko nuksan nahi pahunchaya toh aapko kabhi bhi apna dushman nahi manega agar kisi ke bahakaave me aakar toh usne aisa kiya hai toh uski jo bhaavnaye hain bhavnao par aap unko sparsh karke unko bataiye ki dekhiye main aapka hi hoon aur kabhi main aapki burayi nahi karta aur aapke kasht se mujhko kasht hota hai hum dono main aapko bahut maanta hoon main aapka bahut sammaan karta hoon aur meri aap kabhi bhi pariksha liye main aapke prati koi galat dharana nahi rakhta hoon bilkul sudhar jaega sab ho jaega thoda dhire dhire aap us ko vishwas me lene ka kasht kijiye

यह बात आपको उसको बुला करके शांति मन से पूछना चाहिए कि मैं आप को अपना मानता हूं आप उसे किस

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बन्नो आपको यह क्वेश्चन है कि आप जिस व्यक्ति को मानते हैं जिस व्यक्तित्व को आप मानते वह आपका कुछ दिनों बाद दुश्मन बन जाता है पति इसका मतलब यह है कि आपका अपनी से की सहनशक्ति पर नियंत्रण नहीं है साथी आप वही करते हैं जो आपकी इच्छा शक्ति कहती है इसीलिए साथियों आप अपनी इच्छाशक्ति पर कंट्रोल करें और एक कंट्रोल करना बहुत ही अनिवार्य है जी बिल्कुल यह सभी लोगों के साथ होता है कि जिस व्यक्ति के साथ आप रहते हैं उसका छोटा सा कुछ ऐसा हिस्सा चाहे वह उसकी भाषा शैली से संबंधित है उसकी विवाह शैली से संबंधित है उसके संस्कार से संबंधित हो या फिर उसकी चरित्र वाणी से संबंधित बंधु यह कुछ परंपरागत कुछ शब्द कुछ भाषा शैली सभी को देखने को मिलती है लेकिन जो व्यक्ति से पर कंट्रोल कर लेता है वह व्यक्ति किसी भी प्रकार से यानी कि सामाजिक तौर पर धार्मिक और राजनीतिक तौर वारिक तौर पर सांस्कृतिक तौर पर यानी कि समाज के विभिन्न विभिन्न पहलू जो कि आप की मर्यादा के अनुदेश आपके मर्यादा के अनुसार सही है आपके हृदय में जो चीजें समाए थे उन सभी का आप पालन नहीं करना चाहते हैं वह सभी चीजें आपको तब आंचल हो सकते जवाब किसी भी बच्चे के द्वारा कच्ची शब्द किसी बुजुर्ग के द्वारा कोई भी अपशब्द आपके परिवार से संबंधित कुछ ऐसा विवाह जो कि रोजमर्रा की कुछ ऐसी लड़ाई है उस सभी उस चीज में समाए थे जो कि आपका क्वेश्चन बनता है जिस जगह से तो साथी मेरा कहना यह कि घर में थोड़ी सी लड़ाई जी आपको आपका दुश्मन सुनिश्चित करा देती है कुछ वक्त के लिए वैसा ही दुश्मन भारी तौर पर भी होता कुछ वक्त और वह दुश्मन आपको यह बात कराता है कि आप की सहनशक्ति बहुत ही कमजोर इसलिए बंद हो जब सहनशक्ति उतनी हो तो आपको उतनी ही बात करनी चाहिए जिस जगह पर भी रहे अपने किसी भी मित्र गणपति परिजन को समझा देना चाहिए कि वह मेरी सहनशक्ति इतनी है या फिर ऐसे जब किसी व्यवहार ही नहीं करना चाहिए उसके पास नहीं बैठना चाहिए इसीलिए जिसे मित्रगण आपको ऐसे कुछ पहलुओं का घर सामना करना पड़ रहा है तुम्हें यही चाहूंगा कि आप अपना पथ अपना मार्गदर्शन बदलने चेंज कर दें परिवर्तन कर दें और अच्छे व्यक्ति के साथ रहे बूढ़ी व्यक्ति के साथ रहे ऐसे व्यक्तियों का संस्करण करें क्योंकि आपको अच्छे मार्ग पर आपको अच्छी दिशा में आपको आपके भविष्य के लिए अच्छे मुकाम को हासिल कराने में तत्पर रहें तैयार रहें तो मैं चाहूंगा कि मेरे द्वारा दिया गया यह जवाब आपको कहीं हद तक ठीक लगे नमस्कार

