सरकारी स्कूल की जो शिक्षा है, उसकी गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार को क्या करना पड़ेगा?...


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राकेश

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Sachin Sinha

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरकारी स्कूल की जो शिक्षा है उसकी गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार को क्या करना पड़ेगा अच्छा प्रश्न है सरकारी स्कूल की जो इच्छा है उसकी गुणवत्ता के सुधार में सरकार को सर्वप्रथम यह ध्यान देना होगा कि सरकारी स्कूल में जितने भी शिक्षक हैं वाह बच्चों को सही और सटीक तरीके से पढ़ाएं दूसरा सरकारी कर्मचारी सरकारी एंप्लॉय या सरकारी बड़े अधिकारी के बच्चे भी सरकारी विद्यालयों में पढ़ें जिससे शिक्षकों के मन में सरकार के प्रति कानून के प्रति एक डर होगा और वह सही तरीके से बच्चों को पढ़ाएंगे आशा करता हूं आप इस जवाब से सहमत एवं संतुष्ट होंगे

sarkari school ki jo shiksha hai uski gunavatta me sudhaar ke liye sarkar ko kya karna padega accha prashna hai sarkari school ki jo iccha hai uski gunavatta ke sudhaar me sarkar ko sarvapratham yah dhyan dena hoga ki sarkari school me jitne bhi shikshak hain wah baccho ko sahi aur sateek tarike se padhaaein doosra sarkari karmchari sarkari employee ya sarkari bade adhikari ke bacche bhi sarkari vidhayalayo me padhen jisse shikshakon ke man me sarkar ke prati kanoon ke prati ek dar hoga aur vaah sahi tarike se baccho ko padhaenge asha karta hoon aap is jawab se sahmat evam santusht honge

सरकारी स्कूल की जो शिक्षा है उसकी गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार को क्या करना पड़ेगा अच्छ

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Sunil Kumar Pandey

Editor & Writer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हाथरस में सरकारी स्कूल की जो शिक्षा है उसमें सुधार के लिए सरकार को क्या करना पड़ेगा मेरी राय में सरकारी स्कूल की शिक्षा में सबसे पहले अंग्रेजी को बढ़ावा देना होगा क्योंकि आज प्राथमिक स्तर पर यथम अंग्रेजी पढ़ आएंगे तो बच्चों को अंग्रेजी के प्रश्न लगा होगा क्योंकि आप अंतरराष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी है अंग्रेजी के बिना हम कुछ नहीं कर सकते दूसरी हमें काया जो पठन-पाठन का नाचे जो हमारे शिक्षक है उनको इमानदारी से बचपन में बच्चों को अच्छा पढ़ाते क्योंकि एक बचपन मजबूत रहेगा तो बालक बड़े होकर शिक्षा के क्षेत्र में प्राप्त करके आगे जा सकते हैं लेकिन यदि बचपन में ही उन्हें उचित शिक्षा नहीं मिली तो ऐसे वालों का भविष्य खराब हो गया आज के सरकार बहुत सी योगियों को शिक्षक के रूप में नियुक्त करें लेकिन पाया यह व्यक्ति जब योग शिक्षक बनकर जाते हैं इमानदारी पूर्वक निर्वहन नहीं करते ऐसा नहीं होना चाहिए एक शिक्षक राष्ट्र का निर्माता होता है और बच्चे ही राष्ट्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया तू फास्ट के साथ खिलवाड़ होता है कहीं नहीं कहीं यह कार से देशभक्ति है कि हम अपने देश के बच्चों को अच्छा पढ़ाएं और जैसे कि हमारा देश आगे धन्यवाद

