कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करते समय शपथ लेता है फिर बाद में भ्रष्टाचार करता है क्या यह सत्य है?...


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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

2:06
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राम जी की नाक कटा कोई भी राजनेता करके अदा कर मैं ऐसा ऐसा करूंगा उसे शपथ दिलाई जाती लेकिन वह इतना ज्यादा तो यही करने के लिए मुझे सब मिल जाए दूसरे को इतना पैसा इन लोगों को मिलता है सरकारी तनखा देती है उसके बाद उनका पेट नहीं भरता काम नहीं जा रहा काम करेंगे तो बिना रिश्वत के काम नहीं करेंगे इतना भ्रष्टाचार खत्म हो जाए जो इंसान गरीब असहाय हैं उनके काम होने लगे किसान वे परेशान घूमता है वह किसान और बेचारे गरीब और जो आता है उनके नाम होने लगे दुनिया में कोई नहीं रहे लेकिन अपना केवल पेट भरते हैं अपना पेट भर दे उसके बाद भी इनको शब्द नहीं होता और और और और और की लालसा कभी जिंदगी में खत्म नहीं होती है तब भी जो जो इन्होंने शपथ खाई उसका कोई मोल नहीं रहता इनकी क्या है अब इनका मंजू है इनका इतना पैसे के लिए लालायित रहता है कि उनके मन से पैसे कर लो नहीं इनका कहते हैं इनका ईमान मर गया शपथ लेते यह शपथ लेते कुछ और है शपथ लेने के बाद ऐसा लगता है इन्होंने अपना ईमान बेच कोई दिन दुखी किसी की परवाह नहीं मान रहे हमारे केवल अपना पेट भरो अपना पेट हाउ मेनी समझाओ यह हालत है इन भ्रष्टाचारियों पर जरूर लगाम लगना चाहिए ऐसी सजा इन लोगों को होनी चाहिए कि सभी का दिल काम जाए 10 नेता हो चाहे अधिकारी आप का कल्याण हो आपका दिन शुभ हो दोस्तों धन्यवाद

ram ji ki nak kata koi bhi raajneta karke ada kar main aisa aisa karunga use shapath dilai jaati lekin vaah itna zyada toh yahi karne ke liye mujhe sab mil jaaye dusre ko itna paisa in logo ko milta hai sarkari tankha deti hai uske baad unka pet nahi bharta kaam nahi ja raha kaam karenge toh bina rishwat ke kaam nahi karenge itna bhrashtachar khatam ho jaaye jo insaan garib asahay hain unke kaam hone lage kisan ve pareshan ghoomta hai vaah kisan aur bechare garib aur jo aata hai unke naam hone lage duniya me koi nahi rahe lekin apna keval pet bharte hain apna pet bhar de uske baad bhi inko shabd nahi hota aur aur aur aur aur ki lalasa kabhi zindagi me khatam nahi hoti hai tab bhi jo jo inhone shapath khai uska koi mole nahi rehta inki kya hai ab inka manju hai inka itna paise ke liye lalayit rehta hai ki unke man se paise kar lo nahi inka kehte hain inka iman mar gaya shapath lete yah shapath lete kuch aur hai shapath lene ke baad aisa lagta hai inhone apna iman bech koi din dukhi kisi ki parvaah nahi maan rahe hamare keval apna pet bharo apna pet how many samjhao yah halat hai in bharashtachariyo par zaroor lagaam lagna chahiye aisi saza in logo ko honi chahiye ki sabhi ka dil kaam jaaye 10 neta ho chahen adhikari aap ka kalyan ho aapka din shubha ho doston dhanyavad

राम जी की नाक कटा कोई भी राजनेता करके अदा कर मैं ऐसा ऐसा करूंगा उसे शपथ दिलाई जाती लेकिन व

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vivek sharma

BANK PO| Astrologer | Mutual Fund Advisor। Career Counselor

1:27
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नमस्कार कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करते समय शपथ लेता है फिर बाद में भ्रष्टाचार करता है क्या यह सत्य है यह तो मैं नहीं कह सकता कि हर व्यक्ति ऐसा होता है लेकिन यदि इस तरह की अफवाह है या फिर इस तरह की खबर है तो निश्चित ही ऐसे लोग होते होंगे ही और हैं पक्का है ऐसे लोग लेकिन हमें देश समाज राजनेता अधिकारी उसी तरह के मिलते हैं जिस तरह कि हमारा समाज होता है मतलब साफ है हमारे समाज के अंदर मौलेड मोराल्डी की कमी है मोरल वैल्यूज की कोई वैल्यू नहीं है जिसकी वैल्यू उनकी उनकी वैल्यू नहीं है जिसकी वैल्यू नहीं होनी चाहिए हम भी तो उसी की इज्जत करते हैं जो आदमी बहुत ही ज्यादा पैसे वाला दिखता है या फिर बहुत ज्यादा इंटीरियर शो करता है जबकि ऐसा होता नहीं है जो आदमी आपको सक्सेसफुल दिखता है उसी की आप इज्जत करते हो आपको भी मोरल वैल्यू से कोई मतलब नहीं है तो हमें सबसे पहले मोरल वैल्यू उसको ध्यान खुद से करना पड़ेगा तभी समाज में बदलाव आएगा और आप देखेंगे कि धीरे-धीरे यह जो चीज है सभी पूरे समाज में बदलाव आएगा तो इन लोगों में भी बदलाव आ जाएगा धन्यवाद

namaskar koi bhi raajneta ya bada adhikari naukri join karte samay shapath leta hai phir baad me bhrashtachar karta hai kya yah satya hai yah toh main nahi keh sakta ki har vyakti aisa hota hai lekin yadi is tarah ki afavah hai ya phir is tarah ki khabar hai toh nishchit hi aise log hote honge hi aur hain pakka hai aise log lekin hamein desh samaj raajneta adhikari usi tarah ke milte hain jis tarah ki hamara samaj hota hai matlab saaf hai hamare samaj ke andar mauled moraldi ki kami hai moral values ki koi value nahi hai jiski value unki unki value nahi hai jiski value nahi honi chahiye hum bhi toh usi ki izzat karte hain jo aadmi bahut hi zyada paise vala dikhta hai ya phir bahut zyada interior show karta hai jabki aisa hota nahi hai jo aadmi aapko successful dikhta hai usi ki aap izzat karte ho aapko bhi moral value se koi matlab nahi hai toh hamein sabse pehle moral value usko dhyan khud se karna padega tabhi samaj me badlav aayega aur aap dekhenge ki dhire dhire yah jo cheez hai sabhi poore samaj me badlav aayega toh in logo me bhi badlav aa jaega dhanyavad

नमस्कार कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करते समय शपथ लेता है फिर बाद में भ्रष्

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शपथ पत्र में जो लिखा हुआ है जिसका शपथ ग्रहण लेते हैं अगर यह जिस दिन सारे नेता कार्तिक जाएंगे तो शायद हमारे देश से जो ना भ्रष्टाचार देश बिल्कुल खत्म हो जाएगा लेकिन इसी सीट शपथ लेना और शपथ ग्रहण करना और सिर्फ दिखावटी है कुछ ही लोग से 5:10 पर संदेश को फॉलो करते आ जाने के बाद वहां पहुंच को पता नहीं किस चीज का गुमान हो जाता लगता है कि हम आए तो बस लूटपाट की शुरुआत होती है और उस चीज का सच्चाई से और करें तरीका से अगर पालन करें जिस दिन वह शपथ लेते हैं वह सोच इसके बारे में आखिर में जनता उन्हें चुनकर भेजा के किस लिए भेजा के किस कारण कुछ करने के लिए कि हमें पैसा जमा करके खड़ा करके सिर्फ अपने आप को धनवान बनने के लिए हर एक नेता सोचना शुरु कर देंगे तो शायद आज 70 साल से भी जो देश का हाल है इतने साल में लगते और यह बहुत जल्दी हमारा देश जोना उभरते हुए चने और टॉप फाइव कंट्री में शामिल रहा था लेकिन नेता यहां पर सिर्फ एक दूसरे के शोषण करने के लिए बंद था वहां पर जाने के बाद सब कुछ भुला जाते हैं क्या कि मैं मुझे किस लिए चुना गया और मेरा क्या दायित्व है वह सारे लोगों का साथ छोड़कर किसी को अपना भाई समझते हैं और अपने दायित्व को पूरा करने के लिए सारे पैसे को लोड करके भ्रष्टाचार को बढ़ावा करता है अगर वह सच्चा है कि नहीं पर चलेंगे लेकिन हम तो गत्वा कभी पता चलता है कि जिसने भ्रष्टाचार किया तो बहुत कोर्ट केस होने के बावजूद भी उसे मना साल भर कभी ख्वाब तू ने जेल भी नहीं होती है होता भी तो छूट जाता चिकन के पास पैसा है इतना रात ए सब चीज को ध्यान मगर रखें और उसका पालन करें तो मैं तो 4 को खत्म क्या

shapath patra me jo likha hua hai jiska shapath grahan lete hain agar yah jis din saare neta kartik jaenge toh shayad hamare desh se jo na bhrashtachar desh bilkul khatam ho jaega lekin isi seat shapath lena aur shapath grahan karna aur sirf dikhavati hai kuch hi log se 5 10 par sandesh ko follow karte aa jaane ke baad wahan pohch ko pata nahi kis cheez ka gumaan ho jata lagta hai ki hum aaye toh bus lutpat ki shuruat hoti hai aur us cheez ka sacchai se aur kare tarika se agar palan kare jis din vaah shapath lete hain vaah soch iske bare me aakhir me janta unhe chunkar bheja ke kis liye bheja ke kis karan kuch karne ke liye ki hamein paisa jama karke khada karke sirf apne aap ko dhanwan banne ke liye har ek neta sochna shuru kar denge toh shayad aaj 70 saal se bhi jo desh ka haal hai itne saal me lagte aur yah bahut jaldi hamara desh joanna ubharte hue chane aur top five country me shaamil raha tha lekin neta yahan par sirf ek dusre ke shoshan karne ke liye band tha wahan par jaane ke baad sab kuch bhula jaate hain kya ki main mujhe kis liye chuna gaya aur mera kya dayitva hai vaah saare logo ka saath chhodkar kisi ko apna bhai samajhte hain aur apne dayitva ko pura karne ke liye saare paise ko load karke bhrashtachar ko badhawa karta hai agar vaah saccha hai ki nahi par chalenge lekin hum toh gatwa kabhi pata chalta hai ki jisne bhrashtachar kiya toh bahut court case hone ke bawajud bhi use mana saal bhar kabhi khwaab tu ne jail bhi nahi hoti hai hota bhi toh chhut jata chicken ke paas paisa hai itna raat a sab cheez ko dhyan magar rakhen aur uska palan kare toh main toh 4 ko khatam kya

शपथ पत्र में जो लिखा हुआ है जिसका शपथ ग्रहण लेते हैं अगर यह जिस दिन सारे नेता कार्तिक जाएं

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Mr.Sharfraj

Social Worker

0:32
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यह हालत है वह हंसते पड़ता है और दुनिया को धोखे में रखा है ऐसे इंसानों को कोई भी सरकारी और सरकारी नौकरी करते समय शपथ लेते समय अनुशासनहीनता को अपने परिवार को समझते हुए देश के प्रति काम करने आते हैं अगर नहीं करता है तो उस काम यानी नौकरी के लायक नहीं

yah halat hai vaah hansate padta hai aur duniya ko dhokhe me rakha hai aise insano ko koi bhi sarkari aur sarkari naukri karte samay shapath lete samay anushasanahinta ko apne parivar ko samajhte hue desh ke prati kaam karne aate hain agar nahi karta hai toh us kaam yani naukri ke layak nahi

यह हालत है वह हंसते पड़ता है और दुनिया को धोखे में रखा है ऐसे इंसानों को कोई भी सरकारी और

