ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल और सबसे सटीक उपाय क्या है जिस से बहुत जल्दी ही ध्यान लग जाए?...


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देखिए ध्यान लगाने के लिए आपको सबसे बड़ी चीज है अनिल और सब अब जब नेत्र बंद करके जवाब बैठते हैं आपको ध्यान लगाना पड़ता है मस्तिष्क में कुक केंद्र करके आप अपनी सुषुम्ना नाड़ी को उसको पहचानिए उसको जागृत कीजिए मस्तिष्क में श्वास को ऊपर करके उससे प्रकाश के दर्शन कीजिए और सांस रोकने की कोशिश कीजिए धीरे-धीरे सांस लीजिए धीरे-धीरे निकालिए और जब आपको मिल जाएगा तो आपका ध्यान लगना शुरू हो जाएगा और ध्यान एक ऐसी चीज है तो बड़े बड़े कार्यो को संपादित कर देता है इसके लिए आप चाहें तो किसी बहुत अच्छे ध्यान केंद्र में जाकर के साथ प्रशिक्षण दे सकते हैं अकेले नहीं करना चाहिए अकेले में वहां से एक मार्गदर्शक के रूप में आपको गुरु के रूप में आगे ध्यान लगाने वाले अगर मिल जाए तो उनके प्रशिक्षण जानकारी में या उद्घाटन अगर आप उसको सीखेंगे तो बहुत अच्छा मार्गदर्शन आपको मिलेगा

dekhiye dhyan lagane ke liye aapko sabse badi cheez hai anil aur sab ab jab netra band karke jawab baithate hain aapko dhyan lagana padta hai mastishk me cook kendra karke aap apni sushumna naadi ko usko pehchaniye usko jagrit kijiye mastishk me swas ko upar karke usse prakash ke darshan kijiye aur saans rokne ki koshish kijiye dhire dhire saans lijiye dhire dhire nikaliye aur jab aapko mil jaega toh aapka dhyan lagna shuru ho jaega aur dhyan ek aisi cheez hai toh bade bade karyon ko sanpadit kar deta hai iske liye aap chahain toh kisi bahut acche dhyan kendra me jaakar ke saath prashikshan de sakte hain akele nahi karna chahiye akele me wahan se ek margadarshak ke roop me aapko guru ke roop me aage dhyan lagane waale agar mil jaaye toh unke prashikshan jaankari me ya udghatan agar aap usko sikhenge toh bahut accha margdarshan aapko milega

देखिए ध्यान लगाने के लिए आपको सबसे बड़ी चीज है अनिल और सब अब जब नेत्र बंद करके जवाब बैठते

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

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ध्यान लगाने के सबसे अच्छा तरीका है कि रात को जब आप सोने को जाए तो सीधे शवासन में लेटे और उसके बाद अपना ध्यान जो है वह श्रीनेत में पर लगाइए और भगवान मैं अपना पूरा ध्यान लगाइए और ऑस्ट्रेलिया के साथ साथ भगवान में आप किसी मंत्र को या होम को दिमाग शांत किया चाहिए अंदर ही अंदर मनी मनी इससे आपका ध्यान बहुत अच्छी तरह से लगेगा और यह क्रिया जो होता है आपके सोने में भी चले जाएगी कुछ शब्द में बाज है कि आप ही के लिए दुआ दे आपके कांस्य से सरकार से बसपा शासनकाल में हो जाएगी और यह क्या आप कहां-कहां से माइंड ध्यान दें अपने आप से करना

dhyan lagane ke sabse accha tarika hai ki raat ko jab aap sone ko jaaye toh sidhe shavasan me lete aur uske baad apna dhyan jo hai vaah shrinet me par lagaaiye aur bhagwan main apna pura dhyan lagaaiye aur austrailia ke saath saath bhagwan me aap kisi mantra ko ya home ko dimag shaant kiya chahiye andar hi andar money money isse aapka dhyan bahut achi tarah se lagega aur yah kriya jo hota hai aapke sone me bhi chale jayegi kuch shabd me baaj hai ki aap hi ke liye dua de aapke kansya se sarkar se BSP shasankal me ho jayegi aur yah kya aap kaha kaha se mind dhyan de apne aap se karna

ध्यान लगाने के सबसे अच्छा तरीका है कि रात को जब आप सोने को जाए तो सीधे शवासन में लेटे और उ

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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धान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल और सटीक उपाय है जिससे बहुत जल्दी ध्यान रखें ध्यान तभी आता है जब इंसान आंखें बंद करके और उन कल्पनाओं में खो जाता है जिन्हें वह पाना चाहता है और कल्पना को साकार रूप से देखता है और बोलता है आंखें बंद करके कल्पना के अनुसार बोलना राज्य करना और आप ही बोलने वाले और आपकी सुनने वाले हो क्योंकि आपकी आवाज आपके काम में जा रहे हैं तो बोलना सुनना यह मन मस्तिष्क के ऊपर इंसान के छा जाता है वहां कोई दूसरा नहीं है इसलिए सबसे आसान तरीका लगाने का

dhaan lagane ka sabse accha sabse saral aur sateek upay hai jisse bahut jaldi dhyan rakhen dhyan tabhi aata hai jab insaan aankhen band karke aur un kalpanaaon me kho jata hai jinhen vaah paana chahta hai aur kalpana ko saakar roop se dekhta hai aur bolta hai aankhen band karke kalpana ke anusaar bolna rajya karna aur aap hi bolne waale aur aapki sunne waale ho kyonki aapki awaaz aapke kaam me ja rahe hain toh bolna sunana yah man mastishk ke upar insaan ke cha jata hai wahan koi doosra nahi hai isliye sabse aasaan tarika lagane ka

धान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल और सटीक उपाय है जिससे बहुत जल्दी ध्यान रखें ध्यान तभी आता

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Dr. Kartik Kumar

Yoga Instructor

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विहंगम योग की ध्यान प्रक्रिया सबसे अच्छा और सबसे सरल और सटीक उपाय हैं इससे बहुत जल्दी ही ध्यान लग जाएंगे आप स्वर्वेद का सहारा लेकर यदि ध्यान खींचते हैं और करते हैं तो निश्चित रूप से आप को ध्यान के क्षेत्र में अधिक सफलता मिलेगी और ध्यान ही नहीं जीवन के कई क्षेत्रों में आपको सफलता मिलेगी स्वर्वेद प्राप्त करने के लिए आप संपर्क कर सकते हैं 70043 18121 पर आपका दिन शुभ हो आप सुखी रहे शांत रहें निरोग रहे इसी कामना के साथ मैं आपसे विदा लेता हूं नमस्कार

vihangam yog ki dhyan prakriya sabse accha aur sabse saral aur sateek upay hain isse bahut jaldi hi dhyan lag jaenge aap swarved ka sahara lekar yadi dhyan khichte hain aur karte hain toh nishchit roop se aap ko dhyan ke kshetra me adhik safalta milegi aur dhyan hi nahi jeevan ke kai kshetro me aapko safalta milegi swarved prapt karne ke liye aap sampark kar sakte hain 70043 18121 par aapka din shubha ho aap sukhi rahe shaant rahein nirog rahe isi kamna ke saath main aapse vida leta hoon namaskar

विहंगम योग की ध्यान प्रक्रिया सबसे अच्छा और सबसे सरल और सटीक उपाय हैं इससे बहुत जल्दी ही ध

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ध्यान लगाने का सबसे आसान तरीका नागरिक को देखना आप चाहे किसी भी मुद्रा में सुखासन सिद्धासन पद्मासन में बैठ सकते हैं अपनी आंखों से नाक टिप टिप को देखना ना के ऊपर वाले पॉइंट को देखना है इसको बोलते हैं नाश्ता ज्ञान इसको आप देखते देखते क्या होगा इस प्रोग्राम में थोड़ा सा दर्द होगा थोड़ा सा खिंचाव महसूस होगा और कई बार आपको अपनी नाक बड़ी दिखाई देगी कभी छुट्टी कभी पास में आती है कभी दूर जाती हूं ऐसी कई सारी आपको प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा और धीरे-धीरे यह सबसे आसान तरीका नहीं कर पाते तो आप अपनी आंखों के सामने आ सकती उसको बारी-बारी से 3 फुट की दूरी पर रख के हाल-चाल तेरे धीरे धीरे धीरे धीरे आप देखेंगे कि आपका ध्यान आने से फिर धीरे-धीरे आप बनेंगे तो आगे बताएंगे आगे रखेंगे तो मैं गायक दुख करूंगा धन्यवाद

dhyan lagane ka sabse aasaan tarika nagarik ko dekhna aap chahen kisi bhi mudra me sukhasan siddhasan padmasana me baith sakte hain apni aakhon se nak tip tip ko dekhna na ke upar waale point ko dekhna hai isko bolte hain nashta gyaan isko aap dekhte dekhte kya hoga is program me thoda sa dard hoga thoda sa khinchav mehsus hoga aur kai baar aapko apni nak badi dikhai degi kabhi chhutti kabhi paas me aati hai kabhi dur jaati hoon aisi kai saari aapko prakriya se gujarana padega aur dhire dhire yah sabse aasaan tarika nahi kar paate toh aap apni aakhon ke saamne aa sakti usko baari baari se 3 feet ki doori par rakh ke haal chaal tere dhire dhire dhire dhire aap dekhenge ki aapka dhyan aane se phir dhire dhire aap banenge toh aage batayenge aage rakhenge toh main gayak dukh karunga dhanyavad

ध्यान लगाने का सबसे आसान तरीका नागरिक को देखना आप चाहे किसी भी मुद्रा में सुखासन सिद्धासन

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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आपका प्रश्न है ध्यान लगाने का सबसे सरल अच्छा और सटीक उपाय क्या है जिससे दो जल्दी ही ध्यान लग जाए ध्यान लगाने का सबसे अच्छा तरीका है आप ध्यान लगाने की पोजीशन में बैठते ही आप अपनी हैसियत भूल जाए आप क्या है क्या आपकी पारिवारिक हैसियत है क्या आपकी व्यवसायिक आपका प्रभाव है क्या आप का समाज में स्थान है क्या घर में चुनौतियां हैं इन सारे विचारों को दरकिनार करते हुए ही आप ध्यान पर बैठे और आप केवल इसलिए ध्यान पर बैठे हैं कि आपके अंदर परमात्मा तत्व की एक चेतना आपके अंदर है उसे आप को आत्मसात करना है थोड़ी देर के लिए उस परमात्मा आपके मस्तिष्क में कोई विचार ना आप ऐसा प्रयास करें इसलिए अपने मन को एक दिशा में ओम के नाम में ओम के फिल्में ओम नमः शिवाय के नाथ मिश्र में अथवा अपने आज्ञा चक्र दोनों आंखों के बीच में जो आज्ञा चक्र है आप वहां अपना ध्यान केंद्रित करें या आपके दोनों जो नासिक का द्वार है उन्हें आती जाती सांसों को अनुभव करने का प्रयास करें और थोड़ी देर के लिए विचार इन हो जाए अगर आप का ध्यान रखना यह सबसे अच्छा है

aapka prashna hai dhyan lagane ka sabse saral accha aur sateek upay kya hai jisse do jaldi hi dhyan lag jaaye dhyan lagane ka sabse accha tarika hai aap dhyan lagane ki position me baithate hi aap apni haisiyat bhool jaaye aap kya hai kya aapki parivarik haisiyat hai kya aapki vyavasayik aapka prabhav hai kya aap ka samaj me sthan hai kya ghar me chunautiyaan hain in saare vicharon ko darakinar karte hue hi aap dhyan par baithe aur aap keval isliye dhyan par baithe hain ki aapke andar paramatma tatva ki ek chetna aapke andar hai use aap ko aatmsat karna hai thodi der ke liye us paramatma aapke mastishk me koi vichar na aap aisa prayas kare isliye apne man ko ek disha me om ke naam me om ke filme om namah shivay ke nath mishra me athva apne aagya chakra dono aakhon ke beech me jo aagya chakra hai aap wahan apna dhyan kendrit kare ya aapke dono jo nashik ka dwar hai unhe aati jaati shanson ko anubhav karne ka prayas kare aur thodi der ke liye vichar in ho jaaye agar aap ka dhyan rakhna yah sabse accha hai

आपका प्रश्न है ध्यान लगाने का सबसे सरल अच्छा और सटीक उपाय क्या है जिससे दो जल्दी ही ध्यान