banno aapko yah question hai ki aap jis vyakti ko maante hain jis vyaktitva ko aap maante vaah aapka kuch dino baad dushman ban jata hai pati iska matlab yah hai ki aapka apni se ki sahanshakti par niyantran nahi hai sathi aap wahi karte hain jo aapki iccha shakti kehti hai isliye sathiyo aap apni ichchhaashakti par control kare aur ek control karna bahut hi anivarya hai ji bilkul yah sabhi logo ke saath hota hai ki jis vyakti ke saath aap rehte hain uska chota sa kuch aisa hissa chahen vaah uski bhasha shaili se sambandhit hai uski vivah shaili se sambandhit hai uske sanskar se sambandhit ho ya phir uski charitra vani se sambandhit bandhu yah kuch paramparagat kuch shabd kuch bhasha shaili sabhi ko dekhne ko milti hai lekin jo vyakti se par control kar leta hai vaah vyakti kisi bhi prakar se yani ki samajik taur par dharmik aur raajnitik taur varik taur par sanskritik taur par yani ki samaj ke vibhinn vibhinn pahaloo jo ki aap ki maryada ke anudesh aapke maryada ke anusaar sahi hai aapke hriday me jo cheezen samaaye the un sabhi ka aap palan nahi karna chahte hain vaah sabhi cheezen aapko tab aanchal ho sakte jawab kisi bhi bacche ke dwara kachhi shabd kisi bujurg ke dwara koi bhi apashabd aapke parivar se sambandhit kuch aisa vivah jo ki rozmarra ki kuch aisi ladai hai us sabhi us cheez me samaaye the jo ki aapka question banta hai jis jagah se toh sathi mera kehna yah ki ghar me thodi si ladai ji aapko aapka dushman sunishchit kara deti hai kuch waqt ke liye waisa hi dushman bhari taur par bhi hota kuch waqt aur vaah dushman aapko yah baat karata hai ki aap ki sahanshakti bahut hi kamjor isliye band ho jab sahanshakti utani ho toh aapko utani hi baat karni chahiye jis jagah par bhi rahe apne kisi bhi mitra ganapati parijan ko samjha dena chahiye ki vaah meri sahanshakti itni hai ya phir aise jab kisi vyavhar hi nahi karna chahiye uske paas nahi baithana chahiye isliye jise mitragan aapko aise kuch pahaluwon ka ghar samana karna pad raha hai tumhe yahi chahunga ki aap apna path apna margdarshan badalne change kar de parivartan kar de aur acche vyakti ke saath rahe budhi vyakti ke saath rahe aise vyaktiyon ka sanskaran kare kyonki aapko acche marg par aapko achi disha me aapko aapke bhavishya ke liye acche mukam ko hasil karane me tatpar rahein taiyar rahein toh main chahunga ki mere dwara diya gaya yah jawab aapko kahin had tak theek lage namaskar

बन्नो आपको यह क्वेश्चन है कि आप जिस व्यक्ति को मानते हैं जिस व्यक्तित्व को आप मानते वह आपक

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Dr. Shakeel Akhtar

Homeopathy Doctor

1:04
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देखी मैं आपको एक नजर भी की बात बता रहा हूं कि आप जिसके साथ एहसान करें जिस पर आप एहसान करें उससे बचें बड़ा अजीब सा लग रहा होगा आपको जी आप जिस परेशान कर रहे हैं वह आपको धोखा दे सकता है एहसान करना बहुत अच्छी बात है लोगों की मदद करनी चाहिए लोगों पर एहसान करना चाहिए और ऐसा करके भूल जाना चाहिए एहसान का बदला हुआ अल्लाह ईश्वर देता है लेकिन दिखे मैं आपको बताता हूं मैं मुसलमान हूं अपने हिसाब से मैं आपको बता रहा हूं हमारे इमाम है मौला इकाई नात शरीफ उदा हज़रत अली अलैहिस्सलाम तो हज़रत अली अलैहिस्सलाम का फरमान है कि तुम जिस पर एहसान करो उसके शर्ते बच्चों पर तो एहसान कर रहे हो वह तुम्हें दगा दे सकता है धोखा दे सकता है तो यही वजह है जो आप अपने सवाल में पूछा है कि मैं जिसके साथ अच्छा करता हूं वह मुझे मेरे साथ बुरा क्यों करता है आपका दुश्मन क्यों हो जाता है मेरा तो मैं आपके सवाल का जवाब थैंक यू

