सरकार ने SC/ST एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्यों पलटा क्या देश में पहले से ही जातिबाद की राजनीति कम थी?...


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कहते हैं ना जब गीदड़ की मौत आती है तो वह शहर की तरफ भागता है ऐसे ही हालात आज कांग्रेस पार्टी के हैं 44 सीटों तक समझ चुकी कांग्रेस कोई भी हथकंडा तैयार करने के लिए तैयार है जिससे कि हिंदू वोट बैंक बिखरे उसमें कूद पड़े इसलिए दलितों को भड़काने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही हाल ही के दिनों में हुए दलित आंदोलन और उसमें दंगों में जिस प्रकार से कांग्रेस का हाथ रहा है नए नए नेताओं को कांग्रेस ने प्रमोट किया है और वह चाहती है कि हिंदू वोट बैंक जितना भी करेगा उतना उसके हित में होगा इसलिए नए एक स्लोगन को भी हाल ही में हम लोगों ने देखा कि दलित मुस्लिम गठजोड़ यदि हो जाता है तुमको शासन करने से कोई नहीं रोक सकता इस प्रकार से हर वो देशद्रोही हथकंडा अपनाने के लिए कांग्रेस तैयार है जिससे कि वह अपने शासन में आ सके मजबूत हो सके ऐसे में केंद्र सरकार को दलित विरोधी बताकर मोदी सरकार को दलित विरोधी बताकर दलितों के फूट डालने का कुत्सित प्रयास विपक्ष के द्वारा किया जा रहा है सुप्रीम कोर्ट का फैसला बेहद संतुलित आप इसमें कहीं कोई दो राय नहीं है फिर भी उस फैसले के खिलाफ किस प्रकार से वातावरण बनाने का तुरंत प्रयास किया गया विपक्षी द्वारा दलितों में असंतोष फैलाने का प्रयास किया गया उसके लिए आवश्यक था कि सरकार अपनी कटिबद्ध ता दलितों के प्रति साबित करें और मोदी सरकार ने अध्यादेश लाकर के कानून केपेसिटी कानून के पक्ष में यह साबित भी कर दिया और साथ ही साथ यह भी सुनिश्चित सभी राज्य कर रहे हैं किस कानून का दुरुपयोग भी नहीं होगा इसमें बहुत ऐसा नहीं है कि इसको

kehte hain na jab gidad ki maut aati hai toh vaah shehar ki taraf bhagta hai aise hi haalaat aaj congress party ke hain 44 seaton tak samajh chuki congress koi bhi hathkanda taiyar karne ke liye taiyar hai jisse ki hindu vote bank bikhare usme kud pade isliye dalito ko bhadkaane ke liye koi core kesar nahi chod rahi haal hi ke dino mein hue dalit andolan aur usme dango mein jis prakar se congress ka hath raha hai naye naye netaon ko congress ne promote kiya hai aur vaah chahti hai ki hindu vote bank jitna bhi karega utana uske hit mein hoga isliye naye ek slogan ko bhi haal hi mein hum logo ne dekha ki dalit muslim gathajod yadi ho jata hai tumko shasan karne se koi nahi rok sakta is prakar se har vo deshdrohi hathkanda apnane ke liye congress taiyar hai jisse ki vaah apne shasan mein aa sake majboot ho sake aise mein kendra sarkar ko dalit virodhi batakar modi sarkar ko dalit virodhi batakar dalito ke feet dalne ka kutsit prayas vipaksh ke dwara kiya ja raha hai supreme court ka faisla behad santulit aap isme kahin koi do rai nahi hai phir bhi us faisle ke khilaf kis prakar se vatavaran banane ka turant prayas kiya gaya vipakshi dwara dalito mein asantosh felane ka prayas kiya gaya uske liye aavashyak tha ki sarkar apni katibddh ta dalito ke prati saabit kare aur modi sarkar ne adhyadesh lakar ke kanoon kepesiti kanoon ke paksh mein yah saabit bhi kar diya aur saath hi saath yah bhi sunishchit sabhi rajya kar rahe hain kis kanoon ka durupyog bhi nahi hoga isme bahut aisa nahi hai ki isko

