जिन लोगों को मैं आदर देता हूँ वो मुझे आदर नहीं देते। क्या ऐसा सोचना सही है या मुझमें कुछ कमी है?...


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Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे विचार से आपको स्वयं का इतना आदर करना चाहिए कि फिर दूसरे आपको आदत देहिया नहीं दे इस बात से आपको कोई फर्क ही ना पड़े

mere vichar se aapko swayam ka itna aadar karna chahiye ki phir dusre aapko aadat dehiya nahi de is baat se aapko koi fark hi na pade

मेरे विचार से आपको स्वयं का इतना आदर करना चाहिए कि फिर दूसरे आपको आदत देहिया नहीं दे इस बा

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J.P. Y👌g i

Psychologist

3:01

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कुशन है जिन लोगों में आदर देता हूं वह मुझे आदर नहीं देते क्या सोचना सही है या मुझ में कमी है आदर जो हम देते हैं ना तो अंत करण में उसकी अपेक्षा ज्यादा लगते हैं और अपने आप पर भरोसा करते हैं कि मैंने बहुत विशेष आदर पूर्वक इस को सम्मान दिया है लेकिन वह उसके एवज में समझ नहीं पाया है और उसके बाद वह इग्नोर मतदान प्रक्रिया में गुजर चुका लेकिन यह जरूरी नहीं है आदर करना अपना स्वभाव हो जाना चाहिए अपना कौन है दूसरा उसके अपने गुणों में है अगर वह नहीं करता तो कोई बात नहीं इसमें हमें कोई इस लालसा में नहीं रहना चाहिए कि मैं सीख पर आधारित था कि मुझे मैं जो आदर दी हुई मेरे को सम्मान देकर तो नेकी कर कुएं में डाल और फिर अब इसमें क्यों डालते हैं इस तरह में अपने आप में मस्त रहना चाहिए और हमें अगर किसी चीज की अपेक्षा रखेंगे तो हमें अधिकांश कुछ न कुछ शोभित होना पड़ेगा मतलब उत्पीड़न की भूमिका में आ जाएंगे फायदा क्या कोई वृत्ति भी हमारे को हमारे स्वरूप में दखलअंदाजी करती हो तो फायदा क्या है तो सबसे बड़ी बात है कि आपने आपसे अपने आप को सम्मान देना चाहिए कि हमारा वेट दे हमारा मन कितना अच्छा और उत्तम है कि हम सम्मान देने के लिए दूसरों को प्रेरित करते हैं और वह उसके जवाब में कुछ भी हो सकता लेकिन आप अपने से आपसे अपने आप को सम्मान देने की कोशिश करना चाहिए कि मैं बहुत अच्छा हूं मैं बहुत सुंदर हूं मैं बहुत कोमल हूं मेरा मन इतना अच्छा है तो अपने आप में अपनी अच्छाई पर ध्यान देना चाहिए अपने आप से भी अपने आप को सहमति में रखना चाहिए ऐसी बात नहीं है तो जब उन संस्कार होगा वह आपको कहीं आखिर की जरूरत ही क्या है क्योंकि यह प्रमाण की भावना में सम्मान दिया जाता है इसमें कोई स्वार्थ नहीं होता है यह दिल की भावनाएं होती है और फिर वह उसका केंद्र भूत उनके मस्तिष्क में होता है ना क्यों आशिक हो जाते हैं जिसको हम सम्मान देते हैं उसके आश्रितों के अपेक्षित होकर हम सम्मान नहीं देते देना चाहिए हमें कीजिए मैं उससे पहले ही बहुत ज्यादा उससे आकांक्षा बढ़ा दूंगा और उसके बाद मैं करा उसके प्रत्युत्तर में मुझे जो हमारे अंदर धारणा है उसके भाव में नहीं आया तो फिर हमारी सो रहे थे ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए सम्मान देना आप की कला है आप का स्वरूप है आपका गुण है और यह इन बातों पर ध्यान नहीं रखना चाहिए 1 दिन सबको समझ में आती है और आ जाएगी और आपको अपने आपको हमेशा खुशहाल खुद मिलाद में रहना चाहिए