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fighter

Counselor & Coach

5:12
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक ही जगह एक ही समय एक ही तरीके के कपड़े और जो है हमें स्थान में जगह स्थान और एक ही आसन और अपने स्वास्थ्य की तरफ पूरा ध्यान आ रहा है जा रहा है सा श्वास लेना नहीं है स्वाभाविक तौर पर जो आ रहा है उसको महसूस करना कैसे जो नाक है और नाक के बिल्कुल बीच में और बिल्कुल नीचे धाम पर वह मिलता है तू वहां पर जो फोटो भेजा मिलता है वहां पर अपना ख्याल आते हैं इंसान है हम तो याद करते नहीं आपको कोई चाल रोकना नहीं है और आपको कोई ख्याल करना नहीं है जो आपके दिमाग में जैसा चल रहा है आप चलना आता है आए जाता है जाए बस आप ही यही कोशिश होनी चाहिए कि आप किसी ख्याल को लेकर उसके संबंधित गहराई में ना होते वह आता है आने दे जाने दे सोचना शुरु मत करें और वैसे ही कोई ख्याल आता है आप अपने आपको सबको से नहीं यह जोड़े नहीं ही ख्याल की वाला है जो आता है जैसे आता इससे आसान जवाब देने सटीक सरल उपाय जान का कोई नहीं तो दोबारा बोल देता हूं एक ही जगह एक ही स्थान है कि आसन एक जैसे कपड़े रोड एक ही समय में कितने समय के लिए बैठते हैं वह बढ़ाते जगह कम मत करिए ठीक है ना चाय शुरू में अलार्म लगा दीजिए ठीक है पर अलार्म लगाने का मतलब यह नहीं कि आम के बारे में सोच रहे हैं अब पढ़ने वाला पढ़ने वाला पढ़ने वाला का अलार्म लगाया तो ज्यादा बेहतर है ठीक है ना पर जब आप जान सकते हैं तो टाइम जरूर देंगे कि हां आज मैं 20 मिनट बैठा कल मैं 15 में ताकि सब बड़ा भाई और स्वाभाविक दर्द ना चली और स्वास्थ्य पर ध्यान दें और बताया ना कि नीचे जो है बिल्कुल बीच में वहां अपना सारा ध्यान केंद्रित करें और फिर जो भी क्या हाल है और उनको रोके नहीं आते रहे जाते रहे जैसे मैंने कौन को रोके नहीं तो हम के बारे में प्लीज मेरा नाम तो कोई थॉट पकड़ कर सोते नहीं आए थे सेम टाइम अपने आप को पूछते हैं कि यह 60 साल के शुरू में अच्छा तो उसके बावजूद भी कुछ नहीं कर पा रहे ठीक है गिनती गिनती लगाइए 1 2 3 4 5 4 321 गिनती लगाइए 1:00 से 5:00 से 4:00 से या फिर ओम का उच्चारण करिए ठीक है ना या कोई मंत्र पकड़ लीजिए हमारे हिंदू में हिंदू धर्म में जो सबसे कम सबसे माना हुआ जो मंत्र है गायत्री मंत्र का जाप करिए ठीक है ना इनसे भी आपको ध्यान एकत्रित कर सकते हैं पर व्यस्त होगा अगर आप कुछ भी ना करें ठीक है आवाज सुनते हैं यूट्यूब पर बड़ी अच्छी अच्छी आवाज आती हैं साउंड पानी का आता है बारिश का आता है तो उनको सुकून मिलता है

ek hi jagah ek hi samay ek hi tarike ke kapde aur jo hai hamein sthan me jagah sthan aur ek hi aasan aur apne swasthya ki taraf pura dhyan aa raha hai ja raha hai sa swas lena nahi hai swabhavik taur par jo aa raha hai usko mehsus karna kaise jo nak hai aur nak ke bilkul beech me aur bilkul niche dhaam par vaah milta hai tu wahan par jo photo bheja milta hai wahan par apna khayal aate hain insaan hai hum toh yaad karte nahi aapko koi chaal rokna nahi hai aur aapko koi khayal karna nahi hai jo aapke dimag me jaisa chal raha hai aap chalna aata hai aaye jata hai jaaye bus aap hi yahi koshish honi chahiye ki aap kisi khayal ko lekar uske sambandhit gehrai me na hote vaah aata hai aane de jaane de sochna shuru mat kare aur waise hi koi khayal aata hai aap apne aapko sabko se nahi yah jode nahi hi khayal ki vala hai jo aata hai jaise aata isse aasaan jawab dene sateek saral upay jaan ka koi nahi toh dobara bol deta hoon ek hi jagah ek hi sthan hai ki aasan ek jaise kapde road ek hi samay me kitne samay ke liye baithate hain vaah badhate jagah kam mat kariye theek hai na chai shuru me alarm laga dijiye theek hai par alarm lagane ka matlab yah nahi ki aam ke bare me soch rahe hain ab padhne vala padhne vala padhne vala ka alarm lagaya toh zyada behtar hai theek hai na par jab aap jaan sakte hain toh time zaroor denge ki haan aaj main 20 minute baitha kal main 15 me taki sab bada bhai aur swabhavik dard na chali aur swasthya par dhyan de aur bataya na ki niche jo hai bilkul beech me wahan apna saara dhyan kendrit kare aur phir jo bhi kya haal hai aur unko roke nahi aate rahe jaate rahe jaise maine kaun ko roke nahi toh hum ke bare me please mera naam toh koi thought pakad kar sote nahi aaye the same time apne aap ko poochhte hain ki yah 60 saal ke shuru me accha toh uske bawajud bhi kuch nahi kar paa rahe theek hai ginti ginti lagaaiye 1 2 3 4 5 4 321 ginti lagaaiye 1 00 se 5 00 se 4 00 se ya phir om ka ucharan kariye theek hai na ya koi mantra pakad lijiye hamare hindu me hindu dharm me jo sabse kam sabse mana hua jo mantra hai gayatri mantra ka jaap kariye theek hai na inse bhi aapko dhyan ekatrit kar sakte hain par vyast hoga agar aap kuch bhi na kare theek hai awaaz sunte hain youtube par badi achi achi awaaz aati hain sound paani ka aata hai barish ka aata hai toh unko sukoon milta hai

एक ही जगह एक ही समय एक ही तरीके के कपड़े और जो है हमें स्थान में जगह स्थान और एक ही आसन औ

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YogaChary Ajay Makwana

Founder & Director - Om Divine Yoga Foundation

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ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सरल और सबसे सटीक उपाय है कि आप किसी शांत जगह पर बैठ जाइए उसके बाद शरीर को पूरी तरह से शिथिल छोड़ दीजिए और उसके बाद 10 से 15 गहरी श्वास लीजिए छोड़ दीजिए और उसके बाद आप अपना संपूर्ण ध्यान अपनी जो नासिका है वहां से चेंज वास अंदर आता है और जो बाहर जा रहा है उसके ऊपर पूरा ध्यान लगा दीजिए एक विश्वास अपनी नजर के बाहर निकलना ना चाहिए ओम नमः शिवाय

dhyan lagane ka sabse accha saral aur sabse sateek upay hai ki aap kisi shaant jagah par baith jaiye uske baad sharir ko puri tarah se shithil chhod dijiye aur uske baad 10 se 15 gehri swas lijiye chhod dijiye aur uske baad aap apna sampurna dhyan apni jo nasika hai wahan se change was andar aata hai aur jo bahar ja raha hai uske upar pura dhyan laga dijiye ek vishwas apni nazar ke bahar nikalna na chahiye om namah shivay

ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सरल और सबसे सटीक उपाय है कि आप किसी शांत जगह पर बैठ जाइए उसके बा

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Anjana Baliga

Counselor

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जय गुरुदेव ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल और सबसे सटीक उपाय क्या है जिससे बहुत जल्दी ही ध्यान लग जाए बहुत अच्छा क्वेश्चन ही दिया आप लोग ध्यान करने के लिए जो कि सबसे सरल सहज जो कि आप जो भी ध्यान करना चाहते हैं तो मैं आपके साला दूंगा आप बाबा के ध्यान कीजिए महर्षि महेश योगी जी का भावातीत ध्यान ट्रांसलेशन यदि आपको ध्यान करेंगे तो ध्यान बहुत सरल सहज प्रयास ही बैठिए कोई भी व्यक्ति जो कि अच्छी तरह से बैठकर भी शांत स्वभाव से भोले बाबा की शायरी भावातीत ध्यान करने से मानव जीवन तथा क्षेत्र में शिक्षा स्वास्थ्य जो एरिया भावातीत ध्यान करेंगे तो भावातीत ध्यान का तो बहुत सारे सेंटर है जो कि इंडिया में बहुत सारी जगह में सेंटर है यदि आप लोग जो किसी के लिए चाहते हैं तो यूट्यूब में बात कर सकते हैं भारत के अंतिम के बलात्कारी पद्धति है जीवन को शंकरी पद्धति है इतना ध्यान करें और आपका जीवन को वेदांश जय महा ऋषि जी

jai gurudev dhyan lagane ka sabse accha sabse saral aur sabse sateek upay kya hai jisse bahut jaldi hi dhyan lag jaaye bahut accha question hi diya aap log dhyan karne ke liye jo ki sabse saral sehaz jo ki aap jo bhi dhyan karna chahte hain toh main aapke sala dunga aap baba ke dhyan kijiye maharshi mahesh yogi ji ka bhavatit dhyan translation yadi aapko dhyan karenge toh dhyan bahut saral sehaz prayas hi baithiye koi bhi vyakti jo ki achi tarah se baithkar bhi shaant swabhav se bhole baba ki shaayari bhavatit dhyan karne se manav jeevan tatha kshetra me shiksha swasthya jo area bhavatit dhyan karenge toh bhavatit dhyan ka toh bahut saare center hai jo ki india me bahut saari jagah me center hai yadi aap log jo kisi ke liye chahte hain toh youtube me baat kar sakte hain bharat ke antim ke balaatkari paddhatee hai jeevan ko sunkari paddhatee hai itna dhyan kare aur aapka jeevan ko vedansh jai maha rishi ji

जय गुरुदेव ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल और सबसे सटीक उपाय क्या है जिससे बहुत जल्दी ह

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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राम राम जी की आपका पसंद है ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल सबसे सटीक उपाय जल्दी ध्यान लगा कमरा है ध्यान लगाने के कमरा बंद कर ले और ध्यान लगाने के लिए आपको ज्यादा शोरगुल ध्यान में अपने मन को केंद्रित करना होता है और एक दिमाग के बीच में है उसमें अपमान करें इसलिए ध्यान लगाने के लिए सबसे सटीक उपाय यही एक कमरा हो लाइट बंद कर ले अंधेरा रखें और शांति हो फिर आपका ध्यान जल्दी लगेगा

ram ram ji ki aapka pasand hai dhyan lagane ka sabse accha sabse saral sabse sateek upay jaldi dhyan laga kamra hai dhyan lagane ke kamra band kar le aur dhyan lagane ke liye aapko zyada shoragul dhyan me apne man ko kendrit karna hota hai aur ek dimag ke beech me hai usme apman kare isliye dhyan lagane ke liye sabse sateek upay yahi ek kamra ho light band kar le andhera rakhen aur shanti ho phir aapka dhyan jaldi lagega

राम राम जी की आपका पसंद है ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल सबसे सटीक उपाय जल्दी ध्यान ल

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Paras

Blessing Baba

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दीदी आप ध्यान लगाने के लिए ध्यान की सोच रहे हैं सबसे पहले तो ध्यान लगाने के लिए आपको किसी चीज चीज के बारे में नहीं सोचना पड़ता है आपको आपके मस्तिष्क में जीरो जाने की कोई भी भावना ही नहीं आनी चाहिए किसी भी चीज के बारे में आपको सोचना नहीं चाहिए क्योंकि अब कोई भी सोच सोचते हैं आपका ध्यान कहां लगेगा आप सोच रहे ध्यान ध्यान लगाने के लिए भी आपको ध्यान की जरूरत है तो आप ध्यान ही नहीं लगा सकते हैं ध्यान का मतलब है कि ध्यान में खो जाना यानी कि आपके आपको बहुत सारी चीज है हिंदू या हर चीज से कोई कनेक्ट नहीं होना चाहिए और ऐसी जगह आपका ध्यान लगाना चाहिए कि मात्र 1 शब्दों आस-पास में कोई चीज की आवाज ना हो चाहे तो आप के एक कमरे में लगाया जाए पेड़ के नीचे लगाए साहब जंगल में लगा है एचडी डीजे लगाएं जहां पर कोई आपको परेशान ना करें या कोई ऐसी आवाज ना आए जिससे आपका ध्यान टूट जाए शुरू में आपको दिक्कत होगी क्योंकि आपको मन और मस्तिष्क को कंट्रोल करके आपको केवल एक बिंदु में पॉइंट पर पूरा ध्यान लगाना चाहिए और जितने भी कोशिश करें कि जो भी विचार आ रहे हैं उनको सुनने करना है कोई विचार आपके मन में ना हो जब तक आप उन विचारों को जन्मदिन निकालते हैं आपका ध्यान नहीं लगेगा या नहीं कि आपके मन में ख्याल आ रहे हैं वह भी ध्यान को डिस्टर्ब कर रहा है बाहर कोई आवाज आ रही वह भी आपको डिस्टर्ब कर रही है एकाग्र होना चाहिए आपको तो यह धीरे-धीरे प्रेक्टिस करेंगे तब आपको यह चीज आएंगे जब आप ध्यान के बारे में ही सोचेंगे तो वह भी यह विचार है वह भी विचार यह किसी भी चीज का विचार ना कोई भी चीज हो कोई विचार जब तक आप विचारों को सुनने नहीं करते जब तक आप ध्यान भी लगा सकते हैं तब तक आप पूरे ध्यान में विलीन नहीं हो पाएंगे इसलिए सबसे पहले जितने भी विचार है उनको सुनने की जय दुर्गा प्रैक्टिस कीजिए आपका ध्यान सफल होगा और आप जानो पूर्ण परिपूर्ण हो सकेंगे