कहते हैं ना जब गीदड़ की मौत आती है तो वह शहर की तरफ भागता है ऐसे ही हालात आज कांग्रेस पार्

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विकास सिंह

दिल से भारतीय

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरकार ने एससी एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला को क्यों चेंज कर दिया क्या देश में पहले से ही जातिवाद की राजनीति कम थी कि हमारे देश में राजनीति की बात करें तो जातिवाद की राजनीति जो है आग से नहीं हमारी आजादी के बाद से चली आ रही है लोग यहां पर जातिवाद की राजनीति करते हैं साथ ही साथ धनबाद की राजनीति करते हैं तो अगर सरकार को यह जो है इस देश को बचा ही नहीं करती तो मैं भी जिन्हें आगे आने वाले इलेक्शन में ऐसे सीआईडी जो लोग हैं जो दलितों को वोट नहीं करती यह भी कारण हो सकता है कि यह जून को चेंज किया गया ताकि जो हम ले सके सीएसटी लोगों का दलितों का जो वोट बीजेपी को मिल सके आरक्षण की बात करते हैं तो आरक्षण के नाम पर नहीं होनी चाहिए और चेहरे के नाम पर या जाति के नाम पर उसे आरक्षण होना चाहिए जो है मंथली इनकम भी होना चाहिए लोग गरीब हैं जिन्हें कैटेगरी में हर एक लोग पैसे वाले हैं स धोनी है आरक्षण भी नहीं होती जाएगी तो 1 दिन को जला देना होगा शायद हमारे देश में गरीबी को हटाने में केबीसी अमिताभ को आरक्षण नमक डालकर राज करेंगे नहीं हो पाएंगे

sarkar ne SC ST act par supreme court ka faisla ko kyon change kar diya kya desh mein pehle se hi jaatiwad ki raajneeti kam thi ki hamare desh mein raajneeti ki baat kare toh jaatiwad ki raajneeti jo hai aag se nahi hamari azadi ke baad se chali aa rahi hai log yahan par jaatiwad ki raajneeti karte hain saath hi saath dhanbad ki raajneeti karte hain toh agar sarkar ko yah jo hai is desh ko bacha hi nahi karti toh main bhi jinhen aage aane waale election mein aise CID jo log hain jo dalito ko vote nahi karti yah bhi karan ho sakta hai ki yah june ko change kiya gaya taki jo hum le sake CST logo ka dalito ka jo vote bjp ko mil sake aarakshan ki baat karte hain toh aarakshan ke naam par nahi honi chahiye aur chehre ke naam par ya jati ke naam par use aarakshan hona chahiye jo hai monthly income bhi hona chahiye log garib hain jinhen category mein har ek log paise waale hain s dhoni hai aarakshan bhi nahi hoti jayegi toh 1 din ko jala dena hoga shayad hamare desh mein garibi ko hatane mein kbc amitabh ko aarakshan namak dalkar raj karenge nahi ho payenge

सरकार ने एससी एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला को क्यों चेंज कर दिया क्या देश में पहले

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mukeshfrand1234gmail.com

I am student doing B.sc agri.