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

8:32
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हां प्रताप का यथार्थ सत्य से भरा हुआ है आपने एकदम सत्य कहा है वर्तमान भौतिक युग में ऐसा ही होता है कारण उसका यह है वर्तमान का यह मानव छल कपट बेईमानी झूठ का एक पगला है ऊपर से जब जन्म लिया था विधाता के यहां से जोगी आया था तब एकदम निष्पाप निश्चल स्वार्थ एक बालक के रूप में जन्म लिया था लेकिन जैसे ही वह प्रति पराया उच्च जाति धर्म के बंधन में बंध गया फिर धीरे-धीरे इन छली कपटी झूठे फरेबी मांगो ने उस निश्चल आत्मा को ट्रेनिंग देना प्रारंभ किया और वह बचपन से ही छल कपट दूत अन्याय अधर्म सारे कर्मों को सीता जा रहा है यही कारण है कि तुम हमारे आज राजनीति को देख रहे हो राजनीति हमारे राजनीति नहीं कहना चाहिए से पुनीत कहना चाहिए क्योंकि जितनी भी राजनीतिक पार्टी है उनमें नब्बे परसेंट आपको ऐसे पॉलीटिशियन मिलेंगे जो स्वार्थ खुदगर्जी के चलते प्रति दुकानें हैं चलते फिरते पतले हैं जिनको निजी स्वार्थ के अंत में मेरा करने के अतिरिक्त और कुछ नहीं है यह राजनीति के मूल उद्देश्य से भटक चुके हैं राजनीति का मूल दोष होता है जनहित का को सर्वोपरि मानकर की जो नीतियां चलती हैं राज करने के लिए प्रशासन चलाने के लिए उसे राजनीति कहते हैं लेकिन आज राजनीति आपको दिखाई कहां देती है कहां पर जनहित की बारे में सोच रहे हैं किसी पॉलिटिकल पार्टी इतनी बड़ी पॉलीटिकल पार्टीज भारत में आई 7075 सालों में कहीं भी कई जनहित काका नाम नहीं था दलित के बारे में सोचा ही नहीं जाता है आज के राजनेताओं नेताओं को छल कपट झूठ अन्याय अधर्म के द्वारा की बलराज सत्ता प्राप्त करना ही इनका प्रमुख राजनीति का केंद्र है सत्ता सुख प्राप्त करना सत्ता को छीना सत्ता को प्राप्त करना सत्ता सुख के लिए लड़ना ही इनकी एक आज की ब्लू रचनाएं हैं इसी कारण से तुम देखते हो जो राजनेता शपथ लेते हुए भी शपथ लेने की दूध छोड़ो बाद में ही अपनी मुल्लंपरा जाते हैं और मैं मेरा करने स्वार्थ से भरी हुई राजनीति करते हैं परिणाम स्वरूप गवन घोटाले रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार भारत में निरंतर बढ़ता गया है आज बहुत से पॉलिटिशन आपको ऐसे भी देंगे दिल पर पच 50 पीरियड तो क्या 200 पीढ़ियों के लिए कमाया हुआ धन है कि कानून किसी मां से कमाया यह सब राजनीति से कमाया राजनीति व्यवसाय बन चुकी है और जहां बहुत से नेताओं की भारत में भी नहीं है विश्व बैंक और विदेशों के बैंकों का विश्वास करते हैं यह सब कुछ सब भ्रष्टाचार जननी है छल कपट न्याय धर्म से के द्वारा प्रबंध घोटाले करने वाले लोग हैं यह जोड़ा दुर्भाग्य का विषय है वही बात आप सरकारी कर्मचारियों की क्या सकते हो जब यह कर्मचारी की नौकरी नहीं लगती है तब वह भगवान शिव मित्रों से प्रार्थना करता है कि गोविंद मेरी पैसे की नौकरी लग जाए मैं बड़ी ईमानदारी से काम करूंगा मैं जनहित के काम करूंगा मैं लोक सेवा के काम करूंगा लेकिन नौकरी लग जाने के बाद वह प्रतिज्ञा को उसी क्षण भूल जाता है उसके बाद सोचता है कि प्रीतम तो मेरे बाप का उसी समय हो गया यह समय गवर्नमेंट क्वार्टर मिल गया अब मुझे सुविधा शुल्क चाहिए जिससे हम रहते हैं 90 पर सेंट आफ देख तू कर्मचारी काम नहीं करना चाहता और पहली बात तो सही समय पर संस्था में उपस्थित नहीं हुआ दूसरी बार सत्ता में उपस्थित हो भी गया तो काम नहीं करेगा किंतु परंतु सॉन्ग नियम लगाएगा और उन में व्यवधान डालने की कोशिश करेगा और जब जब तक उसे प्राप्त नहीं हो जाएगी 90 परसेंट तक बिना विपत्ति कारी हो ही नहीं सकता है जनाब stk-4 की कार्यवाही नहीं सकता है 10 परसेंट में ही वे लोग ईमानदारी से कार्य करा पाते हैं जो चांदी का जूता रखते हैं यहां पर राजनीति का जूता रक्त जमने का कारण यह स्थिति है आप यह कहे कि उसे ईमानदारी मंत्री तो तुम जब होगी जब हमारा सासनी इमानदारी का हुआ top-to-bottom टाचार फैल चुका है इसलिए अब तुम को वित्त आयोग की बातें ना करें जो भ्रष्टाचार भारत से हट जाए तो कि भारत में तो जब तक यह गंदी राजनीति बनी रहेगी ऐसे गंदे राजनीतिज्ञ बने रहेंगे तब तक इस देश से भ्रष्टाचार रिश्वतखोरी का मिटना असंभव है क्योंकि इनकी छत्रछाया में यह अधिकारी कर्मचारी कार्य करते हैं आप देखते हो जनता ने एप्लीकेशन लगाई संकटा उस कर्मचारी का ट्रांसफर हुआ और उन्हें अध्यक्ष पद दे करके फिर वही आ जाता है आप देखते हो पुलिस बड़ी मेहनत करने के बाद कुछ कर्मचारियों को रेड हैंडेड करती है और उसके पश्चात उस समय बूट सस्पेंड रहता है लेकिन हमारी हम इतनी कमजोर लचर हैं कि हमारी जो न्याय प्रक्रिया है वह भी 3G में चलने वाली है कि पुणे एड्रेस पता दीजिए दा करके अपने लग जाता है अब आप सोचो कैसे पहचान मिल सकता है बेटा चार उस दिन ही मिटेगा जब हमारी गंदी राजनीति मर जाएगी ऐसे गंदे राजनीतिज्ञों को आप हरा दोगे इन को पराजित करके घर बैठा दोगे और जब ऊपर से स्वस्थ हो जाएगा तो यह बॉटम माने तो मिडिल वाले जो है वह तो अपने आप सुधर जाएंगे क्योंकि कर्मचारी तो वैसा करता है जनता पैसा करती है जैसा कि ऊपर वाले करते हैं यदि स्वच्छ छवि व ईमानदार नेता आते हैं तो समझ लीजिए यह जनता भी सुधर जाएगी व्यापारी आंचल कपट में डूबा हुआ है तुम देख रहे हो कोरोना वायरस के समय में इस समय देश पर मां विपत्ति आ रही है पर लूटने का छोटे में लग रहा है अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में ₹20 किलो की थी उसको ₹50 किलो बेच रहा है हमारी व्यापारियों का स्तर है कितना इंसानियत से गिर चुका है मानव तो मेरे दोस्त सच्चाई यह है बहुत कुछ कहा जा सकता है लेकिन दुर्भाग्य है अब इसमें समय की भी सीमा रहती है और बहुत कुछ कहा पीएस को ज्यादा ओपन भी नहीं किया जा सकता है यथार्थ यह भारत से भ्रष्टाचार रिश्वतखोरी की जननी राजनीति है यह जब तक गंदी रहेगी भारत का सुधारना बहुत कठिन है अब धीरे-धीरे जनता भी उसमें शामिल हो गई है जनता भी तुम देख रहे हो कुछ जुड़ा की चीजें हैं उनको लावारिस चीजें मान करके चुपचाप उठा ले जाती है सड़कों पर वित्तीय डालने की सड़क बनाने के लिए गिट्टी सीमेंट आदि डाले जाते हैं लोग और रातों-रात पार कर ले जाते हैं पहली बात तो ठेकेदारी बेईमानी करता है दूसरी बात अधिकारी कमीशन खा जाते हैं और तीसरी बात जनता भी उठाते परिणाम स्वरूप ₹1 सेंटर से भेजा जाता है वह उस कब तक पैसा भी नहीं लग पाता है स्थिति है इसलिए मेरे मित्र समय को देखो शायद हो सकता है अकेला मोदी कुछ करना नहीं शक्कर नहीं सकते हैं क्योंकि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता है यह तो कुएं में ही भांग उचित जीत चुकी है यह हमारा दुर्भाग्य के ऐसे समय में हमें जीना पड़ रहा है

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toh sahi samay par sanstha me upasthit nahi hua dusri baar satta me upasthit ho bhi gaya toh kaam nahi karega kintu parantu song niyam lagaega aur un me vyavdhan dalne ki koshish karega aur jab jab tak use prapt nahi ho jayegi 90 percent tak bina vipatti kaari ho hi nahi sakta hai janab stk 4 ki karyavahi nahi sakta hai 10 percent me hi ve log imaandaari se karya kara paate hain jo chaandi ka juta rakhte hain yahan par raajneeti ka juta rakt jamne ka karan yah sthiti hai aap yah kahe ki use imaandaari mantri toh tum jab hogi jab hamara sasni imaandari ka hua top to bottom tachar fail chuka hai isliye ab tum ko vitt aayog ki batein na kare jo bhrashtachar bharat se hut jaaye toh ki bharat me toh jab tak yah gandi raajneeti bani rahegi aise gande rajanitigya bane rahenge tab tak is desh se bhrashtachar rishwat khori ka mitna asambhav hai kyonki inki chatrachaya me yah adhikari karmchari karya karte hain aap dekhte ho janta ne application lagayi sankata us karmchari ka transfer hua aur 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sakta hai akela modi kuch karna nahi shakkar nahi sakte hain kyonki akela chana bhad nahi fod sakta hai yah toh kuen me hi bhang uchit jeet chuki hai yah hamara durbhagya ke aise samay me hamein jeena pad raha hai

हां प्रताप का यथार्थ सत्य से भरा हुआ है आपने एकदम सत्य कहा है वर्तमान भौतिक युग में ऐसा ही

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Anju pandey

Social Worker

2:12
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कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करते समय शपथ लेता है फिर बातें भ्रष्टाचार करता है क्या यह सत्य है लेकिन वाकई किया जाता है लेकिन यह जरूरी नहीं कि हर बच्चा स्कूल जाता है एक दिलाई जाती है आप सभी बच्चे को बोलते भी हैं सदा सत्य बोलो झूठ नहीं बोलो चोरी करना पाप है कि सभी बोलते हैं लेकिन फिर भी कहीं ना कहीं हर इंसान को भी बोलता है कभी ना कभी कहीं ना कहीं किसी न किसी रूप में चोरी भी करता है चाहे वह हंसी मजाक में ही क्यों ना हो अब तो मां बाप से भी बोलते हैं अपने रिश्तेदारों से भी मगर हर इंसान को हर पल याद रहे वह और जो अपने शपथ लिए तब की बात कि अगर वह हर इंसान को याद रहते हैं तब तक हमें याद होती उसके बाद ही भूल जाते हैं और बोल कुछ पोस्ट के लिए लेनी जरूरी होती है स्कूल जाती है और जब वह कुर्सी पर बैठने के बाद शायद जब आप कह रहे भ्रष्टाचार होता है तो फेंकू नहीं याद रहती होगी सप्त कि हमने क्या कसम खाई थी क्या शपथ ली थी इसलिए ऐसा जरूरी नहीं है कि सभी लोग एक जैसे हो दुनिया में भ्रष्टाचार करने वाले लोग मुट्ठी भर हैं बाकी अच्छे लोग भी हैं तभी शायद यह दुनिया एक तरफ से चल रही है अगर सभी लोग भ्रष्टाचारी होते तो अभी जाने क्या हो हो चुका होता इसलिए ऐसा नहीं मानना चाहिए हमेशा अपने मन में नेगेटिव बातें भी सोचनी चाहिए कुछ सकारात्मक पहलू भी होते हैं अगर हर इंसान में कुछ बुराई है तो अच्छाई भी है तो हमें उसके साथ में पहलू को देखना चाहिए कि उसको और काम करने की नई ऊर्जा प्राप्त हो धन्यवाद

koi bhi raajneta ya bada adhikari naukri join karte samay shapath leta hai phir batein bhrashtachar karta hai kya yah satya hai lekin vaakai kiya jata hai lekin yah zaroori nahi ki har baccha school jata hai ek dilai jaati hai aap sabhi bacche ko bolte bhi hain sada satya bolo jhuth nahi bolo chori karna paap hai ki sabhi bolte hain lekin phir bhi kahin na kahin har insaan ko bhi bolta hai kabhi na kabhi kahin na kahin kisi na kisi roop me chori bhi karta hai chahen vaah hansi mazak me hi kyon na ho ab toh maa baap se bhi bolte hain apne rishtedaron se bhi magar har insaan ko har pal yaad rahe vaah aur jo apne shapath liye tab ki baat ki agar vaah har insaan ko yaad rehte hain tab tak hamein yaad hoti uske baad hi bhool jaate hain aur bol kuch post ke liye leni zaroori hoti hai school jaati hai aur jab vaah kursi par baithne ke baad shayad jab aap keh rahe bhrashtachar hota hai toh feku nahi yaad rehti hogi sapt ki humne kya kasam khai thi kya shapath li thi isliye aisa zaroori nahi hai ki sabhi log ek jaise ho duniya me bhrashtachar karne waale log mutthi bhar hain baki acche log bhi hain tabhi shayad yah duniya ek taraf se chal rahi hai agar sabhi log bhrashtachaari hote toh abhi jaane kya ho ho chuka hota isliye aisa nahi manana chahiye hamesha apne man me Negative batein bhi sochani chahiye kuch sakaratmak pahaloo bhi hote hain agar har insaan me kuch burayi hai toh acchai bhi hai toh hamein uske saath me pahaloo ko dekhna chahiye ki usko aur kaam karne ki nayi urja prapt ho dhanyavad

कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करते समय शपथ लेता है फिर बातें भ्रष्टाचार करता

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Rishi Chaudhary

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0:58
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आज कोई भी व्यक्ति धर्म पर नहीं है हर आदमी पथभ्रष्ट हो चुका है सत्यता पर नहीं है दो पैसे के लिए झूठ बोलने में माहिर है और पैसे के लिए हरात्मक क्या नहीं करता और जीवन में मैं आपको बता दूं जीवन में पैसा ही सब कुछ नहीं है वह व्यक्ति जो शपथ लेते हैं ईश्वर की जो सफर लेते हैं उसके बाद में प्रचार करते हैं अपराध कराते हैं झूठ बोलते हैं समाज को देश को तबाह कर रहे हैं अंततः आप देखना बड़े दुखों के साथ कष्टों के साथ उनका अंतिम समय होता है

aaj koi bhi vyakti dharm par nahi hai har aadmi path bhrasht ho chuka hai satyata par nahi hai do paise ke liye jhuth bolne me maahir hai aur paise ke liye haratmak kya nahi karta aur jeevan me main aapko bata doon jeevan me paisa hi sab kuch nahi hai vaah vyakti jo shapath lete hain ishwar ki jo safar lete hain uske baad me prachar karte hain apradh karate hain jhuth bolte hain samaj ko desh ko tabah kar rahe hain antatah aap dekhna bade dukhon ke saath kaston ke saath unka antim samay hota hai

आज कोई भी व्यक्ति धर्म पर नहीं है हर आदमी पथभ्रष्ट हो चुका है सत्यता पर नहीं है दो पैसे के

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Jitendra Singh

Social Worker

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हां यह तथाकथित सत्य है अगर बहुमत के हिसाब से देखा जाए तो यह बात बिल्कुल सत्य है कि राजनेता हो या अधिकारी सुशील शपथ लेने के समय तक कोई 10 पांच 20 मिनट तक कि वह भी किताब के माध्यम से पड़ता है मन के भाव से वह पढ़ता ही नहीं जो शपथ किताब पढ़ कर के कागज पढ़ कर करके लेते हैं इन को शपथ दिलाने वाला ही बोल करके शपथ दिलाता है वह क्या अपनी शपथ का महत्व समझाने शपथ हृदय से होती है सफर का अंदर से भास होता है कपासन बोलते हैं जब हम को अंदर से बाहर कुछ नहीं हुआ एक किसी अधिकारी ने लिख करके दे दिया उसको हमारे ऊपर शपथ कराने वाले ने बोल दिया तो वह शपथ उन्होंने एक व्यवहारिक तौर पर लिए हैं लेकिन हृदय से वह शपथ नहीं लेते इसलिए वह भ्रष्टाचार करते हैं हृदय से जो शपथ ले लेता है वह कभी भ्रष्टाचारी नहीं देते शपथ ली थी लाल बहादुर शास्त्री हृदय से अगर कोई शपथ लेने वाला यहां पैदा हुआ है तो जैसे हमारे यहां रानी लक्ष्मीबाई हिंदी प्रश्नपत्रिका भ्रष्टाचार के लाल बहादुर शास्त्री ने एक कठिनाई के दौर में जवान आज की कमी लोगों से अवगत कराएं और प्रधानमंत्री रहे रहते हुए उनको धोखे से मरवा दिया गया लेकिन उनके खाते में देखे क्या निकला ₹5000 निकले और 7000 पुष्कर जाने के लिए ऐसे प्रधानमंत्री को बार-बार वंदन नमस्कार है हमें किसी पार्टी से कोई मतलब नहीं है लेकिन ऐसे लोगों से जरूर मतलब है जो अपने जीवन को एक सच्चाई पर हृदय से प्रेरणा से लगा करके और अपना जीवन न्योछावर देश के नाम कर गए ऐसे लोगों को मैं सेल्यूट करता हूं ऐसे लोगों को चरण वंदन करता हूं और ऐसे लोगों को मैं मार्गदर्शक मानता हूं उनकी प्रेरणा को मानता हूं मैं लाल बहादुर शास्त्री को तहे दिल से तह दिल से मानता हूं मैं उनको एक भगवान के रूप में मानता अच्छे होते हैं भगवान ऐसे होते हैं संत संता पीले कपड़े पहन लेने से कोई संत नहीं होता पीले कपड़े पहन कर कर कर यहां बहुत लोगों ने अरबों करोड़ों लोगों को ठगा है पीले कपड़े पहनने वाले दो आज जेल में बंद है लेकिन ऐसे धंधे नेताओं में अगर देखा जाए तो शोरूम मनी नेता है लाल बहादुर शास्त्री गरीब रथ में रहते हुए नियत को संभाल कर के जो लगता है वह नैतिक ओपन आ सकता है उससे नीति बनती है उसकी नियत बनती और नियत का मतलब पता क्या है हिंदी में निर्मित यह मैंने कौन पैमाने तय करता है जो सुबह से ही अपने नियत को जैसी बनाने वैसी तय करता है उसको नित्य कहते हैं अगर आप शब्द के गुण को समझ रहे होंगे तब मेरी बात का जरूर समर्थन करेंगे और जब हमने हृदय से शपथ ली नहीं हमारे से तो बोलो भाई कागज पर हमने बोल दिया तो फिर शपथ का कोई महत्व नहीं रह जाता है इस सब नेता ऐसे ही ज्यादातर नेता है इनमें कोई इक्का-दुक्का उसके लिए मैं क्षमा चाहता हूं उनके लिए मैंने यह बात नहीं लेकिन मेरा यह मानना है कि उन्होंने दिल से हृदय से भास्कर करके बोला ही नहीं जल्दी कर दिया हमने वह बोला है जब उनको लिख करके दिया उन्होंने बोल दिया तो यह तो एक ऐसा हुआ कि जैसे हमने किसी से कुछ पढ़ पाया हूं फल मिलता है उसको मतलब ही नहीं जानते शपथ का मतलब सामान्य वाया पैमाने प्राप्त करने का मन था मैंने समझा जो हमारे प्राप्त करने पर हमारा रिचार्ज है वहीं का वहीं थम जाए और उससे जो ऊर्जा निकले वह मेरी शपथ पिछले मेरे विचार वही समझाए पहले के प्राप्त किए हुए विचारों को त्याग कर नए विचारों को साथ लेकर आगे बढ़ने का नाम शपथ शपथ 11 बहुत छोटी चीज नहीं इसीलिए मेरा मानना है कि राजनेताओं को अधिकारियों को वह दिल से शपथ नहीं लेते हैं इसलिए उनका दोष नहीं वह तो बने ही हैं कोई चोरी करके कोई छुट्टी डिग्री लेकर करके कोई नकल करके कोई रात दिन व्रत रखकर के भौतिक जगत रखा है किसी अधिकारी को शब्द ज्ञान का एक अक्सर पूछ लेती है अगर वह बता दे तो मैं मान लूं कि वाईएस होगा आध्यात्मिक बुद्धि का विकास नहीं है सब बहुत ही की बुद्धि यही आई है मेरी बुद्धि में नहीं आता है और उनको अहंकार घमंड बहुत है इसीलिए मैं नहीं मानता हूं मैं तुमको पढ़ा लिखा अनपढ़ गवार से भी गवारा देवगन बस मेरा यही मानना है इसलिए इनकी शपथ पर मत जाइए शपथ तो बहुत ऊंचे लोगों की शपथ ली थी सुभाष चंद्र बोस ने शपथ ली थी लाल बहादुर शास्त्री भगत सिंह राजदेव जी में अब किसकी बात कर रहे हो छोड़ दीजिए और थोड़े दिन इंतजार कीजिए प्रकृति को देखें धन्यवाद नमस्कार इसमें एक बात यह कहने जरूरी है कि हम आज पद मद इन दोनों के बीच का भेद भूल गए हैं पद में और मद में क्या अंतर है पर मैं अगर एक गोलबंदी बीच में लगा दी जाए तो वही पद का मन हो जाता है आज लोग पद के मद में भूले बैठे हैं अनाड़ी अज्ञानी और बेवकूफ लो पहले कहीं नहीं थे वह आज पदों पर बैठे सुशोभित हो रहे हैं और मद में चूर है पद पर बैठकर जो मद में चूर होता है वह मूर्ख अज्ञानी पागल होता है और आज ऐसे लोगों की फौज लगी हुई ऐसे लोगों की फौज आज देश चला रही है तो इसमें मैं एक ही बात कहूंगा कि हमारे बीच में एक अच्छा संत पुरुष कहता हूं जो बिना कपड़े के संता है माननीय हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी जो कपड़ों से संत नहीं अपने दिमाग में चलने वाले द्वंद युद्ध के कारण संत हैं उनकी प्यास है और जिसकी जो प्यास होती है उसको पीता है उनकी प्यास है देश को उज्जवल भविष्य की ओर ले जाना वह अकेले इस लड़ाई में लड़ रहे हैं मैं आपको तहे दिल से कह देता हूं हमारे इसमें पार्टी के जो खुद जनता पार्टी के वरिष्ठ जन लोग हैं वह भी इसमें मोदी जी की टांग खींचने का काम कर रहे हैं लेकिन परंतु उसके बावजूद भी वह अपनी निष्ठा प्रतिष्ठा से लगे हुए हैं और देश में जो उन्होंने शपथ ले ली उसको पूरा कर करके रहेंगे इसमें हमारी पूरी निष्ठा है सत्यता है और यह एक अवतारी पुरुष इसमें कोई दो राय नहीं कि बहुत लोग इनको भी पचा नहीं पा रहे हैं कि हमारे देश का दुर्भाग्य है धन्यवाद