hathras me sarkari school ki jo shiksha hai usme sudhaar ke liye sarkar ko kya karna padega meri rai me sarkari school ki shiksha me sabse pehle angrezi ko badhawa dena hoga kyonki aaj prathmik sthar par yatham angrezi padh aayenge toh baccho ko angrezi ke prashna laga hoga kyonki aap antararashtriya bhasha angrezi hai angrezi ke bina hum kuch nahi kar sakte dusri hamein kaaya jo pathan pathan ka nache jo hamare shikshak hai unko imaandari se bachpan me baccho ko accha padhate kyonki ek bachpan majboot rahega toh balak bade hokar shiksha ke kshetra me prapt karke aage ja sakte hain lekin yadi bachpan me hi unhe uchit shiksha nahi mili toh aise walon ka bhavishya kharab ho gaya aaj ke sarkar bahut si yogiyon ko shikshak ke roop me niyukt kare lekin paya yah vyakti jab yog shikshak bankar jaate hain imaandari purvak nirvahan nahi karte aisa nahi hona chahiye ek shikshak rashtra ka nirmaata hota hai aur bacche hi rashtra ke bhavishya ke saath khilwad kiya gaya tu fast ke saath khilwad hota hai kahin nahi kahin yah car se deshbhakti hai ki hum apne desh ke baccho ko accha padhaaein aur jaise ki hamara desh aage dhanyavad

हाथरस में सरकारी स्कूल की जो शिक्षा है उसमें सुधार के लिए सरकार को क्या करना पड़ेगा मेरी र

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरकारी स्कूल की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए सरकार को कई तरह के कदम उठाने पड़ेंगे पहले तो सरकारी स्कूलों में आधुनिकता लानी पड़ेगी शिक्षा के मध्य में जो आता है वह दूसरी बात आजकल जो बच्चों का व्यवहारिक है उसमें भी उनकी करने की कुशलता व्यवहार कुशलता लाने की आवश्यकता है उसके लिए स्तर को बढ़ाने के लिए सरकार को नई शिक्षा नीतियां सरकारी स्कूलों में विभिन्न करवानी पड़ेगी जिससे कि सरकारी स्कूलों पर जो अध्यापक हैं वह लोग भी आधुनिक शिक्षा के तरीके अपनाकर बौद्धिक विकास करें शारीरिक विकास करें उनका सर्वागीण विकास करने में सहायता प्रदान करें

sarkari school ki shiksha ki gunavatta me sudhaar lane ke liye sarkar ko kai tarah ke kadam uthane padenge pehle toh sarkari schoolon me adhunikata lani padegi shiksha ke madhya me jo aata hai vaah dusri baat aajkal jo baccho ka vyavaharik hai usme bhi unki karne ki kushalata vyavhar kushalata lane ki avashyakta hai uske liye sthar ko badhane ke liye sarkar ko nayi shiksha nitiyan sarkari schoolon me vibhinn karvani padegi jisse ki sarkari schoolon par jo adhyapak hain vaah log bhi aadhunik shiksha ke tarike apnakar baudhik vikas kare sharirik vikas kare unka sarvagin vikas karne me sahayta pradan kare

सरकारी स्कूल की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए सरकार को कई तरह के कदम उठाने पड़े

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Gautam

Teacher

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का प्रश्न यह है कि सरकारी स्कूल की जो शिक्षा है उसके गुण आदतों में सुधार के लिए सरकार को क्या करना पड़ेगा तो सरकार को कैदी नंबर बातें यहां पर होती क्या है की पिक्चर्स और बच्चे सरकार तीनों की समझनी पड़ेगी कि बच्चे पर ध्यान देना बच्चे को यहां होती है क्या इन सरकारी स्कूल में प्राइवेट स्कूल है कि वह मतलब पूरा ध्यान बच्चे कर देता है यहां पर सरकारी स्कूल में यह चीज नहीं मिलता है यहां पर वह चीज बहुत ही कम स्कूलों में पाया जाता है इसकी वजह शिक्षा सरकारी स्कूल का शिक्षक गिरते हुए चला जा रहा इसके लिए सरकार को एक व्यवस्था बनानी चाहिए जिसका हर एक शख्स था यह एक मानसिक होना चाहिए कि हम वहां बच्चे को आप अच्छे से हुडा पढ़ाई या नहीं होना चाहिए और उसके बाद बच्चे के लिए कंपटीशन रखना चाहिए हर हफ्ते या हर महीने में रखनी चाहिए कि बच्चा का उत्सव पढ़ने का रिक्शा जागे और बाबू को बच्चे क्या पढ़े और गार्जियन भी चाय कि हम सरकारी स्कूल में भेज दें और सरकारी जो भी पुण्य लाभ होता है वह बच्चों को मिले और

