योग में ध्यान कैसे लगाएं?...


user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग और ध्यान दोनों अलग-अलग प्रक्रिया है योग में ध्यान नहीं लगा सकती योग में हमको प्राणायाम आसन करने होते हैं एक्सरसाइज करनी होती है ध्यान में हमको स्थान बंधुओं के अपने हृदय में यदि आपको एक्सरसाइज करती हुई और एक टाइम में एक ही चीज पर

yog aur dhyan dono alag alag prakriya hai yog me dhyan nahi laga sakti yog me hamko pranayaam aasan karne hote hain exercise karni hoti hai dhyan me hamko sthan bandhuon ke apne hriday me yadi aapko exercise karti hui aur ek time me ek hi cheez par

योग और ध्यान दोनों अलग-अलग प्रक्रिया है योग में ध्यान नहीं लगा सकती योग में हमको प्राणायाम

Romanized Version
Likes  26  Dislikes    views  534
WhatsApp_icon
30 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Shiva Soni

Yoga Instructor/ Karate Trainer

1:22
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार एक बहुत ही अच्छा प्रश्न आया है योग में ध्यान कैसे लगाएं सर्वप्रथम तो यह दुष्कर कार्य है कठिन है किंतु निरंतर अभ्यास से यह धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे इसमें आप पारंगत हो जाते हैं इसके लिए सर्वप्रथम सर्वप्रथम आपको ऐसे स्थान का चुनाव करना होता है जो बहुत ही शांत पूर्ण हो इसके बाद अपने लिए आप एक राशन व्यवस्था कर सकते जो सुविधाजनक हो ना तो अधिक गद्देदार वरना अधिक ठोस और अपनी पीठ कमर गर्दन सीधी करके किसी भी सुख पूर्वक आसन में बैठकर आप किसी भी मुद्रा में हाथों को रखा आंखों को बंद करके और अपने अंतर में आप देख सकते हैं स्वास्थ्य में ध्यान इस की सबसे सरल विधि एक सर्वप्रथम जो अभ्यर्थी होते हैं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान करें हर आने वाले स्वास्पो जाने वाले स्वास्थ्य को महसूस करें उसकी काउंटिंग करें उसकी गणना करें प्रारंभिक अभ्यास में आपको यही करना है फिर धीरे-धीरे जैसे-जैसे आप का अभ्यास पक्का होता जाएगा आप किस क्षेत्र में जो है प्रगति होती जाएगी और साथी आपका नाम और मेडिटेशन में पारंगत होते चले जाएंगे

namaskar ek bahut hi accha prashna aaya hai yog me dhyan kaise lagaye sarvapratham toh yah dushkar karya hai kathin hai kintu nirantar abhyas se yah dhire dhire dhire dhire dhire isme aap paarangat ho jaate hain iske liye sarvapratham sarvapratham aapko aise sthan ka chunav karna hota hai jo bahut hi shaant purn ho iske baad apne liye aap ek raashan vyavastha kar sakte jo suvidhajanak ho na toh adhik gaddedar varna adhik thos aur apni peeth kamar gardan seedhi karke kisi bhi sukh purvak aasan me baithkar aap kisi bhi mudra me hathon ko rakha aakhon ko band karke aur apne antar me aap dekh sakte hain swasthya me dhyan is ki sabse saral vidhi ek sarvapratham jo abhyarthi hote hain apne swasthya par dhyan kare har aane waale swaspo jaane waale swasthya ko mehsus kare uski counting kare uski ganana kare prarambhik abhyas me aapko yahi karna hai phir dhire dhire jaise jaise aap ka abhyas pakka hota jaega aap kis kshetra me jo hai pragati hoti jayegi aur sathi aapka naam aur meditation me paarangat hote chale jaenge

नमस्कार एक बहुत ही अच्छा प्रश्न आया है योग में ध्यान कैसे लगाएं सर्वप्रथम तो यह दुष्कर का

Romanized Version
Likes  26  Dislikes    views  236
WhatsApp_icon
user

Yog Guru Amit Agrawal Rishiyog

Yoga Acupressure Expert

1:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप अपने युग में ध्यान कैसे लगाएं देखिए ध्यान के लिए मैं आपको जैसा कि आप लग रहा है कि आप फर्स्ट टाइम या प्रारंभिक स्तर पर ध्यान के लिए गाइडेंस चाहते हैं तो इसके लिए मैं यही कहूंगा कि ध्यान के साथ-साथ प्राणायाम बहुत जरूरी है अगर आप प्राणायाम में स्थिरता बना पाते हैं प्राणायाम पूरे कंसंट्रेशन के साथ कुछ देर बैठ कर लगातार कर पाते हैं प्राणायाम में अपने मन की एकाग्रता सांसो पर बना पाते हैं तो आप ध्यान जल्दी कर पाएंगे और ध्यान में जल्दी एकाग्र हो पाएंगे ध्यान के लिए आप ओमकार उच्चारण का सहारा ले सकते हैं जैसे आपने 11 बार ओमकार का उच्चारण किया और फिर उसके बाद कम से कम 5 से 7 मिनट 10 मिनट आप आंखें बंद करके बैठे और अपना ध्यान उस ओंकार की बायो रिटर्न्स पर या निराकार उसको जो उससे धोनी के साथ-साथ उसका जो चित्र है जिसको आकार के अंग सॉरी तो उस पर आप लगाइए तो आप देखेंगे कि आपका धीरे-धीरे कंसंट्रेशन इंप्रूव होगा इसके साथ-साथ आप जिस भी इष्ट देवी देवता को मानते हैं जो भी आपके गुरु हैं उनको मानसिक तौर पर आंखें बंद करके उनके चित्र पर अपनी कल्पना से उनको ध्यान लगाइए या फिर आप जो भी गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हो या आप जॉब कर सकते हैं उसको आंख बंद करके मन ही मन सोच के साथ सामान्य तरीके से आंखें बंद करके कुछ देर दोहराना है मन ही मन तो इस तरह आप धीरे-धीरे ध्यान की प्रारंभिक स्तर पर आप जा सकते हैं जैसे जैसे आपका मन एकाग्र होगा तो आप फिर अपने ध्यान को आप देखेंगे धन कर पाएंगे अपने शरीर को स्थिर कर पाएंगे और मन को स्थिर कर पाएंगे हरि ओम

aap apne yug me dhyan kaise lagaye dekhiye dhyan ke liye main aapko jaisa ki aap lag raha hai ki aap first time ya prarambhik sthar par dhyan ke liye guidance chahte hain toh iske liye main yahi kahunga ki dhyan ke saath saath pranayaam bahut zaroori hai agar aap pranayaam me sthirta bana paate hain pranayaam poore kansantreshan ke saath kuch der baith kar lagatar kar paate hain pranayaam me apne man ki ekagrata saanso par bana paate hain toh aap dhyan jaldi kar payenge aur dhyan me jaldi ekagra ho payenge dhyan ke liye aap omkar ucharan ka sahara le sakte hain jaise aapne 11 baar omkar ka ucharan kiya aur phir uske baad kam se kam 5 se 7 minute 10 minute aap aankhen band karke baithe aur apna dhyan us onkaar ki bio returns par ya nirakaar usko jo usse dhoni ke saath saath uska jo chitra hai jisko aakaar ke ang sorry toh us par aap lagaaiye toh aap dekhenge ki aapka dhire dhire kansantreshan improve hoga iske saath saath aap jis bhi isht devi devta ko maante hain jo bhi aapke guru hain unko mansik taur par aankhen band karke unke chitra par apni kalpana se unko dhyan lagaaiye ya phir aap jo bhi gayatri mantra ya mahamrityunjay mantra ka jaap karte ho ya aap job kar sakte hain usko aankh band karke man hi man soch ke saath samanya tarike se aankhen band karke kuch der doharana hai man hi man toh is tarah aap dhire dhire dhyan ki prarambhik sthar par aap ja sakte hain jaise jaise aapka man ekagra hoga toh aap phir apne dhyan ko aap dekhenge dhan kar payenge apne sharir ko sthir kar payenge aur man ko sthir kar payenge hari om

आप अपने युग में ध्यान कैसे लगाएं देखिए ध्यान के लिए मैं आपको जैसा कि आप लग रहा है कि आप फर

Romanized Version
Likes  573  Dislikes    views  4093
WhatsApp_icon
user

Sadhak Anshit

Yoga Teacher

1:43
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है कि योग में ध्यान कैसे लगाएं तो मैं आपको बताना चाहूंगा यूं तो योग में ध्यान की 112 अलग-अलग विधियां हैं परंतु भारतवर्ष में जो सबसे प्रचलित व सरल विधि रही वह विपश्यना ध्यान विधि रहे विपस्सना का अभ्यास करने के पूर्व हमें आनापान सती ध्यान विधि का अभ्यास करना चाहिए हम अपनी श्वास श्वास को देखने का कार्य करते हैं अपनी आती हुई स्वास्थ को देखना एवं जाति विश्वास को देखना इस तरह जब हम अपने स्वास्थ्य को देखते हैं तो हमारा मन धीरे-धीरे शांत होने लगता है एवं विचार विहीन होने लगता है हमारे मन का कार्य है या तू व भविष्य की गतिविधियों में फंसा रहता है या तो आप भूतकाल के क्रियाकलापों में फंसा रहता है परंतु जब हम अपने नाक के अग्रभाग में अपनी बाईं नासिका तथा दाहिनी नासिका तथा ऊंट के ऊपर उठ के ऊपरी हिस्से की तरफ इस त्रिभुज इस त्रिकोण में अगर हम अपने मन को लगाते हैं अपने स्वास्थ एवं पश्चात अर्थात अपने स्वास्थ्य के आना एवं जाने को जब हम देखना शुरु करते हैं तो धीरे धीरे धीरे हमारा मन हमारे भूत एवं भविष्य से हटकर धीरे-धीरे आपकी स्वास्थ अर्थात आप के वर्तमान प्रत्येक में लगता है और आपके वर्तमान में टिकते ही आपकी इस सारे विचार धीरे-धीरे मंत्र पढ़कर शांत हो जाते हैं जिससे हम गहरे ध्यान की ओर अग्रसर हो जाते हैं धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai ki yog me dhyan kaise lagaye toh main aapko batana chahunga yun toh yog me dhyan ki 112 alag alag vidhiyan hain parantu bharatvarsh me jo sabse prachalit va saral vidhi rahi vaah vipashyana dhyan vidhi rahe vipassana ka abhyas karne ke purv hamein anapan sati dhyan vidhi ka abhyas karna chahiye hum apni swas swas ko dekhne ka karya karte hain apni aati hui swaasth ko dekhna evam jati vishwas ko dekhna is tarah jab hum apne swasthya ko dekhte hain toh hamara man dhire dhire shaant hone lagta hai evam vichar vihin hone lagta hai hamare man ka karya hai ya tu va bhavishya ki gatividhiyon me fansa rehta hai ya toh aap bhootkaal ke kriyaklapon me fansa rehta hai parantu jab hum apne nak ke agrabhag me apni bain nasika tatha dahini nasika tatha unth ke upar uth ke upari hisse ki taraf is tribhuj is trikon me agar hum apne man ko lagate hain apne swaasth evam pashchat arthat apne swasthya ke aana evam jaane ko jab hum dekhna shuru karte hain toh dhire dhire dhire hamara man hamare bhoot evam bhavishya se hatakar dhire dhire aapki swaasth arthat aap ke vartaman pratyek me lagta hai aur aapke vartaman me tikte hi aapki is saare vichar dhire dhire mantra padhakar shaant ho jaate hain jisse hum gehre dhyan ki aur agrasar ho jaate hain dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है कि योग में ध्यान कैसे लगाएं तो मैं आपको बताना चाहूंगा यूं तो योग मे

