सफलता असफलता में क्या अंतर है?...


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Amzad

Coach of Human Power Psychologist, Motivator,Joyotish,Speaker,Life, Relationship,Partner,And you YE SAB ME NEHI HOO LEKIN SAB SE ACCHA HOO \6003876488

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सफलता और असफलता में अंतर अंतर क्या है तो सबसे पहले मैं जानना चाहता हूं कि मेरी जो भी जवाब है वह मांग उचित होगा और साधारण लोगों के लिए मददगार होगा और ना तो मुझे किसी को ठेस पहुंचाना मेरी कोशिश है और ना दो कोई मेरे बातों से नाराज मत हो यह सफलता और असफलता जो है यह मानव निर्धारित की सोच है क्योंकि हम जीवन में अपनी यह मनुष्य जीवन प्राप्त किए हैं उसी दिन हम सफल हो गए क्या शायद आप नहीं जानते कि जो यह मानव जीवन प्राप्त करने के लिए हमने हमारी जॉब लग जाती है बच्चे की पेट में आने तक मां की तो वह बहुत फाइटिंग बराबर होती है अब देख लीजिएगा के बारे में इसका विस्तार है कि हम किस तरह अपनी मां के पेट में आते हैं और वह बहुत सुंदर पुलिस मातम सफल तो उसी दिन हो गए थे आ गए थे तो अभी जो यह हमारी सफलता और असफलता है बाकी लिए हमारे समाज की इच्छुक है बहुत सारे लोग निराश रहते हैं कि मैं आज सपने में बहुत सारे लोग इसका शिकार भी होती है डिप्रेस भी होते तो बहुत सारे लोग तो अपनी जान भी दे देते हैं कि शायद हम असफल है सोच कर तो सबसे पहले मैं उन लोगों से कहना चाहता हूं आप लोग ऑलरेडी सफल हो आप लोग बहुत सफल हों क्योंकि आप भी इस धरती में पैदा ले चुके हो आपकी दुआ है यह पूरी धरती का मजा ले सकते हैं हम आपकी दो हाथ में हर काम कर सकते आप की दोपहर हर जगह जा सकते आपके बड़ा दिमाग है दिल है जिससे आपकी हर चीज को समझ सकते तो आपकी सफलता के बारे में पहले एक बात बताना चाहता हूं उस बाद में बहुत खट्टा मीठा दिखा तो आप दबा के बाहर होना तब आप सोच सकते हो कि मैं घर भाग में कैसे जाऊं या फिर मैं उसके बाद में जाकर मिलेगा क्या आपको वह फल खाने को मिलेगा तो इसलिए आप बाद में जाने की बात सोचने तो बाद में जाना मतलब सिर्फ अल्वा समझ लीजिए तो बात के बाहर असफल है तो हम धरती ले अगर पैदा नहीं होता तब हम असफल देते अगरबत्ती में पैदा होने तक सफल है तू क्या कर एक बार आप भाग के अंदर घुस चुका हूं तो आप सफल हो अब आपको तय करना है कि आप कौन सा पेड़ से कौन सी फल खाओगे आम खाओगे जाम खाओगे कब तक आओगे तो आपके ऊपर निर्भर है तो आप खाओ या ना खाओ कोई लोग नहीं था कि नहीं पूरी जिंदगी चली जाती है उस तरह से सफलता को समझें क्योंकि अगर आप पैर के ऊपर चलोगे तो आपको पके आम मिलेंगे रहोगे तो क्या आप अकेले में मिलेंगे एकदम पक्का सफलता हमारी जो आजकल इतनी कंपटीशन भर आती है तो काम की कमी के कारण साइकोलॉजिस्ट हो गए या फिर बड़े-बड़े कुछ सुविचार वाले लोग हो गए जो सफलता और असफलता के बारे में इतनी बड़ी विस्तार करके सारी चीजों को बताया था कि लोग उनके बातों पर ध्यान दें या फिर उनकी लिखी हुई किताबें तो यह तो सफल या असफल यह चीज हम ने रची है साधारण समाज को भाई मतलब वह करने के लिए परेशान करने के लिए और जो जितना परेशान है और परेशान हो तो तो आप समझ लेना मैं क्या कहना क्या आज के दिन आज से 100 साल पहले इंसान सफल नहीं हुए थे आज से 100 साल पहले इंसान सक्सेस नहीं होते तो उनको पता नहीं टाइप पीली क्योंकि सबसे ज़ोर 12 15 सा है वह हम लोगों ने बदल दी है आजकल हम मुकाम को ही सकते समझते कोई एक ऊंचाइयों को सबसे समझते जैसे कि वह बाग के अंदर जो पेड़ के ऊपर बैठकर हम खाएगा सोचेगा वही सफल है वह पर बैठकर हां ठीक है वह पर जरूर गया है तो थोड़ा जल्दी फल खाने को मिलेगा लेकिन आप बताइए ऊपर चढ़कर आप कितना आम खाले पूरी आम के पेड़ खाली करते हैं क्या करेंगे ना आप इतने ही खा पाएंगे जितनी आपकी पेट में जगह है तो वही सफल भी ऐसा भी रहे हो तो आप क्या कर लोगों पर जाकर क्योंकि आपकी तो पेट भर नहीं है आपको तो वही करना है जो हम कर रहे हैं एक सफल इंसान और हमने क्या डिफरेंस है खाली जो थोड़ी-बहुत हमारी सोच में या फिर ना कि वह जो कर रहे हम भी तो वही कर रहे थे वह जो खा रहे हम भी हो से खाना खाने चलो थोड़ा ज्यादा अच्छा खाना खा ले तो उसका शिकार भी हो ही हो रहा है ना इनडाइजेशन पर टीवी वगैरह तो कोई मान लीजिए आपको बहुत अमीर इंसान है तो उसको कुछ काम नहीं करना पड़ता रहे हो भाई उसको तो डॉक्टर भी लास्ट में बोल देता कि भाई आप क्या करूं तू कहां सफर का मतलब क्या हुआ वह इतना सफल होने के बाद भी डॉक्टर के एडवाइज तो लेनी पड़ेगी ना आप खाना कम करो आपकी कॉलेज की बढ़ती है आप एक्सरसाइज करो वर्कआउट करो आपकी यह फायदा हो गई और एक असफल जिसे हम समझते हो तो डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पता यह मानक निर्धारित एक सोच है जिसके कारण ताकि के बॉलीवुड क्या है बॉलीवुड का मतलब हम समाज को एंटरटेन करने के लिए जो चीजें होती है वहां दे गई जिससे हमें मजा मिले तो यह सफलता और असफलता भी यह है लेकिन इसकी जो मूल धाराएं हैं वह कुछ अलग है तू भी लोगों को लगे कि समथिंग यार कुछ तो बात है इसमें यह कुछ हमारे हित में है लेकिन हर अच्छी चीज हमें लगती है कि यही सफलता है यह लेकिन हम परेशान इसलिए क्योंकि सफलता के पीछे दौड़ते हैं और बाद में पता चलता कि सफलता मिलने के बाद भी हमें तो हम परेशान तो रहते हैं तो हम किस सफलता के बारे में बताओ हमारी लाइफ में ऐसे सफलता और असफलता के लिए कोई जगह नहीं है हम ऑलरेडी सफल है हम बहुत सफल है हमने जीवन में पैदा हुए चलो ठीक है मान लिए यह बहुत बड़ा इंसान 125 वाला बिल्डिंग बना लिया तो हम नहीं देख सकते क्या हमारी आंखों से देख सकते ना काम सफल हुए उसने बनाया हमने देख लिया तो क्या बना रतन सलमान खान मूवी बनारस हम देख तो रहे ना रहे तो हम देख रहे हैं या फिर प्रकृति में तो शायद भगवान को थोड़ा विश्व को मानता हूं तो नीचे के हिसाब से हम हर इंसान को हर चीज मिलेगा तो हम बेकार में परेशान हो क्या आगे जाने की कोशिश करते हैं मतलब टाइम से आ गए या फिर परेशानी हमें तो हम अपने आप को और परेशान कर लेते और इन सवालों के जवाब खोज करी हम साइकोलॉजी से उनके पास जाते आप बताइएगा अगर हम आज ही देखते हैं ना कि बड़े-बड़े शहर बनाते हैं हमें शहर में जाने की इच्छा होती है फिर उसके बाद में फिर वापस घर में आने की इच्छा होती तो यह क्या है इसी तरह से सफलता है हम ऊपर जाने की इच्छा करती है उसे जाकर नीचे से जाने की इच्छा आप सोचिए सारी बातें तो इन चीजों को इतना मायने मत दीजिए नहीं तो आपकी जीवन में बहुत परेशानी आएंगे हम लोग और लेडी बहुत सफल हर कोई इंसान जो जो मेरी सुनते मेरी बात आप लोग सफल है आप लोग अपने रोजमर्रा की जिंदगी में ध्यान दीजिए और यह सफलता के पीछे पागल होकर जो भी अपनी कीमती समय उसे मत होइए हम ऑलरेडी सफलता की बाग में घुस चुके हैं अब तक हमारी कर्म से हमें कौन से फल खाना है वह जूस करने और खाते रहिए और सबको मिलेगा प्रकृति का नियम है हर किसी को हर चीज मिलेगा जो जो एचडी में बताइए आपने आज तो कुछ ऐसा चीज है जो आपने नहीं किया कुछ कुछ चीजें को छोड़कर तो हम बहुत सफल है तो इसके लिए भी शर्मा और बात नहीं करेंगे जिससे छात्रों को परेशानी हो तो नमस्कार जय हिंद

