क्या 1 ही चीज़ का ध्यान बार बार करना गलत है या सही?...


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Sanjay Kumar Yadav

Career Counsellor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सम्मानित से श्रोता गणों को संजय कुमार का नमस्कार आप ने प्रश्न किया है क्या एक ही चीज का ध्यान बार-बार करना गलत है या सही देखिए इसके हम यह आपसे कहना चाहेंगे कि आप ध्यान किस तरह के चीजों पर कर रहे हैं ध्यान का आप का विषय क्या है ध्यान का विषय यदि आपका किसी चीज किसी टारगेट पर है किसी टारगेट पर आपने ध्यान किया है किसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपने ध्यान कर रहे हैं और बार-बार आपका दिमाग उस पर जा रहा है तो यह तो अच्छी बात है कि आपने जिस काम को जिस कार्य को आप करना चाहते हैं उस पर ही आपका टोटल इंडिकेट इंडिकेशन है टोटल आप उसी पर उसी विषय पर आप बार-बार चिंतन कर रहे हैं आपका चिंतन ध्यान ही चिंतन है चिंतन ही ध्यान है तो यह तो अच्छी बात है और अगर आप किसी गलत टॉपिक पर आपका ध्यान है और आप गलत टॉपिक पर बार-बार आपका ध्यान जा रहा है तो इस आदत को आप छोड़ दें और ऐसी कोई आदत नहीं है जो थोड़ी ना लेकिन अगर आप भोपाल कार्य विशेष के प्रति है और बार-बार ध्यान उस पर आपका जा रहा है तो इसके लिए तो बहुत ही अच्छी बात है और उससे आपको भूख भी नहीं होना चाहिए आपको बार-बार उस वक्त पर चिंतन करते रहना चाहिए तो नमस्कार आज का दिन आपका शुभ हो

sammanit se shrota ganon ko sanjay kumar ka namaskar aap ne prashna kiya hai kya ek hi cheez ka dhyan baar baar karna galat hai ya sahi dekhiye iske hum yah aapse kehna chahenge ki aap dhyan kis tarah ke chijon par kar rahe hain dhyan ka aap ka vishay kya hai dhyan ka vishay yadi aapka kisi cheez kisi target par hai kisi target par aapne dhyan kiya hai kisi lakshya ko prapt karne ke liye apne dhyan kar rahe hain aur baar baar aapka dimag us par ja raha hai toh yah toh achi baat hai ki aapne jis kaam ko jis karya ko aap karna chahte hain us par hi aapka total indicate indication hai total aap usi par usi vishay par aap baar baar chintan kar rahe hain aapka chintan dhyan hi chintan hai chintan hi dhyan hai toh yah toh achi baat hai aur agar aap kisi galat topic par aapka dhyan hai aur aap galat topic par baar baar aapka dhyan ja raha hai toh is aadat ko aap chhod de aur aisi koi aadat nahi hai jo thodi na lekin agar aap bhopal karya vishesh ke prati hai aur baar baar dhyan us par aapka ja raha hai toh iske liye toh bahut hi achi baat hai aur usse aapko bhukh bhi nahi hona chahiye aapko baar baar us waqt par chintan karte rehna chahiye toh namaskar aaj ka din aapka shubha ho

सम्मानित से श्रोता गणों को संजय कुमार का नमस्कार आप ने प्रश्न किया है क्या एक ही चीज का ध्

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

12195 मारवाड़ करना गलत है या नहीं अगर वह चीज कल्याणकारी है आष्टा मंडी पंचायत का परिचय देने वाली है और निश्चय इंसान को का सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है कॉस्ट शीट को क्या उसका ध्यान करना कदाचित गलत नहीं है बल्कि उसे अभ्यास करना कहेंगे ध्यान करना भी अभ्यास करना है तब इंसान उसमें निपुण होता है और अगर आदमी किसी बुराइयों में लिप्त है अच्छे बुरे कर्मी उसे आनंद की प्राप्ति हो रही है वह शतक से हटकर उसी जिम में खून आना है बार-बार क्रिया सैन्य अभ्यास करना अच्छी बात है लेकिन अच्छे चीजों का अभ्यास अच्छा परिणाम देता पॉलिसी योगाभ्यास पूरा प्रणाम

12195 marwad karna galat hai ya nahi agar vaah cheez kalyaankari hai aasta mandi panchayat ka parichay dene wali hai aur nishchay insaan ko ka safalta ka marg prashast karti hai cost sheet ko kya uska dhyan karna kadachit galat nahi hai balki use abhyas karna kahenge dhyan karna bhi abhyas karna hai tab insaan usme nipun hota hai aur agar aadmi kisi buraiyon me lipt hai acche bure karmi use anand ki prapti ho rahi hai vaah shatak se hatakar usi gym me khoon aana hai baar baar kriya sainya abhyas karna achi baat hai lekin acche chijon ka abhyas accha parinam deta policy yogabhayas pura pranam

12195 मारवाड़ करना गलत है या नहीं अगर वह चीज कल्याणकारी है आष्टा मंडी पंचायत का परिचय द

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अनमोल मणी

योग शिक्षक

1:25
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे प्रिय मित्र आपने कहा है क्या एक ही चीज का ध्यान बार-बार करना गलत है या सही वह चीज है कौन सी अगर उससे हमें शक्ति प्राप्त हो रही है उससे हमारे मन को शांति मिल रही है तो उसका ध्यान करना उचित है लेकिन यदि उस चीज के ध्यान से यदि मैं दुखी हो रहा हूं कमजोर हो रहा हूं परेशान हो तो उस चीज का ध्यान करना वैसे तो इस संसार में सबसे सुंदर सबसे बेहतर सिर्फ एक निराकार ज्योति स्वरूप परमपिता परमात्मा जो कि परमधाम में अति सूक्ष्म बिंदु रूप में विराजमान है वह है सूक्ष्म आकार में है सूक्ष्म लेकिन गुणों में सिंधु है आकार में बिंदु है लेकिन गुणों में और शक्तियों में सिंधु के समान है इसलिए उनकी जान पहचान हु कर रख कर और उनका ध्यान करें तो सबसे बेहतर है और उनके ध्यान करने के लिए हम आपको इस ज्ञान के माध्यम से वहां तक पहुंचाने के लिए आपकी सेवा में हम सदा तत्पर है आप हमें फोन कर सकते हैं 98271 41207 और यूट्यूब पर हमारा चैनल भी देख सकते हैं अनमोल मणि के नाम से ए एम ए मोबाइल स्पेस और एम ए एन आई ओके शुक्रिया

mere priya mitra aapne kaha hai kya ek hi cheez ka dhyan baar baar karna galat hai ya sahi vaah cheez hai kaun si agar usse hamein shakti prapt ho rahi hai usse hamare man ko shanti mil rahi hai toh uska dhyan karna uchit hai lekin yadi us cheez ke dhyan se yadi main dukhi ho raha hoon kamjor ho raha hoon pareshan ho toh us cheez ka dhyan karna waise toh is sansar me sabse sundar sabse behtar sirf ek nirakaar jyoti swaroop parampita paramatma jo ki paramadham me ati sukshm bindu roop me viraajamaan hai vaah hai sukshm aakaar me hai sukshm lekin gunon me sindhu hai aakaar me bindu hai lekin gunon me aur shaktiyon me sindhu ke saman hai isliye unki jaan pehchaan hoon kar rakh kar aur unka dhyan kare toh sabse behtar hai aur unke dhyan karne ke liye hum aapko is gyaan ke madhyam se wahan tak pahunchane ke liye aapki seva me hum sada tatpar hai aap hamein phone kar sakte hain 98271 41207 aur youtube par hamara channel bhi dekh sakte hain anmol mani ke naam se a M a mobile space aur M a N I ok shukriya

मेरे प्रिय मित्र आपने कहा है क्या एक ही चीज का ध्यान बार-बार करना गलत है या सही वह चीज है

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Yogacharya Aaditya

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप योग की दृष्टि से यदि पूछ रहे हैं तो युग में आपको ध्यान किसी वस्तु का यह किसी चीज का नहीं करना होता युग में तो बिना किसी आलंबन के आप ध्यान एकाग्र कर पाए इसकी प्रक्रिया का पालन करना होता है आपने किसी और एक बाहरी सहारे के ऊपर ध्यान केंद्रित करना है तो फिर वह ध्यान कैसे हुआ वह तो जस्ट को दृष्टि को स्थिर रखने जैसे आप अपना प्रयास व योग की दृष्टि से जो ध्यान है वह बिना किसी आलंबन बाहरी आंतरिक आलंबन के बिना हमें अपने आप को एकाग्र चित्त करना है अपने एकाग्रता को बढ़ाते जाना है तो उसी को योग की दृष्टि से ध्यान कहा जा सकता है ना की किसी चीज के ऊपर अपनी दृष्टि केंद्रित करना और उसको हम जानते नहीं अंतरिक्ष रूप से अपने आप पोस्टर बनाना अपने मन की चंचलता को कम करते जाना और एकाग्र चित्त होकर के शांत अवस्था में रहना ध्यान कहलाता है

aap yog ki drishti se yadi puch rahe hain toh yug me aapko dhyan kisi vastu ka yah kisi cheez ka nahi karna hota yug me toh bina kisi alamban ke aap dhyan ekagra kar paye iski prakriya ka palan karna hota hai aapne kisi aur ek bahri sahare ke upar dhyan kendrit karna hai toh phir vaah dhyan kaise hua vaah toh just ko drishti ko sthir rakhne jaise aap apna prayas va yog ki drishti se jo dhyan hai vaah bina kisi alamban bahri aantarik alamban ke bina hamein apne aap ko ekagra chitt karna hai apne ekagrata ko badhate jana hai toh usi ko yog ki drishti se dhyan kaha ja sakta hai na ki kisi cheez ke upar apni drishti kendrit karna aur usko hum jante nahi antariksh roop se apne aap poster banana apne man ki chanchalata ko kam karte jana aur ekagra chitt hokar ke shaant avastha me rehna dhyan kehlata hai