ka prashna yah hai ki sarkari school ki jo shiksha hai uske gun aadaton me sudhaar ke liye sarkar ko kya karna padega toh sarkar ko kaidi number batein yahan par hoti kya hai ki pictures aur bacche sarkar tatvo ki samajhni padegi ki bacche par dhyan dena bacche ko yahan hoti hai kya in sarkari school me private school hai ki vaah matlab pura dhyan bacche kar deta hai yahan par sarkari school me yah cheez nahi milta hai yahan par vaah cheez bahut hi kam schoolon me paya jata hai iski wajah shiksha sarkari school ka shikshak girte hue chala ja raha iske liye sarkar ko ek vyavastha banani chahiye jiska har ek sakhs tha yah ek mansik hona chahiye ki hum wahan bacche ko aap acche se hura padhai ya nahi hona chahiye aur uske baad bacche ke liye competition rakhna chahiye har hafte ya har mahine me rakhni chahiye ki baccha ka utsav padhne ka riksha jago aur babu ko bacche kya padhe aur guardian bhi chai ki hum sarkari school me bhej de aur sarkari jo bhi punya labh hota hai vaah baccho ko mile aur

का प्रश्न यह है कि सरकारी स्कूल की जो शिक्षा है उसके गुण आदतों में सुधार के लिए सरकार को क

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सरकारी स्कूल में जो शिक्षा दी जाती है उसमें कुछ दोस्तों ने व्यवस्थाएं हैं यदि उन व्यवस्थाओं को दूर किया जाए तो इसमें कहीं भी कोई प्रश्न नहीं है कि वहां के बच्चे बिस्तर नहीं करेंगे आज भी मैं बताना चाहूंगा कि भारत के प्रशासनिक सेवा या अन्य बड़े-बड़े सेवा में जितने भी अधिकारी हैं उसमें आधे से ज्यादा सरकार ऐसी विद्यालय से पढ़े हुए विद्यार्थी हैं जैसे मध्यान्ह भोजन एवं अन्य कार्यालय कार्य हेतु सरकार को अलग व्यवस्था करनी चाहिए शिक्षकों से सिर्फ शिक्षक का ही कार्य लेना चाहिए तभी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार होगी साथ ही साथ समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक भी करना चाहिए धन्यवाद

sarkari school me jo shiksha di jaati hai usme kuch doston ne vyavasthaen hain yadi un vyavasthaon ko dur kiya jaaye toh isme kahin bhi koi prashna nahi hai ki wahan ke bacche bistar nahi karenge aaj bhi main batana chahunga ki bharat ke prashaasnik seva ya anya bade bade seva me jitne bhi adhikari hain usme aadhe se zyada sarkar aisi vidyalaya se padhe hue vidyarthi hain jaise madhyanh bhojan evam anya karyalay karya hetu sarkar ko alag vyavastha karni chahiye shikshakon se sirf shikshak ka hi karya lena chahiye tabhi shiksha me gunavatta sudhaar hogi saath hi saath samaj ko shiksha ke prati jagruk bhi karna chahiye dhanyavad

सरकारी स्कूल में जो शिक्षा दी जाती है उसमें कुछ दोस्तों ने व्यवस्थाएं हैं यदि उन व्यवस्थाओ

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मुनि श्री अशोक कुमार मेरा नाम है

Business Owner ज्योतिष के विशेषज्ञ जनरल रोज

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इसका जवाब आपको दे दिया सरकारी स्कूल और सरकारी स्कूल का शिक्षा स्तर सुधार मैं तो कहता हूं उसकी गुणवत्ता का सुधार होना चाहिए सरकार को करना है विशेषज्ञों को करना उसका खाली अच्छे ढंग से

iska jawab aapko de diya sarkari school aur sarkari school ka shiksha sthar sudhaar main toh kahata hoon uski gunavatta ka sudhaar hona chahiye sarkar ko karna hai vishesagyon ko karna uska khaali acche dhang se