didi aap dhyan lagane ke liye dhyan ki soch rahe hain sabse pehle toh dhyan lagane ke liye aapko kisi cheez cheez ke bare me nahi sochna padta hai aapko aapke mastishk me zero jaane ki koi bhi bhavna hi nahi aani chahiye kisi bhi cheez ke bare me aapko sochna nahi chahiye kyonki ab koi bhi soch sochte hain aapka dhyan kaha lagega aap soch rahe dhyan dhyan lagane ke liye bhi aapko dhyan ki zarurat hai toh aap dhyan hi nahi laga sakte hain dhyan ka matlab hai ki dhyan me kho jana yani ki aapke aapko bahut saari cheez hai hindu ya har cheez se koi connect nahi hona chahiye aur aisi jagah aapka dhyan lagana chahiye ki matra 1 shabdon aas paas me koi cheez ki awaaz na ho chahen toh aap ke ek kamre me lagaya jaaye ped ke niche lagaye saheb jungle me laga hai hd DJ lagaye jaha par koi aapko pareshan na kare ya koi aisi awaaz na aaye jisse aapka dhyan toot jaaye shuru me aapko dikkat hogi kyonki aapko man aur mastishk ko control karke aapko keval ek bindu me point par pura dhyan lagana chahiye aur jitne bhi koshish kare ki jo bhi vichar aa rahe hain unko sunne karna hai koi vichar aapke man me na ho jab tak aap un vicharon ko janamdin nikalate hain aapka dhyan nahi lagega ya nahi ki aapke man me khayal aa rahe hain vaah bhi dhyan ko disturb kar raha hai bahar koi awaaz aa rahi vaah bhi aapko disturb kar rahi hai ekagra hona chahiye aapko toh yah dhire dhire practice karenge tab aapko yah cheez aayenge jab aap dhyan ke bare me hi sochenge toh vaah bhi yah vichar hai vaah bhi vichar yah kisi bhi cheez ka vichar na koi bhi cheez ho koi vichar jab tak aap vicharon ko sunne nahi karte jab tak aap dhyan bhi laga sakte hain tab tak aap poore dhyan me vileen nahi ho payenge isliye sabse pehle jitne bhi vichar hai unko sunne ki jai durga practice kijiye aapka dhyan safal hoga aur aap jano purn paripurna ho sakenge

दीदी आप ध्यान लगाने के लिए ध्यान की सोच रहे हैं सबसे पहले तो ध्यान लगाने के लिए आपको किसी

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नमस्कार ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल और सबसे सटीक उपाय क्या है जिससे वस्तु जल्दी ही ध्यान रखें ध्यान लगाने का सबसे बढ़िया कार्य है कि आप अगर पूजन करते हैं तो भगवान के मन से पूजा करो जब भी कुछ ठीक हो जाएगी और आपका मन लगने लग जाएगा कि आप आंख आल्हा बंद करके नाक के अग्रभाग में दृष्टि करके आपका ध्यान लगना शुरू हो जाएगा धीरे-धीरे बस

namaskar dhyan lagane ka sabse accha sabse saral aur sabse sateek upay kya hai jisse vastu jaldi hi dhyan rakhen dhyan lagane ka sabse badhiya karya hai ki aap agar pujan karte hain toh bhagwan ke man se puja karo jab bhi kuch theek ho jayegi aur aapka man lagne lag jaega ki aap aankh aalha band karke nak ke agrabhag me drishti karke aapka dhyan lagna shuru ho jaega dhire dhire bus

नमस्कार ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल और सबसे सटीक उपाय क्या है जिससे वस्तु जल्दी ही

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Bk Ashok Pandit

आध्यात्मिक गुरु

5:33
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ध्यान लगाने का सबसे अच्छा और सरल सटीक उपाय हैं ज्ञान क्योंकि बिना ज्ञान के ध्यान ने लग सकता है और ज्ञान किसे चाहिए ज्ञान चाहिए ध्यान कैसे लगाना है अर्थात अपनी बुद्धि को अपने मन को कहां लगाना है जब बच्चा मां को याद करता है तो मां के साथ उनका ध्यान हो गया कोई व्यक्ति जब कर्म करता है तो कर्म के साथ उनका ध्यान हो गया कोई अपने शरीर को देखता है शरीर के साथ ध्यान आ गया तो हम जिस भी रुप से जिस चीज को हम याद करते हैं उनके साथ ज्ञान हो जाता है लेकिन उसके लिए जितना उसका ज्ञान होगा उसके आधार से हम उसको 7 जुलाई ठीक इसी प्रकार से परमात्मा के साथ हमारा ध्यान हो इसमें हमारा मन एकाग्र हो तो परमात्मा को जान लेंगे तो सोते ही परमात्मा में हमारी बुद्धि जाएगी हमारा मन वहां पर जाएगा जो इस का सबसे सरल तरीका है कि आप ब्रम्हाकुमारी श्री विश्वविद्यालय में जाइए वहां पर परमात्मा को कैसे याद करना है मन को कहां लगाना है दीदी को कहां लगाने हैं किस प्रकार से लगाने हैं इन सब का बहुत ही सटीक उपाय बताया जा रहा है किसको राज्यों का मेडिसन खा जाता है जिसको बुद्धि योग अन बुद्धि से परमात्मा को याद करना है कि बुद्धि की एक यात्रा एक बुद्धि क्या है यहां खींच कलयुग नहीं सिखाया जाता है ब्रह्माकुमारी योग करने के लिए निकली है जिसको आने की योगा आसन पद्मासन अधिक कहा जाता है वह तो सब हम करते आ रहे हैं सभी को ठीक रखने के लिए लेकिन मन को ठीक रखने के लिए बुद्धि को ठीक रखने के लिए परमात्मा की याद चाहिए परमात्मा का ध्यान चाहिए और परमात्मा को ध्यान करने के लिए परमात्मा का ज्ञान चाहिए जब तक परमात्मा को यथार्थ नहीं जानेंगे परमात्मा कौन है कहां रहते हैं क्या करते हैं और परमात्मा को याद करने से जीवन में क्या-क्या प्राप्त हो सकते हैं हमारे जीवन में उसकी कितनी आवश्यकता है इन सारी बातों का जब तक यथार्थ सत्य ज्ञान प्राप्त नहीं होगा तब तक परमात्मा के साथ जीत नहीं सकते हैं किसी व्यक्ति का ध्यान करने के लिए जितना उसके बारे में ज्ञान होगा उतना ही हम उसके साथ ध्यान कर सकते ठीक इसी प्रकार से जितना परमात्मा के बारे में आप जानेंगे उतना ही परमात्मा के साथ आपका कनेक्शन जुड़ा हुआ रहेगा और आप सफल हो सकते हैं यही सत्य है इससे हमारा मने का हो जाता है बुद्धि स्थिर हो जाती है सारे इन दरिया अनुशासित हो जाता है कर्म में कुशलता जाती है स्वभाव में सरलता जाती है संस्कार सच हो जाते हैं संबंधों में मिठास आगे की अनेक प्राप्ति होती है इसके लिए आप बीमा कुमारी से किस डाले से आप संपर्क करें वहां पर जाएं आपके हर प्रश्न का जवाब मिल जाएगा यह सबसे फर्स्ट हैं और सबसे श्रेष्ठ उत्तम गिरी हैं दूसरा है कि सुबह प्रातः काल जल्दी उठकर क्या स्नान करके खुले आकाश के बीच खुले वातावरण में बैठकर के गार्डन में बैठकर के ओम का उच्चारण करें उनको करने से हमारा मन एकाग्र होता है हमारे मन के अंदर अनेक पटाखे नकारात्मकता जो भरी हुई है वह समाप्त हो जाता है और हम स्वयं को महसूस करते हैं शाम को देख पाते हैं अपनी चेतना को देख पाते हैं स्टार्स को साधते हुए और फिर अपने स्वरूप हुआ एक लाइक एक कुड़ी आज हमारा स्वरूप है कि मैं आत्महत्या की ज्योति बिंदु से रूप में सांसदों को प्रेम सरोवर आनंद सुरज्ञान से पाकिस्तान कब जब हम करते हैं तो सेम की अनुभूति होती है शांति की अनुभूति होती और हमारा मन एकाग्र होता है उसमें आप बैठ करके आप स्वयं को देखेंगे उनको चरण के साथ-साथ तो आपको अच्छी अनुभूति होगी तेरी एक ध्यान लगाने के लिए एक प्रोसेस एक विधि है जिससे सरकम्फ्रेंस अर्थात आत्मा दुखी होती है और आत्मानुभूति के द्वारा ही परमात्मा को प्राप्त कर सकते हैं तो आप हम बीमा कुमारी श्री विश्वविद्यालय से अब दूरी है और वहां पर आपको संपूर्ण ज्ञान प्राप्त होगा सरल उपाय आपको मिलेगा जिससे आप अपने मन को जहां पर लगाना चाहे वहां पर लगा सकते हैं किस प्रकार से लगा सकते हो सारी बातें आपको बताया जाएगा

dhyan lagane ka sabse accha aur saral sateek upay hain gyaan kyonki bina gyaan ke dhyan ne lag sakta hai aur gyaan kise chahiye gyaan chahiye dhyan kaise lagana hai arthat apni buddhi ko apne man ko kaha lagana hai jab baccha maa ko yaad karta hai toh maa ke saath unka dhyan ho gaya koi vyakti jab karm karta hai toh karm ke saath unka dhyan ho gaya koi apne sharir ko dekhta hai sharir ke saath dhyan aa gaya toh hum jis bhi roop se jis cheez ko hum yaad karte hain unke saath gyaan ho jata hai lekin uske liye jitna uska gyaan hoga uske aadhar se hum usko 7 july theek isi prakar se paramatma ke saath hamara dhyan ho isme hamara man ekagra ho toh paramatma ko jaan lenge toh sote hi paramatma me hamari buddhi jayegi hamara man wahan par jaega jo is ka sabse saral tarika hai ki aap bramhakumari shri vishwavidyalaya me jaiye wahan par paramatma ko kaise yaad karna hai man ko kaha lagana hai didi ko kaha lagane hain kis prakar se lagane hain in sab ka bahut hi sateek upay bataya ja raha hai kisko rajyo ka medicine kha jata hai jisko buddhi yog an buddhi se paramatma ko yaad karna hai ki buddhi ki ek yatra ek buddhi kya hai yahan khinch kalyug nahi sikhaya jata hai brahmakumari yog karne ke liye nikli hai jisko aane ki yoga aasan padmasana adhik kaha jata hai vaah toh sab hum karte aa rahe hain sabhi ko theek rakhne ke liye lekin man ko theek rakhne ke liye buddhi ko theek rakhne ke liye paramatma ki yaad chahiye paramatma ka dhyan chahiye aur paramatma ko dhyan karne ke liye paramatma ka gyaan chahiye jab tak paramatma ko yatharth nahi jaanege paramatma kaun hai kaha rehte hain kya karte hain aur paramatma ko yaad karne se jeevan me kya kya prapt ho sakte hain hamare jeevan me uski kitni avashyakta hai in saari baaton ka jab tak yatharth satya gyaan prapt nahi hoga tab tak paramatma ke saath jeet nahi sakte hain kisi vyakti ka dhyan karne ke liye jitna uske bare me gyaan hoga utana hi hum uske saath dhyan kar sakte theek isi prakar se jitna paramatma ke bare me aap jaanege utana hi paramatma ke saath aapka connection juda hua rahega aur aap safal ho sakte hain yahi satya hai isse hamara mane ka ho jata hai buddhi sthir ho jaati hai saare in dariya anushasit ho jata hai karm me kushalata jaati hai swabhav me saralata jaati hai sanskar sach ho jaate hain sambandhon me mithaas aage ki anek prapti hoti hai iske liye aap bima kumari se kis dale se aap sampark kare wahan par jayen aapke har prashna ka jawab mil jaega yah sabse first hain aur sabse shreshtha uttam giri hain doosra hai ki subah pratah kaal jaldi uthakar kya snan karke khule akash ke beech khule vatavaran me baithkar ke garden me baithkar ke om ka ucharan kare unko karne se hamara man ekagra hota hai hamare man ke andar anek patakhe nakaratmakta jo bhari hui hai vaah samapt ho jata hai aur hum swayam ko mehsus karte hain shaam ko dekh paate hain apni chetna ko dekh paate hain stars ko sadhte hue aur phir apne swaroop hua ek like ek kundi aaj hamara swaroop hai ki main atmahatya ki jyoti bindu se roop me sansadon ko prem sarovar anand suragyan se pakistan kab jab hum karte hain toh same ki anubhuti hoti hai shanti ki anubhuti hoti aur hamara man ekagra hota hai usme aap baith karke aap swayam ko dekhenge unko charan ke saath saath toh aapko achi anubhuti hogi teri ek dhyan lagane ke liye ek process ek vidhi hai jisse sarakamfrens arthat aatma dukhi hoti hai aur atmanubhuti ke dwara hi paramatma ko prapt kar sakte hain toh aap hum bima kumari shri vishwavidyalaya se ab doori hai aur wahan par aapko sampurna gyaan prapt hoga saral upay aapko milega jisse aap apne man ko jaha par lagana chahen wahan par laga sakte hain kis prakar se laga sakte ho saari batein aapko bataya jaega

