हड़प्पा नगरों का विन्यास कैसा था इसकी विलक्षणता ओं का वर्णन करें?...


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Mausam Babbar and, Dr. Rishu Singh

Managing Directors - Risham IAS Academy

1:48

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लेकिन हरप्पन सिविलाइजेशन के जो शहर थे हड़प्पा मोहनजोदड़ो लोथल कोटडा या फिर आप कालीबंगा की बात करें धोलावीरा की बात करें इन सब में जो द मोस्ट कॉमन पेट्रोल है या ग्राफ हड़प्पा सिविलाइजेशन की बेसिक कैरक्टरस्टिक्स कि अगर आप बात करें तो वह टाउन प्लानिंग और ड्रेनेज सिस्टम रहा है और ड्रेनेज सिस्टम देखिए जो आपका निकासी का पूरा पेट्रोल है जो कि आज भी हम अगर देखे हमारे शहर देखे बारिश के दौरान चौक हो जाते हैं और भर जाते हैं देखें बलिया वगैरा आरके लॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने देखिए 19216 का वेट किया है दयाराम साहनी जी के द्वारा तो अगर आप देखिए एक्सकैवेटेड फोटोस को देखेंगे अगर आप हिस्टॉरिकल फैक्ट को पढ़ेंगे तो आप इसके बारे में जानेंगे और आपको पता चलेगा कि कितने ब्यूटीफुल तरीके से देखी आपने जो है वह हड़प्पा के ड्रेनेज पेटर्न को बहुत बेहतरीन बनाया है और टाउन प्लैनिंग जैसे मैंने कहा देखिए टाउन प्लैनिंग मतलब है कि आपके जो कह रहे हैं वजह से चंडीगढ़ है देख कर आज की डेट में वह डिग्री के ज्वाइन कल 7:00 पर कटा हुआ देखे सेक्टर में डिवाइडर पैरों की जैसे कि जो मेन रोड में जो मेन हाईवे ले आपके देखिए उनकी तरफ जहां लोगों के घरों के दरवाजे नहीं खुलते थे अंदर की तरफ खुलते थे और अगर आप देखे हैं तो लोगों के लिए देखें आने जाने के लिए जो है अलग से छोटी गलियों की व्यवस्था की गई थी ताकि लोग जो है अगर उन्होंने जाना है और जो लेकर ट्रैफिक है पूरे का पूरा वह कभी भी रुके ना हालांकि आप समझ सकते हैं देखिए आज से 505000 साल पीछे ग्राम जाए तो ऐसी सिविलाइजेशन देखिए पेपरों के कैरेक्टर स्टिक्स है जो इंपॉर्टेंट है आप उन्हें टाउन प्लैनिंग

lekin harappan civilisation ke jo shehar the hadappa mohenjodaro lothal kotda ya phir aap kalibanga ki baat kare dholavira ki baat kare in sab me jo the most common petrol hai ya graph hadappa civilisation ki basic kairaktarastiks ki agar aap baat kare toh vaah town planning aur drainage system raha hai aur drainage system dekhiye jo aapka nikasi ka pura petrol hai jo ki aaj bhi hum agar dekhe hamare shehar dekhe barish ke dauran chauk ho jaate hain aur bhar jaate hain dekhen baliya vagera RK logical survey of india ne dekhiye 19216 ka wait kiya hai dayaram sahani ji ke dwara toh agar aap dekhiye eksakaiveted photoss ko dekhenge agar aap historical fact ko padhenge toh aap iske bare me jaanege aur aapko pata chalega ki kitne beautiful tarike se dekhi aapne jo hai vaah hadappa ke drainage pattern ko bahut behtareen banaya hai aur town planning jaise maine kaha dekhiye town planning matlab hai ki aapke jo keh rahe hain wajah se chandigarh hai dekh kar aaj ki date me vaah degree ke join kal 7 00 par kata hua dekhe sector me divider pairon ki jaise ki jo main road me jo main highway le aapke dekhiye unki taraf jaha logo ke gharon ke darwaze nahi khulte the andar ki taraf khulte the aur agar aap dekhe hain toh logo ke liye dekhen aane jaane ke liye jo hai alag se choti galiyon ki vyavastha ki gayi thi taki log jo hai agar unhone jana hai aur jo lekar traffic hai poore ka pura vaah kabhi bhi ruke na halaki aap samajh sakte hain dekhiye aaj se 505000 saal peeche gram jaaye toh aisi civilisation dekhiye peparon ke character sticks hai jo important hai aap unhe town planning