Romanized Version
Likes  217  Dislikes    views  2192
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग में ध्यान कैसे लगाना चाहिए योग में ध्यान लगाने के लिए पहले आपको योग और ध्यान की व्याख्या समझ लेना चाहिए कि योग का अर्थ क्या होता है योग का अर्थ होता है मेरे भाई आत्मा और परमात्मा का मिलन जिसको योग कहते योग तथा पर था अगर आपके समझ में आता है तो पिछले साढे 5000 साल पहले भगवान श्री कृष्ण के गीता के अंदर धन की महत्वपूर्ण बात बताइए उस धन को लेकर के आप योग करिए तो आपका ध्यान ऑटोमेटिकली लग जाएगा योग में ही ध्यान रखता है और धर्म के लिए ही योग करते प्रयोग की परिभाषा ही हमको मालूम नहीं तो क्या समझ में आ जाएगा योग की परिभाषा पहले जान लो तो प्रॉपर आपके समझ में आ जाएगा अर्जुन से कितना प्रयोग आपके समझ में आएगा तो कोई ध्यान लगाने की आवश्यकता नहीं योग में ही धरती

yog me dhyan kaise lagana chahiye yog me dhyan lagane ke liye pehle aapko yog aur dhyan ki vyakhya samajh lena chahiye ki yog ka arth kya hota hai yog ka arth hota hai mere bhai aatma aur paramatma ka milan jisko yog kehte yog tatha par tha agar aapke samajh me aata hai toh pichle sadhe 5000 saal pehle bhagwan shri krishna ke geeta ke andar dhan ki mahatvapurna baat bataiye us dhan ko lekar ke aap yog kariye toh aapka dhyan atometikli lag jaega yog me hi dhyan rakhta hai aur dharm ke liye hi yog karte prayog ki paribhasha hi hamko maloom nahi toh kya samajh me aa jaega yog ki paribhasha pehle jaan lo toh proper aapke samajh me aa jaega arjun se kitna prayog aapke samajh me aayega toh koi dhyan lagane ki avashyakta nahi yog me hi dharti

योग में ध्यान कैसे लगाना चाहिए योग में ध्यान लगाने के लिए पहले आपको योग और ध्यान की व्याख्

Romanized Version
Likes  393  Dislikes    views  2322
WhatsApp_icon
user

Dhananjay Janardan Suryavanshi

Founder & Director - Yogeej Meditation

1:16
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ध्यान एक योगा का अंग है आज तक लोग में जिसे हम धारणा ध्यान समाधि एकत्र करते हैं जो अंतरंग योग भी कहलाता है ध्यान लगाने के लिए पहले धारणा होने की आवश्यकता है जिसे हमारे यहां पूजा विधि करते हैं जिसमें कर्मकांड रहते हैं एक कारण हमें धारणा की तरफ ले जाते हैं धारणा अलग और एकाग्रता कंसंट्रेशन अलग होता है धारणा मतलब एक ही चीज के ऊपर ध्यान देना उसके आया हूं आया हूं का विचार करना और बाद में जो भी कुछ हम कर्म करते हैं और सब उसके प्रिंसिपल की तरफ ध्यान देना यही ध्यान होता है इसीलिए धारणा से हम शुरुआत करेंगे तो ध्यान में हम समा जाते हैं और ध्यान के बाद जब यह धारणा ध्यान से दोनों एक रूप हो जाते हैं तो समाधि अवस्था प्राप्त होते हैं जैसे वह देश साधक साधना और सिद्धि ए तीन चीजें एक साथ हो जाएगी तो हमें समाधि का आनंद मिलता है इसे मराठी में त्रिपुटी बोलते त्रिपुटी सांडली आने के साधक उसकी साधना और सिद्धि तीनों एक ही हो जाते हैं

dhyan ek yoga ka ang hai aaj tak log me jise hum dharana dhyan samadhi ekatarr karte hain jo antarang yog bhi kehlata hai dhyan lagane ke liye pehle dharana hone ki avashyakta hai jise hamare yahan puja vidhi karte hain jisme karmakand rehte hain ek karan hamein dharana ki taraf le jaate hain dharana alag aur ekagrata kansantreshan alag hota hai dharana matlab ek hi cheez ke upar dhyan dena uske aaya hoon aaya hoon ka vichar karna aur baad me jo bhi kuch hum karm karte hain aur sab uske principal ki taraf dhyan dena yahi dhyan hota hai isliye dharana se hum shuruat karenge toh dhyan me hum sama jaate hain aur dhyan ke baad jab yah dharana dhyan se dono ek roop ho jaate hain toh samadhi avastha prapt hote hain jaise vaah desh sadhak sadhna aur siddhi a teen cheezen ek saath ho jayegi toh hamein samadhi ka anand milta hai ise marathi me triputi bolte triputi sandali aane ke sadhak uski sadhna aur siddhi tatvo ek hi ho jaate hain

ध्यान एक योगा का अंग है आज तक लोग में जिसे हम धारणा ध्यान समाधि एकत्र करते हैं जो अंतरंग य

Romanized Version
Likes  267  Dislikes    views  2212
WhatsApp_icon
user

Rajkumar Koree

Founder & Director - Fitstop Fitness Studio

0:28
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग में ध्यान लगाना ही आसान है अब धीरे-धीरे पहले योग की का टेस्ट करें अब कपालभाति ज्यादा से ज्यादा करें अपने साथ जो आपकी दीदी में आपका स्वागत है उस पर फोकस करें आप उस पर ध्यान लगाना चालू करें एक दिन वह होगा जब आप एक ध्यान को अच्छे से कनेक्ट कर सकें

yog me dhyan lagana hi aasaan hai ab dhire dhire pehle yog ki ka test kare ab kapalbhati zyada se zyada kare apne saath jo aapki didi me aapka swaagat hai us par focus kare aap us par dhyan lagana chaalu kare ek din vaah hoga jab aap ek dhyan ko acche se connect kar sake

योग में ध्यान लगाना ही आसान है अब धीरे-धीरे पहले योग की का टेस्ट करें अब कपालभाति ज्यादा स

Romanized Version
Likes  222  Dislikes    views  1954
WhatsApp_icon
user

Rashmin Trivedi

Motivational Speaker | Writer | Life Coach

3:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग यानि परमात्मा का मिलन जोड़ना परमात्मा से जुड़ जाने का नाम योग्यता उस छूट छूट जाने की जो बिजी है उसे योग की सारी प्रक्रिया कहते हैं कोई क्रिया योग कहता है कोई अलग-अलग योग की विधि ककरिया कहते हैं तो योग में ध्यान लगाने की बात ऐसा नहीं है ध्यान योग का एक अंश है एक पार्ट है यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि ऐसे 8 रंगों से बना स्थान योग है और इस तरह के जो योग है उसकी योग में हमें ध्यान सातवें चरण पर आता है तो सबसे पहले ध्यान हम डायरेक्ट लगा नहीं सकते हैं इसलिए हमें प्राणायाम करना होता है और योग का एक दूसरा अर्थ है रीडर मेन बैलेंस तो हमारे पास में और हमारे जीवन में रिदम आए और हमारे जीवन में बैलेंस है तो योग की और आप आगे बढ़ सकते हैं उसे सबसे पहले आपके लिए जरूरी है प्राणायाम करना प्राणायाम करेंगे तो उसके बाद प्रत्याहार होगा यानी बाहर जाती हुई व्यक्तियों को आप भीतर अपने भीतर ले जा सकेंगे और उसे उसका जो बाहर जाने का जो आदत है उसे अपने भीतर मोड एंगे और अपने भीतर ही उस ऊर्जा को संभाल कर रखेंगे ऊर्जा को बाहर जाने नहीं देंगे उससे प्रत्याहार कहते हैं कि जो अपना इंप्रेशन फूल है अपनी जो पूरी एनर्जी है उस एनर्जी को भीतर ही उपयोग में लाने की पूरी प्रक्रिया का नाम प्रत्याहार है फिर झरना आएगी धरना का मतलब है हमारा स्वास्थ्य और जो विचार है उसका संबंध है तो श्वास और विचार के संबंध में से हमें पूरी प्रोसेस करते हैं कि स्वास चलता रहे विचार उसी में से बनते हैं तो विचार बने और वह विचार धीरे-धीरे हमारी निर्विचार अवस्था की और हम जाएं उसके लिए हमारा प्रयास लेता है उसे धारणा कहते हैं धारणा ध्यान की बिल्कुल शुरुआत की स्थिति है जैसे कि 10 सेकेंड के लिए हमारे विचार डीजे सारी प्रक्रिया है वह चलती रहे और हम उसे साक्षी भाव से देखते रहे उसे 10 सेकंड के लिए अगर देख सके उसके बिना इनरोल हुए बिना किसी तरह के मेमोरी डाले बिना उसे सिर्फ देखें तो उसको देखने की जो पूरी प्रोसेस है 10 सेकंड के लिए उसे धारणा कहते हैं 100 सेकंड के लिए उसे ध्यान कहते हैं अगर देश और सेकेंड के लिए आती-जाती स्वास्थ्य को देखें और उसमें से पैदा होते हुए विचारों को देखें तो उसे ध्यान कहते हैं और 100 सेकंड से ज्यादा और 4 वर्ष तक हम देखते रहे तो उसे समाधि कहते हैं तो ध्यान के लिए आप जो महर्षि पतंजलि ने बताया है अष्टांग योग उस से शुरुआत करनी होगी और उसी तरह से प्राणायाम की शुरुआत होगी तो धीरे-धीरे आपके मेरी

yog yani paramatma ka milan jodna paramatma se jud jaane ka naam yogyata us chhut chhut jaane ki jo busy hai use yog ki saari prakriya kehte hain koi kriya yog kahata hai koi alag alag yog ki vidhi kakriya kehte hain toh yog me dhyan lagane ki baat aisa nahi hai dhyan yog ka ek ansh hai ek part hai yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi aise 8 rangon se bana sthan yog hai aur is tarah ke jo yog hai uski yog me hamein dhyan satve charan par aata hai toh sabse pehle dhyan hum direct laga nahi sakte hain isliye hamein pranayaam karna hota hai aur yog ka ek doosra arth hai reader main balance toh hamare paas me aur hamare jeevan me ryhthm aaye aur hamare jeevan me balance hai toh yog ki aur aap aage badh sakte hain use sabse pehle aapke liye zaroori hai pranayaam karna pranayaam karenge toh uske baad pratyahar hoga yani bahar jaati hui vyaktiyon ko aap bheetar apne bheetar le ja sakenge aur use uska jo bahar jaane ka jo aadat hai use apne bheetar mode enge aur apne bheetar hi us urja ko sambhaal kar rakhenge urja ko bahar jaane nahi denge usse pratyahar kehte hain ki jo apna impression fool hai apni jo puri energy hai us energy ko bheetar hi upyog me lane ki puri prakriya ka naam pratyahar hai phir jharna aayegi dharna ka matlab hai hamara swasthya aur jo vichar hai uska sambandh hai toh swas aur vichar ke sambandh me se hamein puri process karte hain ki swas chalta rahe vichar usi me se bante hain toh vichar bane aur vaah vichar dhire dhire hamari nirvichar avastha ki aur hum jayen uske liye hamara prayas leta hai use dharana kehte hain dharana dhyan ki bilkul shuruat ki sthiti hai jaise ki 10 second ke liye hamare vichar DJ saari prakriya hai vaah chalti rahe aur hum use sakshi bhav se dekhte rahe use 10 second ke liye agar dekh sake uske bina inarol hue bina kisi tarah ke memory dale bina use sirf dekhen toh usko dekhne ki jo puri process hai 10 second ke liye use dharana kehte hain 100 second ke liye use dhyan kehte hain agar desh aur second ke liye aati jaati swasthya ko dekhen aur usme se paida hote hue vicharon ko dekhen toh use dhyan kehte hain aur 100 second se zyada aur 4 varsh tak hum dekhte rahe toh use samadhi kehte hain toh dhyan ke liye aap jo maharshi patanjali ne bataya hai ashtanga yog us se shuruat karni hogi aur usi tarah se pranayaam ki shuruat hogi toh dhire dhire aapke meri

योग यानि परमात्मा का मिलन जोड़ना परमात्मा से जुड़ जाने का नाम योग्यता उस छूट छूट जाने की ज

