क्या ईसाई धर्म में माथे की बिंदी नहीं लगाते हैं?...


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Vincent Thomas

Life Coach & Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पवित्र शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो यह कहा जाता है कि हमें परमेश्वर के साथ उसकी संगति में साधारण जितना सामान्य हो सकता है जिसका सांसारिक वस्तुओं से दूर हो सकता है उतना रहे अर्थशास्त्र में कहीं नहीं लिखा कि माथे की बिंदी नहीं लगा सकते अरे पत्र में लिखा है कि अगर कोई भी चीज आपको परमेश्वर के प्रेम से दूर करती है किसी चीज का मुंह आपको परमेश्वर के प्रेम से ज्यादा हो जाता है तो उस चीज से आपको अपने आप को दूर करना चाहिए इसलिए ईसाई धर्म में कई लोग ऐसे हैं जिनको हम प्रोटेस्टेंट कहते हैं और पेंटेकोस्टल कहते हैं जो कि आज गहने नहीं पहनते नहीं पहनने का रीजन क्योंकि आपको उन गहनों से मुंह हो जाता है आपको उनका लोग होने लगता है और लालच एक नकारात्मक भावना है जो कि हमें परमेश्वर के प्रेम से दूर रहती है अगर आप मिस्टर प्रेम को अनुभव करना चाहते हैं तो मैं यह नहीं कहूंगा आपको कि आप गंदी नहीं लगाए अपनी लगाइए अगर उस दिन दी का मुंह ना रखें कि अगर लगाया या नहीं लगाया तो कुछ अच्छा या बुरा होगा इस चीज को दिमाग से निकाल दें वस्त्र पहनते हैं कपड़े पहनते पहनना जरूरी है अगर आपको वैसा है अब बाकायदा लगाइए कोई मनाही नहीं है मैं तेरा नखरा परमेश्वर की संगति में मन से पवित्र हैं अपनी आस्था में पवित्र हम परमेश्वर के सामने तो आपको ऐसे किसी भी चीज को छोड़ नहीं जो कि आप कि आप बचपन से लेकर अभी तक रीति-रिवाज रहे हैं उस को बदलने पर छोड़ने के का कोई कारण मुझे नहीं लगता जरूरी है तो मेरे एकाउंटिंग आप अगर केंदी लगा रहे हैं बकायदा लगाइए जैसे ना आपको परमेश्वर का प्रेम है पर मिश्र की अगुवाई करती है कि दिल्ली ना लगे उस दिन छोड़िए गा तब तक किसी इंसान के बोलने से बिल्कुल नहीं परमेश्वर आपकी सहायता करें

pavitra shastra ke anusaar dekha jaaye toh yah kaha jata hai ki hamein parmeshwar ke saath uski sangati me sadhaaran jitna samanya ho sakta hai jiska sansarik vastuon se dur ho sakta hai utana rahe arthashastra me kahin nahi likha ki mathe ki bindi nahi laga sakte are patra me likha hai ki agar koi bhi cheez aapko parmeshwar ke prem se dur karti hai kisi cheez ka mooh aapko parmeshwar ke prem se zyada ho jata hai toh us cheez se aapko apne aap ko dur karna chahiye isliye isai dharm me kai log aise hain jinako hum Protestant kehte hain aur pentekostal kehte hain jo ki aaj gehne nahi pehente nahi pahanne ka reason kyonki aapko un gahnon se mooh ho jata hai aapko unka log hone lagta hai aur lalach ek nakaratmak bhavna hai jo ki hamein parmeshwar ke prem se dur rehti hai agar aap mister prem ko anubhav karna chahte hain toh main yah nahi kahunga aapko ki aap gandi nahi lagaye apni lagaaiye agar us din di ka mooh na rakhen ki agar lagaya ya nahi lagaya toh kuch accha ya bura hoga is cheez ko dimag se nikaal de vastra pehente hain kapde pehente pahanna zaroori hai agar aapko waisa hai ab bakayada lagaaiye koi manaahi nahi hai main tera nakhra parmeshwar ki sangati me man se pavitra hain apni astha me pavitra hum parmeshwar ke saamne toh aapko aise kisi bhi cheez ko chhod nahi jo ki aap ki aap bachpan se lekar abhi tak riti rivaaj rahe hain us ko badalne par chodne ke ka koi karan mujhe nahi lagta zaroori hai toh mere accounting aap agar kendi laga rahe hain bakayada lagaaiye jaise na aapko parmeshwar ka prem hai par mishra ki aguvaii karti hai ki delhi na lage us din chodiye jaayega tab tak kisi insaan ke bolne se bilkul nahi parmeshwar aapki sahayta kare

पवित्र शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो यह कहा जाता है कि हमें परमेश्वर के साथ उसकी संगति में