आप योग की दृष्टि से यदि पूछ रहे हैं तो युग में आपको ध्यान किसी वस्तु का यह किसी चीज का नही

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ashish yogi

Founder & Director - Meditation Magics

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एक ही चीज पर बार-बार ध्यान करना सही है गलत नहीं है और इसको धारणा कहते हैं एक ही विषय पर धारणा को स्थिर करना और वही धारण करके ध्यान में तब्दील हो जाती है तो यह विधान यदि कोई करता है तो वह ठीक है और उसका ब्याज भी करना चाहिए

ek hi cheez par baar baar dhyan karna sahi hai galat nahi hai aur isko dharana kehte hain ek hi vishay par dharana ko sthir karna aur wahi dharan karke dhyan me tabdil ho jaati hai toh yah vidhan yadi koi karta hai toh vaah theek hai aur uska byaj bhi karna chahiye

एक ही चीज पर बार-बार ध्यान करना सही है गलत नहीं है और इसको धारणा कहते हैं एक ही विषय पर धा

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Pankaj Sharma

Yoga Instructor

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हां अगर आप एक बार बात करते हैं तो आप जो पेपर में जा सकते हैं तो यह गलत है अगर आप एक बार बार बार बार बार बार

haan agar aap ek baar baat karte hain toh aap jo paper me ja sakte hain toh yah galat hai agar aap ek baar baar baar baar baar baar

हां अगर आप एक बार बात करते हैं तो आप जो पेपर में जा सकते हैं तो यह गलत है अगर आप एक बार बा

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Vikram Yog

Yoga Instructor

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ध्यान का अर्थ ही है किसी एक बिंदु में केंद्रित हो जाना या स्थिर हो जाना तो यहां पर आपका सवाल है कि क्या एक ही चीज का ध्यान बार-बार करना गलत है या सही तो बिल्कुल भी गलत नहीं है यदि हम किसी एक चीज का ध्यान कर रहे हैं परंतु आप किस चीज का ध्यान कर रही है यह महत्वपूर्ण है चयन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि आप ध्यान कर रहे हैं तो आपको ध्यान रहे कि आप उस ईस्ट उस परम शक्ति कहीं ध्यान करें जो जिसकी प्राप्ति से आपका जीवन कृतार्थ हो आप आत्मा स्वरुप को प्राप्त कर सके और उस परमात्मा स्वरूप में विलीन हो सके उस शक्ति को ही पाने का प्रयास ही आपके लिए चयनित होना चाहिए तो एक ही चीज का ध्यान गलत नहीं होगा वैसे हम ध्यान की बात करें तो तीन मुख्य विधि है स्थूल ध्यान सूक्ष्म ध्यान और ज्योति ध्यान आप इसमें से इन तीनों विधि से स्टेप वाइज बढ़ते बढ़ते आप अंतिम परमात्मा को प्राप्त करें तो इन तीनों विधि में जो आप को सर्वश्रेष्ठ लगे उस विधि को प्राप्त करें धन्यवाद

dhyan ka arth hi hai kisi ek bindu me kendrit ho jana ya sthir ho jana toh yahan par aapka sawaal hai ki kya ek hi cheez ka dhyan baar baar karna galat hai ya sahi toh bilkul bhi galat nahi hai yadi hum kisi ek cheez ka dhyan kar rahe hain parantu aap kis cheez ka dhyan kar rahi hai yah mahatvapurna hai chayan ki prakriya mahatvapurna hai kyonki yadi aap dhyan kar rahe hain toh aapko dhyan rahe ki aap us east us param shakti kahin dhyan kare jo jiski prapti se aapka jeevan kritarth ho aap aatma swarup ko prapt kar sake aur us paramatma swaroop me vileen ho sake us shakti ko hi paane ka prayas hi aapke liye chayanit hona chahiye toh ek hi cheez ka dhyan galat nahi hoga waise hum dhyan ki baat kare toh teen mukhya vidhi hai sthool dhyan sukshm dhyan aur jyoti dhyan aap isme se in tatvo vidhi se step wise badhte badhte aap antim paramatma ko prapt kare toh in tatvo vidhi me jo aap ko sarvashreshtha lage us vidhi ko prapt kare dhanyavad

ध्यान का अर्थ ही है किसी एक बिंदु में केंद्रित हो जाना या स्थिर हो जाना तो यहां पर आपका सव

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एक चीज का ध्यान बार बार करना अक्सर गलत है एक चीज का ध्यान हवा कर बार-बार करते हैं तो हमारा दिमाग की संतुलन उसके साथ खराब होते चलता है हमारा मन एवं मस्तिष्क में काफी दिक्कत आ सकता है और हमारी नींद खराब हो सकती है इसीलिए एक चीज का ध्यान बार बार ना करें तो बहुत अच्छा है

ek cheez ka dhyan baar baar karna aksar galat hai ek cheez ka dhyan hawa kar baar baar karte hain toh hamara dimag ki santulan uske saath kharab hote chalta hai hamara man evam mastishk me kaafi dikkat aa sakta hai aur hamari neend kharab ho sakti hai isliye ek cheez ka dhyan baar baar na kare toh bahut accha hai

एक चीज का ध्यान बार बार करना अक्सर गलत है एक चीज का ध्यान हवा कर बार-बार करते हैं तो हमारा

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Dhananjay Janardan Suryavanshi

Founder & Director - Yogeej Meditation

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ध्यान का मतलब किस चीज के ऊपर जब हम फोकस करते हैं तो उसे धारणा बोलते हैं दर्द आना चाहिए ध्यान में उसे परिवर्तन करते तो कोई भी चीज हो अगर हमें फोकस करना चाहिए फोकस होने के बाद वह धारणा क्या परिवर्तन ध्यान में हो जाता है और उसके बाद उसका साधक साधना सिद्धि जैसे बोलते त्रिपुटी अगर वह सब एक हो जाए तो उससे समाधि की तरफ जा सकते पीस ऑफ माइंड की तरफ जा सकते तो कोई भी चीज हो उसके ऊपर फोकस करना तो नितांत अनिवार्य है धारणा के लिए

dhyan ka matlab kis cheez ke upar jab hum focus karte hain toh use dharana bolte hain dard aana chahiye dhyan me use parivartan karte toh koi bhi cheez ho agar hamein focus karna chahiye focus hone ke baad vaah dharana kya parivartan dhyan me ho jata hai aur uske baad uska sadhak sadhna siddhi jaise bolte triputi agar vaah sab ek ho jaaye toh usse samadhi ki taraf ja sakte peace of mind ki taraf ja sakte toh koi bhi cheez ho uske upar focus karna toh nitant anivarya hai dharana ke liye

ध्यान का मतलब किस चीज के ऊपर जब हम फोकस करते हैं तो उसे धारणा बोलते हैं दर्द आना चाहिए ध्य

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Dr. Sarika Changulani

Founder & Director - Sarika's Touch Of Health

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है क्या एक ही चीज का ध्यान बर्बाद करना गलत है या सही है और अगर आप किसी चीज का ध्यान रखते हैं उसको अभी के अभी अपने मन से निकाल दे

hai kya ek hi cheez ka dhyan barbad karna galat hai ya sahi hai aur agar aap kisi cheez ka dhyan rakhte hain usko abhi ke abhi apne man se nikaal de

है क्या एक ही चीज का ध्यान बर्बाद करना गलत है या सही है और अगर आप किसी चीज का ध्यान रखते ह

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

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आपका क्वेश्चन है क्या एक ही चीज का ध्यान बार-बार करना सही है या गलत देखिए मैं स्टेशन का एक रूल है एक पद्धति है कि एक ही चीज को बार बार देखा जाता है और जितनी गहराइयों में आप देखेंगे उतना ही आप विचार सुन आपका मस्तिष्क होते जाएगा तनाव मुक्त होते जाएगा विचारों से मुक्त होते जाएंगे आप और आपका जो मानसिक के और जो क्रिया है तो काफी तेज होते जाएगी आपका स्मरण शक्ति काफी विकसित होते जाएगा आपको किसी भी काम को काफी ध्यान पूर्वक कर पाएंगे इसलिए वेकेशन का एक सिद्धांत है कि एक ही चीज को पुनः बार बार देखा जाता है और जितनी गहराइयों में आपकी आकर देखेंगे उतना ही आपको फायदे होंगे अगर आप उस चीज को बार बार और गहराइयों में देखेंगे तुम भी टेशन का कोई मतलब नहीं होता और उसका कोई फायदा नहीं देखेंगे आपका विचार बिल्कुल सरल सौम्य और दोष मुक्त होते जाएगा तो बार-बार देखना वेकेशन का एक सिद्धांत है सिद्धांत वही है केंद्र बिंदु चेंज किया जा सकता है कभी आपको आज्ञा चक्र पर कभी अनादि चक्र पर कभी अनाहत चक्र उस केंद्र बिंदु कुआं पूजन कर सकते हैं लेकिन आपका लक्ष्य वही होगा उसी चीज को बार बार देखना देखने की जो प्रक्रिया है उस सेम टू सेम होगी जगह परिवर्तन कर सकते हैं आप कभी अपने सांसों को देखना अनुभव करना कभी आज्ञा चक्र को कभी अनाहत चक्र को तभी आप अपने किसी शारीरिक अंग पर अपना ध्यान लगा सकते हैं लेकिन उस अंग पर ध्यान लगाना ही बहुत बड़ी बात नहीं है उसको काफी गहराइयों में जाकर देखना बड़ी बात है और उसको एक बार देखने से आप नहीं उसका अनुभव कर पाएंगे उसे बार-बार देखना पड़ेगा और काफी गहराई में जाकर देखना पड़ेगा तब जाकर उसका लक्ष्य आपको हासिल होगा उसका रिजल्ट आपको मिलेगा धन्यवाद