dekhi main aapko ek nazar bhi ki baat bata raha hoon ki aap jiske saath ehsaan kare jis par aap ehsaan kare usse bache bada ajib sa lag raha hoga aapko ji aap jis pareshan kar rahe hain vaah aapko dhokha de sakta hai ehsaan karna bahut achi baat hai logo ki madad karni chahiye logo par ehsaan karna chahiye aur aisa karke bhool jana chahiye ehsaan ka badla hua allah ishwar deta hai lekin dikhe main aapko batata hoon main musalman hoon apne hisab se main aapko bata raha hoon hamare imam hai maula ikai nat sharif uda hazarat ali alaihissalam toh hazarat ali alaihissalam ka farman hai ki tum jis par ehsaan karo uske sharte baccho par toh ehsaan kar rahe ho vaah tumhe daga de sakta hai dhokha de sakta hai toh yahi wajah hai jo aap apne sawaal me poocha hai ki main jiske saath accha karta hoon vaah mujhe mere saath bura kyon karta hai aapka dushman kyon ho jata hai mera toh main aapke sawaal ka jawab thank you

देखी मैं आपको एक नजर भी की बात बता रहा हूं कि आप जिसके साथ एहसान करें जिस पर आप एहसान करें

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

3:09
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देखिए आपका प्रश्न है वह मैं जिसको अपना मानता हूं वह अपना दुश्मन क्यों बन जाता है दी क्या आप किसी को मानता अपना मानते हैं बहुत अच्छी बात है लेकिन वह आपका दुश्मन बन जाता है या आपको कैसे मालूम होता है क्या आप किसी को अपना मान रही हैं वह परम मित्र मान रहे अपना छोड़ दे मानते हैं आप उसी कभी कोई चीज मांगते हैं और वह देने में असमर्थता व्यक्त करता है यदि ना नहीं चाहता है तो उसका अपना उसका अलग व्यक्तित्व है वह चीज बाप को नहीं देना चाहता है वह आपको मना कर रहा है उसकी मजबूरी समझिए आप उठकर मेरे ख्याल से आप मूंदकर संस्कृत आमोद जाती हैं क्योंकि मैं उसको अपना मानता हूं और यह मुझे इस चीज को देने से इंकार कर रहा है यह मेरी बात नहीं मानता इसलिए मेरा दुश्मन भी हो सकता है यह भी हो सकता है कि आपकी कोई बात आप उससे स्टैंड से बात करते हो आप उससे अपनापन बहुत ज्यादे मानते हो और उसको जैसे मित्रों में छुपा होता है शब्दों में छपा होता है आप उसको कॉल धक्का मारकर उसकी चुन्नी पर पीठ पर हाथ मार कर कहते हैं वहां और दोस्त कैसा है तू अब उसको बहुत बुरा मानता हूं आप को रोकता हो गई मुझसे इस तरह की कुछ किया करो तो हो सकता है आपने मन में आता हो मैं तो इसको इतना प्रेम करता हूं यह मुझे अपना करीब नहीं मांगता है हो सकता है आप उसके घर जाती हूं अब आपको अपने घर के अंदर किसी मजबूरी कारण अब डालता हूं आप से बाहर या बाहर बात करना पसंद करता हूं हो सकता वो रूट बनती हो उसके घर में आपके मित्र के घर में आपके स्वस्थ जीवन में कोई जवान बहन हो वह आपको घर के अंदर जाना पसंद नहीं करता हो सकता है उसके माता-पिता एतराज करते हो तो आपको यह बात भी बुरी लगती होगी कि मैं तो इसको इतना प्रेम करता हूं इतना कर ही मानता हूं कि मुझे अपने घर के अंदर नहीं चलता कि मेरा तू ही तो मेरा दुश्मन है दुश्मन दोस्त कोई नहीं होता जिसको आप प्रेम करती हैं उससे आप उसके हिसाब से व्यवहार करें जो गुस्सा भी करो तो है आप किसी से प्रेम करते हैं इसका मतलब यह नहीं हुआ कि आप उसका भी तो आपकी मृतक में सुना दिया उसकी आदत पसंद है हैं ना पसंदगी हां हैं उसका अलग रहन-सहन है उसके अलग विचार हैं उसके अदाएं हैं उसके िलए मान्यताएं हैं किसी को करीब मानती हैं तो थोड़ा एडजस्ट करना सीखिए आप उसके विचारों से एडजस्ट करेंगे उसके आस्था विश्वासों से डिस्टर्ब लेंगे उसके घरेलू वातावरण चैट करेंगे और अपने को उसके ऊपर नहीं सो पाएंगे तो सभी आपकी गरीब रहेंगे सभी आपसे नहीं करेंगे आप किसी की विस्तृत पर जबरदस्ती हावी होना चाहेंगे जबरदस्ती अपनी बात मनवाना चाहेंगे तो फिर आपका कोई भी तकलीफ नहीं होगा आपका पूरा संसार दुश्मन हो जाए

