नौकरी करने के लिए डिग्री चाहिए होती है और पढाई भी पर राजनेता बनने के लिए कोई डिग्री क्यों जरुरी नहीं होती है?...


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देखिए यह ठीक बात है कि नौकरी के लिए देखनी चाहिए और कर्म राजनेताओं के बेटे की नियत उनके लिए भी होनी चाहिए सम्मान किया जाता है उसके लिए जरूरी नहीं है लेकिन देखी समय हमारा देश जो है लोकतंत्र है लोकतंत्र में होता है जनता का जनता द्वारा जनता के लिए शासन होता तो हमारे देश में बहुत से लोग अभी कितना ल व प्रसाद पढ़ भी कर सकते हैं जो तो उस समय ऐसा हुआ कि उसमें डिग्री नहीं रखी गई नहीं तो पता चलेगा कि बुक अच्छी तरह जाएंगे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे संसद और विधानसभा नहीं पहुंच पाएंगे उनके कानों में कैसे लोग समानता का अधिकार का हनन होगा इसलिए उसमें ऐसा कुछ नहीं रखा गया और यह देश शिक्षित हो जाता है कि पूरा हंड्रेड परसेंट जल्दी मान लीजिए जब तक शिक्षित लोग नहीं होंगे तब तक यह मुझे लगता है कि यह देख भी नहीं सकती आनी चाहिए मुझे बुरा नहीं है शिक्षित लोग आए तो अच्छी बात है सेक्सी करवाएंगे तभी अच्छी चीजों का विकास तो बहुत कुछ नहीं होना चाहिए देश में किन हो रहा है तो उसको इतना गंभीर होता नहीं देना चाहिए जो कि लोकतंत्र में जनता का जनता के लिए और जनता द्वारा शासन होता है तो सकता है वाह वाह जनता जो अनपढ़ है वह वंचित ना रह जाए इसलिए ऐसा व्यवस्था किया गया है उसको बहुत गंभीर विषय नहीं है जब साक्षर हो जाएंगे तो तो निश्चित रूप से कुछ क्वालिफिकेशन रख दिया जाएगा

dekhiye yah theek baat hai ki naukri ke liye dekhni chahiye aur karm rajnetao ke bete ki niyat unke liye bhi honi chahiye sammaan kiya jata hai uske liye zaroori nahi hai lekin dekhi samay hamara desh jo hai loktantra hai loktantra me hota hai janta ka janta dwara janta ke liye shasan hota toh hamare desh me bahut se log abhi kitna l va prasad padh bhi kar sakte hain jo toh us samay aisa hua ki usme degree nahi rakhi gayi nahi toh pata chalega ki book achi tarah jaenge chunav nahi lad payenge sansad aur vidhan sabha nahi pohch payenge unke kanon me kaise log samanata ka adhikaar ka hanan hoga isliye usme aisa kuch nahi rakha gaya aur yah desh shikshit ho jata hai ki pura hundred percent jaldi maan lijiye jab tak shikshit log nahi honge tab tak yah mujhe lagta hai ki yah dekh bhi nahi sakti aani chahiye mujhe bura nahi hai shikshit log aaye toh achi baat hai sexy karavaenge tabhi achi chijon ka vikas toh bahut kuch nahi hona chahiye desh me kin ho raha hai toh usko itna gambhir hota nahi dena chahiye jo ki loktantra me janta ka janta ke liye aur janta dwara shasan hota hai toh sakta hai wah wah janta jo anpad hai vaah vanchit na reh jaaye isliye aisa vyavastha kiya gaya hai usko bahut gambhir vishay nahi hai jab sakshar ho jaenge toh toh nishchit roop se kuch qualification rakh diya jaega

देखिए यह ठीक बात है कि नौकरी के लिए देखनी चाहिए और कर्म राजनेताओं के बेटे की नियत उनके लिए