haan yah tathakathit satya hai agar bahumat ke hisab se dekha jaaye toh yah baat bilkul satya hai ki raajneta ho ya adhikari sushil shapath lene ke samay tak koi 10 paanch 20 minute tak ki vaah bhi kitab ke madhyam se padta hai man ke bhav se vaah padhata hi nahi jo shapath kitab padh kar ke kagaz padh kar karke lete hain in ko shapath dilaane vala hi bol karke shapath dilata hai vaah kya apni shapath ka mahatva samjhane shapath hriday se hoti hai safar ka andar se bhas hota hai kapasan bolte hain jab hum ko andar se bahar kuch nahi hua ek kisi adhikari ne likh karke de diya usko hamare upar shapath karane waale ne bol diya toh vaah shapath unhone ek vyavaharik taur par liye hain lekin hriday se vaah shapath nahi lete isliye vaah bhrashtachar karte hain hriday se jo shapath le leta hai vaah kabhi bhrashtachaari nahi dete shapath li thi laal bahadur shastri hriday se agar koi shapath lene vala yahan paida hua hai toh jaise hamare yahan rani lakshmibai hindi prashnapatrika bhrashtachar ke laal bahadur shastri ne ek kathinai ke daur me jawaan aaj ki kami logo se avgat karaye aur pradhanmantri rahe rehte hue unko dhokhe se marava diya gaya lekin unke khate me dekhe kya nikala Rs nikle aur 7000 pushkar jaane ke liye aise pradhanmantri ko baar baar vandan namaskar hai hamein kisi party se koi matlab nahi hai lekin aise logo se zaroor matlab hai jo apne jeevan ko ek sacchai par hriday se prerna se laga karke aur apna jeevan nyochavar desh ke naam kar gaye aise logo ko main salute karta hoon aise logo ko charan vandan karta hoon aur aise logo ko main margadarshak maanta hoon unki prerna ko maanta hoon main laal bahadur shastri ko tahe dil se tah dil se maanta hoon main unko ek bhagwan ke roop me maanta acche hote hain bhagwan aise hote hain sant santa peele kapde pahan lene se koi sant nahi hota peele kapde pahan kar kar kar yahan bahut logo ne araboon karodo logo ko thaga hai peele kapde pahanne waale do aaj jail me band hai lekin aise dhande netaon me agar dekha jaaye toh showroom money neta hai laal bahadur shastri garib rath me rehte hue niyat ko sambhaal kar ke jo lagta hai vaah naitik open aa sakta hai usse niti banti hai uski niyat banti aur niyat ka matlab pata kya hai hindi me nirmit yah maine kaun paimane tay karta hai jo subah se hi apne niyat ko jaisi banane vaisi tay karta hai usko nitya kehte hain agar aap shabd ke gun ko samajh rahe honge tab meri baat ka zaroor samarthan karenge aur jab humne hriday se shapath li nahi hamare se toh bolo bhai kagaz par humne bol diya toh phir shapath ka koi mahatva nahi reh jata hai is sab neta aise hi jyadatar neta hai inmein koi ikka dukka uske liye main kshama chahta hoon unke liye maine yah baat nahi lekin mera yah manana hai ki unhone dil se hriday se bhaskar karke bola hi nahi jaldi kar diya humne vaah bola hai jab unko likh karke diya unhone bol diya toh yah toh ek aisa hua ki jaise humne kisi se kuch padh paya hoon fal milta hai usko matlab hi nahi jante shapath ka matlab samanya vaya paimane prapt karne ka man tha maine samjha jo hamare prapt karne par hamara recharge hai wahi ka wahi tham jaaye aur usse jo urja nikle vaah meri shapath pichle mere vichar wahi samjhaye pehle ke prapt kiye hue vicharon ko tyag kar naye vicharon ko saath lekar aage badhne ka naam shapath shapath 11 bahut choti cheez nahi isliye mera manana hai ki rajnetao ko adhikaariyo ko vaah dil se shapath nahi lete hain isliye unka dosh nahi vaah toh bane hi hain koi chori karke koi chhutti degree lekar karke koi nakal karke koi raat din vrat rakhakar ke bhautik jagat rakha hai kisi adhikari ko shabd gyaan ka ek aksar puch leti hai agar vaah bata de toh main maan loon ki YS hoga aadhyatmik buddhi ka vikas nahi hai sab bahut hi ki buddhi yahi I hai meri buddhi me nahi aata hai aur unko ahankar ghamand bahut hai isliye main nahi maanta hoon main tumko padha likha anpad gavar se bhi gawara devgan bus mera yahi manana hai isliye inki shapath par mat jaiye shapath toh bahut unche logo ki shapath li thi subhash chandra bose ne shapath li thi laal bahadur shastri bhagat Singh rajdev ji me ab kiski baat kar rahe ho chhod dijiye aur thode din intejar kijiye prakriti ko dekhen dhanyavad namaskar isme ek baat yah kehne zaroori hai ki hum aaj pad mad in dono ke beech ka bhed bhool gaye hain pad me aur mad me kya antar hai par main agar ek golbandi beech me laga di jaaye toh wahi pad ka man ho jata hai aaj log pad ke mad me bhule baithe hain anadi agyani aur bewakoof lo pehle kahin nahi the vaah aaj padon par baithe sushobhit ho rahe hain aur mad me chur hai pad par baithkar jo mad me chur hota hai vaah murkh agyani Pagal hota hai aur aaj aise logo ki fauj lagi hui aise logo ki fauj aaj desh chala rahi hai toh isme main ek hi baat kahunga ki hamare beech me ek accha sant purush kahata hoon jo bina kapde ke santa hai mananiya hamare pradhanmantri modi ji jo kapdo se sant nahi apne dimag me chalne waale dwand yudh ke karan sant hain unki pyaas hai aur jiski jo pyaas hoti hai usko pita hai unki pyaas hai desh ko ujjawal bhavishya ki aur le jana vaah akele is ladai me lad rahe hain main aapko tahe dil se keh deta hoon hamare isme party ke jo khud janta party ke varishtha jan log hain vaah bhi isme modi ji ki taang kheenchne ka kaam kar rahe hain lekin parantu uske bawajud bhi vaah apni nishtha prathishtha se lage hue hain aur desh me jo unhone shapath le li usko pura kar karke rahenge isme hamari puri nishtha hai satyata hai aur yah ek AVTARI purush isme koi do rai nahi ki bahut log inko bhi pacha nahi paa rahe hain ki hamare desh ka durbhagya hai dhanyavad

हां यह तथाकथित सत्य है अगर बहुमत के हिसाब से देखा जाए तो यह बात बिल्कुल सत्य है कि राजनेता

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Suraj Gandhi

Social Worker

1:42
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देखिए सही है कि राजनेता और बड़े अधिकारी ज्वाइन करते समय शपथ लेते हैं फिर बाद में भ्रष्टाचार करते हैं परंतु यह भी सत्य नहीं है कि सभी राजनेता और बड़े अफसर जो है वह भ्रष्टाचार करते हैं उनकी संख्या भी इस देश में काफी है जो भ्रष्टाचार नहीं करते हैं परंतु यह सत्य है कि भारत में भ्रष्टाचार जो है वह बहुत चरम पर है अपने बहुत ज्यादा भ्रष्टाचार होता है इस देश में परंतु सभी लोग भी भ्रष्टाचार नहीं करते यह तो एक सिस्टम में फैला हुआ है रेस्ट आचार इसको जो दूर करने का उपाय है वह जल्द ही सरकार को या हम अपनी थोड़ी जिम्मेवारी ले उसको दूर करने के उपाय अनिका लेकिन को कैसे रामदूत कर सकते हैं तो हम यह खुद यह प्रण करें कि हम जो हैं रिश्वत कभी देखे नहीं थे जब हम रिश्वत देंगे नहीं तो चाहे वह बराबर है चाहे राजनेता है तू रिश्वत ले भी नहीं सकता जब तक हम देते नहीं है तो रिश्वत देने वाले का भी उतना ही कसूर है अमेरिका देते हैं देते हैं तू आगे वाला भी शिकार करता है भ्रष्टाचार होता है इसलिए पहले तो मैं खुद खुद को सजा करना होगा कि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं

dekhiye sahi hai ki raajneta aur bade adhikari join karte samay shapath lete hain phir baad me bhrashtachar karte hain parantu yah bhi satya nahi hai ki sabhi raajneta aur bade officer jo hai vaah bhrashtachar karte hain unki sankhya bhi is desh me kaafi hai jo bhrashtachar nahi karte hain parantu yah satya hai ki bharat me bhrashtachar jo hai vaah bahut charam par hai apne bahut zyada bhrashtachar hota hai is desh me parantu sabhi log bhi bhrashtachar nahi karte yah toh ek system me faila hua hai rest aachar isko jo dur karne ka upay hai vaah jald hi sarkar ko ya hum apni thodi jimmewari le usko dur karne ke upay anika lekin ko kaise ramdut kar sakte hain toh hum yah khud yah pran kare ki hum jo hain rishwat kabhi dekhe nahi the jab hum rishwat denge nahi toh chahen vaah barabar hai chahen raajneta hai tu rishwat le bhi nahi sakta jab tak hum dete nahi hai toh rishwat dene waale ka bhi utana hi kasoor hai america dete hain dete hain tu aage vala bhi shikaar karta hai bhrashtachar hota hai isliye pehle toh main khud khud ko saza karna hoga ki hum bhrashtachar ke khilaf hain

देखिए सही है कि राजनेता और बड़े अधिकारी ज्वाइन करते समय शपथ लेते हैं फिर बाद में भ्रष्टाचा

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Vedpal

Social Worker

2:02
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हां यह बात आपने बिल्कुल सही गए कोई भी नेता लोग होते हैं कोई मंत्री जी या मेंबर ऑफ पार्लिमेंट या विधायक किए जो भी कोई या नौकरशाह आईपीएस वरिष्ठ नागरिकों की सेवा के लिए आ गई इनको खुद नहीं पता होता है सिर्फ अपने लिए ही बनते हैं और भसीन कहिए होता है कि अवसर मिला है इन सब नेताओं को जेल एक्टर के पास शान हमारे पास करने में उनको पूरे कमरे पूरा पटोला पड़ता धन पायो का फिल्म और सच बात है को शपथ जरूरत है भारतीय भ्रष्टाचार क्यों करते हैं आप कभी मूल परेशान है उसका कारण है कि हमारे यहां कोई सिस्टम नहीं है कोई कोई कानून जरूर बनेंगे लेकिन काल खेलने के बावजूद सोलर सिस्टम नहीं है कोई आवश्यकता है साला किसी के 2 साल की रेलवे सिस्टम के हर पार्टी में जो छेद है और प्रशासन ने तो है ही और न्याय अन्याय नहीं झूठा सपना दिखा दो आप फ्री हो तो आप यह सब चलता है पटना के कानून की न्याय की देवी जी तो आंख पर पट्टी बंधी है

haan yah baat aapne bilkul sahi gaye koi bhi neta log hote hain koi mantri ji ya member of Parliament ya vidhayak kiye jo bhi koi ya naukarashah ips varishtha nagriko ki seva ke liye aa gayi inko khud nahi pata hota hai sirf apne liye hi bante hain aur bhasin kahiye hota hai ki avsar mila hai in sab netaon ko jail actor ke paas shan hamare paas karne me unko poore kamre pura patola padta dhan payo ka film aur sach baat hai ko shapath zarurat hai bharatiya bhrashtachar kyon karte hain aap kabhi mul pareshan hai uska karan hai ki hamare yahan koi system nahi hai koi koi kanoon zaroor banenge lekin kaal khelne ke bawajud solar system nahi hai koi avashyakta hai sala kisi ke 2 saal ki railway system ke har party me jo ched hai aur prashasan ne toh hai hi aur nyay anyay nahi jhutha sapna dikha do aap free ho toh aap yah sab chalta hai patna ke kanoon ki nyay ki devi ji toh aankh par patti bandhi hai

हां यह बात आपने बिल्कुल सही गए कोई भी नेता लोग होते हैं कोई मंत्री जी या मेंबर ऑफ पार्लिमे

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Harish Chand

Social Worker

1:10
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आपका सवाल है कि कोई भी राजनेता है बड़े अधिकारी जब नौकरी ज्वाइन करते हैं और शपथ लेते हैं उसके बाद ही भ्रष्टाचार करता है क्या यह सत्य है इसमें लेश मात्र भी गलत नहीं है लेकिन सब के सब रिश्ते यह गलत सब कुछ टाचार में संलिप्त नहीं होते एक से बढ़कर इमानदार अफसर और अधिकारी आज भी हिंदुस्तान के अंदर है जिनकी बदौलत चल रहा है आपसे एक अनुरोध है अगर आप किसी पद पर हैं तो प्लीज इमानदारी के साथ अपनी ड्यूटी को निभाए क्योंकि यह भ्रष्टाचार और यह रिश्वत आपको काम नहीं आने वाले हैं इमानदारी की एक रोटी अगर आप आओगे उस दीवाने की 10 चौकियों से अच्छी है इमानदारी की एक रोटी खाओ बोलो जय सिया राम

aapka sawaal hai ki koi bhi raajneta hai bade adhikari jab naukri join karte hain aur shapath lete hain uske baad hi bhrashtachar karta hai kya yah satya hai isme lesh matra bhi galat nahi hai lekin sab ke sab rishte yah galat sab kuch tachar me sanlipt nahi hote ek se badhkar imaandaar officer aur adhikari aaj bhi Hindustan ke andar hai jinki badaulat chal raha hai aapse ek anurodh hai agar aap kisi pad par hain toh please imaandari ke saath apni duty ko nibhaye kyonki yah bhrashtachar aur yah rishwat aapko kaam nahi aane waale hain imaandari ki ek roti agar aap aaoge us deewane ki 10 chaukiyon se achi hai imaandari ki ek roti khao bolo jai sia ram

