बाल मनोविकृति क्या है?...


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बाल मनोविकृति क्या है यह सवाल का जवाब देना एक 10 मिनट में बहुत ही दुर्गम काम है देखिए मनोविकृति को समझने के लिए हमें बाल बाल अवस्था में समझने के लिए हमें यह समझना बहुत जरूरी है कि एक बार बुद्धि और एक विकसित बुद्धि में क्या अंतर रहता है बाल बुद्धि का मतलब रहता है कि जो कल्पना से भरी हो जिसमें व्यावहारिकता की कमी हो जो हम जिसे सपना देखते हैं तो सपना देखते वक्त हम कई चीजें ऐसी कर लेते हैं जो व्यावहारिक जगत में पहले आप और वही बुद्धि बाल अवस्था में रहती है जैसे-जैसे बुद्धि का विकास होते जाता है बाल अवस्था से व्यावहारिक मतलब व्यावहारिकता बढ़ती जाती है हमें जमाने की समझ आने लगती है अगर एक मोटे तौर पर कम बाल मनोविकृति में जो विकृतियां होती है वह वयस्क में नहीं देखने को मिलती यह बड़ी ही यूनिक चीज है जो बाल अवस्था में ही देखने को मिलती है बहुत सारी मनोविकृति हैं यह सारी चीजें का में उल्लेख तो नहीं कर सकता पर एक दो चीजें मैं आप को प्रमुखता से बताना चाहता हूं तो उनमें सबसे पहले एक फोबिया फोबिया मतलब अत्याधिक प्रकार का डर किसी एक चीज को लेकर अब ऐसा क्यों होता है जिसे अब आप अक्सर देखेंगे हमारे भारतीय समाज में एक बहुत खूबसूरत है कि अगर कोई बच्चा रो रहा है या बच्चा उधम कर रहा है तो उसे डराया जाता है शांत कराने के लिए और उसमें कई बार ऐसा रहता है कि तुम अब चुपचाप शांत हो जाओ नहीं तो हम डॉक्टर के पास ले जाएंगे और डॉक्टर तुम को सुई लगा देगा अब एक बच्चे ने कभी भी नहीं देखी रहती है ना डॉक्टर के पास था लेकिन उसे सुना देव रहता है कि डॉक्टर के पास जाना है से मतलब जो व्यक्ति दर्द में रहता है वह डॉक्टर के पास जाता है और फिर डॉक्टर उसे इंजेक्शन देता है और इंजेक्शन से बड़ी तकलीफ होती है अब यह सुनी सुनाई बातें एक बार दो बार तीन बार कभी मां से कभी पिताजी से कभी मोहल्ले के आजू-बाजू के लोगों से रिश्तेदारों से सुन सुन के दिमाग में एक प्रकार का भ्रम पैदा हो जाता है और वह इतना ज्यादा हो जाता है क्यों डॉक्टर के नाम से ही घबराने लगता है आप इस चीज को अगर देखे हैं तो यह चीज की जो डर है यह पिक्चर के डायलॉग में भी है सो जा बच्चे नहीं तो गब्बर आ जाएगा एक विशेष प्रकार का फोबिया पैदा हो गया किस से हो गया एक डॉक्टर से और इंजेक्शन से अब खुदा नाश्ता आप अगर यह देखें कि यह बच्चे को कभी चोट लग गई और डॉक्टर के पास चले गए डॉक्टर के पास जाने की कल्पना से ही बच्चों में एक अनचाहा जो भय है इतना ज्यादा जागृत हो जाएगा उसे चोट से ज्यादा इंजेक्शन का डर सता लगेगा यह तो एक बात हो गई और फिर अलग-अलग कॉम्प्लिकेशन जन्म लेते हैं कई बार आप देखेंगे कि बच्चे अलग-अलग चीजों से डर जाते हैं जिसे भूत प्रेत की कहानी सुनकर डर जाते हैं और कई बार आपने ऐसा भी देखा है कि बच्चे आजकल सीरियल देखते हैं और विभिन्न प्रकार के सीरियल का आज काल प्रसारण हो रहा है मेरे