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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने कहा कि क्या ईसाई धर्म में माथे पर बिंदी नहीं लगाते तो देखी ईसाई धर्म में भी दो तरह के मानने वाले होते हैं एक वो जो कि कल ईसाई के हैं उनको कैथोलिक कहते हैं और जो भी होते हैं ज्यादा उन पर धर्म का बंधन नहीं रहता है उन्हें कहा जाता है प्रोटेस्टेंट तो आपको बता दें कि चाय में भी दो धर्म कैथोलिक ईसाई और प्रोटेस्टेंट कैथोलिक होते हैं उन पर कुछ ज्यादा ही ट्रेडिशनल जो कस्टम श्री शुभम सोते हैं वह उनको वह लोग मानते हैं बिंदी नहीं लगाना ईयररिंग वगैरह नहीं पहनना जब शादी हो जाए तो शादी के बाद जो लड़का की तरफ से आता है तो वही पहनना है जबकि बात नहीं हो सकते हैं धन्यवाद

aapne kaha ki kya isai dharm me mathe par bindi nahi lagate toh dekhi isai dharm me bhi do tarah ke manne waale hote hain ek vo jo ki kal isai ke hain unko catholic kehte hain aur jo bhi hote hain zyada un par dharm ka bandhan nahi rehta hai unhe kaha jata hai Protestant toh aapko bata de ki chai me bhi do dharm catholic isai aur Protestant catholic hote hain un par kuch zyada hi traditional jo custom shri subham sote hain vaah unko vaah log maante hain bindi nahi lagana earring vagera nahi pahanna jab shaadi ho jaaye toh shaadi ke baad jo ladka ki taraf se aata hai toh wahi pahanna hai jabki baat nahi ho sakte hain dhanyavad

आपने कहा कि क्या ईसाई धर्म में माथे पर बिंदी नहीं लगाते तो देखी ईसाई धर्म में भी दो तरह के

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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Purushottam Choudhary

ब्राह्मण Next IAS institute गार्ड

1:17

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

माथे पर बिंदी लगाना सिर्फ सुहागन होने का ही प्रमाण नहीं है यह सकती है आंख है हिंदी करते हैं वह भी एक आंख है क्योंकि औरत भी त्रिकालदर्शी होते हैं वह हम ही जानते हैं कई बार आपने देखा होगा घर में कुछ घटना घटित हो रहा है या फिर जाना है याद करना है तो बहुत कुछ है बिंदी लगाने वाली बिंदी है जब तक उसके बाद गिरे हैं उसके पति को कुछ नहीं हो सकता माथे पर बिंदी मांग में सिंदूर हाथ में चूड़ी सुहागन औरत की निशानी के साथ-साथ पति परमेश्वर के प्राणों की गारंटी है आज की डेट में कोई बनाए रखता क्योंकि दुनिया जैसे ही काम करते हैं धन्यवाद

mathe par bindi lagana sirf suhagan hone ka hi pramaan nahi hai yah sakti hai aankh hai hindi karte hain vaah bhi ek aankh hai kyonki aurat bhi trikaldarshi hote hain vaah hum hi jante hain kai baar aapne dekha hoga ghar me kuch ghatna ghatit ho raha hai ya phir jana hai yaad karna hai toh bahut kuch hai bindi lagane wali bindi hai jab tak uske baad gire hain uske pati ko kuch nahi ho sakta mathe par bindi maang me sindoor hath me chudi suhagan aurat ki nishani ke saath saath pati parmeshwar ke pranon ki guarantee hai aaj ki date me koi banaye rakhta kyonki duniya jaise hi kaam karte hain dhanyavad

माथे पर बिंदी लगाना सिर्फ सुहागन होने का ही प्रमाण नहीं है यह सकती है आंख है हिंदी करते है

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Sagar सागर

Engineer ,Singer,Director

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ईसाई धर्म में बिंदी लगाना जरूरी नहीं है क्योंकि मैं जितना जानता हूं इस आयत में किसी भी साइको मैंने आज तक बिंदी सिंदूर या बिछवे वगैरा पहनते हुए नहीं देखा और जो धर्म किसी भी मानव पर चाहे वह स्त्री हो या पुरुष पहनावे रहन-सहन की कुछ बंदे से लगाता हूं व धर्म हो ही नहीं सकता

isai dharm me bindi lagana zaroori nahi hai kyonki main jitna jaanta hoon is ayat me kisi bhi psycho maine aaj tak bindi sindoor ya bichve vagera pehente hue nahi dekha aur jo dharm kisi bhi manav par chahen vaah stree ho ya purush pahnawe rahan sahan ki kuch bande se lagaata hoon va dharm ho hi nahi sakta

ईसाई धर्म में बिंदी लगाना जरूरी नहीं है क्योंकि मैं जितना जानता हूं इस आयत में किसी भी साइ

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