safalta aur asafaltaa mein antar antar kya hai toh sabse pehle main janana chahta hoon ki meri jo bhi jawab hai vaah maang uchit hoga aur sadhaaran logo ke liye madadgaar hoga aur na toh mujhe kisi ko thes pahunchana meri koshish hai aur na do koi mere baaton se naaraj mat ho yah safalta aur asafaltaa jo hai yah manav nirdharit ki soch hai kyonki hum jeevan mein apni yah manushya jeevan prapt kiye hai usi din hum safal ho gaye kya shayad aap nahi jante ki jo yah manav jeevan prapt karne ke liye humne hamari job lag jaati hai bacche ki pet mein aane tak maa ki toh vaah bahut fighting barabar hoti hai ab dekh lijiega ke bare mein iska vistaar hai ki hum kis tarah apni maa ke pet mein aate hai aur vaah bahut sundar police maatam safal toh usi din ho gaye the aa gaye the toh abhi jo yah hamari safalta aur asafaltaa hai baki liye hamare samaj ki icchhuk hai bahut saare log nirash rehte hai ki main aaj sapne mein bahut saare log iska shikaar bhi hoti hai depress bhi hote toh bahut saare log 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सफलता और असफलता में अंतर अंतर क्या है तो सबसे पहले मैं जानना चाहता हूं कि मेरी जो भी जवाब

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