ध्यान लगाने का सबसे अच्छा और सरल सटीक उपाय हैं ज्ञान क्योंकि बिना ज्ञान के ध्यान ने लग सक

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Jitendra Singh

Social Worker

2:04
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ध्यान लगाने का मतलब आपने सरल पूछा है ध्यान लगाया नहीं जाता लग जाता है जब आप इस चीज को महसूस करेंगे तो आपको पता लगेगा कि आप अपने अंदर अहंकार शांत स्वभाव वगैरह को एकदम त्याग कर करते सरल भाव में अब बैठ जाइए और ध्यान लगाने की कोई जरूरत कुछ भी ना कीजिए अगर आपने ध्यान लगाया तो मन तो लगाने में लग गया फिर वह लगेगा कैसे एकाग्र कैसे होगा ध्यान लगाने से कभी किसी का नहीं लगता जवाब एक चित्र हो जाते हैं न्यूटन हो जाते हैं कभी आपने कोई गाड़ी चलाई हो उस गाड़ी को ध्यान से देखना जब तक उसमें न्यूटन नहीं होगी तब तक वह इंजन स्टार्ट होने पर दौड़ती ही रहती है यही मन का पानी है जब तक आप न्यूट्रल नहीं हो सुनने में नहीं आएंगे जब तक आपका मन बिल्कुल भी नहीं लग सकता उनको लगाने के लिए आपको जैसे गैर गाड़ी का न्यूटन में लाना पड़ता है गाड़ी खड़ी हो जाती है उसी प्रकार से आपके दौड़ते हुए मन को न्यूटन में लाना होगा सुनने में लाना होगा कुछ भी नहीं करना बैठ जाइए बस बैठे-बैठे रही है जितना बैठ सकते हैं वह आपकी इच्छा है एक समय वह होगा कि आपका ध्यान सौतन लग जाएगा आपको पढ़ना कुछ नहीं बस बैठना है इन्हीं शब्दों के साथ धन्यवाद जय जय भारत

dhyan lagane ka matlab aapne saral poocha hai dhyan lagaya nahi jata lag jata hai jab aap is cheez ko mehsus karenge toh aapko pata lagega ki aap apne andar ahankar shaant swabhav vagera ko ekdam tyag kar karte saral bhav me ab baith jaiye aur dhyan lagane ki koi zarurat kuch bhi na kijiye agar aapne dhyan lagaya toh man toh lagane me lag gaya phir vaah lagega kaise ekagra kaise hoga dhyan lagane se kabhi kisi ka nahi lagta jawab ek chitra ho jaate hain newton ho jaate hain kabhi aapne koi gaadi chalai ho us gaadi ko dhyan se dekhna jab tak usme newton nahi hogi tab tak vaah engine start hone par daudati hi rehti hai yahi man ka paani hai jab tak aap neutral nahi ho sunne me nahi aayenge jab tak aapka man bilkul bhi nahi lag sakta unko lagane ke liye aapko jaise gair gaadi ka newton me lana padta hai gaadi khadi ho jaati hai usi prakar se aapke daudte hue man ko newton me lana hoga sunne me lana hoga kuch bhi nahi karna baith jaiye bus baithe baithe rahi hai jitna baith sakte hain vaah aapki iccha hai ek samay vaah hoga ki aapka dhyan sautan lag jaega aapko padhna kuch nahi bus baithana hai inhin shabdon ke saath dhanyavad jai jai bharat

ध्यान लगाने का मतलब आपने सरल पूछा है ध्यान लगाया नहीं जाता लग जाता है जब आप इस चीज को महस

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरल तो कुछ नहीं होता पर फिर भी मैं आपको प्रयास करता हूं समझाने का मन की विचारधाराओं से बाहर निकलना क्योंकि जब हम ध्यान करते हुए कोई मन में आया चाची मामा फेफड़े तैयारी जो भी विचार दिमाग में आ रहे हैं उनसे हमको हटना होता है और किसी भी प्रकार से मन में कोई धवनी कोई मंत्र संगीत इत्यादि नहीं होना चाहिए क्योंकि हम आने की क्रियाएं हैं मन की क्रियाओं से हमें बाहर निकलना पड़ता है अर्थात ध्यान में अपने अंदर की और जब हम किसी भी प्रकार से मन में उत्पन्न होने वाले विचारों पर विजय प्राप्त कर लेते हैं तभी ध्यान का सही मार्ग पाते हैं

saral toh kuch nahi hota par phir bhi main aapko prayas karta hoon samjhane ka man ki vichardharaon se bahar nikalna kyonki jab hum dhyan karte hue koi man me aaya chachi mama fefade taiyari jo bhi vichar dimag me aa rahe hain unse hamko hatna hota hai aur kisi bhi prakar se man me koi dhavani koi mantra sangeet ityadi nahi hona chahiye kyonki hum aane ki kriyaen hain man ki kriyaon se hamein bahar nikalna padta hai arthat dhyan me apne andar ki aur jab hum kisi bhi prakar se man me utpann hone waale vicharon par vijay prapt kar lete hain tabhi dhyan ka sahi marg paate hain

सरल तो कुछ नहीं होता पर फिर भी मैं आपको प्रयास करता हूं समझाने का मन की विचारधाराओं से बाह

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Dr.Manoj kumar Pandey

M.D (A.M) ,Astrologer ,9044642070

1:12
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ध्यान लगाने का सबसे सरल और सटीक तरीका है ट्राटक ट्राटक के अभ्यास करके ध्यान लगा सकते हैं उसमें क्या होता है कि आप एक मोमबत्ती जला कर के बैठ जाइए 5:00 मिनट सुबह अपार्टमेंट आपको ध्यान करना है उसको ध्यान करना है अल्लाह का ध्यान करते करते ओमकार का जाप करिए और ईश्वर से प्रार्थना करिए जो भी समस्या है उस ईश्वर से बताइए जरा परब्रह्म परमात्मा कण कण में व्याप्त सरस्वती मानव और मेरे साला काम कर दो इसको यह कर दो कर दो मेरा ध्यान नहीं लग रहा मेरा चिप्स नहीं मेरा मन स्थिर नहीं मेरा व्यवसाय नहीं सही चल रही नौकरी नहीं लग पा रही है मैं पढ़ाई नहीं कर पा रही मेरे विवाह नहीं हो पाएंगे विद्या कोई समस्या नहीं सिर्फ ध्यान करना ईश्वर चिंतन करना है तो ध्यान करें ईश्वर की प्रार्थना करें चंदन कारी दो-तीन महीने में आपका ध्यान लग जाएगा आपको सारी सुविधाएं मिल जाएगी टांग हो गई पूजा नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि तक के बाद लगाएंगे धीरे-धीरे अभी तक पहुंच जाएंगे धन्यवाद

dhyan lagane ka sabse saral aur sateek tarika hai tratak tratak ke abhyas karke dhyan laga sakte hain usme kya hota hai ki aap ek mombatti jala kar ke baith jaiye 5 00 minute subah apartment aapko dhyan karna hai usko dhyan karna hai allah ka dhyan karte karte omkar ka jaap kariye aur ishwar se prarthna kariye jo bhi samasya hai us ishwar se bataiye zara parbrahm paramatma kan kan me vyapt saraswati manav aur mere sala kaam kar do isko yah kar do kar do mera dhyan nahi lag raha mera chips nahi mera man sthir nahi mera vyavasaya nahi sahi chal rahi naukri nahi lag paa rahi hai main padhai nahi kar paa rahi mere vivah nahi ho payenge vidya koi samasya nahi sirf dhyan karna ishwar chintan karna hai toh dhyan kare ishwar ki prarthna kare chandan kaari do teen mahine me aapka dhyan lag jaega aapko saari suvidhaen mil jayegi taang ho gayi puja niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi tak ke baad lagayenge dhire dhire abhi tak pohch jaenge dhanyavad

ध्यान लगाने का सबसे सरल और सटीक तरीका है ट्राटक ट्राटक के अभ्यास करके ध्यान लगा सकते हैं उ

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Sapna

Social Worker

3:13
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आपका प्रश्न है ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल और सबसे सटीक उपाय क्या है जिससे बहुत जल्दी ही ध्यान लग जाए तो आपके प्रश्न के अनुसार मैं आपको जानकारी देना चाहूंगी कि ध्यान लगाने का सबसे सरल और सबसे सटीक उपाय यह है कि हमें जिस चीज का ध्यान करना है हमें उसी चीज का ध्यान करना होता है जो हमारा ध्यान भटकता है कभी इधर इधर का ध्यान करने लगता है कभी उधर ध्यान करने लगता है ध्यान को में भटकने से रोकना है हमें अपना ध्यान किसी एक बीच में केंद्रित करना होता है तभी जो हम ध्यान लगाते हैं तब हमारा ध्यान सही तरीके से लग पाता है और इसके लिए हमें ऐसा वातावरण होना जरूरी होता है हमारे लिए ऐसा वातावरण होना जरूरी होता है जिससे हम ध्यान लगाएं किसी प्रकार की कोई परेशानी ना आए इसके लिए शांत माहौल का होना बहुत जरूरी होता है यदि हम ध्यान लगाने के लिए कोई स्वच्छ एवं शांत वातावरण सुनते हैं तो हमारा ध्यान वहां आसानी से लग जाता है और जो हमारा ध्यान भटकता है तो उसके लिए हमें सबसे पहले जो गौरी गणेश होते हैं उनका ध्यान करना चाहिए उनसे प्रार्थना करनी चाहिए कि मैं ध्यान लगाने जा रहा हूं और ध्यान लगाते समय मुझे कोई परेशानी ना आए इसके लिए मैं आपसे प्रार्थना कर रहा हूं आप मेरी प्रार्थना को स्वीकार करें तो गौरी गणेश ऐसे हैं यदि हम उनसे प्रा करती हैं तो जो हम कोई कार्य करने जा रहे हैं यदि उसमें कोई बाधा भी आती है तो वादा नहीं आती है वह हमारा कार्य सफल हो जाता है तो ऐसे ही जो हम ध्यान लगाने जाएं तो सबसे पहले गौरी गणेश को प्रणाम करें प्रथम फिर अपने गुरु को प्रणाम करें माता-पिता को प्रणाम करें और उसके बाद आप ध्यान को लगा इसलिए ध्यान इधर-उधर भटकता है वह आपका ध्यान रखेगा और जो आपको ध्यान लगाने में जो दिक्कतें आती हैं वह देखते नहीं होगी और आपका जो ध्यान है वह बिल्कुल सरल और आसान तरीके से लगने लगेगा और ध्यान रखती है वह आपको मिलने लगेगी आप ध्यान शक्ति से अपना जीवन सफल बना देंगे मेरी सबका मैं आपके साथ आपका दिन शुभ हो इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देने जा रही हो सपना शर्मा आपका दिन शुभ हो एक बार फिर से

aapka prashna hai dhyan lagane ka sabse accha sabse saral aur sabse sateek upay kya hai jisse bahut jaldi hi dhyan lag jaaye toh aapke prashna ke anusaar main aapko jaankari dena chahungi ki dhyan lagane ka sabse saral aur sabse sateek upay yah hai ki hamein jis cheez ka dhyan karna hai hamein usi cheez ka dhyan karna hota hai jo hamara dhyan bhatakta hai kabhi idhar idhar ka dhyan karne lagta hai kabhi udhar dhyan karne lagta hai dhyan ko me bhatakne se rokna hai hamein apna dhyan kisi ek beech me kendrit karna hota hai tabhi jo hum dhyan lagate hain tab hamara dhyan sahi tarike se lag pata hai aur iske liye hamein aisa vatavaran hona zaroori hota hai hamare liye aisa vatavaran hona zaroori hota hai jisse hum dhyan lagaye kisi prakar ki koi pareshani na aaye iske liye shaant maahaul ka hona bahut zaroori hota hai yadi hum dhyan lagane ke liye koi swachh evam shaant vatavaran sunte hain toh hamara dhyan wahan aasani se lag jata hai aur jo hamara dhyan bhatakta hai toh uske liye hamein sabse pehle jo gauri ganesh hote hain unka dhyan karna chahiye unse prarthna karni chahiye ki main dhyan lagane ja raha hoon aur dhyan lagate samay mujhe koi pareshani na aaye iske liye main aapse prarthna kar raha hoon aap meri prarthna ko sweekar kare toh gauri ganesh aise hain yadi hum unse pra karti hain toh jo hum koi karya karne ja rahe hain yadi usme koi badha bhi aati hai toh vada nahi aati hai vaah hamara karya safal ho jata hai toh aise hi jo hum dhyan lagane jayen toh sabse pehle gauri ganesh ko pranam kare pratham phir apne guru ko pranam kare mata pita ko pranam kare aur uske baad aap dhyan ko laga isliye dhyan idhar udhar bhatakta hai vaah aapka dhyan rakhega aur jo aapko dhyan lagane me jo dikkaten aati hain vaah dekhte nahi hogi aur aapka jo dhyan hai vaah bilkul saral aur aasaan tarike se lagne lagega aur dhyan rakhti hai vaah aapko milne lagegi aap dhyan shakti se apna jeevan safal bana denge meri sabka main aapke saath aapka din shubha ho inhin shabdon ke saath main apni vani ko viraam dene ja rahi ho sapna sharma aapka din shubha ho ek baar phir se