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Yogi Prashant Nath

Business Consultant / M D

7:02

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार सर्वप्रथम सराहनीय है आपके द्वारा पूछा गया यह प्रश्न जो राजनीति से संबंधित है उसके उपरांत में अपना परिचय कराना चाहूंगा आपसे मेरा नाम है योगी प्रशांत नाथ चलिए बढ़ते हैं आपके प्रश्न की तरफ आप ने प्रश्न किया है नौकरी करने के लिए डिग्री चाहिए होती है और पढ़ाई भी पर राजनेता बनने के लिए कोई डिग्री क्यों जरूरी नहीं होती दरअसल हमारे जो देश है भारत देश जहां हम रहते हैं यहां पर हर एक स्तर के लोग हैं और बहुत से ऐसे लोग हैं जो अनएजुकेटेड है तो उन लोगों को भी ध्यान में रखा जाता है उनके भी जो जरूरत है और उनके भी जो मौलिक अधिकार है उनका भी सम्मान किया जाता है तो संविधान और कानून के तहत सारी चीजें सभी नागरिक एक समान हैं उनमें किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा ना किसी जातिवाद ना किसी स्तर के अनुसार और ना किसी एजुकेशन के अनुसार आप कितने धनवान हैं कितने योगेश अच्छा में या आप कितने अमीर है या आपको कितने चुके टेट है और इस चीजों से और एक गरीब व्यक्ति के बीच में कोई भी भेदभाव नहीं करती किया जाएगा और सभी लोग समान है कानून की दृष्टि से और संविधान के दृष्टि से संविधान में जो संविधान के अनुच्छेद में पारित हुए उसके तहत सभी लोगों पर सभी वर्गों को एक समानता का अधिकार है प्राप्त ऐसे में जब कोई व्यक्ति अगर गरीब परिवार से है या किसी कारणवश उसकी एजुकेशन आप पूरी नहीं हुई और वह व्यक्ति पर लोगों का विश्वास ज्यादा है और वह व्यक्ति वाकई में उसके कार्य प्रगति शील है और लोगों के कार्य करना करने में और लोगों की मदद करने में बहुत ही सक्षम है तो ऐसे व्यक्ति को यह कहकर नकारा नहीं जा सकता कि उसकी क्वालिफिकेशन के आधार पर क्योंकि यह लोकतंत्र है हमारे देश में लोकतंत्र चल रहा है और अपने समझना चाहिए लोकतंत्र का क्या अर्थ होता है लोगों के द्वारा चुनी गई सरकार हां तो हमें अधिकार है कि हम आपस में जिसे भी चाहे अपना नेतृत्व करने के लिए चुन सकते हैं तो ऐसे में हम चाहे तो हमारे हाथ में होता है कि हम उस व्यक्ति से उसकी क्वालिफिकेशन के आधार पर उसका चुनाव करें या उसके एबिलिटी के ऊपर या उसके जो उनकी कार्य है उनको देखकर करें यह हमारे अधिकार है तो इन चीजों का निर्णय हम स्वयं ले सकते हैं जी हां बिल्कुल इंद्र जो पावर होती है वह हमारे हाथ में होती है मेन पावर होती है वोटिंग कि हम इसको कहीं ना कहीं नजरअंदाज कर देते नग लेट कर देते और महत्व नहीं दे रहे थे जबकि बहुत ही महत्व रखता है यह वोटिंग का पावर है जो आपके अंदर वोटिंग की अजीब एलटीडी गई है यह चीज है आपको समझ नहीं चाहिए हर किसी को नागरिक को समझने चाहिए हम शिकायतें करते रहते हैं लेकिन हमें शिकायत नहीं करनी चाहिए हमें अपने कह सकते हैं निर्णय को सही निर्णय लेना चाहिए कि किस व्यक्ति को चुनना है किसको नहीं सुनना है यह पूरा हमारे ऊपर डिपेंड करता है हमारा मौलिक अधिकार है कि हम पढ़े लिखे को छूने या अनपढ़ को चुने यह चीज पर हम भरोसा करते हैं उसे चुने 21 से क्योंकि यह 1 प्लस पॉइंट है इसके आधार पर क्योंकि स्वतंत्रता दी गई लोगों को जो नागरिक हैं नागरिकता