आपका सवाल है कि कोई भी राजनेता है बड़े अधिकारी जब नौकरी ज्वाइन करते हैं और शपथ लेते हैं उस

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जय श्री राम संदीप एक योग शिक्षक अब का प्रश्न है कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करते समय शपथ लेता है फिर बाद में बेटा क्या करता है क्या यह सत्य है अभी सतयुग तो चल नहीं रहा है द्वापर युग खत्म हो चुका है त्रेतायुग भी जा चुका है ऐसे लोग नहीं है जो शपथ लें और उसका मान रखें रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाए पर वचन ना जाए यह त्रेतायुग दादा अभी नहीं होता है पर कुछ लोग अच्छे होते हैं नो डाउट लेकिन कुछ लोग खराब होते हैं लेकिन वह खराब लोगों की वजह से अच्छे लोग में बिक जाते हैं जय श्री राम

jai shri ram sandeep ek yog shikshak ab ka prashna hai koi bhi raajneta ya bada adhikari naukri join karte samay shapath leta hai phir baad me beta kya karta hai kya yah satya hai abhi satayug toh chal nahi raha hai dwapar yug khatam ho chuka hai treta yug bhi ja chuka hai aise log nahi hai jo shapath le aur uska maan rakhen raghukul reet sada chali I praan jaaye par vachan na jaaye yah treta yug dada abhi nahi hota hai par kuch log acche hote hain no doubt lekin kuch log kharab hote hain lekin vaah kharab logo ki wajah se acche log me bik jaate hain jai shri ram

जय श्री राम संदीप एक योग शिक्षक अब का प्रश्न है कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइ

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Jagdish Saxena

Nagrik Adhikar Chetna Parishad (NGO)

0:17
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किसी भी शासक ने किया प्रशासनिक अधिकारी का जोइनिंग से पहले शपथ ग्रहण करना यह एक दिखावा है ढोंग है बाद में उसने अपराधी करने हैं भ्रष्टाचार ही बनाना है सांप्रदायिकता ही चलानी है

kisi bhi shasak ne kiya prashaasnik adhikari ka joining se pehle shapath grahan karna yah ek dikhawa hai dhong hai baad me usne apradhi karne hain bhrashtachar hi banana hai saampradayikta hi chalani hai

किसी भी शासक ने किया प्रशासनिक अधिकारी का जोइनिंग से पहले शपथ ग्रहण करना यह एक दिखावा है ढ

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सुरेश चंद आचार्य

Social Worker ( Self employed )

0:44

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नमस्कार दोस्तों नेता या अधिकारी अपना पदभार ग्रहण करते समय शपथ लेते हैं यह सही है यह एक भारतीय संविधान का नियम अनुसार सा है जिसका उन्हें पालन करना होता है किंतु भ्रष्टाचार एक व्यक्तिगत सोच होती है जिस पर मनुष्य स्वयं ही अमल कर सकता है और यदि वह ऐसा करता है तो उसे संविधान में दंड का प्रावधान भी किया जाता है यह एक मानसिक अवस्था होती है

namaskar doston neta ya adhikari apna padabhar grahan karte samay shapath lete hain yah sahi hai yah ek bharatiya samvidhan ka niyam anusaar sa hai jiska unhe palan karna hota hai kintu bhrashtachar ek vyaktigat soch hoti hai jis par manushya swayam hi amal kar sakta hai aur yadi vaah aisa karta hai toh use samvidhan me dand ka pravadhan bhi kiya jata hai yah ek mansik avastha hoti hai

नमस्कार दोस्तों नेता या अधिकारी अपना पदभार ग्रहण करते समय शपथ लेते हैं यह सही है यह एक भार

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Sapna

Social Worker

3:32
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आपका प्रश्न है कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करते समय शपथ लेता है उसे बाद में भ्रष्टाचार करता है क्या यह सत्य है तो मैं आपको बताना चाहूंगी कि यह बिल्कुल सत्य है 100 में से 25 लोग ऐसे हैं जो भ्रष्टाचार से दूर रहते हैं और जो 75 समय से जो 75 व्यक्ति ऐसे होते हैं जो पद और पैसा मिलते ही भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाते हैं क्योंकि उनके पास पढ़ा जाता है पावर आ जाता है पैसा आ जाता है इससे उनके अंदर आ जाता है उन्हें बड़ा सबसे बड़ा सबसे ज्यादा ऐसी बातें उनके दिमाग में बहुत आने लगती है इसी वजह से वह भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाते और फिर ऐसे ही व्यक्तियों का सातवीं देते जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं जो जनता गरीब है परेशान है जिसे मदद की जरूरत है परेशानी होती है और फिर जैसे हमारे जो नेता अधिकारी कर्मचारी यह लोग हैं तो जो गरीब जनता है उसको भ्रष्टाचार में शामिल करना चाहते तो बेचारी जनता परेशान होकर मजबूरी बस ऐसे भ्रष्टाचारियों के साथ खड़ी होने के लिए तैयार हो जाती है तो इसके लिए मैं एक ही बात कहना आऊंगी कि यदि इस भ्रष्टाचार जैसी बीमारी को बिल्कुल जड़ से खत्म करना है तो एक मात्र उपाय सरकार ही है सरकार को आगे आना होगा और अपने आप को छुपाना नहीं है ना तो सरकार को ऐसा कोई व्यक्ति ना हो जो सरकार को देख ना सके उसे बात ना कर सके सरकार को अपने देश की जनता से इतनी दूरी नहीं बनाना चाहिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी करना चाहिए जिससे हमारी सरकार दिखाई दीजिए और सुनाई दीजिए और हमारी जनता के निराकरण को होता हुआ देखें ऑनलाइन तरीका ऐसा होना चाहिए जिसमें जनता दिखाई दे की समस्या समस्या है जिसमें उसकी पात्रता योग्यता होते हुए भी उसे मदद नहीं मिल रही हो सारी जानकारी ऑनलाइन सरकार को देखना चाहिए और उस व्यक्ति की हुई कि नहीं हुई यह सरकार को देखना चाहिए भट्टाचार्य श्याम बना रहा है और इस भ्रष्टाचार को मिटाना बहुत जरूरी है इससे अगर भ्रष्टाचार इस तरीके से बढ़ेगा तो हमारे देश का बहुत बुरा समय हो जाएगा और मैं ऐसा नहीं चाहती मैं अपनी बात को सरकार तक पहुंचाना चाहती हूं कि सरकार मेरी बातों पर विशेष ध्यान देकर इस भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए मेरे द्वारा दिए गए सुझाव को सुझाव को अमल करें और उस पर कोई नियम है योजना बनाकर उसे लागू करें इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपने शब्दों को ग्राम देती हूं आपका दिन शुभ हो धन्यवाद अपना शर्मा

aapka prashna hai koi bhi raajneta ya bada adhikari naukri join karte samay shapath leta hai use baad me bhrashtachar karta hai kya yah satya hai toh main aapko batana chahungi ki yah bilkul satya hai 100 me se 25 log aise hain jo bhrashtachar se dur rehte hain aur jo 75 samay se jo 75 vyakti aise hote hain jo pad aur paisa milte hi bhrashtachar me lipt ho jaate hain kyonki unke paas padha jata hai power aa jata hai paisa aa jata hai isse unke andar aa jata hai unhe bada sabse bada sabse zyada aisi batein unke dimag me bahut aane lagti hai isi wajah se vaah bhrashtachar me lipt ho jaate aur phir aise hi vyaktiyon ka satvi dete jo bhrashtachar me lipt hain jo janta garib hai pareshan hai jise madad ki zarurat hai pareshani hoti hai aur phir jaise hamare jo neta adhikari karmchari yah log hain toh jo garib janta hai usko bhrashtachar me shaamil karna chahte toh bechari janta pareshan hokar majburi bus aise bharashtachariyo ke saath khadi hone ke liye taiyar ho jaati hai toh iske liye main ek hi baat kehna aaungi ki yadi is bhrashtachar jaisi bimari ko bilkul jad se khatam karna hai toh ek matra upay sarkar hi hai sarkar ko aage aana hoga aur apne aap ko chupana nahi hai na toh sarkar ko aisa koi vyakti na ho jo sarkar ko dekh na sake use baat na kar sake sarkar ko apne desh ki janta se itni doori nahi banana chahiye ek helpline number jaari karna chahiye jisse hamari sarkar dikhai dijiye aur sunayi dijiye aur hamari janta ke nirakaran ko hota hua dekhen online tarika aisa hona chahiye jisme janta dikhai de ki samasya samasya hai jisme uski patrata yogyata hote hue bhi use madad nahi mil rahi ho saari jaankari online sarkar ko dekhna chahiye aur us vyakti ki hui ki nahi hui yah sarkar ko dekhna chahiye bhattacharya shyam bana raha hai aur is bhrashtachar ko mitana bahut zaroori hai isse agar bhrashtachar is tarike se badhega toh hamare desh ka bahut bura samay ho jaega aur main aisa nahi chahti main apni baat ko sarkar tak pahunchana chahti hoon ki sarkar meri baaton par vishesh dhyan dekar is bhrashtachar ko khatam karne ke liye mere dwara diye gaye sujhaav ko sujhaav ko amal kare aur us par koi niyam hai yojana banakar use laagu kare inhin shabdon ke saath main apne shabdon ko gram deti hoon aapka din shubha ho dhanyavad apna sharma

आपका प्रश्न है कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करते समय शपथ लेता है उसे बाद मे

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Pradeep Solanki

Corporate Yoga Consultant

0:50
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जी हां शपथ तो बहुत बड़ी-बड़ी लेते हैं राजनेता भी अधिकारी भी ज्वाइन करते हुए बाद में फिर भ्रष्टाचार लगभग सब में आई जाता है उसका एक मुख्य कारण हुई है कि जब आपकी किसी अच्छी जो कमाई वाली पोस्ट कह सकते हैं पर इनका कोई ऐसा क्यों है किसी अच्छी जगह का या कोई जिलाधिकारी है कुछ भी है या नोएडा छोटीकाशी हो या कुछ भी है तो मेरी समझ से जवाब क्यों पोस्टिंग होती हो तो आपके ऊपर बड़े अधिकारी या राजनेता हुए एक्सपेक्ट करते हैं कि आप उनको पैसे कमा कर दोगे अगर आप नहीं कब आओगे तो उनकी तो उम्मीद वैसी की वैसी रहेंगे तो भ्रष्टाचार तो आपको करना पड़ेगा नहीं करोगे तो आपको डिसीजन है साइड में ले जाकर बैठा दिया जाएगा और बिना भ्रष्टाचार करें आपका काम नहीं चलेगा तो नौकरी ज्वाइन करते हो चाहे वह कितनी कसमें खाई धीरे धीरे धीरे धीरे सब सिस्टम में रम जाते हैं

ji haan shapath toh bahut badi badi lete hain raajneta bhi adhikari bhi join karte hue baad me phir bhrashtachar lagbhag sab me I jata hai uska ek mukhya karan hui hai ki jab aapki kisi achi jo kamai wali post keh sakte hain par inka koi aisa kyon hai kisi achi jagah ka ya koi jiladhikari hai kuch bhi hai ya noida chotikashi ho ya kuch bhi hai toh meri samajh se jawab kyon posting hoti ho toh aapke upar bade adhikari ya raajneta hue expect karte hain ki aap unko paise kama kar doge agar aap nahi kab aaoge toh unki toh ummid vaisi ki vaisi rahenge toh bhrashtachar toh aapko karna padega nahi karoge toh aapko decision hai side me le jaakar baitha diya jaega aur bina bhrashtachar kare aapka kaam nahi chalega toh naukri join karte ho chahen vaah kitni kasmein khai dhire dhire dhire dhire sab system me rum jaate hain