इसका जवाब आपको दे दिया सरकारी स्कूल और सरकारी स्कूल का शिक्षा स्तर सुधार मैं तो कहता हूं उ

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Maya Singh

teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो राज्य स्तर के सरकारी स्कूल है जिसे प्राइमरी स्कूल है अपर प्राइमरी स्कूल है उसमें शिक्षा की गुणवत्ता की सुधार की सरकार को जहां पर पड़ा जो शिक्षक हैं वह ट्रेंड शिक्षक होने चाहिए और मैं समय-समय पर इस स्कूलों की जांच करनी चाहिए कि यहां पर पढ़ाई कैसी हो रही है और दूसरी बातें हैं कि जो पाठ्यक्रम है शिक्षक का वह बदलना चाहिए और हिंदी और इंग्लिश मीडियम दोनों में पढ़ाई होनी चाहिए और दूसरी बात कि जो राज्य स्तर की स्कूल होते हैं उसमें ज्यादा ध्यान दिया जाता है बच्चों को दिया जाता है पोयम गिनती हो पहाड़े हो उनको बकरा कटवाने बहुत ध्यान दिया जाता है बच्चों को ऐसा नहीं होना चाहिए बच्चों को करके सीखने पर ज्यादा जोर देना चाहिए क्योंकि बच्चे जब करके किसी चीज को सीखी है तो उनके दिमाग में ज्यादा होती है बैठेंगे और भी सारे जो सुविधाएं एक ही स्कूल में होती है उस सारी इसलिए जो सुविधाएं हैं वह सरकार को प्राइमरी स्कूलों में अपर प्राइमरी स्कूल में देनी चाहिए तब जाकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा

jo rajya sthar ke sarkari school hai jise primary school hai upper primary school hai usme shiksha ki gunavatta ki sudhaar ki sarkar ko jaha par pada jo shikshak hain vaah trend shikshak hone chahiye aur main samay samay par is schoolon ki jaanch karni chahiye ki yahan par padhai kaisi ho rahi hai aur dusri batein hain ki jo pathyakram hai shikshak ka vaah badalna chahiye aur hindi aur english medium dono me padhai honi chahiye aur dusri baat ki jo rajya sthar ki school hote hain usme zyada dhyan diya jata hai baccho ko diya jata hai poem ginti ho pahade ho unko bakara katvane bahut dhyan diya jata hai baccho ko aisa nahi hona chahiye baccho ko karke sikhne par zyada jor dena chahiye kyonki bacche jab karke kisi cheez ko sikhi hai toh unke dimag me zyada hoti hai baitheange aur bhi saare jo suvidhaen ek hi school me hoti hai us saari isliye jo suvidhaen hain vaah sarkar ko primary schoolon me upper primary school me deni chahiye tab jaakar shiksha ki gunavatta me sudhaar aayega

जो राज्य स्तर के सरकारी स्कूल है जिसे प्राइमरी स्कूल है अपर प्राइमरी स्कूल है उसमें शिक्षा