लेकिन हरप्पन सिविलाइजेशन के जो शहर थे हड़प्पा मोहनजोदड़ो लोथल कोटडा या फिर आप कालीबंगा की

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Race academy maneesh

Competitive Exam Expert (Youtube- Race Academy Maneesh)https://www.youtube.com/channel/UCEwGqvTOdzZnbc70zgFiJYQ

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आपका क्वेश्चन हड़प्पा नगरों का विन्यास कैसा था उनकी विलक्षणता हूं का वर्णन करें सड़कों पर जाते संपूर्ण से काटी थी रास्ते जितने भी रास्ते होती थी और वहां पर जितने मंजिल होते हुए दो मंजिला मकान बना बने होते थे और नगर योजना की बात करें तो उनके घर की ओर खोलते थे और वहां रसोईघर होता था कमरे होते थे और स्नानागार बीच में आंगन भी की व्यवस्था थी और उनके स्नानागार भी मिला है तो ये भी पता चलता है कि अगर इसकी लंबाई चौड़ाई कितनी है जिसकी 1188 में बनी हुई थी उदयनगर मिले वहां पर मिले हैं जो से बने चक्र 15 मीटर और चौड़ाई 6 मीटर लंबा होती थी और उनके घरों में भी पाए जाते थे और में पानी बहकर सड़कों तक जाता था उसके नीचे बनी हुई थी तो वह मुझे सुनाई गई थी बनती थी या पत्थर

aapka question hadappa nagaron ka vinyas kaisa tha unki vilakshanata hoon ka varnan kare sadkon par jaate sampurna se kaati thi raste jitne bhi raste hoti thi aur wahan par jitne manjil hote hue do manjila makan bana bane hote the aur nagar yojana ki baat kare toh unke ghar ki aur kholte the aur wahan rasoi ghar hota tha kamre hote the aur snanagar beech me aangan bhi ki vyavastha thi aur unke snanagar bhi mila hai toh ye bhi pata chalta hai ki agar iski lambai chaudai kitni hai jiski 1188 me bani hui thi udayanagar mile wahan par mile hain jo se bane chakra 15 meter aur chaudai 6 meter lamba hoti thi aur unke gharon me bhi paye jaate the aur me paani bahkar sadkon tak jata tha uske niche bani hui thi toh vaah mujhe sunayi gayi thi banti thi ya patthar

आपका क्वेश्चन हड़प्पा नगरों का विन्यास कैसा था उनकी विलक्षणता हूं का वर्णन करें सड़कों पर