aapka question hai kya ek hi cheez ka dhyan baar baar karna sahi hai ya galat dekhiye main station ka ek rule hai ek paddhatee hai ki ek hi cheez ko baar baar dekha jata hai aur jitni gaharaiyon me aap dekhenge utana hi aap vichar sun aapka mastishk hote jaega tanaav mukt hote jaega vicharon se mukt hote jaenge aap aur aapka jo mansik ke aur jo kriya hai toh kaafi tez hote jayegi aapka smaran shakti kaafi viksit hote jaega aapko kisi bhi kaam ko kaafi dhyan purvak kar payenge isliye vacation ka ek siddhant hai ki ek hi cheez ko punh baar baar dekha jata hai aur jitni gaharaiyon me aapki aakar dekhenge utana hi aapko fayde honge agar aap us cheez ko baar baar aur gaharaiyon me dekhenge tum bhi teshan ka koi matlab nahi hota aur uska koi fayda nahi dekhenge aapka vichar bilkul saral saumya aur dosh mukt hote jaega toh baar baar dekhna vacation ka ek siddhant hai siddhant wahi hai kendra bindu change kiya ja sakta hai kabhi aapko aagya chakra par kabhi anadi chakra par kabhi ANAHATA chakra us kendra bindu kuan pujan kar sakte hain lekin aapka lakshya wahi hoga usi cheez ko baar baar dekhna dekhne ki jo prakriya hai us same to same hogi jagah parivartan kar sakte hain aap kabhi apne shanson ko dekhna anubhav karna kabhi aagya chakra ko kabhi ANAHATA chakra ko tabhi aap apne kisi sharirik ang par apna dhyan laga sakte hain lekin us ang par dhyan lagana hi bahut badi baat nahi hai usko kaafi gaharaiyon me jaakar dekhna badi baat hai aur usko ek baar dekhne se aap nahi uska anubhav kar payenge use baar baar dekhna padega aur kaafi gehrai me jaakar dekhna padega tab jaakar uska lakshya aapko hasil hoga uska result aapko milega dhanyavad

आपका क्वेश्चन है क्या एक ही चीज का ध्यान बार-बार करना सही है या गलत देखिए मैं स्टेशन का ए

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Ankit Laur

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपके लिए काम है अपने साथ सो की ओर ध्यान दीजिए तो आप हर रोज लेते ही हैं जब आप इनकी तरफ ध्यान तेल है तो फिर बताइएगा

aapke liye kaam hai apne saath so ki aur dhyan dijiye toh aap har roj lete hi hain jab aap inki taraf dhyan tel hai toh phir bataiega

आपके लिए काम है अपने साथ सो की ओर ध्यान दीजिए तो आप हर रोज लेते ही हैं जब आप इनकी तरफ ध्या

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Sam Yoga

Health and Fitness Expert

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Umesh Bandoliya

Yoga Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक ही चीज का ध्यान करना कोई गलत बात नहीं है पर ध्यान भी आपका जो है उस टाइम पर लगने का जो तरीका होता है जान पर जवाब बैठते हैं तो उस टाइम पर विचार मन के अंदर में आते हो विचार यानी कि जो हमारी इच्छा है जो हमारे साथ में दिनभर की दिनभर की जो हम एक्टिविटी करते हैं या हमारे साथ में काम किसी से बातचीत करते हैं या हमारा कोई ऐसा काम होता है जो छोटा होता है या हम कुछ करने वाले अपने काम को सृजन यानी कि उसके बारे में आप सोचते हैं तो वह विचार जितने भी आपके मन मस्तिष्क में चलते रहते वह आते रहते हैं और क्रमवार तरीके से आते रहते हैं आप उनकी तरफ अगर ध्यान नहीं लगाएंगे तो वह जाते रहेंगे और उसके बाद एक एक के बाद एक एक के बाद एक का विचार मन में आते रहते हैं विचार एक के बाद एक आते पाप उनको क्या करेंगे उनकी तरफ ध्यान नहीं लगाएंगे छोड़ते रहेंगे छोड़ते रहेंगे कुछ समय बालेसर जाएगा कि आपका विचार आने का करम है वह सुनने हो जाएगा और आपको महसूस होगा जैसे कि आप कोई भी चिंता तनाव आपके मन मस्तिष्क में नहीं हो रहा शांत हो जाओगे और आपका ध्यान जिसमें भी आप लगा रहे हैं मन लग जाएगा तो यह ध्यान लगाने का अपना एक तरीका है और ऐसा नहीं किया आपने 1 दिन एक चित्र सोच दूसरे दिन उस पर ध्यान लगाएं यह तो हमारी अपनी जो अनुसरण करने की होती तकनीकी जी मैसेज देख करके ध्यान लगा लूंगा पर ध्यान करने बैठते हैं तो उस टाइम पर कुछ सेकंड के बाद में यह आपको कई सारे विचार मन के अंदर में आने लगते हो विचारों पर आपको ध्यान नहीं देना है और अपने को सिर्फ आगे चलाते रहना है मैं शरीर को पूरा उसमें एकत्र करके पूरा इंटरनल पावर के विचारों पर जो आ रहे हैं वहीं पर नहीं रुक जाना हमको छोड़ दे जाने और आपको ही महसूस करना कि मैं इस कार्य के लिए बैठा हूं उस पर करूं जाऊं जो मेरे गुरु है या जिनको मैं मानता हूं देवगन के ऊपर में अपना पूरा एक आकर्षित होकर के ध्यान को लगाओ

ek hi cheez ka dhyan karna koi galat baat nahi hai par dhyan bhi aapka jo hai us time par lagne ka jo tarika hota hai jaan par jawab baithate hain toh us time par vichar man ke andar me aate ho vichar yani ki jo hamari iccha hai jo hamare saath me dinbhar ki dinbhar ki jo hum activity karte hain ya hamare saath me kaam kisi se batchit karte hain ya hamara koi aisa kaam hota hai jo chota hota hai ya hum kuch karne waale apne kaam ko srijan yani ki uske bare me aap sochte hain toh vaah vichar jitne bhi aapke man mastishk me chalte rehte vaah aate rehte hain aur kramavar tarike se aate rehte hain aap unki taraf agar dhyan nahi lagayenge toh vaah jaate rahenge aur uske baad ek ek ke baad ek ek ke baad ek ka vichar man me aate rehte hain vichar ek ke baad ek aate paap unko kya karenge unki taraf dhyan nahi lagayenge chodte rahenge chodte rahenge kuch samay balesar jaega ki aapka vichar aane ka karam hai vaah sunne ho jaega aur aapko mehsus hoga jaise ki aap koi bhi chinta tanaav aapke man mastishk me nahi ho raha shaant ho jaoge aur aapka dhyan jisme bhi aap laga rahe hain man lag jaega toh yah dhyan lagane ka apna ek tarika hai aur aisa nahi kiya aapne 1 din ek chitra soch dusre din us par dhyan lagaye yah toh hamari apni jo anusaran karne ki hoti takniki ji massage dekh karke dhyan laga lunga par dhyan karne baithate hain toh us time par kuch second ke baad me yah aapko kai saare vichar man ke andar me aane lagte ho vicharon par aapko dhyan nahi dena hai aur apne ko sirf aage chalte rehna hai main sharir ko pura usme ekatarr karke pura internal power ke vicharon par jo aa rahe hain wahi par nahi ruk jana hamko chhod de jaane aur aapko hi mehsus karna ki main is karya ke liye baitha hoon us par karu jaaun jo mere guru hai ya jinako main maanta hoon devgan ke upar me apna pura ek aakarshit hokar ke dhyan ko lagao

एक ही चीज का ध्यान करना कोई गलत बात नहीं है पर ध्यान भी आपका जो है उस टाइम पर लगने का जो त