पास मनोचिकित्सक के नाते मैं आप को कह रहा हूं अपने अनुभव से कई बार ऐसे बच्चे आते हैं जो पहले दफा तो नहीं आते वह पहले तो अपने जनरल पिटीशन के बजाते हैं फिर वह दूसरे डॉक्टर के पास जाते हैं और फिर जब कुछ जांच में नहीं आता तब वह मनोचिकित्सक के पास परामर्श के लिए भेजे जाते हैं तो अक्सर क्या कंप्लेंट रहती है कभी किसी को उल्टी हो रही है सो नहीं पा रहा है और स्कूल से कंप्लेंट आ रही है तो ऐसे में देखा जाता है शारीरिक जांच होती है खून की जांच अक्षरा कुछ भी समझ में नहीं आता को शारीरिक रूप से पूर्ण रुप से मनोचिकित्सक के नाते जब हम उनसे बात करते हैं उनके पालकों से बात करते हैं तो कहीं ना कहीं ऐसा कई बार रहता है कि फला फला दिन ऐसे ही डर गया हुआ था तो बाद में मालूम पड़ता है अक्सर किसी वस्तु से अधिक भयभीत हो गया है अब वह क्या हो सकती है मतलब अक्सर मैंने मेरे इसमें देखा कोई सीरियल में बच्चे देखते हैं फिर उसके आजू-बाजू में घर के बड़े रिश्तेदारों से या घर के जो दादा दादी उनसे सोचते हैं कि यह ऐसा भूत रहता है या कुछ अलग अलग प्रकार के यह जो सीरियल्स में बताएं जाता है या टीवी केस में बताया था तो बच्चा अपनी बाल बुद्धि से उससे कुछ विकृत भाव से ग्रहण कर लेता है और समझ जाता है और उसका वह निराकरण की बाल अवस्था है व्यावहारिकता की कमी हो नहीं पाता और इस प्रकार से वह जिसको बोलना चाहिए साइकोसिस से भी ग्रसित हो जाता है फोबिया से भी ग्रसित हो जाता है और जो अवस्था है कई बार तो समझाइश देने से समझाने से वह दूर हो जाती है कई बार हमें इसके लिए कुछ हफ्ता दो हफ्ता या महीना दो महीना तक दवाइयां का भी सहारा लेना पड़ता है कई बार हमें मां बाप से भी यह बताना पड़ता है कि आप उनसे किस प्रकार का व्यवहार करें एक और मनोविकृति बच्चों में रहती है कि रात के वक्त वह पेशाब करना शुरू कर देते मतलब 7 साल के साधना करनी हो तो उसे हम और सामान्य मानते हैं तो कई बार देखते हैं क्या हो रही है या जो है डरावने आ रहे हैं उसके बाद से यह स्थिति शुरू हो जाती है इसे हम प्राइमरी एनिवर्सरी भी कहते हैं तो अलग-अलग प्रकार की मनोविकृति या बाल अवस्था में होती है क्योंकि वह बुद्धि विकसित नहीं होती उसके लिए अलग-अलग प्रकार की होती हैं और यह जो अवस्थाएं हैं मनोविकृति है यह वयस्क व्यक्ति में यह नहीं पाई जाती क्योंकि यह सामान्य रूप से माना जाता है कि जिस प्रकार से बुद्धि विकसित होगी उसके बाद में यह जो प्रांतीय है अपने आप दूर हो जाएंगे तो यह बाल मनो विकृति के जाने के लिए समझने के लिए बाल अवस्था क्या होती है बाल बुद्धि क्या होती है यह जानना बहुत जरूरी है और इस मनोविकृति जाने के लिए हमें जो भी बच्चा है जो इस स्वीकृति से ग्रसित है उसका विश्वास हासिल करके उससे बात करके उसके मन में क्या चल रहा है उसे जान लेना बहुत जरूरी रहता है तो इस प्रकार से एक मनोचिकित्सक बाल मनोविकृति के बारे में निराकरण करता है आशा है मेरा उत्तर आपको समाधान कारक लगेगा धन्यवाद