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हड़प्पा नगर जैसा कि हम सब जानते हैं कि हड़प्पा सभ्यता हमारे भारत की या फिर यूं कहें कि पूरे विश्व की प्रथम नगरीय सभ्यता थी और नगरी सभ्यता होने के कारण यहां की विशेषताएं जो नगर नियोजन की विशेषताएं थी नगर विन्यास था वह बेहतरीन था जैसा कि बिल और टिकट जैसा विद्वानों का मानना था कि हड़प्पा सभ्यता के नगरों की संरचना और बनावट में असाधारण प्रकार की एकरूपता थी जो भी नगर थे वह दो भागों में बैठे हुए थे एक में दुर्ग बना होता था और दूसरा आमजन लोगों के रहने की बस्ती होती थी साधारण बस्ती संभवत शासित और गरीब लोगों के लिए थी जो मनके बनाने का काम करते हो या शिल्प कला का काम करते हो कुम्हारों का काम करते थे जो भेजता रहा कर मैं आम जनजीवन का कार्य करते थे उन लोगों के लिए था विभाजन से अंदाजा लगाया जा सकता है कि समाज में और समानता थी कुछ विद्वानों का मानना है कि यह जो जहां भी इस तरह की चीजें थी वह अलग अलग थी लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि नहीं कोई एक शासक वर्ग था जो इन सभी चीजों को वह हैंडल कर रहा था जैसे हड़प्पा मोहनजोदड़ो और कालीबंगा बस्तियों की नगर योजना में कुछ समानताएं पाई जाती हैं यह शहर दो भाग में बैठे हुए थे इन स्वरों में पश्चिम में क्या बना होता तो और बस्ती के पूर्वी सिर पर निकला नगर बसा होता था यह दोनों से बनाया जाता था ऐसा लगता है जैसे बड़े-बड़े भवन होते होंगे जो संभवत 50 ने किया धार्मिक केंद्र के रूप में काम करते होंगे कुछ लोगों का मानना था कि यहां शासक वर्ग होंगे पर कुछ लोग कहते हैं कि जो पुरोहित वर्ग वहां के शासक मोहनजोदड़ो और हड़प्पा के जो किला है उसके चारों ओर हीट की दीवारें थी और दोनों की चारों ओर दीवार से निकले सर में सड़क उत्तर से दक्षिण की ओर जाती थी और संपूर्ण पर एक दूसरे को काटती थी यह सबसे अच्छी चीज है हड़प्पा नगर न्यास का किए जो सरके थी हाफिज थोड़ी और ऐसी थी कि वह सब एक दूसरे को समकोण पर काटती थी ग्रीड पद्धति थी इस प्रकार सर को और घरों में पंखे बताओ से पता चलता है कि नगर योजना के बारे में लोग कितना सचेत थे कितना अच्छा उनका नगर नियोजन था हड़प्पा मोहनजोदड़ो में भवन निर्माण में जो इमारतें हैं कि इसका इस्तेमाल किया गया था जबकि कालीबंगा में कच्ची ईंटों का प्रयोग किया गया था तो संभवत उस समय की जो सामाजिक संरचना है होंगे उस समय का जिस जगह पर जो उन्नति किया प्रौद्योगिकी वहां क्यों समय की जो उन्नत की थी जहां पर उस पर उस तरह की चीजों का प्रयोग किया गया होगा जैसे सिंध में कोट दीजी ऐसी बस्तियां है जिसके नजर की किलेबंदी नहीं की गई थी गुजरात में स्थित लोथल का नक्शा भी बिल्कुल अलग है यह बस्ती आयताकार थी और उसके चारों तरफ ईंट की दीवार का गिरा था लेकिन इसमें विभाजन नहीं था जैसे हमने इससे पहले देखा मोहनजोदड़ो हरप्पा कालीबंगा उसमें दो अलग-अलग खंडों में बांटा हुआ था मगर लेकिन इसमें ऐसा नहीं था लोथल में सिर्फ एक ही आंतरिक भाग था उसमें सब कुछ था इसे दुर्गा नगर में उचित नहीं किया गया था शहर के पूर्वी सिरेमिक से निर्मित कुंड पाया गया है और इसके पहचान एक बंदरगाह के रूप में भी की गई है यानी कि यह सभ्यता इतनी विकसित थी कि हमारे यहां का जो यह लोथल एक बंदरगाह था और इसमें कुछ चीजें ऐसी पाई गई है जिससे यह पता चलता है कि उस समय का व्यापार और वाणिज्य इतना ज्यादा फैला हुआ था जो हम विदेशों से भी आयात निर्यात होते थे रिपर सभ्यता के निवासी जैसा कि मैंने कहा कि इसका इस्तेमाल ज्यादातर करते थे एक जैसा है इससे पता चलता है कि इसका निर्माण और मालिक अपने मकान के लिए नहीं करता था बल्कि जैसे आज घंटे के भट्टे होते हैं और उसमें एक समान हिट का निर्माण होता है वैसे ही बड़े पैमाने पर इस कार्य को करता था ईट बनाने का वजह से सर में सफाई की व्यवस्था उसको देखकर ऐसा लगता है कि जो ड्रेनेज सिस्टम था वह बहुत बेहतरीन था घर से पहले वाला जो बेकार पानी नालियों से होकर भरे नाले में जाता था और सड़क के किनारे एक सीध में होता था इससे यह पता चलता है कि वह जमाने में भी कोई नगरपालिका जैसी व्यवस्था रही होगी जो साफ सफाई का विशेष ध्यान रखता होगा हड़प्पा मोहनजोदड़ो कालीबंगा में जिले के क्षेत्रों में बड़ी मिसाल मारते थे जिनका प्रयोग विशेष कार्य के लिए किया जाता होगा जैसे कि मैं मोहनजोदड़ो का जो विशाल स्नानागार है स्नानागार उसमें जो हीर से बना कुंड है उसका लंबाई चौड़ाई है 12 मीटर गुणा 7 मीटर गुणा 3 मीटर सबसे बड़ी चीज उस पर बिट्टू जो कोयला है उसका जो है लेट किया गया है जिससे कि इतने सालों बाद भी उसमें किसी तरह के पानी का हिसाब नहीं होता है इसके लिए और इसमें पानी भरने के लिए एक बगल में बहुत बड़ा कुआं भी था पानी निकालने के लिए भी डलवाना ली की व्यवस्था थी कुंड के चारों तरफ मंडल पर कमरा बने हुए हैं लोगों का ऐसा मानना है कि इसका जो जगह स्नानागार इसका उपयोग राजा या पुरोहित या फिर वहां के आमजन किसी खास उत्सव के समय में विशेष स्नान के लिए करते होंगे मोहनजोदड़ो के किले के किले में एक और जो महत्वपूर्ण इमारत है वहां का अन्ना बार जिसने कि बहुत बड़ा है आजकल जैसे बड़े-बड़े गोदाम बनाए जाते हैं अनाजों को रखने के लिए शायद वो समय का भी एक बड़ा जो है मगर इसी उपयोग के लिए लाया जाता होगा अलमदार इसमें ईटों से निर्मित 27 खंड है जिन्हें प्रकाश के लिए आड़े तिरछे रोशनदान मने भंडार के नीचे ईटों से निर्मित जो खाते हैं जिनमें अनाज के भंडारण के लिए ऊपर पहुंचाया जाता था हालांकि कुछ विद्वान इसे मान इमारत को अन्न भंडारण का स्थान मानने के बारे में संदेह व्यक्त करते हैं किंतु इतना तो निश्चित है कि उसने इमारत का निर्माण किसी खास काम के लिए ही किया गया होगा और वहां की कुछ चीजें और भी हैं जैसे व्यापार काफी उन्नत था नगर व्यवस्था बहुत अच्छे थे साफ-सफाई बहुत अच्छा था प्रत्येक जो भी मकान था उसका नक्शा लगभग एक जैसा था एक चौरस प्रांगण चारों तरफ कमरे घर में प्रवेश के लिए गली से होकर मेन रोड से नहीं होकर गली से होकर घरों के अंदर जाना पड़ता था सड़क की तरफ सिर्फ खिड़की होती थी इसका मतलब यह हुआ कि मकान की ईद की दीवार का मुंह सड़क की ओर नहीं होता था जब दीवारे होती थी मैंने जो मुख्य द्वार है गलियों में होता था यह साफ सफाई के कारण भी ऐसा किया गया होगा पता चलता है ऐसे लोग भी थे जिनके पास बड़े मकान थे उनमें से कुछ तो विशिष्ट तरणताल में नहाते थे और कुछ लोग बैरक में रहते थे इसलिए ऐसा कहा जा सकता है जो बड़े-बड़े मकान में रहने वाले लोग होंगे वह धनी मरे होंगे भारत में रहने वाले लोगों के वह मजदूर होता स्वर्ग रहे होंगे निचले सर के मकान में काफी संख्या में कारों के लिए वह बच्चे जैसी बनी हुई थी कुमार के भक्ति रंग साथ के हौज धातु के काम करने वाले शिव शंकर हुसैन बनाने वाले मनके बनाने वाले खिलौने बनाने वाले की दुकानें शायद बनी रहे हैं बहुत ही विलक्षणता भरा हुआ था