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Hemant Yadav

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या एक ही चीज का ध्यान बार-बार करना गलत है या सही जी देखिए अगर आप मेडिटेशन ध्यान से रिलेटेड आपका यह क्वेश्चन है कि एक ही चीज पर ध्यान करना कि आपकी जो साधना है वह एक ही फोकस पर जारी है पर ग्राम पर जैसे अगर हम कंसंट्रेटेड मेडिटेशन की बात करें तो वह चार प्रकार के होगा जैसे कि आप किसी रूप के ऊपर फॉर्म पर मेडिटेशन कर सकते हैं आप फॉर्म लिस्ट निराकार पर ध्यान लगा सकते हैं आप किसी मंत्र पर ध्यान लगा सकते हैं या अपने आप अपने स्वास्थ्य पर ध्यान रखें यह चार प्रकार के मूल कंसंट्रेट ध्यान है जिससे आपको ध्यान लगा सकते आप जिस तरीके से अगर आप इस चारों में से किसी एक चीज पर ही बार-बार ध्यान लगा रहे हैं तो वह एकदम सही है क्योंकि जब तक पर एग्जांपल अगर आप कोई मंत्र साधना कर रहे हैं तो जब तक आपने मंत्र साधना या मंत्र ध्यान पर आपकी मास ट्री नहीं हो गई है जब तक आपने उस पर हर तरह पकड़ नहीं बना लिए तब तक आप दूसरे पर नहीं जाओ जाए तो बेहतर है कभी-कभी बहुत स्ट्रैचिंग होता है तब आप रिलैक्स करने के लिए और कोई फॉर्म को यूज कर सकते हैं लेकिन अगर अभी तक आपकी मास्टर नहीं हुई है तो मेरी सलाह यही रहेगी कि एक ही चीज पर ध्यान कीजिए पहले उसको परफेक्ट बनाई है फिर आप दूसरी और बढ़ सकता है धन्यवाद

kya ek hi cheez ka dhyan baar baar karna galat hai ya sahi ji dekhiye agar aap meditation dhyan se related aapka yah question hai ki ek hi cheez par dhyan karna ki aapki jo sadhna hai vaah ek hi focus par jaari hai par gram par jaise agar hum kansantreted meditation ki baat kare toh vaah char prakar ke hoga jaise ki aap kisi roop ke upar form par meditation kar sakte hain aap form list nirakaar par dhyan laga sakte hain aap kisi mantra par dhyan laga sakte hain ya apne aap apne swasthya par dhyan rakhen yah char prakar ke mul concentrate dhyan hai jisse aapko dhyan laga sakte aap jis tarike se agar aap is charo me se kisi ek cheez par hi baar baar dhyan laga rahe hain toh vaah ekdam sahi hai kyonki jab tak par example agar aap koi mantra sadhna kar rahe hain toh jab tak aapne mantra sadhna ya mantra dhyan par aapki mass tree nahi ho gayi hai jab tak aapne us par har tarah pakad nahi bana liye tab tak aap dusre par nahi jao jaaye toh behtar hai kabhi kabhi bahut straiching hota hai tab aap relax karne ke liye aur koi form ko use kar sakte hain lekin agar abhi tak aapki master nahi hui hai toh meri salah yahi rahegi ki ek hi cheez par dhyan kijiye pehle usko perfect banai hai phir aap dusri aur badh sakta hai dhanyavad

क्या एक ही चीज का ध्यान बार-बार करना गलत है या सही जी देखिए अगर आप मेडिटेशन ध्यान से रिले

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Yogi Satendra

Yoga Expert & International Coach | Yoga Therapist | Life Coach | Health & Fitness Consultant

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार मैं हूं योगी सत्येंद्र आपका बहुत-बहुत स्वागत है एक प्रश्न आया हुआ है क्या एक ही चीज का ध्यान बार-बार करना गलत है या सही है तो मैं आपको बताना चाहूंगा कि अगर आप ध्यान कर रहे हैं और लगातार ध्यान कर रहे हैं तो मैं आपको सजेस्ट करूंगा कि आप एक ही चीज पर ध्यान करें अलग-अलग टाइम पर अलग-अलग दिन पर अलग-अलग ध्यान अगर करेंगे तो ध्यान कभी भी आप अच्छी तरह से नहीं कर पाएंगे वह सक्सेज आपको नहीं मिल पाएगी जिसके लिए आप इतना टाइम इन रेस्ट कर रहे हैं अपने ऊपर ध्यान लगाने के लिए आप किसी एक बिंदु पर किसी भी एक पॉइंट पर ध्यान लगाइए अपने किसी इष्ट देवता प्रधान लगाइए आप उगते हुए सूरज पर ध्यान लगाइए और आप सबसे अच्छा अगर मैं आपको बताऊं कि ध्यान लगाने के लिए आप स्वास्थ्य पर ध्यान लगाएं स्वास्थ आप अंदर लेते हैं श्वास बाहर छोड़ते हैं लेकिन मेरा यह कहने का मतलब नहीं है कि दूसरे माध्यम से आप ध्यान नहीं लगा सकते आप सांसो पर ध्यान लगा सकते हैं और बहुत भी बहुत से ऐसे माध्यम है जिस पर हम किसी एक बिंदु पर ध्यान लगाते हैं सबसे बड़ी बात क्या है ध्यान का तात्पर्य क्या है आपको पता होना चाहिए कि ध्यान है क्या ध्यान का तात्पर्य है चिंतन को एक ही प्रवाह में बहने देना उससे अस्त-व्यस्त उड़ानों से भटकने से रोक ना किसी एक ही पर कुछ समय विचार करना अब आप समझ गए होंगे कि किसी एक ही लक्ष्य पर कुछ समय विचार करना किसी एक पॉइंट पर किसी एक लक्ष्य पर आपको कुछ समय के लिए विचार करना पड़ेगा एक ही पॉइंट पर आपको ध्यान लगाना पड़ेगा नियत विषय में अधिकाधिक मने युग के साथ जुट जाना 10 में हो जाना सारी सूट खुद बुलाकर उसी में निगमन हो जाना ध्यान है उसी में खो जाना उसी में in-wall हो जाना ही ध्यान है किसी एक बिंदु पर अगर आप ध्यान कर रहे हैं तो बहुत सारी चीजों का ध्यान रखिए आप किसी ऐसे स्थान का चयन करिए जो बिल्कुल शांत जगह हो जहां पर आप ध्यान आराम से कर पाए कोई जीत ना पाए कोई डिस्टरबेंस ना हो पाए आपके ध्यान पर जो हमेशा ध्यान रखिए आप आप किसी भी आप अक्षत में कर सकते हैं ध्यान आप अपने कमरे में कर सकते हैं लेकिन अगर आप मैं आपको सही सलाह दूंगा कि अगर आप सुबह के वक्त पर ध्यान करते हैं यानी कि 5:00 बजे 4:30 बजे 5:00 बजे तो आपको बहुत शांति मिलेगी क्योंकि उस समय बहुत सारी जनता 99% लोग सोते हुए ही रहते हैं उस समय पर इसलिए बहुत शांति होती है कोई ट्रैफिक नहीं होता है कोई किसी तरह का शोरगुल नहीं होता है वातावरण बहुत ही शांत होत सुबह का जवाब होता है 6:00 बजे की 4:00 से 6:00 के बीच का जो टाइम होता है और किसी तरह के डिस्टरबेंस नहीं होती है वातावरण में और बहुत सारी प्राण तत्व प्राण ऊर्जा हमारे वातावरण में प्रवाहित होती रहती है उस समय पर ब्रह्म मुहूर्त पर क्या होता है हर चीज का एक टाइम होता है अगर आप सुबह के टाइम पर ध्यान लगाते तो आपका जो बेनिफिट है ध्यान का वह कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है जब आप ध्यान को किसी आप ब्रह्म मुहूर्त के समय का ध्यान का ध्यान दें कि 24 घंटे में कभी भी किसी विषय पर लगा सकते हैं लेकिन अगर सुबह का किया हुआ ध्यान सुबह का किया हुआ योगाभ्यास ब्रह्म मुहूर्त पर किया हुआ प्राणायाम योगाभ्यास ध्यान आपको कई गुना ज्यादा आपको लाभ देगा अगर विश्वास ना हो तो आप करके देख लीजिए आप मेरे कहने से मुझे बहुत सालों का एक्सपीरियंस हो रहा है योग के फील्ड में बहुत सारा है मेरा नेशनल और इंटरनेशनल सेमिनार सौसरी वर्कशॉप सीटीस्नेत आया हूं बहुत परसों से और बहुत सारे लोगों का जीवन में चेंज करवाया योग के द्वारा बहुत सारे लोगों ने मुझसे कांटेक्ट किया बहुत सारे लोग मेरे संपर्क में आए तो मैंने उनको सही तरीका बताओ आप आप लोग तो कर रहे हो आप एक घंटा दिल्ली मिस कर रहे हो लेकिन आप आप का टाइमिंग क्या है आप कुछ लोग शाम को कर रहे हैं कुछ लोग 7:00 बजे नींद खुलती है तो करते हैं 8:00 बजे नींद खुलती है तो युग कर दे कुछ तो 9:00 बजे नींद खुलती है तो योग करते हैं तू मेरा यह कहना कि अगर आप इन्वेस्ट कर ही रहे हो टाइम आप दे रहे हो आपका इंवॉल्वमेंट क्योंकि तरफ है ध्यान की तरह है तो आप ब्रहम मुहूर्त पर ध्यान करिए आप को अधिकाधिक अनेकानेक लाभ होंगे जिससे आप आज से चकित रह जाएंगे आपको अगर विश्वास ना हो तो मेरे कहने पर आप मात्र 15 दिन लिए आप ब्रह्म मुहूर्त पर उठकर सुबह 4:00 से 3:40 सुबह 3:40 से सुबह 6:00 तक या फिर सूर्योदय के पहले तक का जो टाइम होता है पहले क्यों निकलती है उसके पहले तक का टाइम ब्रह्म मुहूर्त का माना गया है तो आप ब्रह्म मुहूर्त पर जवाब ध्यान कर लगाते हैं शांत चित्त होकर के और जब प्राण तत्व आपके शरीर में प्रवाहित होता रहता है रोम छिद्र के द्वारा आपके शरीर में प्रवेश करता है उस समय जवाब ध्यान लगाते हैं तो आपको आध्यात्मिक ऊर्जा भी मिलती है और शारीरिक ऊर्जा भी मिलती है और बहुत-बहुत आपको लाभ प्राप्त होता है आपको डिवाइन आपको अलौकिक शक्तियां आपको प्रदान ब्रह्मांड और जो नीचे है वह आपको करती है तो आप अगर आप ध्यान लगाते हैं तो मेरे कहने पर आप ब्रह्म मुहूर्त पर ध्यान लगाएं और आप 15 दिन का एक एक्सपेरिमेंट करिए ए प्रयोग करिए और आपको आश्चर्य होगा कि 15 दिन में आपका जीवन कितना परिवर्तन हो चुका है ध्यान के द्वारा आशा है आप मेरे उत्तर से संतुष्ट होंगे तो आप समझ गए होंगे कि एक ही चीज पर ध्यान लगाना चाहिए अब मैं फिर उसी बिंदु पर वापस आता हूं कि आप कभी भी अपने लक कोचीन न करें ध्यान लगाते समय आप किसी एक बिंदु को पकड़ ले और उसी पर ध्यान केंद्रित करें उसी पर ध्यान केंद्रित करें लगातार लगातार लगातार और आपको सफलता मिलनी तय है जब आप किसी एक बिंदु पर ध्यान लगाते हैं अब बार-बार अगर आप भटक जाएंगे बार-बार आप ध्यान चेंज करेंगे तो आप कहीं आप टाइम भी दे रहे हैं टाइम मिस कर रहे हो आप पता चला आपको जिस परपस के लिए आपने ध्यान किया था लगाया था या आपने जो योग साधना की थी वह आपकी किसी काम की नहीं होगी तो आशा है आप मेरे उत्तर से प्रसन्न होंगे और आप बहुत कुछ आपने सीखा होगा तो आप 15 दिन के लिए मेरे कहने पर प्रयोग करें ध्यान का ब्रह्म और पर फिर उसका आप लाभ उठाएं देखें कि आपके जीवन में क्या चमत्कार होता है और अधिक जानकारी चाहिए ध्यान के संबंध में योग के संबंध में प्राणायाम के संबंध में तो आप मुझे कॉल कर सकते हैं व्हाट्सएप कर सकते हैं मुझे ईमेल भी कर सकते हैं बहुत-बहुत धन्यवाद नमस्ते