dekhiye aapka prashna hai vaah main jisko apna maanta hoon vaah apna dushman kyon ban jata hai di kya aap kisi ko maanta apna maante hain bahut achi baat hai lekin vaah aapka dushman ban jata hai ya aapko kaise maloom hota hai kya aap kisi ko apna maan rahi hain vaah param mitra maan rahe apna chhod de maante hain aap usi kabhi koi cheez mangate hain aur vaah dene me asamarthata vyakt karta hai yadi na nahi chahta hai toh uska apna uska alag vyaktitva hai vaah cheez baap ko nahi dena chahta hai vaah aapko mana kar raha hai uski majburi samjhiye aap uthakar mere khayal se aap mundakar sanskrit amod jaati hain kyonki main usko apna maanta hoon aur yah mujhe is cheez ko dene se inkar kar raha hai yah meri baat nahi maanta isliye mera dushman bhi ho sakta hai yah bhi ho sakta hai ki aapki koi baat aap usse stand se baat karte ho aap usse apnapan bahut jyade maante ho aur usko jaise mitron me chupa hota hai shabdon me chapa hota hai aap usko call dhakka marakar uski chunni par peeth par hath maar kar kehte hain wahan aur dost kaisa hai tu ab usko bahut bura maanta hoon aap ko rokta ho gayi mujhse is tarah ki kuch kiya karo toh ho sakta hai aapne man me aata ho main toh isko itna prem karta hoon yah mujhe apna kareeb nahi mangta hai ho sakta hai aap uske ghar jaati hoon ab aapko apne ghar ke andar kisi majburi karan ab dalta hoon aap se bahar ya bahar baat karna pasand karta hoon ho sakta vo root banti ho uske ghar me aapke mitra ke ghar me aapke swasth jeevan me koi jawaan behen ho vaah aapko ghar ke andar jana pasand nahi karta ho sakta hai uske mata pita ittaraj karte ho toh aapko yah baat bhi buri lagti hogi ki main toh isko itna prem karta hoon itna kar hi maanta hoon ki mujhe apne ghar ke andar nahi chalta ki mera tu hi toh mera dushman hai dushman dost koi nahi hota jisko aap prem karti hain usse aap uske hisab se vyavhar kare jo gussa bhi karo toh hai aap kisi se prem karte hain iska matlab yah nahi hua ki aap uska bhi toh aapki mritak me suna diya uski aadat pasand hai hain na pasandagi haan hain uska alag rahan sahan hai uske alag vichar hain uske adaen hain uske ilye manyatae hain kisi ko kareeb maanati hain toh thoda adjust karna sikhiye aap uske vicharon se adjust karenge uske astha vishwason se disturb lenge uske gharelu vatavaran chat karenge aur apne ko uske upar nahi so payenge toh sabhi aapki garib rahenge sabhi aapse nahi karenge aap kisi ki vistrit par jabardasti haavi hona chahenge jabardasti apni baat manvana chahenge toh phir aapka koi bhi takleef nahi hoga aapka pura sansar dushman ho jaaye

देखिए आपका प्रश्न है वह मैं जिसको अपना मानता हूं वह अपना दुश्मन क्यों बन जाता है दी क्या

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Dr Arti Gupta

Yoga Trainer and Life Coach (instra Id-artipaharia135)