Romanized Version
Likes  42  Dislikes    views  981
WhatsApp_icon
user

Shyam Vispute

Yoga Instructor

1:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी देखिए योग में ध्यान कैसे लगाएं सबसे पहले मैं आपको बताना चाहूंगा कि योग के कुछ अंग है उसमें आता है इस पर लाश ना बाद में प्राणायामा दशहरा देना ध्यान धारणा समाधि तू ध्यान व योग का एक अंग है जब पासन कर लेते हो जवाब प्रणाम कर लेते हो तो उसके बाद में आप ध्यान में उतरते हो तो ध्यान में तब उतरा जा सकता है जब आप आसन कर लेते हो और आपका गायब हो जाता है उसके बाद मैं आपको आराम से आ पुत्र सेक्टर वास ध्यान में और ध्यान कैसे लगाए मतलब ध्यान कैसे लगाए आपका आसन करना होगा योगासन हमने कर लिया है आपने प्राणायाम आपका कर लिया और उसके बाद आपने बैठ जाना है आप बैठ जाना है आपकी अपनी सांसों के ऊपर आपने कौन सा स्टेशन किया लंबी गहरी सांसे लिए और जो होता है उसे होने दिया बस इसी को ध्यान कहते हैं ध्यानी होने की प्रक्रिया ध्यान करने की प्रक्रिया नहीं है सुबह को बैठ जाना है बस बहुत है उसे होने देना है इसी को ध्यान कहते हैं तो आप शुरू शुरू में आपका ध्यान वैसे नहीं लगेगा लेकिन चैटिंग में आपका की जी आप अपने सांसों के ऊपर फोकस कीजिए विदं बिखेरी सांसे लेते रहिए थोड़ी देर तक और अपने आप आपका ध्यान हो जाएगा थोड़ी देर में और 20 मिनट सब को मिनिमम बैठना 20 मिनट बैठ सकते हैं हम उसके बाद में अच्छा खासा ध्यान हो जाता आपका 20 मिनट में तो आप ही से कीजिए और आपको काफी लाभ होगा इससे लेकिन यह करना है आपको आसान और प्रणाम होने के बाद में नमो नारायण

ji dekhiye yog me dhyan kaise lagaye sabse pehle main aapko batana chahunga ki yog ke kuch ang hai usme aata hai is par laash na baad me pranayama dussehra dena dhyan dharana samadhi tu dhyan va yog ka ek ang hai jab pasan kar lete ho jawab pranam kar lete ho toh uske baad me aap dhyan me utarate ho toh dhyan me tab utara ja sakta hai jab aap aasan kar lete ho aur aapka gayab ho jata hai uske baad main aapko aaram se aa putra sector was dhyan me aur dhyan kaise lagaye matlab dhyan kaise lagaye aapka aasan karna hoga yogasan humne kar liya hai aapne pranayaam aapka kar liya aur uske baad aapne baith jana hai aap baith jana hai aapki apni shanson ke upar aapne kaun sa station kiya lambi gehri sanse liye aur jo hota hai use hone diya bus isi ko dhyan kehte hain dhyani hone ki prakriya dhyan karne ki prakriya nahi hai subah ko baith jana hai bus bahut hai use hone dena hai isi ko dhyan kehte hain toh aap shuru shuru me aapka dhyan waise nahi lagega lekin chatting me aapka ki ji aap apne shanson ke upar focus kijiye vidan bikheri sanse lete rahiye thodi der tak aur apne aap aapka dhyan ho jaega thodi der me aur 20 minute sab ko minimum baithana 20 minute baith sakte hain hum uske baad me accha khasa dhyan ho jata aapka 20 minute me toh aap hi se kijiye aur aapko kaafi labh hoga isse lekin yah karna hai aapko aasaan aur pranam hone ke baad me namo narayan

जी देखिए योग में ध्यान कैसे लगाएं सबसे पहले मैं आपको बताना चाहूंगा कि योग के कुछ अंग है उस

Romanized Version
Likes  250  Dislikes    views  1248
WhatsApp_icon
user

Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

2:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका क्वेश्चन है योग में ध्यान कैसे करें देखिए ध्यान जो है योग का ही एक पार्ट है तो आपको मैं अब मुद्दे पर चलता हूं कि ध्यान कैसे करें तो ध्यान करने के लिए पहले आपको ब्रह्म मुहूर्त में जागने का प्रयास करें और नित्य क्रियाओं से निवृत्त होने के बाद ध्यान करने का तरीका है ध्यान में बैठने का 3 आसन है जिसे हम वज्रासन सबको सुख आसन पद्मासन होता है यह तीनों आश्रम में किसी भी आसन में अंतर 32 शतक और तीन बार गहरी लंबी सांस लें और शरीर को बिल्कुल टाइट रखें मेरुदंड बिल्कुल भी झुका हुआ ना हो गर्दन बिल्कुल सीधी रेखा में तीन बार गहरी लंबी था आंखें कोमलता से बंद कर दें दोनों हाथ यानी दोनों हाथ के अंगूठे और तर्जनी आपस में मिलाएं यह दोनों उंगली मिलने के बाद यह ज्ञान मुद्रा का निर्माण हो गया अब आइए आपको मैं बताना चाहूंगा कि ध्यान कैसे करते हैं तो धीरे-धीरे आप अपनी आंखों को कोमलता से बंद कर ले उसके बाद आप अपने आते जाते सांस का अनुभव करें और करते चले जाए ऐसा कम से कम 40 से 45 मिनट तक रोज करें अगर करते हैं तो आपका मन और मस्तिष्क बिल्कुल सुनीता के तरफ बढ़ना शुरू हो जाएगा खराब हो जाएगा जब तक सुन्नता के तरफ आपका मन मस्तिष्क और चित्र अग्रसर नहीं होगा तब तक आप फोन नहीं कर सकते क्योंकि धान का सबसे बड़ा दुश्मन चलता है शारीरिक चंचलता मानसिक चंचलता और बौद्धिक चंचलता जब तक इस चंचलता को दूर नहीं करेंगे ध्यान हम नहीं कर सकते तो प्रारंभिक रिया को व्यक्ति किसी भी व्यक्ति के लिए प्रारंभिक रिया नितांत आवश्यक होता है हर व्यक्ति के अंदर चंचलता विद्वान होती है उसे रोकने के लिए इस तरह का क्रिया अभिक्रिया करना पड़ता है अपने शरीर अपने मन और अपने चित्त को बिल्कुल स्थिर करना पड़ता है तब जाकर धान की शुरुआत होती है धन्यवाद

aapka question hai yog me dhyan kaise kare dekhiye dhyan jo hai yog ka hi ek part hai toh aapko main ab mudde par chalta hoon ki dhyan kaise kare toh dhyan karne ke liye pehle aapko Brahma muhurt me jagne ka prayas kare aur nitya kriyaon se sevanervit hone ke baad dhyan karne ka tarika hai dhyan me baithne ka 3 aasan hai jise hum vajrasan sabko sukh aasan padmasana hota hai yah tatvo ashram me kisi bhi aasan me antar 32 shatak aur teen baar gehri lambi saans le aur sharir ko bilkul tight rakhen merudand bilkul bhi jhuka hua na ho gardan bilkul seedhi rekha me teen baar gehri lambi tha aankhen komalta se band kar de dono hath yani dono hath ke anguthe aur tarjani aapas me milaen yah dono ungli milne ke baad yah gyaan mudra ka nirmaan ho gaya ab aaiye aapko main batana chahunga ki dhyan kaise karte hain toh dhire dhire aap apni aakhon ko komalta se band kar le uske baad aap apne aate jaate saans ka anubhav kare aur karte chale jaaye aisa kam se kam 40 se 45 minute tak roj kare agar karte hain toh aapka man aur mastishk bilkul sunita ke taraf badhana shuru ho jaega kharab ho jaega jab tak sunnata ke taraf aapka man mastishk aur chitra agrasar nahi hoga tab tak aap phone nahi kar sakte kyonki dhaan ka sabse bada dushman chalta hai sharirik chanchalata mansik chanchalata aur baudhik chanchalata jab tak is chanchalata ko dur nahi karenge dhyan hum nahi kar sakte toh prarambhik riya ko vyakti kisi bhi vyakti ke liye prarambhik riya nitant aavashyak hota hai har vyakti ke andar chanchalata vidhwaan hoti hai use rokne ke liye is tarah ka kriya abhikriya karna padta hai apne sharir apne man aur apne chitt ko bilkul sthir karna padta hai tab jaakar dhaan ki shuruat hoti hai dhanyavad

आपका क्वेश्चन है योग में ध्यान कैसे करें देखिए ध्यान जो है योग का ही एक पार्ट है तो आपको म

Romanized Version
Likes  165  Dislikes    views  3809
WhatsApp_icon
user

Yogi Arjun

Yoga Instructor

5:24
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सवाल है योग में ध्यान कैसे लगाएं ध्यान का तो मतलब है वही की है सब जगह सेंट्रेशन कंसंट्रेशन आफ कहां पर जैसे आप कहां पर लगाते हो जब आपको किसी बुक से बुक कोई पसंद है तो मुंह पर कैसे ध्यान लग जाता है या कोई गेम पसंद है क्रिकेट फुटबॉल या कोई अपोजित सेक्स लाइक लड़का है लड़की पसंद तो पूरा ध्यान कैसे काग्र हो जाता है फंडामेंटली इसके लिए आपको वैसे भी समझना होगा कि ध्यान लगाने से पहले पहले तो आप फिजिकलिटी कॉस्ट ऑफ कंसंट्रेशन रिप्लेसमेंट मतलब आपके ध्यान लगाने का सबसे पहला जो फंक्शन हो सकता है वह है आपके शारीरिक कंडीशन अगर आप को बुखार 101 तो आप लगा पाओगे कुछ काम कर पाओगे नहीं उसी तरीके से ध्यान लगाने के लिए पहले आप शारीरिक तौर पर एकदम स्वस्थ रहना चाहिए और आपको लंबी देते बैठने का आपके शरीर में सुविधा होनी चाहिए जैसे अगर कोई 5 मिनट बैठ जाता है ट्रांसलेट करके तो उसको पैर में नस आ जाता है तो उनको नहीं होना चाहिए इसके लिए पहले तो आपको काम करना पड़ेगा तरीके से मासूम दर्शन का मतलब है आपको योगिक प्रिंसिपल फॉलो करना है फिर हमसे कमासिन का आपको ऐसे अगर सर्फर्स को स्टेप्स है असल में जाने के 2022 के आना है ए बी सी डी डी सी ए बी सी डी ए अवैध अवैध होते हो अभी मैं भी हमेशा चेंज होता है वह हमेशा नया होता है तो अगर आप समूह वीरभद्रासन दो करते हो उसमें अब जब जाओगे उस मोमेंट में ही पूरी तरह से आपकी एकाग्रता आपका मन शरीर और साथियों एकाग्र रूप से एक ही जगह पर होता है आपके आश्रम में जाने इसे हम बोलते हैं इंग्लिश में यू आर नॉट डूइंग वेल बीइंग जो कि इस दिन यहां पराधीन हो तो हमेशा जो एक्सपीरियंस होगा भले एक ही रास्ते पर जा रहे हो तो भी आपको अलग होगा एक ही पेड़ के पास हुआ लगेगी माउंटेन छोटे वाले की ध्यान नहीं करना चाहिए आप सब्जी काट रहे तो कोशिश करो कि आपका पूरा ध्यान नहीं रहा अगर आपका कहीं खेलने जा रहे हो तो शिवप्रसाद में आ गए कुछ और नहीं है कोई रिलेशन नहीं है आज से दो चार हजार तीन हजार साल पुरानी जो फाइंडिंग्स है हमारे भारतीय सभ्यता की सूची यह था कि उनको पता ही नहीं था कि कोई वेस्टर्न कल्चर है कोई अलग कल्चर है उनके उस टाइम पर तो जो इंसान थे हुई सारे एक ही है मैं बोल रही थी मैं कुछ था जो वीडियो बताइए आपका खून मेरा खून का खून कोई फर्क थोड़ी है सबसे नजदीकी सीरियल में किसी ने गलत सोच से जिंदगी जी अलग सरकमस्टेंस पसंदगी जी वहां के लोगों ने मिलकर एक रिलेशन मनाया यहां के लोगों ने वीके का मतलब ही यूनियन है बहुत संघर्ष और एक उसके अंदर उससे बाहर आइए अपने अहंकार को हटाइए अपने हम कार को मारी है जिसके उसे क्रोध द्वेष यह सारी चीजें ए ट्रेड गुस्सा जो आपको जल्दी होता है यह सब जब निकल जाएगा तो बचेगा क्या से प्रेम से प्रेम होगा तो आपके अंदर अपने आप क्यों मन होगा योग होगा जब खुद में योग होगा तो बाकी में भी आप उसी को मिलाने की कोशिश करोगे जो भी होता है वह बाहर से अंदर ही होता है जो हम आज की दुनिया में देख रहे कि सामने वाला हमें कैसे अपने को कितना मार्क्स दे रहा है हमारा आज योग का फंडामेंटल यह कहता है कि हम अंदर से बाहर क्या करते हैं बाकी जो बाहर होगा वह देखा जाएगा हमारे अंदर कुछ विचलित नहीं होना चाहिए कोई संघर्ष नहीं हुआ समानता योग और ध्यान के लिए आप को दर्शन दे पाया हूं मैं ऑल द बेस्ट विशेष योग पाठ थैंक यू