स्वतंत्रता यही है कि लोगों को अपना अधिकार है कि किसी भी व्यक्ति को चुन सकता है ऐसे में हम राजनीति में सिर्फ और सिर्फ एक पर आपके सामने प्रस्तुतीकरण होता कि यह व्यक्ति आपके सामने प्रस्तुत हो रहा है इसमें आपके लिए आपके हित के लिए अपील दर्ज करी है और इसने इस प्रकार से भैया आपके लिए उम्मीदवार के तौर पर खड़ा हो रहा है क्या आप इसे चुनना चाहेंगे यह प्रश्न होता है जिसका जवाब हमें देना होता है और हम इन चीजों को कहीं ना कहीं अनदेखा कर देते हैं और देखा देखी मैं हर किसी को भी बता देते हैं और फिर बाद में हमें पछतावा होता है कि इस व्यक्ति ने गलत सरकार आई है फिर हम सवाल करते कोसते रहते कि यह सरकार कुछ नहीं कर रही है वह सरकार कुछ नहीं कर रही सबसे बड़ी बात तो यह और जहाज सा सवाल जो वर्तमान स्थिति में जो राजनीति को सबसे बेकार कथा यह कुछ जैसे अमीर दबदबे के और इनके पास पावर है चाहे वह पैसे की पावर हो चाहे वह मेन पावर हो उनका इस्तेमाल करके लोग उनका गलत प्रयोग करके अपनी मनमानी से इसे पोस्ट के लिए खड़े होते हैं और जीते हैं गलत तरीकों से ऐसा कह सकते हैं जैसे कि कहावत है कि जिसकी लाठी उसकी भैंस तो इस टाइप की भी कहावतें सच हो रही हैं लेकिन इन सभी चीजों को बावजूद ने सब कुछ गड़बड़ी घोटाले होने के बावजूद भी हम अगर आप पर अपनी जिम्मेदारियों को सही से समझा और महत्व दें और वोटिंग की पावर को समझे उसकी तो महत्वता है उसको समझे हम सोचते कि 1 वोट ही नहीं दिया तो क्या होगा एकबोटे अगर किसी ऐरे गैरे को दे दिया तो क्या होगा इस वेट को किसी के लालच में आगे हमने कुवैत में दे दिया तो क्या होगा लेकिन यही एक चीज की एक बूंद बूंद से सागर भरता है उसी की वजह से ही हमारी यह सोच अगर नेगेटिव सोच है तो देश को भी नकारात्मकता की तरफ ले जाएगी और देश के दो प्रतिनिधि तो होते हो नकारात्मक विचार वाले आएंगे तो हमें खुद को बनाना चाहिए देश स्वयं बदल जाएगा आप को समझना चाहिए इसलिए किसी प्रकार की एजुकेशन की रिक्वायरमेंट नहीं होती क्योंकि यह कोई वह नहीं होता कि क्योंकि इसका इंटरव्यू शिवपुरी जनता लेती है जो व्यक्ति जो पंडित रहे थे तो जो कैंडिडेट आता है उसका इंटरव्यू पूरी जनता के हाथों में होता है वह चाहे तो उसे चुन सकती है और चाहे तो रिजेक्ट कर सकती है लेकिन कहीं ना कहीं जनता को अपने अधिकारों को अपने आप को इतना सम्मान नहीं देती जनता अपने आप को इतनी अहमियत नहीं रहती अब मैं आपको पता नहीं क्यों आती रहती है जबकि जनता को समझना चाहिए सारे सरकारी वर्कर सोम के मुलाजिम होते हैं काम करने के लिए होते उनकी सेवा के लिए होते हैं कहते हैं ना कि यह व्यक्ति पब्लिक सर्वेंट है पब्लिक सर्वेंट का मतलब है कि यह व्यक्ति नागरिकों के लिए ही कार्य करता है यह पोस्ट आपके लिए काफी हेल्पफुल हो आपको अच्छा लगा तो आप इसे जरूर शेयर करें और भी अपने रिलेटिव के साथ फैंस के साथ और अपोलो कर सकते हमसे जुड़ने के लिए हमारा गूगल प्रोफाइल पर चाहिए योगी प्रशांत नाथ करके फेसबुक के माध्यम से भी जुड़ सकते और अगर आपके कोई सवाल जवाब है तो आप फेसबुक के माध्यम से या किसी भी कमेंट बॉक्स के माध्यम से आपको इन दोनों में से किसी से बात हमसे पूछ सकते हैं और मैं आप का आभार व्यक्त करता हूं कि आपने अपना अमूल्य समय दिया सुनने के लिए धन्यवाद