cushion hai jin logo mein aadar deta hoon vaah mujhe aadar nahi dete kya sochna sahi hai ya mujhse mein kami hai aadar jo hum dete hain na toh ant karan mein uski apeksha zyada lagte hain aur apne aap par bharosa karte hain ki maine bahut vishesh aadar purvak is ko sammaan diya hai lekin vaah uske evaj mein samajh nahi paya hai aur uske baad vaah ignore matdan prakriya mein gujar chuka lekin yah zaroori nahi hai aadar karna apna swabhav ho jana chahiye apna kaun hai doosra uske apne gunon mein hai agar vaah nahi karta toh koi baat nahi isme hamein koi is lalasa mein nahi rehna chahiye ki main seekh par aadharit tha ki mujhe main jo aadar di hui mere ko sammaan dekar toh neki kar kuen mein daal aur phir ab isme kyon daalte hain is tarah mein apne aap mein mast rehna chahiye aur hamein agar kisi cheez ki apeksha rakhenge toh hamein adhikaansh kuch na kuch shobhit hona padega matlab utpidan ki bhumika mein aa jaenge fayda kya koi vriti bhi hamare ko hamare swaroop mein dakhalandaji karti ho toh fayda kya hai toh sabse badi baat hai ki aapne aapse apne aap ko sammaan dena chahiye ki hamara wait de hamara man kitna accha aur uttam hai ki hum sammaan dene ke liye dusro ko prerit karte hain aur vaah uske jawab mein kuch bhi ho sakta lekin aap apne se aapse apne aap ko sammaan dene ki koshish karna chahiye ki main bahut accha hoon main bahut sundar hoon main bahut komal hoon mera man itna accha hai toh apne aap mein apni acchai par dhyan dena chahiye apne aap se bhi apne aap ko sahmati mein rakhna chahiye aisi baat nahi hai toh jab un sanskar hoga vaah aapko kahin aakhir ki zarurat hi kya hai kyonki yah pramaan ki bhavna mein sammaan diya jata hai isme koi swarth nahi hota hai yah dil ki bhaavnaye hoti hai aur phir vaah uska kendra bhoot unke mastishk mein hota hai na kyon aashik ho jaate hain jisko hum sammaan dete hain uske aashrito ke apekshit hokar hum sammaan nahi dete dena chahiye hamein kijiye main usse pehle hi bahut zyada usse aakansha badha dunga aur uske baad main kara uske pratyuttar mein mujhe jo hamare andar dharana hai uske bhav mein nahi aaya toh phir hamari so rahe the aisa kuch nahi hona chahiye sammaan dena aap ki kala hai aap ka swaroop hai aapka gun hai aur yah in baaton par dhyan nahi rakhna chahiye 1 din sabko samajh mein aati hai aur aa jayegi aur aapko apne aapko hamesha khushahal khud milade mein rehna chahiye

कुशन है जिन लोगों में आदर देता हूं वह मुझे आदर नहीं देते क्या सोचना सही है या मुझ में कमी

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

1:52
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां मेरे छोटे बच्चे आप में भी कमियां है क्योंकि जब आपके व्यक्तित्व सुंदर हो जाएगा जब आपके विचार अच्छे होंगे जवाबी कार्य चाहोगे आप बेस्ट कलेक्शन प्राप्त कर लेंगे और लोग आपको अपने आप ही समाज में सम्मान देना चालू कर देना प्रारंभ कर देंगे बेटा आदर्श दिया जाना चाहिए सभी को आदर पूर्ण आपने अभी आभार रखें सब के साथ में विनम्रता से बोलो शेरावाली बहादुर के तो अगर आप को सोता ही मिलना चालू हो जाएगा ताकि प्राप्त किया जाता है लोगों के मन में आप जो अंदर तक समा जाएंगे लोगों को अच्छा मानने लगेंगे लोगों को गुड मॉर्निंग अभी आपके प्रति ऑटोमेटिक आपको आदर चोद देंगे आपकी प्रशंसा करेंगे यार और समाज में अपनी प्रतिष्ठा होगी लेकिन उसके लिए आपको बेस्ट वाले साइड होना आप सभी अच्छे काम करें परिवारी जनों से मिलकर के रहे सभी समाज के लोगों से मिलकर के बड़े आदर के साथ बड़े चौधरी के सन में विकसित रूप से ही आपका आदर होने लगेगा और आपको समाज के लोग परिवार के लोग सर आंखों पर बैठेंगे इसलिए आपको दिखाने का प्रयास करना चाहिए आप अच्छे लोगों की संगति करें अच्छे लोगों से बातचीत में करें अच्छे लोगों से मिल गए और सेवाभावी विचार बना नम्रता के विचार बनाए समाज हितकारी विचार बनाए तो निश्चित रूप से आप लोग देखेंगे कि समाज परिवार के लोग आपको आदर आदरणीय नहीं देंगे बल्कि सर आंखों पर बिठा लेंगे