sawaal hai yog me dhyan kaise lagaye dhyan ka toh matlab hai wahi ki hai sab jagah sentreshan kansantreshan of kaha par jaise aap kaha par lagate ho jab aapko kisi book se book koi pasand hai toh mooh par kaise dhyan lag jata hai ya koi game pasand hai cricket football ya koi apojit sex like ladka hai ladki pasand toh pura dhyan kaise kagra ho jata hai fundamentally iske liye aapko waise bhi samajhna hoga ki dhyan lagane se pehle pehle toh aap fijikliti cost of kansantreshan replacement matlab aapke dhyan lagane ka sabse pehla jo function ho sakta hai vaah hai aapke sharirik condition agar aap ko bukhar 101 toh aap laga paoge kuch kaam kar paoge nahi usi tarike se dhyan lagane ke liye pehle aap sharirik taur par ekdam swasth rehna chahiye aur aapko lambi dete baithne ka aapke sharir me suvidha honi chahiye jaise agar koi 5 minute baith jata hai translate karke toh usko pair me nas aa jata hai toh unko nahi hona chahiye iske liye pehle toh aapko kaam karna padega tarike se masoom darshan ka matlab hai aapko yogic principal follow karna hai phir humse kamasin ka aapko aise agar surfers ko steps hai asal me jaane ke 2022 ke aana hai a be si d d si a be si d a awaidh awaidh hote ho abhi main bhi hamesha change hota hai vaah hamesha naya hota hai toh agar aap samuh virabhadrasan do karte ho usme ab jab jaoge us moment me hi puri tarah se aapki ekagrata aapka man sharir aur sathiyo ekagra roop se ek hi jagah par hota hai aapke ashram me jaane ise hum bolte hain english me you R not doing well being jo ki is din yahan paradhin ho toh hamesha jo experience hoga bhale ek hi raste par ja rahe ho toh bhi aapko alag hoga ek hi ped ke paas hua lagegi mountain chote waale ki dhyan nahi karna chahiye aap sabzi kaat rahe toh koshish karo ki aapka pura dhyan nahi raha agar aapka kahin khelne ja rahe ho toh shivaprasad me aa gaye kuch aur nahi hai koi relation nahi hai aaj se do char hazaar teen hazaar saal purani jo findings hai hamare bharatiya sabhyata ki suchi yah tha ki unko pata hi nahi tha ki koi western culture hai koi alag culture hai unke us time par toh jo insaan the hui saare ek hi hai main bol rahi thi main kuch tha jo video bataiye aapka khoon mera khoon ka khoon koi fark thodi hai sabse najdiki serial me kisi ne galat soch se zindagi ji alag sarakamastens pasandagi ji wahan ke logo ne milkar ek relation manaya yahan ke logo ne VK ka matlab hi union hai bahut sangharsh aur ek uske andar usse bahar aaiye apne ahankar ko hataiye apne hum car ko mari hai jiske use krodh dvesh yah saari cheezen a trade gussa jo aapko jaldi hota hai yah sab jab nikal jaega toh bachega kya se prem se prem hoga toh aapke andar apne aap kyon man hoga yog hoga jab khud me yog hoga toh baki me bhi aap usi ko milaane ki koshish karoge jo bhi hota hai vaah bahar se andar hi hota hai jo hum aaj ki duniya me dekh rahe ki saamne vala hamein kaise apne ko kitna marks de raha hai hamara aaj yog ka fundamental yah kahata hai ki hum andar se bahar kya karte hain baki jo bahar hoga vaah dekha jaega hamare andar kuch vichalit nahi hona chahiye koi sangharsh nahi hua samanata yog aur dhyan ke liye aap ko darshan de paya hoon main all the best vishesh yog path thank you

सवाल है योग में ध्यान कैसे लगाएं ध्यान का तो मतलब है वही की है सब जगह सेंट्रेशन कंसंट्रेशन

Romanized Version
Likes  60  Dislikes    views  1587
WhatsApp_icon
Likes  81  Dislikes    views  2632
WhatsApp_icon
user

Gautam Verma

Yoga Instructor https://youtu.be/RYUxHWXiDy4

1:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखें ध्यान लगाए नहीं जाता है ध्यान एक घटना है क्या बनी है तब होती है जब हम धारणा करते हैं धारणा करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है हम बैठकर अपने बालाजी कलेक्टिविटी हमारे शरीर में जो घटना घट रही है सबसे प्रैक्टिकल है हमारी सांसे वेदर आदि सांसे और जाति सांसो पर अपना ख्याल को दिखाना है सेव करना है आंखें बंद करके कोई भी ध्यान वाले आसन में डालना है सुखासन में बैठ जाइए चाहे पद्मासन में और इस सब उसी समय बैठने के बाद आपने अपनी वेदर आती सांसे हो जाती सांसों की तरह ख्याल करना है धीरे-धीरे आपकी विचार आपके जो मन में है वह कम होना शुरू हो जाएंगे और एक नहीं समझती थी आना शुरू हो जाएगी इसके बाद कुछ दिनों की प्रैक्टिस के बाद और उसको लगातार बाहर बार करने के बाद आपको आत्मसाक्षात्कार हो सकता है और आप आने वाले और अवस्थाओं को प्राप्त कर सकते हैं सदा से हो सकते हैं परमात्मा स्वरुप में एक हो सकते हैं और इसे ऐक्ट्ेस करनी है आपने रोज आपने पद्मासन पर बैठ इसको ध्यान को अपने-अपने धारणा को अपनी सांसो की तरफ लाना है 15:20 मिनट जब भी आप बैठे इसके बाद उसने कि आपने एक सुरुर एक चीज का ख्याल रखना कि आपने प्राणायाम जरूर करना है और उसमें अनुलोम विलोम प्राणायाम तीन-चार मिनट अनुलोम विलोम प्राणायाम करें हर एक फैशन के बाद और दिन में कम से कम भी तीन या चार बार से प्रैक्टिस करें आप पद्मासन में बैठकर अपने सांसों का ख्याल करें 1 मिनट तक और उसके बाद आपने 349 प्राणायाम करना है अनुलोम-विलोम प्राणायाम नमस्कार को शो करें

dekhen dhyan lagaye nahi jata hai dhyan ek ghatna hai kya bani hai tab hoti hai jab hum dharana karte hain dharana karne ke liye sabse accha tarika hai hum baithkar apne balaji kalektiviti hamare sharir me jo ghatna ghat rahi hai sabse practical hai hamari sanse Weather aadi sanse aur jati saanso par apna khayal ko dikhana hai save karna hai aankhen band karke koi bhi dhyan waale aasan me dalna hai sukhasan me baith jaiye chahen padmasana me aur is sab usi samay baithne ke baad aapne apni Weather aati sanse ho jaati shanson ki tarah khayal karna hai dhire dhire aapki vichar aapke jo man me hai vaah kam hona shuru ho jaenge aur ek nahi samajhti thi aana shuru ho jayegi iske baad kuch dino ki practice ke baad aur usko lagatar bahar baar karne ke baad aapko atmasakshatkar ho sakta hai aur aap aane waale aur avasthaon ko prapt kar sakte hain sada se ho sakte hain paramatma swarup me ek ho sakte hain aur ise aiktes karni hai aapne roj aapne padmasana par baith isko dhyan ko apne apne dharana ko apni saanso ki taraf lana hai 15 20 minute jab bhi aap baithe iske baad usne ki aapne ek surur ek cheez ka khayal rakhna ki aapne pranayaam zaroor karna hai aur usme anulom vilom pranayaam teen char minute anulom vilom pranayaam kare har ek fashion ke baad aur din me kam se kam bhi teen ya char baar se practice kare aap padmasana me baithkar apne shanson ka khayal kare 1 minute tak aur uske baad aapne 349 pranayaam karna hai anulom vilom pranayaam namaskar ko show kare

देखें ध्यान लगाए नहीं जाता है ध्यान एक घटना है क्या बनी है तब होती है जब हम धारणा करते हैं

Romanized Version
Likes  170  Dislikes    views  1057
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखित ध्यान लगाया नहीं जा सकता ध्यान लगता है जब आप धीरे-धीरे एकाग्र होने लग जाते हैं और बाहर की चीजों को आप कम से कम देखते हैं और भीतर की और आपकी दृष्टि पड़ती है तो निश्चित रूप से कब जो है आप इस ओर अग्रसर होते हैं हमारे यहां कहा भी गया है अंतर के पट कब खुले जब बाहर के प्रति यानि जब हम बाहर देखना छोड़ देते हैं तो हमारे हम अंदर ही और प्रवेश करते हैं और बाहर की जो दुनिया है यह ग्लैमर है चकाचौंध एक दिखावा है लेकिन जो अंदर का जगत है यह सत्य है यह सनातन है यह दिव्य है यह हमें परम आनंद को देने वाला है जो बाहर की चीजें हैं यह हमें आंशिक रूप से थोड़ी देर के लिए शनि का आनंद दे सकती है लेकिन जो भी चीजें हैं यह हमको अनंत तक ले जा सकती है जो मानव जीवन का जो दिए हैं उस परमात्मा की प्राप्ति उस परमात्मा की प्राप्ति करा सकते हैं

likhit dhyan lagaya nahi ja sakta dhyan lagta hai jab aap dhire dhire ekagra hone lag jaate hain aur bahar ki chijon ko aap kam se kam dekhte hain aur bheetar ki aur aapki drishti padti hai toh nishchit roop se kab jo hai aap is aur agrasar hote hain hamare yahan kaha bhi gaya hai antar ke pat kab khule jab bahar ke prati yani jab hum bahar dekhna chhod dete hain toh hamare hum andar hi aur pravesh karte hain aur bahar ki jo duniya hai yah Glamour hai chakachaundh ek dikhawa hai lekin jo andar ka jagat hai yah satya hai yah sanatan hai yah divya hai yah hamein param anand ko dene vala hai jo bahar ki cheezen hain yah hamein aanshik roop se thodi der ke liye shani ka anand de sakti hai lekin jo bhi cheezen hain yah hamko anant tak le ja sakti hai jo manav jeevan ka jo diye hain us paramatma ki prapti us paramatma ki prapti kara sakte hain

लिखित ध्यान लगाया नहीं जा सकता ध्यान लगता है जब आप धीरे-धीरे एकाग्र होने लग जाते हैं और बा

Romanized Version
Likes  176  Dislikes    views  1736
WhatsApp_icon
user

Swami Umesh Yogi

Peace-Guru (Global Peace Education)

0:32
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हाउ टो एडिट एडिट एडिट एडिट एडिट एडिट संडे है पेंट एंड पासवर्ड फॉर यू टो अंडरस्टैंड अंडरस्टैंड यू कैन जॉइन वेदिक कल्चर सेंटर डॉट कॉम ऑल राइट योर गूगल स्वामी यू कैन फाइंड योर सलाम तिरुपति स्टेशन इज नॉट विलिंग फाइटिंग विद माइंड

how toe edit edit edit edit edit edit sunday hai paint and password for you toe understand understand you can join vedic culture center dot com all right your google swami you can find your salaam tirupati station is not willing fighting with mind

हाउ टो एडिट एडिट एडिट एडिट एडिट एडिट संडे है पेंट एंड पासवर्ड फॉर यू टो अंडरस्टैंड अंडरस्ट

Romanized Version
Likes  222  Dislikes    views  2189
WhatsApp_icon
user

Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

0:41
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आयोग में ध्यान की एक प्रक्रिया होती है और ध्यान से पहले कोशिश आते कीजिए के आसन और प्राणायाम को करने की कोशिश कीजिए और अंत में आग लगाने की कोशिश कीजिए क्योंकि जब आप शुरू करते हैं तो आपके बॉडी के विभिन्न भागों विन पार्ट्स भौतिक जाते हैं और आपकी जो पूरी बॉडी है फिर से एक्टिव जाती है और जवाब उसका प्रणाम करते हैं तो बॉडी भी कुछ शांत और इलायची जाती है और आपका जो मन हो जाता है कादर खान की पिक लगा तेल लगाना काफी आसान हो जाता है और बस ध्यान लगाने पूरा ध्यान की शांति को कर पाते हैं और अपने जीवन को शांति की ओर ले जा पाते हैं

aayog me dhyan ki ek prakriya hoti hai aur dhyan se pehle koshish aate kijiye ke aasan aur pranayaam ko karne ki koshish kijiye aur ant me aag lagane ki koshish kijiye kyonki jab aap shuru karte hain toh aapke body ke vibhinn bhaagon win parts bhautik jaate hain aur aapki jo puri body hai phir se active jaati hai aur jawab uska pranam karte hain toh body bhi kuch shaant aur elaichi jaati hai aur aapka jo man ho jata hai kadar khan ki pic laga tel lagana kaafi aasaan ho jata hai aur bus dhyan lagane pura dhyan ki shanti ko kar paate hain aur apne jeevan ko shanti ki aur le ja paate hain

आयोग में ध्यान की एक प्रक्रिया होती है और ध्यान से पहले कोशिश आते कीजिए के आसन और प्राणाया