आपका प्रश्न है ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल और सबसे सटीक उपाय क्या है जिससे बहुत जल्

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आपका बहुत सुंदर तो सवाल है काफी लोग ध्यान को लेकर छात्राओं को लेकर सवाल करते हैं तो काफी लोग का सवाल बताइए सबसे सरल उपाय क्या है जिससे जल्दी जल्दी जगाना लेकिन ध्यान लगेगा ध्यान लग जाएगा इसकी कोई गारंटी नहीं होती है चौमुखी दीपक की तरह लगता रहता है इधर उधर कभी घर ऑफिस कभी कहीं कभी कहीं का तो इसके लिए सबसे पहले दिमाग को शांत करना जरूरी होता है मन कर्म वचन से एक हो जाना ही व्यक्ति के लिए ध्यान लगाने की सही मुद्रा होती है लेकिन प्रैक्टिकल संस्कृत के शब्दों का उपयोग करें हिंदी शब्दों का उपयोग करके आपको बोलूंगा तो फिर आप को समझने में मुश्किल आता है कि हां तो मैं सीधा सीधा सही शब्दों में आपको अगर बताऊं तो ध्यान ध्यान लगाने का मतलब क्या है मन कर्म वचन से एक होना हृदय मन आत्मा से अपने दिमाग से अपनी आत्मा को पढ़ना चालू कर देता है कि वह कहां बैठा है किस देवता की पूजा करना चाहता है किस देवता की और अपना ध्यान ले जाना चाहता है किन देवताओं की वह जैसे मान लिया जाए शिव शिव की आराधना वह कर रहा है चिंकी और वह अपना ध्यान ले जाना चाह रहा है तो सबसे पहले उसको शांत जगह में ऐसी शांति जगह में बैठ गए हो सकता है तो ऐसी कोई मंदिर में जाएं जहां कमजोर हो या ऐसा समय हो जब आरती का समय ना हो आरती के बाद का समय हो माला फेरनी जाए थोड़ी देर बैठकर तो ध्यान करते समय सबसे पहले व्यक्ति स्वच्छ होना जरूरी है मन कर्म वचन से सोचो ना चलो स्नान करने की सोची नहीं होता है अपनी आत्मा में आने वाले सवालों को भी वोट करें सारी की सारी जो धूल मिट्टी है जो मैंने पढ़ी है उनको एक बार बार रखा जाए कि मेरे को भी कुछ नहीं सोचना ध्यान करना है ध्यान करने के लिए जो कुटिया के बीच में कुटिया के बी सी का मतलब आपने दोनों भौहों के बीच में आंखें बंद करके दोनों भौहों के बीच में देखने का प्रयास करना सीखें बंद करके आंख बंद करके जब जब भी देखता है तो उनको काफी बार काली छाया लाल छाई ब्लड वगैरह सब कुछ बिकता है तो धीरे-धीरे धीरे-धीरे वह अपने आध्यात्मिक अपने देवता अपने भगवान अपने गॉड अल्लाह जो भी जिसको भी वह मानता है जिसकी और वह जाना चाहता है वहां साधना चाहता है उसकी फोटो को लाइक उनकी चलचित्र पोलाइट धीरे धीरे धीरे धीरे अपने मन की बातों को शांत करें और अपने सवालों को अपने आत्मा के अंदर उठ रहे सवालों को पूछने की कोशिश करें उससे कनेक्ट करने की कोशिश करेगी कोई न कोई मुझे सुन रहा है मेरी कोई बातें कर रहा है यह सब उपांशु मन में होना चाहिए मन के अंदर ही में ध्यान है यही ध्यान है मेरे भाइयों यह नहीं चलेगा जैसे कोई कर रहा है कोई आदमी आया आपके सिर के ऊपर 3 पॉइंट कि आप उछलने लगे करने लगे साधनों की कुछ नहीं होता है ऐसा कुछ नहीं होता है ऐसा भी एक बहुत बड़ी बड़ी साधना है करने के बाद में ऐसा सब कुछ होता तो सीधी सीधी साधना करिए अपने देवता की तस्वीर को अपने सामने रखी है मूर्ति को अपने सामने रखी है और सीधा सीधा अपने देवता से सवाल करिए उखड़ा रहता है हर वक्त आपके बस आपकी झोली फैलाए खड़े हो गई है कि साधना लगनी तय है यह बात भी तो है रचने का उपयोग में लाए क्या करें क्या न करें भगवान को मुसीबत आते कब्जे अगर आप याद करते हो तब क्या आप सोचते हो कि मैंने स्नान कर या नहीं करी है मैंने खाना खा रखा है मैंने माला नहीं ले रखी है नहीं वह सब एक साथ सारी आध्यात्मिक चीजें हैं और बहुत ज्यादा उसके अंदर जाओ तो फिर बहुत ज्यादा चीजें नहीं पड़ती करनी आज करना पड़ता भी नहीं करना पड़ता है जिसकी काफी चीजें हैं हम काफी है तो सीधा-सीधा ध्यान करें सोते समय अगर ध्यान करें तो शांति से अपने देवता को देखें उनसे सवाल जवाब करें उनकी आराधना करें उनकी मीठी मीठी मुस्कान पर आप देखो मंत्रमुग्ध हो जाओगे शिव के चरणों में देव हर हर महादेव

aapka bahut sundar toh sawaal hai kaafi log dhyan ko lekar chhatraon ko lekar sawaal karte hain toh kaafi log ka sawaal bataiye sabse saral upay kya hai jisse jaldi jaldi jagaana lekin dhyan lagega dhyan lag jaega iski koi guarantee nahi hoti hai chaumukhi deepak ki tarah lagta rehta hai idhar udhar kabhi ghar office kabhi kahin kabhi kahin ka toh iske liye sabse pehle dimag ko shaant karna zaroori hota hai man karm vachan se ek ho jana hi vyakti ke liye dhyan lagane ki sahi mudra hoti hai lekin practical sanskrit ke shabdon ka upyog kare hindi shabdon ka upyog karke aapko boloonga toh phir aap ko samjhne me mushkil aata hai ki haan toh main seedha seedha sahi shabdon me aapko agar bataun toh dhyan dhyan lagane ka matlab kya hai man karm vachan se ek hona hriday man aatma se apne dimag se apni aatma ko padhna chaalu kar deta hai ki vaah kaha baitha hai kis devta ki puja karna chahta hai kis devta ki aur apna dhyan le jana chahta hai kin devatao ki vaah jaise maan liya jaaye shiv shiv ki aradhana vaah kar raha hai chinki aur vaah apna dhyan le jana chah raha hai toh sabse pehle usko shaant jagah me aisi shanti jagah me baith gaye ho sakta hai toh aisi koi mandir me jayen jaha kamjor ho ya aisa samay ho jab aarti ka samay na ho aarti ke baad ka samay ho mala ferni jaaye thodi der baithkar toh dhyan karte samay sabse pehle vyakti swachh hona zaroori hai man karm vachan se socho na chalo snan karne ki sochi nahi hota hai apni aatma me aane waale sawalon ko bhi vote kare saari ki saari jo dhul mitti hai jo maine padhi hai unko ek baar baar rakha jaaye ki mere ko bhi kuch nahi sochna dhyan karna hai dhyan karne ke liye jo kuttiya ke beech me kuttiya ke be si ka matlab aapne dono bhauhon ke beech me aankhen band karke dono bhauhon ke beech me dekhne ka prayas karna sikhe band karke aankh band karke jab jab bhi dekhta hai toh unko kaafi baar kali chhaya laal chhai blood vagera sab kuch bikta hai toh dhire dhire dhire dhire vaah apne aadhyatmik apne devta apne bhagwan apne god allah jo bhi jisko bhi vaah maanta hai jiski aur vaah jana chahta hai wahan sadhna chahta hai uski photo ko like unki chalchitra polite dhire dhire dhire dhire apne man ki baaton ko shaant kare aur apne sawalon ko apne aatma ke andar uth rahe sawalon ko poochne ki koshish kare usse connect karne ki koshish karegi koi na koi mujhe sun raha hai meri koi batein kar raha hai yah sab upanshu man me hona chahiye man ke andar hi me dhyan hai yahi dhyan hai mere bhaiyo yah nahi chalega jaise koi kar raha hai koi aadmi aaya aapke sir ke upar 3 point ki aap uchalane lage karne lage saadhano ki kuch nahi hota hai aisa kuch nahi hota hai aisa bhi ek bahut badi badi sadhna hai karne ke baad me aisa sab kuch hota toh seedhi seedhi sadhna kariye apne devta ki tasveer ko apne saamne rakhi hai murti ko apne saamne rakhi hai aur seedha seedha apne devta se sawaal kariye ukhada rehta hai har waqt aapke bus aapki jholee failayen khade ho gayi hai ki sadhna lagani tay hai yah baat bhi toh hai rachne ka upyog me laye kya kare kya na kare bhagwan ko musibat aate kabje agar aap yaad karte ho tab kya aap sochte ho ki maine snan kar ya nahi kari hai maine khana kha rakha hai maine mala nahi le rakhi hai nahi vaah sab ek saath saari aadhyatmik cheezen hain aur bahut zyada uske andar jao toh phir bahut zyada cheezen nahi padti karni aaj karna padta bhi nahi karna padta hai jiski kaafi cheezen hain hum kaafi hai toh seedha seedha dhyan kare sote samay agar dhyan kare toh shanti se apne devta ko dekhen unse sawaal jawab kare unki aradhana kare unki mithi mithi muskaan par aap dekho mantramugdh ho jaoge shiv ke charno me dev har har mahadev

आपका बहुत सुंदर तो सवाल है काफी लोग ध्यान को लेकर छात्राओं को लेकर सवाल करते हैं तो काफी ल

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Amit Wanger

Soft Skill Trainer

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आपका सवाल बहुत ही अच्छा है ध्यान लगाने का सबसे इजी मेथड कौन सा है जिससे हमें ज्यादा से ज्यादा बेनिफिट उस सवाल का जवाब देने से पहले मैं परफेक्ट वेरीफाई करना चाहूंगा कि ध्यान एक्चुली है क्या ध्यान हम सब कर रहे हैं वह हर समय ध्यान कर रहे हैं ध्यान की जो परिभाषा है वह किसी एक विषय के बारे में निरंतर चिंतन करना ही ध्यान है तो अब सोचिए आप 24 घंटे में लगातार कुछ न कुछ उसके बारे में व्यक्ति के बारे में घटना के बारे में आप लगातार सोच रहे हैं यह भी ध्यान ही है अब चुकी है बिखरा हुआ ध्यान है कभी इस बारे में सोच लिया कभी इस बारे में सोच लिया इसलिए हमें उसका परिणाम नहीं मिल पाता है अब हमें भी ध्यान करना है सबसे आंखों को बंद कर दो अपनी सांसों को स्टार्ट करिए और अपने हृदय में मौजूद ईश्वर की उपस्थिति को महसूस करते हुए उसे प्रार्थना करिए कि हे ईश्वर में आप तक पहुंचना चाहता हूं मैं आपसे जुड़ना चाहता हूं मेरी मदद कीजिए इस प्रेम और भक्ति भाव से आंखें बंद करके अपने हृदय पर कुछ देर बनी रहे उसे प्यार से वापस अपने हृदय तल हैं इस प्रक्रिया को आप दौरान कितनी देर बैठक में 20 मिनट 25 मिनट आधा घंटा मैं जो कहता हूं आधे घंटे से 1 घंटे के लिए जाता हूं और इसके बहुत सारे फायदे हैं इसे ध्यान कहलाता है यह दे आधारित ध्यान दें हार्टफुलनेस के नाम से जाना जाता है इसके और भी अंग है और अधिक जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं उन्हें पूरी पद्धति निशुल्क है बहुत ही प्रभावी है

aapka sawaal bahut hi accha hai dhyan lagane ka sabse easy method kaun sa hai jisse hamein zyada se zyada benefit us sawaal ka jawab dene se pehle main perfect verify karna chahunga ki dhyan ekchuli hai kya dhyan hum sab kar rahe hain vaah har samay dhyan kar rahe hain dhyan ki jo paribhasha hai vaah kisi ek vishay ke bare me nirantar chintan karna hi dhyan hai toh ab sochiye aap 24 ghante me lagatar kuch na kuch uske bare me vyakti ke bare me ghatna ke bare me aap lagatar soch rahe hain yah bhi dhyan hi hai ab chuki hai bikhra hua dhyan hai kabhi is bare me soch liya kabhi is bare me soch liya isliye hamein uska parinam nahi mil pata hai ab hamein bhi dhyan karna hai sabse aakhon ko band kar do apni shanson ko start kariye aur apne hriday me maujud ishwar ki upasthitee ko mehsus karte hue use prarthna kariye ki hai ishwar me aap tak pahunchana chahta hoon main aapse judna chahta hoon meri madad kijiye is prem aur bhakti bhav se aankhen band karke apne hriday par kuch der bani rahe use pyar se wapas apne hriday tal hain is prakriya ko aap dauran kitni der baithak me 20 minute 25 minute aadha ghanta main jo kahata hoon aadhe ghante se 1 ghante ke liye jata hoon aur iske bahut saare fayde hain ise dhyan kehlata hai yah de aadharit dhyan de hartafulnes ke naam se jana jata hai iske aur bhi ang hai aur adhik jaankari ke liye aap humse sampark kar sakte hain unhe puri paddhatee nishulk hai bahut hi prabhavi hai