haan mere chote bacche aap mein bhi kamiyan hai kyonki jab aapke vyaktitva sundar ho jayega jab aapke vichar acche honge javaabi karya chahoge aap best collection prapt kar lenge aur log aapko apne aap hi samaj mein sammaan dena chalu kar dena prarambh kar denge beta adarsh diya jana chahiye sabhi ko aadar poorn aapne abhi aabhar rakhen sab ke saath mein vinamrata se bolo sherawali bahadur ke toh agar aap ko sota hi milna chalu ho jayega taki prapt kiya jata hai logo ke man mein aap jo andar tak sama jaenge logo ko accha manne lagenge logo ko good morning abhi aapke prati Automatic aapko aadar chod denge aapki prashansa karenge yaar aur samaj mein apni prathishtha hogi lekin uske liye aapko best wale side hona aap sabhi acche kaam karein pariwarik jano se milkar ke rahe sabhi samaj ke logo se milkar ke bade aadar ke saath bade choudhary ke san mein viksit roop se hi aapka aadar hone lagega aur aapko samaj ke log parivar ke log sar aankho par baitheange isliye aapko dikhane ka prayas karna chahiye aap acche logo ki sangati karein acche logo se batchit mein karein acche logo se mil gaye aur sevabhavi vichar bana namrata ke vichar banaye samaj hitkari vichar banaye toh nishchit roop se aap log dekhenge ki samaj parivar ke log aapko aadar adaraniya nahi denge balki sar aankho par bitha lenge

हां मेरे छोटे बच्चे आप में भी कमियां है क्योंकि जब आपके व्यक्तित्व सुंदर हो जाएगा जब आपके

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मिस्टर आपका प्रश्न है जिन लोगों को मैं आदर देता हूं वह मुझे आदत नहीं देते क्या ऐसा सोचना सही है या मुझ में कुछ कमी है देखिए आदर हम उन लोगों को देते हैं जो आदरणीय होते हैं हमारे बड़े होते हैं हमारे गुरुजन होते हैं और जिन्हें हम आदर देते हैं जरूरी नहीं कि हम भी उनके आदरणीय हूं क्योंकि हम उनसे छोटे होंगे उनके शिष्य के रूप में होंगे हां वह हमें समझ सकते हैं हमारे विचारों को जान सकते हैं लेकिन आदरणीय वाली बाजू कह रहे हैं तो आपको अपने व्यक्तित्व को अपने अंदर वह खूब नल्लानी होंगे कि सामने वाला भी आप के प्रति आदर का भाव उत्पन्न कर सकें यदि आपने वह खुफिया नहीं है तो अपने अंदर वह फोबिया उत्पन्न करें ताकि बिन को आप आदर दे रहे हैं वह भी आपको उतना ही आदत दे सकें धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

mister aapka prashna hai jin logo ko main aadar deta hoon vaah mujhe aadat nahi dete kya aisa sochna sahi hai ya mujhse me kuch kami hai dekhiye aadar hum un logo ko dete hain jo adaraniya hote hain hamare bade hote hain hamare gurujan hote hain aur jinhen hum aadar dete hain zaroori nahi ki hum bhi unke adaraniya hoon kyonki hum unse chote honge unke shishya ke roop me honge haan vaah hamein samajh sakte hain hamare vicharon ko jaan sakte hain lekin adaraniya wali baju keh rahe hain toh aapko apne vyaktitva ko apne andar vaah khoob nallani honge ki saamne vala bhi aap ke prati aadar ka bhav utpann kar sake yadi aapne vaah khufiya nahi hai toh apne andar vaah phobia utpann kare taki bin ko aap aadar de rahe hain vaah bhi aapko utana hi aadat de sake dhanyavad aapka din shubha ho