Romanized Version
Likes  294  Dislikes    views  3236
WhatsApp_icon
user

Shashikant Mani Tripathi

Yoga Expert | Life Coach

2:43
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अष्टांग योग में ध्यान सातवां अंग है और उसकी स्थिति तब होती है जब सबसे पहले हम धारणा करना सीख ले भावना से पहले जब हमारी इंद्रियों संसार के विषयों की तरफ उन्मुख रहती हैं बाहर की तरफ गतिशील रहते हैं क्योंकि हम देखें अगर तो पूरे समय हम बाहरी विषयों का ज्ञान प्राप्त करते रहते हैं प्रत्याहार की साधना से जब हम बाहरी विषयों के प्रति इंद्रियों के प्रवाह को रोक लेते हैं तब हम इस स्थिति में आते हैं कि कहीं पर अपने चित्त को एकाग्र कर सके और एकाग्रता अगर लगातार बनी रहे तो उसे ध्यान कहते हैं ध्यान से ही हम इस जगत में अपनी स्वरूप की तरफ यह संसार के किसी वस्तु के प्राप्ति की भी शादी कर सकते हैं इसलिए हम साधारण तय करते भी हैं कि ध्यान से करना ध्यान से ध्यान का मतलब चित्र का एकाग्र होना और चित्त एकाग्र तभी होता है जब वह अपने स्वाभाविक स्थिति यानी कि अपनी चित्त की चंचलता वाली स्थिति से मुक्त होकर एकाग्र की स्थिति में आएं मन को कर देखें आप तो मन में विचारों की अंतहीन श्रृंखला चलती रहती है कभी मन विचारों से सुन नहीं होता और जब मंदिर विचार होता है या नहीं जब मन एकाग्र होता है तो एकाग्रता के साथ ही मन निर्मल निर्मल हो जाता है निर्मल या निर्मल के हैं या अमन के अमन हो जाता है तो ध्यान से हम मन को एकाग्र करना सीखते हैं और एकाग्रता लगातार बनी रहे तो ध्यान और एकाग्रता करने में कुछ बाधाएं हैं तो धारणा और जब इस दोनों की सिद्धि होती है तब हमें समाधि का अनुभव होता है इसलिए ध्यान का अर्थ है एक आग्रह एकाग्र होने के लिए आपको पहले अपनी इंद्रियों के बहिर्गमन को रोकना होगा इसलिए अष्टांग योग में जो आठ अंग है उनका क्रमशः अनुपालन करेंगे तो छुट्टी होगी कई बार क्या होता है हम किसी ने ध्यान कर देते हैं प्राणायाम करने लगते हैं तो फिर हम नहीं मिलता इसलिए आपके साथ का प्रयोग करें तो निश्चित ही ध्यान से आप संसार की वांछित चीजों को तो पा ही सकते हैं साथ ही साथ अपने स्वरूप में भी उपलब्ध होने के लिए ध्यान एक सीढ़ी है उसके बाद स्वरूप के का साक्षात्कार होता है धन्यवाद

ashtanga yog me dhyan satvaan ang hai aur uski sthiti tab hoti hai jab sabse pehle hum dharana karna seekh le bhavna se pehle jab hamari indriyon sansar ke vishyon ki taraf unmukh rehti hain bahar ki taraf gatisheel rehte hain kyonki hum dekhen agar toh poore samay hum bahri vishyon ka gyaan prapt karte rehte hain pratyahar ki sadhna se jab hum bahri vishyon ke prati indriyon ke pravah ko rok lete hain tab hum is sthiti me aate hain ki kahin par apne chitt ko ekagra kar sake aur ekagrata agar lagatar bani rahe toh use dhyan kehte hain dhyan se hi hum is jagat me apni swaroop ki taraf yah sansar ke kisi vastu ke prapti ki bhi shaadi kar sakte hain isliye hum sadhaaran tay karte bhi hain ki dhyan se karna dhyan se dhyan ka matlab chitra ka ekagra hona aur chitt ekagra tabhi hota hai jab vaah apne swabhavik sthiti yani ki apni chitt ki chanchalata wali sthiti se mukt hokar ekagra ki sthiti me aaen man ko kar dekhen aap toh man me vicharon ki antahin shrinkhala chalti rehti hai kabhi man vicharon se sun nahi hota aur jab mandir vichar hota hai ya nahi jab man ekagra hota hai toh ekagrata ke saath hi man nirmal nirmal ho jata hai nirmal ya nirmal ke hain ya aman ke aman ho jata hai toh dhyan se hum man ko ekagra karna sikhate hain aur ekagrata lagatar bani rahe toh dhyan aur ekagrata karne me kuch baadhayain hain toh dharana aur jab is dono ki siddhi hoti hai tab hamein samadhi ka anubhav hota hai isliye dhyan ka arth hai ek agrah ekagra hone ke liye aapko pehle apni indriyon ke bahirgaman ko rokna hoga isliye ashtanga yog me jo aath ang hai unka kramashah anupaalan karenge toh chhutti hogi kai baar kya hota hai hum kisi ne dhyan kar dete hain pranayaam karne lagte hain toh phir hum nahi milta isliye aapke saath ka prayog kare toh nishchit hi dhyan se aap sansar ki vanchit chijon ko toh paa hi sakte hain saath hi saath apne swaroop me bhi uplabdh hone ke liye dhyan ek sidhi hai uske baad swaroop ke ka sakshatkar hota hai dhanyavad

अष्टांग योग में ध्यान सातवां अंग है और उसकी स्थिति तब होती है जब सबसे पहले हम धारणा करना स

Romanized Version
Likes  262  Dislikes    views  2029
WhatsApp_icon
user

Anshu Sarkar

Founder & Director, Sarkar Yog Academy

5:49
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहले मैं आपको नमस्कार मेरी तरफ से आपका जो सवाल है पूरी तरह से क्लियर योग में ध्यान कैसे लगाएं कि आप ध्यान के बारे में जानना चाहते हैं कि योग में हम फोकस कैसे करें कि मैं दोनों का ही जूस का मीनिंग दो हो रहा वह दोनों का इमेज ऑफ ने पुस्तक में ध्यान कैसे लगाएं युग में ध्यान लगाने के पहले योग के तरफ उत्तराखंड के पहले आप को आंख बंद करके आज किस-किस टीम दुनिया के बारे में सोचना है क्योंकि आज कृतिम दुनिया में जहां स्वास्थ्य में प्रदूषण खाना में मिलावट चारों तरफ तनाव ऐसे अवस्था में मनुष्य को निरोग एवं चिंता मत रहना असंभव प्रतीत हो रहा है इस असंभव को संभव में बदलता है योग प्रमाण विदाउट मेडिसिन दवा के बिना योग्य कैसा माध्यम है जिसके द्वारा आप निरोग एवं चिंता मत रह सकते हैं इस दुनिया में भी दूसरा कोई और रितिक ने की है तो योग में ध्यान लगाने के लिए पॉइंट आपको मिला है क्योंकि योग में ध्यान लगाने कैसे लगाएंगे पड़ेगा और क्वेश्चन मेरे को दिख रहा है कि योग में योग का एक पाठ है ध्यान उसको हम कैसे लगाएं जैसे युग में 300 यम नियम आसन प्रधान प्रधान मध्यान समाधि उसमें तीन है योग के द्वारा कई जॉइंट संबंधित बीमारी से निजात पा सकते हैं संबंधित बीमारी से निजात पा सकते शक्ति का विकास करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर आने से प्रवेश करने के लिए रोक सकते हैं यह तीसरा है ध्यान दो आप का सवाल है चंचल मन करता को बढ़ाता है नेगेटिव थॉट को दूर करके पॉजिटिव सोच शुचिता को मस्जिद में रखता है एक आत्मविश्वास बढ़ाता है यह है तो ध्यान लगाने के लिए पहले आपको आसन करना है फिर प्रणाम करना है फिर उसके बाद ध्यान लगाना है ध्यान लगाने के लिए सिर्फ प्रवेश होना चाहिए मौन व्रत होना चाहिए ऐसा जगह में अध्ययन करें जहां थोड़ा ऑक्सीजन भी आए अगर रूम अंधेरा हो ऐसा माहौल होना चाहिए ध्यान कई प्रकार का होता है आप कैंडल जलाकर उसको देखकर भी ध्यान कर सकते हैं दीवाल में गोल शक्ल बनाकर उस पर ध्यान कर सकते हैं अपना स्वास्थ्य पर ध्यान कर सकते हैं उस पर गतिविधि को ले रहे हैं साथ छोड़ रहे हैं उस स्वास्थ्य प्रशासन अभी अपना ध्यान लगा सकते हैं अपना लेवल पर अपना भी ध्यान लगा सकते हैं कई प्रकार का होता है दोनों सवाल के मैंने आपको जवाब देने का कोशिश किया अब मैं कहना चाहूंगा आप अपना जीवन में योग प्रणाम एवं ध्यान को अपनाने वाला देश को निरोग शरीर चिंता मुक्त मन आपको विश्वास भरा दिल बाजुओं मे ताकत जीवन में कुछ कर गुजरने का चाहा दीर्घायु और सुंदर स्वास्थ्य सुंदर निरोग एवं चिंतन के लिए योग स्वास्थ्य बिना धन-दौलत बेकार स्वास्थ्य के बिना धन दौलत बेकार योग अपनाएं यह अंशु सरकार की पुकार और आज का दिन में वर्तमान में इस समय बीमारी पूरा दुनिया का अपना सराउंडिंग अपना सरके में लेने की कोशिश कर रहा है उससे निजात दिलाने के लिए उस निजात पाने के लिए मैं एक ही बात कहूंगा उसको ध्यान से सुने जीवन में इंप्लीमेंट करें लड़ने से पहले हारना नहीं लड़ने से पहले हारना नहीं मरने से पहले मरना नहीं और कोरोनावायरस से डरना नहीं इससे विजय पा सकते हैं उसको पराजय किया जा सकता है और उसको पर आ जा करके पराजित करके हमारा महान देश को मुक्त बनाया जा सकता है धन्यवाद

sabse pehle main aapko namaskar meri taraf se aapka jo sawaal hai puri tarah se clear yog me dhyan kaise lagaye ki aap dhyan ke bare me janana chahte hain ki yog me hum focus kaise kare ki main dono ka hi juice ka meaning do ho raha vaah dono ka image of ne pustak me dhyan kaise lagaye yug me dhyan lagane ke pehle yog ke taraf uttarakhand ke pehle aap ko aankh band karke aaj kis kis team duniya ke bare me sochna hai kyonki aaj kritim duniya me jaha swasthya me pradushan khana me milavat charo taraf tanaav aise avastha me manushya ko nirog evam chinta mat rehna asambhav pratit ho raha hai is asambhav ko sambhav me badalta hai yog pramaan without medicine dawa ke bina yogya kaisa madhyam hai jiske dwara aap nirog evam chinta mat reh sakte hain is duniya me bhi doosra koi aur hrithik ne ki hai toh yog me dhyan lagane ke liye point aapko mila hai kyonki yog me dhyan lagane kaise lagayenge padega aur question mere ko dikh raha hai ki yog me yog ka ek path hai dhyan usko hum kaise lagaye jaise yug me 300 yum niyam aasan pradhan pradhan madhyan samadhi usme teen hai yog ke dwara kai joint sambandhit bimari se nijat paa sakte hain sambandhit bimari se nijat paa sakte shakti ka vikas karke rog pratirodhak kshamta ko badhakar aane se pravesh karne ke liye rok sakte hain yah teesra hai dhyan do aap ka sawaal hai chanchal man karta ko badhata hai Negative thought ko dur karke positive soch shuchita ko masjid me rakhta hai ek aatmvishvaas badhata hai yah hai toh dhyan lagane ke liye pehle aapko aasan karna hai phir pranam karna hai phir uske baad dhyan lagana hai dhyan lagane ke liye sirf pravesh hona chahiye maun vrat hona chahiye aisa jagah me adhyayan kare jaha thoda oxygen bhi aaye agar room andhera ho aisa maahaul hona chahiye dhyan kai prakar ka hota hai aap Candle jalakar usko dekhkar bhi dhyan kar sakte hain diwal me gol shakl banakar us par dhyan kar sakte hain apna swasthya par dhyan kar sakte hain us par gatividhi ko le rahe hain saath chhod rahe hain us swasthya prashasan abhi apna dhyan laga sakte hain apna level par apna bhi dhyan laga sakte hain kai prakar ka hota hai dono sawaal ke maine aapko jawab dene ka koshish kiya ab main kehna chahunga aap apna jeevan me yog pranam evam dhyan ko apnane vala desh ko nirog sharir chinta mukt man aapko vishwas bhara dil bajuon mein takat jeevan me kuch kar guzarne ka chaha dirghayu aur sundar swasthya sundar nirog evam chintan ke liye yog swasthya bina dhan daulat bekar swasthya ke bina dhan daulat bekar yog apanaen yah anshu sarkar ki pukaar aur aaj ka din me vartaman me is samay bimari pura duniya ka apna surrounding apna sarake me lene ki koshish kar raha hai usse nijat dilaane ke liye us nijat paane ke liye main ek hi baat kahunga usko dhyan se sune jeevan me implement kare ladane se pehle harana nahi ladane se pehle harana nahi marne se pehle marna nahi aur coronavirus se darna nahi isse vijay paa sakte hain usko parajay kiya ja sakta hai aur usko par aa ja karke parajit karke hamara mahaan desh ko mukt banaya ja sakta hai dhanyavad