आपका सवाल बहुत ही अच्छा है ध्यान लगाने का सबसे इजी मेथड कौन सा है जिससे हमें ज्यादा से ज्य

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Rakesh Kothiyal

Astrologer And Yoga Teacher

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हरि ओम नमस्कार दोस्तों आपका प्रश्न है ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल और सबसे सटीक उपाय क्या है जिससे बहुत जल्दी ही ध्यान लग जाए दोस्तों ध्यान के बारे में एक ही बात करूंगा अगर आपको ध्यान लगाना है ना यूट्यूब चैनल के माध्यम से या कृषि के माध्यम से ध्यान मत लगाना सिर्फ आप जाना जो योगा के परिपक्व आ होंगे क्या संत महात्मा होंगे जब पंडित जी होंगे जिनको आप गुरु मानते हैं उनके सान्निध्य में ही ध्यान लगाना है उन्हीं के साथ आप 1520 दिन वहां रहो ध्यान के बारे में देखो ध्यान के बारे में समझो अभी आप ध्यान लगाना तभी आपका ध्यान रखना पटवा होगा गुर्जर बताएंगे बेटा ऐसा बैठो ऐसे बैठकर के पहले बेटा पहले दिन 5 मिनट ध्यान लगा लो फिर उस ध्यान में भगवान की कीर्तन भजन करो आई के चक्कर में भगवान जी का ध्यान लगाओ अब हम खुद के चक्कर आप कंफ्यूजन ओ यारा कहां पर होता है हमने कभी सुना ही नहीं है अब ध्यान में सीधा कैसे बैठा है और कुछ ध्यान में क्या देखना है और कुछ ध्यान में शरीर की हलचल होगी उस ध्यान में कैसा होगा शरीर में वाइब्रेशन भी हो रहा है इन सब का मार्गदर्शन गुरू जी करेंगे अकेले कभी जो भी वह कल ग्रुप के मेरे मेंबर हैं वह कभी ध्यान के बारे में न सोचे क्योंकि ज्यादा ध्यान के बारे में जाता है लगाता है वह मेंटली डिस्टर्ब हो जाता है यानी दिमागी परेशान हो जाता है ध्यान लगाना है तो गुरु जी के सानिध्य में ही ध्यान लगाएं अगर 8 दिन में 5 मिनट क्योंकि मैं इसलिए बता रहा हूं गुरु जी के सानिध्य में क्यों लगाना है क्योंकि गुरु जी आपका मार्गदर्शन करेंगे और उसी ध्यान के बीच में शरीर में हलचल हो गया तो तुम्हारे शरीर को हलचल गुरुजी ही शांति करेंगे 1 सिम दिलवा में दिमाग में भारीपन हो रहा है एक बार में काफी दिक्कत हो रही है तो गुरुजी ही उसे शांत करेंगे अगर आप घर में अकेले ध्यान करोगे घर में अकेले बैठ गए कभी आप 5 मिनट बैठे हो तो कभी आप आधे घंटे का तो आपका ध्यान नहीं लगेगा आपका ध्यान कहीं हो रहा है और कुछ ध्यान की वजह से आपको काफी दिक्कत होगी इसलिए तो शारीरिक कष्ट भी होगी दूसरा आपको दिमागी परेशानी भी धीरे-धीरे बनके रहेगी कभी अकेले ध्यान के बारे में नहीं सोचना गुरु जी के सानिध्य में ध्यान लगाएं हरि ओम तत्सत

hari om namaskar doston aapka prashna hai dhyan lagane ka sabse accha sabse saral aur sabse sateek upay kya hai jisse bahut jaldi hi dhyan lag jaaye doston dhyan ke bare me ek hi baat karunga agar aapko dhyan lagana hai na youtube channel ke madhyam se ya krishi ke madhyam se dhyan mat lagana sirf aap jana jo yoga ke paripakva aa honge kya sant mahatma honge jab pandit ji honge jinako aap guru maante hain unke sannidhya me hi dhyan lagana hai unhi ke saath aap 1520 din wahan raho dhyan ke bare me dekho dhyan ke bare me samjho abhi aap dhyan lagana tabhi aapka dhyan rakhna patawa hoga gurjar batayenge beta aisa baitho aise baithkar ke pehle beta pehle din 5 minute dhyan laga lo phir us dhyan me bhagwan ki kirtan bhajan karo I ke chakkar me bhagwan ji ka dhyan lagao ab hum khud ke chakkar aap confusion O yaara kaha par hota hai humne kabhi suna hi nahi hai ab dhyan me seedha kaise baitha hai aur kuch dhyan me kya dekhna hai aur kuch dhyan me sharir ki hulchul hogi us dhyan me kaisa hoga sharir me vibration bhi ho raha hai in sab ka margdarshan guru ji karenge akele kabhi jo bhi vaah kal group ke mere member hain vaah kabhi dhyan ke bare me na soche kyonki zyada dhyan ke bare me jata hai lagaata hai vaah mentally disturb ho jata hai yani dimagi pareshan ho jata hai dhyan lagana hai toh guru ji ke sanidhya me hi dhyan lagaye agar 8 din me 5 minute kyonki main isliye bata raha hoon guru ji ke sanidhya me kyon lagana hai kyonki guru ji aapka margdarshan karenge aur usi dhyan ke beech me sharir me hulchul ho gaya toh tumhare sharir ko hulchul guruji hi shanti karenge 1 sim dilwa me dimag me bharipan ho raha hai ek baar me kaafi dikkat ho rahi hai toh guruji hi use shaant karenge agar aap ghar me akele dhyan karoge ghar me akele baith gaye kabhi aap 5 minute baithe ho toh kabhi aap aadhe ghante ka toh aapka dhyan nahi lagega aapka dhyan kahin ho raha hai aur kuch dhyan ki wajah se aapko kaafi dikkat hogi isliye toh sharirik kasht bhi hogi doosra aapko dimagi pareshani bhi dhire dhire banke rahegi kabhi akele dhyan ke bare me nahi sochna guru ji ke sanidhya me dhyan lagaye hari om tatsat

हरि ओम नमस्कार दोस्तों आपका प्रश्न है ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल और सबसे सटीक उपाय

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BK Vishal

Rajyoga Trainer

2:33
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए ध्यान का मतलब बेसुध बेखुद हो जाना नहीं है सब विस्मृत हो जाए कुछ भी ध्यान रहे कुछ ख्याल ना रहे ऐसा ध्यान नहीं होता यानी यह तो एक भ्रामक स्थिति होती है अगर आप कोई ऐसी युक्ति पूछना चाहते हैं परंतु अगर आप कहें वास्तविक ध्यान आप सीख समझना चाहें तो बहुत सरल और बड़ा सुंदर तरीका बस उसको अभ्यास से निखारने की आवश्यकता होती है अपनी वास्तविक आइडेंटिटी के साथ अपने आप को पहचान कर उस स्मृति में बैठ कर के अपने आप को इस पांच तत्वों की दुनिया से पार निर्वाण धाम शांति धाम में ले जाकर के अगर हम अपने आप को बैठाने कॉन्शियस को अपनी ले जाएगा और वहां स्थित सर्वशक्तिमान परमपिता परमात्मा को याद उससे शक्तियां ले तो यह सबसे सरल और सुंदर तरीका है इसमें ना कोई मंत्र उच्चारण करना है ना कोई जब तक करना है ना कोई माला करनी है बस प्यार से शांति से बैठकर अपने भ्रुकुटी के बीच अपने आप को देखना आप एक आत्मा है आत्मा जैसी सूक्ष्म है जो इस शरीर की स्वामी है शरीर को चलाने वाले हैं जिसका रूप अति सूक्ष्म ज्योति बिंदु है वह आत्मक कोई शरीर से निकाल संकल्पों के जरिए पांच तत्वों से भी पार सूरज चांद सितारे सेलीपार जो एक बहुत खूबसूरत बहुत ही शांत और शक्तिशाली दुनिया है जिसको परमधाम कहते हैं शांति धाम के निर्वाण धाम कहते हैं वहां पर अपने आप को ले जाइए और अपने सामने सर्वशक्तिमान को देखिए जैसे सूर्य के प्रकाश के नीचे यह पृथ्वी है और बाकी सब नक्षत्र भी हैं उसी तरह यह मानें कि आप एक छोटा सा सितारा है ज्ञान सूर्य की छत्रछाया में हैं और आप आएंगे क्या आपके अंदर एक असीम ऊर्जा का संचार होना शुरू हो गया स्थिति में आ जाएंगे

dekhiye dhyan ka matlab besudh bekhud ho jana nahi hai sab vismrit ho jaaye kuch bhi dhyan rahe kuch khayal na rahe aisa dhyan nahi hota yani yah toh ek bhramak sthiti hoti hai agar aap koi aisi yukti poochna chahte hain parantu agar aap kahein vastavik dhyan aap seekh samajhna chahain toh bahut saral aur bada sundar tarika bus usko abhyas se nikharne ki avashyakta hoti hai apni vastavik identity ke saath apne aap ko pehchaan kar us smriti me baith kar ke apne aap ko is paanch tatvon ki duniya se par nirvan dhaam shanti dhaam me le jaakar ke agar hum apne aap ko baithne kanshiyas ko apni le jaega aur wahan sthit sarvshaktimaan parampita paramatma ko yaad usse shaktiyan le toh yah sabse saral aur sundar tarika hai isme na koi mantra ucharan karna hai na koi jab tak karna hai na koi mala karni hai bus pyar se shanti se baithkar apne bhrukuti ke beech apne aap ko dekhna aap ek aatma hai aatma jaisi sukshm hai jo is sharir ki swami hai sharir ko chalane waale hain jiska roop ati sukshm jyoti bindu hai vaah aatmkatha koi sharir se nikaal sankalpon ke jariye paanch tatvon se bhi par suraj chand sitare selipar jo ek bahut khoobsurat bahut hi shaant aur shaktishali duniya hai jisko paramadham kehte hain shanti dhaam ke nirvan dhaam kehte hain wahan par apne aap ko le jaiye aur apne saamne sarvshaktimaan ko dekhiye jaise surya ke prakash ke niche yah prithvi hai aur baki sab nakshtra bhi hain usi tarah yah manen ki aap ek chota sa sitara hai gyaan surya ki chatrachaya me hain aur aap aayenge kya aapke andar ek asim urja ka sanchar hona shuru ho gaya sthiti me aa jaenge

देखिए ध्यान का मतलब बेसुध बेखुद हो जाना नहीं है सब विस्मृत हो जाए कुछ भी ध्यान रहे कुछ ख्य