जी हां शपथ तो बहुत बड़ी-बड़ी लेते हैं राजनेता भी अधिकारी भी ज्वाइन करते हुए बाद में फिर भ्

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Er Sanjay Kumar

Asst. Director Training

0:38
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नहीं असत्य नहीं या पदाधिकारी पर निर्भर करता है वह पदाधिकारी का चरित्र कैसा है बहुत कम ही ऐसे पदाधिकारी होते हैं जो भ्रष्ट होते हैं सामान्यता पदाधिकारी अपने कर्तव्य के प्रति कर्तव्य होते हैं पदाधिकारी का याद आए तो है वह देश समाज के प्रति अपना उत्तरदाई निभाए मेहनत करे सच्ची सेवा से राष्ट्र धर्म का पालन

nahi asatya nahi ya padadhikaari par nirbhar karta hai vaah padadhikaari ka charitra kaisa hai bahut kam hi aise padadhikaari hote hain jo bhrasht hote hain samanyata padadhikaari apne kartavya ke prati kartavya hote hain padadhikaari ka yaad aaye toh hai vaah desh samaj ke prati apna uttardai nibhaye mehnat kare sachi seva se rashtra dharm ka palan

नहीं असत्य नहीं या पदाधिकारी पर निर्भर करता है वह पदाधिकारी का चरित्र कैसा है बहुत कम ही ऐ

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

1:04
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आपका प्रश्न है कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करते समय शपथ लेता है बाद में भ्रष्टाचार करता है क्या 7090 को सत्य की लेते हैं लोग कसम खुदा की कसम मंदानी जानकी वाले लोगों की अपेक्षा पसंद करते हैं अपराध अफसर और नेता कई बार गठजोड़ो सांठगांठ बुलाते हैं और लोगों का शोषण करते हैं बात सही है हो सकता है ईमानदार पारदर्शी देशभक्त के लोगों का आने का तो राजनीति है और एक सही दे

aapka prashna hai koi bhi raajneta ya bada adhikari naukri join karte samay shapath leta hai baad me bhrashtachar karta hai kya 7090 ko satya ki lete hain log kasam khuda ki kasam mandani janki waale logo ki apeksha pasand karte hain apradh officer aur neta kai baar gathjodo santhaganth bulate hain aur logo ka shoshan karte hain baat sahi hai ho sakta hai imaandaar pardarshi deshbhakt ke logo ka aane ka toh raajneeti hai aur ek sahi de

आपका प्रश्न है कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करते समय शपथ लेता है बाद में भ्

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

0:37
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देखो सर यह कानूनी कार्रवाई है जो करनी पड़ती है जब एक बार कर ली उसके बाद तो जो मर्जी करो आप का राज है जितना मर्जी पैसा कमाओ जितना मर्जी देखो तो यह है इसमें कोई कानूनी पाबंदी नहीं है गरीब आदमी दसवीं चोरी करता है पुलिस वाले मार मार के खा जाते हैं बेटा व्यक्त की जाती है

dekho sir yah kanooni karyawahi hai jo karni padti hai jab ek baar kar li uske baad toh jo marji karo aap ka raj hai jitna marji paisa kamao jitna marji dekho toh yah hai isme koi kanooni pabandi nahi hai garib aadmi dasavi chori karta hai police waale maar maar ke kha jaate hain beta vyakt ki jaati hai

देखो सर यह कानूनी कार्रवाई है जो करनी पड़ती है जब एक बार कर ली उसके बाद तो जो मर्जी करो आप

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Rajesh Kumar Pandey

Career Counsellor

1:01
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तुझे सब लोग शपथ लेते हैं नेता जानकारी बिल्कुल सही करें भ्रष्टाचार में लिप्त होते हैं बिल्कुल सही है कितना पैसा है और ऐसे लोग चले जाएंगे जो उस पावर को पचा नहीं पाएंगे क्योंकि भेजिए पोस्ट कितना बड़ा होता है हमारे दोस्त की शक्ति होनी चाहिए सुबह में करने की कम दिमाग वाले लोग वहां पहुंच जाते हैं नेता लोग नेताओं के चक्र में अधिकारियों को भी इसमें लिप्त होना पड़ता है क्योंकि और चीज का वास होगा और अधिकारी करता तो अब इसके सुधार रहता नहीं होंगे तो फिर ईमानदार अधिकारियों को मार दिया था हम को सस्पेंड कर दिया था उनको हटा दिया था इसलिए नेता मिलकर बढ़िया आईपीएस आईएएस लोगो पर बनते हैं तो देखिए दिल्ली में जिसे बीजेपी न्यूज़ लगा तो उसका असर कुछ और होता है और पहुंचेंगे तो फिर क्या होगा सोच

tujhe sab log shapath lete hain neta jaankari bilkul sahi kare bhrashtachar me lipt hote hain bilkul sahi hai kitna paisa hai aur aise log chale jaenge jo us power ko pacha nahi payenge kyonki bhejiye post kitna bada hota hai hamare dost ki shakti honi chahiye subah me karne ki kam dimag waale log wahan pohch jaate hain neta log netaon ke chakra me adhikaariyo ko bhi isme lipt hona padta hai kyonki aur cheez ka was hoga aur adhikari karta toh ab iske sudhaar rehta nahi honge toh phir imaandaar adhikaariyo ko maar diya tha hum ko Suspend kar diya tha unko hata diya tha isliye neta milkar badhiya ips IAS logo par bante hain toh dekhiye delhi me jise bjp news laga toh uska asar kuch aur hota hai aur pahunchenge toh phir kya hoga soch

तुझे सब लोग शपथ लेते हैं नेता जानकारी बिल्कुल सही करें भ्रष्टाचार में लिप्त होते हैं बिल्क

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आपका प्रश्न है कोई भी राजनेता जानकारी नौकरी बैंक खाते समय छात्र लेते हैं और फिर बाद में भ्रष्टाचार करते हैं क्या यह सत्य है देखिए भाई साहब कोई भी प्रशासनिक व्यवस्था जो हमारे देश का संविधान है उसके अनुसार कोई भी व्यक्ति जो सरकारी नौकरी बैंक आता है या फिर वह व्यक्ति जो इलेक्शन जीतकर विधायक मंत्री सांसद बनते हैं उन्हें हिंदुस्तान के जो संविधान है उसकी शब्द खानी पड़ती है कि वह हिंदुस्तान के संविधान के प्रति वफादार रहेंगे और आपके पास में है क्या क्या बात फिर तो याद जा बाद में भ्रष्टाचार करते हैं जो सत्य है जो जैसे कोई भी यदि किसी जॉब में आता है वह एक कोरा कागज होता है जो आईएस आती है आईपीएस आते हैं जो भी कितने जितने भी अधिकारी आते हैं जो प्रशासनिक अधिकारी आते शपथ लेते हुए कोरा कागज होता है उनका जो भी जो उनका चरित्र होता है एक कोरा कागज के समान होता है दूसरी तरफ आ जाओ आपको राजनीतिक दल को सरकार बनाते हैं जब वह सब्जेक्ट लेने से पहले सरकार बनाने से पहले भ्रष्टाचार मिथुन का जो मन होता है वह भ्रष्टाचार से भरा होता है लेकिन जो प्रशासनिक अधिकारी जी आप जैसे जब भी जॉब करते हैं उन लोगों का जो पूरा करैक्टर होता है वह पूरा कागज होता है उस पर भ्रष्टाचार की हवा दत्त कौन लिखता है वह हमारा जो राजनीतिक व्यवस्था है यह हमारी राजनीतिक उन उन प्रशासनिक अधिकारियों से अपनी मर्जी के अनुसार कार्य करवाते हैं संविधान के विरुद्ध कार्य करवाते हैं और इसलिए उन लोग ना चाहते हुए भी जो हमारे भ्रष्टाचार है उसमें उसमें वह शामिल हो जाते हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि आपके साथ इस भ्रष्टाचार में लिप्त है कोई भी कार्य होते हैं साउथ 100% व्यक्ति होता है 100 में से 8% व्यक्ति होते भ्रष्टाचार से लिप्त होते चल रही है इसलिए यह बात सही है कि 56 लेने के बाद वह भ्रष्टाचार करते हैं लेकिन प्रशासन प्रशासनिक अधिकारियों को भ्रष्टाचार करने के लिए जो हमारी राजनीतिक दल है राजनीतिक पार्टियां हैं जो सत्ता में कथा प्राप्त करती है वह उनको इस भ्रष्टाचार में शामिल करती है और भविष्य खाती है अगर कोई इनकी बात नहीं मानता तो उनको बार-बार तबादला किया जाता है उनको बच्चों को परेशान किया जाता है यह तो मेरा तो मानना ही है कि जो हमारे प्रशासनिक अधिकारी है वह पहले से भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं आती उनका जो कलेक्टर होता है कोरा कागज होता है उस कोरे कागज पर भ्रष्टाचार की भारत हमारी राजनीतिक लोग ही लिखते हैं धन्यवाद

aapka prashna hai koi bhi raajneta jaankari naukri bank khate samay chatra lete hain aur phir baad me bhrashtachar karte hain kya yah satya hai dekhiye bhai saheb koi bhi prashaasnik vyavastha jo hamare desh ka samvidhan hai uske anusaar koi bhi vyakti jo sarkari naukri bank aata hai ya phir vaah vyakti jo election jeetkar vidhayak mantri saansad bante hain unhe Hindustan ke jo samvidhan hai uski shabd khaani padti hai ki vaah Hindustan ke samvidhan ke prati vafaadar rahenge aur aapke paas me hai kya kya baat phir toh yaad ja baad me bhrashtachar karte hain jo satya hai jo jaise koi bhi yadi kisi job me aata hai vaah ek quora kagaz hota hai jo ias aati hai ips aate hain jo bhi kitne jitne bhi adhikari aate hain jo prashaasnik adhikari aate shapath lete hue quora kagaz hota hai unka jo bhi jo unka charitra hota hai ek quora kagaz ke saman hota hai dusri taraf aa jao aapko raajnitik dal ko sarkar banate hain jab vaah subject lene se pehle sarkar banane se pehle bhrashtachar maithun ka jo man hota hai vaah bhrashtachar se bhara hota hai lekin jo prashaasnik adhikari ji aap jaise jab bhi job karte hain un logo ka jo pura character hota hai vaah pura kagaz hota hai us par bhrashtachar ki hawa dutt kaun likhta hai vaah hamara jo raajnitik vyavastha hai yah hamari raajnitik un un prashaasnik adhikaariyo se apni marji ke anusaar karya karwaate hain samvidhan ke viruddh karya karwaate hain aur isliye un log na chahte hue bhi jo hamare bhrashtachar hai usme usme vaah shaamil ho jaate hain lekin aisa nahi hai ki aapke saath is bhrashtachar me lipt hai koi bhi karya hote hain south 100 vyakti hota hai 100 me se 8 vyakti hote bhrashtachar se lipt hote chal rahi hai isliye yah baat sahi hai ki 56 lene ke baad vaah bhrashtachar karte hain lekin prashasan prashaasnik adhikaariyo ko bhrashtachar karne ke liye jo hamari raajnitik dal hai raajnitik partyian hain jo satta me katha prapt karti hai vaah unko is bhrashtachar me shaamil karti hai aur bhavishya khati hai agar koi inki baat nahi maanta toh unko baar baar tabadla kiya jata hai unko baccho ko pareshan kiya jata hai yah toh mera toh manana hi hai ki jo hamare prashaasnik adhikari hai vaah pehle se bhrashtachar me lipt nahi aati unka jo collector hota hai quora kagaz hota hai us kore kagaz par bhrashtachar ki bharat hamari raajnitik log hi likhte hain dhanyavad

आपका प्रश्न है कोई भी राजनेता जानकारी नौकरी बैंक खाते समय छात्र लेते हैं और फिर बाद में भ्

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यह बिल्कुल सत्य है और जो भी भ्रष्टाचार की शुरुआती बड़े नेता या बड़े अधिकारी से होती है और अधिकतर यह बात सत्य निकलेगी 99 परसेंटेज सख्त बातें

yah bilkul satya hai aur jo bhi bhrashtachar ki shuruati bade neta ya bade adhikari se hoti hai aur adhiktar yah baat satya nikalegi 99 percentage sakht batein