सबसे पहले मैं आपको नमस्कार मेरी तरफ से आपका जो सवाल है पूरी तरह से क्लियर योग में ध्यान कै

Romanized Version
Likes  251  Dislikes    views  1761
WhatsApp_icon
user

Neelam Chauhan

Yoga Teacher

2:19
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है योग में ध्यान कैसे लगाएं तो इसका मतलब यह है कि आप सब कुछ करते हैं लेकिन करने के बाद भी आप उसमें आपका ध्यान नहीं होता है आप कहीं और कुछ सोच रहे होते हैं वह सब कुछ करने के करने के समय तो ऐसा होता है बहुत सारे लोगों के साथ ऐसा होता है कि वह सब कुछ कर लेता है लेकिन करने के बाद भी उसको मालूम नहीं होता उसको उसके बेनिफिट नहीं मिलते हैं क्योंकि वह उस समय कहीं कुछ और ही सोच ना होता है कुछ और ही विचार कर रहा होता है कुछ और ही संकल्प चल रहे होते हैं उसके तो जब भी आप योग करें तो सबसे पहले आप अपने आपको कृपया करके चाहे उत्ता होना चाहिए एक डेडीकेशन होना चाहिए कि हां मुझे मैं जो करने जा रहा हूं या करने जा रही हूं वह मुझे करना है और मुझे पूरी फोकस करके मुझे किस करनी है तो जब आप यह सोचकर आप अपने संकल्प को दृढ़ करके जाएंगे आपकी एक घंटा आधा घंटा दो घंटा जिम्मेदारियों के लिए दे रहा हूं दे रही हूं उसमें यह मेरा अपना समय है और इस समय में मैं कुछ भी नहीं सोचूंगी मैं कुछ भी नहीं विचार करूंगी अपने जो अगर विचार आते भी है उस समय तो आप उसको हटा देंगे आप बोले नहीं तुम चाहो मुझे सिर्फ और सिर्फ अभी योग करने हैं योग में आप योग आसन कर सकते हैं आप प्राणायाम कर सकते हैं और आप मेडिटेशन कर सकते हैं मुद्राएं कर सकते हैं तो आप जब यह सारी चीजें कर रहे हो तो आप अपने आप को बार बार और यह सुझाव दें कि मैं मुझे यह करना है और मैं ही करके रहूंगी डेफिनेटली आप उसमें सफल हो जाएंगे कुछ टाइम बाद और आप कंटिन्यू जब पहनाई हम भी करते रहेंगे ध्यान करते रहेंगे तो आपका सब कुछ आपेक्षित हो जाएंगे सब सही हो जाए

aapka prashna hai yog me dhyan kaise lagaye toh iska matlab yah hai ki aap sab kuch karte hain lekin karne ke baad bhi aap usme aapka dhyan nahi hota hai aap kahin aur kuch soch rahe hote hain vaah sab kuch karne ke karne ke samay toh aisa hota hai bahut saare logo ke saath aisa hota hai ki vaah sab kuch kar leta hai lekin karne ke baad bhi usko maloom nahi hota usko uske benefit nahi milte hain kyonki vaah us samay kahin kuch aur hi soch na hota hai kuch aur hi vichar kar raha hota hai kuch aur hi sankalp chal rahe hote hain uske toh jab bhi aap yog kare toh sabse pehle aap apne aapko kripya karke chahen utta hona chahiye ek dedikeshan hona chahiye ki haan mujhe main jo karne ja raha hoon ya karne ja rahi hoon vaah mujhe karna hai aur mujhe puri focus karke mujhe kis karni hai toh jab aap yah sochkar aap apne sankalp ko dridh karke jaenge aapki ek ghanta aadha ghanta do ghanta jimmedariyon ke liye de raha hoon de rahi hoon usme yah mera apna samay hai aur is samay me main kuch bhi nahi sochungi main kuch bhi nahi vichar karungi apne jo agar vichar aate bhi hai us samay toh aap usko hata denge aap bole nahi tum chaho mujhe sirf aur sirf abhi yog karne hain yog me aap yog aasan kar sakte hain aap pranayaam kar sakte hain aur aap meditation kar sakte hain mudraen kar sakte hain toh aap jab yah saari cheezen kar rahe ho toh aap apne aap ko baar baar aur yah sujhaav de ki main mujhe yah karna hai aur main hi karke rahungi definetli aap usme safal ho jaenge kuch time baad aur aap continue jab pahnai hum bhi karte rahenge dhyan karte rahenge toh aapka sab kuch apekshit ho jaenge sab sahi ho jaaye

आपका प्रश्न है योग में ध्यान कैसे लगाएं तो इसका मतलब यह है कि आप सब कुछ करते हैं लेकिन करन

Romanized Version
Likes  11  Dislikes    views  115
WhatsApp_icon
user

Kanhaiya Bhardwaj

Yoga Expert, M D Panchgavya, Spiritual ,National & Motivational Speaker

0:23
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहले योग में आसन और प्राणायाम करने के पश्चात आप सांसो पर निरंतर ध्यान दें आपका ध्यान लग जाएगा

sabse pehle yog me aasan aur pranayaam karne ke pashchat aap saanso par nirantar dhyan de aapka dhyan lag jaega

सबसे पहले योग में आसन और प्राणायाम करने के पश्चात आप सांसो पर निरंतर ध्यान दें आपका ध्

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  83
WhatsApp_icon
user
1:19
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार ध्यान कैसे लगाएं तो आप धारणा का अभ्यास कर ले धारणा का अभ्यास अभ्यास में प्रगति होते ही आपका मन जो है संस्था के साथ एकाद रहो एकाग्र होने लगेगा फिर ध्यान जो है बिना किसी प्रयत्न के ही शादियां होने लगेगा उसके लिए कुछ विशेष करने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ेगी ध्यान लगने के लिए यह जरूरी है कि धारणा का अभ्यास अच्छा हो धारणा की तुलना में ध्यान अधिक सूक्ष्म और दीर्घकालीन होता है ध्यान में आलंबन का एक और रूप से ऐसे निरंतर अनुभव होता रहता है और साधक का मन जो है उस से निर्मित होने वाले या प्राप्त होने वाले आनंद में तल्लीन हो जाता है हो जाता है इसलिए यह कहा भी जाता है कि ध्यान किया नहीं जाता है वह अपने आप हो जाता है हर प्रश्न में हम आपको बताते हैं कि थोड़ा सा शुरू शुरू में मन भटकता है धीरे-धीरे आप अभ्यास करेंगे तो आप उस में तल्लीन होते जाएंगे और ध्यान जो है वह अपनी उसके जवाब जो है अंदर से खुद-ब-खुद मिलते हैं तो आप धरना का ब्याज करके ध्यान की ओर बढ़ेंगे तो हंड्रेड परसेंट आपको बहुत सारा इसका लाभ प्राप्त होगा धन्यवाद

namaskar dhyan kaise lagaye toh aap dharana ka abhyas kar le dharana ka abhyas abhyas me pragati hote hi aapka man jo hai sanstha ke saath ekad raho ekagra hone lagega phir dhyan jo hai bina kisi prayatn ke hi shadiyan hone lagega uske liye kuch vishesh karne ki koi avashyakta nahi padegi dhyan lagne ke liye yah zaroori hai ki dharana ka abhyas accha ho dharana ki tulna me dhyan adhik sukshm aur dirghakalin hota hai dhyan me alamban ka ek aur roop se aise nirantar anubhav hota rehta hai aur sadhak ka man jo hai us se nirmit hone waale ya prapt hone waale anand me tallinn ho jata hai ho jata hai isliye yah kaha bhi jata hai ki dhyan kiya nahi jata hai vaah apne aap ho jata hai har prashna me hum aapko batatey hain ki thoda sa shuru shuru me man bhatakta hai dhire dhire aap abhyas karenge toh aap us me tallinn hote jaenge aur dhyan jo hai vaah apni uske jawab jo hai andar se khud bsp khud milte hain toh aap dharna ka byaj karke dhyan ki aur badhenge toh hundred percent aapko bahut saara iska labh prapt hoga dhanyavad

नमस्कार ध्यान कैसे लगाएं तो आप धारणा का अभ्यास कर ले धारणा का अभ्यास अभ्यास में प्रगति हो

Romanized Version
Likes  100  Dislikes    views  467
WhatsApp_icon
user

inderjeet singh

Yoga Trainer

0:59
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग में ध्यान लगाना बहुत याराना जब भी आप योग करें पर देखते जाएं कि कैसे आए जब हम लोग कर रहे हैं तो कैसे हमारा शरीर अपने आप चल रहा है सांस कैसे अंदर बाहर हो रही है उसके बाद में आसन वगैरह करके उसके बाद में प्राणायाम करें और उसके बाद में ध्यान करें स्वास्थ्य पर ध्यान ले जाएं अंदर आतिशबाज आत्मविश्वास का ध्यान करें फिर अपने विचारों पर ध्यान करें जो भी मन में विचार आ रहे हम को देखें कोई भी भाव ट्रेन को भी देखें जो भी कोई विचार आ रहा है उसको रोके ना आने दे जाने दे आप छम करती जाए तो ध्यान अपने आप लग होने लगेगा जब योग करेंगे तो ध्यान अपने आप लगाना नहीं पड़ेगा अपने आप होने वाले

yog me dhyan lagana bahut yarana jab bhi aap yog kare par dekhte jayen ki kaise aaye jab hum log kar rahe hain toh kaise hamara sharir apne aap chal raha hai saans kaise andar bahar ho rahi hai uske baad me aasan vagera karke uske baad me pranayaam kare aur uske baad me dhyan kare swasthya par dhyan le jayen andar atishbaj aatmvishvaas ka dhyan kare phir apne vicharon par dhyan kare jo bhi man me vichar aa rahe hum ko dekhen koi bhi bhav train ko bhi dekhen jo bhi koi vichar aa raha hai usko roke na aane de jaane de aap cham karti jaaye toh dhyan apne aap lag hone lagega jab yog karenge toh dhyan apne aap lagana nahi padega apne aap hone waale

योग में ध्यान लगाना बहुत याराना जब भी आप योग करें पर देखते जाएं कि कैसे आए जब हम लोग कर रह

Romanized Version
Likes  106  Dislikes    views  679
WhatsApp_icon
user

Luckypandey

Yoga Trainer

1:17
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग में ध्यान लगाने के लिए आपको यह महत्वपूर्ण उपयोगी होगा क्योंकि अगर आप ध्यान लगाएंगे तो ध्यान तभी आपका लगेगा जब आपका मन शांत होगा शरीर चंचलता दूर होगी तभी आपका ध्यान लगेगा तो उसके लिए आपको किसी केंद्र बिंदु पर या मूर्ति पर ध्यान लगा सकते हैं या अपने देवस्थान पर जहां अपने भ्रमण किया उस पर आप ध्यान लगा सकते हैं और आपको ध्यान लगाने के लिए किसी शांत स्थान पर बैठने की व सकता हो गई जिससे आपको जो मन शांत हो जाएगा तो आपका जो अभ्यास होगा बड़ा परिपक्व हो जाएगा तो प्रयास यह रहे कि ध्यान लगाना है तो एक किसी एकांत में बैठकर आप ध्यान लगाने का प्रयास करें जिससे आप लगातार कुछ देर तक आप बैठ सकते और अगर आपको ध्यान लगाने के पहले हो सके तो गायत्री मंत्र का लगभग आपका साथ सचिव अबार अभ्यास कर सकते हैं महामृत्युंजय मंत्र का अभ्यास कर सकते हैं इसके बाद लगाएं और भस्त्रिका का अभ्यास करें भस्त्रिका कपालभाति अनुलोम विलोम भामरी करने के बाद आकर आप ध्यान लगाएंगे तो बहुत अच्छा लगेगा ध्यान और आनंद की अनुभूति भी होगी आपको

yog me dhyan lagane ke liye aapko yah mahatvapurna upyogi hoga kyonki agar aap dhyan lagayenge toh dhyan tabhi aapka lagega jab aapka man shaant hoga sharir chanchalata dur hogi tabhi aapka dhyan lagega toh uske liye aapko kisi kendra bindu par ya murti par dhyan laga sakte hain ya apne devasthaan par jaha apne bhraman kiya us par aap dhyan laga sakte hain aur aapko dhyan lagane ke liye kisi shaant sthan par baithne ki va sakta ho gayi jisse aapko jo man shaant ho jaega toh aapka jo abhyas hoga bada paripakva ho jaega toh prayas yah rahe ki dhyan lagana hai toh ek kisi ekant me baithkar aap dhyan lagane ka prayas kare jisse aap lagatar kuch der tak aap baith sakte aur agar aapko dhyan lagane ke pehle ho sake toh gayatri mantra ka lagbhag aapka saath sachiv abar abhyas kar sakte hain mahamrityunjay mantra ka abhyas kar sakte hain iske baad lagaye aur bhastrika ka abhyas kare bhastrika kapalbhati anulom vilom bhamri karne ke baad aakar aap dhyan lagayenge toh bahut accha lagega dhyan aur anand ki anubhuti bhi hogi aapko