1:59
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल बहुत ही ज्यादा पढ़ी है पहली बात तो यह कि जो हमारे देश के अंदर जाती है धर्म है और सबसे मोस्ट इंपोर्टेड जो बात है वह यह है कि हमारे देश के अंदर जो जिसको भगवान के देते हैं वह सब से ही जाता है वह क्योंकि 330 करोड़ देवी देवता बाली देश में देखा जाए तो हमारा ही देश से बाकी देशों के मुकाबले जो ज्यादा विकसित है उनके मुकाबले मेरा देश बहुत ज्यादा पीछे यह लिए कि हमारा देश सबसे पीछे नहीं मैं भी प्राऊड है कि मैं इंडिया से मुझे गर्व है इस बात का और इतने सालों के गुलाब में रहने के बाद करने के बाद भी हमारा देश इतनी तरक्की लेकिन हमारे देश के अंदर सबसे ज्यादा जॉब भगवान है गुड इन की वजह से हमारे देश की अलग-अलग जातिवाद में बैठे हुए अलग-अलग धर्म के नाम पर बंटे हुए अलग-अलग पाक की किस्म के अंदर बैठे हैं क्योंकि जो कुछ सीख देता है जो ऐसे हैं जो इस चीज का को प्रॉफिट उठाते हैं उनको इस चीज का बहुत ज्यादा तो मैंने जातिवादी भी बात तो यह तो लोग दिखाओ है असल इस बात का घर आने तक जाएंगे इन को जो कुछ गिने-चुने नेता उनको बहुत ज्यादा प्रॉफिट उस काम को कोई आईडिया नहीं मिल को कितना प्रॉफिट होता तो मैं दिया यह भी समझदार बनो गे अगर पढ़ोगे तो ए जाती है जाती बाद अपने आप खत्म हो जाएगा चीज की आर्थिक स्थिति कैसी है जिसका घर पर कैसे यह टीवी चैनल से अवश्य अपने आप खत्म हो जाएगा इसको खत्म करने की जरूरत नहीं है यह तो अपने आप खत्म है अगर लोग पढ़ेंगे लिखेंगे समझदार और बाकी अंधविश्वास से निकले गांधी स्वास्थ्य मंत्री भूत प्रेत भगवान गॉड इन से निकलो इनसे उम्मीद रखने का कोई महत्व नहीं है तो समझदार बनो पढ़ो लिखो

aapka sawaal bahut hi zyada padhi hai pehli baat toh yah ki jo hamare desh ke andar jaati hai dharm hai aur sabse most imported jo baat hai vaah yah hai ki hamare desh ke andar jo jisko bhagwan ke dete hain vaah sab se hi jata hai vaah kyonki 330 crore devi devta baali desh mein dekha jaaye toh hamara hi desh se baki deshon ke muqable jo zyada viksit hai unke muqable mera desh bahut zyada peeche yah liye ki hamara desh sabse peeche nahi main bhi praud hai ki main india se mujhe garv hai is baat ka aur itne salon ke gulab mein rehne ke baad karne ke baad bhi hamara desh itni tarakki lekin hamare desh ke andar sabse zyada job bhagwan hai good in ki wajah se hamare desh ki alag alag jaatiwad mein baithe hue alag alag dharm ke naam par bante hue alag alag pak ki kism ke andar baithe hain kyonki jo kuch seekh deta hai jo aise hain jo is cheez ka ko profit uthate hain unko is cheez ka bahut zyada toh maine jativadi bhi baat toh yah toh log dikhaao hai asal is baat ka ghar aane tak jaenge in ko jo kuch gine chune neta unko bahut zyada profit us kaam ko koi idea nahi mil ko kitna profit hota toh main diya yah bhi samajhdar bano gay agar padhoge toh a jaati hai jaati baad apne aap khatam ho jaega cheez ki aarthik sthiti kaisi hai jiska ghar par kaise yah TV channel se avashya apne aap khatam ho jaega isko khatam karne ki zarurat nahi hai yah toh apne aap khatam hai agar log padhenge likhenge samajhdar aur baki andhavishvas se nikle gandhi swasthya mantri bhoot pret bhagwan god in se niklo inse ummid rakhne ka koi mahatva nahi hai toh samajhdar bano padho likho

आपका सवाल बहुत ही ज्यादा पढ़ी है पहली बात तो यह कि जो हमारे देश के अंदर जाती है धर्म है और

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