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बाल मनोविकृति क्या है यह सवाल का जवाब देना एक 10 मिनट में बहुत ही दुर्गम काम है देखिए मनोव

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POOJA ( Psychologist )

Education Counselor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बाल मनोविकृति क्या है बाल निकाला जाए कि बालक की मनो विकृति कैसी है तो देखे बाल का जहां से तो बच्चे की बच्चे बैठे थे वहीं बच्चे की कहा जाए आगे जाकर एक बड़े की मनोवृति बनती है क्योंकि जिस तरह हम बच्चे को बचपन में डालते हैं आप प्यार से पालते हैं चाहे आप प्यार से पांडे डॉट के पहले ही जैसे भी आप उस तरह उसके साथ व्यवहार करें खाना तू वही मनोविकृति कहा जाए आगे जा जाकर उसकी एक को कहा जाए मानसिक स्थिति बनती है अब सपोर्ट देखा जाए कई बच्चे ऐसे होते हैं जिन्हें होता है डर होता है किसी से बात करते हुए डरते हैं ना आए तरह से कहा जाइए फोबिया होता है जैसे कि बात करने में हिचकिचाहट डर पता नहीं वह क्या कहेगा है ना किसी चीज को छू लेने का डर है ना तो कई बच्चे इस तरह के रिएक्शन कर तन कई बच्चे तो मस्त रहें किसी बच्चे को अगर आप अधिक बच्चन में डराया जाए उसको ड्रा ड्रा कर रखा जाए मनाने के बच्चे कहां से बच्चे तो बच्चे कहते हैं बच्चे शैतानियां भी करेंगे गलतियां भी करेंगे और तूने किस तरह से समझाया जाए मगर अगर किसी बच्चे को अत्यधिक डराया जा रहा है उसको अपना जीवन नहीं जी ने दिया जा रहा है कि हर वक्त उसको डांटा जा रहा है ना वह मौज मस्ती नहीं कर रहा और फ्रेंडों के टच में नहीं आ रहा खेल तानिया डर के मारे अकेला ही अकेला रहने दिया जाए उसको अकेला छोड़ दिया जाएगा ना उससे बातचीत कम कर ली वह अपने मन के विचार अंदर ही अंदर कहां से दबा के रखा कहीं बताएं किस देश में बड़ा बनता है तो उसमें उस सड़क फोबिया के लक्ष्मण माने ना उसके लिए दिक्कत होते हैं तेरे को स्वस्थ मनुष्य की श्रेणी में नहीं ना राय का किसी भय के कारण असफल व्यक्ति की श्रेणियां तो इसीलिए बच्चों की मम्मी को समझना उनको पूरे कहा जाए उस अकॉर्डिंग समझाना उनकी परेशानी को सुन कर क्योंकि बच्चा जब शुरू में किसी के दबाव में रायपुर में जाए तो वह सेक्स ओपनली भी नहीं होगा अंदर से स्टार्ट भी कहां से जल्दी नहीं होती यह जा सकता है कि भी उसको ठीक करने में अब टाइम लगेगा उसका जवाब चाहते हैं किसी से बात करें किसी पर कब आए अगर बार बार यार की करो उसका बयान दिया तो वह फिरना

baal manovikruti kya hai baal nikaala jaaye ki balak ki mano vikriti kaisi hai toh dekhe baal ka jaha se toh bacche ki bacche baithe the wahi bacche ki kaha jaaye aage jaakar ek bade ki manovriti banti hai kyonki jis tarah hum bacche ko bachpan me daalte hain aap pyar se palate hain chahen aap pyar se pandey dot ke pehle hi jaise bhi aap us tarah uske saath vyavhar kare khana tu wahi manovikruti kaha jaaye aage ja jaakar uski ek ko kaha jaaye mansik sthiti banti hai ab support dekha jaaye kai bacche aise hote hain jinhen hota hai dar hota hai kisi se baat karte hue darte hain na aaye tarah se kaha jaiye phobia hota hai jaise ki baat karne me hichakichahat dar pata nahi vaah kya kahega hai na kisi cheez ko chu lene ka dar hai na toh kai bacche is tarah ke reaction kar tan kai bacche toh mast rahein kisi bacche ko agar aap adhik bachchan me daraya jaaye usko dra dra kar rakha jaaye manane ke bacche kaha se bacche toh bacche kehte hain bacche shaitaniyan bhi karenge galtiya bhi karenge aur tune kis tarah se samjhaya jaaye magar agar kisi bacche ko atyadhik daraya ja raha hai usko apna jeevan nahi ji ne diya ja raha hai ki har waqt usko danta ja raha hai na vaah mauj masti nahi kar raha aur frendon ke touch me nahi aa raha khel Tania dar ke maare akela hi akela rehne diya jaaye usko akela chhod diya jaega na usse batchit kam kar li vaah apne man ke vichar andar hi andar kaha se daba ke rakha kahin bataye kis desh me bada banta hai toh usme us sadak phobia ke lakshman maane na uske liye dikkat hote hain tere ko swasth manushya ki shreni me nahi na rai ka kisi bhay ke karan asafal vyakti ki shreniyan toh isliye baccho ki mummy ko samajhna unko poore kaha jaaye us according samajhana unki pareshani ko sun kar kyonki baccha jab shuru me kisi ke dabaav me raipur me jaaye toh vaah sex openly bhi nahi hoga andar se start bhi kaha se jaldi nahi hoti yah ja sakta hai ki bhi usko theek karne me ab time lagega uska jawab chahte hain kisi se baat kare kisi par kab aaye agar baar baar yaar ki karo uska bayan diya toh vaah phirna

बाल मनोविकृति क्या है बाल निकाला जाए कि बालक की मनो विकृति कैसी है तो देखे बाल का जहां से

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