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आचार्य सुशील मिश्र

आध्यात्मिक गुरु

10:00
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ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सहज सबसे सरल उपाय भगवान श्री कृष्ण भगवत गीता के अध्याय 6 में बतलाया है और उस विधि का अनुपालन करके कोई भी सरलता से ध्यान की प्रक्रिया में उतर सकता है जिसके लिए कोई विशेष साधन सामग्री की आवश्यकता नहीं है जिसके लिए किसी विशेष परिवेश और परिस्थिति की आवश्यकता नहीं भगवान कहते हैं कोई भी साफ सुथरा खान हो स्वच्छ वातावरण हो और जमीन बहुत ऊंची ना हो बहुत नीचे ना हो बहुत ऊंचे आसन पर बैठ जाने से कई बार हम बुद्धि आने लगती है कई बहुत बैठ जाने से कई बार हीन भावना ने लगती है जो सुख कर भूमि हो उस पर आप कुशा के आसन से या उन्हीं आसन को बिछाकर गीता में तुम रिक्शावाला का भी वर्णन है लेकिन आज के समय में वृक्षा लाजो है आप अगर लेने जाएंगे तो अपनी पकड़ लेगी तो देश काल परिस्थिति के अनुसार उसको लिया जाता है तो उषा का आसन सबसे पवित्र माना गया है या फिर उन्हीं आसन आसन होने से हमारी जो ऊर्जा है वह व्यर्थ नहीं होती और भगवान कहते हैं पालथी मारकर सुख पूर्वक बैटरी सुख पूर्वक बैठने को ही आशंका है पतंजलि योग सूत्र में स्थिर सुखमा सनम जिस आसमान में आप सुख पूर्वक स्थिर होकर बैठ सकें यह आवश्यक नहीं कि पद्मासन लगेगा तभी ध्यान रखेगा कमर रीड की हड्डी ग्रीवा और आपका सिर यह एक चीज में हो जो आपके सिर का पीछे वाला भाग है जहां पर चोटी बांधी जाती है वहां से गरीबी की रेखा खींची जाए तो वह नीचे रीड की हड्डी तक जो है वह एक सीधी रेखा में हो सके सुंदर पोस्टर है तो भगवान कहते हैं कि ध्यान को दोनों व्यक्ति के मध्य में लगाना है दोनों भौहों के नासिका के अग्रभाग में दोनों बांहों के मध्य में ध्यान केंद्रित करिए और भगवान ने एक व्यवस्था की शुरू शुरू में हम कहीं ना कहीं भट्ट के लिए या किसी ना किसी मंत्र किसी बीज मंत्र के लिए हम याचना करेंगे तो भगवान कहते ओम का उच्चारण करके इसे प्रणव कहा गया है जहां भगवान ध्यान लगाने के लिए कह रहे हैं कुंडलिनी योग साधना में उसे आज्ञा चक्र कहते हैं तो बहुत से कुंडलिनी जागरण के साधक कहते हैं कि जी स्टेप बाई स्टेप उठना चाहिए सन्नी सन्नी मूलाधार स्वाधिष्ठान मणिपुर अनाहत विशुद्ध और फिर अगले चक्र में आना चाहिए और भगवान कह रहे हैं कि सीधे आज्ञा चक्र में आकर भी ध्यान लगाया जा सकता है भगवान कह रहे हैं कि ओम का उच्चारण करें और मेरा सुमिरन करें भगवान करे कि मेरा सुमिरन करेंगे तो सर हो जाएगा जब हम भगवान के कुछ अभी लेकर चलते हैं शुरु शुरु में तो कारे सरल हो जाता है क्योंकि मन को कहीं ना कहीं अवलंबन चाहिए मन को कहीं ना कहीं कोई धरातल चाहिए नहीं देंगे तो कहना नहीं बदलेगा ओम का उच्चारण भी आप मंदसोर से करें दिनेश्वर से करें बहुत चिल्लाती नहीं करना है और धीरे-धीरे उस अवस्था में आना है कि जब ओम का उच्चारण मन से मन होता चला जाए मन में ही होता चला जाए और फिर धीरे-धीरे ओम आपकी सांसों में विलीन हो जाए सांस सांस में आपका उपचारित को यह भगवत गीता में वर्णित है कुछ लोग सांसो से दृष्टि जमाने को ध्यान कहते हैं विपासना यहां से शुरू होता है आप विपासना मेडिटेशन ध्यान की किसी प्रक्रिया में जाएंगे और जो मार्ग भगवान कह रहे हैं उसमें भी सांसे आप ध्यान दीजिएगा कि बहुत ही धीमी होने लगती है अनायास होने लगती है सांस कब आ रही है और कब जा आपको पता ही नहीं चला शुरू शुरू में सांसो पर आपको ध्यान जाता है सांस उतर रही है निकल रही है प्राण अपान पर ध्यान जाता है लेकिन यह ध्यान सांसो से हट जाए यह सांस अनायास हो जाएं क्योंकि अगर सांसो पर ही ध्यान टिका रह गया तो ध्यान कभी भी नहीं होगा फिर आप साथ ही खिलती रह जाएंगे इसलिए भगवान ने जो बताया है वह सुख कर और सरल माध्यम है और किसी भी पद्धति से अगर आपको किसी से मिलना चाहेंगे तो थोड़ा सा कष्ट कर हो जाता है ध्यान तो सब जाता है तमाम मार गए हैं तमाम लोगों ने अभियोग किए हैं लेकिन जो भगवान श्री कृष्ण बता रहे हैं प्राणी मात्र के लिए बता रहे हो सभी योगियों के लिए अर्जुन करें अब कई बार प्रश्न ऐसा आता है कुछ लोग कहते हैं बहुत से दूर दराज लोग हैं वो कहते भी हमसे पोस्टर नहीं है लगता हम से बैठा नहीं जाता तो हम क्या करें भगवान ने तो ध्यान को और सरल कर दिया यह तो उनके लिए है जो अभी ध्यान साधना की प्रक्रिया में बैठना चाहते हैं जिनके शरीर में बल ही नहीं है वह क्या करेंगे तो भगवान कहते हैं कि हर समय तुम मेरा सुमिरन करो हर समय सहज हो जाओ इससे उत्तम सहज अवस्था जैसे शिवकुमार देखो एक पैर नीचे है एक बार बोल कर के बैठे हैं या नीम करोली बाबा बाबा जी महाराज को देखिए किस तरह से अलमस्त एकदम लेटे हुए हैं किसी भी पोस्टर में यहां पर फिर वह पालथी मारकर बैठने का भी विधान हट जाता है जेसीबी कुर्सी पर बैठकर को आप तो आपको नहीं बैठा नहीं जा रहा है इतनी ही आपने अमृता गई अब लेटे लेटे ही अब ध्यान शुरू करें तो शरीर की क्रिया का नाम नहीं है शुरू शुरू में ध्यान को साधने के लिए आपको शरीर को साधना पड़ेगा लेकिन ध्यान का उद्देश्य है जब बाह्य जगत भाई सस्ती यह संसार विस्मृत हो जाए इसकी सूचना हो जब सांस सांस अनायास हो जाए सांस की भी सुध ना हो जब पूर्णता निर्विचार एक हो जाओ और फिर आप अपने अंतर में गोता लगा रहे हो फिर वह अपने अंतर में आप अनुभूतियों को नहीं तो नहीं अनुभूतियों को आप महसूस करेंगे पोस्टर लग सकता है तो वह प्रक्रिया सरल है शरीर को साधना बहुत जरूरी थी शरीर बढ़ाइए जैसे मंचन 10 मिनट में बैठा जाता कुछ लोगों को कुछ लोगों को जो है बैठने में ही जो है उनको आ सकता हो जाती है तो मन को साधने के लिए शरीर को साधने के लिए भगवान ने छठे अध्याय में भगवान जी कहते हैं की याद करो तुम भगवान को अर्पण करते चलो इतना ही ध्यान रखो तो तुम देखोगे कि तुम्हारे जीवन में सहज ही वह सब कुछ उपलब्धियां होने लग जाएगी क्योंकि जो कर्म योगियों को जो ज्ञान योगियों को तो ध्यान योगियों को सदस्यों को होती है उसी होने लगती है जो कि भगवान के लिए निष्काम भाव से बस इतना ध्यान रखें चलते हैं कि भगवान जो करता हूं तुम्हारे लिए कर रहा हूं यह सबसे सरल ध्यान है जो कोई भी कर सकता है शरीर में बल है तू ही भगवत गीता में अन्य आप का मार्ग प्रशस्त किया है और कोई ऐसा है जिसके शरीर में बाल नहीं है वह अकाश ना हो निराश ना हो जो भी कर रहे हो इस सबसे सरल ध्यान है एक माता को देखा है आपने रोटी बना रही है लेकिन बच्चा दूसरे कमरे में है घर के सारे सारे के सारे सदस्य हैं किसी ने ध्यान नहीं दिया रोटी बनाती हुई माता को भी अपने बच्चे के रोने की आवाज आई उसने करवट ली माता को पता चल गया तो दौड़कर गई अरे मुन्ना उठा है कि परमात्मा के लिए होने लग जाएगा तो शरीर का पोस्टर जो है वह अपने आप चल जाएगा उसकी चिंता मत करो अष्टावक्र जी का दृष्टांत समझ में आएगा अगर पहले ही में स्थान रखने का जिक्र करता तो लोग भटक सकते थे शरीर में समर्थ है तो शरीर को साधु शरीर में शामत नहीं है तो अष्टावक्र का चरित्र चिंता न करो मन को साथ में है मित्र

dhyan lagane ka sabse accha sabse sehaz sabse saral upay bhagwan shri krishna bhagwat geeta ke adhyay 6 me batlaya hai aur us vidhi ka anupaalan karke koi bhi saralata se dhyan ki prakriya me utar sakta hai jiske liye koi vishesh sadhan samagri ki avashyakta nahi hai jiske liye kisi vishesh parivesh aur paristhiti ki avashyakta nahi bhagwan kehte hain koi bhi saaf suthara khan ho swachh vatavaran ho aur jameen bahut unchi na ho bahut niche na ho bahut unche aasan par baith jaane se kai baar hum buddhi aane lagti hai kai bahut baith jaane se kai baar heen bhavna ne lagti hai jo sukh kar bhoomi ho us par aap kusha ke aasan se ya unhi aasan ko bichakar geeta me tum rikshavala ka bhi varnan hai lekin aaj ke samay me vriksha lajo hai aap agar lene jaenge toh apni pakad legi toh desh kaal paristhiti ke anusaar usko liya jata hai toh usha ka aasan sabse pavitra mana gaya hai ya phir unhi aasan aasan hone se hamari jo urja hai vaah vyarth nahi hoti aur bhagwan kehte hain palthi marakar sukh 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ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सहज सबसे सरल उपाय भगवान श्री कृष्ण भगवत गीता के अध्याय 6 मे

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ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सरल तरीका है कि आप अपने हृदय पर ध्यान लगाएं इस विचार के साथ कि मेरे लिए में मेरा ईश्वर दिव्य प्रकाश के रूप में पहले से ही मौजूद है कि मुझे अपनी ओर आकर्षित कर रहा है और मैं उसकी ओर आकर्षित हो रहा हूं इसमें डूबता जा रहा हूं और अधिक जानकारी के लिए आप यूट्यूब पर heartfulness.org पर जा सकते हैं वहां 3 दिन की मास्टरक्लासेस चलती हैं तो आप अंतिम दिन में मास्टर क्लासेस का लाभ लेकर इसे कंटिन्यू कर सकते हैं

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ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सरल तरीका है कि आप अपने हृदय पर ध्यान लगाएं इस विचार के साथ कि म

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Renshi Rajkumar Menaria

International Martial Arts Expert, Awarded By President of INDIA, Specialist Of Women Self Defense & Motivational Speaker With Spiritual Root.