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Deepak prasad

Computer Teacher & Mathematician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं कोई भी खुलवा कर उसमें इंप्रूवमेंट लाना है सुधार लाना है तो सिर्फ सरकार को ही नहीं हम लोग को भी ध्यान देना पड़ेगा तभी हो पाएगा और मैक्स मैक्स में स्टूडेंट पर डिपेंड करता है स्कूल में इंप्रूवमेंट ठीक है जो जिस स्कूल का जो है जितना पढ़ाई अच्छा हुआ उसको स्कूल का जो नाम होता है ठीक है उसी का वैल्यू होता है तो वह कैसे होगा और स्टूडेंट फनी देखने के बाद क्या होता है कि उसमें स्टूडेंट पढ़ने नहीं आता कुछ जाते हैं पढ़ने तो ऐसे ही वहां पर टाइम पास करने के लिए जाता कुछ पढ़ नहीं जाता है कुछ खेलकूद महीना टाइम पास की सरकारी स्कूल वाली नहीं होना चाहिए जो है आपने हमको पढ़ना है तो वहां पर जाएंगे पड़ेंगे टीचर्स को बोलेंगे और नहीं पढ़ेंगे तो एक्शन में जाएंगे वहां के डीएम जो होगा उससे बात करेंगे तो कहीं नहीं तो मैं डॉक्यूमेंट होगा ठीक है ना स्टूडेंट ही नहीं चाहता स्क्रीन कि मैंने सेट सरकारी स्कूल में पढ़ाई नहीं होता है ठीक है तो वह जब से कुछ क्विंट्स में चाहेंगे नहीं तब से कुछ नहीं हो सकता तो हम तो कहते मार्क्स होना चाहिए उसके ऊपर कुछ टीचर के ऊपर भी होना चाहिए प्राइवेट स्कूल का ही ले लीजिए वहां पर डिसिप्लिन है टी-शर्ट टाइम में पढ़ाते हैं और टीचर नहीं भी पढ़ा नहीं नहीं पढ़ाते हैं तो जैसे ही बच्चा को पता है घर पर पड़ने वाला होगा तो वहां पर अपने मां-बाप को बताता है मोहब्बतें एक्शन लेते हैं ओके पढ़ाई को पैसा दे पैसा दे तू ही चीज है सरकारी स्कूलों पर इंप्रूवमेंट लाना है तो स्टूडेंट को कुछ करना होगा स्टोर इंचार्ज है तो पूरा स्कोर सुधर सकता है मिलने को चाहिए उसमें आ सकता है लेकिन एसटीडी नहीं चाहता इसलिए होता है सा बस ट्रेन के केरल इसके चलते टीचर जो है बैठे-बैठे टाइम काट के चले जाता है जो आते भी पढ़ाने वाले होते हैं तो उनका भी मंजूर नहीं पढ़ने क्योंकि वह लोग भी समझ जाते हैं यह लोग पढ़ने नहीं टाइम पास करना है तो यह सिचुएशन और कुछ नहीं है और गर्लफ्रेंड खो जाए और कुछ गोरमेंट साथ दे दे तो हो सकता है

nahi koi bhi khulwa kar usme improvement lana hai sudhaar lana hai toh sirf sarkar ko hi nahi hum log ko bhi dhyan dena padega tabhi ho payega aur max max me student par depend karta hai school me improvement theek hai jo jis school ka jo hai jitna padhai accha hua usko school ka jo naam hota hai theek hai usi ka value hota hai toh vaah kaise hoga aur student Funny dekhne ke baad kya hota hai ki usme student padhne nahi aata kuch jaate hain padhne toh aise hi wahan par time paas karne ke liye jata kuch padh nahi jata hai kuch khelkud mahina time paas ki sarkari school wali nahi hona chahiye jo hai aapne hamko padhna hai toh wahan par jaenge padenge teachers ko bolenge aur nahi padhenge toh action me jaenge wahan ke dm jo hoga usse baat karenge toh kahin nahi toh main document hoga theek hai na student hi nahi chahta screen ki maine set sarkari school me padhai nahi hota hai theek hai toh vaah jab se kuch quintus me chahenge nahi tab se kuch nahi ho sakta toh hum toh kehte marks hona chahiye uske upar kuch teacher ke upar bhi hona chahiye private school ka hi le lijiye wahan par discipline hai T shirt time me padhate hain aur teacher nahi bhi padha nahi nahi padhate hain toh jaise hi baccha ko pata hai ghar par padane vala hoga toh wahan par apne maa baap ko batata hai mohabbatein action lete hain ok padhai ko paisa de paisa de tu hi cheez hai sarkari schoolon par improvement lana hai toh student ko kuch karna hoga store incharge hai toh pura score sudhar sakta hai milne ko chahiye usme aa sakta hai lekin STD nahi chahta isliye hota hai sa bus train ke kerala iske chalte teacher jo hai baithe baithe time kaat ke chale jata hai jo aate bhi padhane waale hote hain toh unka bhi manzoor nahi padhne kyonki vaah log bhi samajh jaate hain yah log padhne nahi time paas karna hai toh yah situation aur kuch nahi hai aur girlfriend kho jaaye aur kuch garment saath de de toh ho sakta hai