namaskar sarvapratham sarahniya hai aapke dwara poocha gaya yah prashna jo raajneeti se sambandhit hai uske uprant me apna parichay krana chahunga aapse mera naam hai yogi prashant nath chaliye badhte hain aapke prashna ki taraf aap ne prashna kiya hai naukri karne ke liye degree chahiye hoti hai aur padhai bhi par raajneta banne ke liye koi degree kyon zaroori nahi hoti darasal hamare jo desh hai bharat desh jaha hum rehte hain yahan par har ek sthar ke log hain aur bahut se aise log hain jo anaejuketed hai toh un logo ko bhi dhyan me rakha jata hai unke bhi jo zarurat hai aur unke bhi jo maulik adhikaar hai unka bhi sammaan kiya jata hai toh samvidhan aur kanoon ke tahat saari cheezen sabhi nagarik ek saman hain unmen kisi prakar ka koi bhedbhav nahi kiya jaega na kisi jaatiwad na kisi sthar ke anusaar aur na kisi education ke anusaar aap kitne dhanwan hain kitne Yogesh accha me ya aap kitne amir hai ya aapko kitne chuke tet hai aur is chijon se aur ek garib vyakti ke beech me koi 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candidate aata hai uska interview puri janta ke hathon me hota hai vaah chahen toh use chun sakti hai aur chahen toh reject kar sakti hai lekin kahin na kahin janta ko apne adhikaaro ko apne aap ko itna sammaan nahi deti janta apne aap ko itni ahamiyat nahi rehti ab main aapko pata nahi kyon aati rehti hai jabki janta ko samajhna chahiye saare sarkari worker Som ke mulajim hote hain kaam karne ke liye hote unki seva ke liye hote hain kehte hain na ki yah vyakti public servant hai public servant ka matlab hai ki yah vyakti nagriko ke liye hi karya karta hai yah post aapke liye kaafi helpful ho aapko accha laga toh aap ise zaroor share kare aur bhi apne relative ke saath fans ke saath aur appolo kar sakte humse judne ke liye hamara google profile par chahiye yogi prashant nath karke facebook ke madhyam se bhi jud sakte aur agar aapke koi sawaal jawab hai toh aap facebook ke madhyam se ya kisi bhi comment box ke madhyam se aapko in dono me se kisi se baat humse puch sakte hain aur main aap ka abhar vyakt karta hoon ki aapne apna amuly samay diya sunne ke liye dhanyavad

नमस्कार सर्वप्रथम सराहनीय है आपके द्वारा पूछा गया यह प्रश्न जो राजनीति से संबंधित है उसके

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Sonu Sharma

Social Worker

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Sanjay Kumar Yadav

Career Counsellor

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सभी सम्मानित सोता गमों को संजय कुमार का नमस्कार देखी आपने बड़ा अच्छा प्रश्न किया है नौकरी करने के लिए डिग्री चाहिए होती है यह सही है डिग्री आपके पास नहीं होगी तो आपको अच्छी नौकरी अच्छी जॉब नहीं मिल सकता है और शिक्षा भी राजनेता बनने के लिए कोई डिग्री क्यों जरूरत नहीं होती तो मैं आपको बता देना चाहता हूं इलेक्टेड और सिलेक्टेड यह 2 वर्ड हैं इलेक्टेड मतलब जो जन्म के द्वारा जो चुना जाता है वह जो जनमानस की भावनाओं को जो अपने हाथों से अपने कामों से जो लोग उनको जो फॉलो करते हैं जो उनको जनता को जो संतुष्ट रखते हैं जिनकी जनता में पकड़ होती है तो उनके लिए कोई डिग्री की आवश्यकता है इसलिए नहीं लेकिन आगे हमारी सरकार इस पहलू पर बार-बार विचार कर रही है कि इसके लिए भी शिक्षा और आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों के लिए कानून बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है लेकिन अब देखिए ऐसा मेरा प्रश्न जो है आपके प्रश्न के अगेंस्ट में बता रहा हूं राजनेता के लिए शिक्षा क्यों नहीं जरूरी है कि जनता का सेवक होता है राजनेता विधायक सांसद सभासद गण जो