2:20
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्वेश्चन अगर मैं जिसको अपना मानता हूं अपना दुश्मन क्यों बन जाता है जिसको मैं अपनाया मेरा मानता हूं तो उसके प्रति हम अधिकार भी ज्यादा स्माल करने लगते हैं उससे एक्सपेक्टेशन सादा करने लगते हैं वह हमारी तरह से चले हमारी बातों को समझे तो हमारा उसके प्रति एचडी शिक्षाओं का दायरा होता है बढ़ जाता है अपना मानने पर और वह कभी-कभी तो अपना सा लगता है लेकिन जब व्होलटाइम देखता है कि हम उससे बनाते हैं मुंह तो वो थोड़ा कंफर्म पतली करने लगता है तो एक कारण यह भी होता है दुश्मन बनने का तो वह आप से भागने लगता है और कुछ लोग ऐसे होते हैं कि हम भी उसी में किसी को अपना राज बता देते हैं या कुछ बता देते हैं और वह अपना सा लगता है और नहीं पता होता कि वह व्यक्ति कितना मूड कहकर वह समाज में फैला देगा या फिर उसका इंटर नहीं होता है कि सब को अपना बनाना एंड पर्सन टो पर्सन करता है कि हम किस को अपना बना रहे हैं तो एक कारण तो यह भी होता है कि गर्म इच्छाएं ज्यादा रहते हैं तो आदमी अपने आप को अन कंफर्ट फील करने लगता है और गुलाम टाइप अपील करने लगता कि यह तो उल्टा मेरे प्रतिकार कर रहे तो वह दूर भागने लगता है इसको हम दुश्मनी का नाम दे देते और दूसरा व्यक्ति जो हमारे अलग से व्यक्ति आ जाता है जो हमारी कैटेगरी का नहीं होता हमारी एनर्जी का नहीं होता और हम अपनी कंपनी में उसे शामिल कर लेते हैं और अपना समझने लगते हैं इन कुछ दिनों बाद पता चलता है कि वह जो जो उसने अपनेपन से हम हमसे जो बातें एक करीबी और उसको वह डिस्क्लोज कर रहा है और उसकी हंसी उड़ा रहा है तो हमें बुरा लगता है और हमें वह दुश्मन के रूप में अनुभव होता है तो आप किसी को भी अपना बनाते समय थोड़ा सा हो चुकी है और क्या बताना और कितना बताना है इस बात का ध्यान रखें तो कोई आपका दुश्मन नहीं बनेगा कि रिश्ता नहीं रखेंगे और अपनी एक प्राइवेसी अपने ही तक सीमित रखेंगे उसको अपनी कि नहीं देंगे खुशियों की कि सामने वाले को नहीं देंगे तो आपका दुश्मन नहीं बनेगा

question agar main jisko apna maanta hoon apna dushman kyon ban jata hai jisko main apnaya mera maanta hoon toh uske prati hum adhikaar bhi zyada small karne lagte hain usse expectation saada karne lagte hain vaah hamari tarah se chale hamari baaton ko samjhe toh hamara uske prati hd shikshaon ka dayara hota hai badh jata hai apna manne par aur vaah kabhi kabhi toh apna sa lagta hai lekin jab volataim dekhta hai ki hum usse banate hain mooh toh vo thoda confirm patli karne lagta hai toh ek karan yah bhi hota hai dushman banne ka toh vaah aap se bhagne lagta hai aur kuch log aise hote hain ki hum bhi usi me kisi ko apna raj bata dete hain ya kuch bata dete hain aur vaah apna sa lagta hai aur nahi pata hota ki vaah vyakti kitna mood kehkar vaah samaj me faila dega ya phir uska inter nahi hota hai ki sab ko apna banana and person toe person karta hai ki hum kis ko apna bana rahe hain toh ek karan toh yah bhi hota hai ki garam ichhaen zyada rehte hain toh aadmi apne aap ko an comfort feel karne lagta hai aur gulam type appeal karne lagta ki yah toh ulta mere pratikar kar rahe toh vaah dur bhagne lagta hai isko hum dushmani ka naam de dete aur doosra vyakti jo hamare alag se vyakti aa jata hai jo hamari category ka nahi hota hamari energy ka nahi hota aur hum apni company me use shaamil kar lete hain aur apna samjhne lagte hain in kuch dino baad pata chalta hai ki vaah jo jo usne apanepan se hum humse jo batein ek karibi aur usko vaah disclose kar raha hai aur uski hansi uda raha hai toh hamein bura lagta hai aur hamein vaah dushman ke roop me anubhav hota hai toh aap kisi ko bhi apna banate samay thoda sa ho chuki hai aur kya batana aur kitna batana hai is baat ka dhyan rakhen toh koi aapka dushman nahi banega ki rishta nahi rakhenge aur apni ek privacy apne hi tak simit rakhenge usko apni ki nahi denge khushiyon ki ki saamne waale ko nahi denge toh aapka dushman nahi banega

क्वेश्चन अगर मैं जिसको अपना मानता हूं अपना दुश्मन क्यों बन जाता है जिसको मैं अपनाया मेरा म

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