namaskar main hoon yogi satyendra aapka bahut bahut swaagat hai ek prashna aaya hua hai kya ek hi cheez ka dhyan baar baar karna galat hai ya sahi hai toh main aapko batana chahunga ki agar aap dhyan kar rahe hain aur lagatar dhyan kar rahe hain toh main aapko suggest karunga ki aap ek hi cheez par dhyan kare alag alag time par alag alag din par alag alag dhyan agar karenge toh dhyan kabhi bhi aap achi tarah se nahi kar payenge vaah succsej aapko nahi mil payegi jiske liye aap itna time in rest kar rahe hain apne upar dhyan lagane ke liye aap kisi ek bindu par kisi bhi ek point par dhyan lagaaiye apne kisi isht devta pradhan lagaaiye aap ugate hue suraj par dhyan lagaaiye aur aap sabse accha agar main aapko bataun ki dhyan lagane ke liye aap swasthya par dhyan lagaye swaasth aap andar lete hain swas bahar chodte hain lekin mera yah kehne ka matlab nahi hai ki dusre madhyam se aap dhyan nahi laga sakte aap saanso par dhyan laga sakte hain aur bahut bhi bahut se aise madhyam hai jis par hum kisi ek bindu par dhyan lagate hain sabse badi baat kya hai dhyan ka tatparya kya hai aapko pata hona chahiye ki dhyan hai kya dhyan ka tatparya hai chintan ko ek hi pravah me behne dena usse ast vyast udaanon se bhatakne se rok na kisi ek hi par kuch samay vichar karna ab aap samajh gaye honge ki kisi ek hi lakshya par kuch samay vichar karna kisi ek point par kisi ek lakshya par aapko kuch samay ke liye vichar karna padega ek hi point par aapko dhyan lagana padega niyat vishay me adhikadhik mane yug ke saath jut jana 10 me ho jana saari suit khud bulakar usi me nigaman ho jana dhyan hai usi me kho jana usi me in wall ho jana hi dhyan hai kisi ek bindu par agar aap dhyan kar rahe hain toh bahut saari chijon ka dhyan rakhiye aap kisi aise sthan ka chayan kariye jo bilkul shaant jagah ho jaha par aap dhyan aaram se kar paye koi jeet na paye koi distarabens na ho paye aapke dhyan par jo hamesha dhyan rakhiye aap aap kisi bhi aap akshat me kar sakte hain dhyan aap apne kamre me kar sakte hain lekin agar aap main aapko sahi salah dunga ki agar aap subah ke waqt par dhyan karte hain yani ki 5 00 baje 4 30 baje 5 00 baje toh aapko bahut shanti milegi kyonki us samay bahut saari janta 99 log sote hue hi rehte hain us samay par isliye bahut shanti hoti hai koi traffic nahi hota hai koi kisi tarah ka shoragul nahi hota hai vatavaran bahut hi shaant hot subah ka jawab hota hai 6 00 baje ki 4 00 se 6 00 ke beech ka jo time hota hai aur kisi tarah ke distarabens nahi hoti hai vatavaran me aur bahut saari praan tatva praan urja hamare vatavaran me pravahit hoti rehti hai us samay par Brahma muhurt par kya hota hai har cheez ka ek time hota hai agar aap subah ke time par dhyan lagate toh aapka jo benefit hai dhyan ka vaah kai guna zyada badh jata hai jab aap dhyan ko kisi aap Brahma muhurt ke samay ka dhyan ka dhyan de ki 24 ghante me kabhi bhi kisi vishay par laga sakte hain lekin agar subah ka kiya hua dhyan subah ka kiya hua yogabhayas Brahma muhurt par kiya hua pranayaam yogabhayas dhyan aapko kai guna zyada aapko labh dega agar vishwas na ho toh aap karke dekh lijiye aap mere kehne se mujhe bahut salon ka experience ho raha hai yog ke field me bahut saara hai mera national aur international seminar sausri workshop sitisnet aaya hoon bahut parso se aur bahut saare logo ka jeevan me change karvaya yog ke dwara bahut saare logo ne mujhse Contact kiya bahut saare log mere sampark me aaye toh maine unko sahi tarika batao aap aap log toh kar rahe ho aap ek ghanta delhi miss kar rahe ho lekin aap aap ka timing kya hai aap kuch log shaam ko kar rahe hain kuch log 7 00 baje neend khulti hai toh karte hain 8 00 baje neend khulti hai toh yug kar de kuch toh 9 00 baje neend khulti hai toh yog karte hain tu mera yah kehna ki agar aap invest kar hi rahe ho time aap de rahe ho aapka invalwament kyonki taraf hai dhyan ki tarah hai toh aap braham muhurt par dhyan kariye aap ko adhikadhik anekanek labh honge jisse aap aaj se chakit reh jaenge aapko agar vishwas na ho toh mere kehne par aap matra 15 din liye aap Brahma muhurt par uthakar subah 4 00 se 3 40 subah 3 40 se subah 6 00 tak ya phir suryoday ke pehle tak ka jo time hota hai pehle kyon nikalti hai uske pehle tak ka time Brahma muhurt ka mana gaya hai toh aap Brahma muhurt par jawab dhyan kar lagate hain shaant chitt hokar ke aur jab praan tatva aapke sharir me pravahit hota rehta hai roam chhidra ke dwara aapke sharir me pravesh karta hai us samay jawab dhyan lagate hain toh aapko aadhyatmik urja bhi milti hai aur sharirik urja bhi milti hai aur bahut bahut aapko labh prapt hota hai aapko divine aapko alaukik shaktiyan aapko pradan brahmaand aur jo niche hai vaah aapko karti hai toh aap agar aap dhyan lagate hain toh mere kehne par aap Brahma muhurt par dhyan lagaye aur aap 15 din ka ek experiment kariye a prayog kariye aur aapko aashcharya hoga ki 15 din me aapka jeevan kitna parivartan ho chuka hai dhyan ke dwara asha hai aap mere uttar se santusht honge toh aap samajh gaye honge ki ek hi cheez par dhyan lagana chahiye ab main phir usi bindu par wapas aata hoon ki aap kabhi bhi apne luck cochin na kare dhyan lagate samay aap kisi ek bindu ko pakad le aur usi par dhyan kendrit kare usi par dhyan kendrit kare lagatar lagatar lagatar aur aapko safalta milani tay hai jab aap kisi ek bindu par dhyan lagate hain ab baar baar agar aap bhatak jaenge baar baar aap dhyan change karenge toh aap kahin aap time bhi de rahe hain time miss kar rahe ho aap pata chala aapko jis parpas ke liye aapne dhyan kiya tha lagaya tha ya aapne jo yog sadhna ki thi vaah aapki kisi kaam ki nahi hogi toh asha hai aap mere uttar se prasann honge aur aap bahut kuch aapne seekha hoga toh aap 15 din ke liye mere kehne par prayog kare dhyan ka Brahma aur par phir uska aap labh uthaye dekhen ki aapke jeevan me kya chamatkar hota hai aur adhik jaankari chahiye dhyan ke sambandh me yog ke sambandh me pranayaam ke sambandh me toh aap mujhe call kar sakte hain whatsapp kar sakte hain mujhe email bhi kar sakte hain bahut bahut dhanyavad namaste

नमस्कार मैं हूं योगी सत्येंद्र आपका बहुत-बहुत स्वागत है एक प्रश्न आया हुआ है क्या एक ही ची