योग में ध्यान लगाने के लिए आपको यह महत्वपूर्ण उपयोगी होगा क्योंकि अगर आप ध्यान लगाएंगे तो

Romanized Version
Likes  312  Dislikes    views  3982
WhatsApp_icon
user

hemendra singh Chouhan

Founder Of Meditation Skills

4:03
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग में ध्यान कैसे लगाएं योग में ध्यान कैसे लगाएं इससे ज्यादा इंपोर्टेंट है मैं योग मतदान क्यों लगाऊ चोले गांव में ध्यान अपने आप से पूछे हैं सवाल मैं क्यों लगाऊ क्या जरूरत है मुझे ध्यान लगाने जब तक कोई कारण ना हो तब तक ध्यान नहीं लगाना हां कहते हैं कि यह हमारे मेडिटेशन की जो गुरु हैं यह बोलते हैं कि ध्यान लगाओ इसलिए ध्यान लगा रहा लोग ध्यान लगा रहे हैं सारे ध्यान लगा रहे हैं इसलिए मैं भी ध्यान लगा रहा हूं यह वजह है हमारी जान ले बानी जब तक कोई वजह नहीं होगी तब तक नहीं लगेगा क्यों का उत्तर मिलते ही कैसे लगाना अपने आप आ जाएगा जैसे कि मान लीजिए जंगल में आग लग गई है और आप जंगल के बीच में है अब आपसे कहते हैं कि भागो तो आप यह नहीं पूछा कि कैसे भरना असंभव हो गया क्योंकि क्यों का उत्तर मिल गया ना कि क्यों है भागने जरूरी माली जी एक दीवार दीवार के पीछे खजाना है अब आप मेरे को थोड़ी पूछोगे कि इसको कैसे थोड़ी ना है क्यों तोड़ना है यह क्लियर हो गया रे योग में ध्यान कैसे लगाना है अपने आप पता चल जाएगा ढोकले से तो होना है और तो क्या करना है अल्टीमेट गोल क्या है तो हमारी स्टेशन का जन्म ध्यान में बैठते हैं थॉटलेस होना है एक ऐसी अवस्था है जिसमें ना तो सुख देना दुख है ना भविष्य है ना भूतकाल है विचारों से भी पेड़ पर चल गया ना जागृत अवस्था है ना नीम की अवस्था बीच की अवस्था है बुजुर्ग स्थिति है आजकल तो मेडिटेशन के बारे में इतना कुछ प्रचार हो चुका है करने वाला कर सकता है हजारों तरीके बस आपको यह क्लियर हो जाए कि मैं क्यों करूं मुझे क्या आवश्यकता आन पड़ी है ऐसे हजारों तरीके उनमें से जो तरीका पसंद हो अपना लेना इसमें पूछने वाली क्या बात है और अगर यार मेरी जो लेक्चर है अगर आपको पसंद आता है तो प्लीज लाइक शेयर किया करो अच्छा लगता है गुड फीलिंग होती कमेंट भी किया करो प्लीज और फोन कर सको तो बहुत अच्छा है मैं फोन नंबर है 90 57540 3759 037 540 375 90 57540 375

yog me dhyan kaise lagaye yog me dhyan kaise lagaye isse zyada important hai main yog matdan kyon lagau chole gaon me dhyan apne aap se pooche hain sawaal main kyon lagau kya zarurat hai mujhe dhyan lagane jab tak koi karan na ho tab tak dhyan nahi lagana haan kehte hain ki yah hamare meditation ki jo guru hain yah bolte hain ki dhyan lagao isliye dhyan laga raha log dhyan laga rahe hain saare dhyan laga rahe hain isliye main bhi dhyan laga raha hoon yah wajah hai hamari jaan le bani jab tak koi wajah nahi hogi tab tak nahi lagega kyon ka uttar milte hi kaise lagana apne aap aa jaega jaise ki maan lijiye jungle me aag lag gayi hai aur aap jungle ke beech me hai ab aapse kehte hain ki bhago toh aap yah nahi poocha ki kaise bharna asambhav ho gaya kyonki kyon ka uttar mil gaya na ki kyon hai bhagne zaroori maali ji ek deewaar deewaar ke peeche khajana hai ab aap mere ko thodi puchoge ki isko kaise thodi na hai kyon todna hai yah clear ho gaya ray yog me dhyan kaise lagana hai apne aap pata chal jaega dhokle se toh hona hai aur toh kya karna hai ultimate gol kya hai toh hamari station ka janam dhyan me baithate hain thatles hona hai ek aisi avastha hai jisme na toh sukh dena dukh hai na bhavishya hai na bhootkaal hai vicharon se bhi ped par chal gaya na jagrit avastha hai na neem ki avastha beech ki avastha hai bujurg sthiti hai aajkal toh meditation ke bare me itna kuch prachar ho chuka hai karne vala kar sakta hai hazaro tarike bus aapko yah clear ho jaaye ki main kyon karu mujhe kya avashyakta Aan padi hai aise hazaro tarike unmen se jo tarika pasand ho apna lena isme poochne wali kya baat hai aur agar yaar meri jo lecture hai agar aapko pasand aata hai toh please like share kiya karo accha lagta hai good feeling hoti comment bhi kiya karo please aur phone kar Sako toh bahut accha hai main phone number hai 90 57540 3759 037 540 375 90 57540 375

योग में ध्यान कैसे लगाएं योग में ध्यान कैसे लगाएं इससे ज्यादा इंपोर्टेंट है मैं योग मतदान

Romanized Version
Likes  38  Dislikes    views  317
WhatsApp_icon
user
2:45
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका फेस नहीं जोड़ने ध्यान कैसे लगाएं तुम ध्यान कैसे लगाएं अगर इसके बारे में पूछ रहे हैं तो मेरा सलाह यह होगा आपको कोई गुरु अगर है तो गुरु के शरण में जाएं और वहां से लगाने का तरीका सीखे तो अच्छा लगा पाए लेकिन आप को समझाने के लिए मैं यह बात बता दूं जिस तरह कछुआ का उदाहरण में जिस तरह बाहर की दुनिया से अगर कोई भी अच्छी आती है तो वहां से बचने के लिए कुछ वजह से अपना भाई-बहन बहिरंग जो स्टनल और जान से जैसे आप पैर हो गला गर्दन होने को सारा चीज को अंदर कर लेती है बाहर की स्थिति से बचने के लिए तो उसे भरने के लिए हिसाब से हमारा पंच इंद्रिय अपना काम में लगे रहते हैं तो आपने अपने ऑफिस से बस्ती से जौनपुर में लगा रहता है आप कुछ देखने के लिए अच्छा लगता है वह उसी के ऊपर टिका रहता है टेस्ट जो जिसमें अच्छा हमको लगता है वह चीज में हमारा मन हमेशा रहता है और सुन जो चीज में जो बात हम को सुनने अच्छा लगती है तो वही चीज में हमारा मन लगा रहता है तो हमारा इंद्रियां हमारे कंट्रोल में नहीं रहती जब आम आदमी के बारे में बात कर रहा हूं तो यह जो होते हैं उनको बस करने के लिए जिस तरह कछुआ अपना भाई रंगों को अपने अंदर संभाला था उसी तरह हमारा इंद्रियों को अगर सैया में लाते हैं मैं कंट्रोल में लाते हैं मन को कंट्रोल करके लाते हैं तो सारा जो जितना बेस्ट वस्तु इंद्रोका उनसे उधर करके हम अपने अपने मन के अंदर अपने शरीर के अंदर हो कोई भी एक जगह हो कोई ईश्वर में हो किसी में भी हम अगर अमन का निवेश करते हैं हमारा इंद्रियों को वीडियो करके मतलब वहां से लेकर एक ही जगह पर अगर हम एक चीज पर हो एक परमात्मा में हो कोई भी ईश्वर में हो या आइब्रो सेंटर में हो कहीं भी जगह में शरीर के अंदर कोई भी जगह अगर हम अपना ध्यान भी चेक करते हैं तो वह होता है ना होता है और उसके बाद धरना अगर ज्यादा समय तक चले वही एक ही चीज पर हमारा मन टीका रहे लगा रहे अनवरत लगा रहे तो उसके बाद जो स्थिति याद है वह मृत्यु होती है ध्यान होती तो इसमें आपका सिखाते हो जाती है और अब मन की शांति मिलती है और शारीरिक तनाव बढ़ता है बहुत सारा फायदा इसका है धन्यवाद

aapka face nahi jodne dhyan kaise lagaye tum dhyan kaise lagaye agar iske bare me puch rahe hain toh mera salah yah hoga aapko koi guru agar hai toh guru ke sharan me jayen aur wahan se lagane ka tarika sikhe toh accha laga paye lekin aap ko samjhane ke liye main yah baat bata doon jis tarah kachua ka udaharan me jis tarah bahar ki duniya se agar koi bhi achi aati hai toh wahan se bachne ke liye kuch wajah se apna bhai behen bahirang jo stanal aur jaan se jaise aap pair ho gala gardan hone ko saara cheez ko andar kar leti hai bahar ki sthiti se bachne ke liye toh use bharne ke liye hisab se hamara punch indriya apna kaam me lage rehte hain toh aapne apne office se basti se jaunpur me laga rehta hai aap kuch dekhne ke liye accha lagta hai vaah usi ke upar tika rehta hai test jo jisme accha hamko lagta hai vaah cheez me hamara man hamesha rehta hai aur sun jo cheez me jo baat hum ko sunne accha lagti hai toh wahi cheez me hamara man laga rehta hai toh hamara indriya hamare control me nahi rehti jab aam aadmi ke bare me baat kar raha hoon toh yah jo hote hain unko bus karne ke liye jis tarah kachua apna bhai rangon ko apne andar sambhala tha usi tarah hamara indriyon ko agar saiya me laate hain main control me laate hain man ko control karke laate hain toh saara jo jitna best vastu indroka unse udhar karke hum apne apne man ke andar apne sharir ke andar ho koi bhi ek jagah ho koi ishwar me ho kisi me bhi hum agar aman ka nivesh karte hain hamara indriyon ko video karke matlab wahan se lekar ek hi jagah par agar hum ek cheez par ho ek paramatma me ho koi bhi ishwar me ho ya eyebrow center me ho kahin bhi jagah me sharir ke andar koi bhi jagah agar hum apna dhyan bhi check karte hain toh vaah hota hai na hota hai aur uske baad dharna agar zyada samay tak chale wahi ek hi cheez par hamara man tika rahe laga rahe anvarat laga rahe toh uske baad jo sthiti yaad hai vaah mrityu hoti hai dhyan hoti toh isme aapka sikhaate ho jaati hai aur ab man ki shanti milti hai aur sharirik tanaav badhta hai bahut saara fayda iska hai dhanyavad

आपका फेस नहीं जोड़ने ध्यान कैसे लगाएं तुम ध्यान कैसे लगाएं अगर इसके बारे में पूछ रहे हैं त

Romanized Version
Likes  86  Dislikes    views  1668
WhatsApp_icon
user

Kameshwar Tyagi

Dietician and Fitness Expert

0:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ध्यान लगाने के लिए सबसे पहले आपको त्राटक से स्टार्ट करें और त्राटक के बाद जो आपके मस्तिष्क के बीचो बीच की जगह है वहां आपको अपना ध्यान केंद्रित कर सकते हैं या दूसरा तरीका यह क्या आप अपनी अपने अंगूठे को अपनी थोड़ी पर लगा ले और जो छोटी उंगली है जो सबसे छोटी उंगली होती है तर्जनी उंगली उसको आप गौर से देख कर रहे देखते रहे धीरे-धीरे आंखें बंद करके उसके टिप को अपनी आंखों के अंदर सवाल है और उसको लगातार अब उस पर ध्यान केंद्रित करते रहे आकर बंद करके

dhyan lagane ke liye sabse pehle aapko tratak se start kare aur tratak ke baad jo aapke mastishk ke beechon beech ki jagah hai wahan aapko apna dhyan kendrit kar sakte hain ya doosra tarika yah kya aap apni apne anguthe ko apni thodi par laga le aur jo choti ungli hai jo sabse choti ungli hoti hai tarjani ungli usko aap gaur se dekh kar rahe dekhte rahe dhire dhire aankhen band karke uske tip ko apni aakhon ke andar sawaal hai aur usko lagatar ab us par dhyan kendrit karte rahe aakar band karke