यह बिल्कुल सत्य है और जो भी भ्रष्टाचार की शुरुआती बड़े नेता या बड़े अधिकारी से होती है और

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Sunil Kumar Yadav

Social Worker

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सही भाई को नमस्कार मैं यादव सहयोग राम राम राधे राधे जय श्री कृष्णा आपका प्रश्न है कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करते सर शपथ लेता फिर बाद में भ्रष्टाचार करते यह क्या सत्ता में मानवाधिकार से पैसा निकाल सकते हैं धन्यवाद आपका

sahi bhai ko namaskar main yadav sahyog ram ram radhe radhe jai shri krishna aapka prashna hai koi bhi raajneta ya bada adhikari naukri join karte sir shapath leta phir baad me bhrashtachar karte yah kya satta me manavadhikar se paisa nikaal sakte hain dhanyavad aapka

सही भाई को नमस्कार मैं यादव सहयोग राम राम राधे राधे जय श्री कृष्णा आपका प्रश्न है कोई भी र

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इस बात से सहमत नहीं है बहुत से अधिकारी है इसमें कई ईमानदार है अपने कर्तव्य के लिए बहुत कुछ कुर्बान करते थे मैं कई लोगों से मिला हूं अपनी ईमानदारी से जाने जा यह कहना ठीक नहीं है कि भ्रष्टाचार सभी लोग करते हैं कुछ लोग हैं जो पैसे के लोभ में पड़कर अपना कर्तव्य भूल जाते हैं तो भी मैं समझदार लोग हैं ऐसा नहीं है

is baat se sahmat nahi hai bahut se adhikari hai isme kai imaandaar hai apne kartavya ke liye bahut kuch kurban karte the main kai logo se mila hoon apni imaandaari se jaane ja yah kehna theek nahi hai ki bhrashtachar sabhi log karte hain kuch log hain jo paise ke lobh me padhkar apna kartavya bhool jaate hain toh bhi main samajhdar log hain aisa nahi hai

इस बात से सहमत नहीं है बहुत से अधिकारी है इसमें कई ईमानदार है अपने कर्तव्य के लिए बहुत कुछ

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Yogender Dhillon

Law Educator , Advocate Motivational Coach

0:27
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जब आप किसी भी पोस्ट पर जाते हो चाहे आप ऐसी मनिस्टर जाए चाहे आप किसी ऑफिसर के रूप में जाए तो आपको ज्वाइन करने से पहले पूछ ले नहीं होती है लेकिन वह फिर बाद में भ्रष्टाचार करता है यह जरूरी नहीं है सब भ्रष्टाचार नहीं करते हैं जी यह पूरी तरह सकते नहीं है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि लोग गुस्सा पथ लेने के बाद भी भ्रष्टाचार नहीं करते करते हैं

jab aap kisi bhi post par jaate ho chahen aap aisi minister jaaye chahen aap kisi officer ke roop me jaaye toh aapko join karne se pehle puch le nahi hoti hai lekin vaah phir baad me bhrashtachar karta hai yah zaroori nahi hai sab bhrashtachar nahi karte hain ji yah puri tarah sakte nahi hai lekin aisa bhi nahi hai ki log gussa path lene ke baad bhi bhrashtachar nahi karte karte hain

जब आप किसी भी पोस्ट पर जाते हो चाहे आप ऐसी मनिस्टर जाए चाहे आप किसी ऑफिसर के रूप में जाए त

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aasim

Social Worker

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Shantanu Purohit

Political Analyst, Life Management, Career Counseler

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ले कि कोई व्यक्ति अगर अगर शपथ लेने के बाद कोई ऐसी गतिविधि करता है जो भी शपथ के प्रतिकूल है तो निश्चित रूप से स्वयं को धोखा देने वाले व्यक्ति है वह अपनी मां को पक्का नहीं है उसको अपना पुरुष अपने पुरुषार्थ नहीं है कि वह अपनी मेहनत करके कुछ कमा सके इसलिए भ्रष्टाचार का और गलत रास्तों का प्रयोग करता है जिस व्यक्ति को कॉल कर दूंगी वही तो ऐसा करता है जो असली मर्द हो तो मेहनत से कमाए गाना कोई राजनेता हो कोई बड़ा अधिकारी हो शपथ लेगा बाद में भ्रष्टाचार करेगा तो ऐसा तो होता है और इस प्रकार के लोग समाज को बहुत गंभीर प्रति देते हैं और सत्य तो यह है आपने पूछा क्या यह सत्य निश्चित रूप सत्य को भी समाज में ऐसे देखने को हमें मिलता है जो लोग ऐसा करते हैं ईमान के पक्के नहीं धन्यवाद

le ki koi vyakti agar agar shapath lene ke baad koi aisi gatividhi karta hai jo bhi shapath ke pratikul hai toh nishchit roop se swayam ko dhokha dene waale vyakti hai vaah apni maa ko pakka nahi hai usko apna purush apne purusharth nahi hai ki vaah apni mehnat karke kuch kama sake isliye bhrashtachar ka aur galat raston ka prayog karta hai jis vyakti ko call kar dungi wahi toh aisa karta hai jo asli mard ho toh mehnat se kamaye gaana koi raajneta ho koi bada adhikari ho shapath lega baad me bhrashtachar karega toh aisa toh hota hai aur is prakar ke log samaj ko bahut gambhir prati dete hain aur satya toh yah hai aapne poocha kya yah satya nishchit roop satya ko bhi samaj me aise dekhne ko hamein milta hai jo log aisa karte hain iman ke pakke nahi dhanyavad

ले कि कोई व्यक्ति अगर अगर शपथ लेने के बाद कोई ऐसी गतिविधि करता है जो भी शपथ के प्रतिकूल है

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कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करते समय शपथ लेता है फिर बाद में भ्रष्टाचार करता है क्या यह सत्य है यार देखिए कोई भी का मतलब मेरे इंदरसेन मैं आपसे कहना चाहूंगा सभी एक जैसे नहीं होते हैं हां कुछ लोग उठे हैं अब मेटा कोनिक चलो टाइम फ्री होते 5 साल के लिए होते हैं बाकी सरकारी जॉब जो करते हैं उसमें मूसली तो नहीं कह सकता कुछ ऐसे होते हैं जो जरूर है कि वह भ्रष्टाचार मतलब कि पैसे लेते हैं पैसे लेकर काम करते हैं और अगर पैसे नहीं दिए जाते हैं तो उनको चुनाव में जो आम लोग हैं उनको परेशान करते हैं मनोज दिल्ली बुलाते हैं उन पर लगाम लगाने जरूरी है लेकिन आपको बता दूं कि इन चीजों में काफी लोगों में एकता नहीं होती है अरे देश में एकता नहीं है तो बस यार ऐसे चलता रहेगा काम हो रहा है और खराब होगा उससे अच्छा आंसुओं का मानना है कि देश में कानून होना चाहिए मजबूत अगर यह साबित होता है कि वह भ्रष्टाचार कर रहा था लिप्त पाया जाता है तो उसके अगेंस्ट में सख्त सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए मतलब टर्मिनेट कर देना चाहिए अगर वह फैक्ट के साथ अगर धूप है जो मैं यह नहीं कह रहा कि कुछ इसमें ताकि लोगों को फसाया जाता है उनकी जिंदगी खराब हो सकती हो चीज में टाइट कर दे दो ग्रुप है आपके पास सबूत है उसी के यहां भाई इसमें गलत काम किया है पैसे लिए हैं तब काम किया है तो मुझे लगता है कि कर देना चाहिए रानी तहसील कहना चाहूंगा कि देश में अब भी सच्चे और अच्छे लोग हैं सभी फील्ड में और वह अपनी ईमानदारी से काम करते हैं उन्हें ज्यादा पैसों से कोई लालच नहीं है और ईमानदारी से जो सरकार दे रही है वह उसमें अपने आपको कंफर्टेबल फील करते हैं और खुश रहते हैं तो हम मैं आप यही कहना चाहूंगा कि देखो भ्रष्टाचार को हम लोग बढ़ावा दे रहे हैं जो भी तरीके के बढ़ावा पर जनता के द्वारा दिया जाएगा तभी वह आगे बढ़ रहा है अगर किया जाए कम कर दिया जाए तो मुझे लगता है कि उस पर लगाम लगाई जा सकती है प्रदेश सरकार को उसके लिए तब डिसीजन लेने पड़ेंगे

koi bhi raajneta ya bada adhikari naukri join karte samay shapath leta hai phir baad me bhrashtachar karta hai kya yah satya hai yaar dekhiye koi bhi ka matlab mere indarsen main aapse kehna chahunga sabhi ek jaise nahi hote hain haan kuch log uthe hain ab meta conic chalo time free hote 5 saal ke liye hote hain baki sarkari job jo karte hain usme muesli toh nahi keh sakta kuch aise hote hain jo zaroor hai ki vaah bhrashtachar matlab ki paise lete hain paise lekar kaam karte hain aur agar paise nahi diye jaate hain toh unko chunav me jo aam log hain unko pareshan karte hain manoj delhi bulate hain un par lagaam lagane zaroori hai lekin aapko bata doon ki in chijon me kaafi logo me ekta nahi hoti hai are desh me ekta nahi hai toh bus yaar aise chalta rahega kaam ho raha hai aur kharab hoga usse accha ansuon ka manana hai ki desh me kanoon hona chahiye majboot agar yah saabit hota hai ki vaah bhrashtachar kar raha tha lipt paya jata hai toh uske against me sakht sakht karyawahi ki jani chahiye matlab terminate kar dena chahiye agar vaah fact ke saath agar dhoop hai jo main yah nahi keh raha ki kuch isme taki logo ko phasaya jata hai unki zindagi kharab ho sakti ho cheez me tight kar de do group hai aapke paas sabut hai usi ke yahan bhai isme galat kaam kiya hai paise liye hain tab kaam kiya hai toh mujhe lagta hai ki kar dena chahiye rani tehsil kehna chahunga ki desh me ab bhi sacche aur acche log hain sabhi field me aur vaah apni imaandaari se kaam karte hain unhe zyada paison se koi lalach nahi hai aur imaandaari se jo sarkar de rahi hai vaah usme apne aapko Comfortable feel karte hain aur khush rehte hain toh hum main aap yahi kehna chahunga ki dekho bhrashtachar ko hum log badhawa de rahe hain jo bhi tarike ke badhawa par janta ke dwara diya jaega tabhi vaah aage badh raha hai agar kiya jaaye kam kar diya jaaye toh mujhe lagta hai ki us par lagaam lagayi ja sakti hai pradesh sarkar ko uske liye tab decision lene padenge