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Neera Singh

Asst. Prof / Yoga Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हरिओम फ्रेंड ध्यान का अर्थ ही होता है एक बिंदु पर एकाग्र हो जाना अपने मन को किसी एक बिंदु पर केंद्रित कर देना परंतु यदि आप सामान्य जीवन के बारे में यह बात पूछ रहे हैं तो किसी एक ही बात का बार-बार ध्यान करना एक ही वस्तु पर बार-बार ध्यान करना गलत हो सकता है क्योंकि इससे आपका माइंड डिस्ट्रिक्ट हो सकता है मन और बुद्धि में कई प्रकार के विकार उत्पन्न हो सकते हैं परंतु यदि आपका प्रश्न योगिक क्रियाओं के तरफ है योग में ध्यान की तरफ से तो डेफिनेटली बार-बार ही एक वस्तु पर ध्यान कर सकते हैं हां इसमें चयन की प्रक्रिया अति महत्वपूर्ण होती है आप अपने इस पर यदि ध्यान लगाते हैं कि यह सबसे उत्तम तरीका है ध्यान लगाने का वैसे तो ध्यान के कई प्रकार हैं पर मुख्यतः स्कूल ध्यान सूक्ष्मा ध्यान और ज्योति ध्यान प्रमुख विधियों में आता है इसमें जो भी विधि में आसानी से ध्यान एकाग्र कर सके आप उस पद्धति का चुनाव कर सकते हैं हरि ओम

hariom friend dhyan ka arth hi hota hai ek bindu par ekagra ho jana apne man ko kisi ek bindu par kendrit kar dena parantu yadi aap samanya jeevan ke bare me yah baat puch rahe hain toh kisi ek hi baat ka baar baar dhyan karna ek hi vastu par baar baar dhyan karna galat ho sakta hai kyonki isse aapka mind district ho sakta hai man aur buddhi me kai prakar ke vikar utpann ho sakte hain parantu yadi aapka prashna yogic kriyaon ke taraf hai yog me dhyan ki taraf se toh definetli baar baar hi ek vastu par dhyan kar sakte hain haan isme chayan ki prakriya ati mahatvapurna hoti hai aap apne is par yadi dhyan lagate hain ki yah sabse uttam tarika hai dhyan lagane ka waise toh dhyan ke kai prakar hain par mukhyata school dhyan sukshma dhyan aur jyoti dhyan pramukh vidhiyon me aata hai isme jo bhi vidhi me aasani se dhyan ekagra kar sake aap us paddhatee ka chunav kar sakte hain hari om

हरिओम फ्रेंड ध्यान का अर्थ ही होता है एक बिंदु पर एकाग्र हो जाना अपने मन को किसी एक बिंदु

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए आपका सबसे अच्छा प्रश्न है क्या एक ही चीज का ध्यान बार बार करना गलत है या सही है यह बिल्कुल नहीं बिल्कुल गलत नहीं है आप कहो देखना है इसका उद्देश्य क्या है ध्यान से आप क्या हासिल करना चाहते हैं खुद से नहीं की है तो आप कोई भी एक चीज पर ध्यान बार बार इसमें कोई गलती नहीं है क्योंकि उसमें आपका ध्यान कर अच्छा से लगता है वह आपका पसंदीदा चीज होनी चाहिए चाहे भगवान के रूप में हो तो फोन करना है क्या कोई सिंपल हो अपने शरीर के अंदर कोई हिस्सा हो अपना एड्रेस सेंड करो आपका हार्ट सेंटर हो आपका साथ हो तो आपको जो अच्छा लगे उसमें अपना ध्यान लगा ध्यान का जो उद्देश्य है वह हासिल होनी चाहिए अगर आप सही तरह से ध्यान लगा पाते हैं तो जो ध्यान का जो मतलब है जिससे लिया लगा रही हूं वह हासिल आपको जरूर होता है तो इसलिए आपको कोई चुनने की जरूरत नहीं है क्या चीज ऑफ अलग अलग चीज छूने के लिए अलग-अलग सिंपल चुनेंगे तो किसी के मिला कोई कहते हैं साथ के पूरे ध्यान रखे आगे कोई कह सकते हैं बसंत विज्ञान लगाइए कोई कहते हैं ईश्वर ईश्वर में ध्यान लगाए कोई पैसे उनके नाम में ध्यान लगाए कोई कहते उनके ध्यान लगाए इसके बारे में सोचना जरूरी नहीं जरूरी है और किस में ज्यादा देर तक ध्यान लगा सकते हैं तो 1000 क्या होगा फायदा मिलता है मैंने

dekhiye aapka sabse accha prashna hai kya ek hi cheez ka dhyan baar baar karna galat hai ya sahi hai yah bilkul nahi bilkul galat nahi hai aap kaho dekhna hai iska uddeshya kya hai dhyan se aap kya hasil karna chahte hain khud se nahi ki hai toh aap koi bhi ek cheez par dhyan baar baar isme koi galti nahi hai kyonki usme aapka dhyan kar accha se lagta hai vaah aapka pasandida cheez honi chahiye chahen bhagwan ke roop me ho toh phone karna hai kya koi simple ho apne sharir ke andar koi hissa ho apna address send karo aapka heart center ho aapka saath ho toh aapko jo accha lage usme apna dhyan laga dhyan ka jo uddeshya hai vaah hasil honi chahiye agar aap sahi tarah se dhyan laga paate hain toh jo dhyan ka jo matlab hai jisse liya laga rahi hoon vaah hasil aapko zaroor hota hai toh isliye aapko koi chunane ki zarurat nahi hai kya cheez of alag alag cheez chune ke liye alag alag simple chunenge toh kisi ke mila koi kehte hain saath ke poore dhyan rakhe aage koi keh sakte hain basant vigyan lagaaiye koi kehte hain ishwar ishwar me dhyan lagaye koi paise unke naam me dhyan lagaye koi kehte unke dhyan lagaye iske bare me sochna zaroori nahi zaroori hai aur kis me zyada der tak dhyan laga sakte hain toh 1000 kya hoga fayda milta hai maine

देखिए आपका सबसे अच्छा प्रश्न है क्या एक ही चीज का ध्यान बार बार करना गलत है या सही है यह ब

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Gyanchand Soni

Yoga Instructor.

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ख्याल किसी भी वस्तु पर किया जा सकता है वैसे आपको सुविधा के लिए मैं बता दूं उन पर ध्यान किया हुआ सबसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है ओम शब्द पर या उनकी आकृति का ध्यान करना बहुत ही अच्छा माना जाता है स्वास्थ्य शुरू करना चाहिए सबसे पहले आती-जाती स्वास्थ्य को देखना चाहिए विश्वास देखते देखते हमारे विचार अंत होने लगे विचार जब रुक जाए तब हमें अभियान की स्थिति अब हम एक ही वस्तु पर ध्यान कर सकते हैं यह गलत नहीं है अगर हमारा एक ही वस्तु ध्यान एकाग्र चित्त हो जाए तो कोई दिक्कत नहीं है धन्यवाद

khayal kisi bhi vastu par kiya ja sakta hai waise aapko suvidha ke liye main bata doon un par dhyan kiya hua sabse sarvashreshtha mana jata hai om shabd par ya unki akriti ka dhyan karna bahut hi accha mana jata hai swasthya shuru karna chahiye sabse pehle aati jaati swasthya ko dekhna chahiye vishwas dekhte dekhte hamare vichar ant hone lage vichar jab ruk jaaye tab hamein abhiyan ki sthiti ab hum ek hi vastu par dhyan kar sakte hain yah galat nahi hai agar hamara ek hi vastu dhyan ekagra chitt ho jaaye toh koi dikkat nahi hai dhanyavad

ख्याल किसी भी वस्तु पर किया जा सकता है वैसे आपको सुविधा के लिए मैं बता दूं उन पर ध्यान किय

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Narendar Gupta

प्राकृतिक योगाथैरिपिस्ट एवं योगा शिक्षक,फीजीयोथैरीपिस्ट

0:54

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हां एक ही स्थान पर या एक ही चीज पर भी जान बार-बार कर सकते हैं और जब आप उसमें परफेक्ट हो जाए वे पूर्ण हो जाए तो फिर आप दूसरे चीज पर भी एक ध्यान लगा सकते हैं

haan ek hi sthan par ya ek hi cheez par bhi jaan baar baar kar sakte hain aur jab aap usme perfect ho jaaye ve purn ho jaaye toh phir aap dusre cheez par bhi ek dhyan laga sakte hain

हां एक ही स्थान पर या एक ही चीज पर भी जान बार-बार कर सकते हैं और जब आप उसमें परफेक्ट हो जा

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Rekha Sharma

Yoga Trainer

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हमें ध्यान एक ही चीज पर बार-बार ही करना चाहिए और सबसे पहले हमें ध्यान की प्रैक्टिस सांस से करनी चाहिए सांस पर ध्यान लगाना चाहिए अपनी सास को स्टार्टिंग में सास को आने और जाने की क्रिया को देखना चाहिए और उसके बाद फिर हम चक्र पर धीरे-धीरे ध्यान लगा सकते हैं

hamein dhyan ek hi cheez par baar baar hi karna chahiye aur sabse pehle hamein dhyan ki practice saans se karni chahiye saans par dhyan lagana chahiye apni saas ko starting me saas ko aane aur jaane ki kriya ko dekhna chahiye aur uske baad phir hum chakra par dhire dhire dhyan laga sakte hain

हमें ध्यान एक ही चीज पर बार-बार ही करना चाहिए और सबसे पहले हमें ध्यान की प्रैक्टिस सांस से