sabhi sammanit sota gamon ko sanjay kumar ka namaskar dekhi aapne bada accha prashna kiya hai naukri karne ke liye degree chahiye hoti hai yah sahi hai degree aapke paas nahi hogi toh aapko achi naukri achi job nahi mil sakta hai aur shiksha bhi raajneta banne ke liye koi degree kyon zarurat nahi hoti toh main aapko bata dena chahta hoon elected aur selected yah 2 word hain elected matlab jo janam ke dwara jo chuna jata hai vaah jo janmanas ki bhavnao ko jo apne hathon se apne kaamo se jo log unko jo follow karte hain jo unko janta ko jo santusht rakhte hain jinki janta me pakad hoti hai toh unke liye koi degree ki avashyakta hai isliye nahi lekin aage hamari sarkar is pahaloo par baar baar vichar kar rahi hai ki iske liye bhi shiksha aur apradhik record waale logo ke liye kanoon banane ke liye sarkar prayasarat hai lekin ab dekhiye aisa mera prashna jo hai aapke prashna ke against me bata raha hoon raajneta ke liye shiksha kyon nahi zaroori hai ki janta ka sevak hota hai raajneta vidhayak saansad sabhasad gan jo

सभी सम्मानित सोता गमों को संजय कुमार का नमस्कार देखी आपने बड़ा अच्छा प्रश्न किया है नौकरी

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Shakuntala Raghava

Social Worker

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जहां तक मैं समझती हूं नौकरी करने के लिए डिग्री और पढ़ाई की आवश्यकता होती है राजनेता बनने के लिए कोई डिग्री क्यों जरूरी नहीं है तो मेरी राय में नौकरी एक लिमिटेशन होती है संविधान के अंतर्गत यह हमारे देश का कानून बना हुआ है कि यदि सरकारी नौकरी करनी है या प्राइवेट नौकरी करनी है तो आपके पास पर्टिकुलर उसके बारे में नॉलेज होनी चाहिए जिस दिन फील्ड में आप जाना चाहते हैं वहां के रूल रेगुलेशन अलग होते हैं लेकिन राजनेता को एक समाज की भलाई के लिए एक सोशल वर्कर के रूप में लिया जाता है तो यहां पर देश को चलाने के लिए ठीक है पढ़ाई लिखाई होगी तो वह और भी अच्छा बैटल आ सकता है लेकिन इसमें हमें समझदारी सुनतारी की जरूरत होती है तो इसमें पढ़ाई लिखाई नहीं दी है हमारे देश का यह कानून है तो इसमें हम कानून से अलग नहीं

jaha tak main samajhti hoon naukri karne ke liye degree aur padhai ki avashyakta hoti hai raajneta banne ke liye koi degree kyon zaroori nahi hai toh meri rai me naukri ek limitation hoti hai samvidhan ke antargat yah hamare desh ka kanoon bana hua hai ki yadi sarkari naukri karni hai ya private naukri karni hai toh aapke paas particular uske bare me knowledge honi chahiye jis din field me aap jana chahte hain wahan ke rule regulation alag hote hain lekin raajneta ko ek samaj ki bhalai ke liye ek social worker ke roop me liya jata hai toh yahan par desh ko chalane ke liye theek hai padhai likhai hogi toh vaah aur bhi accha battle aa sakta hai lekin isme hamein samajhdari suntari ki zarurat hoti hai toh isme padhai likhai nahi di hai hamare desh ka yah kanoon hai toh isme hum kanoon se alag nahi

जहां तक मैं समझती हूं नौकरी करने के लिए डिग्री और पढ़ाई की आवश्यकता होती है राजनेता बनने क