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कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करने करते समय शपथ लेता है फिर बाद में भ्रष्टाचार करता है क्या यह सत्य है सत्य भैया की पूरा जो सिस्टम में कुछ ऐसे आदमी होते हैं तिजोरी छाप वैसा सिस्टम और बाहर बना देते हैं यदि आप राजनेता बड़े अधिकारी हैं आप अकेले नहीं निकल सकते हैं अभी निकले तो आपके ऊपर वार हो सकता है सरकार आप को बचाने की कोशिश करते हैं तो आप फील्ड में मार्केट में रहने फील्ड में या अपने जो है कि ऑफिस में सरकारी ऑफिसर हुए यहां पर कुछ ऐसे आईने दिखाने वाले होते हैं सर जिस तरफ पाउडर लगाकर बुड्ढे को या नए-नए अभिनेता बना दिया जाता मैं कब उसी तरह जो हमारे हैं कुछ लोग जो मेकअप करते हैं कहते हैं यार मैं कहता हूं कि मेरे पास ₹1 तो वह मेरा है ₹10 मेरे जेब में आ रहा है तुम मुझे समझ लेना चाहिए कि वह आ रहा है कोई मदद करेगा तो मेरे भगवान है लेकिन वह ₹10 के लिए मुझे क्या करना पड़ेगा मुझे सोचना है मैंने सोचना कहां जाता है ना देखा देखा पाप देखा देखी देखा देखी फोन में यह वही चीज है वह फील्ड में नहीं जाता है पूरा कागजात भी नहीं देख पाएगा ओके बारा डरेगा किए करना बाकी लिखित में जो है वह दूसरा व्यक्ति ही काम करता है राजनेता की परेशानी वह आपके लिए आवाज उठाएगा जहां सब आदमी रहेंगे वहां पर आपके लिए आवाज उठाई नौकरी ज्वाइन नौकरी ज्वाइन का मतलब है घूसखोरी हो रही है बिना घुस के कुछ हो ही नहीं रहा है अच्छे अच्छे बच्चे जो मार्केटिंग में जो काम नहीं करना चाहिए वह कर रहे हैं उनके पास पैसा नहीं है जिसके पास पैसा है तेरे को खुद मार रहा है यदि हम गाय खरीद के लाएंगे तो जरूर उसको दूर होंगे तभी ना उसको दूध मिल रहा है नाम बिना मतलब के हम पैसा पूरी देखें ने पैसा दिया हमने तो हमको पैसा लेना है यह जो है ना के द्वारा अपने दिमाग में तो आपके पास वापस आए यह प्रो एंड कैश फ्लो एंड कैच फेंका हमने तो हम मिलेंगे यह सब बातें हैं या नहीं जो राजनेता होते हैं वह भारी जो है जनसंख्या का जो है घनत्व वह कहां कहां जाएंगे रिमो जाते हैं सोमवार चूहे ने उनको मारने पीटने की धमकी दे दी जाती है उनके ऊपर गाली दे दे जा रहा है मैंने कई बार देखा है कई राजनेता जाते हैं सब मैं बाजार जाता हूं कहते हैं सब गाली देकर वह जा रहा है क्या करें भैया तुमको चाय पिलाए तुम्हारे साथ बैठे उतना उसके पास समय नहीं है एक परिवार चलाने के लिए आधे पास 8 घंटे होते हैं 8 घंटे में अपने परिवार को खिला खिला देता है फिर वह तैयार हो जाता है और हमारी की तादाद लाखों में करोड़ों में हो रही तू किस-किस के दरवाजे पर जायेगा अलग होते हैं अभिनेता होते ले उनका नाम जून के हाथ के नीचे जो काम करने वाले होते हैं वह सभी अच्छे तत्व नहीं होते समय यह सोचते हैं उनसे पहले हमें कार के बैठ जाएं आप वहां तक पहुंचेंगे टैक्सी ली है जैसे की है जो कुछ जानना हो पूछना है कीचड़ नासिर की चमक

koi bhi raajneta ya bada adhikari naukri join karne karte samay shapath leta hai phir baad me bhrashtachar karta hai kya yah satya hai satya bhaiya ki pura jo system me kuch aise aadmi hote hain tijori chhaap waisa system aur bahar bana dete hain yadi aap raajneta bade adhikari hain aap akele nahi nikal sakte hain abhi nikle toh aapke upar war ho sakta hai sarkar aap ko bachane ki koshish karte hain toh aap field me market me rehne field me ya apne jo hai ki office me sarkari officer hue yahan par kuch aise aaine dikhane waale hote hain sir jis taraf powder lagakar buddhe ko ya naye naye abhineta bana diya jata main kab usi tarah jo hamare hain kuch log jo makeup karte hain kehte hain yaar main kahata hoon ki mere paas Rs toh vaah mera hai Rs mere jeb me aa raha hai tum mujhe samajh lena chahiye ki vaah aa raha hai koi madad karega toh mere bhagwan hai lekin vaah Rs ke liye mujhe kya karna padega mujhe sochna hai maine sochna kaha jata hai na dekha dekha paap dekha dekhi dekha dekhi phone me yah wahi cheez hai vaah field me nahi jata hai pura kagajat bhi nahi dekh payega ok bara darega kiye karna baki likhit me jo hai vaah doosra vyakti hi kaam karta hai raajneta ki pareshani vaah aapke liye awaaz uthayega jaha sab aadmi rahenge wahan par aapke liye awaaz uthayi naukri join naukri join ka matlab hai ghuskhori ho rahi hai bina ghus ke kuch ho hi nahi raha hai acche acche bacche jo marketing me jo kaam nahi karna chahiye vaah kar rahe hain unke paas paisa nahi hai jiske paas paisa hai tere ko khud maar raha hai yadi hum gaay kharid ke layenge toh zaroor usko dur honge tabhi na usko doodh mil raha hai naam bina matlab ke hum paisa puri dekhen ne paisa diya humne toh hamko paisa lena hai yah jo hai na ke dwara apne dimag me toh aapke paas wapas aaye yah pro and cash flow and catch fenkaa humne toh hum milenge yah sab batein hain ya nahi jo raajneta hote hain vaah bhari jo hai jansankhya ka jo hai ghanatva vaah kaha kaha jaenge rimo jaate hain somwar chuhe ne unko maarne peetane ki dhamki de di jaati hai unke upar gaali de de ja raha hai maine kai baar dekha hai kai raajneta jaate hain sab main bazaar jata hoon kehte hain sab gaali dekar vaah ja raha hai kya kare bhaiya tumko chai pilaye tumhare saath baithe utana uske paas samay nahi hai ek parivar chalane ke liye aadhe paas 8 ghante hote hain 8 ghante me apne parivar ko khila khila deta hai phir vaah taiyar ho jata hai aur hamari ki tadad laakhon me karodo me ho rahi tu kis kis ke darwaze par jayega alag hote hain abhineta hote le unka naam june ke hath ke niche jo kaam karne waale hote hain vaah sabhi acche tatva nahi hote samay yah sochte hain unse pehle hamein car ke baith jayen aap wahan tak pahunchenge taxi li hai jaise ki hai jo kuch janana ho poochna hai kichad nasira ki chamak

कोई भी राजनेता या बड़ा अधिकारी नौकरी ज्वाइन करने करते समय शपथ लेता है फिर बाद में भ्रष्टाच

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Pooja mahajan

Work At Bank

3:44
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आ नमस्कार आपका क्वेश्चन है कि कोई भी राजनेता या अधिकारी नौकरी ज्वाइन करते समय शपथ लेता है फिर बाद में भ्रष्टाचार करता है क्या यह सत्य है जी आपका कहना एक तरफ से सही भी है और गलत भी या हर अधिकारी हर इंसान एक समान नहीं होता है कई बार हमने भी अपनी लाइफ में ऐसे देखा है कि का जैसे कई लोग ऐसे होते हैं जब वह राजनेता होती है या अधिकारी होते जाए मैली होती है वोट के टाइम पर हाथ जोड़ जोड़ कर वोट मांगते लोगों से बाद में जब लोग उनकी सरकार बना देती है तो वह लोग जो वादे करके जाते हैं वह पूरे नहीं करते हैं मैं मानती हूं इस बात से मैं भी सहमत हूं पर हर एक व्यक्ति एक समान नहीं होता कई लोग ऐसे होते हैं जिन्होंने शपथ लिया तो उनको पूरा करते भी हैं उदाहरण के रूप में आपको बता रही हूं ऐसी हमारी यह किरण बेदी मेन मुंबई आज इनका हमने हमने मोस्टली जिक्र भी सुना का आईपीएस किरण बेदी अपने प्रधानमंत्री देख लीजिए नरेंद्र मोदी इन लोगों ने भी अपनी एक कार्यालय अपने काम के द्वारा एक शपथ ली थी जैसे यह मिनिस्टर बन जा तू जो उस समय इनको सगन दिलाई जाती है जो कसम दिलाई जाती है कई बार कई नेता होती है ऐसे जो कसम के दौरान भी अपनी कसम जाती है और जी हरेक के बस की बात नहीं होती कई बार उनका स्वार्थ उनका लाल उनकी कदमों के बीच में आ जाता है जिससे वह भ्रष्टाचार के मार्ग पर चलने शुरू हो जाती हैं जरूरी नहीं है कि एक राजनेता जो अधिकारी आपने देखा होगा मोस्टली जो डॉक्टर से एमिली होती है आप ज्योति या और भी काफी सारे जोशी कह सकते हैं जैसे कई जजेस होते हैं ऑडियो काफी अधिकारी वगैरह पुलिस वाले सभी अधिकारी सबके सामने शपथ ले लेते क्योंकि मैंने माना है मैंने भी देखा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जब उनको और नौकरी नहीं मिलती है तो बड़ी-बड़ी बातें करते कि अगर हमें मिल जाए तो हम भी करेंगे वह करेंगे पर जब उनको मिल जाती है तो वह मोस्टली उन्हीं लोगों को फिर से तेज उनको रिश्वत देते हैं जिनका उसे स्टेटस होता ना थोड़ा सा राजनेता याद आए राजनीतिक दबाव में आने के कारण व भ्रष्टाचार की मार पसारे के जो कोई लालच या कोई स्वार्थ के कारण आते हैं पर याद रखना के अध्यक्ष हर इंसान एकता नहीं है हर नेता हर अधिकारी एक सामान्य उत्तर पूछ इंसानों का कुछ इंसान में इंसानियत अभी भी है उनका जमीर अभी भी जिंदा है खुद का है कुछ खा नहीं इसी वासियों से कहती कि आपके सवाल का जवाब इसी बात पर छिपा हुआ है हर अधिकारी भ्रष्टाचार नहीं हो सकता नौकरी ज्वाइन करने के समय कुछ है कुछ नहीं है अभी जैसे आपने मोस्टली देखा है कि हर तरफ भ्रष्टाचार फैला हुआ पर कुछ-कुछ जहां गंदगी है वहां सफाई दी है

aa namaskar aapka question hai ki koi bhi raajneta ya adhikari naukri join karte samay shapath leta hai phir baad me bhrashtachar karta hai kya yah satya hai ji aapka kehna ek taraf se sahi bhi hai aur galat bhi ya har adhikari har insaan ek saman nahi hota hai kai baar humne bhi apni life me aise dekha hai ki ka jaise kai log aise hote hain jab vaah raajneta hoti hai ya adhikari hote jaaye maili hoti hai vote ke time par hath jod jod kar vote mangate logo se baad me jab log unki sarkar bana deti hai toh vaah log jo waade karke jaate hain vaah poore nahi karte hain main maanati hoon is baat se main bhi sahmat hoon par har ek vyakti ek saman nahi hota kai log aise hote hain jinhone shapath liya toh unko pura karte bhi hain udaharan ke roop me aapko bata rahi hoon aisi hamari yah kiran bedi main mumbai aaj inka humne humne Mostly jikarr bhi suna ka ips kiran bedi apne pradhanmantri dekh lijiye narendra modi in logo ne bhi apni ek karyalay apne kaam ke dwara ek shapath li thi jaise yah minister ban ja tu jo us samay inko sagan dilai jaati hai jo kasam dilai jaati hai kai baar kai neta hoti hai aise jo kasam ke dauran bhi apni kasam jaati hai aur ji harek ke bus ki baat nahi hoti kai baar unka swarth unka laal unki kadmon ke beech me aa jata hai jisse vaah bhrashtachar ke marg par chalne shuru ho jaati hain zaroori nahi hai ki ek raajneta jo adhikari aapne dekha hoga Mostly jo doctor se emily hoti hai aap jyoti ya aur bhi kaafi saare joshi keh sakte hain jaise kai judges hote hain audio kaafi adhikari vagera police waale sabhi adhikari sabke saamne shapath le lete kyonki maine mana hai maine bhi dekha ki kuch log aise hote hain jab unko aur naukri nahi milti hai toh badi badi batein karte ki agar hamein mil jaaye toh hum bhi karenge vaah karenge par jab unko mil jaati hai toh vaah Mostly unhi logo ko phir se tez unko rishwat dete hain jinka use status hota na thoda sa raajneta yaad aaye raajnitik dabaav me aane ke karan va bhrashtachar ki maar pasare ke jo koi lalach ya koi swarth ke karan aate hain par yaad rakhna ke adhyaksh har insaan ekta nahi hai har neta har adhikari ek samanya uttar puch insano ka kuch insaan me insaniyat abhi bhi hai unka jamir abhi bhi zinda hai khud ka hai kuch kha nahi isi vasiyo se kehti ki aapke sawaal ka jawab isi baat par chhipa hua hai har adhikari bhrashtachar nahi ho sakta naukri join karne ke samay kuch hai kuch nahi hai abhi jaise aapne Mostly dekha hai ki har taraf bhrashtachar faila hua par kuch kuch jaha gandagi hai wahan safaai di hai

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