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योगाचार्य आदित्य कुमार

Yoga And Physical Trainer, Poat, Story Writer,

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एक ही चीज पर ध्यान करना गलत नहीं है क्योंकि आपकी धारणा शक्ति का विकास करता है धारणा शक्ति मिल की शुरुआत है योग सूत्र योग दर्शन का सूत्र है कि देशबंधु चित्र शद्धारणा की चित्र को बार-बार एक ही विषय में लगा देना धारणा कहलाता है तो स्वयं योग दर्शन स्टील का उपदेश दे रहे थे गलत कैसे हो सकता है दूसरा विश्व आकर्षण के सिद्धांत से समझ सकते हैं कि जिस जैसे ही आप किसी भी चीज को आकर्षित करने की कोशिश करते हैं तो आपको उसके विषय में बार बार सोचना होगा चिंतन करना होगा उसको सोचना होगा उस पर ध्यान लगाना होगा तो वह सोता हूं आप की ओर चल करके आ जाती है तो इसलिए बार-बार एक ही चीज पर का ध्यान करते रहे तो गलत नहीं है वह सही है आपको उससे फायदा ही होगा बशर्ते कि वह चीज सही हो

ek hi cheez par dhyan karna galat nahi hai kyonki aapki dharana shakti ka vikas karta hai dharana shakti mil ki shuruat hai yog sutra yog darshan ka sutra hai ki deshbandhu chitra shaddharana ki chitra ko baar baar ek hi vishay me laga dena dharana kehlata hai toh swayam yog darshan steel ka updesh de rahe the galat kaise ho sakta hai doosra vishwa aakarshan ke siddhant se samajh sakte hain ki jis jaise hi aap kisi bhi cheez ko aakarshit karne ki koshish karte hain toh aapko uske vishay me baar baar sochna hoga chintan karna hoga usko sochna hoga us par dhyan lagana hoga toh vaah sota hoon aap ki aur chal karke aa jaati hai toh isliye baar baar ek hi cheez par ka dhyan karte rahe toh galat nahi hai vaah sahi hai aapko usse fayda hi hoga basharte ki vaah cheez sahi ho

एक ही चीज पर ध्यान करना गलत नहीं है क्योंकि आपकी धारणा शक्ति का विकास करता है धारणा शक्ति

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Amit Singh

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने पूछा ही किसी का जीवन बर्बाद करना गलत है या सही नहीं तो यह डिपेंड करता हूं किस चीज की बात कर रही हो अगर आप अपनी मर्जी की बात कर रहे हैं तो तो सही है अगर आपसे मेडिटेशन की बात कर रहे हैं और आप जैसी भगवान का ध्यान या किसी का कर रहे तो सही से अगर आपको कुछ बता दिया शराब की लत आप उसका ध्यान पूर्वक कर रहे हैं आपको सिगरेट की लत है उसका फॉर्म भर भर कर में किसी व्यक्ति ने आपको रिश्ते में धोखा दे दिया उसका ध्यान ना बार-बार कर रहे तो वह गलत है वह सब कुछ है तो आपको फिर चीजों से ध्यान हटाना चाहिए कुछ ऐसा करना चाहिए आपस में कहीं और डाइवर्ट हो उस तरफ ना जाए आपका ध्यान किसी एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं क्या करना चाहिए तो पहले सबसे महंगी जाना पड़ेगा आप किस चीज की ध्यान के बारे में हम बात कर रहे हैं उसके बाद ही आपको एक प्रॉपर जॉन सलामू मिल पाएगा

aapne poocha hi kisi ka jeevan barbad karna galat hai ya sahi nahi toh yah depend karta hoon kis cheez ki baat kar rahi ho agar aap apni marji ki baat kar rahe hain toh toh sahi hai agar aapse meditation ki baat kar rahe hain aur aap jaisi bhagwan ka dhyan ya kisi ka kar rahe toh sahi se agar aapko kuch bata diya sharab ki lat aap uska dhyan purvak kar rahe hain aapko cigarette ki lat hai uska form bhar bhar kar me kisi vyakti ne aapko rishte me dhokha de diya uska dhyan na baar baar kar rahe toh vaah galat hai vaah sab kuch hai toh aapko phir chijon se dhyan hatana chahiye kuch aisa karna chahiye aapas me kahin aur Divert ho us taraf na jaaye aapka dhyan kisi expert ki salah le sakte hain kya karna chahiye toh pehle sabse mehengi jana padega aap kis cheez ki dhyan ke bare me hum baat kar rahe hain uske baad hi aapko ek proper john salamu mil payega

आपने पूछा ही किसी का जीवन बर्बाद करना गलत है या सही नहीं तो यह डिपेंड करता हूं किस चीज की

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YOGI NARESH SHARMA

YOGA & NATUROPATHY EXPERT

2:12

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Sanjeev Nautiyal Yogirar

Meditation Expert

2:50
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैंने आपको पहले भी बताया था कि एक नौसिखिया साइकिल चलाना चाहता है मगर वह बार-बार साइकिल से गिरता है चोट लगती है फिर भी वह साइकिल चलाना चाहता है फिर दोबारा वह गिरता है फिर उसे चोट लगती है फिर दोबारा हो साइकिल चलाता है अगर उसकी दिल की इच्छा हो रही है कि मैं सेकंड चलाना चाहता हूं या साइकिल चलाने की उसे इच्छा हो रही है तो वह कितना भी गिरता पड़ता रहे को गिनने पड़ने पर ध्यान नहीं देगा वह बल्कि अपने लक्ष्य की ओर उसका उसका ध्यान लक्ष्य की और रहेगा उसका ध्यान साइकिल चलाने के ऊपर रहेगा उसे तब खुशी मिलेगी जब वह बढ़िया तरीके से संतुलन में बैलेंस में जब वह साइकिल चलाएगा तो देखे उसे कितनी खुशी होगी यह घटना आप मैं भी घटित होती है जब भी आपको आप आप कुछ भी चीज सीखते हैं तो तुरंत वह चीज नहीं आती आपको बार-बार अभ्यास करना पड़ता है अब आपका प्रश्न है कि एक ही चीज एक ही चीज का ध्यान बार बार करना गलत है नहीं बार-बार करने से सुधार होता है हमें अपनी गलती का एहसास होता है हमें पता चलता है कि हां यहां पर यह चीज गलत गलत हो रही है ऐसा नहीं है एक ही चीज जब तक आप भूत ही सीखे नहीं जब तक आप को बहुत ही समझ में नहीं आई तो गलतियां होती रहेंगी बार-बार होती रहेंगी तो गलतियों से डरना नहीं है गलतियां गलतियां करना इंसान की फितरत है इंसान इंसान मर जाता है यानी इंसान एक कठपुतली है गलतियों का वह करता रहेगा गलती जब तक उसको समझ में नहीं आया यह एक प्रकार का प्राकृतिक चयन है जब तक हम गलती करते हमें पता नहीं चलता कि नई चीज क्या है तुरंत जो चीज मिल जाती है तो उस चीज की वैल्यू नहीं होती अगर आपको वैल्यू वैल्यू तभी मानी जाती है जब आप गलती करते हैं गलती का एहसास होता है फिर आप बार-बार उस चीज की तरफ ध्यान केंद्रित करते हैं वह चीज को चाहते हैं कि आप वह चीज प्राप्त कर पाए फिर भी आप से बार बार गलती होती है तो गलतियों से घबराना नहीं है गलतियां होती रहती है सबसे महत्वपूर्ण चीज बात है कि आप चाहते क्या हैं जो चीज चाहते हैं बस उसी पर ध्यान केंद्रित कीजिए यह यह यह गिरना उठना गिरना उतना लगा रहता है कोई बात धन्यवाद

maine aapko pehle bhi bataya tha ki ek nausikhiya cycle chalana chahta hai magar vaah baar baar cycle se girta hai chot lagti hai phir bhi vaah cycle chalana chahta hai phir dobara vaah girta hai phir use chot lagti hai phir dobara ho cycle chalata hai agar uski dil ki iccha ho rahi hai ki main second chalana chahta hoon ya cycle chalane ki use iccha ho rahi hai toh vaah kitna bhi girta padta rahe ko ginane padane par dhyan nahi dega vaah balki apne lakshya ki aur uska uska dhyan lakshya ki aur rahega uska dhyan cycle chalane ke upar rahega use tab khushi milegi jab vaah badhiya tarike se santulan me balance me jab vaah cycle chalayega toh dekhe use kitni khushi hogi yah ghatna aap main bhi ghatit hoti hai jab bhi aapko aap aap kuch bhi cheez sikhate hain toh turant vaah cheez nahi aati aapko baar baar abhyas karna padta hai ab aapka prashna hai ki ek hi cheez ek hi cheez ka dhyan baar baar karna galat hai nahi baar baar karne se sudhaar hota hai hamein apni galti ka ehsaas hota hai hamein pata chalta hai ki haan yahan par yah cheez galat galat ho rahi hai aisa nahi hai ek hi cheez jab tak aap bhoot hi sikhe nahi jab tak aap ko bahut hi samajh me nahi I toh galtiya hoti rahegi baar baar hoti rahegi toh galatiyon se darna nahi hai galtiya galtiya karna insaan ki phitarat hai insaan insaan mar jata hai yani insaan ek kathaputali hai galatiyon ka vaah karta rahega galti jab tak usko samajh me nahi aaya yah ek prakar ka prakirtik chayan hai jab tak hum galti karte hamein pata nahi chalta ki nayi cheez kya hai turant jo cheez mil jaati hai toh us cheez ki value nahi hoti agar aapko value value tabhi maani jaati hai jab aap galti karte hain galti ka ehsaas hota hai phir aap baar baar us cheez ki taraf dhyan kendrit karte hain vaah cheez ko chahte hain ki aap vaah cheez prapt kar paye phir bhi aap se baar baar galti hoti hai toh galatiyon se ghabrana nahi hai galtiya hoti rehti hai sabse mahatvapurna cheez baat hai ki aap chahte kya hain jo cheez chahte hain bus usi par dhyan kendrit kijiye yah yah yah girna uthna girna utana laga rehta hai koi baat dhanyavad