hadappa nagar jaisa ki hum sab jante hain ki hadappa sabhyata hamare bharat ki ya phir yun kahein ki poore vishwa ki pratham nagriye sabhyata thi aur nagari sabhyata hone ke karan yahan ki visheshtayen jo nagar niyojan ki visheshtayen thi nagar vinyas tha vaah behtareen tha jaisa ki bill aur ticket jaisa vidvaano ka manana tha ki hadappa sabhyata ke nagaron ki sanrachna aur banawat me asadharan prakar ki ekrupta thi jo bhi nagar the vaah do bhaagon me baithe hue the ek me durg bana hota tha aur doosra aamjan logo ke rehne ki basti hoti thi sadhaaran basti sambhavat shasit aur garib logo ke liye thi jo manke banane ka kaam karte ho ya shilp kala ka kaam karte ho kumharon ka kaam karte the jo bhejta raha kar main aam janjivan ka karya karte the un logo ke liye tha vibhajan se andaja lagaya ja sakta hai ki samaj me aur samanata thi kuch vidvaano ka manana hai ki yah jo jaha bhi is tarah ki cheezen thi vaah alag alag thi lekin kuch logo ka manana hai ki nahi koi ek shasak varg tha jo in 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हड़प्पा नगर जैसा कि हम सब जानते हैं कि हड़प्पा सभ्यता हमारे भारत की या फिर यूं कहें कि पूर

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