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Harish Purohit

Business Owner

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नमस्कार दोस्तों में हरीश पुरोहित आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत करता हूं ध्यान मेरे किसी जो है भाई बहन ने पूछा ध्यान लगाने का सबसे सरल और सटीक उपाय क्या है जिससे बहुत जल्दी ही ध्यान लग जाए इतना अगर आसान होता ध्यान लगाना काश तो हमारे में ऋषि मुनियों को तो बहुत साल इन्होंने जो है कई हजार साल तक तपस्या की है तो बहुत मेहनत नहीं करनी पड़ती सबसे पहले तो ध्यान लगाना क्या है ध्यान का मतलब होता है किसी को ध्याना और किसी को कोई भी चीज का हम लोग ध्यान करते तो उसकी तस्वीर उसका जो है चेहरा हमारे आंखों के सामने आ जाता है ना किसी को या किसी को याद करना लगातार याद करो या फिर यह भारत बोले जैसे कि मैं बोला सोना सोने की जो तस्वीर सोना कैसा हो तो आपके मन में आ जाती है तो सरल तरीका तो क्या है कि भाई ऐसा कुछ भी ऐसा ही नहीं है सरल ही है यह इसमें कुछ भी जो है अपने साथ शुरू करना और यह प्राणायाम और हम इसे कोई मत अभी नहीं होता मुझसे पहले तो मैं यह जानना चाहता हूं कि आप किस तरह का ध्यान करना जाता एक होता कि आदमी नॉर्मल ही करता है कि भाई चलो ठीक है हमारे जो योग केंद्रों में सिखाया जाता है योग सिखाते के भाई ध्यान करो वैसा करो एक जानवर और दूसरा ध्यान है एक गुरु अपने शिष्य को देता है एक संत महात्मा कामिल मुर्शिद एक मास्टर अपने जो है मुरीद को देकर अपने शिष्य को नेता अपने स्टूडेंट को और अपने जो है भक्तों को देता है कि भाई कैसे करना है दोनों में बहुत सूरत एक जो है एक्सरसाइज के तौर पर लोग करते हैं शारीरिक जो है बीमारियों से दूर रहने के लिए और दूसरा जो है उस परमात्मा उस मालिक से मिलने के लिए किया जाता है कि दोनों में फर्क है लेकिन ध्यान वैसे भी जब भी किया जाता है तो दोनों आंखों के बीच में एकाग्रता लाकर करते हैं और फिर वहां से वह सफर शुरू होता है ध्यान का तो क्या होता है उससे कि धीरे-धीरे जैसे हम खाना खाने के लिए नीचे जमीन पर कैसे बैठते हैं चौकड़ी मारकर बैठना जिसको कहते हैं वैसे ही बैठा जाता है उसमें कोई दूसरा आंसर नहीं है वह सब करने की ज़रूरत नहीं सीधे वैसे ही बैठे हाथ यह नहीं ऐसा अपने घुटनों पर जहां पर घुटने मुड़े हैं जैसे आप के दो गुटों पैसा रखे हैं और कमर सीधी स्टेट घर जाने पर झुकी भी नहीं रहनी चाहिए एकदम स्टेट होने से रीड की हड्डी दोस्ती दूर है और ऐसा करके बैठना पड़ता है ध्यान में अब जो है अगर किसी पूरे गुरु ने अपने शिष्य को जो है दीक्षा की हो मंत्र दिया तो उस मंत्र का जाप करता हूं जाप करते करते जो भी स्वरूप उन्होंने बताया उसका ध्यान करते रहते हैं तो ध्यान में क्या हो तो धीरे-धीरे पैरों से हमारी जो आत्मा इस दुनिया में फैली हमारे जो मन होगा और फिर जो इंद्रियों के द्वारा धीरे-धीरे उसमें अपनी स्टार्ट होती पैर की उंगली से और सब पूरा शरीर ठंडा पड़ता जाता है और वह सिकुड़ते इस जगह पर आ जाती है जहां पर मन और आत्मा के घाटे दोनों आंखों के बीच में जो हमारी बहन लगाती है और हम टीका लगाकर फिर वापस छोड़ कर आती है और एकाग्रता आती है एकाग्रता आने के बाद फिर यह आगे का हमारा सफर शुरू हो जाता है लेकिन एक बात है जितनी कहनी आसान है उतनी है नहीं जान जो है ऐसा लगता नहीं जिन लोगों को जो लोग आपको कहते हैं कि भाई मैं तो कितने घंटे ध्यान लगा लेता हूं मैं ऐसा करता हूं झूठी बातें भले एक्सप्रेस कोई कर सकता है लेकिन एकाग्रता 10 लाख 15 लाख 20 लाख लोगों में किसी एक कोई हाथी और जिसमें वह एकाग्रता आती है जिस दिन वो एकाग्रता आ गई अपने आप की शक्तियां भी जागृत हो जाएंगे आप में कुछ पावरी भी आ जाएंगे बहुत सारी चीजें हो जाती है कि आप जो बोलेंगे वह चीज जो है पूरी हो जाए वह सारी शक्तियां मिलती है लेकिन वह आपके और आपके जो है मुर्शिद यानी कि सतगुरु यानी कि वह शांत के बीच की बातें जो आपको इस रास्ते पर आगे लेकर जा रहे हैं अब जो है यह जल्दी कमाल ध्यान जो है हां अगर आपका जो है भी है कि आप का टारगेट है कि भाई मैं मन की शांति के लिए मैं कुछ ओम का जाप करके जैसे करते हैं लोग बहुत ध्यान झाइयों में जो करते हैं एक्साइज इसको बोलते हम लोग भी तो एक से एक तरह का जो है वर्जित है वह क्यों की जाती है तो उस तरह से करना है तो उस तरह का आप तो ध्यान केंद्रों में जो स्तर मलेशिया जॉब कर सकते हैं लेकिन जैसा कि मैंने बताया आपको ध्यान दो तरह के एक जैसे रूहानियत की तरफ लेकर जाता है जो मुक्ति का मार्ग कहते हैं जिसे वह करना चाहते हैं या फिर जो है आपको एक्साइज करनी है यह आपका पहले डिसाइड कर लीजिए और उसके बाद इस पर आगे बढ़े और यह जल्दी का काम नहीं है इसमें बहुत टाइम लगता है बहुत सारा बहुत जो है संयम रखें इस पर चलना पड़ता धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे करके उसमें जो है आगे प्रगति होती जाती आपके जो है रोजमर्रा की जिंदगी पर आपके पिछले किए गए कर्म आपके खान-पान पर और आपके जो है संगत जैसे माहौल में अपने तो उसका बहुत ज्यादा इस पर असर पड़ता है ध्यान के लिए जो है एक ऐसा कुछ नहीं भाई क्या पहने हो क्या नहीं पहनो कैसा बैठो बैठने का तो मैंने आपको तरीका बताएं कि कैसे बैठा जाता है उसमें सिंपल जैसे बैठकर वैसे ही बैठना भी पीछे जो रीड की हड्डी उसके ट्रेनी चाहिए टेढ़ी-मेढ़ी नहीं कर दो कि नहीं करते पर सीधी और शरीर जो है जरा बिल्ला नहीं चाहिए फिर चाहे मच्छर काटे चाहे कुछ कांटे कुछ भी हो एकदम स्वीट जहां बैठते हो जो आसन पर वैसे ही रहना चाहिए फिर जा 115 20 मिनट के बाद जाकर का पीली डोले नहीं जरा भी टस से मस नहीं हुए तो फिर वह सिम टावर आपको फिर खुद महसूस होगा धीरे धीरे धीरे पांव ठंडे होते जाएंगे बॉडी ठंडी होती है फिर उस इनटू हमको महसूस होता जाएगा लेकिन उसमें फिर ध्यान में क्या होता कि विचार हमारे जहन में मार देते कभी न कोई ना कोई विचार आ जाता है बीच में बहुत मुश्किल होती है वह मन से लड़ना आ रहे हैं यह जो बहुत बड़ा पड़ता है मन से बहुत ज्यादा मन कुछ न कुछ चीजें बीच में नहीं आता यह चीज है तो काफी लड़ाई है मन के साथ होती है धीरे-धीरे होता जैसे J7 अभ्यास करते जाते हैं वैसे वैसे आप करते करते जाते हैं और फिर धीरे-धीरे आपका ध्यान पक्का जाता और आप कांटेक्ट करना स्टार्ट कर देते हैं

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नमस्कार दोस्तों में हरीश पुरोहित आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत करता हूं ध्यान मेरे किसी जो है

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सुरेन्द्र पाल गुप्ता

रिटायर्ड प्रधानाचार्य

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देखिए ध्यान लगाने के अनेक तरीके अपने योगाचार्य भी अपने अपने तरीके बताते हैं हर योग करने वाला अपना तरीका बताता है तो जो आपको अच्छा लगे वह तरीके अपनाए लेकिन मैं तो दो-तीन वर्षों पर विशेष ध्यान रखता हूं और जो कि मैं अपना चुका हूं और अपराधियों करता भी उनके हैं मैं कोई योगाचार्य नहीं मैं तो एक सामान्य आदमी हूं और मैं इनमें ध्यान लगाता हूं देखिए एक तो ओम का जाप कीजिए कि आप सब कीजिएगा तो आपका ध्यान बिल्कुल सही होगा 108 बार ॐ का जितना आप लंबा उच्चारण करेंगे आपका ध्यान होता है लगेगा ओम की ध्वनि संसार में सबसे सार्थक ध्वनि और मैं तो यह कहता हूं कि ओम का जाप संसार में सबसे बड़ा ध्यान लगाने का तरीका और ब्रह्मांड में ओम का जाप से हमें शक्ति मिलती हमारा शरीर ऊर्जावान बनता है मन भूतों की शादी बनता है दूसरा मणियों की जो माला होती है उसमें आप अपना ध्यान लगाइए और यह सबसे बड़ा धर्म है अगर हमें नहीं होती है तो मालाखेड़ी है तो उसे हमें खुशियों का हल मिलता है तो इन बातों पर तो बहुत ही सामान्य तरीके इनको अपनी परेशानियां बहुत जल्दी हो जाती है और सबसे अच्छा उपाय ओम का जाप करने मुझे समय मिलता है तो उनके माध्यम से मैं अपने शरीर में उर्जा किसे और ब्लॉक में व्यक्तिगत जपला महत्वपूर्ण

dekhiye dhyan lagane ke anek tarike apne yogacharya bhi apne apne tarike batatey hain har yog karne vala apna tarika batata hai toh jo aapko accha lage vaah tarike apnaye lekin main toh do teen varshon par vishesh dhyan rakhta hoon aur jo ki main apna chuka hoon aur apradhiyon karta bhi unke hain main koi yogacharya nahi main toh ek samanya aadmi hoon aur main inmein dhyan lagaata hoon dekhiye ek toh om ka jaap kijiye ki aap sab kijiega toh aapka dhyan bilkul sahi hoga 108 baar om ka jitna aap lamba ucharan karenge aapka dhyan hota hai lagega om ki dhwani sansar me sabse sarthak dhwani aur main toh yah kahata hoon ki om ka jaap sansar me sabse bada dhyan lagane ka tarika aur brahmaand me om ka jaap se hamein shakti milti hamara sharir urjavan banta hai man bhooton ki shaadi banta hai doosra maniyon ki jo mala hoti hai usme aap apna dhyan lagaaiye aur yah sabse bada dharm hai agar hamein nahi hoti hai toh malakhedi hai toh use hamein khushiyon ka hal milta hai toh in baaton par toh bahut hi samanya tarike inko apni pareshaniya bahut jaldi ho jaati hai aur sabse accha upay om ka jaap karne mujhe samay milta hai toh unke madhyam se main apne sharir me urja kise aur block me vyaktigat japala mahatvapurna

देखिए ध्यान लगाने के अनेक तरीके अपने योगाचार्य भी अपने अपने तरीके बताते हैं हर योग करने वा

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Narendra Bhardwaj

Spirituality Reformer

2:23

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महोदय आपने पूछा ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल और सबसे सटीक उपाय किया जिससे बहुत जल्दी ही ध्यान लग जाए जो योगी और ध्यान ही लोग हैं वह लोग ऐसा बताते हैं कि जब हमारी मन की वृत्ति संसार से हटकर अंतर्मुखी हो जाते मेहर मुखी जो है उसे अंतर्मुखी करें और इच्छाओं पर लगाम लगाएं इच्छाओं पर लगा लगाम लगाएं तो अभ्यास के द्वारा निश्चित समय पर दमोह सबसे अच्छा अच्छा बताएं ध्यान मन की अवस्था का सुन्न हो जाना मन सुंदर विचार ना चल ऐसी स्थिति ऐसे हादसे हम फिर कर सकते हैं सब से सटी को सबसे सरल तो यही है कि हम इच्छाएं कम रखें जिससे मन भटके ना और जिस प्रकार कहते हैं कि कछुआ अपने शरीर को समेट के अपने कवच में कर लेता उसी प्रकार हमारी समस्त समस्त व्रतियों को जो संसार में भटकते हैं उसको समेट के अंतर्मुखी हो जाना मोहन आंतरिक मोहन अंतःकरण सुन्न हो जाए मन की गति सुन्न हो जाए उसका उपाय है निश्चित समय पर प्रतिदिन एकांत में अभ्यास किया जाए कुछ ही दिन में अभूतपूर्व परिणाम मिलेंगे आप कोशिश करो आशा करते हैं आपको लाभ मिलेगा एक सफर नहीं से धन्यवाद

mahoday aapne poocha dhyan lagane ka sabse accha sabse saral aur sabse sateek upay kiya jisse bahut jaldi hi dhyan lag jaaye jo yogi aur dhyan hi log hain vaah log aisa batatey hain ki jab hamari man ki vriti sansar se hatakar antarmukhi ho jaate mehar mukhi jo hai use antarmukhi kare aur ikchao par lagaam lagaye ikchao par laga lagaam lagaye toh abhyas ke dwara nishchit samay par damoh sabse accha accha bataye dhyan man ki avastha ka sunna ho jana man sundar vichar na chal aisi sthiti aise haadse hum phir kar sakte hain sab se shetty ko sabse saral toh yahi hai ki hum ichhaen kam rakhen jisse man bhatke na aur jis prakar kehte hain ki kachua apne sharir ko samet ke apne kavach me kar leta usi prakar hamari samast samast vratiyon ko jo sansar me bhatakte hain usko samet ke antarmukhi ho jana mohan aantarik mohan antahkaran sunna ho jaaye man ki gati sunna ho jaaye uska upay hai nishchit samay par pratidin ekant me abhyas kiya jaaye kuch hi din me abhutpurv parinam milenge aap koshish karo asha karte hain aapko labh milega ek safar nahi se dhanyavad

महोदय आपने पूछा ध्यान लगाने का सबसे अच्छा सबसे सरल और सबसे सटीक उपाय किया जिससे बहुत जल्दी

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