मैंने आपको पहले भी बताया था कि एक नौसिखिया साइकिल चलाना चाहता है मगर वह बार-बार साइकिल से

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Jitesh Chowdhury

Yoga Instructor

1:47
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार मैं जितेश चौधरी आपका सवाल है क्या एक ही चीज का ध्यान बार बार करना गलत है या सही है देखिए कौन सी चीज के ऊपर आप ध्यान रख रहे हैं इसके मायने रखते हैं जो धन का मतलब क्या है धन का मतलब है जो वस्तु और जो ध्यान कर रहे हैं वह व्यक्ति दोनों मिल जाना ना वस्तु रहेगा ना विकी रहेगा दोनों वस्तु जब एक दूसरे से घुल मिल जाता है तभी है धन कुत्ते को तान होता तू अगर आप ध्यान किस चीज के ऊपर कर रहे इस पर बहुत मायने रखता है अगर मान लीजिए आप किसी मूर्ति के ऊपर ध्यान रख रहा है मतलब अगर हम लोग इस चीज पर देखेंगे ब्रह्मा विष्णु महेश सर अगर शरीर में हम तो देश में अगर ध्यान लगाते हैं हीरो है पदों में अगर ध्यान लगाते हैं अगर चक्रों में ध्यान लगा दे अगर तो चक्कर में किसी ने ध्यान लगाते हैं तो हमारा चक्रवाढ एक्टिवेट होता है तो चक्कर एक्टिवेट होने से हमारा हम लोगों को फायदा है तो इसीलिए अगर आप ध्यान किस चीज के ऊपर लगा रहा है इसके ऊपर थोड़ा सा मायने रखते हैं तो इसीलिए गलत कोई भी चीज नहीं है ध्यान करना मन को शांति मिलता है ध्यान में हर टाइम कुछ ना कुछ आपको बेनिफिट मिलेगा इसमें कोई नुकसान नहीं है तो अगर बार-बार आप एक ही चीज में ध्यान लगाएंगे तो ऐसे कोई गलत नहीं है थैंक यू

namaskar main Jitesh choudhary aapka sawaal hai kya ek hi cheez ka dhyan baar baar karna galat hai ya sahi hai dekhiye kaun si cheez ke upar aap dhyan rakh rahe hain iske maayne rakhte hain jo dhan ka matlab kya hai dhan ka matlab hai jo vastu aur jo dhyan kar rahe hain vaah vyakti dono mil jana na vastu rahega na vicky rahega dono vastu jab ek dusre se ghul mil jata hai tabhi hai dhan kutte ko taan hota tu agar aap dhyan kis cheez ke upar kar rahe is par bahut maayne rakhta hai agar maan lijiye aap kisi murti ke upar dhyan rakh raha hai matlab agar hum log is cheez par dekhenge brahma vishnu mahesh sir agar sharir me hum toh desh me agar dhyan lagate hain hero hai padon me agar dhyan lagate hain agar chakron me dhyan laga de agar toh chakkar me kisi ne dhyan lagate hain toh hamara chakravadh activate hota hai toh chakkar activate hone se hamara hum logo ko fayda hai toh isliye agar aap dhyan kis cheez ke upar laga raha hai iske upar thoda sa maayne rakhte hain toh isliye galat koi bhi cheez nahi hai dhyan karna man ko shanti milta hai dhyan me har time kuch na kuch aapko benefit milega isme koi nuksan nahi hai toh agar baar baar aap ek hi cheez me dhyan lagayenge toh aise koi galat nahi hai thank you

नमस्कार मैं जितेश चौधरी आपका सवाल है क्या एक ही चीज का ध्यान बार बार करना गलत है या सही है

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक ही चीज का ध्यान बार बार करना गलत है या सही क्वेश्चन आपने सही पूछा है क्योंकि हमारा मन बहुत चंचल है रे चंचल मन को हम कैसे एक सिर करें तो बताया जाता है कि ध्यान करो जवाब का चंचल मन है वह एक स्थिर हो जाएगा लेकिन इसमें भी एक क्वेश्चन आ जाता है कि एक चीज का बार-बार ध्यान करें करना सही है या गलत है तो इसका उत्तर मतलब सही है जो आपकी एक चीज है लेकिन वह चीज कैसी होनी चाहिए पॉजिटिव होनी चाहिए हु आपके भविष्य के लिए होनी चाहिए समाज के भविष्य के लिए हमेशा आगे चलकर सबके हित दायक होनी चाहिए ऊंची जैसी होनी चाहिए आप उसके ऊपर ध्यान लगा सकते हैं और उसी के और उसके ऊपर ही आप करना चाहिए ना कि एक बार इसके ऊपर ध्यान दिया एक बार उसके ऊपर ध्यान दिया ऐसा नहीं होना चाहिए आपका एक बार बार बार अब जब भी ध्यान उस तो एक ही चीज पर कंसंट्रेशन और धीरे-धीरे आप उससे उस चीज को भी समझ जाओगे जितना आप उसे कॉन्सन्ट्रिक शामिल होंगे उतना ही धीरे-धीरे हम उसे समझ जाएगी तभी आपको पता चलेगा कि हमें किस चीज पर ध्यान करना चाहिए किस चीज के लिए किसी भी चीज पर ध्यान दे रहे हो वह चीज आपके पूरे बॉडी में होनी चाहिए मतलब समझो आपका कोई लक्ष्य है या कोई नहीं है तो शनि देव आनंद जी ने बहुत अच्छे-अच्छे बात कही थी अगर आपको कुछ बनना है कुछ करना है तो उसमें आप खुद जाओ आप की नसों में समय हो तो उड़ना चाहिए आपकी वाणी में हो ना हो होना चाहिए आप आपकी थिंकिंग में हो वह होना चाहिए आपके माइंड में उचित होनी चाहिए आपकी टीम की नहीं होनी चाहिए आपके दिल में होनी चाहिए आपके ब्लड में होनी चाहिए आपके मांसपेशी में होनी चाहिए आपके अंखियों में होनी चाहिए आपके शरीर के अंदर होनी चाहिए और उसके लिए आपको प्रेस करना पड़ेगा तुझे कि वह चीज हासिल होगी और आपके ध्यान में भी एक ही चीज होनी चाहिए तो उसे क्या आपको इस तरह से मुझे बता सकते हैं और एक बात करनी होगी तो अगर अलग-अलग चीज पर आप ध्यान दोगे तो आपका आपका कन्फ्यूजन पड़ जाएगा अब आपको बहुत सारे आपको समझ में नहीं आएगा इसलिए इस लो और उसी पर ध्यान लगा देंगे

ek hi cheez ka dhyan baar baar karna galat hai ya sahi question aapne sahi poocha hai kyonki hamara man bahut chanchal hai ray chanchal man ko hum kaise ek sir kare toh bataya jata hai ki dhyan karo jawab ka chanchal man hai vaah ek sthir ho jaega lekin isme bhi ek question aa jata hai ki ek cheez ka baar baar dhyan kare karna sahi hai ya galat hai toh iska uttar matlab sahi hai jo aapki ek cheez hai lekin vaah cheez kaisi honi chahiye positive honi chahiye hoon aapke bhavishya ke liye honi chahiye samaj ke bhavishya ke liye hamesha aage chalkar sabke hit dayak honi chahiye unchi jaisi honi chahiye aap uske upar dhyan laga sakte hain aur usi ke aur uske upar hi aap karna chahiye na ki ek baar iske upar dhyan diya ek baar uske upar dhyan diya aisa nahi hona chahiye aapka ek baar baar baar ab jab bhi dhyan us toh ek hi cheez par kansantreshan aur dhire dhire aap usse us cheez ko bhi samajh jaoge jitna aap use concentrix shaamil honge utana hi dhire dhire hum use samajh jayegi tabhi aapko pata chalega ki hamein kis cheez par dhyan karna chahiye kis cheez ke liye kisi bhi cheez par dhyan de rahe ho vaah cheez aapke poore body me honi chahiye matlab samjho aapka koi lakshya hai ya koi nahi hai toh shani dev anand ji ne bahut acche acche baat kahi thi agar aapko kuch banna hai kuch karna hai toh usme aap khud jao aap ki nason me samay ho toh udana chahiye aapki vani me ho na ho hona chahiye aap aapki thinking me ho vaah hona chahiye aapke mind me uchit honi chahiye aapki team ki nahi honi chahiye aapke dil me honi chahiye aapke blood me honi chahiye aapke maspeshiya me honi chahiye aapke ankhiyon me honi chahiye aapke sharir ke andar honi chahiye aur uske liye aapko press karna padega tujhe ki vaah cheez hasil hogi aur aapke dhyan me bhi ek hi cheez honi chahiye toh use kya aapko is tarah se mujhe bata sakte hain aur ek baat karni hogi toh agar alag alag cheez par aap dhyan doge toh aapka aapka confusion pad jaega ab aapko bahut saare aapko samajh me nahi aayega isliye is lo aur usi par dhyan laga denge

एक ही चीज का ध्यान बार बार करना गलत है या सही क्वेश्चन आपने सही पूछा है क्योंकि हमारा मन ब

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