ध्यान लगाने के लिए सबसे पहले आपको त्राटक से स्टार्ट करें और त्राटक के बाद जो आपके मस्तिष्क

Romanized Version
Likes  187  Dislikes    views  1437
WhatsApp_icon
user

Minu Nijhawan

NLP Life N Wellness Coach /Reiki Master/ Author

2:59
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आदि खेलों में ध्यान कैसे लगाएं तो मैं जो मानती हूं लाइफ में जहां पर आपको फोर्स फुली ध्यान लगाना पड़े वह ध्यान ही नहीं नहीं तो आपको सबसे पहले देखी योग मेडिटेशन हमें जब भी करना होता है सबसे पहले हमें अपने जो इमोशनली हम इंबैलेंस है उसको पहले बैलेंस करना है क्योंकि देखिए अगर मन में विचार चल रहे हैं दुख तकलीफ निराशा 5k पेनफुल मेमोरीज है आपके पास कोई और हम उस कंडीशन में अगर योग साधना या मेडिटेशन करना चाह रहे हैं तो हम कभी भी ध्यान नहीं लगा पाएंगे तो योग करने से पहले आपको अपना इमोशनली वैलनेस की तरफ जाना होगा थोड़ा सा आपको सिर्फ दो इनके अपने ध्यान दीजिए और फोर्सफुली कुछ भी नहीं करना है इसमें क्योंकि जहां हम जबरदस्ती ध्यान को खींच कर लाएंगे वहां पर आप ध्यान लगा ही नहीं पाएंगे तो आप योग साधना शुरू करने के लिए आप एक ऐसा समय सुनिए जो प्रिफरेबली मॉर्निंग होता है अर्ली मॉर्निंग इसलिए उस समय आपको एक शांति का माहौल ऐसा मिल जाता है कि आप ध्यान लगा पाते हैं और सेल्फ एनालिसिस कर पाते हैं जब आप अपनी दैनिक दिनचर्या से थोड़ा सा दूर और टेंशन से दूर होते हैं तो सुबह का वक्त या अगर आप शुरू में सुबह नहीं कर पाएंगे तो आप कोई भी ऐसा टाइम सुने दिन में आपको 10:15 मिनट कोई डिस्टर्ब करने वाला ना हो और आप आराम से बैठ सकें एक ऐसा स्थान जो शांतिपूर्वक को साफ सुथरा हो क्या सबसे फ्री हूं और ऐसे स्थान पर बैठकर सिर्फ अपनी आंखें बंद कीजिए और आप अपनी सांसो पर अपना ध्यान केंद्रित कीजिए मन भटके बार-बार भटके गा अक्सर भटके गा लेकिन उस वक्त कर लेना जाकर आपने सिर्फ उसे वापस अपनी सांसो पर खींच कर लाना है और अब देखेंगे धीरे-धीरे ऑफिस चीज दिमाग सही कर लेंगे और धीरे आपको ध्यान लगाना नहीं पड़ेगा खुद-ब-खुद आपका ध्यान लगना शुरू हो जाएगा इसी तरह की बहुत सी जानकारी के लिए आप मुझे यूट्यूब पर सब्सक्राइब कीजिए जिन्होंने छावन मास्टरमाइंड जहां पर आपको अमेजिंग लाइन तकनीक और जीवन का सार कहानियों के रूप में मिलेगा और आप और अच्छे से लाइफ को अपनी जिंदगी को समझ पाएंगे थैंक यू सो मच

aadi khelo me dhyan kaise lagaye toh main jo maanati hoon life me jaha par aapko force fully dhyan lagana pade vaah dhyan hi nahi nahi toh aapko sabse pehle dekhi yog meditation hamein jab bhi karna hota hai sabse pehle hamein apne jo emotionally hum imbailens hai usko pehle balance karna hai kyonki dekhiye agar man me vichar chal rahe hain dukh takleef nirasha 5k painful memories hai aapke paas koi aur hum us condition me agar yog sadhna ya meditation karna chah rahe hain toh hum kabhi bhi dhyan nahi laga payenge toh yog karne se pehle aapko apna emotionally vailnes ki taraf jana hoga thoda sa aapko sirf do inke apne dhyan dijiye aur forcefully kuch bhi nahi karna hai isme kyonki jaha hum jabardasti dhyan ko khinch kar layenge wahan par aap dhyan laga hi nahi payenge toh aap yog sadhna shuru karne ke liye aap ek aisa samay suniye jo prifarebli morning hota hai early morning isliye us samay aapko ek shanti ka maahaul aisa mil jata hai ki aap dhyan laga paate hain aur self analysis kar paate hain jab aap apni dainik dincharya se thoda sa dur aur tension se dur hote hain toh subah ka waqt ya agar aap shuru me subah nahi kar payenge toh aap koi bhi aisa time sune din me aapko 10 15 minute koi disturb karne vala na ho aur aap aaram se baith sake ek aisa sthan jo shantipurvak ko saaf suthara ho kya sabse free hoon aur aise sthan par baithkar sirf apni aankhen band kijiye aur aap apni saanso par apna dhyan kendrit kijiye man bhatke baar baar bhatke jaayega aksar bhatke jaayega lekin us waqt kar lena jaakar aapne sirf use wapas apni saanso par khinch kar lana hai aur ab dekhenge dhire dhire office cheez dimag sahi kar lenge aur dhire aapko dhyan lagana nahi padega khud bsp khud aapka dhyan lagna shuru ho jaega isi tarah ki bahut si jaankari ke liye aap mujhe youtube par subscribe kijiye jinhone chavan mastermind jaha par aapko amazing line taknik aur jeevan ka saar kahaniyan ke roop me milega aur aap aur acche se life ko apni zindagi ko samajh payenge thank you so match

आदि खेलों में ध्यान कैसे लगाएं तो मैं जो मानती हूं लाइफ में जहां पर आपको फोर्स फुली ध्यान

Romanized Version
Likes  62  Dislikes    views  492
WhatsApp_icon
user

Gyanchand Soni

Yoga Instructor.

1:00
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

युग में ध्यान लगाने के लिए पद्मासन में या सुखासन में बैठकर आंखें बंद करें और आंखें बंद कर अपनी श्वास को आंतरिक दृष्टि से देखें स्वास्थ्य आर्य समाज आर्य बस इसी पर हमारा पूरा का पूरा ध्यान केंद्रित रहेगा जिससे मारीशस जल्दी नार्मल होती परम ज्ञान के लिए अग्रसर होते हैं एक कोई विचार आता है तो उसको आने दो जाता है उसको जाने दो विचारों को रुकना नहीं है इसके जैसी आएगी धीरे-धीरे के विचार आना बंद हो जाएंगे और हमारा मन निर्विचार हो जाएगा और हमारा मन पूरी तरह से ध्यान में लग जाएगा और एकाग्रता एकाग्रता की तरफ हमारा मन बढ़ने लगेगा इस तरह से मारा ध्यान में पूरी तरह से मन लग सकता है

yug me dhyan lagane ke liye padmasana me ya sukhasan me baithkar aankhen band kare aur aankhen band kar apni swas ko aantarik drishti se dekhen swasthya arya samaj arya bus isi par hamara pura ka pura dhyan kendrit rahega jisse marishas jaldi normal hoti param gyaan ke liye agrasar hote hain ek koi vichar aata hai toh usko aane do jata hai usko jaane do vicharon ko rukna nahi hai iske jaisi aayegi dhire dhire ke vichar aana band ho jaenge aur hamara man nirvichar ho jaega aur hamara man puri tarah se dhyan me lag jaega aur ekagrata ekagrata ki taraf hamara man badhne lagega is tarah se mara dhyan me puri tarah se man lag sakta hai

युग में ध्यान लगाने के लिए पद्मासन में या सुखासन में बैठकर आंखें बंद करें और आंखें बंद कर

Romanized Version
Likes  50  Dislikes    views  437
WhatsApp_icon
user

S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

2:16
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अलार्म राम जी की आपका ध्यान कैसे लगाएं और आप सुबह उठकर के सुबह अगर आप 5:00 बजे उठ जाते हैं तो फ्रेश होकर के योग के लिए गर्मियों में सबसे पहली टाइम है आप उठ करके किसी खुली जगह पर बैठ जाए चटाई वगैरा या दरी बिछाकर बैठ जाएं और पहले अपने हड्डी को सीधा करके कम से कम 2 मिनट ओम का उच्चारण करने के बाद आप जो है कपाल भारती करें अलोम विलोम करें भांबरी करें फर्स्ट का करें जब आप लोग का उसके बाद शांति शांति शांति ओम कर के हाथों को हथेलियों को रगड़े और आंखों पर लगाकर आंखों हल्का दबाव देखे आपको धीरे-धीरे योग करते टाइम आप आंखें बंद रख सकते हैं बाघ ने जब ओम शांति शांति बोल के हाथों को अपने आंखों में आते-आते लगाएं और युग में धन लगाने के बाद रही तो आप हो या के भूखे जो दो भगोडे उनके बीच में अगर आप अपना मन से करते हैं थोड़ी देर बाद चले जा रहे हैं चले जाते रहेंगे तो आपका ध्यान हो जाएगा और आप योग में आपका ध्यान लग जाएगा क्योंकि बहुत सारी समस्याएं आती है दिमाग में चलती जवा हम लोग पूजा करते हैं योग करते हैं मेडिसन करते हैं उन्हें रोकने का धीरे-धीरे लगातार का प्रयोग करेंगे आपके पास क्या यही होता है आपका दिन शुभ हो

alarm ram ji ki aapka dhyan kaise lagaye aur aap subah uthakar ke subah agar aap 5 00 baje uth jaate hain toh fresh hokar ke yog ke liye garmiyo me sabse pehli time hai aap uth karke kisi khuli jagah par baith jaaye chatai vagera ya dari bichakar baith jayen aur pehle apne haddi ko seedha karke kam se kam 2 minute om ka ucharan karne ke baad aap jo hai kapal bharati kare alom vilom kare bhambari kare first ka kare jab aap log ka uske baad shanti shanti shanti om kar ke hathon ko hatheliyon ko ragade aur aakhon par lagakar aakhon halka dabaav dekhe aapko dhire dhire yog karte time aap aankhen band rakh sakte hain bagh ne jab om shanti shanti bol ke hathon ko apne aakhon me aate aate lagaye aur yug me dhan lagane ke baad rahi toh aap ho ya ke bhukhe jo do bhagode unke beech me agar aap apna man se karte hain thodi der baad chale ja rahe hain chale jaate rahenge toh aapka dhyan ho jaega aur aap yog me aapka dhyan lag jaega kyonki bahut saari samasyaen aati hai dimag me chalti java hum log puja karte hain yog karte hain medicine karte hain unhe rokne ka dhire dhire lagatar ka prayog karenge aapke paas kya yahi hota hai aapka din shubha ho

अलार्म राम जी की आपका ध्यान कैसे लगाएं और आप सुबह उठकर के सुबह अगर आप 5:00 बजे उठ जाते है

Romanized Version
Likes  282  Dislikes    views  2823
WhatsApp_icon
user
0:39
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दी कि अगर आप युग में ध्यान लगाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको योग के प्रति अच्छी सोच रखनी होगी और आपका ध्यान योग के प्रति केंद्रित होना चाहिए और आपके अंदर पोस्टिक सोचो और आपको योग कोई भी लक्ष्य समझना है लक्ष्य समझकर हम अगर इस कार को करते हैं तो हम सफल होंगे और हमें इस कार के अलावा कोई और काम नहीं करना है या नहीं हमें उस पर केंद्रित करना है और इसे किस ढंग से किया जाए इसके बारे में सोचना होगा

di ki agar aap yug me dhyan lagana chahte hain toh uske liye aapko yog ke prati achi soch rakhni hogi aur aapka dhyan yog ke prati kendrit hona chahiye aur aapke andar paustik socho aur aapko yog koi bhi lakshya samajhna hai lakshya samajhkar hum agar is car ko karte hain toh hum safal honge aur hamein is car ke alava koi aur kaam nahi karna hai ya nahi hamein us par kendrit karna hai aur ise kis dhang se kiya jaaye iske bare me sochna hoga

दी कि अगर आप युग में ध्यान लगाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको योग के प्रति अच्छी सोच रखनी हो

Romanized Version
Likes  169  Dislikes    views  1487
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!