मिस्टर आपका प्रश्न है जिन लोगों को मैं आदर देता हूं वह मुझे आदत नहीं देते क्या ऐसा सोचना स

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Shubham Saini

Software Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपसे 9 को आदर देते हो बोलो आपका सम्मान नहीं दे सम्मान नहीं करते हैं तो आपसे मैं हूं जैसे हैं उन्हें रहने दो मैं बदलने की जरूरत आप जैसे हो बस आपको वैसे ही रहो आप लोगों को रिस्पेक्ट तो पाकिस्तान के हिसाब से सब सही हो जाएगा खुद पर विश्वास रखो

aapse 9 ko aadar dete ho bolo aapka sammaan nahi de sammaan nahi karte hain toh aapse main hoon jaise hain unhe rehne do main badalne ki zarurat aap jaise ho bus aapko waise hi raho aap logo ko respect toh pakistan ke hisab se sab sahi ho jaega khud par vishwas rakho

आपसे 9 को आदर देते हो बोलो आपका सम्मान नहीं दे सम्मान नहीं करते हैं तो आपसे मैं हूं जैसे ह

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Manish Singh

VOLUNTEER

0:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा बिल्कुल नहीं है अगर आप किसी को रिस्पेक्ट दे रहे हैं और वह इंसान आपके प्रति आपको कोई भी रिस्पेक्ट नहीं दे रहा है तू बिलकुल टिट फॉर टैट का जमाना है अगर आप किसी को बहुत ज्यादा अपनी लाइफ में इंपोर्टेंट दे रहे हैं और उसने ऐसा किया उसकी जॉब यह बात बैठ गई है कि मैं इसके लिए इंपॉर्टेंट हूं चाहे मैं कुछ भी करूं यह मुझे इतना रिस्पेक्ट देता ही रहेगा तो उसके मन से यह बात आपको निकालनी जरूरी है अगर आप किसी को रिस्पेक्ट दे रेस्पेक्ट क्यों दिया जाता आदर क्यों दिया था कि अगर मैं कुछ देर हो तो उसके बजे मुझे मिले कभी मुझे भी उसी तरह से सम्मान दिया जाएगा अगर हो जी सब को नहीं मिल रही है वहां से जो आपने किया तो बिल्कुल आप भी टिट फॉर टैट कर सकते हैं यानी कि जैसे को तैसा वह आपके साथ जैसा व्यवहार कर रहा है आप भी उसके साथ ऐसा कर सकते हैं

aisa bilkul nahi hai agar aap kisi ko respect de rahe hain aur vaah insaan aapke prati aapko koi bhi respect nahi de raha hai tu bilkul tutt for tatte ka jamana hai agar aap kisi ko bahut zyada apni life mein important de rahe hain aur usne aisa kiya uski job yah baat baith gayi hai ki main iske liye important hoon chahen main kuch bhi karu yah mujhe itna respect deta hi rahega toh uske man se yah baat aapko nikaalanee zaroori hai agar aap kisi ko respect de respect kyon diya jata aadar kyon diya tha ki agar main kuch der ho toh uske baje mujhe mile kabhi mujhe bhi usi tarah se sammaan diya jaega agar ho ji sab ko nahi mil rahi hai wahan se jo aapne kiya toh bilkul aap bhi tutt for tatte kar sakte hain yani ki jaise ko taisa vaah aapke saath jaisa vyavhar kar raha hai aap bhi uske saath aisa kar sakte hain

ऐसा बिल्कुल नहीं है अगर आप किसी को रिस्पेक्ट दे रहे हैं और वह इंसान आपके प्रति आपको कोई भी

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