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Shahjad Singh

Social Worker

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हेलो फ्रेंड मान ले करने के लिए नौकरी सरकारी नौकरी पाने के लिए डिग्री डिग्री की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि चला कर आना पड़ेगा आना पड़ेगा पढ़ाई में भी जाना पड़ेगा तो भी वे टू मेक पढ़ाई में भी राजनीति में जाने के लिए करना पड़ता है मैग्नेटिक में अच्छी तरह से सफल

hello friend maan le karne ke liye naukri sarkari naukri paane ke liye degree degree ki avashyakta nahi hoti kyonki chala kar aana padega aana padega padhai me bhi jana padega toh bhi ve to make padhai me bhi raajneeti me jaane ke liye karna padta hai magnetic me achi tarah se safal

हेलो फ्रेंड मान ले करने के लिए नौकरी सरकारी नौकरी पाने के लिए डिग्री डिग्री की आवश्यकता नह

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नौकरी करने के लिए डिग्री जरूरी है यदि आप उस नौकरी को कर रहे हैं जिसके लिए बिना डिग्री के ज्ञान से आप नहीं कर सकते पढ़ाई राजनेता के लिए जरूरी होगी अगर वह स्वयं कार्य करना चाहिए इसके लिए जरूरी इसलिए नहीं हो पाती क्योंकि उसके सभी कार हो करने के लिए असिस्टेंट दिए जाते हैं यह सहायक असिस्टेंट की उन कार्यों को करने के लिए उनके मदद करते हैं और राजनेताओं को यह बताते हैं कि आपको इस चीज में साइन करने चाहिए एक इंसान नहीं करने चाहिए राजनेता कोई भी कार स्वयं नहीं करते इसलिए उनके लिए डिग्री इतनी महत्वपूर्ण नहीं है

naukri karne ke liye degree zaroori hai yadi aap us naukri ko kar rahe hain jiske liye bina degree ke gyaan se aap nahi kar sakte padhai raajneta ke liye zaroori hogi agar vaah swayam karya karna chahiye iske liye zaroori isliye nahi ho pati kyonki uske sabhi car ho karne ke liye assistant diye jaate hain yah sahayak assistant ki un karyo ko karne ke liye unke madad karte hain aur rajnetao ko yah batatey hain ki aapko is cheez me sign karne chahiye ek insaan nahi karne chahiye raajneta koi bhi car swayam nahi karte isliye unke liye degree itni mahatvapurna nahi hai

नौकरी करने के लिए डिग्री जरूरी है यदि आप उस नौकरी को कर रहे हैं जिसके लिए बिना डिग्री के ज

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मनोज राम

सामाजिक कार्यकर्ता

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जी मान्यवर नौकरी करने के लिए काबिलियत का होना बहुत ही जरूरी है इसके लिए हमें पढ़ाई लिखाई करनी ही पड़ेगी बिना पढ़ाई लिखाई के हम विभिन्न क्षेत्रों की कार्य विधि को समझ नहीं सकते ना उसे बेहतर ढंग से कर सकते हैं इसलिए किसी भी प्रकार की नौकरी या काम करने के लिए पढ़ाई लिखाई बहुत ही जरूरी है किंतु जो राजनेता है वह बिना डिग्री के ही ऊंचे पदों पर पहुंच जाते हैं इसका कारण हम ही हैं हम लोग ही बिना जाने समझे इन लोगों को वोट का पावर दे देते हैं यह लोग वोट की पावर से ही बिना डिग्री के ऊंचे ऊंचे पदों पर जाते हैं और काम या काबिलियत ना होने पर भी उस कार्य को झूठ मूठ कर करने की कोशिश करते हैं ऐसे देश में काबिलियत होती ही नहीं है और झूठ मूठ का इनकार कोशिश करते हैं जिस वजह से हमारे देश में अधिकतर कार्य या तो असफल हो रहे हैं क्या तो फेल हो रहे हैं और उससे कोई फायदा भी आम जनता को नहीं पहुंचा है इसी वजह से एक बात ध्यान रखें जब भी वोट करें क्या जान लें कि आज ऐसा पहचान जानकारी ना हो तो आप उनको वोट ना दें धन्यवाद जय हिंद