नहीं कोई भी खुलवा कर उसमें इंप्रूवमेंट लाना है सुधार लाना है तो सिर्फ सरकार को ही नहीं हम

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार तैयारियां ऑनलाइन में आपका स्वागत है सवाल आपका है सरकारी स्कूल की जो शिक्षा है उसकी गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार को क्या करना चाहिए तो मेरा पर्सनली मानना यह है सरकारी स्कूल इन गवर्नमेंट स्कूल टीचर कि अगर सरकारी स्कूल की शिक्षा में सुधार करना चाहिए तो सरकार को सबसे पहले माता-पिता को जागरूक करना पड़ेगा क्योंकि हम देखते हैं कि सरकारी जो है बहुत सारे कदम लेते बोतल स्टेप्स उठाती है शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए फिर चाहे वह मिड डे मील हो गया बुक्स फ्री में देना हो गया आर्ट नो आईटी एक्ट लागू करना हो गया या स्कूलों में तमाम तरीके की सुविधाएं उपलब्ध कराना हो गया लेकिन सरकार एक जगह फैल मुझे नजर आती है कि वह माता-पिता को जागरूक नहीं कर पाती और जब तक छोटे बच्चों के लिए माता-पिता को अब जागरुक नहीं कर पाएंगे ना वह होमवर्क करके आते हैं ना ही माता-पिता उनके पीछे गाइड कर पाते हैं बस थोड़ी सी बहुत कम बच्चे होते हैं जो उन फायदा उज्जवल स्ट्रक्चर सरकार ने बनाया है यह सरकार जो लाभ कर दे रही है या फिर सरकार जो शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए काम कर बहुत कम बच्चे होते जो उसका फायदा उठा सकते हैं तो मेरे हिसाब से अगर सरकारी स्कूलों में या गवर्नमेंट स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना है तो सरकार को सबसे पहले माता-पिता को जागरूक करने के लिए काम करना चाहिए अगर माता-पिता जागरूक हो जाएंगे तो सरकार का 90% काम जो है मेरे हिसाब से कंप्लीट हो जाएगा धन्यवाद

namaskar taiyariya online me aapka swaagat hai sawaal aapka hai sarkari school ki jo shiksha hai uski gunavatta me sudhaar ke liye sarkar ko kya karna chahiye toh mera personally manana yah hai sarkari school in government school teacher ki agar sarkari school ki shiksha me sudhaar karna chahiye toh sarkar ko sabse pehle mata pita ko jagruk karna padega kyonki hum dekhte hain ki sarkari jo hai bahut saare kadam lete bottle steps uthaati hai shiksha ki gunavatta ko sudhaarne ke liye phir chahen vaah mid day meal ho gaya books free me dena ho gaya art no it act laagu karna ho gaya ya schoolon me tamaam tarike ki suvidhaen uplabdh krana ho gaya lekin sarkar ek jagah fail mujhe nazar aati hai ki vaah mata pita ko jagruk nahi kar pati aur jab tak chote baccho ke liye mata pita ko ab jagruk nahi kar payenge na vaah homework karke aate hain na hi mata pita unke peeche guide kar paate hain bus thodi si bahut kam bacche hote hain jo un fayda ujjawal structure sarkar ne banaya hai yah sarkar jo labh kar de rahi hai ya phir sarkar jo shiksha ki gunavatta ko sudhaarne ke liye kaam kar bahut kam bacche hote jo uska fayda utha sakte hain toh mere hisab se agar sarkari schoolon me ya government school me shiksha ki gunavatta ko sudharna hai toh sarkar ko sabse pehle mata pita ko jagruk karne ke liye kaam karna chahiye agar mata pita jagruk ho jaenge toh sarkar ka 90 kaam jo hai mere hisab se complete ho jaega dhanyavad

नमस्कार तैयारियां ऑनलाइन में आपका स्वागत है सवाल आपका है सरकारी स्कूल की जो शिक्षा है उसकी

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