ji manyavar naukri karne ke liye kabiliyat ka hona bahut hi zaroori hai iske liye hamein padhai likhai karni hi padegi bina padhai likhai ke hum vibhinn kshetro ki karya vidhi ko samajh nahi sakte na use behtar dhang se kar sakte hain isliye kisi bhi prakar ki naukri ya kaam karne ke liye padhai likhai bahut hi zaroori hai kintu jo raajneta hai vaah bina degree ke hi unche padon par pohch jaate hain iska karan hum hi hain hum log hi bina jaane samjhe in logo ko vote ka power de dete hain yah log vote ki power se hi bina degree ke unche unche padon par jaate hain aur kaam ya kabiliyat na hone par bhi us karya ko jhuth muuth kar karne ki koshish karte hain aise desh me kabiliyat hoti hi nahi hai aur jhuth muuth ka inkar koshish karte hain jis wajah se hamare desh me adhiktar karya ya toh asafal ho rahe hain kya toh fail ho rahe hain aur usse koi fayda bhi aam janta ko nahi pohcha hai isi wajah se ek baat dhyan rakhen jab bhi vote kare kya jaan le ki aaj aisa pehchaan jaankari na ho toh aap unko vote na de dhanyavad jai hind

जी मान्यवर नौकरी करने के लिए काबिलियत का होना बहुत ही जरूरी है इसके लिए हमें पढ़ाई लिखाई क

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R.D. singh

Social Worker

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सर आप जो कहना चाहते हैं कि नौकरी करने के लिए तो डिग्री चाहिए लेकिन राजनेता बनने के लिए कोई डिग्री की जरूरत नहीं होती तो उसे ऐसा है कि राजनेता के सभी होता है राजनेता एक साइक्लोजेस्ट व्यक्ति ही बनता है जो दूसरों की समस्याओं को समझ सके और उनके मुद्दों को आगे ले जाए सके जिसमें नेतृत्व की क्षमता हो बुरा नेता बनता है सर हर किसी में एक जैसी पार्टी नहीं होती है किसी में यह क्वालिटी होती है जैसे आप में पढ़ने की ललक है तो आप पढ़ाई करके नौकरी लगोगे अगर आप में सोशल वर्क और इंटरेस्ट है कि दूसरों की सेवा भाग है आपके अंदर तो आपकी जो पैशन है वह राजनेता की तरफ जाएगा और इसमें सबसे बड़ी बात यह होती है कि हम कैसे दूसरों की मदद कर सकते हैं तो इसके लिए सबसे अच्छा यही रहता है कि इसमें व्यक्तिगत जान और बाहरी ज्ञान की आवश्यकता होती है जो कि एक राजनेता अच्छे से समझ लेता है लोगों के बीच रहते रहते और अगर आगे जानकारी चाहिए तो शर्म मुझे आप और सीख सकते हैं मुझसे थैंक यू

sir aap jo kehna chahte hain ki naukri karne ke liye toh degree chahiye lekin raajneta banne ke liye koi degree ki zarurat nahi hoti toh use aisa hai ki raajneta ke sabhi hota hai raajneta ek saiklojest vyakti hi banta hai jo dusro ki samasyaon ko samajh sake aur unke muddon ko aage le jaaye sake jisme netritva ki kshamta ho bura neta banta hai sir har kisi me ek jaisi party nahi hoti hai kisi me yah quality hoti hai jaise aap me padhne ki lalak hai toh aap padhai karke naukri lagoge agar aap me social work aur interest hai ki dusro ki seva bhag hai aapke andar toh aapki jo passion hai vaah raajneta ki taraf jaega aur isme sabse badi baat yah hoti hai ki hum kaise dusro ki madad kar sakte hain toh iske liye sabse accha yahi rehta hai ki isme vyaktigat jaan aur bahri gyaan ki avashyakta hoti hai jo ki ek raajneta acche se samajh leta hai logo ke beech rehte rehte aur agar aage jaankari chahiye toh sharm mujhe aap aur seekh sakte hain mujhse thank you

सर आप जो कहना चाहते हैं कि नौकरी करने के लिए तो डिग्री चाहिए लेकिन राजनेता बनने के लिए कोई

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